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‘अभी तो सिर्फ 3 इंच घुसाया है…’: सलमान खान की राधे का ट्रेलर देख यूजर्स बोले- जिंदगी के सबसे बुरे 3 मिनट

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान की नई फिल्म ‘राधे- योर मोस्ट वांटेड भाई’ ईद के मौके पर 13 मई 2021 को रिलीज होगी। कुछ देर पहले यूट्यूब पर उसका ट्रेलर आया है। ट्रेलर में दिखाया गया कि कैसे मुंबई शहर में क्राइम रेट बढ़ रहा है और उसे रोकने के लिए राधे (सलमान खान) जैसे अफसर की जरूरत है।

2 मिनट 58 सेकेंड के इस ट्रेलर में सलमान खान के सुपरकॉप अंदाज के अलावा रणदीप हुड्डा नेगेटिव शेड, दिशा पटानी नायिका और जैकी श्रॉफ नायिका के भाई के रूप में दिखाई गए हैं। इस ट्रेलर में सलमान खान के अंदाज, उनके डायलॉग और सीन देखने के बाद इंटरनेट यूजर्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे तो कुछ उनकी खिल्ली भी उड़ा रहे हैं।

यूट्यूब की बात करें तो zee5 नाम के चैनल पर अपलोड हुआ राधे का ट्रेलर देख लोगों ने इसकी कास्टिंग पर सवाल उठाए। लोगों ने पूछा कि दिशा पटानी, सलमान खान की बेटी की उम्र की हैं, लेकिन फिर भी वो उनकी हीरोइन हैं। इसी तरह जैकी श्राफ को इस फिल्म में दिशा का भाई बनाया गया है। इस पर भी लोगों ने चुटकी लेते हुए पूछा है कि क्या ये फिल्म टाइगर श्रॉफ देखेंगे।

कई यूजर्स सलमान के डायलॉग जैसे ‘मैंने जो कमिटमेंट कर दी’ सुन कर पूछ रहे हैं कि क्या ये पुरानी फिल्मों का कम्पाइलेशन है। वहीं कुछ लोग इस बात का मजाक बना रहे हैं कि जबसे सलमान ने फिल्म में सड़क साफ और कार ड्राइविंग की बात कही, तभी से फुटपाथ वालों का दिल धक-धक हो रहा है। 

ट्रेलर में एक डायलॉग है कि सलमान खान अपराधियों को कहते हैं, “अभी तो सिर्फ़ तीन इंच घुसाया है। अगर कोई आगे बढ़ा तो उसके ब्लैडर की जगह फेफड़े और लीवर की जगह किडनी होगी।”

इस डायलॉग का भी लोगों ने कई तरह से मजाक बनाया है। लोगों का कहना है कि भाई ने इस बार फिजिक्स के साथ बॉयोलॉजी और केमेस्ट्री को भी बिगाड़ दिया है।

यूजर्स डायलॉग सुन मजाक उड़ा रहे हैं कि इस बार फिजिक्स भी बायोलॉजी से कह रही है, “हम भी पेले गए थे तुम भी पेले जाओगे।” सुभांकर आनंद नाम के यूजर ने लिखा, “कसम खुदा की जिंदगी के सबसे बुरे 3 मिनट थे ये मेरे।”

एक यूजर ने इस ट्रेलर को शर्मनाक बताया क्योंकि उसे लगा कि दिशा और सलमान की जोड़ी फिल्म में बाप-बेटी वाली है। यूजर ने लिखा, “राधे का ट्रेलर देख शुरू में काफी अच्छा लगा। सलमान और दिशा की जोड़ी बाप-बेटी के रूप में काफी अच्छी लग रही थी। लेकिन अचानक सलमान अपनी बेटी को चूमने लगता है, इस तरह का आचरण हमारी संस्कृति के विरुद्ध है, सलमान की फ़िल्म से ये उम्मीद नहीं थी!”

