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नाथूराम गोडसे पर मांजरेकर बनाएँगे फिल्म, AAP नेता संजय सिंह बीच में कूदे, PM मोदी से पूछा- क्या आपकी इजाजत से बन रही है फिल्म?

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजय सिंह ने रविवार (3 अक्टूबर, 2021) को पीएम मोदी से सवाल किया कि क्या उन्होंने नाथूराम गोडसे पर बायोपिक बनाने की इजाजत दे दी है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, “मोदी जी के जीवन पर फ़िल्म बनाने वाले फ़िल्म निर्माता अब बापू की हत्या करने वाले आतंकवादी गोडसे को महिमामंडित करने की होशियार कोशिश के तहत ‘गोडसे’ पर फ़िल्म बनाने जा रहे हैं। ये फ़िल्म का पोस्टर है। मोदी जी क्या आपने ये फ़िल्म बनाने की इजाज़त दी है?”

पीएम मोदी से सवाल करने के पीछे संजय सिंह का लॉजिक यह था कि फिल्म के निर्माताओं में से एक संदीप सिंह ने 2019 में पीएम मोदी की बायोपिक बनाई थी। उल्लेखनीय है कि किसी फीचर फिल्म या बायोपिक को बनाने के लिए किसी भी मेकर्स को प्रधानमंत्री से अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है, जब तक कि यह सीधे तौर पर उनकी जिंदगी से जुड़ा हुआ न हो। फिल्म रिलीज के लिए तैयार हो जाने के बाद निर्माता सेंसर बोर्ड से संपर्क करते हैं और सर्टिफिकेट लेते हैं, ताकि फिल्म भारत में रिलीज हो सके। मगर संजय सिंह इस बायोपिक के बारे में इसकी टीम से पूछने की बजाय पीएम मोदी से सवाल कर रहे हैं।

बता दें कि फिल्म की घोषणा फिल्म निर्माता महेश मांजेरकर ने गत गाँधी जयंती पर की थी। उन्होंने ट्वीट किया, “नाथूराम गोडसे की कहानी हमेशा मेरे दिल के करीब रही है।” गोडसे पर आने वाली फिल्म का निर्माण लीजेंड ग्लोबल स्टूडियो और थिंकइंक पिक्चर के बैनर तले किया जाएगा। फिलहाल, फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है और इसके 2022 के सेकेंड हाफ में रिलीज होने की उम्मीद है।”

प्रेस रिलीज में मांजरेकर ने कहा, “इस तरह की फिल्म का समर्थन करने के लिए काफी साहस चाहिए। मैं हमेशा कठिन विषयों और बिना समझौता किए कहानी कहने में विश्वास करता हूँ। लोग गोडसे के बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं, सिवाय इसके कि वह गाँधी पर गोली चलाने वाले व्यक्ति थे। उनकी कहानी बताते हुए हम न तो किसी को संरक्षण देना चाहते हैं और न ही किसी के खिलाफ बोलना चाहते हैं। हम इसे दर्शकों पर छोड़ देंगे कि कौन सही है या गलत।” मांजरेकर ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में भी यह बातें लिखी।

वहीं संदीप सिंह ने कहा, “नाथूराम गोडसे की कहानी वह है जिसे मैं अपनी पहली फिल्म बनाने के बाद से बताना चाहता था। यह एक अनकही कहानी है, जिसे सिनेमा प्रेमियों के सामने पेश किया जाना चाहिए। गोडसे और गाँधीजी के बारे में कहानियों के विभिन्न संस्करण हैं। महेश, राज और मेरा इरादा तथ्यात्मक कहानी को सामने लाने का है और इस तरह आज की पीढ़ी के लिए भूले-बिसरे इतिहास के पात्रों की सिनेमाई कृति सामने लाना है।”

राज शांडिल्य ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में नाथूराम गोडसे के बारे में जानने में एक नई दिलचस्पी पैदा हुई है। साथ ही, हम ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारों को प्रोत्साहित किया जाता है। इसलिए, हमें लगता है कि नाथूराम गोडसे पर फिल्म लाने का यह सही समय है।”

उल्लेखनीय है कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने मोहनदास करमचंद गाँधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोडसे को 15 नवंबर 1949 को फाँसी पर लटका दिया गया था।

आखिरकार गिरफ्तार किए गए आर्यन खान, ड्रग्स वाली रेव पार्टी के मामले में NCB की बड़ी कार्रवाई: रिमांड में लिए जा सकते हैं

क्रूज पर ड्रग पार्टी मामले में NCB की टीम ने एक्टर शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को गिरफ्तार कर लिया है। NCB की टीम ने आर्यन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आर्यन खान को मेडिकल के लिए लेकर जाया गया है। ड्रग पार्टी करने के आरोप में 8 लोगों को हिरासत में लिया गया था। सभी आठ आरोपितों के पास से चरस, MDMA, MD और कोकेन समेत अन्य ड्रग बरामद किए गए थे।

