Saturday, July 13, 2024
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CM योगी ने राम मंदिर के आसपास जमीनों की खरीद की जाँच के दिए आदेश, दावा- फैसले के बाद विधायक-नौकरशाहों ने की ‘गड़बड़ी’

कुछ विधायकों, मंत्रियों और उच्चाधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम पर राम मंदिर परिसर से 5 किलोमीटर दायरे में जमीनें खरीदी गईं हैं। इसमें खरीदारों की संख्या लगभग 15 बताई गई हैं।

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने विधायकों और अधिकारियों के रिश्तेदारों पर अयोध्या में राम मंदिर के पास जमीन खरीदने के आरोपों की जाँच के आदेश दिए हैं। आरोपों के मुताबिक यह खरीदारी अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 नवम्बर 2019 में राम मंदिर के पक्ष में आए फैसले के बाद की गई है। राजस्व विभाग के विशेष सचिव राधेश्याम मिश्रा को इस मामले की जाँच सौंपी गई है। उन्हें 5-7 दिनों के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश मिले हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक कुछ विधायकों, मंत्रियों और उच्चाधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम पर राम मंदिर परिसर से 5 किलोमीटर दायरे में जमीनें खरीदी गईं हैं। इसमें खरीदारों की संख्या लगभग 15 बताई गई हैं। अधिकारियों में मुख्य रूप से उनकी तरफ इशारा किया गया है जो उस समय या पूर्व में अयोध्या में तैनात रहे थे। ये खरीदारी महर्षि रामायण विद्यापीठ से की गई थी। यह पीठ महेश योगी द्वारा स्थापित की गई है। इस जमीन का दायरा गाँव बरहाता माझा व आस पास के गाँवों तक था। यह सभी जमीनें अयोध्या राम मंदिर से 5 किलोमीटर के दायरे में हैं।

दावा ये भी किया गया है कि इस खरीदारी में शामिल अधिकारी वो हैं जिन्हें जमीन के मामलों में अधिकार प्राप्त थे। उन्हें पता था कि भविष्य में मंदिर अधिग्रहण के दौरान उन स्थानों पर जमीनों के दाम तेजी से बढ़ेंगे।

जिन नेताओं और अधिकारियों के नाम इस खरीदारी में सामने आए हैं उसमें नवम्बर 2019 से अयोध्या के कमिश्नर रहे एम पी अग्रवाल भी शामिल हैं। उनके ससुर केशव प्रसाद अग्रवाल के नाम से दिसम्बर 2020 में बरहाता मांझा में 31 लाख रुपए में 2530 स्क्वायर मीटर जमीन खरीदी गई थी। उसी दिन उनके साले आनंद वर्धन ने भी उसी जगह 1,260 स्क्वायर मीटर जमीन 15 लाख 50 हजार रुपए में ली थी।

दूसरे अधिकारी का नाम पुरुषोत्तम दास गुप्ता है। वह जुलाई 2018 से सितम्बर 2021 तक अयोध्या में मुख्य राजस्व अधिकारी रहे थे। उनके साले की पत्नी तृप्ति गुप्ता के नाम पर अक्टूबर 2021 में 1130 स्क्वायर मीटर जमीन 21 लाख 88 हजार रुपए में खरीदी गई थी। इस जमीन में अमरजीत यादव पार्टनर थे। फ़रवरी 2019 से अक्टूबर 2021 तक अयोध्या के जिलाधिकारी रहे अनुज कुमार झा के पिता बदरी झा ने 320.631 स्क्वायर मीटर जमीन 23 लाख 40 हजार रुपए में खरीदी थी। यह जमीन मुगलपुरा में है जो राम मंदिर से 1 किलोमीटर की दूरी पर है।

जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक अयोध्या में DIG रहे IPS दीपक कुमार का भी इस लिस्ट में नाम है। उनकी साली महिमा के नाम पर बरहाता मांझा में सितम्बर 2021 में 1020 स्क्वायर मीटर जमीन 19 लाख 75 हजार रुपए में खरीदी गई थी। इस लिस्ट में गोसाईंगंज से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, अयोध्या से भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रिटायर्ड IAS अधिकारी उमाधर द्विवेदी, अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, पूर्व SDM अयोध्या आयुष चौधरी, प्रदेश के सूचना सचिव हर्षवर्धन शाही, प्रदेश OBC आयोग के अध्यक्ष बलराम मौर्या व कुछ अन्य अधिकारी शामिल हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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