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माँ बन गई ईसाई… गुस्से में 14 साल के बेटे ने दी जान: लाश के साथ ‘जीसस के चमत्कार’ की प्रार्थना

झारखंड के चतरा में एक किशोर ने कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली क्योंकि वो अपनी माँ के ईसाई धर्मांतरण से दुःखी था। उक्त घटना जोरी-वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र स्थित कटैया पंचायत के पन्नाटांड रविदास टोला की है, जहाँ कमलेश दास के 14 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार दास ने शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) की देर शाम कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली। झारखंड में आदिवासियों के बीच ईसाई मिशनरी खासे सक्रिय हैं।

ईसाई मिशनरियों ने उक्त किशोर की मौत के बाद उसकी लाश पर भी अपना एजेंडा चलाया। कुएँ से उसके शव को निकाल कर उसे फिर से ज़िंदा करने की कोशिश होती रही। इसके लिए ईसाई मजहब की प्रार्थनाएँ पढ़ी गईं और लोगों के बीच ‘जीसस के चमत्कार’ की झूठी उम्मीद जगाई गई। लेकिन, इसकी सूचना मिलते ही वशिष्ठ नगर थाने की पुलिस वहाँ पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हेतु चतरा भेजा।

हालाँकि, पुलिस ने इस मामले में धर्मांतरण वाले एंगल को नकार दिया है, जबकि स्थानीय लोग पुलिस की बातों से इत्तिफ़ाक़ नहीं रखते। NBT की खबर के अनुसार, स्थानीय ग्रामीण नित्यानंद मिश्रा ने जानकारी दी कि मृतक सूरज इन दिनों अपनी माँ के ईसाई मजहब में संलिप्तता व सक्रियता से खासा आक्रोशित था और मिशनरियों द्वारा गाँव के लोगों को गुमराह कर धर्मांतरण कराने की कोशिशों का लगातार विरोध कर रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि सूरज इसी कारण अवसाद में भी चला गया था। ऊपर से घर के लोग ये समझ रहे थे कि सूरज का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और ईसाई मजहब की प्रक्रियाओं से उसका इलाज करवा रहे थे। इससे बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ता ही चला गया और उसने आत्महत्या कर ली। ये भी बताया गया है कि सूरज धर्मांतरण के खिलाफ इतनी कम उम्र में ही ग्रामीणों को जागरूक कर रहा था।

हंटरगंज कॉलेज के इंटर का छात्र सूरज इस बात से नाराज था कि गाँव में कुछ बाहरी लोग आकर मिशनरी एजेंडा चला रहे थे और लोगों का धर्मांतरण करा रहे थे। पन्नाटांड़ टोला लगभग 100 लोगों की जनसंख्या वाला टोला है, जहाँ रहने वाले अधिकतर लोग गरीब और मजदूर हैं। उनकी दयनीय आर्थिक स्थिति का फायदा ईसाई मिशनरी उठाते हैं। पुलिस ने ईसाई प्रार्थना से मृतक को ज़िंदा करने की कोशिशों की बात स्वीकार की है लेकिन आगे की बात जाँच के बाद बताने को कही।

बता दें कि झारखंड में लालच देकर धर्मांतरण का खेल ईसाई मिशनरियों द्वारा खेला जा रहा है, जिसमें जनजातीय समूहों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। गढ़वा स्थित धुरकी प्रखंड के खाला गाँव में ऐसे 2 दर्जन परिवारों ने ईसाई मजहब अपना लिया था। जनवरी 2021 में कोरवा समाज की एक बैठक हुई, जिसमें गाँव के 3 परिवारों को ईसाई मजहब अपनाने के लिए समाज से बहिष्कृत किया गया था।

असम-पुडुचेरी में BJP की सरकार, बंगाल में 5% वोट से बिगड़ रही बात: ABP-C Voter का ओपिनियन पोल

चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के साथ ही 5 राज्यों में आचार संहिता लागू हो चुकी है और खास बात ये है कि भाजपा इस बार पाँचों राज्यों में शीर्ष 2 की लड़ाई में है। ये वो राज्य हैं, जहाँ 2014 से पहले पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होता था। इसी बीच एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल ने सर्वे किया है, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनती दिख रही है।

इस ओपिनियन पोल के हिसाब से कुल 294 सीटों में वोट प्रतिशत की बात करें TMC को 43% वोट, बीजेपी को 38% वोट मिल सकता है। वहीं कॉन्ग्रेस-वामपंथी गठबंधन को 13% वोट मिल सकता है। अन्य के खाते में 6% वोट जाने की संभावना जताई गई है।

