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इजरायल का आयरन डोम आसमान में ही नष्ट कर देता है आतंकी संगठन हमास का रॉकेट: देखें Video

फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल के खिलाफ मंगलवार (11 मई 2021) शाम को बड़े पैमाने पर आंतकी हमला करते हुए सैकड़ों रॉकेट दागे। जवाब में बुधवार (12 मई) को इजरायल ने गाजा पट्टी के अंदर फलस्तीनी आतंकी समूह हमास पर अपने हमले तेज कर दिए।

इजरायल के खिलाफ हमास के लगातार हमलों के जवाब में इजरायली सुरक्षा बलों ने गाजा में लक्ष्य को निशाना बनाते हुए कई हवाई हमले किए। मंगलवार को जवाबी कार्रवाई के दौरान, इजरायली ने एक हवाई हमले में हमास द्वारा नियंत्रित एक ऊँची रिहायशी और ऑफिस की बिल्डिंग को निशाना बनाते हुए ध्वस्त कर दिया।

इससे पहले मंगलवार को गाजा पट्टी से हमास द्वारा सैकड़ों रॉकेट लॉन्च करने के बाद कम से कम 5 इजरायली मारे गए थे। रॉकेट हमलों के जवाब में, इजरायल ने तटीय इलाके में लक्ष्य को निशाना बनाते हुए 140 रॉकेट दागे।

आयरन डोम करता है हमास के रॉकेटों से सुरक्षा

इजरायली सुरक्षा बलों (IDF) ने तेल अवीव और मध्य इजरायल को निशाना बनाकर मंगलवाल शाम किए गए रॉकेट हमलों को रोकने के लिए आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने का एक वीडियो जारी किया है।

आईडीएफ ने अपने देश की सुरक्षा के वीडियो की एक सीरीज पोस्ट की है। आईडीएफ ने हमास द्वारा दागे गए रॉकेटों को आसमान में ही नष्ट करने के आयरन डोम के वीडियो पोस्ट किए।

आईडीएफ के आयरन डोम एरियल डिफेंस सिस्टम ने मंगलवार को दक्षिणी इजराइल पर दागे गए रॉकेटों को नष्ट किया।

इजरायल के खिलाफ हमास के निरंतर रॉकेट हमलों को आईडीएफ द्वारा नष्ट किए जाने का का एक और वीडियो।

IDF ने सोमवार को अश्केलॉन में हमास के रॉकेट हमलों के खिलाफ डिफेंसिव ऑपरेशन का एक और वीडिया शेयर किया था।

क्या है इजरायल का आयरन डोम

उच्च तकनीक वाला ‘आयरन डोम’ एक छोटी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे रॉकेट, तोपखाने और मोर्टारों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को इजरायल सुरक्षा बलों द्वारा 2011 से ही तैनात किया गया है और उसने इजरायल के शहरों के खिलाफ रॉकेट हमलों की वजह से होने वाली मौतों को कम करने में मदद की है। इस एयर डिफेंस सिस्टम को इजरायल की रक्षा फर्मों राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा अमेरिका के समर्थन से विकसित किया गया था।

आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम को दुनिया का सबसे उन्नत माना जाता है, जिसकी सफलता दर 90% तक है। हालाँकि, कुछ रॉकेट इसके बावजूद इजरायली शहरों में प्रवेश करने में सफल रहे जिसके परिणास्वरूम हमास द्वारा किए गए इन रॉकेट हमलों से इजरायल में मौतें हुईं।।

इजरायल और फलस्तीनी समर्थक बलों के बीच लंबे समय से क्षेत्रीय नियंत्रण वाले मुद्दे एक बार फिर से बढ़ गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर हिंसा और हमले हुए हैं। पूर्वी यरुशलम में शेख जर्राह के पड़ोस से अवैध फलिस्तीनी परिवारों को हटाए जाने के बाद अब तनाव पैदा हो गया है और इस क्षेत्र में ताजा हिंसा भड़क उठी है।

पति से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी केरल की सौम्या, फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के रॉकेट ने उड़ाया

इजरायल और फलस्तीन के बीच संघर्ष में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई। 31 साल की सौम्या संतोष की मौत फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के रॉकेट हमले की चपेट में आने से हुई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जब हमला हुआ उस वक्त सौम्या केरल में रह रहे अपने पति संतोष से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी।

पेशे से नर्स सौम्या केरल के इडुकी की रहने वाली थी। वह इजरायल के अश्कलोन शहर में जिस घर में रह रही थी, वह रॉकेट की चपेट में आ गया। संतोष के भाई साजी के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “मेरे भाई ने वीडियो कॉल के दौरान जोरदार धमाका सुना। अचानक फोन कट गया। तब हमने तुरंत वहाँ काम कर रहे अन्य मलयाली लोगों से संपर्क किया और हमें इस घटना के बारे में जानकारी मिली।” सौम्या सात सालों से इजरायल में थी और एक बुजुर्ग महिला की देखभाल कर रही थीं। उसका एक नौ साल का बेटा भी है जो केरल में अपने पिता के साथ रहता है।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने उसके निधन पर दुख जताते हुए बताया है कि उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की है। केरल के विधायक मणि सी कप्पन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा है कि ताजा संघर्ष के बाद इजरायल में रह रहे केरल के हजारों लोगों की जान को खतरा है।

गौरतलब है कि यरुशलम की अल अक्सा मस्जिद पर जुमे की नमाज से शुरू हुआ संघर्ष अब इजरायल और फलस्तीनियों के बीच युद्ध में तब्दील होता दिख रहा है। 2014 के बाद पहली बार इस तरह का संघर्ष देखने को मिला है। मंगलवार (11 मई 2021) की रात हमास ने इजरायल के कई शहरों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे थे।

