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लाल किले पर हुआ तिरंगे का अपमान, पुलिस ने जारी की वीडियो: दंगाई ने कहा- प्यार से गेट खोल दो, वरना हथियार…

26 जनवरी को दिल्ली में भड़की हिंसा के दौरान तिरंगे का अपमान होने से इंकार कर रही लुटियन लॉबी के झूठ का दिल्ली पुलिस ने भंडाफोड़ा है। पुलिस ने वीडियो जारी कर साबित कर दिया है कि ऑपइंडिया रिपोर्ट के ख़िलाफ़ द वायर का फैक्टचेक हो या फिर शिव सेना का दावा सब के सब निराधार थे और उस दिन तिरंगे का अपमान हुआ था।

टाइम्स नाऊ के अनुसार, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा जारी वीडियो में एक इकबाल सिंह नाम का उपद्रवी स्पष्ट रूप से लाल किले में भीड़ को उकसाकर ऊँचाई से तिरंगे को हटाने की बात कह रहा है। साथ ही वह वहाँ निशान साहिब का चिह्न लगाने को भी बोलता सुनाई दे रहा है।

वीडियो में उसे दंगाइयों से अपील करते सुना जा सकता है कि अगर कोई लाल किले में घुसने से रोके तो पुलिस वालों से बंदूकें लेकर उनपर गोली चलाएँ। इस संबंध में कुल तीन वीडियो सार्वजनिक की गई हैं। इनमें इकबाल सिंह भीड़ को उकसा रहा है। वहीं पुलिस लगातार लाल किले में जाने से भीड़ को रोक रही है।

वीडियो में उसे कहते सुना जा सकता है, “जल्दी करो और तिरंगा नीचे करो। वाहे गुरू, वाहे गुरू…. हम अपील करते हैं कि मोदी कि तिरंगा हटाकर वहाँ निशान साहिब को लगा। कुछ शर्म कर। बेशर्म मत हो। हम लाल किले के बाहर हैं और शांति से गेट खोलने को कह रहे हैं। बाबाजी एक शांतिपूर्ण क्रांति शुरू हो चुकी है। अगर इन्होंने गेट नहीं खोला तो हम इनकी बंदूक लेकर इन्हें मारेंगे। इसलिए बेहतर है ये मान जाएँ वरना हमारे पास हथियार हैं। हम उन्हें गोली मार देंगे।”

गौरतलब है कि एक ओर ये वीडियो सामने आई हैं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस ने भी खुलासा किया है कि उस समय 300 से अधिक सोशल मीडिया अकॉउंट से फर्जी जानकारी व अफवाहें फैलाई जा रही थीं। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ विभिन्न समूहों में शत्रुता फैलाने के आरोप में और उन्हें भड़काने के लिए मुकदमा दर्ज किया है।

इतना ही नहीं, लाल किले में भड़की हिंसा मामले में एक धर्मेंद्र सिंह हरमन नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्राँच की एसआईटी ने उसे एक वीडियो मिलने के बाद पकड़ा, इसमें वह कार पर खड़े होकर भीड़ को भड़का रहा था। वहीं दूसरी वीडियो में वह दंगाइयों के साथ हिंसा में शामिल भी नजर आ रहा था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस को लगभग 1,700 वीडियो क्लिप और सीसीटीवी फुटेज लाल किला हिंसा के संबंध में मिले हैं। अब पुलिस सिर्फ फॉरेंसिक एक्सपर्ट की राय लेकर दंगाइयों को एक एक करके पकड़ने में जुटी है।

Toolkit से क्या है कॉन्ग्रेस का लिंक? क्यों पार्टी ने किया अपना पुराना ट्वीट डिलीट: रहस्य गहराया

पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और अंतरराष्ट्रीय गायिका रिहाना द्वारा किसान आंदोलन के समर्थन में किए गए ट्वीट्स के बाद अब इस पूरे मामले में कॉन्ग्रेस का लिंक सामने आने लगा है। दरअसल, ऑपइंडिया ने कुछ ही देर पहले आपको बताया कि कैसे टूलकिट डॉक्यूमेंट में ऐसा कंटेंट है जो साबित करता है कि प्रदर्शन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन पहले से पूर्व निर्धारित था। अब इसी डॉक्यूमेंट की सामग्री और पार्टी के एक ट्वीट से पता चला है कि इसमें कॉन्ग्रेस का भी हाथ शामिल था।

जिस ट्वीट का हम जिक्र कर रहे हैं उसे अब डिलीट किया जा चुका है। हालाँकि, इसका स्क्रीनशॉट अब भी उपलब्ध है। ये ट्वीट 18 जनवरी 2021 को केरल प्रदेश महिला कॉन्ग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किया था। इसमें लिखा था, “मोदी सरकार ने बड़े पैमाने पर आबादी के एक बड़े हिस्से के अस्तित्व पर हमला किया है। ये तीन कृषि कानून आने वाले समय में उन महिलाओं की जिंदगी और बदतर कर देंगे जो पहले से ही बुनियादी जरूरतों की आसमान छूती कीमतों के कारण परेशान हैं।”