ममता बनर्जी की पार्टी TMC को 148-164 सीटें आने की संभावना जताई गई है। भाजपा यूँ तो तो 200 का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है, लेकिन उसे 92-100 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

इस सर्वे के हिसाब से कॉन्ग्रेस और वामपंथियों का गठबंधन लड़ाई में भी नहीं है और उसे 31-39 सीटें ही मिलने की संभावना है। बताते चलें कि 34 साल तक सत्ता में रहे वामदलों के गठबंधन को हराकर TMC ने 2011 में 294 सीटों में से 194 सीटें हासिल की थी।

2016 के विधानसभा चुनाव में TMC और मजबूत हुई और कुल 211 सीटों पर उसका कब्ज़ा हुआ। बंगाल में किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के जादुई आँकड़े की जरूरत होती है।

सर्वे की मानें तो केरल में CPI(M) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खाते में इस बार 83-91 सीटें जाने की संभावना है और कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को मात्र 47 से 55 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इस तरह से पिनाराई विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। LDF को 40% और UDF को 33% वोट्स मिलने की संभावना जताई गई है।

असम में भाजपा के लिए अच्छी खबर है और सत्ता में उसकी लगातार दूसरी बार वापसी होती दिख रही है। भाजपा गठबंधन का वोट प्रतिशत 42% होने का अनुमान लगाया गया है और उसे 126 सदस्यीय विधानसभा में 68-76 सीटें मिलते दिखाया गया है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस यहाँ 31% वोट्स पाकर 43-51 सीटें झटक सकती है। 30 सीटों वाली पुडुचेरी में भी भाजपा 36% वोट शेयर और 17-21 सीटें जीत कर सरकार बना सकती है।

बात दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की करें तो वहाँ DMK गठबंधन को आगे बताया गया है। इस सर्वे की मानें तो AIADMK और भाजपा के गठबंधन को जहाँ महज 29% वोट ही मिलेंगे, वहीं स्टालिन की अगुआई वाली कॉन्ग्रेस और DMK गठबंधन को 41% वोट मिलेंगे। सीटों की बात करें तो 154-162 सीटें पाकर स्टालिन मुख्यमंत्री बन सकते हैं, वहीं मौजूद सत्ताधारी गठबंधन को 58-66 सीटों से संतोष करना पड़ेगा।

उधर सीएम ममता ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। बीजेपी के कहने पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा, किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है कि पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”

नौशाद उर्फ सुहैल पर NSA के तहत चलेगा मामला, मेरठ में लोगों को खिलाता था थूक वाली रोटियाँ

उत्तर प्रदेश में शादी समारोहों में थूक लगा कर रोटियाँ बनाने वाले नौशाद के ऊपर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA)’ के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। नौशाद उर्फ़ सुहैल फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में है और पुलिस ने NSA लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिन्दू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने माँग की थी कि नौशाद पर रासुका की कार्रवाई की जाए। उनकी शिकायत पर ही ये कार्रवाई हुई है।

वहीं हाल ही में भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने भी विधानसभा में नौशाद उर्फ़ सुहैल पर रासुका लगाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद ये मामला राज्य भर में चर्चा का विषय बना। मेडिकल थाने के इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने जानकारी दी है कि नौशाद पर रासुका लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इसके लिए अभियोजन अधिकारियों से भी राय ली जा रही है। कई मामले पहले से दर्ज हैं, जिसमें NSA जोड़ा जाएगा।

नौशाद उर्फ़ सुहैल ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया कि गंदगी न गिरे, इसलिए तंदूर में रोटी डालते वक्त उसे बार-बार झुकना पड़ रहा था। वहीं थाने के एक वायरल वीडियो में वो कहता दिख रहा है कि वो 10-15 सालों से रोटी बना रहा है और उतने ही समय से रोटियों पर थूक भी लगा रहा है। मेरठ में थूक लगा कर रोटी बनाने के मामले में गिरफ्तार नौशाद के पिता का नाम अख्तर है।

‘हिन्दू जागरण मंच’ के सचिन सिरोही ने अपनी लिखित तहरीर में बताया था कि नौशाद उर्फ़ सोहैल शादी समारोह में तंदूर की रोटियाँ बनाते समय थूक कर तंदूर में सेंक रहा था। उन्होंने अपनी शिकायत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का भी जिक्र किया था। हिरासत में लेकर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कबूल किया था कि इस वीडियो में दिख रहा शख्स वही है और उसने ही इस तरह की हरकत की है।

