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गर्भ निरोधक गोलियों का प्रचार, स्विमिंग पूल में हॉट फोटोशूट: पति को छोड़ने के बाद प्रेग्नेंट नुसरत जहाँ की बिंदास लाइफ स्टाइल

बंगाली फिल्मों की ऐक्ट्रेस और तृणमूल सांसद नुसरत जहाँ इन दिनों अपनी शादी और प्रेग्नेंसी को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। नुसरत ने प्रेग्नेंसी की खबरों के बीच ग्लैमरस फोटोशूट करवाया है। नुसरत का यह फोटोशूट उनके बाकी फोटोशूट से एकदम अलग है क्योंकि वह इसमें स्विमिंग पूल के अंदर बेबी बंप फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। 

नुसरत का इस तरह से पूल में पोज देना उनके फैंस का काफी ज्यादा पसंद आ रहा है, वहीं कुछ यूजर्स को नुसरत का यह फोटोशूट बिल्कुल भी पसंद नहीं आ रहा है और वह उन्हें ट्रोल करते हुए नजर आ रहे हैं। नुसरत ने फोटोशूट वीडियो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “नो रिस्क, नो स्टोरी।”

ब्लैक आउटफिट में नुसरत का ग्लैमरस अंदाज सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है। नुसरत सोशल मीडिया पर खासा ऐक्टिव रहती हैं और अपनी फोटोज और वीडियोज लगातार इंस्टाग्राम पर शेयर करती रहती हैं। नुसरत ने हाल ही में अपनी क्यूट सी फोटो शेयर की थी। इसमें वह हसीन वादियों के बीच खड़े होकर पोज देती नजर आई थीं।

इसके साथ ही नुसरत हाल ही में कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स को भी प्रमोट करती नजर आईं।

निखिल जैन से शादी और अलगाव को लेकर सुर्खियों में नुसरत जहाँ

नुसरत ने अपने पति निखिल जैन पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। नुसरत ने खुलासा किया था कि निखिल ने बिना बताए उनके एकाउंट से पैसे निकाले। निखिल जैन से शादी को लेकर नुसरत ने यह भी कहा था कि तुर्की में हुई शादी भरत में अमान्य है, इसलिए तलाक का कोई सवाल ही नहीं उठता। कुछ समय पहले नुसरते ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से निखिल के साथ अपनी शादी की सारी तस्वीरें डिलीट कर दी थीं।

वहीं नुसरत के पति निखिल ने मीडिया से कहा था कि उन्हें नुसरत की प्रेग्नेंसी के बारे में कुछ नहीं पता है। उन्होंने नुसरत के बच्चे का पिता होने से भी इनकार किया था। निखिल ने दावा किया कि नुसरत की प्रेग्नेंसी की खबर से वह खुद भी हैरान हैं। नुसरत जहाँ और निखिल ने 19 जून 2019 को टर्की में एक शाही विवाह समारोह में शादी की थी

नुसरत के पति निखिल ने एबीपी आनंदा से कहा था कि उनकी और नुसरत की शादी टूट गई है और वे 6 महीने से ज्यादा समय से साथ नहीं रह रहे हैं। ऐसे में किसी भी तरह से ये बच्चा उनका नहीं है। निखिल ने ये भी कहा कि उनके और नुसरत के बीच कोई संपर्क नहीं है।

हिंदुओं की बारात नहीं लेकिन नमाज होगी… धमकी के बाद सरकारी नियम को ताक पर रख नूरपुर मदरसे में सैकड़ों को तालीम

उत्तर प्रदेश में अलीगढ़ के टप्पल के नूरपुर गाँव की बड़ी मस्जिद में मदरसा चलाया जा रहा है। पिछले दिनों यह गाँव कुछ घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखे जाने के बाद विवादों में आया था। अब यहाँ पर कोरोना के नियमोंं को दरकिनार कर मदरसे में बच्चों को तालीम दी जा रही है। सैकड़ों छोटे बच्चों को उर्दू और अरबी की शिक्षा दी जा रही।

नूरपुर गाँव की बड़ी मस्जिद में बुधवार (जून 23, 2021) को मौलाना सैकड़ों बच्चों को तालीम दे रहे थे। इस दौरान न तो किसी ने मास्क पहना हुआ था न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। नूरपुर मामले को प्रमुखता से उठाने वाले मीडियाकर्मी केशव ने जब मदरसे में पहुँच वहाँ स्थित मौलाना से सरकारी नियमों और कोविड महामारी का जिक्र किया तो उनकी बोलती बंद हो गई। कैमरे के सामने मौलाना ने माना कि मदरसे को खोलने संबंधित कोई नियम सरकार की ओर से अभी तक नहीं आया है।

