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‘गर्दन कट जाए पर हर-हर महादेव नहीं बोलेंगे, अपने नबी के अलावा किसी का नाम नहीं लेंगे’: मुस्लिमों की राकेश टिकैत को दो टूक

मुजफ्फरनगर में हुई किसान महापंचायत में BKU नेता राकेश टिकैत ने ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाया और कहा कि मुस्लिम भी ‘हर-हर महादेव’ का नारा लगाएँगे तो भाईचारा बढ़ेगा। हालाँकि, मुस्लिमों ने उनके इस प्रस्ताव को नकार दिया है। अब सहारनपुर के मुस्लिमों ने उन्हें जवाब देते हुए कहा है कि भले ही हमारी गर्दन कट जाए, लेकिन हम ‘हर-हर महादेव’ नहीं बोलेंगे। मुस्लिमों ने इस सम्बन्ध में ‘BGT News’ से बात की।

एक मुस्लिम युवक ने कहा कि अल्लाह एक ही है, इसीलिए मुस्लिम सिर्फ ‘अल्लाहु अकबर’ ही बोलेंगे, ‘हर-हर महादेव’ नहीं। ‘हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे’ पर उक्त युवक ने कहा कि राकेश टिकैत भले ‘अल्लाहु अकबर’ बोलें, लेकिन हम अपने नबी के अलावा किसी और का नाम नहीं लेंगे। वहीं एक मुस्लिम बुजुर्ग ने भी कहा कि हमारा मजहब जिस चीज के लिए मना करता हो, वो हम कैसे बोल सकते हैं?

बुजुर्ग ने कहा कि ‘किसान आंदोलन’ में मुस्लिम भी जुड़े हुए हैं, इसीलिए राकेश टिकैत ने ऐसा कहा होगा। वहीं एक अन्य मुस्लिम व्यक्ति ने कहा कि मुजफ्फरनगर में दंगे के कारण हिन्दू-मुस्लिम में दरार थी, जिसके लिए राकेश टिकैत ने ‘अल्लाहु अकबर’ का नारा लगाया। उसने कहा कि प्यार करने के कई तरीके हैं, नारा लगाना सिर्फ मुद्दा नहीं है। उसने कहा कि राकेश टिकैत ने सिर्फ हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए ऐसा बोला।

एक अन्य मुस्लिम युवक ने कहा कि राकेश टिकैत ने भाईचारे के लिए एक संदेश दिया, लेकिन हम ‘हर-हर महादेव’ नहीं बोलेंगे। एक अन्य मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा कि राकेश टिकैत ने जबरदस्ती किसी से नहीं कहा कि वो ‘हर-हर महादेव’ बोलें, ये गोदी मीडिया की साजिश है जो प्यार-मोहब्बत की बात पर भी ज़हर फैलाती है। उसने कहा कि 7-8 वर्ष पहले भी एक पंचायत हुई थी, जिसे भाजपा ने आगे बढ़ाया है।

राकेश टिकैत के ‘अल्लाहु अकबर’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारे पर मुस्लिमों ने दी प्रतिक्रिया

उक्त मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा कि वो हिन्दुओं के नमस्ते का जवाब नमस्ते में देता है और कई हिन्दू भी आकर ‘अस्सलाम वालेकुम’ भी कहते हैं। वहीं वहाँ मौजूद कुछ हिन्दुओं ने राकेश टिकैत के बयान को भाईचारे का प्रतीक बताया। लेकिन, एक अन्य मुस्लिम युवक ने भी स्पष्ट किया कि वो ‘हर-हर महादेव’ नहीं बोलेगा। हालाँकि, एक मुस्लिम बुजुर्ग ने कहा कि उन्हें इससे कोई समस्या नहीं है। कुछ मुस्लिम बुजुर्गों ने कहा कि अगर हिन्दुओं का कोई नेता अल्लाह का नारा लगाता है तो उन्हें महादेव के नारे से दिक्कत नहीं।

कुछ अन्य मुस्लिम लोगों ने कहा कि भाईचारे के लिए सब कुछ कहा जा सकता है, लेकिन वो ‘हर-हर महादेव’ का नारा नहीं लगाएँगे। उन्होंने कहा कि विचारधारा के मामले में वो राकेश टिकैत के साथ हैं। वहाँ उपस्थित कुछ मुस्लिम दुकानदारों ने कहा कि अगर किसान नेता ‘अल्लाहु अकबर’ बोलते हैं तो वो ‘हर-हर महादेव’ बोल सकते हैं। लोगों ने कहा कि ये नारा महेंद्र टिकैत ने दिया था। उन्होंने कहा कि मीडिया तो कुछ भी बुलवा कर दो फाड़ करवा देती है।

