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कश्मीर के बारामूला में 2 आतंकी ढेर, पाकिस्तान से भारत में घुसपैठ की कर रहे थे कोशिश: सेना ने LOC पर ही मार गिराया

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद सेना ने 2 आतंकी मार गिराए है। यह दोनों बारामूला के उरी नाला इलाके में सीमा पार करने का प्रयास कर रहे थे। लम्बी मुठभेड़ में इन दोनों को सेना ने मारा है। एनकाउंटर के बाद इनसे बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।

कश्मीर में तैनात सेना की चिनार कॉर्प्स ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। चिनार कॉर्प्स ने एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया, “23 अप्रैल 2025 को, लगभग 2-3 आतंकवादियों ने उरी नाला, बारामूला में सरजीवन इलाके से घुसपैठ करने की कोशिश की, LOC पर सैनिकों ने उन्हें चुनौती दी और रोक दिया, इसके बाद मुठभेड़ चालू हो गई।”

चिनार कॉर्प्स ने इसके बाद एक और अपडेट एनकाउंटर को लेकर दिया। उन्होंने बताया, “सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी हुई, दो आतंकवादियों को मार गिराया गया, चल रहे ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। आतंकवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और युद्ध जैसे अन्य सामान बरामद किए गए हैं।”

चिनार कॉर्प्स ने बताया है कि ऑपरेशन अभी जारी है। मारे गए दोनों आतंकी पाकिस्तानी थे। इस इलाके में सुरक्षाबल सर्च अभियान चला रहे हैं। जहाँ यह ऑपरेशन हुआ है, वह जगह पहलगाम से लगभग 200 किलोमीटर दूर है। आशंका जताई जा रही है कि इनके साथ और भी आतंकी थे जो पाकिस्तान या बाकी किसी इलाके में छिपने के लिए भाग गए।

गर्मियाँ शुरू होने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की संख्या में बढ़ोतरी होती है। ठंडे इलाकों में पड़ी बर्फ इसके बाद पिघल जाती है। इसी के चलते आतंकी पाकिस्तान से भारत में घुसने का प्रयास करते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में कश्मीर के भीतर 56 आतंकी सक्रिय हैं।

पहलगाम में हुए हमले के बाद सुरक्षाबल पूरे जम्मू-कश्मीर में चौकन्ने हैं। पहलगाम हमले के बाद गृह मंत्री अमित शाह भी कश्मीर में हैं। इस हमले में 28 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 घायल हैं।

‘ऐसी कार्रवाई हो कि 7 जनम याद रखें आतंकी’: पहलगाम आतंकी हमले के बाद अनुपम खेर को याद आई ‘द कश्मीर फाइल्स’, अक्षय कुमार समेत तमाम बॉलीवुड हस्तियों ने जताया शोक

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया है। इस सुनियोजित हमले में 28 निर्दोष लोगों की मौत हो गई है। आतंकियों ने सेना की वर्दी में पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस घटना की हर तरफ निंदा हो रही है। नेता से लेकर बॉलीवुड की हस्तियों ने भी शोक व्यक्त किया है और जवाबी कार्रवाई की माँग की है।

बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले की खबर सुनकर स्तब्ध हूँ। इस तरह से निर्दोष लोगों की हत्या करना सरासर दुष्टता है। उनके (मृतकों के) परिवारों के लिए मैं प्रार्थना करता हूँ।”

वीडियो में भावुक हुए अनुपम खेर

एक्टर अनुपम खेर ने वीडियो के जरिए मृतकों एवं घायलों के प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक भावुक वीडियो शेयर किया है। अपने वीडियो में उन्होंने कहा, “पहलगाम में हिंदुओं को चुन-चुन कर मारा गया है, उससे मन तो दुख तो है ही लेकिन क्रोध की इंतेहा की कोई सीमा नहीं है। कश्मीर में हिंदुओं के साथ ऐसा होते हुए मैंने बहुत देखा है अपनी जिंदगी में।”

उन्होंने आगे कहा, “कश्मीर फाइल्स उन्हीं की एक हल्की कहानी है, जिसे कुछ लोगों ने प्रोपोगेंडा बोला था। लेकिन, अब हिंदुस्तान के अलग-अलग जगहों से छुट्टियाँ बिताने आए लोगों को चुन-चुन करके… उनका धर्म पूछ करके मार देना, ये…। मेरे पास शब्द नहीं हैं। जो आप महसूस कर रहे होते हैं, उनके शब्द अधूरे और नपुंसक महसूस करते हैं।”

सरकार से अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा, “मैं उस तस्वीर को भूल नहीं पा रहा हूँ, जो एक महिला अपने पति के शव के पास बैठी हुई है। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से और अमित शाह जी और पूरी सरकार से हाथ जोड़कर दरख्वात करना चाहता हूँ कि इस बार ऐसा सबक सिखाया जाए आतंकवादियों को कि ये अगले सात जन्मों तक ऐसी हरकत करने लायक ना रहें।”

सभ्य दुनिया में आतंकवाद की कोई जगह नहीं

अभिनेता सोनू सूद ने लिखा, “कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष पर्यटकों पर कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले की मैं कड़ी निंदा करता हूँ। सभ्य दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए और यह कायरतापूर्ण कृत्य अस्वीकार्य है। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं और जो घायल हुए हैं, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ। ओम साईं राम!”