इसके अलावा अल्लू अर्जुन का गाना ‘सीटी मार’ कॉपी करने पर भी यूजर्स ने राधे फिल्म के ट्रेलर पर चुटकी ली है। कहा जा रहा है कि 3 मिनट का ट्रेलर ऐसा है कि न जाने इस पर कितने मीम बने।

एक सीन जहाँ सलमान दिशा को किस कर रहे हैं उसे लेकर लोगों का कहना है कि उनके सलमान भाई बिगड़ गए क्योंकि एक समय उन्होंने ये कहा था कि वह फिल्मों में किसिंग सीन नहीं देंगे।

पति से नहीं जमी तो 30 साल बड़े ससुर ने दिया सहारा, पनपा प्यार और कर ली शादी: महिला ने कहा- वे दिल से जवाँ

अमेरिका में एक महिला ने शादी टूटने पर अपने पति के सौतेले पिता के साथ ही शादी कर डाली। दोनों की उम्र के बीच 29 साल का फासला है। यह घटना अमेरिकी राज्य केंटकी के मर्सर काउंटी स्थित हैरोड्सबर्ग की है। 31 वर्षीय महिला एरिका क्वीगल ने बताया कि उनके मन में ससुर जेफ़ क्वीगल के लिए तभी प्यार पनपना शुरू हो गया था, जब वह उनके सौतले बेटे जस्टिन टॉवेल के साथ शादीशुदा थी।

जस्टिन एक फैक्ट्री में काम करते हैं, वहीं ससुर जेफ़ पेशे से इंजीनियर हैं। शादी के बाद एरिका और जस्टिन का 2011 में एक बेटा भी हुआ था। इसके बाद से ही दोनों के रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई। तब सौतेले ससुर जेफ़ ने ढाँढस बँधाने के लिए एरिका को अपना कँधा दिया। एरिका अपनी पहली शादी के वक़्त मात्र 29 साल की थीं। अब एरिका और उनके नए पति (पूर्व सौतेले ससुर) की एक 2 साल की बेटी भी है।

एरिका का कहना है कि वह अपने से 30 साल बड़े किसी के साथ प्यार का इजहार कर किसी को दुःखी नहीं करना चाहती थीं, लेकिन 2017 में जब उनके और उनके सौतेले ससुर, दोनों की शादियाँ ख़त्म हो गईं तो जेफ़ ने उनसे प्यार का इजहार किया और दोनों ने फिर सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला किया। 2018 में दोनों की शादी हुई और उनकी बेटी ब्रेक्सली का जन्म उसी साल अगस्त में हुआ।

एरिका और जस्टिन की बहन आपस में दोस्त थीं। इस तरह से एरिका 16 वर्ष की उम्र से ही जेफ़ को जानती थी। एरिका ने कहा कि इस रिश्ते के बारे में सुनने में ये अपवादजनक लग सकता है, लेकिन हमें एक-दूसरे से प्यार था और हम नकार नहीं पाए। उन्होंने कहा कि उनका रिश्ता अभी परफेक्ट है। उन्होंने कहा कि जेफ़ ही दिल से जवान हैं और वो बूढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वो ऐसा कहती हैं, जेफ़ हँसने लगते हैं।

हालाँकि, एरिका ये भी कहना नहीं भूलतीं कि उनके पूर्व पति जस्टिन एक समझदार व्यक्तित्व वाले इंसान हैं। उनके बेटे की कस्टडी उनके और जस्टिन, दोनों के पास है। जस्टिन ने भी दूसरी शादी कर ली है और नजदीक की सोसायटी में ही रहते हैं। जस्टिन की माँ भी पास में ही रहती हैं। जस्टिन ने कहा कि दोनों के बीच घृणा का कोई भाव नहीं है और दोनों अपनी-जपनी ज़िंदगी में आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों को अब सिर्फ बेटे की चिंता है।

जेफ़ ने कहा कि उनके पास जो भी समय है, वो एरिका के साथ बिताना चाहते हैं और दोनों को साथ घूमना पसंद है। उन्होंने कहा कि हमने कभी उम्र के गैप पर बात ही नहीं की। 2008 में हाईस्कूल पूरी करने के बाद एरिका (तब एरिका लेन) ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ लेक्सिंग्टन में रहना शुरू किया था। वो रिलेशनशिप चला नहीं तो वो 2010 में घर आ गई और एक स्टोर डिपार्टमेंट में काम करने लगीं। फिर अपने बड़े भाई के स्कूली दोस्त जस्टिन के संपर्क में आई, जो तब 27 साल के थे।