पत्थर चलाए, आग लगाई… नेताओं ने भी उगला जहर… राम मंदिर के लिए लक्ष्य से 1000+ करोड़ रुपए ज्यादा मिला समर्पण

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए देश भर के लोगों ने दिल खोल कर निधि समर्पण अभियान में हिस्सा लिया, अपना-अपना योगदान दिया। 44 दिन तक चलने वाले राम मंदिर निधि समर्पण अभियान से कुल 1100 करोड़ रुपए आने की उम्मीद की गई थी, आ गए 2100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा

राम मंदिर निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू किया गया था। यह 27 फरवरी 2021 को संत रविदास जयंती के मौके पर समाप्त हुआ। इन 44 दिनों में इस अभियान को लेकर देशवासियों के मन में उत्साह अलग ही लेवल पर रहा। हर जगह लोगों ने दिल खोल कर समर्पण दिया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी के अनुसार 27 फरवरी 2021 तक 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा आ गए हैं। 27-28 फरवरी को शनिवार-रविवार होने और बैंकों के बंद होने के कारण यह राशि और भी ज्यादा होगी, जिसकी सही जानकारी सोमवार यानी 1 मार्च 2021 को आ पाएगी, जब सारे चेक क्लियर होकर उनकी राशि खाते में आ जाएगी।

कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी ने बताया कि भारत में इस अभियान की सफलता को देख कर अब विदेशों में भी समर्पण निधि अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ‘दान’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दाता (श्रीराम) को ‘दान देना’ ठीक नहीं, यह समर्पण भाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि राष्ट्र का मंदिर है और यह सबकी समर्पण निधि से मिल कर तैयार किया जा रहा है।

अगले जन्म में आंखें देना, ताकि देख सकूँ रामजी का भव्य मंदिर

राजेश दिव्यांग हैं। लेकिन राम मंदिर के लिए श्रद्धा औरों से कम नहीं। दूसरों से माँग कर अपना भरण-पोषण करने वाले राजेश राम मंदिर के नाम पर 100 रुपए देते हुए कहते हैं – “मेरी आंखें नहीं हैं। मैं मंदिर नहीं देख सकता, लेकिन एक ईंट की कीमत चुका सकता हूँ। मैं प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करता हूँ कि मुझे अगले जन्म में आंखें देना, ताकि मैं रामजी का भव्य मंदिर देख सकूँ।”

राम मंदिर को लेकर जहाँ एक ओर लगभग सभी देशवासियों में उत्साह रहा, वहीं कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने इसके खिलाफ षड्यंत्र रचे, हिंसा की, लोगों को भड़काने का काम किया।

सबसे पहले रॉबर्ट्र वाड्रा का जिक्र। राम मंदिर को लेकर ये जनाब क्या कह गुजरे, देखिए:

अब चलते हैं दक्षिण भारत। यहाँ भी मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाले नेताओं की कमी नहीं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अयोध्या श्री राम मंदिर समर्पण निधि अभियान पर सवाल उठाए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के कार्यकर्ता कर्नाटक में राम मंदिर के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन जो पैसा नहीं दे रहा है उसका नाम लिख रहे हैं।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने मंदिर निर्माण के लिए दान को लेकर कहा, “अगर वे चंदा माँगने आएँगे तो मैं बोल दूँगा कि अयोध्या में विवादित राम मंदिर के लिए चंदा नहीं दूँगा। मैं कहीं दूसरी जगह बन रहे राम मंदिर के लिए दान दे दूँगा। भले ही मामला सेटल हो गया है लेकिन विवाद हमेशा बरकरार रहेगा।”

अब बात हिंसा की। ऐसे लोगों की, जो राम के नाम से या हनुमान चालीसा सुन कर आवेशित हो जाते हैं, पत्थर बरसाते हैं, आग लगाते हैं:

उज्जैन के बेगमबाग में हिंदू संगठनों की रैली पर जम कर पत्थरबाजी की गई थी। हिंदू कार्यकर्ता अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए रैली निकाल रहे थे। इस रैली को टॉवर क्षेत्र से महाकाल क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर तक जाना था। तभी रास्ते में ही बेगमबाग क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली पर पथराव शुरू कर दिया।

गुजरात के गाँधीधाम के किदाना गाँव में हिन्दू कार्यकर्ता अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने निकले थे। तभी भगवान श्रीराम के रथ के पास एक समुदाय के कुछ लोग जमा हो गए और उन्होंने वहाँ आगजनी शुरू कर दी। इस दौरान हिंसक भीड़ ने एक ऑटो और 2 बाइकों को भी आग के हवाले कर दिया।