अब गिरफ्तार किए गए आरोपितों की मेडिकल जाँच कराई जाएगी। उन्हें मेडिकल जाँच के लिए मुंबई के जेजे अस्पताल ले जाया गया है। जाँच के बाद उन्हें किला कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहाँ पर उनकी पुलिस रिमांड माँगी जा सकती है। हालाँकि ये रिमांड कितने दिन की होगी ये पेशी के बाद ही साफ हो सकेगा। एनसीबी आरोपितों से पूछताछ के लिए कोर्ट से कम से कम तीन दिन की रिमांड माँग सकती है। आर्यन से हुई एनसीबी की पूछताछ में आर्यन ने बताया था कि वह पार्टी में गेस्ट के तौर पर पहुँचे थे। आर्यन ने कहा कि पार्टी में शामिल होने के लिए उन्हें कोई पैसा नहीं दिया गया था।

इससे पहले खबर आई थी कि जाँच एजेंसी ने आर्यन के पास से भी कुछ ड्रग्स बरामद किया है। आर्यन ने अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखा था। एनसीबी चीफ एसएन प्रधान ने बताया था, “मुंबई में क्रूज पर पार्टी और वहाँ से बरामद हुए ड्रग्स के संबंध में आठ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सूचना के आधार पर आगे और भी छापेमारी की जाएगी।”

उन्होंने बताया था कि जिन आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वो हैं- आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा, नुपूर सारिका, इस्मित सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत छोकर, गोमित चोपड़ा। एसएन प्रधान ने कहा कि वो इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं और एक्शन ले रहे हैं कि ड्रग्स जैसे चरस और एमडीएम पार्टी के लिए कहाँ से लाया गया था। एनसीबी चीफ ने कहा कि वो निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में कुछ बॉलीवुड कनेक्शन या फिर कुछ बेहद अमीर लोगों से हो सकते हैं। लेकिन, हमें कानून के दायरे में रहकर अपना काम करना होगा। गौरतलब है कि एनसीबी की रेड्स में पकड़े गए लोगों ने अपनी अंडरवियर तक में ड्रग्स छुपा रखे थे। 

‘योगी सबसे बेकार और नाकाम CM’: जमीयत वाले मदनी ने कहा – मुस्लिमों के साथ हो रही नाइंसाफी, हम पर दोतरफा मार

मौलाना महमूद मदनी ने कहा है कि मैं योगी को उत्तर प्रदेश का सबसे ‘नाकाम और सबसे घटिया’ मुख्यमंत्री मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस राष्ट्र, राष्ट्रभक्ति, राष्ट्र-निर्माण, राष्ट्र-सुरक्षा की सबसे ज्यादा सीना पीटने वाले लोगों की पार्टी से आने वाले व्यक्ति ने राष्ट्र के साथ सबसे ज्यादा विश्वासघात किया है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ पर देश-प्रदेश के लोगों को अलग-अलग खेमों में बाँटने का आरोप भी मढ़ा।

उन्होंने कहा कि मुल्क की दुश्मनी के लिए इससे बड़ा जुर्म कुछ नहीं होता सकता। सीएम योगी ने सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए कहा, “मुस्लिम औरतों के ख़िलाफ़ 3 तलाक़ और हलाला जैसे जुल्म का ‘लुत्फ़’ लेने वाले चार टके के मौलाना भी सियासी मौसम आते ही चुनावी फ़तवे बाँटने लगे।” वहीं लोगों ने कहा कि तालिबान के हमदर्दों के मानने या न मानने से कोई फर्क नहीं पड़ता, सीएम योगी आदित्यनाथ ही फिर से सत्ता में लौटेंगे।

‘इंडिया टीवी’ के एक कार्यक्रम में उन्होंने ये बातें कही। मौलाना महमूद मदनी जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक सत्ता जो है, जो मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए मुस्लिमों की बात लेकर आ जाता है। उन्होंने इसे मुल्क के लिए बुरी बात बताते हुए कहा कि जो मुस्लिमों के साथ होने का दावा करते हैं, वो भी साथ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अपने साथ कर के हम जोड़ सकते हैं, वहाँ हम नाकाम रहे हैं।

