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बकरीद में बकरों की कुर्बानी के लिए खोला लॉकडाउन… जबकि बढ़ रहा कोरोना संक्रमण: बांग्लादेश में विशेषज्ञों का विरोध

बांग्लादेश में बुधवार (14 जुलाई 2021) को कोरोना के मामलों में तेजी आने बावजूद वहाँ की सरकार ने मुस्लिमों के दूसरे सबसे बड़े त्योहार बकरीद के लिए देशभर से लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। 20 से 22 जुलाई 2021 तक चलने वाले इस त्योहार के बाद देश में फिर से लॉकडाउन लगाया जाएगा।

लगभग 17 करोड़ की आबादी वाले बांग्लादेश में सरकार ने बुधवार 14 जुलाई 2021 को सुबह 6 बजे से सारे प्रतिबंधों को खत्म कर दिया। ऐसा इसलिए ताकि लोग ईद से पहले अपने घरों को जा सकें और बकरों की कुर्बानी दे सकें।

अंतरिम तौर पर लॉकडाउन को खत्म करने की सूचना सरकार ने मंगलवार (13 जुलाई 2021) को एक नोटिफिकेशन जारी कर दी थी। नोटिफिकेशन में इस अनलॉक को सही ठहराते हुए कहा गया है, “सामाजिक-आर्थिक हालात और सामान्य गतिविधियों को बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।”

इसके साथ ही लोगों को अनलॉक के दौरान हेल्थ प्रोटोकॉल और मास्क पहनने जैसे कोविड नियमों का पालन करने का सख्त निर्देश दिया गया है। इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट सीमित स्तर पर चलेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दुकानें, स्टोर और मॉल को खोलने की अनुमति रहेगी। देश भर में पशु बाजार भी पहले की तरह चलते रहेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना के कारण हुई मौतों में उछाल आने के बाद इसी महीने 1 जुलाई 2021 को बांग्लादेश ने अब तक का सबसे सख्त लॉकडाउन लगाया था। संक्रमण के हालात को देखते हुए सरकार ने कारखानों, उद्योगों, दुकानों और निजी कार्यालयों को एक बार फिर से बंद करने के साथ इसी तरह की तालाबंदी की घोषणा की है।

सेना की तैनाती माँग

कोरोना संक्रमण के बीच ढाका से लोगों के घर की ओर पलायन करने पर राष्ट्रीय कोविड सलाहकार पैनल के एक वायरोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ नजरूल इस्लाम ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा, पिछले लॉकडाउन में त्योहारों के दौरान हमने सैकड़ों, हजारों लोगों को घर की ओर पलायन करते हुए देखा था। लेकिन इस बार परिवहन चालू हैं, तो भीड़ कम होगी।”

उन्होंने आगे कहा, “यातायात के दौरान हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन किया गया तो जोखिम को कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य नियमों का पालन कर पशु बाजारों में होने वाले संक्रमण से बचा जा सकेगा। जरूरत पड़ने पर पशु बाजारों में सेना की तैनाती की जाए।”

बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार द्वारा कोविड संकट से निपटने के लिए बनाई गई स्वास्थ्य सलाहकार समिति के प्रमुख मोहम्मद शाहिदुल्ला ने कहा है कि उनके विशेषज्ञों की टीम ने इस ढील का विरोध किया है। समाचार एजेंसी एएफपी को शाहिदुल्ला ने बताया, “समिति का मानना ​​है कि इस सख्त लॉकडाउन को तब तक जारी रखा जाना चाहिए, जब तक कि संक्रमण की दरों में गिरावट न आने लगे।”

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बावजूद संक्रमण और मृत्यु दर में तेजी आई है और अभी भी संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। आशंका इस बात की है कि बकरीद के बाजार अब नए सुपर-स्प्रेडर्स बन सकते हैं।

संक्रमण में आया उछाल

मंगलवार (13 जुलाई 2021) को बांग्लादेश में कोरोना वायरस के 12,000 से अधिक नए संक्रमित मिले। इसी के साथ देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10 लाख से अधिक हो गई। वहीं आधिकारिक मौतों का आँकड़ा 16,600 को पार कर गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मामले की कम रिपोर्टिंग की आशंका के बीच वास्तविक आँकड़े बहुत अधिक हो सकते हैं।