हालाँकि गाजा पट्टी से दागे गए ज्यादातर रॉकेट को आयरन डोम ने आसमान में ही नष्ट कर दिया। यह एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जो रॉकेट की पहचान कर जवाबी मिसाइल लॉन्च करता है। इससे रॉकेट हवा में ही नष्ट हो जाता है।

रॉकेट दागे जाने के बाद इजरायल ने भी जवाबी हमले किए। इनमें फलस्तीनी क्षेत्र को भारी नुकसान की खबर है। बताया जाता है कि इजराइली एयरफोर्स ने हमास की कब्जे वाली गाजा पट्टी में एक बहुमंजिला बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। वहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बिडेन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने कहा है कि उनके राष्ट्रपति रहते इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति थी। दुनिया को पता था कि अमेरिका हर हाल में इजरायल के साथ खड़ा है। यदि इजरायल को निशाना बनाया गया तो अमेरिका उसके दुश्मनों को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिडेन की कमजोरी के कारण आज हिंसा बढ़ी है।

97941 गाँव, 141610 टीम: कोरोना से लड़ाई में योगी सरकार का डोर-टू-डोर कैम्पेन असरदार, WHO ने भी माना लोहा

भारत में कोरोना संक्रमण के फैलते प्रकोप के बीच वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने योगी सरकार के डोर-टू-डोर कैम्पेन की तारीफ अपनी वेबसाइट पर की है। 7 मई को प्रकाशित एक लेख में WHO ने बताया है कि कैसे योगी सरकार ने महामारी के समय में आवश्यक कदम उठाते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर लागू किया।

यूपी मॉडल पर WHO ने प्रकाशित किया लेख

लेख में कहा गया कि योगी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में COVID-19 के मद्देनजर हाउस टू हाउस एक्टिव केस फाइंडिंग शुरू की है। इस प्रक्रिया में उन्हें आइसोलेट किया गया जिनमें कोविड के लक्षण थे।

WHO ने कहा कि योगी सरकार ने 1,41,610 टीमों को इस काम में लगाया है। इन टीमों में राज्य स्वास्थ्य विभाग से 21,242 सुपरवाइजर हैं, जिनका काम ये सुनिश्चित करना है कि अभियान में कोई ग्रामीण इलाका न छूटे।

5 मई से इस अभियान की शुरुआत ग्रामीण इलाकों में हुई। ग्रामीणों के रैपिड टेस्ट किए गए और पॉजिटिव पाए जाने पर मेडिसिन किट देकर सलाह दी गई कि वह कैसे कोरोना से लड़ सकते हैं। इसके अलावा जो लोग पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आए, सबका टेस्ट किया गया। 

WHO ने बताया है कि वह उत्तर प्रदेश सरकार को ट्रेनिंग और माइक्रो प्लॉनिंग में मदद कर रहा है। इसके अतिरिक्त उनके फील्ड ऑफिसर भी ग्राउंड पर रहकर स्थिति मॉनिटर कर रहे है। साथ ही सरकार को रियल टाइम फीडबैक भी दे रहे हैं ताकि गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें।

WHO ने रिपोर्ट में बताया कि इस काम के पहले दिन फील्ड अधिकारियों ने 2,000 से अधिक सरकारी टीमों की निगरानी की और कम से कम 10,000 घरों का दौरा किया।

क्या है हाउस टू हाउस जाने की मुहिम?

5 मई से शुरू हुए इस अभियान में टीमें 75 जिलों के 97,941 गाँव जाएँगी। हर टीम में दो सदस्य हैं जो सुदूर ग्रामों तक पहुँचकर सुनिश्चित करेंगे कि सभी कोरोना लक्षण वाले लोगों का टेस्ट हो और जो कोई भी पॉजिटिव निकले, उसे फौरन सही सलाह देकर आइसोलेट करने के इंतजाम हो। इसके अलावा उन सबका भी टेस्ट किया जाएगा जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए।

योगी सरकार ने मॉनीटरिंग टीमों को मेडिकल किट डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी। साथ ही ICCC को उन लोगों के नाम देने को कहा जिन्हें इस अभियान के दौरान किट दी गई, ताकि सूची संशोधित हो सके। इसके अलावा यह लिस्ट जिलाधिकारी के माध्यम से क्षेत्र के सांसद या विधायक को मुहैया कराने को कहा गया ताकि वह मेडिकल किट मँगा पाएँ और लोगों से संपर्क कर पाएँ। इस पूरी प्रक्रिया से लगातार सत्यापन भी होता रहेगा। सरकार ने जिले के हर ब्लॉक में दो वैन लगाने को कहा है ताकि लोगों में लक्षण चेक किए जा सकें।

बच्चों के लिए योगी सरकार क्या कर रही?

योगी सरकार हर जिले में बच्चों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम कर रही है। इस क्रम में योगी सरकार ने विशेष तौर पर टीम-09 बनाई, ताकि वह उत्तर प्रदेश में कोरोना प्रबंधन के चलते कम से कम 10-15 बेड वाला पीडयाट्रिक ICU हर जिला अस्पताल में तैयार करें और मेडिकल कॉलेज में ऐसा ही आईसीयू 25-30 बेड वाला हो। इसके अलावा डिविजनल हेडक्वार्टर में 100 बेड का पीडयाट्रिक आईसीयू खोलने और हर जरूरी मेडिकल उपकरण, दवाइयाँ रखने के निर्देश सरकार द्वारा दिए गए हैं।

वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कन्संट्रेटर को लेकर काम तेज