साभार: अमर उजाला

बच्चों को पढ़ाने के सवाल पर मौलाना ने बताया कि पूर्ण लॉकडाउन के समय बच्चों को आने से मना कर दिया गया था, लेकिन कोरोना का प्रकोप कम हुआ तो बच्चों को बुलाना शुरू कर दिया। मस्जिद में पढ़ने वाली छात्रा खुशनुमा ने बताया कि पिछले करीब 15-20 दिनों से तालीम दी जा रही है। गाँव के काफी बच्चे यहाँ आते हैं।

खुशनुमा ने बताया कि उन्हें न तो मास्क पहनने के लिए कहा गया है और न ही वहाँ सैनिटाइजर की व्यवस्था है। टप्पल पुलिस का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मामले की जाँच कराई जाएगी। हालाँकि एसडीएम ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है।

गौरतलब है कि यह​ गाँव दलितों के कुछ घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ लिखे जाने के बाद से विवादों में है। टप्पल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह गाँव मुस्लिम बहुल है। रिपोर्ट के मुताबिक गाँव में लगभग 800 मुस्लिम परिवार रहते हैं। हिन्दुओं के 125 परिवार हैं, जिनमें अधिकतर आबादी जाटव समाज (अनुसूचित जाति) की है।

पिछले दिनों नूरपुर गाँव में 150 हिंदू परिवारों के पलायन की खबर के बाद AIMIM ओवैसी की यूथ ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष सैयद नाजिम अली ने धमकी देते हुए कहा था कि नूरपुर में नमाज तो होगी, लेकिन हिंदुओं को वहाँ बारात नहीं निकालने दिया जाएगा।

बता दें कि 26 मई 2021 को एक दलित घर में दो बेटियों की एक साथ बारात जा रही थी। आरोप है कि बारात लाते वक्त बीच में मस्जिद पड़ी। वहाँ मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ लोगों ने बारातियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बारातियों से कहा कि अगर बारात ले जाना है तो मस्जिद से पैदल ही जाना होगा। इस पर बारात वापस लौट गई। घटना के बाद से नूरपुर में रहने वाले 150 हिंदू परिवारों ने अपने घर बेचकर पलायन का ऐलान कर दिया। इन लोगों ने अपने घर के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ का बोर्ड भी लगा दिया था।

‘देश रिकॉर्ड बनाता है तो भारतीयों पर हमला कॉन्ग्रेसी संस्कृति’: वैक्सीन पर खुद घिरी कॉन्ग्रेस, बीजेपी ने दिया मुँहतोड़ जवाब

कोरोना वैक्सीन को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी अपनी राजनीति करने में जुटी हुई है। वहीं महा वैक्सीनेशन अभियान के तहत जहाँ पहले दिन (21 जून) देश भर में 88 लाख से ज्यादा टीकाकरण हुआ और मध्यप्रदेश ने 17 लाख से ज्यादा वैक्सीन डोज देकर रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं कॉन्ग्रेस नेता लगातार इस पर प्रश्न उठाते रहे। आज उन्हीं सवालों के मद्देनजर पार्टी के कई नेताओं ने कॉन्ग्रेस नेताओं को चुन चुनकर जवाब दिया है।

सबसे पहले कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता पी चिदंबरम ने दावा किया था कि रविवार (20 जून) को टीकों को जमा किया गया और फिर सोमवार (21 जून) को टीकाकरण का रिकॉर्ड बनाया गया। इस पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने उनका पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भारत लंगड़ा नहीं है, बल्कि देश के नागरिकों की ताकत से आगे बढ़ रहा है।

जेपी नड्डा ने अपने ट्वीट में लिखा कि 21 जून को रिकॉर्ड 88 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण करने के बाद, भारत ने मंगलवार और बुधवार को भी 50 लाख टीकाकरण के मार्क को पार किया है, जो कॉन्ग्रेस पार्टी को नापसंद है। 

नड्डा ने आगे पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर निशाना साधते हुए लिखा, “जब भी भारत कोई रिकॉर्ड बनाता है तो भारतीयों पर हमला करना कॉन्ग्रेस की संस्कृति बन चुकी है। एक ‘रिकाउंटिंग मिनिस्टर’ से संख्या की पवित्रता के बारे में सुनना कितनी बड़ी विडंबना है, जिसकी एकमात्र प्रसिद्धि बजट में नंबर तैयार करना है।”

