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दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित मंदिर को तोड़ेगी केजरीवाल सरकार: कोर्ट को बताया अतिक्रमण के खिलाफ कल चलेगा अभियान

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार दक्षिणी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित एक मंदिर को तोड़ेगी। इसके लिए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को जानकारी दी है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, सोमवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने अदालत में यह दलील उस याचिका पर दी है, जिसमें एक संपत्ति के सामने हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की माँग की गई थी। याचिकाकर्ता की माँग पर जस्टिस रेखा पल्ली ने संपत्ति के मालिक की तरफ से नोटिस जारी कर हौज खास डीसीपी से इस मामले में जवाब माँगा था। अदालत में अधिकारियों से हालात को लेकर एक रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मामले की सुनवाई को 8 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया है।

अपनी याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोरोना पीरियड में किसी ने अवैध तरीके से एक मंदिर का निर्माण कर लिया था। उक्त मंदिर याचिकाकर्ता की संपत्ति के ठीक सामने स्थित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मंदिर होने का फायदा उठाते हुए लोग वहाँ पर इकट्ठे होते हैं और जुँआ खेलते हैं।

दिल्ली सरकार और डीसीपी दक्षिण दिल्ली की ओर से एडवोकेट अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत हैं और वो 4 अक्टूबर को ही इस ढाँचे को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वकील ने दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को आश्वस्त किया है कि मंदिर को ध्वस्त किए जाने के दौरान पुलिस की जरूरत होगी और दिल्ली पुलिस पीडब्ल्यूडी का सहयोग करेगी।

इसके साथ ही अदालत ने अवैध रूप से मंदिर बनाने वाले को भी नोटिस जारी किया है। हालाँकि, याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को ही यह नहीं पता है कि वह निर्माण किसने करवाया था।

इससे पहले भी तोड़े गए थे मंदिर

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के चाँदनी चौक में पुनर्विकास परियोजना के तहत इसी साल जनवरी में बजरंग बली के मंदिर को तोड़ दिया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी में जमकर बहस हुई थी।

अदालत ने SRK के बेटे आर्यन खान को 1 दिन की NCB कस्टडी में भेजा, वकील ने कहा – ‘उन्हें आयोजकों ने बुलाया था’

रेव पार्टी और ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आर्यन खान को अदालत ने एक दिन के लिए NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की कस्टडी में भेज दिया है। उनकी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानशिंदे एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) आरके राजेभोसले की अदालत में सुनवाई के दौरान पेश हुए। NCB की तरफ से वकील अद्वैत सेठना ने पैरवी की। अजय मर्चेंट और मुनमुम धामेचा को भी कोर्ट में पेश किया गया। वो भी कस्टडी में रहेंगे।

FIR की कॉपी में बताया गया है कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन के पास से 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम MD(Mephedrone) 21 ग्राम चरस, MDMA (Ecstasy) की 22 गोलियाँ और 1.13 लाख रुपए बरामद हुए हैं। NCB ने अदालत को बताया कि पूरे एक दिन की छापेमारी के बाद ये चीजें जब्त की गई हैं। व्हाट्सएप चैट्स के माध्यम से ड्रग सप्लायर्स और पेडलर्स का नेटवर्क काम कर रहा था।

NCB ने तीनों आरोपितों को 5 अक्टूबर तक रिमांड में लेने की माँग की थी। NCB ने माना कि ये अपराध जमात योग्य भी है। वहीं सतीश मानशिंदे ने अपनी दलील में कहा कि आर्यन खान को एक दिन के लिए कस्टडी में लिया जाए और जो जाँच करनी है उस एक दिन में किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल न ड्रग लिए हुए और न उसे रखे हुए पाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के आयोजनों ने उन्हें बुलाया था और उनके पास से कोई आपत्तिजनक चीजें नहीं मिली हैं।

सतीश मानशिंदे ने कहा कि न तो आर्यन खान के मोबाइल में कुछ मिला है और न ही उनके पास बोर्डिंग पास था। उन्होंने कहा कि NCB व प्रशासन ने उनके मुवक्किल के साथ अच्छा व्यवहार किया है, इसीलिए उन्हें एक दिन की कस्टडी से कोई आपत्ति नहीं। उन्होंने कहा कि वो आज भी जमानत याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन फिर NCB रिप्लाई के लिए समय लेगी और इसीलिए ये ठीक नहीं होगा।

कॉन्ग्रेस ने यूपी पुलिस व सीएम योगी को बदनाम करने के लिए शेयर किया राजस्थान का वीडियो, करा ली अपनी ही सरकार की फजीहत

कॉन्ग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सरकार व पुलिस को बदनाम करने के लिए एक वीडियो शेयर किया, लेकिन उसकी ही पोल खुल गई। आइए, जानते हैं कि मामला क्या है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस के कुछ जवान ऑटो में बैठ कर जा रहे हैं। आगे सड़क पर पानी लबालब भरा होता है और ऑटो पलट जाता है। पुलिस वाले ऑटो को पानी से निकालने की कोशिश करते हैं। इधर बाइक से लोग आते-जाते रहते हैं।

इस दौरान पुलिस वाले आसपास से जा रहे लोगों को मदद के लिए भी बुलाते हैं, ताकि पानी में पलटे हुए ऑटो को उठाया जा सके। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि एक पुलिसकर्मी वीडियो बनाने पर भी आपत्ति जताता है। इसी वीडियो को शेयर करते हुए ‘पश्चिमी उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस सेवादल’ ने लिखा, “आज तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के ‘विकास’ में उत्तर प्रदेश पुलिस डूब ही जाती। बाल बाल बचे!”

इसी तरह कॉन्ग्रेस की ‘INC TV’ ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के ‘विकास’ की सड़क पर स्टंट करती यूपी पुलिस!” हालाँकि, ‘यूपी पुलिस फैक्ट-चेक’ ने कॉन्ग्रेस की पोल खोलते हुए बताया, “वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश से न होकर, जनपद दौसा, राजस्थान से संबंधित है। कृपया बिना सत्यापन के भ्रामक पोस्ट कर अफवाह न फैलाएँ।” इसके बाद लोगों ने कॉन्ग्रेस पार्टी की झूठ फैलाने के लिए क्लास लगाई।

अब आपको बताते हैं कि ये वीडियो कब का है। दरअसल, ये वीडियो राजस्थान स्थित दौसा जिले के बांदीकुई कस्बे का है। ये मामला 2-3 दिन पहले का है। सड़क पर पानी भरने के लिए कारण ये पुलिसकर्मी हादसे में बाल-बाल बचे। ‘आगरा फाटक’ के पास एक गड्ढे में ये हादसा हुआ। ‘दैनिक भास्कर’ ने अपनी खबर में बताया है कि गड्ढे में भरे पानी को ड्राइवर देख नहीं पाया, जिससे 5 पुलिसकर्मी गिर गए।

इसी खबर में जानकारी दी गई है कि बांदीकुई में 40 मिनट तक तेज बारिश होने की वजह से शहर की सड़कें लबालब हो गईं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। बारिश के कारण शहर के सिकंदरा रोड पर पानी भर जाने से जाम लगा था। आधे घंटे तक लोग जाम में फँसे रहे। बता दें कि राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की ही सरकार है। इस तरह कॉन्ग्रेस ने सीएम योगी और पुलिस पुलिस को बदनाम करने के चक्कर में अपनी ही फजीहत करवा ली।

‘लालू ने आडवाणी जैसे नेता को गिरफ्तार करवाया है, उन्हें कोई कैसे बंधक बना सकता है’: तेजस्वी का तेज प्रताप पर पलटवार

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में सत्ता को लेकर एक नया संघर्ष शुरू हो गया है। उनके दोनों बेटे तेज प्रताप और तेजस्वी यादव आमने-सामने आ गए हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप यादव के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

दरअसल, लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को अपने छोटे भाई तेजस्वी पर परोक्ष रूप से हमला बोला था। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी के कुछ लोगों ने उनके पिता (सजायाफ्ता अपराधी लालू यादव) को दिल्ली में बंधक बनाकर रखा हुआ है। वो पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का सपना देख रहे हैं। तेज प्रताप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके छोटे भाई व बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि ये सभी आरोप निराधार हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान रविवार (3 अक्टूबर 2021) को तेजस्वी यादव ने कहा कि लालू यादव का व्यक्तित्व इतना बड़ा है कि उन्हें बंधक बनाने की बात बहुत छोटी है। उन्होंने कहा, ”लालू प्रसाद यादव लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और देश के रेल मंत्री रहे हैं। जब लालू जी ने लाल कृष्ण आडवाणी जैसे नेता को गिरफ्तार करने जैसा काम किया है, तो ऐसे में उन्हें कोई कैसे बंधक बना सकता है। लालू प्रसाद यादव की देश में शान और बिहार में बड़ी पहचान है।”

गौरतलब है कि बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को दिए अपने एक बयान में राष्ट्रीय जनता दल और अपने परिवार की आंतरिक स्थिति को उजागर कर दिया था। तेज प्रताप ने पटना में अपने नवगठित संगठन छात्र जनशक्ति परिषद की आयोजित कार्यशाला में कहा था कि उनके पिता को जेल से बाहर आए साल भर का समय हो चुका है, मगर उनको अभी तक दिल्ली में ही रखा गया है। इस दौरान तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और बिहार राजद अध्यक्ष जगदानंद सिंह का नाम लिए बगैर कहा था कि सब जानते हैं कि वे लोग कौन हैं, जिन्होंने उनके पिता को बंधक बना रखा है। तेज प्रताप का जगदानंद सिंह के साथ झगड़ा होने की खबरें भी सामने आई थीं, बाद में उन्होंने आकाश यादव को पार्टी की युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा दिया था।

डिप्टी सीएम के कार्यक्रम से पहले लखीमपुर में बवाल: भाजपा नेताओं को गाड़ी से निकालकर पीटा, भारी पुलिस बल तैनात; दो की मौत

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को किसानों ने जमकर बवाल काटा। किसानों ने उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए तिकोनिया में बनाए गए हेलीपैड को अपने कब्जे में ले लिया। तिकोनिया चौराहे से गुजरते वक्त काले झंडे दिखा रहे किसानों पर केंद्रीय मंत्री के बेटे अभिषेक मिश्रा ‘मोनू’ ने कार चढ़ा दी, जिसके बाद प्रदर्शन उग्र हो गया।

उग्र हुए किसानों ने वहाँ तोड़-फोड़ शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने मोनू की गाड़ी सहित दो गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। किसानों ने भाजपा नेताओं को गाड़ियों से बाहर खींचकर उनके साथ जमकर मारपीट की। किसानों के आक्रोश को देखते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रास्ते से ही वापस लौट गए। बता दें कि उप-मुख्यमंत्री जिले को 117 करोड़ रुपए की सौगात देने के लिए आए थे और उन्होंने 165 परियोजनाओं की शुरुआत की।

इस बवाल की सूचना मिलते ही पहुँची पुलिस की टीमों ने किसानों को गन्ने के खेतों में खदेड़ दिया। स्थिति को पूरी तरह से कंट्रोल करने के लिए अतिरिक्त बलों को भी मंगाया गया है।

किसानों ने हेलीपैड पर किया कब्जा

रिपोर्ट के मुताबिक, लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में बनाए गए हेलीपैड को किसानों ने सुबह से ही घेर लिया था। हालात को देखते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य सड़क के रास्ते लखीमपुर खीरी पहुँचे। इस बीच प्रदर्शनकारी किसानों ने वहाँ पर डिप्टी सीएम के स्वागत में लगाए गए होर्डिंग को उखाड़ कर फेंक दिया।

तीन किसानों की मौत का दावा

भारतीय किसान यूनियन ने दावा किया है कि कार चढ़ाने से 3 किसानों की मौत हुई है और 8 घायल हुए हैं। गौरतलब है कि किसान संगठन केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री के ड्राइवर की मौत

इस बीच पीयूष तिवारी नाम के यूजर द्वारा शेयर किए गए वीडियो में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी ने बताया है कि डिप्टी सीएम को रिसीव करने के लिए जो गाड़ी जा रही थी उसमें उनका ड्राइवर भी था और किसी ने पत्थर मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

कुरान बाँटने से इनकार करने वाली ऋचा भारती ने पिता के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए CM नीतीश को लिखा पत्र, कहा- ‘DSP मो. नोमानी नहीं कर रहे न्याय’

राँची के एक कोर्ट द्वारा कुरान बाँटने के दिए गए आदेश को ठुकरा कर चर्चा में आई झारखंड की ऋचा भारती अपने पिता के हत्यारे को अभी तक नहीं पकड़े जाने पर बिहार सरकार के प्रति नाखुशी जाहिर की है। बता दें कि फरवरी में बिहार के नालंदा में ऋचा भारती के पैतृक गाँव में उनके पिता प्रकाश उर्फ़ मोहन कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। अभी तक पुलिस इन हत्यारों को पकड़ नहीं पाई है।

ऋचा भारती ने ट्वीट करते हुए लिखा, “अपने पिताजी के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए मैंने एक ट्वीट किया था, लेकिन उस ट्वीट पर बिहार पुलिस और वहाँ की सरकार कोई करवाई नहीं कर रही है। मुझे न्याय चाहिए क्योंकि मेरे पिताजी की हत्या हुए नौ महीने हो गए हैं और सभी अपराधी आजाद घूम रहे हैं सुशासन बाबू नीतीश कुमार जी की सरकार में।”

ऋचा भारती ने फोन पर ऑपइंडिया को बताया, “जब लोग बिहार में सुशासन के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और सम्मानपूर्वक नीतीश कुमार को सुशासन बाबू कहते हैं तो मुझे रोना आता है, क्योंकि मैं देखती हूँ कि जिन्होंने मेरे पिता मोहन कुमार की बेरहमी से हत्या की थी, वे खुलेआम घूम रहे हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं दोष नहीं दे रही, लेकिन मुझे संदेह है कि नालंदा के डीएसपी मोहम्मद शिबली नोमानी के दिमाग में कुछ है। वह न्याय करते नहीं दिख रहे हैं। इस मामले में कुल नौ आरोपित हैं। कोर्ट ने मार्च में पाँच आरोपितों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।” बता दें कि ये पाँच आरोपित चंद्रमौली प्रसाद, कारू कुमार, देवनारायण प्रसाद, लल्लू प्रसाद और सल्लू प्रसाद हैं।

ऋचा ने कहा, “कुल नौ आरोपित हैं लेकिन वारंट केवल पाँच के खिलाफ जारी किया गया था। हमें यह नहीं बताया गया है कि पुलिस ने बाकी चार के खिलाफ वारंट क्यों जारी नहीं किया और गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। मुझे संदेह है कि क्या नालंदा पुलिस और डीएसपी इन आरोपितों को भी बचाने की कोशिश कर रहे हैं।” ऋचा ने कहा कि इन आरोपितों ने सरमेरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत उनकी माँ मीना देवी, बहन रचना भारती और दादा नंदलाल प्रसाद के सामने उनके पिता की हत्या कर दी।

यह पूछे जाने पर कि उन्हें संदेह क्यों है कि मोहम्मद शिबली नोमानी उनके और उनके परिवार के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रहे हैं, उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि डीएसपी मेरी पृष्ठभूमि को नापसंद करते हैं। मैं एक राष्ट्रवादी हूँ और मुझे एक बार अनावश्यक रूप से एक विवाद में घसीटा गया था, जब राँची की अदालत ने मुझे पवित्र कुरान की पाँच प्रतियाँ वितरित करने के लिए कहा था। लेकिन वह एक अलग मामला था जिसका मेरे पिता की हत्या की चल रही जाँच से कोई लेना-देना नहीं है।”

उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के न्याय के लिए दर-दर भटक रही है लेकिन उनकी अपील पुलिस और डीएसपी को सुनाई नहीं पड़ रही है। ऋचा ने कहा, “मेरे पिता की हत्या के बाद नालंदा में कई हत्या के मामले हुए और मैंने देखा कि कैसे पुलिस ने 10 दिनों के भीतर इन मामलों में आरोपितों को जल्दी से गिरफ्तार कर लिया। मेरे पिता की हत्या करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं। मैं हैरान हूँ।”

गौरतलब है कि राँची के पिथौरिया गाँव की यह 21 वर्षीय साधारण लड़की जुलाई 2019 में तब सुर्खियों में आई थी, जब राँची की एक अदालत ने उन्हें कथित रूप से सांप्रदायिक टिप्पणी करने के लिए पवित्र कुरान की पाँच प्रतियाँ वितरित करने का निर्देश दिया था। ऋचा ने यह कहते हुए अदालत के आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया था कि क्या पता भविष्य में उसे नमाज़ पढ़ने के लिए कहा जाए या इस्लाम में परिवर्तित होने के लिए कहा जाए। उन पर एक फेसबुक पोस्ट में इस्लाम का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। अदालत के आदेश की व्यापक रूप से आलोचना की गई थी, जिसके बाद अदालत ने अपना आदेश वापस ले लिया था।

पिता की हत्या के बाद परिवार को उनकी जान का डर सता रहा है। उनकी माँ, छोटा भाई और बहन राँची में रहते हैं लेकिन वह गुजरात चली गई हैं, जहाँ वह अपने मामा के साथ रह रही है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने लिए लड़ाई लड़ी थी और गुजरात में रहते हुए मैं अपने पिता के लिए लड़ रही हूँ।”

काबुल की मस्जिद में बम ब्लास्ट, तालिबानी प्रवक्ता की अम्मी के लिए पढ़ा जा रहा था फातिया: कई मरे, ISIL पर शक

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक मस्जिद के बाहर हुए बम ब्लास्ट में कई लोगों की मौत हो गई है। तालिबान ने बताया है कि बम ब्लास्ट के दौरान मस्जिद के भीतर घुसने के लिए बने दरवाजे को निशाना बनाया गया। ये घटना रविवार (3 अक्टूबर, 2021) को हुई है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद की अम्मी का निधन होने के बाद एक विशेष दुआ सभा का आयोजन किया गया था।

इसी दौरान बम ब्लास्ट हो गया। ये घटना ईदगाह मस्जिद परिसर में हुई। पास के ही एक दुकानदार अहमदुल्लाह ने बताया कि उसने मस्जिद से बम विस्फोट की आवाज़ सुनी, जिसके बाद गोलीबारी भी हुई। इस बम ब्लास्ट के पहले ही तालिबान ने सड़कों पर आवागमन रोक दिया था। अभी तक किसी ने इस बम ब्लास्ट की जानकारी नहीं ली है। लेकिन, तालिबान का शासन शुरू होने के बाद ISIL ही अधिकतर इस तरह की हरकतें कर रहा है।

नांगरहार के पूर्वी प्रान्त में ISIL की अच्छी-खासी उपस्थिति है और ये तालिबान को अपना दुश्मन मानता है। इस प्रान्त की राजधानी जलालाबाद में हुए ऐसे कई हमलों की जिम्मेदारी इसी संगठन ने ली है। हालाँकि, काबुल में इस तरह की घटनाएँ कम ही हुई हैं। काबुल के उत्तर में स्थित परवान प्रान्त में तालिबान ने हाल ही में ISIL के ठिकानों को तबाह किया है। सड़क पर हुए एक बम ब्लास्ट में 4 तालिबानियों के घायल होने के बाद ये कार्रवाई की गई थी।

काबुल में स्थित एक इटली फंडेड अस्पताल ने जानकारी दी है कि 4 घायलों को इलाज के लिए वहाँ लाया गया है। काबुल के इमरजेंसी हॉस्पिटल की तरफ कई एम्बुलेंसों को भी जाते हुए देखा गया है। फ़िलहाल 8 लोगों के मरने और 20 के घायल होने की बात कही जा रही है। हालाँकि, मृतकों के आँकड़े इससे ज्यादा बताए जा रहे हैं और उनमें अधिकतर आम नागरिक हैं। तालिबान ने वहाँ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी थी, फिर भी ये घटना हुई।

बर्लिन एयरपोर्ट पर गाँजा के साथ पकड़ी गई थीं गौरी खान? बताया गया था ‘ड्रग एडिक्ट’: NCB ने किया आर्यन को गिरफ्तार तो लोगों ने दिलाई याद

बॉलीवुड में 30 वर्षों से सक्रिय अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को NCB ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शनिवार (2 अक्टूबर, 2021) की रात 7 अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया था। मेडिकल जाँच के बाद उनकी कोर्ट में पेशी होगी। फिर उन्हें रिमांड पर भेजा जा सकता है। क्या आपको उन मीडिया रिपोर्ट्स के बारे में पता है, जिसमें बर्लिन में गौरी खान के गाँजा के साथ पकड़े जाने का जिक्र था?