मात्र 19 की उम्र में उन्होंने जस्टिन से शादी की। वो जस्टिन से मिलने के बाद डेट पर गईं और फिर ख्याल आया कि शादी कर लेना ठीक रहेगा। 2015 में एक बड़े मेकअप फ्रैंचाइज में उनकी जॉब लगी और उन्हें घूमना व अडवेंचर पसंद था, लेकिन जस्टिन ऐसे ही खुश थे। वो एक टीम बना कर बाहर निकलना चाहती थीं, घूमना चाहती थीं, लेकिन जस्टिन ऐसा नहीं चाहते थे। इससे दोनों में विवाद बढ़ने लगा।

एरिका कार शोज और स्थानीय फैशन मॉडलिंग प्रतियोगिता में भाग लेती रहती थीं। इनमें से एक शो का आयोजन उनके सौतेले ससुर जेफ़ ने किया था, जिससे दोनों करीब आए। इसके बाद एरिका ने उनसे शादीशुदा ज़िंदगी की समस्याएँ साझा करनी शुरू की।

एक दिन उन्हें खूब रोना आ गया और उन्होंने जेफ़ से कहा कि वो इसे और आगे नहीं ले जा सकती। 2015 के अंत तक वो जेफ़ के कँधों पर सिर रख कर रोती थीं। फिर जस्टिन और एरिका का तलाक हो गया। एरिका अपने माता-पिता के पास फिर से रहने लगी। इधर जेफ़ क्वीगल और जस्टिन की माँ की शादी भी टूट गई। 2017 की गर्मियों में दोनों का तलाक फाइनल हो गया।

वितरक से टैबलेट ले उसे फ्री में बाँटने को जमाखोरी कहेंगे?: BJP सांसद गौतम गंभीर ने AAP के आरोपों पर किया सवाल

कोरोना महामारी के बीच पूर्वी दिल्ली के भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने ऐलान किया है कि लोग फैबीफ्लू टैबलेट उनके कार्यालय में जाकर मुफ्त में ले सकते हैं। ये टैबलेट कोरोना इलाज के दौरान उपयोग की जाने वाली दवा है।

गंभीर ने ट्वीट में लिखा, “पूर्वी दिल्ली के लोग ‘Fabiflu’ मेरे कार्यालय (2, जाग्रति एन्क्लेव) से 10 से 5 के बीच मुफ़्त में ले सकते हैं। अपना आधार और डॉक्टर की पर्ची ले आएँ।”

इस ट्वीट के बाद दिल्ली की सत्ताधारी AAP के नेता दवा भंडारण का आरोप मढ़कर गंभीर पर निशाना साधने लगे। आप विधायक सोमनाथ भारती ने कहा, “क्या ये अपराध नहीं है? एक सांसद दवाइयों का भंडारण कर रहा है और अपनी इच्छा से बाँट रहा है। उन्हें इसे अस्पताल में क्यों नहीं देना चाहिए?”

आप नेता राजेश शर्मा ने कहा कि इसी वजह से बाजार से रेमडेसिवीर, फैबीफ्लू और अन्य महत्वपूर्ण दवाएँ गायब हैं। बीजेपी नेता इनका भंडारण कर रहे हैं। हमने ये गुजरात में भी देखा है। ऐसे नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी नेताओं के आरोपों के बीच गौतम गंभीर के कार्यालय के बाहर कई लोग दवा की पर्ची लेकर दवा लेने पहुँचे। एएनआई के मुताबिक एक व्यक्ति ने कहा, ”हमें डॉक्टर ने फेबीफ्लू टैबलेट लाने को कहा है। यह दवा कहीं भी उपलब्ध नहीं है। यहाँ यह टैबलेट मुफ्त में दी जा रही है।”

वहीं गौतम गंभीर ने AAP के आरोपों के जवाब में कहा है, “यदि किसी वितरक से प्राप्त की गई टैबलेट की 100 स्ट्रिप्स मुफ्त में दी जा रही है, तो क्या इसे जमाखोरी कहेंगे? क्या मेरे कारण फैबीफ्लू की कमी हो रही है? आप मुझे गलत कह सकते हैं लेकिन मैं लोगों की जान बचाने के लिए सब कुछ करूँगा।”

गौरतलब है कि संक्रमण से दिल्ली की स्थिति दिन पर दिन गंभीर हो रही है। पिछले 24 घंटे में 24,638 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 249 लोगों की मौत भी हुई है। आज सुबह ही कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक वालिया का कोरोना से निधन हो गया। दिल्ली में कोरोना से मरने वालों का कुल आँकड़ा 12, 887 हो गया है। वहीं एक्टिव केस की संख्या 85, 364 है। दिल्ली में अब तक कुल 9,30, 179 संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं।

