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‘आंदोलन ख़त्म करने को कहा तो हम अपनी फसल जला देंगे’: राकेश टिकैत ने मोदी सरकार को दी धमकी

‘किसान’ नेता राकेश टिकैत ने आज हरियाणा के पुनिया में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी सरकार को धमकी दी कि यदि सरकार किसानों के विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने पर जोर देती है, तो किसान खड़ी फसलों को आग लगा देंगे।

हरियाणा के खरक पूनिया में आयोजित महापंचायत में टिकैत ने कहा कि केंद्र न सोचे कि किसान फसल की कटाई के लिए वापस चले जाएँगे और आंदोलन खत्म हो जाएगा। टिकैत ने कहा, “हम अपनी फसलों को जला देंगे लेकिन वापस नहीं जाएँगे। सरकार यह न सोचे कि विरोध दो महीने में खत्म हो जाएगा। हम फसल कटाई के साथ-साथ विरोध करेंगे। फसलों की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन ईंधन की कीमतें बढ़ गई हैं। जरूरत पड़ी तो हम अपने ट्रैक्टरों को पश्चिम बंगाल में भी ले जाएँगे। किसानों को वहाँ भी एमएसपी नहीं मिल रही है।”

खरकपुनिया गाँव में राकेश टिकैत ने किसानों से आह्वान किया कि उन्हें एक फसल की कुर्बानी देनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है फसल की कटाई का समय आ गया है, इसलिए किसान वापस गाँव चले जाएँगे, लेकिन किसान फसल की कुर्बानी देने को तैयार रहें। किसानों ने भी हाथ उठाकर टिकैत की बात का समर्थन किया। 

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उन्होंने कहा कि कानून वापसी तक किसान कहीं जाने वाला नहीं है। कानून वापसी से ही किसानों की घर वापसी संभव है। इसके साथ ही सरकार को एमएसपी पर कानून भी लाना होगा।

टिकैत ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि उनका अगला लक्ष्य 40 लाख ट्रैक्टरों का है, देशभर में जाकर 40 लाख ट्रैक्टर इकट्ठा करेंगे। ज्यादा समस्या की तो ये ट्रैक्टर भी वहीं हैं, ये किसान भी वही हैं, ये फिर दिल्ली जाएँगे। इस बार हल क्रांति होगी, जो खेत में औजार इस्तेमाल होते हैं, वे सब जाएँगे। 

विरोध करने वाले किसानों ने 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ट्रैक्टर रैली निकाली। इस दौरान रैली हिंसक हो गई। दंगाइयों ने पुलिस पर तलवार से हमला किया। दंगाई किसानों ने लाल किले पर निशान साहिब सहित, खालिस्तानी झंडे भी फरहराए।

किसान ‘रेल रोको’ प्रदर्शन का दिखा न्यूनतम असर, 8 ट्रेन जोन रही बिल्कुल सुरक्षित: ज्यादातर रेल ट्रैक रहे क्लियर

तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ अपने आंदोलन को तेज करते हुए प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों का आज चार घंटे के राष्ट्रव्यापी ‘रेल रोको’ आंदोलन किया था। हालाँकि, यह प्रदर्शन बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा हो गया। देशभर में ट्रेनों के परिचालन पर इसका काफी कम असर देखा गया। ट्रेन नाकाबंदी के कारण देश में कुछ स्थानों पर कुछ ट्रेनों रोका गया, लेकिन ज्यादातर रेल ट्रैक क्लियर रहे।

देश के कुल 18 रेलवे क्षेत्रों में से 8 ट्रेनों के क्षेत्र में एक भी ट्रेन रोकने जैसा मामला सामने नहीं आया है। यह सभी जोन विरोध प्रदर्शन से दूर ही रहे। रेल रोको विरोध प्रदर्शन से जो आठ जोन सुरक्षित रहे उनमें उत्तर मध्य रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, दक्षिणी रेलवे, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे मध्य रेलवे और दक्षिण पश्चिम रेलवे शामिल थे।

बता दें रेल रोको’ ’विरोध की घोषणा कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) द्वारा की गई थी। किसान यूनियन के कार्यकर्ता आज देश के कई स्थानों पर मौजूद रेलवे स्टेशनों पर एकत्र हुए और 12 बजे से 4 बजे तक यानी चार घंटे के विरोध प्रदर्शन के तहत रेल पटरियों को ब्लॉक कर दिया था।