गढ़ में ही कटे सोनिया गाँधी के पर, स्मृति ईरानी बनीं चेयरपर्सन: 2020 में ही कॉन्ग्रेस को रायबरेली पर दे दी थी चेतावनी

साल 2019 के लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस से अमेठी छीनने के बाद अब भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी का पूरा ध्यान रायबरेली पर है। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कॉन्ग्रेस से वह रायबरेली को भी छीन लेंगी और अब कुछ माह बाद ही उन्हें इस क्रम में एक बड़ी कामयाबी मिली है। रायबरेली में उन्हें जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा कमेटी) का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले इस सीट पर सोनिया गाँधी का लगातार कब्जा था। लेकिन अब उन्हें इस पद से हटाकर उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं स्मृति ईरानी अमेठी के साथ रायबरेली की भी (दिशा) चेयरपर्सन बन गई हैं।

उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनावों के बाद निर्वाचित सांसदों की अध्यक्षता में दिशा समिति का गठन किया जाता है। इसका काम तीन-तीन माह में केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना होता है। इस कमेटी के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का मनोनयन किए जाने के बाद डीएम के स्तर से ‘दिशा’ का गठन किया जाता है। इसमें सभी विधायक, ब्लॉक प्रमुखों और अन्य संसद सदस्यों को शामिल किया जाता है।

हालाँकि, साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार बनी और कई संसदीय क्षेत्रों में दिशा का गठन भी हुआ, मगर ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रायबरेली के लिए दिशा के अध्यक्ष व सह अध्यक्ष का चयन नहीं किया। बाद में साल 2019 के अक्टूबर माह में तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने ग्राम्य विकास आयुक्त को पत्र भेजकर दोनों पदों के लिए घोषणा करने का अनुरोध किया, जिसके बाद अब जाकर संसदीय क्षेत्र में दिशा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए नामों की घोषणा हुई। इसमें  स्मृति ईरानी को अध्यक्ष पद दिया गया और उपाध्यक्ष पद सोनिया गाँधी को मिला।

मालूम हो कि एक ओर जहाँ सोनिया गाँधी लंबे समय से रायबरेली में दिशा समिति की चेयरपर्सन बनी हुई थीं और अब उन्हें पद से हटाकर उपाध्यक्ष बना दिया गया है। वहीं स्मृति ईरानी अमेठी जिले की जिला विकास एवं समन्वय अनुश्रवण समिति की चेयरपर्सन पहले से ही हैं, लेकिन अब उन्हें रायबरेली में भी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिल गई है। इस संबंध में डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि दिशा का चेयरपर्सन ग्रामीण विकास मंत्रालय से तय हुआ है। अमेठी सांसद व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी दिशा की चयेरपर्सन और जिले की सांसद सोनिया गाँधी को को-चेयरपर्सन बनाया गया है। जल्द ही जिले में दिशा का गठन होगा।

बता दें कि साल 2020 में एक रैली के दौरान स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस के लिए खुली चुनौती जारी की थी। उन्होंने रैली में कहा था कि अगर कॉन्ग्रेस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का प्रयास किया तो वह उनसे कॉन्ग्रेस की सीट भी छीन लेंगी। आज उनके दिशा कमेटी के अध्यक्ष बनने के बाद उनका यह बयान प्रासंगिक हो गया है, क्योंकि अभी 2024 के चुनावों को 3 साल शेष हैं, मगर उससे पहले ही सोनिया गाँधी का एक पद उनके नाम हो गया है। नीचे ANI न्यूज के यूट्यूब चैनल पर अपलोड वीडियो में आप अमेठी सांसद की चेतावनी को सुन सकते हैं।

यूरो कप देखने गए, अब कोरोना पॉजिटिव निकले ऋषभ पंत: एक और भारतीय क्रिकेटर के संक्रमित होने की आशंका