18+ वालों को लगेगी कोरोना वैक्सीन: इसके लिए रजिस्ट्रेशन की 2 प्रक्रिया… कब से और कैसे, जानें सब कुछ

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग को और धारदार बनाते हुए केन्द्र सरकार ने 1 मई से 18 साल से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का फैसला किया है। मोदी सरकार ने देश में कोरोना के बढ़ते हुए संकट को देखते हुए सोमवार (19 अप्रैल) को यह फैसला लिया।

18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 28 अप्रैल से कोविन (CoWin) प्लेटफॉर्म पर शुरू होगी।

सरकार ने कहा है कि इस टीकाकरण अभियान में स्वदेशी वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के अलावा जल्द ही रूस की वैक्सीन स्पूतनिक का प्रयोग भी किया जाएगा।

आइए जानते हैं कि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए 1 मई से शुरू होने वाले कोरोना वैक्सीनेशन का हिस्सा बनने के लिए क्या प्रक्रिया है।

18+ उम्र के लोग कैसे करें कोरोना वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन

cowin.gov.in पर लॉग इन करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें।

आपके मोबाइल नम्बर पर एसएमएस द्वारा एक OTP आएगा।

OTP के वैलिडेट होने के बाद ”रजिस्ट्रेशन ऑफ वैक्सीनेशन” पेज खुलेगा

”रजिस्ट्रेशन ऑफ वैक्सीनेशन” पेज पर आवश्यक जानकारियां भरें, जैसे कि आपका फोटो आईडी प्रूफ।

आपसे पूछा जाएगा कि क्या आपको कोई बीमारी है, इसका जवाब हाँ या नहीं में दिया जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन के लिए जानकारियाँ भरने के बाद पेज के दाईं ओर नीचे की तरफ ”रजिस्टर” बटन पर क्लिक करें।

सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद आपको एक पुष्टिकरण का मैसेज आएगा। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपका ”अकाउंट डिटेल्स” दिखाई देगा। ”अकाउंट डिटेल्स” पेज से ही आप अपॉइंटमेंट शेड्यूल कर सकते हैं।

नागरिकों को इस मोबाइल नम्बर से तीन और लोगों को जोड़ने की अनुमति होती है, ऐसा करने के लिए पेज के दाईं ओर नीचे ”ऐड मोर” पर क्लिक करें। इसमें शामिल किए जाने वाले सभी व्यक्तियों की डिटेल्स भरें और फिर ऐड बटन पर क्लिक करें।

अपनी अपॉइंटमेंट बुक करने या वैक्सीनेशन के लिए आप आरोग्य सेतु ऐप भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए इसमें एक अलग टैब बनाया गया है, जिसमें आप नाम, उम्र और लिंग समेत अपनी आवश्यक जानकारियाँ भर कर खुद को वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं।

आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से कैसे करें रजिस्ट्रेशन

आरोग्य सेतु ऐप पर जाएँ> होम स्क्रीन पर CoWIN टैब पर क्लिक करें

वैक्सीन रजिस्ट्रेशन को सेलेक्ट करें, उसमें अपना फोन नंबर डालें, फिर जो ओटीपी आए, उसे डाल कर वेरीफाई पर क्लिक करें।

अब आपको वैक्सीन के रजिस्ट्रेशन पेज पर रिडायरेक्ट कर दिया जाएगा।

‘CoWIN पोर्टल के जरिए वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया (इसी लेख में ऊपर दिया गया है) का पालन करें।

प्रत्येक नागरिक को कोरोना वायरस वैक्सीन की दो खुराक दी जानी है। CoWIN पोर्टल के मुताबिक, कोवाक्सिन की दूसरी खुराक पहली खुराक के बाद 28 दिनों से 42 दिनों के बीच लेनी चाहिए। कोविशिल्ड की दूसरी खुराक पहली खुराक के बाद 28 दिनों से 56 दिनों के बीच लेनी चाहिए।

बुधवार को, सीरम इंस्टीट्यूट ने कहा कि वह वैक्सीन को राज्यों को 400 रुपए और निजी अस्पतालों को 600 रुपए में बेचेगा, जबकि केन्द्र सरकार के लिए कीमत वही (150 रुपए) रहेगी।