गणतंत्र दिवस के मौके पर उग्र हुए प्रदर्शनकारियों की हरकतों को मद्देनजर रखते हुए रेलवे ने विरोध प्रदर्शन के दौरान पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में आरपीएसएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियों को तैनात कर दिया था।

गौरतलब है कि उत्तरी क्षेत्र में भी ‘रेल रोको’ विरोध का प्रभाव बहुत ही कम देखने को मिला। जहाँ से लगभग 25 ट्रेनों को रेगुलेट किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर ट्रेनों की आवाजाही बाधित किया। लेकिन चार घंटे के लिए विरोध प्रदर्शन के कारण, ट्रेनों को रद्द करने के बजाय कुछ देरी के साथ चलाया गया।

उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस ट्रैक्टर रैली के बाद किसानों द्वारा किया गया रेलवे नाकाबंदी तीसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन था। एक तरफ जहाँ 26 जनवरी को तथाकथित किसानों ने दिल्ली में जमकर उपद्रव मचाया था, तो वहीं घटना को मद्देनजर रखते हुए 6 फरवरी को हुए ‘चक्का जाम’ को भी पुलिसकर्मियों की सख्ती के अंतर्गत ही किया गया था। किसान नेताओं ने घोषणा की थी कि ‘रेल रोको’ विरोध शांतिपूर्ण होगा और यात्रियों को असुविधा नहीं होगी।

कुछ घंटे पहले गर्लफ्रेंड ने दिया था बच्चे को जन्म, उसकी माँ के साथ फ़रार हुआ बॉयफ्रेंड

देश और दुनिया में अक्सर ऐसी घटनाएँ होती हैं जो अजीबो गरीब होती हैं। ऐसी घटनाएँ जिन्हें सुनने के बाद उन पर भरोसा करना तक मुश्किल होता है। कुछ इस तरह का मामला सामने आया है ब्रिटेन ने ग्लास्टरशेयर क्षेत्र से, जहाँ दो बच्चों का पिता अपनी गर्लफ्रेंड की माँ के साथ भाग गया। भागने वाले युवक की उम्र 29 वर्ष है और महिला (गर्लफ्रेंड की माँ) की उम्र 44 वर्ष। सबसे ज़्यादा हैरानी की बात ये है कि युवक की गर्लफ्रेंड ने कुछ ही घंटों पहले एक बच्चे को जन्म दिया था। 

युवक की गर्लफ्रेंड का नाम जेस औड्रिज (Jess Aldridge) है, 24 वर्षीय युवती ने हाल ही में दूसरे बच्चे को जन्म दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ बच्चे के जन्म से ठीक पहले जेस अपनी माँ जार्जिना (Georgina) के घर पर रहने के लिए आई थी। कुछ ही समय बाद जार्जिना ने जेस के पति रेयान शेल्टर (Ryan Shelton) के साथ फ़्लर्ट करना शुरू कर दिया। फिर दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और वो एक दूसरे के नज़दीक आए। इसके बाद जेस अस्पताल में बच्चे को जन्म देने आई और वहाँ उसे पता चला कि उसका पति रेयान और उसकी माँ जार्जिना एक साथ भाग चुके हैं। 

इतना ही नहीं दोनों लगभग 60- 65 किलोमीटर की दूरी पर एक नए घर में साथ रह रहे हैं। इस घटना की जानकारी मिलते ही जेस ने एक समाचार समूह से बात करते हुए कहा, “मुझे इस बात की उम्मीद थी कि एक नवजात बच्चे की नानी उसे प्यार करेगी लेकिन उन्होंने ठीक उल्टा काम किया। जिस वक्त में मेरी माँ को मेरे बच्चे पालने में मदद करनी चाहिए, उस वक्त वो मेरे बॉयफ्रेंड के साथ समय बिता रही हैं। यह मेरे साथ सरासर धोखा है।” 

