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जबरन वसूली केस में अनिल देशमुख की याचिका पर सुनवाई से हटे बॉम्बे HC के दो जज, 11 अप्रैल तक सीबीआई हिरासत में भेजे गए पूर्व मंत्री

बॉम्बे हाईकोर्ट के दो जजों ने बुधवार (6 अप्रैल, 2022) को महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें सीबीआई को भ्रष्टाचार के एक मामले में देशमुख को हिरासत में लेने की अनुमति दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, देशमुख की याचिका को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। लेकिन जब मामला सुनवाई के लिए आया तो न्यायमूर्ति डेरे ने कहा, “मेरे सामने नहीं” और संकेत दिया कि वह इस पर सुनवाई नहीं कर रही हैं।

अनिल देशमुख की गिरफ्तारी के मामले उनके वकील अनिकेत निकम ने तब जस्टिस पीडी नाइक से संपर्क कर तत्काल सुनवाई की माँग की। जिस पर सुनवाई से पहले ही जस्टिस नाइक ने भी खुद को यह कहते हुए अलग कर लिया कि, मेरे सामने सूचीबद्ध नहीं किया जाए। हालाँकि, बॉम्बे हाईकोर्ट के दोनों न्यायाधीशों ने सुनवाई से अलग होने का कोई कारण नहीं बताया है। वहीं अब कहा जा रहा है कि HC के मुख्य न्यायाधीश अब मामले को किसी अन्य न्यायाधीश को सौंपेंगे।

बता दें कि अनिल देशमुख को जबरन वसूली के एक मामले में बड़ा झटका देते हुए अब 11 अप्रैल तक केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं सोमवार (4 अप्रैल, 2022) को ही देशमुख ने एक वकील के माध्यम से दायर अपनी याचिका में सीबीआई द्वारा उनकी हिरासत की माँग वाली याचिका को भी चुनौती दी थी।

गौरतलब है कि मुंबई की एक अदालत ने 31 मार्च, 2022 को सीबीआई की वह अर्जी स्वीकार कर ली थी जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख को उनके और अन्य के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले की जाँच के लिए उसकी हिरासत में देने का अनुरोध किया गया है।

बता दें कि विशेष सीबीआई अदालत ने अनिल देशमुख के सहयोगियों संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे तथा बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को भी सीबीआई हिरासत में लेने की इजाजत दी थी। ED द्वारा मनी लॉन्डरिंग मामले में गिरफ्तारी के बाद से देशमुख, पलांडे और शिंदे न्यायिक हिरासत में हैं। देशमुख ने तर्क दिया था कि वह जाँच में सहयोग कर रहे हैं और इसलिए उन्हें सीबीआई हिरासत में नहीं दिया जाना चाहिए।

गोरखनाथ मंदिर पर हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी के बचाव में उतरे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कहा – मानसिक समस्या है

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गोरखनाथ मंदिर पर हमला (Gorakhnath Temple Attack) करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी को मनोरोगी बताते हुए उसका बचाव किया है। उन्होंने बुधवार (6 अप्रैल, 2022) को कहा, “उसके पिता ने बताया था कि उसे एक मानसिक समस्या है, इस तरह के बाइपोलर मुद्दे से निपटने के लिए, मुझे लगता है कि हमें उस पर भी (जाँच के लिए) ध्यान देने की जरूरत है। बीजेपी एक ऐसी पार्टी है, जो चीजों को बढ़ाचढ़ा कर पेश करती है।”

हालाँकि, अब तक जो भी तथ्य मीडिया में सामने आए हैं, उससे साफ पता चलता है कि उसके जिहादी लिंक रहे हैं। उसे अब तक भले ही सिरफिरा और सनकी बता कर उसका बचाव किया जा रहा हो, लेकिन पुलिस जाँच में पता चला है कि वो बहुत बड़ा शातिर है, जो आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए तैयार था। इसके सबूत उसके लैपटॉप और मोबाइल में मिले वीडियोज हैं। इन्हें दिखा कर ही उसका ब्रेनवॉश हुआ था। वो जाकिर नाइक से प्रभावित था और उसके लोन वुल्फ अटैक के हमले के वीडियोज देखा करता था। उसके मुंबई और नेपाल कनेक्शंस की जाँच की जा रही है। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि घरेलू हिंसा की वजह से उसका अपनी पहली बीवी से तलाक हुआ था।

मुर्तजा का निकाह 2019 में जौनपुर की सलमा उर्फ शादमा के साथ हुआ था, लेकिन कुछ ही महीनों में तलाक हो गया। सलमा के पिता मुजफ्फरुल हक ने बताया है कि मुर्तजा केमिकल इंजीनियर है और निकाह के वक्त पूरी तरह ठीक था। मंदिर पर हमले को लेकर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए उन्होंने बताया कि तलाक के बाद उससे उन लोगों का संपर्क नहीं है।