इसी प्रकार कॉन्ग्रेस नेता जयराम नरेश ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में 20 जून को 692 टीके लगे, 21 जून को 16.93 लाख टीके और 22 जून को ये संख्या सिर्फ 4892 रह गई। इस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर फैक्ट्स बताए। सिंधिया ने बताया कि पहला सच तो ये है कि राज्य में मंगलवार को वैक्सीन दी ही नहीं जाती। इसलिए कम संख्या दिख रही है और दूसरा सच ये है कि 21 जून के बाद 23 जून को वैक्सीन लगाई गई जो कुल 10 लाख थी।

वहीं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के सवालों का मध्यप्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग जवाब देते हैं। उन्होंने कहा, “कमलनाथ कहते हैं कि 21 जून को तो आपने लगभग 17 लाख वैक्सीन लगा दिए पर उससे एक दिन पहले 20 जून और उसके अगले दिन 22 जून को कुछ हजार की संख्या में ही वैक्सीन लगे। बताना चाहता हूँ कि जिन 2 दिनों का आपने जिक्र किया वे प्रदेश में वैक्सीनेशेन डे नहीं थे।”

वह बताते हैं, “16 जनवरी से जिस दिन से मध्य प्रदेश में वैक्सीनेशन शुरू हुआ है तभी हमने स्पष्ट किया था कि हम प्रदेश में हफ्ते में 4 दिन कोरोना की वैक्सीन लगाएँगे। सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार बाकी दो दिन बच्चों का वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलेगा। रविवार को छुट्टी होती है।”

बता दें कि कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में मध्यप्रदेश की पूरे देश भर में वाह वाही होने के बाद कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने इस पर सवाल खड़ा किया था। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा, “मध्य प्रदेश के टीकाकरण अभियान को लेकर बड़ी धाँधली सामने आ रही है। एक दिन 17 लाख टीके लगते हैं, जबकि उसके अगले और पिछले दिन कुछ सौ टीके लगते हैं। सरकार को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि यह करोड़ों लोगों के जीवन का सवाल है।”

गहलोत पर फिर संकट: सचिन पायलट शांत हुए तो निर्दलीय, BSP से आए 19 MLA बागी, माँग रहे सरकार बचाने का इनाम

राजस्थान में बीते कुछ दिनों से जारी सियासी घमासान में हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। नाराज सचिन पायलट को मनाने के बाद बुधवार (23 जून 2021) को सीएम अशो​क गहलोत के समर्थन को लेकर होने वाली बैठक में नया मोड़ आ गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब 13 निर्दलीय और बसपा छोड़कर कॉन्ग्रेस में आए 6 विधायक सरकार बचाने के लिए सीएम गहलोत से इनाम माँग रहे हैं। इन सभी 19 विधायकों का कहना है कि जब सचिन पायलट गुट ने बगावत की थी और सरकार गिरने वाली थी, तब इन्होंने ही सरकार को समर्थन देकर बचाए रखा। अब उन्हें इसका इनाम मिलना चाहिए।

निर्दलीय विधायकों में से एक रामकेश मीणा ने सचिन पायलट गुट पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा के कहने पर पायलट की बगावत की योजना तैयार हुई थी। उन्होंने कहा कि पायलट जितने दिन राजस्थान में रहेंगे उतना ही कॉन्ग्रेस को नुकसान होगा। मुख्यमंत्री बनने के लिए पायलट ने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए षड्यंत्र रच कर अपनी ही सरकार को गिराने का प्रयास किया, यह देश में पहला उदाहरण है। राजस्थान की जनता ऐसे उद्दंड को पसंद नहीं करेगी।

राजस्थान में 13 में से 12 निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा, रामकेश मीणा, रमीला खड़िया, सुरेश टंक, खुशवीर सिंह, महादेव सिंह खंडेला, ओम प्रकाश हुडला, रामकुमार गौर, कांति चंद मीणा, लक्ष्मण मीणा, आलोक बेनीवाल, बाबूलाल नगर ने आज शाम को जयपुर के एक होटल में बैठक बुलाई।

निर्दलीय विधायकों ने इस बैठक में सरकार से ग्राम सेवकों और पटवारियों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन में सुधार करने और अनुबंधित श्रमिकों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने की माँग की। विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि सीएम गहलोत को कोरोना से निपटने के लिए बधाई देते हैं और उनके नेतृत्व में अपना विश्वास दोहराते हैं।

