Home Blog Page 2848

इमरान खान के कहने पर राष्ट्रपति ने भंग की Pak की संसद, ‘विदेशी साजिश’ बता अविश्वास प्रस्ताव भी ख़ारिज: चुनाव जल्द, नजरें फ़ौज पर

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में सियासी घमासान लगातार जारी है। विपक्ष ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, लेकिन पाकिस्तान की संसद के डिप्टी स्पीकर ने रविवार (3 अप्रैल, 2022) को अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि ये पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 5 का उल्लंघन है।

संसद के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को संविधान के अनुच्छेद 5 के खिलाफ माना। अपने फैसला सुनाते हुए सूरी ने कहा कि यह प्रस्ताव 8 मार्च को पेश किया गया था, इसे कानून और संविधान के मुताबिक होना चाहिए। उन्होंने कहा, “किसी भी विदेशी शक्ति को साजिश के जरिए चुनी हुई सरकार को गिराने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

डिप्टी स्पीकर ने ये भी कहा, “7 मार्च को हमारे आधिकारिक राजदूत को एक बैठक में आमंत्रित किया गया था, जिसमें दूसरे देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। बैठक में बताया गया था कि पीएम इमरान के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया जा रहा है।”

गौरतलब है कि आज ही रविवार को संसद शुरू होते ही इमरान खान से पहले विपक्ष ने पाकिस्तान की संसद के स्पीकर असद कैसर के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव को पेश किया था। जिसके बाद डिप्टी स्पीकर सूरी ने संसद की अध्यक्षता की। बहरहाल अब विपक्ष सरकार औऱ स्पीकर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।

दरअसल, 342 सदस्यों वाली संसद में इमरान खान को सत्ता से बाहर करने के लिए 172 वोटों की जरूरत थी। हालाँकि, विपक्ष को 177 वोट हासिल थे। फिर भी अनुच्छेद 5 का उल्लंघन बताते हुए उसे खारिज कर दिया।

पाकिस्तान की संसद भंग

पाकिस्तान की संसद में विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होते ही इमरान खान ने राष्ट्रपति से संसद को भंग करने की माँग की। उन्होंने इसके लिए पत्र लिखा और लोकतंत्र की दुहाई दी। बहरहाल अब पाकिस्तान की संसद को भंग कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इमरान खान विपक्ष पर ये आरोप लगाते रहे हैं कि अमेरिका के इशारे पर उनके खिलाफ साजिश रची जाती रही है।

देश के तीन राज्यों में दिखी रहस्यमयी रोशनी, धरती पर गिरी अजीब सी चीजों से परेशान हुए ग्रामीण: जानिए क्या कहते हैं खगोलविद

महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के लोग शनिवार (2 अप्रैल, 2022) को आसमान से उल्का पिंड गिरने जैसी चमकती रोशनी (Mysterious Light) देखकर दंग रह गए। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के झाबुआ, बड़वानी जिले में आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखने के बाद से लोग परेशान हैं। इसे एक असामान्य घटना के रूप में देखा जा रहा है।

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। उनका कहना है कि उन्होंने अहमदाबाद में आसमान में रहस्यमयी रोशनी देखी है। उल्का पिंड को ‘शूटिंग स्टार्स‘ के रूप में जाना जाता है। ये ऐसी चट्टानें होती हैं, जो पृथ्वी के वायुमंडल में 30 से 60 किमी प्रति सेकंड की रफ्तार से से प्रवेश करती हैं। यह आकार में ग्रहों से काफी छोटी होती हैं और कई बार इनका मार्ग भी निश्चित नहीं होता है। ये दूसरे ग्रहों की कक्षा में घूमते रहते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, करीब 4.5 अरब वर्ष पहले जब हमारा सोलर सिस्टम बना था, तब गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए, वे उल्का पिंड में बदल गए।

इस घटना को लेकर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह उल्का पिंड नहीं, बल्कि रॉकेट हो सकता है। जोनाथन मैकडॉवेल (Astronomer Jonathan McDowell) ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘चीनी रॉकेट का फिर से प्रवेश’ हो सकता है, जिसे फरवरी 2021 में लॉन्च किया गया था। मैकडॉवेल, जो सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स में एक खगोलशास्त्री हैं उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि यह एक चीनी रॉकेट चांग झेंग 3 बी सीरियल नंबर Y77 (Zheng 3B serial number Y77) का प्रवेश का तीसरा प्रयास है, जिसे फरवरी 2021 में लॉन्च किया गया था।”

