बाॅलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले एक्टर आमिर खान इन दिनों अपने दूसरे तलाक की वजह से खूब सुर्खियों में हैं। वहीं अब दोनों साथ में लद्दाख के ट्रेडिशनल कपड़े पहने हुए डांस करते हुए दिखाई दिए। साथ में डांस करते आमिर-किरण का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है।
तलाक के बाद इससे पहले भी आमिर खान और किरण राव की साथ में वीडियो सामने आ चुकी है। बता दें कि लद्दाख में इन दिनों आमिर की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग चल रही है। इस बीच उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह और किरण एक साथ मस्ती करते हुए दिखाई दिए।
लद्दाख से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों ने वहाँ के ट्रेडिशनल कपड़े पहने हैं और डांस कर रहे हैं। इस दौरान आमिर ने पर्पल हैट के साथ रेड कलर का आउटफिट पहना है तो वहीं किरण ने ग्रीन हैट के साथ डार्क पिंक कलर की ड्रेस पहनी है। एक महिला उन्हें डांस सिखा रही हैं और आमिर, किरण उन्हें देखकर डांस कर रहे हैं। दोनों के डांस शुरू करते ही सभी खुशी से चिल्लाने लगते हैं। आमिर की अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा‘ में करीना कपूर खान, मोना सिंह और नागा चैतन्य भी हैं। फिल्म फॉरेस्ट गंप की रीमेक है, जिसे अद्वैत चंदन डायरेक्ट कर रहे हैं।
कूड़ा फैलाने को लेकर विवाद
कुछ दिन पहले यहाँ के निवासी ने एक वीडियो जारी कर आमिर और उनकी टीम पर शूटिंग के दौरान कूड़ा करने और गंदगी फैलाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद ये मामला काफी चर्चा में आ गया था। वीडियो में उसने कहा था, “वैसे तो आमिर अपने कार्यक्रम सत्यमेव जयते में सफाई को लेकर बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन जब खुद की बारी आती है तो ये हाल होता है।” इस वीडियो के आने के बाद प्रोडक्शन हाउस को इस पर ट्वीट कर सफाई देनी पड़ी थी।
गौरतलब है कि हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपनी दूसरी पत्नी किरण राव से तलाक लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था, “हम साथ में खुश रहे, हँसे। हमारा रिश्ता विश्वास, प्यार और सम्मान के मामले में लगातार बढ़ता ही रहा। अब हमने निर्णय लिया है कि अब हम जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करेंगे, लेकिन पति-पत्नी के रूप में नहीं।” बकौल आमिर खान और किरण राव, उनका ये नया जीवन उनके बेटे आजाद के अभिभावक के रूप में होगा, एक परिवार के रूप में होगा।
उत्तर प्रदेश एटीएस द्वारा आतंकवादी संगठन अलकायदा की शाखा ‘अंसार ग़ज़वतुल हिन्द’ से जुड़े होने के आरोप में लखनऊ में गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों को जमीयत उलेमा-ए-हिंद कानूनी सहायता देगी। जमीयत उलेमा कानूनी इमदाद कमेटी के अध्यक्ष गुलज़ार आज़मी ने बुधवार (जुलाई 14, 2021) को बताया कि उतर प्रदेश आतंकवाद रोधी दस्ता (ATS) द्वारा आतंकवाद के आरोप में गिरफ़्तार दो मुस्लिम युवकों के परिवार के लोगों ने जमीयत उलेमा-ए-हिन्द से कानूनी सहायता माँगी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गुलज़ार आज़मी के नाम पत्र में आरोपित मिनहाज अहमद के पिता सिराज अहमद ने लिखा है, “मेरे बेटे मिनहाज अहमद को एटीएस विभाग के लोग आतंकवाद के आरोप में ज़बरदस्ती गिरफ़्तार कर ले गए। मैं खुद सरकारी कर्मचारी था और अल्लाह का आभारी हूँ कि मेरी ज़िंदगी हर प्रकार से साफ है और मैंने अपने बेटे की अच्छी परवरिश की है। मैंने उसको गलत लोगों की संगत से दूर रखा। मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि मेरे बेटे के सिलसिले में सहायता करें और मुक़दमे के संबंध में मेरी भरपूर मदद करके आभार प्रकट करने का अवसर दें। मैं इस योग्य नहीं हूँ कि मुक़दमे लड़ सकूँ। अल्लाह ताला आप सब को इसके बदले बड़ा इनाम देगा।”
जमीयत उलेमा कानूनी इमदाद कमेटी के अध्यक्ष गुलज़ार आज़मी ने बताया कि अनुरोध प्राप्त होने के बाद जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी के आदेश पर आरोपितों को कानूनी सहायता दी जाएगी। मदनी ने कहा कि जमीयत के प्रयासों से अब तक सैकड़ों युवक आतंकवाद के मुकदमों में रिहा हो चुके हैं, जो यह साबित करता है कि जाँच एजेंसियाँ बिना सबूत के धार्मिक पक्षपात के आधार पर गिरफ्तार कर लेती हैं और एक लम्बे समय के बाद अदालतें उन्हें सम्मानजनक बरी कर देती हैं।
