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मुनव्वर फारूकी ने बताया क्यों कंगना के ‘Lock Upp’ में हुए कैद: समर्थकों से ही सुन रहा है खरी-खोटी, पुराने ट्वीट्स भी हो रहे वायरल

ऑल्ट बालाजी (Alt Balaji) पर 27 फरवरी 2022 से शुरू होने वाले एकता कपूर (Ekta Kapoor) के Lock Upp शो में दूसरे प्रतिभागी के रूप में स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी का नाम सामने आने के बाद से ही कई सवाल उठने लगे हैं। ये वही मुनव्वर फारूकी है, कॉमेडी के नाम पर हिन्दू विरोध परोसता आया है। सबसे मजेदार बात है इस शो की होस्ट कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हैं। यहीं से विवादित बयानों वाले फारूकी के इस शो से जुड़ने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हैं क्योंकि दोनों लोगों के बीच छत्तीस का आँकड़ा है।

वहीं इस शो में पार्टिसिपेंट के रूप में फारुकी का नाम सामने आने के बाद फारुकी ने आजतक से बात करते हुए अपनी सफाई पेश की है। कंगना के होस्ट होने बाद भी एकता कपूर के इस शो से जुड़ना कैसे हुआ? इस पर फारुकी ने कहा, “कॉन्सेप्ट दमदार था इसलिए मना नहीं किया।” वहीँ यह बात भी सामने आई है कि एक बार फारुकी ने सोचा की कंगना हैं तो शो छोड़ देता हूँ। लेकिन फिर उनके शब्दों में शो के प्रभावी होने की वजह से काम करने को तैयार हो गया।

मुनव्वर फारुकी के ऐसे दर्जनों ट्वीट हैं जो कंगना के खिलाफ हैं। यहाँ तक कि जब कंगना ने अपनी बहन रंगोली को अपना मैनेजर बनाया था तब भी फारुकी ने विवादित टिप्पणियाँ की थी। मुनव्वर फारूकी ने ये ट्वीट साल 2020-21 के बीच किए हैं। इनमें फारुकी ने कंगना की नेपोटिज्म वाली बात, उनके ट्वीट और खासतौर से उनके हिंदूवादी विचारों पर निशाना साधा था। अब ये पुराने ट्वीट एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि जब दोनों का सामना होगा, तब क्या होगा?

मुनव्वर फारूकी ने अपने ट्वीट में सिर्फ कंगना ही नहीं, उनकी बहन रंगोली को भी नहीं छोड़ा था। उसने ट्वीट किया था, “कंगना नेपोटिज्म के खिलाफ हैं, लेकिन खुद की बहन को मैनेजर रखा है।” दूसरा ट्वीट है, “कंगना के डायरेक्शन में बनी मूवी में लीड में कौन-सा न्यूकमर था? Oops कंगना ही लीड में थी।”

वहीं मुनव्वर फारुकी के कट्टर समर्थक जो कंगना से खार खाये हुए रहते हैं, उनको फारुकी के इस निर्णय से निराशा हुई थी। वहीं फारुकी को इस शो के कॉन्सेप्ट के कारण ही यह डर भी सत्ता रहा है कि कहीं कोई उसका क्लिप एडिट करने वायरल न कर दे। फारुकी ने आज तक से बताया कि वह इसका खयाल रखते हुए ही इस गेम में उतरेगा।

वहीं जब बात मुनव्वर फारुकी पर हमले और उसके लगातार रद्द होते हुए शो की आई तो उसने अपने दर्द को बयान किया। जब इस शो के जरिए भी उसके विवादों में बने रहने की बात आई तो उसने ऐसी प्रसिद्धि से इनकार करते हुए कहा कि अब ऐसा विवाद नहीं चाहिए।

बता दें कि 27 फरवरी से शुरू होने वाले इस शो में जानकारी के अनुसार प्रतिभागियों को जेल (शो वाली) में 72 दिन रहना होगा। शो में कुल 16 विवादित चेहरे दिखाई देंगे। वहीं शो को होस्ट करेंगी कंगना रनौत जो खुद 2020 से सुर्खियों में हैं। ये शो ऑल्ट बालाजी और एम एक्स प्लेयर पर प्रसारित किया जाएगा। कल इसका टीजर रिलीज हुआ था। इसमें फारूकी को माइक के साथ स्टेज पर जाते हुए दिखाया जाता है, फिर सीधे वो लॉक अप में होता है। इसके बाद कंगना आती हैं और उन्हें हथकड़ी लगाती हैं। इस बीच पीछे से बैकग्राउंड से आवाज आती है- “मुनव्वर फारूकी आप हैं लॉक में। जेल में रहने के लिए आप खेलेंगे- अत्याचारी खेल।”

