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पुराने वीडियो से काट-छाँट पर सुदर्शन के एडिटर इन चीफ ने चेताया, ट्रोल्स कर रहे थे सुरेश चव्हाणके की पिटाई का दावा

सुदर्शन न्यूज के एडिटर-इन-चीफ सुरेश चव्हाणके ने एक यूट्यूब चैनल की वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए चेतावनी दी है कि वो उनकी पुरानी वीडियो को फर्जी दावों के साथ न शेयर करें, वरना उन पर कानूनी कार्रवाई होगी। इस वीडियो में दावा किया गया था कि उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया।

वीडियो को ‘ऑनलाइन न्यूज़ इंडिया’ ने शेयर करते हुए इस पर पूरा प्रोग्राम बनाया था। इसमें तमाम सोशल रिएक्शन दे देकर ये प्रमाणित करने का प्रयास हुआ है कि वाकई सुरेश चव्हाणके की पिटाई हुई है। वीडियो के होस्ट शिवम, सुदर्शन न्यूज़ को गोदी मीडिया बोलते हैं और आरोप लगाते हैं कि सुदर्शन न्यूज सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करता है और गोदी मीडिया के एंकर की हैसियत बस इतनी है कि कोई भी उन्हें मार-पीट दे।

अब बता दें कि ये वीडियो और इस वीडियो को लेकर किए गए हालिया दावे पर खुद न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ ने बात रखी। उन्होंने कहा कि ये वीडियो फर्जी है और उनके साथ ऐसा कोई प्रसंग घटित नहीं हुआ और अगर इसके बावजूद किसी ने वीडियो शेयर की तो उसकर विरुद्ध कार्रवाई होगी।

उन्होंने लिखा, “यह खबर पूर्णतः फर्जी है। वर्षों पुराने प्रदर्शन के वीडिओ को काट छाँट कर किसानों के बीच का बताकर इसे वायरल किया जा रहा है। मेरे जीवन में ऐसा कोई प्रसंग कभी नहीं घटा हैं। अभिसार शर्मा का इस चैनल पर शो है। मालिक सलमान हैं। जो भी इसे फैलाएगा उस पर क़ानूनी कार्रवाई करूँगा।”

उसी दावे के साथ अन्य वीडियो

उल्लेखनीय है कि ऑनलाइन न्यूज इंडिया द्वारा बनाया गया वीडियो अकेला नहीं है जिसमें सुरेश चव्हाणके को लेकर ऐसे दावे हैं। सोशल मीडिया पर तमाम वीडियोज ऐसे मिले हैं जिसमें बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने सुरेश चव्हाणके को पीटा। वीडियो को कॉन्ग्रेस नेता कमालुद्दीन अंसारी ने भी झूठे दावे के साथ शेयर किया है।

कब का वीडियो है?

ये वीडियो 1 नवंबर 2020 को आयोजित हुए जनता मार्च का है। इसका आह्वान निकिता तोमर की हत्या के बाद किया गया था। उस दौरान कई लोग, पत्रकार, नेता और आमजन मार्च में आए थे। उस मार्च को सुदर्शन न्यूज चीफ ने ही आयोजित किया था। इसका मकसद सिर्फ जागरुकता फैलाना था कि आखिर कैसे हिंदू लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है। उस समय भी यही वीडियो वायरल हुई थी जिसमें पुलिस सुरेश चव्हाणके को मार्च से अपने साथ ले जा रही थी। वहीं सोशल मीडिया पर लोग सवाल कर रहे थे कि आखिर दिल्ली पुलिस ने इतनी सक्रियता शाहीन बाग के समय क्यों नहीं दिखाई थी।

असम की पत्रिका में माँ दुर्गा की आपत्तिजनक तस्वीर: संपादक और फोटोग्राफर को गुवाहाटी हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

माँ दुर्गा की आपत्तिजनक तस्वीर प्रकाशित करने के मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट ने ‘नंदिनी’ पत्रिका की संपादक मैनी महंता और फोटोग्राफर यूनिक बोरा को अंतरिम जमानत दे दी है। ये दोनों गिरफ़्तारी से पहले गुवाहाटी उच्च-न्यायालय से अंतरिम राहत पाने में कामयाब रहे। आरोप है कि इन्होंने असम की पत्रिका में माँ दुर्गा की छेड़छाड़ की हुई प्रतीकात्मक तस्वीर प्रकाशित की, जिससे हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँची है।