डिलीट किया जा चुका ट्वीट

पहली नजर में ये ट्वीट लग सकता है कि कॉन्ग्रेस का कोई नया रोना है। लेकिन वास्तविकता ये है कि केरल कॉन्ग्रेस का यह ट्वीट उस टूलकिट में मौजूद ट्वीट से शब्दश: मिलता है, जिसके ख़िलाफ़ अब दिल्ली पुलिस जाँच कर रही हैं।

इस ट्वीट में और नीचे डॉक्यूमेंट में उल्लेखित टेक्स्ट में कोई अंतर नहीं है। इसलिए ये एक बड़ा सवाल है कि क्या कॉन्ग्रेस इन सबमें पहले से शामिल थी। अगर हाँ, तो आने वाले समय में यह पार्टी के लिए गंभीर समस्य़ा का कारण बन सकती है क्योंकि पुलिस इसी बात की जाँच कर रही है कि टूलकिट को आखिर किसने बनाया।

कॉन्ग्रेस के ट्वीट की शब्दश: कॉपी टूलकिट में शामिल

कॉन्ग्रेस लिंक और रिहाना का ट्वीट- क्या हो चुका था 2 हफ्ते पहले प्लान?

यहाँ यह भी गौर करने वाली बात है कि यदि 18 जनवरी को कॉन्ग्रेस का यह ट्वीट इसी डॉक्यूमेंट से पोस्ट किया गया था तो मतलब साफ है कि इस टूलकिट को 18 जनवरी से पहले बनाया गया था। जिसमें रिहाना का ट्वीट भी शामिल है। मुमकिन है कि रिहाना को पहले से हिंसक दंगाई और खालिस्तानियों को साथ शामिल किए जाने की बात पता चल गई थी और अगर ऐसा इसलिए है कि ट्वीट की तारीख और रिहाना के समर्थन वाले ट्वीट में 15 दिन का फासला है।

बता दें कि कॉन्ग्रेस का टूलकिट के साथ संबंध होना केवल कयासों का हिस्सा है। दिल्ली पुलिस इसकी जाँच कर रही है। उम्मीद है सच जल्द ही सामने आएगा। मगर, तब भी दो बातें कही जा सकती हैं:

  1. 1. टूलकिट तक कॉन्ग्रेस की पहुँच थी। यह इस तथ्य से साबित होता है कि उनका यह ट्वीट टूलकिट से शब्दशः लिया गया था।
  2. 2. रिहाना को 18 जनवरी के पहले से ही किसान समर्थन में खड़ा होने के लिए तैयार कर लिया गया था।

ऐसी प्लानिंग जो भारत को बदनाम करने के लिए तैयार की गई, उसमें दिल्ली पुलिस की पड़ताल और भी आवश्यक हो जाती है ताकि पता चल सके कि इस तरह का प्लान किसने तैयार किया।

जहाँ बाकी खिलाड़ी भारत के साथ वहीं जॉर्ज फ्लाइड के नाम पर, रिहाना के समर्थन में उतरे इरफान पठान

पॉप स्टार रिहाना द्वारा किसान आंदोलन के पक्ष में किए ट्वीट के बाद सोशल मीडिया दो धड़ों में बँटा नजर आ रहा है। एक धड़े ने जहाँ इसे भारत के खिलाफ दुष्प्रचार बताया है तो दूसरे धड़े ने रिहाना का समर्थन किया है। वहीं अब भारतीय पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान भी अब तथाकथित बुद्धिजीवियों के गिरोह में शामिल हो गए है। और उन्होंने इशारों-इशारों में रिहाना की बातों का समर्थन किया है।

बता दें, हाल ही रिहाना, ग्रेटा थुनबर्ग, अमांडा सेर्नी, लिली सिंह, जे सीन जैसे विदेशी हस्तियों ने किसानों के समर्थन में ट्वीट किया था। उनके विरोध के बाद सोशल मीडिया पर मानो भूचाल आ गया हो। हालाँकि, बाद में यह पता चला कि उनके समर्थन में एक समन्वित अभियान का हिस्सा थे, जिसके बाद भारतीय दिग्गजों ने उन्हें जमकर लताड़ा था।

अक्षय कुमार, अजय देवगन, सुनील शेट्टी, करण जौहर, एकता कपूर, कैलाश खेर जैसे दिग्गज बॉलीवुड हस्तियों से लेकर भारतीय क्रिकेटरों सहित दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, टीम इंडिया के मुख्य कोच रवि शास्त्री, भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने भी अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटीज़ के ट्वीट के खिलाफ भारतीयों से एकता का आह्वान किया था।