जमीयत अध्यक्ष ने कहा कि मगर सवाल यह है कि जाँच एजेंसियों के इस पक्षपातपूर्ण रवैये से मुस्लिम युवकों के जो वर्ष बर्बाद हो जाते हैं, उन्हें कौन लौटाएगा। इसलिए जमीयत ने फास्ट ट्रैक अदालत की माँग की थी ताकि फैसला जल्द हो। अगर वास्तव में दोषी हैं तो सज़ा मिले, अगर निर्दोष हैं तो उन्हें रिहा कर दिया जाए। मदनी ने कहा कि जमीयत आतंकवाद के मामलों में गिरफ्तार बेकुसूर मुसलमानों की सम्मानजनक रिहाई तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।
गौरतलब है कि एटीएस ने अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े लखनऊ के दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद तथा मड़ियांव के रहने वाले मशीरुद्दीन उर्फ मुशीर को रविवार (जुलाई 11, 2021) को गिरफ्तार कर मिनहाज के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा एक पिस्तौल बरामद की थी। मशीरुद्दीन के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस मामले में दोनों आरोपितों की मदद करने के आरोप में बुधवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया था कि ये लोग अलकायदा के उत्तर प्रदेश मॉड्यूल के मुखिया उमर हलमंडी के निर्देश पर अपने साथियों की मदद से आगामी 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, खासकर लखनऊ के महत्वपूर्ण स्थानों, स्मारकों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट करने और मानव बम आदि द्वारा आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए हथियार तथा विस्फोटक भी जमा किया गया था।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जमीयत उलेमा-ए-हिन्द अपराधियों की कानूनी मदद का ऐलान कर चुका है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दिन-दहाड़े गला रेत कर, गोली मार कर हत्या करने वालों का विरोध करने और हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की बात करने के बजाय उनकी कानूनी मदद का ऐलान किया था। जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा था कि हत्यारों को बचाने में जो भी कानूनी खर्च आएगा, उसे वो वहन करेंगे, क्योंकि वो (हत्यारे) गरीब हैं।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। यहाँ के लुकमान पर नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा करने का आरोप है। आजमगढ़ पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए बताया कि सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्त की गिरफ्तारी एवं बरामदगी हेतु पुलिस टीम बनाकर, प्रभारी निरीक्षक जहानागंज को निर्देशित किया गया है।
आजमगढ़ पुलिस का इस मामले में ट्वीट
बता दें कि स्वतंत्र सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने सोशल मीडिया पर इस ‘लव जिहाद/ग्रूमिंग जिहाद’ की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए बताया कि उनकी भतीजी एक मुस्लिम लड़के के साथ गायब है। वो उन दोनों में से किसी की भी तलाश नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने ट्वीट करते हुए मामले में पुलिस से मदद की गुहार लगाई, जिस पर आजमगढ़ पुलिस ने संज्ञान ले लिया है, साथ ही जल्द ही गिरफ्तारी और बरामदगी का आश्वासन दिया है।
पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत (साभार: Twitter-@swat_mmm)
इस ट्वीट में पीड़िता के चाचा ने लड़के और लड़की की फोटो के अलावा पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत की कॉपी भी शेयर की है। इसमें लड़की के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री की उम्र 17 साल है। वह बुधवार (जुलाई 14, 2021) को तकरीबन 1:00 बजे घर से निकली थी और काफी देर तक वह घर वापस नहीं आई।
उन्होंने बताया कि निकलने से पहले पीड़िता ने लगभग 12:14 बजे किसी से बात की थी और इसके बाद ही वह घर से निकली थी। पीड़िता के पिता ने बताया कि जब उन्होंने उस नंबर के बारे में पता लगाया, जिससे कॉल आई थी, तो वह नंबर लुकमान नाम के शख्स का निकला। उन्होंने मामले में पुलिस से मुकदमा लिख कर कार्यवाही करने का निवेदन किया।