हाल ही में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल, असम, बिहार ने 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए मुफ्त वैक्सीनेशन की घोषणा की है।

केन्द्र ने 16 जनवरी से स्वस्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन श्रमिकों के लिए राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान शुरू किया था और 1 अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसमें शामिल करते हुए इसका विस्तार किया था।

‘दिल्ली के दो गुंडों को नहीं सौंप सकते बंगाल’: दिनाजपुर की रैली में बोलीं ममता बनर्जी- मैं खिलाड़ी नहीं, लेकिन खेलना जानती हूँ

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज (22 अप्रैल, 2021) को दक्षिण दिनाजपुर में एक चुनावी रैली की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘दिल्ली के दो गुंडे’ के रूप में संबोधित किया।  

ममता बनर्जी ने कहा, “मैं खिलाड़ी नहीं हूँ, लेकिन खेलना जानती हूँ। लोकसभा में मैं सबसे बेहतरीन खिलाड़ी थी। हम दिल्ली के दो गुंडों के हाथों में बंगाल को नहीं सौंप सकते।” कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच यह रैली करने के लिए ममता की आलोचना भी हो रही है।

आलोचकों ने महुआ मोइत्रा के उस ट्वीट को ममता बनर्जी की इस चुनावी रैली से जोड़कर दिखाया जिसमें उन्होंने चुनावी रैलियों के लिए भाजपा नेतृत्व की आलोचना की थी। महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया था, “भारतीय मोदी के द्वारा निर्मित इस आपदा को असहाय होकर देख रहे हैं।“

तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने 18 अप्रैल को यह दावा किया था कि ममता बनर्जी अब कोलकाता में चुनाव प्रचार नहीं करेंगी और चुनावी रैलियों का टाइम भी घटा दिया है। हालाँकि उन्होंने यह साफ-साफ नहीं बताया कि ममता बनर्जी बड़ी रैलियाँ करेंगी अथवा नहीं।

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में छठवें चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इसके बाद बंगाल में दो चरणों का मतदान शेष रह जाएगा। 26 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान के बाद चुनाव परिणाम 2 मई को घोषित किए जाएँगे।

छठे चरण के मतदान के बीच कई जगहों से हिंसा की भी खबरें आईं हैं। उत्तर दिनाजपुर के चोपरा क्षेत्र में फायरिंग हुई। नैहाटी के हालीशहर में एक स्थानीय भाजपा नेता के घर पर बमबारी हुई। भाजपा नेता की माँ और छोटे भाई इस हमले में जख्मी हो गए।

इस चरण में जिन 43 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वे उत्तर और दक्षिण बंगाल में फैले हुए हैं। उत्तर दिनाजपुर और नदिया की 9ए नॉर्थ 24 परगना की 17 और पूर्वी बर्धमान की 8 सीटों पर मतदान चालू है। इस चरण में अर्धसैनिक बलों की 779 कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर सेटों पर मतुआ समुदाय का प्रभाव है और कई की सीमाएँ बांग्लादेश और बिहार से लगती हैं।

बहादुरी के बाद अब दुनिया ने देखी मयूर शेलके की दरियादिली: जिस बच्चे की जान बचाई अब उसे देंगे आधा इनाम

इन दिनों सोशल मीडिया में मयूर शेलके  (Mayur Shelke) की खूब चर्चा हो रही है। वे सेंट्रल रेलवे के मुंबई डिवीजन में बतौर प्वाइंट्समैन कार्यरत हैं। मुंबई के करीब वन्गनी रेलवे स्टेशन पर उन्होंने एक बच्चे को बचाने के लिए जो हौसला दिखाया, उसका हर कोई कायल है। अब उन्होंने अपनी दरियादिली का एक और परिचय दिया है।

शेलके ने इनाम में मिली आधी राशि उसी बच्चे और उसकी माँ को देने का फैसला किया है, जिसकी जान उन्होंने बचाई थी। सेंट्रल रेलवे ने उनकी बहादुरी को देखते हुए 50 हजार रुपया देने का ऐलान किया था।