इससे पहले मुजफ्फरनगर के शहीद हुसैन ने कहा था, “मुस्लिम हर हर महादेव नहीं बोलेगा। यह आज का कोई एकांकी नाटक नहीं है। जब महात्मा गाँधी सक्रिय राजनीति में आए, तब वो भी हिंदू-मुस्लिम भाई चारा बढ़ाने के लिए, रोजाना ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान गाया करते थे, लेकिन मुस्लिमों ने इसे कभी भी नहीं गाया। यहाँ तक की देश का विभाजन भी हो गया, तभी भी इसे किसी भी मुस्लिम ने नहीं गाया।”

‘किन्नरों के बीच BJP की पहुँच मुस्लिमों के लिए खतरा’: हिंदू विरोधी ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ में भाँति-भाँति का पाखंड

अमेरिका में हार्वर्ड, स्टैनफोर्ड, प्रिंसटन, कोलंबिया समेत 50 से अधिक विश्वविद्यालयों के एक समूह द्वारा 10 से 12 सितंबर तक ‘डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के आखिरी दिन भी सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है। जहाँ लोग इसे हिंदुत्व विरोधी ताकतों की साजिश बता रहे हैं। वहीं, आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य लिंग, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, जाति और धर्म में विशेषज्ञता रखने वाले दक्षिण एशिया के विद्वानों को मंच मुहैया कराना है, ताकि वह हिंदुवादी विचारधारा को उनके नजरिए से समझ सकें। हम यहाँ आपको सम्मेलन में की गई कई हास्यास्पद और विवादित टिप्पणियों के बारे में बताने जा रहे हैं।

कार्यक्रम में शामिल पैनलिस्टों में से एक आकांक्षा मेहता ने सम्मेलन में एक बार फिर कहा कि उनका लक्ष्य हिंदुत्व को खत्म करना है। इसके पीछे का तर्क देते हुए वह कहती हैं, “हिंदुत्व हिंदू धर्म नहीं है, यह बहुत खतरनाक हैं और यह हमें भविष्य में वहाँ नहीं ले जाएगा जहाँ हम जाना चाहते हैं।”

किन्नरों के बीच BJP की पहुँच मुसलमानों के लिए हानिकारक

हिंदुत्व विरोधी इस आयोजन में कई भारतीय राजनीतिक कार्यकर्ता और कम्युनिस्ट पार्टी के कई सदस्य शामिल हैं। डिस्मेंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व सम्मेलन में ज्ञान बाँटने वाले महान लोगों का कहना है कि एलजीबीटी समुदाय, किन्नरों के बीच भाजपा की पहुँच मुसलमानों के लिए खतरनाक है। एक पैनलिस्ट ने कहा, “किन्नरों और ट्रांसजेंडर के साथ हिंदुत्व की राजनीति की नजदीकियाँ बढ़ रही हैं, जो हाशिए पर चल रहे समुदायों के खिलाफ हिंदुत्व के बढ़ने का एक और संकेत है।” यह भी दावा किया गया, “किन्नरों के बीच भाजपा की पहुँच बढ़ने से मुस्लिम किन्नरों के खिलाफ नफरत बढ़ती है।”

साभार: ट्विटर

इससे लगता है कि पैनलिस्ट को सत्तारूढ़ दल द्वारा एलजीबीटी, किन्नर समुदाय को समाज में एकजुट करना काफी बुरा लग रहा है। एलजीबीटी समुदाय को अधिक से अधिक आगे आने के लिए कहने वाले लिबरल जब हिन्दू समूह को उन तक पहुँचते देख रहे हैं, तो वे कहते हैं कि यह खतरनाक है।

‘हिन्दू और यहूदी महिलाओं के बीच गठबंधन’

कार्यक्रम में शामिल पैनलिस्ट इस दौरान काफी भ्रमित दिखाई दिए। उन्हें लगता है कि ‘यहूदी महिलाएँ ‘ और ‘हिन्दू महिलाएँ’ एकजुट हैं और किसी साजिश को अंजाम देने की योजना बना रही हैं।

साभार: ट्विटर

एक पैनलिस्ट ने कहा, “हिन्दू महिलाएँ यहूदी महिलाओं को अपने सम्मेलनों में बुलाती हैं। इनके बीच कई चीजों का आदान-प्रदान होता है। इसके अलावा इनके बीच कई और गुप्त बातें भी होती हैं।”

साभार: ट्विटर

इस तरह की जुमलेबाजी इस्लामी मानसिकता का प्रतीक है, जो हर चीज के लिए ‘यहूदी साज़िश’ को दोष देती है।

साभार: ट्विटर

इसके साथ ही पैनलिस्टों ने सम्मेलन में बहुत भड़काऊ टिप्पणियाँ कीं, जिससे यह समझना मुश्किल हो गया कि यह एक ‘विद्वानों’ का सम्मेलन था फिर एक साथ इकट्ठा हुए पागलों का जमावड़ा। उन्होंने दावा किया कि नाजीवाद के लिए ब्राह्मणवाद जिम्मेदार है।

