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मिर्जापुर वाले ‘ललित’ का आखिरी Video वायरल, दोस्तों के साथ नाचते आए नजर: कमोड के पास मिला था ब्रह्मा मिश्रा का शव

वेब सीरीज मिर्जापुर में ललित का किरदार निभाकर फेमस हुए एक्टर ब्रह्मा मिश्रा के निधन के बाद उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इसमें वे डांस करते नजर आ रहे हैं। इंस्टाग्राम पर उनका ये आखिरी वीडियो था। वीडियो में उनके दोस्त भी नाचते दिख रहे हैं। ब्रह्मा के इस वीडियो को हजारों लोग देख चुके हैं। ब्रह्मा के पोस्ट पर फैंस कमेंट कर दुख जाहिर कर रहे हैं। उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक ब्रह्मा पिछले चार सालों से मुंबई के वर्सोवा में किराए के अपार्टमेंट में अकेले रहते थे। रिपोर्ट्स की माने तो ब्रह्मा का शव उनके घर में क्षत-विक्षत हाल में मिला था। उनकी मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। मिश्रा के फ्लैट से बदबू आने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा खुलवाया तो मिश्रा बाथरुम में कमोड के पास मृत पड़े थे।

इससे पहले 29 नवंबर को ब्रह्मा मिश्रा को सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। उसके बाद डॉक्टर ने उन्हें गैस की कुछ दवाइयाँ देकर घर भेज दिया था। बताया जा रहा है कि जब एक्टर बाथरूम में थे तब उन्हें हार्ट अटैक आया होगा और उनकी मौत हो गई। हालाँकि इस संबंध में अभी आधिकारिक रिपोर्ट आना बाकी है।

बता दें कि ब्रह्मा मिश्रा मिर्जापुर के अलावा ‘केसरी’, ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ और ‘हैलो चार्ली’ जैसी कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं। वह आखिरी बार फिल्म ‘हैलो चार्ली’ में ही नजर आए थे। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी। उन्हें असली पहचान उन्हें वेब सीरीज ‘मिर्जापुर’ से मिली थी। इस सीरीज में उन्होंने ललित का किरदार निभाया था जो मुन्ना त्रिपाठी के बेहद करीब होता है। मिर्जापुर-2 में ब्रह्मा मिश्रा के किरदार की मौत कालीन भैया के हाथों होती है।

ब्रह्मा मूल रूप से भोपाल के पास रायसेन के रहने वाले थे। उन्होंने रायसेन से 10वीं तक पढ़ाई की है। उनके पिता भूमि विकास बैंक में कार्यरत थे। एक्टर बनने का सपना लेकर आए ब्रह्मा मुंबई में ही बस गए थे। हालाँकि मुंबई में संघर्ष के दिनों में जब फाइनेंशियल क्राइसिस था तब उनके पिता और बड़े भाई संदीप उन्हें सपोर्ट किया करते थे।

राहुल गाँधी के नेतृत्व और परफॉरमेंस पर PK के सवाल से भड़की कॉन्ग्रेस, कहा- हम कंसल्टेंट की बातों पर रिएक्शन नहीं देते

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने भी कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी पर निशाना साधा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता की जीत में अहम रोल निभाने वाले प्रशांत ने गुरुवार (2 दिसंबर 2021) को बिना नाम लिए एक ट्वीट किया जिसमें मजबूत विपक्ष की अगुवाई को लेकर कॉन्ग्रेस की कथित दावेदारी पर सवाल उठाया गया है।

प्रशांत ने अपने ट्वीट में लिखा, “कॉन्ग्रेस जिस विचार और जगह का प्रतिनिधित्व करती है वो एक मजबूत विपक्ष के लिए अहम है। लेकिन कॉन्ग्रेस का नेतृत्व एक विशेष व्यक्ति का ही दैवीय अधिकार नहीं है। खासकर, तब जब पार्टी पिछले 10 सालों में अपने 90% चुनाव हार चुकी है। विपक्ष के नेतृत्व का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होने दें।”

इससे पहले बुधवार (1 दिसंबर 2021) को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि अब कोई संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) नहीं है। इसके किशोर ने विपक्ष के नेतृत्व के लिए लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराए जाने का आह्वान किया है।

विभिन्न दलों के लिए चुनावी रणनीति बना चुके किशोर के इस बयान पर कॉन्ग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कॉन्ग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम कंसल्टेंट की बातों पर प्रतिक्रिया नहीं देते हैं। खासकर तब जब उन्होंने मोदी जी के साथ काम किया हो। ममता बनर्जी को लेकर सुरजेवाला ने कहा कि उन्हें तय करना होगा कि वे फासीवादी ताकतों के साथ हैं या उनके खिलाफ।

कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्वीट किया, ‘‘यहाँ जिस व्यक्ति की चर्चा की जा रही है, वह आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से भारतीय लोकतंत्र को बचाने और संघर्ष करने के अपने नैसर्गिक दायित्व का निर्वहन कर रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कोई वैचारिक प्रतिबद्धता नहीं रखने वाला एक पेशेवर राजनीतिक दलों/ व्यक्तियों को चुनाव लड़ने के बारे में सलाह देने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन वह हमारी राजनीति का एजेंडा निर्धारित नहीं कर सकता।’’

