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‘ममता के वकील भी पॉलिटिकल’: नंदीग्राम की सुनवाई से खुद को अलग करने पर जस्टिस चंदा ने फैसला सुरक्षित रखा

कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस कौशिक चंदा ने उस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें उनसे खुद को सुनवाई से अलग करने की माँग की गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह अर्जी दाखिल की है। मामला नंदीग्राम के विधानसभा चुनाव के नतीजों को हाईकोर्ट में चुनौती देने से जुड़ा है।

जस्टिस चंदा की एकल पीठ ने गुरुवार (24 जून 2021) को सुनवाई करते हुए कहा कि जब ममता बनर्जी के लिए केस लड़ रहे वकीलों की राजनैतिक पृष्ठभूमि होने के बाद भी उन पर भरोसा किया जा सकता है तो जज के लिए यह स्वीकार्यता क्यों नहीं? बनर्जी ने जस्टिस चंदा के बीजेपी से जुड़ाव का हवाला देकर ‘पक्षपात की संभावना’ जताई थी।

जस्टिस चंदा ने कहा कि इस केस में शामिल दोनों वकील का राजनीतिक जुड़ाव है। ममता बनर्जी की ओर से पेश हुए अभिषेक मनु सिंघवी से उन्होंने कहा, “आप कॉन्ग्रेस से हैं और दूसरे वकील एसएन मुखर्जी भाजपा से जुड़े रहे हैं। लेकिन आप दोनों केस लड़ रहे हैं। अगर राजनैतिक पृष्ठभूमि वाले वकीलों पर भरोसा किया जा सकता है तो जज पर क्यों नहीं?”

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर सुनवाई करने के लिए ममता बनर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल को एक पत्र लिखकर अपनी याचिका जस्टिस कौशिक चंदा के अलावा किसी दूसरी पीठ को सौंपने का अनुरोध किया था। कारण यह था कि ममता बनर्जी, जस्टिस चंदा को भाजपा का सदस्य बता रही थीं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के वकील संजय बसु ने दावा किया था कि याचिका पर सुनवाई कर रहे जस्टिस कौशिक चंदा भाजपा के सक्रिय सदस्य रह चुके हैं। ऐसे में चुनाव याचिका पर फैसले के राजनीतिक निहितार्थ होंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी मुवक्किल को न्यायिक प्रणाली और न्यायालय पर बहुत विश्वास है लेकिन माननीय न्यायाधीश की ओर से पूर्वाग्रह की आशंका है।

आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने नंदीग्राम चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निर्वाचन को रद्द करने की माँग की गई है। दरअसल नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने शुभेंदु के विरुद्ध चुनाव लड़ा था, जहाँ उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

स्वरोजगार संगम: CM योगी आदित्यनाथ ने बाँटे ₹2505 करोड़ के ऋण, 31542 MSME को फायदा

कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर नियंत्रित होने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार औद्योगिक-आर्थिक गतिविधियों को तेज करने के प्रयास में है। इसके लिए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की 31,542 एमएसएमई इकाइयों को 2505.58 करोड़ रुपए ऋण वितरित किया।

इसके साथ ही भदोही, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मीरजापुर, मैनपुरी, मऊ, आगरा, बिजनौर और मुजफ्फरनगर के 73.54 करोड़ रुपए के ‘एक जिला, एक उत्पाद’ सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) का शिलान्यास व पोर्टल का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार (जून 23, 2021) को अपने सरकारी आवास से ऑनलाइन स्वरोजगार संगम कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और निर्यात प्रोत्साहन विभाग ने रोजगार सृजन के क्षेत्र में अच्छा काम किया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में राहत मिलते ही एमएसएमई इकाइयों के लिए ऑनलाइन ऋण मेले का आयोजन सराहनीय है। सीएम योगी ने इसी तर्ज पर एक महीने में सभी 75 जिलों में भी ऋण मेले आयोजित कर उनसे प्रभारी मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक आदि को भी जोड़ने का निर्देश दिया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना संक्रमण के पहले चरण में भी बैंकों के साथ समन्वय करके एमएसएमई इकाइयों को मजबूत करने के लिए बड़ी मात्रा में ऋण वितरण किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर तैयार हुए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी आबादी का प्रदेश होने के बावजूद यहाँ बेरोजगारी की दर सबसे कम है। सरकार ने चार लाख से अधिक युवाओं को राजकीय सेवाओं में नौकरी दी है, जबकि एमएसएमई के माध्यम से डेढ़ करोड़ रोजगार दिए गए।

