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‘कॉन्ग्रेस हाईकमान ने चन्नी को बनाया सीएम, इसमें मेरा हाथ नहीं’: सिद्धू ने कहा- चन्नी ने पंजाब को धोखा देने वालों को AG-DGP बनाया

पंजाब कॉन्ग्रेस में कई महीनों से सियासी घमासान जारी है। प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सोमवार (8 नवंबर 2021) को एक बार फिर चन्नी सरकार पर जमकर हमले किए। चन्नी को सीएम बनाने को लेकर मीडियाकर्मियों द्वारा पूछे गए सवाल पर सिद्धू बुरी तरह भड़क गए। सिद्धू एजी व डीजीपी की नियुक्ति को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी सरकार से काफी आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा, ”चन्नी सरकार ने एजी व डीजीपी पद पर ऐसे लोगों की नियुक्ति की, जिन्होंने पंजाब के लोगों को धोखा दिया। एक ने सुखबीर बादल को क्लीन चिट दी और दूसरे ने पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी को ब्लैंकेट बेल दिलवाई।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2015 के बेअदबी मामले पर सिद्धू ने सोमवार को एक बार फिर से प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस दौरान जब सिद्धू से पूछा गया कि चन्नी को सीएम बनाने के पीछे आपका हाथ था तो अब आप सवाल क्यों उठा रहे हैं? इस पर सिद्धू ने भड़कते हुए कहा, ”मेरे साथ गलत बात मत करो। चन्नी को सीएम बनाने के पीछे मेरा कोई हाथ नहीं था। उसे कॉन्ग्रेस हाईकमान ने सीएम बनाया है।”

सिद्धू आज डीजीपी इकबालप्रीत सहोता के खिलाफ भी आक्रामक नजर आए। सिद्धू ने कहा कि इस अफसर ने सुखबीर सिंह बादल को बेअदबी मामले में क्लीन चिट दी थी। इकबालप्रीत सहोता को तत्कालीन डीजीपी सुमेध सिंह सैनी ने जाँच का जिम्मा सौंपा था। इस जाँच में उन्होंने सुखबीर सिंह बादल को बचाया था और अब चन्नी सरकार ने इकबालप्रीत को ही डीजीपी के पद पर बैठा दिया। सिद्धू ने कहा कि भले ही उन्होंने पंजाब कॉन्ग्रेस प्रधान पद से इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन वह जिम्मेदारी तभी सँभालेंगे जब एजी व डीजीपी के मुद्दे का हल निकाला जाएगा।

बता दें कि सिद्धू के लगातार विरोध के बाद दो महीने पहले कॉन्ग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम पद से हटा दिया था। इसके बाद चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य का नया सीएम बनाया गया। पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह ने पिछले महीने कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर कहा था, “उनके पास दिमाग नहीं है। वो कुछ नहीं जानते हैं, लेकिन बोलते बहुत हैं।”

ड्रग्स के धंधे में है समीर वानखेड़े की साली? नवाब मलिक ने कागज दिखाकर पूछा, NCB अफसर ने भी दिया जवाब

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी समीर वानखेड़े पर नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक लगातार निजी हमले कर रहे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने वानखेड़े की साली को भी इस केस में घसीटा है और उनसे जुड़े पुराने केस को लेकर वानखेड़े पर सवाल उठाए हैं।

महाराष्ट्र मंत्री ने 8 नवंबर को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने कुछ स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “समीर दाऊद वानखेड़े, क्या तुम्हारी साली हर्षदा दीनानाथ रेडकर ड्रग कारोबार में शामिल हैं? तुम्हें जवाब देना चाहिए क्योंकि उसका मामला पुणे की अदालत में लंबित है। यहाँ सबूत है।”

नवाब मलिक के इस ट्वीट के बाद समीर वानखेड़े ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जनवरी 2008 तक तो मैं नौकरी में भी नहीं था। मैंने क्रांति से शादी 2017 में की, तो आखिर मैं केस से कैसे जुड़ा हुआ हूँ?”

