कृषि कानूनों के खिलाफ ‘किसानों’ का प्रदर्शन लंबे समय से जारी है। हाल के दिनों में इन ‘किसानों’ का प्रदर्शन उग्र भी हुआ है और अब दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब और यूपी में भी ‘शांतिपूर्ण’ प्रदर्शन जारी है। रविवार (अक्टूबर 3, 2021) को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है।
इसी बीच किसानों के प्रदर्शन को लेकर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह चंडीगढ़ में किसानों को संबोधित कर रहे हैं। कार्यक्रम में संभवत: किसानों के जारी आंदोलन से पड़ने वाले प्रभाव के संदर्भ में खट्टर ने कहा कि दक्षिण हरियाणा में ज्यादा समस्या नहीं है और यह राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों तक सीमित है।
इस वीडियो में खट्टर कहते हैं, “कुछ नए किसानों के जो और संगठन उभर रहे हैं, उनको भी प्रोत्साहन देना पड़ेगा। उनको आगे बढ़ाना पड़ेगा और हर जिले में खास करके ये उत्तर और पश्चिम हरियाणा के, दक्षिण हरियाणा में ये समस्या ज्यादा नहीं है। लेकिन उत्तर-पश्चिम हरियाणा के हर जिले में अपने किसानों के 500, 700, 1000 लोग खड़े करो, उनको स्वयंसेवक बनाओ और फिर जगह-जगह ‘शठे शाठ्यं समाचरेत’। इसका क्या अर्थ है… इसका मतलब है जैसे को तैसा, उठा लो डंडे।”
#WATCH | “In each district of north & west Haryana, you should raise volunteer groups of 700-1000 farmers at different places & use tit for tat action against them (protesting farmers). Pick up sticks…,” says Haryana CM ML Khattar while addressing state unit of BJP Kisan Morcha pic.twitter.com/UC3ukBiUAK
सभा में बैठे किसी के कुछ पूछने पर CM खट्टर ने आगे कहा, “नहीं… हम वो देख लेंगे और दूसरी बात ये है कि जब उठाओगे डंडे तो जमानत की परवाह मत करो। जब एक महीने, तीन महीना या छह महीना वहाँ रह आओगे तो इतनी पढ़ाई इस मीटिंग में नहीं होगी, जितनी वहाँ सीख लोगे। अगर दो-चार महीने वहाँ रह आओगे तो बड़े नेता अपने आप बन जाओगे। चिंता मत करो दो-चार महीने वहाँ रहोगे तो बड़े नेता बन जाओगे। इतिहास में नाम लिखा जाएगा। इसमें एक ही बात ध्यान रखना है कि जोश के साथ अनुशासन बना कर रखना है। जो सूचना मिल गई है कि यहाँ तक करना है, इसके आगे नहीं करना, तो फिर नहीं करना है।”
उल्लेखनीय है कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे ‘किसानों’ ने हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा-जजपा गठबंधन के नेताओं के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है। वे उन स्थानों के पास इकट्ठा होते हैं, जहाँ भाजपा या जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेताओं के कार्यक्रम होते हैं और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हैं।
गौरतलब है कि हरियाणा के झज्जर में शुक्रवार (अक्टूबर 1, 2021) को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का कार्यक्रम था। बड़ी संख्या में कथित किसान इसका विरोध करने पहुँचे थे। इस दौरान उन्होंने बैरिकेडिंग भी तोड़ दी। उनको रोकने के लिए पुलिस को पानी की बौछार करनी पड़ी।
पिछले दिनों भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा की खट्टर सरकार को चेतावनी दी थी। चढ़ूनी ने कहा था कि अगर 1 अक्टूबर से धान खरीद नहीं शुरू हुई तो भाजपा के एमएलए, एमपी के घर का इस तरह घेराव करेंगे कि उनके घर का कुत्ता भी बाहर नहीं निकल पाएगा।
बॉलीवुड अक्सर अपने हिन्दू विरोधी रवैये के कारण जाना जाता है। महाशिवरात्रि पर दूध बचाने, होली पर पानी बचाने और दीवाली पर पटाखे न फोड़ने का ज्ञान दिया जाता है। ‘कन्यादान’ प्रथा को बदनाम किया जाता है। ईद में एक दिन में लाखों पशुओं की हत्या पर ये कुछ नहीं बोलते, लेकिन दीवाली पर इनके कुत्ते डर जाते हैं। अब आमिर खान ने नए CEAT के विज्ञापन से विवाद हुआ है, जिसमें वो पटाखे को लेकर ज्ञान दे रहे हैं।
दीपवाली के मद्देनजर टायर कंपनी CEAT ने पिछले दो सप्ताह में दो विज्ञापन जारी किए। इनमें से एक 19 सितंबर, 2021 को जारी किया गया। इसमें आमिर खान किसी क्रिकेट टीम के समर्थक बने हुए हैं और कहते हैं, “अनार, सुतली बम, चकरघिन्नी – आज अगर हमारी टीम छक्के छुड़ाती है तो हम भी पटाखे छुड़ाएँगे। लेकिन कहाँ? सोसाइटी के अंदर। सड़क पटाखे फोड़ने के लिए नहीं हैं। ट्रैफिक के लिए है।”
Aamir Khan in his ‘CEAT TYRES’ Ad says that Hindus block roads during their marriage ceremonies & create traffic jam
इसके बाद बैकग्राउंड से आवाज़ आती है कि एक दिन हम ऐसे समझदार बन जाएँगे, लेकिन तब तक के लिए… इसके बाद दिखाया जाता है कि एक कार सड़क पर फँसी हुई है और लोग पटाखे फोड़ रहे हैं। दीपावली के पहले इस तरह का विज्ञापन लाने के लिए लोग CEAT की आलोचना करते हुए पूछ रहे हैं कि सड़क पर पटाखे फोड़ने को लेकर ज्ञान देने वाले आमिर खा क्या ये कहेंगे कि सड़क नमाज के लिए नहीं है?
