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कोविशील्ड की कीमत पर विपक्षी प्रोपेगंडा का SII के CEO अदार पूनावाला ने दिया जवाब, कहा- सबसे कम रेट में दे रहे वैक्सीन

कोरोना वायरस संकट के बीच विपक्षी नेताओं लिबरल बुद्धिजीवियों द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन को दामों को लेकर हायतौबा मचाने के बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने वैक्सीन की कीमत पर एक बयान जारी किया है। पूनावाला ने कहा कि यह बयान पारदर्शिता के उद्देश्य से जारी किया गया है।

अदार पूनावाला ने कहा, “भारत सहित सभी देशों में देशव्यापी टीकाकरण कार्यक्रमों के लिए सरकारी खरीद काफी कम कीमत पर हुई है क्योंकि इसका क्षेत्र बहुत बड़ा है। उदाहरण के लिए, बाजार की परिस्थितियों के आधार पर कई वैक्सीनें, यहाँ तक कि हमारी न्यूमोकोकल वैक्सीन निजी बाजार में इकोनॉमी मूल्य पर बेची जाती हैं, जबकि सरकार के लिए यह मूल्य निजी बाजार मूल्य का लगभग एक तिहाई है।”

SII के सीईओ अदार पूनावाला ने कोविशील्ड की कीमत को लेकर जारी किया गया बयान

उन्होंने आगे कहा, “कोविशील्ड वैक्सीन आज बाजार में उपलब्ध सबसे सस्ती COVID-19 वैक्सीनों में से है। शुरुआती कीमतों को वैश्विक स्तर पर बहुत कम रखा गया था, क्योंकि यह देशों द्वारा कम से कम वैक्सीन निर्माण के लिए दिए गए एडवांस फंडिंग पर आधारित था। भारत सहित सभी सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए कोविशील्ड की शुरुआती आपूर्ति कीमत न्यूनतम है।”

अदार पूनावाला के मुताबिक, “कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत फिर भी Covid-19 और अन्य गंभीर बीमारियों के दूसरे उपलब्ध ईलाजों की तुलना में काफी कम है।”

बता दें कि विपक्षी पार्टियाँ कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत को लेकर रोना रो रही हैं जो राज्य सरकारों के लिए प्रति खुराक 400 रुपए है। जबकि, केंद्र सरकार के लिए भी यही कीमतें तय की गई हैं, जो कि शुरुआती 110 मिलियन खुराक देने के बाद लागू की जाएंगी।

यह झूठा दावा किया जा रहा है कि राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के लिए वैक्सीन की कीमत में अंतर है। निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपए का मूल्य निर्धारित किया गया है। कंपनी पहले नुकसान सहते हुए भी टीकों को कम कीमत पर बेच रही थी।

‘Pak और जिहाद के खिलाफ बोलना बंद नहीं किया तो काट देंगे जीभ’: आतंकी ने भाजपा नेता को वीडियो जारी कर दी धमकी

एक अज्ञात आतंकी ने हाल ही में वीडियो जारी करके जम्मू-कश्मीर के भाजपा नेता रविंदर रैना को जान से मरने की धमकी दी है। आतंकी ने कहा है कि यदि रैना जिहाद के खिलाफ बोलना बंद नहीं करेंगे तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

अपने चेहरे को नकाब से ढके हुए और हाथ में रायफल लिए हुए आतंकी ने वीडियो में धमकी दी कि यदि रैना पाकिस्तान और इस्लामिक जिहाद के खिलाफ बोलना बंद नहीं केरेंगे तो रैना की जीभ काट दी जाएगी।  

आतंकी ने अपनी गीदड़ भभकी में कहा, “जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों पर होने वाले अत्याचार का बदला लिया जाएगा। हम रविंदर रैना को पीओके के बारे में बात न करने की चेतवानी देते हैं। तुम पीओके लेकर वहाँ मंदिर बनाने की बात करते रहो लेकिन हम तुम्हें बताना चाहते हैं कि हम जम्मू-कश्मीर को भी भारत के शासन से आजाद करा लेंगे।“  