वहीं, स्काईवॉच समूह के प्रमुख एक अन्य वैज्ञानिक सुरेश चोपाडे ने कहा कि यह दुर्लभ घटना उपग्रह से संबंधित हो सकती है। चोपाडे ने उल्का पिंड होने की बात से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि रंगों से संकेत मिलता है कि पृथ्वी की ओर एक धातु की चीज आई है। चोपाडे ने कहा, “ऐसा लगता है कि किसी देश का सेटेलाइट गलती से गिर गया होगा या फिर उसे जानबूझकर गिराया गया होगा। यह उल्का पिंड या आग के गोले जैसा नहीं लगता।” दो गाँवों में साइटलाई या रॉकेट के पार्ट्स जैसे दिखने वाली चीजें भी मिली हैं।

‘कश्मीर फाइल्स’ को लेकर ट्विंकल खन्ना ने उड़ाया मजाक: कहा- बड़े शहरों के नाम बुक, अब अंधेरी फाइल्स और खार फाइल्स पर बनेंगी फिल्म

कश्मीरी हिंदुओं (Kashmiri Hindus) के नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) की अपार सफलता के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री से लेखिका बनी अभिनेता अक्षय कुमार की पत्नी ट्विंकल खन्ना ने तंज कसा है। उन्होंने इस तरह की फिल्म बनाने वाले फिल्म निर्माताओं को क्लर्क की संज्ञा दी।

ट्विंकल खन्ना ने कहा कि कश्मीर फाइल्स की सफलता के बाद फिल्म निर्माता ‘अंधेरी फाइल्स’, साउथ ‘बॉम्बे फाइल्स’ नाम पंजीकृत कराने के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों के नाम पहले ही रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इसलिए अब छोटे-छोटे मुहल्लों का विकल्प बचा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए लिखे अपने कॉलम में ट्विंकल ने कहा, “एक निर्माता के कार्यालय में हुई एक बैठक में मुझे बताया गया कि द कश्मीर फाइल्स की देखादेखी में फिल्मों के ऐसे शीर्षकों की बाढ़-सी आई हुई है।”

इस तरह के फिल्म बनाने वाले निर्माताओं पर तंज कसते हुए ट्विंकल ने आगे कहा, “मैं बस सोच रही हूँ कि क्या मेरे सहयोगी अभी भी खुद को फिल्म निर्माता मान रहे हैं या इन सब ‘फाइल्स’ के साथ वे असली राष्ट्रवादी मनोज कुमार की तरह क्लर्क बन गए हैं।”

ट्विंकल ने मजाक उड़ाते हुए आगे कहा कि उन्होंने ‘नेल फाइल’ नाम से फिल्म बनाने की बात कही और इसका जिक्र उन्होंने अपनी माँ डिंपल कपाड़िया से भी किया। इस पर जब डिंपल ने पूछा कि क्या यह एक घटिया मैनीक्योर के बारे में होगा तो ट्विंकल ने जवाब दिया, “हो सकता है, लेकिन कम से कम यह सांप्रदायिक ताबूत में अंतिम कील लगाने से बेहतर है।”

‘द कश्मीर फाइल्स’ 1990 में हुए कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार, उनके दर्द और पलायन के बाद के संघर्ष की कहानी है। 1990 के दशक में घाटी में इस्लामिक आतंकियों ने जेहाद के नाम पर घाटी के पंडितों का कत्लेआम मचा दिया था। औरतों के साथ बलात्कार और हत्या आम बात सी हो गई थी।

इस फिल्म को निर्माता विवेक अग्निहोत्री ने अपनी पत्नी पल्लवी जोशी के साथ मिलकर बनाया है। इसमें मुख्य भूमिका अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी और चिन्मय मंडलेकर ने निभाई है। हालाँकि, फिल्म को लेकर राजनीतिक घमासान भी मचा हुआ है, फिर भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है।

₹100 करोड़ लागत, 11 साल में तैयार हुआ बाँके बिहारी मंदिर: लाइब्रेरी, पार्किंग, किचन, गौशाला और गेस्ट हाउस भी, PM मोदी करेंगे उद्घाटन

भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित बिहार के पटना में बाँके बिहारी का मंदिर बनकर तैयार हो गया है। अब 3 मई, 2022 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। 100 करोड़ की लागत से 11 साल के लंबे समय में बनकर तैयार हु्आ ये मंदिर 84 खंभों पर टिका है। इस मंदिर का निर्माण ताजमहल बनाने वाले कारीगरों के वंशजों ने किया है।

4 मंजिला यह मंदिर 2 एकड़ के क्षेत्र में फैला है। पटना के बुद्ध मार्ग पर स्थित इस विशाल मंदिर को नागर शैली में बनवाया गया है। इसकी विशालता का अंदाजा केवल इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें आराम से 5000 भक्तों के बैठने की सुविधा है। मंदिर का निर्माण राजस्थान के मकराना संगमरमर से किया गया है, जो इसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा देता है। पटना स्थित यह मंदिर बेंगलुरू, वृंदावन और जुहू के बाद देश का चौथा सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर है।

मंदिर की खासियत

108 फीट की ऊँचाई वाला बाँके बिहारी मंदिर सेमी अंडर ग्राउंड है, मंदिर की पहली मंजिल पर 1000 लोगों की क्षमता वाला ‘प्रसादम्’ हाल है। वहीं दूसरी मंजिल पर भगवान बाँके बिहारी का गर्भ गृह है। यहीं पर राम दरबार और दूसरी ओर चैतन्य महाप्रभु का दरबार भी स्थित है। प्रसाद के लिए मंदिर में ही मॉडर्न स्टाइल का किचन है। साथ ही गोविंदा रेस्टोरेंट भी है, जहाँ पर शाकाहारी खाना, अतिथियों के ठहरने के लिए 70 कमरे, 300 गाड़ियों की पार्किंग, लाइब्रेरी है। इसमें प्रभु पाद और महर्षि वेद व्यास द्वारा रचित ग्रंथों को रखा गया है। मंदिर में एक गौशाला भी है, जिसमें 500 गायों को रखा जा सकेगा।

मंदिर के पुजारी रामपूर्ति दास बताया कि मंदिर को 84 खंभों पर बनाए जाने के पीछे एक खास कारण है। हिंदू धर्म में 84 योनियों का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इन 84 खंभों की एक बार परिक्रमा करने से 84 योनियों के च्रक से मुक्ति मिलती है।

उल्लेखनीय है कि इस मंदिर के निर्माण के लिए 2007 में भूमिपूजन किया गया था। 2010 में इसका निर्माण शुरू हुआ और 2021 में ही उद्घाटन होना था, लेकिन कोरोना के कारण ये संभव नहीं हो सका।

‘रैली में भीड़ जुटाने के लिए AAP ने बाँटे पैसे’: वायरल हुआ वीडियो, गुजरात में बोले केजरीवाल – पंजाब में 10 दिन में भ्रष्टाचार खत्म

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शनिवार (2 अप्रैल 2022) को अहमदाबाद के बापूनगर इलाके में गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर एक रैली की। रैली में उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहे। इसी बीच खबर है कि पार्टी ने रैली में भीड़ जुटाने के लिए पैसे बाँटे

दिलचस्प बात यह है कि अपने गुजरात दौरे के दौरान केजरीवाल ने कई बड़े-बड़े वादे किए और लोगों से आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि मान के मुख्यमंत्री बनने के महज 10 दिनों में पंजाब भी दिल्ली की तरह भ्रष्टाचार मुक्त हो गया है। इससे इतर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर आरोप है कि उन्होंने रैली में शामिल होने के लिए गुजरातियों को ‘रिश्वत’ देने की कोशिश की।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें आप कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर एक गली में खड़े लोगों को पैसे बाँटते हुए देखा जा सकता है। उन्होंने लिखा, “AAP गुजरात में अरविंद केजरीवाल के रोड शो में भाग लेने के लिए लोगों को पैसे बाँट रही है। बहुत क्रांतिकारी।”

