देश भर में कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन अभियान चल रहा है। इस बीच जहाँ कुछ जगहों पर लोग भ्रम अथवा अन्य कारणों से वैक्सीन लेने से इनकार कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसी भी खबरें सामने आ रही है जो लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित भी करती हैं।
वाराणसी में टीकाकरण के दौरान 125 वर्षीय स्वामी शिवानंद ने इस सप्ताह की शुरुआत में वैक्सीन की अपनी दूसरी खुराक ली। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दावा किया गया है कि दोनों डोज लगवाने वाले वे सबसे उम्रदराज व्यक्ति हैं। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. सारिका राय ने बताया कि स्वामी शिवानंद पिछले कई वर्षों से काशी में रह रहे हैं। उन्हें नौ जून को पहली खुराक दी गई थी। उनका आधार कार्ड देख स्वास्थ्य कर्मचारी तब चौंक गए जब उस पर जन्मतिथि 8 अगस्त 1896 देखी।
वाराणसी के स्वामी शिवानंद की उम्र जितना चौंकाती है, उससे ज्यादा ये कि 125 साल की उम्र में भी वह एकदम चुस्त-दुरुस्त हैं। मूल रूप से बंगाल के श्रीहट्ट जिले के निवासी स्वामी शिवानंद लगभग 40 वर्षो से वाराणसी के भेलूपुर में कबीर नगर कॉलोनी में रह रहे हैं। सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुर्गाकुंड में शिवानंद ने वैक्सीन प्राप्त की। टीकाकरण के प्रति उनके जज्बे को स्वास्थ्यकर्मियों समेत वहाँ मौजूद सभी ने न केवल सराहा, बल्कि इसे प्रेरणादायक कदम बताया।
स्वामी शिवानंद ने बताया कि उनकी लंबी उम्र का राज योगा है। उन्होंने बताया कि वह हर दिन योगाभ्यास करते हैं और बिना तेल और मसालों के खाना खाते हैं। उनके साथी ने बताया कि स्वामी शिवानंद अकेले रहते हैं, अभी भी स्वस्थ हैं और उन्हें कोई बीमारी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों केरल से खबर आई थी कि वहाँ 2300 शिक्षकों और 300 गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने मजहबी कारणों का हवाला देते हुए वैक्सीन लेने से इनकार कर दिया है। वहीं सरकार द्वारा भी इन्हें छूट देने पर विवाद खड़ा हो गया है।
ऑस्ट्रेलिया के मशहूर क्रिकेटरों में शुमार शेन वार्न पर रिएलिटी टीवी की स्टार एक्ट्रेस जेसिका पावर ने गंदे मैसेज भेजने का आरोप लगाया है। अपने दावों को साबित करने के लिए उन्होंने इंस्टाग्राम पर स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं। इसमें 30 साल की जेसिका पावर ने 52 साल के वॉर्न को कहा हुआ है कि वो होटल कमरे में उनसे नहीं मिलना चाहतीं क्योंकि वो ‘उस तरह की लड़की’ नहीं हैं।
जेसिका पावर ने शेयर की चैट की तस्वीर
चैट से पता चलता है कि पूर्व क्रिकेटर ने जेसिका को दो हफ्तों में 4 बार से ज्यादा बार मिलने को कहा था। जेसिका ने इसके बाद उन्हें मैसेज करना बंद कर दिया और उन्हें ब्लॉक भी किया। चैट के एक मैसेज में देख सकते हैं जिसमें जेसिका शेन से कहती हैं कि वो उनसे मिलना जरूर चाहेंगी लेकिन होटल के कमरे में नहीं। वह लिखती हैं, “मैं उस तरह की लड़की नहीं हूँ।”
बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब किसी महिला ने शेन वार्न के बर्ताव पर अपनी शिकायत दर्ज की हो। इससे पहले भी वार्न अपनी हरकतों के कारण विवाद का हिस्सा बने हैं। जेसिका ने बिग ब्रदर वीआईपी के एक हालिया एपिसोड पर भी उनके व्यवहार पर बात रखी थी। उन्होंने वार्न के संदेशों को अनुचित कहा था। इसके अलावा वह पूर्व क्रिकेटर को सनकी तक कहती हैं।
उन्होंने शेन वार्न को कहा था, “जब मैंने वॉर्न से कहा कि जो मेसेज आप भेज रहे हैं वह ठीक नहीं हैं तो वह असल में ‘एक्स-रेटेड’ मेसेज भेजने लगे। मुझे बस लगा कि मैं ये सब नहीं सह सकती। अब मुझे समझ आता है कि वो हमेशा मुश्किल में क्यों पड़ जाते हैं।” जेसिका ने वार्न को कहा भी था कि उन्हें लग नहीं रहा था कि वो मैसेज वार्न उन्हें भेज रहे हैं।