गौरतलब है कि मुनव्वर फारूकी पर साल 2021 की शुरुआत से ही हिंदू विरोधी टिप्पणियों के चलते कार्रवाई की गई थी। उनके दर्जनों शो 2021 में कैंसिल हुए। हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के लिए उन्हें कई दिन जेल में भी काटना पड़ा। इस दौरान वामपंथी मीडिया उसके सपोर्ट में खड़ा था।

कबाड़ी बेचने से मंत्री बनने तक का सफर: नवाब मलिक के आतंकी से संंबंध तो दामाद पर NCB की निगाह, कभी कहा था- अर्नब करेंगे आत्महत्या

पाकिस्तान में छिपे कुख्यात आतंकी दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) से नजदीकी के कारण प्रवर्तिन निदेशालय (ED) द्वारा राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) को गिरफ्तार कर लिया है। कबाड़ी बेचने वाले नवाब मलिक आज महाराष्ट्र सरकार में अल्पसंख्यक, उद्यम और कौशल विकास का कैबिनेट मंत्री होने तक सफर के बारे में जानते हैं।

यूपी से ताल्लुक और कबाड़ी बेचने का काम

महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में कैबिनेट मंत्री नवाब मलिक मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 20 जून 1959 को जिले के उतरौला तालुक के एक गाँव में हुआ है। उनका परिवार खेती-बाड़ी के साथ-साथ व्यवसाय था जुड़ा रहा है।

इनके परिवार के एक होटल मुंबई में भी था। परिवार के कुछ होटल का काम देखते थे तो कुछ कबाड़ बेचने का धंधा करते थे। उनके पिता मोहम्मद इस्लाम (Mohammad Islam) कबाड़ के साथ-साथ कपड़े का कारोबार करते थे। नवाब मलिक भी अपने पिता के ही कारोबार में हाथ बँटाते थे और कबाड़ बेचने के काम करते थे। विधायक बनने से पहले वह इसी काम में लगे थे।

मुंबई आने के बाद उन्हें स्कूली शिक्षा के लिए सेंट जोसेफ इंग्लिश स्कूल में कराया गया, लेकिन उनके अब्बा और अन्य रिश्तेदारों ने अंग्रेजी स्कूल का विरोध किया। इसके बाद उनका नामांकन एनएमसी के नूरबाग उर्दू स्कूल में कराया गया। कक्षा चार तक उन्होंने इसी उर्दू स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद डोंगरी के GR-2 में 7वीं कक्षा तक और सीएसटी क्षेत्र के अंजुमन इस्लाम स्कूल में 11वीं और 12वीं की पढ़ाई बुरहानी कॉलेज से की। नवाब मलिक ने अपने BA की पढ़ाई पूरी नहीं की है।

साल 1980 में नवाब मलिक के परिजनों ने 21 साल की उम्र में उनका निकाह करा दिया। उनकी बीवी का नाम महजबीं है। इस निकाह से उनके बेटे- फराज एवं आमिर और दो बेटियाँ- नीलोफर एवं सना हैं। अब उनके कारोबार को बेटे-बेटियाँ मिलकर चलाते हैं।

दैनिक भास्कर के अनुसार, नवाब मलिक ने 1992 में दंगों से दहल रहे मुंबई में एक सांध्य अखबार शुरू किया। इसका नाम था ‘सांझ समाचार’। हालाँकि, यह अखबार ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। आर्थिक कारणों के चलते यह अखबार जल्द ही बंद हो गया।

राजनीतिक सफर

1992 के बाबरी ढाँचे के विध्वंस और इसके पहले कारसेवकों पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव चलवाई गईं गोलियों के कारण मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाकों में समाजवादी पार्टी का आधार बनना शुरू हो गया था। इसी दौरान नवाब मलिक समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

साल 1995 के विधानसभा चुनावों में उन्हें नेहरू नगर से टिकट मिला। हालाँकि, मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद वह शिवसेना के तत्कालीन नेता सूर्यकांत महादिक से 50 हजार से अधिक वोटों से चुनाव हार गए और दूसरे स्थान पर रहे। हालाँकि, 1996 में वे इसी सीट से लगभग 6,000 मतों से जीतने में कामयाब रहे। साल 1999 में भी नवाब मलिक सपा से चुनाव जीते। कॉन्ग्रेस और NCP के साथ समाजवादी पार्टी के गठबंधन सरकार में उन्हें राज्यमंत्री का पद मिला। इसके बाद वह NCP में शामिल हो गए।

भ्रष्टाचार के साथ गहरा नाता

साल 2005-06 का वक्त था। मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की सरकार में मंत्री रहने के दौरान नवाब मलिक पर माहिम की जरीवाला चाल पुनर्विकास परियोजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगा। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के विरोध और जाँच के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना था। हालाँकि, 12 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उन्हें बरी कर दिया था।

