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तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने लगाए पोंगल पर्व मनाने पर प्रतिबन्ध, शुक्रवार से रविवार तक मंदिर जाने पर भी बैन: कोरोना का दिया हवाला

कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (Tamil Nadu Chief Minister MK Stalin) ने राज्य में पोंगल त्योहार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक सभा पर रोक लगा दी है। सीएम ने घोषणा की है कि पोंगल से संबंधित सभी सरकारी और निजी कार्यक्रम स्थगित रहेंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री स्टालिन ने शुक्रवार, शनिवार और रविवार के दिन श्रद्धालुओं के मंदिर जाने पर भी रोक लगा दी है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम और वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर गुरुवार (6 जनवरी 2022) से नाइट कर्फ्यू लगाने की घोषणा भी की है। हालाँकि, राज्य में 9 जनवरी को पूरी तरह से लॉकडाउन लगाया जाएगा। इस दौरान केवल रेस्टोरेंट सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक खाना डिलीवरी के लिए खुले रहेंगे।

पोंगल उत्सव पर रोक लगाने के फैसले से स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर में खासा आक्रोश है। उन्होंने सरकार से हिंदू त्योहार से ठीक पहले राज्य में प्रतिबंध लगाने के बारे में सवाल किया है। एक सोशल मीडिया यूजर ने ट्वीट किया, “क्रिसमस और नए साल के दौरान ऐसा क्यों नहीं किया? क्रिसमस तो लोगों ने बड़े ही धूमधाम से मनाया?” एक अन्य यूजर ने कहा कि तमिलनाडु सरकार ने राज्य को नया साल और क्रिसमस मनाने की अनुमति देने के बाद अब जान-बूझ कर ऐसा किया है।

पोंगल पर्व तमिलनाडु में मकर संक्रांति के दिन मनाया जाता है। यह पर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। मकर संक्रांति और लोहड़ी की तरह पोंगल भी फसल और किसानों से जुड़ा त्योहार होता है, जिसे पूरे भारत में अलग-अलग नामों से बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

PM मोदी की सुरक्षा में चूक से CM चन्नी का इनकार, SSP के निलंबन के आदेश को भी निरस्त किया: कहा- पीएम को यात्रा टालने के लिए बोला था

पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में किसी भी चूक से अब इनकार किया है। राज्य सरकार की हो रही फजीहत को देखते हुए वो लगातार अपना बयान बदल रहे हैं। अब उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले के रास्ता बदलने को लेकर उन्हें कोई सूचना नहीं थी।

मुख्यमंत्री के हवाले से एएनआई ने बताया, “हमने उनसे (पीएमओ) खराब मौसम की स्थिति और विरोध के कारण यात्रा बंद करने के लिए कहा था। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले की अचानक मार्ग परिवर्तन करने की कोई सूचना नहीं थी। पीएम के दौरे के दौरान सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई।”

वहीं, फिरोजपुर के SSP हरमन हंस को सस्पेंड करने के आदेश के बाद अब चन्नी ने इससे भी पलटी मार दी है। राज्य सरकार की खिंचाई होने के बाद उन्होंने एसएसपी को सस्पेंड करने का मौखिक आदेश जारी किया, लेकिन कुछ ही देर बाद उस आदेश को निरस्त कर दिया। चन्नी ने कहा कि पीएम की सुरक्षा में चूक के मामले में किसी भी अफसर को सस्पेंड नहीं किया गया। मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है, राज्य सरकार और पुलिस पर किसी तरह की उँगली ना उठे, इसलिए डीजीपी कार्यालय द्वारा जारी निलंबन के मौखिक आदेश को उन्होंने निरस्त कर दिया।

दूसरी तरफ, चन्नी ने अपने हालिया बयान में पीएम मोदी से माफी माँगी है। समाचार एजेंसी एएनआई से उन्होंने कहा, “मुझे खेद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को आज फिरोजपुर जिले से वापस लौटना पड़ा। हम अपने पीएम का सम्मान करते हैं।”

सीएम ने आगे कहा, “मुझे आज बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवानी करने के लिए जाना था, लेकिन जो लोग मेरे साथ जाने वाले थे वो कोरोना संक्रमित हो गए। इसलिए मैं आज प्रधानमंत्री को रिसीव करने नहीं जा पाया, क्योंकि मैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए कुछ लोगों के संपर्क में था।”

मालूम हो कि बुधवार (5 जनवरी 2021) को पंजाब में सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बठिंडा से वापस लौटना पड़ा। साथ ही फिरोजपुर में प्रस्तावित उनकी रैली को भी रद्द कर दिया गया है। भठिंडा एयरपोर्ट से वापस लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ के अधिकारियों से कहा, “अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना, मैं भठिंडा एयरपोर्ट तक ज़िंदा पहुँच गया।” इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस मामले को लेकर पंजाब सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि अपनी निकृष्ट सोच और ओछी हरकतों से पंजाब की कॉन्रेस सरकार ने दिखा दिया है कि वह विकास विरोधी है और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए भी उनके दिल में कोई सम्मान नहीं है। यह घटना माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक थी, जो बेहद चिंताजनक है।

(स्टोरी नई सूचनाओं के आधार पर अपडेट की गई है।)

‘अभिमानी मोदी को सबक सिखाया’: संगठन ने ली जिम्मेदारी, बार-बार बयान बदल रहे CM चन्नी, उपद्रवियों के साथ चाय पी रही थी पंजाब पुलिस

पंजाब के बठिंडा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रदर्शनकारियों को उनके रूट का पता चल गया और फ्लाईओवर पर भीड़ जुट गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी फिरोजपुर रैली को रद्द कर के वापस लौटना पड़ा। इस सम्बन्ध में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी लगातार बयान बदल रहे हैं। पहले उन्होंने बयान दिया कि रैली में 70,000 कुर्सी लगी थी, लेकिन 700 लोग ही आए। फिर उन्होंने इस घटना को ‘कुदरती’ करार दिया। कॉन्ग्रेस नेता इस घटना पर जश्न मना रहे।