गौरतलब है कि इस जरूरत के समय में जब पूरी क्रिकेट टीम ‘भारत के खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार के खिलाफ एकजुट रहने के लिए अपना समर्थन देते हुए भारत की एकता के साथ खड़े होकर और हैशटैग #IndiaAgainstPropegenda के साथ ट्वीट कर रहे थे। तब ऐसे में भारत के पूर्व खिलाड़ी इरफान पठान ने अंतरराष्ट्रीय सेलेब्रिटीज़ का समर्थन करना ज्यादा सही समझा।

इरफान पठान ने कटाक्ष करते हुए गुरुवार को एक ट्वीट किया, “जब अमेरिका में एक पुलिसवाले द्वारा जॉर्ज फ्लॉयड (अश्वेत नागरिक) की हत्या की गई थी, तब हमारे देश ने भी इस पर अपना दुख जताया था।” इसके साथ ही उन्होंने हैश टैग #Justsaying का इस्तेमाल किया है।”

उल्लेखनीय है कि इस ट्वीट के जरिए न केवल इरफान पठान ने 26 जनवरी को किसानों की आड़ में दिल्ली में हिंसा फैलाने वाले दंगाइयों का समर्थन किया बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से इस मामले को जॉर्ज फ्लॉयड घटना के साथ जोड़कर लोगों को भी उकसाया और फिरंगियों का मुँहतोड़ जवाब दे रहे सेलेब्रिटीज़ और क्रिकेटर्स की भी आलोचना की।

बता दें कि अमेरिका में पुलिस द्वारा एक अफ्रीकी अमेरिकी, जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या कर दी गई थी। जिसके तुरंत बाद इस मामले को लेकर भारत में तथाकथित बुद्धिजीवियों के गिरोह ने देश के मुसलमानों की भावनाओं को भड़काने की कोशिश की थी। वे चाहते थे कि मुसलमान इस तथाकथित ‘मुस्लिम लाइव्स मैटर’ के विरोध के लिए सड़कों पर उतरें।

आपको बता दें कि पॉप गायिका रिहाना ने मंगलवार को एक खबर को ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा था, “हम इसके बारे में बात क्यों नहीं कर रहे? इसके साथ उन्होंने Farmer’s Protest हैशटैग भी लिखा।” वहीं इस खबर को साझा करते हुए एक्टिविस्ट ग्रेटा थुनबर्ग ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी ‘एकजुटता’ व्यक्त की थी।

जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि देश के कुछ हिस्सों में किसानों के एक बहुत छोटे से वर्ग को कृषि सुधारों के बारे में कुछ आपत्तियाँ हैं और आंदोलन पर जल्दबाजी में टिप्पणी करने से पहले इस मुद्दे को समझने की जरूरत है।

ट्विटर पर फैल रहे दुष्प्रचार पर लगाम लगाते हुए विदेश मंत्रालय ने रिहाना और ग्रेटा थुनबर्ग जैसे चर्चित लोगों के ट्वीट को लेकर कहा कि सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और कमेंट्स को लुभाने का तरीका, खासकर यह मशहूर हस्तियों द्वारा किया गया हो, तो यह न तो सटीक है और न ही जिम्मेदाराना है। यह लोगों को लुभाने का आसान तरीका है।

इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने आगे कहा, “इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले हम आग्रह करते हैं कि तथ्यों का पता लगाया जाए और मुद्दों की उचित समझ बनाई जाए। भारत की संसद ने पूर्ण बहस और चर्चा के बाद कृषि क्षेत्र से संबंधित सुधारवादी कानून पारित किए।” हालाँकि इस दौरान मंत्रालय की ओर से विशेष रूप से किसी का नाम नहीं लिया गया है।

विदेशी षड्यंत्र के खुलासे के बाद अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग, संसद पहुँचे NSA डोभाल और दिल्ली के CP

किसान आंदोलन के बीच विदेशी षड्यंत्र का खुलासा होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाई लेवल मीटिंग की है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएसएन श्रीवास्तव और आईबी चीफ ने संसद पहुँचकर उनसे मुलाकात की

इससे पहले अमित शाह ने बुधवार (फरवरी 3, 2021) को ट्वीट कर कहा था कि कोई प्रोपेगेंडा देश की एकता को नहीं तोड़ सकता। एकजुट होकर प्रगति की ओर चलेंगे। कोई भी दुष्प्रचार भारत को ऊँचाइयों तक जाने से नहीं रोक सकता। 