वहीं, मुर्तजा को उसके अब्बा भले ही मानसिक रूप से अस्थिर बता रहे हैं, लेकिन उसका इलाज करने वाले डॉक्टर ने उनके इस दावे को नकार दिया है। गोरखपुर जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. जेएसपी सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब आरोपित को मेडिकल जाँच के लिए लाया गया तो वह ठीक से बातें कर रहा था। वह आराम से डॉक्टरों और पुलिस के सवालों का जवाब दे रहा था और उसने कोई हिंसक व्यवहार नहीं किया, जो कि डॉक्टरों को विश्वास दिलाता है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर नहीं है।

पूर्व बीवी सलमा का भी कहना है कि मुर्तजा के साथ कोई मानसिक समस्या नहीं थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमा ने बताया है कि निकाह के बाद दोनों कुछ महीने ही साथ रहे थे। इस दौरान मुर्तजा कम ही बोलता था। वह अपना लैपटॉप और मोबाइल उसे नहीं छूने देता था। उसकी वैवाहिक जीवन में कोई रूचि नहीं थी और उसकी अम्मी उसे काफी प्रताड़ना दिया करती थी। आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक मुर्तजा के घर की छानबीन के दौरान एटीएस को एयरगन मिली है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से एयरगन से निशाने लगाने का अभ्यास कर रहा था। यह अभ्यास वह अपने घर की छत या खाली जगह पर करता था।

गौरतलब है कि मुर्तजा ने रविवार (3 अप्रैल 2022) को गोरखनाथ मंदिर पर हमला किया था। वह गमछे में धारदार हथियार छिपाकर लाया था। रोके जाने पर उसने पीएसी जवानों को घायल कर दिया था। वह अल्लाहु अकबर के नारे लगा रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, मुर्तजा अब्बासी पहले से ही एटीएस के रडार पर था। बताया जा रहा है कि 2 अप्रैल को एटीएस के अधिकारी सादी वर्दी में उसके घर भी पहुँचे थे। जिसकी भनक लगते ही दूसरे दिन मुर्तजा ने लोन वुल्फ स्ट्रेटेजी के तहत अटैक कर दिया

PM मोदी की इन योजनाओं के कारण रुकी गरीबी: अब IMF ने भी माना- कोरोना के दौरान भारत सरकार का काम तारीफ़ के काबिल

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत में खाद्य सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार की सराहना की है। IMF ने कहा है कि, केंद्र सरकार ने कोरोना काल में गरीबों के लिए जैसा काम किया है, वह तारीफ के काबिल है। IMF के अनुसार, भारत ने फूड सिक्योरिटी स्कीम, प्रधान मंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश को अत्यधिक गरीबी की जद में जाने से बचाया है।

दुनियाभर में कोरोना महामारी का सबसे बड़ा असर विकासशील देशों और गरीब देशों पर पड़ा। तमाम देशों में गरीबी ने निचले स्तर के आम नागरिकों की कमर को तोड़कर रख दिया। लेकिन भारत में प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से गरीबों को कोरोना महामारी से बचाने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना की शुरुआत 26 मार्च 2020 को की गई थी, जिसके तहत गरीबों को 5 किलो गेहूँ और 5 किलो चावल प्रति माह दिया जाने लगा। प्रधानमंत्री की इस योजना की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष IMF ने सराहना की है।

IMF की रिपोर्ट के अनुसार, इन अनुमानों में पहली बार गरीबी और असमानता पर फूड सब्सिडी का प्रभाव शामिल है। महामारी से पहले यानी साल 2019 में अत्यधिक गरीबी 0.8 फीसदी थी और प्रधानमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना यह सुनिश्चित करने में सहायक थी कि यह महामारी के दौरान, साल 2020 में भी इसी स्तर पर बना रहे। खाद्य सुरक्षा के बाद असमानता का स्तर अब 0.294 है, जो साल 1993-94 के सबसे निचले स्तर 0.284 के बेहद करीब है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, IMF ने महामारी, गरीबी और असमानता को लेकर एक शोध पत्र जारी किया है जिसमे यह बात सामने आई है कि भारत में 2019 तक अत्यंत गरीबी का स्तर 1 फीसदी से कम था जिसे महामारी के काल में भी बरकरार रखा गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्य योजना ने अत्यंत गरीबी को रोकने में अहम भूमिका निभाई है, साथ ही कोरोना से आए आर्थिक दबाव और गरीबों को बड़ा झटका देने से रोकने में मदद की है।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले महीने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को सितंबर 2022 तक के लिए बढ़ा दिया था। इस योजना में नियमित मासिक NFSA खाद्यान्न के अलावा प्रति व्यक्ति को हर महीने 5 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।

‘भारत हमारा बड़ा भाई’: आर्थिक संकट से जुझ रहे श्रीलंका को मदद करने पर पूर्व क्रिकेटर अर्जुन रणतुंगा ने कहा- PM मोदी बहुत उदार व्यक्ति हैं