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के चाँदन खेड़ी गाँव में हिंदूवादी संगठन के लोगों पर पथराव की घटना हुई। इस घटना में करीब 12 लोग घायल हुए। संगठन द्वारा अयोध्या के राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। तभी पास की मस्जिद से कुछ ही देर में पत्थर बरसने लगे

बेंगलुरु जिले के गुराप्पनापलया (Gurappanapalya) इलाके में हिन्दू संगठन और भाजपा के कार्यकर्ता चंदा इकट्ठा करने के लिए एक गाड़ी से निकले थे। गाड़ी पर श्रीराम का पोस्टर और संगठन के झंडे लगे हुए थे। जब गाड़ी पेट्रोल लेने के लिए रुकी तो कुछ लोगों ने हमला कर दिया। विरोध किए जाने पर उन लोगों ने गाड़ी पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।

‘PM मोदी समेत BJP नेता प्रचार कर रहे हैं और पप्पू मछली पकड़ रहा है, फिर कहेंगे EVM खराब है’

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा शनिवार (फरवरी 27, 2021) को अपने गृह नगर दतिया पहुँचे। बंगाल व अन्य राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर पत्रकारों से बात करते हुए मिश्रा ने कहा कि भाजपा के सभी वरिष्ठ नेता चुनाव की तैयारियों में व्यस्त है, लेकिन राहुल गाँधी अभी भी मछली पकड़ने में लगे हुए हैं और चुनावों के नतीजों के बाद कॉन्ग्रेस कहेगी की EVM खराब है।

उन्होंने कहा, “आप अंतर देखो मोदी जी तमिलनाडु में प्रचार कर रहे हैं, अमित शाह जी पश्चिम बंगाल में हैं, नड्डा जी असम में हैं, राजनाथ सिंह जी केरल में हैं और पप्पू मछली पकड़ रहा है, फिर कहेंगे EVM खराब है।”

बता दें कि केरल के वायानाड से सांसद और कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी इन दिनों केरल में हैं। इस दौरान कोल्लम में मछुआरों के जीवन का अनुभव लेने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए राहुल गाँधी समुद्र में नाव पर भी गए। जब मछली पकड़ने के लिए जाल फेंका गया तो राहुल गाँधी भी उत्सुकता दिखाते हुए बाकी मछुआरों के साथ पानी में कूद गए। 

तट पर पहुँचने से पहले राहुल गाँधी 10 मिनट तक तैरते रहे। राहुल गाँधी ने जब समुद्र में छलाँग लगाई उस दौरान उनके साथ नौका पर एक निजी सुरक्षा अधिकारी भी थे। वहीं कॉन्ग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा कि राहुल गाँधी बिना बताए ही समुद्र में उतर गए थे जिसे हम भी देखकर हैरान रह गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।

इससे पहले एमपी के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गाँधी के ‘हम दो हमारे दो’ नारों का अर्थ उन्हें समझा दिया था। नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि ‘हम दो-हमारे दो’ का नारा राहुल गाँधी के परिवार का ही बनाया हुआ है। वे इसी का पालन करते हैं। ‘हम दो’ का अर्थ है, माँ और बेटा और ‘हमारे दो’ का मतलब दीदी और बहनोई। नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि वो दो हो गए और उनके दो हो गए। यही बात वह कह नहीं पा रहे हैं तो उसको आप इस अर्थ में निकालिए तो यह सामरिक और सार्थक दिखेगा।

वहीं रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) चीफ व केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा था, “हम दो, हमारे दो का नारा परिवार नियोजन के लिए इस्‍तेमाल किया जाता था। यदि वे (राहुल गाँधी) इसका प्रचार करना चाहते हैं तो उन्‍हें शादी जरूर करनी चाहिए। उन्‍हें दलित लड़की से शादी करना चाहिए और जातिवाद को दूर भगाने का राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गाँधी का सपना पूरा करना चाहिए। इससे युवाओं को प्रेरित किया जा सकता है।”

ममता के मंत्री फिरहाद हाकिम का मस्जिद में ऐलान: जीते तो मौलाना-इमामों का बढ़ेगा भत्ता, BJP को वोट न देने की अपील

शनिवार (फरवरी 27, 2021) को तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के नेता फिरहाद हकीम को पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में कोलकाता के एक मस्जिद में एक राजनीतिक भाषण देते हुए पाया गया। हकीम कोलकाता के मेयर और शहरी विकास और नगर मामलों के मंत्री हैं।