कॉन्ग्रेस पार्टी द्वारा कैप्टन अमरिंदर सिंह जैसे अनुभवी प्रशासक को हटा कर मुख्यमंत्री बनाए गए चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में किसी प्रकार की सेंध या चूक की बात नकारते हुए कह दिया कि अंतिम समय में योजना बदल दी गई थी। इसके बाद अपने बयान में उन्होंने कहा कि देर रात तक वो खुद पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। वहीं उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीएम चन्नी के बयान के विरोधाभास में माना कि सचमुच सुरक्षा में चूक हुई है।

कॉन्ग्रेस के नेता दोपहर से ही खाली कुर्सियों की तस्वीरें शेयर कर-कर के दावा कर रहे हैं कि इसी वजह से पीएम मोदी की रैली रद्द हुई है। जबकि भाजपा नेताओं ने तस्वीरें और वीडियोज शेयर कर के दिखा दिया कि सुबह से ही लोग प्रधानमंत्री को सुनने के लिए जुटे हुए थे और कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ थी। भाजपा के आईटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने कहा कि CS और DGP को प्रधानमंत्री के काफिले के साथ होना चाहिए, लेकिन इस बार ये दोनों ही गायब थे।

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का भी कहना है कि कुछ कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने के कारण उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया है और इसीलिए वो पीएम मोदी को रिसीव करने नहीं जा सके। उन्होंने पंजाब सरकार पर लगातार झूठ बोलने के आरोप लगाए। इसी तरह मीडिया में पहले खबर आई कि फिरोजपुर के SSP को निलंबित किया गया है, लेकिन सीएम चन्नी ने फिर इसका खंडन कर दिया। अब वो स्वीकार कर रहे हैं कि पीएम मोदी के रूट में प्रदर्शनकारियों के होने का उन्हें पता था।

प्रधानमंत्री को कहीं जाना हो तो पहले उस रूट के रिहर्सल किया जाता है, जो इस बार भी हुआ था। इससे ये दावा गलत साबित हो जाता है कि अंतिम समय में योजना बदलने से दिक्कत हुई। वीडियो में ये भी सामने आया है कि पंजाब पुलिस उन प्रदर्शनकारियों के साथ चाय की चुस्की ले रही थी, जिन्होंने प्रधानमंत्री के काफिले को 20 मिनट तक रोके रखा। जिस जगह ये घटना हुई, वो पाकिस्तान की सीमा से 30 किलोमीटर की दूरी पर ही है। वहाँ से अक्सर बम बरामद होते रहते हैं।

मीडिया के सामने ही प्रदर्शनकारी ये स्वीकार करते हुए दिख रहे हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री के रूट का पूरा पता था। सवाल ये है कि जब ये जानकारी सिर्फ पंजाब पुलिस को ही थी, फिर कहाँ से प्रदर्शनकारियों को सारी बातें लीक हुई? प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने कई बसों को तबाह कर दिया और भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी हमले किए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पीएम मोदी की सुरक्षा वहाँ कमजोर हो गई थी और कुछ भी हो सकता था। इन सबका दोषी कौन?

वहीं ‘भारतीय किसान संघ (क्रांतिकारी)’ नामक संगठन ने पीएम मोदी के काफिले को रोकने रखने की जिम्मेदारी ली है। पियारेना गाँव के पास ये घटना हुई थी। BKU (क्रांतिकारी) के महासचिव बलदेव जीरा का कहना है कि उन्होंने ‘अभिमानी’ मोदी को सबक सिखाया है। ये संगठन वामपंथी है और ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ का हिस्सा भी। 2009 में यूनियन के अध्यक्ष सुरजीत फूल माओवादियों से सम्बन्ध रखने के कारण UAPA के तहत गिरफ्तार भी हुए थे। 31 दिसंबर, 2021 को ही किसान संगठनों ने बरनाला में बैठक कर के इस दौरे को बाधित करने की साजिश रच ली थी।

कालीचरण महाराज को पुणे कोर्ट ने एक दिन के पुलिस रिमांड में भेजा, छत्तीसगढ़ के बाद अब महाराष्ट्र पुलिस करेगी पूछताछ

महात्मा गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुणे कोर्ट ने कालीचरण महाराज को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुणे पुलिस की एक टीम बुधवार (5 जनवरी 2022) को रायपुर सेंट्रल जेल से कालीचरण महाराज को लेकर महाराष्ट्र के लिए रवाना हो गई है। दो गाड़ियों में करीब एक दर्जन पुलिस बल के साथ कालीचरण महाराज को पुलिस रायपुर से ले गई है। इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस की गाड़ियाँ बॉर्डर क्रॉस कराने के लिए साथ में गई हैं।

ट्रांजिट रिमांड पर गए महाराष्ट्र

पिछले पाँच दिनों से खड़क थाना महाराष्ट्र की एक टीम रायपुर में डेरा जमाए हुए थी। कालीचरण को लेकर जाने के लिए कोर्ट के चक्कर काट रही थी। मंगलवार (4 जनवरी 2022) को मजिस्ट्रेट भूपेंद्र कुमार वासनीकर की कोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस की अर्जी पर सुनवाई हुई थी। इसके बाद कोर्ट ने कालीचरण को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है। अब 13 जनवरी के पहले महाराष्ट्र पुलिस कालीचरण महाराज को फिर रायपुर लेकर आएगी।

गौरतलब है कि रायपुर की तरह महाराष्ट्र राज्य के खड़क थाना में कालीचरण पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण एफआईआर दर्ज है। इसीलिए कालीचरण महाराज की तलाश महाराष्ट्र पुलिस भी कर रही थी। लेकिन महाराष्ट्र पुलिस कालीचरण को गिरफ्तार करती, इससे पहले रायपुर पुलिस ने कालीचरण महाराज को कानून को ताक पर रखते हुए मध्य प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने 13 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया है। वहीं कालीचरण महाराज के वकील जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कानूनी सलाह ली जा रही है।