आतंकी ने रविंदर रैना को अंतिम चेतवानी देते हुए कहा कि वह पाकिस्तान और जिहाद के खिलाफ बोलना बंद कर दें नहीं तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। आतंकी ने कहा, “इंशाअल्लाह, हम अल्लाह और जिहाद के रास्ते पर हैं और हम अपने मकसद में कामयाब भी होंगे। रविंदर और पीएम मोदी के दूसरे नौकरों, परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना।“ वीडियो के अंत में भारत को धमकी देते हुए आतंकी, अल्लामा इकबाल की पंक्तियाँ कहता है, “न समझोगे तो मिट जाओगे ऐ हिंदोस्ताँ वालों, तुम्हारी दास्तान तक भी न होगी दास्तानों में।”    

ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुआ वीर अब्दुल हमीद के बेटे का इंतकाल, फेक न्यूज़ लेकर AAP नेता संजय सिंह ने CM योगी को घेरा

1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में एक छोटी जीप में बैठकर पाकिस्तान के टैंक तबाह करने वाले परमचक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के बेटे अली हसन का कानपुर में कोरोना के कारण निधन हो गया। मीडिया ने बताया कि उनका ऑक्सीजन न मिलने के कारण निधन हुआ। वहीं AAP नेता संजय सिंह ने इस खबर पर सीएम योगी आदित्यनाथ को घेरने की कोशिश की।

दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट में हसन के स्वजनों के हवाले से कहा गया कि एलएलआर हॉस्पिटल को मालूम था कि हसन वीर अब्दुल हमीद के बेटे हैं, लेकिन बावजूद इसके ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम नहीं हुआ।

रिपोर्ट में हसन के बेटे सलीम ने बताया है कि 21 अप्रैल को उनके पिता को खाँसी आनी शुरू हुई और उनका ऑक्सीजन लेवल गिरने लगा। 

इसके बाद हालत देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहाँ ऑक्सीजन का प्रबंध हुआ लेकिन 4 घंटे बाद ये कहकर ऑक्सीजन देने से मना कर दिया गया कि उनकी तबीयत ठीक है। सबने वीर अब्दुल हमीद का नाम ले लेकर गुजारिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें जानने से इंकार कर दिया। नतीजन 23 अप्रैल को उनका निधन हो गया।

अब इसी खबर को शेयर करके आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने योगी सरकार पर निशाना साधा। अली हसन को श्रद्धांजलि देते हुए संजय सिंह ने कहा, “जिस वीर अब्दुल हमीद भारत माता की रक्षा के लिए पाकिस्तान के टैंक उड़ा दिए। तिरंगे की शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। इनका बेटा ऑक्सीजन की कमी से मर गया। योगी जी, PM की चापलूसी में प्रोटोकोल का रोना रोने के बजाय यूपी के लिए आक्सीजन माँगो। विनम्र श्रद्धांजलि।”

अब इस खबर के प्रकाशित होने के बाद और मामले का राजनीतिकरण होता देख, अस्पताल ने इस पर संज्ञान लिया। अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि 23 अप्रैल 2021 को आखिर क्या हुआ था। अस्पताल ने कहा कि 21-22 अप्रैल 2021 की रात 61 वर्षीय अली हसन को अस्पताल लाया गया। वहाँ उनका उपचार हुआ। इस दौरान उन्हें 14 लीटर ऑक्सीजन गैस भी उपलब्ध करवाई गई लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। 23 अप्रैल 2021 को उनका उपचार के दौरान निधन हुआ।

अस्पताल द्वारा जारी बयान

अस्पताल ने अपने बयान में ये भी कहा वहाँ इस समय 650 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 500 को ऑक्सीजन की जरूरत है और सबको ऑक्सीजन भी मुहैया करवाई जा रही है। लेकिन कोविड 19 मरीजों का प्राथमिकता से उपचार हो रहा है। अस्पताल का हर कर्मी दिन रात अपनी ड्यूटी पर लगा है ऐसे में दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर असत्य, भ्रामक और निराधार है। 

