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‘पहले असम, फिर पंजाब, अब उत्तराखंड… कोई कसर न रह जाए’: हरीश रावत के तेवर के बाद कॉन्ग्रेस पर मनीष तिवारी का तंज

उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों से पहले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। पार्टी का सहयोग न मिलने के कारण जो ट्वीट उन्होंने कल किया उसके बाद अन्य राजनेता इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। पहले पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपना ट्वीट कर रावत को ताना दिया और अब कॉन्ग्रेस नेता मनीष तिवारी ने पार्टी के हाईकमान पर तंज कसा है।

रावत के ट्वीट पर मनीष तिवारी ने कहा, “असम, फिर पंजाब और अब उत्तराखंड, भोग (मृतक की अंतिम रस्म) पूरा ही डालेंगे, कोई कसर न रह जाए।”  ये पहली बार नहीं है जब तिवारी इस तरह अप्रत्यक्ष रूप से अपने पार्टी नेतृत्व पर हमलावर हुए हों। वह बीते दिनों में सिद्धू से लेकर कॉन्ग्रेस आलाकमान का मजाक उड़ा चुके हैं। उन्होंने राहुल गाँधी को सलाह भी दी थी कि वो हिंदुत्व की बहस में शामिल न हों। क्योंकि ये बहस मूल विचारधारा से कई मील दूर है।

तिवारी से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रावत के ट्वीट पर तंज कसते हुए कहा था, “जो बोओगे वही काटोगे। भविष्य की शुभकामनाएँ।” 

गौरतलब है कि कल हरीश रावत ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट को पढ़कर सबको ऐसा लगा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व द्वारा तवज्जों ने मिल रही। इस ट्वीट में उन्होंने कहा था “है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढाँचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुँह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।”

रावत का कहना है कि चुनाव रूपी जिस समंदर में वो तैरना चाहते हैं वहाँ सत्ता ने मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। रावत ने एक अन्य ट्वीट किया, “जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पाँव बाँध रहे हैं। मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि #हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिए, अब विश्राम का समय है!”

मालूम हो कि कुछ समय पहले पार्टी नेतृत्व के कारण कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में कॉन्ग्रेस से अपना नाता तोड़ा था। उससे पहले असम में हिमंत बिस्वा ने 2014 में कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़ दिया था। बाद में वो भाजपा में शामिल हुए और इसी वर्ष उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिला।

एक और भारतवंशी CEO: मुंबई में पैदा हुईं आम्रपाली को एडल्ट वेबसाइट की कमान, लॉकडाउन से लाइमलाइट में आई OnlyFans

भारतीय मूल की आम्रपाली गण उर्फ ‘एमी’ (Amrapal Gan alias Ami) ए़डल्ट कंटेंट प्रसारित करने वाली वेबसाइट ‘ओनली फैंस’ (OnlyFans) की नई मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त की गई हैं। उन्हें यह जिम्मेदारी कंपनी के संस्थापक टिम स्टोकली (Tim Stokely) के इस्तीफा देने के बाद सौंपी गई है। आम्रपाली इसके साथ ही उन भारतवंशियों की लिस्ट में शामिल हो गईं हैं जिन्होंने विदेशी कंपनी में टॉप मैनेजमेंट का पद हासिल किया है। हाल ही में एक अन्य भारतवंशी पराग अग्रवाल ट्विटर के सीईओ बने हैं।

दरअसल, ओनलीफैंस के संस्थापक और सीईओ रहे टिम स्टोकली ने एक अरब डॉलर से अधिक की वैल्यू के साथ कंपनी में अपने पद से इसलिए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि वे दूसरे प्रोजोक्ट को पूरा करना चाहते थे। फिलहाल ‘एमी’ के एडल्ट कंपनी का सीईओ बनने के साथ ही वो इंटरनेट पर छा गई हैं। हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर ‘एमी गण’ कौन हैं और उनका भारत से क्या कनेक्शन है।

कौन हैं आम्रपाली गण?