इसके अलावा जेस का ये भी कहना था कि उसकी माँ और उसके बॉयफ्रेंड के बीच पिछले कुछ समय से फ़्लर्ट जारी था। दोनों एक साथ बैठ कर शराब पीते थे और देर रात जागते हुए किचन के पास हँसी मज़ाक करते थे। बच्चे का जन्म होने के लगभग घंटे भर बाद उसे मैसेज मिला जिसमें रिश्ता ख़त्म करने की बात थी। दरअसल जेस की पहले से ही दो बेटियाँ हैं और वह अपनी माँ के पास इस उम्मीद से गई थी कि उसे बच्चों की देखभाल करने में थोड़ी मदद मिल जाएगी। इन बातों के ठीक विपरीत उसके साथ ही धोखा हो गया।     

महाराष्ट्र कॉन्ग्रेस प्रमुख की अमिताभ, अक्षय को धमकी, कहा- ‘पेट्रोल-डीज़ल पर नहीं बोले तो नहीं होंगे देंगे फिल्मों की शूटिंग’

महाराष्ट्र के कॉन्ग्रेस प्रमुख नाना पटोले ने देश के दो दिग्गज बॉलीवुड कलाकारों को धमकी दी है। पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों को लेकर कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि अक्षय कुमार और अमिताभ बच्चन क्यों मोदी सरकार के विरोध में नहीं बोल रहे हैं। अगर वो पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों पर अपनी राय नहीं रखेंगे तो वह महाराष्ट्र में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार की फिल्मों की शूटिंग नहीं होने देंगे और न ही प्रदेश में उनकी फिल्म रिलीज़ होने देंगे।  

मीडिया वालों से बात करते हुए कॉन्ग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, “आपने देखा होगा कि जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी तब अमिताभ बच्चन जी हों या अक्षय कुमार जी हों। पेट्रोल और डीज़ल के बारे में ट्वीट के ज़रिए बताते थे कि 25 और 30 रुपए का पेट्रोल ये लोग महँगा बेच रहे हैं। आज अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम कम होने के बाद भी, जिस तरह से डीज़ल पेट्रोल के दाम बढ़ा कर हिन्दुस्तान की जनता का जेब काटने का ‘महापाप’ नरेन्द्र मोदी की सरकार कर रही है। अब आप (अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार) क्यों नहीं बोल रहे हैं? अब अगर वो नहीं बोलेंगे तो हम महाराष्ट्र में अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार की शूटिंग रोकेंगे और उनकी फिल्म भी रिलीज़ नहीं होने देंगे।” 

महाराष्ट्र के कॉन्ग्रेस मुखिया पटोले ने कहा कि संप्रग की सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम करती थी इसलिए कलाकारों को विरोध करने का अधिकार था। इसके अलावा नाना पटोले ने ट्वीट के ज़रिए भी पेट्रोल डीज़ल और एलपीजी के दाम कम किए जाने का निवेदन किया। दरअसल, देश के दो राज्यों राजस्थान और मध्य प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 100 रुपए हो चुकी है। पूरे देश में पेट्रोल पर सबसे ज़्यादा वैट (36%) कॉन्ग्रेस शासित राजस्थान में वसूला जा रहा है। 

Sex-एडिक्ट गर्लफ्रेंड, श्वेता और उसका दोस्त: जानिए ट्विटर पर क्यों ट्रेंड कर रही Shweta

राजनीतिक और पेड हैशटैग के बीच गुरुवार (फरवरी 18, 2021) को ट्विटर पर एक अलग ट्रेंडिंग टॉपिक देखने को मिला। गुरुवार दोपहर में ट्विटर पर अचानक से ‘श्वेता’ ट्रेंड करने लगा।

ट्विटर पर ट्रेंड कर रही श्वेता

जिज्ञासावश हमने हैशटैग पर क्लिक करके देखा कि मामला क्या है। हैशटैग पर क्लिक करने पर हमें पता चला कि माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गई है, जिसने श्वेता को फेमस कर दिया है। इस रिपोर्ट को लिखने के समय, श्वेता 11 हजार ट्वीट्स के साथ ट्विटर पर चौथे नंबर पर ट्रेंड कर रही थी।

श्वेता की एक रिकॉर्डिंग वायरल हुई है। ऐसा लगता है कि यह रिकॉर्डिंग ऑनलाइन क्लास की है, जिसमें कई सारे लोग जुड़े हुए थे। इसमें श्वेता अपने दोस्त को उसके दूसरे करीबी दोस्त के साथ उसकी बातचीत सुना रही थी। मगर इस दौरान श्वेता ने माइक्रोफोन को म्यूट करने की बजाय स्पीकर को म्यूट कर दिया। जिसकी वजह से उसकी सीक्रेट पूरी क्लास ने सुन लिया।