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि एक बार वो एयरपोर्ट पर टहल रहे थे तो उन्हें ख्याल आया कि कहीं सीसीटीवी पर देख रहे सुरक्षाकर्मी कहीं उन्हें पकड़ न लें, क्योंकि मैं कुर्ता-पायजामा-टोपी में था। उन्होंने कहा कि मुस्लिम अपनी पहचान छोड़ देगा तो परेशानी का हल नहीं होगा। उन्होंने देवबंद का बचाव करते हुए कहा कि कभी इसी ने अफगानिस्तान में भारत की सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद राजा महेंद्र प्रताप को राष्ट्रपति बनाया गया था।

मौलाना महमूद मदनी ने यूपी विधानसभा चुनाव पर की बात

उन्होंने कहा, “हमें कहा जाता है कि तालिबान की और हमारी सोच एक है। इससे आपको समस्या नहीं होनी चाहिए। मीडिया ने मुस्लिमों को ख़त्म करने के लिए 5-10 सवाल इकट्ठे कर रखे हैं। मीडिया को इस्लाम से समस्या है। हमें देश की राजनीति में अच्छे लोगों की ज़रूरत है। सिर्फ मुजफ्फरनगर दंगे ही नहीं, कई मामले हैं जिनमें हम पर दोतरफा मार किया जा रहा है। 5-7 साल केस चलने के बाद हम बरी हो जाएँगे। ये केस लगाते भी हैं और हटाते भी हैं।”

उन्होंने पूछा कि अचानक साढ़े 4 साल बाद योगी सरकार की आँख कैसे खुल गई कि धर्मांतरण हो रहा है, ये तो हम काफी दिनों से कर रहे? उन्होंने नसीहत दी कि मुस्लिमों की वफादारी पर कोई शक न करे। उन्होंने एक खाद तबके के साथ नाइंसाफी की बात करते हुए कहा कि आवाज़ उठाई जानी चाहिए। यूपी के अगले विधानसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि उम्मीदवार के आधार पर वोट किसको देना है ये तय किया जाएगा।

नरेंद्र गिरि मामले में सुसाइड नोट और बैंक सिग्नेचर का CBI ने किया मिलान, आनंद गिरि के लाई डिटेक्टर टेस्ट की तैयारी

अखिल भारतीय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की मौत के मामले में सीबीआई की जाँच लगातार जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नित नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट और उनके बैंक रिकॉर्ड में मौजूद हस्ताक्षर का मिलान किया गया है।

नरेंद्र गिरि के सुसाइड नोट पर मिले फिंगर प्रिंट को भी मिलाया गया है। इस मामले में आनंद गिरि का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी सीबीआई कर रही है। इसके लिए जल्द ही कोर्ट से परमिशन लिया जाएगा। हालाँकि, इस मामले में अभी फॉरिंसिक जाँच की रिपोर्ट आनी बाकी है। जाँच एजेंसी ने उन लोगों की लिस्ट तैयार कर ली है, जो नरेंद्र गिरि से मिलते रहते थे। अब उनसे पूछताछ की जा रही है। उनसे मिलने वालों में कई राजनीतिक लोग और उनके परिवार के लोग भी शामिल हैं।

हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों से जाँच की माँग

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के सचिव और जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि ने नरेंद्र गिरि की मौत की जाँच अपने स्तर पर कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि नरेंद्र गिरि सुसाइड नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वो नरेंद्र गिरि को करीब 30 साल से जानते हैं। उन्होंने इस मामले की जाँच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैनल से इस केस ही जाँच कराने की माँग की है।

5 अक्टूबर को बलबीर बनेंगे उत्तराधिकारी

महंत नरेंद्र गिरि के वसीयत को लेकर लंबे समय से विवाद जारी है। इसी क्रम में दिवंगत महंत की वसीयत के मुताबिक, बलबीर को 5 अक्टूबर को उनका उत्तराधिकारी घोषित किया जाएगा। ऐसा होने के बाद वह बाघम्बरी गद्दी के महंत और बड़े हनुमान मंदिर के आचार्य बन जाएँगे। हालाँकि, निरंजनी अखाड़ा इसको लेकर नाखुश है। अखाड़े का मानना है कि संतों की संपत्ति उनकी व्यक्तिगत नहीं होती है, इसलिए इसे कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है।

बता दें कि सोमवार (सितंबर 20, 2021) को महंत नरेंद्र गिरी मृत पाए गए थे। मगर उन्होंने आत्महत्या की थी या फिर यह कोई साजिश थी, अब तक इससे पर्दा नहीं उठ पाया है।

स्वीमिंग पुल में 6 साल के बच्चे के साथ अश्लील हरकत करने वाले राजस्थान के Dy SP सैनी और महिला कॉन्स्टेबल सेवा से बर्खास्त, दोनों जेल में हैं बंद

राजस्थान के पुष्कर में स्विमिंग पुल में 6 साल के बच्चे के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में राज्य सरकार ने निलंबित पुलिस उपाधीक्षक हीरालाल सैनी और महिला कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस विभाग ने गत 8 सितंबर 2021 को दोनों को निलंबित कर दिया था।