रायपुर में राजद्रोह का मामला 

कालीचरण ने 25 और 26 दिसंबर को रायपुर में आयोजित धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसको लेकर रायपुर में टिकरापारा थाने में कालीचरण के खिलाफ आईपीसी की धारा 124 ए, 294, 505(2),153 ए(1)(ए), 153बी(1)(ए), 295ए, 505(1)(बी) के तहत केस दर्ज है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में संत कालीचरण महाराज पर आरोप है कि उन्होंने महात्मा गाँधी को लेकर एक धर्म संसद में अपमानजनक बातें कहीं। ये धर्म संसद 26 दिसंबर 2021 को रायपुर के रावण भाटा मैदान में आयोजित की गई थी। उन्होंने मोहनदास करमचंद गाँधी का नाम लेकर उनकी हत्या को जायज ठहराया था। साथ ही गोडसे को नमन किया था। उन्होंने मंच से कॉन्ग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए हिंदू नेता चुनने की बात भी श्रोताओं से कही थी। इसके अलावा उन्होंने इस्लाम को लेकर कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए देश पर कब्जा करने का था।

भारत का पहला क्रिप्टोकरेंसी इंडेक्स हुआ लॉन्च: जानें, IC15 क्रिप्टो इंडेक्स कैसे काम करता है और आपको कैसे मदद करेगा

दुनिया भर में तेजी से बढ़ते क्रिप्टोकरेंसी के व्यापार को देखते हुए हाल ही में क्रिप्टो सुपर ऐप क्रिप्टोवायर (CryptoWire) ने देश का पहला क्रिप्टोकरेंसी सूचकांक (Cryptocurrency Index) आईसी15 लॉन्च किया है। हालाँकि, क्रिप्टोकरेेंसी को रेग्युलेट करने के लिए केंद्र सरकार ‘क्रिप्‍टोकरेंसी एंड रेग्‍युलेशन ऑफ ऑफ‍िशियल डि‍जिटल करेंसी बिल 2021′ नाम के विधेयक को संसद के बजट सत्र में पेश करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बिल ‘कुछ अपवादों’ के साथ सभी प्राइवेट क्रिप्टोकरेंसी पर बैन लगाने की बात करता है।

अगर क्रिप्टोवायर के IC15 की बात करें तो यह सूचकांक दुनिया के प्रमुख क्रिप्टो बाजारों (एक्सचेंज) पर सूचीबद्ध एवं व्यापक रूप से कारोबार करने वाली शीर्ष 15 क्रिप्टोकरेंसी के प्रदर्शन पर नजर रखेगा करेगा। आइए आपको बताते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी सूचकांक आईसी15 क्या है और यह किस प्रकार से काम करेगा?

कैसे काम करेगा क्रिप्टो इंडेक्स IC15?

सूचकांक आईसी15 में बिटकॉइन, एथेरियम, एक्सआरपी, लाइटकॉइन, बिनांस कॉइन, सोलाना, टेरा और चेनलिंक जैसी क्रिप्टोकरेंसी शामिल हैं। क्रिप्टोवायर ने एक इंडेक्स गवर्नेंस कमेटी (Index Governance Committee) का गठन किया है, जिसमें डोमेन एक्सपर्ट, कारोबारी और शिक्षाविद शामिल हैं। ये मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) के मामले में टॉप 400 क्वाइंन्स में से क्रिप्टोकरेंसी का चयन करेंगे।

समीक्षा अवधि के दौरान एक क्रिप्टोकरेंसी का कारोबार कम-से-कम 90 प्रतिशत होना चाहिए और ट्रेडिंग वैल्यू के मामले में 100 शीर्ष करेंसी में होनी चाहिए। सर्कुलेटिंग मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के मामले में योग्य क्रिप्टोकरेंसी शीर्ष 50 में भी होनी चाहिए। समिति शीर्ष 15 क्रिप्टोकरेंसी का चयन करेगी। सूचकांक का आधार मूल्य 10,000 तय किया गया है और आधार तिथि एक अप्रैल 2018 है।

यह सूचकांक 80 प्रतिशत से अधिक बाजार गतिविधियों की निगरानी करेगा। इस प्रकार, यह संबंधित बाजार की वास्तविक स्थिति को सामने लाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी। इसके अलावा, क्रिप्टोवायर की सूचकांक संचालन समिति हर तिमाही में इसे पुनः संतुलित करेगी और उस पर पैनी नजर रखने के अलावा उसे क्रियान्वित करेगी।

क्रिप्टोवायर के प्रबंध निदेशक जिगीश सोनागारा ने बताया, “यह न केवल कमाई से पहले सीखने की बेहतरीन पहल है, बल्कि एक शक्तिशाली टूल है, जो बिजनेस में आपको अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगा। हमारा दृष्टिकोण संभावनाओं का मूल्यांकन करने और निर्णय लेने के लिए सभी संभव उपकरण पेश करके बाजार के विकास को सुविधाजनक बनाना और जोखिम को काफी हद तक कम करना है।”

क्या है क्रिप्टोकरेंसी

बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की डिजिटल कैश प्रणाली है। यह एक निजी कंप्यूटर चेन से जुड़ी हुई होती है और कंप्यूटर एल्गोरिदम पर बनी है। क्रिप्टोकरेंसी पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है। कई देश इसे लीगल कर चुके हैं। क्रिप्टोकरेंसी को आज सबसे आसान और लोकप्रिय तरीका क्रिप्टो एक्सचेंज कहते हैं, इसके जरिए इसे खरीदना आसान हो गया है।

दुनिया भर में सैकड़ों क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज काम कर रहे हैं। भारत में काम कर रहे वजीरएक्स, जेबपे, क्वाइनस्विच कुबेर, क्वाइन डीसीएक्स गो समेत कई एक्सचेंज संचालित है, जहाँ से बिटक्वाइन, इथेरियम, टेथर और डॉजक्वाइन समेत दुनिया भर की डिजिटल मुद्राएँ खरीदी जा सकती हैं।

‘700 जान ले ज्ञान देने आया था, पंजाब ने पॉवर दिखा दिया’: PM मोदी की सुरक्षा में चूक पर कॉन्ग्रेसी ने पूछा- हाउ इज द जोश

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुरक्षा में चूक सामने आने के बाद उन्हें बठिंडा से वापस लौटना पड़ा । लिबरल गिरोह के कुछ पत्रकारों के साथ-साथ कॉन्ग्रेस के कई नेता भी इसका जश्न मना रहे हैं। जहाँ भाजपा ने इस घटना को ‘कॉन्ग्रेस का खूनी इरादा’ बताया है, वहीं फिरोजपुर के एसएसपी को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर जिस तरह से इस घटना को लेकर कुछ गिरोह विशेष के लोग जश्न मना रहे, लगता नहीं कि वो पीएम मोदी को जीवित देखना चाहते हैं।