प्रशांत किशोर और उनकी टीम पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए काम कर रही है और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के विस्तार के लिए रणनीति तैयार कर रही है। किशोर के कुछ महीने पहले कॉन्ग्रेस में शामिल होने की भी अटकलें लगी थी। राहुल गाँधी से उनकी मुलाकात ने भी इन चर्चाओं को जोर दिया था।

झेलम से रेत निकाल रहे थे मजदूर, सिंहासन पर विराजमान-हाथ में कमल लिए देवी दुर्गा की 1300 साल पुरानी मूर्ति मिली

जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में मंगलवार (30 नवंबर 2021) को सातवीं सदी की देवी दुर्गा की एक मूर्ति मिली। यह मूर्ति काले पत्थर से निर्मित है। पुलिस के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह मूर्ति खग इलाके से बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि माँ दुर्गा की यह मूर्ति 1300 साल पुरानी है। श्रीनगर के पांडथरेथन इलाके में झेलम नदी से रेत निकालते समय मजदूरों को यह मूर्ति मिली।

अधिकारियों ने कहा कि मूर्ति परीक्षण के लिए अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया था। परिक्षण के बाद उन्होंने बताया कि यह मूर्ति देवी दुर्गा की है और लगभग 7वीं शताब्दी की है। सिंह सिंहासन पर विराजमान माँ दुर्गा की यह मूर्ति थोड़ी क्षतिग्रस्त हो गई है। मूर्ति में माँ दुर्गा की बाईं भुजा गायब है। इस मूर्ति पर गांधार कला विद्यालय का प्रभाव लग रहा है और इसके दाहिने हाथ में कमल है। बरामद मूर्ति को अभिलेखागार, पुरातत्व और संग्रहालय विभाग के उप निदेशक मुश्ताक अहमद बेग को सौंप दिया गया।

पुलिस ने कहा, “परीक्षण के दौरान पता चला कि बरामद की गई मूर्तिकला लगभग 7वीं-8वीं ई. (लगभग 1300 वर्ष) की है। मूर्ति12″x8″ आकार की है, जिसे काले पत्थर में उकेरा गया है, जिसमें देवी दुर्गा सिंह सिंहासन पर विराजमान हैं।” गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बडगाम इलाके में दुर्गा की मूर्ति मिली है। इससे पहले सितंबर में भी काले पत्थर से बनी देवी दुर्गा की एक मूर्ति मिली थी।

‘तुझे समझ नहीं आ रहा एक मर्द किसी महिला से क्या चाहता है’: काम के बदले अभिनेत्री से सेक्स की डिमांड, Video जारी कर बताया कैसे डाला दबाव

क्राइम पेट्रोल में काम कर चुकी कलाकार स्वाति भदावे (Swati Bhadave) ने मराठी TV शो ‘सहकुटुम्ब सहपरिवार’ के प्रोडक्शन कंट्रोलर स्वप्निल लोखंडे (बंटी) के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। अपनी शिकायत में उन्होंने बंटी पर साथ सोने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। यह केस मुंबई के गोरेगाँव थाने में दर्ज हुआ है। आरोपित को 30 नवम्बर को गिरफ्तार कर लिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वप्निल लोखंडे ने स्वाति से मोबाइल नंबर माँग कर पुणे में काम करने की इच्छा पूछी। स्वाति ने हामी भर दी तो स्वप्निल ने पूछा कि बदले में क्या मिलेगा? स्वाति ने मिलने वाले पैसे में कमीशन देने की बात कही तो उसने इनकार कर दिया। उसने काम के बदले शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड रखी। स्वाति के मुताबिक ये माँग उनके लिए हैरान कर देने वाली थी क्योंकि उनके साथ ऐसा पहली बार हो रहा था।

स्वाति ने बताया कि यह घटना 2020 की है। स्वाति मूल रूप से महाराष्ट्र के अहमदनगर की रहने वाली हैं। वो काफी दिन चुप रहीं थी पर जब इसी सीरियल सहकुटुम्ब सहपरिवार की एक और कलाकार अन्नपूर्णा विट्ठल ने कलाकारों और निर्माताओं पर केस किया तब वे भी खुलकर सामने आ गईं। यह TV शो स्टार प्रवाह पर आता है। अन्नपूर्णा ने 22 नवंबर को मुंबई के दादर पुलिस स्टेशन में खुद को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की शिकायत की थी। तब अन्नपूर्णा का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