इसी तरह का एक वीडियो ‘देश गुजरात’ द्वारा साझा किया गया है। वीडियो में ऑटो में बैठे एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे रैली में शामिल होने के लिए पैसे दिए गए थे। उसने बताया कि उन लोगों ने रैली में शामिल होने के लिए उसे 500 रुपए दिए थे, लेकिन उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि वह एक राजनीतिक रैली थी।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी एक ट्वीट में कहा, “गाँधी का अनुसरण कर रहे हैं, लेकिन गलत। (शायद उनके पसंदीदा है राहुल)। पहला, रोड शो में भीड़ जुटाने के लिए पैसे बाँटना, दूसरा नवरात्रि पर शराब के लिए 25% की छूट देना, तीसरा कश्मीर में हिंदुओं और उनके नरसंहार का मजाक बनाना और चौथा 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का झूठा वादा।”

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है, जब ‘आप’ पर भीड़ इकट्ठा करने के लिए पैसे बाँटने का आरोप लगाया गया है। फरवरी 2021 में, दिल्ली के मजदूरों ने आरोप लगाया था कि AAP ने उन्हें चुनावी रैली में शामिल होने के लिए 500 रुपए देने का वादा किया था, लेकिन बाद में पार्टी अपने वादे से मुकर गई। फरवरी 2020 में भी AAP ने कथित तौर पर दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार रैली में बेरोजगारों युवाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने रैली के लिए देर से आने वालों को युवाओं को पैसे नहीं दिए थे।

दलित नाबालिग लड़की से गैंगरेप, टेम्पो से ले गए थे सुनसान जगह: रिजवान-राजा को लगी यूपी पुलिस की गोली, इस्रायल के घर पहुँचा बुलडोजर

UP के गोंडा जिले में एक नाबालिग दलित समुदाय की लड़की से गैंगरेप के 2 आरोपितों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपितों के नाम रिज़वान और राजा हैं। आरोपित रिज़वान पर 25,000 रुपए का इनाम भी घोषित था। रिज़वान से मुठभेड़ 2 अप्रैल जबकि राजा से मुठभेड़ 31 मार्च को हुई थी। इस घटना में 2 अन्य आरोपित फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है। एक फरार आरोपित इस्रायल के घर पुलिस बुलडोजर ले कर पहुँची है।

गोंडा पुलिस के SP IPS संतोष कुमार के मुताबिक, “गैंगरेप का आरोपित 25 हजार रुपए का इनामी रिज़वान गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया है। इसी के एक अन्य साथी राजा को भी पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था। आज ही इस घटना में बचे आरोपितों के घर पुलिस बुलडोजर ले कर पहुँची थी। वहाँ इन आरोपितों को संरक्षण देने वालों और इन्हें छिपाने वालों को चेतावनी दी गई थी। फिर इसकी (रिज़वान) की सूचना मिली और इसको गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीम गई थी। रिज़वान ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में इसको भी गोली लगी और गिरफ्तार कर लिया गया।’

गोंडा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, थाना कोतवाली नगर इलाके में एक नाबालिग लड़की की माँ ने अपनी बेटी के साथ गैंगरेप की शिकायत 30 मार्च को की थी। इसी आधार पर 4 आरोपितों को नामज़द किया गया था। इन सभी पर IPC की धारा 376D- A, 3(2)5 SC / ST एक्ट और व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 3 टीमें भी लगाई गई थीं। मुठभेड़ की रात चौपाल सागर के पास पुलिस ने रिज़वान को रोकने की कोशिश की तब उसने पुलिस पर फायर कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और वो रिज़वान के पैर में लगी।

इस मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल यशवंत भी घायल हुए हैं। आरोपित रिज़वान के पास से पुलिस ने एक तमंचा और 1 कारतूस भी बरामद किया है।” रिज़वान पर अवैध हथियार रखने और पुलिस पार्टी पर फायर करने का केस अलग से दर्ज किया गया है।

इस घटना का पहला आरोपित राजा शिकायत दर्ज होने के 10 घंटे के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस की उसके साथ 31 मार्च को मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में राजा के पास से एक बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किया था।

वहीं इस मामले में आरोपितों के घर पर पुलिस द्वारा ले जाए गए बुलडोजर का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी आरोपितों के परिजनों से जल्द सरेंडर करने और उनके सभी शुभचिंतकों को चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो इस घटना में फरार एक अन्य आरोपित इस्रायल के घर का है।