साभार: ट्विटर

नाज़ीवाद, जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर की विचारधारा थी। इसके लिए भी पैनलिस्ट हिन्दुओं को ही को ही दोष देना चाहते हैं।

पैनलिस्ट यह भी दावा करते हैं कि ‘सवर्ण’ महिलाओं को अपने राजनीतिक एजेंडे को सफल बनाने के लिए ‘caste-traitors’ को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि उच्च जाति की महिलाओं को उनकी जाति या धर्म के बाहर निकलकर विवाह करना होगा।

साभार: ट्विटर

अंतर्जातीय विवाह के पक्ष में बहस करना पूरी तरह से एक अलग चर्चा है, लेकिन पैनलिस्ट यहाँ जो कर रहे हैं वह अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए महिलाओं को मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ने जैसा है। यहाँ कहने की जरूरत नहीं है कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। ये उनकी पसंद पर है वे राजनीति करना चाहती हैं या किससे शादी करना चाहती हैं। हिंदुत्व सम्मेलन में यह इच्छा जताना कि यदि महिलाएँ अपने सम्मानित पैनलिस्टों की इच्छा के अनुसार शादी नहीं करती हैं, तो वे फासीवादी हैं, यह एक घटिया मानसिकता है और पूरी तरह से निंदनीय है।

जैसा कि हम सभी पहले से ही जानते थे कि यह हिंदू घृणा से उपजा एक कार्यक्रम है। पैनलिस्टों का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड इस बात का पर्याप्त संकेत था कि यह किस तरह का इवेंट होने वाला है। चर्चा के दौरान की गई टिप्पणियों से संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बची।

‘…तब अब्बा जान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे’: तुष्टिकरण पर CM योगी का प्रहार, राणा अयूब को दिखी मुस्लिम घृणा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (12 सितंबर 2021) को कुशीनगर में एक सभा के दौरान तुष्टिकरण की राजनीति पर कटाक्ष किया और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात की। उन्होंने कहा कि विकास सभी का करेंगे, तुष्टिकरण किसी का नहीं किया जाएगा। लेकिन, विवादित वामपंथी पत्रकार राणा अयूब को इसमें मुस्लिमों के प्रति घृणा और साम्प्रदायिकता नजर आई। पत्रकार ने सबका साथ, सबका विकास वाले भाषण को मुस्लिम विरोधी करार दे दिया।

राणा अयूब ने एएनआई द्वारा अपलोड किए गए वीडियो क्लिप पर कमेंट करते हुए लिखा, “अगर यह साम्प्रदायिक नहीं है, अगर यह एक राज्य के मुखिया द्वारा की गई मुस्लिम विरोधी टिप्पणी नहीं है तो मैं नहीं जानती क्या है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों के दौरान ‘अब्बा जान’ कहने वाले राशन हजम कर जाते थे।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारतीय राजनीति जातिवाद और वंशवाद के दलदल में फँसी थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरीबों और विकास पर ध्यान केंद्रित कर राजनीति की दिशा ही बदल दी है। उन्होंने कहा, “जब तुष्टिकरण की राजनीति प्रचलित थी, तब विकास नही था। दंगे थे, भ्रष्टाचार थे, अराजकता थी, आतंकवाद था, अत्याचार थे, अन्याय था। लेकिन आज सबका साथ है, सबका विकास है और उसके साथ सबका विश्वास है।”

जनता को संबोधित करते हुए सीएम ने पूछा कि क्या उन्हें 2017 से पहले राशन मिला था? जब भीड़ ने जवाब दिया कि नहीं, तो उन्होंने कहा, “क्योंकि तब, जो लोग ‘अब्बा जान’ कहते थे, वे राशन हजम कर जाते थे। तब कुशीनगर का राशन नेपाल, बांग्लादेश जाता था। लेकिन आज अगर कोई गरीबों का राशन हड़पने की कोशिश करेगा तो वह ऐसा नहीं कर पाएगा, लेकिन जेल जरूर जाएगा।”

रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने सपा पर ‘तालिबानी मानसिकता’ रखने का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा, “राम भक्तों पर गोली चलाने वाली तालिबान समर्थक जातिवादी-वंशवादी मानसिकता को प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त न करे। याद रखिएगा! बिच्छू कहीं भी होगा तो डँसेगा।”

पंजशीर में कत्लेआम मचा रहा तालिबान, रेजिस्टेंस फ्रंट नेताओं के परिजनों और आम नागरिकों की बड़े पैमाने पर हत्या का दावा

अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी पर नियंत्रण हासिल करने के बाद तालिबान कत्लेआम मचा रहा है। कथित तौर पर वह रेजिस्टेंस फ्रंट के नेताओं के परिजनों और अन्य नागरिकों की हत्या कर रहा है। बीते हफ्ते तक यह इलाका रेजिस्टेंस फ्रंट के नियंत्रण में था। फ्रंट के लड़ाकों के पहाड़ियों में पनाह लेने के बाद से तालिबानी तेजी से गाँवों में घुस रहे हैं और जो भी मिलता है उसे प्रताड़ित और हत्याएँ कर रहे हैं।

