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पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने लाइव इंटरव्‍यू में लगाए इजरायल पर ”बिना सबूत” गंभीर आरोप, एंकर ने लताड़ते हुए कहा, ‘यहूदी विरोधी’

पाकिस्‍तान के व‍िदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एक लाइव इंटरव्यू में इजरायल के खिलाफ विवादित टिप्पणी की, जिसके लिए एंकर ने उन्हें यहूदी-विरोधी करार दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार (20 मई 2021) को टीवी चैनल सीएनएन के लाइव इंटरव्‍यू में कुरैशी ने बिना किसी ठोस सबूत के कहा कि इजरायल ”डीप पॉकेट्स” (अत्यधिक पैसे के लिए प्रयोग किया जाने वाला अमेरिकी स्लैंग) के बावजूद ”मीडिया युद्ध” में हार रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने आरोप लगाया क‍ि इजरायल मीडिया को न‍ियंत्रित कर रहा है। अपने इस बयान को लेकर अमेरिकी न्यूज चैनल की यहूदी एंकर का विरोध झेलना पड़ा।

संयुक्‍त राष्‍ट्र में इजरायल को घेरने के लिए अमेरिका पहुँचे कुरैशी ने गुरुवार (20 मई 2021) को एक लाइव इंटरव्यू में इजराइल-हमास संघर्ष पर चर्चा के दौरान कहा कि इजरायल हार रहा है। अपने संबंधों के बाद भी वह मीडिया युद्ध में हार रहा है। इसको लेकर उन्हें सीएनएन की एंकर की कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने इजरायल को बताया मीडिया को नियंत्रित करने वाला

दरअसल, सीएनएन की एंकर बियाना गोलोड्रीगा (Bianna Golodryga) के साथ इंटरव्‍यू में अपने बड़बोलेपन के लिए कुख्यात कुरैशी ने कहा, ”इजरायल के पास “डीप पॉकेट” है और वह मीडिया को नियंत्रित करता है। अपने संबंधों के बावजूद इजरायल हमास के खिलाफ अपनी लड़ाई में मीडिया युद्ध में हार रहा है।” गोलोड्रीगा ने पूछा कि आप किस तरह के संबंध की बात कर रहे हैं। इसको लेकर कुरैशी ने हँसते हुए जवाब दिया, ”हाहाहा डीप पॉकेट।” इसका मतलब पूछे जाने पर पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने कहा कि ”इजरायल मीडिया को नियंत्रित करता है।” वे बहुत प्रभावशाली हैं।” इस पर यहूदी एंकर ने पाकिस्तान के मंत्री को करारी फटकार लगाते हुए कहा कि आप यहूदी विरोधी हैं।

मैं इसे यहूदी विरोधी टिप्‍पणी मानती हूँ: CNN एंकर

कुरैशी के इस बयान पर गोलोड्रीगा ने उन्हें घेरते हुए कहा, ”मैं इसे यहूदी विरोधी टिप्‍पणी मानती हूँ।” इस पर मंत्री ने जोर देकर कहा कि वह यहूदी विरोधी बातचीत को सही नहीं ठहरा रहे हैं, तो सीएनएन की एंकर ने कुरैशी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने एक यहूदी विरोधी बयान के साथ अपनी बातचीत शुरू की। एंकर ने कहा कि मुझे खेद है कि मैं व्यक्तिगत रूप से एक पत्रकार के रूप में आपकी बातों से आहत हूँ। आपने यह सुझाव देकर शुरुआत की है कि मीडिया में इजरायल के करीबी और शक्तिशाली दोस्त हैं। यह एक यहूदी विरोधी बयान है। गोलोड्रीगा द्वारा कुरैशी को लताड़ने का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इसके बाद जब सीएनएन की एंकर ने चीन में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ अत्‍याचार के मुद्दे को उठाया तो वह बगले झाँकने लगे। कुरैशी ने कहा कि वह इसके बारे में सार्वजनिक रूप से कोई टिप्‍पणी नहीं करेंगे।

कुरैशी ने आगे कहा, “मैं किसी भी रॉकेट हमले को सही नहीं ठहराऊँगा और मैं हवाई हमलों को भी सही नहीं ठहरा सकता, जो इजरायल द्वारा किए जा रहे हैं। मैं इसके लिए उन्हें माफ नहीं कर सकता।”

इंटरव्यू के कुछ मिनट बाद जब कुरैशी ने सुझाव दिया कि फिलिस्तीनियों और इजरायलियों के लिए युद्धविराम एकमात्र विकल्प है, तो यहूदी एंकर पूछती हैं कि क्या पाक मंत्री द्वारा सुझाए गए समाधानों में यहूदी विरोध शामिल है।

इससे पहले कुरैशी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की थी कि फिलिस्तीन में हिंसा को बंद कराया जाए। उन्‍होंने कहा कि अब वह समय आ गया है, जब कहा जाए कि बहुत हो गया। कुरैशी तुर्की के विदेश मंत्री के साथ अमेरिका पहुँचे हैं। बता दें कि कुरैशी अपने इस बयान के लिए अब सोशल मीडिया में जमकर ट्रोल हो रहे हैं।