सरकार ने वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कन्संट्रेटर हर जिले में पहुँचाने के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। सीएम योगी ने एसीएस स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के प्रधान सचिव को ये सुनिश्चित करने को कहा कि ये उपकरण हर जगह चालू हों। उन्होंने अधिकारियों से संबंधित जिलों से संपर्क करने और उनकी समस्याओं को हल करने के लिए कहा। सीएम ने ये भी कहा कि अगर किसी जिले में वेंटिलेटर या फिर ऑक्सीजन कन्संट्रेटर न चलने की खबर आई तो इसके परिणाम जिलाधिकारी या फिर सीएमओ को भुगतने पड़ेंगे।

रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उपलब्धता

राज्य सरकार ने अधिकारियों से रेमडेसिवीर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा है। साथ ही ये भी बताया कि ये इंजेक्शन कोविड अस्पतालों में बिलकुल फ्री दिए जा रहे हैं, जबकि प्राइवेट अस्पातालों को जिलाधिकारी या सीएमओ के द्वारा जरूरत के हिसाब से मिल रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देश हैं कि जब भी मरीज को जीवनरक्षक इंजेक्शन दिया जाए तो नर्सिंग स्टाफ के साथ डॉक्टर भी हो। सरकार ने ऐसी जरूरी दवाइयों की माँग, सप्लाई और खपत सभी विस्तृत जानकारी रखने को कहा है।

वैक्सीनेशन का काम जोरों पर

योगी सरकार ने कोरोना से लड़ने की मुहिम में वैक्सीनेशन प्रक्रिया को भी तेज किया। राज्य को अब तक 1,39,08,152 डोज दी गई है। 18 जिलों में 18-44 उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन किया जा रहा है। अब तक इस वर्ग के 1.66 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हो चुका है। 

सरकार ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त मेडिकल स्टॉफ को तैयार रखने के लिए कहा है। इस क्रम में मेडिकल फील्ड के फाइनल ईयर छात्र, इंटर्न, प्रशिक्षित, अनुभवी रिटायर्ड लोगों की अपॉइंटमेंट को लेकर प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल शिक्षा मंत्री को इस भर्ती प्रक्रिया पर निगरानी रखने को कहा गया है।

सरकार की मुहिम का दिखने लगा पॉजिटिव रिजल्ट

प्रदेश में राज्य प्रशासन लगातार टेस्टिंग बढ़ाकर महामारी कंट्रोल करने का काम कर रही है। हाल में वहाँ 2,33,705 सैंपल टेस्ट हुए। इनमें 1,10,000 टेस्ट सिर्फ RTPCR के जरिए हुए। अब तक राज्य में 4,34,04,184 टेस्ट हो गए हैं। राज्य में टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट अभियान पर जोरो-शोरों से काम हो रहा है।

24 घंटे में वहाँ से 20, 463 हजार नए मामले आए, जबकि 29,358 हजार ठीक भी हुए। आँकड़ों को देख सरकार ने कहा कि राज्य में कोरोना स्थिति सुधर रही हैं ,क्योंकि नए केस भी कम हो रहे हैं और रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है।

सरकार का मानना है कि उसकी ये पॉलिसी सकारात्मक परिणाम दे रही है। अप्रैल 30 तक राज्य में जहाँ 3,10,783 मामले थे, वो अब 95 हजार से ज्यादा कम हुए हैं। वर्तमान में वहाँ 2,16,057 एक्टिव केस हैं, जबकि अब तक कुल 13.3 लाख लोग कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं।

क्रायोजेनिक टैंक के लिए ग्लोबर टेंडर

राज्य में ऑक्सीजन किल्लत पर जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि क्रायोजेनिक टैंकर की उपलब्धता के लिए ग्लोबल टेंडर जारी किए गए हैं। इनके अलावा केंद्र सरकार और रिलायंस इंडस्ट्री की मदद से टैंकर के नंबर तेजी से बढ़े हैं जिससे यहाँ ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर हुई।

सरकार ने बताया कि हाल में 1,011 मीट्रिक टन ऑक्सीजन राज्य को दी गई। इनमें 632 टन रिफिलर्स को मिली और 301 टन मेडिकल कॉलेजों को। राज्य सरकार ने कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता सुधर रही हैं। वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर में इसे बड़े पैमाने पर दिया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि कम संक्रमित जिलों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं। उन्होंने अधिकारियों को अलग से एक्शन प्लान बनाकर ऑक्सीजन सप्लाई के वितरण पर ध्यान देने को कहा हैं।

दिहाड़ी मजदूरों के लिए पुख्ता इंतजाम

राज्य सरकार के लिए सड़कों पर सामान बेचकर गुजर-बसर करने वाले लोग, दुकानदार, दिहाड़ी मजदूर आदि प्राथमिकता हैं। इसलिए जब से राज्य में आंशिक लॉकडाउन लगा तभी से सरकार ने दिहाड़ी मजदूरों के लिए हर इंतजाम करने के लिए भी कहा।

राज्य में 350 से अधिक सामुदायिक भोजनालयों को शुरू किया गया है। साथ ही इस संख्या को और बढ़ाने का प्रयास करने को भी कहा गया। राज्य सरकार ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस तरह के सामुदायिक रसोई राज्य के हर जिले में चालू हों।

‘स्वच्छता, चिकित्सा, कठोरता’ 

‘स्वच्छता, चिकित्सा, कठोरता’ मंत्र के मद्देनजर, राज्य में स्वच्छता का एक अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार ने बताया कि इस पहल के तहत सैनिटाइजेशन, फोगिंग 63080 गाँवों में की गई। इसमें अधिकारियों को जागरूकता फैलाने और नागरिकों के बीच स्वच्छता और स्वच्छता की आवश्यकता को बताने को कहा गया। वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कोरोना कर्फ्यू को प्रभावी ढंग से लागू करना जारी रखने के निर्देश दिए गए।

अन्य कदम

बता दें कि इससे पहले कोविड प्रबंधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह सुनिश्चित करने को कहा था कि सुगर मिल से जेनरेट होने वाली ऑक्सीजन पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजी जाएँ।

