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मस्जिद में पढ़ने जाती थी 8 साल की बच्ची, 52 साल के इमाम ने किया रेप: पीड़िता ने बताया- अल्लाह और कुरान की कसम देकर चुप कराया

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में मस्जिद के एक इमाम पर 8 साल की नाबालिग बच्ची से रेप का आरोप लगा है। आरोपित इमाम का नाम जमाल अहमद है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। घटना बुधवार (26 जनवरी) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित इमाम की उम्र लगभग 52 साल है। वही किसनी गाँव की मस्जिद में लगभग 10 वर्षों से इमाम है। वह गाँव के बच्चों को इस्लामी शिक्षा दिया करता था। पीड़िता बच्ची भी अपनी बहन के साथ उसी मस्जिद में पढ़ने जाती थी। घटना के दिन बच्ची देर से पहुँची तो उसकी तबियत ठीक नहीं लगी। घर वालों ने उसकी वजह पूछी तो बच्ची रोने लगी। पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से खून निकल रहा था।

परिजनों के अनुसार बच्ची ने उन्हें बताया कि जमान अहमद ने सारे बच्चों की छुट्टी कर पीड़िता को पढ़ाई के नाम पर रोक लिया। उसकी छोटी बहन को भी मूँगफली दे कर बाहर भेज दिया। इसके बाद कथित तौर पर आरोपित बच्ची को अलग कमरे में ले गया और उससे कपड़े उतारने को कहे। आरोपित ने अपने कपड़े भी उतार दिए। कथित तौर पर जब खून निकलने लगा और बच्ची रोने लगी तो आरोपित ने उसे अल्लाह और कुरान की कसम देकर चुप कराया। उससे कहा कि यह बात किसी को नहीं बताना है और रोज की तरह पढ़ने आना है।

उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। आरोपित उत्तर प्रदेश के ही बाराबंकी जिले के थाना रामनगर के गाँव सुड़िया मऊ का निवासी है। गौरतलब है कि इसी माह 19 जनवरी को UP के ही हरदोई जिले के एक मदरसे में 10 साल के बच्चे के साथ कुकर्म हुआ था। उस घटना में सीनियर छात्र अरबाज़ को गिरफ्तार किया गया था।

‘हँस कर जाती थी लड़कियाँ, बेसुध होकर निकलती थीं’: पूर्व गर्लफ्रेंड का खुलासा- पिशाच था Playboy संस्थापक, ड्रग्स देकर करता था सेक्स

अपनी मौत के चार साल बाद भी एडल्ट मैगजीन प्लेबॉय (Playboy) के संस्थापक ह्यूग हेफनर (Hugh Hefner) विवादों में हैं। सोमवार (25 जनवरी 2022) की रात को एक नई डॉक्यूमेंट्री ‘सेक्रेट्स ऑफ प्लेबॉय’ (Secrets of Playboy) में कई महिलाओं ने हेफनर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन महिलाओं का कहा कि हेफनर उन्हें ड्रग्स देने के साथ-साथ सेक्स के लिए मजबूर करता था।

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2001 से 2008 तक हेफनर की गर्लफ्रेंड रही 42 वर्षीय मैडिसन ने बताया कि वह महिलाओं की न्यूड फोटो अपने पास रखता था, ताकि उन्हें ब्लैकमेल कर सके। मैडिसन ने बताया कि हेफनर के पास सीक्रेट सेक्स टेप का एक खजाना था। इन सभी टेप्स को उसने अपने प्लेबॉय मैंशन (Playboy Mansion) में रखा था। वह इतना शातिर था कि रिकॉर्डिंग से पहले कभी भी लड़कियों और अपने दोस्तों को इसकी जानकारी तक नहीं होने दी।

पूर्व मॉडल ने कहा कि वह ना चाहकर भी कुछ समय तक प्लेबॉय मैंशन में हेफनर के साथ रही, क्योंकि उसे डर था कि वह उसकी फोटो लीक कर देगा। मैडिसन ने बताया कि हेफनर के दोस्त हमेशा उनके बारे में बोलते थे।

वहीं, सीक्रेट्स ऑफ प्लेबॉय डॉक्यूमेंट्री सीरीज में ह्यूग हेफनर की पूर्व गर्लफ्रेंड सोंद्रा थिओडोर ने भी कई बड़े खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया, “मैं हेफनर को बेहद करीब से जानती हूँ। मैंने कई लड़कियों को उनके प्लेबॉय मेंशन में हँसकर जाते हुए देखा है, लेकिन लौटते समय वे बेसुध और बेजान नजर आती थीं। वह एक शिकारी और पिशाच था, जिसने कई लड़कियों की जिंदगी बर्बाद कर दी।”

सोंद्रा थिओडोर आगे कहती हैं कि वह सिर्फ 19 साल की उम्र में ह्यूग हेफनर के जाल फँस गई थीं। उन्होंने बताया कि ह्यूग अपने कमरे में महिलाओं को बुलाकर गुप्त रूप से उनकी रिकॉर्डिंग किया करता था। वह महिलाओं को बताता था कि सभी कैमरे बंद हैं, लेकिन ये सभी हर एक घटना को रिकॉर्ड कर रहे होते थे। वह सेक्स के लिए मजबूर करता था और ड्रग्स तक दिया करता था।

उन्होंने बताया कि उसके बंगले पर अय्याशी करने के लिए कई वीआईपी मेहमान भी आते थे, जिनमें बिल कॉस्बी, टोनी कर्टिस, विल्ट चेम्बरलेन और अर्नोल्ड श्वार्जनेगर का नाम शामिल है। बता दें कि प्लेबॉय ने इन महिलाओं का समर्थन किया है, जिन्होंने कंपनी के दिवंगत फाउंडर हेफनर पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

‘हृदयरोग वैज्ञानिक और क्रिकेट, दो अलग दुनिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन की बधाई’: जर्मन महिला क्रिकेटर अनुराधा सहित कई हस्तियों को PM ने लिखा पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 जनवरी को दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जॉन्टी रोड्स, वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर क्रिस गेल, इजराइल के प्रसिद्ध लेखक ऐशले रिंड्सबर्ग, जर्मन महिला क्रिकेट टीम की कप्तान अनुराधा डोडाबल्लापुर, कनाडाई प्रोफेसर गैड साड, अमेरिकी शिक्षाविद विवेक वाधवा, ट्रिनिडाड के प्रसिद्ध अभिनेता मैकेल मोंटानो सहित कई शख्सियतों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर उन्हें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दीं। इन हस्तियों ने प्रधानमंत्री से मिले शुभकामना पत्र के लिए ट्विटर पर धन्यवाद कहा।