इतना ही नहीं, नवाब मलिक के दामाद समीर खान भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के निशाने पर हैं। पिछले साल NCB के क्षेत्रीय निदेशक समीर खान के खिलाफ 1,000 पेज की चार्जशीट दायर की है। समीर खान महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक मामलों और कौशल विकास मंत्री एवं राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता नवाब मलिक के दामाद हैं।

अंडरवर्ल्ड से जमीन का खरीदार मंत्री

नवाब मलिक पर आरोप है कि उन्होंने दाऊद के भाई इकबाल कासकर और उसके गैंग से जमीनें खरीदी हैं। भाजपा नेता और महाराष्ट्र पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया था कि सरदार शाह वली खान और हसीना पारकर के करीबी सलीम पटेल के नवाब मलिक के साथ व्यवसायिक संबंध हैं। इन दोनों ने नवाब मलिक के रिश्तेदार की एक कंपनी (Solidus company) को मुंबई के LBS रोड पर मौजूद करोड़ों की जमीन कौड़ियों के दाम में बेची।

आर्यन ड्रग केस में शाहरुख खान के हितैषी

नवाब मलिक लगातार और उनके परिवार पर आरोप लगाते रहे हैं। साल 2021 में जब बॉलीवुड ऐक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई के डिविजनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने गिरफ्तार किया था तो समीर खिलाफ आरोपों की बौछार कर दी। समीर वानखेड़े के जन्म प्रमाण पत्र से लेकर उनके परिवार के मुस्लिम होने तक के आरोप लगाए थे। उन्होंने समीर वानखेड़े के साथ-साथ उनके परिवार और पत्नी पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कहा था कि ‘पिक्चर तो अभी बाकी है मेरे दोस्त’।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर अर्नब आत्महत्या कर लेंगे

साल 2020 में रिपब्लिक टीवी के अर्नब गोस्वामी के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की प्रताड़नापूर्ण कार्रवाई के दौरान नवाब मलिक का एक स्टिंग सामने आया था, जिसमें वो भविष्यवाणी करते दिख रहे हैं कि TRP स्कैम मामले से अर्नब गोस्वामी इतने हताश हो जाएँगे कि अंत में उन्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी।

‘अगर ब्राह्मण लड़के भी बिना शर्ट आने लगें तो क्या होगा’ : हिजाब विवाद पर कर्नाटक HC में दलील, कोर्ट बोला- यूनिफॉर्म है तो उसे पहनना होगा

कर्नाटक हिजाब विवाद मामले में आज (23 फरवरी 2022) हाईकोर्ट ने लगातार 9वें दिन सुनवाई की। कल अदालत में एडवोकेट जनरल प्रभुलिंग नवदगी ने कहा था कि इस्लाम बिना हिजाब के भी चल सकता है और फ्रांस का उदाहरण दिया था। आज की सुनवाई में दलील देने के दौरान वकील नागानंद ने याचिकाकर्ताओं के आधार कार्ड की तस्वीर कोर्ट में पेश की। उन्होंने बताया ये लोग हिजाब की पैरवी इस दिशा में नहीं कर रहे कि इन्हें हमेशा हिजाब पहनना चाहिए। अगर ऐसा होता तो आधार कार्ड में इनकी तस्वीरें हिजाब के साथ होंती।

हिजाब के लिए CFI भड़का रहा है छात्राओं को

नागानंद ने कोर्ट को बताया कि सीएफआई के लोग कॉलेज में हिजाब को अनुमति दिलवाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि साल 2004 में कॉलेजों में यूनिफॉर्म को अनिवार्य किया गया था। तब से वही यूनिफॉर्म कॉलेज में पहनी गई। लेकिन अब सीएफआई हिजाब के लिए लोगों को भड़का रहा है। उन्होंने बताया कि सीएफआई ने कुछ शिक्षकों को भी इतना धमकाया है कि वो एफआईआर करने से डर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो आरोप लगाए जा रहे हैं कि बच्चों को डाँटा गया। उन्हें धमकाया गया। वह बताते हैं कि शिक्षकों ने बस छात्राओं से कहा कि अगर उन्होंने क्लास अटेंड नहीं की तो उन्हें अनुपस्थित दिखाया जाएगा। इसमें धमकी कहा है? उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे हलफनामे पर हुए हस्ताक्षर एक याचिकाकर्ता की माँ ने किए। वह पूछते हैं कि आखिर माँ को कैसे पता कि कॉलेज में क्या होता है।

मामले में दलीलें पेश करते हुए नागानंद ने कहा कि ये कोर्ट का समय सिर्फ बर्बाद किया जा रहा है वो भी निराधार आरोपों पर। उन्होंने ये भी कहा कि अगर बात अनुच्छेद 25 के उल्लंघन की है तो मजहब की आजादी और अंत: करण की स्वतंत्रता एक साथ आती है। तो क्या ये है आपके अंत:करण की आवाज है।