एमी गण का जन्म मुंबई (Mumbai) में हुआ था। लेकिन, उनकी शुरुआती और उच्च शिक्षा अमेरिका के कैलिफोर्निया से हुई है और वो वहीं रहती भी हैं। एमी ने FIDM से मर्चेंडाइज मार्केटिंग में डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन और ऑर्गनाइजेशनल कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। साथ ही हार्वर्ड बिजनेस स्कूल ऑनलाइन से उद्यमिता का प्रमाण-पत्र भी हासिल किया है।

36 वर्षीय एमी गण के लिंक्डइन प्रोफाइल से मिली जानकारी के मुताबिक, वो बीते चार साल से आर्केड एजेंसी में सलाहकार के तौर पर कार्यरत थीं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने से पहले वो 2020 में ओन्लीफैंस की चीफ डिस्ट्रिब्यूशन और कम्युनिकेशन ऑफिसर थीं। इससे पहले उन्होंने कैनबिस कैफे की डिस्ट्रिब्यूशन और एड की उपाध्यक्ष के तौर पर काम किया था। उन्होंने 2008 से 2016 तक कई स्टार्टअप्स में मार्केटिंग भी सँभाला।

साभार: लिंक्डइन

कंपनी की सीईओ की भूमिका मिलने पर एमी गण ने कहा कि मैं अपनी कम्युनिटी, अपने कंटेंट क्रिएटर्स और फॉलोवर्स के लिए समर्पित रहूँगी। मुझे ये रोल पाने पर गर्व है।

ओनलीफैंस क्या है?

ओनलीफैंस एक एडल्ट कंटेट प्रोवाइड करने वाला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना वर्ष 2016 में की गई थी। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान यह लाइमलाइट में आई। लॉकडाउन के दौरान एडल्ट कंटेंट लिखने वाले अधिकतर लोगों ने इसे ज्वाइन किया था। यहाँ पर कई महिलाएँ न्यूड होकर अपनी तस्वीरों को बेचकर पैसे कमा रही हैं।

‘गाय कुछ लोगों के लिए गुनाह, हमारे लिए माता’: PM मोदी ने वाराणसी को दी ₹870 करोड़ की 22 परियोजनाओं की सौगात

प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी आज (दिसंबर 23, 2021) 10 दिन में दूसरी बार अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहुँचे हैं। यहाँ उन्होंने 870 करोड़ रुपए की 22 विकास परियोजनाएँ जनता को समर्पित कीं। इन परियोजनाओं में पिंडरा के करखियांव में अमूल प्लांट की आधारशिला भी शामिल है। इसके अलावा इस दौरान 20 लाख से ज्यादा लोगों को ‘घरौनी’ वितरण भी किया गया

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘महादेव’ का नाम लेकर अपनी बात शुरू की। स्थानीय भाषा में जनता को प्रणाम करते हुए उन्होंने आज के दिन को ऐतिहासिक बताया। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि दी।

गाय, गोवर्धन को पूजनीय बताकर पीएम ने कहा, “ये कुछ लोगों के लिए गुनाह हो सकती है, लेकिन हमारी लिए ये माता है, पूजनीय है। इसका मजाक बनाने वाले लोग भूल जाते हैं कि हमारे देश में 8 करोड़ लोगों की आजीविका ऐसे ही पशुधन से चलती है। आज भारत हर साल लगभग साढ़े 8 लाख करोड़ रुपए का दूध उत्पादन करता है। ये राशि जितना भारत में गेहूं और चावल का उत्पादन होता है, उसकी कीमत से भी कहीं ज्यादा है।”

वाराणसी को तमाम विकास परियोजनाओं की सौगात देकर पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि डेयरी सेक्टर को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वह बोले कि 6-7 वर्ष पहले की तुलना में देश में दूध उत्पादन लगभग 45% बढ़ा है। आज भारत दुनिया का लगभग 22% दूध उत्पादन करता है। पीएम ने कहा कि आज देश की बहुत बड़ी जरूरत, डेयरी सेक्टर से जुड़े पशुओं से जो अपशिष्ट निकलता है, उसके सही इस्तेमाल का भी है। रामनगर के दूध प्लांट के पास बायोगैस से बिजली बनाने वाले प्लांट का निर्माण ऐसा ही एक बहुत बड़ा प्रयास है।