असमी पत्रिका ‘नंदिनी’ में ये तस्वीर प्रकाशित की गई थी। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में FIR दर्ज की थी। दोनों आरोपित अग्रिम जमानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट पहुँचे, जहाँ से उन्हें राहत मिल गई। न्यायाधीश हितेश कुमार शर्मा की पीठ ने कहा कि मामला दर्ज हो गया है और सभी उपलब्ध सबूतों की जाँच होने तक और सुनवाई के लिए अगली तारीख मुकर्रर होने तक इन्हें अंतरिम जमानत प्रदान की जाती है।

‘प्रागज्योतिषपुर आईका संघ’ और के अध्यक्ष एम कैलाश और महासचिव अपन चौधरी के अलावा ‘होजई डिस्ट्रिक्ट यूथ कमिटी’ ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। कोर्ट ने इस मामले की केस डायरी तलब की थी, लेकिन पुलिस अभी इसे पेश नहीं कर पाई। कोर्ट ने जाँच अधिकारी से पूछा कि क्या FIR के आधार पर कोई केस दर्ज किया गया है या नहीं। दोनों आरोपितों को इस शर्त पर अग्रिम जमानत मिली है कि वो जाँच में सहयोग करेंगे और पुलिस उन्हें जब भी पूछताछ के लिए बुलाएगी, वो हाजिर होंगे।

साथ ही उन्हें जाँच प्रक्रिया में बाधा न पहुँचाने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करने के लिए भी कहा गया है। साथ ही उन्हें इस मामले से जुड़े ऐसी किसी भी व्यक्ति को धमकी देने या मनाने से भी मना किया गया है, जो पुलिस या अदालत के समक्ष इससे जुड़े तथ्य रखने वाले हैं। दोनों से 10,000 रुपए का बॉन्ड भी भरवाया गया। याचिककर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता एम विश्वास गुवाहाटी हाईकोर्ट में पेश हुए। इस मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर, 2021 को होगी।

स्वर्ण जड़ित होगा तेलंगाना के यदाद्री मंदिर का शिखर, RBI से 125 किलो सोना खरीदेगी सरकार: मार्च 2022 से श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

तेलंगाना सरकार ने यदाद्री में मंदिर के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 125 किलोग्राम शुद्ध सोना खरीदने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने मंगलवार (19 अक्टूबर 2021) को संवाददाताओं से कहा कि श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर में विमान गोपुरम (मंदिर का शिखर) को स्वर्ण जड़ित करने के लिए लगभग 60 से 65 करोड़ रुपए की जरूरत होगी।

यदाद्री दौरे पर पहुँचे मुख्यमंत्री केसीआर ने कहा, “आकलन के मुताबिक मंदिर को 125 किलोग्राम सोने की जरूरत है। हमने इसे पूरा करने का फैसला किया है। इसकी कीमत 60 से 65 करोड़ रुपए होगी। सरकार इस काम को करने की क्षमता रखती है। हमने भारतीय रिजर्व बैंक से सोना खरीदने का फैसला किया है। हम धन जुटाने का काम पूरा करने के बाद आरबीआई से सोना खरीदेंगे ताकि हमें शुद्ध सोना मिल सके।”

उन्होंने कहा कि पहले दानदाता के रूप में अपने परिवार की ओर से वह 1.16 किलोग्राम सोने के लिए राशि दान देंगे और इसी तरह कई मंत्री और विधायक भी इसके लिए आगे आए हैं। उन्होंने बताया कि कई दानदाता सोना दान करने का वादा लेकर आगे आए हैं। श्रममंत्री मल्ला रेड्डी खुद 1 किलो सोना और उनके निर्वाचन क्षेत्र के लोग 1 किलो सोना दान करेंगे।

वहीं नागरकुनरूल के विधायक मर्री जनार्दन रेड्डी 2 किलो सोना दान करेंगे, जबकि भास्कर राव कावेरी सीड्स की ओर से 1 किलो सोना देंगे। मंदिर को फिर से खोलने के लिए मुहूर्त को अंतिम रूप देने वाले प्रख्यात द्रष्टा चिन्ना जेयर स्वामी ने अपने पीठम से मंदिर के लिए 1 किलो सोना समर्पित किया है। सांसद रंजीत रेड्डी, एमएलसी के नवीन कुमार, शंभीपुर राजू, विधायक ए गाँधी, एम हनुमंत राव, एम कृष्ण राव और केपी मेडचल और विवेक आनंद 6 किलो सोना दान करने के लिए आगे आए हैं। ये सभी रंगारेड्डी जिले के हैं।