इस पत्र को ट्विटर पर विकास पांडे ने शेयर किया है। विकास ने संजय सिंह द्वारा शेयर की गई खबर वाले ट्वीट को शेयर करते हुए कहा, “झूठी खबर! अली हसन को ऑक्सीजन दी गई थी। दुर्भाग्य है कि इतने बहादुर शख्स के बेटे को ये सब झेलना पड़ा। लेकिन उनकी मौत किसी कीमत पर ऑक्सीजन की कमी के कारण नहीं हुई। कृपया तथ्य पढ़ें और ट्वीट सही करें।”

कोरोना के बीच भीड़ जमा करने में जुटे राकेश टिकैत, कहा- कटाई खत्म अब दोबारा धरनास्थल पर लाएँगे किसान

देश की चिंताजनक हालत देखने के बावजूद किसान नेता राकेश टिकैत आंदोलन को खत्म न करने की अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि पहले कुछ किसान खेतों में कटाई के काम और पंचायत चुनाव के चलते अपने गाँव चले गए थे, लेकिन अब वह उन किसानों को भी वापस लाएँगे और आंदोलन बढ़ाया जाएगा।

टिकैत इस बात को बार-बार कह रहे हैं कि सरकार किसानों का आंदोलन बलपूर्वक खत्म करने की न सोचे। अगर कोई भी कोशिश हुई तो किसान उसका जवाब देंगे। उनका कहना है कि वह कोरोना नियमों का पालन करते हुए बॉर्डर पर डटे रहेंगे, लेकिन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक सड़कों से नहीं हटेंगे।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि कुछ किसानों के खेतों में कटाई का काम चल रहा था तो वहीं उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव चल रहे थे। इस कारण आंदोलन में किसानों की संख्या कुछ कम हो गई थी। लेकिन अब किसानों के खेतों का काम खत्म हो गया है। अब सभी किसानों को एक बार फिर आंदोलन स्थलों पर लाया जाएगा और आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। 

बता दें कि कोरोना नियम का पालन करते हुए प्रदर्शन करने की जो बात टिकैत कहते आए हैं उसकी सच्चाई कुछ दिन पहले एक वीडियो के रूप में सामने आई थी। वीडियो में दिखा था कि टिकैत अच्छी खासी तादाद में लोगों को इकट्ठा करके इफ्तार पार्टी कर रहे थे। किसी ने उस समय चेहरे पर मास्क नहीं लगाया था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा था।

इसके बाद कल टिकैत ने हरियाणा के हिसार में बार एसोसिएशन के धरने को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर हमें छेड़ने का प्रयास किया गया तो हम भी सुताई करेंगे। टिकैत ने धरनास्थल को घर बताते हुए कहा, “जहाँ हम धरना दे रहे हैं वह हमारा घर है, हमारी कॉलोनी है। हम इसे किसी भी सूरत में माँगे पूरी नहीं होने तक खाली नहीं करेंगे… यह शाहीन बाग नहीं है जो डरा-धमकाकर खाली करवा लोगे। जहाँ तक क्लीन स्वीप अभियान चलाने की बात चल रही है तो मैं बता देना चाहता हूँ कि सरकार ने अगर ऐसी कोई गलती की तो पूरे देश में सुताई अभियान चलेगा। हरियाणा में तो पहले से ही यह अभियान चल रहा है।”

उनका वैक्सीन को लेकर कहना है कि बॉर्डर पर बैठे किसान इंजेक्शन लेंगे, लेकिन कोरोना टेस्ट नहीं कराएँगे। इंजेक्शन भी तब लगवाएँगे, जब आधे इंजेक्शन पुलिसकर्मी लगवाएँगे। उन्हें सरकार पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने कोरोना की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए पूछा था अगर कोरोना इतना खतरनाक है तो कुछ लोग बंगाल में रैली क्यों कर रहे हैं। कोरोना को एक तरह का बुखार ही मान सकते हैं। लोगों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही तो वहाँ की सरकार को इस्तीफा देना चाहिए।

फेक निकली एम्स के इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन की कमी की न्यूज़, कविता कृष्णन समेत वामपंथी गिरोह ने फैलाई झूठी खबर