गृहमंत्री का यह ट्वीट ग्रेटा थनबर्ग के टूलकिट शेयर किए जाने के बाद सामने आया था। जिस पर दिल्ली पुलिस ने आज संज्ञान लिया है। उन्होंने इस दस्तावेज को देखने के बाद षड्यंत्र की आशंका जताई। उनका कहना है कि 26 जनवरी को हुई हिंसा का कार्यान्वयन इसकी नकल थी, जिसमें भारत के खिलाफ आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय युद्ध छेड़ने का आह्वान किया गया था।

दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उन्होंने इस टूलकिट की जाँच को लेकर शिकायत दर्ज की है। मामले में जाँच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त ने एफआईआर में ग्रेटा का नाम होने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि एफआईआर में किसी का नाम नहीं जोड़ा गया है। यह केवल टूलकिट को बनाने वालों के खिलाफ है, जो जाँच का विषय है। दिल्ली पुलिस इस मामले की जाँच करेगी।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी टूलकिट के मुद्दे को बेहद गंभीर बताया है। उनके अनुसार, कुछ विदेशी ताकतें भारत को बदनाम करने का प्रयास कर रही हैं।

मालूम हो कि दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को अचानक विदेशी हस्तियों का समर्थन मिलना शुरू हुआ था। इसके बाद एक डॉक्यूमेंट टूलकिट सोशल मीडिया पर सामने आया। जिसमें बाकायदा ये बताया गया था कि पूरी दुनिया के लोग भारत में चल रहे किसान-प्रदर्शन में कैसे समर्थन कर सकते हैं। इससे पढ़कर ये स्पष्ट हो गया था कि विदेशी ताकतें भारत की छवि बिगाड़ने के लिए प्रोपेगेंडा चला रही हैं।

हर्ष मंदर पर बाल यौन शोषण को लेकर FIR, दिल्ली के चिल्ड्रेन होम्स से जुड़ा है मामला

सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज (CES) द्वारा स्थापित दो चिल्ड्रेन होम पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के गंभीर उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं के आरोपों की शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने महरौली पुलिस स्टेशन में CES के संस्थापक हर्ष मंदर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बता दें, हर्ष मंदर वही है, जो यूपीए के जमाने में सोनिया गाँधी की नेशनल एडवाइजरी काउंसिल (NAC) के सदस्य हुआ करते थे। जिनके संपर्क इटली की गुप्तचर सेवा और इतालवी सरकार से जुड़े संगठन से भी रहे हैं।

नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (NCPCR) ने 1 अक्टूबर, 2020 को दोनों चिल्ड्रेन होम- उम्मीद अमन घर (लड़कों के लिए) और खुशी रेनबो होम (लड़कियों के लिए) का निरीक्षण किया था। इसके लिए दो टीमें बनाई गई थी, जिसकी अगुवाई खुद NCPCR की चेयरपर्सन प्रियंका कानूनगो ने की थी। दरअसल, NCPCR को ‘उम्मीद अमन घर’ में होने वाले यौन शोषण के बारे में पता चला, जिसका संचालन अमन बिरादरी ट्रस्ट करता है। बता दें कि अमन बिरादरी ट्रस्ट की स्थापना हर्ष मंदर ने की थी।

NCPCR को अपने निरीक्षण के दौरान लड़कों के घर पर उनके साथ हो रहे यौन शोषण का पता चला था। रिपब्लिक टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने उल्लेख किया था, ”इन घरों में रहने वाले बच्चों की स्थिति काफी दयनीय है और बच्चों के कल्याण और इन घरों के बुनियादी ढाँचे के रखरखाव के लिए होम्स के प्रबंधन के प्रति लापरवाही और उनके उदासीन रवैए को देखते हुए कमीशन बहुत दुखी है।”

आयोग ने आगे कहा कि बच्चों के यौन शोषण की कई घटना 2012, 2013 और 2016 में लड़कों के घर के भीतर हुए थे। हाल ही आयोग को जानकारी मिली कि यौन शोषण के बारे में जानने के बावजूद भी इसके खिलाफ रिपोर्ट नहीं लिखवाई गई। कथित तौर पर आयोग के निरीक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि चाइल्ड होम के कर्मचारियों द्वारा ऐसे POCSO अपराधों की रिपोर्टिंग न करना, POCSO अधिनियम, 2012 के तहत एक गंभीर अपराध है। साथ ही यह घर में बच्चों के कल्याण और देखभाल को भी खतरे में डालती है।

आयोग को कथित तौर पर निरीक्षण के दौरान यह भी पता चला कि अक्सर विदेशी नागरिकों द्वारा होम का दौरा किया जाता था, जो वहाँ स्वैच्छिक सेवाएँ ’प्रदान करते है। आयोग को यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन विदेशी नागरिकों को घरों में स्वैच्छिक सेवाएँ देने और बच्चों के साथ बातचीत करने की अनुमति किस आधार पर दी गई है, जबकि उनकी(विदेशियों) भारत यात्रा किसी अन्य उद्देश्यों के लिए होती है।