इस बीच, इजरायल और हमास ने शुक्रवार तक गाजा पट्टी सीमा पर संघर्ष विराम पर सहमति जताई है, जिससे 11 दिनों की बमबारी समाप्त हो गई। इजरायल और हमास दोनों ने संघर्ष में जीत का दावा किया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गाजा और इजरायल के बीच युद्धविराम का स्वागत किया।

चीन को डबल झटका: 2 लाख की आबादी वाले समोआ ने ₹729 करोड़ का प्रोजेक्ट रोका, EU के साथ निवेश संधि अटकी

पिछले कुछ दिनों में चीन को दोहरा झटका लगा है। समोआ ने उसके एक महत्वाकांक्षी परियोजना को रद्द कर दिया है। यूरोपियन संसद ने निवेश संधि पर रोक लगा दी है।

समोआ ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप का एक द्वीपीय देश है। उसकी आबादी करीब 2 लाख है। प्रोजेक्ट रद्द करने के उसके फैसले से ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप में रणनीतिक स्थिति मजबूत करने की मुहिम को तगड़ा झटका लगा है।

वहीं, यूरोपीय यूनियन के साथ निवेश संधि को लेकर संसद में गुरुवार (20 मई 2021) को मतदान हुआ। 599 सदस्यों ने संधि पर रोक के पक्ष में मतदान किया। 30 ने संधि का समर्थन किया, जबकि 58 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

यूरोपीय यूनियन और चीन की निवेश संधि को कॉम्प्रेहेंसिव एग्रीमेंट ऑन इनवेस्टमेंट (CAI) का नाम दिया गया था। इस पर तब तक रोक लगी रहेगी जब तक चीन यूरोपीय यूनियन के अधिकारियों और संगठनों के खिलाफ लगाए गए बैन को नहीं हटाता। दरअसल चीन ने आरोप लगाया था कि यूनियन के अधिकारी और कुछ संगठन चीन के शिनजियांग प्रांत में चीन की कम्युनिस्ट सरकार के द्वारा मानव अधिकारों के उल्लंघन की झूठी अफवाह फैला रहे हैं।

ऐसे में अब चीन अपने ही बनाए हुए जाल में फँसा हुआ नजर आता है, क्योंकि यदि चीन बैन हटाता है तो शिनजियांग प्रांत में मानव अधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा फिर से जोर पकड़ेगा। वहीं बैन नहीं हटाने पर निवेश संधि अटकी रहेगी।

पिछले कुछ समय से कई छोटे-बड़े देश चीन के खिलाफ खुल कर निर्णय ले रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया ने भी कुछ हफ्तों पहले चीन के साथ बेल्ट एण्ड रोड इनिशिएटिव (BRI) के अंतर्गत किए गए समझौते रद्द कर दिया था। ऑस्ट्रेलिया ने कहा था कि चीन के साथ किए गए ये समझौते उसकी विदेश नीति के हित में नहीं हैं।

अब वैसा ही रुख ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप में स्थित समोआ ने दिखाया है। समोआ का यह रुख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसकी जनसंख्या हमारे देश के कई छोटे जिलों के बराबर है।

मात्र 2,831 वर्ग किमी में फैले और लगभग 2,00,000 की जनसंख्या वाले समोआ ने 100 मिलियन डॉलर (लगभग 729 करोड़ रुपए) का चीन का पोर्ट प्रोजेक्ट रद्द कर दिया है। चीन अरसे से सामरिक महत्व वाले देशों को अपने कर्ज के जाल में फँसा वहाँ रणनीतिक रूप से पहुँच बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। ऐसे में समोआ ने उसे जोरदार झटका दिया है।

समोआ द्वीप की रणनीतिक स्थिति

समोआ के पूर्व प्रधानमंत्री तुईलीफा मालिया लेगोआय चीन समर्थक माने जाते रहे हैं और उन्हीं के शासनकाल में पोर्ट प्रोजेक्ट मँजूर हुआ था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस पर काम आगे नहीं बढ़ पाया। इसी बीच वहाँ सत्ता परिवर्तन हुआ और लेगोआय चुनाव हार गए। उनकी जगह फियामे नाओमी मटाफ़ा ने सत्ता सँभाली।

समोआ की पहली महिला प्रधानमंत्री ने निर्णय लिया कि उनके देश में चीन का यह पोर्ट प्रोजेक्ट रद्द किया जाएगा। मटाफ़ा ने चीन के पोर्ट प्रोजेक्ट को रद्द करने पीछे कारण बताया, “समोआ एक छोटा सा देश है और यहाँ के बंदरगाह और एयरपोर्ट हमारी जरूरतों की पूर्ति के लिए पर्याप्त हैं। हमारे पास कई ऐसे सरकारी प्रोजेक्ट्स हैं जिन्हें प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है और इसलिए हम चीन का यह प्रोजेक्ट रद्द कर रहे हैं।“

समोआ के अलावा प्रशांत क्षेत्र में स्थित पलाओ द्वीप समूह ने भी चीन के खिलाफ ऐसा ही रूख अपनाया था। दुनिया के सबसे छोटे देशों में से एक पलाओ ने भी चीन को लेकर यह स्पष्ट किया कि वह अब चीन के चंगुल में नहीं फँसना चाहता है। पलाओ उन 15 देशों में से है जिन्होंने ताइवान को मान्यता दी है। पलाओ का कहना है कि यदि ताइवान के साथ खड़ा होने वाला वह आखिरी देश होगा तो भी यह उसे मँजूर है।