केंद्र सरकार ने की मदद

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना महामारी में जीवन बचाने के अनेक प्रयास किए गए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश अच्छी स्थिति में रहा। दुनिया की बड़ी-बड़ी ताकतें पस्त हो गई, लेकिन हमारा देश मजबूती से खड़ा रहा। 2021 मार्च में कोरोना ने फिर अपना स्वरूप दिखाना प्रारम्भ कर दिया, हमने अप्रैल से ही कोरोना से बचाव के कार्य शुरू कर दिए थे। इन प्रयासों के बावजूद कई लोगों ने अपने स्वजनों को खोया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों की भरपूर मदद की। चाहे बात मेडिसिन की हो, टेस्टिंग की हो, ऑक्सीजन की हो या फिर अब वैक्सीन की।

हर जिले में लोन मेला

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह हमें जीवन और आजीविका को बचाने के लिए कार्य करना है। पिछली कोरोना लहर में 40 लाख माइग्रेंट आए थे। हमने उन्हें यूपी में ही काम दिया और MSME यूनिट ने उन्हें सहयोग दिया। उसी का परिणाम है कि आज प्रदेश का युवा निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऋण प्रदान करने की हमारी योजना है। उसी को आगे बढ़ाने के काम होंगे। पूँजी से ही पूँजी बढ़ेगी। हमारा प्रयास है कि अगले एक महीने में 75 जनपदों में हर जिले में लोन मेला आयोजित किया जाए। तभी ये कार्य पूरा होगा।

ICU में चूहे ने कुतर दी जिसकी आँख, मर गया 24 साल का वह नौजवान: मुंबई की घटना, BMC का हॉस्पिटल

मुंबई में उपनगरीय घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में 24 वर्षीय उस मरीज की बुधवार (जून 24, 2021) को मौत हो गई जिसकी आँख के पास चूहे ने काट लिया था। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के अधिकारियों ने बताया कि रोगी शराब से संबंधित यकृत की बीमारी से पीड़ित था और अस्पताल में भर्ती होने के दिन से ही उसकी हालत बहुत गंभीर थी।

उसके एक रिश्तेदार ने मंगलवार (जून 22, 2021) को आरोप लगाया था कि उसकी आँख के पास तब एक चूहे ने काट लिया था, जब उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने चूहे काटने की घटना की पुष्टि की थी। अधिकारियों के मुताबिक, 24 साल के श्रीनिवास येलप्पा को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। चूहे के काटने पर डॉक्टर विद्या ठाकुर ने कहा था कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। मरीज की चोट सतही है, फिर भी इसे टाला जा सकता था। आँख को कोई खतरा नहीं है। लेकिन बुधवार को मरीज की मौत हो गई।

अस्पताल के ही एक कर्मचारी ने इसकी दुर्दशा की कहानी बयाँ करते हुए कहा था, “यह अस्पताल लंबे समय प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। अस्पताल अधीक्षक पिछले पाँच साल से रेनोवेशन के लिए राशि की माँग कर रहे हैं। अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल सर्विस विंग को पूर्व सांसद गुरुदास कामत ने अपने फंड से 2006 में बनवाया था। राजावाड़ी के पूर्वी उपनगरों के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक होने के बाद भी बीएमसी इसके लिए धन की मँजूरी नहीं दे रही है।”

डॉ. ठाकुर ने कहा था कि अस्पताल प्रबंधन ऐसी घटनाओं से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतेगा। उन्होंने कहा, “जहाँ मरीज को रखा गया वह वार्ड भूतल पर है। कई लोग मना करने के बावजूद वहाँ कचरा फेंक देते हैं जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।” बई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने भी उस घटना की जाँच के आदेश दिए थे।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुंबई के किसी अस्पताल में इस तरह की घटना हुई है। इससे पहले 2017 में कांदिवली स्थित शताब्दी अस्पताल में भी चूहों ने दो मरीजों को कुतर डाला था।

₹1 लाख का लोन, कोरोना के कारण 2 किश्त मिस: दरवाजे तक पहुँचे रिकवरी एजेंट, ‘अपमान’ के बाद लगाई फाँसी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बिंदुपारा गाँव में एक प्लंबर ने समय पर ईएमआई ना दे पाने के कारण कलेक्शन एजेंटों द्वारा अपमानित करने के बाद फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किश्तों की वसूली के लिए निजी फाइनेंस कंपनी के एजेंट गाँव में आकर उसके घर के सामने बैठ गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक साधन (40 वर्ष) ने इसी साल जनवरी में बाइक खरीदने के लिए एक लाख रुपए का लोन लिया था।

टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, कोरोना के कारण मृतक साधन सिन्हा मई और जून महीने के कुल 6,800 रुपए की किश्त नहीं जमा कर पाया था। मृतक के परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 18 साल और 15 साल है।

रिपोर्ट के मुताबिक, साधन सिन्हा ने महीने में 15,000-20,000 रुपए कमाए थे। हालाँकि, कोरोना की लहर को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के कारण उनकी कमाई काफी कम हो गई थी। मृतक प्लंबर के परिवार ने बताया कि साधन ने बाइक खरीदने के लिए इसलिए कर्ज लिया था, ताकि उन्हें और अधिक काम मिल सके। लेकिन बीते दो महीने से वो गाड़ी की किश्त नहीं चुका पाए थे।

साधन की पत्नी ममोनी ने कहा कि एक प्राइवेट कंपनी के रिकवरी एजेंट मंगलवार (22 जून 2021) को सुबह करीब 9 बजे उसके घर आ गए और बकाया राशि को तुरंत चुकाने के बात कहते हुए वहीं बैठ गए। ममोनी ने कहा, “मैंने उनसे कुछ और दिन की मोहलत देने की भीख माँगी, लेकिन वे नहीं माने। वे यह कहते हुए घर के बाहर बैठ गए कि वे बकाया राशि लिए बिना नहीं जाएँगे। मेरे पति को इतना अपमान महसूस हुआ कि उन्होंने खुद को मार डाला।”

अपमान नहीं सह पाया

साधन के पड़ोसियों का कहना है कि वह गाँव में काफी पसंद किया जाता था। इसी कारण शायद वह एजेंटों की हरकतों को बर्दाश्त नहीं कर सकता था। ममोनी ने कहा कि एजेंटों के घर के बाहर बैठने के बाद साधन ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया था। जब वह उन्हें ढूंढने गई तो देखा कि बेडरूम का दरवाजा बंद है। खिड़की से देखा तो वो पंखे से लटके हुए थे। गाँव के लोगों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला और समसेरगंज अस्पताल ले गए जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

गौरतलब है कि कोरोना संकट को देखते हुए आरबीआई ने पिछले महीने (मई 2021) में नागरिकों, छोटे व्यवसायों, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और वैक्सीन निर्माताओं को महामारी की दूसरी लहर से निपटने में मदद करने के लिए कई राहत उपायों की घोषणा की थी।

इस के तहत केंद्रीय बैंक ने मार्च 2021 तक अपने कर्ज को जमा करने वालों को राहत देने का आदेश बैंकों और वित्तीय संस्थानों को दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, साधन फिर से कर्ज ले सकने के लिए योग्य था, क्योंकि उसने अप्रैल तक अपनी ईएमआई चुकाई थी। लेकिन शायद वो आरबीआई के नियमों के बारे में नहीं जानता था।

जंगीपुर के एसपी ने वाई रघुवंशी ने बताया है कि साधन सिन्हा के बड़े बेटे राणा ने बुधवार (23 जून 2021) को उनकी मौत के बाद पुलिस में कलेक्शन एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। आईपीसी 306 के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘राहुल गाँधी देश के प्रमुख नेता’ Vs ‘राहुल गाँधी केवल ट्विटर पर सक्रिय’ – 5 दिन में बदला समीकरण, खुल कर खेल रही शिवसेना

महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) में दरार की अटकलों के बीच शिवसेना ने गुरुवार (जून 24, 2021) को अपने मुखपत्र सामना में कॉन्ग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उसके नेता राहुल गाँधी केवल ट्विटर पर सक्रिय हैं। इसमें कहा गया कि ये सच है कि राहुल गाँधी मोदी की कार्यशैली व उनकी गलतियों पर हमला करते हैं, लेकिन ‘ट्विटर’ के मैदान में।

गुरुवार को ‘6 जनपथ पर चाय-पान’ शीर्षक से लिखे गए संपादकीय में सामना में शरद पवार के दिल्ली के 6 ‘जनपथ’ स्थित निवास स्थान पर ‘राष्ट्रमंच’ नामक विपक्षी दलों के समूह की बैठक को लेकर लिखा। इसमें कहा गया, “कॉन्ग्रेस पार्टी ने ‘राष्ट्रमंच’ को महत्व नहीं दिया। असल में मंगलवार को शरद पवार ने विपक्ष को जो चाय-पान कराया, वैसा समारोह दिल्ली में राहुल गाँधी शुरू करें तो मरणासन्न विपक्ष के चेहरे पर ताजगी का भाव दिखने लगेगा।”