जिसके बाद NCPCR ने दिल्ली सरकार के महिला और बाल विकास विभाग को निर्देश दिया था कि वह इस संस्था के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि नियमों का सख्ती से पालन हो सके। आयोग ने निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि संस्था में बाल संरक्षण नीति की अनुपस्थिति ने बच्चों पर बुरा प्रभाव डाला है। आयोग ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बच्चों को घरों से स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की थी।

पुलिस के पास बैकअप प्लान क्यों नहीं Vs बैरिकेड लगा क्यों रोक रही: अपने ही पाखंड में उलझे रवीश कुमार

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2021) पर राजधानी की सड़कों पर ‘किसानों’ का हिंसक रूप देखने के बाद दिल्ली पुलिस अलर्ट पर है। दिल्ली की सीमाओं पर पुलिस जो सुरक्षा इंतजाम कर रही है, उसकी वायरल तस्वीर आपने भी देखी होगी। ये वही तस्वीर है जिसे देख वामपंथी गिरोह बेचैन हुआ पड़ा है और गिरोह के प्रिय रवीश कुमार अपनी बात से फिर पलट गए हैं

Image result for बैरीकेडिंग की तस्वीर
बैरिकेडिंग की वायरल होती तस्वीर

रवीश का इस तस्वीर को देखने के बाद सवाल है कि इतनी भारी बैरिकेडिंग करके सरकार क्या अपना शक्ति प्रदर्शन कर रही है? उनकी हालिया वीडियो की कुछ क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है। इसमें वह किसानों को भड़काते हुए सवाल कर रहे हैं कि कहीं ये सब सिर्फ़ महापंचायत के बाद दिल्ली आने वाले किसानों को रोकने के लिए तो नहीं किया गया या फिर सरकार बताना चाहती है कि उसकी ताकत कहाँ से आती है और कितनी है। उसके ताकत की किताब के कितने चैप्टर बाकी हैं जिसे किसानों को देखना बाकी है।

रवीश अपने शो में मेड़ की ऊँचाई पर बात करते हुए कहते हैं कि चूँकि उसे पार करना आसान है इसलिए सरकार किसानों को रोकने के लिए मेड़ नहीं बैरिकेड बना रही है। उनके मुताबिक पिछले दो माह में बैरिकेड में जो बदलाव आया है, उससे पता चलता है कि आने वाले समय में सरकार अपनी जनता को किस लेंस से देख रही। उनकी भाषा में कहें तो ये बैरिकेड बताते हैं कि जनता और सरकार के बीच सिर्फ खाई नहीं, कीलें भी हैं।

दिलचस्प बात यह है कि आज सुरक्षा लिहाज से दिल्ली की सीमा पर की गई बैरिकेडिंग को देखने के बाद अपने दर्शकों को सरकार व पुलिस के ख़िलाफ़ भड़काने वाले रवीश कुमार कुछ दिन पहले तक 26 जनवरी को हुई हिंसा को ही नकार रहे थे।

उन्हें विश्वास ही नहीं था वह अब तक जिसे किसान कहते आए उन्होंने लाल किले पर चढ़ाई कर दी, तिरंगे का अपमान कर दिया, 300 पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। वह हिंसक प्रदर्शन को किसानों का जोश कहकर दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते दिखाई दिए थे।

तब, रवीश ने कहा था कि आखिर जब पुलिस की पहले से किसान नेताओं से बात चल रही थी तो उन्हें अंदाजा तो होगा ही कितने किसान ट्रैक्टर लेकर आने वाले हैं। इनमें से कुछ भटक सकते हैं। कुछ अफरातफरी कर सकते हैं। ऐसे में पुलिस का बैकअप प्लान क्या था। रवीश कुमार ने जोर देकर कहा था कि उन्हें नहीं लग रहा कि सीमाओं के अलावा या फिर तय रास्तों के अलावा दिल्ली पुलिस पर कोई बैकअप प्लान था।

अब जिस बैरिकेडिंग पर रवीश सवाल उठा रहे हैं, वह पुलिस का बैकअप प्लॉन की ही तरह है। एक तरफ टिकैत की भीड़ है जिसके बूते वह 40 लाख ट्रैक्टर दिल्ली में लाने की बात कर रहे हैं। वहीं रवीश कुमार पूछ रहे हैं कि इसकी क्या जरूरत है? क्या रवीश नहीं जानते हैं कि जिस भीड़ को रोकने के लिए पुलिस पुख्ता इंतजाम कर रही है, उसमें वो लोग भी शामिल है जिनकी वीडियो कल सोशल मीडिया पर वायरल हुई और वह भिंडरावाले के समर्थन में नारे लगाते दिखाई दिए। या उन्हें ये नहीं पता कि किसान आंदोलन की आड़ में खालिस्तानी अपनी रोटियाँ सेंक रहे हैं, विदेशी ताकतें भारत के ख़िलाफ़ माहौल बना रही हैं… और सब जानने के बाद किसान नेता कह रहे हैं कि ये प्रदर्शन अक्टूबर-नवंबर तक चलने वाला है।