भारतीय क्रिकेट टीम अगले महीने 4 अगस्त 2021 से होने वाली टेस्ट सीरीज खेलने के लिए इंग्लैंड के दौरे पर गई है। इस बीच बुरी खबर सामने आई है कि टीम इंडिया के विकेटकीपर व बल्लेबाज ऋषभ पंत कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। ऋषभ फिलहाल आईसोलेशन में हैं और उनकी हालत स्थिर है। वहीं, एएनआई के मुताबिक, एक और खिलाड़ी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, लेकिन उसका नाम सामने नहीं आया है। हालाँकि, बीसीसीआई उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने सिर्फ एक मामले की पुष्टि की है।

कोरोना संक्रमित होने के कारण अब ऋषभ पंत डरहम नहीं जा पाएँगे, जहाँ 20 जुलाई को सेलेक्ट काउंटी टीम XI के खिलाफ वॉर्म-अप गेम खेला जाना है। में अगले महीने से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज में शामिल नहीं हो पाएँगे। आसोलेशन के 10 दिन पूरा होने के बाद 18 जुलाई 2021 को उनका दोबारा टेस्ट होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ऋषभ पंत को ठंड, खांसी और बुखार के लक्षण आए थे, जिसके बाद जाँच कराने पर वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जानकारी ये भी सामने आई है कि खिलाड़ियों ने 3-4 दिन पहले ही वैक्सीन का सेकंड डोज लिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, न्यूजीलैंड में सीरीज गंवाने के बाद हाल ही में वो यूरो कप देखने गए थे। इसकी तस्वीरें भी उन्होंने ट्वीट की थी। इस दौरान उनके चेहरे से मास्क नदारद थे। उसके बाद से ही उन्हें गले में दर्द, खांसी और बुखार जैसे लक्षण महसूस होने लगे थे।

इस मामले में बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “एक खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। वो टीम के साथ किसी होटल में नहीं ठहरा था। इस कारण बाकी खिलाड़ी सुरक्षित हैं।”

शुक्ला ने पीटीआई को बताया, “अभी तक किसी अन्य खिलाड़ी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई है। आपको पता होना चाहिए कि हमारे सेक्रेटरी जय शाह ने सभी खिलाड़ियों को इसको लेकर पत्र लिखा है।”

रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना को देखते हुए बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने इंग्लैंड के दौरे पर गए सभी खिलाड़ियों को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने खिलाड़ियों को विंबलडन या यूरो कप देखने के लिए नहीं जाने को कहा था। बावजूद इसके ऋषभ पंत और जसप्रीत बुमराह यूरो कप देखने के लिए गए थे, जबकि कोच रवि शास्त्री भी ग्रैंड स्लैम देखने के लिए गए थे।

ड्रोन पॉलिसी का ड्राफ्ट जारी, 5 अगस्त तक दे सकते हैं सुझाव: जम्मू में 27 जून के हमले के बाद से 7 बार आए हैं नजर

जम्मू के एयरफोर्स स्टेशन के पास एक बार फिर से बुधवार (14 जुलाई 2021) की बीती रात को संदिग्ध ड्रोन दिखाई दिया। 27 जून 2021 को जम्मू हवाईअड्डे में भारतीय वायुसेना के अधिकार वाले क्षेत्र में ड्रोन के जरिए आतंकी हमले का प्रयास किया गया था। उसके बाद से सातवीं बार जम्मू के इलाकों में ड्रोन दिखाई दिया है। साथ ही लगातार सामने आ रही ड्रोन गतिविधियों के बीच केंद्र सरकार ने भी ड्रोन कानूनों से संबंधित ड्राफ्ट सुझावों के लिए सार्वजनिक किया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बुधवार की रात को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि देखी गई। 27 जून को देश में पहली बार आतंकी हमलों में ड्रोन का इस्तेमाल हुआ था। इसके बाद से लगातार ड्रोन की गतिविधियाँ देखी जा रही थीं। इससे पहले मंगलवार को भी जम्मू की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन देखा गया जिस पर बीएसएफ के द्वारा गोलीबारी की गई। इसके बाद वह ड्रोन वापस से पाकिस्तानी सीमा में लौट गया था। हालाँकि 27 जून को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में ड्रोन के जरिए हुए आतंकी हमले में कोई बड़ा नुकसान देखने को नहीं मिला, लेकिन उसके बाद से अब तक सात बार जम्मू के इलाकों में ड्रोन की गतिविधि का देखा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक नई चुनौती है और इससे निपटने के लिए वो लगातार कार्य कर रही हैं।