रोड्स को लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह वर्ष गणतंत्र दिवस अधिक विशेष है। भारत औपनिवेशिक शासन से स्वतंत्रता के 75 वर्ष मना रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने भारत के प्रति आपके स्नेह के लिए कृतज्ञता की भावना के साथ आपको और भारत के कुछ अन्य दोस्तों को लिखने का फैसला किया और आशा करता हूँ कि आप हमारे देश के साथ-साथ हमारे लोगों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “इन वर्षों में आपने भारत और इसकी संस्कृति के साथ गहरा संबंध विकसित किया है। यह विशेष बंधन वास्तव में परिलक्षित हुआ, जब आपने अपनी बेटी का नाम इस महान राष्ट्र के नाम पर रखा। आप वास्तव में हमारे राष्ट्रों के बीच मजबूत संबंधों के एक विशेष राजदूत हैं।”

पत्र मिलने के बाद क्रिस ने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी के एक व्यक्तिगत संदेश के साथ उठा। इसमें उनके और भारत के लोगों के साथ मेरे घनिष्ठ व्यक्तिगत संबंधों की पुष्टि की गई है। यूनिवर्स बॉस की ओर से बधाई और प्यार।”

जर्मनी की महिला टीम की कप्तान अनुराधा डोडाबल्लापुर को लिखे पत्र में पीएम मोदी ने कहा, “कार्डियोवास्कुलर (हृदय रोग) वैज्ञानिक और क्रिकेटर के रूप में आप दो अलग-अलग दुनिया में दक्षता के साथ काम कर रही हैं। दोहरा हैट ट्रिक लेने वाली अंतर्राष्ट्रीय टी-20 की पहली महिला बनना एक बड़ी उपलब्धि है।”

पीएम मोदी ने इजराइली लेखक एवं उपन्यासकार ऐशले रिंड्सबर्ग को लिखे शुभकामना पत्र में कहा, “एक उपन्यासकार और लेखक के रूप में आप लोगों द्वारा व्यापक रूप से पढ़े जाते हैं। इसके साथ ही भारत और इसके जीवन के तरीके के बारे में आपका दिलचस्प दृष्टिकोण मूल्यवान है।”

ऐशले रिंड्सबर्ग ने ट्वीट किया, “भारत में मेरे सभी दोस्तों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ!!! मैं इस अवसर पर @PMOIndia से एक पत्र प्राप्त करके सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। उज्जवल भविष्य बनाने के लिए इज़राइल और भारत के बीच मजबूत संबंधों को बढ़ावा देने के लिए काम करने के लिए @indemtel को धन्यवाद।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रिनिडाड के प्रसिद्ध अभिनेता, गायक एवं गीतकार मैकेल मोंटानो को लिखे पत्र में कहा, “आप एक बेहतरीन गायक हैं। मुझे पता चला है कि आपको भारत के आध्यात्म में विशेष रुचि है। भारत की प्राचीन संस्कृति अपने अस्तित्व के समय से ही मानवता के सारे सवालों का जवाब देती रही है। आशा है कि पिछली यात्रा में आपने भारत के व्यंजनों को बेहद पसंद किया होगा।”

पत्र पाने को लेकर मोंटाने ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए इंस्टाग्राम पर कहा, “भारत की यात्रा करना और सदगुरु के मार्गदर्शन में योग सीखा, वास्तव में अपूर्व परिवर्तनकारी है। यह ऐसा अनुभव है जिसे मैं अन्य लोगों के साथ साझा करने की योजना बना रहा हूँ।

अमेरिकी शिक्षाविद विवेक वाधवा को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा, “तकनीक की उपयोगिता और उसके खतरों को लेकर आपकी समझ की मैं प्रशंसा करता हूँ। भारत द्वारा बनाए जा रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्देश्य हर नागरिक को तकनीक का फल प्रदान करना और साथ ही निजता एवं डेटा की सुऱक्षा करना है।”

इस पर वाधवा ने ट्वीट कर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि दुनिया के जितने नेताओं से वे मिले हैं उनमें सबसे स्मार्ट और इंटेलिडेंट पीएम मोदी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले इस शुभकामना संदेश को लेकर कनाडा के प्रोफेसर गैड साड ने ट्वीट कर कहा, “मुझे अभी-अभी दुनिया के सबसे अग्रणी लोकतंत्रों में से एक के प्रधानमंत्री का एक बहुत ही उच्च प्रतिनिधि के माध्यम से एक आधिकारिक पत्र मिला है। मुझे अतिरिक्त जानकारी साझा करने की स्वतंत्र नहीं है, लेकिन यह वास्तव में अविश्वसनीय है।”

लेखिका सविता राव को लिखे शुभकामना पत्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आपकी पुस्तक अच्छाईयों के बारे में बताती है, जो समाज के विभिन्न वर्गों की बेहतरी और उनकी सुरक्षा को प्रदर्शित करती है। ये कहानियाँ मानवीय संवेदनाओं और संवेदनशीलता से ओतप्रोत है और प्रेम, करुणा और भाईचारे के शाश्वत संदेश को प्रदर्शित करती है। जब देश कोरोना से जुझ रहा है तब आपकी पुस्तक ‘इंडिया पोजिटिव सिटिजन’ सभी चुनौतियों से पार पाने में यह सकारात्मकता भरेगी।”

‘बहन’ बुला कर रेप, इंस्टा पर दोस्ती के बाद बलात्कार: MP में इस्लामी धर्मांतरण की 4 घटनाएँ- सरफराज, दानिश, अरबाज, अहमद पर FIR

मध्य प्रदेश के खंडवा में पिछले सप्ताह भर में ही लव जिहाद के कई मामले सामने आ चुके हैं। यहाँ तक कि पिछले 24 घंटे में यह दूसरा मामला है, जिसमें बुरहानपुर से आया मुस्लिम युवक खंडवा में रह रही युवती को डरा-धमकाकर होटल ले गया। आरोपित सरफराज ने युवती से कई बार रेप किया, फिर मुस्लिम बनने की बात कहकर निकाह का दबाव बनाने लगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 21 वर्षीय पीड़िता कॉलेज की पढ़ाई के लिए बुरहानपुर के खकनार में अपने बुआ के घर रहती थी। पड़ोसी सरफराज की दोस्ती फुफेरे भाई से थी। पीड़िता को भी वह बहन कहता था, लेकिन एक दिन उसकी छिपी फितरत सामने आ गई और उसने हाथ की नस काटने की धमकी देकर ‘बहन’ को खेत पर बुलाया और रेप किया। फिर सरफराज ने समाज में बदनाम करने का डर दिखाकर कई बार रेप करता रहा। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने आरोपित को होटल से गिरफ्तार कर लिया है।

वहीं इस मामले में रेप की शिकार पीड़िता का कहना है कि, उसने सरफराज को शादी के लिए कहा तो वह मुकर गया और धर्मांतरण की शर्त रख दी। जब युवती सरफराज से दूर जाने के लिए खंडवा आ गई। तो सरफराज भी उसका पीछा करते हुए सरफराज ने खंडवा आकर युवती को डराकर मिलने की बात कही। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। और मौके पर पहुँची पुलिस ने आरोपित शेख सरफराज को गिरफ्तार कर लिया है।

