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चार नाबालिग लड़कियों से बलात्कार, हिरासत से भाग रहा था 50 साल का आरोपित: असम पुलिस ने मारी पाँव में गोली

असम के मोरीगाँव जिले में एक 50 वर्षीय व्यक्ति के पैर में उस वक्त गोली मार दी गई, जब वह पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था। गोली आरोपित के घुटने में लग गई, जिसके बाद उसे गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) ले जाया गया, जहाँ उसकी स्थिति में सुुधार हो रहा है। बता दें कि उसे तीन नाबालिग लड़कियों से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसने पूछताछ में चार नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने की बात कबूल की। 

घटना गुरुवार (23 दिसंबर, 2021) की दोपहर 12.30 बजे की है। मोरीगाँव जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एन ने बताया कि आरोपित रजनी कांता दैमारी को उसकी गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद उसके चौथे पीड़ित का अंडरवियर बरामद करने के लिए उसके घर ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना घटी।

दैमारी को तीन नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के दौरान उसने चौथी लड़की से भी दुष्कर्म करने की बात कबूल की थी। उसने पुलिस को बताया कि चौथे पीड़िता का अंडरगारमेंट उसके घर में पड़ा था और पुलिस उस कपड़ा को बरामद करने के लिए उसके घर ले गई। इस दौरान उसने रास्ते में भागने की कोशिश की, तभी पुलिस ने उसे गोली मार दी।

असम के मोरीगांव जिले के एसपी ने कहा, “चूँकि यह (चौथे पीड़िता का कपड़ा) एक अहम सबूत था, हम उसे बरामद करने के लिए उसके घर ले गए। लेकिन जब पुलिस टीम रास्ते में थी, तब दैमारी ने हिरासत से भागने की कोशिश की। उसके भागने को रोकने के लिए टीम ने कंट्रोल्ड फायरिंग का सहारा लिया, जिसमें आरोपित का घुटना घायल हो गया।”

बाद में पुलिस ने चौथे पीड़िता के अंडरगारमेंट को दैमारी के घर से बरामद किया। अधिकारी ने कहा कि वे चौथी लड़की की तलाश कर रहे हैं, जो नाबालिग भी है, जिसके साथ कथित तौर पर आरोपित ने बलात्कार किया था। रेप पीड़िता उसी गाँव में रहती है जहाँ आरोपित रहता है।

मामले के बारे में बोलते हुए, अपर्णा एन ने कहा, “आरोपित के खिलाफ 9, 7 और 6 साल की तीन नाबालिग लड़कियों के साथ कई बार बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया था। आखिरी बार उसने रविवार को किया था, जिसके बाद पीड़ितों के परिवारों को इसके बारे में पता चला और उन्होंने पुलिस से संपर्क किया।”

जिले के लहरीघाट थाने के जेंगोरबोरी गाँव की रहने वाली रजनी कांता दैमारी को तीन नाबालिग बच्चियों से बलात्कार के आरोप में बुधवार (22 दिसंबर 2021) को गिरफ्तार किया गया। लहरीघाट थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित व्यक्ति वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया था और पुलिस ने बुधवार को उसे अमटोला इलाके से पकड़ लिया।

पुलिस के मुताबिक आरोपित ने पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस अधिकारी ने कहा, “20 दिसंबर को लहरीघाट पुलिस स्टेशन में रजनी दैमारी के खिलाफ 6-7 साल की उम्र के बीच की तीन नाबालिग लड़कियों के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया था। बुधवार को हमने आरोपित व्यक्ति को अम्टोला क्षेत्र से दबोच लिया। हमने पीड़ितों का मेडिकल टेस्ट भी किया है।”

आरोपित के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की धारा 376 AB और R/W धारा 6 के तहत सोमवार (20 दिसंबर, 2021) को लहरीघाट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था।

‘बार-बार पढ़ाते ह्यूमन प्रजनन तंत्र, पोर्न दिखाते… कहते यही भविष्य में काम आएगा’: MP में छात्राओं की शिकायत पर शिक्षक गिरफ्तार

मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के गुना (Guna) जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल का बायोलॉजी विभाग का शिक्षक पढ़ाई के बहाने छात्राओं के साथ छेड़छाड़ (Eve teasing) करता था। उस पर यौन शोषण के आरोप लगे हैं। पीड़ित छात्राओं की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित शिक्षक का नाम प्रदीप सोलंकी है, छात्राओं को पढ़ाने के नाम पर उनसे छेड़छाड़ करता था और उन्हें पोर्न फिल्म दिखाता था। इस घटना को लेकर छात्राओं ने आरोप लगाया है कि आरोपित शिक्षक आए दिन उन्हें केवल ह्यूमन रिप्रोडक्टिव चैप्टर (प्रजनन तंत्र) ही पढ़ाता और कहता था कि यही भविष्य में उनके काम आने वाला है। 12वीं की कक्षा में बायोलॉजी विभाग में केवल 7 छात्राएँ हैं, जिनमें से 6 लड़कियों ने बुधवार (22 दिसंबर 2021) को कैंट थाने में इसकी शिकाय़त की।

इसके अलावा छात्राओं ने हॉस्टल के वॉर्डन को भी पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने शिक्षक की करतूत का खुलासा किया है। छात्राओं ने बताया है कि शिक्षक केवल एक ही चैप्टर बार-बार पढ़ाते हैं और पढ़ाते वक्त पोर्न वीडियो भी दिखाते थे। एक छात्रा के मुताबिक, आरोपित शिक्षक क्लासरूम की जगह बायोलॉजी की लैब में अधिक क्लास लेते थे। वह कहते हैं कि बहुत जल्द प्रिंसिपल बनने वाला हूँ मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ नहीं पाएगा। छात्रा ने बताया कि एक जब वो अपनी दोस्त के साथ प्रैक्टकल की कॉपी लेने के लिए गई थी तो आरोपित ने उसकी दोस्त से छेड़छाड़ की। वो किसी तरह से वहाँ से बचकर भागी।

टीचर के निलंबन का प्रस्ताव

आरोपित शिक्षक की करतूत सामने आने के बाद बाल कल्याण समिति की टीम भी स्कूल की जाँच करने के लिए पहुँची। जाँच टीम के आने की खबर मिलते ही स्कूल की पुरानी छात्राएँ भी वहाँ पहुँच गई। उन्होंने खुलासा किया कि आरोपित शिक्षक उनके साथ भी वैसी ही हरकतें करता था।

पहले पैर काटे फिर… घर में घुस जिस BJP नेता की हत्या, उसके साथ हुई बर्बरता पढ़ सिहर जाएँगे

रंजीत श्रीनिवास की उम्र (Ranjeet Srinivas) 40 साल थी। पेशे से वकील थे। 2016 का केरल विधानसभा चुनाव लड़ चुके थे। प्रदेश में बीजेपी की ओबीसी मोर्चा के सचिव थे। रविवार (19 दिसंबर 2021) को घर में घुसकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के 5 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस हत्या की एनआईए या सीबीआई जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी से जॉंच की माँग की है। मीडिया से बातचीत में रंजीत श्रीनिवास के परिजनों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उस बर्बरता के बारे में बताया है जो हत्यारों ने उनके साथ की।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेता के भाई अभिजीत ने बताया, “भाई को कोच्चि में ओबीसी मोर्चा की समिति की पहली बैठक में शामिल होना था। हमारे परिवार के लिए यह दिन पवित्र था। दोनों भाई रविवार सुबह बेटी भाग्या को ट्यूशन छोड़कर घर लौटे, तब तक कुछ अजीब नहीं था। रंजीत के पास कोई वजह नहीं थी कि वो तंग हों। मगर एसडीबीआई नेता की हत्या के बाद गैंग ने बदला लेने के लिए नेता की तलाश शुरू की।” अभिजीत बताते हैं कि उनके भाई के सिर में हथौड़े से वार हुआ और बीवी, माँ और छोटी बेटी के सामने उनका चेहरा बिगाड़ दिया गया। छोटी बेटी जब भागकर बचाने आगे आई तो गैंग ने उसके सामने तलवार निकाल ली। माँ को जमीन में गिराकर उन्हें कुर्सी से दबा दिया गया। न्होंने बताया कि गुंडों ने उनके भाई व भाजपा नेता रंजीत के पहले पैर अलग किए ताकि वो भाग न सकें। इसके बाद उनकी बाइक तोड़ी गई। उनसे उनकी धोती ले ली गई।