लुधियाना सेशन कोर्ट में जोरदार ब्लास्ट: 2 की मौत 4 घायल, रेप पीड़िता के वकील ने कहा- ‘मेरी हत्या की थी साजिश’

पंजाब (Punjab) के लुधियाना कोर्ट (Ludhiana court blast) परिसर में गुरुवार (23 दिसंबर 2021) को दोपहर धमाके की घटना हुई है। इस घटना में दो लोगों की मौत और 4 लोग घायल हुए हैं। धमाका इतना तेज था कि इसकी वजह से आसपास सबकुछ तबाह हो गया और केवल धुएँ का गुबार उठता दिखा। इसके अलावा घबराए लोग इधर-उधर भागते दिखे।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह ब्लास्ट लुधियाना जिला सेशन कोर्ट परिसर की दूसरी मंजिल पर हुआ। वारदात करीब 12:22 पर सेकेंड फ्लोर पर बने वॉशरूम में हुई। धमाके के कारण वॉशरूम की दीवार ढह गई और खिड़कियों के काँच भी टूटकर बिखर गए। घटना के बाद आनन-फानन में पुलिस कमिश्नर समेत पुलिस के आला अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। पुलिस फोर्स ने पूरे फ्लोर को खाली करवा दिया है। इसके साथ ही सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। पुलिस एक-एक चीज की जाँच में जुट गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह एक बम ब्लास्ट था या फिर सिलेंडर फटा है। इसके अलावा यह भी जाँच की जा रही है कि कहीं और बम तो नहीं प्लांट किए गए।

इसके साथ ही पुलिस ने राहत और बचाव कार्य भी शुरू कर दिया है। हालाँकि, अच्छी बात यह रही कि वकीलों की हड़ताल के चलते कोर्ट में अधिक भीड़ नहीं थी।

रेप पीड़िता के वकील ने कहा हत्या की साजिश

इस मामले में एक दुष्कर्म पीड़िता के वकील हरीष राय ढांडा का आरोप है कि यह ब्लास्ट उनकी हत्या के लिए की गई साजिश का हिस्सा है। उनका कहना है कि गुरुवार को पेशी होने के चलते वो थोड़े लेट हो गए थे। इसी कारण से तेज कदमों के साथ वो अदालत की ओर जा रहे थे। वो बताते हैं कि दूसरी मंजिल पर वो अभी कुछ ही दूरी पर पहुँचे थे कि जोरदार धमाका हुआ। हालाँकि, अच्छी बात यह रही कि वो इस घटना में बाल-बाल बच गए।

अमृतसर के लक्ष्मी नारायण मंदिर में मूर्तियों को तोड़ा, आभूषण लूटे; पुजारी को किया बंद: पंजाब पुलिस ने बताया चोरी का केस, ‘बेअदबी’ नहीं

पंजाब के अमृतसर में एक हिन्दू मंदिर में तोड़फोड़ की खबर है। यह मंदिर अजनाला में है। मंदिर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया गया है। पुलिस को इस मामले में चोरी का शक है। घटना बुधवार (22 दिसम्बर, 2021) की है।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की है। इस दौरान मंदिर में रखा सोना, सजावटी आभूषण, बाइक और ₹1 को भी लूट लिया गया है। मंदिर के पुजारी स्वामी सत्य आकाश ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रात में उनके कमरे को बाहर से लॉक कर दिया गया था। सुबह 5 बजे उठने के बाद उन्होंने पड़ोसियों से कमरा खुलवाया। तब जा कर उन्हें घटना की जानकारी हुई।

पुजारी ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया, “न सिर्फ सामान की लूट हुई है बल्कि 2 मूर्तियों को भी तोड़ा गया है। अंदर घुसने से पहले एक लोहे की जंजीर और 2 ताले तोड़े गए। अंदर आ जाने के बाद उन्होंने पवित्र स्थल का शीशा तोड़ा। यहाँ से वो सभी पहले तल पर गए।” स्वामी आकाश इस मंदिर में 15 साल से पुजारी हैं जिन्होंने इसे मंदिर को अपवित्र करने की साजिश बताया है। इस घटना के विरोध में अजनाला के गौशाला संचालक व हिन्दू नेता अश्वनी कुमार ने प्रशसन को आरोपितों को पकड़ने के लिए 2 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर आरोपित पकड़े नहीं गए तो अजनाला को पूर्ण बंद करवाया जाएगा। साथ ही वो आत्मदाह कर लेंगे।