केसीआर ने कहा कि मंदिर के फिर से खुलने से आठ दिन पहले, चिन्ना जीयर स्वामी की देखरेख में 1,000 ऋत्विकों के साथ सुदर्शन यज्ञ किया जाएगा। चिन्ना जीयर स्वामी ने व्यक्तिगत रूप से हाथ से लिखा हुआ मुहूर्त पत्र मंदिर की कार्यकारी अधिकारी गीता को सौंपा और उसे देवता के चरण कमलों में रखने के लिए कहा। यह मंदिर 28 मार्च, 2022 को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

बता दें कि इस मंदिर के निर्माण पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री का विशेष फोकस है। इस मंदिर को लेकर सीएम की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यदाद्री भुवनगिरि जिले में लॉकडाउन के दौरान भी मंदिर को भव्य रूप दिए जाने का काम होता रहा। इस मंदिर की कुल लागत करीब 1200 करोड़ बताई जा रही है। पुनर्निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जा रहा है।

कहा जाता है कि आंध्र प्रदेश से अलग होने के बाद तेलंगाना में तिरुपति जैसा कोई मंदिर नहीं है। यही कारण है कि राज्य सरकार इसे ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में पूरा कर रही है। इस मंदिर से बड़ी संख्या में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीदें जाहिर की गई है।

बाढ़-भूस्खलन से उत्तराखंड में 46 और केरल में 37 लोगों की मौत CM धामी ने कहा- स्थिति गंभीर, मृतकों के परिजनों को ₹4 लाख की सहायता

भारी बारिश की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण उत्तराखंड और केरल में स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ और भूस्खलन से उत्तराखंड में अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कम-से-कम 11 लोग लापता और सैकड़ों लोग पलायन के लिए मजबूर हुए हैं। वहीं, केरल में मृतकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। बाढ़ और भूस्खलन से अकेले दक्षिण केरल में 27 लोगों की मौत हुई है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊँ का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। कुमाऊँ राज्य के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि राज्य भर में ‘भारी क्षति’ हुई है और सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगेगा। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों के लिए प्रत्येक जिलाधिकारी को 10-10 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके पहले धामी ने मृतकों को परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।

उत्तराखंड के गोमुख ट्रेक में फँसे करीब 25 से 30 ट्रेकर्स को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों ने सोमवार को देर रात बचाया था। वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 300 से अधिक लोगों को बचाया है। एनडीआरएफ ने राज्य में 15 टीमों को तैनात किया है। उधमसिंह नगर में छह टीमें, उत्तरकाशी, चमोली में दो-दो टीमें और देहरादून, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में एक-एक टीम तैनात हैं।

वहीं, केरल सरकार ने राज्य के पूर्वी पहाड़ियों में भूस्खलन के आशंका के चलते इलाके के लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने नदी घाटियों और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा वर्षा की संभावना पर रेड अलर्ट, 6 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना पर ऑरेंज अलर्ट और 6 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना पर येलो अलर्ट जारी किया जाता है।

लाउडस्पीकर से ऐलान- घर से बाहर न निकलें: जम्मू-कश्मीर में सेना का फाइनल एक्शन शुरू, लाल चौक पर महिला जवान

जम्मू-कश्मीर में टारगेट किलिंग के बाद आतंकवादियों के खिलाफ सेना का ऑपरेशन महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। पुंछ जिले के मेंढर में मस्जिदों की लाउडस्पीकर से ऐलान कर लोगों से घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। इस इलाके में सेना का अभियान शुरू हुए नौ दिन हो चुके हैं। इस ऐलान का मकसद आम नागरिकों की सुरक्षा और आतंकवादियों को उनकी आड़ लेकर भागने से रोकना है।

जिस इलाके में सेना ऑपरेशन चला रही है वह पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा है। कार्रवाई के दौरान नौ जवान बलिदान हो चुके हैं। पूरे इलाके की सेना ने घेराबंदी कर रखी है। निगरानी के लिए पैरा कमांडो, ड्रोन, हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं।

यह खबर आर्मी चीफ एमएम नरवणे के जम्मू-कश्मीर का दो दिवसीय दौरा समाप्त कर दिल्ली लौटने के बाद सामने आई है। सेना के जवानों ने मंगलवार शाम पुंछ जिले की मेंढर तहसील के भट्टा दुरियन के जंगलों में छिपे संदिग्ध आतंकवादियों पर अंतिम हमले की तैयारी शुरू की। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी इस बात की जानकारी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीणों ने कहा है कि मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से की गई अपील में कहा गया कि वे जो भी काम कर रहे हैं उसे छोड़ दें और अपने बच्चों तथा मवेशियों के साथ तुरंत अपने घरों को लौट जाएँ। भट्टा दुरियन और आसपास के इलाकों में स्थानीय मस्जिदों से ये ऐलान किए गए हैं।