चीन (China) के कर्ज के जाल में फँसकर आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका (Sri Lanka) के पूर्व कप्तान अर्जुन रणतुंगा (Arjuna Ranatunga) ने भारत को बड़ा बताया और संकट से बाहर निकालने में सहायता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की तारीफ की। उन्होंने मौजूदा आर्थिक संकट के लिए श्रीलंका सरकार की वर्तमान नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।

रणतुंगा ने कहा, “जाफना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को शुरू करने के लिए अनुदान देकर पीएम मोदी ने बहुत उदारता दिखाई है। भारत हमारे लिए बड़ा भाई है। श्रीलंका को पैसा देने के अलावा पीएम मोदी मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। वे हमारी दवा और पेट्रोल जैसी जरूरतों का भी खयाल कर कर रहे हैं। भारत बड़े पैमाने पर हमारी मदद कर रहा है।”

अर्जुन रणतुंगा ने श्रीलंका में मौजूदा संकट के लिए सरकार की नीतियों के लिए वहाँ के सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कहा, “अगर वे (सरकार) स्थिति को संभाल नहीं सकते हैं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।” राजपक्षे सरकार ने वर्तमान हालात के लिए कोविड-19 को जिम्मेदार ठहराया था। रणतुंगा ने सरकार के इस दावे को नकार दिया।

उन्होंने देश के नेताओं पर अर्थव्यवस्था को गलत तरीके से संभालने और ‘अपने फायदे के लिए संविधान’ बदलने का आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि श्रीलंका आज दुनिया भर में भीख माँग रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता दुध, गैस, चावल जैसी बुनियादी चीजें माँग रही है। अब संकीर्ण विचारधारा वाली पार्टी को दलगत राजनीति से हटकर एक राष्ट्रीय नीति तैयार करनी चाहिए।

राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा लगाए गए आपातकाल को लेकर उन्होंने कहा, “मैं बहुत डरा हुआ हूँ। मैं नहीं चाहता कि लोग एक और लड़ाई शुरू कर दें, जिसे हमने 30 साल तक झेला। सरकार के कुछ राजनेता ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह तमिलों और मुस्लिमों द्वारा किया गया है। ऐसा करके वे (सरकार) इस देश को फिर से बाँटने की कोशिश कर रहे हैं।”

दरअसल, महंगाई से त्रस्त जनता ने 31 मार्च को श्रीलंका के राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) के आवास के सामने प्रदर्शन किया था। यह प्रदर्शन हिंसक होने पर पुलिस ने लाठियाँ बरसाई थीं और वॉटर कैनन का प्रयोग किया था। इस मामले में पुलिस ने 45 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा श्रीलंका के कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन जारी था। लोग आगजनी पर उतर आए थे। हालात को देखते हुए राजपक्षे ने 1 अप्रैल से देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। हालाँकि, यह आपातकाल 6 अप्रैल को वापस ले लिया गया।

बता दें कि श्रीलंका में खाद्यान्न और जरूरत की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है। लोगों को पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस नहीं मिल रही हैं। इस तरह खाने से लेकर परिवहन तक की व्यवस्था ठप पड़ गई है। इस कारण लोग सड़कों पर निकल आए हैं। लोगों के विरोध को दबाने के लिए पुलिस लाठी चार्ज कर रही है तो कहीं उन पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार एक कप चाय की कीमत 100 रुपए हो गई है। दूध की कीमत 2,000 रुपए पर पहुँच गई है। मिर्च 700 रुपए किलोग्राम बिक रही है। एक किलो आलू के लिए 200 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। फ्यूल की कमी का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। कई शहरों में 13 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। परीक्षा के लिए पेपर-इंक नहीं हैं।

‘हिंदुओं को चुन-चुनकर मार डालना चाहिए, मैं उनकी बहनों का बलात्कार करूँगा’: सबनम और दोस्त नदीम का ऑडियो क्लिप

इस समय इंस्टाग्राम (Instagram) सभी का पसंदीदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बन गया है, लेकिन कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं, जो इसका गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। बुधवार को (6 अप्रैल, 2022) को इंस्टाग्राम पर सबनम नाम की एक यूजर और उसके दोस्त नदीम का एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ।

इस ऑडियो क्लिप में नदीम को यह कहते हुए सुना गया, “मैंने अपनी आँखों के सामने तीन हिंदूओं को मरते हुए देखा है। ये @#### रोजाना हमारे इलाके में मरते हैं। मारना चाहिए इनको, मारो इनको। मैं तो कहता हूँ कि इनको खुलेआम मारो। हिन्दू दुनिया की सबसे बड़ी गंदगी है। हिंदुओं की बहनों का बलात्कार किया जाना चाहिए, मैं करूँगा उनकी बहनों का रेप।” नदीम की बातें सुनकर सबनम जोर-जोर से हँसती है। इसके बाद जब नदीम 2 मिनट की क्लिप में हिंदुओं को लगातार गालियाँ दे रहा था, उस समय सबनम नदीम को कॉमेडी किंग कह कर बुलाती है।