पंजाब पुलिस ने इस घटना की FIR अजनाला थाने में दर्ज कर ली है। इस केस में IPC की धारा 34, 295, 342, 380 और 457 के तहत कार्रवाई हुई है। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करने के लिए SIT का गठन किया है। DSP जसवीर सिंघा ने बताया, “CCTV की जाँच की जा रही है। सर्विलांस और टेक्निकल टीमों को काम पर लगाया गया है। आरम्भिक जाँच से मामला चोरी का लग रहा है। जल्द ही पुलिस आरोपितों तक पहुँच जाएगी।”

रिपोर्ट के मुताबिक SSP अमृतसर देहात राकेश कौशल ने भी इसे चोरी की घटना बताते हुए धर्मस्थल के अपमान की साजिश से इंकार किया है।

सारा अली खान से टेंशन में थे रजनीकांत के जमाई धनुष, कहा- सोनम ने बहुत कम्फर्टेबल किया: ‘ॐ नमः शिवाय’ लिख दी अगली फिल्म की जानकारी

फिल्म ‘अतरंगी रे’ को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है। फिल्म के ट्रेलर और सॉन्ग्स पहले ही फैंस के दिलों को जीत चुके हैं और अब ऑडियंस को बेसब्री से फिल्म का इंतजार है। फिल्म में सारा अली खान, धनुष और अक्षय कुमार के काम की जबरदस्त चर्चा हो रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस फिल्म में सारा की कास्टिंग को लेकर धनुष बिल्कुल श्योर नहीं थे। 

बता दें कि सारा और धनुष हाल ही में अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए कॉफी शॉट्स विद करण में पहुँचे थे। धनुष ने यहाँ बताया कि फिल्म में सारा की कास्टिंग का पता चलने पर वो काफी चिंतित हो गए थे। उन्हें लगा था कि सारा को एक मुश्किल किरदार निभाने के लिए चुना गया।

धनुष ने कहा, “सच कहूँ तो मैं बहुत ज्यादा चिंतित था। यह बहुत बड़ा रोल और मुश्किल कैरेक्टर है। मैंने आनंद जी से पूछा था कि वो कितनी फिल्में कर चुकी हैं। उन्होंने मुझे बताया 2-3 फिल्में। तो मैंने सोचा कि क्या वह यह रोल कर पाएँगी? आनंद जी मुझसे बार-बार कहते रहे कि रिंकू सूर्यवंशी के रोल के लिए सारा एकदम परफेक्ट हैं। उन्होंने कहा कि उसमें कुछ है जिसकी मुझे कैरेक्टर में जरूरत है। वास्तव में आनंद जी सही थे। पता नहीं वह यह सब कैसे कर लेते हैं। पता नहीं कैसे कहाँ से वह मुझे ‘राँझणा’ के लिए यहाँ ले आए। उन्हें पता था कि मेरी फिल्म के लिए यही ऐक्टर है। जाहिर है उन्होंने सारा में भी कुछ देखा ही होगा।”

इस दौरान जब करण जौहर ने सारा अली खान से पूछा कि वो सोनम कपूर और सारा अली खान में से किसके साथ काम करते वक्त ज्यादा कम्फर्टेबल थे? तो धनुष ने तुरंत सोनम कपूर का नाम लिया। धनुष ने कहा, “मेरे लिए सोनम हमेशा स्पेशल रहेंगी। वो मेरी पहली हिन्दी की को-स्टार थीं। मैं साउथ से आया एक लड़का था, जिसको उन्होंने बहुत कम्फर्टेबल किया। वो बहुत ही सॉफ्ट हैं। मैं उनका हमेशा शुक्रगुजार रहूँगा कि उन्होंने मुझे इतना अच्छा ट्रीटमेंट दिया।”