सूत्रों ने कहा कि सैनिक जंगलों के अंदर आगे बढ़ रहे हैं। 11 अक्टूबर से पुंछ जिले के जंगलों में सेना द्वारा शुरू किए गए एंटी टेरर ऑपरेशन में आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में दो जूनियर कमीशंड अधिकारियों (जेसीओ) सहित नौ सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं।

इस बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर में सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपे आतंकवादियों को रसद सहायता प्रदान करने के संदेह में पाँच और लोगों को हिरासत में लिया है। इससे पहले रविवार को तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसी के साथ सुरक्षाबलों द्वारा अब तक कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है।

CRPF की महिला सुरक्षाकर्मी तैनात

जम्मू-कश्मीर में गैर-कश्मीरियों की टारगेट किलिंग के बाद केंद्र सरकार ने आतंक को रोकने के लिए पहली बार केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की महिला जवानों की तैनाती की है। रिपोर्ट के मुताबिक बीते 30 साल में ऐसा पहली बार हुआ है जब श्रीनगर के लाल चौक में CRPF की महिला टुकड़ी को तैनात किया गया है।

इन महिला जवानों ने लाल चौक पर महिलाओं की तलाशी भी ली। आम तौर पर महिलाओं ने इसका विरोध नहीं किया, लेकिन कुछ महिलाओं ने सार्वजनिक तौर पर तलाशी लिए जाने का विरोध भी किया।

घर से 300 मीटर दूर थी 23 साल की लड़की, चाकू से गोदकर हत्या: CCTV में कैद हुई वारदात, दिल्ली की घटना

देश की राजधानी दिल्ली में एकतरफा प्यार में एक 23 साल की लड़की का चाकू से गोदकर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। घटना उत्तम नगर इलाके की है। आरोपित लड़की द्वारा बार-बार उसके प्रपोजल को ठुकराए जाने से नाराज था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना सोमवार (18 अक्टूबर 2021) की है। लड़की अपने एक दोस्त की बर्थ डे पार्टी में शामिल होने के लिए सोमवार रात के 11 बजे घर से निकली। लेकिन, कुछ घंटों बाद ही उसे खाने की डिलिवरी करने वाले एक शख्स ने ओम विहार में जख्मी हालत में देखा। यह जगह लड़की के घर से करीब 300 सौ मीटर दूर है। इस घटना का वीडियो सीसीटीवी में भी रिकॉर्ड हो गया है। उसे कई बार चाकू से गोदा गया। गिरफ्तार तीनों आरोपितों की पहचान अंकित गाबा, मनीष और हिंमांशु के तौर पर हुई है।

मृतक लड़की डॉली बब्बर एक फ्रीलांस इवेंट ऑर्गनाइजर के तौर पर काम कर रही थी। पुलिस का कहना है कि उन्हें रात 1:20 पर पश्चिमी दिल्ली में उत्तम नगर के पास ओम विहार स्थित मटियाला रोड पर हुई घटना के बारे में फोन आया था। पुलिस अधिकारी जब मौके पर पहुँचे तो उन्होंने देखा कि लड़की खून से लथपथ तड़प रही थी। वहीं पास में ही चाकू भी पड़ा था।

डॉली के छोटे भाई लक्ष्य का कहना है कि उसे उसकी दीदी के ब्वॉयफ्रेंड ने उसे फोन किया था कि अंकित गाबा ने डॉली के सिर पर बंदूक तान रखी है और उसे धमकियाँ दे रहा है। इसके बाद डॉली का फोन बंद हो गया। बाद में पुलिसवालों ने घर पहुँचकर बताया कि उसकी बहन पर हमला हुआ है और उसके हाथों, गर्दन, छाती और पीठ से लगातार खून बह रहा है।

