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भारतीय सेना पहुँच गई श्रीलंका, इमरजेंसी के बाद विद्रोह कर रहे लोगों को अब दबाया जाएगा: फैक्ट चेक

आर्थिक संकट में घिर कर दिवालिया होने के कगार पर खड़े श्रीलंका में सरकार के खिलाफ लोगों के विरोध को कुचलने के लिए राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) तमाम हठकंडे अपना रहे हैं। देश में आपातकाल घोषित करने के बाद वहाँ सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। दूसरी तरफ, वहाँ प्रदर्शन को कुचलने के लिए भारतीय सेना को श्रीलंका भेजे जाने की खबर का भारत और श्रीलंका ने खंडन किया है।

राष्ट्रपति के इस्तीफे की माँग को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू और देश भर में आपातकाल लगाने के बाद राजपक्षे सरकार ने देश में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा लिया है। श्रीलंका में फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप काम करना बंद कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए सरकार ने ये कदम उठाए हैं। शनिवार (2 अप्रैल) की रात से देश भर में ये सोशल मीडिया ने काम करना बंद कर दिया।

वहीं, श्रीलंका में भारतीय सेना की तस्वीरों को सोशल मीडिया और श्रीलंका के कुछ मीडिया वर्ग द्वारा शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सड़कों पर उतर रहे लोगों को संभालने के लिए भारतीय सेना श्रीलंका पहुँच गई है। इस खबर का भारत और श्रीलंका ने खंडन किया है।

श्रीलंका के रक्षा सचिव कमल गुणरत्ने ने शनिवार (2 अप्रैल) को एक बयान दिया और खबर का खंडन किया। उन्होंने कहा कि जो तस्वीरें शेयर करके के भारतीय सेना के आने की बात कही जा रही है, वे साल 2021 में हुए भारत-श्रीलंका के मैत्रीपूर्ण हुए संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मित्र शक्ति’ की हैं।

वहीं, श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में स्थित भारतीय उच्चायोग ने भी इन खबरों का खंडन किया। उच्चायोग ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग में चल रही यह खबर की भारत अपने सैनिकों को श्रीलंका भेज रहा है, झूठी और निराधार हैं।

31 मार्च को राष्ट्रपति के आवास के बाहर लोगों ने प्रदर्शन किया था, जो बाद में हिंसक हो गया। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज और वॉटर कैनन का प्रयोग करना पड़ा था। इसके बाद राष्ट्रपति ने अगले दिन यानी 1 अप्रैल को देश में आपातकाल घोषित कर दिया।

आर्थिक संकट के कारण श्रीलंका में खाद्यान्न की घोर कमी हो गई है। डीजल-पेट्रोल खत्म होने के कारण परिवहन सेवाएँ ठप हो गई हैं और बिजली कटौती के कारण लोगों के अंधेरे में रहना पड़ रहा है। इन हालातों को देखते हुए श्रीलंकाई जनता सड़़कों पर उतर आई है। जनता का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है।

श्रीलंका में खाद्यान्न और जरूरत की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। बिजली की सप्लाई बंद कर दी गई है। लोगों को पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस नहीं मिल रही हैं। इस तरह खाने से लेकर परिवहन तक की व्यवस्था ठप पड़ गई है। इस कारण लोग सड़कों पर निकल आए हैं। लोगों के विरोध को दबाने के लिए पुलिस लाठी चार्ज कर रही है तो कहीं उन पर वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर रही है। प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस के गोले भी छोड़े जा रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, एक कप चाय की कीमत 100 रुपए हो गई है। दूध की कीमत 2,000 रुपए पर पहुँच गई है। मिर्च 700 रुपए किलोग्राम बिक रही है। एक किलो आलू के लिए 200 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। फ्यूल की कमी का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। कई शहरों में 13 घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। परीक्षा के लिए पेपर-इंक नहीं हैं।