इस बीच एक्टर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपनी अपकमिंग फिल्म का मोशन पोस्टर शेयर करते हुए फिल्म के टाइटल की घोषणा की है। इस मोशन पिक्चर के बैकग्राउंड में सिर्फ म्यूजिक है। इस फिल्म का नाम सर (SIR) है। फिल्म सामाजिक मुद्दे पर आधारित है।

धनुष ने फिल्म के टाइटल का खुलासा करने से पहले ही अपने ट्विटर पर एक पोस्टर शेयर किया था। जिसमें उन्होंने फिल्म से जुड़ी कुछ डिटेल्स को शेयर किया था। 22 दिसंबर को एक्टर ने ट्विटर पर पोस्टर शेयर करते हुए लिखा था, “मेरी अगली तमिल फिल्म और मेरी पहली तेलुगु निर्देशित फिल्म … टाइटल की घोषणा कल करूँगा। ऊँ नम: शिवाय।”

मेवात के मुस्लिम खोज रहे ऐसा लड़का जो 2 दिन में कर ले निकाह, हड़बड़ी में सैंकड़ों शादियाँ: ’21 साल की उम्र’ से बढ़ी हलचल

लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से 21 साल करने का प्रस्ताव अभी कैबिनेट से पास हुआ है कि हरियाणा के मेवात में खलबली मच गई। वहाँ से खबर आ रही है कि लोग इस विधेयक के कानून बनने से पहले-पहले अपनी लड़कियों की शादी/निकाह कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हरियाणा के ग्रामों में पिछले दिनों शादियों का तांता लग गया। मुस्लिम बहुल वाले नूँह क्षेत्र में कई लोग ऐसे लड़कों की तलाश में है जो 2 दिन में निकाह के लिए तैयार हों।

नूँह में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष साजिद इस कानून को लेकर कहते हैं, “हम इस पर आपत्ति जताते हैं। ये उनके लिए ठीक है जो पढ़ी लिखी हैं और जीवन में कोई उद्देश्य रखती हैं, लेकिन जिनका कोई उद्देश्य नहीं है, वह अनपढ़ हैं, उन्हें उनके माता-पिता शादी न होने पर भार समझते हैं। “

इस मामले पर इससे पहले सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि इस फैसले के बाद लड़कियाँ आवारा हो जाएँगी। अब यहाँ एक बात गौरतलब हो कि एक ओर जहाँ बर्क जैसे कट्टरपंथी के विचारों पर चलते हुए साजिद ने बयान दिया है कि ये नया नियम सिर्फ पढ़ी लिखी लड़कियों को फायदा पहुँचाएगा। वहीं वास्तविकता में ये नया कानून हर धर्म, हर मजहब, हर वर्ग की लड़कियों के लिए है। लेकिन साजिद के विचार अलग हैं। वो कहते हैं कि आज के समय में लड़के-लड़कियों को ज्यादा छूट दी जाती है इससे उनके भटकने के आसार ज्यादा हैं।

नूँह जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि जो महिलाएँ शिक्षित हैं और अपने जीवन में कुछ करने का लक्ष्य रखती हैं, वे इस बेचैनी को नियंत्रित कर सकती हैं। लेकिन ये ज्यादा चांस है कि अगर लड़की अविवाहित हैं, अनपढ़ है और लक्ष्यहीन है तो वो इसका उल्लंघन करेगी।व ह कहते हैं कि अगर एक लड़की को 18 की उम्र में अपने जीवन के बारे निर्णय लेने का अधिकार है तो उनकी शादी की आयु 21 करने के पीछे कोई तर्क नहीं है।

बता दें कि हरियाणा के मेवात में लड़कियों की शादी जल्दी कर देने का चलन है। पिछले एक हफ्ते में वहाँ सैंकड़ों शादियाँ की गई ऐसा मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं। हड़बड़ी में की गई इन शादियों में लड़कियों की उम्र 18 से 20 ही थी। वहाँ इमामों के पास भी अच्छा दूल्हा बताने के लिए माँग बढ़ रही हैं और इसी के मद्देनजर अजान के समय घोषणा भी होती सुनी गई। रिपोर्ट बताती हैं कि पिछले गुरुवार को जबसे सरकार ने घोषणा की है उसके बाद अदालत में होने वाली शादियाँ भी बढ़ी हैं। दो स्थानीय वकीलों की मानें तो गैर-जातीय जोड़े भी गुरुग्राम में हफ्ते भर में शादी के लिए आ रहे हैं।