पलाओ में भी पहले चीन समर्थित सरकार थी लेकिन पिछले साल ही 52 वर्षीय सुरांगेल व्हिप्स सत्ता में आए और राष्ट्रपति बने जिन्होंने चीन के साथ अपने संबंधों पर पुनर्विचार करना प्रारंभ किया। इसी साल मार्च में चीन के दबाव के बावजूद पलाओ के राष्ट्रपति व्हिप्स ने ताइवान की यात्रा की थी।

समोआ और पलाओ जैसे छोटे देश दुनिया के उन बड़े देशों को रास्ता दिखा रहे हैं जो चीन के बुने हुए जाल में फँसने से खुद को रोक नहीं पा रहे। हालाँकि यह एक उम्मीद के तौर पर भी देखा जाना चाहिए कि आज दुनिया कई देशों ने चीन के खिलाफ अपना रवैया स्पष्ट करना शुरू कर दिया है।

PM मोदी की लंबी उम्र की कामना करने वाले को पंजाब पुलिस ने किया गिरफ्तार, पत्नी हैं सरपंच

पंजाब में बठिंडा स्थित गांव बीड़ तालाब की महिला सरपंच राजपाल कौर के पति गुरमेल सिंह खालसा को गुरुवार (20 मई 2021) को गिरफ्तार कर लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरमेल सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंबी उम्र के लिए अरदास की थी। इसको लेकर वकील हरपाल सिंह खारा की शिकायत पर पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप में गुरमेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

बताया जा रहा है कि गुरमेल सिंह ने अपनी अरदास में पंजाब में भाजपा द्वारा दलित समुदाय से मुख्यमंत्री चेहरे का ऐलान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना की और उनकी लंबी उम्र के लिए अरदास की थी। इसके अलावा उन्होंने अपनी अरदास में एक परिवार द्वारा गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने और उसका इंसाफ न मिल पाने का भी जिक्र किया था।

गुरमेल ने कहा कि दो परिवार पंजाब को लूट रहे हैं, इसलिए किसी अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाए। साथ ही उन्होंने डेरा प्रमुख की रिहाई कराने की बात भी की।

मालूम हो कि देश के प्रधानमंत्री मोदी की लंबी उम्र माँगते हुए गुरमेल ने उस फैसले की सराहना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब में इस बार मुख्यमंत्री दलित समुदाय से बनाया जाएगा। बठिंडा थाना सदर के SHO बंत सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए ​कहा कि पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि भाजपा के प्रदेश सचिव सुखपाल सिंह सरां ने दलित समुदाय से संबंधित गुरमेल सिंह की गिरफ्तारी के खिलाफ एससी आयोग में शिकायत की है। इस पर कमीशन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बठिंडा के एसएसपी व डीसी से जवाब तलब कर लिया है। सुखपाल ने कहा कि गुरमेल सिंह ने पीएम मोदी द्वारा पंजाब में दलित मुख्यमंत्री बनाने के ऐलान व उनकी तंदुरुस्ती के लिए अरदास की है। इसी कारण उन पर केस दर्ज किया गया है, जिसे तुरंत रद्द किया जाए।

‘फिलिस्तीन के दर्द को महसूस कीजिए’: गौहर खान ने फैंस से की इजरायली उत्पादों के बहिष्कार की अपील, ‘तांडव’ में दिखी थीं

भारतीय अभिनेत्री एवं मॉडल गौहर खान ने इजरायल और फिलिस्तीन के बीच पिछले 10 दिनों से चल रहे युद्ध पर टिप्पणी की है। गौहर खान ने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए इजरायली प्रोडक्ट्स एवं कंपनियों के बहिष्कार का आह्वान किया है। गौहर खान ने उन कंपनियों की सूची भी शेयर की, जिनका बहिष्कार करने को उन्होंने अपने फैंस से कहा है। हालाँकि, अब इजरायल और फिलिस्तीन के बीच फ़िलहाल के लिए संघर्ष विराम हो गया है।

गौहर खान ने खुलेआम फिलिस्तीन का समर्थन किया। दिसंबर 2013 में ‘बिग बॉस 7’ का ख़िताब जीत कर सुर्ख़ियों में आईं गौहर खान ने इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर करते हुए लिखा कि अगर आप ‘फिलिस्तीन के साथ हो रहे अत्याचार’ के दर्द को जरा भी महसूस करते हैं तो इन इजरायली उत्पादों का बहिष्कार करें। उन्होंने खास तौर पर Nestle और L’Oreal के प्रोडक्ट्स के बहिष्कार करने की अपील की।

गौहर खान 2019 और 2020 में ‘बिग बॉस’ के 13वें और 14वें संस्करणों में भी बतौर अतिथि हिस्सा ले चुकी हैं। उससे पहले ‘बिग बॉस’ के सीजन 8, 10, 11 और 12 में भी वो दिखी थीं। हिन्दू विरोधी कंटेंट के कारण विवादों में आई ‘तांडव’ के साथ उन्होंने वेब सीरीज में डेब्यू किया है। गौहर खान की पिछली फिल्म ‘9 ऑवर्स इन मुंबई’ थी, जो 2018 में आई थी। उससे पहले वो 2017 में ‘बेगम जान’ और ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ में दिखी थीं।