अपने एनाउंसमेंट में इस्रायल को पुलिस ने समाज विरोधी और घृणित कार्य करने वाला बताया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए कोतवाली सिटी के SHO ने बताया कि अभी इस केस में 2 आरोपित और फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए हम पूरा प्रयास कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़िता कक्षा 8 की छात्रा है। स्कूल से घर लौटते समय उसे रिज़वान टेम्पो पर बिठा कर सुनसान जगह ले गया था। वहाँ उसने अपने साथियों के साथ गैंगरेप किया था।

हलाल मीट के खिलाफ बोलीं पायल रोहतगी, जीशान खान ने की गाली-गलौच: कंगना के LockUpp से सोशल मीडिया पर बवाल

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) का रिएलिटी शो ‘लॉक अप’ (Lock Upp) इन दिनों टॉप ट्रेंडिंग में है। इसी बीच शो के कंटेस्टेंट पायल रोहतगी (Payal Rohatgi) और जीशान खान की हलाल मीट पर बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, कर्नाटक में कुछ संगठनों ने उगादी त्योहार (नए साल के दिन) से पहले हलाल मीट पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। शो में इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए पायल ने कहा कि जिस तरह से हलाल प्रक्रिया में जानवरों को टॉर्चर किया जाता है, यह सब बंद होना चाहिए।

यह बात शो में मौजूद जीशान खान (Zeeshan Khan) को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई और वह पायल पर आग-बबूला हो जाता है और उन्हें मिडिल फिंगर दिखाकर गाली देता है। इसके बाद एक्ट्रेस भी गुस्से में जीशान और उसके मजहब को लेकर कुछ बोलती हैं, जिसे मेकर्स को म्यूट करना पड़ता है। ट्विटर पर एक यूजर का कहना है कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए मुंबई पुलिस पायल के खिलाफ मामला दर्ज कर सकती है।

इस दौरान बीच-बचाव करने के लिए शो की होस्ट कंगना रनौत आती हैं। कंगना कहती हैं, “चाहे वह हलाल मीट हो या फिर गौ-मूत्र दोनों ​ही रिलीजियस प्रैक्टिस हैं। आप किसी को भी जबरदस्ती हलाल मीट नहीं खिला सकते हैं। ऐसी बहुत सारी ऑर्गनाइजेशन हैं, जहाँ हलाल सर्व किया जाता है और उन्हें कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया जाता है। हलाल मीट उनके लिए बैन करने की कोशिश की जा रही है, जो लोग इसे नहीं खाना चाहते हैं। जिस तरह से हम किसी को उसकी मर्जी के खिलाफ गौमूत्र नहीं पिला सकते हैं, उसी तरह हम किसी को जबरन हलाल मीट भी नहीं खिला सकते हैं।”

कंगना ने पायल और जीशान की क्लास लगाते हुए दोनों को उनकी गलती का एहसास करवाया। उन्होंने कहा कि हलाल मीट पर बात को लेकर कंटेस्टेंट्स के बीच हेल्दी डिस्कशन होना चाहिए था, लेकिन दोनों के बीच गाली-गालौच हुआ। वह डिस्कस नहीं हुआ जो होना चाहिए था।

कंगना ने आगे कहा कि लॉक अप की टीम पायल रोहतगी की बातों से सहमत नहीं है। इतना ही नहीं पायल से उनका कैप्टन का पद भी छीन लिया गया। उनका नाम अगले हफ्ते शो से बाहर होने के लिए नॉमिनेट किया गया है। इसके बाद जब जीशान ने अपने आपको को सही साबित करने की कोशिश की तो ‘क्वीन’ की एक्ट्रेस ने कहा, “आपने भी हलाल मीट का समर्थन किया है। हमारे यहाँ एक गुरु आए थे, जो सबको गौमूत्र पीने के लिए कहते थे, हमने उन्हें भी इस बात के लिए रोका था।”

राजस्थान के करौली में इंटरनेट बंद, 4 पुलिस वाले सहित 43 घायल: हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर हमला, पुलिस कह रही – हालात काबू में