अब दिलचस्प बात ये है कि जिस नूँह में हड़बड़ी में इतनी शादियाँ हो रही है। वहीं की लड़कियों ने उस अभियान को सक्रिय रूप से बढ़ावा दिया था जिसमें लड़कियों की उम्र 18 से बढ़ाने की माँग की गई थी। सुनील जागलान जो शादी की उम्र को लेकर हरियाणा में अभियान चला रहे थे उन्होंने बताया कि लड़कियाँ चाहती थीं कि शादी पंजीकृत करने की प्रक्रिया पर तब तक रोक लगे जब तक कि कानून नहीं अप्रूव होता।

‘तूने सुशांत सिंह राजपूत को मारा’: आदित्य ठाकरे को 3 बार किया कॉल… बेंगलुरु से पकड़ लाई मुंबई पुलिस

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को हाल ही में एक शख्स ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने बेंगलुरु से जयसिंह राजपूत नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इसी शख्स ने 8 दिसंबर को आदित्य ठाकरे को फोन किया था और कॉल ना उठाने पर उनके लिए धमकी भरे मैसेज छोड़े। इसके बाद से ही मुंबई पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश कर रही थी। पूछताछ में आरोपित ने खुद को एक्टर सुशांत सिंह राजपूत का फैन बताया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित ने 8 दिसंबर की आधी रात को आदित्य ठाकरे के व्हाट्सएप पर धमकी भरे मैसेज किए थे। आरोपित ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत के लिए ठाकरे को जिम्मेदार ठहराया था। उसने तीन बार कॉल भी किया। लेकिन ठाकरे ने अनजान कॉल को रिसीव नहीं किया। इसके बाद आरेापित ने धमकी भरे मैसेज भेज कर लिखा था, “तूने सुशांत सिंह राजपूत को मारा…।” आरोपित ने आदित्य ठाकरे को अपशब्द भी कहे थे।

मामला सीएम के बेटे और कैबिनेट मंत्री से जुड़ा था, इस वजह से तुरंत पुलिस भी हरकत में आ गई। जाँच में पुलिस को पता चला कि आरोपित बेंगलुरु में है। इसके बाद पुलिस ने उसे 18 दिसंबर को गिरफ्तार किया। ट्रांजिट रिमांड पर उसे मुंबई लाया गया। एक स्थानीय अदालत ने उसे 23 दिसंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया।

इस बीच एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा है, “जिस तरह से आदित्य ठाकरे को धमकी भरा पत्र मिला, हमें संदेह है कि क्या यह उन संगठनों से जुड़ा है जिन्होंने (नरेंद्र) दाभोलकर और (गोविंद) पानसरे की हत्या की। मुझे भी ऐसी धमकियाँ मिली हैं। हमने इसकी जाँच के लिए लिखा है।”

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह एक गंभीर मामला है, सत्ता खोने के बाद कुछ संगठन इस तरह से व्यवहार कर रहे हैं। गृह विभाग इसकी जाँच करेगा और पता लगाएगा कि इसके पीछे कौन है। उन्हें पकड़ा जाएगा और दंडित किया जाएगा।”

गौरतलब है कि 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत का शव मुंबई के बांद्रा स्थित उनके फ्लैट में मिला था। मुंबई पुलिस ने इसे सुसाइड का मामला बताया था। बाद में मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी गई। सुशांत के फैंस महाराष्ट्र सरकार, सीएम उद्धव ठाकरे और मंत्री आदित्य ठाकरे पर इस मामले को दबाने का आरोप लगाते रहे हैं।

RTI कार्यकर्ता के पैर में ठोंकी कील, मूत्र पिलाया: कॉन्ग्रेस शासन वाले राजस्थान में शराब माफियाओं का खौफ

राजस्थान के बाड़मेर में शराब माफियाओं की शिकायत करने वाले RTI कार्यकर्ता की बुरी तरह पिटाई की गई है। RTI कार्यकर्ता अमराराम के पैरों में कीलें ठोंक दी गई हैं। उन्हें पेशाब पिलाई गई। इस समय अमराराम की हालत गंभीर बताई जा रही। हालाँकि, खबर ये भी है कि राजस्थान पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना बुधवार (22 दिसम्बर, 2021) की है।