निर्दलीय विधायक लोढ़ा ने आगे कहा कि कैबिनेट का विस्तार कब और किसे शामिल किया जाए, यह तय करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। यह राज्य के लोगों के हित में नहीं है कि वे दबाव बनाएँ और इसके लिए समय सीमा (कैबिनेट विस्तार) की माँग करें।

बता दें कि राजस्थान में साल 2018 में हुए चुनाव में कॉन्ग्रेस ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद बसपा विधायकों के साथ मिलकर अशोक गहलोत ने सरकार बनाई थी। हालाँकि, साल 2020 में सचिन पायलट ग्रुप के बागी होने पर 18 विधायक टूटने की कगार पर थे, जिससे सरकार पर संकट आ गया था। इस दौरान राजस्थान के 13 निर्दलीय विधायकों ने समर्थन का ऐलान कर गहलोत की सरकार को गिरने से बचाया था।

कर्नाटक में मुस्लिम नाबालिग और दलित युवक की सिर कुचलकर बेरहमी से हत्या, फरार हैं लड़की के परिजन

कर्नाटक के विजयपुरा जिले के सलादाहल्ली में मंगलवार (जून 22, 2021) को संदिग्ध ऑनर किलिंग का एक मामला उजागर हुआ है। वहाँ ग्रामीणों को 19 वर्षीय दलित युवक बासवराज बडिगेरी (19) और लगभग 16 साल की नाबालिग लड़की के शव मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों शवों के सिरों को बुरी तरह पत्थरों से कुचल दिया गया था। आसपास खून के निशान थे और शव भी वहीं पड़ा था। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि दोनों ही अलग अलग धर्म से थे और इनके परिवार वाले इनके रिश्ते के ख़िलाफ़ थे।

ग्रामीणों के अनुसार, इन हत्याओं में दोनों परिवार में से किसी एक का हाथ हैं। इस मामले को कालकेरी पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। पुलिस की प्राथमिक जाँच में भी यह बात निकल कर आई है कि मामला ऑनर किलिंग से जुड़ा हुआ है।

कर्नाटक पुलिस ने शुरूआती छानबीन में पाया कि दोनों का शव मिलने के बाद से मुस्लिम लड़की के घर के सदस्य, उसके अब्बू, उसके भाई जान और दो रिश्तेदार फरार हैं। ऐसे में संभव है कि अपराध उनके द्वारा ही किया गया हो।

इस मामले के संबंध में सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आई है। एक यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए दावा किया है कि एफआईआर के अनुसार दोनों का हाथ बाँधकर उन्हें पत्थरों और डंडो से मारा गया। मामले में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

जम्मू-कश्मीर पर पीएम मोदी की सर्वदलीय बैठक से पहले राज्य में 48 घंटे का हाई अलर्ट, इंटरनेट सेवा बंद

जम्मू-कश्मीर को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (24 जून 2021) को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। अनुच्छेद-370 को हटाने के बाद ये केंद्र सरकार की बड़ी राजनीतिक पहल है। जम्मू-कश्मीर के गुपकार गैंग में शामिल सभी दलों एवं कॉन्ग्रेस ने इसमें शामिल होने की स्वीकृति दे दी है। साथ ही कॉन्ग्रेस का ये भी कहना है कि बैठक के न्योते के साथ इसका एजेंडा भी साथ में होता तो बेहतर होता।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार की ओर से एक दर्जन से अधिक राजनीतिक दलों, उनके प्रतिनिधियों को इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। वहीं, आतंकी गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा बलों के लिए जम्मू-कश्मीर में 48 घंटे के हाई अलर्ट का ऐलान किया गया है। गुरुवार को यहाँ इंटरनेट सेवा सस्पेंड की जा सकती है।

बताया जा रहा है कि सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए जम्मू-कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रविंदर रैना और पार्टी नेता तथा पूर्व डिप्टी सीएम कविंदर गुप्ता जम्मू से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री व पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुँच चुकी हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के चेयरमैन सैयद अल्ताफ बुखारी भी प्रधानमंत्री मोदी के निवास पर 24 जून को होने वाली बैठक में शामिल होंगे।

गुपकार गैंग यानी पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) के मुखिया पूर्व सीएम फारुक अब्दुल्ला हैं। इसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी- मार्क्सवादी (सीपीआई-एम), जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) और जम्मू और कश्मीर अवामी नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKANC) शामिल हैं।

बात कश्मीर के लोगों के हित में होगी तो मानी जाएगी

पीपुल्स एलायंस फार गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) नेताओं का कहना है कि अगर बैठक में बात कश्मीर के लोगों के हित में होगी तो मानी जाएगी, वरना हम सीधे इनकार कर देंगे। फारूक ने 22 जून को कहा, “हम कभी भी बातचीत के खिलाफ नहीं रहे। दिल्ली ने बातचीत का कोई एजेंडा नहीं बताया है, इसलिए हर मुद्दे पर बात होगी। कश्मीर मुद्दे पर हमारा स्टैंड सभी को पता है, पीएजीडी का एजेंडा सभी को पता है, उस पर कोई समझौता नहीं होगा। इसके अलावा हम सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई और देश की विभिन्न जेलों में बंद सभी कश्मीरी कैदियों को वापस जम्मू-कश्मीर की जेलों में स्थानांतरित करने पर जोर देंगे।”

पाकिस्तान से बातचीत करने में हिचक क्यों

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार (22 जून, 2021) को कहा, “संविधान ने जो अधिकार हमें दिया है, वह हमसे छीना गया है, उसे लौटाया जाए। इसके अलावा भी जम्मू-कश्मीर में एक मसला है, इसमें पाकिस्तान की भी एक भूमिका है। अगर सरकार दोहा में तालिबान से बातचीत कर सकती है तो फिर उसे यहाँ जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों, आतंकी संगठनों और पाकिस्तान से बातचीत करने में हिचक क्यों है।”

महबूबा ने आगे कहा, “कश्मीर में अमन लाना है, तो पाकिस्तान के साथ भी बातचीत करनी चाहिए। मैं चाहती थी कि डॉ. फारूक ही हम सबका प्रतिनिधित्व करें, लेकिन डॉ. साहब ने कहा कि यह न्योता हम सभी को अलग-अलग मिला है, इसलिए हम सभी को जाना चाहिए। अगर नहीं जाएँगे तो हम पर वार्ता को नाकाम बनाने का आरोप लगेगा।”

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-​कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटा कर राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया था। उन्होंने इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया।

भगोड़े नीरव मोदी को बड़ा झटका, ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने प्रत्यर्पण रोकने संबंधी याचिका खारिज की

पीएनबी घोटाले मामले में ब्रिटेन की अदालत से भारत के भगोड़े नीरव मोदी को बड़ा झटका लगा है। यूके हाईकोर्ट ने बुधवार (जून 23, 2021) को नीरव मोदी के भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ अपील करने के आवेदन को खारिज कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ नीरव मोदी भारत को प्रत्यर्पण के खिलाफ अपनी अपील के पहले चरण में हार गया है। अब नीरव के पास मौखिक सुनवाई के लिए नए सिरे से अपील करने के लिए 5 दिन का वक्‍त है।

इस संबंध में ब्रिटिश हाईकोर्ट के एक अधिकारी ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि नीरव मोदी के पास अब मौखिक सुनवाई के लिए नए सिरे से अपील करने का मौका बचा है, जिस पर न्यायाधीश यह निर्णय कर सकते हैं कि क्या मामले में पूर्ण अपील सुनवाई की जा सकती है।

बता दें कि ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने अप्रैल में नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का आदेश दिया था, जो धोखाधड़ी और धनशोधन के आरोपों में वांछित है। ऐसे में हाईकोर्ट में नीरव की ओर से दाखिल की गई अपील दस्तावेजी फैसले करने से संबंधित थी। 

इस संबंध में बुधवार को ईडी ने भी बयान दिया। जाँच एजेंसी ने कहा कि पीएनबी घोटाले और भगोड़े कारोबारी विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइन्स से जुड़े धोखाधड़ी मामलों में बैंकों को हुए नुकसान का 40 फीसद पैसा धनधोशन निवारण कानून के तहत कुर्क शेयरों को बेचकर हासिल कर लिया गया है।

ईडी ने कहा कि ने माल्या को पैसा कर्ज के तौर पर देने वाले भारतीय स्टेट बैंक नीत सहायता संघ की ओर से यूनाइटेड ब्रेवरीज लिमिटेड के 5,800 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे गए।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले खबर आई थी कि यूनाइटेड किंगडम (यूके) के गृह मंत्री ने भगोड़े भारतीय बिजनेसमैन नीरव मोदी के भारत में प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। सीबीआई ने इसकी जानकारी दी थी। नीरव मोदी 14,000 करोड़ रुपए के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में धोखाधड़ी और मनी लॉन्डरिंग का आरोपित है।

