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रघुनाथ मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लखदाता बाजार…: पुलवामा हमले की बरसी पर तबाही का था बड़ा प्लान

पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर बड़े आतंकी हमले की साजिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। जम्मू-कश्मीर में कई जगह आतंकी वारदातों को अंजाम देने का प्लान था। जम्मू पुलिस ने रविवार (फरवरी 14, 2021) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस पूरी साजिश का खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि पाकिस्तान से चंडीगढ़ में पढ़ने वाले एक युवक को मैसेज भेजकर आईईडी प्लांट करने का ऑर्डर दिया गया था।  

जम्मू पुलिस के आईजी मुकेश सिंह ने बताया, “हमारे पास पहले से ही इनपुट थे कि पुलवामा हमले की बरसी पर आतंकी ग्रुप्स वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। इस वजह से हम हाई अलर्ट पर थे। बीती रात हमने सोहेल नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया। उसके पास एक बैग था। पूछताछ के दौरान उसके बैग से 6-6.5 किलो आईईडी जब्त किया गया। हालाँकि वह एक्टिवेट नहीं था।”

उन्होंने आगे बताया कि सोहेल ने खुलासा किया है कि वह चंडीगढ़ में नर्सिंग की पढ़ाई करता है। उसे पाकिस्तान के अल बदर तंजीम के हुक्मरान के जरिए मैसेज आया था कि उसको एक आईईडी प्लांट करनी है।

आईजी मुकेश सिंह ने पाकिस्तान की साजिश का भंडाफोड़ करते हुए कहा कि सोहेल को आईईडी लगाने के लिए तीन से चार जगहों का टारगेट दिया गया था। इनमें रघुनाथ मंदिर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और लखदाता बाजार का नाम शामिल था। इसमें से किसी एक जगह पर उसे आईडी रखना था। इस आईडी को रखने के बाद उसे श्रीनगर की फ्लाइट पकड़नी थी, जहाँ उसे अल बदर तंजीम का ग्राउंड वर्कर अथर शकील खान उसे रिसीव करता।

उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के रहने वाला काज़ी वसीम को भी इसकी जानकारी थी। पुलिस ने उसे भी पिक कर लिया है। उसकी भी गिरफ्तारी हो जाएगी। इसके अलावा, आबिद नबी नाम के एक शख्स को भी गिरफ्तार किया गया है। अगर यह आईडी एक्टिव होती तो बड़ा धमाका हो सकता था। जान-माल की बड़ी हानि हो सकती थी।

मुकेश सिंह ने बताया कि बीती रात 15 छोटे आईईडी और 6 पिस्तौल सांबा सेक्टर से भी बरामद की गई।

पुलवामा हमले में 40 जवान हुए थे वीरगति को प्राप्त

बता दें कि दो साल पहले आज के ही दिन पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। हमले की दूसरी बरसी पर जम्मू-कश्मीर के लेथपुरा में सीआरपीएफ के कैंप में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया किया गया। दिल्ली में सीआरपीएफ मुख्यालय से डिजिटल माध्यम से बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीआरपीएफ ने कहा कि देश उस हमले के जिम्मेदारों को माफ नहीं करेगा और जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नहीं भूलेगा।

कोर्ट में दिशा रवि रोई, बाहर लिबरल: 5 दिन की पुलिस कस्टडी में, खालिस्तानी संगठन से भी लिंक

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने शनिवार (13 फरवरी 2021) को 21 साल की ‘क्लाइमेट एक्टिविस्ट’ दिशा रवि को बेंगुलरु से गिरफ्तार किया था। टूलकिट (ToolKit) मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। किसान आंदोलन की आड़ में रची गई विदेशी साजिश का पर्दाफाश जिस टूलकिट से हुआ था, उसे स्वीडन की कथित बाल अधिकार कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने गलती से लीक कर दिया था।

रविवार (14 फरवरी 2021) को दिशा को अदालत ने 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। न्यूज मिनट की रिपोर्ट के अनुसार अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए दिशा रोने लगी। इधर, उसकी गिरफ्तारी पर लिबरलों का भी विलाप शुरू हो गया है। इस बीच, खालिस्तानी संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (PFJ) से भी उसके लिंक मिलने की बात सामने आई है।