उन्होंने ये भी बताया कि अनुच्छेद 25 (1) में जो पब्लिक ऑर्डर आता है वह वो नहीं है जो अनुच्छे 19 में बताया जा रहा है। एक बच्चे का उदाहरण देते हुए समझाया कि अगर कोई बच्चा घर में गलत बर्ताव करे तो उसे समझाया जाएगा वो ऐसा न करे। अगर ऐसा जारी रहे तो हो सकता है बच्चे को थप्पड़ भी पड़ जाए। ये अभिभावकों का अधिकार है। यही कल्पना क्लासरूम के लिए करिए। प्रशासन कहता है कि आप जब बच्चे को स्कूल भेजेंगे, तो शिक्षक उन्हें अनुशासन सिखाएगा। 

उन्होंने उदाहरण दिया कि कुछ रूढ़िवादी ब्राहम्ण लड़के हैं जो उपनयम के बाद मानते हैं कि शर्ट नहीं पहननी चाहिए। अगर ये लड़के कहें कि ये इनका धर्म हैं और ये इसे करेंगे तो क्या होगा। स्कूलों को क्लासरूम में अनुशासन बनाए रखना होगा। इसपर 2004 से सवाल नहीं उठा। कॉलेज डेवलपमेंट कमेटी कॉलेज की जगह काम कर रही है, ये कोई अंजान चीज नहीं हैं। वो आजाद हैं कि स्कूलों में यूनिफॉर्म पर निर्णय ले सकें। ये बच्चों के लिए अच्छा भी होगा क्योंकि इससे उनके अंदर मजहबी कट्टरता से छुटकारा मिलेगा।

उन्होंने दावा किया कि सीएफआई इस मामले में घुसी व बच्चों और उनके अभिभावकों को भड़काया। सभी दलीलों के बीच नागानंद ने तमाम विदेशी घटनाओं का जिक्र किया। इसमें ईरान में शाह शासन का भी जिक्र है जब वहाँ कोई पर्दा नहीं हुआ करता था।  कई महिलाएँ ईरान से बंगलुरु आती थीं। उन्होंने कहा कि बच्चों को सिखाना होगा कि वो ये भेदभाव न करें। स्कूल आते समय कोई धार्मिक चीज न पहनें।

भेदभाव मिटाने के लिए तय होती है यूनिफॉर्म

आज की सुनवाई में वरिष्ठ वकील साजन पोवैया ने सीडीसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की ओर से कहा कि वो नागानंद द्वारा कही गई हर बात से सहमत हैं। उन्होंने अनुच्छेदों का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य किसी को ये नहीं कह सकता कि वो मुस्लिम क्यों है, लेकिन राज्य किसी पहनावे पर प्रतिबंध लगा सकता है। पोवैया ने बताया कि भेदभाव मिटाने के लिए यूनिफॉर्म तय की जाती है। उन्होंने पूछा कि क्या अगर हिजाब पहनने से किसी को रोका जाए तो इसका अर्थ ये है कि मजहब में बदलाव किया जा रहा है या ये है जो हिजाब नहीं पहनते हैं वो मजहब नहीं मानते? कोई मुस्लिम बच्चा हिजाब पहनेगा और हिंदू भगवा स्कॉर्फ तो ये दोनों ही चीजें ठीक नहीं हैं। आर्टिकल 25 मजहब को मानने का अधिकार देता है। मजहबी पोषाक पहनने का नहीं। उन्होंने कहा कि वह छात्रों को फिजिक्स, केमेस्ट्री और ज्योग्राफी नहीं पढ़ाते हुए ये नहीं कह सकते हैं कि वो लोग मजहबी कपड़ों में आएँ। स्कूलिंग सिर्फ शैक्षिक ही नहीं बल्कि पूरे विकास से संबंधित है।

जल्द रखे जाएँ सभी पक्ष, 6 माह नहीं चलेगी सुनवाई

बता दें कि अब इस मामले की अगली सुनवाई कल 2:30 बजे फिर शुरू होगी। कोर्ट ने इस सुनवाई में कहा कि अगर डिग्री कॉलेजों में यूनिफॉर्म के निर्देश हैं तो इसे मानना होगा। कोर्ट के निर्देश छात्र-छात्राओं के लिए हैं। ये टिप्पणी कोर्ट ने एजी द्वारा भंडारकर कॉलेज द्वारा बनाए गए यूनिफॉर्म नियम को लेकर की गई। कोर्ट ने सभी लोगों ने लिखित हलफनामे दायर करने को कहे और कहा कि इस मामले पर 6 माह तक सुनवाई नहीं हो सकती है। अदालत चाहती है कि इस मामले पर जल्द से जल्द दलीलें रखी जाएँ।