मुखपत्र में लिखा है, “प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार की लोकप्रियता पहले जैसी नहीं रही है, उसमें गिरावट आई है। परंतु उस गिरावट वाली जगह पर फिलहाल विपक्ष बढ़ रहा है, फल-फूल रहा है, ऐसा नजर नहीं आता। कुछ राज्यों के चुनाव में विपक्ष की जीत हुई, उस जीत की सरसराहट भी अब ठंडी पड़ गई। दिल्ली में डेरा डालकर बैठे और देश के समस्त विरोधी दलों से समन्वय स्थापित करे, ऐसी व्यवस्था इतने दिनों में स्थापित नहीं हो सकी है।”

इसमें आगे लिखा गया, “शरद पवार ये सब कर सकते हैं, परंतु फिर नेतृत्व का सवाल उठाया जा रहा है। कॉन्ग्रेस इस कार्य के लिए अगुवाई करे, ऐसी अपेक्षा की जाए तो कॉन्ग्रेस पार्टी खुद विगत कई महीनों से राष्ट्रीय अध्यक्ष के बिना ही डगमगा रही है। सच कहें तो कॉन्ग्रेस जैसी प्रमुख विरोधी पार्टी को इस पूरे घटनाक्रम में समानता के साथ उतरना चाहिए। विपक्ष को एकजुट करने के शरद पवार के प्रयास में राहुल गाँधी जैसे कॉन्ग्रेस के प्रमुख नेता को शामिल होना चाहिए। तभी विरोधी दल की एकत्रित शक्ति को वास्तविक बल प्राप्त हो सकेगा। ये सच है कि राहुल गाँधी मोदी की कार्यशैली पर, उनकी गलतियों पर हमला करते हैं लेकिन वह ‘ट्विटर’ के मैदान में।”

गौरतलब है कि पिछले दिनों शिवसेना नेता संजय राउत ने राहुल गाँधी की तारीफ करते हुए कहा था कि वे देश के प्रमुख नेता हैं और उनसे देश को बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी का नेतृत्व उनकी पार्टी के लिए प्रखर और प्रामाणिक है। उनके मन में देश के लिए सच्ची भावना है। उनका सपना है कि देश में कॉन्ग्रेस पार्टी एक बार फिर से मजबूत बने। आगे कहा गया कि जिस प्रकार से गाँधी परिवार को बदनाम करने की मुहिम सरकार द्वारा चलाई जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली के सत्ताधारी राहुल गाँधी से डरते हैं।

शिवलिंग क्षतिग्रस्त, भगवान शिव की मूर्ति का सिर काटा: तमिलनाडु के लोगों ने कहा- द्रमुक के आने से हिंदू विरोधी तत्वों को बल

दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में एक बार फिर से एक मंदिर को निशाना बनाया गया है। इस बार राज्य के पुदुक्कोट्टई जिले में स्थित एक शिव मंदिर को हमलावरों ने नष्ट कर दिया गया। ये मंदिर चोल साम्राज्य के काल का था। वहाँ पर विराजित देवों की मूर्तियों को तोड़ दिया गया। मंदिर के अंदर भगवान शिव, माँ पार्वती और गणेश की मूर्ति थी। शिवलिंग को काट दिया गया है। यह घटना पिछले सप्ताह घटी।

थमराई टीवी ने इस मामले में बताया है कि अज्ञात हमलावरों के एक समूह ने पिछले सप्ताह पुदुक्कोट्टई जिले के कीझनांचूर गाँव में स्थित स्थानीय मंदिर में घुसकर वहाँ स्थापित शिवलिंगम और भगवान शिव की एक मूर्ति को मंदिर में तोड़-फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है।

हिंदूपोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुदुक्कोट्टई जिले के एक गाँव कीझनांचूर में कैलासनाथर मंदिर के बारे में माना जाता है कि इसे चोल शासक कुलोथुंगा चोल III ने बनवाया था। मंदिर में गणेश, पार्वती, मुरुगन, कृष्ण और नंदी जैसे अन्य देवता हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना का खुलासा उस वक्त हुआ, जब 2 दिन पहले ग्रामीण मंदिर परिसर के अंदर गए। उन्होंने वहाँ इस चौंकाने वाले नजारे को देखा। मंदिर के फर्श पर भगवान शिव और शिवलिंगम की क्षतिग्रस्त मूर्तियों को देखकर ग्रामीण दंग रह गए। हमलावरों ने शिवलिंग को दो टुकड़ों में काट दिया था और शिव की मूर्ति का सिर काट दिया था।