गौरतलब है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के बदायूँ के रहने वाले दानिश ने दिनेश बनकर पहले बुलंदशहर की हिंदू युवती को अपने प्यार के जाल में फँसाया फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसके साथ निकाह कर लिया। युवती ने जब धर्मांतरण का विरोध किया तो दानिश ने उसके साथ मारपीट की और उसे प्रताड़ित भी किया।
ओडिशा के गंजम जिले के ब्रह्मपुर शहर में स्थित है तारा तारिणी आदि शक्ति पीठ। विभिन्न पौराणिक मान्यताओं के आधार पर माना जाता है कि भारत और उसके आस-पास के क्षेत्रों में 51 अथवा 52 शक्तिपीठ हैं, लेकिन 4 ऐसे स्थान हैं, जिन्हें आदि शक्तिपीठ के रूप में जाना जाता है। तारा तारिणी मंदिर उन्हीं आदि शक्ति पीठों में से एक है, जिसे ‘स्तन पीठ’ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि यहाँ माता सती के दोनों स्तन, ऋषिकुल्या नदी के किनारे स्थित कुमारी पहाड़ी पर गिरे थे। तारा तारिणी मंदिर को शाक्त संप्रदाय के उन प्रमुख स्थानों के रूप में जाना जाता है, जहाँ तंत्र विद्या का प्राचीन इतिहास रहा है।
मंदिर का पौराणिक इतिहास
शिव पुराण, देवी भागवत पुराण, कालिका पुराण, अष्टशक्ति और पीठनिर्णय तंत्र में तारा तारिणी समेत 4 आदि शक्तिपीठों का वर्णन किया गया है। महाराज दक्ष के द्वारा अपमान किए जाने के बाद जब माता सती ने अपने प्राण त्याग दिए तो भगवान शिव उनकी मृत देह को लेकर भयंकर क्रोध में आ गए। उनके क्रोध को शांत करने के लिए भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से माता सती की मृत देह को कई भागों में विभक्त कर दिया। इस दौरान माता सती के दोनों स्तन इसी स्थान पर गिरे, जहाँ स्थापित हुए तारा तारिणी मंदिर। मंदिर में दो जुड़वा देवियों तारा और तारिणी की पूजा होती है।
कई मान्यताओं के अनुसार यह भी माना जाता है कि मंदिर की मुख्य देवियाँ तारा और तारिणी कुछ समय के लिए मानव रूप में अपने भक्तों के बीच रहीं। उन्होंने अपने भक्तों के बीच रहते हुए कई चमत्कार किए, जिससे लोगों को उनकी शक्ति का आभाष हुआ। इसके बाद से कुमारी पहाड़ी पर तारा तारिणी मंदिर अस्तित्व में आया। आज ओडिशा के अंदर लगभग सभी इलाकों में माता तारा और तारिणी को इष्ट देवी के रूप में पूजा जाता है और ओडिशा के निवासियों के घरों में तारा और तारिणी की मूर्तियाँ और तस्वीरें मिल जाएँगी।
मंदिर का निर्माण और आदि शक्तिपीठ क्षेत्र
ब्रह्मपुर शहर के उत्तर में 30 किलोमीटर (किमी) की दूरी पर स्थित तारा तारिणी आदि शक्तिपीठ में दो अत्यंत प्राचीन पत्थर की प्रतिमाएँ हैं, जो देवी तारा और तारिणी का प्रतिनिधित्व करती हैं। इन प्रतिमाओं को स्वर्ण और चाँदी के आभूषणों से सुसज्जित किया गया है। इसके अलावा इन दो प्रतिमाओं के बीच में पीतल के दो मुख स्थित हैं, जिन्हें जीवंत प्रतिमा के रूप में जाना जाता है। तारा तारिणी आदि शक्तिपीठ शक्ति तंत्र का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहाँ तक कि इस स्थान पर बौद्धों के द्वारा तांत्रिक प्रक्रियाओं को सम्पन्न करने के प्रमाण भी मिलते हैं।
तारा तारिणी मंदिर का निर्माण कलिंग वास्तुकला के अनुसार हुआ है। कुमारी पहाड़ी के ऊपर स्थित यह मंदिर पूर्णतः पत्थरों का उपयोग करके बनाया गया है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कलिंग राजाओं द्वारा प्राचीन काल में कराया गया। मंदिर जिस पहाड़ी पर स्थित है, उसकी ऊँचाई 708 फुट है, जहाँ यह आदि शक्तिपीठ क्षेत्र लगभग 180 एकड़ जमीन पर फैला हुआ है। कुमारी पहाड़ी की चोटी तक पहुँचने के लिए 999 सीढ़ियों की चढ़ाई है। इसके अलावा एक पक्की रोड भी पहाड़ी की चोटी पर स्थित मंदिर तक जाती है। हालाँकि सभी पर्वतीय तीर्थ स्थानों की तरह भक्त यहाँ भी सीढ़ियाँ चढ़कर ही जाना पसंद करते हैं।
वैसे तो देवी स्थान होने के करण यहाँ का प्रमुख त्यौहार नवरात्रि है, जो साल में दो बार यहाँ धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन यहाँ का प्रमुख त्यौहार चैत्र पर्व या चैत्र यात्रा को भी माना जाता है। यह त्यौहार चैत्र महीने के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाता है। इसके अलावा हिन्दू नव वर्ष की संक्रांति को भी इस मंदिर में त्यौहार की तरह ही मनाया जाता है।
कैसे पहुँचें?