परिचित के घर ले जाकर रेप, इंस्टाग्राम पर हुई थी दोस्ती

दूसरा मामला भी खंडवा का ही है। इस मामले में भी मामला लव जिहाद का है। जहाँ प्रेमिका के इस्लाम कबूलने से इंकार करने पर तथाकथित प्रेमी दानिश खान ने उसे खंडवा स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गया। रिपोर्ट के अनुसार, छोड़कर फरार होने से पहले दानिश खान ने चार दिनों तक अलग-अलग जगहों पर युवती से कई बार रेप किया। बता दें कि आरोपित दानिश ने शादी का बहाना करके युवती को खंडवा से भगाकर अमरावती ले गया। जहाँ दानिश के माता-पिता ने निकाह से पहले धर्म-परिवर्तन की शर्त रख दी। युवती ने इनकार किया तो वह उसे सोमवार को खंडवा स्टेशन पर छोड़कर भाग निकला।

रिपोर्ट के अनुसार, खंडवा पुलिस को दिए बयान में युवती ने बताया कि मैं 10वीं तक पढ़ी हूँ। करीब एक साल पहले फेसबुक व इंस्टाग्राम पर महाराष्ट्र के अंजनगाँव (अमरावती) के दानिश खान से दोस्ती हुई थी। बाद में उसने मेरा मोबाइल नंबर लिया और फिर बात होने लगी। कुछ दिन पहले ही उसने कहा कि मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ और तुमसे मिलने आ रहा हूँ।

हिंदू नाम बताकर दोस्ती, फिर मिलने बुलाकर सामूहिक दुष्कर्म

तीसरा मामला भी करीब सप्ताह भर पहले खंडवा का ही है। जहाँ आरोपित ने हिंदू नाम विशाल बताकर 10वीं की छात्रा से दोस्ती कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। हालाँकि शिकायत के बाद खंडवा पुलिस मुख्य आरोपित विशाल उर्फ अरबाज की तलाश में जुट गई है। बुधवार (19 जनवरी, 2022) को हरसूद पुलिस ने किशोरी की मेडिकल जाँच करवाई। इस मामले में आरोपितों पर दुष्कर्म और लैंगिक अधिनियम सहित अन्य गंभीर धाराओं में FIR दर्ज किया गया है। वहीं अरबाज का साथी सादिक पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अरबाज ने 15 वर्षीय किशोरी से सोशल मीडिया पर दोस्ती की थी। उसने अपना नाम विशाल बताया था। इसके बाद उसकी बातों में आकर किशोरी हरसूद से खंडवा गई। यहाँ अरबाज उसे अपने दोस्त सादिक के यहाँ ले गया, सादिक नगर निगम में कर्मचारी है। जिसे पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

नाम बदलकर दोस्ती फिर रेप, शादी पक्की हुई तो भेज दी अश्लील फोटो

चौथा मामला भी मध्य प्रदेश का ही है। जहाँ 23 जनवरी, 2022 को एक युवती की शिकायत पर इंदौर पुलिस ने लव जिहाद का मामला दर्ज कर आरोपित अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आरोपित का नाम अहमद है जिसने अमन बनकर युवती से पहले तो दोस्ती की और फिर प्यार के जाल में फँसाकर रेप करने के बाद उसे ब्लैकमेल कर रहा था। सच्चाई सामने आने के बाद आरोपित युवती पर धर्म बदलने का दबाव बनाने लगा। जिसके बाद पीड़िता ने पुलिस में मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुरहानपुर की रहने वाली हिन्दू युवती इंदौर में रहकर सीएस की पढ़ाई कर रही है। वहीं कोचिंग में साथ पढ़ने वाले अहमद ने अपना नाम अमन बताकर पहले उसके साथ दोस्ती की। फिर नशीला पदार्थ पिलाकर एक बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, इसी दौरान बेहोशी की हालत में ही अहमद ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसके बाद कई बार आरोपित अहमद ने तस्वीरों और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसका शारीरिक शोषण किया। इसी बीच जब युवती को पता चला कि अमन का असली नाम अहमद है तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

भारत विरोधी संस्था IAMC के कार्यक्रम में हामिद अंसारी और स्वरा भास्कर, Pak आतंकियों से है कनेक्शन: भारत में हिंसा भड़काने में भी रोल

भारत के पूर्व उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी और बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल (IAMC)’ के एक कार्यक्रम में अतिथि के रूप में जा रहे हैं। इसे लेकर उन पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अब तक IAMC का रुख भारत विरोधी रहा है और मुस्लिमों के हित के नाम पर वो देश के विरुद्ध प्रोपेगंडा चलाता रहा है। अमेरिका में ‘भारत में मुस्लिम खतरे’ में वाला माहौल बनाने में उसका हाथ है। साथ ही वो अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी ये नैरेटिव चलाता है।

‘DisInfo Lab’ नाम के ट्विटर हैंडल ने IAMC की करतूतों के बारे में बताते हुए एक ट्विटर थ्रेड के जरिए इन दोनों के वहाँ जाने के फैसले का विरोध किया है। इसमें बताया गया है कि इस संस्था के संस्थापक शेख उबैद ने रोहिंग्या मुस्लिमों के नाम पर फंड्स जुटाए और ‘अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF)’ में भारत को ब्लैकलिस्ट कराने के लिए लॉबिंग की थी और इसके लिए रुपए भी खर्च किए थे। ये संस्था दावा करती है कि ये अमेरिका में भारतीय मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करती है।

साथ ही ये भारत में चल रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को ‘फासीवादी’ बताता है। ये कहता है कि वो इस सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। जबकि ये 2013 में भी ‘बराबरी और सहिष्णुता’ की बातें करते हुए भारतीय अल्पसंख्यकों के नाम पर देश को बदनाम कर रहा था। शेख उबैद और उसके सहयोगी अब्दुल मलिक मुजाहिद ‘इस्लामिक सर्कल ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ICNA)’ के भी मुखिया थे, जो पाकिस्तान स्थित ‘जमात-ए-इस्लामी’ का अमेरिकी मुखौटा हुआ करता था।

ICNA के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों से भी लिंक्स सामने आए हैं, जिनमें ‘लश्कर-ए-तैय्यबा’ भी शामिल है। इस संगठन से कई ऐसे लोग भी जुड़े हुए हैं, जो भारत से जम्मू कश्मीर को अलग करने के लिए अभियान चलाते रहते हैं। IAMC का मुखिया रशीद अहमद है, जो 2008-17 के दौरान एक अन्य संस्था ‘इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (IMANA)’ का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर था। आरोप है कि कोरोना संक्रमण आपदा के पीक के दौरान इस संगठन ने भारत की मदद के नाम पर रुपए जुटा कर डकार लिए।