मेरठ में हिंदू लड़की को फँसाया, अगवा कर दिल्ली भेजा; जामा मस्जिद में इस्लाम कबूल करवाया जाना था: रिपोर्ट्स

उत्तर प्रदेश के मेरठ से ग्रूमिंग जिहाद (लव जिहाद) का एक मामला सामने आया है। यहाँ की एक कोचिंग में पढ़ाने वाले अमान ने पहले एक छात्रा को प्रेम जाल में फँसाया। फिर धर्मांतरण कराने के लिए उसे अगवा कर दिल्ली भेज दिया। खबर के मुताबिक, दिल्ली की जामा मस्जिद में उसका धर्मांतरण कराया जाना था। हालाँकि धर्मांतरण से पहले पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर छात्रा को बरामद कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला मेरठ के शास्त्री नगर का है। यहाँ के एक हिंदू व्यापारी की बेटी एक कोचिंग सेंटर में पढ़ने जाती थी। वहाँ अमान ने अपना नाम बदलकर छात्रा को प्रेम जाल में फँसा लिया। फिर उसे अगवा कर इस्लाम धर्म कबूल करवाने की फिराक में था। इसके लिए उसने लड़की को अगवा कर अपने के दोस्त के साथ दिल्ली भेज दिया था।

लड़की के लापता होने के बाद परिजनों ने उसे ढूँढने की बहुत कोशिश की। जब वह नहीं मिली तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की। लड़की के मोबाइल की कॉल डिटेल खँगालने के बाद पुलिस ने अमान का नंबर बरामद किया। इसके बाद पूरे मामले से पर्दा उठा।

लव जिहाद और धर्मांतरण का यह मामला सामने आने के बाद मंगलवार को हिंदू संगठन और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नौचंदी थाने में जमकर हंगामा किया था। साथ ही आरोपित अमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की थी।

पुलिस ने घटना पर कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस ने छात्रा का भी पता लगाकर उसे बरामद किया और उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। जाँच के दौरान छात्रा ने खुलासा किया कि अमान उसका दिल्ली की जामा मस्जिद में धर्मांतरण कराना चाहता था।

पुलिस ने छात्रा और परिजनों के बयान के आधार पर आरोपित शिक्षक के खिलाफ नौचंदी थाने में लव जिहाद विरोधी नए कानून और अपहरण की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि आरोपित शिक्षक की हरकतों को देखते हुए एक स्कूल में पढ़ा रहे उसके भाई की भी जाँच की जा रही है।

हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इस मामले को लेकर कहा है कि फेसबुक और ट्विटर पर दूसरे समुदाय के युवक बार-बार मैसेज भेजकर किशोरी छात्राओं से दोस्ती करते हैं। उसके बाद उन्हें अपने प्रेमजाल में फँसाकर, फिर उन पर धर्मांतरण करने के लिए दबाव डालते हैं। फेसबुक व ट्विटर के अलावा भी कोचिंग सेंटर में हिंदू बेटियों को सावधान रहने की जरूरत है।

‘ओम जय जगदीश’ वाली हॉलीवुड सिंगर मैरी मिलबेन भी मैदान में, कहा- मोदी में मेरा भरोसा

विदेशी धरती से किसानों के लिए बनाए गए कृषि कानूनों के प्रायोजित विरोध के खुलासे के बीच हॉलीवुड अभिनेत्री-गायिका मैरी मिलबेन ने एक सार्वजनिक बयान जारी कर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के किसानों के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है। मिलबेन का ट्वीट पॉप सनसनी रिहाना और जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग पर दिल्ली के बाहरी इलाके में चल रहे तथाकथित किसानों के विरोध पर टिप्पणी करते हुए आया है।

मैरी मिलबेन ने ट्वीट कर कहा, “आज, मैं अपने भारतीय भाइयों और बहनों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करती हूँ। मुझे भारत में नए सुधारों के माध्यम से भारतीय किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए महामहिम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण पर पूरा भरोसा है। कृषि वैश्विक अर्थ व्यवस्था का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसान किसी भी देश के पारिस्थितिकी तंत्र की रीढ़ हैं। हमें हमेशा उन लोगों का ध्यान रखना चाहिए जो भूमि (किसानों) का काम करते हैं और जो भूमि (सैनिकों) की रक्षा करते हैं। अब शांति के राजदूतों के ऊपर उठने का समय है।”