लक्ष्य ने बताया कि 25 साल का अंकित गाबा बीते कई साल से उसकी बहन का पीछा कर रहा था। ठीक यही बात डॉली की कजिन संजना ने भी कही है। लक्ष्य के मुताबिक, वह पाँच साल पहले अंकित गाबा की छोटी बहन के साथ रिलेशन में था तो ये भी हत्या की एक वजह हो सकती है। मृतक लड़की डॉली की माँ ने उसे मजबूत और ब्राइट गर्ल बताया और कहा कि वो घर की भी देखभाल करती थी। पड़ोसियों का कहना है कि कई लोगों ने डॉली पर हमला होता हुआ देखा है, लेकिन डर से कोई उसे बचाने नहीं आया।

इस घटना को लेकर द्वारका के डीसीपी शंकर चौधरी ने कहा है कि प्रथम दृष्टया पता चला कि मृतक और हमलावरों के बीच दोस्ती थी जो किसी कारण से टूट गई। इससे गुस्साए आरोपित ने कुछ कॉमन फ्रेंड्स के जरिए मिलने के लिए बुलाया और फिर इस हरकत को अंजाम दिया। आगे की जाँच का जा रही है।

PM ने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, कहा- भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर महापरिनिर्वाण तक की यात्रा से दुनिया जुड़ गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (20 अक्टूबर) को उत्तर प्रदेश के तीसरे और सबसे लंबे रनवे वाले अतंर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे का कुशीनगर में उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, श्रीलंका के खेल मंत्री नमल राजपक्षा और श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे के अलावा बौद्ध धर्म मानने वाले 10-15 देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कुशीनगर के महापरिनिर्वाण मंदिर में ‘अभिधम्म दिवस’ के अवसर पर पहुँचकर भगवान बुद्ध के दर्शन भी किए। कुशीनगर में महापरिनिर्वाण मंदिर को वह स्थान कहा जाता है जहां बुद्ध ने अपने नश्वर अवशेषों को छोड़ दिया और मोक्ष या स्थायी आनंद की सर्वोच्च अवस्था प्राप्त की। इसलिए इस मंदिर को बौद्धों के सबसे पवित्र मंदिरों में से एक माना जाता है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुशीनगर एयरपोर्ट बनने से किसानों, दुकानदारों, उद्यमियों को लाभ मिलेगा। पीएम ने कहा, “भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों को विकसित करने के लिए, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के निर्माण पर भारत द्वारा आज विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुशीनगर का विकास, यूपी सरकार और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत विश्व भर के बौद्ध समाज की श्रद्धा व आस्था का केंद्र है। आज कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ये सुविधा उनकी श्रद्धा को अर्पित पुष्पांजलि है। भगवान बुद्ध के ज्ञान से लेकर महापरिनिर्वाण तक की संपूर्ण यात्रा का साक्षी ये क्षेत्र आज सीधे दुनिया से जुड़ गया है।”

इस अवसर पर श्रीलंका के खेल मंत्री नमल राजपक्षा ने भारत से सबसे बड़े उपहार के रूप में श्रीलंका को बौद्ध धर्म मिला है। हिंदू और बौद्ध सह-अस्तित्व में विश्वास करते हैं और यह गहरे रिश्ते को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा, “कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शानदार पहल है।” उन्होंने श्रीलंकन एयरलाइंस को कुशीनगर एयरपोर्ट पर पहले अंतर्राष्ट्रीय एयरलाइंस के रूप में आमंत्रित करने पर भी खुशी जाहिर की।

पीएम मोदी ने कहा कि उड़ान योजना के तहत बीते कुछ सालों में 900 से अधिक नए हवाई मार्गों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें से 350 से अधिक पर हवाई सेवा शुरू भी हो चुकी है। 50 से अधिक नए एयरपोर्ट या जो पहले सेवा में नहीं थे, उनको चालू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वाराणसी, लखनऊ, कुशीनगर के बाद जेवर एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा।

वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय प्रधानमंत्री का का कुशीनगर की धरती पर स्वागत है। आज शरद पूर्णिमा का शुभ दिन है और वाल्मीकि जयंती भी है। ऐसे में आज के दिन पूर्वी यूपी को उड़ान की सौगात मिल रही है। पूर्वी यूपी में विकास की धारा बह रही है। 

रिपोर्टों के अनुसार, 1898 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुरातत्वविदों ने कुशीनगर से 160 किमी दूर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के पिपराहवा में ब्रिटिश जमींदार विलियम क्लैक्सटन पेप्पे के क्षेत्र के एक बड़े टीले की खुदाई की थी। खुदाई से एक बड़ा पत्थर का बक्सा में कुछ ताबूत मिले थे। एक ताबूत पर लिखा है कि बुद्ध के अवशेषों को जमा करने का यह नेक काम शाक्य के भाइयों, बहनों और बच्चों द्वारा किया गया था।