बता दें कि नवाब मलिक का दावा है कि समीर वानखेड़े की साली हर्षदा दीनानाथ रेडकर के खिलाफ पुणे की अदालत में ड्रग्स का केस चल रहा है जबकि समीर का पूछना है कि आखिर जब उनकी शादी क्रांति से 2017 में हुई तो उनका इससे क्या लेना-देना हुआ। मलिक द्वारा शेयर की गई तस्वीरों से पता चलता है कि केस 14 जनवरी 2008 में पंजीकृत हुआ था और वानखेड़े के मुताबिक उस समय तक नौकरी में भी नहीं थे।

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ नवाब मलिक एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े को लेकर लगातार मीडिया में और सोशल मीडिया पर बयान दे रहे हैं। वहीं समीर वानखेड़े के पिता ज्ञानदेव वानखेड़े ने उनके खिलाफ़ बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का केस किया है।

वानखेड़े के वकील अरशद शेख ने कहा कि नवाब मलिक वानखेड़े परिवार को धोखेबाज कह रहे हैं और उनकी धार्मिक मान्यताओं पर सवाल उठाते हुए बता रहे हैं कि वे हिंदू नहीं हैं। इतना ही नहीं मलिक उनकी बेटी यास्मीन के करियर को भी बर्बाद कर रहे हैं, जो एक क्रिमनल लॉयर हैं। वानखेड़े के वकील ने कहा कि मलिक ने वानखेड़े के परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को धूमिल करने की कोशिश में लगे हैं।

केस में कहा गया कि मलिक ने पूर्वाग्रह से प्रेरित होकर समीर वानखेड़े के परिवार के सदस्यों के नाम, चरित्र, प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि को नुकसान पहुँचाया है। इसलिए उनकी माँग है कि मलिक, उनकी पार्टी के नेताओं और अन्य सभी को उनके और उनके परिवार के खिलाफ मीडिया में कुछ भी आपत्तिजनक, मानहानिकारक सामग्री लिखने, बोलने या प्रकाशित करने पर रोक लगाई जाए।

शोएब अख्तर को PTV ने थमाया 10 करोड़ रुपए का रिकवरी नोटिस, कहा- ऑन एयर इस्तीफे से हुआ भारी नुकसान

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को पाकिस्तान टेलीविजन कॉरपोरेशन (PTV) ने 100 मिलियन (10 करोड़ रुपए) का रिकवरी नोटिस भेजा है। इसके अलावा, तीन महीने की सैलरी के बराबर 33.33 लाख रुपये भी देने को कहा गया है। इसमें कहा गया है कि शोएब ने पिछले महीने पीटीवी स्पोर्ट्स से ऑन एयर इस्तीफा दे दिया था, जो न केवल दोनों के बीच हुए करार का उल्लंघन है, बल्कि इससे पीटीवी को बड़ा नुकसान भी हुआ है। 

नोटिस में कहा गया है, “क्लॉज 22 के मुताबिक दोनों पक्षों को तीन महीने की लिखित नोटिस या उसके बदले भुगतान करके अपने समझौते को समाप्त करने का अधिकार होगा। शोएब अख्तर ने 26 अक्टूबर को ऑन एयर इस्तीफा दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप पीटीवी को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है।”

नोटिस में आगे कहा गया है, “शोएब अख्तर ने पीटीवी प्रबंधन को बिना सूचना दिए टी20 विश्व कप टेलीकास्ट के दौरान दुबई छोड़ दिया था। इसके अलावा, भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह के साथ एक भारतीय चैनल के टीवी शो पर उपस्थिति ने भी पीटीवी को काफी नुकसान पहुँचाया है।”

पीटीवी के नोटिस मिलने के बाद शोएब अख्तर ने कानूनी लड़ाई लड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। शोएब ने लिखा, “मैं एकदम निराश हूँ। जब मैं पीटीवी के लिए काम कर रहा था, तब मेरे सम्मान और प्रतिष्ठा की रक्षा करने में बुरी तरह असफल रहने के बाद उन्होंने अब मुझे रिकवरी नोटिस भेजा है। मैं एक फाइटर हूँ, हार नहीं मानूँगा और इस कानूनी लड़ाई को लड़ूँगा। मेरे वकील अबुजार सलमान नियाजी कानून के मुताबिक इस लड़ाई को आगे बढ़ाएँगे।”