रंजीत की 71 वर्षीय माँ विनोदिनी जो अपने बेटे के लिए पूजा करके मंदिर से घर लौटी थीं, टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार वह कहती हैं, “घर की सीढ़ियाँ चढ़ते समय मुझे कुछ आवाज सुनाई दी। मुझे लगा कि कोई जबरदस्ती घर का दरवाजा खोल कर अंदर आ रहा है। उनके पास तलवारें थीं, हथौड़े थे। उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला और घर में रखे टेबल का शीशा हथौड़े से तोड़ दिया। रंजीत आवाज सुनकर जैसे ही बाहर आया। उन्होंने उसके सिर पर हथौड़ा मार दिया। उपद्रवियों ने उसकी धोती उतारकर उसे मारा और जब मैं उनके पास रोते-रोते गई तो उन्होंने मुझे भी धक्का देकर नीचे गिरा दिया। उसकी बीवी लीशा आई तो उसे भी नीचे गिरा दिया। जब हृदया  (रंजीत की छोटी बेटी) रोते आई तो उन लोगों ने तलवार निकाली। उन लोगों ने मेरी गर्दन पर भी तलवार रखकर मुझे डराया। इतनी सी देर में इन लोगों ने मेरे बेटे को बहुत बर्बरता से मारा।”

गौरतलब है कि केरल में भाजपा नेता की हत्या से पूर्व अलाप्पुझा जिले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव केएस शान की मृत्यु हो गई थी। बताया गया था कि शनिवार (18 दिसंबर 2021) को केएस शान बाइक से अपने घर जा रहे थे, तभी शाम करीब सात बजे मन्नानचेरी के पास एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें कोच्चि के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ रविवार तड़के 12.45 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

‘पंजाबियों के लिए ये कोई बहुत बड़ी बात नहीं’: लुधियाना कोर्ट परिसर ब्लास्ट पर बोले CM चन्नी, मृतक पर ही हमलावर होने का जताया शक

पंजाब (Punjab) के लुधियाना कोर्ट (Ludhiana court blast) परिसर में गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को हुए ब्लास्ट के बाद पंजाब में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब की है।

गृह मंत्रालय की तरफ से NIA और NSG की टीम मौके पहुँच कर जाँच शुरू कर चुकी हैं। शुरुआती जाँच में शंका जताई जा रही है कि मरने वाला व्यक्ति ही आरोपित हो सकता है। पुलिस ने लोगों को भयभीत न होने की सलाह दी है। विस्फोटक IED का बताया जा रहा। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि बम असेम्बल करते हुए ही ब्लास्ट हो गया। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह ने कहा कि ब्लास्ट में मृत व्यक्ति की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वहीं मुख्यमंत्री चन्नी ने लुधियाना पहुँच कर अस्पताल में घायलों का हालचाल लिया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया, “ये कार्य किस गैंग का है या नहीं इसकी जाँच चल रही है। हम जल्द ही किसी नतीजे पर पहुँचेंगे। पंजाब में किसी भी हाल में शान्ति और कानून व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। हमारी पुलिस ने बहुत बड़े-बड़े काम किए हैं। वो सक्षम है। कई एजेंसियाँ हैं जो पंजाब के लोगों को डराना चाह रही हैं। वो डरा कर आने वाले समय में वोट लेना चाहती हैं। जल्द ही उनके खुलासे हो जाएँगे। मैं पंजाब के लोगों से विनती करता हूँ कि आप वो हैं जिन्होंने देश के लिए कुर्बानी दी है। कई जंगें लड़ी हैं आपने। ये घटना हमारे लिए कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। इन्हे रोका जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जिस पर बम ऑपरेट करने का शक है वही इस घटना में मरा है। इसके अलावा 5 अन्य लोग घायल हैं। घायलों में कोई गंभीर हालत में नहीं है। हरमिंदर साहिब में घटना हुई, फिर कपूरथला में भी घटना हुई। उसमें किसी तरह की बेअदबी नहीं थी। आज मोहाली कोर्ट में फिर घटना हुई है। इसके पीछे पंजाब की अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाने वालों की साजिश हो सकती है। जाँच एजेंसियों के इनपुट हैं कि चुनाव को देखते हुए इस प्रकार की घटनाएँ हो सकती हैं। इसके पीछे नशे के सौदागर भी हो सकते हैं।”