एक अन्य मॉडल एली गोन्साल्वेज ने भी शेन पर गलत मैसेज भेजने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा था कि उन्हें भी वार्न ने बाहर चलने को कहा था लेकिन उनके पास इन सबके लिए समय नहीं था क्योंकि वो 13 साल से एक रिश्ते में थी। वहीं जेसिका संदेशों के बारे में और गहराई से बताते हुए कहती हैं कि एक बार शेन ने उनसे पूछा कि क्या वो ‘hi’ कह सकते हैं, इस पर जेसिका ने कहा “मैं काटती नहीं हूँ।” लेकिन शेन ने इस संदेश के बदले कहा, “अगर मैं काटने को कहूँ तो…” इस पर एक्ट्रेस ने कहा, “तुम मेरे बाप की उम्र के हो।” जेसिका ने बताया कि उन्हें बेहद अश्लील संदेश भेजे गए। जैसे कोई नंगा है और दीवार की तरफ घुटनों के बल बैठ कर कुछ कर रहा है। ये थोड़ा ग्राफिक में था और अश्लील था।
राजस्थान का पुलिस महकमा एक बार फिर विवादों में है। ताजा मामला उदयपुर के प्रताप नगर थाने का है। इस बार एक हेड कॉन्स्टेबल ने अपने ही साथी जवानों पर मारपीट और अश्लीलता का आरोप लगाया है। आरोप के मुताबिक, हेड कॉन्स्टेबल के साथ न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि उसके कपड़े उतार कर नंगा कर नचवाया भी गया। इस घटनाक्रम के दौरान जाति सूचक गालियाँ भी दी गईं। घटना बुधवार (3 नवंबर 2021) की है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने इस शर्मनाक हरकत को हेड कॉन्स्टेबल के घर पर अंजाम दिया। पीड़ित हेड कॉन्स्टेबल ने मामले में कॉन्स्टेबल हरि किशन, नंदकिशोर, कैलाश विश्नोई, हेड कॉन्स्टेबल जगदीश, कॉन्स्टेबल अचलाराम पर आरोप लगाया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की, जिसके बाद 5 पुलिसकर्मियों को थाने से पुलिसलाइन में लगा दिया गया।
हेड कॉन्स्टेबल जब थाने में रिपोर्ट लिखवाने गया था, तब पुलिस के इन आरोपित जवानों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया था। इसके बाद पीड़ित ने थाने के एसएचओ विवेक राव को इसके बारे में बताया। बताया जा रहा है कि राव ने भी इस पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया। उधर विवेक राव का कहना है कि उन्होंने जाँच के निर्देश दिए हैं।
शुरुआती जाँच में पुलिस को पता चला है कि पीड़ित हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल अचलाराम के बीच कुछ दिन पहले मामूली विवाद हुआ था। इधर हेड कॉन्स्टेबल के आरोपों पर पुलिसकर्मियों का कहना है कि उन्होंने मारपीट नहीं की। हेड कॉन्स्टेबल व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने के लिए झूठे आरोप लगा रहा है।
गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस इससे पहले भी गलत कारणों की वजह से विवादों में रह चुकी है। पिछले दिनों राजस्थान के एक पुलिसकर्मी ने दलित महिला के घर में घुुसकर उसके साथ रेप किया था। महिला गिड़गिड़ाती रही, लेकिन पुलिसवाले ने कहा कि अगर वह कुछ बोलेगी तो वह उसके परिवार को जान से मार देगा। बाद में घरवालों ने ही उस सिपाही को पकड़ कर पीटा और अस्पताल में भर्ती करने लायक हालत कर दी। आरोपित के ख़िलाफ़ एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, एक अन्य मामले में प्रेमी संग घर से भागी एक दलित युवती ने पुलिस पर छेड़खानी और पुलिस चौकी में रेप किए जाने का आरोप लगाया था।
लीसेस्टर ईस्ट की लेबर पार्टी की महिला सांसद क्लाउडिया वेब (Claudia Webbe) (56) को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में अपने प्रेमी की एक महिला मित्र को परेशान करने के लिए 10 सप्ताह की जेल और 200 घंटे की सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई गई है। भारत में किसानों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों की मुखर समर्थक वेब पर मिशेल मेरिट (Michelle Merrit) (59) को परेशान करने का आरोप लगाया गया है, जो उसके प्रेमी लेस्टर थॉमस की लंबे समय से दोस्त थीं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2018 के बाद से ही वेब ने मेरिट को कई बार एसिड हमले की धमकी दी और इसी कड़ी में मेरिट की नग्न तस्वीरों को लीक कर दिया। अदालत ने अपने टिप्पणी में कहा कि 56 वर्षीय महिला सांसद ने सितंबर 2018 से अप्रैल 2020 के बीच मेरिट को 16 धमकी भरे कॉल किए थे।