असल में वन्गनी स्टेशन पर एक बच्चा अपनी नेत्रहीन माँ के साथ जा रहा था। तभी वह प्लेटफॉर्म से नीचे पटरी पर गिर गया। बच्चा ऊपर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन चढ़ने में असफल रहा। उसकी माँ चिल्ला रही थी तभी शेलके ने सूझबूझ का परिचय दिया और दौड़कर बच्चे को ट्रेन की चपेट में आने से बचा लिया। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। इसे रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी शेयर किया। इसके बाद से ही शेलके की पूरे देश में चर्चा हो रही है।

शेलके के इस बहादुरी भरे कारनामे के बाद जावा मोटरसाइकल्स ने उन्हें पुरस्कार स्वरूप जावा बाइक देने की भी घोषणा की थी। महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने शेलके की तारीफ करते हुए ट्वीट किया, “मयूर शेलके के पास पोशाक या टोपी नहीं थी। लेकिन उन्होंने सुपरहीरो की तुलना में अधिक साहस दिखाया। Jawa परिवार की तरफ से हम सभी उन्हें सलाम करते हैं। मुश्किल समय में, मयूर ने हमें दिखाया है कि हमें बस अपने आसपास के लोगों को देखना होगा, जो हमें एक बेहतर दुनिया की राह दिखाते हैं।”

शेलके ने इनाम की राशि का आधा हिस्सा बच्चे और उसकी माँ को देने का फैसला करते हुए कहा है कि कोविड-19 महामारी का यह समय अत्यंत कठिन है। ऐसे में जो भी उन्हें नकद राशि अथवा चेक देना चाहते हैं, उसे उस बच्चे तथा उसकी माँ को दें अथवा किसी भी अन्य जरुरतमन्द को दें।

जींद से कोरोना टीका साफः अस्पताल से 1710 डोज चोरी, पास में रखे ₹50000 को हाथ तक नहीं लगाया

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच हरियाणा के जींद जिले के एक अस्पताल से कोरोना वैक्सीन की चोरी का मामला सामने आया है। चोरों ने पीपी सेंटर जनरल अस्पताल के स्टोर रूम से कोरोना वैक्सीन की 1710 खुराक चोरी कर ली है। इसमें 1270 कोविशील्ड और 440 डोज कोवैक्सिन के थे। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार अब जिले में कोरोना का टीका बचा ही नहीं है।

सेंटर के इन्चार्ज ने कहा है, “मैं अपने मेन सेंटर को भी चेक करूँगा, जहाँ से पूरे जिले को सप्लाई जाती है। अधिकारियों को भी सूचित करूँगा।” दैनिक जागरण ने जींद के स्‍वास्‍थ्‍य निरीक्षक राममेहर वर्मा के हवाले से बताया है कि रात के वक्त ताला तोड़कर वैक्‍सीन चोरी को अंजाम दिया गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज में दो संदिग्ध देखे गए हैं।

स्टोर रूम की आलमारी में रखीं कुछ फाइलें भी चोरी हुई हैं। लेकिन वहीं रखी अन्य दवाइयों और 50 हजार रुपए को हाथ तक नहीं लगाया गया। आशंका जताई जा रही है कि कालाबाजारी के मकसद से वैक्सीन की चोरी की गई है।

इससे पहले राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक अस्पताल से वैक्सीन चोरी का मामला सामने आया था। वहॉं वैक्सीन की 320 डोज चोरी हुई थी। गौरतलब है कि 1 मई से 18 साल से अधिक की उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उससे पहले देश के कई हिस्सों से Ramdesivir की ब्लैकमार्केटिंग की खबरें आई हैं।

खूनी व्यवसाय, दुष्ट, बेहूदगी… महाराष्ट्र की उद्धव सरकार की गैर जिम्मेदारी पर बॉम्बे हाई कोर्ट के शब्द

कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में नागपुर समेत पूरे महाराष्ट्र में रेमडेसिविर की खासी किल्लत है। लेकिन, अस्पतालों में एंटी वायरल ड्रग रमडेसिविर पहुँचाने के अपने आदेश के उल्लंघन पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।

हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सुनवाई के दौरान न्यायधीश एमबी शुकरे और एसएम मोदक की खंडपीठ ने कहा, “हम इस दुष्ट और बुरे समाज का हिस्सा होने पर शर्मिंदा हैं। अगर आपको शर्म नहीं आ रही है तो हम इस बुरे समाज का हिस्सा होने पर लज्जित हैं। आप हमारे मरीजों के प्रति लापरवाह हैं। ऐसे ही हम अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। हम आपको एक समाधान देते हैं, लेकिन आप उसका पालन नहीं कर रहे हैं। आप हमें कोई समाधान दे नहीं रहे हैं। क्या बेहूदगी चल रही है।”