गौरतलब है कि मैरी लगातार तीन अमेरिकी राष्‍ट्रपतियों (राष्‍ट्रपति जॉर्ज डब्‍ल्‍यू. बुश, राष्‍ट्रपति बराक ओबामा और राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्‍प), अंतरराष्‍ट्रीय रॉयल्टी और वैश्विक नेताओं के लिए प्रदर्शन करने वाली दुनिया की नई आवाज़ों में से एक है। इसके अलावा, मैरी को व्हाइट हाउस, यूनाइटेड स्टेट्स कॉन्ग्रेस, नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल), नेशनल बास्केटबॉल एसोसिएशन (एनबीए), मेजर लीग बेसबॉल (एमएलबी), ऑफ-ब्रॉडवे और दुनिया भर के कंसर्ट हॉल में कार्यक्रम प्रस्तोता के रूप में जाना जाता है। कल्चरल डिप्लोमेसी के तहत, मैरी संस्कृतियों के आदान-प्रदान के माध्यम से शांति और दोस्ती को बढ़ावा देने, दुनिया को एकजुट करने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक वैश्विक आवाज बन गई है।

इससे पहले भी मैरी कई सकारात्मक वजहों से भारत सहित विश्व का ध्यान आकर्षित कर चुकी हैं। चाहे वो भारत को स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएँ देना हो या लॉकडाउन के बीच ‘ओम जय जगदीश हरे गाकर’ दुनियाँ को एक अलग ही अनुभव जगत में ले जाना।

बता दें कि हॉलीवुड एक्ट्रेस और अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने दुनियाभर के लोगों को खास तरीके से दीवाली-2020 की शुभकामनाएँ दी थीं। उनका दीवाली की शुभकामनाओं के लिए ‘ओम जय जगदीश हरे…’ को अपनी आवाज देना, दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था।

आज हॉलीवुड एक्टर-सिंगर का PM मोदी और भारत के समर्थन में आना खासा महत्व रखता है। क्योंकि, कल ही किसान आंदोलन को लेकर भारत के खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार पर बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता एवं सिंगर्स- अक्षय कुमार, अजय देवगन, सुनील शेट्टी, करण जौहर, एकता कपूर, कैलाश खेर, लता मंगेशकर सहित कई अन्य सितारों ने कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों द्वारा भारत के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार पर करारा जवाब दिया था और भारत का समर्थन करते हुए एकजुटता दिखाई थी।

दरअसल, पॉप सिंगर रिहाना और एक्टिविस्ट ग्रेटा थुनबर्ग के किसान आंदोलन को लेकर किए गए प्रायोजित ट्वीट ने भारत में बहस को तेज कर दिया था। जिसके बाद बॉलीवुड अभिनेताओं ने सामने आकर सीधे शब्दों में ट्वीट करते हुए लोगों से आग्रह किया कि वे मतभेद पैदा करने वाले किसी भी चीजों पर ध्यान न दें। इसके बाद से ही ट्विटर पर #IndiaTogether (इंडिया टुगेदर) ट्रेंड कर रहा था। कल रात होते-होते भारत के प्रति दुष्प्रचार का गुब्बारा ग्रेटा फाइल्स के लीक होते ही फट गया था। जिसके चिथड़े अब भी भारत सहित वैश्विक स्तर पर सक्रिय भारत विरोधी वामपंथी-कॉन्ग्रेसी गिरोह द्वारा समेटे जा रहे हैं। और अपने इस कुकृत्य के कारण यह गिरोह एक बार फिर एक्सपोज हो चुका है।

मैरी मिलबेन का दिवाली पर गाया भजन यहाँ सुन सकते हैं:

60 साल हिमालय में साधना करने वालीं सुभद्रा माता ने देह त्यागा, उत्तरकाशी में लेंगी समाधि

सुभद्रा माता ने 98 साल की उम्र में देह त्याग दिया है। उत्तरकाशी में वह समाधि लेंगी। उन्होंने करीब 60 साल हिमालय में साधना की थी।

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने आज (4 फरवरी 2021) सिलसिलेवार ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी है। ट्वीट में उन्होंने कहा है, “आप सबको एक दुःखद सूचना दे रही हूँ। मेरे गुरु श्री पेजावर स्वामी जी की वरिष्ठतम शिष्या सुभद्रा माता ने आज हरिद्वार में शरीर त्याग दिया।”

आगे उन्होंने बताया है कि गंगोत्री या गोमुख के आसपास लगातार एक दिन भी कोई नहीं रह सकता है। इसके बावजूद सुभद्रा माता उससे 10 किलोमीटर ऊपर तपोवन में लगभग 9 वर्ष रहीं। उन्होंने 60 साल से अधिक हिमालय में साधना की। उमा भारती ने बताया है कि हिमालय में रहने वाले संतों का भी यही मानना था कि माता सुभद्रा हिमालय की श्रेष्ठतम तपस्विनी थीं। लेकिन वह अपना प्रचार-प्रसार बिलकुल पसंद नहीं करती थीं। उनकी जीवन शैली और अवधारणा भी बेहद सकारात्मक और सरल थी। 