दिवंगत मार्शल फहीम के भतीजे मोजिर हक्जो और उनके बेटे आदिब के सालेको तालिबान ने कथित तौर पर मार डाला है। मार्शल फहीम ऐसे सैन्य कमांडर थे, जिन्होंने 2001 में तालिबान के पतन के बाद काबुल का नियंत्रण हाथों में लिया था और देश के उपराष्ट्रपति भी रहे थे।

कथित तौर पर मोजिर हक्जो उन कई पुरुष और महिलाओं में से एक हैं जिनकी तालिबान ने हत्या की है।

पंजशीर घाटी में तालिबान खास तौर पर नार्दर्न अलायंस के नेताओं के परिवार के सदस्यों को निशाना बना रहा है औऱ उनकी हत्या कर रहा है। सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया कि तालिबान ने पंजशीर प्रांत पर हाल ही में किए हमले में रेजिस्टेंस फ्रंट के नेताओं के परिवार के कई सदस्यों को मार डाला था। सूत्र ऑपइंडिया को बताते हैं कि परिवार के सदस्य जब काबुल जा रहे थे तो उनकी हत्या कर दी गई।

अफगानिस्तान के नेशनल रेजिस्टेंसस फोर्स ने पंजशीर में तालिबान द्वारा नागरिकों के नरसंहार की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया है।

अफगानिस्तान में तालिबान के अत्याचार की कहानी बयाँ करते हुए कई मैसेज सोशल मीडिया पर चल रहे हैं, जिनमें बताया गया है कि तालिबान बच्चों सहित नागरिकों पर गोलीबारी कर रहा है। ऐसी खबरें हैं कि पीड़ितों के शव नदियों में फेंके जा रहे हैं और तालिबनी बड़ी संख्या में लोगों को पंजशीर से अज्ञात स्थानों पर ले जा रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि पंजशीर के मुख्य सड़क के किनारे बसे गाँवों के पुरुषों और युवाओं को तालिबानी हथियार के बल पर ट्रकों में भरकर ले जा रहे हैं। सामूहिक हत्याओं की कई अफवाहें हैं, डंडे पर सिर रखे जाने, लोगों को टैंकों से कुचलने और उनके शवों को नदी में फेंकने की खबरें हैं।

हाल ही में पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह के भाई रोहुल्लाह सालेह की हत्या कर दी गई थी। तालिबान ने जब पंजशीर पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया उसके बाद पंजशीर का शेर और अफगान नायक कहे जाने वाले अहमद शाह मसूद के मकबरे को भी नष्ट कर दिया था।

14000 फॉलोअर वाले को बना दिया गुजरात का CM: कॉन्ग्रेस की बेतुकी बात, भूल गई भूपेंद्र पटेल के हाथों 1.17 लाख की हार

भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला करने के लिए मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस एक बार फिर बेहद अजीबोगरीब और बेतुका तर्क लेकर सामने आई है। भूपेंद्र पटेल को गुजरात का नया मुख्यमंत्री चुने जाने के बाद, मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने दावा किया कि यह गुजरात के नागरिकों के चेहरे पर एक तमाचा है, क्योंकि भूपेंद्र पटेल के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर अच्छे-खासे फॉलोवर्स नहीं हैं।

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस का ट्वीट (साभार: Twitter)

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पूरे देश में 14000 लोगों की पसंद भूपेंद्र पटेल गुजरात के नए मुख्यमंत्री होंगे। यह नरेंद्र मोदी की तरफ से गुजरात की जनता के मुँह पर करारा तमाचा है।”

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर उसकी काफी खिल्ली उड़ाई गई। नेटिजन्स ने उनके काफी मजे लिए। एक यूजर ने टिप्पणी की कि कॉन्ग्रेस पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई ने सबसे कम आईक्यू का विश्व रिकॉर्ड बनाया।

एक अन्य यूजर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी का संयुक्त आईक्यू एक औसत व्यक्ति के आईक्यू से कम है। वे चाहते हैं कि सीएम का चयन ट्विटर फॉलोअर्स के आधार पर हों।

कुछ लोग इस नतीजे तक पहुँच गए कि ट्विटर हैंडल खुद राहुल गाँधी चलाते हैं।

कॉन्ग्रेस पार्टी के एक आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए इस हास्यास्पद ट्वीट का लोगों ने खूब मजाक बनाया। लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था कि वो इतनी बेवकूफी भरी बातें कैसे कर सकते हैं।

एक यूजर ने लिखा, “फेसबुक और सोशल मीडिया फॉलोवर्स से अगर नेता चुना जाता तो सलमान खान और दलाई लामा पीएम होते अपने देशों में।”