ग्रेटा थनबर्ग की ‘फ्राइडे फॉर फ्यूचर’ इंडिया चैप्टर की दिशा संस्थापक सदस्य है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिशा रवि, टूलकिट Google डॉक की संपादक है। वह दस्तावेज़ के निर्माण और प्रसार में मुख्य साजिशकर्ता है। उसने व्हाट्सएप ग्रुप शुरू किया और टूलकिट डॉक बनाने में सहयोग किया। डॉक का ड्राफ्ट तैयार करने में वह शामिल थी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक दिशा रवि ने ही ग्रेटा थनबर्ग के साथ टूलकिट डॉक शेयर किया था।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि दिशा रवि ने ही उसे टूलकिट डिलीट करने के लिए कहा था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने कहा कि इसमें दो लाइन से कहीं ज्यादा एडिटिंग है। बता दें कि सुनवाई के दौरान दिशा ने कहा कि उसने दो लाइनें ही एडिट की थी।

दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने 4 फरवरी को इस मामले में आईपीसी की धारा 124ए, 120ए और 153ए के तहत एफ़आईआर दर्ज की थी। देशद्रोह, आपराधिक षड्यंत्र और समूहों के बीच नफ़रत फैलाने संबंधी यह एफ़आईआर ‘टूलकिट’ के निर्माताओं के खिलाफ़ दर्ज की गई थी।

दिशा रवि की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही वामपंथियों का प्रलाप शुरू हो गया है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। लिबरलों ने दिशा रवि के पक्ष में सोशल मीडिया पर सहानुभूति जताना शुरू कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता करुणा नंदी ने दावा किया कि कार्यकर्ता एक गायिका माँ की बेटी है। उन्होंने कहा, “इस तरह के मामले में गिरफ्तारी के लिए आरोप बेतुके हैं।”

Screengrab of karuna Nundy’s tweet

लेफ्ट-प्रोपगेंडा वेबसाइट स्क्रॉल की कार्यकारी संपादक सुप्रिया शर्मा भी दिशा रवि के समर्थन में सामने आई।

Screengrab of the tweet by Supriya Shama

कम्युनिकेशन स्ट्रैटजी कंसल्टेंट कार्तिक ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा, “भारत सरकार बहुत बहादुर है! बेंगलुरु की 21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि को शनिवार को दिल्ली पुलिस की एक टीम ने गिरफ्तार किया।”

Screengrab of the tweet by Karthik

लेफ्ट-विंग प्रोपेगेंडा फैलाने वाली कार्यकर्ता कविता कृष्णन भी दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद खुद को रोक नहीं पाई। उन्होंने ट्विटर पर आरोप लगाया, “जैसा कि मैंने चेतावनी दी थी, ग्रेटा थनबर्ग द्वारा साझा किए गए टूलकिट के खिलाफ एफआईआर कोई मजाक नहीं है, यह भारत में कार्यकर्ताओं के विच-हंट के लिए नया बहाना है। 21 वर्षीय छात्रा और फ्राइडे फॉर फ्यूचर की कार्यकर्ता को इस बहाने पूछताछ के लिए उठाया गया है।”

Screengrab of the tweet by Kavita Krishnan

लेखक मिहिर शर्मा ने दावा किया कि ’21 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता’ को गिरफ्तार करके भारत एक ‘बड़ा सुपरपावर’ साबित हुआ।

गौरतलब है कि ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में जारी किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया था। लेकिन कुछ ही देर बाद यह ट्वीट ग्रेटा ने डिलीट भी कर दिया था। हालाँकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस डॉक्यूमेंट से यह स्पष्ट हो गया था कि किसान आन्दोलन एक सोची-समझी रणनीति के साथ शुरू किया गया था और 26 जनवरी का उपद्रव भी इसी रणनीति का हिस्सा था।  