मामला प्रकाश में आने के बाद पुलिस हेडक्वार्टर ने हीरालाल व कॉन्स्टेबल के मोबाइल रिकाॅर्ड खंगाले थे, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। बताया जा रहा है कि दोनों हर रोज कई बार फोन पर बातें करते थे। एक साल में इनके बीच में 5,500 से ज्यादा कॉल किए गए थे। हीरालाल के मोबाइल की लोकेशन भी ज्यादातर कालवाड़ में मिली थी।

अश्लील वीडियो सामने आने के बाद हीरालाल सैनी को पुलिस हेडक्वार्टर में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वह पुलिस हेडक्वार्टर में नहीं पहुँचा, बल्कि महिला कॉन्स्टेबल के साथ उदयपुर के होटल में गया था। वहाँ दोनों एक ही कमरे में रुके हुए थे। एसओजी ने राजस्थान पुलिस सेवा (आरपीएस) अधिकारी हीरालाल सैनी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद महिला कांस्टेबल को 12 सितंबर 2021 को गिरफ्तार किया गया था।

बता दें कि 10 जुलाई को पुष्कर के रिसॉर्ट में दोनों ने एक अश्लील वीडियो बनाया था। इसमें महिला कॉन्स्टेबल का 6 साल का बच्चा भी था। दोनों बच्चे का बर्थडे मनाने के लिए रिसॉर्ट गए थे। वहाँ दोनों बच्चे के साथ अश्लील हरकतें करते नजर आए थे। यह मामला तब सामने आया जब महिला कॉन्स्टेबल वीडियो को अलग फोल्डर में सेव कर रही थी, तभी वीडियो वॉट्सऐप के स्टेटस पर लग गया था। महिला के भाई-भाभी ने ही उसे फोन कर वीडियो के बारे में बताया था। उसके वीडियो को काफी लोगों ने डाउनलोड कर लिया था। इसके बाद महिला के पति ने उससे तला​क माँगा था।

UP के हर जिले में योगी सरकार खोलेगी अभ्युदय कोचिंग: विद्यार्थी नि:शुल्क कर सकेंगे UPSC-NEET-JEE की उम्दा तैयारी

उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए आईएएस, आईपीएस और इंजीनियर बनने की राह अब और आसान होने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार अब हर जिले में अभ्युदय कोचिंग सेंटर खोलेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराने वाली मुख्यमंत्री अभ्‍युदय योजना को राज्‍य सरकार अब छोटे जिलों में भी लागू करने की तैयारी में है। अब छोटे जिलों के युवा भी इन प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करके ऑफिसर और इंजीनियर बन सकेंगे।

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने समाज कल्‍याण विभाग को हर जिले में अभ्‍युदय कोचिंग शुरू करने के लिए प्रस्‍ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। सरकार की योजना छोटे जिलों के प्रतिभावान युवाओं को उनके आस पास ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे बेहतर सुविधा उपलब्‍ध कराने की है।

मुख्‍यमंत्री अभ्‍युदय योजना फिलहाल 18 मंडल मुख्‍यालयों पर संचालित हो रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं में यूपी के युवाओं की दमदार मौजूदगी को देखते हुए सरकार इसका दायरा बढ़ा कर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक करने जा रही है।

समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव रविन्द्र नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना फिलहाल 18 मंडल मुख्यालयों पर संचालित हो रही है। इन महानगरों में अभ्युदय योजना से युवाओं को जबरदस्त फायदा मिला है। इसी को देखते हुए सरकार इसका दायरा बढ़ाकर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि मंडल मुख्यालयों के अलावा 18 और जिलों को चिह्नित कर लिया गया है। इनमें लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, हमीरपुर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बलिया, जौनपुर, सोनभद्र, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, मथुरा, एटा, फर्रूखाबाद, जालौन, बदायूँ और बिजनौर शामिल हैं।

नीट, सीडीएस, जेईई, एनडीए और सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए ऑफलाइन माध्यम से 5,000 से अधिक और ऑनलाइन माध्यम से 10,000 से अधिक छात्रों को अभ्‍युदय कोचिंग के जरिए तैयार किया जा रहा है। ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही अध्ययन सामग्री के माध्यम से 1 लाख से अधिक छात्रों को योजना का लाभ मिल रहा है।

राज्‍य सरकार योजना के तहत चुने गए कुछ छात्रों को टैबलेट भी उपलब्ध कराने जा रही है, ताकि वे परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल संसाधनों का उपयोग कर सकें। लखनऊ के मंडलायुक्‍त और अभ्युदय योजना के नोडल अधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि जेईई एडवांस के अगले बैच में प्रवेश के लिए 3 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित की जा रही है।