भूपेंद्र पटेल गुजरात के नए सीएम होंगे। गाँधीनगर में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद यह घोषणा की गई। भूपेंद्र पटेल गुजरात के घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी के शशिकांत पटेल के खिलाफ 1,17,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। उनसे पहले इस सीट का प्रतिनिधित्व यूपी की राज्यपाल और गुजरात की पूर्व सीएम आनंदीबेन पटेल किया करती थीं।

भूपेंद्र पटेल सोमवार (13 सितंबर, 2021) को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। भूपेंद्र पटेल 2017 में पहली बार ही विधायक बने थे। उससे पहले वो संगठन के लिए कार्य करते थे। भाजपा विधायक दल में उनके नाम पर सहमति बनी। उनका नाम चौंकाने वाला भी है, क्योंकि उनके नाम की मीडिया में चर्चा तक नहीं थी। लंबे समय से RSS से जुड़े रहे भूपेंद्र पटेल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में मंत्री भी थे। वो 2015-17 में ‘अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA)’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। पटेल समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

‘बिच्छू कहीं भी होगा तो डँसेगा’: CM योगी ने सपा को घेरा, कहा- राम भक्तों पर गोली चलवाना तालिबानी मानसिकता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार (सितंबर 12, 2021) को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उस पर ‘तालिबानी मानसिकता’ रखने का आरोप लगाया। उन्होंने नागरिकों से ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं करने की अपील भी की। मुख्यमंत्री ने कहा, “राम भक्तों पर गोली चलाने वाली तालिबान समर्थक जातिवादी-वंशवादी मानसिकता को प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त न करे। याद रखिएगा! बिच्छू कहीं भी होगा तो डँसेगा।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का संदर्भ 1990 की उस घटना से थी जब अयोध्या में निहत्थे कारसेवकों पर मुलायम सिंह यादव की सरकार ने गोलियाँ चलाई थी। यह त्रासदी स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक है।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी रविवार को संत कबीर नगर में थे। यहाँ उन्होंने 126 करोड़ की लागत से नव-निर्मित जिला कारागार का लोकार्पण एवं 119 करोड़ रुपए की अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान बस्ती कारागार में बंद जिले के 5 बंदियों के बच्चों को पोषण किट भी दी गई। 

सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार माफिया और गुंडे चलाते थे, लेकिन हमारी सरकार में असामाजिक तत्वों में कानून का भय है। शहर कोतवाली क्षेत्र के बनकटिया में स्थित जिला कारागार लोकार्पण अवसर पर CM योगी ने अफसरों को हिदायत देते हुए कहा कि जेल को जेल ही रहने ही दें। इसे अपराधियों के मौज-मस्ती की जगह न बनने दें।

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में प्रदेश में अपराधी खुलेआम घूमते थे और जमीनों पर कब्जा करते थे। भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहले भूमाफियाओं पर लगाम लगाई। कई बड़े माफियाओं के घरों पर बुलडोजर चलवाया। जिसके बाद माफिया प्रदेश छोड़कर फरार हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया के लिए हमारा संदेश बिलकुल स्पष्ट है। माफिया यदि गरीब, किसान, व्यापारी का जीना हराम करेगा तो हमारी सरकार उसका जीना हराम कर देगी। उन्होंने कहा कि साढ़े चाल साल में साढे चार लाख बेरोजगारों को नौकरी दी। जो लोग योग्य थे उन्हे नौकरी मिली, जबकि पूर्ववर्ती सरकारों में भाई-भतीजावाद चलता था और सिफारिश पर नौकरी मिलती थी।

संत कबीर नगर में जिला कारागार और अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण करते सीएम योगी आदित्यनाथ (साभार: @CMOfficeUP)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सूबे के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज की स्थापना होगी। कई जिलों में मेडिकल कॉलेज शुरू हो गए हैं। जिन जिलों में अभी इसकी शुरूआत नहीं हुई है वहाँ भी पीपीपी मॉडल से मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही गोरखपुर में एम्स बनकर तैयार हो गया है, जिसका लोकार्पण शीघ्र ही किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारें विकास को लेकर कभी गंभीर नहीं रहीं। भाई भतीजावाद, जाति-पाति और दबंगई चरम पर थी। लेकिन जब से यूपी में भाजपा की सरकार बनी तब से विकास की गति तेज हुई है। इसमें संत कबीर नगर जिला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि खलीलाबाद को रेडीमेड का हब बनाने की अपार संभावना है। इसके लिए संसाधन उपलब्ध कराने और मार्केट की व्यवस्था करने के लिए सरकार ने प्रयास किए हैं। आने वाले दिनों में बखिरा का बर्तन उद्योग भी पूरी दुनिया में अपनी पहचान कायम करेगा। इसके लिए योजना शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को यात्रा भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया गया है, जबकि स्नातक, परास्नातक, इंजीनियरिंग, फार्मेसी करने वाले छात्रों को टेबलेट उपलब्ध कराए जाएँगे। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री उपलब्ध हो, इसके लिए जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना होगा। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने साढे चार लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से नौकरी प्रदान की है। 90 हजार सरकारी नौकरियाँ और आने वाली हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम नियमित रूप से जारी हो रहे हैं व नौजवानों को नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। प्रदेश की 30,000 महिला पुलिस अधिकारी व महिला आरक्षी ‘मिशन शक्ति’ के साथ जुड़कर प्रत्येक बालिका, बहन-बेटियों को सुरक्षा की गारंटी दे रही है।