स्वाति ने एक इस पूरे घटना का ऑडियो भी अपने फेसबुक पर शेयर किया है। इस ऑडियो का शीर्षक है ‘TV के गंदे लोग’। उस ऑडियो में उन्होंने बताया है कि बंटी ने उन्हें बहुत तरीके से भटकाने की कोशिश की। बंटी ने कहा था, “तुझे समझ नहीं आ रहा कि एक मर्द किसी महिला से क्या चाहता है? बच्ची नहीं है तू जो समझ नहीं पा रही। कम्प्रोमाइज करो मेरे साथ फिर तुझे काम दिलाकर इंडस्ट्री में बहुत आगे ले जाऊँगा।” स्वाति द्वारा पुलिस में जाने की बात कहने पर बंटी ने इंडस्ट्री में बदनाम करने की धमकी दी। स्वाति ने कहा है कि पुलिस ने उनको बहुत सपोर्ट किया। अब आगे वो अन्नपूर्णा के साथ मिलकर ऐसे अन्य लोगों का पर्दाफाश करेंगी।

वो ‘क्विड प्रो क्को’ जिसके लिए सुषमा स्वराज ने राहुल गाँधी से कहा था- अपनी ममा से पूछें: कहानी भोपाल गैस त्रासदी की, शहरयार के बदले ‘सौदे’ की

सन् 1984। ऑपरेशन ब्लू स्टार का साल। इंदिरा गाँधी की हत्या का साल। सिखों के नरसंहार का साल। सबसे प्रचंड बहुमत से केंद्र में सरकार बनने का साल। एक शहर के कब्रिस्तान में बदल जाने का भी साल।

यह शहर है मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल। 2-3 दिसंबर 1984 की रात यहाँ यूनियन कार्बाइड नामक कारखाने से मिथाइल आइसोसाइनेट नामक जहरीले गैस का रिसाव हुआ। सुबह हुई तो शहर के एक हिस्से में लाशों का ढेर लगा था।

यह शायद इतिहास की सबसे भयानक मानव निर्मित त्रासदी है। लेकिन, उससे भी बड़ी त्रासदी यह है कि आज भी इस मामले में इंसाफ की साँसें उखड़ी हुई है। इसकी एक बड़ी वजह वह कथित सौदा बताया जाता है जो उस समय ​प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे राजीव गाँधी और तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के बीच हुआ था। कहा जाता है कि भोपाल के गुनहगार वॉरेन एंडरसन की आजादी के बदले अमेरिका ने राजीव गाँधी के यार आदिल शहरयार को रिहा किया था।

इस कथित साँठगाँठ की ओर इशारा 13 अगस्त 2015 को लोकसभा में उस समय विदेश मंत्री रही दिवंगत सुषमा स्वराज ने किया था। उन्होंने राहुल गाँधी से कहा था- आपको छुट्टियॉं मनाने का बहुत शौक है। इस बार जाइए छुट्टी मनाने और अपने परिवार का इतिहास पढ़िए। अपनी ममा (सोनिया गॉंधी) से पूछें कि डैडी (राजीव गॉंधी) ने क्वात्रोक्की को क्यों भगाया? एंडरसन को क्यों अमेरिका को लौटाया? एंडरसन को छोड़कर अपने दोस्त आदिल शहरयार को लाकर क्विड प्रो क्को (लेनदेन) क्यों किया?

सुषमा के बयान में जिनलोगों का जिक्र है उनमें से एक इतालवी व्यापारी ओत्तोवियो क्वात्रोकी के बारे में आपने बहुतेरे सुना होगा। बोफोर्स सौदे में दलाली के आरोपों के घिरा क्वात्रोकी, गाँधी परिवार का करीबी बताया जाता था। 2013 में इटली के मिलान शहर में उसकी मौत हुई थी। जाहिर है, भोपाल गैस कांड से उसका कोई लेना-देना नहीं था। इस त्रासदी से जुड़ी है शहरयार और एंडरसन की कहानी। इन दोनों के बारे में जानने से पहले उस त्रासदी को जाने।

क्यों, कैसे और कितनी लाशें बिछी

  • 1977 में भोपाल में यूनियन कार्बाइड शुरू हुआ। इसमें भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी की साझेदारी थी। 51 फीसदी हिस्सा यूनियन कर्बाइड के पास होने के कारण मालिकाना हक उसके ही पास था। इसी कंपनी का अध्यक्ष था वॉरेन एंडरसन।
  • इस कारखाने में सेविन नामक कीटनाशक बनाया जाता था। क्षमता सालाना 5000 टन उत्पादन की थी। लेकिन, 2500 टन का ही उत्पादन हो रहा था।
  • सेविन की माँग 1980 का दशक आते-आते घट गई। लिहाजा, लागत कम करने और मुनाफा बढ़ाने के लिए कारखाने का स्टाफ कम किया गया। रखरखाव पर पहले की तरह ध्यान नहीं दिया जाने लगा। कल-पुर्जे कम लागत के खरीदे गए।
  • बावजूद इसके मुनाफा नहीं बढ़ा। उत्पादन रोक दिया गया। लेकिन, कारखाने में स्टॉक पड़ा था।
  • कारखाने के प्लांट C के टैंक नंबर 610 में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस भरी थी। रखरखाव पर ध्यान नहीं होने की वजह से पानी टैंक में चला गया। माना जाता है टैंक में करीब 25 से 40 टन मिथाइल आइसोसाइनेट थी।
  • मिथाइल आइसोसाइनेट और पानी की क्रिया से मेथिलएमीन और कार्बन डाई ऑक्साइड बनना शुरू हुआ। गैस वातावरण में हवा के साथ मिल गई और लोगों की साँस उखड़ने लगी।
  • आधिकारिक तौर पर 3,787 लोगों के मरने की बात कही गई। कई मीडिया रिपोर्टों में यह संख्या 20-25 हजार बताई जाती है। पीड़ितों के संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए 2006 में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि 15,274 लोगों की मौत हुई और 5,74,000 लोग बीमार हुए थे।