‘आएँगे तो योगी ही’: बाराबंकी में बोले PM मोदी – ‘परिवारवादियों को नहीं दिखता था तीन तलाक पीड़िताओं का दर्द, उनके लिए मुस्लिम सिर्फ वोट’

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (23 फरवरी 2022) तो बाराबंकी में चुनावी जनसभा को संबोधित करते समाजवादी पार्टी को घोर परिवारवादी पार्टी करार दिया और कहा कि इन्हें डर है कि अगर गरीब को घर, बिजली और राशन मिल गया तो यो उनका चक्कर लगाना बंद कर देंगे और इनके चरणों में नहीं पड़ेंगे।

योगी सरकार के कामकाज की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने का दावा किया। उन्होंने दावा किया कि समाज का गरीब तबका भाजपा के साथ खड़ा है। इसके पीछे का कारण बताते हुए पीएम कहा कि कोरोना के दौर में गरीबों को मुफ्त राशन, फ्री में कोरोना की वैक्सीन और तीन तलाक की कुप्रथा की समाप्ति बड़ा कदम है।

अखिलेश यादव का नाम लिए बिना तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, “वे कहते हैं कि परिवारवादी हैं और परिवार का दर्द समझते हैं। लेकिन जब मुस्लिम बेटियाँ छोटे बच्चों को लेकर तीन तलाक की कुप्रथा की वजह से पिता के घर लौटती थीं, तब इनको दर्द नहीं दिखता था। हम परिवार वाले नहीं, परिवार वालों का दर्द जरूर समझते हैं। यूपी और पूरा देश हमारा परिवार है। इन घोर परिवारवादियों के लिए मुस्लिम बेटियों का दर्द कुछ नहीं, बल्कि इनके लिए ये सिर्फ केवल वोट हैं।”

भाजपा सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए विश्वास जताया कि गरीब एक बार फिर से मोदी को आशीर्वाद देंगे। इस बार सभी कह रहे हैं कि ‘आएँगे तो योगी ही’। बीजेपी सरकार ने महिलाओं की परेशानियों को समझा और शौचालय से लेकर आवास योजना और उज्जवला योजना का लाभ दिया।

पीएम योजना के तहत लाखों घर बनाए

प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सबल बनाने में यहाँ की 10 करोड़ माताओं का बड़ा हाथ है। जब तक माताओं-बहनों को इस बंधन से मुक्त कराएँगे यूपी का विकास नहीं होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान बढ़े, ये डबल इंजन की सरकार की हमेशा प्राथमिकता रही है।

32 साल की अनीशा के शरीर और रूप पर शौहर निजामुद्दीन ने मारे ताने, मिट्टी का तेल उड़ेल खुद को लगाई आग

कर्नाटक में एक महिला ने शौहर के तानों से परेशान होकर अपनी जान दे दी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 32 साल की अनीशा की शारीरिक बनावट और रूप को लेकर शौ​हर निजामुद्दीन ने टिप्पणी की। यह उससे बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने खुद को आग लगा ली।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बेंगलुरु के डीजे हल्ली इलाके में यह वारदात हुई है। मृतक महिला अनीशा अपने शौहर निजामुद्दीन के साथ रहती थी। बीते सोमवार (21 फरवरी 2022) को शौहर ने अनीशा की शरीर की बनावट और रूप को लेकर ताना मार दिया। इसके बाद महिला पहले परेशान हो गई।

रिपोर्ट के मुताबिक अनीशा को इतना गुस्सा आया कि उसने खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। पड़ोसियों ने आग देखी तो उन्होंने काबू करने की कोशिश की और उसे अस्पताल पहुँचाया। इसके बाद पुलिस को भी सूचना दी गई। उधर अस्पताल में महिला की मौत हो गई

जानकारी के अनुुसार अनीशा के माता-पिता ने उसके शौहर निजामुद्दीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद पुलिस ने निजामुद्दीन को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बताया गया कि शौहर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस की एक टीम इस मामले की जाँच कर रही है।

पति-बेटी के सामने की महिला से रेप की कोशिश, फेंका तेज़ाब: अनवर, जियाउल, इंजमाम, आतिफ पर FIR, बड़ी बेटी का कर चुके हैं अपहरण-रेप