इस दौरान श्वेता ने बताया कि कैसे उसके दोस्त ने उसके साथ अपने सभी सीक्रेट को शेयर किया। उसके दोस्त ने बताया कि वह अपनी ‘सेक्स-एडिक्ट गर्लफ्रेंड’ के साथ जब भी बार जाता था, वह करता था और उसने ऐसा ‘कई बार किया’ है। वह बताती है कि कैसे उसका दोस्त कभी-कभी अपनी गर्लफ्रेंड के लिए पजेसिव हो जाता है।

श्वेता कहती है, “वह उस लड़की को पागलों की तरह प्यार करता है। वह लड़की सिर्फ मेरा इस्तेमाल कर रही थी और मुझे पता भी नहीं था। वह उसके बारे में इतना पागल था कि वह सेक्स-एडिक्ट थी। वह उससे आकर्षित था, इसलिए उसने यह भी किया।”

इसके बाद वह कहती है कि उसके दोस्त ने स्वीकार किया कि वह उस लड़की के साथ यौन संबंध बनाने के लिए भी झुका हुआ था। वह हर बार मिलने पर ‘ऐसा करते थे’।

चूँकि श्वेता ने अपना स्पीकर ऑफ कर दिया था। इसलिए वह मीटिंग में शामिल अन्य लोगों द्वारा बोली जा रही बातें नहीं सुन पा रही थी। मीटिंग में शामिल अन्य लोग बार-बार बोल रहे थे, श्वेता, तुम्हारा माइक ऑन है, श्वेता…श्वेता… अब तुम्हारा सीक्रेट 111 लोगों को पता चल गया है।

इस ऑडियो क्लिप के सोशल मीडिया पर शेयर होते ही नेटिजन्स ने मजेदार मीम्स बनाने शुरू कर दिए। जिसके बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर ‘श्वेता’ ट्रेंड करने लगा।

इससे पहले कि श्वेता को कुछ पता चलता, वह ट्विटर पर स्टार बन गई।

CPI और TMC की लड़ाई में हुआ बंगाल के मंत्री जाकिर हुसैन पर बम अटैक: रेलवे ने बताया कारण, वीडियो हुआ वायरल

पश्चिम बंगाल सरकार में डिप्टी लेबर मंत्री जाकिर हुसैन और कुछ अन्य लोगों पर बुधवार देर रात मुर्शिदाबाद जिले के निमतिता रेलवे स्टेशन में पर जानलेवा हमला हुआ। हमले में मंत्री और कुछ अन्य लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। घटना की जाँच कर रहे रेल मंत्रालय के लोगों का कहना है कि इस धमाके के पीछे की वजह तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं की आपसी कलह है।

बता दें, जाकिर हुसैन कोलकाता जाने के लिए यहाँ पहुँचे थे। जब वह अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, तभी अज्ञात हमलवारों ने मंत्री पर बम से हमला कर दिया। इस बम ब्लास्टम में हुसैन सहित पार्टी के लगभग 22 कैडर घायल हुए हैं।

घटना में हुसैन का पैर गंभीर रूप से घायल हो गया है। बेहतर इलाज के लिए उन्हें कोलकाता के एक अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है, जहाँ डॉक्टर गंभीरता से उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए हैं।

सोशल मीडिया पर घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मंत्री अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ स्टेशन की ओर जा रहे थे कि तभी पीछे से अचानक धमाका होता है और चिल्लाने की आवाजें आती हैं।

जाँच कर रहे अधिकारियों ने टीएमसी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की ओर इशारा करते हुए इस धमाके में आतंकवाद के एंगल को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने CPI के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया था, जिन्होंने पिछले सप्ताह एक प्रदर्शन किया था। पुलिस की लाठीचार्ज से प्रदर्शनकारियों में से एक की मौत हो गई थी, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया था। वहीं इस घटना को लेकर CPI ने आज 11 बजे रेल रोको प्रदर्शन का आयोजन भी किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, जाकिर हुसैन ने 2017 में दो टीएमसी सदस्यों के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज की थी, जो उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे थे।