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधवा ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया, “एक शव बाथरूम के अंदर मिला है। वहाँ पर फॉरेंसिक लैब वालों ने जाँच की है। जाँच में सामने आया कि धमाके की आवाज बहुत तेज नहीं थी। धमाके में मरे व्यक्ति का शरीर काफी जल चुका है इसलिए उसकी पहचान में थोड़ी देरी लग रही है। CCTV फुटेज निकाल कर चेक किया जा रहा है कि वो आदमी किधर से अंदर आया था। उसके साथ और कौन था। हर जाँच एजेंसी एक साथ काम करेगी और इस मामले की गहराई तक जाएँगे। सबसे पहली बात यही है कि चुनाव के ठीक 2 दिन पहले धमाका हुआ है। इन सभी चीजों को आपस में जोड़ कर जाँच होगी।

‘आमिर खान की तीसरी बेगम बनीं फातिमा सना शेख, हो गया निकाह’: जानें वायरल हो रही तस्वीर का सच

आमिर खान ने जब से अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से तलाक लिया है तभी से सोशल मीडिया पर आए दिन उनके और फातिमा सना शेख के रिश्ते को लेकर कोई न कोई कयास लगते रहते हैं। इसी क्रम में अब सोशल मीडिया पर दोनों की शादी के दावे होने लगे है। इन दावों को साबित करने के लिए एक तस्वीर शेयर की जा रही है जिसमें आमिर खान सफेद कुर्ते में हैं और फातिमा को गोल्डन साड़ी में दिखाया गया है।

इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा जा रहा है, “फातिमा शेख वही अभिनेत्री हैं जिन्होंने फिल्म दंगल में आमिर खान की बेटी का किरदार निभाया था। फातिमा ने गीता फोगाट की भूमिका अदा की थी। आज आमिर खान की बेगम हो गई हैं। खैर ये उनका निजी मामला है। मगर ये ही आमिर खान सत्यमेव जयते प्रोग्राम बनाकर दूसरे की कुरीतियों बाल-विवाह, बहु-विवाह और दहेज प्रथा पर जरूर बोलेंगे।”

फैक्ट

अब यह तस्वीर कितनी सच्ची है और कितनी फेक, इसका अंदाजा सिर्फ एक गूगल सर्च से चलता है। जैसा कि तस्वीर में फातिमा को आमिर की बेगम के तौर पर गोल्डन साड़ी में दिखाया गया है। अगर इसी विवरण के साथ आप गूगल सर्च करेंगे तो आपके पास एक तस्वीर आएगी जिसमें फातिमा की जगह आमिर किरण राव के साथ खड़े दिखेंगे। दोनों ने यह तस्वीर मुकेश अंबानी के बेटे आकाश अंबानी की शादी के समय खिंचवाई थी।

गूगल सर्च में आई पहली तस्वीर में आमिर उन्हीं कपड़ों में किरण राव के साथ खड़े दिख रहे हैं।

यहाँ मालूम हो कि आमिर-फातिमा के निकाह को लेकर इससे पहले कहा जा रहा था कि वो दोनों अप्रैल 2022 में लाल सिंह चड्ढा की रिलीज के बाद निकाह कर लेंगे। बॉलीवुड की ख़बरें देने वाली वेबसाइट ‘Koimoi’ ने दावा किया है कि आमिर खान अपनी नई फिल्म से लोगों का ध्यान भटकना नहीं चाहते हैं और हाइप बने रहने देना चाहते हैं, इसीलिए वो अपनी तीसरी शादी की घोषणा ‘लाल सिंह चड्ढा’ की रिलीज के बाद ही करेंगे। 