कथित तौर पर चोल-युग के मंदिर में पुजारी के कर्तव्यों को निभाने के अधिकार को लेकर विवाद चला रहा है। इसी लड़ाई के कारण मंदिर उपेक्षित बना हुआ है। उचित रखरखाव के बिना यह जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है। ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर के दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं और असामाजिक तत्वों ने स्थिति का फायदा उठाते हुए देवताओं के सिर काटने का जघन्य कृत्य किया है।

घटना के बाद, ग्रामीणों ने पुलिस से अपराधियों को जल्द से जल्द खोजने का अनुरोध किया और आरोप लगाया कि यह राज्य में हिंदू मंदिरों पर एक प्रेरित हमला है। भक्तों ने कहा कि द्रमुक के सत्ता में आने से राज्य में हिंदू विरोधी तत्वों को बल मिला है।

राज्य के मंदिरों में पहले भी हुई थी तोड़फोड़

इससे पहले पिछले साल दिसंबर में हमलावरों ने तमिलनाडु के थंजावुर जिले के थिरुविदाइमरुथुर क्षेत्र में स्थित 350 साल से अधिक पुराने ‘आनंदवल्ली समेथा भास्करेस्वरार’ मंदिर में की गई थी। चोरों ने वहाँ स्थापित देवी की मूर्ति से सोने का मंगलसूत्र (थाली) चुरा लिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुजारी शिवानंदियार सेनाथीपति रात में पूजा करने के बाद मंदिर में ताला लगा कर घर चले गए थे। अगले दिन मंदिर के गार्ड ने मंदिर का मुख्य द्वार खोला तो उन्होंने देखा कि मंदिर के चारों ताले टूटे हुए थे।

जम्मू-कश्मीर के लोग अपने पूर्व मुख्यमंत्री को जेल में डालने के लिए धरने पर बैठे, कर रही थीं पाकिस्तान की वकालत

पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार (जून 24, 2021) को दिल्ली में जम्मू कश्मीर के राजनीतिक भविष्य के लिए विभिन्न राजनीतिक संगठनों से बात कर रहे हैं। लेकिन, इस बातचीत से ठीक पहले जम्मू से यह माँग उठ रही है कि पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को बैठक में ना बुलाकर तिहाड़ जेल भेजा जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को जम्मू कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों संग बैठक कर प्रदेश के सियासी भविष्य पर बात करेंगे। इस बातचीत में शामिल होने के लिए जम्मू से नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला, कॉन्ग्रेस से गुलाम नबी आजाद और प्रदेश कॉन्ग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर, बीजेपी से डॉ निर्मल सिंह, कवीन्द्र गुप्ता और रविंद्र रैना जबकि कश्मीर से अल्ताफ बुखारी और सज्जाद लोन जैसे कई नेता पहुँचे हैं। लेकिन इस बैठक के शुरू होने से पहले ही जम्मू में पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की गिरफ्तारी की माँग उठ रही है।

महबूबा को तिहाड़ जेल में भेजने की माँग को लेकर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “यह आंदोलन महबूबा मुफ्ती के बयान के खिलाफ है, जो उन्होंने गुपकार गठबंधन दलों की मीटिंग के बाद दिया था। उनका कहना था कि कश्मीर के मसले पर पाकिस्तान भी एक पार्टी है और उससे बातचीत की जानी चाहिए। उन्हें इस बयान के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।”

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब-जब पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने पाकिस्तान के समर्थन में बयान दिए हैं, उसका नतीजा कश्मीर की सड़कों पर लहू (खून) बिखेरकर हुआ है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जो पाकिस्तान के समर्थन में महबूबा ने बयान दिया, उसके बाद कश्मीर में न केवल एक सीआईडी के इंस्पेक्टर को मौत के घाट उतारा गया बल्कि एक मोबाइल की दुकान चलाने वाले आम नागरिक को भी आतंकियों ने मौत के घाट उतारा।