गौहर खान ने की इजरायली उत्पादों के बहिष्कार की अपील

जहाँ तक इजरायल-फिलिस्तीन विवाद का सवाल है, इस पर कंगना रनौत और नोरा फ़तेही जैसी अभिनेत्रियों ने भी अपनी बात रखी है। जहाँ कंगना ने इजरायल का खुला समर्थन किया, फतेही ने कहा था कि कोई ये नहीं चुन सकता कि किसका मानवाधिकार ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल की सेना फिलिस्तीनियों को जबरन घर से बाहर निकाल रही है। नोरा फतेही ने कई इंस्टाग्राम स्टोरीज शेयर कर के आरोप लगाया था कि इजरायल की सेना ने मस्जिद में घुस कर गोलीबारी की।

अंटार्कटिका में टूटा 170 KM लंबा, 25 KM चौड़ा दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड, क्या है खतरा, क्यों टूटा? जानिए

अंटार्कटिका महाद्वीप में दुनिया का का सबसे बड़ा हिमखंड टूटकर अलग हो गया है। इसे करीब 170 किमी लंबा और 25 किमी चौड़ा बताया जा रहा है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी के कॉपरनिकस सेटेलाइट से खींची तस्वीरों के मुताबिक, यह रोने आइस शेल्फ से टूटकर अलग हुआ है, जिसे A-76 नाम दिया गया है। टूटने के बाद ये हिमखंड वेड्डले सागर में तैर रहा है। यूएस नेशनल आइस सेंटर के मुताबिक, यह 13 मई 2021 को टूटा था।

यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने कहा है कि करीब 4325 वर्ग किमी से अधिक के क्षेत्रफल वाला आइसबर्ग A-76 न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड से बड़ा है और प्यूर्टो रिको के आकार से आधा का बताया जा रहा है। ये इतना बड़ा है कि दिल्ली (1483 वर्ग किमी) जैसे तीन शहर उसमें समा सकते हैं।

”हिमखंड टूटने की घटना प्राकृतिक”

वैज्ञानिकों ने कहा है कि करीब 4 हजार वर्ग किमी से अधिक के क्षेत्र वाला यह विशाल आइसबर्ग अब धीरे-धीरे आगे की ओर खिसक रहा है। इसके टूटने की खबर का खुलासा सबसे पहले अंटार्कटिका सर्वे की टीम ने किया था। हालाँकि, वैज्ञानिकों का मानना है कि इसके टूटने से तुरंत समुद्र के जलस्तर के बढ़ने के कोई आसार नहीं है, लेकिन ये ग्‍लेशियर्स के बहाव की गति को धीमा कर सकता है।

हालाँकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके टूटने के पीछे ग्लोबल वार्मिंग नहीं, बल्कि प्राकृतिक कारण हैं। लेकिन वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अंटार्कटिका महाद्वीप धरती के दूसरे हिस्सों की अपेक्षा बहुत अधिक तेजी से गर्म हो रहा है और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमखंडों के टूटने से 1880 के बाद से अब तक समुद्र का जलस्तर 9 इंच तक बढ़ चुका है।

तेजी से गर्म हो रहा अंटार्कटिका

नेशनल स्नो एँड आइस डेटा के मुताबिक, इससे फिलहाल जलस्तर में किसी प्रकार बढ़ोतरी नहीं हो रही है, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर इसमें इजाफा हो सकता है।

पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च (PICIR) ने दावा किया है कि पिछले 100 वर्षों में दुनिया के समुद्र तल में 35 फीसदी की बढ़ोतरी केवल ग्लेशियरों के पिघलने से हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 महीने पहले भी अंटार्कटिका में एक आइसबर्ग टूटकर अलग हो गया था। उसे वैज्ञानिकों ने 68 ए नाम दिया था। यह आइसबर्ग अंटार्कटिका की लार्सन सी चट्टान से टूटा था और यह करीब 5,800 वर्ग किमी का था।

खत्म हुआ तरुण तेजपाल के जीवन में मचा ‘तहलका’, यौन शोषण के सभी आरोपों से बरी: लेकिन 2 दिन पहले बयान कैसे?