कमल हासन ने कहा- भारत एकजुट है

साउथ इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने घायलों की जल्दी स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने लिखा, “मैं पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। मेरी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और मैं घायलों के लिए स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।”

उन्होंने आगे लिखा, “दुख में, संकल्प में और कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता में भारत एकजुट है।”

संजय दत्त ने जवाबी कार्रवाई की माँग की

एक्टर संजय दत्त ने आंतकियों पर कार्रवाई की माँग की। उन्होंने लिखा, “उन्होंने हमारे लोगों को बेरहमी से मारा। इसे माफ नहीं किया जा सकता। इन आतंकवादियों को पता होना चाहिए कि हम चुप नहीं बैठेंगे। हमें जवाबी कार्रवाई करनी होगी। मैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अनुरोध करता हूँ कि उन्हें वो सजा दी जाए, जिसके वे हकदार हैं।”

पहलगाम में मारे गए हिन्दुओं के शव पर जश्न मना रहे इस्लामी कट्टरपंथी: सोशल मीडिया पर HaHa का रिएक्शन, आतंकियों को ‘थैंक्यू’ कह रहा झारखंड का मौलाना

पहलगाम में हुए इस्लामी आतंकियों के हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में अधिकांश हिन्दू हैं। यह लोग कश्मीर घूमने गए थे। इस हमले को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। हालाँकि, हिन्दुओं पर हुए इस हमले के बाद भी इस्लामी कट्टरपंथी खुशियाँ मना रहे है। हमले पर दुःख जताने वाली पोस्ट पर इस्लामी नाम वाली आईडी वाले लोग हंस रहे हैं।

पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) को हुए इस हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से दुख व्यक्त किया है। इसी पोस्ट के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट सन्देश दिया कि हमला करने वाले और उनके आकाओं को कठघरे में जरूर खड़ा किया जाएगा।

इस पोस्ट पर भी इस्लामी नामों वाले लोगों ने हँसने वाला रिएक्ट किया। जाहिद, मूसा, अरमान और अदनान नाम वाली आदि की इस पर हँसी छूटी। अहसान, मारूफ और हबीबुर जैसे लोग भी इस पोस्ट पर हँसते रहे।

पहलगाम आतंकी हमला

इन हँसने वालों में कुछ नाम उर्दू और अरबी भाषा में लिखे हुए थे।

सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की ही पोस्ट पर नहीं बल्कि पहल में हुए आतंकी हमले की खबरों पर भी कई मुस्लिमों का यही रवैया रहा। बीबीसी ने जब पहलगाम वाली खबर प्रकाशित की, तो उस पर भी कई इस्लामी नाम वाले हँसते दिखे।

हिन्दुओं की मौत पर हंसने का सिलसिला सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक नहीं रुका। कई ऐसे स्क्रीनशॉट भी वायरल हुए हैं, जिनमे लोग इस्लामी कट्टरपंथियों के हाथों मरे गए लोगों पर मीम बना रहे हैं और उनका मजाक उड़ा रहे हैं।

कथित तौर पर झारखंड से बताए जाने वाले एक मौलाना की भी इस हमले के बाद एक पोस्ट वायरल हुई है। इसमें वह पाकिस्तान और लश्कर-ए-तैयबा को हमले के लिए धन्यवाद दिया। इसी पोस्ट में लिखा गया कि अगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भाजपा और बजरंग दल पर हमला हो, तो वह ज्यादा खुश होंगे।

इस मौलाना पर एक्शन लिए जाने की माँग झारखंड पुलिस से की गई थी। लोगों का कहना है कि यह मौलाना भारत में बैठकर इस्लामी आतंकी संगठनों को धन्यवाद दे रहा है। मौलाना ने खुद को ट्विटर पर झारखंड का निवासी और निडर वक्ता बता रखा है। सूचना है कि उसे झारखंड के बोकारो से गिरफ्तार किया गया है।

यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब इस्लामी कट्टरपंथियों ने किसी हमले या दुख की घड़ी के बाद ऐसा रवैया दिखाया हो। इससे पहले पुलवामा हमले, जनरल बिपिन रावत की हेलिकॉप्टर क्रैश में मौत के बाद भी यही मानसिकता सामने आई थी।

गौरतलब है कि कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) को इस्लामी आतंकियों ने हमला किया। उन्होंने यहाँ मौजूद हिन्दू पर्यटकों को अलग किया। इसके लिए उन्होंने उनके आईडी कार्ड देखे और कुरान की आयतें पढ़ने को कहा। कई पुरुषों के पैंट खोल कर देखे गए।

इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 2 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। एक दर्जन से अधिक पर्यटक घायल भी हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इस हमले को लेकर देश में काफी गुस्सा है और इसके बदले की माँग की जा रही है।

नौसेना लेफ्टिनेंट की 6 दिन पहले हुई थी शादी, परिवार संग घूमने गए बिहार के IB अधिकारी की भी हत्या: पहलगाम में नाम पूछ-पूछकर गोली मार रहे थे आतंकी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल 2025) को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हो गई। वहीं, हमले में 20 से अधिक लोग घायल भी हो गए हैं, जिनमें से कुछ ही हालत नाजुक है। मृतकों में 2 विदेशी पर्यटक के अलावा, खुफिया ब्यूरो (IB) का एक अधिकारी और भारतीय नौसेना का एक अधिकारी भी शामिल हैं।

आईबी अधिकारी

आतंकी हमले में मारे गए आईबी अधिकारी की पहचान मनीष रंजन के रूप में हुई है। वे बिहार के रहने वाले थे और हैदराबाद स्थित आईबी कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे। मनीष अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे। हमले के दौरान उन्हें सिर में गोली लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हमले में उनकी पत्नी और दो बच्चे बाल-बाल बचे हैं।

भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट

इस हमले में भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की भी जान चली गई। वे हरियाणा के रहने वाले थे और केरल के कोच्चि में तैनात थे। 26 साल के विनय नरवाल की शादी 16 अप्रैल 2025 को गुरुग्राम के हिमांशी नरवाल के साथ हुई थी और 19 अप्रैल को रिसेप्शन आयोजित किया गया था। इसके बाद वे 21 अप्रैल को पत्नी के साथ घूमने के लिए पहलगाम पहुँचे थे।

पत्नी हिमांशी का कहना है कि वे बैसरण घाटी में घूम रहे थे। उसी दौरान आतंकी आए उनके पति से नाम पूछा और फिर गोली मार दी। हिमांशी का वीडियो भी वायरल हुआ है। इस वीडियो में हिमांशी को यह कहते हुए सुना गया था, “मैं अपने पति के साथ भेलपुरी खा रही थी। इसी दौरान एक आदमी आया और पूछा कि मुस्लिम हो। इसके बाद गोली मार दी।”

हमले के बाद भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अनंतनाग के बैसरण क्षेत्र में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आतंकियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जा रहा है। सेना की चिनार कोर ने जानकारी दी कि घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

हमले के तुरंत बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने श्रीनगर पहुँचकर एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घटना की जानकारी दी और हमले में शामिल लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देने का आश्वासन दिया।

पहलगाम हमले में बाल-बाल बचे केरल हाई कोर्ट के 3 जज, परिवार समेत 8 लोगों का समूह गया था कश्मीर घूमने: अब सुनाई आपबीती

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अब तक 28 पर्यटकों की जान चली गई है, जिसमें से 2 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) दोपहर ढाई बजे के करीब हुए इस हमले की जिम्मेदारी ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF), जो पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है, ने ली है। हमलावर, जो सेना की वर्दी में थे, पहलगाम के बाईसरन हिल स्टेशन की पहाड़ियों से उतरे और पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियाँ बरसाईं।

इसी बीच केरल हाई कोर्ट के तीन जज, अनिल के नरेंद्रन, जी गिरीश और PG अजितकुमार, अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे, तभी आतंकवादियों ने हमला कर दिया, जिसमें तीनों जज बाल-बाल बचे। पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर जजों ने आपबीती बताई है।

जज और उनके परिवार हमले से कुछ घंटे पहले ही पहलगाम से निकल गए थे। 8 लोगों का यह समूह 17 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर पहुँचा था और घूमते हुए सोमवार (21 अप्रैल, 2025) को पहलगाम पहुँचा। वहाँ उन्होंने कई मशहूर जगहें देखीं और फिर वहीं रुक गए।

अगले दिन, मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) की सुबह 9:30 बजे, वे पहलगाम से श्रीनगर के लिए रवाना हो गए। यह हमला दोपहर के आसपास हुआ था, जिसमें 28 पर्यटकों की जान चली गई।