यूके की अदालत ने फरवरी 2021 में यह स्वीकार किया था कि नीरव मोदी के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग का केस दर्ज किया गया है। यूके की वेस्टमिन्स्टर कोर्ट ने यह भी माना था कि हीरों के व्यापारी ने सबूतों को खत्म करने और गवाहों को डराने का कार्य किया है। कोर्ट ने ऑर्डर दिया था कि नीरव मोदी को ट्रायल के लिए भारत प्रत्यर्पित किया जाए।  

बंगाल में फर्जी IAS ने TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती को ठगा, फेक वैक्सीनेशन सेंटर पर बुलाकर लगाया टीका

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती ने बुधवार (जून 23, 2021) को कोलकाता में फर्जी वैक्सीनेशन सेंटर का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। उन्होंने बताया है कि उन्हें एक धोखेबाज ने फर्जी IAS बनकर कॉल किया और उनसे अनुरोध किया कि वह वैक्सीनेशन कैंप में आएँ जो कलकत्ता के दक्षिण में कस्बा क्षेत्र में उसके द्वारा आयोजित करवाया जा रहा है।

मीमी चक्रवर्ती के अनुसार, फर्जी आईएएस ने बताया था कि वह ट्रांसजेंडर्स और विकलांगों के लिए स्पेशल वैक्सीनेशन ड्राइव चला रहे हैं। इस अनुरोध के बाद अगले दिन वह सेंटर पर पहुँची। जहाँ उनके साथ 200 से 250 लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई गई। 

चक्रवर्ती कहती हैं कि इस दौरान उन्होंने लोगों का मनोबल बढ़ाने के लिए कोविशील्ड की वैक्सीन भी लगवाई। लेकिन कभी भी को-विन से कंफर्मेशन का मैसेज उनके पास नहीं आया। इसके बाद उन्होंने कोलकाता पुलिस से शिकायत की और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। मिमी चक्रवर्ती ने कहा कि वह शख्स फर्जी स्टीकर और नीली बत्ती भी अपनी गाड़ी पर इस्तेमाल कर रहा था।

इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में मीमी ने कहा टीका अभियान के आयोजकों ने शुरू में उन्हें सूचित किया कि उन्हें कुछ ही घंटों में टीका प्रमाणपत्र मिल जाएगा। बाद में, कहा गया कि इसमें 3-4 दिन लगेंगे। इससे उनका शक बढ़ गया। उन्होंने शिविर में अन्य लोगों से पूछा कि क्या उन्हें कोई पुष्टिकरण संदेश या टीका प्रमाणपत्र मिला है। जब उनमें से किसी को भी CoWin ऐप और वैक्सीन सर्टिफिकेट से कोई एसएमएस नहीं मिला, तो मिमी ने महसूस किया कि कुछ गड़बड़ है और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

चक्रवर्ती ने कहा, “वैक्सीन प्रमाणपत्र में 3-4 दिन नहीं लगने चाहिए। मैंने अन्य लोगों (जिन्होंने शिविर में टीका लिया) से पूछा कि क्या उन्हें पंजीकरण संदेश मिला है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई पंजीकरण नहीं किया या कोई संदेश नहीं मिला। मुझे तुरंत गड़बड़ लगी और स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मदद से मैंने उसे गिरफ्तार करवाया।”

मिमी की शिकायत के बाद पुलिस मंगलवार शाम छह बजे टीकाकरण शिविर पहुँची। वहाँ पता चला कि भले ही शिविर केएमसी में आयोजित किया गया था, लेकिन न तो केएमसी के विशेष आयोग और न ही स्थानीय पार्षद सुशांत घोष को इस तरह के किसी भी टीकाकरण अभियान की जानकारी थी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपित की पहचान देबंजन के तौर पर हुई है। उसने पूछताछ के दौरान खुद को केएमसी के संयुक्त आयुक्त के रूप में पेश किया और यहाँ तक ​​कि एक आईएएस अधिकारी का पहचान पत्र भी प्रस्तुत किया। हालाँकि, उसके बयानों में विसंगतियों के चलते आरोपित को हिरासत में लिया गया और उसे पुलिस स्टेशन लाया गया। कड़ी पूछताछ होने पर, देबंजन टूट गया और अपना गुनाह कबूल लिया। उसके पास से बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्र, सरकारी टिकट, स्वास्थ्य भवनों से टीके एकत्र करने के लिए माँग पत्र सहित दस्तावेज बरामद किए गए।

केरल के कम्युनिस्ट गुंडों ने 11 साल के बच्चे के 25 पालतू कबूतरों को मार डाला, परिवार ने दी थी सेवा भारती को मदद