IMANA का ‘डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन्स’ ज़ाहिद महमूद है, जो पाकिस्तानी फ़ौज का अधिकारी हुआ करता था। साथ ही ये ‘इस्लामिक सोसाइटी ऑफ नॉर्थ अमेरिका (ISNA)’ से भी जुड़ा हुआ है, जो अमेरिका में ‘मुस्लिम ब्रदरहुड’ का मुखौटा है। कलीम कवजा जैसे IAMC के सदस्य खुलेआम तालिबान का समर्थन करते रहे हैं। CAA विरोधी आंदोलन से लेकर त्रिपुरा हिंसा तक, IAMC के खिलाफ UAPA के तहत फेक न्यूज़ फैलाने के आरोप में कार्रवाई हो चुकी है।

ये उन सोशल मीडिया हैंडलों में शामिल था, जिसने जम कर लोगों को हिंसा के लिए भड़काया। इसने त्रिपुरा में ‘हिन्दू कट्टरवादियों’ पर मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन से इसकी निंदा करने की अपील की थी। ऐसे में पूछा जा रहा है कि क्या इन सबके बावजूद हामिद अंसारी और स्वरा भास्कर वहाँ जा रहे हैं? क्या उन्हें इस संस्था के करतूतों और पाकिस्तान कनेक्शन का पता नहीं? वैसे ये दोनों हस्तियाँ भारत में भी प्रोपेगंडा फैलाने के लिए कुख्यात हैं।

सपा-बसपा नेताओं के बाद अब टिकट कटने पर फूट-फूट कर रोया कॉन्ग्रेस MLA का पति, कहा – मेरे छोटे-छोटे बच्चे है, पार्टी को तरस नहीं आई

पंजाब कॉन्ग्रेस (Punjab Congress) में प्रत्याशियों की दूसरी लिस्ट जारी होने के बाद से घमासान मचा हुआ है। इस बार फिरोजपुर ग्रामीण सीट से पार्टी की विधायक सत्कार कौर की टिकट काटने को लेकर उनके पति जसमेल सिंह लाड्‌डी कैमरे के सामने फूट-फूटकर रोते नजर आए। जसमेल ने कहा कि कॉन्ग्रेस हमेशा गरीबों की कुर्बानी लेती है। उन्होंने कहा, “मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं, कॉन्ग्रेस को उन पर भी तरस नहीं आ रहा है।। मैंने बहुत मेहनत की है, यह पार्टी को देखना चाहिए।”

दरअसल, इस बार सबसे अधिक महिला प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारने का दावा करने वाली कॉन्ग्रेस ने फिरोजपुर ग्रामीण विधानसभा सीट से सत्कार कौर का पत्ता काटकर ‘आप’ से कॉन्ग्रेस में शामिल हुए आशु बांगड़ को टिकट दी है। आशु को इसी सीट से आम आदमी पार्टी ने भी टिकट दी थी, लेकिन उन्होंने ‘आप’ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी।

हालाँकि, इसके बाद पंजाब के सीएम चरणजीत चन्नी ने उन्हें कॉन्ग्रेस में शामिल करते हुए पार्टी के फैसले से पहले उम्मीदवार घोषित कर दिया। पंजाब कॉन्ग्रेस ने मंगलवार (25 जनवरी, 2022) देर रात आई लिस्ट में अंशु को फिरोजपुर सीट से टिकट दे दिया।

इससे पहले समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) के भी 3 नेताओं को टिकट नहीं मिला था। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट काटे जाने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता जावेद राइन का रोते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वह फफक-फफक कर रोते हुए बिजनौर की जनता को सम्बोधित करते हुए नजर आए थे।

वीडियो में जावेद राइन कहते हुए दिखाई दिए थे, “साथियों अस्सलाम वालेकुम। मन तो दुखता है। सारा शहर और जिला जानता है। रात के 2 बजे भी मैं गरीब, मजदूर की लड़ाई लड़ने के लिए हमेशा आगे रहा। मैंने कभी किसी के साथ गलत नहीं किया। आपको पता है कि मैंने कितनी मेहनत की है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का जो भी फैसला है वो हमें मान्य है। मैं क्षेत्र के सभी लोगों से माफ़ी चाहूँगा कि मैं आपकी खिदमत नहीं कर सका। तभी शायद मेरा टिकट काट दिया गया। आप लोगों का बहुत प्यार मिला। आप सभी ने बहुत इज्जत दी। शायद आपकी खिदमत करना मेरी किस्मत में नहीं था।”

वहीं, कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता इमरान मसूद (Imran Masood) को भी समाजवादी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ठेंगा दिखा दिया था। सहारनपुर जिले की बेहट सीट से टिकट ना मिलने पर निराश सपा प्रमुख के फैसले पर इमरान मसूद ने कहा था कि मैं पूरी तरह से शॉक्ड हूँ। इस समय उनकी स्थिति ‘न घर के न घाट के’ वाली हो गई है। अब विवादित नेता दूसरी मंजिल की तलाश में है।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की मुजफ्फरनगर की चरथावल सीट से टिकट कटने पर बसपा नेता अरशद राणा शहर कोतवाली में फूट-फूटकर रो पड़े थे। सलमान सईद को चरथावल से बसपा का टिकट दिए जाने से आहत अरशद राणा ने पहले फेसबुक पर अपनी आपबीती लिखी थी। इसके बाद उन्होंने टिकट न मिलने से आहत होने की बात कहते हुए बसपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही आत्मदाह करने तक की धमकी तक दी थी।

आंध्र प्रदेश पुलिस ने ‘जिन्ना टॉवर’ पर नहीं फहराने दिया तिरंगा, हिन्दू कार्यकर्ताओं की पिटाई: गिरफ्तार भी किया, बैरिकेड्स लगाए

आंध्र प्रदेश की गुंटूर पुलिस ने गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2022) के मौके पर ‘जिन्ना टॉवर’ (Jinnah Tower) में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश कर रहे हिंदू वाहिनी के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हैं कि हिंदू वाहिनी के सदस्य, जिन्होंने हाथों में तिरंगा लिया हुआ है, पुलिस उन पर बल का प्रयोग कर रही है। वे लोग भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगा रहे हैं। पुलिस ने टॉवर के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी है और बैरियर लगा दिए हैं, जिससे वहाँ कोई भी प्रवेश ना कर सके।

अपने ही देश में भारत का तिरंगा झंडा नहीं फहराने देने पर नेटिज़न्स काफी आक्रोशित हैं। सोशल मीडिया यूजर्स गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘जिन्ना टॉवर’ पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश कर रहे भारतीय नागरिकों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि भारत में अभी भी जिन्ना के नाम पर एक मीनार और एक घेरा क्यों है?

