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दिल्ली दंगा में उमर खालिद को नहीं मिली जमानत, वकील ने कहा था – पुलिस की चार्जशीट मनोज वाजपेयी-सामंथा की वेब सीरीज जैसी

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में JNU के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया है। दिल्ली की अदालत ने फरवरी 2020 में हुए दंगों को लेकर गुरुवार (24 मार्च, 2022) को ये फैसला सुनाया। उमर खालिद के खिलाफ इस घटना को लेकर बड़ी साजिश रचने का आरोप है और उस पर IPC के साथ-साथ UAPA के तहत भी मामला चल रहा है। अभी वो जेल में है।

उमर खालिद को 13 सितम्बर, 2022 को गिरफ्तार किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने इस महीने की शुरुआत में ही अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है। उमर खालिद की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पैस ने पैरवी की, वहीं स्पेशल प्रॉसिक्यूटर अमित प्रसाद पुलिस की तरफ से पेश हुए। उमर खालिद की तरफ से पैरवी की गई कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बनावटी चार्जशीट पेश की है।

साथ ही उसके वकील ने दावा किया कि उमर खालिद के खिलाफ सभी आरोप ‘रिपब्लिक टीवी’ और ‘न्यूज़ 18’ जैसे खबरिया चैनलों के वीडियो क्लिप्स पर आधारित हैं, जिसने उन बयानों को गलत तरीके से पेश किया है। महाराष्ट्र के अमरावती में फरवरी 2020 में उमर खालिद ने वो भाषण दिया था। उमर खालिद के वकील का दावा है कि उनके मुवक्किल ने उस दिन शांति और भाईचारा की बात की थी, जिसे CNN-News18 ने नहीं दिखाया।

वकील ने ये भी दावा किया कि पुलिस की पूरी की पूरी चार्जशीट मनोज वाजपेयी और सामंथा की वेब सीरीज ‘फैमिली मैन’ की तरह दिख रही है। साथ ही दावा किया कि उसे बिना किसी सबूत के देशद्रोही बता दिया गया। साथ ही कहा गया कि गवाहों के बयान एक-दूसरे को काटते हैं और इसके समर्थन में कोई सबूत नहीं है। वकील पैस ने बताया कि उन्होंने हाल ही “The Trial of Chicago 7” देखी, जिसमें सरकार और पुलिस पहले ही एक व्यक्ति को फँसाने की योजना बना चुकी होती है।

मस्जिद के पास नाबालिग से गैंगरेप की कोशिश: सरफराज, हैदर, हसीब और आकिब की करतूत, कहा – ‘आज बलात्कार के के ही छोड़ेंगे’

बिहार के मुंगेर जिले के तारापुर थाना क्षेत्र में नमाज पढ़ने जा रही एक नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। यह घटना गाँव के एक मस्जिद के पास घटी। बताया गया कि उसके साथ गैंगरप करने का भी प्रयास किया गया, हालाँकि पीड़िता की शोर सुनकर जमा हुए परिजनों और लोगों को देख आरोपित फरार हो गए। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में सरफराज, हैदर, हसीब व आकिब को आरोपित बनाया है।