वहीं लेबर पार्टी के राष्ट्रीय अभियान समन्वयक शबाना महमूद ने भी पुष्टि की कि वेब को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने उन्हें सांसद के रूप में अपने पद से इस्तीफा देने के लिए कहा है। इस मामले में पार्टी द्वारा निलंबित किए जाने के बाद वेब एक निर्दलीय सांसद के रूप में कॉमन्स में बैठी थीं।
गौरतलब है कि पीड़िता मेरिट, जो व्यक्तिगत रूप से वेब से कभी नहीं मिली, ने आरोप लगाया कि सांसद वेब द्वारा लगातार प्रताड़ित किए जाने के कारण वह एक ‘बाइबिल प्रचारक’ बन गई हैं। मेरिट ने कोर्ट को बताया कि वह बहुत डरी हुई हैं, यहाँ तक कि काम करने और लोगों से मिलने-जुलने से भी बच रही हैं।
मेरिट ने आगे यह भी कहा, “किसी भी महिला को धमकाना और परेशान नहीं किया जाना चाहिए, जैसा कि वेब ने वर्षों से मेरे साथ किया है, एक राजनेता की तो बात ही छोड़ दें।”
बता दें कि महत्वपूर्ण ब्रिटिश भारतीय निर्वाचन क्षेत्र, लीसेस्टर ईस्ट की सांसद वेब ने इसी साल फरवरी 2021 में भारत में किसानों के विरोध प्रदर्शन पर यूके सरकार द्वारा बयान देने के लिए दबाव डालने वाली एक ई-याचिका का भी समर्थन किया था।
सांसद वेब भारत में हिंसक ‘शांतिपूर्ण विरोध’ को लेकर बेहद मुखर थीं। अपनी इसी मुखरता के कारण दबाव बनाने के लिए उन्होंने एक ट्वीट भी किया था, “किसानों के विरोध के बचाव में इस याचिका का समर्थन करने वाले सभी को बहुत-बहुत बधाई। शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार एक मौलिक मानव अधिकार है। किसानों की रक्षा की जानी चाहिए।”
इतना ही नहीं, ब्रिटिश सांसद ने भारत में किसानों के समर्थन में ट्वीट (पेड) करने के लिए रिहाना जैसी वैश्विक हस्तियों को भी धन्यवाद दिया था।
जब पूरा देश गुरुवार (4 नवंबर 2021) की रात दीपावली मनाने में जुटा था उसी वक्त अभिनेता हर्षवर्धन कपूर ने ट्वीट कर पटाखों पर ज्ञान दिया। यूजर्स ने इसके जवाब में उन्हें उनके पिता अनिल कपूर की आतिशबाजी तक याद दिला दी। आखिर में हर्षवर्धन ने अपना ट्वीट ही डिलीट कर दिया।वैसे यह पहला मौका नहीं है जब बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर के बच्चों ने खुद को लिबरल दिखाने के लिए हिंदुओं को उपदेश देने का काम किया है। हर्षवर्धन की बहन सोनम और रिया कपूर भी ऐसा करते रहते हैं।
हर्षवर्धन ने ट्वीट कर कहा, “लोग अभी भी हर जगह पटाखे फोड़ रहे। मेरे पालतू जानवर डरे हुए हैं। यह सभी के लिए असुविधाजनक है और पर्यावरण के लिए भी बेहद खराब। यही वजह है कि मैं कभी सांस्कृतिक तौर पर बँधा नहीं रहा हूँ। कभी-कभी सामान्य समझदारी दिखाने की भी जरूरत होती है।”
हर्षवर्धन के ट्वीट का स्क्रीनशॉट
सोशल मीडिया यूजर्स ने हर्ष कपूर पर उठाए सवाल
दिवाली की रात हर्षवर्धन का यह रवैया नेटिज़न्स को अच्छा नहीं लगा। सोशल मीडिया यूजर्स ने अभिनेता और उनके परिवार के दोहरे मापदंड की पोल खोल दी। ट्विटर यूजर्स @ theskindoctor13 ने 2016 की एक तस्वीर साझा की, जिसमें अनिल कपूर को पटाखे जलाते हुए देखा जा सकता है। उस तस्वीर के बैकग्राउंड में देखा जा सकता है कि हर्ष और उनकी बहन सोनम कपूर अपने पिता को पटाखे जलाते देख रहे हैं।
ट्विटर यूजर ने सवाल किया, “2016 की दिवाली, भाई क्या आप सोनम के बाईं ओर हैं? अपने पिताजी को पटाखे फोड़ने से क्यों नहीं रोका या आपका कॉमन सेंस हाल ही में जागा है?”