गोवा की एक अदालत ने पत्रकार तरुण तेजपाल को यौन शोषण व रेप के सभी आरोपों से बरी कर दिया है। ‘तहलका’ पत्रिका के पूर्व प्रधान संपादक पर 2013 में उनकी एक महिला साथी ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इस तरह से 8 वर्ष बाद तरुण तेजपाल इन आरोपों से बरी हुए हैं। अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने शुक्रवार (मई 21, 2021) को फैसला सुनाया। इस मामले में तरुण तेजपाल की गिरफ़्तारी भी हुई थी।

हालाँकि, वो बाद में जमानत देने में भी कामयाब रहे थे। आरोप था कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान लिफ्ट में अपनी महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया था। पीड़िता के अनुसार, ये घटना गोवा के ही फाइव स्टार होटल में हुई थी। जस्टिस क्षमा जोशी ने 8 मार्च को ही इस मामले की अंतिम दलील सुन ली थी और बुधवार (मई 19, 2021) को ही इस मामला का फैसला सुनाया जाना था। लेकिन, फैसले की तिथि को 2 दिन टाल दिया गया था।

इससे पहले भी कई बार फैसले की तिथि को टाला गया था। बताया गया था कि कोरोना महामारी के कारण कोर्ट में कर्मचारियों की कमी थी। गौर करने वाली बात ये भी है कि तरुण तेजपाल व उनके परिवार ने निर्दोष सिद्ध होने के बाद जो बयान जारी किया है, उस पर प्रिंट में मार्च 19, 2021 की तारीख दर्ज है, जिसे काट कर मार्च 21, 2021 बनाया गया है। लोगों का पूछना है कि तरुण तेजपाल फैसले को लेकर इतने निश्चित कैसे थे?

हालाँकि, ये टाइपिंग मिस्टेक भी हो सकती है। तरुण तेजपाल ने अपने बयान में अपने वकील राजीव गोम्स को श्रद्धांजलि दी है, जिनका पिछले हफ्ते कोरोना के कारण निधन हो गया था। उन्होंने लिखा कि उनके जीवन और प्रतिष्ठा के लिए राजीव ने लंबी लड़ाई लड़ी, जो हमेशा कहा करते थे कि वो रुपए के लिए काम नहीं करते। उन्होंने जस्टिस क्षमा जोशी को ‘सच्चाई के साथ खड़े होने’ के लिए धन्यवाद दिया।

तरुण तेजपाल ने निर्दोष साबित होने के बाद जारी किया बयान

तरुण तेजपाल ने कहा है कि इस वक़्त उन्हें और उनके परिवार को प्राइवेसी चाहिए, इसीलिए वो कोई और बयान जारी नहीं करेंगे। लेकिन, उन्होंने कहा कि सही समय आने पर वो पूरे डिटेल के साथ अपना बयान जारी करेंगे। तरुण तेजपाल मई 2014 से ही जमानत पर बाहर हैं। फरवरी 2014 में उनके खिलाफ 2846 पन्नों की चार्जशीट गोवा पुलिस ने दायर की थी। इस मामले की FIR नवंबर 2013 में ही दर्ज की जा चुकी थी।

पत्रकार तरुण तेजपाल पर IPC की धारा 342 (गलत तरीके से रोकना), 342 (गलत मंशा से कैद करना), 354 (गरिमा भंग करने की मंशा से हमला या आपराधिक बल का प्रयोग करना), 354-ए (यौन उत्पीड़न), 376 (2) (महिला पर अधिकार की स्थिति रखने वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) और 376 (2) (के) (नियंत्रण कर सकने की स्थिति वाले व्यक्ति द्वारा बलात्कार) के तहत मुकदमा चलाया गया था।

‘कपड़े बदलती स्कूली लड़कियों का वीडियो, निकिता तोमर मर्डर कनेक्शन’: आसिफ की ‘मॉब लॉन्चिंग’ पर स्थानीय लोगों का खुलासा

नूँह जिला स्थित खेड़ा खलीलपुर गाँव के आसिफ नाम के व्यक्ति की रविवार (मई 16, 2021) को कुछ लोगों ने हत्या कर दी। इसे मेवात के कुछ लोगों व इस्लामी कट्टरवादियों ने सोशल मीडिया पर ‘हिंदुओं द्वारा मॉब लिंचिंग’ के तौर पर प्रचारित करके सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया गया। इन पोस्ट्स व ट्वीट्स में आसिफ को बिल्कुल निर्दोष और सीधा-सादा बताया गया है। लेकिन, स्थानीय मीडिया व लोगों की मानें तो इस घटना के कुछ और पहलू भी हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार (वीडियो में यह आरोप साफ सुन सकते हैं), आसिफ करीब 10 साल पहले अपने ही गाँव में एक स्कूल के कार्यक्रम में लड़कियों के कपड़े बदलते हुए वीडियो बनाने के आरोप में पकड़ा गया था। तब ग्रामीणों ने आपस में सुलह करा दिया था। लेकिन, तभी से ही आसिफ और लड़की के परिजनों के बीच कटुता का भाव पैदा हो गया था और आए दिन झगड़े होते थे। 2010 में सोहना के अभयपुर गाँव में हुई हत्या की एक वारदात में भी आसिफ का नाम आया था।

आसिफ (30 साल) के पिता का नाम ज़ाकिर है और वो रोजका नेव थाना क्षेत्र के खेड़ा सलीलपुर का निवासी है। उसके खिलाफ सदर थाना सोहना में अगस्त 2018 में मुकदमा (संख्या 275) दर्ज किया गया था, जिसमें IPC की धारा 342 (किसी व्यक्ति को गलत तरीके से प्रतिबंधित करना), 379b (छीना-झपटी) और सशस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए थे। साथ ही मार्च 2020 में 8 धाराओं में नूँह थाने में मामला (मुकदमा संख्या 96) दर्ज किया गया था।