सबसे पहले कॉन्ग्रेस नेता गौरव पांधी के बयान को ले लीजिए। कॉन्ग्रेस के ‘डिजिटल कम्युनिकेशन एंड सोशल मीडिया’ सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब का पॉवर! कल से ही पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को रोक कर रखा हुआ था। पीएम मोदी को अपनी रैली रद्द कर के दिल्ली लौटना पड़ा। पंजाब विरोधी मोदी, वापस जाओ।” उनका बयान भड़काऊ होने के साथ-साथ आपत्तिजनक भी है।

उन्होंने ये भी लिखा कि पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत नहीं है। वहीं कॉन्ग्रेस के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कुख्यात ‘Rofl Gandhi 2.0’ नामक ट्विटर हैंडल ने लिखा, “700 जान लेकर ज्ञान देने आया था। पंजाब, आपने बहुत अच्छा किया।” उसने एक अन्य ट्वीट में लिखा, “कभी-कभी जनता का सामना भी करना चाहिए। वैसे भी अपने सुरक्षा कवच वाले SUV में बैठे 15-20 मिनट। सुरक्षा चूक तो तब होता है जब कोई गाड़ियों से कुचल दे और फिर भी छाती तान कर मंत्री बना रहे।”

वहीं यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास BV ने इसे ‘खाली कुर्सियों के कारण रद्द हुई रैली’ बताते हुए लिखा, “मोदी जी, हाउ इज द जोश?” वहीं कॉन्ग्रेस समर्थक पत्रकार संजुक्ता बासु ने दावा किया कि पीएम मोदी के साथ इसी तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी को पता होना चाहिए कि नकार दिया जाना, कचरे में फेंक दिया जाना और पूजित न होना क्या होता है। उन्होंने ‘प्रेरणा देने के लिए’ पंजाब का धन्यवाद देते हुए लिखा कि पंजाब ने दिखा दिया है।

वहीं कॉन्ग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी ने लिखा, “अपनी पर आया किसान – उलटे पैर लौटे प्रधान”। इसी तरह पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने लिखा, “प्रिय नड्डा जी, रैली रद्द होने का कारण ख़ाली कुर्सियाँ रहीं। यक़ीन न हो तो, देख लीजिए। और हाँ, बेतुकी बयानबाज़ी नहीं, किसान विरोधी मानसिकता का सच स्वीकार कीजिए और आत्म मंथन कीजिए। पंजाब के लोगों ने रैली से दूरी बनाकर अहंकारी सत्ता को आईना दिखा दिया है।”

इसी तरह जश्न में शामिल होते हुए पूर्व पत्रकार और अब YouTube से प्रोपेगंडा फैलाने वाले पुण्य प्रसून बाजपेयी ने लिखा, “पीएम की फ़िरोज़पुर रैली रद्द। वजह – 1. प्रदर्शनकारी 2. मौसम 3. ख़ाली कुर्सी”।

इसी तरह पंजाब के खेल मंत्री परगट सिंह ने लिखा, “आज पंजाब कॉन्ग्रेस ‘पंजाब विरोधी मोदी’ अभियान चला कर अपना विरोध दिखाएगा। ये पंजाब के मूड का प्रतिनिधित्व करेगा। ये दिखाएगा कि पंजाब के लोग उनसे नफरत करते हैं।” परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं और जालंधर केंट से विधायक हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक: जानिए दिन भर का पूरा घटनाक्रम

वहीं स्मृति ईरानी ने कई प्रश्नों का पंजाब सरकार से जवाब माँगते हुए कहा कि इस तरह की चूक इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वो लोग जानते हैं कि कॉन्ग्रेस को मोदी से नफरत हैं, लेकिन आज उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को नुकसान पहुँचाना चाहा है। पंजाब के डीजीपी ने क्या जानबूझकर पीएम के सुरक्षा दस्ते से कहा कि जिस रास्ते से उन्हें जाना है वहाँ कोई गतिरोध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया था।

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई है। जबकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की बात से इनकार किया था। इस तरह पंजाब सरकार के दो सबसे बड़े नेताओं के बयानों में ही विरोधाभास नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बठिंडा से दिल्ली वापस लौट आए हैं और फिरोजपुर रैली रद्द कर दी गई है। कॉन्ग्रेस वाले इस सुरक्षा में सेंध का सोशल मीडिया पर जश्न मना रहे।

‘रिपब्लिक भारत’ से बात करते हुए डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि पंजाब पुलिस और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी ‘विशेष सुरक्षा बल (SPG)’ की बैठकें हुई थीं, जिनमें ‘आसूचना ब्यूरो (IB)’ के लोग भी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि उन बैठकों में कहीं भी राज्य के गृह मंत्री को नहीं प्रतिभागी बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के साथ भी बैठक होती रही। उन्होंने कहा कि रूट के साथ एक वैकल्पिक रूट भी लगना चाहिए था, जो नहीं हो पाया।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत रास्ता बदल कर दूसरे रास्ते से ले जाया जाता है। उन्होंने इसे सामंजस्य में कमी की वजह से हुई घटना बताते हुए कहा कि पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को 24 घंटे के भीतर जाँच कर के रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि सीएम से इस सम्बन्ध में उनकी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कहाँ चूक हुई, ये सुरक्षा एजेंसियाँ बताएँगी। उन्होंने कहा कि कहाँ चूक हुई और किसकी, इस बारे में वो अभी वो कुछ नहीं कह सकते।

पूयव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे पंजाब सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि पंजाब के सीएम और गृह मंत्री दोनों को बर्खास्त किया जाना चाहिए और इस सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि इन्होंने रैली स्थल से 15 किलोमीटर दूर पीएम को काफिले को रुकवा कर वापस भेजा। उन्होंने कहा कि इनको शहीदों को नमन करने से रोका और रोड रूट ब्लॉक किए गए। कांग्रेस के इशारे पर घटिया राजनीति हो रही है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि रूट पंजाब पुलिस ने ही तय किया था।