गुंटूर में हिंदू वाहिनी के सदस्य जिस ‘जिन्ना टॉवर’ पर तिरंगा झंडा फहराने का प्रयास कर रहे थे, उसका नाम पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना के नाम पर रखा गया है। इसकी उत्पत्ति के बारे में एक कहानी यह है कि जिन्ना के प्रतिनिधि लियाकत अली खान ने स्वतंत्रता पूर्व गुंटूर का दौरा किया था। खान का अभिनंदन तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेता एसएम लाल जन बाशा के दादा लाल जन बाशा ने किया था। उन्होंने ही इस मुस्लिम लीग के नेता के सम्मान में एक टॉवर बनवाया था, जिसे आज ‘जिन्ना टॉवर’ के नाम से जाना जाता है। टॉवर को छह खंभों पर खड़ा किया गया। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि इस टॉवर को कथित तौर पर महात्मा गाँधी रोड पर शांति और सद्भाव के प्रतीक के रूप में स्थापित किया गया है।

बता दें कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के भाजपा नेताओं ने लगातार गुंटूर के ‘जिन्ना टॉवर’ का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखने की माँग उठाई थी। गुंटूर पुलिस द्वारा टॉवर पर तिरंगा फहराने को कोशिश कर रहे हिंदू कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लेने के कारण विवाद बढ़ गया है। भाजपा प्रदेश इकाई के नेताओं ने इस टॉवर का नाम बदलने की माँग करते हुए कहा था कि 75 साल बाद भी एक ‘गद्दार’ के नाम पर टॉवर का नाम होना देश का अपमान है।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, वाई सत्य कुमार और तेलंगाना के भाजपा विधायक राजा सिंह ने पहले ‘जिन्ना टॉवर’ का नाम एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखने की माँग की थी। वाई. सत्य कुमार ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से उस समय टॉवर को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराने को लेकर सवाल किया है, जब गुंटूर में 102 साल पुराने भगवान राम मंदिर को तोड़ा जा रहा है।

नया नहीं है लावण्या जैसा मामला: जानिए उन 15+ घटनाओं के बारे में जब छात्रों को करना पड़ा ईसाई धर्मांतरण और यौन शोषण का सामना

तमिलनाडु में हिंदू लड़की लावण्या के आत्महत्या के बाद देश में धर्मांतरण को लेकर लोगों में गुस्सा है। जगह-जगह इस बात पर चर्चा है कि आखिर कैसे ईसाइयत को हिंदू बच्ची पर थोपने की कोशिश हुई और जब वह नहीं मानी तो उसे तरह-तरह से प्रताड़िता किया गया। कुछ लोगों को हैरानी इस बात को लेकर भी है कि आखिर किसी शिक्षण संस्थान में धर्म परिवर्तन का धंधा कैसे चल रहा है, लेकिन आपको ये बात बता दें धर्म परिवर्तन के गंदे खेल में ऐसा पहली बार नहीं है जब शिक्षा के नाम पर इसे अंजाम दिया गया। इससे पहले कई बार ईसाई स्कूलों से हिंदू घृणा की घटनाएँ देखने को मिली हैं।

आज हम ऐसे 1-2 नहीं, बल्कि 15 से ज्यादा मामले आपके सामने लेकर आए हैं जब ईसाई मिशनरियों ने हिंदू बच्चों/छात्र-छात्राओं की भावना से न केवल खिलवाड़ किया बल्कि उन्हें प्रताड़ित करके उनका ब्रेनवॉश करके उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया या अन्य किसी ढंग से उनका शोषण किया।

तमिलनाडु की लावण्या

तमिलनाडु के तंजावुर में सेक्रेड हार्ट हायर सेकेंडरी स्कूल, तिरुकट्टुपाली में कक्षा 12 वीं में पढ़ने वाली एम लावण्या नाम की एक छात्रा ने कुछ दिन पहले आत्महत्या की थी। सुसाइड के बाद उसकी एक वीडियो सामने आई थी जिसमें उसने आरोप मढ़ा था कि स्कूल उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाता है और मना करने पर उसे घर नहीं जाने दिया जाता। साथ ही प्रताड़ना के तौर पर उससे शौचालय साफ करवाए जाते थे, बर्तन धुलवाए जाते थे। उसकी मृत्यु के बाद माँ ने भी दावा किया था कि उनकी लड़की के ऊपर पिछले 2 साल से धर्म परिवर्तन को दबाव बनाया जा रहा था। 

ईसाई स्कूल के प्रिंसिपल ने छात्रों को किया यौन शोषण

इस माह के शुरुआत में ही द हिंदू में एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी जिसमें बताया गया था कि यमनकुलम का 50 वर्षीय क्रिस्टोफर जेबकुमार, जो कि सरकारी सहायता प्राप्त उच्च माध्यमिक विद्यालय का हेडमास्टर था, उसको थिसैयांविलई में छात्राओं का यौन शोषण करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। एक लड़की की शिकायत के बाद हेडमास्टर के विरुद्ध ये कार्रवाई हुई थी।

मध्यप्रदेश में 8 छात्रों का धर्मांतरण

मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के एक कस्बे स्थित मिशनरी स्कूल से पिछले माह 8 बच्चों के धर्मांतरण के मामले ने हिंदू संगठनों में गुस्सा भर दिया था। उस समय अहिरवार समाज संघ ने विदिशा के डीएम से शिकायत की थी। इसमें कहा गया था कि 8 हिंदू बच्चों का पानी छिड़क कर ईसाई धर्मांतरण कराया गया। स्कूल की आड़ में धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप लगाया गया था।

अय्यप्पा दीक्षा के बाद स्कूल छात्र को स्कूल में एंट्री से किया गया मना

22 नवंबर 2021 को तेलंगाना टुडे में एक रिपोर्ट पब्लिश हुई थी। इसमें जानकारी दी गई थी कि सदाशिवपेट शहर के सेंट मेरी पीएसएम हाई स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं कक्षा के छात्र जब अय्यप्पा दीक्षा से लौटा तो उसे स्कूल में एंट्री देने से मना कर दिया। हालाँकि हिंदू बच्चे के साथ हुए भेदभाव के बाद जो बवाल हुआ उसके बाद स्कूल ने उसे एंट्री दे दी थी।

क्रिश्चियन मिशनरी गर्ल्स हॉस्टल में चल रहा था ‘धर्मांतरण का धंधा’

मध्यप्रदेश के रायसेन में क्रिश्चियन मिशनरी गर्ल्स हॉस्टल में चल रहे धर्मांतरण के धंधे का राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने पर्दाफाश किया था। आयोग के अध्यक्ष ने हॉस्टल का औचक निरीक्षण करते हुए पता लगाया कि वहाँ आदिवासी हिंदू लड़कियाँ लाकर रखी गई थीं जिन्हें धार्मिक पुस्तकें देकर ईसाई धर्म की ओर आकर्षित करने की कोशिश हो रही थी।