इस दौरान लोगों ने जुमे की तस्वीरें शेयर की, जिसमें सड़क पर सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोग ट्रैफिक जाम कर के जमा पढ़ते हुए देखे जा सकते हैं। साथ ही कहा कि ईद के वक़्त वो इस तरह का विज्ञापन लाकर मुस्लिमों को सलाह दें कि सड़क इसके लिए नहीं है। कविता नाम की यूजर ने लिखा, “मान्यवर, CEAT, PETA… ये लोग केवल हिन्दुओं को ही बेतुकी सलाह देते हैं। ये कंपनियाँ हिन्दू धर्म को निशाना बना रही हैं। अब बहुत हुआ।”
Aamir Khan in his ‘CEAT TYRES’ Ad says that Hindus block roads during their marriage ceremonies & create traffic jam
26 सितंबर, 2021 को CEAT के एक अन्य विज्ञापन में आमिर खान एक हिन्दू शादी में दिख रहे हैं, जहाँ वो लोगों से कह रहे हैं कि जो भी पटाखे फोड़े जाएँगे वो फुटपाथ पर, सड़क पर ये सब नहीं किया जाएगा। इसमें वो कहते हैं, “सड़क, ट्रैफिक के लिए है।” लोगों ने कहा कि इससे आमिर खान और CEAT ये साबित करना चाहते हैं कि दीपावली और हिन्दुओं की शादियों में पटाखों से ट्रैफिक जाम लगता है।
Waiting for #CEAT to release an ad that says ‘roads are for traffic, not for Friday Namaaz’. है हिम्मत?
पत्रकार महेश विक्रम हेगड़े ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कहा, “हम सब को पता है कि सड़क पर जाम कौन लगाता है।” वहीं कुछ लोगों ने पत्थरबाजी करते इस्लामी कट्टरपंथियों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि थोड़ा सा ज्ञान आमिर खान इन्हें भी दे दें। शेफाली वैद्य ने भी पूछा कि क्या CET को ये कहने की हिम्मत है कि सड़क नमाज के लिए नहीं होती? लोगों ने CEAT के बहिष्कार की भी अपील की।
ऐसा ही एक उदाहरण अभी हाल में मान्यवर के एड के दौरान भी देखने को मिला। इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट को दिखाते हुए यह बताया गया कि कैसे कन्यादान करना एक पिछड़ेपन को दिखाता है जबकि ‘कन्यामान’ एक बढ़िया विकल्प है। एड में जैसे हिंदू परंपरा को पिछड़ा दिखाया गया है और बताने की कोशिश हुई है लड़कियों को हमेशा से शादी के समय दान की तरह दिया जाता रहा।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ की गुंडई के बाद अब वहाँ ‘राजनीतिक पर्यटन’ भी शुरू हो गया है। कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी के अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंजाब के उप-मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा भी वहाँ पहुँच रहे हैं। ‘भारतीय किसान मोर्चा’ के प्रवक्ता राकेश टिकैत भी वहाँ पहुँचे हैं और कहा है कि कार्रवाई न होने तक मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
8 लोगों की मौत के बाद से ‘किसान प्रदर्शनकारी’ धरने पर हैं। सोमवार (4 अक्टूबर, 2021) को सुबह साढ़े 4 बजे ही राकेश टिकैत वहाँ पहुँच गए थे और उन्होंने एक गुरुद्वारे में बैठक भी की। इस में आगे की रणनीति बनाई गई। केंद्रीय गृह मातृ अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष का नाम FIR में डालने की माँग की गई। फ़िलहाल स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लखीमपुर खीरी में धारा-144 लगा दिया गया है।
उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को एक कुश्ती कार्यक्रम के लिए वहाँ आना था, जिसके पहले ये घटनाएँ हुई हैं। गुस्साए किसानों ने 2 SUV गाड़ियों को फूँक दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव एयर बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि उन्हें घर में नजरबंद कर दया गया है। प्रियंका गाँधी ने पुलिस के साथ झड़प की। इटावा में उनके काफिले को रोका गया। सीतापुर में भी उन्हें रोका गया। वो लगातार पुलिस को चकमा देने में लगी रहीं।
ख़बरों की मानें तो आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। बहराइच नागपाड़ा के जगजीत सिंह की शिकायत पर तिकुनिया थाने में मामला दर्ज किया गया। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री गंभीर हैं और अधिकारियों की टीम गठित कर दी गई है।
उन्होंने शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार अपना काम कर रही है और इस मामले को राजनीतिक तूल देने की ज़रूरत नहीं है। प्रशासन लगातार किसानों के साथ बैठक भी कर रहा है। इसमें किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बरखास्त करने, मृतकों के परिजनों को मुआवजा व सरकारी नौकरी के अलावा घटना की न्यायिक जाँच की माँग की। AAP नेता संजय सिंह को भी वहाँ जाने से रोका गया है।
लखीमपुर घटना में एक पत्रकार को भी पीट पीट कर मार डाला उपद्रवियों ने।
स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की मौत हुई. परिजनों ने रात में पोस्टमार्टम हाउस में पुष्टि की। निघासन क्षेत्र निवासी थे पत्रकार रमन कश्यप.