हालाँकि ‘इंडिया टुडे’ ने अपने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी थी कि ‘धूम 3 (2013)’, ‘पीके (2014)’ और ‘दंगल (2016)’ के रूप में ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ फिल्मों की हैट्रिक लगाने वाले आमिर खान ने अपनी तीसरी शादी की चर्चाओं को नकारते हुए इसे अफवाह बताया था। फातिमा सना शेख ने भी इन ख़बरों को पहले अफवाह बताया था। उन्होंने कहा था कि कुछ अपरिचित लोग हैं जिनसे वो कभी नहीं मिली और वही लोग उनके बारे में अनाप-शनाप बोलते हैं। 

UP सरकार ने उस मुस्लिम युवक को दी सुरक्षा जिसने लगाए ‘जय श्री राम’ के नारे, कट्टरपंथी दे रहे थे धमकी

जय श्री राम के नारे लगाने वाले मुस्लिम युवक को उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा मुहैया कराई है। अहसान राव ने चार दिसंबर 2021 को सहारनपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली में ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए थे। इसके बाद से ही उन्हें कट्टरपंथी धमकी दे रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि पिछले दिनों सहारनपुर में आयोजित रैली में अहसान राव ने कुछ नारेबाजी की थी, जिसके बाद उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। इस संबंध में अहसान राव ने सहारनपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अहसान राव के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने उन्हें गनर (बंदूकधारी सुरक्षाकर्मी) उपलब्ध कराया है।

बता दें कि इस रैली में नारे लगाने के बाद अहसान राव सुर्खियों में आ गए थे। उन्होंने बताया था कि इसके बाद से कुछ लोग उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी से मुलाकात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था और एसएसपी सहारनपुर को प्रार्थना-पत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने भी अहसान को सुरक्षा देने और उन्हें धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भारत सरकार से गुहार लगाई थी। अब जिला प्रशासन ने अहसान राव सुरक्षाकर्मी मुहैया करा दिया है। 

अहसान राव का कहना है कि वह हमेशा राष्ट्र के प्रति समर्पित रहकर देशहित को सर्वोपरि मानते है और ऐसी धमकियों से हरगिज डरने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्होंने जय श्री राम का नारा लगाकर कोई गुनाह नहीं किया है और जिस देश में रहते हैं, उस देश का गुणगान करने में कोई बुराई नहीं है। उन्होंने कहा था, “देखिए भगवान राम हमारे पूर्वज हैं और हम सभी श्री राम के वंशज हैं। मुझे जय श्री राम बोलने में या भारत माता की जय बोलने में कोई दिक्कत नहीं है। जिस मुल्क में हम रह रहे हैं उसकी जय-जयकार करनी चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि अहसान राव का नारा लगाता वीडियो सामने आने के बाद देवबंद के उलेमा मुफ़्ती असद कासमी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई थी और इस्लाम से खारिज करने की धमकी दी थी। उनका कहना था कि इस तरह के नारे लगाने से इस्लाम से जाया हो जाता है। इसी तरह और भी मुस्लिम कट्टरपंथियों की तरफ से अहसान राव को धमकियाँ मिलने लगी थी, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा देने का अनुरोध किया था।

‘किराए के बदले सेक्स, ऑफर केवल लड़कियों के लिए’: आयरलैंड में विज्ञापन दे मकान मालिक कर रहे डिमांड