तारा तारिणी आदि शक्तिपीठ का निकटतम हवाईअड्डा भुवनेश्वर में स्थित है, जो मंदिर क्षेत्र से लगभग 176 किमी की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा मंदिर का निकटतम रेलवे स्टेशन ब्रह्मपुर है, जो यहाँ से लगभग 40 किमी की दूरी पर स्थित है।
ब्रह्मपुर, ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से लगभग 170 किमी की दूरी पर है। सड़क मार्ग से भी मंदिर तक पहुँचना काफी आसान है। ब्रह्मपुर के लिए ओडिशा के कई बड़े शहरों से यातायात के सभी प्रकार के साधनों का संचालन होता है। ब्रह्मपुर से स्थानीय परिवहन के साधनों का उपयोग करके तारा तारिणी मंदिर पहुँचा जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के बदायूँ से धर्मांतरण का नया मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बदायूँ के रहने वाले दानिश ने दिनेश बनकर पहले बुलंदशहर की हिंदू युवती को अपने प्यार के जाल में फँसाया फिर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसके साथ निकाह कर लिया। युवती ने जब धर्मांतरण का विरोध किया तो दानिश ने उसके साथ मारपीट की और उसे प्रताड़ित भी किया।
यह मामला कादर चौक थाना क्षेत्र के ग्राम गौरामई का है। यहीं रहने वाला दानिश दिल्ली में काम करता था। करीब साल भर पहले दिल्ली में उसकी मुलाकात बुलंदशहर की रहने वाली युवती से हुई थी। निकाह के बाद दानिश युवती को उत्तर प्रदेश में अपने गाँव गौरामई लेकर गया, जहाँ उसके घरवाले रहते थे।
बताया जा रहा है कि जैसे ही वह अपने ससुराल पहुँची, उसे महसूस हुआ किया कि दानिश ने उससे अपने बारे में झूठ बोला था। वह हिंदू नहीं मुस्लिम था, जो अपनी फर्जी पहचान बताकर उसे धोखा दे रहा था। युवती ने आरोप लगाया है कि उसका जबरदस्ती धर्मांतरण कराया गया और निकाह पढ़वाया गया। जब उसने इस निकाह का विरोध किया तो आरोपित के पिता और भाई ने उसे कथित तौर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
युवती ने बताया कि जब उसने धर्मांतरण और निकाह का विरोध किया तो दानिश ने अपने भाई चाहत मियाँ और अब्बू अहमद मियाँ से उसका शारीरिक और मानसिक शोषण कराया। रिपोर्ट के मुताबिक, युवती को कुछ दिन तक उन्होंने मुजरिया के छगनपुर के रहने वाले आमिर के घर पर भी रखा।
हालाँकि, 12 जून को मौका पाते ही वह दानिश के घर से भागकर अपनी बहन के घर खुर्जा आ गई। उसने बहन को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद युवती के परिजन उसे लेकर एसएसपी (SSP) बदायूँ संकल्प शर्मा से मिले। उन्होंने कादर चौक थाने में सभी आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने धर्मांतरण मामले मे आरोपित बाप-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बाकी आरोपितों की तलाश की जा रही है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों में आरोपित सफूरा जरगर को ईद के मौके पर उनके गृहनगर ‘कश्मीर’ जाने की इजाजत दिल्ली के एक कोर्ट ने दे दी है। कोर्ट ने बुधवार को (जुलाई 14, 2021) जरगर से कहा है कि वह गूगल मैप्स पर पिन ड्रॉप करके कश्मीर जा सकती हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में शाहदरा जिला न्यायालय ने सफूरा जरगर को ईद-उल-मिलाद के अवसर पर ‘अकीका’ करने के लिए कश्मीर जाने की अनुमति दी है। एडिशनल सेशन जज अमिताभ रावत ने जरगर की याचिका को इस शर्त पर स्वीकार किया कि वह जाँच अधिकारी की तरफ से किए जाने वाले सत्यापन के लिए गूगल मैप्स पर एक पिन डालेंगी जिससे उनकी लोकेशन पता चल सके।
बता दें कि सफूरा ने इस संबंध में एक याचिका फाइल की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका और उनके पति का घर किश्तवाड़ में है और उन्हें समारोह में शामिल होने के लिए कश्मीर जाना है। ऐसे में दिल्ली कोर्ट ने मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने कहा,
“आवेदक ऑफिशियली ईमेल के माध्यम से जाँच अधिकारी को अपनी यात्रा का कार्यक्रम भी प्रस्तुत करेगा। आवेदक गूगल मैप्स पर ‘ड्रॉप-ए-पिन’ करेगा ताकि जाँच अधिकारी आवेदक की उपस्थिति और स्थान को सत्यापित कर सके। जाँच अधिकारी के मोबाइल नंबर पहले से ही आवेदक को ज्ञात हैं और वर्तमान आवेदन में भी इसका उल्लेख किया गया है।”