कुशीनगर को कई योजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत कबीर नगर जिले में लोगों को करोड़ों की सौगात देने का बाद कुशीनगर पहुँचे। यहाँ सीएम योगी ने 281.45 करोड़ की लागत से राजकीय मेडिकल कॉलेज और 310.44 करोड़ की अन्य 96 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने 14.17 करोड़ की 11 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इनमें पेयजल से सम्बन्धित जल निगम की 18 परियोजनाएँ तथा जिला पंचायत के विश्राम स्थल निर्माण कार्य की परियोजना शामिल हैं।

कन्या सुमंगला योजना से भविष्य सँवारने की कवायद

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियों की शिक्षा और उनके अच्छे भविष्य के लिए उत्तर प्रदेश में एक बहुत ही अच्छी योजना चल रही है। इस योजना में बेटी पढ़ाई में मदद दी जाती है। पढ़ाई के हर स्तर पर यूपी सरकार मदद करती है। इस योजना का नाम है कन्‍या सुमंगला योजना। योगी सरकार की इस योजना में बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य, दोनों का ही ख्याल रखा जाता है। जानकारी के मुताबिक इस योजना के तहत 9.91 लाख लोगों को लाभान्वित किया जा चुका है।

वहीं पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन योजना के अंतर्गत साल 2017 से 2021 कुल 12.36 लाख नए लाभार्थी जुड़े हैं। साल 2021-22 में 1.73 लाख पात्र नवीन लाभार्थी जोड़े गए हैं। अब तक 29.68 लाख महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।

85 प्रतिशत गन्ने का बकाया चुकाया गया

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के गन्ना किसानों का लगभग 85 फीसदी बकाया चुका दिया है। यह पिछले 50 वर्षों में एक सीजन में सबसे अधिक और सबसे तेज भुगतान है। गन्ना विकास विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछले चार वर्षों में गन्ना किसानों को दी गई कुल राशि लगभग 1,42,650 करोड़ रुपए है। जानकारी के मुताबिक 2020-2021 के फसल सीजन में 120 चीनी मिलें फंक्शन में थी। उन्होंने 33,025 करोड़ रुपए के 1,028 लाख टन गन्ने की खरीद की है। 27,465 करोड़ रुपए का बकाया चुकाया गया है। साथ ही 53 मिलों ने भी 100 प्रतिशत बकाया चुकाया है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बाकी भुगतान भी जल्‍दी कराए जाने का निर्देश दिया है। बता दें कि गन्ना पेराई सीजन इस बार अक्टूबर 2020 में शुरू हुआ और जुलाई 2021 तक चला।

हिंदू महिला, मुस्लिम मर्द, दूसरी शादी: हाईकोर्ट ने कहा- विशेष विवाह अधिनियम के तहत यह स्वीकार नहीं

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने एक फैसले में हिंदू महिला से मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी को वैध नहीं माना है। अदालत ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम की धारा चार इस तरह की शादी को सुरक्षा प्रदान नहीं करती। लिहाजा यह विवाह मान्य नहीं है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक जस्टिस कल्याण राय सुराणा ने एक विधवा की याचिका खारिज करते हुए यह बात कही। दरअसल, मुस्लिम व्यक्ति की हिंदू विधवा ने पति की मौत के बाद भी उसे पेंशन या अन्य दूसरे लाभ नहीं मिलने की शिकायत को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। जस्टिस सुराणा ने विशेष विवाह अधिनियम की धारा के साथ-साथ मर चुके मोहम्मद सलीम बनाम शमशुदीन का जिक्र करते हुए सुप्रीम के फैसले का भी जिक्र किया। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मुताबिक, विशेष विवाह अधिनियम की धारा-4 के तहत मुस्लिम पुरुष द्वारा की गई दूसरी कॉन्ट्रैक्ट मैरिज अमान्य है।

जस्टिस सुराणा ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि इस्लामी कानून के अनुसार मूर्ति पूजा करने वाले के साथ मुस्लिम व्यक्ति का विवाह न तो वैध है और न ही शून्य विवाह है, बल्कि केवल एक अनियमित विवाह है।” अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता मुस्लिम नहीं हैं। लिहाजा इस्लामी कानून के तहत मुस्लिम व्यक्ति से वह विवाहित नहीं मानी जा सकती। साथ ही कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता की शादी इस्लामी कानून के अनुसार न होकर शेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत हुई थी। इस अधिनियम की धारा 4 (ए) के प्रावधान इस विवाह को शून्य बताते हैं।