जहाँ एक ओर दिल्ली, केजरीवाल सरकार की अक्षमता और प्लांट्स से ऑक्सीजन की आपूर्ति न करा पाने के कारण उसकी कमी से जूझ रही है वहीं दूसरी ओर ऑक्सीजन को लेकर फेक न्यूज फैलाने वाले भी बाज नहीं आ रहे हैं। आज (24 अप्रैल) को सोशल मीडिया पर यह फेक न्यूज चलती रही कि दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल ने ऑक्सीजन की कमी के चलते अपना इमरजेंसी वार्ड बंद कर दिया है। हालाँकि यह खबर फेक थी और AIIMS के डायरेक्टर ने डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इसका खंडन किया।   

इस फेक न्यूज को फैलाने में CPIML नेता कविता कृष्णन आगे रहीं जिन्होंने ट्विटर पर एम्स की इस फेक न्यूज से संबंधित काल्पनिक घटनाओं पर पूरा ट्विटर थ्रेड लिख डाला।


CPIML नेता कविता कृष्णन के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

कविता कृष्णन समेत कई अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली एम्स में ऑक्सीजन की कमी के चलते इमरजेंसी वार्ड के बंद होने की फेक न्यूज दौड़ाई। पर्यावरण एक्टिविस्ट लिसिप्रिया कँगुजम ने भी यही फेक न्यूज ट्वीट की लेकिन बाद में उसे डिलीट कर दिया।

लिसिप्रिया कंजुगम के ट्वीट का स्क्रीनशॉट जो डिलीट किया गया

हालाँकि जल्दी ही AIIMS के डायरेक्टर ने खुद ही इस खबर को गलत बताया। एनडीटीवी से चर्चा करते हुए दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि AIIMS के किसी भी संस्थान में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।

डॉ. गुलेरिया ने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। इसके चलते वार्ड में ऑक्सीजन पॉइंट्स भी बढ़ाने पड़े। मरीजों को कोई समस्या न हो इसलिए पूरे एडजस्टमेंट में लगभग एक घंटे का समय लगा। इस दौरान एमर्जेंसी वार्ड को एक घंटे के लिए ही रोका गया। हालाँकि एक घंटे के बाद वार्ड पहले जैसे ही काम करने लगा लेकिन इस प्रक्रिया को ऐसे प्रचारित किया गया कि AIIMS का एमर्जेंसी वार्ड ऑक्सीजन की कमी के चलते बंद कर दिया गया।

यहाँ यह ध्यान देने योग्य बात है कि यदि एम्स में ऑक्सीजन की कमी होती तो वहाँ ऑक्सीजन आउटलेट पॉइंट नहीं बढ़ाए जाते। इसका मतलब है कि एम्स के अंदर पर्याप्त ऑक्सीजन है।

लेकिन जैसा वामपंथी और लिबरल गिरोह ने फेक न्यूज फैला दी कि एम्स में ऑक्सीजन की कमी हो गई है जिसके कारण एम्स का इमरजेंसी वार्ड बंद कर दिया गया है। इस फेक न्यूज के कारण एक समय के लिए चिंता का माहौल बन गया।

3 माह तक वैक्सीन व ऑक्सीजन के आयात पर कस्टम ड्यूटी नहीं: PM मोदी ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट को सौंपी जिम्मेदारी

कोरोना संक्रमण के चलते देश की जो हालत है उसे सुधारने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार बैठकें कर रहे हैं। शनिवार (अप्रैल 24, 2021) को भी उन्होंने वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में कुछ अहम निर्णय लिए गए। 

इनमें से एक यह है कि अगले 3 माह तक कोविड वैक्सीन व ऑक्सीजन के आयात पर किसी तरह की कस्टम ड्यूटी नहीं लागू की जाएगी। साथ ही इसपर लगने वाले स्वास्थ्य सेस भी नहीं लागू होंगे। इसे सुनिश्चित करने का काम उन्होंने रेवेन्यू डिपार्टमेंट को सौंप दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के साथ घर और अस्पतालों में मरीज़ों की देखभाल के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि संक्रमित मरीजों के लिए घरों व अस्पतालों में जरूरी मेडिकल उपकरणों मेडिकल ग्रेड के ऑक्सीजन की सप्लाई सुनिश्चित कराई जाए। 