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक वाली बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पंजाब सरकार से कहा है कि वो इस मुद्दे पर जिम्मेदारी तय करे और कार्रवाई करे। जबकि CM चन्नी का कहना है कि शुरुआत में पीएम मोदी को हवाई यात्रा करनी थी, लेकिन अंतिम क्षण में यात्रा की योजना बदल दी गई। उन्होंने योजना में बदलाव को ही सुरक्षा में चूक के लिए दोषी ठहरा दिया।

पंजाब में कॉन्ग्रेस सरकार के मुखिया ने कहा कि भाजपा राजनीतिक कारणों से उनकी सरकार पर आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि वो खुद देर रात तक पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा योजना पर निगरानी रखे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के रोड शो का अंतिम समय में प्लान बना था और रैली के लिए 70,000 कुर्सियों के इंतजाम के बावजूद मात्र 700 लोग ही पहुँचे। फिरोजपुर की रैली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने घोषणा की कि कुछ कारणों से पीएम मोदी नहीं आ पाएँगे।

वहीं ‘CNN न्यूज़ 18’ से बात करते हुए पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने मुद्दे को लेकर कहा, “ये कुदरती था।” सरकारी सूत्रों के हवाले से चैनल ने बताया है कि इस तरह का हैरान कर देने वाले दृश्य फ्लाईओवर पर इसीलिए देखने को मिला, क्योंकि पंजाब पुलिस और प्रदर्शनकारियों में सहमति बनी थी। क्योंकि केवल पंजाब पुलिस को ही पीएम मोदी की यात्रा का रूट पता था। इस तरह का पुलिस का व्यवहार पहले कभी देखने को नहीं मिला। कहा जा रहा है कि हालिया वर्षों में किसी भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ये सबसे बड़ी चूक है।

कॉन्ग्रेस के ‘डिजिटल कम्युनिकेशन एंड सोशल मीडिया’ सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब का पॉवर! कल से ही पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को रोक कर रखा हुआ था। पीएम मोदी को अपनी रैली रद्द कर के दिल्ली लौटना पड़ा। पंजाब विरोधी मोदी, वापस जाओ।” कई अन्य कॉन्ग्रेस नेता भी रैली रद्द होने का जश्न मनाते हुए दिखे। लिबरल पत्रकार भी इसमें शामिल हुए।

पंजाब में सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भटिंडा से वापस लौटना पड़ा। साथ ही फिरोजपुर में प्रस्तावित उनकी रैली को भी रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में पंजाब की सरकार से जवाब माँगा है। ANI की खबर के अनुसार, भटिंडा एयरपोर्ट से वापस लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ के अधिकारियों से कहा, “अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना, कि मैं भटिंडा एयरपोर्ट तक ज़िंदा पहुँच गया।” इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि अपनी निकृष्ट सोच और ओछी हरकतों से पंजाब की कॉन्रेस सरकार ने दिखा दिया है कि वह विकास विरोधी है और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए भी उनके दिल में कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह घटना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक थी, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने ऐसा करने में इस बात की भी परवाह नहीं की कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के महान सपूत सरदार भगत सिंह और अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि देनी थी और राज्य में प्रमुख विकास कार्यों की आधारशिला रखनी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने जारी किया बयान। MHA ने अपने बयान में कहा है कि बुधवार (5 जनवरी, 2022) को पीएम मोदी का विमान भठिंडा में लैंड हुआ, जहाँ से उन्हें हैलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित ‘नेशनल मार्टियर्स मेमोरियल’ जाना था। बारिश और विजिबिलिटी कम होने के कारण उन्हें मौसम के ठीक होने के लिए 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। वहाँ उन्हें ‘राष्ट्रीय शहीदी स्मारक’ में बलिदानी क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करनी थी।

जब मौसम ठीक नहीं हुआ तो निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से ही प्रधानमंत्री हुसैनीवाला तक का सफर तय करेंगे। जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुँचा तो वहाँ पता चला कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर के रखा हुआ था। लगभग 15-20 मिनट तक पीएम मोदी वहाँ फँसे रहे। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध बताया जा रहा है। बता दें कि सड़क मार्ग से ये यात्रा दो घंटे में तय होनी थी, जिसके लिए पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को ज़रूरी प्रबंधन करने के निर्देश दे दिए गए थे।

हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर पीएम मोदी का काफिला फँसा रहा। पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार को पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और उनके कार्यक्रमों के विवरण से अवगत करा दिया गया था। MHA ने भी इसकी पुष्टि की है। MHA के अनुसार, ये पंजाब के पुलिस-प्रशासन का काम था कि वो प्रबंधन के लिए ज़रूरी संसाधन की माँग करें और किसी आकस्मिक स्थिति के विषय में योजना तैयार करें। MHA ने बताया है कि सड़क मार्ग पर सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार ने ज़रूरी प्रबंध नहीं किए, अतिरिक्त बल तैनात नहीं किया।

MHA ने कहा, “सुरक्षा में इस चूक के बाद निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला वापस भठिंडा एयरपोर्ट पर जाएगा। सुरक्षा में इस गंभीर चूक के बाद पंजाब की राज्य सरकार से भी डिटेल में रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही राज्य सरकार को कहा गया है कि वो इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करे।” भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हजारों करोड़ रुपयों की विकास परियोजनाओं की सौगात देने पंजाब पहुँचे पीएम मोदी के कार्यक्रम में बाधा पैदा किया जाना व्यथित करने वाला है।

जेपी नड्डा ने कहा कि इस तरह की ओछी मानसिकता को पंजाब के विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब के विकास के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार को पहले ही निर्देश दे दिया गया था कि वो लोगों को रैली में हिस्सा लेने से रोके। पुलिस के कारण बड़ी संख्या में बसें अटकी रहीं और प्रदर्शनकारियों के साथ वो मौन सहमति में थे। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फोन उठाने या फिर मामले का समाधान करने से इनकार कर दिया। पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार के इन हथकंडों से लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास रखने वालों को ठेस पहुँचेगी।”