गौरतलब है कि टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड पर पाकिस्तान की 5 विकेट से जीत को लेकर पीटीवी पर जारी डिबेट में कार्यक्रम के मेजबान ने शोएब के साथ बदतमीजी की गई थी। PTV चैनल के शो ‘गेम ऑन है’ में ऑन एयर उन्हें विदेशी मेहमानों के बीच अपमान झेलना पड़ा। ये सभी इस शो में मैच का विश्लेषण कर रहे थे। उसी दौरान चैनल के होस्ट ने उन्हें बाहर जाने को कहा।

पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज रहे शोएब अख्तर ने बताया कि कि नोमान नियाज इस शो को होस्ट कर रहे थे। नोमान ने शोएब पर भड़कते हुए कहा, ”तुम थोड़े असभ्य हो और मैं ये कहना नहीं चाहता, लेकिन ज्यादा स्मार्ट बनना है तो तुम यहाँ से जा सकते हो।” इसके कुछ देर बाद अख्तर ने अन्य विशेषज्ञों से माफी माँगी और फिर घोषणा की कि वह पीटीवी स्पोर्ट्स से इस्तीफा दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मान्तरण का मामला: ईसाई समुदाय का धर्म जागरण मंच ने किया विरोध, घंटों हंगामा

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध धर्मान्तरण को ले कर दो पक्षों में विवाद हुआ है। यह विवाद दुर्ग के चरोदा के वीएमवाय जी केबिन गणेश चौक बस्ती में हुआ। यहाँ एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर भोले भाले लोगों को धर्मान्तरित करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरे ईसाई पक्ष ने प्रार्थना के दौरान घऱ में घुसकर मारपीट, दान पेटी लूटने सहित महिलाओं व बच्चों से मारपीट का आरोप लगाया है। यह घटना रविवार (7 नवम्बर 2021) की है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में थाना जीआरपी द्वारा ईसाई पक्ष की शिकायत पर प्रथम पक्ष ज्योति शर्मा के विरुद्ध केस दर्ज कर लिया गया है। जबकि ज्योति शर्मा द्वारा दी गई शिकायत पर जाँच करने की बात कही गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में रुक्मिणी सोनवानी ने अपने घर में पिछले 15 वर्षों से ईसाई समुदाय द्वारा प्रार्थना सभा आयोजित होना बताया है। रुक्मिणी के अनुसार रविवार सुबह करीब 9.30 पर ज्योति शर्मा ने 20-25 लोगों के साथ पहुँच कर उनके धर्म का अपमान किया। रोके जाने पर गाली गलौज करते हुए मारपीट की गई। ज्योति शर्मा छत्तीसगढ़ में धर्म जागरण समन्वय विभाग की पदाधिकारी हैं।

ईसाई पक्ष के लोगों द्वारा थाने में भी हंगामा किए जाने की खबर है। रिपोर्ट के अनुसार थाने में थानेदार को ही धाराओं और उनमें मिलने वाली सज़ाओं के बारे में बताया जा रहा था। वो सभी उच्च अधिकारियों के आश्वासन के बाद ही माने। इससे पहले थाने में ईसाई समुदाय के लोगों ने जीआरपी टीआई एलएस राजपूत को कानून का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। वह लोग हर आरोप के बाद उसकी धारा और उसकी सजा भी टीआई को बता रहे थे। इसके बाद टीआई से कागज में उन धाराओं को लिखवाकर उसकी फोटो भी क्लिक कर रहे थे। बाद में जीआरपी के उच्च अधिकारियों ने समुदाय के लोगों को समझाया और कहा कि अभी मामला दर्ज कर जाँच किया जाएगा। उसके बाद जो धारा घटे बढ़ेगी वह लगा दी जाएगी। इसके बाद वह लोग शांत हुए।

उधर ज्योति शर्मा के अनुसार ईसाई पक्ष के लोग पहले गरीबों को कर्ज देते हैं। फिर पैसा न चुकता कर पाने के बाद उन्हें धर्मान्तरण का विकल्प दिया जाता है। पुलिस ने उनकी शिकायत को जाँच में लिया है। ज्योति शर्मा के अनुसार पहले भी उस क्षेत्र में धर्मान्तरण की घटनाएँ हो चुकी हैं।