उल्लेखनीय है कि महामारी से त्रस्त देश को बचाने के लिए लोगों की मदद करने भारतीय वायुसेना आगे आई है। इसी क्रम में आज सुबह उनका मालवाहक विमान सिंगापुर पहुँचा। ये विमान वहाँ से 4 ऑक्सीजन टैंकर एयर लिफ्ट करके भारत लाएगा। 

इसके अलावा सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया है कि एक आदेश के तहत 10 हजार ऑक्सीजन कन्सट्रेटर लगाए जाएँगे। ये ऑक्सीजन कन्सट्रेटर अगले हफ्ते से अमेरिका से लाए जाएँगे।

सरकार ने ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए कई प्राइवेट कंपनियों से भी बात की। सूत्रों के अनुसार, सैन फ्रांसिस्को से दिल्ली की अगली फ्लाइट भारी मात्रा में ऑक्सीजन कन्सट्रेटर लेकर भारत आएगी।

बंगाल में इलेक्शन ख़त्म होते ही ममता बनर्जी चुनाव आयोग के खिलाफ जाएँगी SC, करेंगी नए चुनावों की माँग

पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे ही चुनाव परिणाम का दिन नजदीक आ रहा है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की घबराहट बढ़ती जा रही है। हालाँकि, ममता बनर्जी कभी चुनाव आयोग पर तो कभी केन्द्रीय सुरक्षा बलों पर कुछ न कुछ आरोप लगाती ही रहती हैं लेकिन अब उन्होंने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव आयोग के निर्देश पर तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के नेताओं को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह वर्तमान चुनावों के समाप्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाएँगी और राज्य में ‘नए और निष्पक्ष चुनाव’ कराने की माँग करेंगी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होते हुए ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रश्न खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव एजेंसी ने भाजपा की सहायता करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने का कार्य करता रहा कि टीएमसी के कार्यकर्ता भाजपा के खिलाफ वोटिंग न कर पाएँ।  

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों को एक संवैधानिक संस्था के खिलाफ उकसाते हुए कहा, “मैं बीरभूम, मुर्शिदाबाद और मालदा समेत जहाँ भी चुनाव होने हैं वहाँ के लोगों से अपील करती हूँ कि अभी से तैयारी कर लें क्योंकि एक तरफ हमें Covid-19 संक्रमण से लड़ना है वहीं दूसरी ओर हमें चुनाव आयोग से भी लड़ना है जो यह षड्यंत्र कर रहा है कि हमारे लोग वोटिंग न कर पाएँ।“

उन्होंने कहा, “यदि पुलिस किसी को अवैध रूप से गिरफ्तार करती है तो उनके परिवार वालों को पुलिस स्टेशन में जाकर बैठना चाहिए और पुलिस स्टेशन का घेराव करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर न्यायालय भी जाएँ। हम उच्च न्यायालय से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक जाएँगे और किसी की भी अवैध गिरफ़्तारी के विरुद्ध शिकायत करेंगे।”

जब से पश्चिम बंगाल में चुनाव शुरू हुए हैं तब से ही ममता बनर्जी चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाती रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने भाजपा की सहायता करने के लिए पश्चिम बंगाल में चुनावों को आठ चरणों में कराया है। इसके बाद उन्होंने Covid-19 को आधार बनाकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महामारी के संकट के बाद भी चुनाव आयोग बाकी बचे चुनाव को एक ही चरण में निपटाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है। इस मुद्दे पर चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि एक बार चुनावों की घोषणा होने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता है।  

सिंगापुर से एयरलिफ्ट कर IAF ला रहा 4 ऑक्सीजन टैंकर, अमेरिका से आएँगे 10 हजार ऑक्सीजन कन्सट्रेटर

कोरोना संक्रमण के कहर से देश को बचाने के लिए IAF अब मोर्च पर है। इसी क्रम में सिंगापुर से IAF का मालवाहक विमान ऑक्सीजन के 4 टैंकर एयर लिफ्ट करके लाने वाला है। जानकारी के मुताबिक हिंडन एयर बेस से कल रात 2 बजे वायु सेना के सी-17 विमान ने सिंगापुर के लिए उड़ान भरी और आज सुबह 7.45 बजे सिंगापुर पहुँच गए। संभवत: ये टैंकर आज शाम तक भारत हों।

वायुसेना ने बताया है कि क्रायोजेनिक (कम तापमान बनाए रखने में सक्षम) ऑक्सीजन टैंकर के चार कंटेनर लेकर विमान वापस आएगा। सिंगापुर से आए टैंकर सी-17 विमान पन्नागढ़ के अर्जन सिंह एयर बेस पर लैंड होंगे। इसके बाद भारतीय वायुसेना का एक विमान टैंकर लाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात भी रवाना किया जाएगा। जर्मनी से भी 23 मोबाइल ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट एयरलिफ्ट करने का सरकार का प्लान है।

गौरतलब है कि देश में ऑक्सीजन की कमी है और हालात बिगड़ रहे हैं। ऐसे में लोगों की मदद के लिए भारतीय वायुसेना भी सामने आई है। वायुसेना के विमान ऑक्सीजन टैंकर्स, मेडिकल पर्सनल आदि को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हैं, जिससे कम समय में जरूरी मदद पहुँचाई जा सके।

इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने 50 हजार मीट्रिक टन मेडिकल ऑक्सीजन को इम्पोर्ट करने का फैसला लिया है। साथ ही, विदेश मंत्रालय से यह भी पूछा है कि और किन-किन रूट्स से दूसरे देशों से ऑक्सीजन को इम्पोर्ट किया जा सकता है। 

बता दें कि महामारी से पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर फैसले ले रहे हैं। वहीं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शनिवार को देश में कोरोना की स्थिति को लेकर एक रिव्यू मीटिंग की। इसमें कोरोना से लड़ने को लेकर चर्चा की गई। 

इसके अलावा सरकारी सूत्रों ने यह भी बताया है कि एक आदेश के तहत 10 हजार ऑक्सीजन कन्सट्रेटर लगाए जाएँगे। ये ऑक्सीजन कन्सट्रेटर अगले हफ्ते से अमेरिका से लाए जाएँगे।

सरकार ने ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए कई प्राइवेट कंपनियों से भी बात की है। सूत्रों के अनुसार, सैन फ्रॉन्सिसको से दिल्ली की अगली फ्लाइट भारी मात्रा में ऑक्सीजन कन्सट्रेटर लेकर भारत आएगी।

उल्लेखनीय है कि IAF लगातार ऑक्सीजन जगह-जगह पहुँचाने का काम कर रही है। इसी क्रम में  IAF के सी-17 विमान ने हिंडन एयर बेस से पुणे एयर बेस के लिए आज सुबह 8 बजे उड़ान भरी और वहाँ 10 बजे पहुँचकर ऑक्सीजन के दो खाली कंटेनर ट्रक लोड किए। इसके बाद विमान गुजरात के जामनगर एयर बेस पहुँचा।

किस अस्पताल को कितना और कब ऑक्सीजन… CM योगी ने लॉन्च किया ‘मॉनिट्रिंग सिस्टम’: लाइव ट्रैक होगी हर जानकारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (अप्रैल 23, 2021) को प्रदेश के लिए ‘ऑक्सीजन मॉनिट्रिंग सिस्टम’ की शुरुआत की। इस सिस्टम के तहत 24*7 (सातों दिन, 24 घंटे) पूरे राज्य भर में होने वाली ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम की लाइव मॉनिट्रिंग होगी ताकि जरूरत के हिसाब से प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में मेडिकल ऑक्सीजन दी जाए।

मॉनिट्रिंग सिस्टम पर हर जिले के अस्पतालों में जरूरत पड़ने वाली ऑक्सीजन की न केवल लाइव जानकारी होगी बल्कि इसके साथ उन अस्पतालों को आवंटित ऑक्सीजन लेकर जा रहे वाहन और उस वाहन की हाइवे पर लाइव लोकेशन आदि सबकी ट्रैकिंग होगी।