केरल हाई कोर्ट के जज ने बताई आपबीती

‘द हिंदू’ से बातचीत के दौरान जस्टिस अनिल के नरेंद्रन बताते है कि मौसम अच्छा था और उन्होंने सोमवार को ही कई मंदिर और घूमने लायक पर्यटन देख लिए थे। जस्टिस के ड्राइवर ने उनसे कई और भी जगहें दिखाने की बात कहीं थी। लेकिन, जज ने श्रीनगर लौटकर डल झील में नाव की सवारी करने की बात कहीं और वे वहाँ से सुरक्षित श्रीनगर के लिए निकल चुके थे। 

जस्टिस नरेंद्रन ने यह भी बताया कि श्रीनगर के होटल में उन्हें एक ऐसा व्यक्ति मिला, जो आतंकी हमले का सामना कर बाल-बाल बचा था। इस घटना के बाद वे व्यक्ति बुरी तरह से डर गया था।

इसके अलावा जस्टिस अजितकुमार भी हमले के समय वहाँ से निकलकर श्रीनगर सुरक्षित पहुँच चुके थे। वो बुधवार को केरल लौटने के लिए रवाना होंगे।

‘जाओ… जाकर अपनी सरकार को बता देना’: आतंकियों ने कानपुर के शुभम द्विवेदी को पत्नी के सामने ही सिर में मारी गोली, 2 महीने पहले ही हुई थी शादी

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में कानपुर के रहने वाले शुभम द्विवेदी भी शामिल हैं। आतंकियों ने उनकी पत्नी के सामने ही उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। शुभम की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। वह पत्नी और परिवार के 11 सदस्यों के साथ कश्मीर घूमने गए थे। शुभम 23 अप्रैल को वापस लौटने वाले थे।

बता दें कि 12 फरवरी 2025 को शुभम का विवाह ऐशान्या के साथ हुआ था। शादी के बाद पूरे परिवार ने कश्मीर घूमने की योजना बनाई थी और 17 अप्रैल को वे सभी कश्मीर पहुँचे थे। जिस समय शुभम की हत्या की गई, उस समय वे पत्नी ऐशान्या के साथ घुड़सवारी करने के लिए ऊपर पहाड़ी पर निकले थे। वहीं, शुभम के पिता और अन्य परिजन नीचे ही ही रुक गए थे।

मृतक शुभम की पत्नी ऐशान्या ने बताया कि जब वे घुड़सवारी कर रहे थे, उसी समय हमलावर आए। आतंकियों ने उनसे उनका नाम पूछा और कलमा पढ़ने को कहा। इसके बाद आतंकियों ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने आनन-फानन में उन्हें कश्मीर भेजा। कश्मीर के अस्पताल में शुभम की उपचार के दौरान मौत हो गई।

पिता की सीमेंट कंपनी में काम करते थे शुभम

शुभम द्विवेदी मूल रूप से कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र के गाँव हाथीपुर रघुवीरनगर के रहने वाले थे। 31 साल के शुभम के पिता डॉक्टर संजय द्विवेदी सीमेंट के डिस्ट्रीब्यूटर हैं। वह पिता के साथ ही काम करते थे। शुभम के चाचा ज्योतिषाचार्य मनोज द्विवेदी ने बताया कि शुभम के पिता, माँ सीमा द्विवेदी, बहन आरती, बहनोई, उनके दो बच्चे, ससुर और सास पहाड़ी के नीचे ही रुके थे।

वहीं, शुभम और उनकी पत्नी ऐशान्या पहलगाम में घुड़सवारी करने के लिए दोपहर लगभग एक बजे गए थे। लगभग सवा दो बजे के करीब दो से तीन आतंकवादी सेना की वर्दी में आए और ताबड़तोड़ गोलीबारी करने लगे। हमलावरों ने एक गोली शुभम के माथे पर मारी और वह गिर गए। इस दौरान उनकी पत्नी बेहोश हो गई। पिता को घटना की जानकारी मिली तो वो बेटे और बहु को ढूँढने के लिए निकल गए।

शाम को पुलिस ने उनके पिता से शुभम के शव की पहचान कराई। चचेरे भाई सौरभ द्विवेदी ने बताया, “पहलगाम आतंकी हमले के बाद परिवार ने वीडियो भेजा। कहा कि ये देखो शुभम को क्या हो गया है। इसके एक बॉडी दिख रही थी। देखकर लगा कि उसके माथे में गोली मारी गई है। इसके बाद हमने परिवार के बाकी लोगों को जानकारी दी।”