एक स्थानीय व्यक्ति ने आसिफ की मौत को लेकर बनाया वीडियो

ABVP के दिल्ली विश्वविद्यालय यूनिट के अध्यक्ष सत्येंद्र अवाना के अनुसार, फरीदाबाद में निकिता तोमर की जिन बदमाशों ने ‘लव जिहाद’ प्रकरण में हत्या की थी, वो भी आसिफ की गैंग के सदस्य थे।उन्होंने बताया कि आसिफ लूटपाट करता था, जिसका केस आज भी उत्तर प्रदेश पुलिस में चल रहा है और वो डेढ़ साल की जेल भी काट के आया था। जबकि सोशल मीडिया पर हिन्दू आतंकवाद और मॉब लिंचिंग वाला नैरेटिव फैलाते हुए ऐसा दिखाया जा रहा है जैसे ‘जय श्रीराम’ न बोलने पर युवक की हत्या की गई है।

स्थानीय लोगों की मानें तो आसिफ की हत्या के मुख्य आरोपित पटवारी को आसिफ व उसके साथियों ने 2-3 महीने पहले घेरकर पीटा था व जान से मारने का प्रयास किया था। पटवारी उस समय अपनी जान बचाकर बड़ी मुश्किल से किसी तरह भाग गया था, जो कि इस घटना की मुख्य वजह मानी जा रही है। इस घटना के होने के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप मुस्लिम समुदाय के असामाजिक तत्वों द्वारा संतलाल सरपंच खेड़ा खलीलपुर की जिम में लूटपाट करके तोड़फोड़ की गई व आग भी लगाई गई।

तब नूँह में बाईपास पर जाम लगाया गया था और पुलिस के द्वारा जाम हटाने पर पुलिस पर पत्थरबाजी की गई थी, जिसका वीडियो अब भी लोगों के पास है। पुन्हाना विधानसभा के विधायक इलियास खान व उसके बेटे जावेद ने भी इस तरह का कार्टून ट्विटर व फेसबुक पर पोस्ट किया है, जिससे ‘हिन्दू आतंकवाद’ वाली कथित थ्योरी को आगे बढ़ाया जा सके। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने कई निर्दोष युवाओं को भी आरोपित बनाया है।

11 कंपनियाँ को ब्लैक फंगस की दवा बनाने की मंजूरी: संक्रमितों की सँख्या 5000+, कई राज्यों में महामारी घोषित

कोरोना वायरस के कहर के बीच देश में ब्लैक फंगस (म्यूकोरमायकोसिस) का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। इसके संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इसे महामारी घोषित करने को कहा है। बीते एक महीने में देशभर में इसके 5,000 से भी अधिक संक्रमित मिल चुके हैं और 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

केंद्र के आह्वान पर असम, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, पंजाब और हरियाणा सरकार ने महामारी एक्ट की धारा 1897 के तहत ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है।

देश में 11 कंपनियाँ बना रही ब्लैक फंगस की दवा

इस बीच केंद्र सरकार ने इसके इलाज के लिए भारत सीरम, मिलन, बीडीआर फार्मा, सन फार्मा, लाइफ केयर और सिप्ला के बाद पाँच और कंपनियों एमक्योर फार्मा, नेटको, गुफिक बायोसाइंसेज, एलेंबिक फार्मा और लयका फार्मा को ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली दवा (एंफोटेरेसिन बी) के निर्माण की इजाजत दे दी है। इसी के साथ देश में म्यूकोरमायकोसिस की दवा बनाने वाली 11 कंपनियाँ हो गई हैं।

इस बात की जानकारी देते हुए रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि देश में ब्लैक फंगस के इंजेक्शन (एंफोटेरेसिन बी) को बना रही कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने के लिए पहले ही कहा जा चुका है। मंडाविया ने कहा कि ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाली एंटी-फंगल दवा एंफोटेरेसिन बी की कमी दूर करने का हर प्रयास किया जा रहा है। मंडाविया ने बताया कि भारतीय कंपनियों ने भी एंफोटेरेसिन बी (AmphotericinB) की 6 लाख शीशियों के आयात के ऑर्डर दिए हैं।

मौजूदा समय में देश में 3.80 लाख इंजेक्शन का उत्पादन हर महीने किया जा रहा है। इसके एक इंजेक्शन की कीमत करीब 7,000 रुपए है और एक मरीज को करीब 50-150 इंजेक्शन के डोज की आवश्यकता हो सकती है। देश में इसके संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। साथ ही साथ ही सरकार ने इसके इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन के तीन लाख इंजेक्शन का आयात किया है, जो कि इसी महीने 31 मई तक मिल जाएँगे।

किस राज्य में कितने मरीज

गुजरात: ब्लैक फंगस का संक्रमण तेजी से सभी राज्यों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। अकेले गुजरात में ही अब तक इसके 1163 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। इससे 40 से अधिक लोगों की जानें गई हैं।

महाराष्ट्र: राज्य में अब तक ब्लैक फंगस के 1500 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं, जिनमें 90 की मौत हो चुकी है तो 500 लोग इससे ठीक भी हो चुके हैं। जबकि, 850 एक्टिव केस हैं।