स्वतंत्र पत्रकार पंकज सिंह ने जानकारी दी है कि लखीमपुर घटना में एक पत्रकार को भी पीट-पीट कर उपद्रवियों ने मार डाला है। उन्होंने जानकारी दी कि स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप की मौत हो गई है और परिजनों ने रात में पोस्टमार्टम हाउस में पुष्टि की। उन्होंने लिखा, “पत्रकार रमन कश्यप निघासन क्षेत्र निवासी थे। ये न किसान हैं ना ही आंदोलनकारी।” एक अन्य वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति अपनी बेटियों का हवाला देकर जा की भीख माँगते हुए दिख रहा है।
मुंबई हाईप्रोफाइल ड्रग्स पार्टी मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की गिरफ्तारी के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री में हंगामा मच गया है। आर्यन खान के गिरफ्तार होने के बाद बॉलीवुड के कुछ सेलेब्स जहाँ चुप हैं तो वहीं कुछ खुलकर किंग खान के सपोर्ट में उतरते दिख रहे हैं। आर्यन की गिरफ्तारी के बाद ही एक्टर सुनील शेट्टी का रिएक्शन सामने आया था। इसके बाद देर रात सलमान खान भी शाहरुख खान से मिलने उनके घर पहुँचे थे। अब आर्यन के पक्ष में शाहरुख खान की दो को-स्टार उतरी हैं।
बता दें कि सलमान खान रविवार (अक्टूबर 3, 2021) की रात शाहरुख के घर पहुँचे और उनसे मुलाकात की। सलमान ने शाहरुख को ढाढस बँधाया और फिर चले गए। उनकी कई तस्वीरें भी सामने आई।
इनके अलावा बॉलीवुड की दो और एक्ट्रेस ने शाहरुख का सपोर्ट किया और सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। आर्यन खान की गिरफ्तारी के मामले में पूजा भट्ट और सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने ट्वीट किया है।
शाहरुख के सपोर्ट में पूजा भट्ट
I stand in solidarity with you @iamsrk Not that you need it. But I do. This too, shall pass. ?
फिल्म ‘चाहत’ में शाहरुख खान के साथ काम कर चुकीं पूजा भट्ट लिखती हैं, “शाहरुख मैं आपके साथ खड़ी हूँ। ऐसा नहीं है कि आपको इसकी जरूरत है लेकिन मैं ऐसा कर रही हूँ। यह भी गुजर जाएगा।” आखिर में उन्होंने हाथ जोड़ने वाला इमोजी बनाया।
सुचित्रा कृष्णामूर्ति ने किया ट्वीट
‘कभी हाँ कभी ना’ फिल्म में शाहरुख के साथ नजर आ चुकीं सुचित्रा कृष्णमूर्ति ने ट्वीट करते हुए लिखा, “एक माता-पिता के लिए अपने बच्चे को परेशानी में देखने से ज्यादा मुश्किल कुछ नहीं है। सभी से प्रार्थना।”
Nothing harder for a parent than seeing their child in distress. Prayers to all ?
एक अन्य ट्वीट में वह लिखती हैं, “बॉलीवुड को निशाना बनाने वालों के लिए, फिल्मी सितारों पर सभी एनसीबी छापे याद हैं? हाँ कुछ नहीं मिला और कुछ भी साबित नहीं हुआ। यह एक तमाशा है। यह प्रसिद्धि की कीमत है।”
For all those targetting #Bollywood remember all the #NCB raids on filmstars? Yes nothing was found and nothing was proved. #Bollywood gawking is a tamasha. Its the price of fame
इससे पहले सुनील शेट्टी ने कहा था, “जहाँ-जहाँ रेड होती है तो बहुत सारे लोगों को पकड़ते हैं और हम मान कर चलते हैं कि इस बच्चे ने ड्रग्स कंज्यूम किया होगा या इस बच्चे ने यह किया होगा। लेकिन अभी तो कार्यवाही जारी है। उस बच्चे को साँस लेने का मौका दें। हमेशा बॉलीवुड पर जब हमारी इंडस्ट्री पर कुछ होता है तो हर चीज पर मीडिया टूट पड़ती है और समझती है कि ऐसा ही हुआ। बच्चे को एक मौका दें। सच सामने आने दीजिए। बच्चा है, उसका ध्यान रखना हमारी जिम्मेदारी है।”
शाहरुख खान ने कैंसल की शूटिंग?
बता दें कि एनसीबी ने आर्यन से लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आर्यन के अलावा इस मामले में दो अन्य लोगों अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आर्यन ने कहा है कि उस पार्टी में उनके नाम पर कई सारे लोगों को इनवाइट किया गया था। इस पार्टी में कुछ लड़कियों से भी पूछताछ की गई है जो बड़े बिजनेसमैन फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। आर्यन के पिता शाहरुख खान मौजूदा समय में ‘पठान’ फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने अपकमिंग शेड्यूल की शूटिंग कैंसल कर दी है, जो स्पेन में होनी थी। हालाँकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला बोल दिया। इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर दुःख प्रकट करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि सरकार इसकी तह में जाकर जाँच के बाद इसमें शामिल तत्वों को बेनकाब करेगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी। मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति फ़िलहाल नियंत्रण में है। सरकार ने अपर मुख्य सचिव (कार्मिक एवं कृषि), एडीजी (कानून-व्यवस्था), लखनऊ के आयुक्त एवं आईजी को मौके पर कैम्प करने के लिए भेजा है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वो घरों में रहें और किसी के बहकावे में न आएँ। मौके पर शांति-व्यवस्था कायम करने में लोगों का योगदान माँगते हुए सलाह दी गई है कि जाँच से पहले वो किसी निष्कर्ष पर न पहुँचें।
लखीमपुर खीरी से इधर कुछ विक्षुब्ध कर देने वाले वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोगों को मारपीट करते हुए देखा जा सकता है। ये ‘किसान प्रदर्शनकारी’ लाठी-डंडे लेकर लोगों को पीट रहे हैं। तथाकथित ‘किसानों’ का कहना है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे ने जबरदस्ती ‘आंदोलनकारियों’ के ऊपर गाड़ी चढ़ा कर उन्हें कुचल दिया। ये अभी साफ़ नहीं है कि वीडियो में जिस व्यक्ति की पिटाई हुई है, उसकी क्या स्थिति है।
एक अन्य लंबा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें ‘किसान प्रदर्शनकारियों’ को उन लोगों के खिलाफ हिंसा के लिए भड़कते हुए व नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है, जिन्हें वो भाजपा कार्यकर्ता समझ रहे हैं। साथ ही वो आने-जाने वाले लोगों से ये भी कह रहे हैं कि वो वीडियो रिकॉर्ड न करें। ये लगातार हिंसा के लिए चिल्ला रहे हैं। एक अन्य वीडियो में एक ‘प्रदर्शनकारी’ को अपने साथी से कहते सुना जा सकता है कि वो भाजपा कार्यकर्ताओं की गाड़ी पलट दे।
इस दौरान गंदी-गंदी गालियों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति की पिटाई होते देखी जा सकती है। शायद ये वही व्यक्ति उस कार में था, जिसे पलट दिया गया। भीड़ ने उसकी पिटाई की। वो बार-बार कह रहा है कि उसे मिश्रा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए भेजा था, लेकिन ‘किसान प्रदर्शनकारी’ उससे जबरन कबूलवाने चाह रहे हैं कि उसे किसानों को कुचलने के लिए भेजा गया है।
वीडियो में उक्त व्यक्ति को मिन्नतें करते हुए देखा जा सकता है कि उसे छोड़ दिया जाए। एक अन्य वीडियो में पीटा जा रहा व्यक्ति यही है या अलग है, ये अभी साफ़ नहीं है। ANI से बात करते हुए एके मिश्रा ने बताया कि उनका बेटा घटनास्थल पर था ही नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों ने तलवारों व लाठी-डंडों से भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला किया। उन्होंने कहा कि अगर उनका बेटा वहाँ होता तो शायद वो ज़िंदा नहीं लौट पाता।
अजय कुमार मिश्रा ने कहा, “उन्होंने लोगों को मार डाला है। गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया है। सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ की है। हमारे पास वीडियो सबूत मौजूद हैं। हमारे कार्यकर्ताओं की कोई गलती नहीं है। वो तो अतिथियों का स्वागत करने गए थे। लेकिन, उनकी गाड़ियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। जैसे ही गाड़ियाँ रुकी, ‘किसानों’ ने सबको पीटना शुरू कर दिया।” बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी कल लखीमपुर खीरी जाएँगी।
It was not the workers’ fault. They had come to receive the guest. They started pelting stones at the car. As soon as the cars stopped they started hitting everyone: MoS Home Ajay Mishra Teni tells ANI in a phone call
जबकि ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ का आरोप है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष ने तीन किसानों की गोली मार कर हत्या कर दी, तो कइयों के ऊपर उन्होंने गाड़ी चढ़ा दीं। स्थानीय अस्पताल में दो मृत लोग लाए गए। एक तजिंदर सिंह नाम का व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। कई विपक्षी नेता इस मामले में हरकत में आ गए हैं और वो वहाँ का दौरा करेंगे। प्रियंका गाँधी राजधानी लखनऊ पहुँच भी गई हैं।
फ्रांस के एक स्वतंत्र आयोग ने अपनी जाँच में कैथोलिक चर्चों में 2,900 से 3,200 पीडोफाइल (एक प्रकार की मानसिक बीमारी, जिसमें व्यक्ति बच्चों के साथ सेक्स करने की इच्छा रखता है) की उपस्थिति का अनुमान लगाया है। फ्रांस के चर्चों के स्कैंडल और बाल शोषण के मामलों की जाँच के लिए इस आयोग को 2018 में गठित किया गया था। इस बात की जानकारी अंतर्राष्ट्रीय न्यूज एजेंसी एएफपी ने दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग का नेतृत्व करने वाले जीन-मार्क सॉवे ने इस बात पर जोर दिया है कि वर्ष 1950 से लगभग 3,000 पीडोफाइल पादरियों और चर्च के सदस्यों ने फ्रेंच कैथोलिक चर्च से जुड़े रहे। नवंबर में सॉव ने स्वीकार किया था कि ऐसे मामलों को बहुत ही गलत तरीके से डील किया गया था। इस आयोग को साल 2018 में Conférence des Religieux et Religieuses en France (CORREF) और बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ फ्रांस (CEF) द्वारा स्थापित किया गया था। आयोग ने पीड़ितों और यौन अपराधियों की संख्या जानने की कोशिश की है।
करीब 2500 पन्नों की आयोग की रिपोर्ट में साल 1950 से चर्चों में काम करने वाले पीडोफाइल के न्यूनतम अनुमानों को दिखाया गया है। एएफपी ने बताया कि आयोग का गठन फ्रेंच कैथोलिक चर्च और दुनिया के अन्य चर्चों में हुए सेक्स स्कैंडल के बाद किया गया था। आयोग में कानून, चिकित्सा, इतिहास, समाजशास्त्र और धर्मशास्त्र सहित विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ 22 सदस्य शामिल हैं।
#UPDATE Some 3,000 paedophiles have operated inside the French Catholic Church since 1950, the head of an independent commission investigating the scandal told AFP, who added that that number was “a minimum estimate” https://t.co/OM9YyA5muO
इस मामले पर बोलते हुए आयोग के सदस्य और समाजशास्त्री फिलिप पोर्टियर ने कहा, “यह किसी के लिए आसान नहीं होने वाला है”। CORREF कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष वेरोनिक मार्ग्रोन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका सामना करने के लिए मजबूर होना होगा, ताकि आवश्यक उपाय किये जा सकें।
फ्रांस के बिशप कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष एरिक डी मौलिन्स-ब्यूफोर्ट ने बताया कि आयोग की रिपोर्ट ‘महत्वपूर्ण’ और ‘भयावह’ आंकड़े उजागर करेगी। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि कैथोलिक चर्च संदिग्ध पीडोफाइल के खिलाफ किस तरह की प्रतिक्रिया देगा। एएफपी के मुताबिक, ऐसे मामलों में आपराधिक मुकदमा चलाने की संभावना बहुत कम होती है।
न्यूजीलैंड कैथोलिक चर्च ने पीड़ितों से माफी माँगी
इससे पहले इसी साल मार्च में न्यूजीलैंड के कैथोलिक चर्च ने चर्च के भीतर यौन शोषण समेत सभी दुर्व्यवहार पीड़ितों से माफी माँगी थी। वेलिंगटन के रोमन कैथोलिक आर्कबिशप और न्यूजीलैंड के मेट्रोपॉलिटन कार्डिनल जॉन ड्यू ने बिशप और कॉन्फ्रेंस की ओर से दुर्व्यवहार के लिए रॉयल कमीशन में माफी माँगी थी।
रॉयल कमीशन इन एब्यूज एँड केस की स्थापना 2018 में न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने की थी। इसका उद्देश्य 1950 और 2000 के बीच सरकारी और धार्मिक स्थानों में दुर्व्यवहार के मामलों की जाँच की जा सके।
दिसंबर में जारी आयोग की एक अंतरिम रिपोर्ट में पाया गया कि 1960 से 2000 तक देश के धार्मिक और राज्य नियंत्रित संस्थानों में ढाई लाख बच्चों, युवाओं और वयस्कों का शारीरिक और यौन शोषण किया गया था। आयोग के अनुसार, पीड़ितों में नौ महीने की उम्र वाले बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें बलात्कार और बिजली के झटके जैसे दुर्व्यवहार को वर्षों तक झेलना पड़ा।
समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन आजकल गायब हैं। अब जब आर्यन खान ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हुए हैं, उन्हें बताना चाहिए कि ‘थाली के छेद’ का क्या हाल है। सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के बाद जब बॉलीवुड का ड्रग्स कनेक्शन खुल कर सामने आया था, जब अभिनेता व सांसद रवि किशन ने इस समस्या पर बात की थी। इस पर सपा की राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने ‘थाली में छेद’ वाला मुहावरा दिया था।
आगे बढ़ने से पहले बता दें कि तब दीपिका पादुकोण, रिया चक्रवर्ती, रकुल प्रीत सिंह और सारा अली खान समेत कई बॉलीवुड अभिनेत्रियों के नाम ड्रग्स मामले में सामने आए थे और इनसे NCB ने पूछताछ की थी। हाल ही में ऐसे ही एक मामले में अभिनेता अरमान कोहली को गिरफ्तार किया गया। सुशांत वाले मामले के बाद कई ड्रग पेडलर्स को पकड़ा गया, जो बॉलीवुड को ड्रग्स की सप्लाई कर रहे थे।
अब ताज़ा मामले पर आते हैं। शाहरुख़ खान बॉलीवुड का बड़ा नाम है। सच कहें तो पिछले 30 वर्षों में 90 के दशक के बाद गोविंदा के ढलान के बाद सबसे बड़ा नाम। उनकी तुलना अमिताभ बच्चन से होती आई है और उन्हें ‘बादशाह’ से लेकर ‘किंग’ तक के टाइटल दिए गए। आज उन्हीं का बेटा आर्यन खान मुंबई में एक जहाज पर रेव पार्टी करते हुए पकड़ाया है। अदालत ने उसे 1 दिन के लिए NCB की कस्टडी में भेजा है।
आर्यन खान के पास से 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम MD(Mephedrone) 21 ग्राम चरस, MDMA (Ecstasy) की 22 गोलियाँ और 1.13 लाख रुपए बरामद हुए हैं। NCB ने अदालत को बताया कि पूरे एक दिन की छापेमारी के बाद ये चीजें जब्त की गई हैं। व्हाट्सएप चैट्स के माध्यम से ड्रग सप्लायर्स और पेडलर्स का नेटवर्क काम कर रहा था। उनके वकील का दावा है कि उन्हें आयोजकों ने बुलाया था और उनके पास बोर्डिंग पास भी नहीं था।
अब जरा इतिहास की बात कर लें। जया बच्चन की बात कर लें। सितंबर 2020 में जया बच्चन ने राज्यसभा के माध्यम से दावा किया था कि लोग बॉलीवुड को बदनाम करने में लगे हुए हैं। उन्होंने अपने भाषण में आँकड़े गिनाए थे कि मनोरंजन इंडस्ट्री हर रोज 5 लाख लोगों और अप्रत्यक्ष रूप से 50 लाख लोगों को को प्रत्यक्ष रोजगार देती है। उन्होंने बॉलीवुड की वित्तीय स्थति को गड़बड़ बताया था।
इसके बाद उन्होंने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि इन्हीं मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से बॉलीवुड को बदनाम किया जा रहा है और सरकार भी उनका समर्थन नहीं कर रही। उनका दावा था कि इस इंडस्ट्री से नाम बनाने वाले लोगों ने इसे ‘गटर’ कहा है, जो यहीं से पैसा कमाते हैं। उन्होंने कई फ़िल्मी हस्तियों द्वारा ज्यादा टैक्स देने की बात करते हुए कहा था कि सरकार का हमेशा मनोरंजन इंडस्ट्री साथ देती रही है तो सरकार भी उनका साथ दें।
जया बच्चन क्या आज इसी ऊर्जा के साथ सामने आकर आर्यन खान मामले में कुछ बोलेंगी?