अदालत ने इस बात का भी उल्लेख किया कि याचिकाकर्ता आज भी अपने हिंदू नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। उनके पास इस बात को साबित करने का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है ​शादी के बाद उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के नाबालिग बेटे के पेंशन और दूसरे लाभों का हकदार होने के दावे को भी खारिज कर दिया।

मुर्गे की मौत थाने तक पहुँची: पूर्व MLA के बेटे ने कहा- जहर देकर मारे जाने का शक, पोस्टमार्टम कराइए

उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में एक मुर्गे की मौत का मामला थाने तक पहुँच गया है। पुलिस को दी गई तहरीर में जहर देकर मुर्गे को मारे जाने की आशंका जताई गई है। साथ ही पोस्टमार्टम कराने की माँग की गई है। तहरीर देने वाले राजकुमार भारती 70 के दशक में महराजगंज के विधायक रहे दुक्खी प्रसाद के बेटे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना महाराजगंज के सिंदुरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपरा कल्याण गाँव की है। यही पर पूर्व विधायक दुक्खी प्रसाद का घर है। पूर्व विधायक के बेटे राजकुमार भारती का कहना है कि वो और उनका परिवार पक्षी प्रेमी हैं। उन्होंने अपने घर में तोता, कबूतर समेत चार मुर्गी औऱ मुर्गा पाल रखा है।

राजकुमार ने शिकायत में कहा है कि एक दिन वो किसी कार्य से परिवार समेत बाहर गए हुए थे। उनका बेटा स्कूल गया हुआ था। भारती ने कहा कि जब उनका बेटा स्कूल से वापस लौटा तो देखा कि आम के पेड़ के पास ही उनका मुर्गा तड़प रहा था। वह लड़खड़ा रहा था और जब विकास उसे घर के अंदर ले जाने लगा तो कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद उसने तुरंत अपने पिता को फोन कर इस बात की जानकारी दी।

साभार: पंजाब केसरी

पूर्व विधायक के बेटे को शक है कि किसी ने उसे जहर देकर मारा है। इसी बात को लेकर उन्होंने सुंदरिया थाने में तहरीर दी है। इसमें उन्होंने मुर्गे का पोस्टमार्टम कराने की माँग की है। इस मामले में सिंदुरिया थाने के थाना प्रभारी एसएचओ ऋतुराज सुमन यादव ने कहा है कि उनको इस बाबत तहरीर मिली है, जिसके आधार पर मामले की छानबीन की जा रही है।

सोमवार को शपथ लेंगे भूपेंद्र पटेल: RSS से रहा है लंबा नाता, पेशे से सिविल इंजीनियर हैं गुजरात के नए CM

गुजरात में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने घोषणा की है कि भूपेंद्र पटेल सोमवार (13 सितंबर, 2021) को राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। उन्होंने ये भी बताया कि भूपेंद्र पटेल के साथ कोई और नेता शपथ नहीं लेगा, जिसका अर्थ है कि मुख्यमंत्री के अलावा गुजरात मंत्रिमंडल में कोई बदलाव नहीं होगा और नितिन पटेल भी उप-मुख्यमंत्री बने रहेंगे। सिर्फ विजय रुपाणी की ही छुट्टी हुई है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भूपेंद्र पटेल को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वो पूरी निष्ठा व समर्पण भाव से गुजरात की विकास यात्रा और जनकल्याण के कार्यों को नई ऊर्जा व गति प्रदान करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन व भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रदेश की अनवरत विकास यात्रा को नई ऊर्जा व गति मिलेगी और गुजरात सुशासन व जनकल्याण में निरंतर अग्रणी बना रहेगा।

गुजरात में भाजपा ने भूपेंद्र पटेल के नाम पर अगले मुख्यमंत्री के रूप में मुहर लगा दी है। वो विजय रुपाणी की जगह लेंगे, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया था। भूपेंद्र पटेल राज्य के 17वें मुख्यमंत्री होंगे। उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होनी अभी बाकी है। राजधानी गाँधीनगर में भाजपा दफ्तर ‘कमलम्’ में नेताओं की बैठक के बाद ये फैसला लिया गया। पर्यवेक्षक के रूप में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर व प्रह्लाद जोशी को दिल्ली भेजा गया था।

भूपेंद्र पटेल पाटीदार समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में अच्छी-खासी जनसंख्या है। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर चुके 59 वर्षीय भूपेंद्र पटेल अहमदाबाद के घाटलोडीया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2017 में उन्होंने लगभग 1.17 लाख वोट से कॉन्ग्रेस के अपने नजदीकी उम्मीदवार को हराया था। ये वही विधानसभा क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल किया करती थीं। आनंदीबेन पटेल फ़िलहाल उत्तर प्रदेश की राज्यपाल हैं।