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
एक अन्य ट्विटर यूजर ने प्राइवेट जेट में सफर कर रहे हर्ष कपूर की एक तस्वीर साझा की और बताया कि कैसे अभिनेता ने कार्बन उत्सर्जन की परवाह नहीं की। यूजर ने लिखा, “अंग्रेजीदा भारतीय अभिजात वर्ग दिवाली (पटाखे का 1 दिन) की आलोचना करना पसंद करते हैं, लेकिन बाकी के पूरे साल कार्बन फुटप्रिंट्स का ढेर लगाते हैं। आपकी पश्चिमी जीवनशैली का कार्बन फुटप्रिंट दिवाली मनाने वाले व्यक्ति के औसत से 1000 गुना अधिक है। यहाँ प्राइवेट जेट में आपके पिता अनिल कपूर की एक तस्वीर है।”
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
एक अन्य यूजर ने अनिल कपूर की दिवाली मनाते हुए तस्वीरें शेयर कर हर्ष कपूर के बयान और उनके दोहरे रवैये को उजागर किया।
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
एक अन्य लोकप्रिय ट्विटर यूजर (@desimojito) ने लिखा, “अनिल कपूर का कुत्ता साँस नहीं ले पा रहा था। जैकी श्रॉफ को जाकर अपने पूरे परिवार को संतुष्ट करना पड़ा।”
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
बीजेपी नेता रोहित चहल ने हर्ष को उनकी बहन की शादी में आतिशबाजी पटाखों की याद दिलाई।
साभार: ट्विटर
सोशल मीडिया यूजर गणेश एकनाथ गायतोंडे ‘सांस्कृतिक प्रीसेट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए स्टार किड के पाखंड पर सवाल उठाया।
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचनाओं के बाद हर्षवर्धन कपूर ने अपने ट्वीट का बचाव करते हुए दावा किया कि उनके पिता की आतिशबाजी वाली तस्वीर 5 साल पुरानी है। इस साल उन्होंने आतिशबाजी नहीं की है। हालाँकि बाद में अभिनेता ने अपने दोनों ट्वीट डिलीट कर दिए।
ट्वीट का स्क्रीनशॉट
दिवाली हिंदू समुदाय के लिए साल में एक बार मनाया जाने वाला उत्सव है, जहाँ लोग भगवान राम की अयोध्या वापसी का जश्न मनाने के लिए शाम को पटाखे जलाते हैं। वहीं, कई सरकारें, संगठन और अदालतें हिंदू त्योहार के खिलाफ लगातार टार्गेटेड अटैक कर रही हैं। इसे वायु प्रदूषण के पीछे का कारण बता रही हैं। हालाँकि, कम से कम ये दावे रिसर्च पर आधारित नहीं हैं और ना ही सही हैं।
साल भर औद्योगिक प्रदूषण, पराली जलाने और गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ वायु प्रदूषण का प्रमुख कारक है। वहीं कुछ बॉलीवुड सेलेब्स और कुछ ‘धर्मनिरपेक्ष’ कार्यकर्ता हर साल दिवाली समारोह को वायु प्रदूषण के प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में चित्रित करने का प्रयास करते हैं। बाकी सभी चीजों को नजरअंदाज करने वाली उनकी चुनिंदा चिंता केवल हिंदू त्योहारों को बदनाम करती है।
उल्लेखनीय है कि 2016 में आईआईटी कानपुर के एक शोध में पाया गया था कि दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता में पटाखों का अधिक योगदान नहीं है। उक्त स्टडी के मुताबिक, कंस्ट्रक्शन साइटों की धूल प्रदूषण के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार थी। इसके बाद गाड़ियों का प्रदूषण, खराब बुनियादी ढाँचा और सबसे बड़ा कारण पराली जलाना था। हालाँकि, इस जुलाई में पटाखों के खिलाफ प्रतिबंध के एनजीटी के आदेश के खिलाफ एक याचिका में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए अध्ययन को खारिज कर दिया था कि उन्हें यह तय करने के लिए आईआईटी कानपुर की आवश्यकता नहीं है कि पटाखों से प्रदूषण होता है।
उत्तर प्रदेश के महोबा में एक मंदिर के चबूतरे को रातों-रात मजार में बदलने का मामला सामने आया है। साईं बाबा की मूर्ति को हटाकर वहाँ रात में मजार बना दिया गया और उस पर मजहबी झंडा लगा दिया गया। इस हरकत के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया है। हालात को देखते हुए पुलिस ने आनन-फानन में मजार को हटवाया और किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए फोर्स तैनात कर दिया है।