बता दें कि योगी सरकार की इस योजना का मकसद युवाओं की प्रतिभा को तराशना है। सरकार इन्हें आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। टैबलेट मुहैया कराने के पीछे भी सरकार की यही सोच है कि इससे युवा छात्र मात्र एक क्लिक में पूरी दुनिया की जानकारी बेहतर ढंग से ले पाएँ। 

16 फरवरी 2021 से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी मंडल मुख्यालयों में अभ्युदय कोचिंग (http://abhyuday.up.gov.in/) की शुरुआत की गई है। शुरू में दो कक्षाएँ चलाई गई थीं, लेकिन अब इनमें विस्तार किया जा रहा है।

‘हमने सोमनाथ को 17वें हमले में जीता’: ब्राह्मणों का मजाक बनाने वाले Pak कॉमेडियन की बीमारी से मौत, जर्मनी में फँसा शव

पाकिस्तान में ‘किंग ऑफ कॉमेडी’ कहे जाने वाली उमर शरीफ की मौत हो गई। शनिवार (2 अक्टूबर, 2021) को उनके परिजनों ने 66 वर्षीय कॉमेडियन की मौत की सूचना दी। बताया जा रहा है कि जर्मनी में उनकी मौत हुई। वो हृदय सम्बंधित कई बीमारियों से पीड़ित थे। 28 सितंबर, 2021 को एक एयर एम्बुलेंस के जरिए अमेरिका ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत और बिगड़ जाने के कारण जर्मनी में रुकना पड़ा।

फिर उन्हें जर्मनी के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी मौत हुई। बर्लिन में पाकिस्तान के राजदूत डॉक्टर मोहम्मद फैसला ने ट्वीट कर के उन्हें श्रद्धांजलि दी और बताया कि कानूनी प्रक्रिया में उनके परिजनों की मदद की जा रही है, ताकि शव वापस ले जाया जा सके। पाकिस्तान के सत्तापक्ष से लेकर प्रतिपक्ष तक के नेताओं ने उनकी मौत के बाद परिजनों को सांत्वना देते हुए बयान जारी किए।

1955 में कराची में जन्मे उमर शरीफ ने 1974 से ही मंच पर कॉमेडी ड्रामा में परफॉर्म करना शुरू कर दिया था। उनका करियर 5 दशक के आसपास का रहा। उन्होंने कई टीवी सीरियलों व फिल्मों का भी निर्माण किया। उन्होंने मुख्यतः मंच को ही अपना अड्डा बनाया, जहाँ वो एक अन्य कॉमेडियन मोईन अख्तर के साथ परफॉर्म करते थे। कई देशों में उनके ट्रिप्स हुए। अख्तर 2011 में चल बसे थे। भारत के कई कॉमेडियन भी उन्हें अपना मेंटर मानते हैं।

उन्हें अमेरिका ले जाए जाने के लिए कई दिनों से तैयारी की जा रही थी। लोगों ने पाकिस्तान और सिंध की सरकारों को इसके लिए धन्यवाद भी दिया था। अमेरिका जाने से पहले उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के नाम सन्देश भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि डॉक्टर उन्हें बेहतर इलाज के लिए विदेश जाने कह रहे हैं। उन्होंने सरकार से मदद माँगा था। लेकिन, इसमें उन्हें वित्तीय के साथ-साथ कानूनी समस्याएँ भी थीं।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के नाम उमर शरीफ ने भेजा था संदेश

हालाँकि, पाकिस्तान की सरकार ने कागज़ी प्रक्रिया पूरी करने में ही काफी देर लगा दी, जिससे उन्हें अमेरिका ले जाने में देर हो गई। भारत के कई सेलेब्स भी उमर शरीफ की मौत से दुःखी हैं और मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा ने भी बयान जारी किया। लेकिन, इस दौरान ये भी जानने लायक है कि भारत को लेकर उनकी सोच क्या थी। एक कार्यक्रम में उन्होंने मुस्लिमों का इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहा था कि सोमनाथ के मंदिर पर हमने 17 बार हमला किया, फिर जीता।

उन्होंने कहा था, “हिम्मत मत हारना। एक ही राउंड होगा। पाकिस्तान का झंडा सबसे ऊपर होगा।” उन्हें भारतीय टीवी शोज में भी बुलाया जाता था। इसी तरह के एक शो में उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू और शेखर सुमन की मौजूदगी में बुलाया गया था। इसमें उन्होंने बताया था कि कैसे एक स्टेज ड्रामा में एक मुस्लिम व्यक्ति को पंडित का गेटअप दिया गया था, लेकिन उसने हालचाल पूछने पर कहा – ‘अल्लाह का शुक्र है।’ इस पर भीड़ ने ठहाके भी लगाए थे।