‘मस्जिद के सामने डबल लाउड स्पीकर लगाएँगे, हनुमान चालीसा का करेंगे जाप’: गुड़ी पड़वा पर बोले राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने गुड़ी पड़वा (हिन्दु नववर्ष) पर अपनी पार्टी के लोगों को संबोधित किया। 2 अप्रैल 2022 को मुंबई के शिवाजी पार्क में उनकी पार्टी की यह आयोजित की गई। इस अवसर पर राज ठाकरे ने उग्र अंदाज में चेतावनी दी कि अगर सरकार मस्जिदों के लाउडस्पीकरों के बारे में कुछ भी निर्णय नहीं ले पाएगी तो उनकी पार्टी हर मस्जिद के सामने डबल लाउडस्पीकर लगाएगी और हनुमान चालीसा का जाप करेगी।

राज ठाकरे ने गुड़ी पड़वा के अवसर पर यह भी कहा कि अगर पुलिस मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में मदरसों की ठीक से जाँच करेगी, तो उन्हें बहुत कुछ पता चलेगा। उन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य स्थानों की बदलती जनसांख्यिकी पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से बहुत सारे मुस्लिम इन जगहों पर आकर बस गए हैं।

अपने भाषण की शुरुआत में राज ठाकरे ने COVID-19 महामारी और लॉकडाउन पर बात की। उस समय की कठिन परिस्थितियों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने पुलिस बल को धन्यवाद भी दिया। इसके बाद राजनीति पर बात करते हुए राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के मतदाताओं के जनादेश का अनादर करते हुए महा विकास अघाड़ी सरकार के गठन की आलोचना भी की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए आपराधिक छवि वाले राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायकों को राज्य सरकार की कैबिनेट में लाने के लिए महा विकास अघाड़ी की आलोचना की। मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक लगाने से लेकर अनिल देशमुख और नवाब मलिक की गिरफ्तारी तक का पूरा क्रम उन्होंने याद दिलाया।

उत्तर प्रदेश में हुए चुनाव और उसके परिणाम पर भी राज ठाकरे की अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “जब मैंने उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे देखे और मुझे पता चला कि उत्तर प्रदेश का विकास हो रहा है, तो मैं बहुत खुश हुआ। मैं ऐसा ही चाहता हूँ। जब उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में रहने वाले लोगों को उनके गृह राज्यों में नौकरी मिलेगी, तो इससे मुंबई और महाराष्ट्र का बोझ अपने आप कम हो जाएगा। पेट और रोजी-रोटी के लिए किसी को अपना घर नहीं छोड़ना चाहिए और ऐसा हर राज्य में होना चाहिए।”

राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) पर निशाना साधते हुए राज ठाकरे ने कहा:

“महाराष्ट्र में हिंदुओं को जातियों में विभाजित करने की राजनीति 1999 में शरद पवार के राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी के गठन के बाद तेज हो गई। आखिर हम हिंदुओं के रूप में कब एकजुट होने जा रहे हैं? आखिर हिंदू-मुस्लिम दंगों के दौरान ही हम हिंदू एक-दूसरे के लिए हिंदू क्यों होते हैं? 15 अगस्त और 26 जनवरी को हम भारतीय हो जाते हैं… वरना ऐसे हम कभी मराठी तो कभी गुजराती आदि हो जाते हैं। जब हम राज्यों में जाते हैं तो हिंदू जातियों में बँट जाते हैं।”

राज ठाकरे ने मस्जिद और मदरसों को लेकर कहा, “1995 की झुग्गी-झोपड़ियों और आज की झुग्गियों में अंतर है। अगर पुलिस और प्रशासन के लोग इन झुग्गियों को ध्यान से देखेंगे तो उन्हें बहुत सी बातें पता चल जाएँगी। पता चल जाएगा कि उन मस्जिदों से क्या होता है? उन मदरसों में क्या पढ़ाया जा रहा है?”