मालूम हो कि सफूरा जरगर फिलहाल मानवीय आधार पर जेल से बाहर हैं और उन्हें निर्देश है कि यदि दिल्ली छोड़नी है तो इसके लिए कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। इसी बाबत उन्होंने अपनी याचिका कोर्ट में दी थी। सुनवाई के दौरान जरगर की ओर से यह बताया गया कि उन्हें अपने होमटाउन में 30 दिनों के लिए यानी 16 जुलाई से 16 अगस्त तक अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने सशर्त उनकी बात मान ली।
उल्लेखनीय है कि जामिया की स्टूडेंट सफूरा जरगर दिल्ली दंगों के मामले में आरोपित हैं। सफूरा जरगर पर आर्म्स एक्ट, UAPA और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं के तहत आरोप हैं। हिंसा के लिए उकसाने के आरोप में उन्हें अप्रैल 10, 2020 को गिरफ्तार किया गया था। फिर दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 जून 2020 को मानवता के आधार पर गर्भवती सफूरा जरगर को जमानत दे दी थी। इसके बाद 12 अक्टूबर को पिछले साल उन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया।
मेनस्ट्रीम मीडिया जघन्य अपराध करने वालों के लिए हिंदू शब्दों का इस्तेमाल करने से भी गुरेज नहीं करता है। हाल ही में News18 ने न केवल एक आरोपित की धार्मिक पहचान को छिपाने का प्रयास किया, बल्कि उसे ‘तांत्रिक’ कहकर उसके अपराध को हिंदू रंग देने की कोशिश की। महाराष्ट्र के नवी मुंबई में सोमवार (12 जुलाई 2021) को 33 वर्षीय स्वयंभू ‘तांत्रिक’ को पुलिस ने 26 वर्षीय महिला से 4.57 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उसने महिला को काले जादू की मदद से उसे छोड़कर गए प्रेमी से शादी कराने के बहाने पैसे ऐंठे थे।
नवी मुंबई पुलिस के मुताबिक, खारघर निवासी पीड़िता ने इस साल फरवरी में उपनगरीय ट्रेनों के डिब्बों में उसके पोस्टर देखकर आरोपित बाबा करीम खान बंगाली से संपर्क किया था, जिसका असली नाम वसीम खान है।
पुलिस ने बताया कि महिला के प्रेमी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद से वह अवसाद में थी। उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले आरोपित ने महिला से फोन पर कहा कि वह उसके प्रेमी को फिर से उसके पास ला सकता है और काला जादू कर उससे शादी भी करा देगा।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपित बाबा करीम खान बंगाली ने यह भी वादा किया कि वह उसके प्रेमी के नए शादी के प्रस्तावों को भी खराब कर सकता है और मेरठ दरगाह में गुप्त क्रिया करने के लिए उससे 4.57 लाख रुपए की माँग की। पुलिस अधिकारी ने कहा कि महिला ने दावा किया है कि उसने करीम खान द्वारा किश्तों में माँगी गई राशि का भुगतान किया था, लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं मिला।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि जब महिला ने उससे अपने पैसे वापस माँगे और पुलिस से संपर्क करने की धमकी दी, तो आरोपित ने उसे यह कहते हुए धमकाया कि वह काला जादू की मदद से उसे सड़क दुर्घटना में मार देगा।
गौरतलब है कि भारतीय दंड संहिता, महाराष्ट्र मानव बलि, अन्य अमानवीय, बुराई, अघोरी प्रथाओं, काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम 2013 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपित को रविवार (11 जुलाई) को ठाणे जिले के मीरा रोड स्थित गोविंद नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
News18 ने काला जादू और धोखाधड़ी करने वाले मुस्लिम आरोपित को बताया ‘तांत्रिक’
News18 की रिपोर्ट में आप भी देख सकते हैं कि किस तरह उन्होंने एक अपराधी करीम खान के लिए ‘तांत्रिक’ शब्द का प्रयोग किया है। उन्होंने करीम खान के अपराध को हिंदू रंग देने के प्रयास में धोखाधड़ी करने वाले occult practitioner को ‘तांत्रिक’ बता डाला।
फोटो: News 18
News18 ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि बलात्कार का आरोपित करीम खान बंगाली उर्फ वसीम खान एक तांत्रिक है। हालाँकि, अपराध को ‘धर्मनिरपेक्ष’ के चश्मे से देखने के प्रयास में उन्होंने अपनी रिपोर्ट में आरोपित को ‘तांत्रिक’ के रूप में संदर्भित किया है। सिर्फ News18 ही नहीं, फ्री प्रेस जर्नल ने भी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को ‘तांत्रिक’ बताकर उसी तरह का प्रचार करने प्रयास किया है। कई अन्य मीडिया पोर्टलों ने भी ऐसा ही किया है।