अब स्थिति ये है कि उमर शरीफ का शव जर्मनी में ही फँसा हुआ है और उनकी इच्छा के मुताबिक हजरत अब्दुल्ला शाह गाजी के मकबरे के परिसर में उन्हें दफनाने की माँग हो रही है। पाकिस्तानी पत्रकार वसीम बादामी का कहना है कि मौत के बाद 2 दिन तक जर्मनी से बाहर शव नहीं ले जाया जा सकता। वहाँ से उनका शव पाकिस्तान लाने में दिक्कतें आ रही हैं। पाकिस्तानी नेताओं ने इसमें हस्तक्षेप करने की बात कही है।

अफगानिस्तान-वियतनाम ही नहीं… सोमालिया से भी भागना पड़ा था अमेरिकी सेना को, दो दशक पुरानी वह घटना, जिसने US को किया शर्मिंदा, बनी है फेमस फिल्म

अफगानिस्तान से अचानक अपनी सेना हटाने के बाद दुनिया भर के देशों के सवालों के घेरे में आ चुके अमेरिका को तालिबान के विस्तार और उसके बढ़े प्रभाव के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के इस कदम के समर्थन और आलोचनाओं के बीच यह भी जानना जरूरी है कि क्या अमेरिका ने ऐसा पहली बार किया है। इतिहास के झरोखों से मुख्यतः वियतनाम और अफगानिस्तान की ही झलक मिलती है, लेकिन यहाँ एक छोटे से देश सोमालिया का भी उल्लेख जरूरी है। सोमालिया की घटना को इस सप्ताह 2 दशक अर्थात 20 वर्ष पूरे हो गए हैं।

किसी देश में घुस पर उनके आंतरिक मामलों में दखल देने की की आदत के चलते अमेरिका के 18 फौजियों को आज से लगभग 20 वर्ष पहले सोमालिया में अपनी जान गँवानी पड़ी थी। इस घटना को Battle of Mogadishu अर्थात मोगादिशु का युद्ध कहा जाता है। तब वर्ष 1992 में आंतरिक कलह से जूझते सोमालिया में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने शांति सेना के नाम पर अपने सैनिक भेजे थे, जिन्होंने धीरे-धीरे वहाँ के प्रशासन को अपने हाथ में ले लिया।

जनवरी 1993 में अमेरिकी सत्ता में परिवर्तन हुआ और बिल क्लिंटन ने शासन संभाला। सोमालिया में आंतरिक कलह के नाम पर कायम अमेरिकी धाक और धौंस कहीं-न-कहीं क्लिंटन शासन को भी पसंद आई और उन्होंने सोमालिया में अमेरिकी अभियान को बढ़ाने की मंजूरी दे दी। हालाँकि, राष्ट्रपति क्लिंटन को आभास नहीं था कि यह कदम अमेरिका के लिए भारी शर्मिंदगी का विषय बनने जा रहा है। रविवार का दिन था और तिथि थी 3 अक्टूबर 1993, जब अमेरिकी सेना का एक विशेष अभियान दस्ता सोमालिया की राजधानी मोगादिशु को नियंत्रण में रखने वाले मोहम्मद फराह अदीद के 2 खास सहयोगियों को पकड़ने के लिए निकला था।

अमेरिकी दस्ते को मोगादिशु में इन सभी की एक गुप्त मीटिंग की जानकारी मिली थी। महज 45 मिनट से 1 घंटे में इस अभियान को निबटाने का लक्ष्य अमेरिकी फौजों ने रखा था, लेकिन वहाँ पर जो कुछ हुआ वो उनके लिए अप्रत्याशित था। अमेरिकी कमांडो वायुमार्ग से शहर में उतरे और उनको जमीनी लड़ाई लड़कर अपने काम को खत्म कर वापस जाना था, पर सोमालिया की फौजों और आम नागरिकों ने मिलकर न सिर्फ उनके ब्लैक हॉक नाम के दो तब के उत्कृष्ट माने जाने वाले हेलीकॉप्टर मार गिराए, बल्कि 18 अमेरिकी सैनिकों को भी मार डाला। बचाव में गए 84 अमेरिकी फ़ौजी बुरी तरह घायल हो गए थे। माइक डुरंट नाम का अमेरिकी सेना के पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसे 11 दिन बाद तमाम प्रयासों के फलस्वरूप छुड़ाया जा सका था।