रुद्राक्ष पहनने और चंदन लगाने की सज़ा

तमिलनाडु के कांचीपुरम में ईसाई शिक्षक को छात्रों का रुद्राक्ष पहनना और विभूति लगाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया था। इसकी वजह से उसने छात्रों के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया, बल्कि उन्हें पीटा भी। इस मामले में छात्रों के माता-पिता ने सीएम के स्पेशल सेल को पत्र लिखकर स्कूल और शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। आरोप था कि स्कूल ने लड़कों को ये कहकर अपमानित किया कि रुद्राक्ष और विभूति सिर्फ उपद्रवी और मिसफिट लोग ही पहनते हैं।

मुंबई के स्कूल में धर्मांतरण

साल 2019 में अप्रैल में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के विरार पूर्वी इलाके में क्राइस्ट प्राइमरी स्कूल को निशाना बनाया गया था। स्कूल पर आरोप था कि वो अपने स्कूल के छात्रों का धर्मांतरण करवा रहे थे। इसी स्कूल पर लगे आरोपों पर 24 फरवरी 2019 को विश्व हिंदू परिषद ने भी इसका विरोध किया था।

स्पोर्ट टीचर पर यौन शोषण का आरोप

पिछले साल कुछ ही दिनों में तमिलनाडु से कई ऐसे मामले सामने आए थे जहाँ स्कूलों में शिक्षकों को यौन शोषण का आरोपित पाया गया था। एक मामला पिछले साल का है जब सेंट जॉर्ज एंगलो इंडिया स्कूल को स्कूल शिक्षा मंत्रालय ने नोटिस भी भेजा था। वहाँ स्पोर्ट्स कोच नागर्जुन पर यौन शोषण करने का आरोप लगा था। इस संबंध में हिंदू के स्पोर्ट्स पत्रकार टीएन रघु ने ट्वीट करके बताया था और मामला प्रकाश में आया था।

नाबालिग छात्राओं को गंदे मैसेज भेजने वाला ईसाई उपदेशक

साल 2020 की एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूल की बच्चियों को अश्लील मैसेज भेजने वाले ईसाई उपदेशक को कोयंबटूर में गिरफ्तार किया गया था। एक निजी कॉलेज में पढ़ने वाली किशोरी ने जे सैमुअल जयसुंदर नाम के उपदेशक पर केस दर्ज करवाते हुए आरोप लगाए थे कि जयसुंदर ने उसे अश्लील मैसेज भेजे और उससे पूछा कि वो नंगी सोती है क्या?

सेंट मेरी स्कूल में छात्रा की मेहंदी छुड़वाने का मामला

साल 2015 में सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल का एक मामला कानपुर से आया था। उस समय पता चला था कि स्कूल ने लड़कियों के हाथ से मेहंदी हटवाने के लिए उसे पत्थर से घिसवाया गया और राखी को काटा गया था। इतना ही नहीं जो छात्र राखी मेहंदी के साथ दिखे थे उन्हें स्कूल ने दंडित भी किया था।

गुजरात में भी काटी गई राखी

साल 2018 में गुजरात से भी माउंट कैरमल हाई स्कूल में भी बच्चों के हाथों से कैंची से राखी काटने का एक मामला आया था, तब गुस्सा हुए माता-पिता ने इस संबंध में शिकायत दी थी और सरकार ने इस मामले को दुर्भाग्यपूर्ण कहा था।

माउंट कैरमल स्कूल विवाद

साल 2016 में नई दिल्ली के माउंट कैरमल हाई स्कूल की एक वीडियो सामने आई थी। जहाँ विजय कुमार विलियम्स छात्रों को संबोधित करते हुए धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे थे। साथ ही हिंदुओं के सिद्धांतो को बकवास बता रहे थे।

यौन शोषण करने वाला स्कूल प्रिंसिपल हुआ गिरफ्तार

चेन्नई पुलिस ने 11 साल की बच्ची का यौन शोषण करने के आरोप में पेरुगुडी के मोंटफोर्ट स्कूल के प्रिंसिपल जी जयपॉल को गिरफ्तार किया है। यह मामला तब सामने आया जब लड़की ने करीब दो महीने तक स्कूल जाने से इनकार कर दिया। लड़की ने खुलासा किया कि उसके माता-पिता द्वारा स्कूल से लंबी अनुपस्थिति के लिए उससे पूछताछ करने के बाद क्या हुआ था।

फंड न देने पर लड़कियों को मार

छत्तीसगढ़ के एक ईसाई संगठन द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ के कुनकुरी प्रखंड के जीनाबहार मिशन गर्ल्स हाई स्कूल की प्रधानाध्यापक पर प्रेयर असेंबी आयोजित करने के नाम पर जबरन पैसा वसूलने और ऐसा न करने पर छात्राओं को बेरहमी से मारने करने का आरोप लगा था। स्कूल की करतूत का खुलासा उस समय हुआ था जब 450 लड़कियों ने स्कूल का बहिष्कार कर दिया था। बहुत बवाल के बाद पुलिस ने इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों को शांत कराया था। छात्राओं ने शिकायत की थी कि एक नन ने 200 रुपए प्रेयर असेंबली के लिए न देने पर छात्रा को मारते-मारते उसके कान से खून निकाल दिया था।

अय्यप्पा भक्तों की पोषाक पहनने से स्कूल ने किया मना

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2019 में तेलंगाना से एक मामला सामने आया था। उस समय एक पाँचवी कक्षा के छात्र को उसके स्कूल ने अंदर आने से मना कर दिया था। 16 दिन बच्चे को क्लास में बैठने से मना किया गया था।

जबरन धर्मांतरण के विरोध पर छात्र की पिटाई, हुई मौत

2019 की खबर के अनुसार, त्रिपुरा में पबियाछारा के कुम्हारघाट होली क्रॉस स्कूल में जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने से नौवीं कक्षा का एक छात्र देबबर्मा परेशान था। इस बात को लेकर स्कूल मैनेजमेंट का उसने विरोध भी किया था। लेकिन उसका विरोध उस पर भारी पड़ा। उसे हॉस्टल में प्रताड़ित किया गया, जिसके कारण जीबीपी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

ईसाई आश्रम में जबरन गो मांस खिलाया

पिछले साल आई एक रिपोर्ट के अनुसार, ईसाई मिशनरी के सेवाधाम आश्रम में कथिततौर पर बच्चों को बीफ खिलाने का मामला आया था। इस संबंध में राष्ट्रीय बाल आयोग ने नोटिस जारी कर जवाब भी माँगा था। ये मामला एक पिता की शिकायत के बाद उजागर हुआ था और ये भी पता चला था कि सेवाधाम में जबरन बाइबल पढ़ाई जाती है।

‘शर्मिंदगी’ से बचने के लिए ‘वर्जिनिटी सर्जरी’ का सहारा: ब्रिटेन में ‘वर्जिनिटी रिपेयर’ पर रोक, ईरानी-कुर्दिश संगठन ने किया स्वागत