यहाँ ये सवाल ज़रूरी है कि ये कौन सा ‘साथ’ है, जो बॉलीवुड ने आज तक सरकार को दिया है? समाज में ब्राह्मणों, ठाकुरों और वैश्यों को गुंडा दिखा-दिखा कर बॉलीवुड ने कमाई की है। लड़कियों का पीछा करने को सामान्य बनाया है, ‘रोमियो’ बनने का महिमामंडन किया है। कई बार बलात्कार तक का महिमामंडन किया है। हमेशा मुस्लिमों को अच्छा और आतंकियों तक का ‘अच्छा चरित्र’ दिखाने की कोशिश की है।
इसीलिए, आज कई लोग बॉलीवुड को ‘उर्दूवुड’ भी कहते हैं। यहाँ पूरे भारत की मनोरंजन इंडस्ट्री की बात करने वाली जया बच्चन को पता होना चाहिए कि बॉलीवुड के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम जैसी बड़ी दक्षिण भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री भी है देश में। इसके अलावा भोजपुरी, उड़िया और बांग्ला में भी फ़िल्में बनती हैं। सबका ठेका बॉलीवुड ने नहीं ले रखा है। रवि किशन ने नाम बॉलीवुड नहीं, भोजपुरी से कमाया। बॉलीवुड में तो उन्हें अच्छे किरदार अधिकतर दिए ही नहीं गए।
‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। ये गलत बात है।’ – जया बच्चन का ये बयान उसी मानसिकता को दर्शाता है, जिसके तहत कुछ लोग पूरे बॉलीवुड को अपना एकाधिकार मान कर च रहे हैं। जहाँ, कंगना रनौत और रवि किशन जैसों के लिए जगह नहीं है। जया बच्चन को पता होना चाहिए कि जब बॉलीवुड सुपरस्टार्स के बच्चे ही ऐसे कामों में लगे हैं तो बाकियों का क्या हाल होगा। उन्हें अपने आसपास देखना चाहिए।
जया बच्चन समजवादी पार्टी की सांसद हैं, लेकिन राज्यसभा में बोलते हुए ऐसा दिखाती हैं जैसे वो पूरे भारत की मनोरंजन इंडस्ट्री की प्रतिनिधि हों। उनकी पार्टी सैफई में बॉलीवुड वालों को बुला कर नाच-गाना करवाने के लिए जानी जाती रही है। शायद उनकी नजर में यही ‘सरकार का साथ देना’ हो। अब जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा में फिल्म सिटी बनवाने का निर्णय लिया है, बॉलीवुड के ठेकेदारों की नींद ज़रूर उड़ी होगी।
आर्यन खान किस थाली का युवक है? शाहरुख़ खान किस थाली को आज तक सजाते रहे हैं? जया बच्चन जिस थाली की बात कर रही हैं, उसमें तो छेद के अलावा कुछ और है भी नहीं। सालों से ये छेद है, बस अब लोगों को अच्छे से दिखना शुरू हो गया है। सुशांत की संदिग्ध मौतऔर अब आर्यन खान की गिरफ़्तारी से। ‘कुछ लोगों की वजह से पूरी इंडस्ट्री को बदनाम मत करो’ – लेकिन, यहाँ तो सारे के सारे ऐसे ही निकल रहे हैं।
और हाँ, क्या जया बच्चन को याद नहीं है कि कोई एक आपराधिक घटना सामने आने के बाद कैसे उनकी ही ‘थाली’ के चट्टे-बट्टे भारतीय होने पर शर्म महसूस करने वाला प्लाकार्ड लेकर फोटो डालते हैं? तब वो उनका विरोध करती नहीं? अगर नहीं करती हैं, फिर बॉलीवुड पर कोई शर्म करे तो उन्हें गुस्सा क्यों आता है? भारत तो हमारा देश है, इस पर शर्म करने वालों का महिमांडन हो सकता है लेकिन बॉलीवुड का विरोध करने वालों को वो ‘एहसान फरामोश’ बताती हैं?
बॉलीवुड के ठेकेदारों को खुश करने की जुगत में ये लोग महेश भट्ट, करण जौहर और शाहरुख़ खान जैसों के खिलाफ चूँ तक करने की हिम्मत नहीं रखते। ये पहली ऐसी रेव पार्टी या गिरफ़्तारी नहीं है। ऐसी कई गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं। केरल में इसी तरह की एक रेव पार्टी में 60 लोग हिरासत में लिए गए थे। अप्रैल 2021 में कर्नाटक के हासन जिले के अल्लुर तलूक में 130 गिरफ्तार हुए थे। जून 2020 में ऐसी रेव पार्टी के मामले में बॉलीवुड एक्टर्स गिरफ्तार हुए थे।
ये सारा कचरा उसी ‘गटर’ का तो फैलाया हुआ है, जिसका नाम बॉलीवुड है। एक बॉलीवुड अभिनेता के गोवा वाले विला में अगस्त 2020 में 22 गिरफ्तार हुए थे, जिनमें 3 विदेशी भी थे। दिसंबर 2020 में इडुक्की के वागामोन रिसोर्ट में 9 धराए थे। सितंबर 2020 में गुरुग्राम से दर्जनों युवक-युवतियाँ धराए। जून 2019 में साउथ दिल्ली की ऐसी ही एक पार्टी के 8 आयोजक पकड़ाए थे। मई 2021 में नोएडा में विदेशी लड़की समेत 15 गिरफ्तार किए गए।
ये सारे 2020-21 के मामले हैं। इन सब पर जया बच्चन का कोई बयान नहीं आया कि ‘थाली का छेद’ बड़ा क्यों होता जा रहा है तो फिर आर्यन खान की गिरफ़्तारी पर तो छोड़ ही दीजिए। कहीं सपा भी उन्हें निलंबित न कर दे, ये भी तो डर है। वैसे इंतजार रहेगा। जाया बच्चन कब आकर अपनी बॉलीवुड वाली थाली का छेद आकर मापती हैं। फ़िलहाल तो ये बड़ा ही होता जा रहा है। थाली नहीं बची, सिर्फ छेद बच गया है।
झारखंड के जामताड़ा में नमाज़ पढ़ने के लिए स्कूल बंद कराने के प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। ये मामला उसी झारखंड का है, जहां के साहिबगंज जिले में अभी कुछ ही दिन पहले एक मौलवी को पकड़ने गई पुलिस टीम पर प्राणघातक हमला हुआ था।
ध्यान देने योग्य है कि गत शुक्रवार (1 अक्टूबर 2021) को जामताड़ा जिले के करमाटांड़ प्रखंड अंतर्गत बिराजपुर उच्च विद्यालय में नमाज़ पढ़ने के लिए लगाए गए ताले ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद विवाद बढ़कर प्रशासन और पुलिस अधिकारियों तक पहुँच गया। विवाद बढ़ता देखकर जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय शंकर ने विद्यालय प्रबंधन समिति को नोटिस भेजकर पूछा है कि ऐसा किस आधार पर किया गया?