नेहरू और इंदिरा के करीबी मोहम्मद युनुस का बेटा था शहरयार

खान अब्दुल गफ्फार खान के भतीजे मोहम्मद युनुस का 1944 में इंदिरा गाँधी से संपर्क हुआ। बाद में जवाहर लाल नेहरू के भी वे करीब हो गए। वाणिज्य सचिव के पद से रिटायर हुए युनुस तुर्की, इंडोनेशिया, इराक और स्पेन में राजदूत रहे। उन्हीं का बेटा था आदिल शहरयार। आदिल की इंदिरा गाँधी के बेटों राजीव और संजय से गहरी यारी थी। 30 अगस्त 1981 को आदिल अमेरिका के मियामी में गिरफ्तार किया गया। बम विस्फोट, फर्जीवाड़े का आरोप था। जाँच हुई तो ड्रग्स रैकेट से भी तार जुड़े। 35 साल कैद की सजा सुनाई गई।

बस कहने को गिरफ्तार हुआ वॉरेन एंडरसन

मुंबई के सांताक्रूज हवाई अड्डे पर 6 दिसंबर 1984 को तड़के 5 बजे एक विमान लैंड करता है। विंड स्क्रीन पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा होता है UCC। यानी, यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन। विमान से वॉरेन एंडरसन उतरता है। अगले दिन यानी 7 दिसंबर सुबह वह भोपाल की फ्लाइट लेता है। भोपाल के एसपी स्वराज पुरी एयरपोर्ट पर स्वागत करते हैं। कार में सवार हो एंडरसन यूनियन कार्बाइड के गेस्ट हाउस पहुँचता है। वहाँ उसे गिरफ्तार करने की बात बताई जाती है। पुलिस का अफसर कहता है- हमने ये कदम आपकी सुरक्षा के लिए उठाया है। आप अपने कमरे के अंदर जो करना चाहें, कर सकते हैं। लेकिन आपको बाहर जाने, फोन करने और लोगों से मिलने की इजाजत नहीं होगी।

एंडरसन पर धारा 92, 120बी, 278, 304, 426 और 429 के अंतर्गत गैर-इरादतन हत्याओं का मामला दर्ज किया जाता है। दोपहर 3:30 बजे एसपी पुरी उसे रिहाई के बारे में बताते हैं। उसे दिल्ली भेजने के लिए विशेष विमान की व्यवस्था की जाती है। 25,000 रुपए का बॉन्ड और कुछ जरूरी कागजों पर साइन कर एंडरसन दिल्ली के लिए उड़ जाता है, जहाँ से वह अमेरिका चला जाता है। 29 सितंबर 2014 को अमेरिका के फ्लोरिडा में उसकी मौत होती है। लेकिन, दुनिया को करीब एक महीने बाद इसकी खबर दी जाती है।

किसके दबाव में चंद घंटो में ही हुई रिहाई?

आखिर, किसके दबाव में मध्य प्रदेश सरकार एंडरसन को चंद घंटों के भीतर ही छोड़ने के लिए मजबूर हो जाती है। इसी सवाल का जवाब तलाशने पर शहरयार का नाम सामने आता है। कहा जाता है कि राजीव गाँधी ने शहरयार को छुड़वाने के एवज में एंडरसन का सौदा अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन से किया था। रीगन ने उसे माफ करने के दस्तावेज पर 19 जून 1985 को हस्ताक्षर किए थे। इसी दिन राजीव गाँधी भी वाशिंगटन पहुँचे थे। न्यूयॉर्क से प्रकाशित होने वाले वीकली इंडिया एब्रॉड के मुताबिक, राजीव गॉंधी ने अपने दोस्त को माफी देने के लिए रीगन से पैरवी करने की बात से इनकार किया था। लेकिन, साथ ही यह भी कहा था कि उन्हें यकीन है कि शहरयार को गलत तरीके से जेल में डाला गया है।