इससे पहले 17 अक्टूबर 2021 को दुर्ग में ही ग्रामीणों ने धर्मान्तरण का आरोप लगा कर 45 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था। यह घटना ओटेबंद गाँव में घटी थी। तब स्थानीय नंदिनी थाने की पुलिस ने बंधकों को छुड़वाया था। पुलिस ने बंधकों के पास से धार्मिक किताबों सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए थे। यह घटना स्पेशल प्रेयर मीट के आयोजन के दौरान घटी थी।

दिल्ली में शराब की ‘होम डिलीवरी’ करेगी केजरीवाल सरकार: नई आबकारी नीति से ₹8900 करोड़ कमाए, नहीं घटाया पेट्रोल-डीजल पर VAT

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने जून 2021 में आबकारी नीति 2021-22 के तहत दिल्ली को 32 एक्साइज जोन में विभाजित किया। नीतिगत ढाँचे के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में शराब बेचने वाले 849 आउटलेट होंगे, जिनमें पाँच सुपर-प्रीमियम वेंडर्स शामिल होंगे। लाइसेंस का अंतिम सेट सितंबर में आवंटित किया गया था। इसके तहत 17 नवंबर से प्राइवेट वेंडर्स कार्य करने लगेंगे।

आपको जानकर हैरानी होगी कि सरकार ने नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से 8,900 करोड़ रुपए अर्जित किए थे। हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने रिपोर्ट में बताया था कि यह लाइसेंस के लिए आरक्षित मूल्य से 26.7% अधिक है। आबकारी नीति के तहत सरकार दिल्ली में शराब नहीं बेचेगी, बल्कि अब पूरे सेग्मेंट को निजी संस्थाओं द्वारा नियंत्रित किया जाएगा।

दरअसल, अगस्त में ही आवंटन प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अगस्त में 20 जोन का ड्रॉ निकाल दिया गया था, जबकि शेष सितंबर में आवंटित किए गए थे। इन सभी जोन का आरक्षित मूल्य 7,041 करोड़ रुपए रखा गया था। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, द्वारका-ए, देवली, भजनपुरा, कर्दमपुरी और कुरैश नगर सहित कई क्षेत्रों को कवर करने वाले जोन 28 के लिए नीलामी में सबसे अधिक 357 करोड़ रुपए की बोली लगी। अगर बेस प्राइस के आधार पर सबसे अधिक लाभ अर्जित करने की बात की जाए तो इसमें सबसे आगे ज़ोन 32 है, जो एयरपोर्ट जोन को कवर करता है। इस जोन में सरकार को 235 करोड़ रुपए मिले, जबकि इसका आरक्षित मूल्य 105 करोड़ रुपए था। इस तरह इसमें सरकार को 124 प्रतिशत का लाभ हुआ।

इन वेंडरों से सरकार की कमाई केवल लाइसेंस पर ही नहीं टिकी है। सरकार को लगभग 650 करोड़ रुपए उत्पाद शुल्क, आयात शुल्क, वैट और अन्य लाइसेंस शुल्क से मिलेंगे। इसके अलावा, सरकार को 900 से 1,000 करोड़ रुपए नए ब्रांड, वितरक लाइसेंस और अन्य के लाइसेंस से मिलने की उम्मीद है।

सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, दिल्ली सरकार को प्रतिवर्ष 5,500 करोड़ रुपए आमदनी शराब के क्षेत्र से होती है। नई एक्साइज पॉलिसी ने राजस्व में लगभग 40% की वृद्धि की है। दिलचस्प बात यह है कि खुदरा विक्रेता शराब की बिक्री मूल्य तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे और एमआरपी निर्धारित करने में सरकार का कोई दखल नहीं होगा। रिटेल आउटलेट केवल सुबह 10 बजे से रात 10 बजे के बीच ही संचालित हो सकते हैं। वहीं, एयरपोर्ट आउटलेट 24×7 काम कर सकते हैं। नई नीति में दिल्ली में शराब की होम डिलीवरी भी शामिल है। साथ ही वॉर्ड के अनुसार शराब की दुकानों का समान वितरण होगा।

पेट्रोल-डीजल पर वैट में कोई कमी नहीं

शराब लाइसेंस से उम्मीद से ज्यादा आमदनी होने के बावजूद दिल्ली सरकार ने अभी तक पेट्रोल-डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स कम नहीं किया है। वहीं, केंद्र सरकार ने दिवाली से एक दिन पहले पेट्रोल-डीजल पर वैल्यू एडेड टैक्स कम कर दिया था। भाजपा शासित राज्यों ने भी इसका पालन किया और अतिरिक्त राहत देने के लिए वैट में कमी की। हालाँकि, गैर-भाजपा शासित राज्यों में केवल ओडिशा ने वैट कम किया और दिल्ली, राजस्थान आदि राज्यों ने अपने प्रदेश के लोगों को पेट्रोल डीजल की कीमतों से राहत देने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।