विधानसभा परिसर में नमाज़ का कमरा आवंटित करने के सरकार के निर्णय को लेकर झारखंड सरकार पर पहले से ही हमलावर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रकरण को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा ने कहा कि विधानसभा की तरह अब स्कूलों में भी नमाज़ की जगह ना बनाए झारखंड सरकार।
दैनिक जागरण के अनुसार, जिस विद्यालय को जुमे की नमाज़ के लिए बन्द किया गया था, वहां अल्पसंख्यक छात्रों की संख्या बहुसंख्यक छात्रों से अधिक है। शुक्रवार को नमाज पढ़ने के नाम पर बिराजपुर उच्च विद्यालय में ताला लटकाकर बिना किसी शासकीय सहमति के अवकाश घोषित कर दिया गया।
एक दिन बीत जाने के बाद शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को पूरे इलाके में नमाज़ का यह विषय वाद-विवाद का केंद्र बन गया और प्रशासन को खुफिया सूचना मिली की इस प्रकरण पर लोगों में आक्रोश फैल रहा है। शनिवार को यह बात गाँव-गाँव तक फैल गई। इसको देखते हुए अब शिक्षा विभाग ने हस्तक्षेप किया है।
गौर करने वाली बात है कि जामताड़ा जिले में लगभग आधा दर्जन उर्दू प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय हैं, जो जुमे अर्थात शुक्रवार को बंद रहते हैं। शुक्रवार के बदले ये स्कूल रविवार को खोले जाते हैं। फिलहाल जुमे अर्थात शुक्रवार को बिराजपुर उच्च विद्यालय में तालाबंदी को लेकर जवाब स्कूल की प्रबंधन समिति से जवाब मांगा गया है लेकिन किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी अब तक पुष्टि के साथ नहीं आई है।
झारखण्ड के भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो इसी जिले से हैं और वो यहाँ के स्कूलों को विधानसभा जैसे हालात ना बनाएँ। मंडल के अनुसार, विधानसभा के अंदर नमाज़ का कमरा बनाने के प्रकरण को समाज ने तुष्टिकरण माना है और अब तुष्टिकरण का वही खेल झारखंड के स्कूलों में खेला जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी के साथ भाजपा नेता ने इस प्रकरण के दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
इस प्रकरण पर जब ऑपइंडिया ने भारतीय जनता पार्टी के झारखण्ड अध्यक्ष दीपक प्रकाश से बात की तो उन्होंने इस घटनाक्रम को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि हेमन्त सोरेन सरकार ने तुष्टिकरण की नीति को लागू करने के लिए सभी संवैधानिक मूल्यों की बलि दे दी है। दीपक प्रकाश का ये भी कहना है कि ऐसी घटनाएँ महज एक या दो जिले तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि कामोबेश पूरे झारखण्ड के यही हालात हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इस कृत्य को लोकतंत्र का अपमान बताया।
इसी प्रकरण को विश्व हिंदू परिषद ने तालिबानी कृत्य बताया। VHP पदाधिकारी अनूप राय के अनुसार ऐसा लगता है कि विद्यालय प्रबंधन समिति के लोगों को तालिबानी फरमान पर यकीन है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सुमन दास ने नमाज़ के लिए स्कूल को बंद करने के निर्णय को हैरान कर देने वाला बताया।
इस मामले में जब ऑपइंडिया ने झारखण्ड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर अंकित स्कूल शिक्षा व साक्षरता विभाग के संयुक्त सचिव आदित्य कुमार आनंद के आधिकारिक नम्बर पर सम्पर्क किया, तब उन्होंने रॉन्ग नम्बर बताकर फोन काट दिया। आदित्य का मोबाइल नंबर ना सिर्फ आधिकारिक वेबसाइट पर संयुक्त सचिव के रूप में दर्ज है, बल्कि ट्रूकॉलर पर भी उनका नाम आदित्य आनंद IAS के रूप में दिख रहा है। इसी वेबसाइट पर दर्ज प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा व साक्षरता राजेश कुमार शर्मा का आधिकारिक लैंडलाइन नम्बर पर फोन करने पर उसे नहीं उठाया गया।
ऑपइंडिया द्वारा स्थानीय स्तर पर जब इस विषय की आधिकारिक जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तब जामताडा जिले के DC IAS फ़ैज़ अक अहमद मुमताज़ का आधिकारिक नम्बर सेवा से बाहर मिला और एडिशनल कलेक्टर ने फोन नहीं उठाया। काफी प्रतीक्षा के बाद भी इसमें से किसी भी अधिकारी की भी तरफ से कॉल बैक नहीं आया।
राजनीतिक रूप से जामताड़ा जिला 2 विधानसभा क्षेत्रों में बँटा है, जिनमें पहला नाला और दूसरा जामताड़ा है। जामताड़ा से कॉन्ग्रेस के इरफान अंसारी जीतकर विधानसभा पहुँचे हैं, जबकि नाला विधानसभा से सत्तारूढ़ झामुमो के रवींद्रनाथ महतो ने विजयश्री पाई थी। महतो वर्तमान में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष हैं। इनके ही आदेश पर झारखंड विधानसभा में नमाज का अलग कमरा बनना प्रस्तावित था, जो भाजपा विधायकों के जबरदस्त विरोध के बाद फिलहाल के लिए टल गया है।
दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार दक्षिणी दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी स्थित एक मंदिर को तोड़ेगी। इसके लिए केजरीवाल सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को जानकारी दी है। दिल्ली सरकार के मुताबिक, सोमवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा।
दिल्ली सरकार ने अदालत में यह दलील उस याचिका पर दी है, जिसमें एक संपत्ति के सामने हुए अतिक्रमण को ध्वस्त करने की माँग की गई थी। याचिकाकर्ता की माँग पर जस्टिस रेखा पल्ली ने संपत्ति के मालिक की तरफ से नोटिस जारी कर हौज खास डीसीपी से इस मामले में जवाब माँगा था। अदालत में अधिकारियों से हालात को लेकर एक रिपोर्ट सौपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मामले की सुनवाई को 8 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया है।
अपनी याचिका में आरोप लगाया गया है कि कोरोना पीरियड में किसी ने अवैध तरीके से एक मंदिर का निर्माण कर लिया था। उक्त मंदिर याचिकाकर्ता की संपत्ति के ठीक सामने स्थित है। याचिकाकर्ता का कहना है कि मंदिर होने का फायदा उठाते हुए लोग वहाँ पर इकट्ठे होते हैं और जुँआ खेलते हैं।
दिल्ली सरकार और डीसीपी दक्षिण दिल्ली की ओर से एडवोकेट अनुपम श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकारी अपने कर्तव्यों के प्रति सचेत हैं और वो 4 अक्टूबर को ही इस ढाँचे को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके साथ ही वकील ने दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को आश्वस्त किया है कि मंदिर को ध्वस्त किए जाने के दौरान पुलिस की जरूरत होगी और दिल्ली पुलिस पीडब्ल्यूडी का सहयोग करेगी।
इसके साथ ही अदालत ने अवैध रूप से मंदिर बनाने वाले को भी नोटिस जारी किया है। हालाँकि, याचिका दायर करने वाले व्यक्ति को ही यह नहीं पता है कि वह निर्माण किसने करवाया था।
इससे पहले भी तोड़े गए थे मंदिर
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के चाँदनी चौक में पुनर्विकास परियोजना के तहत इसी साल जनवरी में बजरंग बली के मंदिर को तोड़ दिया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी में जमकर बहस हुई थी।
रेव पार्टी और ड्रग्स मामले में गिरफ्तार आर्यन खान को अदालत ने एक दिन के लिए NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की कस्टडी में भेज दिया है। उनकी तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सतीश मानशिंदे एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (CMM) आरके राजेभोसले की अदालत में सुनवाई के दौरान पेश हुए। NCB की तरफ से वकील अद्वैत सेठना ने पैरवी की। अजय मर्चेंट और मुनमुम धामेचा को भी कोर्ट में पेश किया गया। वो भी कस्टडी में रहेंगे।
FIR की कॉपी में बताया गया है कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन के पास से 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम MD(Mephedrone) 21 ग्राम चरस, MDMA (Ecstasy) की 22 गोलियाँ और 1.13 लाख रुपए बरामद हुए हैं। NCB ने अदालत को बताया कि पूरे एक दिन की छापेमारी के बाद ये चीजें जब्त की गई हैं। व्हाट्सएप चैट्स के माध्यम से ड्रग सप्लायर्स और पेडलर्स का नेटवर्क काम कर रहा था।
Maneshinde – Your honour may take me in custody and remand me for one day so that whatever investigation needs to be done, is done.
Because I am neither found in possession, nor is there allegation of consumption. None of the sections attract the embargo under sec 37 of the NDPS
NCB ने तीनों आरोपितों को 5 अक्टूबर तक रिमांड में लेने की माँग की थी। NCB ने माना कि ये अपराध जमात योग्य भी है। वहीं सतीश मानशिंदे ने अपनी दलील में कहा कि आर्यन खान को एक दिन के लिए कस्टडी में लिया जाए और जो जाँच करनी है उस एक दिन में किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल न ड्रग लिए हुए और न उसे रखे हुए पाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के आयोजनों ने उन्हें बुलाया था और उनके पास से कोई आपत्तिजनक चीजें नहीं मिली हैं।
सतीश मानशिंदे ने कहा कि न तो आर्यन खान के मोबाइल में कुछ मिला है और न ही उनके पास बोर्डिंग पास था। उन्होंने कहा कि NCB व प्रशासन ने उनके मुवक्किल के साथ अच्छा व्यवहार किया है, इसीलिए उन्हें एक दिन की कस्टडी से कोई आपत्ति नहीं। उन्होंने कहा कि वो आज भी जमानत याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन फिर NCB रिप्लाई के लिए समय लेगी और इसीलिए ये ठीक नहीं होगा।