हरियाणा: यहाँ इसके 226 संक्रमित मिले थे, जिनमें से अब तक 14 मरीजों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में इसके 200 से भी ज्यादा संक्रमितों को अब तक डिटेक्ट किया जा चुका है और इससे एक की मौत हुई है।

तमिलनाडु: तमिलनाडु में भी अब तक 9 मरीजों की पहचान हो चुकी है।

बिहार: यहाँ म्यूकोरमायकोसिस के 50 से अधिक मरीजों की पहचान हो चुकी है, जिसमें से दो की मौत भी चुकी है।

उत्तर प्रदेश: यूपी में अब तक इस महामारी के 120 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 13 लोगों की मौत हो गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य में ब्लैक फंगस के अब तक 90 संक्रमितों की पहचान हो चुकी है। वहीं दुर्ग में इसके कारण एक मरीज की मौत भी हुई है।

हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्य हिमाचल में भी ब्लैक फंगस का एक संक्रमित मिला है।

उत्तराखंड: यहाँ इसके 30 मरीजों की पहचान हो चुकी है जबकि तीन लोगों की संक्रमण के चलते मौत भी हो चुकी है।

झारखंड: राज्य में ब्लैक फंगस की दवा एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की किल्लत के बीच यहाँ 4 मरीजों की मौत हो गई है। वहीं 15 लोगों का इलाज किया जा रहा है।

ओडिशा: यहाँ 5 मरीजों के मिलने और एक की मौत के बाद नवीन पटनायक सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

तेलंगाना: यहाँ भी अब तक 80 मरीजों में फंगस की पुष्टि हो चुकी है। सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।

आंध्र प्रदेश: राज्य में इस फंगस के अब तक 250 से अधिक मामलों की पुष्टि हो चुकी है। जगन रेड्डी सरकार ने इससे निपटने के लिए एंफोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के 15 हजार बॉयल का ऑर्डर किया है।

कर्नाटक: राज्य में अब तक 97 मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हो चुकी है। बेंगलुरु में इसका डेडिकेटेड सेंटर बनाया गया है।

मध्य प्रदेश: यहाँ एक सप्ताह के भीतर ही 281 मरीजों में ब्लैक फंगस का असर दिखा है। अब तक 27 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

राजस्थान: अशोक गहलोत सरकार ने भी इसे महामारी घोषित कर दिया है। राज्य में 100 से अधिक संक्रमित मिल चुके हैं।

केरल: केरल में अब तक ब्लैक फंगस के 15 मरीजों की पहचान हो चुकी है।

असम: इस पूर्वोत्तर राज्य में गुरुवार (20 मई 2021) को ब्लैक फंगस के कारण पहली मौत हुई थी।

गौरतलब है कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, ओडिशा व तेलंगाना ने म्यूकोरमायकोसिस के संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया है।

122 को लील गया Tauktae तूफान, 2.6 लाख लोग राहत कैंपों में: डूबे जहाज से 188 को नौसेना ने बचाया

भारत के कई राज्यों में तौकते तूफ़ान ने खूब तबाही मचाई है। इस तूफ़ान से जहाँ अब तक 122 लोगों के मारे जाने की सूचना है। इनमें से 37 तो बार्ज P-305 नामक जहाज पर थे, जो डूब गया। ये मुंबई के तट से 35 मील (56.32 किलोमीटर) की दूरी पर डूबा। आपदा प्रबंधन का कार्य देखने वाले गृह मंत्रालय के प्रकोष्ठ ने कहा कि 6 राज्यों से करीब 2.6 लाख लोगों को खतरे वाले तटीय इलाकों से सुरक्षित हटाया गया।

इनमें से 2.38 लाख लोग गुजरात के हैं, जबकि बाकी के 22 हज़ार लोग अन्य 5 राज्यों के हैं। इन सभी को राहत कैम्पों में रखा गया है। 47 मौतों के साथ तौकते तूफ़ान का सबसे ज्यादा असर गुजरात पर ही पड़ा है। समुद्र तौकते तूफ़ान सबसे पहले गिर सोमनाथ में ही पहुँचा। 77,000 बिजली के पोल ध्वस्त हो गए, वहीं 70,000 से अधिक पेड़ भी उखड़ गए। इससे कई इलाकों में बिजली ठप हो गई और सड़क जाम लग गया।

गुजरात आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य की 368 सरकारी इमारतों को इस तूफ़ान ने नुकसान पहुँचाया है। गुजरात में 1143 किलोमीटर सड़क मार्ग को भी इस तूफ़ान ने तबाह कर दिया। तौकते ने केरल में 356 किलोमीटर और कर्नाटक में 58 किलोमीटर सड़क मार्ग को भी तबाह किया। गुजरात में 130 कोविड-19 अस्पतालों को तौकते ने नुकसान पहुँचाया, जिनमें से 98 की मरम्मत कर के फिर से चालू कर दिया गया है।

जहाँ तक P-305 बरज (माल लादने या लोगों को ले जाने वाली संकरी नाव) का सवाल है, भारतीय नौसेना को अब तक इस पर सवार लोगों की 49 लाशें मिल चुकी हैं और 26 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। शुक्रवार (मई 21, 2021) को इस रेस्क्यू ऑपरेशन का 5वाँ दिन चल रहा है। सवाल उठ रहा है कि चेतावनी के बावजूद इसे सुरक्षित जगह पर क्यों नहीं पहुँचाया गया? जहाज के इंजीनियरों का आरोप है कि कैप्टेन पीठ दिखा कर भाग खड़ा हुआ था।