फोटो: FPJ
आम बोलचाल में, ‘तांत्रिक’ का अर्थ ‘तंत्र विद्या’ का प्रयोग करने वाले से है, जो मुख्य रूप से हिंदू धर्म से जुड़ा है, जिससे यह धारणा बनती है कि एक हिंदू व्यक्ति ने यह अपराध किया है।
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट
‘धर्मनिरपेक्ष’ मीडिया की हताशा अन्य धर्मों के अपराधियों द्वारा किए गए अपराधों का ‘हिंदूकरण’ करने पर अमादा
मीडिया संगठन अक्सर जानबूझकर तथ्यों को अनदेखा करके और अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित अपराधियों की पहचान को गुप्त रखने का प्रयास करते हैं। हालाँकि, हाल ही में कई मीडिया संगठनों को न केवल अपराधियों के नाम छुपाने, बल्कि उन्हें उनके अपराधों को हिंदू रंग देते हुए भी देखा गया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यह बताने का प्रयास किया कि यह अपराध हिंदुओं द्वारा किया गया था।
टाइम्स ऑफ इंडिया कई बार अपराध को धर्मनिरपेक्ष बनाने के प्रयास में ऐसे अपराधियों को ‘तांत्रिक’ बताते हुए पकड़ा गया है। हालाँकि, इनमें से कई रिपोर्ट एजेंसी फीड हैं, लेकिन मेनस्ट्रीम मीडिया में अल्पसंख्यक समुदाय द्वारा किए गए अपराधों को हिंदू स्पिन देने के लिए यह एक सामान्य प्रथा रही है।
2018 में, टाइम ऑफ इंडिया ने बताया कि महाराष्ट्र में, एक ‘तांत्रिक’ ने अपने पुरुष भक्तों को अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। रिपोर्ट के अनुसार, एक आसिफ नूरी नाम अपराधी था, लेकिन TOI ने अपने पाठकों को गुमराह करने के लिए एक हिंदू साधु की फोटो का इस्तेमाल करते हुए उसी रिपोर्ट को ट्वीट किया था।
कुछ दिन पहले, टीओआई ने फिर से इसी तरह की एक रिपोर्ट प्रकाशित की। उसमें उन्होंने occult practitioners अफजल मलिक और उसके तीन दोस्तों तारिक, असलम और जुल्फिकार को तांत्रिक लिखा था। इन तीनों पर कथित तौर पर नाबालिग लड़की को अपने घर में फुसलाकर सामूहिक बलात्कार करने का आरोप था।
अन्य मीडिया ग्रुप भी पीछे नहीं
वास्तव में वर्नाक्युलर मीडिया भी उसी हिंदू विरोधी प्रचार का अनुसरण करता है। हिंदी-दैनिक जागरण ने भी अपनी हेडलाइन में उत्पीड़न के मामले में एक आरोपित को ‘तांत्रिक’ सूफी बाबा बुलाया था। जबकि अपराधी की पहचान आफताब के रूप में हुई थी। हिंदी न्यूज18 ने अपने लेख में शीर्षक दिया था, ‘भूतों को भगाने के बहाने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में तांत्रिक गिरफ्तार’। बाद में तांत्रिक की पहचान हाफिज साजिद के रूप में हुई थी।
दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) की हिपोक्रेसी को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर हो रहा है। इस पोस्ट में AAP के दो नेताओं के बयान हैं। एक में राघव चड्ढा मिंटो ब्रिज पर हुए जलभराव और उसके कारण हुई एक व्यक्ति के मौत के लिए केंद्र सरकार को बातों ही बातों में कोस रहे हैं और दूसरे में आतिशी साल 2021 में भारी बारिश के बाद भी मिंटो ब्रिज की सामान्य स्थिति देख आम आदमी पार्टी की तारीफों के कसीदे पढ़ रही हैं।
दोनों ट्वीट को साथ-साथ शेयर किया जा रहा है। पहला ट्वीट साल 2020 का है जिसमें AAP नेता राघव चड्ढा ने कहा था कि मिंटो ब्रिज का इलाका एनडीएमसी के अधीन आता है और एनडीएमसी केंद्र सरकार के अधीन आती है, फिर भी वहाँ ऐसी जलभराव की स्थिति बनी। बीजेपी अपनी जिम्मेदारियों से भागने की कोशिश कर रही है।
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''मिंटो ब्रिज का इलाका NDMC के अधीन आता है और NDMC केंद्र सरकार के अधीन आती है…लेकिन ये राजनीति का समय नहीं है, दुख की बात है कि BJP इसपर राजनीति कर रही है''- @raghav_chadha#MintoBridgeCase#DelhiRains
दूसरा ट्वीट 2021 में AAP नेता आतिशी ने किया है। इसमें वह कहती हैं, “सुबह से भारी वर्षा के बाद भी मिंटो ब्रिज पर कोई जलभराव नहीं हुआ और ट्रैफिक भी बहुत आराम से चल रहा है। ये वक्त है कि विपक्ष पुरानी तस्वीरों को शेयर करना बंद कर दे।”
Despite heavy rainfall since morning, there's no water logging at #MintoBridge this time and traffic is moving smoothly.