इसके बाद उसने एक और ट्वीट किया, जिसमें गूगल डॉक्यूमेंट की एक फाइल शेयर की गई थी। इस फाइल में भारत में चल रहे किसान आन्दोलन को हवा देने वाले सोशल मीडिया कैंपेन का शेड्यूल और तमाम रणनीति दर्ज थी। यह गूगल डॉक्यूमेंट शेयर करते हुए ग्रेटा ने लिखा था कि जो लोग मदद करना चाहते हैं यह ‘टूलकिट’ उनके लिए है। इस लिंक में भारत सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव डालने की कार्ययोजना का विवरण था।

क्राइम ब्रांच के स्पेशल पुलिस कमिश्नर प्रवीर रंजन ने कहा था, “शुरूआती जाँच में पता चला है कि टूलकिट ‘खालिस्तानी समर्थक समूह’ पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन (Poetic Justice Foundation) द्वारा तैयार की गई थी।”

बॉर्डर पर टेंशन… PM मोदी की ब्रीफिंग और IT मिनिस्ट्री में रातोंरात तैयारी: चीन को झटका दिए जाने की इनसाइड स्टोरी

चीन के साथ सीमा पर तनाव के बीच भारत सरकार ने टिकटॉक, वीचैट जैसे चीनी एप पर जून 2020 में कार्रवाई थी। सरकार के इस अभूतपूर्व निर्णय को अमलीजामा पहनाने के लिए सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT) के अधिकारियों ने रातोंरात जरूरी कागजी कार्रवाई निपटाए थे। टाइम्स आफ इंडिया की एक रिपोर्ट से इस फैसले को लेकर दिखाई गई तत्परता सामने आई है।

मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खासतौर से ब्रीफ किया था। उन्हें तेजी से पेपरवर्क निपटाने का जिम्मा दिया गया ताकि भारत और चीन के सैन्य कमांडरों के बीच तीसरे राउंड की वार्ता से पहले इस बैन की घोषणा की जा सके। कानूनी अधिकारियों के साथ मिलकर आईटी मंत्रालय ने समय से इस काम को अंजाम दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक़ एलएसी पर चीन कुछ हद तक लाभ की स्थिति में था, लेकिन मोदी सरकार इस बार ‘परंपरागत सावधानी रखने वाले रवैए’ से हटकर चली। तमाम चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगाकर सरकार ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया कि गलवान घाटी में दिए गए धोखे, जिसमें 20 भारतीय जवान बलिदान हुए थे, का माकूल जवाब दिया जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत सरकार सिर्फ सैन्य स्तर पर जवाब नहीं दे रही थी। राजनीतिक, कूटनीतिक और यहाँ तक कि आर्थिक लिहाज़ से भी भारत सरकार ने चीन को मुँहतोड़ जवाब दिया। सरकार का मत स्पष्ट था कि वह आर्थिक या सैन्य लिहाज़ से किसी भी तरह का ख़तरा उठाने से पीछे नहीं हटेगी। 

इसकी वजह से मोदी सरकार को पैनगोंग त्सो पर विवाद को हल करने में मदद मिली। चीनी सेना घुसपैठ के किसी भी मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाई, जिसकी वजह से एलएसी पर भी स्थिति सामान्य करना सम्भव हुआ। चीन एलएसी पर अपने मनमुताबिक स्थायी बदलाव करने और फिंगर 4-8 वाले क्षेत्र को लेकर अपने मंसूबों में नाकामयाब रहा। भारत भले उस क्षेत्र से बाहर रहने वाला है, लेकिन इसका एक और मतलब साफ़ है कि चीन भी उस क्षेत्र में किसी भी तरह की गतिविधि नहीं कर सकता है।   

दरअसल भारत सरकार ने 29 जून 2020 को कुल 59 चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद सरकार ने जुलाई 2020 में 47 ऐसी एप्लीकेशंस पर पाबंदी लगाई थी जो इनके क्लोन के रूप में काम कर रही थीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत 2 सितंबर 2020 को लगभग 118 चीनी एप्लीकेशंस पर प्रतिबंध लगाया जिसमें PUBG भी शामिल था। इसके बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय ने नवंबर में 43 अन्य एप्लीकेशंस पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था। 