बदलती जनसांख्यिकी पर बोलते हुए राज ठाकरे ने कहा कि बहुत सारे लोग पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर मुंबई और महाराष्ट्र के कई अन्य शहरों में बस गए हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोगों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि जैसे दस्तावेज भी हैं। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके आवास मातोश्री के पास बेहरामपाड़ा की झुग्गियों में चार मंजिला तक वाले घर बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पुलिस के पास इन बातों के सबूत हैं। इस गंभीर स्थिति की चर्चा कर राज ठाकरे ने कहा कि अगर कुछ होता है, तो स्थिति को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होगा।

लाउडस्पीकर पर अपनी बात रखते हुए राज ठाकरे ने कहा, “मैं प्रार्थना करने के किसी के अधिकार का विरोध नहीं करता, लेकिन मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों को हटा दिया जाना चाहिए। मैं सरकार से अनुरोध करता हूँ कि उन्हें हटाया जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो हम उन मस्जिदों के ठीक सामने हनुमान चालीसा का जाप करने के लिए डबल लाउडस्पीकर लगाएँगे। लाउडस्पीकर का उल्लेख किस धर्म में है? क्या आपके धर्म की खोज के समय कोई लाउडस्पीकर था?”

‘केजरीवाल ने झूठ बोला, कश्मीरी पंडितों पर हँसा… तो मैं विरोध करूँगा’: तेजिंदर पाल बग्गा को पकड़ने दिल्ली पहुँची पंजाब पुलिस

दिल्ली बीजेपी नेता और पार्टी के प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा के दिल्ली स्थित घर पर शनिवार (2 अप्रैल 2022) को पंजाब पुलिस पहुँची। हालाँकि, बग्गा लखनऊ में होने के कारण उन्हें वहाँ नहीं मिले। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस बिन किसी जानकारी के उनके घर पहुँची।

इसको लेकर बग्गा ने दिल्ली पुलिस को पंजाब पुलिस की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “पंजाब पुलिस कार नंबर PB65AK1594 स्थानीय पुलिस को बताए बिना मुझे गिरफ्तार करने मेरे घर पहुँच गई। अब वे मेरे दोस्तों के पते ट्रैक कर रहे हैं और उनके घर जा रहे हैं। अभी तक मेरे खिलाफ एफआईआर, थाने, मेरे खिलाफ धाराओं की कोई सूचना नहीं है।” इसके साथ ही बग्गा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस के साथ ही पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी को भी टैग किया है।

पंजाब पुलिस के इस एक्शन के बाद अब भाजपा नेता भी खुलकर मैदान में आ गए हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को फिल्म द कश्मीर फाइल्स को झूठा बताने के मामले में घेरा है। बग्गा ने ट्वीट किया, “मेरे खिलाफ एक नहीं 100 FIR करो, लेकिन अगर केजरीवाल कश्मीरी पंडितों के नरंसहार को झूठा बोलेगा तो मैं विरोध करूँगा, अगर वो कश्मीरी पंडितों के नरसंहार पर ठहाके लगा के हँसेगा तो मैं विरोध करूँगा, उसके लिए मुझे जो भी अंजाम भुगतना पड़े मैं तैयार हूँ।”

इस बीच उनके समर्थन में बीजेपी नेता भी उतर गए हैं। इसी क्रम में मेजर सुरेंद्र पूनिया ने ट्वीट कर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “केजरीवाल का असली चेहरा। केजरीवाल के दबाव में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने पंजाब पुलिस को तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार करने उनके घर भेजा है…क्यों? क्योंकि तेजिंदर ने केजरीवाल की हिंदू विरोधी शक्ल पूरे देश को दिखा दी! किस-किस को गिरफ्तार करवाएगा ये? #IstandWithTajinderBagga और आप?”