संदेह के बादल गहरे, राव पर दोष मढ़ने की कोशिश

  • जिस समय यह घटना हुई अर्जुन सिंह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। जिस सरकारी विमान से 7 दिसंबर 1984 को एंडरसन को दिल्ली ले जाया गया था, उसकी लॉग बुक में लिखा था- इस उड़ान की अनुमति मुख्यमंत्री ने दी है।
  • अर्जुन सिंह ने अपनी आत्मकथा द ग्रेन ऑफ सैंड इन द हावरग्लास ऑफ टाइम में इस संबंध में राजीव के साथ किसी मशविरे से इनकार किया है। वे सारी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्रालय पर डाल देते हैं, जिसकी जिम्मेदारी उस वक्त पीवी नरसिम्हा राव के पास थी।
  • अर्जुन सिंह लिखते हैं- गृह सचिव आरडी प्रधान ने राव के कहने पर ब्रह्म स्वरुप को एंडरसन की रिहाई के लिए फोन किया था। बह्म स्वरुप उस समय मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव हुआ करते थे।
  • दिलचस्प यह है कि आरडी प्रधान दिसंबर 1984 में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव थे। जनवरी 1985 में उन्होंने केंद्रीय गृह सचिव का कार्यभार सँभाला था। राव के साथ अर्जुन सिंह के मतभेद भी जगजाहिर थे।
  • भोपाल के तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि एंडरसन ने अपने कमरे में रखे फोन का इस्तेमाल किया। अमेरिकी सरकार के अपने मित्रों से संपर्क किया और भारत सरकार पर दबाव बनाने के लिए कहा।
  • बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार राजीव गाँधी के करीबी अरुण नेहरू ने अर्जुन सिंह को फोन किया था। नेहरू ने कहा था कि रीगन ने राजीव गाँधी को फोन कर एंडरसन को तुरंत रिहा करने का अनुरोध किया है।

कमलनाथ के बेटे की कंपनी ने खरीदा वो विमान

एंडरसन को भगाने के मामले की जॉंच के लिए 2004 में जस्टिस एसएल कोचर आयोग बनाया गया। जाँच में पता चला कि जिस विमान से एंडरसन भोपाल से दिल्ली भेजा गया था, उसे मध्‍य प्रदेश सरकार ने 1998 में स्पान एयर प्राइवेट लिमिटेड के हाथों बेच दिया था। यह कंपनी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे कमलनाथ के बेटे की थी। बाद में यह विमान किसी दूसरी विदेशी कंपनी को बेच दिया गया। इसके साथ ही विमान का लॉग बुक देश के बाहर चला गया।

गुत्थी शायद ही सुलझे, पर शहरयार की मौत भी पहेली है

रीगन और राजीव गाँधी के बीच वास्तव में कोई सौदा हुआ था, इस सवाल का जवाब शायद ही मिल पाए। इस कहानी के ज्यादातर किरदार अब इस दुनिया में हैं भी नहीं। फिर भी आदिल शहरयार की मौत के बारे में जानना जरूरी है। दिल्ली के अमेरिकन इंटरनेशनल स्कूल के अल्मनाई बुक में आदिल ने जून 1990 में अमेरिका में अपनी गिरफ्तारी के बारे में बताया था। साथ ही बताता था कि रिहा होने के बाद भारत आकर उसने प्रियदर्शिनी नाम से एक संस्था शुरू की। अपनी कंपनी का नेटवर्थ उसने 250 मिलियन डॉलर बताया था। सॉफ्टवेयर के धंधे का जिक्र किया था। रिहा होने के पॉंच साल के भीतर इतनी बड़ी कंपनी खड़ी कर लेना चौंकाता है। दिलचस्प यह है कि उसने यह कमाल तब किया जब इंटरनेट, मोबाइल और उदारीकरण भारत से दूर थे। आज के हिसाब से उसकी कंपनी का नेटवर्थ 3500 करोड़ के करीब बैठता है। 1986 में ही बनी प्रतिष्ठित एपटेक लिमिटेड ने मार्च 2018 में अपना नेटवर्थ 243.98 करोड़ रुपए बताया था। अल्मनाई बुक में कंपनी के नेटवर्थ का जिक्र करने के महीनेभर बाद ही 1990 में 42 साल की उम्र में शहरयार की मौत हो गई। मौत का कारण हेपेटाइटिस बताया गया।

उनकी छटपटाहट जिंदा है पर हम भूल जाने के आदी हैं

उस त्रासदी की छटपटाहट आज भी पीड़ित महसूस करते हैं। इंसाफ की उनकी लड़ाई अब भी जारी है। थोड़ी सी सरकारी मदद, एक मेमोरियल पार्क और गहरे जख्मों के अलावा उन्हें कुछ हासिल नहीं हो पाया है। इधर, 2001 में यूनियन कार्बाइड को डाउ केमिकल्स ने खरीद लिया। लेकिन, भोपाल के कारखाने पर आज भी ताला पड़ा है। औद्योगिक लापरवाही कितनी भारी पड़ती है, भोपाल गैस त्रासदी इसका नमूना है। लेकिन, हम हादसों को भूल जाने के आदी रहे हैं। हमारी यही ‘खूबी’ हुक्मरानों को जिम्मेदारियों से बच निकलने का मौका देती है।

‘403 में कम से कम 325 सीटों पर जीतेगी बीजेपी’: सीएम योगी ने की भविष्यवाणी, कहा- मोदी सरकार ने किसानों को दिया उनका हक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा दावा किया है। उन्होंने राज्य में फिर से बीजेपी के पूर्ण बहुमत के साथ वापसी की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में 403 सीटों में से कम से कम 325 सीटों पर जीत दर्ज करेगी। इसको लेकर किसी को भी जरा भी संदेह नहीं होना चाहिए।