शिवसेना ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के समर्थन वाले इन बयानों के चलते कश्मीर में धीरे-धीरे लौट रहा अमन बिगड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महबूबा के इन्हीं बयानों से आतंकवादियों को प्रोत्साहन मिलता है और वह कश्मीर की सड़कों पर खून बहाते हैं। शिवसेना ने माँग की है कि महबूबा को दिल्ली में बैठक के लिए नहीं बल्कि तिहाड़ जेल में बंद करने के लिए करने के लिए बुलाया जाना चाहिए। शिवसैनिकों ने माँग की कि अब महबूबा को दिल्ली से जम्मू कश्मीर नहीं आने दिया जाना चाहिए और उन्हें वहीं तिहाड़ जेल में बंद किया जाना चाहिए।

बता दें कि बीते दिनों श्रीनगर में गुपकार गैंग की मीटिंग हुई थी। मीटिंग के बाद महबूबा मुफ्ती ने मीडिया से बात की थी। तभी महबूबा ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के मसले पर सरकार को हर किसी से बात करनी चाहिए, पाकिस्तान से भी बात करनी चाहिए। हालाँकि, बाद में जब महबूबा मुफ्ती दिल्ली के लिए रवाना हुईं, तब उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री संग बात करने के लिए जा रही हैं, ऐसे में खुले मन के साथ ही चर्चा करेंगी। गुपकार गैंग के नेताओं ने मीटिंग में अनुच्छेद 370, 35 ए समेत अन्य मसलों को उठाने की बात कही।

घाटी में आतंकी हमले के मिले इनपुट, सुरक्षा कड़ी

दिल्ली में सर्वदलीय बैठक के मद्देनजर खासकर घाटी में आतंकी घटनाओं के इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। अगले 48 घंटे में कश्मीर में सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड व आईईडी हमले तथा हथियार लूट की घटनाओं को आतंकियों की ओर से अंजाम दिए जाने के इनपुट हैं। इसके बाद पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया है। साथ ही सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

बताया जा रहा है कि सभी नेशनल हाईवे समेत तमाम सड़कों पर नाके बढ़ा दिए गए हैं। जगह-जगह वाहनों की चेकिंग की जा रही है। इसके साथ ही सुरक्षा बलों के काफिले गुजरने वाले रास्तों तथा हाईवे से जुड़ने वाले रास्तों पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है। रोड ओपनिंग पार्टियों को और गहनता के साथ छानबीन करने को कहा गया है। ड्यूटी के दौरान जवानों को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है।

‘सलमान खान के खिलाफ कुछ भी नहीं’, कोर्ट के आदेश पर KRK ने कहा – फिल्मों की समीक्षा करूँगा, सुप्रीम कोर्ट भी जाऊँगा

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान द्वारा फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान (केआरके) के खिलाफ दायर किए गए मानहानि का मामले में मुंबई की कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने केआरके को सलमान खान या उनकी फिल्मों पर किसी भी तरह का कमेंट करने से रोक दिया है। वहीं केआरक ने कहा है कि वो इमानदारी से फिल्मों की समीक्षा करते हैं और करते रहेंगे। फिल्म समीक्षक ने यह भी कहा कि अभी तक उन्हें कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। लेकिन वो अपने अभिव्यक्ति के अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट तक जाएँगे।

केआरके ने दावा किया है कि उन्होंने कभी भी सलमान खान के बारे में कुछ भी अपमानजनक नहीं बोला है। पिछले महीने (मई 2021) सलमान खान ने ​​केआरके के खिलाफ मानहानि का केस किया था। इस पर केआरके ने इसे ‘राधे: योर मोस्ट वांटेड भाई’ के पक्ष में फिल्म की समीक्षा नहीं करने का बदला बताया था। हालाँकि, सलमान खान के वकीलों ने कहा था कि यह मुकदमा बीइंग ह्यूमन के खिलाफ भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के जवाब में था।

रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई की एक अदालत ने बुधवार (23 जून 2021) को सलमान खान द्वारा दायर मानहानि के मामले में अपना फैसला सुनाते हुए केआरके को सलमान पर कोई भी मानहानि वाला पोस्ट या वीडियो शेयर करने से अस्थायी तौर पर रोक दिया था। यह अस्थायी रोक मामले के अंतिम फैसले तक जारी रहेगी। अदालत ने अपने फैसले में कहा, “एक अच्छी प्रतिष्ठा व्यक्तिगत सुरक्षा का एक तत्व है और यह संविधान द्वारा समान रूप से जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति के आनंद के अधिकार के साथ रक्षित किया गया है।”

अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि केआरके ने स्वतंत्रता की सीमा को पार कर सलमान खान की फिल्मों पर अपमानजनक टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा, “अगर प्रतिवादी (केआरके) को वादी (सलमान खान) के खिलाफ इस तरह के अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है तो वे आगे भी इसी तरह से इमेज को नुकसान पहुँचाएँगे।” इस केस में अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी।

केआरके की प्रतिक्रिया

कोर्ट के आदेश पर केआरके ने ट्वीट कर लिखा, “मुझे अभी तक कोर्ट के आदेश की कॉपी नहीं मिली है, लेकिन मैंने मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए पढ़ा है कि अदालत ने मुझे सलमान खान के खिलाफ कुछ भी अपमानजनक नहीं कहने के लिए कहा है! न मैंने पहले कुछ भी अपमानजनक कहा है और न ही भविष्य में कहूँगा। मैं केवल ईमानदारी से फिल्मों की समीक्षा करता हूँ और करता रहूँगा।”

एक अन्य ट्वीट में केआरके ने कहा, “मैं मीडिया को बताना चाहता हूँ कि मुझे अब तक अदालत के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। लेकिन अगर आदेश संतोषजनक नहीं रहा तो मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी जाऊँगा। मैं अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करूँगा। धन्यवाद!”

ट्विटर पर एक पोल भी किया

हालाँकि, केआरके यहीं नहीं रुके उन्होंने सलमान खान का नाम लिए बिना ही ट्विटर पर एक पोल किया। इसमें उन्होंने अपने फॉलोवर्स से पूछा कि उन्हें लगता है कि वीएफएक्स वाला बुड्ढा अभिनेता उनकी समीक्षाओं से डरता है। इसके बाद केआरके ने लिखा, “देखो वीएफएक्स वाले दुधव अभिनेता, तुम कुछ भी करो, मैं तुम्हारे करियर को तो 100% खा जाऊँगा! ये मेरी गारंटी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि बॉलीवुड के 20 से अधिक लोगों ने सलमान के साथ कानूनी लड़ाई में उनका समर्थन करने के लिए फोन किया है। फिल्म समीक्षक ने कहा, “अब मुझे परवाह नहीं है, परिणाम क्या होगा। लेकिन मैं उन सभी लोगों के लिए लड़ूँगा। मैं इतने सारे लोगों को निराश नहीं होने दे सकता। मैं उनका भरोसा नहीं तोड़ूँगा।”

फेसबुक का ‘haha’ इस्लाम में हराम: मौलाना अहमदुल्‍लाह ने जारी किया फतवा, वीडियो को 20 लाख व्यूज

बांग्‍लादेश के एक चर्चित मौलाना ने फेसबुक के ‘हाहा’ इमोजी के खिलाफ फतवा जारी किया है। फेसबुक और यूट्यूब पर 30 लाख से ज्‍यादा फॉलोवर वाले मौलाना अहमदुल्‍लाह ने फेसबुक पर लोगों का मजाक उड़ाने के लिए ‘हाहा’ इमोजी इस्‍तेमाल करने के खिलाफ फतवा जारी किया है। मौलाना अहमदुल्‍लाह अक्‍सर टीवी पर आते हैं और मुस्लिम बहुल बांग्‍लादेश में धार्मिक विषयों पर बहस करते हैं।

पिछले दिनों मौलाना ने तीन मिनट का एक वीडियो पोस्‍ट किया और फेसबुक पर लोगों के उपहास उड़ाने का जिक्र किया। इसके बाद उन्‍होंने फतवा जारी कर दिया। साथ ही यह भी बताया कि यह किस तरह से मुस्लिमों के लिए ‘हराम’ है। अहमदुल्‍ला ने कहा, “आजकल हम फेसबुक के हाहा इमोजी का इस्‍तेमाल लोगों का मजाक उड़ाने के लिए करते हैं।” उनके इस वीडियो को अब तक 20 लाख बार देखा जा चुका है।

‘यह इस्‍लाम में पूरी तरह से हराम’

मौलाना अहमदुल्‍लाह ने कहा, “अगर आप केवल मजाक के लिए हाहा इमोजी का इस्‍तेमाल करते हैं और कंटेंट पोस्‍ट करने वाली की मंशा भी यही है तो यह ठीक है। लेकिन अगर आपकी प्रतिक्रिया का इरादा पोस्‍ट करने वाले का उपहास उड़ाना, ताना मारना या सोशल मीडिया पर टीका टिप्‍पणी करना है तो यह इस्‍लाम में पूरी तरह से हराम है। अल्‍लाह के लिए मैं आपसे अनुरोध करूँगा कि इस काम से बचें। किसी का मजाक उड़ाने के लिए हाहा इमोजी का इस्‍तेमाल नहीं करें। अगर आप एक मुस्लिम को आहत करेंगे तो वह ऐसी भाषा का इस्‍तेमाल करेगा, जिसके बारे में आपने सोचा नहीं होगा।”