केरल से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ कम्युनिस्ट गुंडों ने 25 पालतू कबूतरों को सिर्फ इसलिए मार डाला, क्योंकि उनके मालिक के परिवार ने सेवा भारती का सहयोग किया था। ऑर्गनाइजर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना केरल के अलाप्पुझा जिले की है। ये कबूतर 11 साल के क्रिस्टी देवस्या (Christy Devasya) नाम के बच्चे के थे।

बच्चे के परिवार ने चेरथला के मारुथोरवट्टम क्षेत्र में कोरोना मरीजों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सेवा भारती की मदद की थी। जब कम्युनिस्ट गुंडों को पता चला कि परिवार ने इस संगठन की सहायता की है, तो उन्होंने परिवार को सबक सिखाने के लिए उनके पालतू कबूतरों को मार डाला।

कथित तौर पर, बच्चे के पिता बेनी पहले कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े थे। हालाँकि, पार्टी के सदस्यों के साथ कुछ मतभेदों के चलते उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया और तब से वह पार्टी की गतिविधियों से दूर ही रहे। परिवार ने इस मामले में पुलिस में शिकायत नहीं करने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें भविष्य में सीपीएम (CPM) के गुंडों से जान का खतरा है।

सेवा भारती ने कोरोना महामारी में बड़े पैमाने पर काम किया

हाल ही में भाजपा और आरएसएस (RRS) के वरिष्ठ नेताओं ने बेनी के घर का दौरा किया। उन्होंने घटना के बारे में जानने के बाद उनके परिवार की सहायता करने का भरोसा दिलाया। ध्यान दें कि सेवा भारती आरएसएस से जुड़ा एक संगठन है। कोविड-19 महामारी के दौरान इस संगठन ने हजारों प्रभावित लोगों को ऑक्सीजन, भोजन और दवाएँ उपलब्ध करवाई हैं। भोजन के पैकेट बाँटने से लेकर युद्धस्तर पर मास्क बनाने तक सेवा भारती के स्वयंसेवकों ने महामारी के समय में बड़े पैमाने पर काम किया है। अकेले दिल्ली में इस संगठन ने महामारी के दौरान जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए 45 रसोई घर चलाए।

‘हरा$ज*, हरा%$, चू$%’: ‘कुत्ते’ के प्रेम में मेनका गाँधी ने पशु चिकित्सक को दी गालियाँ, ऑडियो वायरल

भारतीय जनता पार्टी की नेता मेनका गाँधी अक्सर किसी न किसी विवाद के कारण खबरों में आती हैं। कुछ दिन पहले ही एक बिजनेसमैन को आपत्तिजनक शब्दों में झाड़ते हुए उनकी ऑडियो सामने आई थी। अब एक और रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें कथिततौर पर मेनका गाँधी एक पशुचिकित्सक को भला-बुरा बोल रही हैं।

ऑडियो में सुनाई दे रही महिला की आवाज को लेकर हर जगह दावा है कि ये मेनका गाँधी की आवाज है। इसके अलावा ऑडियो में शुरू में महिला बताती भी है कि वह मेनका गाँधी की तरफ से है और मेनका गाँधी खुद डॉक्टर से बात करना चाहती हैं। इस ऑडियो में बेहद घटिया ढंग से पशुओं के डॉक्टर से बात की जा रही है। पूरी बातचीत एक कुत्ते के इलाज को लेकर है जो डॉक्टर द्वारा इलाज मिलने के बाद भी सही नहीं हो पाया।

कथिततौर पर मेनका गाँधी ने डॉक्टर को फोन करवाया और उनके लिए, ‘हरा$ज*’, हरा%$, चू$% जैसे शब्दों का प्रयोग किया। ऑडियो सुनकर लगता है कि वह कुत्ते के इलाज से परेशान थी। इसलिए उन्होंने डॉक्टर को बोलने का मौका नहीं दिया और उन्हें झोलाछाप कह दिया। डॉक्टर ने बताने की कोशिश की कि कुत्ते के इलाज के बाद उसे सेंटर पर रखने की जरूरत थी लेकिन मैडम (कुत्ते की मालकिन) उसे अपने घर ले गई। डॉक्टर ने उन्हें समझाया भी ये बात ध्यान रहे कि कुत्ता अपने टाँके खोल न ले।