‘पंजाब में आज कॉन्ग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे’: PM मोदी की सुरक्षा में चूक पर स्मृति ईरानी ने पूछा- कॉन्ग्रेसी क्यों इतने खुश

पंजाब की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के बाद आज पार्टी प्रवक्ता डॉ सुधांशु त्रिवेदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पंजाब सरकार, वहाँ की राज्य पुलिस की आलोचना करते हुए इस घटना को अभूतपूर्व बताया। डॉ सुधांशु ने कहा कि आतंकवाद के दौर में और आतंकवाद से प्रभावित क्षेत्रों में भी इस प्रकार की सुरक्षा की चूक नहीं हुई, जैसी आज प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा के साथ हुई।

वहीं स्मृति ईरानी ने कई प्रश्नों का पंजाब सरकार से जवाब माँगते हुए कहा कि इस तरह की चूक इतिहास में पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वो लोग जानते हैं कि कॉन्ग्रेस को मोदी से नफरत हैं, लेकिन आज उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री को नुकसान पहुँचाना चाहा है। पंजाब के डीजीपी ने क्या जानबूझकर पीएम के सुरक्षा दस्ते से कहा कि जिस रास्ते से उन्हें जाना है वहाँ कोई गतिरोध नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया था।

अपना गुस्सा जाहिर करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि भारत के इतिहास में आज पंजाब की पुण्य भूमि पर कॉन्ग्रेस के खूनी इरादे नाकाम रहे। जो लोग कॉन्ग्रेस में प्रधानमंत्री से घृणा करते हैं, वो आज उनकी सुरक्षा को नाकाम करने के लिए प्रयासरत थे।

उन्होंने पूछा कि आखिर रोड घेरकर बैठने वालों को कैसे पता चला कि पीएम का रास्ता क्या है। उन्हें किसने उस जगह पर बैठाया। पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूक पर कॉन्ग्रेस की प्रतिक्रिया देख उन्होंने कहा कि आखिर कॉन्ग्रेसी इतने खुश क्यों थे। उनमें किस चीज का जोश था। पीएम ने वापस लौटते हुए सीएम चन्नी के लिए कहा, “जिंदा लौट रहा हूँ।”

गौरतलब है कि पंजाब में सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बठिंडा से आज वापस लौटना पड़ा। साथ ही फिरोजपुर में प्रस्तावित उनकी रैली को भी रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में पंजाब की सरकार से जवाब माँगा है। ANI की खबर के अनुसार, बठिंडा एयरपोर्ट से वापस लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ के अधिकारियों से कहा, “अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना, कि मैं बठिंडा एयरपोर्ट तक ज़िंदा पहुँच गया।” इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

‘बच्चों को लेकर लोगों में कोरोना का दहशत फैलाना होगा’: राजस्थान के मंत्री की अजीबोगरीब सलाह, कहा- दिखाने के लिए ही बंद कर दें स्कूल

राजस्थान में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री गहलोत ने 31 दिसंबर को मंत्रियों और विशेषज्ञों के साथ एक समीक्षा बैठक की थी। बैठक के दौरान राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास की कोरोना रोकथाम को लेकर दी गई अजीबोगरीब सलाह पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों के जरिए लोगों में दहशत फैलाने पर लोग कोरोना गाइडलाइन का अच्छे से पालन करेंगे।

बैठक में उन्होंने कहा कि आम लोगों में कोरोना के प्रति दहशत फैलाना हो तो सबसे पहले स्कूल-काॅलेज और शिक्षण संस्थानों को बंद करना होगा। लोगों को बताना होगा कि बच्चों के माध्यम से ही कोरानो ज्यादा फैलता है। इससे दहशत फैलेगी और लोग सरकारी गाइडलाइंस का सही से पालन करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेज भले सप्ताह भर ही बंद कीजिए, लेकिन लोगों को मैसेज दीजिए कि कोरोना को लेकर सरकार कितनी गंभीर है। 

दरअसल, समीक्षा बैठक में खाचरियावास कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए सबसे पहले स्कूल, कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने की पैरवी कर रहे थे। खाचरियावास ने कहा कि बच्चों के माध्यम से ही लोगों को कोरोना की गंभीरता के बारे में बताया जा सकता है। अगर बच्चों में दहशत फैलेगी तो लोग सरकार की गाइडलाइंस का अपने आप पालन करेंगे।

बता दें कि मीटिंग में उस दौरान खुद सीएम गहलोत भी मौजूद थे। खाचरियावास ने आगे कहा कि स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। इस मीटिंग में सीएम एवं मंत्रियों के अलावा गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, जिला कलेक्टर और चिकित्सा विभाग के अधिकारी मौजूद थे। सीएम गहलोत ने मीटिंग में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को शिक्षण संस्थानों को लेकर गाइडलाइंस बनाने के निर्देश दिए। गाइडलाइंस के मुताबिक, गहलोत सरकार ने जयपुर में नगर निगम क्षेत्र में कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी-निजी शिक्षण संस्थानों को 9 जनवरी तक बंद करने का आदेश दिया है।

राजस्थान में कोरोना से बिगड़ते हालात, हुई पहली मौत

देश में कोरोना के नए वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बुधवार (5 जनवरी 2022) को देश के पश्चिमी राज्य राजस्थान में ओमिक्रॉन वेरिएंट से जुड़ी पहली मौत हुई है। राजस्थान में ओमिक्रॉन के अब तक कुल 174 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 88 मरीज ठीक भी हुए हैं।

महाराष्ट्र में ओमिक्रॉन के सबसे ज्यादा मामले हैं

स्वास्थ्य मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, इस लिस्ट में महाराष्ट्र और दिल्ली सबसे आगे हैं। महाराष्ट्र में नए वेरिएंट के जहाँ 653 मामले हैं, वहीं दिल्ली में 464 मामले हो गए हैं। देश भर में ओमिक्रॉन के कुल 2,135 मामले आए हैं, जिनमें से 828 मरीज ठीक भी हुए हैं। आइए जानते हैं देश के अन्य राज्यों में ओमिक्रॉन की क्या स्थिति है।