गौरतलब है कि फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर केजरीवाल के असंवेदनहीन बयान के बाद बग्गा ने केजरीवाल के सामने ही आम आदमी पार्टी के मुख्यालय कश्मीर फाइल्स का एक पोस्टर लगा दिया था। इसके अलावा उनके खिलाफ पटियाला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालाँकि, जिले के एसपी ने इससे साफ इनकार किया था।

8 साल की नौकरी में 18 बार ट्रांस्फर: पंजाब में फिर रेत माफियाओं पर कार्रवाई कर रहे थे SSP ध्रुमन, AAP सरकार ने किया तबादला

पंजाब (Punjab) में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य में अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने का वादा किया था, लेकिन उसकी कथनी और करनी में अंतर नजर आया है। अवैध रेत खनन करने वालों के खिलाफ 1.53 करोड़ रुपए की नकदी जब्त किए जाने के बाद सीएम भगवंत मान ने एक सप्ताह के अंदर ही एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले का ट्रांसफर कर दिया है। 2 अप्रैल 2022 को अधिकारियों के ट्रांसफर के ऐलान के बाद आईपीएस अधिकारी ध्रुमन एच निंबाले का तबादला मुक्तसर कर दिया गया है। इससे पहले तक वो होशियारपुर के एसएसपी थे।

ध्रमुन एच निंबाले की 8 साल की सर्विस में उनका 18 बार तबादला हो चुका है। पंजाब में जब कॉन्ग्रेस की सरकार थी तब भी उनका दो बार तबादला हुआ था। खास बात ये है कि वो ट्रांसफर भी रेत माफियाओं के खिलाफ एक्शन के बाद किए गए थे। होशियारपुर का एसएसपी बनाए जाने से पहले वो तरनतारन और मोगा में तैनात थे। इन तीनों ही जिलों में एसएसपी के तौर पर काम करते हुए ध्रुमन एच निंबाले ने अवैध बालू खनन के खिलाफ 100 से ज्यादा केस दर्ज करने के आदेश जारी किए थे।

बालू माफियाओं पर एसएसपी निंबाले का एक्शन

ध्रुमन एच निंबाले का एसएसपी के तौर पर तरनतारन में केवल पाँच महीने ही टिक सके। हालाँकि, इस दौरान भी अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई की। फिरोजपुर से तरनतारन तक ट्रकों के जरिए खनन होता था। ये ट्रक ड्राइवर एक ट्रक की पर्ची लेकर 20 ट्रक निकालते थे, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हुआ। ऐसे में रेत खनन विभाग ने इस पर्ची को वेबसाइट पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया। फिर भी अप्रैल के महीने में जारी की गई पर्चियों का कुछ मामलों में जुलाई के महीने में उपयोग किया जा रहा था। इसका पर्दाफाश करते हुए ध्रुमन एच निंबाले ने अवैध रेत खनन माफियाओं के खिलाफ केस दर्ज किया, जिसके बाद उनका ट्रांसफर मोगा कर दिया गया।

मोगा में भी यही हो रहा था। वहाँ नदी के किनारे अवैध तरीके से रेत का खनन आम बात थी। नियमों के मुताबिक, मानसून के समय (1 जून से 31 अगस्त) के दौरान नदी के तल से खनन की इजाजत नहीं रहती। इस मामले में भी एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने 13 एफआईआर दर्ज कर 4 करोड़ रुपए की माशीनों को जब्त कर लिया। इसके बाद दो महीने के भीतर ही एक बार फिर से उनका ट्रांसफर अक्टूबर 2021 में होशियारपुर कर दिया गया।

हाल ही में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद 25 मार्च से 27 मार्च के बीच निम्बाले ने अवैध रेत खनन करने वालों और सरकारी अधिकारियों का प्रतिरूपण करने वाली रेत खनन करने वाली कंपनियों के खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई की। अब उनका तबादला एसएसपी मुक्तसर के पद पर हुआ है।

आम आदमी पार्टी के चुनाव पूर्व वादे

पंजाब में चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल ने ये वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनती है तो अवैध रेत खनन मामले में वास्तविक जांच भगवंत मान के पंजाब के मुख्यमंत्री बनने पर शुरू होगी।

हालाँकि, हो इसका उल्टा रहा है। भगवंत मान पंजाब के सीएम तो बन गए हैं, जब एक पुलिस अधिकारी ने अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की तो उसका ही ट्रांसफर कर दिया गया। ये सरकार न केवल अधिकारियों के तबादला कर रही है, बल्कि ये शहरों को स्थानांतरित करने का भी इरादा है। हाल ही राज्य सरकार ने चंडीगढ़ को पंजाब में मिलाने का प्रस्ताव पास किया था।

‘भीड़ का हिस्सा थे पर मारते हुए किसी ने नहीं देखा’: पालघर हत्याकांड के 10 आरोपितों को बॉम्बे HC ने किया रिहा, 8 की बेल याचिका खारिज

पालघर नागा साधु मॉब लिचिंग मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार (1 अप्रैल, 2022) को 10 और आरोपितों की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया है। साथ ही हाईकोर्ट ने 8 अन्य आरोपितों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अप्रैल 2020 में पालघर के अंदर दो नागा साधुओं और उसके ड्राइवर की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि ये 10 आरोपित 400-500 की भीड़ का हिस्सा थे लेकिन मरते हुए कहीं वीडियो में नहीं दिखे हैं।

बता दें कि मुंबई पुलिस ने इस मामले में करीब 180 आरोपितों को वीडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया था। जिसमें से पिछले 2 साल में बहुत से आरोपितों को अब तक जमानत मिल गई है।

2020 के पालघर मॉब लिंचिंग मामले में इससे पहले जनवरी, 2021 में विशेष अदालत ने मामले के 89 आरोपितों को जमानत दे दी थी। दोनों संख्याओं को ध्यान रखा जाए तो अब तक करीब 100 आरोपितों को जमानत मिल चुकी हैं। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस भारती डांगरे ने शुक्रवार के आदेश में घटनास्थल पर मौजूद लोगों और वीडियो फुटेज में मृतक साधुओं के साथ मारपीट करने वालों से हमलावरों को उकसाने में शामिल लोगों के बीच अंतर किया।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सीसीटीवी फुटेज में देखे जाने के बावजूद हिंसा में सीधे शामिल न होने के कारण 10 आदिवासियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया। उन्होंने कहा, “अब जब जाँच पूरी हो गई है तो उनकी हिरासत का वारंट नहीं है और वे जमानत पर रिहा होने के हकदार हैं।”

वहीं जिन लोगों की जमानत खारिज कर दी गई उनमें से कुछ को मृतक साधुओं को मारते और पत्थर फेंकते देखा गया है। अन्य लोग साधुओं को लाठी-डंडे से मारते हुए दिखाई देते हैं।

गौरतलब है कि पालघर मॉब लिंचिंग की जाँच महाराष्ट्र के स्टेट क्राइम ब्रांच की टीम को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने 126 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं जस्टिस भारती डांगरे ने इस मामले में 8 आरोपितों को जमानत देने से इनकार कर दिया था।

शादीशुदा सुमित्रा को पड़ोसी हसन मोहम्मद ने फँसाया, जबरन रुखसाना बना कर किया निकाह: UP पुलिस ने दिल्ली में पकड़ा

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में धर्मान्तरण की घटना हुई है, जहाँ हसन मोहम्मद उर्फ मोनू ने अपने ही पड़ोस की हिंदू महिला को अपने जाल में फँसाया। इसके बाद वो उसे गाजियाबाद लेकर गया और वहाँ एक मस्जिद में जबरन उसका धर्मान्तरण करवा दिया। इसी के साथ उसने महिला का नाम सुमित्रा देवी से बदलकर रुखसाना कर दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना जिले के ललौली थाना क्षेत्र के एक कस्बे की है। 22 वर्षीय आरोपित हसन मोहम्मद उर्फ मोनू यहीं का रहने वाला है। वहीं पर पड़ोस में हिंदू दलित महिला भी रहती है। वो शादी शुदा है। फिर भी आरोपित ने धीरे-धीरे उसे अपने जाल में फँसा लिया। इसके बाद 17 मार्च 2022 को हसन मोहम्मद सुमित्रा को लेकर दिल्ली चला गया। वहाँ वो उसे गाजियाबाद लेकर गया और वहाँ एक मस्जिद में उसका जबरन इस्लामिक धर्मान्तरण करा दिया और उसका नाम बदलकर रुखसाना परवीन कर दिया।

इसके बाद वो उसी के साथ रहने लगा। इस बीच इधर महिला के पति ने पुलिस में इसकी शिकायत की। पुलिस ने जाँच शुरू की और उसे पता लगा कि आरोपित महिला को लेकर दिल्ली गया है। उसको ढूँढते हुए यूपी पुलिस दिल्ली गई और आरोपित को पकड़ लिया। पुलिस दोनों को लेकर वापस आई। पुलिस ने आरोपित के पास से निकाहनामा भी मिला है, जिसे गाजियाबाद की मस्जिद ने जारी किया था। इसमें 5786 रुपए की मेहर की रकम भी है। इसके साथ ही पुलिस ने इस निकाह को कराने वाले मौलाना की तलाश शुरू कर दी है।

इस घटना को लेकर फतेहपुर के एडिशनल एसपी राजेश कुमार ने इस बात की पुष्टि की है कि शिकुमार प्रजापति ने एफआईआर दर्ज करवाई थी कि ललौली कस्बा का ही रहने वाला हसन मोहम्मद उर्फ मोनू खान उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। मामले की जाँच की जा रही है।

राजस्थान: करौली में हिन्दू नव वर्ष पर निकली बाइक रैली पर मुस्लिम बहुल इलाके में पथराव से भड़की हिंसा, एक दर्जन दुकानों में लगाई आग, 37 घायल

राजस्थान के करौली जिले के फूटा कोट इलाके में शनिवार (2 अप्रैल, 2022) को हिन्दू नव वर्ष (नव संवत्सर) के उपलक्ष्य में मुस्लिम बहुल इलाके से गुजर रही एक बाइक रैली पर पथराव के बाद एक दुकान और एक बाइक को आग के हवाले कर दिया गया जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया। बताया जा रहा है कि हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर मुस्लिम समुदाय द्वारा सुनियोजित तरीके से पथराव करने के बाद शहर में तनाव का माहौल है।

कुछ रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि मदन मोहन मंदिर इलाके में मुस्लिम भीड़ ने एक दर्जन से ज्यादा दुकानों और तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया है। वहीं बिगड़ते हालात को देखते हुए बाजार बंद कर शहर भर में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 33 से अधिक लोगों और चार पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी भी सामने आ रही है। पुष्पेंद्र नाम के व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे जयुपर रेफर कर दिया गया है। अस्पातल लाए जाने वाले घायलों के शरीर पर चाकू से वार किए जाने के भी निशान हैं। हालाँकि पुलिस की तरफ से अभी तक ऐसा कोई बयान नहीं आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बताया जा रहा है कि कलेक्टर डॉ. मोहन लाल यादव और एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया हिन्दू-मुस्लिम मसले को देखते हुए मौके पर मौजूद हैं और बिगड़ते हालात को काबू में करने का प्रयास कर रहे हैं। मुस्लिम बहुल इलाकों में भी पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी लोगों को समझाने व शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।

वहीं ऑपइंडिया से बात करते हुए एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया है कि उसकी भी दुकान फूँक दी गई है। साथ ही पूरे इलाके में भारी उपद्रव और आगजनी हो रहा है।

इधर, राजस्थान में माहौल बिगड़ते ही नव वर्ष पर निकाली जा रही बाइक रैली को रद्द कर दिया गया है। पुलिस पर भी पथराव किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। कलेक्टर ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। वहीं आगजनी से अब तक लाखों रुपए के नुकसान की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि करौली में बिगड़ते हालात को देखते हुए आईजी भूपेंद्र सिंह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। विधायक लखन सिंह भी जयपुर से करौली के लिए रवाना हो गए हैं।

रणबीर-आलिया भट्ट ने कर ली गुपचुप शादी, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर: जानें क्या है मामला

सलमान-सोनाक्षी के बाद आलिया भट्ट (Alia Bhatt) और रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) की शादी की खबरें लंबे समय से चर्चा में हैं। वहीं दोनों की शादी की फोटो वायरल हो रही है, जिसमें आलिया-रणबीर दूल्हा-दुल्हन बने नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं, कपल ने एक-दूजे को वरमाला भी पहनाई है।

हालाँकि, चेक करने के बाद पता चला कि रणबीर-आलिया की शादी की ये फोटो फेक है और इसे सलमान-सोनाक्षी की तरह ही फोटोशॉप्ड किया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रणबीर-आलिया की ये ब्लैक एंड व्हाइट फोटो उनके अलग-अलग विज्ञापनों को काटकर फोटोशॉप से बनाई गई है।

कहा जा रहा है कि इस फोटो के जरिए दोनों के फैंस ने लोगों को अप्रैल फूल बनाने की कोशिश की है। वहीं जब ये फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तो मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया और रणबीर अप्रैल में शादी करने वाले हैं, लेकिन अब तक दोनों में से किसी ने भी शादी की डेट कन्फर्म नहीं की है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है दोनों कपूर खानदान के पैतृक निवास में विवाह बंधन में बँधेंगे जिसमें 450 मेहमानों को निमंत्रित किया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले सलमान खान और सोनाक्षी सिन्हा की शादी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। मामले में सोनाक्षी सिन्हा और सलमान खान की शादी की फोटो वायरल होने पर सोनाक्षी सिन्हा का रिएक्शन भी आया था। सोनाक्षी ने फोटो को मार्फ्ड बताते हुए कहा था, “अब लोग इतने भी बेवकूफ नहीं हैं कि असली और नकली फोटो में अंतर नहीं कर सकें।”

बता दें कि सलमान और सोनाक्षी की इस फोटो में सलमान खान सोनाक्षी की ऊँगली में अंगूठी पहनाते हुए नजर आए थे। वहीं सोनाक्षी किसी दुल्हन की तरह माँग में सिंदूर और लाल साड़ी में नजर आई थीं।

‘मुस्लिम हो तो आपको आतंकवादी होना चाहिए… ‘ : हिंदुओं के खिलाफ़ भड़काने वाले ISIS की साइट एक्सेस करता था हैदराबादी युवक, साइबर पुलिस ने पकड़ा

हैदराबाद की साइबर क्राइम सेल ने ओल्ड सिटी से एक ऐसे शख्स को पकड़ा है, जो भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित की गई वेबसाइटों की विजिट कर रहा था। उसने जिन वेबसाइटों को देखा उनमें से एक दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस की वेबसाइट भी थी।

हालाँकि, इन प्रतिबंधित की गई साइटों तक पहुँच बनाने की कोशिशें उसने जानबूझकर की या उससे अनजाने में ऐसा हुआ है अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया जा सका है। लेकिन, पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर इसका कारण जानने की कोशिशें कर रही हैं।

उल्लेखनीय है कि हैदराबाद शहर से पहले भी आतंकी संगठन आईआईएस के लोग पकड़े जा चुके हैं। साल 2018 में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने आईएसआईएस की शह पर भारत में आतंकी हमले की योजना बनाने के मामले में 8 युवकों को गिरफ्तार किया था।

2018 में ही NIA ने देश में आतंकी हमले की साजिश रचने औऱ आईएसआईएस से संबंधों के मामले में 2 अन्य लोगों को भी हैदराबाद से ही दबोचा था।

ISIS मैगजीन ने मुस्लिमों से ‘बाबरी वापस लेने’ और हिंदुओं को ‘गंदा पेशाब पीने वाला’ बताया

आतंकी संगठन ISIS के प्रोपेगेंडा को आगे बढ़ाने वाली उसकी डिजिटल मैगजीन वॉयस ऑफ हिंद ने हाल ही में अपना नया संस्करण जारी किया है, जिसमें उसने मुस्लिमों को भड़काते हुए ‘हिंदुओं से बाबरी वापस लेने’ के लिए कहा है। आतंकी संगठन के माउथ पीस के जनवरी 2022 के संस्करण में लिखा है, “यदि आप मुस्लिम हो तो आपको आतंकवादी होना चाहिए, इसलिए उन्हें आतंकित करें …”।

इसके अगले पन्ने पर एक इमारत के ऊपर भगवा झंडे के साथ हिंदुओं की एक तस्वीर दिखाई गई है, जिसका शीर्षक है, “ओ मुवाहिद हिंदुओं से बाबरी मस्जिद वापस ले लो”। मुवाहिद का मतलब ‘अच्छा’ मुस्लिम जो कि अल्लाह की एकता में विश्वास करता है।

इतना ही नहीं मैगजीन में ISIS बाबरी मस्जिद के विध्वंस को लेकर विस्तार से बात की। आतंकी संगठन ने हिंदुओं के ऐसी सजा देने की माँग की जो आने वाली पीढ़ियों को याद रहे। उसने भारत के मुस्लिमों को भारत सरकार के खिलाफ हिंसक जिहाद के लिए उकसाया।

हिंदुओं को ‘गाय की पूजा करने वाले बहुदेववादी’ बताते हुए आईएसआईएस की मैगजीन ने बाबरी मस्जिद के विध्वंस को ‘हिंदू मुशरीकीन की पागल भीड़ द्वारा भारत के मुस्लिमों पर सबसे शर्मनाक और छल भरे हमलों में से एक’ बताते हुए उकसाया। गाय हिंदू धर्म में पवित्र मानी जाती है।”

कपिल शर्मा शो में पाजी की कुर्सी लायक इमरान खान, अब हो चुके ‘इतिहास’: पाकिस्तानी PM की पूर्व बेगम रेहम खान ने कसा तंज, शौहर को बता चुकी हैं ‘गे’

राजनैतिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पर अब उनकी पूर्व पत्नी रेहम खान ने भी तंज कसा है। रेहम खान ने इमरान को अब ‘इतिहास’ बताया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रहने के दौरान इमरान ने एक भी काम अच्छा नहीं किया है। रेहम खान ने कपिल शर्मा का नाम लेते हुए इमरान खान को उनके कॉमेडी शो के लायक बताया है।

अपने बयान में रेहम ने इमरान का मज़ाक उड़ाते हुए कहा, “जिस इमरान को मैं जानती हूँ उनके खिलाफ संसद में वोटिंग होना उनके घमंड को बर्दाश्त नहीं है। भारत अगर उन्हें कपिल शर्मा के शो में पाजी (सिद्धू) की सीट दे दे तो शायद उनके रोजगार का काम हो सकता है। मैं समझती हूँ कि इमरान और उनको समर्थन देने वाली नौकरशाही की टीम पर अब नियंत्रण जरूरी है। अब हमें इनसे जवाब लेने का मौक़ा मिलना चाहिए। अब इन्हें जवाबदेह होना पड़ेगा।”

1 अप्रैल, 2022 (शुक्रवार) को किए गए एक अन्य ट्वीट में रेहम ने इमरान खान को अब ‘इतिहास’ बता कर नए पाकिस्तान को बनाने की बात कही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेहम खान ने इमरान को यक्ष की संज्ञा दी है। उन्होंने बताया कि इमरान ने अपने प्रधानमंत्री रहते हुए एक भी अच्छा काम नहीं किया है। रेहम के अनुसार इमरान खान देश में भ्रष्टाचार और महंगाई को रोकने के साथ अपने किए गए अन्य तमाम वादों को भी पूरा करने में असफल रहे हैं।

रेहम खान ने अपनी किताब में इमरान खान पर उनकी ही पार्टी के नेता मुराद सईद से समलैंगिक रिश्तों का आरोप लगा चुकी हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने इमरान खान पर अपने ही देश के अंदर तनाव पैदा करने और इसको एक खतरनाक खेल बताने का आरोप लगाया था।