बिहार के जमुई से दिल दहला देने वाली खबर आई है। पहले महिला की बेटी के साथ रेप आरोपितों ने रेप किया और फिर उसकी माँ के साथ भी रेप करने की कोशिश की। लेकिन, जब रेप करने में वो सफल नहीं हो पाए तो उसके ऊपर एसिड से हमला कर दिया। हालाँकि, महिला बाल-बाल बच गई, लेकिन उसकी साड़ी पर एसिड पड़ने से वो जल गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना बिहार के जमुई जिले के खैरा थाने के अंतर्गत आने वाले एक गाँव की है। पीड़िता ने खैरा पुलिस स्टेशन में मोहम्मद अनवर अंसारी, मोहम्मद जियाउल अंसारी, मोहम्मद इंजमाम अंसारी, मोहम्मद आतिफ उर्फ गोल्डन और उसके दूसरे दोस्तों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि रविवार (20 फरवरी 2022) की देर शाम को अपने पति और छोटी बेटी के साथ दोपहिया से अपने घर जा रही थी। लेकिन गाँव पहुँचने से पहले ही रास्ते में इन आरोपितों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसके पति के साथ मारपीट की। इसके बाद आरोपित पति और बेटी के सामने ही महिला से रेप करने के लिए उसे सड़क के नीचे ले गए। वो महिला से रेप करने की कोशिशें कर थे, लेकिन महिला की चीख-पुकार के कारण वो इसमें असफल रहे।

इस बीच मुस्लिम आरोपितों ने महिला के सिर पर बंदूक सटाकर उसके साथ रेप करने की कोशिश की, लेकिन उधर से ही एक ट्रैक्टर निकला और उसकी लाइट पड़ते ही आरोपितों ने छिपने की कोशिश की। इस दौरान मौका पाकर महिला अपने पति और बेटी के साथ वहाँ से भाग निकली। पीछे से आरोपितों ने उस पर तेजाब फेंका, जो कि उसकी साड़ी पर पड़ा, जिससे वो जल गई।

दो महीने पहले बेटी का भी किया था अपहरण

ये वही आरोपित थे, जिन्होंने दो महीने पहले महिला की बड़ी बेटी का अपहरण कर उसके साथ रेप किया था। इस मामले में मोहम्मद ताजुद्दीन समेत अन्य आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इस मामले में अपहरण और रेप का केस दर्ज है। बड़ी बेटी अभी भी आरोपितों के ही कब्जे में है।

सारा, जान्हवी, भूमि… कई हिरोइन सुकेश की शिकार: ED जाँच में खुलासा, जैकलीन फर्नांडीज और नोरा को भी बना चुका है निशाना

ठगी का मायाजाल बुनने वाला, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपित ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) इस वक्त दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। वहीं सुकेश को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जाँच से पता चला है कि सुकेश ने जैकलीन फर्नांडीज और नोरा फतेही को ही नहीं बल्कि बॉलीवुड की कुछ और हिरोइनों को अपना निशाना बनाया था जिसमें सारा अली खान, जाह्नवी कपूर और भूमि पेडनेकर भी थीं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सुकेश चंद्रशेखर ने सारा अली खान, जान्हवी कपूर और भूमि पेडनेकर को भी अपने जाल में फँसाने के लिए उन्हें वसूले हुए पैसों से महँगे गिफ्ट दिए थे। वहीं इससे पहले हुए खुलासे में सुकेश का जैकलीन फर्नांडिस के साथ रिलेशनशिप की बात भी सामने आई थी। सुकेश ने जैकलीन को ढेरों महँगे लग्जरी गिफ्ट दिए थे। दोनों की पर्सनल तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुईं थी। इतना ही नहीं सुकेश ने ऐक्ट्रेस नोरा फतेही को भी करोड़ों के गिफ्ट दिए थे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईडी की जाँच से खुलासा हुआ है कि सुकेश चंद्रशेखर ने मई 2021 में सारा अली खान को अपने झाँसे में लेने की कोशिश की थी। उसने सूरज रेड्डी बनकर 21 मई 2021 को उन्हें व्हाट्सएप मैसेज भेज कर अपना परिचय दिया था। सुकेश ने उन्हें कीमती घड़ी भी तोहफे में दी थी।

बता दें कि ED की जाँच में हुए खुलासे के अनुसार, सुकेश ने जैकलीन फर्नांडिस को गोल्ड और डायमंड की जूलरी, 4 पार्शियन बिल्ली, 52 लाख का घोड़ा समेत कई चीजें दी थीं। सुकेश ने ऐक्ट्रेस पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च किए थे। वहीं, सुकेश ने नोरा फतेही को एक महँगी कार गिफ्ट की थी।

गौरतलब है कि 32 साल के सुकेश चंद्रशेखर रैनबैक्सी के मालिक की पत्नी अदिति सिंह से कथित तौर पर 215 करोड़ रुपए की रंगदारी वसूलने के आरोप में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। केंद्र सरकार के एक अधिकारी के रूप में झाँसा देते हुए उसने अदिति सिंह से उनके पति को जेल से बाहर निकालने में मदद करने के बहाने रुपए की उगाही की थी।

‘जब से दुनिया बनी है, तभी से वहाँ हिन्दू स्मारक’: POK के शारदा पीठ और लिपि पर बोले कश्मीरी इतिहासकार रजा नजीर – अपना इतिहास जानो