राजस्थान के करौली में हिन्दू नव वर्ष के जुलूस पर 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिंसा हुई। इसके बाद दुकानों में आगजनी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में पुष्पेंद्र नाम का एक युवक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है, उनके शरीर पर चाकू से हमले के निशान हैं। उपद्रवियों को काबू करते हुए पुलिस के 4 जवान भी घायल हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी तक कुल 43 लोग घायल हुए हैं।

प्रशासन ने अब तक लगभग 30 संदिग्ध उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। राजस्थान पुलिस के अनुसार अब हालात काबू में है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस को उपद्रवियों से सख्ती से निबटने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील भी की है।

“असामाजिक तत्व किसी भी धर्म में”: अशोक गहलोत

करौली की घटना पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, “असामाजिक तत्व किसी भी धर्म में हो सकते हैं। उनके चलते बेचारे निर्दोष और बेगुनाह लोग परेशान होते हैं। करौली में ये सभी धर्म के लोगों की जिम्मेदारी है कि वो निकल कर आएँ और शांति व्यवस्था कायम करने में हमारा सहयोग करें। मैंने गृह विभाग से मीटिंग करके ऐसे असमाजिक तत्वों को चिन्हित करने के आदेश दिए हैं।”

“हालत अब काबू में, न उड़ाएँ कोई अफवाह” : राजस्थान पुलिस

राजस्थान के ADG लॉ एन्ड आर्डर IPS हवा सिंह घुमरिया ने 2 अप्रैल (शनिवार) की रात में कहा, “करौली में हिन्दू नववर्ष पर बाईक रैली निकली थी। उस पर बाजार में पथराव हुआ। इसके बाद से दोनों तरफ से पथराव हुआ और कुछ आगजनी की भी घटनाएँ हुईं। इस पूरे विवाद में लगभग 2 दर्जन लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 1 की हालत गंभीर है। उसे जयपुर रेफर किया गया है। इस घटना के तुरंत बाद करौली में मौजूद फ़ोर्स के अलावा IG भरतपुर, IG कानून व्यवस्था करौली पहुँच गए हैं। बाहर से लगभग 600 फ़ोर्स के लोग हमने करौली के लिए रवाना किया है। अभी के हालात काबू में हैं।”

ADG लॉ एन्ड आर्डर ने आगे कहा, “करौली में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बात के सख्त निर्देश हैं कि उपद्रवी कोई भी हो, उसको किसी भी हालत में बख्शा न जाए। पुलिस मुख्यालय से एडिशनल DG और DIG क्राइम को करौली भेजा गया है। लगभग 50 की संख्या में DYSP और इंस्पेक्टर हमने करौली भेजे हैं। जिन दुकानों में आगजनी हुई थी, उन पर दमकल विभाग काबू पाने का प्रयास कर रहा है। करौली और प्रदेश की जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई ऐसा करता है तो उसकी जानकारी पुलिस को दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में हमारी मदद करें।”

DM का आदेश, “घर से न निकले कोई व्यक्ति”

करौली जिले के DM राजेंद्र सिंह शेखावत ने 2 अप्रैल (शनिवार) को शाम 6.30 पर कर्फ्यू का आदेश जारी करते हुए लिखा, “करौली नगर परिषद क्षेत्र में कर्फ्यू लगाना आवश्यक समझता हूँ। हालात को देखते हुए इसे बढ़ाया जा सकता है। यह कर्फ्यू 4 अप्रैल (सोमवार) रात 12 बजे तक लागू है। धारा 144 लागू कर दी गई है। सुरक्षाकर्मियों को छोड़ कर कोई भी अपनी घर की सीमा से बाहर न निकले। इस आदेश का पालन न करने वालों पर IPC की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

करौली जिले के DM का ऑर्डर

करौली में इंटरनेट बंद

एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में करौली जिले के DM और SP ने बताया, “करौली में इंटरनेट बंद कर दिया गया है। लगभग 30-32 लोगों को चोटें आई हैं। अभी 9 घायल स्थानीय अस्पताल में भर्ती हैं। 1 को जयपुर रेफर कर दिया गया है। लगभग 20-25 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद भेज दिया गया है। कर्फ्यूग्रस्त इलाकों में 3 SDM की तैनाती की गई है। लोगों से बातचीत कर के हालत को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।”