उसने बताया कि वह नमाज पढ़ने के लिए अपनी नानी के घर से अपने घर जा रही थी। रास्ते में एक मस्जिद आता है। जब वह इसके पास से गुजर रही थी तो सरफराज, हैदर, हसीब व आकिब ने उसे घेर लिया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगे। इतना ही नहीं उनलोगों ने उसे जमीन पर पटक दिया और रेप करने की कोशिश की। इसके साथ ही उसके भाई को भी जान से मारने की धमकी दी।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जब पीड़िता ने विरोध किया और शोर मचाने लगी तो हैदर ने उसका मुँह दबा दिया और बोला, “जैसा बोलते हैं वैसा करो नहीं तो तुम्हारे भाई को जान से मार कर फेंक देंगे। आज तुम्हारे साथ दुष्कर्म करके ही छोड़ेंगे।” इसके बाद हैदर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज करने लगा। पीड़िता का घर पास में ही था तो शोर-शराबे सुनकर उसके घरवाले और गाँव वाले इकट्ठे हो गए, जिसे देखकर चारों आरोपित मौके से फरार हो गए। हालाँकि पुलिस का कहना है क मामले की जाँच की जा रही है। आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले दिनों बिहार के सीतामढ़ी जिले में मौलवी तबरेज ने अपने मदरसे में पढ़ने के लिए आई नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया था। इसके अलावा पटना के मनेर थाने की सीमा के अंतर्गत आने वाले मदरसे में पढ़ने वाली नाबालिग लड़की के साथ शाहबाज रजा नाम के मौलवी ने रेप का प्रयास किया था। 

केरल सरकार की रेल परियोजना से भड़के लोग, सर्वेक्षण पत्थरों को उठा-उठा कर तालाब में फेंका: पूरे राज्य में प्रदर्शन

पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार की सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना को लेकर खासा विवादों में है। इस परियोजना के खिलाफ राज्‍य में कई राजनीतिक दलों का प्रदर्शन जारी है। केरल सरकार की विवादास्पद रेल परियोजना को आगे बढ़ाने के विरोध में राज्य के कई लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार (23 मार्च 2022) को एर्नाकुलम (Ernakulam) जिले के छोटानिकारा (Chottanikkara) में इस परियोजना का विरोध करने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी के कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग एकजुट हुए।

प्रदर्शनकारियों ने परियोजना के लिए रखे गए सर्वेक्षण पत्थरों (Survey Stones) को उखाड़कर पास के एक तालाब में फेंक दिया। इस दौरान वहाँ पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, लेकिन वे भी प्रदर्शनकारियों को नहीं रोक पाए।

इससे पहले कोझिकोड और कोट्टायम में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए थे। बीते कुछ दिनों से विपक्ष ने सेमी हाई-स्पीड परियोजना को लेकर केरल सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। इसी एवज में विपक्षी दलों ने केरल विधानसभा के बजट सत्र को बाधित किया और सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया था।

क्या है के-रेल या सिल्वर लाइन परियोजना

केरल सरकार की महत्वाकांक्षी हाई-स्पीड रेल परियोजना ने राज्य में सबसे बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल को जन्म दे दिया है। शुरू से ही विवादों में रही इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री विजयन भले ही बड़े-बड़े दावे करें जैसे कि यह प्रोजेक्‍ट केरल के दो छोरों को जोड़ेगा, यात्रा में कम समय लगेगा। इसके बावजूद विपक्ष को उनकी यह परियोजना फूटी आँख नहीं सुहा रही है।

केरल सरकार के अनुसार, के-रेल या सिल्वर लाइन परियोजना के शुरू होने से तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक यात्रा में लगने वाले समय में चार घंटे तक कमी आने की उम्मीद है। तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक इस परियोजना की कुल लंबाई 529.45 किमी तक विकसित की जाएगी। पिनाराई विजयन सरकार का यह भी दावा है कि इस परियोजना से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। हालाँकि, हाई-स्पीड रेलवे परियोजना को राज्य में कड़े विरोध का सामना करना पड़ा है, क्योंकि इस परियोजना से लगभग 30000 लोगों के विस्थापित होने और पर्यावरण को गंभीर क्षति होने की उम्मीद है। वहीं, सरकार ने यह कहते हुए परियोजना का बचाव किया है कि इससे अगली पीढ़ी को लाभ होगा और राज्य का आर्थिक विकास होगा।

बता दें कि सिल्वर लाइन ट्रेन तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच अपनी 530 किलोमीटर की यात्रा पर कोल्लम, चेंगन्नूर, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, तिरूर, कोझीकोड और कन्नूर में रुकेगी। इस बीच, विपक्ष ने आरोप लगाया है कि इस परियोजना से केरल पर आर्थिक बोझ पड़ेगा।

गणेश की पीट-पीटकर हत्या की तस्वीरें, दावा- जफर को हिंदू संगठन के लोगों ने मार डाला

सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो वायरल है। इसमें सैंकड़ों की भीड़ कुछ युवकों को पीटती दिख रही है। कुछ यूजर्स दावा कर रहे हैं कि ये यूपी के कौशांबी की है और पीड़ितों में एक का नाम जफर है जिसे हिंदू संगठन की भीड़ ने पीट-पीट कर मारा डाला। घटना के आधार पर योगी सरकार से सवाल किए जा रहे हैं कि क्या ये है सबका साथ सबका विकास?

अब इस वीडियो के साथ होते दावे बिलकुल ऐसे हैं जैसे घटना वर्तमान की हो। जब ये वीडियो ऑपइंडिया के पास आई तो हमने इसे लेकर होते दावों की प्रमाणिकता जाँचने के लिए कौशांबी पुलिस और यूपी पुलिस का ट्विटर खंगाला। इस क्रम में हमें शुरुआत में ही खबर और इसके दावों की सच्चाई पता चल गई।

देख सकते हैं कि वायरल वीडियो पर यूपी पुलिस की फैक्ट चेक टीम ने जानकारी दी हुई है कि वायरल वीडियो यूपी का नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के जनपद धार का है। यूपी पुलिस की फैक्ट चेक टीम ने जहाँ अपील की कि ऐसी अफवाहें न फैलाई जाएँ। वहीं कौशांबी पुलिस ने ट्वीट में लिखा, “वर्ष 2020 में थाना मनावर जनपद धार, मध्य प्रदेश में घटित घटना के वीडियो को जनपद कौशाम्बी का वीडियो बताकर, उसको वायरल कर भ्रामक खबर फैलाने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।”

क्या थी पूरी घटना, जहाँ मारा गया गणेश

अब बात करें इस पूरी घटना की तो हमने यूपी पुलिस द्वारा मुहैया जानकारी पर 2 साल पहले की रिपोर्ट्स को खंगाला और पाया कि भीड़ ने बच्चा चोरी की अफवाह सुनने के बाद युवकों को मारना शुरू किया। और जैसा कि आज के दावे हैं कि दो युवक पीटे गए…पुरानी रिपोर्ट्स बताती हैं कि भीड़ ने 6 लोगों को पकड़ा था। जहाँ ज्यादा पीटे जाने से 1 की मौत हो गई और पाँच गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

पुलिस ने इस मामले में बताया था कि पूरा मामला पैसों की लेन-देन का था। जहाँ 100 से ज्यादा लोगों ने गाँव में आए लोगों को पीटा। कथिततौर पर गाँव में रहने वाले कुछ मजदूरों ने इन लोगों से एडवांस पैसे ले लिए थे और इनके यहाँ काम करने नहीं आते थे। पुलिस का कहना था कि जो लोग पीटे गए उन्हें पैसे वापस करने के नाम पर बुलाया गया और फिर उनकी गाँव में पिटाई हुई। घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिन पर हमला किया गया वे सब लोग किसान थे और उज्जैन जिले के लिंबी पिपलिया गाँव से थे। इन्होंने कुछ लोगों को अपने खेतों में काम करने के लिए रखा लेकिन कुछ दिन बाद काम पर आना बंद कर दिया। जब बात हुई तो इन्हें पैसे लेने गाँव बुलाया गया, मगर वहाँ पैसे देने की बजाय इन्हें बच्चा चोर बताकर इनसे मारपीट शुरू हो गई। इसके बाद इन्हें दौड़ा-दौड़ा कर बेरहमी से पीटा गया। मारे गए व्यक्ति की पहचान शिवपुर खेड़ा गाँव के गणेश खासी के तौर पर हुई थी। इसके अलावा बाकी अन्य भी पिपलिया के थे और एक शिवपुर खेड़ा का था।