मॉडल ऑफ कंडक्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है, “वोट हासिल करने के लिए जाति या सांप्रदायिक भावनाओं के लिए कोई अपील नहीं होगी। मस्जिदों, चर्चों, मंदिरों या अन्य पूजा स्थलों को चुनाव प्रचार के लिए मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।”

न्यूज चैनल टीवी 9 भारतवर्ष ने अपनी एक्सक्लूसिव स्टोरी में बताया कि टीएमसी नेता ने मस्जिद में राजनीतिक नारे लगाए। राज्य में मुस्लिम वोट बैंक पर अपना कब्जा कायम रखने के लिए फिरहाद हकीम ने 19 साल पहले हुए गुजरात दंगों का मुद्दा उठाया। प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बारे में भड़काऊ बयान देते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि 2002 में गुजरात में हुए दंगों को पश्चिम बंगाल में दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मस्जिद में एकत्रित मुसलमानों से भाजपा को वोट न देने की अपील की।

इसके अलावा, फिरहाद हकीम ने कहा कि यदि राज्य में फिर से ममता बनर्जी की सरकार बनती है तो इमामों को दिया जाने वाला भत्ता (मानदेय) बढ़ा दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य में मुस्लिम मौलवियों की मासिक आय बढ़ाने की उनकी योजना है। दिलचस्प बात यह है कि उनके बगल में बैठे इमाम ने दर्शकों से ‘आमीन’ कहने का आग्रह किया।

जब टीवी 9 के रिपोर्टर ने फिरहाद से सवाल किया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद वो वादा क्यों कर रहे हैं तो टीएमसी नेता ने दावा किया कि वह मस्जिद में दुआ माँगने के लिए आए थे ताकि राज्य में ‘विभाजनकारी ताकतों’ को ध्वस्त किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि गुजरात दंगों के दौरान लगभग 2000 लोग मारे गए, दिल्ली दंगों के दौरान 52, और आतंकवादी इशरत जहाँ को फर्जी मुठभेड़ में मारा गया। जब इमामों के लिए भत्ता बढ़ाने के अपने वादे के बारे में पूछा गया, तो हकीम ने सवाल को टालने की कोशिश की और कहा कि उन्होंने कुछ भी वादा नहीं किया है।

ममता के मंत्री के इस भड़काऊ बयान के बाद भाजपा ने चुनाव आयोग जाने का फैसला किया है। टीएमसी पर निशाना साधते हुए, भाजपा ने कहा है कि वे चुनाव आयोग से संपर्क करेंगे और फिरहाद हकीम के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए शिकायत दर्ज करवाएँगे। तुष्टिकरण की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कोरोना वैक्सीन को लेकर मुस्लिमों को भड़काने के आरोप में Youtuber अबू फैसल गिरफ्तार

10 महीने की लगातार निगरानी के बाद, हैदराबाद सेंट्रल क्राइम स्टेशन (CCS) के लोगों ने शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) को अबू फैसल को गिरफ्तार किया। बाद में साइबर अपराध पुलिस को सौंप दिया गया। अबू फैसल को दुबई से शहर के हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद इंटरनेट पर सांप्रदायिक नफरत वाले वीडियो पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि अबू फैसल AIMIM का समर्थक है।

आरोपित ‘अबू फैसल धमाका’ नाम का यूट्यूब चैनल चलाता है जहाँ वह समसामयिक घटनाओं पर अपने विचार शेयर करता है। वीडियो में, फैसल ने कोरोना वायरस के बारे में अवैज्ञानिक दावे किए और मुसलमानों से कोरोना वायरस वैक्सीन नहीं लेने का आग्रह किया था। YouTuber ने यह भी दावा किया था कि टीके जनसंख्या नियंत्रण का एक साधन है, और उसने ‘गौ रक्षा से जुड़े समूहों’ के माध्यम से जानकारी प्राप्त करने का दावा किया था। हालाँकि, बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद वीडियो को बाद में हटा लिया गया था।

न्यायमूर्ति आरडी धानुका और न्यायमूर्ति अभय आहूजा की खंडपीठ ने एक इमरान खान द्वारा दायर याचिका में यह आदेश पारित किया, जिन्होंने राज्य और पुलिस तंत्र से फैसल के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 149, 151,110 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने की माँग की थी। खान ने YouTube, Google और फेसबुक सहित अबू फैसल की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक पहुँच को स्थायी रूप से अवरुद्ध करने के निर्देश देने की माँग की थी।

याचिकाकर्ता के अनुसार, अबू फैसल ने उक्त वीडियो में आरोप लगाया कि मीडिया को मुसलमानों को निशाना बनाने और इस्लाम को कोरोना वायरस महामारी की आड़ में बदनाम करने का निर्देश दिया गया है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत पैदा करेगा।