यूरोपीय देश आयरलैंड मैं किराए के घरों की संख्या लगातार घटती जा रही है। ये क्राइसिस राजधानी डबलिन में सबसे अधिक देखी जा रही हैं। यहाँ मकान मालिकों ने बकायदा विज्ञापनों के जरिए खुलेआम ‘रेंट के बदले सेक्स’ का ऑफर दे रहे हैं। मकान मालिकों ने ये सुविधाएँ केवल खूबसूरत लड़कियों को लिए ऑफर कर रखी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, किराएदार बढ़ी हुई कीमतों को चुका पाने में असमर्थ होने के कारण किराए के बदले सेक्स करने के लिए मजबूर हैं। आइरिश एक्जामिनर की रिपोर्ट के मुताबिक, लिमेरिक और डबलिन में सेक्स के बदले किराए के घर के लिए डिजिटल एडवर्टाइजमेंट दिए गए। इसी तरह से एक विज्ञापन न्यूकैसलवेस्ट के लिमरिक में दिया गया है, जिसमें एक मकान मालिक ने एक कमरे के लिए ऐड दिया लेकिन वो केवल सिंगल लड़की के लिए था जो मकान मालिक के साथ सेक्स कर सके। इसमें बताया गया, “कभी-कभार मौज-मस्ती करके किराया कम किया जा सकता है।”

जब एक किराएदार से संपर्क किया तो उसने कहा कि पहले महीने €200 (17,041 भारतीय रुपए) और उसके बाद हर महीने €250 (करीब 21,301 रुपए) देने होंगे। इसके अलावा हर सप्ताह सेक्स करना होगा। जब सेक्स के बिना कमरो को लेकर पूछा गया तो उसने इनकार कर दिया।

इसी तरह से डबलिन में एक विज्ञापन दिया गया। इसमें कहा गया कि सेंट्री डबलिन में शहर के काफी करीब एक कमरा खाली है। घर के पास ही कार पार्किंग और बस स्टॉप है। लेकिन खूबसूरत और चार्मिंग लड़कियाँ ही संपर्क करें।

भारी भरकम किराया है इसकी वजह

आयरलैंड के आवासीय किराएदारी बोर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर के किराए में 2017 के बाद से इस साल की तीसरी तिमाही में बहुत तेज वृद्धि हुई है। यहाँ वर्तमान में औसत मासिक किराया €1,397 (1,19,067 रुपए) है। वहीं डबलिन में औसत किराया €1,915.58 (करीब 1,63,257 रुपए) प्रति माह है, जबकि लिमरिक में यह €1,110.39 (94,651 रुपए) हैं।

हाउसिंग मिनिस्टर का बयान

रेंट के बदले सेक्स के ऑफर पर देश के आवास मंत्री ने बयान दिया है। आवास मंत्री दर्राघ ओ’ब्रायन मकान मालिकों द्वारा अपनाई जा रही इस प्रथा की निंदा करते हुए कहा, “मैं किसी भी ऐसे कार्यों की कड़े शब्दों में निंदा करता हूँ, जहाँ सेक्स के बदले किराए पर घर की पेशकश की जाती है।” इसके साथ ही मंत्री ने इस तरह की घटना की रिपोर्ट करने की अपील लोगों से की है।

‘फ्रांस की फर्स्ट लेडी का जन्म पुरुष के रूप में हुआ था’: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की वाइफ को ट्रांसजेंडर कहने वालों पर होगी कार्रवाई

सोशल मीडिया पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) की पत्नी ब्रिगिट मैक्रों (Brigitte Macron) को लेकर खबरें वायरल हो रही है कि वह ट्रांसजेंडर हैं और जन्म के समय उनका नाम जीन-मिशेल ट्रोग्नेक्स था। अब ब्रिगिट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निराधार बताया और साथ ही कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने की बात कही। 

बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अफवाहों में यह भी दावा किया गया है कि फ्रांस की पहली महिला का जन्म महिला नहीं, बल्कि पुरुष के रूप में हुआ था। ब्रिगिट के वकील जीन एन्नोची ने भी मीडिया से बात करते हुए इसकी पुष्टि की और कहा कि उन्होंने कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है और यह प्रगति पर है।

अफवाहों का यह दौर शुरू हुआ एक फेसबुक पोस्ट से। मार्च में ‘Natacha Rey’ नाम के यूजर ने इसकी शुरुआत की थी। हालाँकि, अक्टूबर में एक मीडिया आउटलेट ने ‘mystery of Brigette Macron’ टाइटल से एक आर्टिकल पब्लिश किया। इसके बाद कई लोगों ने इसे शेयर किया और फिर देखते ही देखते यह अफवाह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जंगल की आग की तरह फैल गई कि फ्रांस की पहली महिला ट्रांसजेंडर है।