बीबीसी की रिपोर्ट में प्रकाशित मृतक का नाम

 

चाय के ₹4 माँगने पर बरेली में ढाबा मालिक की चाकुओं से गोदकर हत्या: मुनव्वर, मोजिम और मुशर्रफ गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली में ढाबा मालिक सेवाराम गंगवार की हत्या मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मुनव्वर खान (42 वर्ष), मोजिम खान (30 वर्ष) और मुशर्रफ खान (31वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू और वाहन को भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में पता चला कि चाय के लिए 4 रुपए अधिक माँगने को लेकर हत्या की गई।

जानकारी के मुताबिक सेवाराम गंगवार फतेहपुर पश्चिम का रहने वाला था। वह दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे के पास ढाबा चलाता था। 11 मार्च को मुनव्वर, मोजिम और मुशर्रफ चाय पीने के लिए ढाबे पर आए थे। चाय पीने के बाद उन्होंने 16 रुपए दिए, लेकिन गंगवार ने उनसे नई रेट लिस्ट के हिसाब से 4 रुपए और, यानी 20 रुपए देने के लिए कहा। इसी बात को लेकर उनके बीच बहस हो गई जिसके बाद सेवाराम ने उन्हें वहाँ से जाने के लिए कहा।

उस वक्त तीनों वहाँ से चले गए, लेकिन अगले दिन फिर से ढाबे पर आए। इस दौरान उन्होंने इस तरह का दिखावा किया कि उन्हें अपने किए पर काफी पछतावा है और वे माफी माँगने आए हैं। सेवाराम भी बातों में आ गए। इसके बाद तीनों शराब पीने के लिए सेवाराम को साथ ले गए। इसी दौरान मौका पाकर मुनव्वर, मोजिम और मुशर्रफ ने चाकू से गोदकर सेवाराम की हत्या कर दी और शव को फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के पास एक खेत में फेंक दिया।

एसएसपी बरेली रोहित सिंह सजवान ने बताया, “हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार और शव को फेंकने के लिए इस्तेमाल किए गए वाहन को बरामद कर लिया है। आरोपितों ने कबूल किया है कि अपराध शराब के नशे में किया गया था।” वहीं मुनव्वर ने पुलिस को बताया, “जब हमने बढ़ी हुई कीमत का भुगतान करने से इनकार कर दिया, तो उसने दुर्व्यवहार किया और हमें धमकी दी। हमें अपमान महसूस हुआ। अगले दिन हमने बदला लेने और उसे मारने का फैसला किया।” पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।

मर गई वह बिल्ली जिसने महाराष्ट्र में गुल करवाई बिजली, 8 घंटे तक 60000 लोग अंधेरे में रहे

महाराष्ट्र (Maharashtra) में पुणे जिले के पास पिंपरी-चिंचवड (Pimpri Chinchwad) में एक बिल्ली की वजह से 60000 लोगों को भीषण गर्मी में बिना बिजली के करीब 8 घंटे तक रहना पड़ा। बिजली विभाग (MSEDCL) के अधिकारियों के मुताबिक, एक बिल्ली बुधवार (23 मार्च 2022) को ट्रांसफार्मर पर चढ़ गई थी, जिससे तकनीकी खराबी आ गई। इसकी वजह से पिंपरी-चिंचवड के भोसरी, अकुर्दी और आसपास के इलाकों में सुबह 6 बजे बिजली गुल हो गई थी। इन इलाकों में दोपहर करीब 2 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो पाई।

एसईडीसीएल की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ट्रांसफार्मर पर चढ़ने के कारण बिल्ली की मौत हो गई। एक अधिकारी ने कहा कि बिजली गुल होने से कम से कम 60000 लोगों को परेशानी हुई। ऐसे में वैकल्पिक बिजली सब-स्टेशनों का इस्तेमाल कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भोसरी एमआईडीसी (औद्योगिक क्षेत्र) में 220 केवी का सब-स्टेशन है। महाट्रांसको अधिकारी (Mahatransco Officer) ज्योति चिप्टी ने कहा, “बुधवार को सुबह करीब साढ़े पाँच बजे एक बिल्ली ट्रांसफार्मर पर चढ़ गई, जिससे शॉर्ट सर्किट हो गया। इस वजह से 100 एमवीए (MVA) के ट्रांसफर्मर में सुबह 6 बजे से खराबी आ गई। इसके बाद इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से बात कर हमने लोड शेडिंग शुरू की गई। अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग वक्त पर लोड शेडिंग की गई।”

इस बीच, महाट्रांसको की ओर से ट्रांसफार्मर की मरम्मत जारी है। यदि ट्रांसफार्मर पूरी तरह से खराब पाया जाता है, तो उसे बदलने में कम से कम दो से तीन दिन का समय लगेगा। इसलिए, महाट्रांसको के 220 केवी सब-स्टेशन में वर्तमान में चल रहे केवल 75 एमवीए क्षमता के बिजली ट्रांसफार्मर से किसी तरह बिजली सप्लाई की जा रही है। ऐसे में सारा लोड दूसरे ट्रांसफर्मर पर आने से कहीं दूसरी समस्या ना खड़ी हो जाए, इसलिए लोड शेडिंग का उपाय अपनाया जा रहा है। स्थानीय लोग जल्द नया ट्रांसफर्मर लगने का इंतजार रहे हैं।

बता दें कि महाराष्ट्र में गर्मी बढ़ने की वजह से बिजली की खपत भी बढ़ गई है। ऐसे में एक ट्रांसफर्मर पर ही सारा लोड आ गया है। इसलिए बिजली उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे कम से कम बिजली का इस्तेमाल करें। सरकारी बिजली कंपनी महाट्रांसको ने इस असुविधा के लिए उपभोक्ताओं से खेद व्यक्त किया है।

भगवा दुपट्टा ओढ़कर ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने पहुँची थीं महिलाएँ, थिएटर में एंट्री से पहले उतारने को कहा: नासिक की घटना

महाराष्ट्र के नासिक में एक सिनेमा हॉल में बुधवार (23 मार्च 2022) को ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने पहुँची महिलाओं के साथ झड़प की घटना सामने आई है। दरअसल इन महिलाओं ने भगवा दुपट्टा ओढ़ रखा था, जिसे थिएयटरकर्मियों ने हॉल में प्रवेश करने से पहले उतारने के लिए कहा। महिलाओं ने इस बात पर आपत्ति जताई और मामला हाथापाई तक पहुँच गया। हालाँकि पुलिस इंस्पेक्टर प्रमोद चौहान ने बताया कि सिनेमा हॉल में जो विवाद हुआ था वह बाद में समाप्त हो गया। अब सब कुछ सामान्य है।

एक महिला ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया,“महिला मंडल की सभी महिलाओं ने भगवा रंग का दुपट्टा पहन रखा था, लेकिन उन्होंने गेट पर हमारे दुपट्टे उतरवा दिए।” वहीं एक अन्य महिला ने बताया, “महिलाओं ने द कश्मीरी फाइल्स दिखाने वाला एक ग्रुप ज्वाइन किया था। चूँकि इस ग्रुप के पास पहचान के लिए कोई बैज या प्रतीक नहीं था तो ग्रुप के हिस्से के रूप में पहचान के तौर पर भगवा दुपट्टा सबको दिया गया था। इसके अलावा इसके पीछे कोई और मकसद नहीं था।”

इससे पहले महाराष्ट्र के ही अमरावती शहर में फिल्म से जुड़ा एक विवाद सामने आया था। बाद में इस मामले में 15 युवकों को गिरफ्तार भी किया गया था। उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ रिलीज होते ही देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म हर दिन कमाई के नए आँकड़े छूती नजर आ रही है।

फिल्म की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए देश के कई राज्यों ने इस फिल्म को टैक्स फ्री भी घोषित कर दिया है। इन राज्यों में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, हरियाणा, बिहार, गोवा, त्रिपुरा आदि शामिल हैं। यह फिल्म देश के प्रधानमंत्री से लेकर कई जानी-मानी हस्तियों की तारीफ भी हासिल कर चुकी है। फिल्म में दिग्गज एक्टर अनुपम खेर, मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी और दर्शन कुमार जैसे सितारे अहम किरदारों में नजर आ रहे हैं। यह 90 के दशक में कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार की कहानी बयाँ करती है।

‘बहन-बेटी-बीवी-अम्मी… सबको कमरे में बंद कर जला डाला’: बीरभूम के पीड़ित ने कहा- TMC नेता अनारुल हुसैन ने रची साजिश

पश्चिम बंगाल के बीरभूम में 8 लोगों की निर्मम हत्या के बाद अब पूरा देश ममता सरकार से सवाल कर रहा है। पीएम मोदी द्वारा घटना पर दुख जताने और कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा राज्य सरकार से रिपोर्ट माँगने के बीच आज बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घटनास्थल पर लोगों से मिलने जाएँगी। उनकी पार्टी समर्थकों पर ही इस पूरी हत्या को अंजाम देने के इल्जाम हैं। वहीं राज्य पुलिस पर सही समय पर मदद न करने के आरोप हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में पीड़ितों के हवाले से बताया गया है कि वारदात को जब अंजाम दिया गया तब महिलाओं और बच्चे डर से एक कमरे में बंद हो गए थे, लेकिन हमलावरों ने ये जानते हुए भी कमरे में आग लगा दी। पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि उनके घर के 8 नहीं बल्कि 10 लोग सोमवार रात जलाकर मारे गए और पुलिस ने शव उन्हें देने की बजाय रात-रात में गाँव में दफना दिए।

रिपोर्ट के अनुसार मिहिलाल शेख ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया “हमारे परिवार के सदस्य, महिलाएँ, बच्चे, हमारी बेटी और दामाद जो हमसे मिलने आए थे, सभी एक कमरे में छिप गए थे, जो घर में सबसे मजबूत था। फिर भी हमलावरों ने उस कमरे में आग लगा दी, उसमें छिपे सभी लोग जलकर मर गए। मेरा परिवार खत्म हो गया है, केवल राख रह गई है। मैं बात करने की भी स्थिति में नहीं हूँ।” 

मिहिलाल के मुताबिक, जलाकर मारे गए लोगों में उनकी पत्नी रौशनारा बीबी और उनकी 8 साल की बेटी, उनकी अम्मी नूर नेहर बीबी, बहन रुपाली बीबी, भाई की बीवी जेहनारा बीबी, उनकी बेटी मारिजाना और उनके पति काजी सजीदुर रहमान थे। मिहिलाल की बेटी 5 वीं क्लास की छात्रा थी जबकि मारिजाना का निकाह अभी हाल में हुआ था। वह बीरभूम के ननौर में रहती थी और सोमवार को अपने घर आई थी।

सजीदुर के पिता काजी नुरुल जमाल कहते हैं, “सजीदुर और मारिजाना ने सोमवार को बताया था कि वो लोग पहुँच गए हैं। रात में मेरे बेटे ने अपने दोस्त को फोन किया और कहा कि यहाँ कुछ ठीक नहीं है वो पुलिस को फोन करें। इसके बाद हमने अपने बेटे से संपर्क करने का प्रयास किया पर बात नहीं हुई। सुबह पता चला कि वो मर गए। मैं बस दोषियों को फाँसी देने की माँग करता हूँ।”

बता दें कि, घटनास्थल से बरामद सारे शव बुरी तरह जल गए हैं। अगर किसी शव की शिनाख्त हो सकी है तो वो मीना बीबी का है। मिहिलाल से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मीना बीबी दूर के रिश्तेदार फातिख शेख की पत्नी हैं। वह अपने दो पोते के साथ बगल के घर में रहती थीं, जिनकी उम्र 4 और 6 साल थी। मीना ने अस्पताल में दम तोड़ दिया, लेकिन बच्चों का कोई पता नहीं चला। वे कहाँ गए? या, उनके शरीर कहाँ गए?”

मिहिलाल शेख, जो अब डर के कारण घर से दूर रह रहे हैं। उन्होंने पूरी घटना को याद करते हुए कहा कि हमलावरों ने पहले उनके घर पर हमला किया। उन्होंने बताया उस समय वह घर के बाहर ही थे जब सोमवार सुबह आवाज आई कि उप-प्रधान को मार दिया गया। वह कहते हैं, “हर कोई घबरा गया। फिर हमें गाँव में बम के बारे में पता चला । सारे लोग कमरे में छिप गए। बम घर के पास आकर गिरा इसलिए मैं और मेरा भाई बनीरुल घर के अंदर नहीं जा पाए। हमलावरों ने घर तोड़ा फिर कमरे को निशाना बनाया। हमने उन्हें गेट तोड़ने की कोशिश करते देखा। हमें चीखें सुनाई गईं। फिर हमें आग दिखी। मुझे लगता है कि पहले मेरे परिजनों को मारा गया। फिर उन्हें जलाया गया। लेकिन मैं इसे लेकर पक्का नहीं हूँ।”

उप-प्रधान को मारने वाले आरोपों को मिहिलाल शेख और उनके भाई द्वारा नकारा गया। वह बोले कि वो लोग बस टीएमसी समर्थक हैं। ऐसा करने की सोच भी नहीं सकते। उप-प्रधान टीएमसी के थे और नेता थे। उन्होंने टीएमसी ब्लॉक प्रधान अनारुल हुसैन पर इस हमले की साजिश का इल्जाम मढ़ा। हालाँकि अनारुल हुसैन द्वारा ये इल्जाम नकार दिए गए। वहीं पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके परिजनों के शव को दफनाने से पहले एक बार बात भी नहीं की गई।

मुस्लिम प्रेमिका से मिलने गया था 20 साल का धोनीस्वरन, रेलवे ट्रैक पर मिली लाश; हाथ-पैर कटे थे: तमिलनाडु की घटना

तमिलनाडु (Tamil Nadu) के तिरुत्तानी (Tiruttani) में अपनी मुस्लिम प्रेमिका से मिलने गए एक कॉलेज छात्र की रेलवे ट्रैक पर लाश मिली है। पुलिस ने बुधवार (23 मार्च 2022) को बताया कि मृतक की पहचान सिंगरजापुरम कॉलोनी के रहने वाले 20 वर्षीय धोनीस्वरन के रूप में हुई है। मंगलवार रात को उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। उसके हाथ-पैर कटे हुए थे।

पुलिस ने आगे बताया कि सेनेटरी इंस्पेक्टर का कोर्स कर रहा छात्र एक मुस्लिम लड़की (Muslim Girl) से प्यार करता था। लड़की के माता-पिता और रिश्तेदार इस रिश्ते के खिलाफ थे। मृतक छात्र के माता-पिता ने तिरुत्तानी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले की हर एंगल से जाँच जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को शक है कि लड़के की मौत की साजिश लड़की के रिश्तेदारों ने रची होगी, क्योंकि वह उनसे मिलने गया था। रेनीगुंटा से चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन के चालक ने पुलिस को बताया कि एक व्यक्ति ने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने के लिए जाँच शुरू कर दी है कि क्या वह व्यक्ति धोनीस्वरन ही था।

फिलहाल पुलिस ने मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए लड़की के कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जाँच कर रही है कि क्या धोनीस्वरन ने आत्महत्या की थी। तिरुत्तानी पुलिस थाने के प्रभारी ने बताया कि जाँच जारी है और वह अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

बता दें कि मुस्लिम लड़की से प्यार करने वालों हिंदुओं के साथ इस तरह की कई घटना सामने आई है। पिछले वर्ष अक्टूबर में ​कर्नाटक के बीजापुर (Vijayapura) में एक मुस्लिम महिला से रिश्ते के कारण हिन्दू युवक रवि निम्बारगी की हत्या का मामला सामने आया था। आरोपित मुस्लिम महिला के परिवार वाले थे। घर से सामान खरीदने निकले रवि की लाश 23 अक्टूबर को एक खेत के कुएँ से मिली थी। बाद में यह बात सामने आई कि गला दबाकर हत्या किए जाने के बाद उसकी लाश कुएँ में फेंक दी गई थी।

ट्रेन के सामने लड़के को कूदता देख पुलिसकर्मी ने लगा दी जान की बाजी: अगले 3 सेकेेंड में वहाँ से धड़धड़ाते गुजर गई ट्रेन, वीडियो आया सामने

महाराष्ट्र में ठाणे (Thane, Maharashtra) में आत्महत्या के लिए ट्रेन के सामने कूदे एक शख्स को बचाने के लिए पुलिसकर्मी ने अपनी जान की बाजी लगा दी। जिस वक्त युवक ट्रेन के आगे कूद उस वक्त ट्रेन तेज रफ्तार से पटरी की ओर आ रही थी। लेकिन इस जांबाज पुलिसकर्मी ने अपनी जान की चिंता किए बिना शख्स की दौड़ पड़ा और उसके ठीक 3 सेकेंड बाद वहाँ से ट्रेन गुजर गई।

घटना बुधवार (23 मार्च) दोपहर करीब 2:30 बजे की है। ठाणे के विट्ठलवाड़ी रेलवे स्टेशन पर 35 वर्षीय सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) का कॉन्स्टेबल आती हुई ट्रेन के सामने ट्रैक पर कूद गया और एक 18 साल के युवक को बचा लिया। बताया जा रहा है कि यह युवक आत्महत्या के उद्देश्य से पटरी पर कूदा था। दोनों में किसी को कोई चोट नहीं आई है।

पुलिस ने बताया कि कि जिस किशोर को बचाया गया है, वह कल्याण का रहने वाला है और बेहद डरा हुआ है। उसने अभी तक यह नहीं बताया है कि उसने आत्महत्या करने की कोशिश क्यों की। पुलिस का कहना है कि मामले को समझने के लिए लड़के के माता-पिता को बुलाया गया है। उनसे लड़के बारे में जानकारी हासिल कर मामले के तह में जाने की कोशिश की जाएगी।

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, GRP के अधिकारी ने बताया, “जब लोकमान्य तिलक टर्मिनस रेलवे स्टेशन- मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन आ रही थी, तब युवक प्लेटफॉर्म के किनारे पर खड़ा था। कॉन्स्टेबल माने ने उसे पीछे हटने के लिए कहा और आगे बढ़ गया। ट्रेन प्लेटफॉर्म के पास आ रही थी, इसलिए उसने इस बात की पुष्टि करने के लिए मुड़ा कि वह लड़का पीछे हटा या नहीं तो उसने देखा कि किशोर पटरियों पर कूद गया था। माने वापस दौड़ा और वह भी कूद गया।”

घटना के सामने आए सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि पुलिसकर्मी द्वारा किशोर को पटरियों से दूर धकेलने के तीन सेकंड बाद एक्सप्रेस ट्रेन स्टेशन पार कर गई। इस तरह उसने एक किशोर की जिंदगी बचा ली।