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने जीवन रक्षक रेमडेसिविर की कमी पर सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन बताया है। अदालत ने कहा कि अब साफ है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहा है।

लोगों को हो रही दिक्कतों और कोविड-19 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नागपुर खंडपीठ ने कहा कि वो किसी के खिलाफ एक्शन नहीं लेना चाहता है, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जनता को समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़े।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता एमजी भांगड़े ने ज्वाइंट कमिश्नर (एफडीए) और नागपुर के अतिरिक्त कलेक्टर द्वारा दायर दो हलफनामों को कोर्ट को सौंपा। दोनों में अलग-अलग बयान थे। इस पर बेंच ने टिप्पणी की कि दोनों विरोधाभाषी बयान हैं। आखिर उसके आदेश का पालन क्यों नहीं किया जा सकता है।

जस्टिस शुकरे ने कहा, “अगर वह (आयुक्त) वैक्सीन के लिए खरीद एजेंसी नहीं हैं, तो यह “खूनी व्यवसाय” किसका है? उन्होंने कलेक्टर या उनके विभाग के किसी अधिकारी को उनके सवालों का जवाब पाने के लिए मौजूद रहने को कहा है।

जस्टिस शुकरे ने कहा, “आप कह रहे हैं कि आप आदेश का पालन करने की स्थिति में नहीं हैं। फिर आपके अनुसार समाधान क्या है? आप कह रहे हैं कि स्टॉक था, लेकिन नागपुर के लिए उपलब्ध नहीं है। ठाणे में अधिक और नागपुर में कैसे कम हो जाता है, यह समझाया नहीं जा सकता है।”

क्या था पूरा मामला

तेजी से फैल रहे कोरोना संक्रमण के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। अस्पतालों में जीवन रक्षक रेमडेसिविर की किल्लत हो रही है। इसी को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नागपुर में सोमवार रात 8 बजे तक रेमडेसिविर के 10,000 इंजेक्शन पहुँचाने का आदेश दिया था। लेकिन, उसका पालन नहीं किया गया।

बंगाल: मतदान के बीच BJP नेता के घर पर बमबारी, उत्तर दिनाजपुर में फायरिंग; TMC उम्मीदवार को जनता ने घेरा

पश्चिम बंगाल में आज गुरुवार (अप्रैल 22, 2021) को छठे चरण का चुनाव हो रहा है। दिन के 1:30 बजे तक राज्य में 57.30% वोटर टर्नआउट रहा। मतदान के बीच हिंसा की भी खबरें आ रहीं है। उत्तर दिनाजपुर के चोपरा क्षेत्र में फायरिंग हुई। वहाँ एक पोलिंग बूथ पर TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष हुआ।

दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे के पोलिंग एजेंट्स पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके बाद ये संघर्ष शुरू हुआ। भाजपा और TMC, दोनों ने ही बंदूकों का इस्तेमाल करने से इनकार करते हुए एक-दूसरे पर आरोप मढ़ा। चुनाव आयोग ने स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट माँगी है। रायगंज में भी तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप है, जहाँ उनकी ही पार्टी का एक कार्यकर्ता घायल हो गया। पार्टी ने इसका दोष भी भाजपा पर डाला।

नॉर्थ 24 परगना के बीजपुर विधानसभा क्षेत्र से भी हिंसा की खबर है। वहाँ पोलिंग बूथ पर दोनों दलों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। भाजपा ने आरोप लगाया है कि तृणमूल के नेता वहाँ फर्जी वोट गिरवा रहे थे। तनाव वाले क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियाँ भेजी गई हैं। नैहाटी के हालीशहर में एक स्थानीय भाजपा नेता के घर पर बमबारी हुई। भाजपा नेता की माँ और छोटे भाई इस हमले में जख्मी हो गए।

बैरकपुर से TMC उम्मीदवार और फिल्म निर्देशक से नेता बने राज चक्रवर्ती पर वोटरों को बरगलाने का आरोप लगा। बाद में आक्रोशित जनता ने उनका घेराव भी किया। अमडंगा में देशी कच्चे बम बरामद किए गए। नदिया के नक्शीपारा में एक चुनावी अधिकारी ने भाजपा के पोलिंग एजेंट को एंट्री देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसे हटाया गया। अमडंगा में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