सौरभ ने आगे कहा कि आतंकियों ने उनकी भाभी एशान्या को यह कहते हुए छोड़ दिया कि ‘जाओ अपनी सरकार को बता दो’। सौरभ ने सरकार से माँग की है कि उनका भाई शुभम जिस भी हाल में है, वैसे ही उनके शव को कानपुर पहुँचाया जाए।

बंदूकधारी, चरमपंथी, भारत प्रशासित कश्मीर…. जिन्होंने पहलगाम में 28 को उतारा मौत के घाट, उन्हें आतंकी कहने में ‘अल जज़ीरा’ से लेकर BBC तक को आई शर्म

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 28 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया। इनमें अधिकतर वो पर्यटक हैं, जो वहाँ घूमने गए थे। स्पष्ट दिख रहा है कि ये आतंकियों की करतूत है। ये आतंकी आज से नहीं, बल्कि पिछले कई दशकों से जम्मू कश्मीर में यूँ ही ख़ून बहा रहे हैं। क़तर के सरकारी मीडिया संस्थान ‘अल जज़ीरा’, पाकिस्तान के ‘द डॉन’, अमेरिका के ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ (NYT) और ब्रिटेन के सरकारी मीडिया BBC ने शब्दों का हेरफेर करके आतंकियों का महिमामंडन करने का प्रयास किया।

‘अल जज़ीरा’ ने आतंकियों को कहा ‘बंदूकधारी’

आइए, सबसे पहले ‘अल जज़ीरा’ की भाषा देखते हैं। वो लिखा है, “भारतीय पुलिस के अनुसार, सशस्त्र व्यक्तियों ने भारत प्रशासित कश्मीर में पर्यटकों गोलीबारी की जिसमें 26 लोग मारे गए।” इसके बाद पुलिस का बयान डालते हुए “आतंकी हमला” को कुछ इस तरह डबल कोट में लिखा गया, जैसे अगर ‘अल जज़ीरा’ इन हत्यारों को ख़ुद से आतंकी कह देगा तो ये एकदम से उसकी संपादकीय नीतियों के विरुद्ध चला जाएगा।

वैसे ये पहली बार नहीं हो रहा है जब ‘अल जज़ीरा’ ने ऐसी हरकत की हो, आतंकियों को बार-बार ‘बंदूकधारी’ कहते रहे हैं।

पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ भी चला आतंकियों की लाइन पर

अब पाकिस्तानी मीडिया संस्थान ‘डॉन’ से क्या ही अपेक्षा करें! चूँकि घाटी में सारा का सारा आतंक ही पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित है, ऐसे में पाकिस्तानी मीडिया भला कैसे आतंकी को आतंकी कहेगा। ‘डॉन’ ने भी जम्मू कश्मीर को भारत का प्रांत मानने से इनकार करते हुए इसे ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताया। इसने भी आतंकियों को ‘बंदूकधारी’ लिखा। साथ ही इसने पहलगाम को भी इसने ‘मुस्लिम बहुसंख्यक वाला क्षेत्र’ करार दिया। साथ ही इसने इस घटना की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकी समूह ‘कश्मीर रेजिस्टेंस’ को भी ‘Little Known Group’ लिखा।

अख़बार बार-बार जम्मू कश्मीर को IOK लिखता रहा। साथ ही इसने लिखा कि अब सुरक्षा बल घाटी में वो स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं जिसे वो ‘सामान्य और शांतिपूर्ण’ कहते हैं। बताइए, ‘डॉन’ को जम्म कश्मीर को लेकर ये भी नहीं पता है कि ‘सामान्य’ और ‘शांतिपूर्ण’ माहौल क्या होता है।

‘वाशिंगटन पोस्ट’ के लिए भी ये आतंकी ‘बंदूकधारी’

अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने भी आतंकियों को अंग्रेजी में ‘Gunmen’, यानी ‘बंदूकधारी’ कहकर संबोधित किया। इसकी एक और ‘चालाकी’ देखिए। इसने लिखा कि आतंकी जंगलों से आए और बिना किसी भेदभाव के गोलीबारी की। सोचिए, ‘बिना भेदभाव के’। जबकि पीड़ितों ने बार-बार कहा कि पुरुषों के पैंट खोल-खोलकर ये चेक किया गया कि उनका खतना हुआ है या नहीं। जिनका खतना नहीं हुआ था, उन्हें हिन्दू समझकर मारा गया। आईडी कार्ड चेक किया गया, पूछा जा रहा था, “मुस्लिम हो?”