इस पर 263 लोग सवार थे, जिन्हें बचाने के लिए तूफ़ान के बीच भारतीय नौसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। जहाज की मालिकाना कंपनी पर भी तूफ़ान की चेतावनी क नज़रअंदाज़ करने के आरोप लग रहे हैं। ये हीरा ऑइल फ़ील्ड्स में खड़ा था। हवा की रफ़्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक पहुँचने के साथ ही जहाज किसी चीज से टकराया और इसमें छेद हो गया। सोमवार को शाम 5 बजे तक ये पूरा पानी में डूब चुका था।

इधर अभी तौकते का कहर ठीक से थमा भी नहीं है कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा में ‘याश तूफ़ान’ ने दस्तक दे दी है। आने वाले बुधवार (मई 26, 2021) को ये तूफ़ान समुद्र से जमीन पर टकराएगा। उत्तरी अंडमान समुद्र और बंगाल की खाड़ी के मध्य में एक दबाव वाला क्षेत्र न रहा है। ये तूफान उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ना शुरू होगा। ओडिशा की सरकार और अधिकारियों की एक उच्च-स्तरीय बैठक में इससे निपटने की तैयारियों पर चर्चा हुई।

बता दें कि नुकसान का जायजा लेने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (मई 19, 2021) को गुजरात, दमन और दीव के दौरे पर पहुँचे थे। पीएम मोदी सबसे पहले भावनगर पहुँचे, जहाँ उन्होंने चक्रवाती तूफान Tauktae से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई निरीक्षण किया। पीएम मोदी ने गुजरात में राहत कार्यों के लिए एक हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता की घोषणा की। पीएमओ बताया कि गुजरात में नुकसान के आकलन के लिए केंद्र सरकार एक अंतर-मत्रीय दल को यहां तैनात करेगी।

न्यूड वीडियो लीक होने पर राधिका आप्टे घर से 4-5 दिनों तक नहीं निकली थीं, कहा, ‘मेरे ड्राइवर, वॉचमैन तक पहचान गए थे’

बोल्ड किरदारों के जरिए बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री राधिका आप्टे का कुछ समय पहले एक न्यूड वीडियो लीक हुआ था, जिसे लेकर वह काफी विवादों में भी रही थीं। राधिका ने अपने एक हालिया इंटरव्यू में राधिका ने अपने उस लीक हुए न्यूड वीडियो को लेकर कहा कि उस घटना के बाद वह एकदम से टूट गई थीं और चार-पाँच दिनों तक घर से बाहर नहीं निकलीं।

ग्रैजिया मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में राधिका कहती हैं कि उनके न्यूड वीडियो में उन्हें उनके ड्राइवर से लेकर वॉचमैन तक पहचान गए थे, जिसका उन पर बहुत ही बुरा असर हुआ था। राधिका ने कहा कि वह मीडिया की वजह से नहीं बल्कि इसलिए घर से बाहर नहीं निकल सकीं क्योंकि उन्हें तस्वीरों में उनके ड्राइवर, वॉचमैन और स्टाइलिस्ट के ड्राइवर तक ने पहचान लिया था।

उस दौर को याद करते हुए राधिका कहती हैं कि जिस वक्त उनके साथ ये हादसा हुआ, उस दौरान वे “क्लीन शेव” मूवी की शूटिंग कर रही थीं।

कपड़े उतारे तो लगा कि अब छुपाने के लिए कुछ बचा ही नहीं

राधिका ने कहा कि उन विवादित फोटोज को देखकर सभी पहचान सकते थे कि वो मैं नहीं थी। एक्ट्रेस को लगता है कि इन न्यूड वीडियोज और कंट्रोवर्सी के बारे में सोचना समय की बर्बादी है। वह कहती हैं कि जब उन्होंने “पार्च्ड” फिल्म के लिए अपने कपड़े उतारे तो उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि अब उनके पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है।

“पॉर्च्ड” फिल्म में न्यूड होने को लेकर राधिका आप्टे का कहना है, “ये आसान नहीं था। स्क्रीन पर न्यूड होना काफी डरावना था, क्योंकि उस दौरान वो अपनी बॉडी इमेज की समस्या से जूझ रही थीं। हालाँकि, अब वो कहीं भी न्यूड हो सकती हैं।”

अपनी बॉडी शेप पर गर्व

राधिका आप्टे ने अपनी बॉडी, शेप और साइज पर गर्व करते हुए कहा कि फिल्म “पार्च्ड” को कई जगहों पर देखा गया और मेरे काम को सराहा भी गया। बॉलीवुड में आपको हमेशा आपके शरीर के साथ क्या करना है इसकी सलाह दी जाती है? लेकिन मैंने सोच रखा है कि मैं अपने शरीर के साथ कुछ भी नहीं करूँगी। गौरतलब है कि हाल ही में आप्टे की “ओके कम्प्यूटर” फिल्म रिलीज हुई है।