कश्मीर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए भी प्रसिद्ध है। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में देवी सरस्वती को समर्पित शारदा पीठ का ऐतिहासिक मंदिर शताब्दियों से हिंदू-बौद्ध विद्या का केन्द्र रहा है। कश्मीरी भाषा जिस शारदा लिपि में लिखी जाती थी, उसका भी आविष्कार इसी स्थान पर हुआ था। 

हाल ही में कश्मीरी पंडित एवं पत्रकार आदित्य राज कौल उत्तरी कश्मीर के बुनियार में गए थे और वहाँ उन्होंने शारदा पीठ को लेकर इतिहासकार और लेखक रजा नजर बुनियारी से बातचीत की। उन्होंने इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। पत्रकार ने बताया कि नजर बुनियारी 14 किताबें लिख चुके हैं और कृष्णागंगा या नीलम नदी/घाटी में प्राचीन शारदा मंदिर के जीर्णोद्धार और रख-रखाव के लिए तीन बार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की यात्रा कर चुके हैं।

बातचीत के दौरान आदित्य ने रजा नजीर से शारदा मंदिर और शारदा लिपि के महत्व के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने कहा कि इस लिपि के बारे में लोगों के पास सीमित ज्ञान है। बहुत कम लोग जानते हैं इसके बारे में। इस लिपि में छपी किताबें उपलब्ध नहीं हैं या कह सकते हैं कि काफी कम हैं। स्थानीय लोगों को भी इसके बारे में नहीं पता है।

रजा नजीर ने आगे कहा, “जब रिसर्च होने लगा तब लोगों को पता चल रहा है कि यह कितना जरूरी है, क्योंकि वहाँ के एक प्रोफेसर साहब ने मुझसे कहा कि जब तक हम अपने इतिहास के बारे में, अपने स्मारक के बारे में, अपनी जमीन के बारे में, अपने मुल्क के बारे में नहीं जानेंगे तो सारी दुनिया का इतिहास पढ़कर हम क्या करेंगे। पहले अपने घर की खबर लो। फिर उन्होंने मुझे शारदा मंदिर के आस-पास की कुछ बातें बताई। मुझे लगता है कि जब से दुनिया बनी है, वहाँ पर हिंदू धर्म के स्मारक बने हुए हैं।”

इस दौरान उन्होंने हिंदू नाम के बारे में बताते हुए शारदा, नर्मदा, नारदा, सरस्वती, मधुमती का जिक्र किया, जो कि शारदा मंदिर के पास के नदियों के नाम हैं। वहाँ के स्कूल-कॉलेज के नाम भी हिंदू धर्म के मुताबिक हैं। अब वहाँ के लोगों को इसके बारे में पता चल रहा है। मंदिर में काफी तोड़-फोड़ की गई।

शारदा मंदिर और यूनिवर्सिटी की भाषा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। जब से दुनिया बनी है, तब से वह है। उसे वहाँ के स्थानीय लोग उर्दू में दारूल-उलूम (Centre Of Knowledge) कहते हैं। शारदा लिपि के न आगे कोई जानते हैं, न पीछे कोई जानते हैं कि यह कब से यहाँ है। पिछले 7,000 सालों से यह लिट्रेचर में भी आ गई है।

इस लिपि में वहाँ पर चंद किताबें उपलब्ध हैं। इसके अलावा वहाँ पर लगी स्मारक और मूर्तियों के नीचे इस लिपि में लिखा हुआ है। जिसे वहाँ के लोग भी नहीं पढ़ पाते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि वह हिंदी और संस्कृत का मिश्रण है।

आगे आदित्य राज ने रजा नजीर से पूछा कि क्या पाकिस्तान और भारत की सरकार को करतारपुर साहिब बॉर्डर की तरह शारदा पीठ पर भी बात करना चाहिए। इसका जवाब देते हुए रजा ने कहा कि इस पर शारदा फाउंडेशन पीठ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात हो गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही यह खुलने वाली है।

उल्लेखनीय है कि यह पीठ कश्मीरी पंडितों के लिए प्रसिद्ध पवित्र स्थलों में से एक है। यह नीलम नदी के किनारे है। यह भारत के उरी से करीब 70 किमी दूर है। यहाँ जाने के लिए दो रूट हैं। पहला मुजफ्फराबाद की तरफ से और दूसरा पुंछ-रावलकोट से। उरी से मुजफ्फराबाद वाला रूट कॉमन है। ज्यादातर लोग इसी रूट से जाते हैं।

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को ED ने किया गिरफ्तार: ‘दाऊद कनेक्शन’ में पूछताछ के बाद हुई कार्रवाई