Maybe its time that our opposition stops circulating old photos of Minto Bridge ? pic.twitter.com/WKe8XPNl0X
इन दोनों नेताओं की बातें देख सोशल मीडिया पर बात हो रही है कि आखिर आम आदमी पार्टी वाले इतना पाखंड कैसे दिखा लेते हैं। अविनाश श्रीवास्तव कहते हैं, “मतलब ये कैसे होता है ? जब ‘मिंटो ब्रिज’ पर जलभराव हुआ तो वो एरिया NDMC के अंतर्गत था और उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी और जब ‘मिंटो ब्रिज’ पर जलभराव नहीं हुआ तो उसका क्रेडिट केजरीलाल की AAP सरकार को चला गया।”
मतलब ये कैसे होता है ? जब ‘Minto Bridge’ पर जलभराव हुआ तो वो एरिया NDMC के अंतर्गत था और उसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी और जब ‘Minto Bridge’ पर जलभराव नहीं हुआ तो उसका क्रेडिट Kejriwal की AAP सरकार को चला गया। pic.twitter.com/ItAan15dvo
बिष्णुकांत शुक्ला ने कहा, “पहले: मिंटो ब्रिज हमारा एरिया नहीं NDMC का है, केंद्र का है,हमारी जिम्मेदारी नहीं, BJP काम करे। अब: हमने ये कर दिया वो कर दिया,थैंक्यू केजीरिवाल। मतलब अगर केंद्र का है तो काम केंद्र ने किया होगा फिर झूठा क्रेडिट काहे ले रहे हो और अगर तुम्हारा है तो पहले काहे झूठ बोल रहे थे?”
पहले:मिंटो ब्रिज हमारा एरिया नहीं NDMC का है,केंद्र का है,हमारी जिम्मेदारी नहीं,BJP काम करे
अब:हमने ये कर दिया वो कर दिया,थैंकयू केजीरिवाल
मतलब अगर केंद्र का है तो काम केंद्र ने किया होगा फिर झूठा क्रेडिट काहे ले रहे और अगर तुम्हारा है तो पहले काहे झूठ बोल रहे थे?#AAPisFRAUDpic.twitter.com/8JmBRnR3KF
— Bishnukant Shukla (प्रयागराज वाले) (@BishnuKShukla) July 14, 2021
उल्लेखनीय है दिल्ली के मिंटो ब्रिज पर अक्सर भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या देखने को मिलती है। इसी कारण इस ब्रिज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर भी होती हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ और आवाजाही बरकरार रही। ऐसे में कई रिपोर्ट सिर्फ यही बताने के लिए की गई कि मिंटो ब्रिज इस बार जलभराव से मुक्त नजर आया।
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ‘आप’ नेता व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने दिल्ली के लिए पानी की एक भी बूँद को अवरुद्ध नहीं किया है।
हरियाणा के सीएम ने विज्ञापनों के माध्यम से अपनी छवि सुधारने वाली केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। खट्टर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, ”दिल्ली के सीएम को खुद को बेहतर बताने और अपनी प्रशंसा करने की आदत है। हम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार पानी छोड़ रहे हैं। पानी की एक बूँद भी अपने पास नहीं रख रहे हैं। हमें पीने के लिए 1.5 गुना अधिक पानी की आवश्यकता होती है, लेकिन हम उन्हें देते हैं। दिल्ली और हरियाणा अलग नहीं हैं, हम पड़ोसी हैं।”
Delhi CM has a habit of promoting&praising himself. We’re releasing water as per SC’s order. Not a single drop of water is being held. We require 1.5 times more drinking water but we give it to them. Delhi & Haryana aren’t different, we’re neighbours:Haryana CM ML Khattar(13.07) pic.twitter.com/8dPoFsDIBi
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए खट्टर ने कहा, “वे हर चीज के लिए हरियाणा को दोष देते हैं। अगर प्रदूषण है तो वे इसके लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहराते हैं। जब उनके पास कोई तर्कसंगत कारण नहीं होता है, तो वे हरियाणा को ही दोषी ठहरा देते हैं।” उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल से दिल्ली नहीं सँभलती तो उसे हरियाणा को दे दें। हम उसे भी सँभाल लेंगे।”
खट्टर ने इस दौरान केजरीवाल को कोरोना महामारी की दूसरी लहर में दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई कृत्रिम ऑक्सीजन डिमांड की भी याद दिलाई। उन्होंने कहा, ”केजरीवाल ने ऑक्सीजन के संबंध में भी यही किया। उन्हें 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिला, जबकि 2.9 करोड़ की आबादी होने के बावजूद हमें केवल 282 मीट्रिक टन ही मिला। हमारे पास उनसे ज्यादा मरीज थे, ज्यादा अस्पताल थे, हमारा एरिया ज्यादा था और दिल्ली से भी लोग इलाज के लिए हमारे पास आ रहे थे।”
खट्टर सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा, “हरियाणा भी भारी पानी की कमी का सामना कर रहा है। यह बहुत ही खेद की बात है कि सकारात्मक प्रयास करने और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करने के बावजूद दिल्ली द्वारा हरियाणा सरकार की आलोचना की जा रही है।”
‘आप’ ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
मई 2021 में दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि हरियाणा दिल्ली को पानी का पूरा हिस्सा नहीं दे रहा है। हालाँकि, जल शक्ति मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता वाली एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर याचिका का निपटारा कर दिया गया था।
‘आप’ ने हरियाणा सरकार को धमकाया
आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने पानी की किल्लत को बीजेपी की साजिश बताते हुए शनिवार (10 जुलाई 2021) को हरियाणा सरकार को धमकी देते हुए कहा, “अगर 24 घंटे में दिल्ली के हिस्से का पानी नहीं छोड़ा गया, तो दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष के घर का पानी का कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा।”
दिल्लीवालों का BJP को 24 घंटे का ULTIMATUM‼️
“दिल्ली के हक़ का पानी नहीं दिया गया तो हम BJP President Adesh Gupta के घर का Water Connection काट देंगे!”