एक अधिकारी ने बताया कि इन अवशेषों को वास्तविक (हड्डी के टुकड़े, राख, बुद्ध के गहनों के टुकड़े) के रूप में स्वीकार किया जाता है। इस स्तूप से प्राप्त बुद्ध अवशेषों को दो देशों- थाईलैंड और बर्मा के राजाओं को कई भागों में भेजा गया था, जबकि तीसरा हिस्सा श्रीलंका के वास्काडुवा मंदिर के श्री सुभूति महानायके थेरो को दिया गया, जिन्होंने एएसआई टीम की मदद की थी।

इस आयोजन के लिए लकड़ी के स्टैंड पर लगे ताबूत में रखे क्रिस्टल बॉल में बंद तीन छोटे कमल में सुसज्जित अवशेषों का एक हिस्सा सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए विशेष रूप से कुशीनगर लाया जा रहा है। श्रीलंका से आने वाले प्रतिनिधिमंडल में वास्काडुवा मंदिर के भिक्षु भी शामिल हैं।

70000 मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर का वॉल्यूम कम, ताकि लोग न हो चिड़चिड़े: जहाँ सबसे ज्यादा मुस्लिम वहीं अभियान

मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर अक्सर स्थानीय लोगों के लिए परेशानी खड़ी करते हैं। ऐसे में बात जब इंडोनेशिया जैसे देश की हो जहाँ विश्व के सबसे ज्यादा मुस्लिम रहते हैं और पूरे देश में 750,000 मस्जिदें हैं तो सोचिए वहाँ हाल कैसा होगा। हाल में एक रीना (बदला हुआ नाम) नाम की महिला ने इसे लेकर मीडिया से खुलकर बात की। उसने बताया कि कैसे मस्जिदों में 5 दफा लाउडस्पीकर बजने के कारण उसे बीमारियों ने घेर लिया है। लेकिन बहुत चाहने के बाद भी वो कुछ नहीं कर पाती। उसे डर है की उसे जेल में डाल दिया जाएगा। जैसा ईशनिंदा के अन्य आरोपितों के साथ होता है।

इंडोनेशिया की रीना ने अपनी पहचान छिपाते हुए एएफपी एजेंसी को बताया कि उन्हें लाउडस्पीकरों से आने वाली आवाज के कारण रात में नींद नहीं आती और इसकी वजह से उन्हें एंजाइटी डिसॉर्डर हो गया है। वह कहती हैं कि तबीयत खराब होने के बावजूद इंडोनेशिया में कुछ नहीं बोल पाती थीं क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं उन्हें जेल न जाना पड़ जाए। लाउडस्पीकर नमाज से 30-40 मिनट पहले बजने शुरू हो जाते हैं ताकि लोग जग जाएँ। 

उनके मुताबिक 6 महीने तक शोर झेलने के बाद अब वह आगे कुछ सहने की स्थिति में नहीं हैं। उनके लिए रातों में होने वाला ये खलल स्वास्थ्य के लिहाज से हानिकारक है। वह कहती हैं, “मुझे नींद नहीं आती है और हमेशा जागने के बाद मुझे एंजाइटी होने लगी है। अब मैं कोशिश करती हूँ कि जितना हो सके खुद को थकाऊँ ताकि शोर में भी सो सकूँ।”

जानकारी के मुताबिक पूरे इंडोनेशिया में कम से कम साढ़े 7 लाख मस्जिद हैं। एक मध्यम आकार वाले स्थान पर भी कम से कम दर्जनों लाउडस्पीकर लगते हैं, जहाँ 5 दफा नमाज  पढ़ी जा रही है। साल 2018 में ऐसे ही लाउडस्पीकर्स से तंग आकर बौद्ध महिला ने आवाज उठाई थी। उसने कहा था कि अजान से उसके कानों में दर्द होता है। इस शिकायत के बाद उन पर ईशनिंदा का आरोप लगा था और उन्हें जेल हो गई थी।

ऐसे तमाम मामलों को देखते हुए रीना जैसे कई लोग बिलकुल चुप थे। लेकिन अभी हाल में इसी संबंध में इंडोनेशिया मस्जिद काउंसिल को कुछ ऑनलाइन शिकायतें मिली जिसके बाद वहाँ के कर्मचारियों ने जकारता के मस्जिद की लाउडस्पीकर की आवाज को अडजस्ट करना शुरू किया ताकि लोगों को अजान की आवाज शोर न लगे। इंडोनेशियाई मस्जिद परिषद के अध्यक्ष जुसुफ कल्ला ने कहा कि उनका अनुमान है कि देश की लगभग आधी मस्जिदों में खराब आवाज आई, जिसने शोर की समस्या को बढ़ाया।

आईएमसी के ध्वनिकी कार्यक्रम समन्वयक अजीज मुस्लिम ने बताया, “वॉल्यूम को हाई सेट किया जाता है ताकि नमाज के समय ज्यादा से ज्यादा लोग उसे सुन सकें क्योंकि इसे इस्लाम में महानता का प्रतीक मानते हैं।” अब संगठन कोशिश कर रहा है कि वो जगह जगह जाएँ और शोर होने के कारण जो समुदाय की परेशानी है उसे साउंड सिस्टम रिपेयर करके ठीक करें और प्रशिक्षण दें कि ऐसा फिर न हो। 7000 टेक्निशियन इस प्रोजेक्ट के लिए काम कर रहे हैं और 70 हजार मस्जिदों में स्पीकरों का ऑडियो ठीक किया जा चुका है। 

हालाँकि ये कार्यक्रम अनिवार्य नहीं है, लेकिन जकारता के अल-इहकवान मस्जिद के अध्यक्ष अहमद तौफिक ने इसे करवाया क्योंकि वह सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित करना चाहते थे। वह कहते हैं आवाज अब सॉफ्ट हो गई है इससे लोगों को दिक्कत नहीं होगी। 

बता दें कि विश्व की सबसे बड़ी मुस्लिम बहुल देश में ये परेशानी पहली बार नहीं सामने आई है। न जाने कितनी बार आवाज उठाने के कारण लोगों को ईशनिंदा का आरोप झेलना पड़ा। लोगों को सोशल मीडिया पर माफी माँगनी पड़ी। यही सब देखते हुए रीना ने इस मामले में शिकायत न करने की ठानी है। वो कहती हैं कि शिकायत करने का मतलब अपने लिए परेशानी खड़ी करना है। उनके मुताबिक, “मेरे पास ऐसे जीने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। वरना मुझे अपना घर बेचना पड़ेगा।”

बॉलीवुड हीरोइन से नशे की बात करता था आर्यन खान, रिपोर्ट में दावा: जावेद अख्तर बोले- हाई प्रोफाइल होने की कीमत चुकानी पड़ रही

ड्रग्स केस में गिरफ्तार बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन की जमानत पर कोर्ट आज (20 अक्टूबर 2021) फैसला सुनाने वाली है। उससे पहले मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को ऐसे चैट हाथ लगे हैं, जिसमें आर्यन एक बॉलीवुड हीरोइन के साथ नशे की बात कर रहे हैं। इस बीच गीतकार जावेद अख्तर ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि बॉलीवुड को हाई प्रोफाइल होने की कीमत चुकानी पड़ रही है।

आर्यन खान अभी मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। रिपोर्ट के अनुसार एनसीबी को बॉलीवुड की एक उभरती हीरोइन के साथ आर्यन खान की चैट मिली है। इसमें नशे को लेकर बात हो रही है। एजेंसी ने अदालत को जो चैट सौंपे है उसमें यह भी शामिल है। इसके अलावा ड्रग पेडलर के साथ आर्यन के चैट भी अदालत के सामने पेश किए गए थे।

इधर जावेद अख्तर ने कहा है, “हाई प्रोफाइल होने की कीमत बॉलीवुड को चुकानी पड़ रही है। जब आप हाई प्रोफाइल होते हैं तो किसी आप पर पत्थर फेंकने में, कीचड़ उछालने में सबको मजा आता है। आप कुछ भी नहीं हैं तो पत्थर फेंकने में किसको मजा आएगा?”

मुंबई में एक किताब की लॉन्चिंग के मौके पर उन्होंने यह बात कही। जावेद अख्तर ने कहा कि एक बंदरगाह पर $ 1 बिलियन डॉलर की कोकीन पकड़ी गई। लेकिन कहीं भी उसकी हेडलाइन तक नहीं छपी। कहीं किसी कोने में एक छोटी सी न्यूज कभी छप जाती है। लेकिन 1200 लोगों के बीच 1.3 लाख रुपए के चरस या गाँजा की बरामदगी राष्ट्रीय न्यूज बन गई है।