मौलाना के इस वीडियो पर उनके हजारों की तादाद में फॉलोवर्स ने प्रतिक्रिया दी है। ज्‍यादातर लोगों ने इस पर सकारात्‍मक टिप्‍पणी की है। वहीं सैकड़ों की तादाद में ऐसे भी हैं, जिन्‍होंने ‘हाहा’ इमोजी बनाकर इस फतवे का मजाक भी उड़ाया। अहमदुल्‍लाह बांग्‍लादेश की नई पीढ़ी के मौलाना हैं, जो इंटरनेट पर काफी सक्रिय हैं। उनके एक-एक वीडियो काफी लोकप्रिय हैं और उन पर लाखों व्‍यूज आते हैं।

बिजनेस और शादी का लालच… मनु का धर्मान्तरण, दर्श सक्सेना बना रेहान अंसारी: पाकिस्तान, ISI और फंडिंग का जाल

उत्तर प्रदेश में हाल ही में एटीएस द्वारा धर्मान्तरण के आरोप में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी को लेकर एक और खुलासा हुआ है। एक पीड़ित मनु यादव के पिता ने उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आने की शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें उनके बेटे के मोबाइल नंबर पर पाकिस्तान के कॉलर ने फोन कर अपने बेटे को घर छोड़ने देने को कहा था।

मनु यादव के पिता ने बताया कि जैसे ही उन्हें इस बात का पता चला कि मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम ने मनु का धर्म परिवर्तन कराकर उसे मुस्लिम बना दिया है, वो उसे तुरंत घर वापस लाए। टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के मुताबिक, मनु के पिता राजीव यादव ने बताया है कि उनका बेटा हमेशा दोस्तों से मिलने की बात करता था।

धमकियों के बाद पिता ने घर से जाने दिया

राजीव यादव ने तमाम धमकियों और दवाब में आकर बेटे को घर से जाने दिया। रिपोर्ट के मुताबिक कतर और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिए धर्मान्तरण के लिए लगातार फंडिंग की जा रही है। इसी कारण धर्मान्तरण का यह गिरोह लगातार फल फूल रहा है।

अपनी माँ के संपर्क में है मनु

रिपोर्ट के मुताबिक, घर से जाने के बाद मनु लापता है, लेकिन वह अपनी माँ के संपर्क में है। उसने हाल ही में अपनी माँ को फोन कर यह बताया था कि कुछ दिनों में उसे विदेश भेज दिया जाएगा। जिन लोगों ने उसका धर्मान्तरण कराया है, वे उसका बिजनेस स्थापित करने और 2-3 साल में एक मुस्लिम महिला से शादी करने में मदद करेंगे।

धर्मान्तरण के पीड़ित अब तक 20 से ज्यादा परिवारों ने उत्तर प्रदेश एटीएस के समक्ष अपना अपना बयान दर्ज कराया है कि मोहम्मद उमर गौतम और जहांगीर कासमी ने उनके बच्चों का धर्मान्तरण कराया है। गौरतलब है कि एटीएस की पूछताछ में आरोपितों ने अब तक 1000 से भी अधिक लोगों के धर्मान्तरण की बात कबूली थी।

घर से गायब हुआ दर्श सक्सेना बना रेहान

इसी तरह एक अन्य पीड़ित की माँ ने अपनी कहानी बयाँ की है। इस माँ के अनुसार, धर्मान्तरण कर दर्श सक्सेना अब रेहान बन चुका है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी माँ ने धर्मान्तरण का आरोप लगाते हुए बताया है कि मई 2018 में दर्श घर से लापता हो गया था। ट्रूकॉलर ऐप पर उसका नाम रेहान के रूप में दिखता है। उस समय उन्होंने धार्मिक दुश्मनी से बचने के लिए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

इस मामले में सेंट्रल नोएडा के एसीपी अब्दुल कादिर ने बताया है कि जिस वक्त दर्श घर से गायब हुआ, उसकी उम्र 17 वर्ष थी। तब 2018 में फेज 2 पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जाँच करने पर उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर उसका नाम मोहम्मद रेहान अंसारी के रूप में पाया। फिलहाल उसकी ये आईडी अब बंद हो चुकी है।