हैदराबाद साइबर अपराध पुलिस ने मई 2020 में स्वत: संज्ञान लेते हुए उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (ए) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अबू फैसल ने 4 जून 2020 को भी इसी तरह का वीडियो जारी किया था, जिसके बाद उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस निकाला गया था।

CM योगी के नेतृत्व में यूपी GSDP के मामले में बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य: कोरोना काल में तरक्की का कीर्तिमान

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाला उत्तर प्रदेश, 19.48 लाख करोड़ रुपए के साथ सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के मामले में भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। इस प्रक्रिया में, राज्य ने गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है। 2019-2020 में यूपी पाँचवें स्थान पर था और 2020-2021 में, उसने तमिलनाडु के साथ अपनी स्थिति बदलने के लिए, तीन रैंक की छलाँग लगाई। 

सरकार के आँकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2020-21 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी ने 19.48 लाख करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर लिया है, जो राज्य को 2019-20 में पाँचवे स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचा देता है। इस खबर को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया।

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “वैश्विक महामारी कोरोना जनित आर्थिक मंदी के उपरांत भी उत्तर प्रदेश, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के मामले में भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य बन गया है। यह आदरणीय प्रधानमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन एवं समस्त प्रदेशवासियों के परिश्रम का सुफल है। सभी को हार्दिक बधाई।”

टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक खबर में कहा गया है, राज्य राष्ट्रीय स्तर पर एक सशक्त प्रभाव छोड़ने के लिए सुर्खियों में रहा है और व्यापार करने में आसानी से दूसरी रैंक पर पहुँच गया और इसी के साथ किसान सम्मान निधि वितरण में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया। सीएम योगी ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की थी कि राज्य सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2.37 करोड़ किसानों को लाभान्वित करने के लिए केंद्र सरकार से प्रमाण पत्र प्राप्त किया है।

कथित तौर पर, महाराष्ट्र जीएसडीपी सूची में 30.7 लाख करोड़ रुपए के साथ सबसे ऊपर है, इसके बाद यूपी का 19.48 लाख करोड़ रुपए है। तमिलनाडु राज्य जो पिछले साल नंबर 2 पर था, 19.2 लाख करोड़ रुपए के साथ 3 पर फिसल गया। कर्नाटक ने 18 लाख करोड़ रुपए जीएसडीपी दर्ज किया है जबकि गुजरात ने 17.4 लाख करोड़ रुपए।

रिपोर्ट में आगे उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया है कि फरवरी 2018 में निवेशकों के शिखर सम्मेलन के दौरान 4.28 लाख करोड़ रुपए के MoUs पर हस्ताक्षर किए गए थे और 3 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएँ जमीनी स्तर पर शुरू हुई हैं। पिछले दो वर्षों में राज्य का निर्यात भी बढ़कर 32 प्रतिशत हो गया है।

जीएसडीपी सूची में उत्तर प्रदेश की प्रभावशाली चढ़ाव को आंशिक रूप से योगी आदित्यनाथ द्वारा कोरोनावायरस के प्रकोप से निपटने को भी श्रेय दिया जा सकता है। देश में सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में से एक होने के बावजूद, उत्तर प्रदेश ने सीमा के भीतर COVID-19 के प्रकोप को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है।

किसान आंदोलन समर्थक प्लेबॉय मॉडल पर कॉन्ग्रेस नेता हुए लट्टू, लोगों ने कहा- ‘काम धाम देख लो चचा! पार्टी कब्र में है आपकी’

प्लेबॉय मॉडल अमांडा सर्नी के भारत में कृषि कानून का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने के बाद कॉन्ग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत सोशल मीडिया पर उसका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए बेताब दिखे। बता दें कि यह आंदोलन 26 जनवरी को काफी हिंसक हो गया था।

शनिवार (फरवरी 27, 2021) को, मॉडल और व्लॉगर ने कैप्शन के साथ ट्विटर पर अपनी मिरर सेल्फी पोस्ट किया। उन्होंने इसका कैप्शन दिया, ‘मूविंग डे’ (‘Moving Day’)। तस्वीर अपलोड करने के कुछ घंटों बाद, भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट सुरेंद्र राजपूत ने उनकी तस्वीर पर टिप्पणी करते हुए लिखा, “नाइस क्लिक गॉर्जियस लेडी अमांडा (Nice click Gorgeous Lady Amanda)।” कॉन्ग्रेस नेता के सोशल मीडिया पर 32.5 K फॉलोवर्स हैं। वह कई समाचार चैनलों पर डिबेट के दौरान पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