टाइम्स नाऊ नवभारत के कंसल्टिंग एडिटर सुशांत सिन्हा को दिए इंटरव्यू में सीएम योगी ने कहा कि इस बात में किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। बीजेपी अपने काम के बल पर अगले चुनाव में शानदार जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बीते पाँच साल में ये दिखाया है कि यूपी को कैसे चलाया जा सकता है। उन्होंने कहा, “हमने उत्तर प्रदेश में पिछले पाँच वर्षों में देखा है कि एक सरकार को कैसे काम करना चाहिए, सरकार की नीतियों का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों तक कैसे पहुँचना चाहिए।”

कानून व्यवस्था पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि हमने ये दिखाया है कि राज्य में कानून व्यवस्था कैसी होनी चाहिए। उन्होने कहा कि सरकार अपनी उपलब्धियों के आधार पर ही जनता से वोट माँगेंगी। सीएम योगी के मुताबिक, गाँवों के लोगों का कहना है कि राशन, एलपीजी सिलेंडर, बिजली, कनेक्टिविटी में सुधार हुआ है, शिक्षा सुविधाएँ बेहतर हुई हैं। ये हमारी सरकार की उपलब्धियाँ हैं।

किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि केंद्र में जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है किसानों को उनका हक मिला है। उन्होंने कहा, “हम 2017 के बाद खरीद नीति लाए और गन्ना किसानों को उनके बकाया का भुगतान किया गया।”

विपक्ष पर तंज

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के संभावित गठबंधनों पर तंज कसते हुए कहा, “दो लड़कों ने 2017 में गठबंधन किया था और भाई-बहन ने 2014 में हाथ मिलाया था। दोनों ही लोगों को जनता ने खारिज कर दिया था। लोगों ने 2019 में महागठबंधन को भी खारिज कर दिया था। अब उत्तर प्रदेश में कोई गठबंधन नहीं है।”

पीएम मोदी के साथ वायरल तस्वीर पर भी बोले

सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर हाल ही में वायरल हुई थी, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी उनके कंधे पर हाथ रखे कुछ गुफ्तगू करते नजर आए थे। हर कोई ये जानना चाहता है कि आखिर दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई।

इस सवाल पर सीएम योगी ने बताया कि उस दिन पीएम मोदी के साथ उनकी ‘राज्य के विकास और सुरक्षा के मुद्दे’ पर बातचीत हो रही थी।

दलित महिला को अगवा कर शाह आलम ने कराया धर्मांतरण, बेटे की हत्या की धमकी दे करता रहा रेप: पीड़िता ने कहा- कई लड़कियों को बना चुका है शिकार

बिहार के कटिहार जिले में एक महादलित महिला ने मोहम्मद शाह आलम नाम के मुस्लिम युवक पर अगवा कर जबरन धर्मान्तरित कराने और बच्चे की हत्या की धमकी देकर रेप करने का आरोप लगाया है। महिला ने शाह आलम के साथ ही उसके पूरे परिवार को आरोपित बनाया है। महिला का कहना है कि धमकी देकर एक कागज पर हस्ताक्षर करवाया गया और धर्मांतरित कर फातिमा नाम दे दिया गया। महिला का आरोप है कि शाह आलम के 6 लाख 54 हजार रुपये भी ले लिए।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़िता से बात की। पीड़िता मूल रूप से बंगाल के मालदा जिले की रहने वाली है और बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षा सेवक है। लगभग 31 साल की पीड़िता ने बताया कि 12 साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से उसकी शादी हुई थी। पीड़िता ने बताया कि आरोपित उसे न सिर्फ उसे मारता-पीटता और रेप करता था, बल्कि यह बात किसी को बताने पर उसके बच्चे की हत्या करने की धमकी भी देता था। पीड़िता का कहना है कि शाह आलम कहता था, “मुस्लिमों को मरने के बाद जन्नत ही जन्नत (स्वर्ग ही स्वर्ग) है और हिंदू जो होता है, वो दोजख (नरक) के लिए होता है।”

पीड़िता ने रोते हुए पीड़ा सुनाई। उसने बताया, “बहुत मारता था, जो रात भर मेरे साथ रहता था। हमें बुलवाया जाता था, यहाँ-वहाँ। पूरा मारता था, पीटता था। पूरे-पूरे रात नोचता था बदन को। मेरा शोषण करता था। मेरा एक बच्चा है चार साल का, जो मेन गवाह है। उस बच्चे के सामने भी पीटा जाता था। बहुत पीटा जाता था।”

ऑपइंडिया के पास पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत की कॉपी मौजूद है। शिकायत के मुताबिक, आरोपित शाह आलम उसके पति का दोस्त है। आरोपित उसके साथ नजदीकी बढ़ाने के लिए उसके स्कूल में भी आता-जाता था। जब पीड़िता ने शाह आलम से मेलजोल बढ़ाने से इनकार कर दिया, तब वह अपनी अम्मी शहारजान और 55 साल के अब्बू लतीफ़ को बहाने से उसके घर भेजना शुरू कर दिया। कभी-कभी आरोपित अपनी माँ के साथ भी पीड़िता के घर आ जाया करता था। यह बात उसकी सास को भी अच्छी नहीं लगती थी।

शिकायत पत्र

पीड़िता ने शिकायत में आगे बताया कि 4 जुलाई 2021 को शाह आलम अपने साथ तारिक, जुल्फिकार, अमीन और अपने जीजा को लेकर पीड़िता के स्कूल आया और उसे बुलाकर बोलेरो गाड़ी में बैठा दिया। उसी दौरान उसे नशीला पदार्थ सुँघाकर बेहोश कर दिया गया और एक अनजान जगह पर ले जाकर रात पर रखा गया। पीड़ित की मानें तो आरोपी शाह आलम को सरकारी मदरसे में मौलवी जीजा उसकी भरपूर मदद करता है। 

पीड़िता ने बताया कि अगले दिन 5 जुलाई को उसे बरसोई कोर्ट के बाहर गाडी में बैठा कर रखा गया। करीब 1 घंटे बाद अंग्रेजी में लिखे एक शपथ पत्र पर जबरन हस्ताक्षर करवा करके इस्लाम कबूल करवा दिया गया। 100 रुपए के गैर न्यायिक स्टाम्प पर हस्ताक्षर कर उसे धर्मांतरित कर दिया गया, जिसमें उसका नाम फातिमा लिखा गया था। उसमें पीड़िता के मायके का पता और उनके मृत पिता का नाम लिखा गया है। पीड़िता ने बताया कि धर्मांतरण कराने के बाद उसे और उसके बच्चे को अनजान जगह पर आरोपित शाह आलम ले गया और मारपीट कर पीड़िता के साथ जबरन संबंध बनाया।

धर्मान्तरण

अपनी शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया है, “इनकी आपसी बातचीत में मैं ये जान पाई कि धर्म परिवर्तन ही इनका मुख्य धंधा है। आरोपित कई हिन्दू लड़कियों को धर्मान्तरित कर चुके हैं। ये बहुत खतरनाक और खूंखार प्रवृति के लोग हैं। इन लोगों के आतंकियों से भी साँठ-गाँठ हैं।” पीड़िता ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि आरोपित उसका जीना मुश्किल किए हैं और ये लोग उसके साथ किसी भी तरह की अनहोनी कर या करवा सकते हैं। पीड़िता ने इस मामले में ST/SC के तहत कार्रवाई की माँग की है।

पीड़िता की मदद करने वाले और इस विषय को मीडिया के आगे उठाने वाले कटिहार के संस्कृति संरक्षण परिषद के महामंत्री विनय भूषण ने ऑपइंडिया को बताया कि बहुत संघर्ष के बाद केस दर्ज करवाने में सफलता मिल पाई है। महिला कई दिनों से दलितों के लिए बनाए गए विशेष थाने और SP कटिहार से न्याय की गुहार कर रही थी, लेकिन उसे बार-बार झूठा आश्वासन मिल रहा था। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन अभी तक एक भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

कटिहार की एडिशनल SP रश्मि सिंह ने ऑपइंडिया को बताया कि महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की सघन जाँच हो रही है। जाँच के बाद जो भी आरोपित होगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बुरे फँसे मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर, उद्धव सरकार ने किया सस्पेंड: अगर कोई दूसरा काम किया तो अब होंगे बर्खास्त

मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र होमगार्ड्स के डीजी परमबीर सिंह के खिलाफ महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए गुरुवार (2 दिसंबर, 2021) को सस्पेंड कर दिया है। परमबीर के अलावा एक अन्य डीसीपी रैंक के अधिकारी पर भी निलंबन की कार्रवाई करने के लिए महाराष्ट्र के डीजीपी को आदेश भेज दिए गए हैं।

तीन सप्ताह के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने परमबीर सिंह के निलंबन की फाइल को मंजूरी दे दी। परमबीर सिंह पर सर्विस रूल के उल्लंघन का आरोप है। वह स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 29 अगस्त 2021 तक की छुट्टी पर गए थे। लेकिन, छुट्टियाँ खत्म होने के बाद भी उन्होंने अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं की। इसके अलावा परमबीर सिंह मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों की बरामदगी और ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के बाद से मुंबई और सैटेलाइट शहरों में कई प्राथमिकी का सामना कर रहे हैं।

इस मामले में वरिष्ठ निरीक्षक प्रदीप शर्मा और सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वाजे को गिरफ्तार किया गया था। एंटीलिया मामले की जाँच की आँच जब से परमबीर सिंह पर पहुँची तो उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने 100 करोड़ रुपए की वसूली करने के लिए कहा था।

इस केस में डीजीपी संजय पांडे ने परमबीर सिंह मामले में दर्ज प्राथमिकी में शामिल सभी लोगों को निलंबित करने का प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इसे अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनुकुमार श्रीवास्तव ने वापस कर दिया था। इसके बाद सिंह और एक डीसीपी को सस्पेंड करने का प्रस्ताव फिर से पेश किया गया। इस प्रस्ताव को राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने मंजूरी दे दी थी, लेकिन वो सीएम उद्धव की मंजूरी का इंतजार कर रहे थे।

कोई और काम किया तो बर्खास्त होगें परमबीर

निलंबन की अवधि में परमबीर सिंह कोई भी दूसरा काम नहीं कर सकेंगे। अगर वह ऐसा करते हुए पाए जाते हैं तो महाराष्ट्र सरकार उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करेगी।

अयोध्या में बम ब्लास्ट की धमकी, सभी प्रमुख मंदिरों और एंट्री पॉइंट पर सख्त हुई सुरक्षा व्यवस्था

भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए मिली धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। पुलिस सघन तलाशी अभियान चला रही है और जिले के सभी एंट्री प्वाइंट्स, होटल और धर्मशालाओं की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ी कर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या के सीओ आरके चतुर्वेदी ने कहा है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सप्प पर आतंकी हमले की धमकी सूचना चल रही है, जिसके मद्देनजर नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर जाँच की जा रही है। इस बीच बताया जा रहा है कि कथित तौर पर अयोध्या बम ब्लास्ट की धमकी देने वाला आरोपित गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में मंदिरों की सुरक्षा को चाक-चौबंद किया गया है।

इसके अलावा अयोध्या में सीआरपीएफ और एटीएस का दस्ता एक्टिव मोड पर है। फिलहाल प्रशासन ने अभी तक इस तरह की किसी भी धमकी के मिलने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इनपुट के आधार पर जाँच तेज कर दिया है।

ब्लैक कमांडो की तैनाती की गई

रिपोर्ट में कहा गया है कि गुरुवार (2 दिसंबर 2021) को डायल-112 पर अज्ञात व्यक्ति की धमकी के बाद अयोध्याभर में ब्लैक कैट कमांडो के दस्ते को तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी साल जुलाई में अलकायदा के आतंकियों को गिरफ्तार किया था। एटीएस को पता चला था आतंकियों ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण स्थल की रेकी की थी। साथ ही काशी और मथुरा जैसे धार्मिक स्थलों के नक़्शे भी उनके पास से बरामद हुए थे। नक्शों में अलग-अलग बिंदु बना कर कुछ-कुछ चिह्नित भी किया गया था। टेलीग्राम और व्हाट्सएप्प के जरिए आतंकियों का ये नेटवर्क आपस में संपर्क में था। पुलिस को कुछ चैट हाथ लगे थे।

‘नशीला पेय पिला किया रेप, वीडियो बना माँगे ₹2 लाख’: पार्टी की महिला कार्यकर्ता का वीडियो वायरल किया, केरल में CPM नेता अरेस्ट

केरल की सत्ताधारी पार्टी CPI (M) के सदस्य चुमाथरा एलिमन्निल साजी (39) को अपनी ही पार्टी की कार्यकर्ता और साथ में काम करने वाली महिला साथी के न्यूड वीडियो को ऑनलाइन सर्कुलेट करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस केस में साजी समेत 12 लोगों को आरोपित बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

साजी के अलावा बाकी आरोपित फरार हैं। केरल पुलिस के मुताबिक, CPI (M) शाखा सचिव सीसी साजिमोन और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेता नसर पर महिला के कपड़े उतारने और उसकी नंगी तस्वीरें लेने के आरोप हैं। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया गया। इस मामले में साजिमोन 11वां और नासर 12वां आरोपित है।

मई की है घटना

महिला ने शिकायत में बताया कि यह वारदात इसी साल मई में हुई थी। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपितों ने उसे कार में बैठा लिया, इसके बाद उन्होंने कथित रूप से उसे नशीला पेय पिलाया। जब महिला अपना होश खो बैठी तो उसके साथ रेप किया गया। इस दौरान आरोपितों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। इस वीडियो के सहारे आरोपित उसे ब्लैकमेल करने लगे। आरोपितों ने महिला से 2 लाख रुपए की माँग की थी। साथ ही धमकी दी थी कि अगर पैसे नहीं दिए तो वो उसके वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे।

पीड़िता की शिकायत के आधार पर साजिमोन और नासर के खिलाफ धारा 354 A (यौन उत्पीड़न), 354 B (महिला के कपड़े उतारने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) और 294 (अश्लील कार्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाकी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 501, IT एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बहरहाल पुलिस आरोपितों के व्हॉट्सएप चैट की जाँच करेगी और उनके पकड़े जाने के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

पीड़िता का आरोप कि राज्य की सत्ताधारी वामपंथी सरकार से आरोपितों के जुड़े होने के कारण पुलिस उनके खिलाफ ऐक्शन लेने में देरी कर रही है। आरोप है कि आरोपितों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है। कहा जा रहा है कि आरोपितों को पार्टी की कमिटी ऑफिस में छिपे रहने के लिए कहा गया है।