महाराष्ट्र में नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता व उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) को प्रवर्तन निदेशालय (ED/ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी ‘मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और दाऊद से कनेक्शन’ पर चली 8 घंटे की पूछताछ के बाद हुई है। इससे पहले खबर आई थी कि आज सुबह कुर्ला में मलिक के आवास पर जाकर ईडी के कुछ अधिकारियों ने मलिक को पूछताछ में सहयोग देने को कहा और करीब 7: 30 बजे उन्हें अपने साथ ईडी के बलार्ड एस्टेट कार्यालय ले गए।

ईडी ने मलिक से कथिततौर पर उनसे 1993 में हुए मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के दोषियों में से एक से कुछ संपत्ति खरीदने के संबंध में पूछताछ की है। इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उन्हें विश्वास है नवाब मलिक शाम तक घर लौंटेंगे और ये जो गिरफ्तारी महा विकास अघाड़ी सरकार में नेताओं की करवाई जा रही हैं इन सब पर 2024 के बाद जाँच होगी।

उल्लेखनीय है कुछ महीने पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवाब मलिक के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि मलिक परिवार ने उस जमीन की कीमत को साढ़े तीन करोड़ रुपए दिखाया, जिससे उन्हें स्टैम्प ड्यूटी कम भरनी पड़े। जब इसका पेमेंट करने की बात आई तो इसकी कीमत 25 रुपए प्रति स्क्वायर फुट की दर से बताई गई लेकिन असल में पेमेंट 15 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के रेट से हुई। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने यह जमीन अंडरवर्ल्ड दाऊद के लोगों से खरीदी थी।

गौरतलब है कि कुछ माह पहले ईडी ने महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के 7 ठिकानों पर छापेमारी की थी। राज्य में वक्फ बोर्ड NCP नेता नवाब मलिक के मंत्रालय के अंतर्गत आता है। वक्फ बोर्ड लैंड केस में ये कार्रवाई की गई। पुणे में वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर घोटाले का मामला सामने आया था, जिसकी जाँच ED ने अपने हाथों में ले ली थी।

‘विक्की जितना प्यार आज तक किसी ने नहीं किया’: अंकिता लोखंडे पर बरसे यूजर्स, पूछा- सुशांत सिंह राजपूत कम प्यार करते थे क्या?

टीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) अपने पति विक्की जैन (Vicky Jain) के साथ टीवी इंडस्ट्री में एंट्री करने वाली हैं। जल्द ही इनकी ये जोड़ी स्टार प्लस के नए टीवी शो ‘स्मार्ट जोड़ी’ में नजर आने वाले हैं। मंगलवार (22 फरवरी 2022) को इसका प्रोमो भी रिलीज कर दिया गया। इस दौरान अंकिता लोखंडे ने पति विक्की जैन की तारीफ में कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया, जिसको लेकर उनकी खिंचाई हो रही है।

दरअसल वायरल हुए शो के प्रोमो में अंकिता लोखंडे कहती हैं, “विक्की के आने के बाद से ही मैंने प्यार का असली मतलब जाना है। सच कहूँ तो विक्की जैसा प्यार आज तक मुझसे किसी ने भी नहीं किया…।” अंकिता लोखंडे के पति के लिए कही गई ये बातें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के फैंस को रास नहीं आई और उन्होंने लोखंडे को ट्रोल करना शुरू कर दिया।

एक यूजर ने अंकिता के इन प्यार भरे शब्दों पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि आपको सुशांत भी तो प्यार करते थे न?

साभार: इंस्टाग्राम

वहीं एक अन्य यूजर लिखती हैं, “अच्छा और सुशांत ने कम प्यार किया था क्या? “

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नेटिजन्स ने अंकिता लोखंडे को झूठा बताते हुए कहा कि सुशांत सिंह राजपूत का क्या?… आप झूठी हो सोनी पर डांस रिएलिटी शो में उनके लिए भी यही बात कही थी।

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अरुणा नाम की यूजर ने लिखा, “अंकिता आप प्यार का मतलब ही नहीं जानती हो। आपने सुशांत को धोखा दिया था।”

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गौरतलब है कि अंकिता लोखंडे के पति विक्की जैन वैसे तो एक्टर नहीं हैं, लेकिन ‘स्मार्ट जोड़ी’ में वो अपनी पत्नी अंकिता के साथ एक्टिंग करते नजर आएँगे। एक्टिंग की दुनिया में अपने पति का स्वागत करते हुए अंकिता लोखंडे ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “पता नहीं था कि आप एक्टिंग भी कर सकते हैं। लाइट, कैमरा और एक्शन की दुनिया में आपका स्वागत है बेबी! मुझे यकीन है कि हम एक साथ रहने की इस यात्रा का आनंद लेंगे और खूबसूरत यादें बनाएँगे जो हमेशा हमारे साथ रहती हैं @jainvick।”