ऑडियो क्लिप को TiredBhiim नाम के शख्स ने ट्विटर पर शेयर किया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा, “बिल्कुल बीमार। देखिए इन लोगों में हिंदुओं के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है। ये सबनम और उसका दोस्त नदीम है।” ऑपइंडिया ने इस ऑडियो को ट्रांसक्रिप्ट नहीं करने का फैसला किया है। ऑडियो क्लिप में बातचीत का स्तर बेहद घटिया और आपत्तिजनक है।

नदीम कहता है, “कुछ दिन पहले मेरे इलाके में एक गाय की हत्या की जा रही थी। तभी एक हिंदू ने आकर आपत्ति जताई। मैंने उसे कहा जा जाकर पुलिस को बुला ले और अपने प्रशासन को इसकी सूचना दे दे। वे कुछ नहीं उखाड़ पाएँगे।” वह अपनी गाली-गलौज जारी रखता है और सबनम उसकी बातों पर हँसकर उसकी हौसला-अफजाई करती है। नदीम आगे बोलता है, “हिंदू धर्म कुछ भी नहीं है। ये लोग काल्पनिक दुनिया में जीते हैं। इनका एक भगवान ऐसा है, जिसका सिर पता नहीं किसका लगा हुआ।

वो आगे कहता है, “दूसरा भगवान इनका आधी लड़की है। ये लोग दुनिया की सबसे बड़ी गंदगी हैं।” नदीम के लगातार गालियाँ देने से मानो सबनम की खुशी का ठिकाना ही नहीं था। वह हँसते-हँसते लोटपोट हो जाती है। वो कहती है, “बस करो नदीम, मेरी साँसे रुक गईं। नदीम कॉमेडी किंग।”

नदीम ने पुलिस, प्रशासन को चुनौती देते हुए यह भी कहा, “मेरे को इन हिंदुओं पर बहुत गुस्सा आता है किसी को रिपोर्ट करनी है, तो कर लें। किसी को मेरा उखाड़ना है तो उखाड़ लो। अगर मेरे पास एके 47 होती तो मैं उन्हें चुन-चुनकर मार डालता। हिंदुओं की बहनों का रेप होना चाहिए। मैं करूँगा इनकी बहनों का रेप। मैंने तीन हिंदू लड़कियों का बलात्कार किया है।” वह पूरी क्लिप हिंदुओं की माँ-बहनों के लिए गालियों का इस्तेमाल करता रहा। जब सबनम ने उसे शांत होने के लिए कहा, तो उसने कहा, “मैं चाहता हूँ कि वे मुझे मार डालें। मुझे शहीद कर दो। मैं तो चाहता हूँ शहीद होना। मैं एक मरूँगा, मेरे बाद 100 और पैदा होंगे। तब वे क्या करेंगे?”

सबनाम ने विक्टिम कार्ड खेला और आत्महत्या करने की धमकी दी

ऑडियो वायरल होने के बाद, सबनम ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट के जरिए विक्टिम कार्ड खेला। उसने लिखा, “पहली बार तुम लोग मुझे पिछले दो दिनों से रेप और जान से मारने की धमकी दे रहे हो। तुम मुझे उस ग्रुप में जोड़ रहे हो, जो मेरे मजहब को गाली दे रहे हैं। मैंने इसे बहुत बर्दाश्त किया, लेकिन जब मैं लाइव आई तो, तुम सबने खासतौर पर अभिषेक देव, युवराज ने मुझे बलात्कार और जान से मारने की धमकी दी। मैं मानसिक रूप से परेशान हूं। अब मुझसे ये सब बर्दाश्त नहीं होगा।”

सबनम की इंस्टा स्टोरी का स्क्रीनशॉट

उसने आगे लिखा, “मैं वैसे ही डिप्रेशन में थी और तुम लोगों ने मेरा काम और आसान कर दिया। मैंने आखिरी बार अपने घरवालों से बात कर ली है। अब जो होगा मेरे मरने के बाद उसे पुलिस संभाल लेगी। मुझे बिना किसी गलती के इतनी गालियाँ दी गईं। तो ये स्टोरी जरूर शेयर होनी चाहिए। मुझे मेरी जिंदगी खत्म करने के लिए मजबूर करने पर धन्यवाद।”

बड़े आतंकी हमले की योजना बना रहा था मुर्तजा अब्बासी, ATS को भनक लगते ही किया ‘लोन वुल्फ अटैक’: देवबंद से हिरासत में लिए गए दो संदिग्ध

गोरखनाथ मंदिर पर 3 अप्रैल, 2022 की शाम हमला करने वाले अहमद मुर्तजा अब्बासी लगातार कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। एटीएस और पुलिस के मुताबिक मुर्तजा अब्बासी मानसिक तौर पर विक्षिप्त नहीं बल्कि बड़ा ही शातिर है। मिली जानकारी के अनुसार, मुर्तजा अब्बासी पहले से ही एटीएस के रडार पर था। बताया जा रहा है कि 2 अप्रैल को एटीएस के अधिकारी सादी वर्दी में उसके घर भी पहुँचे थे। जिसकी भनक लगते ही दूसरे दिन मुर्तजा ने लोन वुल्फ स्ट्रेटेजी के तहत अटैक कर दिया।

वहीं शुरूआती जाँच में यह भी सामने आया ही कि मुर्तजा अनवर अल अवलाकी को अपना उस्ताद मानता था। जो यमन-अमेरिकी इमाम है, इस्लामिक अवेकिंग फोरम पर मुर्तजा कट्टर इस्लाम की बातें सुनता था और उनसे सवाल भी पूछता था। वहीं उसके जाकिर नाइक से भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। एटीएस मुर्तजा को स्लीपर सेल का एक हिस्सा मान रही है इसलिए इसे क्रैक कर पूरी कड़ी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया गया है कि मुर्तुजा अब्बासी पहले से ही एटीएस (ATS) के रडार पर था। उस पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी जारी थी। जब 2 अप्रैल को अचानक मुर्तजा की सारी ऑनलाइन एक्टिविटी बंद हो गई तो उसी दिन दो लोग बैंक कर्मचारी बनकर मुर्तजा के घर पहुँचे और खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए मुर्तजा पर 25 लाख रुपए के लोन की बात करते हुए पूछताछ की। लेकिन जब मुर्तजा के परिवार वालों ने सवाल जवाब किए, उनकी आईडी और बैंक लोन की डिटेल माँगी तो दोनों वहाँ से निकल लिए। कहा जा रहा है कि मुर्तजा को शक हो गया था कि एजेंसियों की नज़र उस पर है इसलिए 2 अप्रैल की सुबह वो नेपाल निकल गया था।

नेपाल में मुर्तजा ने किससे मुलाकात की, मुलाकात में क्या बात हुई और कैसे अगले ही दिन मुर्तजा वापस गोरखपुर आया और मंदिर के बाहर हमले को अंजाम दिया। वहीं यह भी कहा जा रहा है नेपाल में उसकी प्लानिंग नहीं हो पाई तो वह गोरखपुर लौटा और हड़बड़ी में गोरखनाथ मंदिर गया और वारदात को अंजाम दिया। आशंका ये भी जताई जा रही है कि नेपाल में बसे कुछ लोग मुर्तजा से जुड़े थे। अगर प्लान फाइनल हो जाता तो ये किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दे सकते थे। इन सब सवालों के जवाब सुरक्षा एजेन्सियाँ तलाश रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक जो खुलासे हुए हैं, उसके मुताबिक मुर्तजा अब्बासी ने ने 29 डॉलर का इंटरनेशनल सिम खरीदा था, जिससे इसने फेसबुक और टेलीग्राम पर अपना अकाउंट बनाया और फिर उसी से वह सीरिया, अरब क्रांति और ISIS से संबंधित वीडियो देखा करता था। IIT मुंबई में पढ़ाई के दौरान ही इसने 2012 से 2015 के बीच नेपाली खातों के माध्यम से उसने सीरिया पैसा भेजा था। 2020-21 में भी नेपाली खातों में करीब 8 लाख रुपए सीरिया भेजा है।

इसके साथ ही मुर्तजा की चार बैंक खातों की डिटेल भी जाँच एजेंसियों के हाथ लगी है। ICICI बैंक, प्लेटिनम फेडरल बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के एक अन्य खाते के अलावा कुछ और खातों की भी जानकारी मिली है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इन्हीं खातों से रुपए ट्रांसफर किए गए हैं।

आतंक रोधी दस्ता (ATS) ने अहमद मुर्तजा के मददगारों की तलाश में पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्तजा कुछ महीने पहले देवबंद गया था। एटीएस ने वहाँ से दो लोगों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा सहारनपुर, कानपुर, लखनऊ और अन्य शहरों से भी कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब ‘अग्निपथ’ के जरिए बनेंगे भारतीय सेना का हिस्सा, ‘अग्निवीर’ बन कर देंगे सेवा

भारतीय सेना में भर्ती का नया व अहम रास्ता जल्द खुलने वाला है। इसे ‘अग्निपथ भर्ती प्रवेश योजना’ नाम दिया जाएगा। योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को आरंभिक रूप से तीन साल के लिए सेना में सिपाही के रूप में भर्ती किया जाएगा। इससे भारतीय सेना के मौजूदा आयु वर्ग में भी बड़ा बदलाव आएगा। 

सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि इन तीन वर्षों के सेवाकाल के दौरान जवानों को ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। इस कार्यकाल के बाद रक्षा बलों के पास यह विकल्प रहेगा कि वह अग्निवीरों में से कुछ को सेवा में कायम रख सकेंगे। इस योजना को अंतिम रूप देने की चर्चा अंतिम स्तर पर है। सूत्रों ने कहा कि तीनों सेना फिलहाल योजना के ऑपरेशन का प्रस्तुतीकरण दे रही हैं। सरकार के शीर्ष स्तर पर प्रस्तुतियाँ दी जा चुकी हैं। शीर्ष नेतृत्व का योजना का पूरा समर्थन है। 

बता दें कि यह मुद्दा दो साल पहले शुरू हुआ जब बलों ने ‘टूर ऑफ ड्यूटी योजना’ (ToD) पर चर्चा शुरू की थी। इसमें सैनिकों को एक अल्पकालिक अनुबंध के तहत भर्ती करने की बात कही गई थी। उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा और विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। योजना में रक्षा बलों के पास विशिष्ट कार्यों के लिए विशेषज्ञों की भर्ती करने का विकल्प भी होगा। CNN-News18 ने इस संबंध में सरकार में उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रस्तावित भर्ती मॉडल अंतिम चरण में है। पिछले दो हफ्तों में इसे लेकर कई बैठक भी हुई हैं। 

बताया गया कि मॉडल के मौजूदा ड्राफ्ट में कहा गया है कि भारतीय सेना में सभी सैनिकों की भर्ती टूर ऑफ ड्यूटी मॉडल के तहत की जाएगी। उनमें से लगभग 25% सेना में तीन साल और 25% सैनिक पाँच साल तक अपनी सेवा देंगे। बाकी 50% सेना में तब तक सेवा करते रहेंगे, जब तक कि वे अपनी रिटायरमेंट की उम्र तक नहीं पहुँच जाते। यह भी प्रस्तावित किया गया है कि तीन और पाँच साल पूरे करने वाले 50% सैनिकों को राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में शामिल किया जाएगा। साथ ही उन्हें एक तय समय के लिए कुछ मेडिकल बेनिफिट दिए जाएँगे। यह वही बेनिफिट होंगे, जो सशस्त्र बलों के रिटायर होने वाले कर्मियों को मिलते हैं।

उल्लेखनीय है कि कोविड-19 महामारी के दौरान सशस्त्र बलों में सैनिकों की भर्ती पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा था। तीनों सेनाओं में 1.25 लाख से ज्यादा पद रिक्त हैं। इस अग्निपथ योजना को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित विभागों के साथ कुछ और बैठकों की आवश्यकता होगी। सेना की संबंधित विभागों के साथ कुछ और बैठकों के बाद इस योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। आरंभिक योजना के अनुसार रक्षा सेवा का तीन साल का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद इन अग्निवीरों को निजी क्षेत्र में सिविल नौकरियाँ दी जाएँगी। कई कंपनियों ने इन अग्निवीरों को सेवा में रखने में रुचि दिखाई है। इन कंपनियों को सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त व अनुशासित जवानों का लाभ मिलेगा।

‘पड़पोती की उम्र की लड़की से व्याभिचार’: गुजरात कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर महिला नेता का आरोप, कहा – पार्टी नेताओं को सब पता

गुजरात में हाल ही में कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा निलंबित की गई वंदना पटेल मंगलवार (5 अप्रैल, 2022) को एक हवन का कार्यक्रम आयोजित किया। इस हवन को आयोजित करने की वजह काफी दिलचस्प है। दरअसल, वंदना पटेल की मानें तो उन्होंने ये हवन करके कॉन्ग्रेस पार्टी को शुद्ध करने की कोशिश की है। उनका मानना है कि कुछ बुरी ताकतें पार्टी में ऊँचे पदों पर रहकर पार्टी को कमजोर करने और जनता का समर्थन कॉन्ग्रेस पार्टी से दूर करने के लिए काम कर रही थीं। इसीलिए, चल रहे चैत्र के नवरात्रि के चौथे दिन हवन किया गया।

GSTV की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि वंदना पटेल कहती हैं कि कॉन्ग्रेस के कुछ नेता मिलावटखोर हो गए हैं। उन्होंने कहा, “कुछ नेताओं ने कॉन्ग्रेस की इमेज को खराब किया है। अगर मैं कुछ कहती हूँ तो हलचल मच जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत के बाद भी कुछ नेताओं ने हारे हुए उम्मीदवार को टिकट दिया। मेरा झूठा ऑडियो क्लिप बनाया गया।”

कॉन्ग्रेस की महिला नेता ने गुजरात कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी पर गंभीर आरोप लगाया और कहा कि उन्हें केवल इसलिए पार्टी से निलंबित किया गया, क्योंकि उन्होंने अपना इस्तीफा नहीं दिया। वंदना पटेल ने रेशमा सोलंकी को सपोर्ट करते हुए भरत सिंह सोलंकी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अगर पार्टी को किसी को निलंबित करना था तो वो हैं भरत सिंह सोलंकी। क्योंकि उस व्यक्ति ने न केवल पार्टी को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि अपनी पड़पोती की उम्र की लड़की के साथ व्यभिचार किया है।

वंदना पटेल ने आगे कहा, “पार्टी के सभी नेताओं को सब कुछ पता है। प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जगदीश भाई (जगदीश ठाकुर) को भी सब पता है, लेकिन वो दबा दिए गए हैं। मैं इस मामले को राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी के समक्ष उठाऊँगी।”

भरत सिंह सोलंकी गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री रहे माधव सिंह सोलंकी के बेटे हैं । उन्होंने राज्य में पार्टी के लिए KHAM (क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी, मुस्लिम) वोट बैंक सिद्धांत को सफलतापूर्वक आजमाने वाला माना जाता है।

गौरतलब है कि हाल ही में 30 मार्च 2022 को वंदना पटेल का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पार्टी ने उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए निलंबित कर दिया था। वायरल ऑडियो क्लिप में पार्टी के ही दो नेताओं वंदना पटेल और अतुल पटेल एक दूसरे से राज्य के कुछ नेताओं के घटिया चरित्र के कारण पार्टी को हो रहे नुकसान के बारे में चर्चा करते हुए सुना गया था। इसके बाद वंदना के साथ ही अतुल को भी निलंबित कर दिया गया था। बाद में वंदना ने पार्टी को ‘शुद्ध करने’ और ‘बुरी ताकतों से बचाने’ के लिए हवन किया।

तिहाड़ में उमर खालिद का ‘ट्रेनर’ बना पहलवान सुशील कुमार, कैदी पूछते हैं- तुमने दंगे करवाए

दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपित उमर खालिद के जेल से न छूटने का गम अब उनके चाहने वालों में बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में उनके लिए संवेदनाएँ बटोरने के लिए हाल में एजाज अशरफ नाम के वरिष्ठ पत्रकार ने उमर खालिद और उनकी प्रेमिका बनोज्योत्सना के दर्द को बयां करते हुए मिड-डे में आर्टिकल लिखा और बताया कि कैसे ज्यादातर लोग उमर पर लगे इल्जामों को फर्जी मानते हैं, लेकिन फिर भी इससे कोई फर्क नहीं पड़ रहा। पुलिस ने उस पर साजिश रचने का आरोप लगाकर जेल में डाला और अभी तक उसे बेल नहीं मिली है। इस आर्टिकल में खालिद से जुड़ी दिलचस्प जानकारियाँ दी गई जिनमें एक ये भी है कि उमर खालिद तिहाड़ में ओलंपिक विजेता व हत्या के आरोपित सुशील कुमार के सुपरविजन में जिम कर रहा है।

मटन-चिकन देख दुखी होती हैं उमर खालिद की प्रेमिका

इस लेख की शुरुआत उसकी प्रेमिका बनोज्योत्सना के हाल क्या हैं उससे हुई है। एजाज अशरफ ने कल्पना की हुई है कि न जाने कि उमर की रिहाई के सवाल से कैसे उसकी प्रेमिका जूझती होगी। उन्होंने लिखा है कि बनोज्योत्सना कहती है कि अगर वो मजबूत न हो तो जी ही नहीं पाएगी। उसे मटन, चिकन खाते हुए उमर की याद आती है। दुख होता है कि उमर को तो सिर्फ शाकाहारी खाना ही दिया जाता होगा। वो कैसे अपना पसंदीदा मीट खाता होगा। जैसे जब वो जेल से बाहर था तब पिज्जा वगैरह खाता था। लेख में लिखा है कि उमर को कहीं न कहीं मालूम था कि वो धरा जाएगा इसलिए उसने अपनी जेल जाने से पहले आखिर बार व्हाइट सॉस चिकन पास्ता ऑर्डर किया था।

लेख में आगे बनोज्योतसना और उमर की मुलाकात सितंबर 2020 से कैसे तिहाड़ में होती है, कितनी देर के लिए होती है, कैसे खालिद तमिल सीख रहा है…ये सारी बात लिखी हैं। उसके बुद्धिजीवी होने पर प्रश्न न लगे इसलिए बताया गया है कि वो अब तक 102 किताबें तिहाड़ में पढ़ चुका हैं। बनोज्योतसना उसे हर हफ्ते किताबे देती है। उमर के कलेक्शन में बहुत वामपंथी लेखक हैं। इसमें एक किताब Ngũgĩ wa Thiong’ की भी है जिसने जेल की सजा काटते हुए टॉयलेट पेपर पर नॉवेल लिखी थी।

आर्टिकल से लिया गया स्क्रीनशॉट

सुशील कुमार से मिल रही ट्रेनिंग

लेख में इस बात की ओर इशारा है कि शायद उमर भी अपनी जेल की एक डायरी लिखें जिसका शीर्षक वे उम्मीद करते हैं कि- ‘हिंदुत्व के समय में प्रेम (लव इन द टाइम ऑफ हिंदुत्व)’ हो। बनोज्योतसना और खालिद की प्रेम कहानी से एजाज जब लेख में उभरते हैं तो उमर खालिद की दोस्ती पर भी लिखते हैं। वह बताते हैं कि कैसे खालिद ने जेल में उन लोगों से भी दोस्ती कर ली है जिनसे वो जेल जाने से पहले मिला तक नहीं था। उदाहरण-ओलंपिक विजेता सुशील कुमार का दिया गया है।