Haryana सरकार ने जानबूझ कर Delhi आने वाले पानी को रोक रखा है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार बार-बार दिल्ली के पानी को रोक रही है। ऐसे में हमें अक्सर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पास जाना पड़ता है। भाजपा को सही रास्ते पर लाने के लिए पानी का कनेक्शन बंद करना ही एकमात्र रास्ता है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली सरकार ने राजधानी में जल संकट के लिए हरियाणा सरकार के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हालाँकि, पहले की सभी याचिकाओं का सुप्रीम कोर्ट निपटारा कर चुकी है, क्योंकि दिल्ली में पानी की कमी पूरी तरह से दिल्ली के आंतरिक कुप्रबंधन के कारण प्रभावित है, जिसमें हरियाणा की कोई भूमिका नहीं थी।
बता दें कि हाल ही में ‘आप’ नेता व दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने हरियाणा सरकार पर दिल्ली को कम पानी देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि हरियाणा की वजह से राष्ट्रीय राजधानी में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। चड्ढा ने कहा, ”हरियाणा ने दिल्लीवासियों को उनके हक से वंचित कर दिया है। दिल्ली में दैनिक जल उत्पादन 245 एमजीडी से घटकर 150-145 एमजीडी रह गया है।
बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान की किताब ‘प्रेगनेंसी बाइबल’ के लॉन्च के बाद एक ईसाई समूह ने इस पर अपनी आपत्ति जाहिर की है। समूह मुख्यत: ‘बाइबल’ शब्द का गलत इस्तेमाल करने पर एक्ट्रेस से नाराज है। इसी कारण उन्होंने महाराष्ट्र के बीड के एक थाने में शिकायत भी करवा दी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, समूह का नाम अल्फा ओमेगा क्रिश्चियन महासंघ है। इस समूह का कहना है कि किताब के नाम से ईसाइयों की धार्मिक भावना आहत हुई है। समूह के अध्यक्ष आशीष शिंदे ने शिवाजी नगर थाने में शिकायत करवाते हुए माँग की कि लेखक के विरुद्ध ईशनिंदा के आरोप में कार्रवाई हो।
शिंदे ने कहा कि बाइबल उन लोगों के लिए एक पवित्र शब्द है जिसका इस्तेमाल किताब पर किया गया। इससे ईसाइयों की धार्मिक भावना आहत हुई। शिंदे की माँग है कि खान के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 295ए के तहत मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई हो।
बता दें कि करीना कपूर की किताब पर उठे विवाद पर पुलिस ने पुष्टि की है कि अभी मामले में बस शिकायत हुई है, कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायतकर्ता को कहा गया है कि वह मुंबई में शिकायत करवाएँ क्योंकि किताब बीड में प्रकाशित नहीं हुई।
शिवाजी नगर थाना प्रभारी निरीक्षक साईनाथ थोम्ब्रे ने कहा, “हमें शिकायत मिली है लेकिन यहाँ कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता क्योंकि घटना यहाँ (बीड में) नहीं हुई है। मैंने उन्हें मुंबई में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है।”
बता दें कि करीना कपूर खान की ‘प्रेग्नेंसी बाइबिल: द अल्टीमेट मैनुअल फॉर मॉम्स-टू-बी’ नामक पुस्तक करीना कपूर खान और अदिति शाह भीमजयानी द्वारा लिखित है। इसमें बताया गया कि सेलेब्रिटी ने अपनी दोनों गर्भावस्थाओं के दौरान कैसा अनुभव किया। कथित तौर पर, पुस्तक फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) द्वारा सत्यापित की गई है, जो देश में स्त्री रोग विशेषज्ञों और प्रसूति विशेषज्ञों की आधिकारिक संस्था है।