रेलवे ने मामले को लेकर आगे कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को और कड़ा करना चाहिए। यह अराजकता ट्रेन संचालन को भी बाधित कर सकती है और परिणामस्वरूप आम जनता को असुविधा हो सकती है।

गौरतलब है कि यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोरों शोरों पर है। घटना को लेकर राज्य भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राज्य में कानून व्यवस्था नहीं है। यहाँ तक ​​कि मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं।”

‘BJP बाकियों से अलग, मैं अकेले सब कुछ नहीं कर सकता’ – बेहतर केरल के लिए मेट्रो मैन ई श्रीधरन

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ श्रीधरन 21 फरवरी को विजय यात्रा के दौरान पार्टी की सदस्यता लेंगे। अब इस मुद्दे पर उनकी तरफ से प्रतिक्रिया आई है। उनका कहना है कि ये फैसला आकस्मिक नहीं है और भारतीय जनता पार्टी बाकी राजनीतिक दलों से अलग है। 

मलयाली समाचार पत्र मनोरमा से बात करते हुए ई श्रीधरन ने इस मुद्दे पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा:

“यह कोई आकस्मिक निर्णय नहीं है। मैं पिछले एक दशक से केरल में हूँ और इस प्रदेश के लिए कुछ करना चाहता हूँ। मैं अकेले सब कुछ नहीं कर सकता हूँ। भारतीय जनता पार्टी बाकियों से अलग है, इसलिए मैंने इसमें शामिल होने का फैसला लिया। मैंने केरल के लिए बहुत कुछ करने की योजना बनाई थी, जिसमें से काफी कुछ भाजपा के घोषणा पत्र में मौजूद है। सबसे पहले मैं पार्टी की सदस्यता लूँगा। इसके बाद पार्टी मुझे मेरी जिम्मेदारियों से अवगत कराएगी, अभी उन पर कोई चर्चा नहीं हुई है।”

श्रीधरन ने स्पष्ट किया कि अब से वह केरल सरकार की परियोजनाओं के तहत काम नहीं करेंगे क्योंकि अब वह पूरी तरह भाजपा के लिए समर्पित होंगे। वह कोच्चि मेट्रो एक्सपेंशन और पलारीवट्म ब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन से जुड़े हुए थे।

इसके अलावा श्रीधरन का ये भी कहना है कि भाजपा विकास लेकर आ सकती है। उनके अनुसार एलडीएफ़ (लेफ्ट डेमोक्रेटिक पार्टी) की सरकार ने सिर्फ निराश किया है। उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए पलारीवट्म ब्रिज का काम शुरू कराया था न कि सत्ताधारी पार्टी के लिए। 

ई श्रीधरन के चुनाव लड़ने के मुद्दे पर केरल भाजपा के मुखिया के सुरेंद्रन ने कहा, “पार्टी श्रीधरन से निवेदन करेगी कि वह केरल का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ें। उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर स्वेच्छा भी जताई है, यह फैसला पार्टी पर होगा कि श्रीधरन किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले हैं।”  

उन्‍नाव केस: जहर खाने से हुई दोनों लड़कियों की मौत, शरीर पर चोट के निशान नहीं- पोस्टमॉर्टम से खुला राज

उन्नाव की दोनों किशोरियों का पोस्टमार्टम हो चुका है। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों का कहना है कि दोनों किशोरियों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई है। दोनों ने मौत से करीब 6 घंटे पहले खाना खाया था। दोनों के पेट में 100 से लेकर 80 ग्राम तक खाना मिला है। खाने में जहर होने की वजह से मौत हो गई।

उन्नाव के एसपी आनंद कुलकर्णी ने ANI को बताया, “अब तक की जाँच के अनुसार, चश्मदीद गवाहों के बयान और डॉक्टरों की राय के आधार पर घटनास्थल पर काफी झाग पाया गया। इसलिए प्रथम दृष्टया जहर के लक्षण हैं। हम मामले की जाँच कर रहे हैं। शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।”