जानकारी के मुताबिक अमराराम जोधपुर से गाँव चिमोणियों की ढ़ाणी जा रहे थे। तभी रास्ते में स्कोर्पियो सवार 8 बदमाशों ने उनका अपहरण कर लिया। उन्हें कुंपलिया गाँव में एक वीरान जगह पर ले जा कर बेरहमी से मारा गया। पीड़ित के शरीर में फैक्चर बताया जा रहा है। पीड़ित के पैरों पर सरियों से वार हुआ, पैरों में कीलें ठोंकने के लिए हथौड़ा चलाया गया। जिससे बताया जा रहा है कि सरिया आर-पार हो गया। वहीं उनकी हालत गंभीर होने के कारण जोधपुर रैफर कर दिया गया है।

बता दें कि अमराराम ने खुद को मिल रहीं धमकियों को अपने फेसबुक पर सार्वजनिक किया था। उन्होंने किसी से न डरने और अंतिम साँस तक लड़ने की बात कही थी। उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस में भी की थी। इस मामले पर राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान पुलिस, आबकारी विभाग और बाड़मेर प्रशासन से रिपोर्ट माँगी है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने बताया, “पीड़ित का इलाज पुलिस की देखरेख में हो रहा। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गई हैं। हमलवारों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 15 दिसम्बर को अमराराम की शिकायत पर पुलिस ने किराना स्टोर की आड़ में बिक रही भारी मात्रा में अवैध शराब भी बरामद किया था।”

सलमान खुर्शीद पर FIR का आदेश: अयोध्या वाली किताब में हिंदुत्व की तुलना ISIS और बोको हरम से करने का मामला

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद पर लखनऊ की एक अदालत ने FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। ACJM शान्तनु त्यागी ने बख्शी का तालाब के SHO को 3 दिन में FIR की कॉपी कोर्ट में जमा करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता एडवोकेट शुभांगी तिवारी हैं। मामला खुर्शीद की किताब ‘सनराइज ओवर अयोध्या: नेशनहुड इन आवर टाइम्स (Sunrise Over Ayodhya: Nationhood in Our Times)’ से जुड़ा है। इमसें कॉन्ग्रेस नेता ने हिंदुत्व की तुलना इस्लामिक स्टेट और बोको हराम जैसे आतंकी संगठनों से की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शिकायतकर्ता ने इस किताब को हिन्दू धर्म की आस्था पर आघात बताया है। किताब के पेज संख्या 116 के अध्याय 6 (द) का उल्लेख किया है। इस स्थान पर शीर्षक का नाम ‘द सैफरोन स्काई’ है। इसी स्थान पर हिंदुत्व की तुलना बोको हराम और ISIS से करने का आरोप खुर्शीद पर लगाया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि खुर्शीद ने हिंदुत्व की तुलना जानवर और हैवानों से की है। एडवोकेट शुभांगी ने हिन्दू और हिंदुत्व के बीच ठीक वही रिश्ता बताया है जो माता और मातृत्व में होता है। हिन्दू धर्म का गुण हिंदुत्व है। याचिका में न सिर्फ सलमान खुर्शीद पर कार्रवाई की माँग की है बल्कि विवादित किताब की प्रतियों को भी ज़ब्त करने का भी आवेदन किया गया है।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने खुर्शीद की विवादित किताब पर बैन लगाने से इनकार कर दिया था। विनीत जिंदल की याचिका को ख़ारिज करते हुए कोर्ट ने कहा था, “हम क्या कर सकते हैं यदि लोग इतने संवेदनशील हो चुके हैं तो। किसी ने ये तो नहीं कहा है न कि इसे पढ़ें ही।” कोर्ट ने यह भी कहा था, “अगर आप इस किताब को नहीं पढ़ना चाहते हैं तो अपनी आँखें बंद कर लीजिए। अगर किताब से भावनाएँ आहत होती हैं, तो इससे बेहतर किताब पढ़ सकते हैं।”