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आंध्र प्रदेश में मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान में रोज 1 घंटे पहले छुट्टी: CM जगन मोहन रेड्डी की ‘तुष्टिकरण’ पर बरसे नेटिजन्स, केजरीवाल को हटना पड़ा था पीछे

आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) की वाई एस जगन मोहन रेड्डी (Y. S. Jagan Mohan Reddy) सरकार ने मुस्लिमों के रमजान महीने के दौरान विशेष छुट्टी की घोषणा की है। राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि इस्लाम के मानने वाले राज्य के सभी सरकारी कर्मचारी, शिक्षक और ठेका कर्मचारी 3 अप्रैल से 2 मई तक रमजान के महीने में कार्य दिवस के दौरान एक घंटा पहले कार्यालय/स्कूल से जा सकते हैं।

आंध्र प्रदेश सरकार की इस घोषणा का सोशल मीडिया पर विरोध हो रहा है। लोगों ने इसे मुस्लिम तुष्टिकरण बताया है। बता दें कि कुछ दिन पहले दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी ऐसी ही घोषणा की थी, लेकिन विरोध बाद उसे वापस ले लिया था।

दिल्ली जल बोर्ड को कर्मचारियों को रोज 2 घंटे की छुट्टी

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) ने भी तुष्टीकरण का नमूना पेश करते हुए सोमवार (4 अप्रैल) को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के महीने में रोजाना 2 घंटे छुट्टी देने की घोषणा की थी। जब सोशल मीडिया पर इसका भारी विरोध हुआ तो उन्होंने इस आदेश को वापस ले लिया था।

जल बोर्ड के असिस्टेंट कमिश्नर वीरेंद्र सिंह की ओर से 4 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया था, “सक्षम प्राधिकारी संबंधित डीडीओ/नियंत्रक अधिकारी द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान के दिनों में यानी 03 अप्रैल से 2 मई 2022 तक या ईद उल फितर की तारीख तक हर दिन लगभग दो घंटे शॉर्ट लीव की अनुमति देने की मंजूरी दे दी है।”

हालाँकि, यह भी कहा जा रहा है कि इस आदेश में यह भी साफ कर दिया गया था कि यह शॉर्ट लीव इस शर्त के अधीन होगी कि वे शेष कार्यालय समय के दौरान अपना कार्य पूरा करेंगे ताकि कार्यालय का कार्य प्रभावित न हो।

रमजान में राजस्थान सरकार मेहरबान

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Rajasthan CM Ashok Gehlot) ने भी रमजान के महीने में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बिना किसी रुकावट के बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने निर्देश जारी कर कहा है कि रमजान के पूरे महीने में किसी भी मुस्लिम बहुल इलाके में बिजली कटौती नहीं होगी। बता दें कि जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को जोधपुर डिस्कॉम के नाम से भी जाना जाता है।

जिसके घर पर हुआ था इमरान खान का निकाह, वह हुई मालामाल: 4 गुना बढ़ी संपत्ति, बुशरा बीवी की सहेली फराह खान से मिलिए

आर्थिक रूप से कंगाल पाकिस्तान में सियासी संग्राम चल रहा है। इसी बीच एक नाम चर्चा में आया है, वो है फराह खान (फरहत शहजादी) का। ये पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की बीवी बुशरा बीबी की सहेली हैं, जो कि इमरान सरकार में लगातार अमीर हुई हैं। इमरान सरकार में उनकी संपत्ति चार गुना बढ़ी है। ये संपत्ति 2017 में 231 मिलियन (करीब 200 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) थी, जो कि 2021 में बढ़कर 971 मिलियन (साढ़े 900 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) से भी ज्यादा हो गई।

हालाँकि, 2018 में उनकी टैक्स फाइलिंग बिल्कुल शून्य थी। फराह खान के कई सारे नाम भी हैं। वो फराह गुर्जर या फरहत शहजादी के नाम से भी जानी जाती हैं। बुशरा बीवी और इमरान खान का जब निकाह हुआ था तो वो भी फराह खान के घर पर हुआ था। इससे इमरान खान के साथ उनकी नजदीकी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

एक न्यूज इन्वेस्टिगेशन से इस बात का खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने उस्मान बुजदार को जब से पंजाब प्रान्त का मुख्यमंत्री बनाया है। तभी से फराह खान की किस्मत के सितारे बुलंदी पर हैं। इमरान सरकार के पहले तीन वर्षों के भीतर फराह ने अलग-अलग शहरों में कई संपत्तियाँ खरीदीं और विभिन्न प्रकार के बिजनेस में भी करोड़ों का निवेश किया। रिपोर्टों में खुलासा किया गया है कि फराह खान ने 2019 में ब्लैक मनी स्कीम (टैक्स एमनेस्टी स्कीम) लाभ लिया और इसके तहत 328 मिलियन रुपए (300 करोड़ से अधिक पाकिस्तानी रुपए) की संपत्ति घोषित की।

उन्होंने लाहौर और इस्लामाबाद में प्रॉपर्टी खरीदी। इस्लामाबाद में फराह खान ने पॉश इलाके में एक विला भी खरीदा। दस्तावेजों के अनुसार, फराह खान ने इस्लामाबाद के सेक्टर एफ-7/2 में 933 वर्ग गज के घर का खुलासा किया, जिसे उन्होंने 195 मिलियन रुपए ( 200 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) में खरीदा था।

हालाँकि, फराह खान के करीबियों का कहना है कि उन्होंने भ्रष्ट्रचार नहीं किया है औऱ सही तरीके से संपत्तियाँ अर्जित की हैं। बहरहाल फराह के शौहर अहसान जामिल गुज्जर पहले ही अमेरिका चले गए हैं। जबकि हाल ही में फराह भी पाकिस्तान छोड़ दुबई भाग गई।

एक करोड़ से अधिक कीमत के हैंडबैग के कारण आईं चर्चा में

पाकिस्तान की ट्रांसफर-पोस्टिंग क्वीन कही जाने वाली फराह खान की हवाई जहाज में बैठे तस्वीर वायरल हुई थी, जिसमें उनके हैंडबैग को लेकर दावा किया गया था कि उसकी कीमत 90,000 डॉलर (1.66 करोड़ पाकिस्तानी रुपए) थी। पीएमएल-एन नेता और पूर्व वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने फराह पर पंजाब प्रान्त में सिविल सर्विस के 3 अधिकारियों के ट्रांसफर के बदले में मोटी रकम घूस के रूप में लेने का आरोप लगाया था।

बेटी होने पर सब इंस्पेक्टर नौशाद अली ने बीवी को घर से निकाला, माँगता है बुलेट: पीड़िता ने बताया- ससुराल वालों ने दी गालियाँ, पीटा भी

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में तैनात एक पुलिस सब इंस्पेक्टर के खिलाफ उसकी बीवी ने मामला दर्ज करवाया है। आरोपित सब इंस्पेक्टर का नाम नौशाद अली खान है। वह सिविल लाइंस थाने में चौकी इंचार्ज है। उसकी बीवी करीना बानो का आरोप है कि बेटी पैदा होने के बाद उसे घर से निकाल दिया गया। दहेज का दबाव डाला जा रहा था। ससुराल वाले उसे प्रताड़ित कर रहे थे। इस संबंध में नौशाद अली और उसके परिजनों समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

मंगलवार (5 अप्रैल 2022) को करीना बानो ने अलीगढ़ SSP कार्यालय के पास इस मामले को लेकर मीडिया से भी बात की। उन्होंने बताया, “मेरे शौहर सिविल लाइंस थाने की मेडिकल चौकी इंचार्ज हैं। मेरा घर औरैया के विधूना में है। मेरा निकाह 29 दिसम्बर 2019 में हुआ था। मेरे अब्बा ने निकाह में लगभग 40 लाख रुपए खर्च किए थे। लेकिन बेटी पैदा होने के बाद ससुराल वालों ने मुझे मारपीट कर घर से निकाल दिया। ससुराल वालों ने मुझे गंदी-गंदी गालियाँ दी और मारपीट की। जब मैं सास से इसकी शिकायत करती थी तो मुझे कहा जाता था कि इस घर में रहना है तो ऐसे ही रहना होगा। मेरी ननदें मेरी बेटी को अक्सर पीटती थीं और धक्का दे देती थीं। शौहर मेरा कोई सपोर्ट नहीं करते थे। उन्होंने मेरे ससुराल में रहते हुए ही मेरे खिलाफ तलाक का केस डाल दिया था।”

करीना बानो ने बताया, “मुझे मेरी बेटी के पास ले जाने के बहाने घर से निकाला गया। मेरे अब्बू के रिटायर होने के बाद ससुराल वालों ने 10 लाख रुपए और बुलेट गाड़ी माँगी। उन्होंने (नौशाद अली) कहा कि हर दरोगा के पास एक बुलेट गाड़ी होती है। मेरे अब्बू ने 35 हजार रुपए बुलेट के लिए भी दिए। फिर इन्होंने अपनी बहन की शादी में भी मेरे अब्बू से 1 लाख रुपए लिए। अलीगढ़ पुलिस के अधिकारियों ने 8 चक्कर लगाने के बाद भी मेरी कोई सुनवाई नहीं की। जैसे तैसे मैंने गाजियाबाद में 25 मार्च को अपना मुकदमा लिखवाया और 3 अप्रैल को मेरा बयान हुआ।” पीड़िता ने बताया, “मेरे शौहर मुझसे कहते है कि तू SSP या कहीं भी जा, मेरा कुछ नहीं करवा पाएगी। मेरे शौहर को पैसे का गुरुर है। मेरी एक बेटी है। मैं उनके साथ रहना चाहती हूँ।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता फिलहाल गाजियाबाद के कविनगर थाना क्षेत्र में रहती है। आरोपित सब इंस्पेक्टर नौशाद अली खान मैनपुरी के गोला बाजार के रहने वाले हैं। उन्हें मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली है। पीड़िता को नवंबर 2021 में घर से निकाला गया था। गाजियाबाद की महिला थाना प्रभारी के अनुसार शिकायत मिलने पर FIR दर्ज कर ली गई है। मामले की जाँच की जा रही है।

बरेली में सपा विधायक शहजिल इस्लाम के पेट्रोल पंप पर चला बुलडोजर, मशीन सील: गोली चलाने की CM योगी को दी थी चेतावनी

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) में कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जोर-शोर से जारी है। इसकी जद में अब समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के विधायक शहजिल इस्लाम (Shahzil Islam) भी आ गए हैं। प्रशासन ने गुरुवार (7 अप्रैल) को इस्लाम के अवैध पेट्रोल पंप पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया है।

बरेली जिले के भोजीपुरा विधानसभा से सपा विधायक का यह पेट्रोल पंप अवैध बताया रहा है। इस मामले का संज्ञान लेते हुए बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने कार्रवाई करते हुए निर्माण को ध्वस्त कर दिया और उपकरणों को सील कर दिया। सपा विधायक ने यह पेट्रोल पंप सीबीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर रोड पर बनवाया था।

आरोप है कि विधायक इस्लाम ने पेट्रोल पंप बनवाने के लिए नक्शा पास नहीं करवाया था। इस संबंध में उन्हें कई बार नोटिस भी भेजा गया था। नोटिस में कंपाउडिंग कराने के लिए उनसे आग्रह किया गया था, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। शहजिल पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का भी आरोप है।

इस मामले में BDA के अधीक्षण अभियंता (Superintendent Engineer) राजीव दीक्षित का कहना है कि शहजिल को दो वर्ष पहले नोटिस भेजा गया था। इसके बाद साल 2021 में पंप को ध्वस्त करने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने नक्शे की स्वीकृति नहीं ली।

बता दें कि इस्लाम वही विधायक हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गोली चलाने की चेतावनी दी थी। सपा के कार्यालय में उन्होंने कहा था कि बोली चलेगी तो गोलियाँ चलेंगी। इसका वीडियो सामने आने पर हिंदू युवा वाहिनी (HYV) के नेता ने इस्लाम के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज करवाया था।

इस्लाम ने कहा था, “विपक्ष के तौर पर हम लोगों की अच्छी खासी संख्या है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव नेता प्रतिपक्ष हैं। ऐसे में आज अगर सदन का नेता होने के नाते योगी अपशब्द कहेंगे तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। हाथ के हाथ जबाव देंगे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐलान कर दिया है कि हम सड़क और सदन के अंदर दोनों जगह लड़ाई लड़ेंगे। वो दिन बीत गए जब उनकी तानाशाही चलती थी। आज एक मजबूत विपक्ष है। हमारे हर दिल अजीज नेता अखिलेश यादव, जो कि बब्बर शेर हैं, वो हमारे साथ हैं। अब से अगर उनके (योगी आदित्यनाथ के) मुँह से एक भी आवाज निकलेगी तो हमारी बंदूकों से धुआँ नहीं, गोली ही निकलेगी।”

SC वकीलों को धमकाने में अमेरिकी टेलिकॉम सर्विस का इस्तेमाल, SFJ का पन्नू सीधे तौर पर शामिल: दिल्ली पुलिस का खुलासा, PM मोदी की सुरक्षा चूक से जुड़ा है मामला

जनवरी में पंजाब दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक की दिल्ली पुलिस जाँच कर रही है। गुरुवार (7 अप्रैल 2022) को इसकी रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में पता चला है कि प्रतिबंधित खालिस्तान समर्थक समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले की सुनवाई के दिन सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों को धमकी भरे संदेश भेजने में सीधे तौर पर शामिल था। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कहा कि पन्नू ने वकीलों को जान से मारने की धमकी देने के लिए अमेरिका के दूरसंचार सेवा का इस्तेमाल किया था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमने उस टेलीकॉम सर्विस फर्म से संपर्क किया। उसने हमें अकाउंट होल्डर का डिटेल दिया। हालाँकि, सभी डॉक्यूमेंट्स पन्नू से संबंधित थे, लेकिन अकाउंट होल्डर का नाम पन्नू नहीं था।” 

जब पुलिस ने सर्विस प्रोवाइडर से काफी देर तक पूछताछ की तो उसने बताया कि अकाउंट होल्डर ने जाँच के बारे में पता चलने के बाद अपना नाम बदल दिया। इस दौरान यह भी पता चला कि फर्म ने ही उसे जाँच के बारे में जानकारी दी थी। एक अधिकारी ने कहा, “पन्नू की भूमिका सामने आने के बाद, पुलिस अब पारस्परिक कानूनी सहायता संधि (MLAT) के तहत अधिक जानकारी हासिल कर रही है और आगे की मदद के लिए संबंधित एजेंसी से संपर्क कर रही है।” मामले में पुलिस ने कई FIR दर्ज कर ली है, लेकिन यह पहली बार नहीं है, जब पन्नू की सीधे तौर पर संलिप्तता पाई गई है।

बता दें कि जनवरी के महीने में सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों ने +447418365564 से एक अनजान ऑटोमैटिक प्री-रिकॉर्डेड कॉल आने की शिकायत की थी। फोन करने वाले ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को सुरक्षा उल्लंघन के मामले की सुनवाई से यह करते हुए दूर रहने की चेतावनी दी कि सुप्रीम कोर्ट 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को दंडित नहीं कर पाया।

सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) ने तब सुप्रीम कोर्ट के महासचिव को पत्र लिखकर गुमनाम कॉल करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की माँग की थी। साथ ही, दिल्ली पुलिस ने भी भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के संबंधित धाराओं के तहत मामले में FIR दर्ज की।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुरक्षा उल्लंघन मामले की जाँच के लिए जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश के बाद इन वकीलों को धमकी दी गई थी। शीर्ष अदालत ने कहा था कि पैनल सुरक्षा उल्लंघन के कारणों की जाँच करेगा और भविष्य में प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक पदाधिकारियों के सुरक्षा उल्लंघन को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों की भी जाँच करेगा।

गौरतलब है कि 5 जनवरी को किसानों द्वारा फ्लाईओवर को ब्लॉक करने के कारण पंजाब में एक फ्लाईओवर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला लगभग 20 मिनट तक रुका रहा। निजी वाहनों को काफिले के पास आते देखा गया, जो कि बड़ा सुरक्षा उल्लंघन था। गृह मंत्रालय के अनुसार, पंजाब सरकार किसी भी सड़क यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात करने में विफल रही। कथित तौर पर SFJ ने सड़क को ब्लॉक करने की जिम्मेदारी ली थी।

‘जिस दिन मिल गया छेद डालेंगे… जानता नहीं हमें’: खालिस्तानियों ने सिख कार्यकर्ता की हत्या की रची साजिश, ‘क्लब हाउस ऐप’ का नाम आया सामने

सिख कार्यकर्ता पुनीत साहनी ने 6 अप्रैल 2022 को ट्विटर स्पेस की एक रिकॉर्डिंग शेयर की है, जिसमें खालिस्तानी तत्वों को उनकी हत्या की साजिश करते हुए सुना जा सकता है। अपने ट्वीट में साहनी ने कहा, “मैं खालिस्तानियों से बौद्धिक रूप से निपटने में असमर्थ हूँ, जो मुझे प्रवासी गुरुद्वारों में धर्म का दुश्मन घोषित करते हैं और ऑनलाइन हत्या की साजिश रच रहे हैं। @utf8tty को सुनिए ‘मेरे 2 प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर हैं, जिस दिन हमें लगेगा, उस दिन हम उसका पता ढूँढ लेंगे’।”

सोशल मीडिया यूजर utf8tty (जिसका ‘Eintmaar’ के रूप में जिक्र है। इसका अर्थ है पत्थर फेंकने वाला), जिसका जिक्र साहनी ने किया है, उसे 7 अप्रैल को निलंबित कर दिया गया है। इस यूजर की प्रोफाइल के cached version के अंतिम ट्वीट में लिखा था, “इंद्रधनुषी पगड़ी वाली बहन डर गई। मुझे अभी तक उसका पता नहीं मिला है।”

साहनी द्वारा शेयर की गई क्लिप

वायरल क्लिप में जो व्यक्ति बोल रहा है, उसकी डिस्प्ले पिक्चर (DP) और नाम ट्विटर हैंडल utf8tty की तरह ही है। क्लिप में वह व्यक्ति कहता है, “वो नहीं जानता कि मैं कौन हूँ। मेरी बात सुनो। पुनीत साहनी का पता लगाने के लिए मैंने दो प्राइवेट इन्वेस्टिगेटरों को रखा है। जिस दिन भी उसका पता मिल गया, मैं उसे छेद डालूँगा। ये मेरे सामने कुछ भी नहीं है।”

कौन हैं पुनीत साहनी

पुनीत साहनी एक सिख कार्यकर्ता हैं, जो कि सिख फॉर एनलाइटमेंट वैल्यूज एसोसिएशन (SEVA) पर कंटेंट कोऑर्डिनेटर हैं। वो सिखों के असली इतिहास को उजागर करने का मिशन चला रहे हैं। वो खालिस्तानी आंदोलन और उसके समर्थकों की आलोचना करते रहे हैं, जिस कारण से साहनी खालिस्तानियों के निशाने पर हैं।

सिखों के इतिहास की अच्छी जानकारी रखने वाले साहनी पंजाबी में पारंगत हैं। वो खालिस्तानियों के सबसे बड़े दुश्मन बन चुके हैं। उनके पर्सनल ट्विटर अकाउंट के साथ ही SEVA के अकाउंट को कई बार निशाना बनाया जा चुका है।

असहमत होने वालों को टार्गेट कर रहे खालिस्तानी

खालिस्तानी विचारधारा से असहमत लोगों को दबाने का खालिस्तानियों का एक लंबा इतिहास रहा है। इसी साल जनवरी में ऑपइंडिया ने बताया था कि किस तरह से हिंदुओं को टार्गेट करने के लिए खालिस्तानी धड़ल्ले से क्लब हाउस ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। यहाँ वो हिंदू देवी-देवताओं को गाली देते हैं, हिंदू नरसंहार की बात करते हैं और हिंदू समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाते हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ कई शिकायतें की गईं। यहाँ तक कि उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई। इसके बावजूद उनकी गतिविधियों में कमी नहीं आई है।

बांग्लादेश में ईशनिंदा के नाम पर विज्ञान शिक्षक ह्रदय मंडल गिरफ्तार, इस्लाम और पैगबंर के अपमान का आरोप: जानें क्या है मामला

बांग्लादेश के मुंशीगंज में एक हिंदू शिक्षक को कथित तौर पर पैगंबर का अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह घटना मंगलवार दोपहर (5 अप्रैल 2022) मुंशीगंज के बिनोदपुर राम कुमार हाई स्कूल की है। पुलिस ने विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक हृदय चंद्र मंडल (Hindu teacher Hriday Chandra Mondal) को अपनी कक्षा में कथित तौर पर पैगंबर मुहम्मद और कुरान का अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार किया। छात्रों ने मंडल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि मंडल ने इस्लाम का अपमान किया है।

10वीं की एक मैथ क्लास में हृदय चंद्र मंडल ने कथित तौर पर कहा था कि पैगंबर (PBUH) एक विवेकपूर्ण ढंग से कार्य करने वाले व्यक्ति थे। उन्होंने खुद कुरान लिखी और उसका प्रचार किया। शिक्षक ने छात्रों से कहा कि इस्लाम विज्ञान से निकला है। इस मजहब का रास्ता छोड़कर अपनी मर्जी से चलें। मंडल की इस बात पर कक्षा मे मौजूद छात्र आगबबूला हो गए और उन्होंने मोबाइल में शिक्षक की बातें रिकॉर्ड कर लीं। इसके बाद उन्होंने प्रिंसिपल से शिक्षक की शिकायत की और उन्हें वह रिकॉर्ड किया गया वीडियो भी दिखाया। स्कूल प्रशासन ने छात्रों से इस मामले में कोई भी गलत कदम नहीं उठाने को कहा है।

अगले दिन और छात्रों ने भी प्रिंसिपल को लिखित में शिकायत दी और मंडल के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। स्कूल के अधिकारियों ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया और छात्रों के साथ इस मामले को सुलझाने का भी प्रयास किया। हालाँकि, छात्रों ने समझौता करने से इनकार कर दिया और 22 मार्च को शिक्षक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद सभी छात्रों ने मिलकर हृदय चंद्र मंडल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद सभी छात्रों ने मिलकर हृदय चंद्र मंडल के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस बीच शिक्षक हृदय मंडल ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा, “मैंने विज्ञान के संबंध में छात्रों को समझाने के लिए कुछ बातें कहीं थीं, लेकिन मैंने इस्लाम और पैगंबर के बारे में कुछ नहीं कहा था।” हृदय मंडल की पत्नी बबीता ने भी अपने पति का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है। बबीता ने कहा कि मंडल 22 वर्षों से अधिक समय से स्कूल में गणित और विज्ञान की कक्षाएं ले रहे हैं, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है।

मंडल के परिवार को परेशान किया जा रहा

मंडल के परिवार ने आरोप लगाया है कि ईशनिंदा के आरोपों के बाद मुस्लिम लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। उनका सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है। यहाँ तक कि सामाजिक प्रताड़ना के कारण उनके बेटे ने स्कूल जाना भी बंद कर दिया है। हृदय की पत्नी बबीता हवलदार ने कहा, “उनके पड़ोसी उन्हें गालियाँ दे रहे हैं। मेरा बेटा स्कूल नहीं जा सकता। दूसरे छात्र उसे चिढ़ाते हैं, वे उसे अपराधी का बेटा कहते हैं। इसलिए मैं उसे स्कूल नहीं भेज रही हूँ।” बबीता ने कहा, “हम बेहद डरे हुए और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”

हृदय की पत्नी ने आगे कहा कि उनके पति को कुछ छात्र काफी दिनों से परेशान कर रहे थे। वे मेरे पति का सड़कों पर और यहाँ तक कि कक्षा में भी पीछा करते थे। इसके अलावा, कुछ लोग अक्सर हमारे दरवाजे पर लात मारकर जाते थे, हमारी खिड़कियाँ खटखटा कर भाग जाते थे। बबीता के बड़े भाई बादल हवलदार ने कहा, “एक तरह से हमारा सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। हम दिन में भी डर से बाहर नहीं निकलते कि कहीं कोई अप्रिय घटना ना हो जाए।”

जिन हथियारों से करौली में हिंदुओं पर हुआ हमला, वैसे ही हथियार कॉन्ग्रेस के फरार पार्षद मतलूब अहमद के घर से मिले: रिपोर्ट में दावा

राजस्थान के करौली में हिंदुओं के जुलूस पर मुस्लिम बहुल इलाके में हमला किया गया था। इस घटना का मुख्य साजिशकर्ता कॉन्ग्रेस का पार्षद मतलूब अहमद बताया जाता है। वह फरार चल रहा है। इस बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जिस तरह के हथियारों से हिंदुओं के जुलूस को निशाना बनाया गया था, उसी तरह के हथियार कॉन्ग्रेस नेता मतलूब अहमद के घर से मिले हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर करौली के SP शैलेन्द्र सिंह इंदौलिया ने ऑपइंडिया को बताया, “मतलूब अहमद FIR में नामजद है। लेकिन हथियार आदि के मामलों में अभी हमारी जाँच चल रही है। जाँच के बाद ही निष्कर्ष बता पाएँगे।”

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट की माने तो हिंसा से पहले ही घरों में हथियार जुटा लिए गए थे। इन हथियारों में पत्थर, लाठी और डंडे शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि हिंसा के दौरान पुलिसकर्मियों ने हमलावरों को रोकने के प्रयास नहीं किए। अपने इन दावों की पुष्टि के लिए टाइम्स नाउ ने कुछ वीडियो का भी हवाला दिया है। इस पर करौली के SP ने कहा है, “हम फुटेज की जाँच करेंगे और अगर कोई पुलिसकर्मी कर्तव्यों में लापरवाही बरतता पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।”

इससे पहले एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ था कि जिस इलाके में हिंदुओं पर पत्थर बरसाए गए वहाँ की मस्जिद, घरों की छतों पर पहले से ही भारी-भारी ईंट-पत्थर इकट्ठा कर रखे गए थे। हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था। 7 अप्रैल (गुरुवार) को लोगों को जरूरी सामान खरीदने के लिए सुबह 9 बजे से 11 बजे तक कर्फ्यू में ढील दी गई।

गौरतलब है कि करौली में हिंदू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई थी। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ। उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए थे। कुल 43 लोगों के घायल होने की खबर मीडिया में आई थी। इसके बाद मामले में जाँच शुरू हुई और पीएफआई का एक पत्र सामने आया जिसने इस हिंसा के सुनियोजित होने की ओर इशारा किया। बाद में कॉन्ग्रेसी नेता मतबूल की भूमिका भी पूरी हिंसा में पाई गई।

राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी इस हिंसा को सुनियोजित बताया था। उन्होंने कहा था कि करौली हिंसा के दौरान जिस तरह से पथराव किया गया, उससे साबित होता है कि इसे सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया और इसे रोका जा सकता था।

कर्नाटक में अब तेज आवाज में नहीं होगी अजान, 250 मस्जिदों को नोटिस: लाउडस्पीकर में लगानी होगी साउंड मापने वाली मशीन

कर्नाटक (Karnataka) में ध्वनि प्रदूषण को लेकर पुलिस ने मस्जिदों एवं अन्य धार्मिक स्थलों सहित पब को नोटिस भेजा है, जिसमें निर्धारित डेसिबल स्तर के साथ ही लाउडस्पीकर का उपयोग करने के लिए कहा गया है। हिंदू संगठन मस्जिदों में लाउडस्पीकर को लेकर आपत्ति उठाते रहे हैं। इन संगठनों का कहना है कि लाउडस्पीकर के उपयोग और उसकी ऊँची आवाज के कारण आसपास रहने वाले लोगों को दिक्कत होती है।

सिर्फ बंगलुरु में ही 250 मस्जिदों को नोटिस भेजकर निर्धारित सीमा के तहत आवाज की सीमा रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा, 83 मंदिरों, 22 चर्चों और पब एवं बार सहित 59 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्रतिबंधित घंटों के दौरान लाउडस्पीकर का उपयोग करने या 60 डेसिबल की ध्वनि स्तर की सीमा को पार करने के लिए नोटिस जारी किया है।

कर्नाटक के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रवीण सूद ने राज्य के सभी पुलिस कमिश्नर, पुलिस महानिरीक्षकों (IGP) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को धार्मिक स्थानों, पब, नाइट क्लब और अन्य संस्थानों के अलावा समारोहों में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन की जाँच करने का निर्देश दिया है।

इस मुद्दे पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई (Chief Minister Basavaraj Bommai) ने कहा कि सरकार की नजर में सब बराबर हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार मस्जिदों में लाउडस्पीकर की आवाज को नियंत्रित करने वाले उच्च न्यायालय के आदेश को लागू कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह उच्च न्यायालय का आदेश है। इसे बलपूर्वक लागू नहीं किया जा रहा है। पुलिस थानों से लेकर जिला स्तर तक संगठनों के साथ बैठक कर सब कुछ करना है।” उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी समाज या संगठन को कर्नाटक में शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने आगे कहा, “आप सभी जानते हैं… ये मुद्दे पुराने हैं। आदेश 2001 और 2002 में जारी किए गए थे। हमने कोई नया आदेश जारी नहीं किया है। हाईकोर्ट के आदेश में डेसिबल स्तर को बनाए रखने के बारे में भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था। जिला स्तर पर डेसीबल मीटर खरीदने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।” 

इस नोटिस को लेकर बेंगलुरु के जामिया मस्जिद के प्रमुख इमाम मोहम्मद एम इमरान रशदी ने कहा, “हमने आवश्यकतानुसार ध्वनि को नियंत्रित करने वाले उपकरण की व्यवस्था कर ली है, जो है, ताकि कोई समस्या उत्पन्न न हो। हम नोटिस का पालन करेंगे। इसी तरह मंदिरों को भी पालन करना चाहिए।”

बता दें कि बजरंग दल और श्रीराम सेना जैसे हिंदू संगठनों ने मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। संगठनों ने विभिन्न पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर उनसे मस्जिदों से लाउडस्पीकर के दुरुपयोग की जाँच करने का अनुरोध किया था। संगठनों का आरोप था कि इनकी आवाज अस्पतालों, महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों, स्कूल और कॉलेज जैसे शांत क्षेत्रों में भी पहुँच रही है।

इससे पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने गुड़ी पड़वा (हिंदू नववर्ष) के मौके पर शिवाजी पार्क में आयोजित एक रैली में कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाए जाते हैं? अगर इसे नहीं रोका गया तो मस्जिदों के बाहर स्पीकर पर अधिक तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाया जाएगा।

MNS प्रमुख की धमकी के बाद उन्हीं के पार्टी के कार्यकर्ता महेंद्र भानुशाली ने लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा चलाई। जैसे ही पुलिस को इसकी जानकारी मिली उसने तुरंत MNS कार्यकर्ता को अपने हिरासत में ले लिया। हालाँकि, बाद में चेतावनी देकर उन्हें छोड़ दिया गया।

हिंदू लड़कियों का बलात्कार और हत्या वाले इंस्टाग्राम ऑडियो पर गुवाहाटी पुलिस ने लिया संज्ञान, नदीम ने कहा था- ‘हिंदू दुनिया की सबसे बड़ी गंदगी’

सोशल मीडिया संवाद का अच्छा माध्यम है, लेकिन इसी माध्यम का इस्तेमाल हिंदुओं के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए किया गया है। 6 अप्रैल 2022 को इंस्टाग्राम पर एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें सबनम नाम की यूजर और उसके दोस्त नदीम ने खुलेआम हिंदुओं को धमकी दी। नदीम ने हिंदुओं की बहनों को बलात्कार और हत्या करने की बात कही। उसने कहा कि हिंदू दुनिया की सबसे गंदी नस्ल है। अब इस मामले में असम की गुवाहाटी पुलिस ने स्वत: संज्ञान लिया है।

ट्विटर पर इसी मामले को लेकर टैग किए जाने पर गुवाहाटी पुलिस ने रिप्लाई किया कि उन्होंने मामले को पहले ही उठा लिया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

हिंदुओं के खिलाफ उगला जहर

वायरल हो रही ऑडियो क्लिप को TiredBhiim नाम के शख्स ने ट्विटर पर शेयर किया था। इसमें अपने ट्वीट में यूजर ने कहा, “बिल्कुल बीमार। देखिए इन लोगों में हिंदुओं के प्रति कितनी नफरत भरी हुई है। ये सबनम और उसका दोस्त नदीम है।” हालाँकि, ऑडियो को ठीक उसी तरह ट्रांसस्क्रिप्ट नहीं करने का निर्णय ऑपइंडिया ने लिया। ऐसा इसलिए क्योंकि नदीम ने ऑडियो में हिंदुओं, उनकी माँ-बहनों को जमकर गालियाँ दी हैं।

नदीम को ये कहते हुए सुना जा सकता है, “मैंने अपनी आँखों के सामने तीन हिंदूओं को मरते हुए देखा है। ये @#### रोजाना हमारे इलाके में मरते हैं। मारना चाहिए इनको, मारो इनको। मैं तो कहता हूँ कि इनको खुलेआम मारो। हिन्दू दुनिया की सबसे बड़ी गंदगी है। हिंदुओं की बहनों का बलात्कार किया जाना चाहिए, मैं करूँगा उनकी बहनों का रेप।” नदीम की बातें सुनकर सबनम जोर-जोर से हँसती है। इसके बाद जब नदीम 2 मिनट की क्लिप में हिंदुओं को लगातार गालियाँ दे रहा था, उस समय सबनम नदीम को कॉमेडी किंग कह कर बुलाती है।

वो हिंदू धर्म को नकारते हुए कहता है ये कुछ भी नहीं है, ये लोग काल्पनिक दुनिया में जीते हैं। इसके साथ ही नदीम भगवान गणेश और भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप का मजाक उड़ाता है। वो ये कहता है कि अगर उसके पास एके-47 होती तो वो हिंदुओं को चुन-चुनकर मार डालता। तीन हिंदू लड़कियों के बलात्कार करने की बात करते हुए कहा कि हिंदुओं की बहनों का बलात्कार होना चाहिए। मैं इनकी बहनों का रेप करूँगा। उसने ये भी कहा कि अगर उसे मार दिया गया तो उसके जैसे 100 और पैदा होंगे।

ये दोनों फेक आईडी बनाकर लाइव हुए थे। ऑडियो वायरल होने के बाद सबनम तो विक्टिम कार्ड खेलने लगी है। वो हिंदुओं पर ही रेप और हत्या की धमकी देने का आरोप लगा रही है।