जम्मू के कई इलाकों में ड्रोन दिखाई दिए जाने के बाद श्रीनगर, कुपवाड़ा, राजौरी और बारामूला जिलों में ड्रोन और अन्य UAVs (Unmanned Aerial Vehicles) के संग्रहण, बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी गुरुवार (15 जुलाई 2021) को सार्वजनिक सुझावों के लिए ड्राफ्ट ड्रोन रूल्स, 2021 जारी कर दिए हैं। जनता के द्वारा इस ड्राफ्ट पर सुझाव देने की अंतिम तिथि 05 अगस्त 2021 तय की गई है। नए ड्रोन रूल्स, मार्च 2021 में जारी किए गए UAS (Unmanned Aircraft System) रूल्स, 2021 की जगह लेंगे। ड्रोन हमलों के तुरंत बाद ही 29 जून 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में भारत की नई ड्रोन नीति पर चर्चा की गई थी।

ज्ञात हो कि 27 जून 2021 को जम्मू एयरफोर्स स्टेशन में ड्रोन के जरिए दो हमलों को अंजाम दिया गया था। पहला हमला एक बिल्डिंग पर हुआ था जिससेछत को नुकसान पहुँचा था और दूसरा हमला खुले मैदान में किया गया था। हालाँकि हमलों के बाद ही सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गई थीं और हमले की जाँच प्रारंभ कर दी गई थी। प्रारम्भिक जाँच के बाद इसे आतंकी हमला बताया गया था। मीडिया खबरों में यह भी रिपोर्ट सामने आई थी कि इन ड्रोन हमलों के जरिए लश्कर-ए-तैयबा पार्क किए गए हेलिकॉप्टर, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) अथवा राडार को निशाना बनाना चाहता था।

चर्च की आड़ में सेक्स रैकेट चला रहा था पादरी, लग्जरी गाड़ियों में आते थे पुरुष-महिलाएँ, तमिलनाडु में 7 गिरफ्तार

तमिलनाडु के कन्याकुमारी से चर्च की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने का मामला प्रकाश में आया है। ‘द कम्युन’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने चर्च की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में लाल एन एस शाइन सिंह नाम के एक पादरी और चार महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार (14 जुलाई 2021) को तमिलनाडु पुलिस ने कन्याकुमारी जिले के एसटी मंगडु क्षेत्र के ज्योति नगर में स्थित ड्यूसिस ऑफ क्राइस्ट एंग्लिकन चर्च ऑफ इंडिया से जुड़े फेडरल चर्च ऑफ इंडिया में छापा मारा। दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि इस चर्च में कई पुरुष और महिलाएँ लग्जरी कारों में अक्सर आते हैं।

फेडरल चर्च ऑफ इंडिया कथित तौर पर कन्याकुमारी जिले के सबसे बड़े चर्चों में से एक है और सेक्स रैकेट चलाने के आरोपित पादरी बिशप लाल एन एस शाइन सिंह इस चर्च के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। पुलिस को शुरुआती जाँच में पता चला है कि चर्च के अधिकारियों ने परिसर का इस्तेमाल वेश्यालय चलाने के लिए किया है। इसी को लेकर मिले इनपुट के बाद पुलिस ने चर्च में छापा मारकर कई महिलाओं और पुरुषों को रंगे हाथ पकड़ डाला।

रिपोर्ट में कहा गया है कि गिरफ्तार की गई आरोपित महिलाओं में एक 19 साल की लड़की भी शामिल है। इस लड़की को उसकी माँ ने ही जबरन देह व्यापार के दलदल में धकेला है।

बहरहाल, तमिलनाडु पुलिस ने चर्च के पादरी और चार महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में आरोपित पादरी और शिबिन नाम के एक व्यक्ति ने सेक्स रैकेट चलाने की बात कबूल कर ली है।

तमिलनाडु पुलिस ने पादरी और छह अन्य के खिलाफ निथिरविलई पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की छानबीन कर रही है।

‘सब्जी’ वाले हबीब खान को भारतीय सेना का जवान परमजीत कौर देता था गोपनीय दस्तावेज, पाकिस्तान को भेजता था सब कुछ

भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को देने वाले हबीब खान ने दिल्ली पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासे किए हैं। उसने क्राइम ब्रांच को पूछताछ के दौरान बताया है कि आगरा में तैनात सेना के जवान परमजीत कौर ने उसे सेना के खुफिया दस्तावेज दिए थे। इन पेपर्स को उसे कमल नाम के शख्स को सौंपना था। हालाँकि उससे पहले ही वो पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

रिपोर्ट के मुताबिक हबीब खान को राजस्थान के पोखरण से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आरोपित के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। उसके पास से सेना से जुड़ी कई संवेदनशील कागजातों को जब्त किया गया था।

आरोपित हबीब सेना को सब्जी की सप्लाई करता था और इसी की आड़ में वो गोपनीय दस्तावेजों को हासिल कर उन्हें पाकिस्तान भेज देता था। आरोपित के पास से आर्मी एरिया का एक मैप भी बरामद किया गया था। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले हबीब से दिल्ली पुलिस और आईबी समेत कई एजेंसियाँ लगातार पूछताछ कर रही हैं।

आर्मी एरिया में सब्जी की सप्लाई का ठेका हबीब खान के पास था। सेना को सब्जियों की आपूर्ति करने के कारण उसकी पहुँची आर्मी किचेन तक थी। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि हबीब की गिरफ्तारी से देश के खिलाफ जासूसी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। ISI के लिए काम करने वाला हबीब पाकिस्तान भी जा चुका है।

मूलत: बीकानेर के रहने वाले हबीब के तार डिजिटल मीडिया से भी जुड़े हैं। हबीब ने पूछताछ के दौरान दो-तीन लोगों के नाम कबूले हैं। फिलहाल, दिल्ली पुलिस सेना के साथ मिल कर कई जगह छापेमारी कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी इसी महीने की शुरुआत में पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने वाले सेना के 2 जवानों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से पुलिस को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले थे। दोनों की पहचान हरप्रीत सिंह और गुरभेज सिंह के रूप में हुई थी। आरोपितों ने सेना के 900 दस्तावेजों को आईएसएसआई को दिया था।

यूपी में माफियाराज और आतंकवाद पर कसा शिकंजा, विकासवाद से चल रही है सरकार: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (जुलाई 15, 2021) वाराणसी के दौरे पर हैं। 10:30 बजे वह बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुँचे, यहाँ से सीधा बनारस बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) में कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे। प्रधानमंत्री मोदी ने बटन दबाकर 1500+ करोड़ रुपए से ज्यादा की सौगात लोगों को दी। 

‘यूपी में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं विकासवाद से चल रही सरकार’

पीएम मोदी ने कहा कि यूपी में सरकार आज भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से नहीं विकासवाद से चल रही है। इसीलिए, आज यूपी में जनता की योजनाओं का लाभ सीधा जनता को मिल रहा है। आज यूपी में नए-नए उद्योगों का निवेश हो रहा है, रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। 

यूपी में कानून का राज: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि 2017 से पहले यूपी के लिए योजनाएँ नहीं आती थीं, पैसा नहीं भेजा जाता था। तब भी दिल्ली से इतने ही तेज प्रयास होते थे। लेकिन तब लखनऊ में उनमें रोड़ा लग जाता था। आज सीएम योगी खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं। यूपी में आज कानून का राज है। माफियाराज और आतंकवाद, जो कभी बेकाबू हो रहे थे, उन पर अब कानून का शिकंजा है। बहनों-बेटियों की सुरक्षा को लेकर माँ-बाप हमेशा जिस तरह डर और आशंकाओं में जीते थे, वो स्थिति भी बदली है। 

कृषि मंडियों को भी मिलेगा लाभ: मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि देश में आधुनिक कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जो 1 लाख करोड़ रुपए का विशेष फंड बनाया गया है, उसका लाभ अब हमारी कृषि मंडियों को भी मिलेगा। ये देश की कृषि मंडियों के तंत्र को आधुनिक और सुविधा संपन्न बनाने की तरफ एक बड़ा कदम है। 