इस चरण में जिन 43 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, वो उत्तर और दक्षिण बंगाल में फैला हुआ है। उत्तर दिनाजपुर और नदिया की 9, नॉर्थ 24 परगना की 17 और पूर्वी बर्धमान की 8 सीटों पर मतदान चालू है। इस चरण में अर्धसैनिक बलों की 779 कंपनियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें से अधिकतर सेटों पर मतुआ समुदाय का प्रभाव है और कई की सीमाएँ बांग्लादेश और बिहार से लगती हैं।

1.75 करोड़ लोगों को वैक्सीन का दोनों डोज, इनमें सिर्फ 5700 लोग संक्रमित, मरीज के गंभीर होने की संभावना कम: ICMR

देशभर में कोरोना वायरस के कहर के बीच इससे बचाव के लिए वैक्सीनेशन का तीसरा फेज भी शुरू हो गया है। इस बीच कई सारे ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिसमें टीका लगवाने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे हैं। इसी संक्रमण की स्थिति को सरकार ने स्पष्ट किया है।

इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने बुधवार को कहा कि टीकाकरण के बाद 10,000 में से केवल 2-4 लोग ही कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं।

आईसीएमआर के डायरेक्टर बलराम भार्गव ने वैक्सीनेशन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि टीकाकरण के बाद संक्रमित होने वालों की संख्या बहुत कम परसेंटेज में है। उन्होंने जानकारी दी कि कोवैक्सीन का दूसरा डोज लेने के बाद करीब 0.04 फीसदी लोग संक्रमित पाए गए। जबकि, कोविशील्ड की दूसरी खुराक के बाद 0.03 प्रतिशत लोग इन्फेक्टेड मिले हैं।

साभार (टाइम्स ऑफ इंडिया)

वैक्सीनेशन के बाद अगर हम संक्रमित होते हैं तो इसे “ब्रेक थ्रू इन्फेक्शन” कहते हैं। आईसीएमआर के डेटा के मुताबिक 1.1 करोड़ कोवैक्सीन के डोज का उपयोग किया गया है, जिसमें 93,56,436 लोगों ने टीके का पहला डोज लिया।

पहले डोज के बाद 4,208 (0.04%) लोग संक्रमित हुए थे। इसी क्रम में 17,37,178 लोगों ने कोवैक्सीन का दूसरा डोज लिया था, जिसमें से 695 (0.04%) संक्रमित हुए।

कोवैक्सीन से अलावा कोविशील्ड के 11.6 करोड़ डोज दिए गए थे। इसमें से 10,03,02,745 लोगों को इसका पहला डोज लगा था, जिसमें 17145 (0.03%) संक्रमित हुए। फिर 1,57,32,754 लोगों ने इसका दूसरा डोज लिया था, जिसमें से 5,014 (0.03%) संक्रमित हुए।

जी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नीति आयोग के हेल्थ मेंबर वीके पॉल ने कहा है कि टीका लगने के बाद भी अगर लोग संक्रमित हुए हैं तो यह उन्हें गंभीर हालात में नहीं ले जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि कोविशील्ड कोरोना में 70 फीसदी तक असरदार रही है, जबकि कोवीशील्ड टेस्टिंग के थर्ड फेज की शुरुआत में 81 फीसदी तक इफेक्टिव रही है।

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, वैक्सीन का सेकेंड डोज लेने के 10 से 15 दिन के भीतर ही व्यक्ति में पर्याप्त मात्रा में एंटीबॉटी बन जाती है।

30 साल से कम उम्र के लोगों पर दूसरी लहर का कम है असर

सरकार ने ये भी जानकारी दी है कि कोरोना की दूसरी लहर में 30 साल से कम उम्र के लोगों पर इसका असर कम हो रहा है। सरकार के मुताबिक, कोविड की पहली लहर के दौरान 10 से 20 वर्ष की आयुवर्ग में 8.07 प्रतिशत केस सामने आए थे। जबकि, सेकेंड वेव में 8.50 फीसदी केस ही सामने आए थे। वहीं 20-30 साल आयुवर्ग में कोरोना के पहले फेज में 20.41 प्रतिशत केस सामने आए, जबकि दूसरी लहर के दौरान 19.35 फीसदी केस ही थे।