मृत पाई गई दोनों लड़कियों के पोस्‍टमार्टम के लिए प्रशासन ने तीन डॉक्‍टरों का पैनल बनाया था। बुधवार (फरवरी 17, 2021) देर शाम तीन नाबालिग दलित लड़कियाँ उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र के बबुरहा गाँव के एक खेत में बेहोशी की हालत में मिली थी। इनमें दो की मौत हो चुकी थी, जबकि एक को सीएचसी से जिला अस्पताल और उसके बाद कानपुर रीजेंसी अस्‍पताल रेफर किया गया। इलाज के 12 घंटे बाद भी उसकी हालत गंभीर है। उसे बैग और ट्यूब वेंटिलेशन पर रखा गया है। अस्पताल की चाइल्ड केयर यूनिट उसका गहनता से इलाज कर रही है।

मामले के खुलासे के लिए रात भर पुलिस का एक्‍शन जारी रहा। पुलिस ने मामले में चार युवकों को उठा लिया। उनसे पूछताछ चल रही है। उठाए गए चारों युवक बाबूरहा के बगल के गाँव के हैं। देर रात तक पुलिस असोहा के बाबूरहा गाँव में ही डटी रही। उन्नाव जनपद के नौ थानों की पुलिस फोर्स गाँव में तैनात है। इसके साथ ही 19 दरोगाओं, 70 मुख्य आरक्षी, 30 सिपाहियों की अतिरिक्त तैनाती की गई।

इस दौरान करीब 2:30 बजे पुलिस पीड़ित परिवार को लेकर थाने पहुँची, जहाँ एडीजी एसएन सावंत और आईजी लक्ष्मी सिंह ने उनसे घटना के बारे में पूछताछ की। लोगों ने इस केस की एकमात्र गवाह बची किशोरी को बचाने की गुहार लगाते हुए उसे तुरंत दिल्ली एम्स में शिफ्ट करने की माँग की।

घटना के खुलासे के लिए टीम गठित की गई है जो हर पहलुओं का निरीक्षण करेगी। उधर, परिवार ने पूरे मामले की जाँच सीबीआई से कराने की माँग की है। गौरतलब है कि पुलिस ने पहले ही संदेह जताया था कि इन लड़कियों ने जहर खाया होगा और डॉक्टर्स का भी प्रथम दृष्टया यही कहना है क्योंकि घटनास्थल पर किसी तरह के कोई अन्य साक्ष्य फिलहाल नहीं मिले, ना ही उनके शरीर पर किसी तरह के कोई चोट के निशान थे। दोनों बड़ी लड़कियाँ बहनें हैं, जबकि उनमें से सबसे छोटी लड़की उनकी चचेरी बहन थी। मामले की जाँच के लिए पुलिस ने 6 टीमें गठित की हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि लड़कियों के भाई ने कहा कि उनके हाथ और पैर बँधे हुए पाए गए थे। छोटी लड़कियों को अस्पताल पहुँचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि 17 वर्षीय की हालत गंभीर बनी हुई है।

पत्रकारों से बात करते हुए, लड़कियों के भाई ने कहा, “वे खेत में घास लेने गईं थीं। आज उन्हें घर लौटने में जब देर हुई तो हम उनकी तलाश में गए। हमने उन्हें अपनी चुन्नी से बँधा हुआ पाया।”

महिला जज को भेजे 150 कंडोम: ‘स्किन टू स्किन’ वाले फैसले से नाराज है महिला, वकीलों ने कहा – FIR करेंगे

अहमदाबाद की रहने वाली देवश्री त्रिवेदी ने बॉम्बे हाईकोर्ट की जज पुष्पा वीरेंद्र गनेदीवाला को 150 कंडोम भेजे हैं। बता दें कि जज पुष्पा गनेदीवाला ने हाल ही में यौन शोषण मामले में 2 विवादित फैसला सुनाया था।

“12 साल की लड़की का स्तन दबाया जाता है। लेकिन आरोपित ने उसका टॉप हटाया था या नहीं… उसने टॉप के अंदर हाथ डाल कर स्तन दबाया था या नहीं – इसकी सूचना नहीं है। ऐसी सूचनाओं के अभाव में इसे यौन शोषण नहीं माना जाएगा।” – एक फैसला यह था।