केंद्रीय मंत्री ने घटना को बताया साजिश

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस घटना को साजिश बताया है। उन्होंने लिखा, “हिंदू नववर्ष पर रैली निकालना किसी के लिए अप्रिय कैसे हो सकता है? करौली में हिंदू संगठनों पर पथराव इस महा दिवस की पवित्रता भंग करने का षड्यंत्र है। इसके पीछे नफरत की भावना भड़काने वाले लोग हैं।”

इस ट्वीट पर करौली पुलिस ने जवाब दिया, “स्थिति नियंत्रण में है। मौके पर उच्च अधिकारी मौजूद हैं। दोषियों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”

मुश्किल में घिरे PM इमरान खान ने पंजाब के राज्यपाल सरवर को हटाया: ब्रिटिश सांसदी छोड़ पाकिस्तान की राजनीति में रखा था कदम

पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) में राजनीतिक उठा-पटक के बीच अविश्वास प्रस्ताव के संकट से जुझ रहे प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Imran Khan) ने पंजाब के राज्यपाल चौधरी मोहम्मद सरवर (Chaudhary Muhammad Sarwar) को उनके पद से हटा दिया है। नए राज्यपाल की घोषणा बाद में की जाएगी, तब तक डिप्टी स्पीकर ही कार्यवाहक राज्यपाल रहेंगे। पाकिस्तान का संविधान यही कहता है।

इमरान खान ने यह कदम तब उठाया, जब नेशनल एसेंबली में उनकी सरकार के खिलाफ मतदान की प्रक्रिया चल रही है। वहीं, पंजाब विधानसभा में उस्मान बुजदार के इस्तीफा देने के बाद सदन के नए नेता चुनाव करने के लिए विधानसभा की अगले कुछ घंटों में बैठक होनी थी।

राज्यपाल को हटाने की घोषणा इमरान खान की सरकार में सूचना मंत्री फवाद खान ने ट्विटर के जरिए की। हालाँकि, राज्यपाल को हटाने के उन्होंने कोई कारण नहीं बताया, लेकिन माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा में भी बहुमत साबित करने की प्रक्रिया चल रही है और इसी प्रभावित करने की उन्होंने कोशिश की है।

ट्वीट में फवाद चौधरी ने लिखा, “केंद्र सरकार ने पंजाब के राज्यपाल चौधरी मोहम्मद सरवर को उनके पद से हटा दिया है। पंजाब के नए राज्यपाल की घोषणा बाद में की जाएगी। संविधान के अनुसार डिप्टी स्पीकर कार्यवाहक राज्यपाल होगा।”

सरवर ब्रिटिश सांसद रह चुके हैं और साल 2013 में उन्होंने ग्लासगो के अपने राजनीतिक जीवन को छोड़कर पाकिस्तान आ गए थे। यहाँ आकर उन्होंने पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) शामिल हो गए थे। साल 2013 के आम चुनावों और पंजाब के विधानसभा चुनावों में पार्टी की जीत के बाद उन्हें पंजाब का राज्यपाल बनाया गया था।

साल 2015 में उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफा देकर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) में शामिल हो गए थे और सितंबर 2018 में दोबारा राज्यपाल बने थे। हालाँकि, अब सरवर ने बागी रूख अपना लिया है। इसी कारण इमरान खान ने उन्हें पद से हटा दिया।

बताया जा रहा है कि सरवर को परवेज इलाही की माँग पर बर्खास्त किया गया है। इलाही का कहना है कि सरवर विपक्षी दल हमजा शाहबाज के लिए प्रचार कर रहे थे। परवेज इलाही ने इसको लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान को फोन किया था और इमरान खान ने राष्ट्रपति को पंजाब के राज्यपाल को बर्खास्त करने का सुझाव दिया। कहा जा रहा है कि सरवर परवेज इलाही का विरोध कर रहे थे।

पंजाब के विधानसभा में कुल 371 सीटें हैं और सरकार को बहुमत के लिए 186 सीट चाहिए। इस दौरान इमरान खान की पार्टी के बागी नेताओं ने विपक्ष दलों को समर्थन का एलान कर दिया है। विपक्ष ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग- नवाज (PML-N) के नेता हमजा शाहबाज को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। शाहबाज को जहाँगीर तारीन गुट ने भी समर्थन दिया है।

वहीं, इमरान खान की पार्टी PTI अपने सहयोगी दल ‘पाकिस्तान मुस्लिम लीग-कायदे (PML-Qu)’ के नेता चौधरी परवेज इलाही को समर्थन दे रही है। इलाही पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष हैं और उनकी पार्टी केंद्र एवं पंजाब में इमरान खान की साझेदार भी है। नेशनल असेंबली में इलाही की पार्टी के पाँच सदस्य हैं।

दूसरी तरफ, इमरान खान का प्रधानमंत्री पद खतरे में दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में कुल 342 सीटें हैं। अपनी सरकार बचाने के लिए इमरान खान को 172 वोटों की जरूरत है। तमाम विपक्षी दलों के साथ आ जाने और उनकी पार्टी के बागी नेताओं द्वारा उन्हें समर्थन जाहिर करने के बाद यह आंकड़ा पार करना इमरान खान के लिए टेढ़ी खीर बन गया है।

यूपी में ‘बाबा के बुलडोजर’ का खौफ: रामपुर में एहसान मियाँ ने अपना अवैध घर गिराने के लिए प्रशासन से किया आग्रह, कहा- सरकारी जमीन का हुआ है अतिक्रमण

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM yogi Adityanath) की सख्त कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। आए दिन किसी ना किसी अपराधी के घरों पर बुलडोजर चलते रहा है। ऐसे में रामपुर के एक व्यक्ति ने ‘बाबा के बुलडोर’ के डर से खुद ही आवेदन देकर अपने घर के अवैध हिस्से को गिराने का आग्रह अधिकारियों से किया है।

यूपी के रामपुर में रहने वाले एक शख्स ने सब-डिवीजनल मजिस्ट्रेट (SDM) अशोक चौधरी के समक्ष आवेदन देकर कहा है कि उसके घर एक हिस्सा अवैध है और उसे गिरा दिया जाए। एहसान मियाँ नाम के 40 वर्षीय शख्स ने अपने आवेदन में कहा कि उसके घर का कुछ हिस्सा एक सूखे हुए तालाब और कब्रिस्तान की जमीन पर बना है। ये दोनों सरकार की संपत्ति हैं।

एहसान मियाँ का कहना है कि जिस घर को लेकर उन्होंने आवेदन दिया है, उसमें उनका परिवार करीब दो पीढ़ियों से रह रहा है। एहसान का कहना है, हमारे प्लॉट मैप में मैंने पाया कि वक्फ और सरकार की संपत्ति पर हमारा घर अवैध रूप से बनाया गया है। इसलिए मैंने इसे ध्वस्त करने लिए आवेदन दिया है।”

वहीं, रामपुर के एसडीएम चौधरी का कहना है कि रामपुर जिले के शाहाबाद तहसील में आने वाले मित्रपुर एहरोला गाँव में कई घर सूखे तालाबों और कब्रिस्तानों की जमीन पर बने हैं। चौधरी का कहना है कि हाल में प्रशासन ने गाँव का सर्वे किया था, जिसमें पाया गया कि इस तरह के कुछ कब्जे किए गए हैं। ऐसे में कार्रवाई के लिए प्रशासन ने नोटिस भेजा है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, शाहबाद के तहसीलदार दिनेश कुमार ने बताया कि मित्रपुर एहरोला गाँव लगभग 200 हेक्टेयर में फैला हुआ है और यहाँ यहाँ 50 से अधिक वर्षों से रह रहे हैं। दिनेश कुमार का कहना है कि एसडीएम ने मिली जानकारी के आधार पर वे सरकारी जमीन को खाली कराने के लिए कदम उठाएँगे और इस कार्रवाई से लगभग 50 परिवार प्रभावित हो सकते हैं।

तहसीलदार दिनेश कुमार यह भी कहा कि इन परिवारों में कुछ लोग बेहद गरीब हैं और उनके पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं है। ऐसे में इन गरीब परिवारों को घर बनाने के लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने के फैसला किया है।

एहसान मियाँ के इस कदम के बाद गाँव में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले दूसरे परिवार भी सरकार की नजर में आ गए हैं। गाँव के लोग उनसे नाराज बताए जा रहे हैं। ऐसे में उन्होंने स्थानीय प्रशासन से सुरक्षा की माँग की है।