‘…उनके कई प्रयासों के लिए राष्ट्र ऋणी’: 94 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी, PM मोदी, शाह सहित बीजेपी नेताओं ने दी बधाई

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी आज (8 नवंबर 2021) 94 साल के हो गए हैं। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में उनके आवास पहुँच कर जन्मदिन की बधाई दी। पीएम मोदी ने गुलदस्ता देकर आडवाणी को बधाई और बाद में टेबल पर चर्चा भी की।

इस दौरान यहाँ उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। आडवाणी ने यहाँ सबके साथ मिलकर केक भी काटा।

इससे पहले पीएम मोदी ने ट्वीट करके भी आडवाणी को बधाई दी। उन्होंने लिखा, “आदरणीय आडवाणी जी को जन्मदिन की बधाई। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना करता हूँ। लोगों को सशक्त बनाने और हमारे सांस्कृतिक गौरव को बढ़ाने की दिशा में उनके कई प्रयासों के लिए राष्ट्र उनका ऋणी है।”

पीएम मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पार्टी के वरिष्ठ नेता को बधाई दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “हम सबके प्रेरणास्रोत एवं मार्गदर्शक, श्रद्धेय लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। वे भारत के उन सबसे सम्मानित नेताओं में गिने जाते हैं, जिनकी विद्वता, दूरदर्शिता, बौद्धिक क्षमता और राजनय का लोहा सभी मानते हैं। ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखे एवं दीर्घायु करे।”

जेपी नड्डा ने बताया प्रेरणास्रोत

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लाल कृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की बधाई देते हुए ट्वीट किया। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “भाजपा को जन-जन तक पहुँचाने और देश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले आदरणीय श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई। आडवाणी जी पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं के प्रेरणास्रोत हैं। मैं ईश्वर से आपकी दीर्घ आयु और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूँ।”

अमित शाह ने भी किया ट्वीट

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी लाल कृष्ण आडवाणी को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दी। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है, “अपने सतत संघर्ष से भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाकर संगठन को अखिल भारतीय स्वरूप देने में अपना अहम योगदान देने वाले हम सभी के आदरणीय श्रद्धेय श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। आप सदैव स्वस्थ रहें और दीर्घायु हों ऐसी ईश्वर से कामना करता हूँ।”

बता दें कि 8 नवंबर 1927 को जन्मे लालकृष्ण आडवाणी साल 2002 से 2004 तक देश के उप प्रधानमंत्री रहे। आडवाणी बीजेपी के सह-संस्थापक और वरिष्ठ नेता हैं। वह 10वीं लोकसभा और 14वीं लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। साल 2009 के आम चुनावों में एनडीए के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार भी थे। साल 2015 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वह 1986 से 1991 तक 1993 से 1998 तक और फिर 2004-2005 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे।

कौशाम्बी से लोकसभा सांसद विनोद सोनकर ने लालकृष्ण आडवाणी को Koo पर बधाई दी है।

राष्ट्रपति ने 141 को पद्म पुरस्कारों से किया सम्मानित, कंगना को पद्मश्री-पीवी सिंधु को पद्म भूषण: मंगलवार को 119 का होगा सम्मान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज (8 नवंबर 2021) 141 महान शख्सियतों को पद्म सम्मान से सम्मानित किया। इस सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू, अदनान सामी सहित कई नाम शामिल हैं। अब मंगलवार को 119 लोगों को सम्मानित किया जाएगा।

आज सोमवार को राष्ट्रपति भवन में साल 2020 की लिस्ट में शामिल नामों को सम्मान दिया गया है। इनमें जार्ज फर्नांडीज (मरणोपरांत), अरुण जेटली (मरणोपरांत), सुषमा स्वराज (मरणोपरांत), मारीशस के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ (मरणोपरांत), कला के लिए उत्तर प्रदेश के पंडित छन्नूलाल मिश्र, खेल के लिए मणिपुर की मैरी काम, अध्यात्म के लिए कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के श्री विश्वेशतीर्थ स्वामी (मरणोपरांत) पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