आज मेक इन इंडिया के लिए यूपी पसंदीदा जगह बन रहा है: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि बड़ी स्क्रीन्स के माध्यम से गंगा घाट पर और काशी विश्वनाथ मंदिर में होने वाली आरती का प्रसारण पूरे शहर में संभव हो पाएगा। उत्तर प्रदेश, देश के अग्रणी इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। कुछ साल पहले तक जिस यूपी में व्यापार-कारोबार करना मुश्किल माना जाता था, आज मेक इन इंडिया के लिए यूपी पसंदीदा जगह बन रहा है। 

सुविधाएँ काशी आने वालों की बहुत मदद करेंगे: मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि काशी की, माँ गंगा की, स्वच्छता और सुंदरता, हम सभी की आकांक्षा भी है और प्राथमिकता भी है। इसके लिए सड़क हो, सीवेज ट्रीटमेंट हो, पार्कों और घाटों का सुंदरीकरण हो, ऐसे हर मोर्चे पर काम हो रहा है। शहर में जगह-जगह बड़ी-बड़ी LED स्क्रीन्स लग रही है। घाटों पर टेक्नॉलॉजी से लैस इन्फॉर्मेशन बोर्ड लग रहे हैं। ये काशी आने वालों की बहुत मदद करेंगे। काशी के इतिहास, वास्तु, शिल्प, कला, ऐसी हर जानकारी को आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने वाली ये सुविधाएँ श्रद्धालुओं के काफी काम आएँगी। 

पीएम मोदी ने कहा कि काशी के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में आज कुछ और कड़ियाँ जुड़ रही हैं। आज महिलाओं और बच्चों की चिकित्सा से जुड़े नए अस्पताल काशी को मिल रहे हैं। इसमें से 100 बेड की क्षमता बीएचयू में और 50 बेड जिला अस्पताल में जुड़ रहे हैं।

काशी पूर्वांचल का बहुत बड़ा मेडिकल हब: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि अभी यूपी में करीब 550 ऑक्सीजन प्लांट्स बनाने का काम तेजी से चल रहा है। आज बनारस में 14 ऑक्सीजन प्लांट्स का लोकार्पण भी किया गया है। काशी नगरी आज पूर्वांचल का बहुत बड़ा मेडिकल हब बन रही है। जिन बीमारियों के इलाज के लिए कभी दिल्ली और मुंबई जाना पड़ता था, उनका इलाज आज काशी में भी उपलब्ध है।

उत्तर प्रदेश पूरे देश में कोरोना की सबसे ज्यादा टेस्टिंग करने वाला राज्य: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में कोरोना की सबसे ज्यादा टेस्टिंग करने वाला राज्य है। आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन करने वाला राज्य है। साफ-सफाई और स्वास्थ्य से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में तैयार हो रहा है। आज यूपी में गाँवों के स्वास्थ्य केंद्र हों, मेडिकल कॉलेज हों, एम्स हो, मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है।

जिस तरह यूपी ने कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका, वो अभूतपूर्व: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि देश का सबसे बड़ा प्रदेश, जिसकी आबादी दुनिया के दर्जनों बड़े-बड़े देशों से भी ज्यादा हो, वहाँ कोरोना की दूसरी लहर को जिस तरह यूपी ने सँभाला, कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका, वो अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि वो काशी के साथियों का, यहाँ के शासन-प्रशासन से लेकर कोरोना योद्धाओं की संपूर्ण टीम का विशेष रूप से आभारी हैं। उन्होंने दिन-रात जुटकर जिस प्रकार काशी में व्यवस्थाएँ खड़ी कीं, वो बहुत बड़ी सेवा है।

बीते कुछ महीने हम सभी के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं: पीएम

पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ महीने हम सभी के लिए बहुत मुश्किल भरे रहे हैं। कोरोना वायरस के बदले हुए और खतरनाक रूप ने पूरी ताकत के साथ हमला किया था। लेकिन काशी सहित, यूपी ने पूरे सामर्थ्य के साथ इतने बड़े संकट का मुकाबला किया।

शादी से पहले – ‘धर्म नहीं आएगा आड़े’, शादी के बाद – ‘इस्लाम कबूल करो’: मुस्लिम पत्नी के खिलाफ सिख व्यक्ति पहुँचा कोर्ट