राज्य में ऑक्सीजन की जरूरत पूरा करने के लिए हर इंतजाम हो रहे हैं। भविष्य की जरूरतों के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार ऑक्सीजन प्लांट सेटअप करवा रही हैं। वहीं कई PSU भी अपने स्तर पर प्लांट लगाने का काम कर रहे हैं।

घर पहुँचकर खुद लोगों की हिम्मत बढ़ा रहे योगी आदित्यनाथ

सारे इंतजामों के अतिरिक्त योगी सरकार अपने राज्य के लोगों की हिम्मत बढ़ाने के लिए स्वयं भी तत्पर हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि योगी आदित्यनाथ ने खुद मुरादाबाद जाकर 8 मई को एक परिवार से मिल उनका हाल-चाल जाना।

उन्होंने बरेली का दौरा किया और प्रशासन को तीसरी लहर के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने बताया कि कैसे केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर इस कोरोना से लड़ने में लगी हुई हैं। पिछले दिनों भी योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात करते हुए बताया था कि राज्य में 8 दिनों में 65 हजार कोरोना केसों में कमी आई है।

563 साल पहले आज ही इस शहर की पड़ी थी नींव, 7 दिन में मोदी के मंत्री ने कोविड से जंग में कर दिखाया कमाल

साल 1459 की 12 मई को राव जोधा ने राजस्थान के जोधपुर शहर की स्थापना की थी। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार यह शहर पुराने अंदाज में फाउंडेशन डे नहीं मना रहा। लेकिन, इसी आपदा के बीच हुए एक प्रयास को लेकर इन दिनों यह शहर चर्चा में है। केंद्र की मोदी सरकार में जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की पहल पर केवल सात दिनों में यहाँ अत्याधुनिक कोविड रिलीफ सेंटर तैयार हो गया है।

अटल कम्युनिटी कोविड रिलीफ सेंटर को सोमवार (10 मई 2021) को शेखावत ने औपचारिक तौर पर संचालन के लिए एम्स जोधपुर को सौंप दिया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा है, “यह कोविड रिलीफ सेंटर जोधपुर ही नहीं, आसपास के क्षेत्र के अस्पतालों पर दबाव कम करेगा। यह एम्स जोधपुर से संबद्ध है और सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होने की वजह से एक तरह से उसके सहयोगी की भूमिका में संचालित रहेगा।” इसके लिए उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का भी आभार जताया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि शेखावत 19 अप्रैल को जोधपुर आए थे। उसी वक्त जिला प्रशासन ने इस सेंटर की जरूरत बताई थी। उनके हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है, “मैं जब एक मई को दिल्ली से जोधपुर लौटा तो पाया कि जोधपुर में एक-एक बेड के लिए लोग रात-रात भर इंतजार कर रहे थे। लोग परेशान और दुखी थे। तभी व्यथित मन से संकल्प लेकर वरिष्ठ साथियों के साथ बैठकर चर्चा की और यह बीड़ा उठाया।”

120 बेड के इस सेंटर में ऑक्सीजन और आईसीयू समेत तमाम सुविधा मौजूद है। दुनियाभर से इसके लिए सहयोग मिला है। सेंटर के लिए गैस सिलेंडर दुबई से आया है तो मॉनिटर्स लंदन से। ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर जर्मनी से खरीदे गए हैं। वेंटिलेटर बेड इंग्लैंड से आ रहे हैं। एम्स के डॉक्टरों और कर्मियों की निगरानी में यहाँ इलाज होगा। बिजली की आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए एक विशाल जेनरेटर लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार मरीजों के नि:शुल्क भोजन का जिम्मा स्थानीय जैन समाज ने उठाया है।

बांग्लादेश: हिंदू एक्टर की माँ के माथे पर सिंदूर देख भड़के कट्टरपंथी, सोशल मीडिया में उगला जहर

बांग्लादेश में एक राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता एक्टर चंचल चौधरी के साथ इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा सोशल मीडिया पर दुर्व्यवहार और बदतमीजी की गई। इस्लामी कट्टरपंथियों को जैसे ही पता चला कि चंचल एक हिंदू हैं, उन्होंने इस एक्टर के खिलाफ सोशल मीडिया में जमकर जहर उगला। इस अभिनेता ने कई फिल्मों में अभिनय किया है, जिनमें ‘देबी’ ‘अयनाबाजी’, ‘मोनपुरा’ ‘रूपकोथार’ ‘गोपलो’ शामिल हैं।

समीक्षकों द्वारा प्रशंसित अभिनेता ने रविवार (9 मई) को, अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस के अवसर पर अपनी प्रोफाइल तस्वीर अपडेट की थी। उन्होंने अपनी माँ के साथ एक दिल को छू लेने वाली तस्वीर पोस्ट की थी, और कैप्शन दिया था “माँ … “। इस्लामिक लोग इस तस्वीर में उनकी माँ के सिर पर लगे सिंदूर को देखते ही भड़क गए, सिंदूर लगाना एक खास पहचान है जो हिंदुओं को मुसलमानों से अलग करती है।

कई बांग्लादेशी मुसलमान भी हिंदू नाम रखते हैं। कई बार, मुस्लिम पहचान जाहिर करने के लिए हिंदू नामों के पीछे ‘मोहम्मद’ जैसे शब्द लगाए जाते हैं। उदाहरण के लिए, अभिनेता चंचल के नाम के साथ लगे ‘चौधरी’ उपनाम का उपयोग हिंदुओं और मुसलमानों दोनों द्वारा समान रूप से किया जाता है। ‘चौधरी’ उपनाम अंग्रेजों के जमाने में जमींदारों को दिया गया था। परिणामस्वरूप, कई मुसलमानों का मानना था कि चंचल चौधरी इस्लाम धर्म के अनुयायी हैं।

इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदू अभिनेता चंचल चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया में अपशब्द का प्रयोग करते हुए उनसे इस्लाम धर्म अपनाने को कहा। ये जानते ही कि वह हिंदू हैं कट्टर इस्लामिक लोगों ने उनके खिलाफ जहर उगलना शुरू कर दिया। जहाँ कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनकी धार्मिक पहचान जाहिर होने के बाद हैरानी जताई तो वहीं कुछ ने उनसे धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने को कहा। कुछ कट्टरपंथियों ने एक्टर की माँ के लिए भी अपशब्द का इस्तेमाल किया।

एक यूजर अल-सैदी पिराल ने लिखा, ”अगर मैं इस तस्वीर को नहीं देखता, तो मुझे यही लगता कि तुम एक मुस्लिम हो।” एक और कट्टरपंथी ने लिखा, ”ये जानने के बाद कि तुम हिंदू हो मैं तुम जैसे अभिनेता पर ध्यान नहीं दूँगा। पहले मुझे नहीं पता था कि तुम एक हिंदू हो।”

एंताजुल हक नाम के एक अन्य कट्टरपंथी ने कहा, ”हर कोई मुस्लिम पैदा होता है। लेकिन, जब उनके पूर्वजों ने मूर्तियों की पूजा शुरू की, तो वे हिंदू बन गए। इस्लाम ही एकमात्र सच्चा धर्म है। बाकी सब नकली है। इस तरह के धर्म का बोझ उठाना मूर्खता के अलावा और कुछ नहीं है।”

चंचल चौधरी ने हिंदू होने पर हुए दुर्व्यहार पर कहा, ‘पहले इंसान बनें’

अभद्र टिप्पणियों की बौछार होने के बाद (जिनमें से कई डिलीट किए गए), बांग्लादेशी अभिनेता ने लिखा, ‘भाइयों और बहनों, अगर मैं मुस्लिम या हिंदू हूं तो आपका क्या नुकसान या फायदा होगा? हर व्यक्ति की सबसे बड़ी पहचान यह है कि वह इंसान है। धर्म के बारे में अरुचिकर सवालों और चर्चा को सभी को रोकना चाहिए। आइए, पहले इंसान बनें।”

एक्टर ने सोमवार को फेसबुक पर ‘धर्मो’ शीर्षक से एक कविता लिखी। इस कविता के एक अंश में उन्होंने लिखा, ”आपको धर्म को ‘बचाने’ का अधिकार किसने दिया? आप धर्म का प्रचार क्यों करते हैं? हर धर्म मानवता की सेवा के लिए कहता है। क्या आप अपने धर्म का प्रचार करके खुद को श्रेष्ठ समझते हैं।”

इस विवाद के सामने आने के बाद बांग्लादेश में कई लोग इस हिंदू एक्टर के समर्थन में भी सामने आए। उन्होंने इस्लामिक लोगों द्वारा चंचल चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया में किए गए दुर्व्यहार को रोकने के लिए #stopcyberbullying और #hokprotibad जैसे हैशटैग के साथ एक्टर का बचाव किया। डायरेक्टर चयानिका चौधरी ने लिखा, ”चंचल चौधरी मेरे भाई हैं, हमारे भाई हैं। एक राष्ट्र के रूप में हमारे विवेक पर मुझे गंभीरता से संदेह है। यह काफी है।”

अभिनेता फजलुर रहमान ने कहा, ”अज्ञानी कट्टरपंथी हमेशा धर्म के नाम पर बहुत दूर निकल जाता है।” एक अन्य अभिनेता रौनक हसन ने टिप्पणी की, ”मैं उन लोगों की निंदा करता हूं जो ऐसी कट्टरपंथी और अश्लील टिप्पणियाँ करते हैं। मैं इन साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी सजा की माँग करता हूँ।” साइबर हमलों की एक शिकार, आशना हबीब भाना ने कहा, ”हमारी चुप्पी उनकी ताकत रही है।”

बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती नफरत

पीएम मोदी की बांग्लादेश की आधिकारिक दो दिवसीय यात्रा के दौरान, मुस्लिमों ने उनका विरोध करने के लिए हिंदू मंदिरों पर हमला किया। भारतीय प्रधान मंत्री के दौरे को लेकर बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था को लागू करने के प्रयासों के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।

वहीं, बांग्लादेश के मगुरा जिले के मोहम्मदपुर उपजिला में 400 साल पुराने परुआरकुल अष्टग्राम महा श्मशान और राधागोबिंद आश्रम के तीन कमरों को अज्ञात बदमाशों ने जला दिया। इस आग में इन तीन कमरों में रखे रथ और मूर्तियाँ भी जलकर राख हो गए।

इजरायल पर इस्लामी गुट हमास ने दागे 480 रॉकेट, केरल की सौम्या सहित 36 की मौत: 7 साल बाद ऐसा संघर्ष

यरुशलम की अल अक्सा मस्जिद पर जुमे की नमाज से शुरू हुआ संघर्ष अब इजरायल और फलस्तीनियों के बीच युद्ध में तब्दील होता जा रहा है। 2014 के बाद पहली बार इस तरह का संघर्ष देखने को मिला है। मंगलवार (11 मई 2021) की रात फलस्तीनी इस्लामी गुट हमास ने इजरायल के कई शहरों पर ताबड़तोड़ रॉकेट दागे। हमास को इजरायल सहित दुनिया के कई देशों ने आतंकी संगठन घोषित कर रखा है।

इजरायल पर दागे गए रॉकेटों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में इजरायली अधिकारियों के हवाले से इसकी संख्या 480 बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 300 तो कुछ में 200 से ज्यादा रॉकेट दागे जाने की बात कही गई है। हमास ने मंगलवार की रात तेल अवीव पर 130 रॉकेट दागने की बात कही है। हालाँकि गाजा पट्टी से दागे गए ज्यादातर रॉकेट को आयरन डोम ने आसमान में ही नष्ट कर दिया। यह एक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जो रॉकेट की पहचान कर जवाबी मिसाइल लॉन्च करता है। इससे रॉकेट हवा में ही नष्ट हो जाता है।

तेल अवीव के अलावा अश्कलोन और होलोन शहर को भी निशाना बनाने की खबरें हैं। अश्कलोन में ऐसे ही एक हमले में केरल की रहने वाली भारतीय महिला सौम्या संतोष की मौत हो गई। वह एक इजरायली महिला की केयर टेकर थीं। रॉकेट की चपेट में वह इमारत आ गई, जिसमें सौम्या और यह महिला रहती थीं। मृतकों की संख्या को लेकर भी रिपोर्टों में अलग-अलग दावे हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट में यह संख्या 35 बताई गई है। इनमें 32 फलस्तीनी और 3 इजरायली हैं।

रॉकेट दागे जाने के बाद इजरायल ने भी जवाबी हमले किए। इनमें फलस्तीनी क्षेत्र को भारी नुकसान की खबर है। बताया जाता है कि इजराइली एयरफोर्स ने हमास की कब्जे वाली गाजा पट्टी में एक बहुमंजिला बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार गाजा में करीब 150 जगहों पर जवाबी हमले किए गए। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इजरायल ने जवाब में 200 से ज्यादा रॉकेट दागे।

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। वहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके लिए अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति जो बिडेन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ट्रंप ने कहा है कि उनके राष्ट्रपति रहते इजरायल और फलस्तीन के बीच शांति थी। दुनिया को पता था कि अमेरिका हर हाल में इजरायल के साथ खड़ा है। यदि इजरायल को निशाना बनाया गया तो अमेरिका उसके दुश्मनों को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिडेन की कमजोरी के कारण आज हिंसा बढ़ी है।

ऑक्सीजन पर लताड़े जाने के बाद केजरीवाल सरकार ने की Covid टीकों की उपलब्धता पर राजनीति: बीजेपी ने खोली पोल

राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन संकट पर क्षुद्र राजनीति करने के बाद अब आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार वैक्सीनेशन पर राजनीति कर रही है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सोमवार (मई 10, 2021) को केंद्र सरकार पर ऑर्डर किए गए वैक्सीन की आपूर्ति न करने के लिए निशाना साधा, जिसकी वजह से टीकाकरण प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

सिसोदिया ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने 18-44 आयु वर्ग के लोगों के लिए मैन्युफैक्चरर्स से वैक्सीन की 1.34 करोड़ खुराक देने का ऑर्डर दिया था, लेकिन केंद्र ने मई महीने में उन्हें केवल 3.5 लाख खुराक आवंटित की।

सिसोदिया ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा किए गए दावों को दोहराते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने अप्रैल में फैसला किया कि राज्यों को सीधे वैक्सीन निर्माताओं के ऑर्डर दिए जा सकते हैं, तो अरविंद केजरीवाल सरकार ने 18-44 आयु वर्ग में लोगों के लिए 1.34 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया।

पत्र की प्रतियों को ट्वीट करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र ने अब उन्हें बताया है कि दिल्ली में मई में केवल 3.5 लाख खुराक ही मिल सकती है।

अपने ट्वीट में, दिल्ली के डिप्टी सीएम ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा झूठ की राजनीति कर रही है और दिल्ली सरकार पर केवल 5.5 लाख वैक्सीन खुराक देने का ऑर्डर देने का झूठा आरोप लगा रही है।’ डिप्टी सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें टीकों के ‘ऑर्डर किए गए’ डोज प्रदान करने से मना कर दिया है।

भाजपा ने AAP की क्षुद्र राजनीति का दिया जवाब

इन आरोपों के जवाब में, बीजेपी ने यह कहते हुए पलटवार किया कि दिल्ली सरकार नाजुक हालत दिखाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर शहर में ‘अद्वितीय कोविड -19 संकट’ के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी दो पत्रों की प्रतियों को साझा करके साबित किया कि केजरीवाल सरकार द्वारा किया जा रहा दावा वास्तव में झूठा है और केवल केंद्र सरकार को बदनाम करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्र में, दिल्ली सरकार ने स्पष्ट शब्दों में दो निर्माताओं से वैक्सीन की खरीद के लिए केवल अपनी मंशा व्यक्त की थी।

पात्रा ने कहा कि भारत सरकार को 26 अप्रैल को लिखे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि दिल्ली सरकार की योजना क्रमशः भारत के सीरम इंस्टीट्यूट और भारत बायोटेक से कोविशिल्ड और कोवैक्सिन की 67 लाख खुराक की खरीद की है। पात्रा ने कहा कि इसमें ऑर्डर देने की बात नहीं है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “आप सरकार द्वारा जारी किए गए इन दोनों पत्रों को ध्यान से पढ़ेंगे, तो आप पाएँगे कि ये सीएम केजरीवाल के कहे अनुसार 1.34 करोड़ वैक्सीन ऑर्डर करने का पत्र नहीं हैं। इसमें योजना बनाने की बात लिखी है, जिसे ऑर्डर के रूप में पारित नहीं किया जा सकता।”

पत्र को करीब से देखने से यह स्पष्ट होता है कि संबित पात्रा ने जो कहा वह वास्तव में सही है। पत्रों में उल्लेख है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ‘खरीद करने की योजना’ बना रही है। किसी भी पत्र में यह उल्लेख नहीं है कि उन्होंने निर्माताओं को ऑर्डर दिया है, जैसा कि वे अब दावा कर रहे हैं।

Letter written by the Delhi Govt to Bhsrat Biotech on April 26
Letter written by the Delhi Govt to Serum Institute on April 26

दिलचस्प बात यह है कि जब मनीष सिसोदिया ने उपरोक्त स्क्रीनशॉट साझा किए, तो उन्होंने ‘कोक्सैक्सिन और कोविशिल्ड की 67 लाख की खरीद को रेखांकित किया, लेकिन ‘प्लानिंग’ शब्द को आसानी से छोड़ दिया, जिसमें कहा गया कि दिल्ली सरकार ने ऑर्डर नहीं दिया था, बल्कि सिर्फ विचार कर रही थी।

मनीष सिसोदिया ने दावा किया, “हमारे आदेश के ठीक बाद, केंद्र ने हमें एक पत्र भेजा जिसमें कहा गया है कि मई में दिल्ली को केवल 3.5 लाख खुराक मिल सकती है जिसमें कोवैक्सिन की 92,840 खुराक और कोविल्ड की 2,67,690 खुराक शामिल हैं। वैक्सीन कंपनियों ने तब तक जवाब नहीं दिया था। बीजेपी झूठ बोल रही है कि हमने केवल 5.50 लाख खुराक का ऑर्डर दिया। हमने 1.34 करोड़ खुराक का ऑर्डर दिया था।” हालाँकि दिल्ली सरकार द्वारा लिखी गई चिट्ठी अलग ही कहानी कहती है।

मेडिकल ऑक्सीजन पर अरविंद केजरीवाल की छीछालेदर

इस बिंदु पर यह याद रखना महत्वपूर्ण हो जाता है कि कैसे, अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने शहर में ऑक्सीजन की आपूर्ति के बारे में एक बड़ी चुनौती बनाई थी और संकट के लिए केंद्र पर दोषारोपण किया था। इस मामले को ऐसे स्तर पर ले जाया गया कि दिल्ली HC और फिर सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा।

केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में संकट से उभरने के लिए दिल्ली को कम से कम 976 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की दैनिक आपूर्ति की जरूरत है। उन्होंने केंद्र पर उन्हें पर्याप्त चिकित्सा ऑक्सीजन प्रदान नहीं करने का आरोप लगाया। जब केंद्र सरकार ने दिल्ली में ऑक्सीजन की वास्तविक माँग को जानने के लिए एक ऑडिट का अनुरोध किया, तो केजरीवाल सरकार ने अनुरोध को ठुकरा दिया।

लेकिन अदालत के आदेशों के बाद 730 एमटी ऑक्सीजन के साथ शहर-राज्य की आपूर्ति होने के बाद, सीएम ने अचानक यू टर्न ले लिया और कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की ऑक्सीजन की कमी की समस्या का समाधान हो गया है और उनके पास हजारों नए ऑक्सीजन बेड के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन है।

जिग्नेश मेवाणी के चैरिटी ट्रस्ट का बैंक अकाउंट फ्रीज, NGO को कारण बताओ नोटिस: जानें क्या है मामला

गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवाणी के चैरिटी ट्रस्ट का अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात के अहमदाबाद में चैरिटी कमिश्नर ने एनजीओ ‘We The People Charitable Trust’ के अकाउंट को फ्रीज करने का आदेश दिया है। मेवाणी के जिस अकाउंट को फ्रीज किया गया है, उसी में ऑक्सीजन प्लान्ट के लिए चंदा इकट्ठा किया जा रहा था। वहीं, एनजीओ को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।

चैरिटी कमिश्नर ने बताया कि ‘We The People Charitable Society’ नाम से एक एनजीओ पहले से ही मौजूद है। उन्होंने माँग की कि ट्रस्ट के खिलाफ एक नाम के तहत खुद को पंजीकृत करने के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए जो कि पहले से मौजूद है।

प्राधिकरण ने कहा कि इसी तरह के नामों से भ्रम पैदा होता है और यह मामला प्रतीक और नामों के अनुचित उपयोग को रोकने के लिए अधिनियम, 1950 के अंतर्गत आता है। जिग्नेश मेवाणी ने ट्रस्ट के नाम पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स के लिए धन की माँग की थी।

जाँच में पता चला कि मेवाणी इस संगठन का ट्रस्टी नहीं है। ट्रस्ट से इस बारे में जवाब माँगा गया है कि क्या मेवाणी को इस तरह की अपील करने के लिए अधिकृत किया गया था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

इस तथ्य को उजागर करते हुए कि रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन सिलेंडर के संबंध में कई गड़बड़ी हुई हैं। ट्रस्ट द्वारा जारी दस्तावेजों, रिपोर्टों और प्रस्तावों की जाँच के लिए एक निरीक्षक को आदेश दिया गया है।

इस बीच, जिग्नेश मेवाणी ने आरोप लगाया कि उनके साथ राजनीति की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है, “ट्रस्टियों को अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है और सुनवाई का अवसर दिए बिना, बैंक अकाउंट को फ्रीज करने की माँग की गई थी।” उन्होंने कहा कि प्राधिकरण से कुछ तो गलती हुई है। ट्रस्टियों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वे मेरी मदद कर रहे हैं।

इससे पहले हमने आपको बताया था कि हेमकुंट फाउंडेशन, राणा अय्यूब और जिग्नेश मेवाणी के फंडर्स संभवतः देश में एफसीआरए कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे।

‘#FreePalestine’ कैम्पेन पर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, मोसाद के पैरोडी अकाउंट के साथ लोगों ने लिए मजे

इजरायली इंटेलिजेंस यूनिट मोसाद (Mossad) को आतंकवाद और जासूसी के संचालन के लिए उनकी क्षमता के लिए जाना जाता है। हालाँकि, ऑनलाइन दुनिया में, इसका पैरोडी अकाउंट इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष से संबंधित मामलों पर अपनी मजाकिया प्रतिक्रियाओं के लिए प्रसिद्ध हो रहा है।

हाल ही में, मोसाद का पैरोडी ट्विटर अकाउंट, @TheMossadIL से बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को अल-अक्सा मस्जिद घटना पर किए गए उनके अनुचित ट्वीट पर ट्रोल किया गया। स्वरा ने अपने ट्वीट में इजरायल को रंगभेदी और आतंकवादी राज्य कहा था। स्वरा के ट्वीट का हवाला देते हुए @TheMossadIL ने ट्वीट किया कि अगर इस ट्वीट को स्वरा भास्कर के ट्वीट से अधिक लाइक मिलते हैं, तो वे भारतीय अभिनेत्री को एक स्पेशल ‘पॉकेट रॉकेट’ भेजेंगे।

बता दें कि ‘पॉकेट रॉकेट’ टिप्पणी 10 अप्रैल को स्वरा भास्कर द्वारा पोस्ट किए गए एक पूर्व ट्वीट के संदर्भ में है, जिसमें फ्री फिलिस्तीन की माँग की गई है। भास्कर ने एक ट्वीट के हवाले से लिखा था, जिसमें उनकी गाजा जाने के समय की तस्वीर लगी हुई थी। भास्कर द्वारा फ्री फिलिस्तीन के लिए अपना समर्थन साझा करने के तुरंत बाद, द मोसाद के पैरोडी अकाउंट ने उनके ट्वीट को उद्धृत करते हुए आश्चर्य जताया कि वह कौन है और क्यों हर कोई उनके ट्वीट पर उन्हें टैग कर रहा है। 

इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए द मोसाद ने कहा कि उन्हें बताया जा रहा है कि स्वरा भास्कर वाइब्रेटर पसंद करती हैं। अभिनेत्री पर कटाक्ष करते हुए, द मोसाद के ट्वीट में कहा गया है: “हमें डर है कि आप गलत थे जब गाजा ने कहा कि उनके पास पॉकेट रॉकेट थे।”

Source: Twitter

नेटिजन्स ने लिए मजे

इजराइल और फलस्तीन के संघर्ष को लेकर किए गए स्वरा भास्कर के ट्वीट के बाद ट्रोलर उनके पीछे पड़ गए हैं और Burnol बाँट रहे है। इन्हीं में से एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “मोसाद को भी स्वरा भास्कर के शौक के बारे में पता है।”

एक अन्य ट्विटर उपयोगकर्ता ने अफसोस जताया कि वह अपने हैंडल से एक ही बार लाइक कर सकता है, वरना स्वरा भास्कर को आज शाम तक पॉकेट रॉकेट मिल जाता।

एक अन्य ट्विटर ने स्वरा भास्कर की एक फिल्म से एक स्क्रीनशॉट शेयर किया जहाँ वह स्पष्ट रूप से वाइब्रेटर का उपयोग करते हुए देखी गई थीं।

फिलिस्तीन की समर्थक और इज़राइल की आलोचक हैं स्वरा भास्कर

स्वरा भास्कर इजरायल की कट्टर विरोधी और फिलिस्तीन की कट्टर समर्थक रही हैं। ट्विटर पर कई मौकों पर भास्कर ने इजरायल की आलोचना की और फिलिस्तीन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। कल, उन्होंने एक और ट्वीट पोस्ट किया था जिसमें उसने जनवरी 2011 से गाजा पट्टी से अपनी तस्वीर साझा की थी। ट्वीट में, भास्कर ने दावा किया कि वह अपनी मिडिल फिंगर को इज़राइली दीवार पर फ्लैश कर रही है।

मुंबई पुलिस के निलंबित अधिकारी सचिन वाजे बर्खास्त: मनसुख हिरेन, एंटीलिया मामले में है गंभीर आरोप

एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरेन की मौत के मामले में आरोपित सचिन वाजे को मुंबई पुलिस ने मंगलवार (11 मई 2021) को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाजे को एनआईए ने उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पास विस्फोटक सामग्री से लैस कार मिलने और कारोबारी मनसुख हिरेन की मौत के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से उनके खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई थी।

मालूम हो कि मनसुख हिरेन की पत्नी विमला हिरेन ने अपने पति की हत्या के मामले में वाजे को दोषी ठहराया था। वाजे के खिलाफ आईपीसी की धारा 285, 465, 473, 506(2), 120(बी) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं, मामले की शुरुआती जाँच के बाद मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह को भी पद से हटा दिया गया था।

गौरतलब है कि वाजे ने खुद 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास पार्क किए गए विस्फोटक से भरे स्कॉर्पियो में धमकी भरा पत्र रखा था। मुंबई पुलिस ने स्कॉर्पियो से मुकेश और नीता अंबानी को संबोधित एक पत्र बरामद किया था, जिसमें दावा किया गया था कि यह विस्फोटक सिर्फ एक ’ट्रेलर’ है।

एनआईए ने खुलासा किया था कि वाजे पहले स्कॉर्पियो के अंदर धमकी भरा पत्र रखना भूल गया था और बाद में इसे रखने के लिए वापस आया था। NIA द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद वाजे को 15 मार्च को सस्पेंड कर दिया गया था। एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस ने उसके निलंबन का आदेश जारी किया था।

बता दें कि जाँच के दौरान एनआईए अधिकारियों ने पाया कि वाजे ने एंटीलिया के पास बम से भरे स्कॉर्पियो को पार्क करने से लेकर धमकी भरे पत्र को कार के अंदर रखने तक की पूरी कवायद को खुद से कॉर्डिनेट किया था। एनआईए के अधिकारियों ने निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए मुलुंड टोल कलेक्शन प्वाइंट से सीसीटीवी फुटेज बरामद किया था।