साल 2020 के लिए सोमवार को कुल 141 लोग सम्मानित किए गए। इनमें बैडमिंटन प्लेयर पीवी सिंधू भी शामिल हैं। उन्हें पद्म भूषण दिया गया है। इनके अलावा अदनान सामी, कंगना रनौत को भी पद्मश्री मिला है।

बता दें कि हर साल पद्म पुरस्कारों की घोषणा गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है और मार्च-अप्रैल तक सम्मान दिया जाता है। लेकिन इस बार कोरोना के चलते यह पुरस्कार नहीं दिया गया था। इस कारण इस बार ये ये कार्यक्रम नवंबर में किया जा रहा है।

मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस साल 119 महान विभूतियों को पद्म अवार्ड्स से सम्मानित करेंगे। इनमें 7 हस्तियों को पद्म विभूषण, 10 को पद्म भूषण और 102 को पद्म श्री अवार्ड मिलेंगे। सम्मान पाने वालों में 29 महिलाएँ शामिल हैं। वहीं 16 शख्सियतें ऐसी हैं जिन्हें मरणोपरांत सम्मानित किया जा रहा है। सूची में एक नाम एक ट्रांसजेंडर का भी है।

सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस साल राष्ट्रपति कोविंद जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे, गायक एसपी बालासुब्रमण्यम (मरणोपरांत), सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन साहू, पुरातत्वविद बीबी लाल को पद्म विभूषण से सम्मानित करेंगे। इसी तरह 102 पद्म श्री पुरस्कार पाने वालों में गोवा की पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा (मरणोपरांत), ब्रिटिश फिल्म निर्देशक पीटर ब्रूक, फादर वेल्स (मरणोपरांत), (मरणोपरांत), प्रोफेसर चमन लाल सप्रू (मरणोपरांत) का नाम शामिल है।

देहरादून में अप्राकृतिक यौन संबंध बनाया फिर तीन तलाक बोल घर से निकाला, इंदौर में बेटी हुई तो फोन पर ही कह दिया- तलाक, तलाक, तलाक

उत्तराखंड के देहरादून और मध्य प्रदेश के इंदौर से तीन तलाक का मामला सामने आया है। दोनों मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। उत्तराखंड में दहेज की वजह से तो इंदौर में बेटी को जन्म देने के कारण तीन तलाक दे दिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार देहरादून के विकास नगर थाना क्षेत्र की एक महिला का निकाह पटेल नगर निवासी कुर्बान अली से हुआ था। पत्नी का आरोप है कि शौहर दहेज के लिए उसे आए दिन ताने मारता था। उसकी शक्ल सूरत पर नकारात्मक कमेंट करता था। विरोध करने पर दूसरी निकाह की धमकी देता था। आरोप है कि शौहर ने उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए। फिर तीन तलाक दे घर से निकाल दिया।

पीड़िता का आरोप है कि मई 2021 में उसकी सास की मौत के बाद प्रताड़ना और अधिक बढ़ गई। पटेल नगर के इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान के अनुसार महिला की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपित शौहर पर तीन तलाक देने और अप्राकृतिक संबध बनाकर कर उत्पीड़न की भी धाराएँ लगाई गई है।

वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश के इंदौर में एक शौहर ने अपनी बीवी को बेटी पैदा होने के चलते तीन तलाक दे दिया। यह तलाक फ़ोन पर दिया गया। पीड़िता ने इसकी शिकायत इंदौर के थाना एमआईजी में की है। रिपोर्ट के अनुसार 32 वर्षीया अलीना का निकाह साल 2009 में उत्तर प्रदेश जिला हापुड़ के मोहम्मद आस से हुआ था। निकाह के कुछ समय बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप है कि दहेज में 5 लाख की डिमांड कर उसकी पिटाई की जाती थी। निकाह के बाद से ही किसी भी हाल में बेटा ही पैदा करने को कहा जाता था।

रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के अनुसार उसने ये बातें अपने भाई को बताई। भाई ने समय के साथ सब सही हो जाएगा कह कर अपनी बहन को धैर्य बँधाया। साल 2014 अलीना को बेटी हुई। इसके बाद अलीना के अनुसार उसकी प्रताड़ना बढ़ती चली गई। प्रताड़ना से तंग आकर वह अपने मायके आ गई। लेकिन इसी साल जून में उसके शौहर मोहम्मद आस ने फोन पर उसको तीन तलाक दे दिया। आख़िरकार अलीना ने इन सभी की शिकायत महिला थाने में की। शिकायत में शौहर के अलावा देवर आरिफ, इसरार और इस्माइल भी आरोपित हैं। इन सभी पर मारपीट करने का आरोप है।

बाँका जिले के मदरसे से 4 देशी कट्टा, 8 गोली बरामद, संचालक मोहम्मद फजरुद्दीन ने कहा- ‘मुझे फँसाया गया’

बिहार के बाँका जिले में एक मदरसे से अवैध हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने सूचना के आधार पर छापेमारी की और 4 देशी कट्टा और 8 कारतूस बरामद किया। इस मदरसे का नाम जामिया अरबिया तालीमुल कुरान है। यह बाँका जिले के धोरैया थानाक्षेत्र में सन्हौला-धोरैया मुख्य मार्ग पर स्थित है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। यह बरामदगी 6 नवम्बर 2021 (शनिवार) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार धोरैया थानाध्यक्ष महेश्वर प्रसाद राय ने यह छापेमारी एक गुप्त सूचना के आधार पर की। हथियारों की सूचना मदरसे में जानवरों के चारे रखने वाले कमरे में होने की थी। हथियार भूसे के बोरे के नीचे छिपा कर रखे गए थे। इस मदरसे के संचालक मोहम्मद फजरुद्दीन हैं। फजरुद्दीन इससे पहले महादेव एन्क्लेव बालू घाट के मुंशी थे। हथियारों की बरामदगी को उन्होंने अपने खिलाफ बालू माफियाओं की साजिश कहा है।

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार मदरसे के अंदर ही एक मस्जिद भी है। बताया जा रहा है कि मदरसा अभी रजिस्टर्ड भी नहीं है। मदरसे में उर्दू और अरबी की पढ़ाई कराई जाती है। छापेमारी के दो दिन पूर्व ही शोएब अख्तर नाम के एक टीचर ने वहाँ हेड टीचर के तौर पर ज्वाइन किया था। फ़िलहाल मदरसे में कुल 10 छात्र ही पढ़ाई कर रहे हैं। छात्रों की संख्या कम होने की वजह मदरसा संचालक ने कोरोना को बताया है।

बताया जा रहा है कि मदरसे में गाँव के कुछ लोग नमाज़ अदा करने आते हैं। ऐसे में हथियार किसने रखे इस पर गहनता से जाँच की जा रही है। इसी के साथ सूचना देने वाले से भी जानकारी ली जा रही है। यह मदरसा गेरुआ नदी के किनारे बना हुआ है। यहाँ पास में ही बालू के कारोबार से जुड़े लोगों का भी आना जाना लगा रहता है।

इस मामले में ऑपइंडिया ने पुलिस अधीक्षक बाँका से बात की। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल अभी कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। हम हर बिंदु पर जाँच करा रहे हैं। जाँच पूरी होने पर वास्तविक दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में उल्लेखित “हथियार मदरसा कैम्पस के बाहर एक झोपडी में मिलने” की खबर का भी उन्होंने खंडन किया। SP बाँका के अनुसार हथियार मदरसे के कैम्पस से ही बरामद किए गए हैं।

इससे पहले जून 2021 में बाँका जिले के मदरसे में विस्फोट हुआ था। यह मदरसा नवटोलिया क्षेत्र में नूरी मस्जिद परिसर में बना हुआ था। इस विस्फोट में आस-पास का इलाका थर्रा गया था और मदरसा पूरी तरह जमींदोज हो गया था। विस्फोट के फलस्वरूप मौलाना अब्दुल मोबीन की मौत दम घुटने से हो गई थी। यह मदरसा भी बिना रजिस्ट्रेशन चलाया जा रहा था। विस्फोट के बाद भाजपा विधायक हरिभूषण ठाकुर ने मदरसों पर सवाल खड़े किए थे। तब उन्होंने इसे भारत के इस्लामीकरण की साजिश बताया था।

‘देखो अपना देश’: पहली रामायण सर्किट ट्रेन दिल्ली से रवाना, अयोध्या से रामेश्वरम तक 7500 किमी की यात्रा

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार (7 नवंबर 2021) को ट्विटर पर ‘श्री रामायण यात्रा’ की पहली झलक साझा की। यह विशेष रूप से रामायण से जुड़े स्थानों में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया एक रेल सर्किट है।

मंत्री के अनुसार, यात्रा रविवार को 100% व्यस्तता के साथ शुरू हुई। वैष्णव ने ट्वीट करते हुए लिखा, “जबर्दस्त प्रतिक्रिया! शत-प्रतिशत लोगों के साथ ‘श्री रामायण यात्रा’ का पहला दौरा रविवार से शुरू हो गया है। रामायण सर्किट पर अगला दौरा 12 दिसंबर 2021 को है। जय जय श्री राम।”

डीलक्स एसी पर्यटक ट्रेन 07 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से 16 रातों और 17 दिनों के लिए रवाना हुई, जिसमें 132 पर्यटक सवार थे।

‘देखो अपना देश’

श्री रामायण यात्रा रेल सर्किट को धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने और सुविधा प्रदान करने के लिए भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) द्वारा ‘देखो अपना देश’ पहल के तहत शुरू किया गया है।

यात्रा विवरण

रामायण सर्किट यात्रा की शुरुआत 7 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से हुई। 17 दिनों की इस यात्रा में भगवान राम के जीवन से जुड़े अयोध्या, नंदीग्राम, जनकपुर, सीतामढ़ी, काशी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, नासिक, हम्पी और रामेश्वरम सहित कई प्रमुख स्थान शामिल हैं।

यात्रा का पहला पड़ाव प्रभु श्री राम का जन्म स्थान अयोध्या होगा, जहाँ श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री हनुमान मंदिर व नंदीग्राम में भरत मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। अयोध्या से रवाना होकर यह ट्रेन सीतामढ़ी जाएगी, जहाँ जानकी जन्म स्थान व नेपाल के जनकपुर स्थित राम जानकी मंदिर के दर्शन किए जा सकेंगे। ट्रेन का अगला पड़ाव भगवान शिव की नगरी काशी होगा। यहाँ से पर्यटक बसों द्वारा काशी के प्रसिद्ध मंदिरों सहित सीता समाहित स्थल का दर्शन कर सकेंगे। उसके बाद यह ट्रेन 17वें दिन दिल्ली वापस पहुँचेगी। इस दौरान ट्रेन द्वारा लगभग 7500 किलोमीटर की यात्रा पूरी की जाएगी।

श्री रामायण यात्रा कोच (साभार: Twitter)

ट्रेन में दो कैटेगरी 2AC और 1AC हैं। 2AC के लिए यात्रियों को 83,000 रुपए और 1AC के लिए 1.02 लाख रुपए का भुगतान करना होगा। जानकारी के मुताबिक, रामायण यात्रा का विचार आईआरसीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी अच्युत सिंह का है, जो इस विशेष ट्रेन के प्रभारी भी हैं। उन्होंने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया कि इस टूर पैकेज की कीमत में यात्रियों को रेल यात्रा के अतिरिक्त स्वादिष्ट शाकाहारी भोजन, वातानुकूलित बसों द्वारा पर्यटक स्थलों का भ्रमण, एसी होटलों में ठहरने की व्यवस्था, गाइड व इंश्योरेंस आदि की सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएँगी।

श्री रामायण यात्रा में डाइनिंग कोच (साभार: India Today)

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस पूर्णतया वातानुकूलित इस पर्यटक ट्रेन में यात्री कोच के अतिरिक्त दो रेल डाइनिंग रेस्टॉरेंट और एक मॉडर्न किचन कार व यात्रियों के लिए फुट मसाजर, मिनी लाइब्रेरी, मॉडर्न शौचालय और शॉवर क्यूबिकल आदि की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साथ ही सुरक्षा के लिए सुरक्षा गार्ड, इलेक्ट्रॉनिक लॉकर एवं सीसीटीवी कैमरे भी हैं। 

श्री रामायण यात्रा के बाद आईआरसीटीसी 27 नवंबर से एक विशेष रामपथ यात्रा ट्रेन शुरू करने की भी योजना बना रहा है।