ब्र‍िटेन में खुली जिंदगी जीने की आदी लड़कियाँ कम उम्र में ही कौमार्य (Virginity) को गँवा देती हैं। ऐसे में जब वहाँ शादी होती है तो वह ‘वर्जिनिटी सर्जरी’ का सहारा लेकर फिर से अपने को कुँवारी साबित करती हैं। अब सरकार ने इसको बैन करने के लिए संसद में बिल पेश किया है। 

ब्रिटेन में आमतौर पर सैकड़ों ऐसे माता-पिता हैं जो अपनी बेटियों को इस तरह की सर्जरी कराने के लिए बाध्य करते हैं। ब्रिटेन की महिला अधिकार संगठन इन प्रक्रियाओं के लिए युवतियों को बाध्य करने के कारण इसे हिंसा मानती हैं।

‘द गार्डियन’ ने अपनी रिपोर्ट में हाफसा (काल्पनिक नाम) की स्थिति को बताया है, जिससे इसकी गंभीरता को आँका जा सकता है। हाफसा ने बताया कि वह 30 साल की है, लेकिन जब वह बच्ची थी तब उसके साथ रेप किया गया था। इसके बाद उसके कुर्दिश (ईरानी मूल के) अम्मी-अब्बू ने उस पर वर्जिनिटी सर्जरी के लिए दबाव बनाया, ताकि शादी की रात को उसे ‘प्योर’ पेश किया जा सके और शर्मिंदगी से बची जा सके।

‘ईरानी और कुर्द महिला अधिकार संगठन’ की कार्यकारी निदेशक डायना नम्मी का कहना है, “‘कुँवारी’ के रूप में पेश करने के लिए हर महिला या लड़की, जो दबाव में इस सर्जरी से गुजरती है, वह परिवार द्वारा की जा रही उसकी जबरन विवाह की भुक्तभोगी होती है। यह महिलाओं के साथ एक तरह की हिंसा है। इस सर्जरी के बाद भी अगर संबंध बनाते वक्त खून नहीं निकलता है तो कई बार महिलाएँ ऑनर किलिंग की शिकार बन जाती हैं।

‘वर्जिनिटी रिपेयर’ सर्जरी हो रही बैन 

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश सरकार द्वारा ‘वर्जिनिटी रिपेयर’ सर्जरी को, जिसे हाइमेनोप्लास्टी के नाम से जाना जाता है, अपराध बनाने के लिए एक बिल पेश किया गया है। सोमवार (24 जनवरी 2022) को पेश किए गए स्वास्थ्य देखभाल बिल में संशोधन के तहत कोई भी प्रक्रिया, जो हाइमन के पुनर्निर्माण का प्रयास करती है, वह अवैध होगी। भले ही सर्जरी से गुजरने वाले व्यक्ति की सहमति हो या न हो। 

ऐसी होती है सर्जरी 

आमतौर पर लड़कियों के अरेंज मैरिज से पहले इस तरह की सर्जरी करवाई जाती है। इस सर्जरी का उद्देश्‍य होता है कि जब लड़की या महिला अपने पार्टनर से संबंध बनाए तो उसमें खून बहे, चाहे वह पहले ही किसी से संबंध क्‍यों न बना चुकी हो। इसमें टिश्‍यू का उपयोग कर नकली हाइमन झिल्ली बनाई जाती है, जिससे संबंध बनाते समय खून निकलने लगता है। इस सर्जरी को प्राइवेट अस्पताल में करवाने पर 50 से 60 हजार रुपए का खर्च आता है। इस सर्जरी में आधे घंटे का समय लगता है।

चूँकि सरकार पिछले साल जुलाई में ‘कौमार्य परीक्षण’ को अपराध घोषित कर चुकी थी, इसलिए डॉक्टरों और नर्सों ने ‘वर्जिनिटी रिपेयर’ सर्जरी को गैर-कानूनी घोषित करने का आह्वान किया था। इन दोनों ही प्रक्रियाओं को महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा का एक रूप माना जाता है। 

बैन करने की हो रही थी माँग

रॉयल कॉलेज ऑफ ऑब्स्टीट्रीशियन्स एंड गाइनोकोलोजिस्ट (RCOG) ने सरकार को चेतावनी देते हुए वर्जिनिटी रिपेयर सर्जरी पर सख्ती से रोक लगाने की माँग की थी। गौरतलब है कि पिछले महीने सांसदों की कमेटी ने एक प्रस्ताव पेश किया था जिसमें कुछ निजी क्लीनिकों द्वारा किए जा रहे वर्जिनिटी टेस्ट को अपराध की श्रेणी में लाने की माँग की गई थी।

डॉक्टर्स का कहना था कि एक तरफ तो सरकार वर्जिनिटी टेस्ट पर कानून बनाने का दावा कर रही है वहीं दूसरी तरफ ‘वर्जिनिटी रिस्टोर’ कराने की प्रक्रिया पर कोई रोक नहीं लगा रही है। UK में ज्यादातर लड़कियों और महिलाओं को पूरी तरह से वर्जिन दिखाने के लिए उनके माता-पिता या फिर रिश्तेदार हाइमनोप्लास्टी कराते हैं। बताया जा रहा है कि ऐसी लड़कियों को अब इस सर्जरी से निजात मिल सकेगा। उन पर माता-पिता अब सर्जरी का दबाव नहीं बना सकेंगे।

RRB-NTPC के रिजल्ट में धाँधली का आरोप, बिहार में भारी विरोध प्रदर्शन: रेलवे ने किया कमिटी की गठन

परीक्षार्थियों के हिंसक विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने एनटीपीसी और ग्रुप डी (श्रेणी-1) की परीक्षाएँ स्थगित कर दीं हैं। छात्रों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हमारे पास परीक्षा को लेकर कोई शिकायत नहीं आई। हमने जाँच कमेटी बनाई है और वो इसकी जाँच करेगी। कमिटी 4 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी। ये समिति विरोधी छात्रों की आपत्तियाँ सुनेगी और इन पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपेगी। 

छात्रों की शिकायत सुनने के लिए रेलवे ने किया कमिटी की गठन

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि समिति परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की आपत्तियों की जाँच करेगी और दोनों पक्षों की शिकायतें और चिंताएँ सुनने के बाद समिति रेल मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेगी। छात्र 16 फरवरी तक समिति के समक्ष अपनी शिकायतें प्रस्तुत कर सकते हैं।

RRB-NTPC रिजल्ट पर हुआ हंगामा

RRB-NTPC का रिजल्ट जारी होने के बाद लाखों छात्रों ने इसके विरोध में बिहार और उत्तर प्रदेश के साथ कई अन्य जगहों पर भी प्रदर्शन किया है। वहीं रिजल्ट में धाँधली के विरोध में गया जंक्शन पर छात्रों ने उपद्रव करते हुए ट्रेन की तीन बोगियों में आग लगा दी। पूरे मामले में प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा परिणाम में धाँधली का आरोप लगाया है। छात्रों का आरोप है कि आरआरबी एनटीपीसी भर्ती (RRB NTPC Recruitment) सीबीटी-1 के रिजल्ट में जोन वाइज कुल पदों के 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालिफाई घोषित किया जाना था। लेकिन विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या को आधार मानकर अलग-अलग हर स्लॉट के लिए 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालिफाई घोषित किया गया है।