आर्टिकल से लिया गया स्क्रीनशॉट

कुछ समय पहले जूनियर पहलवान की हत्या के आरोप में सुशील को तिहाड़ में बंद किया गया था। अब वही वो शख्स हैं जो उमर के जिम वर्कआउट का ध्यान रखते हैं। दोनों में किताबों का लेन-देन चलता हैं। इसके अलावा उमर जेल में कैदियों के बीच गरीबों के आवेदन लिखता है। पर उसका मन तब टूट जाता है जब लोग पूछते हैं कि उमर-क्या तुमने दंगों की साजिश रची। इसके अलावा उमर को ये सोचकर कि कर्नाटक में मुस्लिम महिलाओं के साथ कितना अन्याय हुआ, कोर्ट के हिजाब फैसले पर भी काफी दुख होता है।

उमर खालिद क्यों है तिहाड़ में?

बता दें कि साल 2020 में दिल्ली में दंगे हुए थे उन्हीं दंगों की साजिश रचने का इल्जाम उमर खालिद पर है। लंबे समय से उसकी रिहाई की कोशिश चल रही है। मगर, अभी तक कोई प्रयास सफल नहीं हुआ। अदालती सुनवाई में कहा गया कि दंगों की साजिश से लेकर दंगों तक उमर खालिद का नाम बार-बार आया है। वह JNU के मुस्लिम छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप का सदस्य था। उसने विभिन्न बैठकों में भाग लिया। उमर ने हिंसा के लोगों को भड़काया था। इतना ही नहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जब दिल्ली आए थे, तब उमर ने लोगों को सड़कों पर आने के लिए कहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब करने के लिए ऐसा किया गया। दंगों के बाद हुईं कॉल्स में उसका भी उल्लेख किया गया था।

हाथ में कलावा-माथे पर तिलक, मंदिर भी रोज जाना… रफत खान ने अंकित बन हिंदू युवती से की शादी, अब इस्लाम कबूलने का दबाव

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से लव जिहाद (Love Jihad) का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक शादीशुदा मुस्लिम शख्स ने अपनी पहचान छिपा हिंदू युवती से दोस्ती की। जब दोस्ती प्यार में बदल गई तो दोनों ने मंदिर में जाकर शादी कर ली। शादी के करीब एक साल बाद युवती को पता चला कि उसका पति हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है।

यह बात सामने आने के बाद वह युवती पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगा। आरोप है कि जब युवती ने इस्लाम कबूल करने से इनकार किया तो तो उसे गाड़ी से कुचलने की कोशिश भी की गई। पीड़ित युवती ने बरेली के सुभाष नगर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया है।

पीड़ित युवती ने थाने में दी तहरीर में बताया कि वह और रफत हुसैन कादरी एक निजी बैंक की अलग-अलग ब्रांच में कार्यरत थे। पीड़िता ने बताया कि दोनों की मुलाकर मार्च महीने में हुई थी। रफत ने अपना नाम अंकित बताकर उससे दोस्ती की और फिर प्रेमजाल में फँसा लिया। सितंबर में उसने मंदिर में युवती से शादी कर ली।

जब युवती को उसके मुस्लिम होने का पता चला तो अंकित बने रफत खान ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। फिर रफत युवती पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने लगा। पीड़ित युवती ने बताया कि रफत हुसैन कादरी उर्फ अंकित अपने हाथ में कलावा बाँधता था और रोज मंदिर भी जाता था। माथे पर तिलक भी लगाता था। इसलिए उसके मुस्लिम होने का शक ही नहीं हुआ।

पीड़ित युवती का यह भी आरोप है कि रफत पहले से शादीशुदा है। उसने उससे अपनी शादी की बात भी छिपाई थी। युवती का कहना है कि कुछ समय पहले उसने रफत के मोबाइल में उसके परिवार वालों का फोटो देखा तो उसको शक हुआ। इसमें उसकी पत्नी का भी फोटो था। उसका आधार कार्ड भी उसने देखा तो सच सामने आ गया। युवती ने मंगलवार (5 अप्रैल 2022) को इस मामले की शिकायत एसएसपी बरेली रोहित सिंह सजवाण से की है। उसके साथ हिंदू संगठन के तमाम कार्यकर्ता भी पहुँचे और आरोपित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की माँग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सुभाषनगर थाना पुलिस को जालसाज के खिलाफ FIR लिखने के आदेश दिए है। एसएसपी ने बताया कि युवती ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने उसे अपने प्रेमजाल में फँसाया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बरेली जिले से लव जिहाद के दो मामले सामने आए थे। दोनों में आरोपित युवक का नाम आसिफ था। एक आसिफ पर दलित नाबालिग लड़की को अगवा करने और उसके परिवार को धमकी देने का आरोप था। दूसरे आसिफ पर एक नाबालिग लड़की को आकाश बनकर अपने जाल में फँसाने, उसके साथ रेप करने और धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप था।