दरअसल, पनवाड़ी के बुड़ेरा ग्राम पंचायत के मजरा सिमरिया में नदी के पास साईं बाबा की एक मंदिर व प्राचीन चबूतरा है। इस पर साईं बाबा की मूर्ति लगी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार की रात अराजक तत्वों ने साईं बाबा की मूर्ति को वहाँ से उठाकर झाड़ियों में फेंक दिया और रात में ही मजार बना दिया। इसके साथ ही वहाँ पर हरे रँग का झंडा लगा दिया।
गुरुवार को ग्रामीण जब मंदिर पहुँचे, तब इस मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। लोगों ने घटना की शिकायत पुलिस से की और दोषियों के खिलाफ अविलंब और कड़ी कार्रवाई की माँग की। घटना की सूचना मिलते ही कुलपहाड़ की एसडीएम श्वेता पांडेय और पनवाड़ी के थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँच गए। वहीं, हालात को देखते हुए मंदिर के आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है।
एसडीएम में मौजूदगी में मजार को हटवाया गया और मंदिर को फिर सफेद रँग से पुतवाया गया, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बात लोगों ने मंदिर में साईं बाबा की मूर्ति की विधिवत स्थापना की। लोगों ने एसडीएम को इस घटना को लेकर शिकायत-पत्र भी दिया। वहीं, शाम को अपर एसपी आरके गौतम और एडीएम रामसुरेश वर्मा ने घटनास्थल का लिया और लोगों से पहले की ही भाँति पूजा-अर्चना जारी रखने की बात कही।
लोगों का कहना है कि इस घटना को अराजक तत्वों की कारस्तानी बताकर मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका मानना है कि यह घटना को सोची-समझी रणनीति और एक साजिश के तहत अंजाम दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थान पर वर्षों से पूजा-पाठ होते आ रहा है, लेकिन रातों-रात मजार बना देना और हरे रँग से पुताई कर देना, किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता है। इसे सामूहिक रूप से अंजाम दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (5 नवंबर 2021) को केदारनाथ धाम में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया। कई विकास परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्धाटन किया। इससे पहले उन्होंने मंदिर में करीब 18 मिनट तक पूजा-अर्चना की।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “दीपावली के अवसर पर कल मैं सैनिकों के साथ था। आज मैं सैनिकों की भूमि पर हूँ। मैंने त्योहार की खुशियाँ अपने सैनिकों के साथ बाँटी। मैं 130 करोड़ देशवासियों का आशीर्वाद लेकर उनके पास गया था। गोवर्धन पूजा के दिन केदारनाथ धाम जी में दर्शन-पूजा करने का मुझे सौभाग्य मिला है। बाबा केदार के दर्शन के साथ मैंने आदि शंकराचार्य की समाधि स्थल में कुछ पल बिताए। वे दिव्य पल थे। मैं केदारनाथ आकर कण-कण से जुड़ जाता हूँ।”
अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केन्द्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए।
आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है, अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है: PM @narendramodi
प्रधानमंत्री ने अयोध्या के दीपोत्सव और राम मंदिर निर्माण का जिक्र भी इस दौरान किया। उन्होंने कहा, “अभी दो दिन पहले ही अयोध्या में दीपोत्सव का भव्य आयोजन पूरी दुनिया ने देखा। आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर पूरे गौरव के साथ बन रहा है। अयोध्या को उसका गौरव वापस मिल रहा है। उन्होंने कहा, “अब हमारी सांस्कृतिक विरासतों को, आस्था के केन्द्रों को उसी गौरवभाव से देखा जा रहा है, जैसा देखा जाना चाहिए।”
2013 में आई आपदा में जगद्गुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल क्षतिग्रस्त हो गया था। जीर्णोद्धार के बाद अब 12 फीट ऊँची प्रतिमा का निर्माण हुआ है, जिसका पीएम ने लोकार्पण किया है। पीएम मोदी ने 130 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्धघाटन और 180 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी। रिपोर्ट के मुताबिक, केदारनाथ में मौजूदा तापमान करीब 3 डिग्री सेंटीग्रेड है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैलीपैड से पैदल ही मंदिर तक पहुँचे।
Prime Minister Narendra Modi unveils the statue of Shri Adi Shankaracharya at Kedarnath in Uttarakhand pic.twitter.com/7yX0Ft7fOO
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार्यक्रम के लिए देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों और 87 महत्वपूर्ण मंदिरों से साधु-संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल 2013 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था, जहाँ अब जीर्णोद्धार के बाद प्रतिमा का निर्माण हुआ है। दोबारा से बनाई गई प्रतिमा की ऊँचाई 12 फीट की है और इसका वजन करीब 35 टन है। प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम मोदी ने यहाँ कुछ देर तक ध्यान भी लगाया।
जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का निर्माण कर्नाटक में किया गया है। कृष्ण शिला से बनाई गई इस प्रतिमा को हाल ही में पहले गौचर और इसके बाद वायुसेना के हेलीकाप्टर की मदद से केदारनाथ लाया गया था। गौरतलब है कि पीएम के रूप मोदी का ये पाँचवाँ केदारनाथ दौरा है। 6 नवंबर को केदारनाथ के कपाट भी बंद होने वाले हैं। कोरोना संकट के कारण पिछले साल प्रधानमंत्री केदारनाथ धाम के दर्शन करने नहीं जा पाए थे।
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अपने पास अनिल देशमुख मामले में सबूत होने से इनकार किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री देशमुख पर मुंबई के रेस्तरां और बार से 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट देने का आरोप लगाया था। इस केस की जाँच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित चाँदीवाल आयोग के समक्ष एफिडेविट दायर कर सिंह ने यह बात कही है। इस बीच अब मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देशमुख के बेटे ऋषिकेश को भी पूछताछ के लिए तलब किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने 22 अक्टूबर को न्यायमूर्ति केयू चाँदीवाल (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता वाली जाँच आयोग को सूचित किया था कि उनके पास महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में आयोग को बताने के लिए कुछ भी नहीं है।
उल्लेखनीय है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी कार मिलने के मामले में सचिन वाजे और अनिल देशमुख की गिरफ्तारी के मामले में परमबीर सिंह अहम कड़ी हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) देशमुख को मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार मामले में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मार्च में मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से हटाए जाने के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने वाजे को रेस्तरां और बार से 100 करोड़ रुपए की वसूली का टारगेट दे रखा था।
देशमुख के बेटे के ईडी ने किया तलब
इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल देशमुख के बेटे ऋषिकेश को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें शुक्रवार (5 नवंबर 2021) को जाँच एजेंसी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। ईडी के मुताबिक, सचिन वाजे ने कथित तौर पर मुंबई के आर्केस्ट्रा बार मालिकों से 4.7 करोड़ रुपए वसूले थे, जिसे उन्होंने देशमुख के सहायक सचिव संजीव पलांडे को दिया और पलांडे ने नागपुर में किसी को ये पैसे दिए। बाद में उसे हवाला के जरिए दिल्ली के सुरेंद्र कुमार जैन और वीरेंद्र जैन के पास भेजा गया और उन्होंने उस पैसे को नागपुर के साईं शिक्षण संस्थान को दान कर दिया, जिसका मालिकाना हक देशमुख परिवार के पास है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का केदारनाथ दौरा हिन्दू धर्मावलम्बियों के लिए काफी महत्वपूर्ण होने जा रहा है, क्योंकि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने इसके लिए बड़ी तैयारियाँ की हैं। सभी अखाड़ों के महामंडलेश्वरों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। ठीक उसी समय भाजपा नेता देश भर के 100 मंदिरों और पवित्र स्थानों पर दर्शन करेंगे। बड़ी संख्या में साधु-संतों को आमंत्रित किया जा रहा है।
देश भर के 12 ज्योतिर्लिंगों और 87 महत्वपूर्ण मंदिरों से साधु-संतों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। शुक्रवार (5 नवंबर, 2021) को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ में होंगे, उस दौरान 2 घंटे के लिए भाजपा नेता देश के अलग-अलग मंदिरों में उपस्थिति दर्ज कराएँगे। सभी पवित्र स्थलों पर लाइव LED स्क्रीनिंग के जरिए कार्यक्रम का प्रसारण होगा। केदारनाथ में कई परियोजनाओं का अनावरण होना है। आदिगुरु शंकराचार्य का समाधि स्थल 2013 में आई आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था, जहाँ अब जीर्णोद्धार के बाद प्रतिमा का निर्माण हुआ है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्बोधन भी होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस कार्यक्रम के लिए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी कार्यक्रम में आने के लिए आमंत्रित किया है। उत्तराखंड में अगले ही वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। पवित्र चारधाम के प्रबंधन के लिए गठित किए गए देवस्थानम एक्ट के कारण भाजपा को साधु-संतों व पुजारियों के विरोध का सामना करना पड़ा है। इस दौरान पीएम मोदी केदारनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना भी करेंगे।
प्रधानमंत्री सरस्वती आस्थापथ से जुड़े कार्यों की समीक्षा करेंगे और प्रोजेक्ट की प्रगति का जायजा भी लेंगे। इसके अलावा मन्दाकिनी आस्थापथ, तीर्थ पुरोहित गृह और गरुड़ चट्टी पुल जैसी परियोजनाओं का उद्घाटन भी होने वाला है। 130 करोड़ रुपए की इन परियोजनाओं का अनावरण होगा और 180 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी। पीएम के रूप में उनका ये पाँचवाँ केदारनाथ का दौरा होगा। 6 नवंबर को केदारनाथ के कपाट भी बंद होने वाले हैं।
— Lt Col Ashok Kini H, SM, VSM ?? (@KiniColonel) October 31, 2021
जिन नए परियोजनाओं का शिलान्यास होगा, उनमें संगम घाटों का पुर्नविकास, प्राथमिक उपचार और पर्यटक सुविधा केंद्र, एडमिन ऑफिस और अस्पताल, 2 अतिथि गृह, पुलिस स्टेशन, कमांड और कंट्रोल सेंटर, मंदाकिनी आस्थापथ पंक्ति प्रबंधन, रेनशेल्टर और सरस्वती सिविक सुविधा केंद्र की इमारत शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई केदारपुरी बनाने का संकल्प लिया था। जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा केदारनाथ धाम पहुँच भी चुकी है। इसके साथ ही भाजपा अपनी उपलब्धियों को उत्तराखंड की जनता तक पहुँचाने का कार्य शुरू कर देगी।
आज गुरुवार (4 नवंबर 2021) को दीवाली का त्योहार है। इस दिन सभी हिंदू दीपोत्सव और पटाखे फोड़कर त्योहार मनाते हैं। इसी क्रम में भारतीय शतरंज खिलाड़ी ग्रैंडमास्टर रामचंद्रन रमेश ने पटाखे जलाकर हिंदू त्योहार ‘दिवाली’ के उत्सव का समर्थन किया।