गौरी खान पेशे से इंटीरियर डिजाइनर हैं। वो शाहरुख़ खान की पत्नी और आर्यन की माँ हैं। बताया जा रहा है कि आर्यन खान समेत अन्य आरोपितों के पास से किस्म-किस्म के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। इधर ‘Koimoi’ नाम की मनोरंजन वेबसाइट ने फिर से गौरी खान वाले मुद्दे पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। इसमें लिखा है कि कथित तौर पर गौरी खान को बर्लिन एयरपोर्ट पर गाँजा (Mrijuana) के साथ पकड़ा गया था।

इसमें लिखा है कि गौरी खान के बर्लिन एयरपोर्ट पर पकड़े जाने के सम्बन्ध में कोई आधिकारिक बयान कहीं भी मौजूद नहीं है। लेकिन, मीडिया रिपोर्ट्स इस आरोप के आधार पर बने थे कि उनके पास से गाँजा पकड़ा गया था। कई मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें ‘ड्रग एडिक्ट’ तक भी बताया गया था, लेकिन उन्होंने एक लाइफस्टाइल मैगजीन को साक्षात्कार देते हुए इन आरोपों को नकार दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसी ख़बरों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

बताया जाता है कि गौरी खान को तब जाने दिया गया था और उनकी गिरफ़्तारी नहीं हुई थी, क्योंकि उनके पास से गाँजा की जो मात्रा मिली थी वो सिर्फ एक व्यक्ति के प्रयोग के लिए ही थी। बर्लिन या भारत के एयरपोर्ट् प्रशासन ने कभी उनका नाम सार्वजनिक नहीं किया। सिर्फ ये खबर चली कि उन्हें बर्लिन में पकड़ा गया है। सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद भी कई बॉलीवुड सेलेब्स ड्रग्स मामले में NCB की रडार पर आए थे।

उधर जेजे अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के बाद आर्यन खान को वापस मुंबई के NCB दफ्तर लाया गया है। उनके साथ-साथ अरबाज सेठ मर्चेंट और मुनमुन धामेचा को भी गिरफ्तार किया गया है। अधिवक्ता सतीश मानशिंदे भी NCB के दफ्तर पहुँचे थे। शाहरुख़ खान के बेटे का केस वही लड़ेंगे। शाहरुख़ खान फ़िलहाल स्पेन में ‘पठान’ फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। आर्यन और अरबाज पुराने दोस्त हैं और साथ में उनकी कई तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर आई हैं।

मनीष गुप्ता के मौत के मामले की जाँच के लिए गोरखपुर पहुँची SIT: क्राइम सीन किया रिक्रिएट, खंगाला सीसीटीवी फुटेज

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कारोबारी मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत, हत्या है या हादसा इसका खुलासा करने के लिए कानपुर से आई पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को घटनास्थल पर पहुँची। मनीष की मौत के बाद सील किए गए होटल कृष्णा के कमरा नंबर 512 में पहुँचकर SIT द्वारा वहाँ क्राइम सीन रिक्रिएट किया गया।

बताया जा रहा है कि एसआईटी 2 अक्टूबर को शाम 4 बजे रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस पहुँची थी। यहाँ उसने 10:30 बजे तक यानी 6:30 घंटे जाँच-पड़ताल की। इस दौरान टीम ने सीसीटीवी फुटेज को भी खँगाला। सीसीटीवी फुटेज के जरिये एसआईटी ने जानने की कोशिश की कि मनीष गुप्ता के 27 सितंबर 2021 को हाेटल पहुँचने के बाद कमरे में कब पहुँचे, दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद कब लौटे, रामगढ़ताल पुलिस रात में कितने बजे होटल पहुँची, कमरे में कितनी देर रही, किस स्थिति में मनीष और उनके दोस्तों को कमरे से लेकर बाहर लाया गया।

इसके बाद मामले की जाँच कर रही गोरखपुर क्राइम ब्रांच की एसआईटी, एसपी क्राइम डॉ. एमपी सिंह, सीओ कैंट श्यामदेव बिंद को होटल में बुलाकर चार दिन में हुई छानबीन और कार्रवाई की जानकारी भी ली गई। घटना के बाद जुटाए गए सबूतों को देखने के बाद ही सबका बयान दर्ज किया गया।

गौरतलब है कि CM योगी ने इस मामले में सभी दागी पुलिसकर्मियों पर जाँच बिठाकर उन्हें बर्खास्त करने की बात कही थी। इसके साथ ही उन्होंने कहा था, “2 दिन पहले गोरखपुर में एक दुखद घटना घटी थी। मैंने उसी दिन गोरखपुर पुलिस को कहा था कि तत्काल मुकदमा दर्ज़ होना चाहिए और दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा। अपराधी, अपराधी होता है। मैंने यहाँ के ज़िला प्रशासन को कहा था कि मैं पीड़ित परिवार से मिलना चाहूँगा।” इस मामले में मनीष की पत्नी मीनाक्षी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थीं और बहुत हद तक उनके दिए आश्वासन और त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट नजर आई थीं।

‘पीड़ितों के जख्मों पर नमक मल रही सरकार’: AG/DG की नियुक्तियों से खफा सिद्धू को CM चन्नी ने दी नसीहत- पार्टी में रखिए अपनी बात

पंजाब में मचे सियासी घमासान के बीच अब नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच ठन गई है। कैप्टन को सीएम पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने वाले सिद्धू अब चन्नी के साथ भी वही कर रहे हैं। उन्होंने राज्य में एजी डीजी की नियुक्ति को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसके बाद सीएम चन्नी ने उनके ट्वीट का जवाब दिया है। उन्होंने सिद्धू को पार्टी का काम करने की नसीहत दी।

साथ ही कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह की कोई दिक्कत है तो वो पार्टी फोरम में अपनी बात रखें। मोरिंडा में मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि हम दोनों को आपसी तालमेल से काम करना चाहिए और हम कर रहे हैं। अगर कहीं किसी को कोई बात पसंद नहीं आती है तो पार्टी की कोऑर्डिनेशन कमेटी में इसको लेकर चर्चा की जा सकती है। सरकार का काम ईमानदारी से काम करना और सभी को साथ लेकर चलना है।

सीएम चन्नी ने खुद को आम जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि बताया और कहा कि हम आपके सामने हैं। सिद्धू के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए चन्नी ने कहा कि राज्य में अभी भी डीजीपी की नियुक्ति होनी है और इसका नियम निर्धारित है, जिसके बारे में सिद्धू साहब भी जानते हैं। डीजीपी की नियुक्ति के लिए 30 साल की सेवा पूरी कर चुके अफसरों की लिस्ट भेजी गई है। अब तीन नामों का पैनल केंद्र की ओर से भेजा जाना है। केंद्र के पैनल के बाद ही डीजीपी की नियुक्ति हो सकती और फिलहाल अस्थायी उपाय किए गए हैं।

उन्होंने ये भी कहा कि 58 साल की सर्विस कर चुके अधिकारियों को अब रिटायरमेंट लेना चाहिए, ताकि नौजवानों को वहाँ तक पहुँचाया जा सके। चन्नी के मुताबिक, इसके लिए तैयारी कर ली गई है और इससे किसी को भी राहत नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पंजाब के खेतिहर मजदूरों के पाँच सौ बीस करोड़ रुपए के कर्ज माफ किए जा रहे हैं। इसके तहत 2.85 लाख परिवारों का कर्ज माफ किया जाएगा।

क्या था सिद्धू का बयान

सिद्धू ने चन्नी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि पिछली सरकार राज्य में नशे और बेअदबी की घटनाओं पर रोक लगाने में पूरी तरह से असफल रही थी और यही हाल नई सरकार में भी हैं। उन्होंने कार्यकारी डीजीपी और एजी को हटाने की माँग की थी। सिद्धू ने ट्वीट किया, “बेअदबी के मामलों में न्याय की माँग और नशीली दवाओं के व्यापार के मुख्य दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 2017 में हमारी सरकार आई और उनकी विफलता के कारण लोगों ने अंतिम सीएम को हटा दिया। अब AG/DG नियुक्तियाँ पीड़ितों के जख्मों पर नमक मलती हैं, उन्हें बदला जाना चाहिए वरना हमारा कोई चेहरा नहीं होगा!”