देश के अन्य राज्यों में ओमिक्रॉन के मामले

  • महाराष्ट्र- ओमिक्रॉन के 653 मामले, 259 ठीक हुए
  • दिल्ली- ओमिक्रॉन के 464 मामले, 57 ठीक हुए
  • राजस्थान- ओमिक्रॉन के 174 मामले, 88 ठीक हुए
  • हरियाणा- ओमिक्रॉन के 71 मामले, 59 ठीक हुए
  • मध्य प्रदेश- ओमिक्रॉन के 9 मामले, 9 ठीक हुए
  • चंडीगढ़- ओमिक्रॉन के 3 मामले, 2 हुए ठीक
  • जम्मू-कश्मीर- ओमिक्रॉन के 3 मामले, 3 हुए ठीक

‘ये सुरक्षा चूक है’: पंजाब के उप-मुख्यमंत्री ने ही काटी CM चन्नी की बात, कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले – बर्खास्त की जाए पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार

पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई है। जबकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक की बात से इनकार किया था। इस तरह पंजाब सरकार के दो सबसे बड़े नेताओं के बयानों में ही विरोधाभास नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बठिंडा से दिल्ली वापस लौट आए हैं और फिरोजपुर रैली रद्द कर दी गई है। कॉन्ग्रेस वाले इस सुरक्षा में सेंध का सोशल मीडिया पर जश्न मना रहे।

‘रिपब्लिक भारत’ से बात करते हुए डिप्टी सीएम रंधावा ने कहा कि पंजाब पुलिस और प्रधानमंत्री की सुरक्षा में लगी ‘विशेष सुरक्षा बल (SPG)’ की बैठकें हुई थीं, जिनमें ‘आसूचना ब्यूरो (IB)’ के लोग भी शामिल रहे थे। उन्होंने कहा कि उन बैठकों में कहीं भी राज्य के गृह मंत्री को नहीं प्रतिभागी बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों के साथ भी बैठक होती रही। उन्होंने कहा कि रूट के साथ एक वैकल्पिक रूट भी लगना चाहिए था, जो नहीं हो पाया।

उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में तुरंत रास्ता बदल कर दूसरे रास्ते से ले जाया जाता है। उन्होंने इसे सामंजस्य में कमी की वजह से हुई घटना बताते हुए कहा कि पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को 24 घंटे के भीतर जाँच कर के रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि सीएम से इस सम्बन्ध में उनकी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कहाँ चूक हुई, ये सुरक्षा एजेंसियाँ बताएँगी। उन्होंने कहा कि कहाँ चूक हुई और किसकी, इस बारे में वो अभी वो कुछ नहीं कह सकते।

पूयव मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसे पंजाब सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि पंजाब के सीएम और गृह मंत्री दोनों को बर्खास्त किया जाना चाहिए और इस सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि इन्होंने रैली स्थल से 15 किलोमीटर दूर पीएम को काफिले को रुकवा कर वापस भेजा। उन्होंने कहा कि इनको शहीदों को नमन करने से रोका और रोड रूट ब्लॉक किए गए। कांग्रेस के इशारे पर घटिया राजनीति हो रही है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि रूट पंजाब पुलिस ने ही तय किया था।

पंजाब में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक, वापस लौटे: जानिए पूरा घटनाक्रम

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक वाली बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की सुरक्षा में कोई सेंध नहीं लगी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने पंजाब सरकार से कहा है कि वो इस मुद्दे पर जिम्मेदारी तय करे और कार्रवाई करे। जबकि CM चन्नी का कहना है कि शुरुआत में पीएम मोदी को हवाई यात्रा करनी थी, लेकिन अंतिम क्षण में यात्रा की योजना बदल दी गई। उन्होंने योजना में बदलाव को ही सुरक्षा में चूक के लिए दोषी ठहरा दिया।

पंजाब में कॉन्ग्रेस सरकार के मुखिया ने कहा कि भाजपा राजनीतिक कारणों से उनकी सरकार पर आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि वो खुद देर रात तक पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा योजना पर निगरानी रखे हुए थे। उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के रोड शो का अंतिम समय में प्लान बना था और रैली के लिए 70,000 कुर्सियों के इंतजाम के बावजूद मात्र 700 लोग ही पहुँचे। फिरोजपुर की रैली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने घोषणा की कि कुछ कारणों से पीएम मोदी नहीं आ पाएँगे।

वहीं ‘CNN न्यूज़ 18’ से बात करते हुए पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने मुद्दे को लेकर कहा, “ये कुदरती था।” सरकारी सूत्रों के हवाले से चैनल ने बताया है कि इस तरह का हैरान कर देने वाले दृश्य फ्लाईओवर पर इसीलिए देखने को मिला, क्योंकि पंजाब पुलिस और प्रदर्शनकारियों में सहमति बनी थी। क्योंकि केवल पंजाब पुलिस को ही पीएम मोदी की यात्रा का रूट पता था। इस तरह का पुलिस का व्यवहार पहले कभी देखने को नहीं मिला। कहा जा रहा है कि हालिया वर्षों में किसी भी प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ये सबसे बड़ी चूक है।

कॉन्ग्रेस के ‘डिजिटल कम्युनिकेशन एंड सोशल मीडिया’ सेल के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर गौरव पांधी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “पंजाब का पॉवर! कल से ही पंजाब की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को रोक कर रखा हुआ था। पीएम मोदी को अपनी रैली रद्द कर के दिल्ली लौटना पड़ा। पंजाब विरोधी मोदी, वापस जाओ।” कई अन्य कॉन्ग्रेस नेता भी रैली रद्द होने का जश्न मनाते हुए दिखे। लिबरल पत्रकार भी इसमें शामिल हुए।

पंजाब में सुरक्षा में बड़ी चूक के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भटिंडा से वापस लौटना पड़ा। साथ ही फिरोजपुर में प्रस्तावित उनकी रैली को भी रद्द कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस सम्बन्ध में पंजाब की सरकार से जवाब माँगा है। ANI की खबर के अनुसार, भटिंडा एयरपोर्ट से वापस लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ के अधिकारियों से कहा, “अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना, कि मैं भटिंडा एयरपोर्ट तक ज़िंदा पहुँच गया।” इसके बाद उन्होंने दिल्ली के लिए उड़ान भरी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि अपनी निकृष्ट सोच और ओछी हरकतों से पंजाब की कॉन्रेस सरकार ने दिखा दिया है कि वह विकास विरोधी है और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के लिए भी उनके दिल में कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह घटना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक थी, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार ने ऐसा करने में इस बात की भी परवाह नहीं की कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के महान सपूत सरदार भगत सिंह और अन्य शहीदों को श्रद्धांजलि देनी थी और राज्य में प्रमुख विकास कार्यों की आधारशिला रखनी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के दौरान सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने जारी किया बयान। MHA ने अपने बयान में कहा है कि बुधवार (5 जनवरी, 2022) को पीएम मोदी का विमान भठिंडा में लैंड हुआ, जहाँ से उन्हें हैलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित ‘नेशनल मार्टियर्स मेमोरियल’ जाना था। बारिश और विजिबिलिटी कम होने के कारण उन्हें मौसम के ठीक होने के लिए 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। वहाँ उन्हें ‘राष्ट्रीय शहीदी स्मारक’ में बलिदानी क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करनी थी।

जब मौसम ठीक नहीं हुआ तो निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से ही प्रधानमंत्री हुसैनीवाला तक का सफर तय करेंगे। जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुँचा तो वहाँ पता चला कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर के रखा हुआ था। लगभग 15-20 मिनट तक पीएम मोदी वहाँ फँसे रहे। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध बताया जा रहा है। बता दें कि सड़क मार्ग से ये यात्रा दो घंटे में तय होनी थी, जिसके लिए पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को ज़रूरी प्रबंधन करने के निर्देश दे दिए गए थे।

हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर पीएम मोदी का काफिला फँसा रहा। पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार को पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे और उनके कार्यक्रमों के विवरण से अवगत करा दिया गया था। MHA ने भी इसकी पुष्टि की है। MHA के अनुसार, ये पंजाब के पुलिस-प्रशासन का काम था कि वो प्रबंधन के लिए ज़रूरी संसाधन की माँग करें और किसी आकस्मिक स्थिति के विषय में योजना तैयार करें। MHA ने बताया है कि सड़क मार्ग पर सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार ने ज़रूरी प्रबंध नहीं किए, अतिरिक्त बल तैनात नहीं किया।

MHA ने कहा, “सुरक्षा में इस चूक के बाद निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला वापस भठिंडा एयरपोर्ट पर जाएगा। सुरक्षा में इस गंभीर चूक के बाद पंजाब की राज्य सरकार से भी डिटेल में रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही राज्य सरकार को कहा गया है कि वो इस मामले में जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई करे।” भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि हजारों करोड़ रुपयों की विकास परियोजनाओं की सौगात देने पंजाब पहुँचे पीएम मोदी के कार्यक्रम में बाधा पैदा किया जाना व्यथित करने वाला है।

जेपी नड्डा ने कहा कि इस तरह की ओछी मानसिकता को पंजाब के विकास के आड़े नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी पंजाब के विकास के लिए लगातार प्रयास करती रहेगी। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार को पहले ही निर्देश दे दिया गया था कि वो लोगों को रैली में हिस्सा लेने से रोके। पुलिस के कारण बड़ी संख्या में बसें अटकी रहीं और प्रदर्शनकारियों के साथ वो मौन सहमति में थे। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने फोन उठाने या फिर मामले का समाधान करने से इनकार कर दिया। पंजाब की कॉन्ग्रेस सरकार के इन हथकंडों से लोकतांत्रिक सिद्धांतों में विश्वास रखने वालों को ठेस पहुँचेगी।”

मिलिए बिहार के उस बुजुर्ग से जिन्होंने 11 बार ले लिया कोरोना का टीका, कहा- कमर दर्द खत्म हो गया… सरकार ने अच्छा चीज बनाया है

बिहार के माधेपुरा जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 84 वर्षीय बुजुर्ग ने एक, दो नहीं, बल्कि 11 बार कोरोना वैक्सीन लगवाने का दावा किया है। बुजुर्ग ब्रह्मादेव मंडल ने बताया कि वह 11 बार कोरोना वैक्सीन लगवा चुके हैं। उन्होंने वैक्सीन लगवाकर खुद को संक्रमण से सुरक्षित कर लिया है। इससे उन्हें काफी फायदा हुआ है और कई तरह के दर्द भी खत्म हो गए हैं।

बुजुर्ग ने बताया कि वह मंगलवार (4 जनवरी 2021) को कोरोना की 12वीं वैक्सीन लगवाने के लिए चौसा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गया था, लेकिन वहाँ वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। वहीं, हर कोई इस बात से हैरान है कि 11 बार वैक्सीन लगवाने के बाद भी उन पर कोई साइड इफेक्ट नहीं दिख रहा है।

बताया जा रहा है कि ब्रह्मदेव मंडल डाक विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी हैं। बुजुर्ग पिछले 10 महीने में अलग-अलग जगहों पर 11 बार कोरोना का टीका लगवा चुके हैं। उन्होंने पहली डोज पिछले साल 13 फरवरी को ली थी। इसके बाद 30 दिसंबर 2021 तक उन्होंने 11 डोज लगवाईं। उनके पास सभी वैक्सीनेशन की डेट टाइम दर्ज है। 3 जनवरी को वह जैसे ही 12वाँ डोज लेने चौसा केंद्र पर गए तो लोगों ने उन्हें पहचान लिया। इसके बाद यह मामला प्रकाश में आया। वहीं बुजुर्ग का कहना है कि वैक्सीन लेने से उन्हें काफी फायदा हुआ। उनकी कमर दर्द ठीक हो गई। चलने फिरने में असमर्थ था वह दर्द मेरा खत्म हो गया है। उन्हें सर्दी खॉंसी नहीं होती।

बता दें कि वह मोबाइल नंबर बदल-बदलकर टीका लगवाते थे। पुरैनी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इस मामले की जाँच की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र नारायण शाही ने बताया कि आईडी बदलकर बार-बार वैक्सीन लेना नियम के विरुद्ध है। उन पर मामला दर्ज कराया जाएगा।