इस तरह की तमाम चीनी एप्लीकेशंस कथित तौर पर देश की संप्रभुता, अखण्डता, सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों को खतरे में डालने वाली गतिविधियों में लिप्त थीं। इसके अलावा भारत सरकार ने चीन के अली बाबा ग्रुप की चार एप्लीकेशंस पर भी प्रतिबंध लगाया था।   

कनाडा को कोरोना वैक्सीन की 5 लाख डोज इसी महीने, ट्रूडो ने मोदी से आपूर्ति का किया था अनुरोध

भारत इसी महीने कनाडा को कोरोना वैक्सीन ‘कोविशील्ड’ की पाँच लाख खुराक भेजेगा। भारत सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद ये मंजूरी दी गई है।

भारत की ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन की माँग दुनिया भर के देश कर रहे हैं। भारत मानवता का परिचय देकर कई देशों को मुफ्त में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध करवा चुका है। अब भारत की Vaccine Diplomacy का असर काफी दूर तक नजर आने लगा है। पाकिस्तान की नजर भी ‘मेड इन इंडिया’ कोरोना वैक्सीन पर बनी हुई है। इन सबके बीच कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने भी कोविशील्ड की जरूरत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से फोन कर बात की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कनाडाई समकक्ष को कोविड-19 टीकों की आपूर्ति में मदद करने की पूरी कोशिश करने का भरोसा दिया था। ट्रूडो ने एक सवाल के जवाब में कहा वो सीरम इंस्टीट्यूट से भारत में आने वाले संभावित अतिरिक्त टीकों को लेकर आशान्वित हैं। इस पर बारीकी से काम किया जा रहा है। 

कोरोना वैक्सीन की खुराकों की कमी से जूझ रहे कनाडा ने 5 फरवरी को भारत से 10 लाख खुराकों की आपूर्ति करने का अनुरोध किया था। हालाँकि जब भारत ने फरवरी में जिन देशों को वैक्सीन की आपूर्ति की जानी है, उनकी सूची जारी की तो इस सूची में कनाडा का नाम नहीं था। इस सूची में 25 देशों का नाम था जिन्हें 2.4 करोड़ खुराक भेजी जानी थीं। इस सूची के जारी होने के बाद कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 10 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था और उनसे कनाडा को वैक्सीन की आपूर्ति करने का अनुरोध किया था।

कोविड-19 टीकों की कमी से जूझ रहे कनाडा का रुख अब किसान आंदोलन पर भी बदल गया है। हाल ही में कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो भारत के किसान आंदोलन में दखलअंदाजी की वजह से निशाने पर आए थे। मगर अब उन्होंने भारत की तारीफ की है। पीएम मोदी की तारीफ करते हुए ट्रूडो ने कहा कि अगर विश्वभर के देश कोरोना से जंग जीत जाते हैं तो इसमें भारत की मेडिकल क्षमता और पीएम मोदी के नेतृत्व की अहम भूमिका होगी।

भारत के लिए इसे एक बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, बीते साल नवंबर में गुरु नानक जयंती के मौके पर जस्टिन ट्रूडो ने भारत में चल रहे आंदोलन को लेकर टिप्पणी की थी। जिस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज जताते हुए दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को ‘गंभीर नुकसान’ पहुँचने की बात कही थी।

कनाडा के पीएम ट्रूडो पर खालिस्तानियों के प्रति नरम रुख अपनाने के आरोप लगते रहे हैं। हाल ही में विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि कनाडा के पीएम ने किसान आंदोलन को लेकर भारत सरकार के बातचीत से रास्ता निकालने के प्रयासों की सराहना की है। ट्रूडो सरकार कनाडा में मौजूद राजनयिकों और परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

‘गमछा पर लिखा है CAA, इस पर क्रॉस लगा रखा है’: प्रताड़ित हिंदुओं को नागरिकता राहुल गाँधी को नहीं कबूल

कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने असम के शिवसागर में हुई रैली में कहा कि सत्ता में आने पर सीएए लागू नहीं करेंगे। अक्सर अपनी बातों से ज़्यादा हरकतों की वजह से चर्चा में रहने वाले राहुल गाँधी ने इस रैली में असम के एक पारंपरिक गमछे का इस्तेमाल किया, जिससे वह राज्य के लोगों और खुद के बीच ‘कनेक्ट’ स्थापित कर पाएँ (जैसा अमूमन उनसे होता नहीं है)। 

गमछा दिखाते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि इस पर सीएए (नागरिकता संशोधन क़ानून) लिखा हुआ है और उस पर क्रॉस का निशान बना हुआ है। इसका मतलब यह है कि चाहे जो हो जाए सीएए लागू नहीं होगा। राहुल गाँधी ने कहा, “हमने ये गमछा पहना है इस पर लिखा है सीएए। इस पर हमने क्रॉस लगा रखा है मतलब चाहे जो हो जाए सीएए नहीं होगा! हम दो हमारे दो…।। अच्छी तरह सुन लो, (सीएए) नहीं होगा, कभी नहीं होगा।” 

सीएए 2019 के दौरान संसद के दोनों सदनों से पारित किया गया था। इस पर अभी अमल किया जाना बाकी है। इस कानून की मदद से पड़ोसी देशों के प्रताड़ित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नागरिकता दी जाएगी। इसके लागू होने के बाद पाकिस्तान, अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई लोगों को नागरिकता दी जाएगी।  

लेकिन कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने ताजा बयान से फिर साबित किया है कि उन्हें इस्लामी देशों के प्रताड़ित हिन्दुओं, सिखों, बौद्धों, जैनों, ईसाइयों से कोई मतलब नहीं है। इन देशों में मौजूद अधिकांश लोग दलित समुदाय से आते हैं, जिनके हित की कॉन्ग्रेस हमेशा वकालत करती है। इसका मतलब साफ़ है कि ‘दलितों के अधिकारों’ के लिए लड़ने की बात छलावा मात्र है। दलितों के मुद्दे पर की गई सारी भाषणबाजी सिर्फ राजनीतिक मुनाफ़े के लिए की गई थी। 

असम में सीएए को लेकर पूर्व में काफी विरोध-प्रदर्शन हुए थे। प्रदेश में इस मुद्दे पर लगभग सारे विवाद हल हो चुके हैं। लेकिन आगामी विधानसभा चुनावों में यह बेशक बड़ा मुद्दा होगा।    

राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेता बच्चों को CM योगी ने किया सम्मानित, कहा – ‘अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकः’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (13 फरवरी 2021) को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विजेता बच्चों से संवाद भी किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मौके पर कहा कि सभी विजेताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में कुछ उल्लेखनीय किया है। इससे यह बात सिद्ध होती है कि हर व्यक्ति में प्रतिभा होती है। उस प्रतिभा को समाज के सामने लेकर आने और सही मंच प्रदान करने की ज़रूरत है। 

CM योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 5 होनहारों को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित करते हुए, उन्हें प्रदेश की इन्द्रधनुषी प्रतिभा, क्षमता और विशिष्टता की पहचान कहा। उसका ही नतीजा है कि आज सभी को इन छात्रों पर गर्व है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुताबिक़ विद्वता, वीरता, खेल, कला और संगीत में विलक्षण इन प्रतिभा सम्पन्न बच्चों ने खुद को पहचाना और अपनी विशिष्टता को उत्कृष्टता में तब्दील किया। इन छात्रों को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदेश के अन्य बच्चों के लिए प्रेरणा का आधार साबित होगा। इसके बाद CM योगी आदित्यनाथ ने कहा,

“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हर प्रकार के राष्ट्रीय पुरस्कारों के चयन में पारदर्शिता आई है। पद्म पुरस्कारों से लेकर बाल पुरस्कारों तक योग्यता के आधार पर ही लोगों का चयन किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति में एक बात कही जाती है, ‘अयोग्यः पुरुषो नास्ति योजकः तत्र दुर्लभः’ यानी कोई व्यक्ति अयोग्य नहीं है। एक अच्छा योजक मिल जाए तो हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकता है। प्रतिभा केवल एक क्षेत्र में नहीं हो सकती है, एक व्यक्ति अपने जीवन के किसी भी क्षेत्र में अपनी प्रतिभा समाज के सामने ला सकता है। यह क्षेत्र कला, साहित्य, विज्ञान या जीवन का कोई भी अन्य क्षेत्र हो सकता है।” 

विजेताओं का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आप पाँचों में कुछ अलग करने का साहस था। हर व्यक्ति को जीवन में एक ऐसा अवसर मिलता है, जो उसके जीवन का ‘टर्निंग पॉइंट’ होता है। जहाँ पर सकारात्मक निर्णय लेने वाला व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। जिनका दृष्टिकोण नकारात्मक हो, ऐसा व्यक्ति कभी अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान हमें ध्यान रखना होगा कि हम कोई भी कार्य पुरस्कार हासिल करने के लिहाज़ से नहीं करें। हमारा एकमात्र कार्य सिर्फ सही दिशा में आगे बढ़ते जाना है, परिणाम के बारे में सोचना नहीं।” 

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2021 के लिए उत्तर प्रदेश के 5 बच्चों का चयन हुआ है। इसमें लखनऊ के व्योम आहूजा (10), बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश सिंह (15), गौतमबुद्ध नगर के चिराग भंसाली (16), अलीगढ़ के मोहम्मद शादाब (17) और प्रयागराज के मोहम्मद (17) शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 जनवरी को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए इन छात्रों से संवाद भी किया था।

इंस्टा पर पति ने जितनी महिलाओं की तस्वीर की लाइक, पत्नी ने वैलेंटाइन गिफ्ट में सौंप दिए सारे

वैलेंटाइन डे को प्रेम का त्योहार कहा जाता है। अक्सर इस मौके पर प्रेमी एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार करते हैं। अमेरिका में एक महिला ने अनोखे अंदाज़ में अपने पति से प्यार का इजहार किया। वैलेंटाइन डे के मौके पर ग्लोरिया नामक महिला ने अपनी पति को कुछ तस्वीरें प्रिंट करा कर गिफ्ट की। वो न तो इन दोनों की साथ में ली गई तस्वीरें थीं और न ही किसी सब्जी/फोन या बाग़/बगीचों का कोई दृश्य।

वो तस्वीरें भी महिलाओं की थीं। किसी में कोई महिला हॉट अंदाज़ में ड्रेस पहने पोज दे रही है और किसी में बिकनी पहन कर कार को धक्का दे रही है। किसी में कोई महिला सेल्फी ले रही है और किसी में अपने शरीर के विभिन्न स्थानों के आकार को उभार कर पोज दे रही है। ये सारी तस्वीरें किसी एक महिला की नहीं थी। ये उन महिलाओं की तस्वीरें थीं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर ये तस्वीरें खुद पोस्ट की थी।

लेकिन, इससे ग्लोरिया के वैलेंटाइन डे का क्या सम्बन्ध? आइए, बताते हैं। दरअसल, ये वो सभी तस्वीरें थीं जिन्हें उनके पति ने सोशल मीडिया में लाइक किया था। ग्लोरिया ने एक TikTok वीडियो के माध्यम से दिखाया कि कैसे उन्होंने इन तस्वीरों को खोज कर प्रिंट कराया और गिफ्ट बनाकर पैक किया। एक दूसरे वीडियो में उन्होंने अपने पति को ये गिफ्ट देते हुए और साथ ही पति के रिएक्शन को भी कैमरे में कैद किया। इस तरह पति द्वारा लाइक की गई तस्वीरें वैलेंटाइन गिफ्ट बन गई।

उनके ‘gr93la’ यूजरनेम वाले TikTok हैंडल पर अब तक इस वीडियो को 1.5 करोड़ लोग देख चुके हैं। वीडियो के साथ डाले गए कैप्शन में ग्लोरिया ने पूछा कि वैलेंटाइन डे पर आप सब ने अपने पति/बॉयफ्रेंड को गिफ्ट में क्या दिया है? उन्होंने कहा कि जब सब शेयर कर रहे हैं तो मुझे भी शेयर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस ‘क्यूट लिटिल बॉक्स’ में उन्होंने अपने पति द्वारा इंस्टाग्राम पर लाइक की गई महिलाओं की तस्वीरें प्रिंट करा कर डाली हैं।

कंगना की ‘धाकड़’ में खलल डालने ट्रैक्टर से जा रहे थे कॉन्ग्रेसी, पुलिस ने रोका तो किया बवाल

अभिनेत्री कंगना रनौत इन दिनों मध्य प्रदेश के बैतूल में फिल्म ‘धाकड़’ की शूटिंग कर रही है। कॉन्ग्रेस ने किसानों पर कथित टिप्पणी को लेकर कंगना से माफी की माँग की थी। ऐसा नहीं होने पर शूटिंग नहीं होने की धमकी दी थी। इसी कड़ी में कॉन्ग्रेसी ट्रैक्टर रैली निकालकर शूटिंग स्थल जा रहे थे। पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने जमकर बवाल किया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बैतूल जिले में शनिवार (फरवरी 13, 2021) को भी कॉन्ग्रेसियों ने कंगना का विरोध किया। विरोध में ट्रैक्टर रैली निकाल रहे कॉन्ग्रेसियों को पुलिस ने फिल्म ‘धाकड़’ की शूटिंग स्थल सारणी से 11 किमी पहले ही रोक लिया।

शनिवार देर शाम पुलिस द्वारा रोके जाने पर कॉन्ग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और सारणी जाकर विरोध प्रदर्शन करने पर अड़े रहे। कुछ देर नारेबाजी के बाद कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। जवाब में पुलिस ने उन पर लाठियाँ भाँजी और वाटर कैनन का प्रयोग किया।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और ट्रैक्टर आगे ले जाने की कोशिश की। पथराव के दौरान एसडीएम अनिल सोनी को भी चोटें आई। बैतूल की एसपी श्रद्धा जोशी ने कहा, “इस झड़प में कुछ पुलिसकर्मियों और एसडीएम को चोटें आई हैं। घटना के वीडियो के माध्यम से आरोपितों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

किसान आंदोलन पर कंगना के ट्वीट के बाद कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले ही अल्टीमेटम दिया था कि कंगना 12 फरवरी तक अपने बयान पर माफी नहीं माँगती हैं, तो 13 तारीख को उनकी फिल्म की शूटिंग रोक देंगे। शुक्रवार (फरवरी 12, 2021) को भी पुलिस ने कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर उन्हें भगा दिया था। कॉन्ग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने बैतूल से 90 किमी दूर सारणी के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में चिचोली सहित अन्य कस्बों से उनके साथ कॉन्ग्रेस व युवक कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता भी आ गए। सभी कार्यकर्ता शाम को सारणी के नजदीक बगडोना पहुँचे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को तितर-बितर कर दिया। विरोध की चेतावनी का शूटिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। कंगना ने शुक्रवार शाम से शनिवार सुबह 6 बजे तक शूटिंग की।

कॉन्ग्रेसियों की चेतावनी पर राज्य के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस को कंगना की सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए थे। उन्होंने कहा कि हम मध्य प्रदेश की शांति किसी को भंग नहीं करने देंगे। चाहे वह कोई भी हो।

केरल में गिरफ्तार रऊफ को रिमांड पर लेगी यूपी STF, हाथरस में दंगे की साजिश में आया था नाम

हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश रचने का आरोपित रऊफ शरीफ केरल से ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। मथुरा कोर्ट में पेशी के बाद उसे एसटीएफ रिमांड पर लेगी। रऊफ शरीफ कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI) का महा​सचिव है। यह PFI का स्टूडेंट विंग है।

दिसंबर 2020 में उसे केरल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जमानत दे दी गई। इसके बाद उसे यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया था। उस पर यूपी के हाथरस में दंगे की साजिश रचने और विदेशी फंडिंग जुटाने का आरोप है। यूपी में CAA और NRC के दौरान भड़के दंगों में भी उसकी भूमिका संदिग्ध रही है।

हाथरस मामले में जमकर हो रही राजनीति के दौरान मथुरा जाते समय PFI के चार सदस्य सिद्दीक कप्पन, अतीकुर्रहमान, आलम और मसूद को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि उनकी हाथरस में दंगा फैलाने की साजिश थी। साथ ही रऊफ शरीफ का नाम सामने आया था। इसके बाद यूपी पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट के लिए आवेदन किया था।

हाथरस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ED ने कुछ दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल की है। एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि रऊफ को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लाया जा रहा है। मथुरा में उसे संबंधित न्यायालय में पेश कर उसे रिमांड पर लिया जाएगा।

बता दें, हाथरस मामले में जाँच कर रही पुलिस को पता चला था कि दंगे भड़काने के लिए PFI के सदस्य कप्पन और उसके साथियों को पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी रऊफ शरीफ व पी.कोया द्वारा फंडिंग की गई थी। आरोपितों को 1.36 करोड़ रुपए ओमान व कतर में बैठे पीएफआइ सदस्यों के जरिये रउफ तक पहुँचाई गई थी।

God Bless You का हिंदी मतलब ‘अस्सलामु अलैकुम’? Google ट्रांसलेशन की करतूत के बाद लोग माँग रहे जवाब

सोशल मीडिया पर गूगल ट्रांसलेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कई लोगों ने स्क्रीनशॉट शेयर कर के दावा किया कि जब वो अंग्रेजी में ‘God bless you’ लिखते हैं तो गूगल इसका अनुवाद ‘अस्सलामु अलैकुम’ दिखाता है, जिसका हिंदी भाषा से कोई सम्बन्ध ही नहीं है। लोगों ने गूगल पर हिंदी अनुवाद के नाम पर इस्लामी सामग्री परोसने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका शुद्ध हिंदी में अनुवाद कुछ और होना चाहिए।

हमने भी इस चीज की जाँच के लिए गूगल ट्रांसलेशन पर ‘God bless you’ टाइप किया, जिसका अनुवाद हमें ‘अस्सलामु अलैकुम’ ही दिखाया गया। जब हमने अंत में अंग्रेजी का पूर्णविराम (.) लगाया, तब इसका अनुवाद ‘भगवान आपका मंगल करे’ दिखाया। ‘God bless you’ के साथ ‘all’, ‘and your family’ और ‘always’ लगा कर विकल्प भी दिखाए गए, जिनके अर्थ क्रमशः ‘भगवान आप सब का भला करे’, ‘भगवान का आशीर्वाद आपके और आपके परिवार को’ और ‘भगवान हमेशा आपका ध्यान रखे’ दिखाया गया।

बता दें कि ‘अस-सलामु अलायकुम’ अथवा ‘अस्सलामु अलैकुम’ अरबी भाषा का अभिवादन है। इसे बोल कर मुस्लिम लोग एक-दूसरे के लिए ‘खुदा तुम्हें सलामत रखे’ की दुआ करते हैं। अरब के ईसाई भी इन शब्दों का प्रयोग कर लेते हैं। अरब से ही ये शब्द भारत में आ गए और यहाँ भी इसी तरह से मुस्लिमों ने अभिवादन की प्रक्रिया को अपना लिया। मुस्लिम विद्वान मानते हैं कि हदीस के हिसाब से ऐसा किया जा रहा है।

हालाँकि, आप इस ट्रांसलेशन के खिलाफ आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपको बाईं तरफ नीचे दिख रहे ‘Feeback’ विकल्प पर क्लिक करना है और गलत ट्रांसलेशन वाला विकल्प चुनना है, जिसके बाद आपसे पूछा जाएगा कि इसका सही अनुवाद क्या है? लोग सोशल मीडिया पर ये भी कह रहे हैं कि अगर गूगल इसका अनुवाद इस तरह से अरबी भाषा में दिखा रहा है तो हमें इसे हिंदी में ‘महादेव रक्षा करें’ या ‘ईश्वर आपका भला करें’ के साथ गूगल को प्रतिक्रिया भेजनी चाहिए।