इसके बावजूद ‘वाशिंगटन पोस्ट’ लिखता है कि ‘बिना किसी भेदभाव के’ गोलीबारी हुई। इतना ही नहीं, धूर्त ‘वाशिंगटन पोस्ट’ ने ये भी लिखा कि मुस्लिम बहुल इलाक़ों में भारत सरकार ने असहमति को लेकर बड़ी कार्रवाई की। साथ ही किसी ‘अब्दुल वहीद’ का गुणगान किया गया कि उसने पीड़ितों को बचाया।

BBC: हमेशा भारत के ख़िलाफ़, आतंकियों को मानता ही नहीं आतंकी

ब्रिटेन का सरकारी मीडिया संस्थान अब भी उसी मानसिकता में जी रहा है, जब भारत पर ब्रिटेन का राज था और हम ग़ुलाम थे। बीबीसी को लगता है कि वो कुछ भी कहकर बच जाएगा। इसने भी जम्मू कश्मीर को ‘भारत प्रशासित कश्मीर’ लिखा और आतंकियों को ‘बंदूकधारी’ कहकर संबोधित किया। इसने भी कश्मीर को ‘मुस्लिम बहुल इलाक़ा’ कहकर संबोधित किया। इसने जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को ‘अलगाववादी विद्रोह’ कहकर संबोधित किया। साथ ही जम्मू कश्मीर में 5 लाख भारतीय सैनिकों के तैनात होने का दावा किया।

पहलगाम आतंकी हमला पर विदेशी मीडिया का प्रपंच

BBC ने जम्मू कश्मीर को भारतीय क्षेत्र मानने से एक तरह से इनकार करते हुए इतिहास बताया कि आज़ादी के बाद दोनों देश जम्मू कश्मीर पर अपना दावा ठोकते रहे हैं। इसने आतंकियों को भी चरमपंथी लिखा, ऐसा दिखाया जैसे वो कोई बागी हों। BBC की हिंदी शाखा ने तो हेडिंग में ही ‘चरमपंथियों’ लिखा। साथ ही आतंकियों को ‘बंदूकधारियों’ भी लिखा। इसी तरह जर्मन मीडिया संस्थान DW ने भी ‘भारत प्रशासित कश्मीर’ और ‘बंदूकधारियों’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

जब आतंकी हमको (हिन्दू) मार रहे थे गोली, तब स्थानीय (मुस्लिम) पढ़ रहे थे कुरान की आयतें : पहलगाम में मारे गए जिसके पिता-चाचा, उसने मीडिया को बताया

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में इस्लामी आतंकियों ने हिन्दुओं को चुन-चुन कर मारा। हमले में बचे लोगों ने बताया कि इस आतंकी हमले के दौरान स्थानीय लोग कुरान की आयतें पढ़ रहे थे। हमले के बाद स्थानीय लोग ‘बिस्मिल्लाह-बिस्मिल्लाह’ करते हुए भी सुने गए थे। जिन हिन्दुओं को मारा गया, उनसे अजान करने को भी कहा गया।

इस पहलगाम हमले में पुणे के परिवार ने भी अपने सदस्य खोए हैं। इसके बाद परिवार की एक 26 वर्षीय सदस्य आसावारी ने मीडिया को बताया, “हम पाँच लोग एक साथ थे, जिसमें मेरे माता-पिता भी शामिल थे। हम पहलगाम में मिनी स्विट्ज़रलैंड कहे जाने वाले बैसरन घाटी में थे, तभी हमला शुरू हो गया।”

आसावारी ने आगे बताया, “हम तुरंत सुरक्षा के लिए पास के एक टेंट में भाग गए। छह-सात अन्य (पर्यटक) भी वहाँ पहुँच गए। हम सभी गोलीबारी से बचने के लिए जमीन पर लेट गए, हमें तब लगा कि आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग हो रही है।”

उन्होंने कहा, “फिर वे हमारे तंबू में आए और मेरे पिता से बाहर आने को कहा… उन्होंने कहा कि चौधरी बाहर आजा।” आसावारी ने बताया कि आतंकियों ने इसके बाद उनके पिता को प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए गालियाँ दी। आसावारी ने बताया कि आतंकियों ने इसके बाद उनके पिता से कुरान की आयतें पढ़ने को कहा।

उन्होंने बताया, “फिर उन्होंने मेरे पिता से इस्लामी आयत (शायद कलमा) सुनाने को कहा। जब वह ऐसा नहीं कर पाए, तो उन्होंने उन पर तीन गोलियाँ चला दी। उन्होंने एक गोली सिर पर एक कान के पीछे और एक पीठ में मारी… इसके बाद उन्होंने मेरे अंकल को मार दिया। उनको 4-5 गोलियाँ मारीं।” उन्होंने बताया कि इस दौरान स्थानीय लोग कुरान की आयतें पढ़ रहे थे।