1 नवंबर को पहली बार ट्विटर पर  #JeanMichelTrogneux हैशटैग देखने को मिला। हैशटैग को अब तक 68,300 रीट्वीट और 174,000 से अधिक लाइक्स मिल चुका है। ब्रगिट मैक्रों अब इस फर्जी सूचना को फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज करवाने वाली हैं।

यह पहली बार नहीं है जब ब्रिगिट ट्रोल्स के निशाने पर आई हैं। जब 2017 में इमैनुएल मैक्रों फ्रांस के राष्ट्रपति चुने गए थे, तो कपल की उम्र में 25 साल के अंतर को लेकर फटकार लगाई गई। इसके अलावा, इमैनुएल मैक्रों को भी 2017 में उनके चुनाव अभियान के दौरान उनकी कथित समलैंगिकता के बारे में झूठे दावों को खारिज करना पड़ा था।

हाल ही में, कट्टरपंथी इस्लाम के खिलाफ और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के समर्थन में फ्रांसीसी राष्ट्रपति के कड़े रुख ने तुर्की और पाकिस्तान जैसे इस्लामी राष्ट्रों को क्रोधित कर दिया है जिन्होंने फ्रांस और फ्रांसीसी राष्ट्रपति पर इस्लामोफोबिया का आरोप लगाते हुए निंदा की है।

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने एक प्रस्ताव भी पारित किया था जिसमें उसकी सरकार से फ्रांस से अपने गैर-मौजूद दूत को वापस बुलाने की माँग की गई थी। भारत सहित दुनिया भर के मुसलमान फ्रांस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत ने फ्रांस के साथ एकजुटता व्यक्त की थी और इस्लामी आतंकवादियों द्वारा फ्रांसीसी लोगों पर हमले की निंदा की थी।

CM योगी ने राम मंदिर के आसपास जमीनों की खरीद की जाँच के दिए आदेश, दावा- फैसले के बाद विधायक-नौकरशाहों ने की ‘गड़बड़ी’

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधायकों और अधिकारियों के रिश्तेदारों पर अयोध्या में राम मंदिर के पास जमीन खरीदने के आरोपों की जाँच के आदेश दिए हैं। आरोपों के मुताबिक यह खरीदारी अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 नवम्बर 2019 में राम मंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद की गई है। राजस्व विभाग के विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा को इस मामले की जाँच सौंपी गई है। उन्हें 5-7 दिनों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश मिले हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कुछ विधायकों, मंत्रियों और उच्चाधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम पर राम मंदिर परिसर से 5 किलोमीटर दायरे में जमीनें खरीदी गईं हैं। इसमें खरीदारों की संख्या लगभग 15 बताई गई हैं। अधिकारियों में मुख्य रूप से उनकी तरफ इशारा किया गया है जो उस समय या पूर्व में अयोध्या में तैनात रहे थे। ये खरीदारी महर्षि रामायण विद्यापीठ से की गई थी। यह पीठ महेश योगी द्वारा स्थापित की गई है। इस जमीन का दायरा गाँव बरहाता माझा व आस पास के गाँवों तक था। यह सभी जमीनें अयोध्या राम मंदिर से 5 किलोमीटर के दायरे में हैं।

दावा ये भी किया गया है कि इस खरीदारी में शामिल अधिकारी वो हैं जिन्हें जमीन के मामलों में अधिकार प्राप्त थे। उन्हें पता था कि भविष्य में मंदिर अधिग्रहण के दौरान उन स्थानों पर जमीनों के दाम तेजी से बढ़ेंगे।