पंजाब के चंडीगढ़ से इस्लामिक धर्मान्तरण कराने की कोशिश का मामला प्रकाश में आया है। यहाँ 36 वर्षीय एक सिख व्यक्ति ने अपनी मुस्लिम पत्नी और अपने ससुरालियों के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर उसे और उसके बेटे पर जबरन धर्म परिवर्तन कर इस्लाम कबूल करने के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाया है। याचिका में पीड़ित युवक ने रसलीन कौर की जिला अदालत से जबरन मतांतरण को रोकने के लिए निर्देश देने की माँग की है।

मामले में अदालत ने आरोपितों को नोटिस जारी कर 20 जुलाई 2021 तक जवाब देने को कहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि वो जन्म से ही सिख है और उसकी पत्नी जन्म से ही मुस्लिम है। शुरुआत में तो सब ठीक था, लेकिन उसके ससुराल वाले और पत्नी उस पर धर्म परिवर्तन करने का दवाब बना रहे हैं।

पीड़ित व्यक्ति के मुताबिक, अगस्त 2012 में जब उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था, तभी वो उसका इस्लामीकरण करना चाहती थी, लेकिन उसने उसे ऐसा नहीं करने दिया। हालाँकि, अब हालात बदल गए हैं। पत्नी का जीजा और उसके मायके वाले याचिकाकर्ता की निजी जिंदगी में बहुत ज्यादा दखल दे रहे हैं।

पहले कहा था धर्म नहीं आएगा आड़े

सिख व्यक्ति के वकील दीक्षित अरोड़ा ने कोर्ट को बताया है कि वर्ष 2008 में सिख व्यक्ति चंडीगढ़ के एक स्टोर में इंचार्ज था और मुस्लिम लड़की वहीं पर सेल्स गर्ल थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं और प्यार पनपा। इसके बाद साल 2008 में ही नवंबर के महीने में दोनों ने गुरुद्वारे में शादी कर ली। इस दौरान दोनों के बीच इस बात को लेकर एक राय बनी थी कि उनकी जिंदगी में उनका धर्म कभी भी आड़े नहीं आएगा। अब सिख व्यक्ति ने आऱोप लगाया है कि विवाह के पहले दिन से पत्नी समेत बाकी ससुराल वाले उस पर धर्म परिवर्तन करने का दवाब बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी में, जनता को ‘रुद्राक्ष’ समेत 1582.93 करोड़ का दिया सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (जुलाई 15, 2021) वाराणसी पहुँचे। उन्होंने यहाँ पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने आज 744.02 करोड़ रुपए के 78 परियोजनाओं का लोकार्पण किया।

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साथ ही उन्होंने 838.91 करोड़ रुपए के 206 योजनाओं की सौगात काशी की जनता को दिया। कुल परियोजनाओं की लागत 1582.93 करोड़ रुपए है। इस खास मौके पर हर किसी निगाहें रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर पर टिकी है। वो सेंटर, जिसे भारत और जापान की दोस्ती की मिसाल के दौर पर देखा जा रहा है। आईए एक नजर डालते हैं कि इस सेंटर में क्या खास है।

तस्वीर साभार:आँचल अग्रवाल

सेंटर में 108 रुद्राक्ष: इस सम्मेलन केंद्र में 108 रुद्राक्ष लगाए गए हैं। इसकी छत शिवलिंग के आकार में बनाई गई है। ये पूरी इमारत रात में एलईडी लाइट से जगमगाएगी।

तस्वीर साभार:आँचल अग्रवाल

कहाँ हैं सेंटर: ये दो मंजिला केंद्र बनारस के सिगरा क्षेत्र में है। इसे करीब 7 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। इसमें 1,200 लोगों के बैठने की क्षमता है।

तस्वीर साभार:आँचल अग्रवाल

सेंटर बनाने का मकसद: इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में लोगों को सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद के अवसर देना है।

तस्वीर साभार:आँचल अग्रवाल

ये अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, संगीत समारोहों और अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उचित जगह है और इसके गलियारे को चित्रों से सजाया गया है।