भूपेंद्र पटेल 2017 में पहली बार ही विधायक बने थे। उससे पहले वो संगठन के लिए कार्य करते थे। भाजपा विधायक दल में उनके नाम पर सहमति बनी। उनका नाम चौंकाने वाला भी है, क्योंकि उनके नाम की मीडिया में चर्चा तक नहीं थी। लंबे समय से RSS से जुड़े रहे भूपेंद्र पटेल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में मंत्री भी थे। वो 2015-17 में ‘अहमदाबाद अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (AUDA)’ के अध्यक्ष भी रहे हैं। पटेल समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।

पूर्व मुख्यमंत्री रुपाणी ने कहा कि भूपेंद्र पटेल एक योग्य नेता हैं और उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा गुजरात का अगला विधानसभा चुनाव जीतेगी। वर्ष 1999-2000 में भूपेंद्र पटेल स्थायी समिति के अध्यक्ष और मेमनगर नगरपालिका के अध्यक्ष रहे थे। 2010-15 के दौरान वे थलतेज वार्ड से पार्षद रहे थे। पटेल पाटीदार संगठनों सरदार धाम और विश्व उमिया फाउंडेशन में ट्रस्टी भी हैं। 2008-10 में उन्होंने एएमसी के स्कूल बोर्ड के उपाध्यक्ष का पद संभाला था।

मास्क न पहनने पर ‘नेताजी’ को ‘पत्रकार’ ने थपड़ियाया, लोगों ने बताया ‘गुंडा’: जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पत्रकार गुंडई करते हुए दिख रहा है। इस वीडियो के आधार पर पत्रकारों से दूर रहने की बात भी कही जा रही है। कॉन्ग्रेस समर्थक पत्रकार आदेश रावल ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, ‘पत्रकारों से दो गज की दूरी, और मास्क है ज़रूरी।’ एक अन्य कॉन्ग्रेस समर्थक तहसीन पूनावाला ने भी इसे आगे बढ़ाते हुए लिखा कि ये पत्रकार नहीं, ‘गुंडा’ है जो अपने दर्शकों को वही परोस रहा जो वो चाहते हैं।

वीडियो में पत्रकार मुखिया जी से कहता है कि यहाँ पर प्रकाश थोड़ा कम है, इसीलिए फोटोशूट के लिए कहीं और जाना होगा। इसके बाद वो कहता है, “इधर आइए, हमलोग फोटो लेते हैं। यहाँ फोटोशूट होगा।” इसके बाद पत्रकार मुखिया जी को कोने में एक घर की दीवार के बगल में ले जाता है। इसके बाद वो एक-एक कर के चार चमेट मुखिया जी को लगा देता है। फिर उन्हें लोगों के सामने ले आता है और ज़िंदाबाद का नारा लगाते हुए कहता है कि मुखिया जी का फोटोशूट हो गया।

तहसीन पूनावाला ने इस वीडियो को आगे बढ़ाते हुए लिखा कि ये अस्वीकार्य है और पुलिस को इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने ब्रैकेट में ये भी लिख दिया कि अगर ये वास्तविक है, मजाकिया वीडियो नहीं है तो। इसी तरह कई अन्य लोगों ने भी इस वीडियो को शेयर किया और बताया कि कैसे पत्रकार ने मुखिया जी की धुनाई कर दी। अब हम आपको बताते हैं कि इस वीडियो की सच्चाई क्या है।

दरअसल, हर्ष राजपूत के चैनल पर अपलोड किए गए इस वीडियो में स्पष्ट लिखा है कि इसे मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है और ये स्क्रिप्टेड है। हर्ष राजपूत अक्सर रिपोर्टर बन कर इस तरह के विडीयोज बनाते हैं। इस बार उन्होंने पंचायत चुनाव व मुखिया उम्मीदवारों वाला मुद्दा उठाया। इसी दौरान उन्होंने एक ‘मुखिया प्रत्याशी’ से बात की, जो इस शो का ही हिस्सा था। इस दौरान कोरोना व मास्क को लेकर उन्होंने बातें की। देखें वीडियो:

पंचायत चुनाव पर हर्ष राजपूत का मजाकिया वीडियो

कई लोगों ने तहसीन पूनावाला को याद भी दिलाया कि ये एक मजाकिया वीडियो है जिसे मनोरंजन के लिए शूट किया गया है, इसीलिए वो पुलिस से कार्रवाई की माँग न करें। हर्ष राजपूत ने इससे पहले भी रिपोर्टर बन कर अन्य कलाकारों के साथ ऐसे कई विडीयोज शूट किए हैं। वो यूट्यूबर हैं और उनके यूट्यूब चैनल पर 7 लाख के करीब सब्सक्राइबर्स हैं। उनके फैंस उनके इसी अंदाज के लिए उन्हें पसंद करते हैं।