जिन नेताओं और अधिकारियों के नाम इस खरीदारी में सामने आए हैं उसमें नवम्बर 2019 से अयोध्या के कमिश्नर रहे एम पी अग्रवाल भी शामिल हैं। उनके ससुर केशव प्रसाद अग्रवाल के नाम से दिसम्बर 2020 में बरहाता मांझा में 31 लाख रुपए में 2530 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी गई थी। उसी दिन उनके साले आनंद वर्धन ने भी उसी जगह 1,260 स्क्वायर मीटर जमीन 15 लाख 50 हजार रुपए में ली थी।

दूसरे अधिकारी का नाम पुरुषोत्तम दास गुप्ता है। वह जुलाई 2018 से सितम्बर 2021 तक अयोध्या में मुख्य राजस्व अधिकारी रहे थे। उनके साले की पत्नी तृप्ति गुप्ता के नाम पर अक्टूबर 2021 में 1130 स्क्वायर मीटर जमीन 21 लाख 88 हजार रुपए में खरीदी गई थी। इस जमीन में अमरजीत यादव पार्टनर थे। फ़रवरी 2019 से अक्टूबर 2021 तक अयोध्या के जिलाधिकारी रहे अनुज कुमार झा के पिता बदरी झा ने 320.631 स्क्वायर मीटर जमीन 23 लाख 40 हजार रुपए में खरीदी थी। यह जमीन मुगलपुरा में है जो राम मंदिर से 1 किलोमीटर की दूरी पर है।

जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक अयोध्या में DIG रहे IPS दीपक कुमार का भी इस लिस्ट में नाम है। उनकी साली महिमा के नाम पर बरहाता मांझा में सितम्बर 2021 में 1020 स्क्वायर मीटर जमीन 19 लाख 75 हजार रुपए में खरीदी गई थी। इस लिस्ट में गोसाईंगंज से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, अयोध्या से भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रिटायर्ड IAS अधिकारी उमाधर द्विवेदी, अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व SDM अयोध्या आयुष चौधरी, प्रदेश के सूचना सचिव हर्षवर्धन शाही, प्रदेश OBC आयोग के अध्यक्ष बलराम मौर्या व कुछ अन्य अधिकारी शामिल हैं।

‘पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड… कोई कसर न रह जाए’: हरीश रावत के तेवर के बाद कॉन्ग्रेस पर मनीष तिवारी का तंज

उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पार्टी का सहयोग न मिलने के कारण जो ट्वीट उन्होंने कल किया उसके बाद अन्य राजनेता इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पहले पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना ट्वीट कर रावत को ताना दिया और अब कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पार्टी के हाईकमान पर तंज कसा है।

रावत के ट्वीट पर मनीष तिवारी ने कहा, “असम, फिर पंजाब और अब उत्तराखंड, भोग (मृतक की अंतिम रस्म) पूरा ही डालेंगे, कोई कसर न रह जाए।”  ये पहली बार नहीं है जब तिवारी इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से अपने पार्टी नेतृत्व पर हमलावर हुए हों। वह बीते दिनों में सिद्धू से लेकर कॉन्ग्रेस आलाकमान का मजाक उड़ा चुके हैं। उन्होंने राहुल गाँधी को सलाह भी दी थी कि वो हिंदुत्व की बहस में शामिल न हों। क्योंकि ये बहस मूल विचारधारा से कई मील दूर है।

तिवारी से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रावत के ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा था, “जो बोओगे वही काटोगे। भविष्य की शुभकामनाएँ।” 

गौरतलब है कि कल हरीश रावत ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट को पढ़कर सबको ऐसा लगा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व द्वारा तवज्जों ने मिल रही। इस ट्वीट में उन्होंने कहा था “है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढाँचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुँह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।”

रावत का कहना है कि चुनाव रूपी जिस समंदर में वो तैरना चाहते हैं वहाँ सत्ता ने मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। रावत ने एक अन्य ट्वीट किया, “जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पाँव बाँध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि #हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!”

मालूम हो कि कुछ समय पहले पार्टी नेतृत्व के कारण कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में कॉन्ग्रेस से अपना नाता तोड़ा था। उससे पहले असम में हिमंत बिस्वा ने 2014 में कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ दिया था। बाद में वो भाजपा में शामिल हुए और इसी वर्ष उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला।