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10 दिन में 3 माफियाओं की 20+ करोड़ की संपत्ति जब्त: बाकियों की लिस्ट तैयार, एक्शन में UP पुलिस-प्रशासन

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के ख़िलाफ़ प्रशासन की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ी हुई है। इसी क्रम में गोरखपुर जिले के भी टॉप अपराधियों में शामिल माफियाओं की करोड़ों की संपत्ति जब्त होने का काम तेजी पर है। जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के जिलाधिकारी ने मात्र 10 दिन के भीतर 3 बड़े माफियाओं की करोड़ों की संपत्ति को कुर्क किया है।

इन तीनों के नाम प्रदीप सिंह, सुधीर सिंह और रणधीर सिंह है। इनमें से प्रदीप सिंह इस समय जेल में बंद है। जिलाधिकारी ने उसकी खेत, जमीन, 3 मकान और 3 लग्जरी गाड़ी मिलाकर 19 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। ऐसे ही सुधीर सिंह की दो लग्जरी फॉर्च्यूनर गाड़ी (कीमत सवा करोड़ रुपए) और गैंगस्टर रणधीर सिंह की एचएन सिंह चौराहे पर स्थित एक एकड़ 45 डिसमिल में बने दुकान, कॉम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट और लॉन पर कुर्की की कार्रवाई की गई है।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गोरखपुर के टॉप 10 माफियाओं में शामिल सुधीर सिंह पर लखनऊ समेत गोरखपुर जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, गुंडा ऐक्ट समेत दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। प्रदीप सिंह पर लूट, डकैती, हत्या, गैंगेस्टर,आर्म्स ऐक्ट समेत 50 से उपर मामले दर्ज हैं। रणधीर सिंह पर भी शाहपुर थाने में विभिन्न धाराओं में 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।

अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने के क्रम में जिलाधिकारी के विजेंद्र पंडियन ने कहा है कि अभी तक दर्जनों अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को जब्त कर कार्रवाई की गई है। वहीं अन्य की लिस्ट तैयार की जा रही है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने में जुटी हुई है। पिछले दिनों बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की शह पर बने अवैध बाजार पर पीडीए का बुलडोजर चलाया गया था। उससे पूर्व 12 दिसंबर 2020 को अतीक के साले जकी अहमद का अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया था। 5 दिसंबर को अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम पर दर्ज करोड़ों की 3 संपत्तियों को भी प्रशासन ने जब्त किया था। 

इसके अलावा सोमवार (जून 7) को माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों पर भी कार्रवाई हुई थी। पुलिस ने कसारी मसारी इलाके में अशरफ की लगभग 11 बिस्वा जमीन को कुर्क किया था। इसकी कुल कीमत लगभग सवा दो करोड़ रुपए के आसपास थी। उससे पहले रविवार को पुलिस ने चकिया इलाके में अशरफ की 25 करोड़ की संपत्ति को कुर्क किया था

मांजरेकर ने कहा- जडेजा को अंग्रेजी नहीं आती, चैट हुआ वायरल

क्रिकेटर से कमेंटेटर बने पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर क्रिकेटर्स पर अपने कमेंट को लेकर अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। उन्होंने क्रिकेटर रवींद्र जडेजा को लेकर ऐसी बात कह दी है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। मांजरेकर का ट्विटर चैट लीक हुआ है, जिसमें वह जडेजा का मजाक उड़ा रहे हैं। चैट में वह कह रहे हैं कि रवींद्र जडेजा को अंग्रेजी नहीं आती।

ट्विटर यूजर सूर्यनारायण ने संजय मांजरेकर के चैट का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इसमें संजय मांजरेकर ने लिखा है, “तुम चाहते हो कि मैं भी तुम्हारी तरह खिलाड़ियों की पूजा करूँ। मैं फैन नहीं एनालिस्ट हूँ और रवींद्र जडेजा को अंग्रेजी नहीं आती है तो वह बिट्स एंड पीसेस का वास्तविक अर्थ नहीं जानते होंगे। और जरूर किसी ने वर्बल डायरिया शब्द का मतलब भी उन्हें बताया ही होगा।”

सूर्यनारायण द्वारा शेयर किया गया ट्वीट

दरअसल, मांजरेकर ने 2019 क्रिकेट विश्वकप के दौरान रवींद्र जडेजा की आलोचना की थी और उन्हें “बिट्स एंड पीस” क्रिकेटर कहा था। इसके बाद जडेजा ने मांजरेकर को ट्विटर पर जवाब देते हुए कहा था कि पूर्व क्रिकेटर को वर्बल डायरिया है। उस वक्त जडेजा ने सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक बनाया था। हाल ही में जडेजा ने खुलासा किया था कि अपने अर्धशतक के जश्न को सेलिब्रेट करने के लिए उन्हें एक कमेंट्री बॉक्स की तलाश थी।

क्या हुई थी चैट

चैट को शेयर करने वाले सूर्यनारायण नाम के शख्स ने ट्विटर पर मांजरेकर के बयान की आलोचना की है। इस पर मांजरेकर ने इस शख्स को डायरेक्ट मैसेज किया और लिखा, “ठीक है। तुम मेरे बारे में कुछ भी नहीं कह सकते हो। क्योंकि जैसा मैं खिलाड़ी था तुम उसका एक प्रतिशत भी नहीं हो।”

सूर्यनारायण द्वारा शेयर किया गया ट्वीट का स्क्रीनशॉट

इसके जवाब में सूर्यनारायण ने लिखा, “ऐसा बनने की मेरी इच्छा भी नहीं है।”

मांजरेकर ने कहा, “अच्छा है, क्योंकि जिन ऊँचाइयों पर मैं हूँ, वहाँ पहुँचना बहुत मुश्किल है।”

सूर्यनारायण के द्वारा किया गया ट्वीट

सूर्यनारायण ने जवाब में लिखा, “किन ऊँचाइयों की आप बात कर रहे हैं? आप जिस भी ऊँचाई पर पहुँचे हैं, वहाँ से कुछ खिलाड़ियों के प्रति गलत धारणा और आलोचना के चलते खुद को नीचे गिरा रहे हैं। आप जिस पॉजिशन में हैं, लोग आपके रचनात्मक होने की उम्मीद करते हैं और आपका सुझाव लोगों को खेल की ओर आकर्षित करेगा। लेकिन हो इसका उल्टा हो रहा है। (जडेजा जैसे लोग आपके इनपुट को वर्बल डायरिया कहते हैं।) अब मुझे लगता है कि आप यह देखने के काबिल नहीं हैं या आप इसे देखते हैं और नजरअंदाज करते हैं तो शायद आपको आलोचना झेलनी चाहिए, क्योंकि आप कुछ अलग नहीं कर रहे हैं।”

सूर्यनारायण द्वारा शेयर किया गया ट्वीट

फिलहाल, लीक हुए चैट पर अभी तक मांजरेकर ने चुप्पी साध रखी है। उन्होंने न तो इसकी पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है।

जडेजा के साथ लगभग दो साल तक चले वाकयुद्ध के बाद मांजरेकर ने भारतीय टीम के एक अन्य ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन की भी आलोचना की है। आलोचना के लिए उन्होंने दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में उनके प्रदर्शन को आधार बनाया है। इस मामले में ऑफ स्पिनर अश्विन ने मांजरेकर को एक मीम शेयर कर जवाब दिया।

मांजरेकर ने एक मीडिया शो में अश्विन को लेकर कहा था, “जब लोग अश्विन को खेल के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक बताते हैं तो मुझे इस बात से कुछ दिक्कत होती है। अश्विन को लेकर मेरी मूल समस्या ये है कि जब आप दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को देखते हैं तो अश्विन के पास पाँच विकेट भी नहीं हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि दूसरी बात यह है कि जब आप भारतीय पिचों के बारे में बात करते हैं तो यह अश्विन की गेंदबाजी के अनुकूल है। बीते चार वर्षों में जडेजा ने उनकी तरह की विकेट लेने की क्षमता की बराबरी कर ली है। खास बात यह है कि इंग्लैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में अक्षर पटेल ने अश्विन की तुलना में इसी तरह की पिचों पर अधिक विकेट लिए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जून 2021 से शुरू होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में अश्विन को भारतीय टीम में शामिल किए जाने की संभावना है, क्योंकि इसके फाइनल में भारत और न्यूजीलैंड आपस में भिड़ेंगे।

अनशन पर बैठे गाँधी: खलीफा से शादी पर चर्चा, फुर्सत में नुसरत को समझाया जहां से जैन तक की बात

तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद नुसरत जहां ने एक वक्तव्य जारी करके बताया कि उनकी शादी के बारे में जो अटकलें लगाई जा रही हैं उनकी जरूरत नहीं है। लोग अपना-अपना काम करें। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी जो शादी इतने लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही, दरअसल वो शादी थी ही नहीं। उसे क्या कहा जा सकता है, यह बात उन्होंने लोगों पर छोड़ दी।

यह वैसा ही है जैसे किसी दिन राहुल गाँधी एक वक्तव्य जारी करके लोगों से कहें कि इतने वर्षों से उन्हें जो यूथ माना और कहा जा रहा था, वह सही नहीं है। और वे यूथ नहीं हैं। क्या हैं, यह लोग खुद तय कर लें। या किसी दिन शशि थरूर वक्तव्य जारी करके बताएँ कि उन्हें जो लोग शैम्पू बॉय कहते हैं, वे गलत हैं। उन्होंने आज तक अपने बालों में कभी शैम्पू नहीं लगाया और उनके उड़ते बालों का राज रीठा है।

राजनीति में यह होना कोई नई बात नहीं है। कई लोग हैं जिन्हें दशकों तक नेता समझा जाता रहा और वे किसान निकले। मुलायम सिंह जी को तो नेताजी कहा भी जाता रहा पर बाद में पता चला कि वे दरअसल पहलवान थे। लोग लालू जी को नेता समझते रहे और उन्होंने डॉक्यूमेंट से साबित कर दिया कि वे पशुपालक थे। वीरभद्र सिंह को लोग मुख्यमंत्री समझते रहे और उन्होंने बही खाता और रोड चालान दिखा कर साबित किया कि वे सेब के किसान हैं। योगेंद्र यादव को लोग ढाई दशक तक… खैर, जाने दीजिए।

बात हो रही थी नुसरत जहां की तो बात होनी चाहिए नुसरत जहां की। उन्होंने सांसद के रूप में शपथ लेते हुए अपना नाम नुसरत जहां रूही जैन बताया था और अब कह रही हैं कि न, वे तो नुसरत जहां हैं। रूही जैन कौन है, उन्हें नहीं पता। 

बताइए, कितना तो शॉकिंग है। यह तो इस बात से भी अधिक शॉकिंग है जैसे ममता बनर्जी किसी दिन वक्तव्य जारी कर दें कि; वे अब भाजपा से नहीं लड़ेंगी और न ही केंद्र सरकार की आलोचना करेंगी। या फिर राहुल गाँधी किसी कोर्ट में एफिडेविट फाइल कर दें कि; मैंने यह फैसला किया है कि आज से झूठ नहीं बोलूँगा। मैं सच कह रहा हूँ। आप खुद ही सोचिए कि जिन्हें लोग शादी के बाद जैन समझते रहे, अचानक वो एक दिन राज खोल दे कि; न केवल वो जैन नहीं हैं, बल्कि जिसे वह खुद शादी समझती रहीं वो भी शादी नहीं है और वह शादी न होकर क्या थी, वह भी नहीं पता।

अन्य धर्म के व्यक्ति के साथ शादी करने के कारण आलोचना का मुक़ाबला किया, पहनावे पर हुए हल्ला का मुक़ाबला किया और सिन्दूर लगाने की वजह से और हिन्दू रीति के अनुसार शादी करने पर धार्मिक लोगों की आलोचना का मुक़ाबला किया। किसी देवबंदी उलेमा ने तो साफ़-साफ़ फैसला सुना दिया था कि नुसरत को सिर्फ और सिर्फ किसी मुसलमान से शादी करनी चाहिए थी क्योंकि इस्लाम इस बात की इजाजत नहीं देता कि एक मुसलमान किसी गैर मुसलमान से शादी करे। और तो और, लोकसभा स्पीकर के पाँव छूने की वजह से जारी किए गए फतवा का भी मुक़ाबला किया। 

क्या इतने सारे मुकाबले इसलिए किए ताकि एक दिन यह कह सकें कि इन मुक़ाबलों की जड़ जो शादी थी, दरअसल वह शादी नहीं थी?

बता रही थीं कि शादी के शादी न होने की वजह यह है कि ये शादी भारत के कानून के अनुसार न होकर तुर्की के कानून के अनुसार हुई है और तुर्की में हुई शादी भारत में मान्य नहीं है। उस शादी को भारत में मान्य होने के लिए शादी का रजिस्ट्रेशन भारत के स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत होना अनिवार्य है। सोचिए आज गाँधी जी होते तो क्या कहते? अरे मैं राहुल गाँधी की बात नहीं कर रहा, वे तो हैं ही, मैं महात्मा गाँधी की बात कर रहा हूँ।

सोचिए कि वे आज होते तो क्या कहते? शायद कहते कि; जिस सल्तनत-ए-उस्मानिया के खलीफा के लिए मैंने दिन-रात एक कर दिया, उसी के मुल्क़ में रजिस्टर्ड शादी आज का भारत मान नहीं रहा। मैंने इसी दिन के लिए देश को बिना खड्ग बिना ढाल वाली आज़ादी दिलवाई थी? यह कहने से काम न चलता तो वे अनशन पर बैठ जाते और तब तक बैठे रहते जब तक खलीफा अब्दुल हमीद द्वितीय के देश के कानून के अनुसार हुई शादी को भारत में मान्यता न दिलवा देते। 

नुसरत ने अपने वक्तव्य में आगे बताया कि जब शादी हुई ही नहीं तो तलाक़ का सवाल ही नहीं उठता। सही बात है। तलाक़ के लिए शादी होनी है और वो भी भारतीय कानून के अनुसार। नुसरत ने यह आरोप भी लगाया कि; जिसे लोग उनका पति समझ रहे थे और जो उनका पति नहीं था, उसने नुसरत के गहने तो रख ही लिए, कपड़े भी रख लिए। अब ये कपड़े वाला आरोप बड़ा अजीब लगा मुझे क्योंकि पति पर पत्नी के कपड़े रख लेने का आरोप तो घर छोड़ के जाने वाली पत्नी ने उस पति पर भी नहीं लगाया, जिसके ऊपर ऐसे कपड़े पहनने का न केवल आरोप लगा बल्कि इस बात की काफी चर्चा कोर्ट और मीडिया में भी हुई। ऐसे में गहने रख लेने की बात समझ आती है क्योंकि सोना आजकल बहुत महँगा हो गया है पर कपड़े! 

खैर, नुसरत ने और बहुत कुछ लिखा है जो व्यक्तिगत संबंधों की बातें हैं। पर यह भी मानना होगा कि नुसरत एक राजनेता भी हैं और उनके वक्तव्य को आगे रख कर कहा जा सकता है कि उनके लिए राजनेता का अर्थ है ऐसा नेता जो अचानक राज खोलकर सबको शॉक कर दे। 

जितिन प्रसाद कूड़ा, कूड़ेदान में गया: MP कॉन्ग्रेस ने ट्वीट किया डिलीट, कभी सिंधिया को बोला था धोखेबाज और गद्दार

कॉन्ग्रेस पार्टी का हाथ छोड़कर भाजपा के साथ जुड़ने वाले जितिन प्रसाद इस समय चहुँओर चर्चा में बने हुए हैं। उनके इस फैसले के बाद जहाँ तमाम कॉन्ग्रेस राजनेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है, वहीं मध्य प्रदेश की कॉन्ग्रेस ईकाई ने उनकी तुलना कूड़े और भाजपा की तुलना कूड़ेदान से की है।

जितिन प्रसाद के भाजपा से जुड़ने के बाद आज दोपहर 3:15 पर MP कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया कि जितिन प्रसाद के जाने से कॉन्ग्रेस खुश है। यह कूड़ा कूड़ेदान में डालने जैसी सामान्य क्रिया है। कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैंडल से अब यह ट्वीट डिलीट हो चुका है लेकिन सोशल मीडिया पर इसके स्क्रीनशॉट वायरल हैं।

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने जितिन प्रसाद के कॉन्ग्रेस छोड़ने पर अपनी तिलिमिलाहट दिखाई। चूँकि जितिन प्रसाद को कॉन्ग्रेस का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माना जाता है। ऐसे में उनके पार्टी छोड़ने पर लल्लू ने कहा था यूपी में प्रियंका गाँधी से बड़ा कोई ब्राह्मण चेहरा नहीं है।

उल्लेखनीय है कि आज यानी 9 जून को उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के बड़े नेता जितिन प्रसाद भाजपा में शामिल हुए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इसे बड़े फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है। दोपहर में भाजपा मुख्यालय में जितिन प्रसाद के भाजपा में शामिल होने का कार्यक्रम हुआ। शाहजहाँपुर में अच्छी पैठ रखने वाले जितिन प्रसाद फ़िलहाल दिल्ली में ही हैं।

इस अवसर पर जितिन प्रसाद ने कहा कि उनकी तीन पुश्तें कॉन्ग्रेस से जुड़ी रही हैं, इसीलिए उन्होंने काफी सोच-विचार के बाद ये महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 8-10 वर्षों में उन्हें महसूस हुआ है कि एक ही पार्टी ऐसी है, जो पूरी तरह राष्ट्रीय है और वो है भारतीय जनता पार्टी। जितिन प्रसाद ने कहा कि अन्य राजनीतिक दल क्षेत्रीय हैं, लेकिन भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है। उन्होंने कहा कि यही एक पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कठिन परिस्थिति में देशहित के लिए खड़े हैं।

धोखेबाज, गद्दार- ज्योतिरादित्य सिंधिया

जब कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी से इस्तीफा दिया था तो कॉन्ग्रेसियों ने सिंधिया को गद्दार और धोखेबाज जैसे विशेषणों से पुकारना शुरू कर दिया था। कुछ समर्थकों ने सिंधिया के विकिपीडिया पेज को अपडेट कर उनके लिए ‘गधा’ और ‘सत्ता का भूखा सिंधिया’ जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया था।

सिंधिया पर बौखलाए थे ‘निष्पक्ष’ पत्रकार तक

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कॉन्ग्रेस छोड़ने से पत्रकारों के गिरोह विशेष की सुलग गई थी। सबा नकवी ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा था, “अरे, हम सब लोग इतना काम करते हैं। हम सभी इतनी मेहनत करते हैं। क्या है ये? हम दिन-रात काम करते हैं, ख़बरों को कवर करते हैं। कोई आ रहा है, कोई जा रहा है। ये सब क्या है? मजाक चल रहा है क्या?”

‘पूरे यूपी में प्रियंका गाँधी से बड़ा कोई ब्राह्मण चेहरा नहीं’: जितिन प्रसाद के BJP में शामिल होने पर भड़के लल्लू

उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने दावा किया है कि यूपी में प्रियंका गाँधी से बड़ा कोई ब्राह्मण चेहरा नहीं है। उन्होंने जितिन प्रसाद के भाजपा में जाने के मुद्दे पर ये टिप्पणी की। बता दें कि जितिन प्रसाद को कॉन्ग्रेस का बड़ा ब्राह्मण चेहरा माना जाता था, लेकिन अब इसी कॉन्ग्रेस ने कहा है कि जो व्यक्ति अपनी सीट तक नहीं बचा पाया, उसके जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा।

अजय कुमार लल्लू ने दावा किया कि जितिन प्रसाद पिछले दिनों सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मिले थे और बात न बनने पर भाजपा में चले गए। उन्होंने जितिन प्रसाद के ‘राजनीतिक चरित्र’ पर सवाल खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने कॉन्ग्रेस के साथ विश्वासघात किया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कॉन्ग्रेस छोड़ कर ‘भाजपा के वृहद परिवार’ में शामिल होने वाले जितिन प्रसाद का स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से पार्टी को मजबूती मिलेगी।

वहीं लल्लू ने दावा किया कि कॉन्ग्रेस ने तब उनकी और उनके परिवार मदद की थी, जब उन्हें इसकी सख्त ज़रूरत थी। उन्होंने ये भी कहा कि वो मात्र 35 वर्ष की उम्र में केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने, क्योंकि कॉन्ग्रेस ने उनका हमेशा साथ दिया। बता दें कि 2008 में उन्हें मनमोहन सिंह के के मंत्रिमंडल में बतौर राज्यमंत्री शामिल किया गया था। यूपीए-2 के दौरान भी उन्हें इसी पद पर रहते हुए कई विभागों का जिम्मा सौंपा गया।

उधर जितिन प्रसाद ने भाजपा में शामिल होने पर कहा है कि ये उनका नया राजनीतिक अध्याय शुरू हो रहा है। सचिन पायलट जब कॉन्ग्रेस से नाराज थे, तब जितिन प्रसाद ने उनका समर्थन किया था। जब जितिन ने ब्राह्मणों के अधिकार की लड़ाई हेतु ‘ब्रह्म चेतना संवाद’ कार्यक्रम की घोषणा की तो पार्टी ने इससे किनारा कर के इसे उनका निजी कार्यक्रम बता दिया था। हालाँकि, जितिन प्रसाद पिछले 3 चुनाव हार चुके हैं।

उन्हें 2014 और 2019 में धौरहरा से लोकसभा चुनाव और 2017 में तिलहर विधानसभा क्षेत्र से उन्हें हार नसीब हुई थी। लेकिन, ये भी गौर करने वाली बात है कि इन चुनावों में कॉन्ग्रेस की स्थिति और भी बदतर थी। फिर भी कॉन्ग्रेस को उनके जाने से नुकसान तय माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी के संगठन को उन्होंने ही जीवित किया था। ऊपर से कॉन्ग्रेस सीएम योगी को ‘ब्राह्मण विरोधी चेहरा’ बनाने में लगी थी। अब इस अभियान को झटका लगा है।

47 वर्षीय जितिन प्रसाद कॉन्ग्रेस के उन 23 नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने आलाकमान को पत्र लिख कर संगठन में चुनाव कराने और बदलाव की माँग की थी, जिसके बाद यूपी के ही कुछ कॉन्ग्रेस नेता उनके पीछे पड़ गए थे। तब कपिल सिब्बल ने भी उन्हें परेशान किए जाने पर आपत्ति जताई थी। उनके पिता जितेंद्र प्रसाद ने  2000 में उन्होंने सोनिया गाँधी के खिलाफ कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था।

‘महाभारत पर हस्तमैथुन… पवित्र गाय को फ़$’ – जीवन समाप्त करने निकला रैपर MC Kode मध्य प्रदेश से धराया

हिन्दू धर्म की पवित्र पुस्तकों महाभारत और भगवद्गीता पर अश्लील और आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद चर्चा में आए रैपर एमसी कोड (MC Kode) उर्फ आदित्य तिवारी को दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश से ढूँढ निकाला है। हिन्दू धर्म के अपमान वाले पुराने वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद एमसी कोड 2 जून 2021 को नई दिल्ली से लापता हो गया था।

लापता होने के पहले एमसी कोड ने अपने इंस्टाग्राम एकाउंट से जीवन को समाप्त करने की धमकी देते हुए एक मैसेज पोस्ट किया था। रैपर ने कहा था कि वह केवल माफी माँग सकता है क्योंकि उसके स्वार्थी कामों से निश्चित रूप से बहुत दुख हुआ होगा। उसने दूसरों से अपने साथ जुड़े लोगों को परेशान न करने का भी आग्रह किया था और कहा था कि वह किसी भी चीज के लिए किसी और को नहीं नहीं बल्कि खुद को दोषी ठहराता है।

इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट करते हुए एमसी कोड ने कहा था कि कैसे वह जीवन की लगातार पीड़ा, परीक्षा और क्लेश का सामना कर रहा है, जिसने वीडियो वायरल होने के बाद उसे कमजोर बना दिया है। अपने पोस्ट में, एमसी कोड ने कहा था कि वह यमुना नदी पर बने एक सुनसान पुल पर खड़ा है, जहाँ वह लहरों को ‘अपने मुसीबत में दी गई आवाज का जवाब’ देते देख सकता है।

एमसी कोड के लापता होने के बाद उसकी माँ ने उससे वापस लौटने की अपील करते हुए कहा था कि वह लौट आए क्योंकि यदि वह मरा तो उसके साथ उसकी माँ भी मर जाएगी। हालाँकि एमसी कोड के लापता होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी।

जाँच के दौरान दिल्ली पुलिस को एमसी कोड की अंतिम लोकेशन नोएडा में मिली थी लेकिन उसके बाद एमसी कोड का फोन स्विच ऑफ हो गया था। लेकिन अब जानकारी आ रही है कि दिल्ली पुलिस ने उसे मध्य प्रदेश से ढूँढ निकाला है।

आपको बता दें कि एक ‘रैप बैटल’ के दौरान रैपर एमसी कोड (MC Kode) ने हिन्दू धर्म का अपमान किया था। उक्त रैपर ने हिन्दू धर्म की पवित्र पुस्तकों महाभारत और भगवद्गीता पर अश्लील टिप्पणी की थी। एमसी कोड ने एक रैप बैटल के दौरान कहा, “अगर तुम हिन्दू हो मैं तुम्हारी पवित्र गाय को फ़$ करूँगा। मैं तुम्हारे महाभारत पर मास्टरबेट (हस्तमैथुन) कर दूँगा।”

महाभारत का नाम लेने से पहले वो ‘क्या था, क्या था’ बोलता है, जिस पर कुछ रैपर्स उसे ‘भगवद्गीता’ का नाम बताते हैं और फिर वो इस ग्रंथ का नाम भी लेता है। विवादित वीडियो जून 12, 2016 का था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

बताया जाता है कि नई दिल्ली में रहने वाले एमसी कोड का असली नाम आदित्य तिवारी है और उसने ये नाम रैपर के रूप में लोकप्रिय होने के लिए रखा है। मुंबई, गुजरात, गुवाहाटी, जयपुर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से लेकर कई जगहों पर वो ‘रैप बैटल्स’ आयोजित कर चुका है और ऐसे रैप बैटल्स की होस्टिंग और जजिंग भी करता रहा है। 

दिशोम गुरु के बेटे ‘सरकार’ और ‘भगवान’ के परिजन बदहाल: बिरसा मुंडा के अपनों को साफ पानी भी नसीब नहीं

उनका संघर्ष जल, जंगल, जमीन का था। आदिवासियों के बीच वे ‘भगवान’ की तरह पूजे जाते हैं। उनका नाम लेकर राजनीति करने वाले झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ बन गए। मुख्यमंत्री बने। केंद्र में मंत्री रहे। आज उसी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री हैं। लेकिन, लगता है भगवान बिरस मुंडा का नाम लेकर अपनी राजनीति चमकाने वाले उनको भूल चुके हैं।

9 जून 2021 को उनकी 121वीं पुण्यतिथि थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रद्धांजलि की रस्म अदायगी भी पूरी की। उनके कार्यालय ने बकायदा ट्वीट कर इसकी जानकारी भी दी है। इसमें कहा गया है, “धरती आबा ने समाज में बीमारियों को लेकर फैले अंधविश्वास को मिटाने का काम किया था। आज उनसे प्रेरणा लेकर हमें कोरोना को दूर भगाना है।” लेकिन आप बिरसा मुंडा के परिजनों का हाल जान चौंक जाएँगे। उनकी पड़पोती स्कॉलरशिप के लिए जद्दोजहद कर रही है। पड़पोता 12 साल से प्रमोशन के इंतजार में है।

लिहाजा इस ट्वीट के बाद हेमंत सोरेन जनता के निशाने पर आ गए। उनसे पूछा गया कि आखिर झारखंड का गौरव जिनके नाम से है, उनका परिवार इतना बदहाल क्यों है।

इसको लेकर बिरसा मुंडा की परपोती ने सीएम को खुला पत्र भी लिखा। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस पत्र में लिखा है:

“मैं जौनी कुमारी मुंडा। भगवान बिरसा मुंडा की वंशज। मैं अभी बिरसा कॉलेज खूँटी में बीए पार्ट-3 की छात्रा हूँ। जब शिक्षक बिरसा के आंदोलन के बारे में पढ़ाते हैं, तो गर्व होता है। लेकिन, मैं किसी को नहीं बताती कि मैं भगवान बिरसा की पड़पोती हूँ। क्योंकि लोग हमारी स्थिति देखकर निराश हो जाएँगे। सुनती हूँ कि आदिवासी छात्राओं को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति का लाभ मिलता है। मैंने कई बार आवेदन दिए, लेकिन कभी नहीं मिली।

मेरे पिता सुखराम मुंडा 82 की उम्र में भी खेतों पर मेहनत करते हैं। 1,000 रुपए वृद्धावस्था पेंशन मिलती है, उसी से मेरी पढ़ाई का खर्च चलता है। भगवान बिरसा ‘अबुआ दिशुम अबुआ राज’ की बात करते थे। आज झारखंड में अबुआ राज है, लेकिन हमारी स्थिति थोड़ी भी नहीं सुधरी। मैं सरकार से कुछ नहीं माँगती। अलग से कुछ नहीं चाहिए, लेकिन जो नियम जनजातियों के लिए बने हैं, जो योजनाएँ गरीबों के लिए हैं, उनका लाभ तो मिले। मैं अपने लिए, अपने बाबा, अपनी माँ के लिए सम्मान चाहती हूँ। बस इतना ही।”

बता दें कि जौनी कुमारी, खूँटी बाजारटांड के पास आम, जामुन, कटहल बेचती हैं। सड़क के पार ही उनका कॉलेज है। वह वहाँ से मुंडाली भाषा में स्नातक कर रही हैं। उनका लक्ष्य पढ़कर गाँव के अन्य बच्चों को शिक्षित करना है। उनके तीसरे सेमेस्टर में 73.2% नंबर आए थे। उन्होंने तीन बार छात्रवृत्ति भरी, लेकिन उन्हें कभी स्कॉलरशिप नहीं मिली।

इतना ही नहीं जनजातियों को आवास देने के लिए राज्य सरकार ने जो बिरसा आवास योजना चलाई है, उसका लाभ भी परिवार को नहीं मिल रहा। ​​​​​​​एक बिरसा हरित ग्राम योजना भी है जिसके तहत एससी-एसटी लोगों को अपनी जमीन पर पौधे लगाने को कहा जाता है और उनसे वह रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना में वह परिवार आते हैं जिनकी आजीविका खेती पर आश्रित है। हालाँकि, इस योजना का फायदा भी बिरसा मुंडा के परिवार को नहीं मिलता है।

राँची का उलिहातू जो बिरसा मुंडा का जन्मस्थान है वहाँ आज भी उनका परिवार चुएँ का पानी पीने को मजबूर है। उनके परपोते की बहू गांगी मुंडा बताती है कि नल से पानी आता नहीं। साल भर से सोलर संचालित जलापूर्ति ठप है। साल भर से पूरा गाँव प्रदूषित पानी ही पी रहा है।

‘सार… भेरी गुड बैटिंग सार’ – भारतीयों की अंग्रेजी का इंग्लैंड के क्रिकेटरों इयोन मॉर्गन और जोस बटलर ने उड़ाया मजाक

इंग्लैंड क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन की भारतीयों को लेकर नस्लीय और सेक्सिस्ट टिप्पणी के बाद अब इंग्लिश टीम के कप्तान इयॉन मार्गन समेत तीन अन्य खिलाड़ियों ने विवादित ट्वीट किया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

मंगलवार (8 जून 2021) को नेटिजन्स ने तेज इंग्लिश गेंदबाज जेम्स एंडरसन के ट्विटर अकाउंट से एक पुराने ट्वीट को वायरल कर दिया। इसमें उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड को लेकर भद्दी टिप्पणी की थी। 20 फरवरी 2010 को किए गए इस ट्वीट में जेम्स एंडरसन ने ब्रॉड के हेयर कट पर कमेंट करते हुए कहा था, “मैंने आज पहली बार ब्रॉडी का नया हेयरकट देखा। सोचा कि वह 15 साल के समलैंगिक की तरह लग रहा था!”

जेम्स एंडरसन द्वारा डिलीट किए गए ट्वीट का स्क्रीनशॉट

फिलहाल, पुराने ट्वीट पर विवाद बढ़ने के बाद अब जेम्स एंडरसन ने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जेम्स एंडरसन इस सप्ताह सबसे ज्यादा टेस्ट मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएँगे। इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद एंडरसन ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कठिन समय है। हम सभी इन स्थितियों से सीखने की कोशिश कर रहे थे। मेरे लिए यह 10-11 साल पुराना मामला है। अब मैं एक व्यक्ति के तौर पर बदल गया हूँ। मुझे लगता है कि यही कठिनाई है, चीजें बदलती हैं, आप गलतियाँ करते हैं।

जॉस बटलर, इयोन मोर्गन पर भारतीयों के प्रति नस्लवादी होने का आरोप

भारतीयों की अंग्रेजी का मजाक बनाने को लेकर इंग्लिश टीम के कप्तान इयोन मोर्गन और जोस बटलर पर ज्यादा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दोनों के 2017 के ट्वीट्स सामने आए हैं, जिनमें ये खिलाड़ी ब्रेंडन मैकुलम के साथ मिलकर इंडियंस के अंग्रेजी बोलने के तरीके पर भद्दी टिप्पणी करते देखे जा सकते हैं।

जोस बटलर का ट्वीट

जोस बटलर ने 2017 में 2 ट्वीट के रिप्लाई में जिस तरह की भाषा का प्रयोग किया, उसमें भी भारतीयों की अंग्रेजी का मजाक उड़ाने वाली मानसिकता को आप देख सकते हैं। एलेक्स हेल्स को रिप्लाई करते हुए बटलर ने अगस्त 2017 में लिखा था, “वेल डन ऑन डबल 100 मच ब्यूटी बैटिंग यू आर ऑन फायर सर।”

साभार: News 18

अगस्त 2017 से चला यह सिलसिला 2018 तक में देखा गया। मई 2018 में इयॉन मॉर्गन ने बटलर को टैग करते हुए लिखा, “सर आप मेरे पसंदीदा बैट्समैन हो।” इस पर ब्रेंडन मैकुलम ने बटलर को टैग करते हुए (मजाक उड़ाते हुए) लिखा, “सर, आप बहुत अच्छी ओपनिंग बैटिंग खेलते हैं।”

ओली रॉबिन्सन को किया जा चुका है बैन

इंग्लैंड की क्रिकेट अथॉरिटी ECB ने पुराने ट्वीट्स वायरल होने के बाद बॉलर ओली रॉबिन्सन को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने से प्रतिबंधित कर दिया है। उनके 2012-13 के कुछ ट्वीट्स वायरल हुए थे, जिन्हें आपत्तिजनक बताया गया था। इसके बाद एक जाँच कमिटी ने उन्हें अनुशासनहीनता का दोषी पाया था।

ईसीबी ने किया उचित कार्रवाई का वादा

खिलाड़ियों के पुराने ट्वीट्स वायरल होने के बाद ईसीबी ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया है। पिछले हफ्ते, ओली रॉबिन्सन द्वारा किए गए पुराने ट्वीट्स सामने के बाद काफी बवाल मचा था।

ओली रॉबिन्सन द्वारा किया गया ट्वीट

फिलहाल, अपने नस्लवादी और सेक्सिस्ट कमेंट को लेकर रॉबिन्सन ईसीबी की जाँच का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ये ट्वीट उन्होंने 2012 और 2013 में किए थे। इससे न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय शुरुआत से उनका ध्यान भी हट रहा है।

‘कोविशील्ड वैक्सीन लिया हुआ दूल्हा चाहिए, लड़की ने भी ले रखी है’ – अख़बार में छपा मैट्रिमोनियल एड वायरल – Fact Check

सोशल मीडिया पर एक मैट्रिमोनियल एड वायरल हो रहा है, जिसे किसी अख़बार में दिया गया लगता है। अख़बारों के इस सेक्शन में अक्सर ‘वर चाहिए’ और ‘वधू चाहिए’ लिखा होता है और उसमें बताया गया होता है कि वो स्त्री/पुरुष किस जाति-धर्म के होने चाहिए और कैसी होनी चाहिए। इसी तरह के एक वैवाहिक एड में दूल्हे के रूप में ऐसे लड़के की खोज की जा रही है, जिसे कोविशील्ड कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज ले रखी हो।

लोग पूछ रहे हैं कि क्या सचमुच किसी ने इस तरह का एड दिया है? क्या अब सचमुच लोग देशी एरेंज्ड मैरिज के लिए कोरोना का टीका लिए हुए दूल्हे/दुल्हन की खोज कर रहे हैं? रोमन कैथोलिक समुदाय की महिला द्वारा दिए गए इस एड में बताया गया है कि उसने खुद कोविशील्ड की दोनों खुराक ले रखी है और दूल्हा भी वैक्सीनेटेड होना चाहिए। 24 साल की लड़की ने लिखा है कि वो पोस्ट ग्रेजुएट है, हँसमुख है, धैर्य से काम लेती है और स्वतंत्र है।

इस अख़बार के कटआउट को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। आम लोगों के अलावा शशि थरूर जैसे हाईप्रोफाइल लोगों ने भी इसे शेयर किया। तिरुवनंतपुरम के कॉन्ग्रेस सांसद ने अपने ट्विटर हैंडल से इसे शेयर करते हुए लिखा कि वैक्सीनेटेड लड़की को दूल्हे के रूप में वैक्सीनेटेड लड़का चाहिए। उन्होंने लिखा कि अब मैरिज गिफ्ट के रूप में वैक्सीन के बूस्टर शॉट को प्राथमिकता दी जाएगी और साथ ही पूछा कि क्या अब ये सामान्य हो जाएगा?

लोगों को ये भी शंका थी कि ये एड सचमुच किसी ने दिया है या फिर किसी ने छेड़खानी की है कंटेंट को वायरल करने के लिए। एक यूजर ने लिखा कि अब मैट्रोमोनियल दुनिया में कोविड-19 वैक्सीन घुस गया है, इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब कोई इस तरह का एड आए कि शरीर में कोविड-19 का एंटीबॉडी विकसित कर चुके दूल्हे को ऐसी दुल्हन चाहिए, जिसके शरीर में प्रचुर मात्रा में कोविड-19 एंटीबॉडी हो।

‘शादी के लिए कोविशील्ड वैक्सीनेटेड दूल्हा चाहिए’ – क्या है एड की सच्चाई?

अब आपको बताते हैं कि इसकी सच्चाई क्या है। असल में ये सब गोवा के ही एक व्यक्ति ने शुरू किया था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कोरोना टीकाकरण कराएँ। सविओ फिगुरेईडो नामक व्यक्ति ने फेसबुक पर इसे शेयर किया था और लिखा था कि मैट्रिमोनियल का भविष्य यही है। इसके बाद से इलाके में कोरोना टीकाकरण केंद्रों पर लोग भी ज्यादा पहुँचने लगे। उन्होंने वैक्सीनेशन सेंटर के संपर्क नंबर के साथ इसे फेसबुक पर डाला था।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की खबर के अनुसार, 58 वर्षीय सविओ ने बताया कि ये एड वास्तविक नहीं है और उन्होंने ही इसे क्रिएट किया था, ताकि लोगों को जागरूक कर सकें। उन्होंने कहा कि उनके आश्चर्य का तब ठिकाना न रहा, जब कोलकाता, ओडिशा और मंगलुरु से उनके पास फोन कॉल आने लगे। लोगों ने इसे असली माना और उनके पास फोन कॉल्स आने लगे। हालाँकि, ये सकारात्मक सन्देश एक बड़े वर्ग तक पहुँचे, इसके लिए वो खुश हैं।

इसी फेसबुक पोस्ट के साथ शुरू हुआ था इस तस्वीर का वायरल होना

उन्होंने बताया कि उनके मन में इस तरह का एड क्रिएट करना करने का ख्याल इसीलिए आया, क्योंकि उन्होंने कई अपनों को कोरोना के कारण खोया है। उन्होंने बताया कि अपने कई करीबियों से वो वैक्सीन लेने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी और उनमें से कुछ की कोरोना के कारण मौत भी हुई। उन्होंने बताया कि किसी अपने को खोने के बाद वो दूसरों को उत्साहित करना चाहते थे, इसीलिए लगातार फोन कॉल्स आने से भी वो परेशान नहीं हैं।

कोरोना वैक्सीन लगवाइए, इनाम में गाँजा पाइए: अमेरिका में ‘जॉइंट फॉर जैब्स’ योजना, 1 डोज के बदले 1 रोल्ड जॉइंट

अमेरिकी प्रशासन ने कोरोना टीकाकरण अभियान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए एक बड़ा ही रोचक तरीका निकाला है। अमेरिका के वाशिंगटन राज्य में ‘जॉइंट फॉर जैब्स’ के तहत कोरोना का टीका लगवाने वाले हर व्यक्ति को गाँजा (Marijuana) दी जा रही है। अमेरिका में कोरोना टीकाकरण अभियान अब धीमा हो गया है और लोगों को उत्साहित करने के लिए ये कदम उठाया गया है। उम्मीद जताई गई है कि इससे ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने पहुँचेंगे।

कोरोना का टीका लगवाने वाले 21 वर्ष से अधिक की उम्र वाले प्रत्येक व्यक्ति को एक ‘रोल्ड जॉइंट’ मिलेगा। असल में अमेरिका के कई राज्यों में गाँजा को ‘रीक्रिएशनल प्रयोग’ के लिए मान्यता प्राप्त है। अर्थात, इन राज्यों में दवा के रूप में इसका उपयोग होता है। उत्तर-पश्चिमी अमेरिकी राज्य में स्थित ‘कैनबिस डिस्पेंसरीज’ को इस चीज की अनुमति दी गई है कि वो कोरोना का टीका लगवाने वालों को गाँजा दें।

इससे पहले भी अमेरिका में इस तरह के प्रयोग हो चुके हैं। वहाँ के बार और क्लबों को अनुमति दी गई थी कि वो एक निश्चित अवधि में कोरोना वैक्सीन लेने वाले लोगों को मुफ्त में ड्रिंक या एक्स्ट्रा बियर सर्व करें। ताज़ा आँकड़ों की बात करें तो वाशिंगटन की आधी से अधिक जनसंख्या (54%) ने कम से कम कोरोना का एक टीका लगवा लिया है। पिछले कुछ हफ़्तों में कोरोना के प्रभाव में कमी आने के बाद ये रफ़्तार धीमी पड़ गई है।

इसीलिए, तरह-तरह की योजनाओं के जरिए इसे वापस पटरी पर लाने की तैयारी जारी है। कैलिफोर्निया और ऑहियो जैसे राज्यों ने तो ‘वैक्सीन लॉटरी’ निकाली है, जिसके तहत वैक्सीन लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कैश इनाम या फिर स्कॉलरशिप पाने का मौका मिल सकता है। कइयों में से चुने हुओं को ही ऐसे इनाम मिलते हैं, लेकिन इस लालच में लोग टीकाकरण केंद्रों तक पहुँचते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स टिकट्स और फ्लाइट टिकट्स जैसे ऑफर्स भी दिए जा रहे हैं।

एरिज़ोना की ‘कैनबिस डिस्पेंसरी’ ने तो वैक्सीन लेने पर गाँजा देने वाली योजना शुरू भी कर दी है। जुलाई 12 तक इन अस्पतालों को ये योजना चलाने की अनुमति मिली है। राष्ट्रपति जो बायडेन का लक्ष्य है कि जुलाई 4 तक देश के 70% लोगों को कोरोना वैक्सीन लग जाए। इस दिन अमेरिका स्वतंत्रता दिवस भी मनाने वाला है। अब तक अमेरिका में 63.7% जनसंख्या को कोरोना का टीका दिया जा चुका है।