उन्होंने कहा, “यह वह कीमत है जो फिल्म उद्योग को हाई प्रोफाइल होने के लिए चुकानी पड़ती है।” आर्यन खान का सपोर्ट अब तक शुनील शेट्टी, फराह खान, हंसल मेहता, सलमान खान और जॉनी लीवर समेत कई लोग कर चुके हैं। फिलहाल बुधवार (20 अक्टूबर 2021) को सेशंस कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।

गौरतलब है कि आर्यन खान को इसी महीने एक क्रूज में पार्टी के दौरान ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार किया गया था। वैसे यह कोई पहली बार नहीं है जब ड्रग्स के मामले में जावेद अख्तर ने बॉलीवुड का बचाव किया है। इससे पहले जब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद ड्रग्स का एँगल सामने आया था तब भी उन्होंने इसी तरह की प्रतिक्रिया दी थी।

जिसके पास मिली थी करीना कपूर की नाम वाली गाड़ी, उसने एडमिशन के नाम पर नाबालिग का किया शोषण: गर्भवती भी हो गई

कई लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार हो चुके फर्जी एंटीक डीलर मोनसन मावुंकल पर सोमवार (18 अक्टूबर) को यौन शोषण के एक मामले में पॉक्सो (POCSO) ऐक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अभियोग मोनसन के कॉस्मेटिक सेंटर के एक कर्मचारी की बेटी द्वारा 18 अक्टूबर को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर लगाया गया है।

पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में लड़की ने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा में मदद करने के बहाने 2019 से उसका कई बार यौन शोषण किया गया। इसके कारण वह गर्भवती भी हो चुकी है। जब पीड़िता का यौन शोषण हुआ, तब वह नाबालिग थी। पीड़िता और उसकी माँ ने एर्नाकुलम नॉर्थ थाने में शिकायत दी है।

‘द न्यूज मिनट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोनसन के खिलाफ 6 मामलों की जाँच क्राइम ब्रांच कर रही है, इसलिए इस मामले को भी उसे सौंपा जा सकता है। मोनसन फिलहाल उसके खिलाफ अन्य मामलों में रिमांड पर है।

शिकायत में पीड़िता ने कहा कि मोनसन ने उसे कॉलेज में प्रवेश दिलाने में मदद करने का वादा किया था। इसके बाद आरोपी उसका यौन शोषण करने लगा। पीड़िता उस समय सिर्फ 17 साल की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी एर्नाकुलम के कलूर स्थित घर लेकर कई बार उसका यौन शोषण कर चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध होने के कारण पीड़िता शिकायत देने में डर रही थी। हालाँकि, धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तारी होने के बाद पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत की। पुलिस को आशंका है कि मोनसन गरीब पृष्ठभूमि के दूसरी छात्राओं को भी ऐसे ही वादे कर उनका शोषण करता होगा।

मोनसन ने कोच्चि में फर्जी एंटीक वाला एक संग्रहालय बनाया था और लोगों के साथ हेराफेरी करता था। इस आरोप में केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 26 सितंबर को उसे गिरफ्तार किया था। मोनसन के संग्रहालय का दौरा पूर्व पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज अब्राहम, राजनीतिक नेताओं, अभिनेताओं सहित कई प्रभावशाली लोगों ने किया था। उस पर आरोप है कि वो प्राचीन वस्तुओं की आड़ में लोकल चीजों का प्रदर्शन करता था।

गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान के नाम पर रजिस्टर एक कार मोनसन के पास मिली है। यह कार 2007 मॉडल पोर्शे बॉक्सस्टर है। कार की रजिस्ट्री में एड्रेस और पिता का नाम भी लिखा हुआ है और ये जानकारी भी करीना से जुड़ी हुई ही है। कार के रजिस्टर्ड डॉक्यूमेंट्स को चेक किया जहाँ पिता के नाम पर रणधीर कपूर का नाम लिखा है। मुंबई के पते में हिल रोड, बांद्रा लिखा गया है। अब ये बात स्पष्ट नहीं है कि रजिस्ट्री में नाम बदले बिना मोनसन ने कैसे वाहन की कस्टडी ली।

करीना के नाम वाली कार के अलावा मोनसन मावुंकल नामक डीलर के पास से 20 अन्य लग्जरी गाड़ी भी मिली थी। मोनसन का दावा है कि उसके पास यहूदा के 30 चांदी पीस हैं। इसके अलावा टीपू सुल्तान के शाही सिंहासन से जुड़ा कुछ है। वह बताता है कि भारतीय रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम नियमों के कारण उसके विदेशी बैंक खाते में 2.6 लाख करोड़ रुपए फँस गए हैं।