तस्वीर साभार:आँचल अग्रवाल

इस सेंटर में जापानी और भारतीय वास्तु शैलियाँ दिखेंगी। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की डिजाइन जापान की कंपनी ओरिएंटल कंसल्टेंट ग्लोबल ने बनाया है।

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इसका कंस्ट्रकशन जापान की ही फुजिता कॉरपोरेशन कंपनी ने किया है। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर जापान और भारत के आपसी सहयोग को दिखाता है।

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साल 2015 में जब जापान के पीएम शिंजो आबे पीएम मोदी के साथ वाराणसी आए थे, उसी वक्त इस कन्वेंशन सेंटर की नींव डाली गई थी।

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जापान की झलक: हॉल के परिसर में जापानी शैली में एक पार्क भी बनाया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान पीएम मोदी रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर परिसर में एक रुद्राक्ष का पौधा भी लगाएँगे।

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सेंटर में एक साथ 1200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। हॉल को लोगों की संख्या के अनुरूप दो हिस्सों में बाँटने की व्यवस्था है। पूर्णत: वातूनुकुलित सेंटर में बड़े हॉल के अलावा 150 लोगों की क्षमता का एक मीटिंग हॉल है।

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इसके अतिरिक्त यहाँ एक वीआइपी कक्ष, चार ग्रीन रूम भी हैं। दिव्यांगजनों की सुविधा की दृष्टि से पूरे परिसर को सुविधाजनक बनाया गया है। 

तलाक के बाद एक साथ डांस करते दिखे आमिर खान और किरण राव, पहले भी बोला था – ‘हम बहुत खुश’

बाॅलीवुड के मिस्टर परफेक्‍शनिस्‍ट कहे जाने वाले एक्टर आमिर खान इन दिनों अपने दूसरे तलाक की वजह से खूब सुर्खियों में हैं। वहीं अब दोनों साथ में लद्दाख के ट्रेडिशनल कपड़े पहने हुए डांस करते हुए दिखाई दिए। साथ में डांस करते आमिर-किरण का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है।

तलाक के बाद इससे पहले भी आमिर खान और किरण राव की साथ में वीडियो सामने आ चुकी है। बता दें कि लद्दाख में इन दिनों आमिर की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग चल रही है। इस बीच उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह और किरण एक साथ मस्ती करते हुए दिखाई दिए। 

लद्दाख से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों ने वहाँ के ट्रेडिशनल कपड़े पहने हैं और डांस कर रहे हैं। इस दौरान आमिर ने पर्पल हैट के साथ रेड कलर का आउटफिट पहना है तो वहीं किरण ने ग्रीन हैट के साथ डार्क पिंक कलर की ड्रेस पहनी है। एक महिला उन्हें डांस सिखा रही हैं और आमिर, किरण उन्हें देखकर डांस कर रहे हैं। दोनों के डांस शुरू करते ही सभी खुशी से चिल्लाने लगते हैं। आमिर की अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा‘ में करीना कपूर खान, मोना सिंह और नागा चैतन्य भी हैं। फिल्म फॉरेस्ट गंप की रीमेक है, जिसे अद्वैत चंदन डायरेक्ट कर रहे हैं।

कूड़ा फैलाने को लेकर विवाद

कुछ दिन पहले यहाँ के निवासी ने एक वीडियो जारी कर आमिर और उनकी टीम पर शूटिंग के दौरान कूड़ा करने और गंदगी फैलाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद ये मामला काफी चर्चा में आ गया था। वीडियो में उसने कहा था, “वैसे तो आमिर अपने कार्यक्रम सत्यमेव जयते में सफाई को लेकर बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन जब खुद की बारी आती है तो ये हाल होता है।” इस वीडियो के आने के बाद प्रोडक्शन हाउस को इस पर ट्वीट कर सफाई देनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से तलाक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “हम साथ में खुश रहे, हँसे। हमारा रिश्ता विश्वास, प्यार और सम्मान के मामले में लगातार बढ़ता ही रहा। अब हमने निर्णय लिया है कि अब हम जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे, लेकिन पति-पत्नी के रूप में नहीं।” बकौल आमिर खान और किरण राव, उनका ये नया जीवन उनके बेटे आजाद के अभिभावक के रूप में होगा, एक परिवार के रूप में होगा।