महिला ने बताया, “आतंकवादियों ने केवल आदमियों पर हमला किया। यह 26/11 के मुंबई हमले जैसा था। उन्होंने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी और उनके हावभाव सेना के जवानों जैसे ही थे।” महिला ने बताया कि उसे अभी अपने पिता और चाचा की स्थिति के विषय में कोई जानकारी नहीं है।

पहलगाम हमले का शिकार हुई कर्नाटक की एक महिला पल्लवी ने भी ऐसी ही आपबीती बताई है। उसके पति मंजूनाथ की हत्या कर दी गई है। पल्लवी ने बताया कि उसकी आँखों के सामने यह हमला हो गया और उसके पति को मार दिया गया। पल्लवी ने बताया कि वह कुछ समझ ही नहीं पाई।

उसने बताया कि उसे वापस लाते समय स्थानीय लोग बिस्मिल्लाह-बिस्मिल्लाह कर रहे थे। इस हमले के पीड़ित अब अपनी-अपनी कहानी बता रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस हमले के चलते अपना सऊदी अरब का दौरा बीच में ही छोड़ कर बुधवार (23 अप्रैल, 2025) को वापस आ गए हैं।

गौरतलब है कि कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) को इस्लामी आतंकियों ने हमला किया। उन्होंने यहाँ मौजूद हिन्दू पर्यटकों को अलग किया। इसके लिए उन्होंने उनके आईडी कार्ड देखे और कुरान की आयतें पढ़ने को कहा। कई पुरुषों के पैंट खोल कर देखे गए।

इस हमले में 26 लोगों की मौत हो गई है। इनमें 2 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। एक दर्जन से अधिक पर्यटक घायल भी हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इस हमले को लेकर देश में काफी गुस्सा है और इसके बदले की माँग की जा रही है।

सऊदी दौरा छोड़ दिल्ली लौटे PM मोदी, एयरपोर्ट पर ही NSA डोभाल-जयशंकर के साथ की मीटिंग: पहलगाम आतंकी हमले की जाँच NIA ने सँभाली, इलाके को सुरक्षाबलों ने घेरा

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर लोग टूरिस्ट थे। इस आतंकी हमले के बाद पीएम मोदी सऊदी अरब के अपने दो दिवसीय दौरे को बीच में ही छोड़कर मंगलवार (22 अप्रैल 2025) रात जेद्दा से दिल्ली लौट आए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने उन्हें पहलगाम हमले की पूरी जानकारी दी। पीएम ने तुरंत हालात का जायजा लिया और बुधवार (23 अप्रैल 2025) को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक बुलाई।

इससे पहले, सऊदी अरब में पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ पहलगाम हमले पर चर्चा की। क्राउन प्रिंस ने हमले की कड़ी निंदा की और भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ मजबूत साझेदारी की बात दोहराई। पीएम ने सऊदी में आधिकारिक रात्रिभोज में हिस्सा नहीं लिया और तुरंत भारत लौटने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, हमले की गंभीरता को देखते हुए पीएम ने अपनी तयशुदा योजना बदली।

पहलगाम के बायसरण घाटी में हुए इस हमले को 2019 के पुलवामा हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला माना जा रहा है। लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले में दो विदेशी नागरिकों (यूएई और नेपाल) और दो स्थानीय लोगों की भी मौत हुई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर पहुँचकर हाई-लेवल मीटिंग की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

इस बीच, राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने हमले की जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने इलाके की घेराबंदी कर दी है।

पति को मार डाला, ‘मोदी को बता देना’ कहकर पत्नी को ज़िंदा छोड़ा: घोड़े से आए थे पैंट खोल खतना चेक कर-कर के मारने वाले आतंकी, 50 राउंड फायरिंग

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) को आतंकियों ने हमला किया। आतंकियों ने एक रिजॉर्ट को निशाना बनाया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में दो विदेशियों और दो स्थानीय व्यक्ति समेत 27 लोगों की मौत हुई है। हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने रिजॉर्ट में मौजूद पर्यटकों से पहले सवाल-जवाब किए और फिर बर्बरता से हमला किया। हमलावर स्थानीय भाषा में बात कर रहे थे और पूरी योजना बनाकर आए थे। वे फौजी वर्दी में थे, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो गया। हमले की खबर मिलते ही सुरक्षाबल, स्थानीय पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर पहुँचीं। घायल पर्यटकों को तुरंत एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

पीड़ितों ने जो देखा बयाँ किया

  • दरअसल, घटना दोपहर करीब 2:45 बजे पहलगाम की बैसरन घाटी की है, जब पहलगाम के एक मशहूर रिजॉर्ट में अचानक गोलियों की आवाज़ें गूँजीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो संदिग्ध लोग घोड़े पर सवार होकर रिजॉर्ट के पास पहुँचे। यहाँ एक व्यक्ति से नाम पूछा और सीधे सिर में गोली मार दी। इसके बाद 50 राउंड फायरिंग की। जिससे अफरा-तफरी मच गई।