ऐसा लगता है कि सुरेंद्र राजपूत अमांडा के हर पोस्ट पर नजर रखते हैं और उसमें काफी दिलचस्पी भी दिखाते हैं। 23 फरवरी (मंगलवार) को अमांडा सेर्नी ने ट्वीट किया था, “मैंने अपनी पलकें झपकाई। रात अब खत्म हो चुकी है।” कॉन्ग्रेस नेता ने जवाब दिया, “हाहाहाहा यह भारत में सुबह है, अमांडा। आप भारतीय घटनाओं पर नजर रख रही हैं। हमलोग खुश हैं।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

हालाँकि, यह पहली बार नहीं है कि सुरेंद्र राजपूत ने किसी महिला ट्विटर यूजर के प्रति अत्यधिक सहानुभूति प्रदर्शित की है। जब लोकप्रिय ट्विटर यूजर प्रीति खत्री अपने विचारों की दुनिया में खो गई थीं, तो कॉन्ग्रेस मीडिया पैनलिस्ट ने अपनी सेवाओं की पेशकश की थी। प्रीति खत्री ने लिखा था, “मेरे दिमाग में कुछ अटक गया। उसको बाहर निकालने में कोई मदद कर सकता है क्या…” इस पर सुरेंद्र राजपूत ने तत्परता दिखाते हुए लिखा, “क्या हुआ बताइए। या तो आप मुझे कॉल करें या फिर डीएम करें।”

ट्वीट का स्क्रीनशॉट

नेटिजन्स ने लिया निशाने पर

सुरेंद्र राजपूत के इस व्यवहार के लिए नेटिजन्स ने उनको आड़े हाथों लिया था। पॉपुलर ट्विट यूजर रोजी ने गायक अरिजीत सिंह द्वारा गाए गए गाने का लिरिक्स “ना शर्म, ना लिहाज एक बार आया है” शेयर किया।

एक अन्य यूजर ने लिखा, “काम धाम देख लो चचा! वैसे ही पार्टी कब्र में है आपकी।”

एक अन्य ट्विटर उपयोगकर्ता ने सुरेंद्र राजपूत को अपनी पार्टी के सदस्य शशि थरूर से कुछ सीखने का सुझाव दिया। उन्होंने लिखा, “शशि थरूर से सीखिए। सीधे DM में मैसेज कीजिए।”

किसान विरोध, अमांडा सर्नी और ‘OnlyFans’ अकाउंट

गौरतलब है कि अमांडा सर्नी ने खुल कर किसान आंदोलन का समर्थन किया है। किसान आंदोलन को सपोर्ट करने वाली अमांडा ने ट्रैक्टर को सेक्सी बताया। उन्होंने ट्वीट किया, “मुझे लगता है कि आपका ट्रैक्टर सेक्सी है।” इसके बाद टीम किसान (Team kissan) नाम के समूह ने प्लेबॉय मॉडल को इंडिया आने पर ट्रैक्टर से एयरपोर्ट पर रिसीव करने की पेशकश की।

अमांडा ने अपनी टिप्पणियों के चलते सोशल मीडिया यूज़र्स से काफी आकर्षित किया है। लोगों के समर्थन के साथ ही सोशल मीडिया पर उनके जवाबों के स्क्रीनशॉट को सारे मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा भी किए जा रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि अपनी टिप्पणियों के प्रति लोगों का इतना झुकाव देखने के बाद प्लेबॉय मॉडल ने अपने फॉलोवर्स को याद दिलाया कि वे एक्सक्लूसिव कंटेंट के लिए उन्हें only fans पर पेमेंट कर सकते हैं।

बता दें कि OnlyFans का उपयोग ज्यादातर पोर्नोग्राफिक मॉडल द्वारा खुद की नंगी तस्वीरों को बेचकर पैसा कमाने के लिए किया जाता है। हालाँकि, फिटनेस पर ध्यान देने वाले और संगीतकार भी इस प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते हैं।

पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा फिर पड़ा उल्टा: बालाकोट स्ट्राइक की बरसी पर अभिनंदन के 2 मिनट के वीडियो में 16 कट

पाकिस्तानी सेना के इंटर-सर्विस पब्लिक रिलेशंस यूनिट ने विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान (Abhinandan Varthaman) का एक और प्रोपेगेंडा वाला वीडियो जारी किया है। अभिनंदन भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के वही पायलट हैं, जिन्होंने दो साल पहले 27 फरवरी को भारतीय सीमा में घुसे पाकिस्तानी विमानों को खदेड़ दिया था। इस दौरान वह पाकिस्तानी सीमा में पहुँच गए थे, जिसके दो दिन बाद उन्हें वहाँ से रिहा किया गया। अब जो वीडियो जारी हुआ है, उसे लेकर ये पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह कब का है।

महज दो मिनट के इस वीडियो (Abhinandan Varthaman Video) में कम से कम 16 एडिट्स हैं। इस वीडियो में अभिनंदन कश्मीर में शांति लाने और भारत-पाकिस्तान में कोई अंतर ना होने की बात करते दिख रहे हैं। इसके साथ ही वह वीडियो में पाकिस्तानी सेना की खातिरदारी की तारीफ कर रहे हैं। लेकिन वीडियो में इतने ज्यादा कट हैं कि इसकी सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान वीडियो के जरिए अपनी अच्छी छवि पेश करने की कोशिश करना चाहता है।

एडिटेड वीडियो में अभिनंदन कह रहे हैं, “ऊपर से नीचे आते वक्त पैराशूट से मैंने दो मुल्क देखे। दोनों में मुझे फर्क पता नहीं चला, दोनों एक जैसे खूबसूरत हैं। जब मैं नीचे गिरा तो मुझे पता नहीं चला कि मैं पाकिस्तान में हूँ या अपने देश हिंदुस्तान में, दोनों मुल्क एक जैसे ही लगे। मुझे चोट लगी थी काफी गहरी और मैं हिल नहीं पा रहा था। मैंने कोशिश की यह जानने की कि मैं कहाँ हूँ। जब मुझे पता चला कि मैं अपने मुल्क में नहीं हूँ तो मैंने भागने की कोशिश की। मेरे पीछे लोग भागे थे और वो काफी उत्तेजित लग रहे थे और वे चाहते थे कि मुझे पकड़ लें। तभी पाकिस्तानी आर्मी के दो जवान आए, उन्होंने मुझे पकड़ा और बचाया। एक कप्तान, उन्होंने इन लोगों से बचाया यूनिट तक ले गए जहाँ फर्स्ट एड दिया गया हॉस्पिटल ले जाया गया। वहाँ जाँच हुई और एड दिया गया, तब से आपकी खातिरदारी के साथ मैं यहाँ पर हूँ। क्या हो रहा है कश्मीरी के साथ वह न आपको पता है न मुझे पता है। हमें शांति से सोचना चाहिए।”

कायराना करतूतों से ध्यान भटकाने की कोशिश

बेशक वीडियो जारी कर पाकिस्तान अपनी छवि अच्छी बनाने की कोशिश कर रहा हो, लेकिन उसकी हरकतों से उसी की पोल खुल गई है। उसने ऐसा कर अपने सैनिकों की उन कायराना करतूतों से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की है, जिसके तहत वो पीओके (POK) और बलूचिस्तान (Balochistan) के लोगों पर अत्याचार करते हैं। इस वीडियो की एडिटिंग इतनी खराब है कि पाकिस्तान ने इसे जारी कर अपने खुद के पैर पर ही कुल्हाड़ी मारने वाला काम किया है।

सीआरपीएफ के काफिले पर किया था हमला

साल 2019 में 14 फरवरी वाले दिन जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले (Pulwama District) में स्थित लेथपोरा में जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे पर सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था, जिसमें 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। बाद में जब इस घटना की जाँच की गई तो पता चला कि इसके पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का हाथ है। इसके फिर 12 दिन बाद 26 फरवरी को आईएएफ के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में घुस कर जैश के ठिकानों पर बम बरसाए थे।

पाकिस्तान को मिली थी नाकामी

फिर अगले दिन पाकिस्तान ने इसका बदला लेने की कोशिश की लेकिन भारत के लड़ाकू विमानों ने उसकी ये कोशिश भी नाकाम कर दी। भारत के इस एक्शन की दुनिया के कई देशों ने सराहना की थी। क्योंकि इसका मकसद केवल और केवल आतंकवादियों का सफाया करना था। 

पहले तो पाकिस्तान ने किसी तरह की एयर स्ट्राइक (Balakot Airstrike) से इनकार कर दिया था लेकिन बाद में उसने भी एयर स्ट्राइक की बात मान ली थी। इसके साथ ही उसने बालाकोट तक मीडिया को नहीं जाने दिया था। मीडिया को वहाँ तक पहुँचने में दो महीने तक का वक्त लग गया था, जिसके चलते वहाँ हुए कुल नुकसान का ठीक से पता नहीं चल सका था।