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने इस संबंध में बताया कि यह प्लेटफॉर्म प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, परिवहन एवं गृह विभाग के सहयोग से रोडिक कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड (Rodic Consultants Pvt Ltd) द्वारा तैयार किया गया है। इस कंपनी के प्रतिनिधि ऑक्सीजन की आवश्यकता वाले सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मौजूद रहकर समयबद्ध रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। 

अवस्थी ने जानकारी दी कि इसके लिए वेब पोर्टल लिंक तैयार किया गया है, जिसको ऑक्सीजन सप्लाई चेन से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा प्रयोग किया जा सकेगा। कंपनी के प्रतिनिधि अस्पताल की ऑक्सीजन आवश्यकता का विवरण पोर्टल पर अपलोड करेंगे। 

पोर्टल पर ऑक्सीजन सप्लाई में लगे वाहनों की ऑनलाइन उपस्थिति को ट्रैक करते हुए निकटस्थ वाहन को अस्पताल के लिए रवाना किया जाएगा। इससे एक ओर अस्पतालों की ऑक्सीजन की माँग जल्द पूरी होगी, वहीं निर्धारित वाहन के पहुँचने में लगने वाले समय की भी बचत होगी।

उनके अनुसार, ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले वाहनों की रियल टाइम लोकेशन इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी। कंपनी के प्रतिनिधि रिफिल स्टेशन पर भी उपस्थित रह कर इस काम में सहयोग करेंगे। इसके अलावा यह भी कोशिश की जा रही है कि हर ऑक्सीजन वाहन पर ड्राईवर की पर्याप्त संख्या हों, ताकि बिना किसी परेशानी के उनका आवागमन हो सके।

HC में जयपुर गोल्डन अस्पताल के वकील ने केजरीवाल को ठहराया जिम्मेदार, अस्पतालों को उनके हाल पर छोड़ने से हुईं मौतें

राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी पर दिल्ली उच्च न्यायालय में जयपुर गोल्डन अस्पताल का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार पर कोरोना के हालात को सँभालने में अक्षमता और ढीले रवैये का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के अस्पतालों में लोग मर रहे थे तो दिल्ली सरकार के अधिकारी उपलब्ध नहीं होते थे।

हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे मेहरा को सचिन दत्ता ने बताया। उन्होंने कहा, “कल पूरे दिन हमने आपके अधिकारियों को बुलाया, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।”

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के तेज होते संक्रमण के बीच जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल्स ने ऑक्सीजन सप्लाई की कमी को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए वरिष्ठ वकील दत्ता ने आरोप लगाया कि अस्पतालों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिस कारण से मरीजों को अपनी जान गँवानी पड़ी।

जयपुर गोल्डन हॉस्पिटल की तरफ से कोर्ट में सचिन दत्ता ने कहा, “कल 25 लोगों की मौत हो गई थी, क्योंकि हमारे पास ऑक्सीजन नहीं था। हम सचमुच साँस के लिए लड़ रहे हैं।”

इस मामले में जब जस्टिस विपिन सांघी और रेखा पल्ली की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली सरकार से पूछा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति और ऑक्सीजन प्लांट्स से संपर्क के लिए क्या प्रयास कर रही है, तो अधिवक्ता वर्मन ने जवाब दिया कि वे ऑक्सीजन की बढ़ती माँग को पूरा करने के प्रयासों को तेज करेंगे।

इस पर वकील दत्ता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यदि उनका घर दिल्ली सरकार के अंतर्गत होता तो मैं इस तरह की कठिन परिस्थितियों में नहीं होता।

वरिष्ठ वकील सचिन दत्ता ने दिल्ली सरकार के शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) के उस आदेश का कड़ा विरोध किया, जिससे राजधानी में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई थी। दत्ता ने कहा, “आप अस्पतालों को विश्वास में रख सकते हैं, ताकि वे परिवारों को इसकी जानकारी दे सकें।”