दुनिया भर को मानवाधिकार का ज्ञान देने वाले अमेरिका ने इस युद्ध में अपने कुछ सैनिकों को बचाने के लिए सैकड़ों सोमालियाई नागरिकों की जान ले ली थी। इस पूरे घटनाक्रम पर हॉलीवुड ने “ब्लैक हॉक डाउन” नाम से एक फिल्म भी बनाई है, जिसमें हमलावर अमेरिकी सैनिकों के लिए भावनात्मक समर्थन और सोमालियाई नागरिकों के आक्रामक और आतंकी रूप को चित्रित किया गया है। मोगादिशु के इस युद्ध का एक पहलू ये भी रहा कि अमेरिकी फौजों के विरुद्ध आपस में लड़ते सोमालियाई एक हो गए थे।

इस शर्मिंदगी और चोट के बाद अमेरिका को होश आया और तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने 6 माह के अंदर सोमालिया से अमेरिकी सेना को क्रमवार हटाने का निर्णय लिया था। मोगादिशु के युद्ध में अपने कई सैनिकों को गँवाने के बाद भावुक होकर बिल क्लिंटन ने कहा था कि ये अमेरिका की गलती थी, जो उसने स्वयं को सोमालिया के पुलिस प्रशासक के रूप में स्थापित कर लिया था। इस घटना के बाद तत्कालीन अमेरिकी शासन ने अपनी विदेश नीति में बदलाव किये थे, लेकिन उन सभी के पीछे अमेरिका का स्वार्थ था जिसमें अमेरिकी जन-धन की हानि को भविष्य में मोगादिशु जैसी घटना से बचाना था।

अमेरिका के जाने के बाद सोमालिया भी कालांतर में अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों का वैसा ही गढ़ बन गया, जैसा वर्तमान समय में अफगानिस्तान तालिबान का गढ़ बन गया है। यदि इस पूरे प्रकरण के सारांश में जाएँ तो अमेरिका को अफगानिस्तान से लेकर सोमालिया तक कई बार सबक मिले हैं। आज अफगानिस्तान में जो कुछ भी हुआ वो पहली बार नहीं है। जगह, स्थान और समय भले ही बदलते रहे हैं पर इन सभी में जो चीज कॉमन रही है वो रही है अमेरिका की मौजूदगी और अमेरिका की स्वार्थ से परिपूर्ण नीतियां।

गिरफ्तार हो सकते हैं आर्यन खान, लेंस के डिब्बे और व्हाट्सएप चैट से मिले सबूत: 8 से पूछताछ, NCB चीफ ने कहा- अभी और होगी छापेमारी

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान रेव पार्टी करने के मामले में पकड़े गए हैं। शनिवार को नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शनिवार (2 अक्टूबर 2021) को मुंबई से गोवा जा रहे एक लग्जरी क्रूज शिप में छापा मारकर कई लोगों को हिरासत में लिया। इसमें शाहरुख खान के बेटे आर्यन भी शामिल थे।

आर्यन खान फिलहाल एनसीबी की हिरासत में हैं और जाँच एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है और उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि आर्यन खान को इस पार्टी में एक सेलिब्रिटी के तौर पर बुलाया गया था। इसीलिए पार्टी में शामिल होने के उनसे कोई फीस नहीं ली गई थी। फिलहाल, एनसीबी ने आर्यन के फोन को जब्त कर लिया है और उनके व्हाट्सएप से ड्रग्स से जुड़ी चैट बरामद की है। सूत्रों का ये भी कहना है जाँच एजेंसी ने आर्यन के पास से भी कुछ ड्रग्स बरामद किया है। आर्यन ने अपने लेंस के डिब्बे में ड्रग्स छुपाकर रखा था। हालाँकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एनसीबी चीफ एस.एन प्रधान ने कहा, “मुंबई में क्रूज पर पार्टी और वहाँ से बरामद हुए ड्रग्स के संबंध में आठ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सूचना के आधार पर आगे और भी छापेमारी की जाएगी।”

उन्होंने बताया कि जिन आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, वो हैं- आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट, मुनमुन धमेचा, नुपूर सारिका, इस्मित सिंह, मोहक जसवाल, विक्रांत छोकर, गोमित चोपड़ा। एस.एन. प्रधान ने कहा कि हम इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं और एक्शन ले रहे हैं कि ड्रग्स जैसे चरस और एमडीएम पार्टी के लिए कहाँ से लाया गया था। एनसीबी चीफ ने कहा कि हम निष्पक्ष तरीके से काम कर रहे हैं इस प्रक्रिया में कुछ बॉलीवुड कनेक्शन या फिर कुछ बेहद अमीर लोगों से हो सकते हैं। लेकिन, हमें कानून के दायरे में रहकर अपना काम करना होगा।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि मुंबई में हमें अपना काम जारी रखना होगा। अगर आप आँकड़ों को देखेंगे तो पिछले सिर्फ एक साल में करीब 300 से ज्यादा छापेमारी की गई है। यह आगे भी जारी रहेगी, चाहे इसमें विदेशी नागरिक शामिल हों, फिल्म जगत के लोग हों या फिर अमीर लोग शामिल हों। एनसीबी चीफ ने यह भी खुलासा किया कि यह दो सप्ताह तक चली एक कड़ी जाँच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि हमने विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई की, जिसमें कुछ बॉलीवुड लिंक्स की संलिप्तता सामने आई है।

गौरतलब है कि एनसीबी की रेड्स में पकड़े गए लोगों ने अपनी अंडरवेयर तक में ड्रग्स छुपा रखे थे। फिलहाल, एनसीबी ने इस मामले में दो महिलाओं समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। जाँच एजेंसी ने बयान जारी किया है कि कार्रवाई के दौरान एमडीएमए, कोकीन, एमडी और चरस बरामद किया है।

प्रतिदिन ड्रग्स लेते थे आर्यन

न्यूज 18 के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ पूरी होने के बाद एनसीबी आर्यन खान को रविवार को गिरफ्तार कर सकती है। आर्यन के मोबाइल की जाँच में इस बात के पुख्ता सबूत मिले हैं कि वो नियमित तौर पर ड्रग्स के लिए ऑर्डर करते थे और उसे इस्तेमाल भी करते थे। गौरतलब है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद एनसीबी ने बॉलीवुड के ड्रग कार्टेल को ध्वस्त करने के लिए जाँच शुरू की थी।

शाहरुख खान के बेटे आर्यन का केस लड़ेंगे मशहूर वकील सतीश मानशिंदे, इससे पहले रिया, सलमान, संजय दत्त के मामले में की थी पैरवी

मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। उन्होंने आर्यन का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। इसी बीच खबर है कि आर्यन के मामले की पैरवी मशहूर वकील सतीश मानशिंदे करेंगे। मानशिंदे एनसीबी के दफ्तर पहुँच चुके हैं। सतीश मानशिंदे वही वकील हैं, जिन्होंने सुशांत सिंह राजपूत ड्रग्स केस में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शौविक की पैरवी की थी।

मालूम हो कि सतीश मानशिंदे एक मशहूर क्रिमिनल लॉयर हैं। मानशिंदे ने सलमान खान और संजय दत्त के केस लड़े थे और जीते भी थे। इसके बाद रिया चक्रवर्ती ने अपना केस जीतने के लिए सतीश मानशिंदे को हायर किया था। वह कोर्ट की हर तारीख के लिए अच्छी खासी फीस लेते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्यन के अलावा हिरासत में लिए गए अन्य 10 लोगों के मोबाइल फोन से ड्रग्स चैट्स मिले हैं। वहीं, आर्यन खान ने पूछताछ में ड्रग्स पार्टी में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उसने NCB से कहा कि मैं सिर्फ VIP गेस्ट के तौर पर वहाँ पर था। बताया जा रहा है कि शाहरुख खान के बेटे के लेंस के डिब्बे से ड्रग्स बरामद किया गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है।

एनसीबी के सूत्रों के हवाले से मीडिया ने जानकारी दी है कि इस क्रूज पार्टी के लिए एंट्री फी के तौर पर शामिल लोगों ने 60 हजार से 5 लाख रुपए तक दिए थे। पार्टी में लगभग 600 लोग शामिल थे, जिन्हें इंस्टाग्राम के जरिए इन्वाइट किया गया था। पार्टी में शामिल ज्यादातर लोग दिल्ली के ररूखदार परिवारों से संबंध रखते हैं। यह क्रूज पार्टी एक विदेशी कंपनी और एंटरटेनमेंट चैनल ने मिलकर आयोजित करवाई थी।

सूत्रों ने बताया कि पकड़े गए लोगों ने अपनी पेंट की सिलाई के भीतर, महिलाओं के पर्स के हैंडल, अंडरवेअर के सिलाई वाले हिस्से, कॉलर की सिलाई और जूतों में ड्रग्स छिपाए गए थे। एनसीबी आर्यन खान सहित हिरासत में लिए गए लोगों के मेडिकल टेस्ट करवाएगी, ताकि पता चल सके कि किस-किस ने ड्रग्स का सेवन किया था। 

बता दें कि शनिवार को मुंबई के समुद्री में क्रूज पर चल रही एक ड्रग्स पार्टी में एनसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किए और 10 लोगों को हिरासत में लिया है। यह जहाज मुंबई से गोवा जा रहा था। एक पुख्ता टिप मिलने के बाद मुंबई जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े और अन्य एनसीबी अधिकारी जहाज में आम यात्रियों की तरह सवार हुए और ऑपरेशन को अंजाम दिया।