उन्होंने एक ट्वीट में लिखा, “दीवाली मनाने का सही तरीका! सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ!” शतरंज के जादूगर ने अपने आवास के बाहर पटाखों की लड़ी पकड़े हुए अपनी एक तस्वीर भी साझा की थी। ऐसा करके रामचंद्रन रमेश लिबरल लाइन न मानने वाली हाई प्रोफाइल हस्तियों में से एक बन गए और हिंदू त्योहार मनाने को लेकर अडिग रहे।
हालाँकि, उनके द्वारा दीवाली का समर्थन करना लिबरल्स को अच्छा नहीं लगा। जैसा कि अपेक्षित था, वह स्यूडो ऐक्टिविस्ट, लेफ्ट लिबरल लॉबी और हिंदू त्योहारों के दौरान पर्यावरण की चिंता करने वाले पर्यावरणविदों के हमले का शिकार हो गए। ये वो लोग हैं, जिनकी सतत विकास की भावना केवल हिंदू त्योहारों से पहले ही सक्रिय होती है। इसी क्रम में एक लिबरल्स शुभ्रा गुप्ता ने दावा किया, “पहले से ही नाजुक दिल्ली के माहौल पर पटाखे और पराली जलाने से बहुत दबाव पड़ता है। पटाखों पर प्रतिबंध लगाना अधिक नियंत्रण योग्य है, हालाँकि यह स्थायी समाधान नहीं है।”
रामचंद्रन रमेश ने आईआईटी कानपुर की रिपोर्ट का हवाला दिया और बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) को प्रभावित करने वाले प्रदूषकों की शीर्ष 15 सूची में पटाखे शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा, “विज्ञान पर आधारित IIT के अध्ययन के अनुसार पटाखे प्रदूषण के शीर्ष 15 कारकों में भी नहीं हैं। लेकिन, तथ्यों को नरेटिव गढ़ने के आड़े नहीं आने दें। वास्तविक प्रदूषण पैदा करने वाले कारकों पर ध्यान केंद्रित करने वाला प्रति वर्ष एक ट्वीट वास्तविक मंशा को दिखाता है।”
रामचंद्रन रमेश के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब
जब एक अन्य उदारवादी ने शतरंज के ग्रैंडमास्टर को मूर्ख और अज्ञानी बताकर उनका मज़ाक उड़ाने की कोशिश की तो उन्होंने जवाब दिया, “5 साल की उम्र से यह मूर्खता कर रहा हूँ। धन्यवाद।”
रामचंद्रन रमेश के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब
एक अन्य उदारवादी ने रामचंद्रन रमेश को शतरंज पर ध्यान देने की सलाह दी। शतरंज के जादूगर ने जवाब देते हुए ट्रोल को कहा, “आप ऐसा कह रहे हैं मिस्टर सेक्युलर। पूरी दुनिया आपकी सेवा में है।”
रामचंद्रन रमेश के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब
दिवाली हिंदू समुदाय के लिए साल में एक बार मनाया जाने वाला उत्सव है, जहाँ लोग भगवान राम की अयोध्या वापसी का जश्न मनाने के लिए शाम को पटाखे जलाते हैं। वहीं, कई सरकारें, संगठन और अदालतें हिंदू त्योहार के खिलाफ लगातार टार्गेटेड अटैक कर रही हैं। इसे वायु प्रदूषण के पीछे का कारण बता रही हैं। हालाँकि, कम से कम ये दावे रिसर्च पर आधारित नहीं हैं और ना ही सही हैं।
उल्लेखनीय है कि 2016 में आईआईटी कानपुर के एक शोध में पाया गया था कि दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता में पटाखों का अधिक योगदान नहीं है। उक्त स्टडी के मुताबिक, कंस्ट्रक्शन साइटों की धूल प्रदूषण के लिए सर्वाधिक जिम्मेदार थी। इसके बाद गाड़ियों का प्रदूषण, खराब बुनियादी ढाँचा और सबसे बड़ा कारण पराली जलाना था। हालाँकि, इस जुलाई में पटाखों के खिलाफ प्रतिबंध के एनजीटी के आदेश के खिलाफ एक याचिका में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए अध्ययन को खारिज कर दिया था कि उन्हें यह तय करने के लिए आईआईटी कानपुर की आवश्यकता नहीं है कि पटाखों से प्रदूषण होता है।
आईआईटी कानपुर द्वारा दिल्ली के प्रदूषण के आँकड़ों के किए गए विश्लेषण में सुझाव दिया गया था कि दिवाली के कारण होने वाला प्रदूषण बेहद अल्पकालिक (24 घंटे से कम) है और दिल्ली की हवा में सालों भर मौजूद रहने वाले प्रदूषकों से कम खराब है।