इसके बाद ओनर ने कहा भी वह ध्यान रखेंगी लेकिन जब अगले दिन वे आए तो टाँके फटे हुए थे। डॉक्टर की बात सुनने के बाद भी भाजपा नेता चुप होने को तैयार नहीं हुई और गाली गलौच करते हुए उनसे उनका लाइसेंस छीन लेने की बात कही।

गाँधी ने डॉक्टर से पूछा कि उनका पूरा नाम क्या है। इस पर डॉक्टर ने बताया कि उनका नाम विकास शर्मा है। इस पर गाँधी ने कहा कि डॉक्टर को अपना पूरा नाम नहीं लेना चाहिए क्योंकि वह अपने परिवार पर धब्बा हैं। डॉक्टर को झोलाछाप कहते हुए गाँधी ने डॉक्टर के परिवार को बीच में घसीटा। गाँधी ने कहा, “तुम्हारा बाप क्या करता है? कोई माली है चौकीदार है क्या हैं?” डॉक्टर बताते भी हैं कि उनके पिता एक टीचर हैं। इस पर वो पूछती हैं, “तुम इस धंधे में क्यों आए पैसे कमाने के लिए।” 

डॉक्टर बार-बार कहते हैं कि उनसे इस तरह की बात न की जाए लेकिन गाँधी बिना कोई बात सुने अपना हुक्म चलाती रहीं। उन्होंने उस कॉलेज को भी बेकार कहा जहाँ से डॉक्टर पास हुए थे। मेनका गाँधी ने कहा कि वह कोई बात नहीं सुनना चाहती हैं। कुत्ते को वापस लेकर आया जाए और उसका इलाज किया जाए। अगर कुत्ता मरा तो उनकी नौकरी जाएगी।

बता दें कि ऑडियो सामने आने के बाद इस संबंध में जून 23 को इंडियन वेटेरनरी एसोसिएशन के डॉक्टरों ने मेनका गाँधी के ऐसे बर्ताव की आलोचना की। साथ ही मुआवजे की माँग भी की। भाजपा नेता के रवैये की निंदा करते हुए कहा गया कि पीएम और लोकसभा अध्यक्ष को मामले से अवगत करवा दिया गया है।

बीएचयू में भी छात्रों ने मेनका गाँधी का विरोध किया। साथ ही मंत्री से माफीनामा माँगा।

अन्य कॉल रिकॉर्डिंग वायरल

उल्लेखनीय है कि ये कोई पहला मामला सामने नहीं आया है जहाँ इस तरह भाजपा नेता अभद्र शब्द बोलती सुनी गई हों। अपने जानवरों से प्रेम के चलते उन्होंने एक अनुभवी डॉक्टर से भी बदसलूकी की थी।

सोशल मीडिया पर सामने आई एक अन्य कॉल रिकॉर्डिंग में सुना जा सकता है कि गाँधी एक सीनियर डॉक्टर पर कुत्ते को मारने का आरोप मढ़ रही हैं। डॉक्टर समझाता है कि कुत्ता बहुत बीमार था और ओनर के अनुरोध पर उसका इलाज हुआ। हालाँकि मेनका गाँधी फिर भी डॉक्टर को जिम्मेदार मानती रहीं। जब डॉक्टर ने उनके आपत्तिजनक सवालों का जवाब देने से मना किया तो गाँधी ने दोबारा डॉक्टर का लाइसेंस कैंसिल करने की धमकी दी।

दिलचस्प बात ये है कि विकास शर्मा जो 6 माह से पेशे में लगे थे उन्हें मेनका गाँधी झोला छाप कह रही थीं और अगले मामले में डॉक्टर 25 साल का अनुभवी था फिर भी मेनका गाँधी उनका लाइसेंस कैंसिल करवाने की बात कह रही थीं। डॉक्टर ने ऐसा रवैया देख कर कहा भी कि वह उन्हें कोई जवाब नहीं देंगे, उन्हें जो करना हैं करें, वह मंत्री पद पर हैं।

बिजनेसमैन के साथ बातचीत की ऑडियो वायरल

कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर बीजेपी नेता मेनका गाँधी और रामलिंगम नामक एक कारोबारी के बीच हुई एक कथित बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। इस ऑडियो में कथित तौर पर मेनका गाँधी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वह उस शख्स पर यौन शोषण का केस दर्ज करा देंगी। यह ऑडियो रामलिंगम द्वारा कथित रूप से एक कुत्ते को बैट से मारने के बाद हुई बातचीत का था।बातचीत के दौरान, मेनका गाँधी को कथित तौर पर युवक को ‘गुंडा’, ‘बदमाश’ कहते हुए सुना गया था।