अपने एक और ट्वीट में उमा भारती ने लिखा, “मैं सुभद्रा माता को लगभग 20 वर्षों से जानती थीं। उनकी इच्छा थी कि मैं ही उनका अंतिम संस्कार करूँ और उन्होंने उत्तरकाशी में ही अपने लिए समाधि बनवा ली थी। उन्होंने मुझे और बालकृष्ण को अनुमति दी थी कि उसी समाधि में हमेशा के लिए स्थापित कर दिया जाए।”

पिछले कुछ वर्षों से सुभद्रा माता हरिद्वार के कनखल स्थित रामकृष्ण अस्पताल में थीं। वहाँ मौजूद संतों और चिकित्सकों ने उनकी काफी समय तक सेवा की। कल (5 फरवरी 2021) को सुभद्रा माता को उत्तरकाशी में समाधि दी जाएगी। इस दौरान बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और अन्य साधु-संत वहाँ एकत्रित होंगे।

उमा भारती ने बताया है कि माता सुभद्रा बेहद दयालु और सहज स्वभाव की थीं। सभी के लिए स्नेह की भावना रखती थीं। वह पिछले कई दिनों से उमा भारती को याद कर रही थीं इसलिए वह आज ही उनसे मिलने के लिए निकली थीं। लेकिन रास्ते में ही उन्हें उनके देह त्यागने का समाचार मिला।

दिल्ली पुलिस की FIR में ग्रेटा का नाम नहीं, कंगना के ट्वीट डिलीट कर फिर बेनकाब हुआ ट्विटर

कथित किसान आंदोलन में अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की घुसपैठ की हकीकत टूलकिट सामने आने के बाद साफ हो गई है। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है। इस बीच कंगना रनौत का ट्वीट जिसमें केवल रिहाना के ट्वीट का जवाब था, उसे ट्विटर ने डिलीट कर दिया है।

दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर प्रवीर रंजन ने बताया कि इस संबंध में जॉंच के लिए मामला दर्ज किया गया है, लेकिन एफआईआर में किसी का नाम नहीं है। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में बाल कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही गई थी। इंडिया टुडे पत्रकार गौरव सांवत ने बताया था कि ग्रेटा के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 153 ए और धारा 120बी के तहत मामला दर्ज हुआ है। 

ग्रेटा का ट्वीट, जो अब डिलीट हो चुका है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की यह कार्रवाई विदेश मंत्रालय के बयान के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने हर अंतरराष्ट्रीय शख्सियत से कहा था कि वह इस किसान आंदोलन के मुद्दे पर बोलने से पहले इसके बारे में समझ लें।

Excerpt from documents shared by Greta Thunberg

ग्रेटा के टूलकिट शेयर किए जाने के बाद भी इस मुद्दे ने तूल पकड़ा है और ये स्पष्ट हुआ है कि कैसे इस प्रदर्शन की आड़ में विदेशी हस्तियाँ भारत के ख़िलाफ़ माहौल बना रही है। 

दिल्ली पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद ग्रेटा का एक और ट्वीट सामने आया है। इसमें उसने कहा है, “हम भारत में किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुट हैं।”

गौरतलब है कि ग्रेटा थनबर्ग और रिहाना जैसे लोगों के सुनियोजित प्लान पर टूलकिट सामने आने के बाद से चर्चा गरम है। कुछ लोगों को पहले से इस तरह के हस्तक्षेप की आशंका थी। कंगना रनौत उन्हीं लोगों में शामिल थीं, जिन्होंने रिहाना को कड़ा जवाब दिया था।

रिहाना ने किसान आंदोलन की खबर शेयर करके पूछा था कि हम इसके ऊपर क्यों नहीं बात कर रहे। बस इसी पर कंगना ने उन्हें लिखा,  “कोई इसलिए बात नहीं कर रहा क्योंकि ये आतंकी है जो भारत को बाँटना चाहते हैं, ताकि चीन यूएस जैसे ही हमारे खंडित देश पर कब्जा कर ले। इसलिए चुप बैठो बेवकूफ, हम कठपुतलियों की तरह अपना देश नहीं बेचते।”

कंगना का ट्वीट

इस ट्वीट के दो दिन बाद और अंतरराष्ट्रीय मंशा का खुलासा होने के अगले ही दिन जैक डॉर्सी के ट्विटर ने 4 फरवरी 2021 को कंगना का यह ट्वीट डिलीट कर दिया। बदले में उन्हें बताया गया कि ट्विटर नियमों का उल्लंघन करने पर उनके ख़िलाफ़ यह कार्रवई हुई है।

कंगना का डिलीट हुआ ट्वीट