इससे परीक्षा में क्वालिफाई करने वाली अभ्यर्थियों की वास्तविक संख्या 20 गुना के बजाय महज 5-6 गुना रह गई है। इसे लेकर ही उम्मीदवारों में नाराजगी है। क्योंकि, अब सीमित संख्या में ही अभ्यर्थी आरआरबी एनटीपीसी भर्ती के दूसरे चरण यानी सीबीटी-2 परीक्षा में भाग ले पाएँगे। वहीं रेलवे बोर्ड का कहना है कि पद खाली न रहे, इसके लिए ये व्यवस्था की गई है। यही विरोध की वजह है। छात्रों की माँग है कि रिजल्ट पर रेलवे को दोबारा विचार करना चाहिए। 

रेलवे की RRB-NTPC परीक्षा का रिजल्ट हाल ही में आया

RRB-NTPC परीक्षा का रिजल्ट 14-15 जनवरी को जारी किया गया था जिसके बाद से ही कैंडिडेट्स का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। इन परीक्षाओं में 1 करोड़ 40 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे और रिजल्ट आने के बाद से ही छात्रों के बीच असंतोष भड़का हुआ है।

फरवरी में होने वाली थी ग्रुप डी की परीक्षा भी स्थगित

गौरतलब है कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) परीक्षा के रिजल्ट के खिलाफ अभ्यर्थी पिछले तीन दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। ये विरोध तब और बढ़ गया जब रेलवे ने सोमवार को ग्रुप डी भर्ती में सीबीटी दो चरणों में लेने की घोषणा की। एनटीपीसी सीबीटी-2 की परीक्षा 15 फरवरी और ग्रुप डी सीबीटी-1 की परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होने वाली थी। लेकिन अब इन्हें स्थगित कर दिया गया है।

बिहार में भारी विरोध प्रदर्शन

वहीं रेलवे भर्ती बोर्ड की गैर तकनीकी लोकप्रिय श्रेणियों (RRB-NTPC) की परीक्षा 2021 परिणाम के विरोध में छात्रों का विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को ये बिहार के अन्य हिस्सों में फैल गया। कल प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर रेल पटरियों पर धरना दिया जिससे बिहार में ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई।

बिहार में एक-दो दिन से लगातार कई स्थानों पर परीक्षार्थियों के द्वारा ट्रेनें रोके जाने और पटरियों को जाम करने की घटनाएँ सामने आई। प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने गया जंक्शन पर ट्रेन में आग लगा दिया। इसके बाद फायर बिग्रेड की टीम पहुँच गई और आग बुझाने की कोशिश करने लगी। इधर उपद्रवियों को काबू करने के लिए आरपीएफ को आँसू गैस के गोले दागने पड़े। वहीं सोमवार (24 जनवरी 2022) शाम को पटना के राजेंद्र नगर टर्मिनल पर पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस और लाठीचार्ज का प्रयोग भी करना पड़ा। मामले को लेकर अज्ञात 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।

सीतामढ़ी में डीएसपी, सीओ जख्मी

सीतामढ़ी में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। पथराव में डीएसपी, सीओ समेत कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। दर्जनभर से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। मुजफ्फरपुर जंक्शन और मोतिहारी के बापूधाम स्टेशन पर रेलवे ट्रैक दो घंटे तक अभ्यर्थियों के कब्जे में रहा। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा। 

नवादा में मशीन और सीट में लगाई आग

नवादा रेलवे स्टेशन पर छात्रों ने पटरी दुरुस्त करने वाली डायनेमिक टेम्पिंग एक्सप्रेस मशीन और कुछ यात्री शीट को आग के हवाले कर दिया। पटरी के कपलिंग को निकाल दिया गया। रेल ट्रैक पर साइड में रखी पटरी को डाल दिया। लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाकर ट्रेन परिचालन बहाल किया गया। 

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रोकी ट्रेन, दो घंटे किया बवाल

मुजफ्फरपुर जंक्शन पर दो घंटे तक बवाल किया। इस दौरान जंक्शन पर आई बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस समेत दो ट्रेनों को रोक कर हंगामा किया। करीब एक घंटे तक ट्रेनों को रोककर परीक्षार्थी प्रदर्शन करते रहे। ट्रेन रोके जाने की सूचना पर आरपीएफ, जीआरपी व जिला पुलिस के अधिकारी और जवान मौके पर पहुँचे और परीक्षार्थियों को समझाकर रेलवे ट्रैक से हटने को कहा गया, ताकि ट्रेनों का परिचालन हो सके। लेकिन, परीक्षार्थियों ने किसी की नहीं सुनी। इस दौरान अधिकारियों व जवानों के साथ परीक्षार्थियों की नोकझोंक भी हुई। दोपहर 12 से लेकर दो बजे तक ट्रैक पर परीक्षार्थियों का कब्जा रहा। 

मोतिहारी में रेलवे ट्रैक पर आकर प्रदर्शनकारियों ने किया घंटों बवाल

मोतिहारी के बापूधाप रेलवे स्टेशन पर दो  घंटे से अधिक समय तक प्रदर्शनकारियों का कब्जा जमा रहा। प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा। इसके अलावा मधुबनी,समस्तीपुर सहित कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर बवाल किया। प्रदर्शन के कारण 12 बजे से लेकर 3 बजे तक अधिकांश ट्रेनों का परिचालन ठप रहा। यात्रियों का भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बक्सर में रेलवे ट्रैक पर खड़े होकर की नारेबाजी

आरआरबी-एनटीपीसी की परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए पटना-पीडीडीयू रेलखंड के बक्सर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को छात्रों और अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम किए जाने से बक्सर में कई ट्रेनें रोकी गईं। वहीं कुछ ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ा किया गया। छात्र करीब 12 बजे से ही रेलवे स्टेशन पर खड़े होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। छात्रों के प्रदर्शन को लेकर स्टेशन पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। 

परीक्षा देने पर लगेगा आजीवन प्रतिबंध: रेलवे

इस बीच बढ़ते विरोध के बीच रेल मंत्रालय ने मंगलवार (25 जनवरी 2022) को एक बयान जारी कर उम्मीदवारों को रेलवे की नौकरी पाने से जीवन भर के लिए प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी थी। इसमें कहा गया था कि जो छात्र रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और रेलवे ट्रैक पर विरोध प्रदर्शन के दोषी पाए जाएँगे उन्हें रेलवे की नौकरी पाने के लिए बैन कर दिया जाएगा और वो रेलवे की नौकरी हासिल नहीं कर सकेंगे। यह चेतावनी बिहार में कई जगहों पर प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों के रेलवे पटरियों पर धरने पर बैठने के मद्देनजर आई थी।