पहलगाम में पर्यटक पुलिसकर्मी के रूप में काम करने वाले एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “मैंने तीन घायल लोगों को रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुँचाया। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को रेस्क्यू कर लिया। पहले ऐसी घटना यहाँ कभी नहीं हुई।” एक महिला ने बताया कि उसके पति की हत्या कर दी गई तो जब उन्होंने कहा कि मुझे भी शूट कर दो। इसपर आतंकियों ने कहा, “तुम्हें ज़िंदा छोड़ रहा हूँ, मोदी को जाकर बता देना।”

आंतकी हमले के बाद के कई वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में स्थानीय लोग और पर्यटकों को भागते हुए देखा जा सकता है। एक वीडियो में महिला ने रोते हुए कहा कि वो अपने पति संग भेलपुरी खा रही थी। इतने में एक आंतकी उनके पास आया और पति से पूछा कि क्या वह मुस्लिम है? और फिर उनको गोली मार दी।

पहलगाम से आई एक और ताजा तस्वीर में एक महिला स्थानीय लोगों से अपने पति को बचाने की अपील करती नजर आ रही हैं। इसके साथ ही घटना से संबंधित एक वीडियो भी देखा गया जिसमें एक व्यक्ति डरते हुए भागता नजर आ रहा है। वीडियो में पीछे गोलीबारी का शोर सुनाई दे रहा है।

इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है। एक स्थानीय शख्स उमर ने कहा, “हम इस वक्त बहुत परेशान है। इस हमले से हमारा बहुत नुकसान हुआ है। यह सभी के लिए नुकसान है। इस हमले में जिन लोगों की जान चली गई, हमें उनके लिए भी काफी दुःख है। इस घटना के बाद से हम खुद भी परेशान है और हमारे यहाँ आए हुए गेस्ट भी परेशान हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए था।”

श्रीनगर में गृहमंत्री अमित शाह की बैठक

पहलगाम आतंकी हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह की उच्च स्तरीय बैठक जारी है। बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं। हमले की सूचना पर गृह मंत्री श्रीनगर पहुँचे हैं। सीएम उमर अब्दुल्ला ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इससे पहले सऊदी अरब गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री से फोन पर बातचीत कर आंतकी हमले की जानकारी ली थी। इसके साथ ही घटना की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘राष्ट्रीय जाँच एजेंसी’ (NIA) जल्द ही पहलगाम आतंकी हमले की जाँच अपने हाथ में ले लेगी। इससे पहले दिल्ली के NIA के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोनमर्ग का दौरा किया था। बुधवार (23 अप्रैल 2025) को पहलगाम जाने की संभावना है।

आतंकी हमले पर संवेदनाएँ जताईं

  • जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में कई हस्तियों ने संवेदनाएँ जताई हैं। हमले की निंदा करते हुए पीड़ितो के न्याय और दोषियों को सजा दिलाने की माँग की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर ट्वीट कर लिखा, “मैं जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएँ। मैं प्रार्थना करता हूँ कि घायल लोग जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।”

इसके साथ ही पीएम ने कहा, “इस जघन्य कृत्य के पीछे जो लोग हैं उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा…उन्हें बख्शा नहीं जाएगा! उनका नापाक एजेंडा कभी सफल नहीं होगा। आतंकवाद से लड़ने का हमारा संकल्प अडिग है और यह और भी मजबूत होगा।”

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने X पर लिखा, “जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले से दुःखी और स्तब्ध हूँ, जिसमें निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। हमारी संवेदनाएँ पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हमारा समर्थन आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में सुरक्षा बलों के साथ है।”

भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने एक्स पर पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग करते हुए लिखा, “हम इस घृणित आतंकवादी कृत्य के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं। अर्जेंटीना आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता के सभी रूपों को खारिज करने में भारत के साथ खड़ा है। हमेशा जीवन के साथ और आतंक के खिलाफ।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला कायरतापूर्ण, अक्षम्य और घोर निंदनीय है। जिन लोगों ने इस दुःखद घटना में अपने प्रियजनों को खो दिया है। उनके प्रति मेरी शोक संवेदनाएं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्माओं को सद्गति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।”

हमले के खिलाफ प्रदर्शन, न्याय की माँग

पहलगाम में पर्यटकों पर आंतकी हमला निंदनीय है। इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर हमले का विरोध किया। इसके साथ पीड़ितो के लिए न्याय की माँग की।