“उसकी पैंट की ज़िप खुली हुई थी, मेरी बेटी के हाथ उसके हाथ में थे। मेरी बेटी ने बताया कि वो उसे सोने के लिए बिस्तर पर आने को कह रहा था।” – यह 5 साल की पीड़ित बच्ची की माँ का आरोप था। इस मामले पर निचली अदालत के फैसले को बदलते हुए जज पुष्पा वीरेंद्र गनेदीवाला ने यौन शोषण की परिभाषा में ‘शारीरिक संपर्क’ शब्द की व्याख्या की थी। – यह दूसरा फैसला था – इस फैसले में भी ‘प्रत्यक्ष शारीरिक संपर्क- यानी यौन प्रवेश के बिना स्किन-टू-स्किन कॉन्टेक्ट’ का जिक्र किया गया था।

दरअसल, राजनीतिक विश्लेषक देवश्री त्रिवेदी ने कंडोम भेजते हुए जज के इस आपत्तिजनक फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा, “जस्टिस पुष्पा का मानना है कि अगर स्किन को नहीं छुआ है, तो फिर यौन शोषण नहीं है। मैंने उनको कंडोम भेज कर बताया है कि इसका इस्तेमाल करने पर भी स्किन टच नहीं होता है तो इसे क्या कहा जाएगा?”

देवश्री ने कहा, “मैंने एक चिट्ठी भी जस्टिस पुष्णा को लिखी है, उनके फैसले पर एतराज जताया है। मैंने जस्टिस गनेदीवाला को सस्पेंड करने की भी माँग की है।”

देवश्री त्रिवेदी का एक यूट्यूब चैनल भी है। उन्होंने 13 फरवरी को 12 पैकेटों में लगभग 150 कंडोम की पैकिंग दिखाते हुए अपने चैनल पर एक वीडियो पर भी अपलोड किया था। उन्होंने नागपुर में एचसी रजिस्ट्री और जज के आधिकारिक निवास सहित विभिन्न पते पर मेल किया था। उन्होंने मुंबई में एचसी की मुख्य बेंच को भी कुछ पैकेट भेजे हैं।

देवश्री ने कहा, “जज ने अपने फैसले में कहा था कि जब तक बच्ची के स्किन से डायरेक्ट कॉन्टैक्ट ना हो, तब तक वो सेक्सुअल असॉल्ट नहीं माना जाएगा और कंडोम इसका बेस्ट एग्ज़ाम्पल है। मैंने एक सिम्बल के तौर पर उन्हें भेजा है।”

गौरतलब है कि एक तरफ जहाँ लोग खुद को राजनीतिक विश्लेषक बताने वाली देवश्री के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। तो वहीं दूसरी ओर नागपुर पीठ में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की एक टीम ने इसकी निंदा करते हुए देवश्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।

MP: कॉन्ग्रेस HQ में कार्यकर्ताओं ने की एक-दूसरे की सुताई, भोपाल बंद की बनानी थी रणनीति, बन गया रण का क्षेत्र

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस कार्यालय में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई है। मारपीट का वीडियो बृहस्पतिवार (फरवरी 18, 2021) को सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस मुख्यालय में भोपाल बंद को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी और बैठक में बंद कराए जाने को लेकर बनाई जा रही रणनीति के बीच ही यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हाथापाई पूर्व महापौर विभा पटेल के समर्थक धर्मेंद्र राय और एक अन्य कार्यकर्ता के बीच हुई है। मारपीट के बीच मीडिया को भी इसका कवरेज करने से रोका गया। हालाँकि, तब तक शायद देर हो चुकी थी और भाजपा, मध्य प्रदेश के हाथ यह वीडियो लग गया।

वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग आपस में तेजी से एक-दूसरे पर झपट पड़ते हैं। तभी माइक पर एक महिला उन्हें रुकने के लिए लगातार कहती सुनी जा सकती है। बीचबचाव के बाद आखिरकार हाथापाई रुक जाती है।

भाजपा, मध्य प्रदेश ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर यह वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो के साथ भाजपा ने लिखा है, “देश के सबसे पुराने राजनैतिक दल का कॉन्ग्रेस मुख्यालय में संस्कारी व्यवहार।”

इस घटना के बाद जब कॉन्ग्रेसी नेता बाहर मीडिया के सामने आए तो किसी भी तरह का बयान देने से बचने की कोशिश करते देखे गए। इस घटना का वीडियो ‘खबर मध्य प्रदेश’ के यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं –