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ट्रक ड्राइवर से माफिया बने बदन सिंह बद्दो की कोठी पर चला योगी सरकार का बुलडोजर, दो साल से है फरार

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफियाओं के लिए काल बन चुकी है। इसी कड़ी में इस बार यूपी के टॉप टेन माफियाओं में नंबर वन पर लिस्टेड बदन सिंह बद्दो के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। मेरठ विकास प्राधिकरण ने बदन सिंह बद्दो की आलीशान कोठी ध्वस्त करने की कार्रवाई सुबह से ही शुरू कर दी है। STF और यूपी पुलिस के मोस्ट वांटेड अपराधी ढाई लाख के इनामी बदन सिंह बद्दो की अलीशान कोठी पर एमडीए ने बुलडोजर चलवा दिया। पुलिस ने बद्दो की संपत्ति कुर्क करने के बाद कोठी को जमींदोज करने की बड़ी कार्रवाई की है।

साभार: दैनिक जागरण

मनोज सिंह (डिप्टी कलेक्टर एमडीए) ने मीडिया को को बताया, “बदन सिंह बद्दो की कोठी का निर्माण बिना एमडीए की अनुमति से कराया गया था, जिसका एमडीए में कोई रिकार्ड नहीं है। ऐसे में कोठी अनाधिकृत थी, इसलिए बदन सिंह बद्दो की भाभी कुलदीप कौर को नोटिस देकर जवाब माँगा गया। कुलदीप कौर कोई जवाब नहीं दे पाई, ऐसे में पुलिस की सुरक्षा लेकर कोठी को जमींदोज करने की कार्रवाई की जा रही है।

साभार: दैनिक जागरण

रिपोर्ट के अनुसार, हालाँकि, आज गुरुवार (जनवरी 21, 2021) को टीपीनगर के पंजाबीपुरा स्थित कोठी का सिर्फ 60 फीसद हिस्सा ही टूट पाया है। इस दौरान छह थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी के जवान टीपीनगर के पंजाबीपुरा पहुँच गए थे। एमडीए के अफसरों के अलावा एसएसपी से लेकर एसपी सिटी और दो एएसपी मौके पर मौजूद रहे।

साभार: दैनिक जागरण

गौरतलब है कि माफिया डॉन बद्दो 28 मार्च 2019 से फरार है। कहा जा रहा है कि उसके देश में या विदेश में होने की जानकारी किसी को नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में उसकी फरारी में एक जनहित याचिका भी दायर है। हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से इस बारे में जवाब भी माँगा हुआ है। इस तरह से देखा जाए तो बद्दो को पुलिस कस्टडी से भागे दो साल का समय पूरा होने जा रहा है। कहा जाता है कि, पुलिस कस्टडी से उसके फरार होने की कहानी भी बड़ी भी बहुत ही नाटकीय है। फिलहाल, पुलिस के पास अभी तक उसका कोई सुराग नहीं है। इसी वजह से 2.5 लाख का इनामी कुख्यात माफिया डॉन बदन सिंह बद्दो कहीं न कहीं पुलिस के सिए बड़ा सिर दर्द बन गया है।

गौरतलब है कि मेरठ विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष और कमिश्नर अनीत सी. मेश्राम ने 18 जनवरी को कोठी धवस्त करने के आदेश जारी किए थे। साथ ही एमडीए की टीम ने बुधवार (जनवरी 20, 2021) को कुख्यात बदमाश बद्दो की आलीशान कोठी का मुआयना किया और फिर ध्वस्तीकरण के लिए रोड मैप तैयार किया था।

फरारी की कहानी बहुत फ़िल्मी है

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2019 में एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर हत्याकांड में सजायाफ्ता होने के बाद बद्दो को फर्रुखाबाद जेल शिफ्ट किया गया था। उस समय गाजियाबाद में उसकी पेशी होनी थी, जिसके लिए फर्रुखाबाद पुलिस उसे लेकर आ रही थी। 28 मार्च 2019 को बद्दो की पेशी हुई और लौटते समय वह सभी पुलिसवालों को लेकर मेरठ के एक होटल में रुका। होटल मुकुट महल में उसने अल्कोहल पार्टी के दौरान सभी पुलिसकर्मियों को बेहोश कर बड़े आराम से फरार हो गया था।

उस दौरान फर्रुखाबाद जिले के 6 पुलिसकर्मियों सहित कुल 21 लोगों को बद्दो की फरारी में आरोपित बनाया गया था। इनमें मेरठ के कई बड़े व्यापारी, होटल मुकुट महल के मालिक मुकेश गुप्ता, करण पब्लिक स्कूल के संचालक भानु प्रताप भी शामिल थे। बाद में जेल भेज दिया गया था। उसे फरार हुए 2 साल होने को आ गए लेकिन पुलिस को आज तक उसका सुराग नहीं मिला है।

ट्रक ड्राइवर से बना मोस्ट वांटेड माफिया

बद्दो के फरार होने की कहानी जितनी फिल्मी है, उतना ही उसके ट्रक ड्राइवर से माफिया बनने तक का सफर भी है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रक ड्राइवर की मामूली सी नौकरी करने वाला बदन सिंह कुछ ही सालों में माफियाओं की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था। बदन सिंह के अतीत को जानने के लिए हमें 25 साल पहले जाना होगा। मेरठ के टीपी नगर का रहने वाला बदन सिंह ढाई दशक पहले पिता के साथ ट्रक चलाता था। इसके बाद समय बीतता गया और मारपीट की छोटी-छोटी घटनाओं से वह सुर्खियों में आता गया। अपनी गुंडागर्दी के चलते उसने वेस्टर्न यूपी के सबसे बड़े दबंग सुशील मूंछ और भूपेंद्र बाफर से कॉन्टैक्ट बनाकर अपराध जगत में एंट्री की।

इसके बाद बदन सिंह बद्दो के अपराधों का सिलसिला शुरू हुआ। पैसे और जमीन के लिए बद्दो पर कई हत्याओं का भी आरोप है। शराब की तस्करी करने और भूमाफिया बनने के साथ उसने केबल कारोबार में भी वर्चस्व हासिल किया। केबल व्यवसायी पवित्र मैत्रेय के मर्डर में भी उसका नाम सामने आया और 2011 में हुई बीएसपी जिला पंचायत सदस्य संजय गुर्जर की हत्या के लिए भी बद्दो वॉन्टेड आरोपित है। इसके अलावा, एडवोकेट देवेंद्र गुर्जर की हत्या के मामले में भी उसे अपराधी घोषित कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

इसके अपराधों की लिस्ट बहुत लम्बी है। रंगदारी वसूलने के लिए जाना जाने वाले बद्दो ने दो करोड़ रुपए के लिए प्रतिष्ठित व्यवसायी राजेश दीवान को धमकी दी थी। इस मामले में बद्दो के खिलाफ परतापुर और लालकुर्ती थाने में केस दर्ज हैं और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसके अलावा, उस पर संपत्तियों पर कब्जा करने और रंगदारी वसूलने के कई अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, ऐसा कहा जाता है कि अपराध की दुनिया का कोई कोना ऐसा नहीं है, जिसको बद्दो ने न छुआ हो। वह सुपारी किंग के नाम से भी कुख्यात है। बदन सिंह पर यह आरोप है कि वह सुपारी लेकर अब तक कई हत्याएँ करा चुका है।

‘कोवीशील्ड’ बनाने वाली कंपनी के दूसरे हिस्से में भी आग, जलकर मरे लोगों को सीरम देगी ₹25 लाख

पुणे के मंजरी में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के प्लांट में दोबारा आग लगने की खबर है। इस बार बिल्डिंग के दूसरे हिस्से में आग लगी है। यहीं से पुलिस को आज (जनवरी 21, 2021) दोपहर में हुई दुर्घटना के बाद 5 मजदूरों के जले हुए शव मिले थे। मृतकों में कोई ठेका मजदूर था तो कोई बिजली का काम करने के लिए घटनास्थल पर मौजूद था। सर्च ऑपरेशन में 6 लोगों की जान भी बचाई गई है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के मेयर मुरलीधर मोहोल ने बताया कि मजदूरों की लाश इमारत की ऊपरी मंजिल पर मिली हैं। उन्होंने कहा कि आग लगने की वजह अभी साफ नहीं है। जिस इमारत में आग लगी, वहाँ वेल्डिंग का काम चल रहा था और हादसे की वजह यह भी हो सकती है।

सीरम इंस्टीट्यूट ने दुर्घटना का शिकार हुए मजदूरों के परिजनों को 25 लाख रुपए देने का ऐलान किया है। SII के अध्यक्ष साइरस पूनावाला ने कहा, “आज SII में हम सभी के लिए एक अत्यंत दुखद दिन है। हमें गहरा दुख हुआ है और दिवंगत परिवारों के प्रति हमारी संवेदना है। हम मानदंडों के अनुसार अनिवार्य राशि के अलावा, प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा देंगे।”

बता दें कि पुणे के इस प्लांट में लाखों वैक्सीन का निर्माण किया जाता है। इसी इंस्टीट्यूट में कोवीशील्ड वैक्सीन बनाई गई है। संस्थान के सीईओ अदार पूनावाला का कहना है कि इस दुर्घटना में कोरोना वैक्सीन को नुकसान नहीं हुआ है। आग मंजरी प्लांट में लगी है। यहाँ वैक्सीन का उत्पादन नहीं हो रहा था।

उन्होंने कहा, “मैं सरकार और लोगों को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोवीशील्ड के प्रोडक्शन को इस हादसे से कोई नुकसान नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए हमने कई प्रोडक्शन बिल्डिंग तैयार कर रखी है।”

गौरतलब हो कि सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है। दूसरी बार संस्थान की इमारत में लगी आग पर लोग आशंका जाहिर कर रहे हैं कि भारत को बदनाम करने के लिए कोई किसी हद तक भी जा सकता है। इस पर जाँच होनी चाहिए।

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि प्राथमिक दृष्टि से यह दुर्घटना इलेक्ट्रिक फॉल्ट के कारण हुई लग रही है। उनका कहना है कि कोविड वैक्सीन बिलकुल सुरक्षित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंस्टीट्यूट में आग लगने से हुए जानमाल के नुकसान पर अपना दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, “सीरम इंस्टीट्यूट में आग की वजह से जानमाल के नुकसान से दुखी हूँ। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदना मृतकों के परिजनों के साथ हैं। मैं प्रार्थना करता हूँ कि हादसे में जो लोग घायल हुए वो जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ।”

तांडव के डायरेक्टर-राइटर के घर पर ताला, प्रोड्यूसर ने ऑफिस छोड़ा: UP पुलिस ने चिपकाया नोटिस

अमेजन प्राइम की वेब सीरिज ‘तांडव’ के मेकर्स के खिलाफ पिछले दिनों लखनऊ में शिकायत दर्ज की गई थी। इस संबंध में जाँच के लिए यूपी पुलिस मुंबई में है। गुरुवार (जनवरी 21, 2020) को यूपी पुलिस की टीम सीरिज के डायरेक्टर और लेखक के घर तथा प्रोड्यूसर के दफ्तर पहुॅंची। लेकिन इनमें से कोई भी नहीं मिला।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यूपी पुलिस की टीम सीरिज के निर्देशक अली अब्बास जफर के घर पहुँची। वहाँ उन्हें घर पर ताला लगा मिला। यह देख पुलिस ने नोटिस उनके घर के बाहर चिपका दिया।

यूपी पुलिस के अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने कहा, ”हमने उन्हें 27 जनवरी को लखनऊ में आईओ (जाँच अधिकारी) के सामने पेश होने के लिए कहा है। उनका घर बंद था और कोई नहीं था, इसलिए हमने वहाँ नोटिस चिपका दिया।”

पुलिस नोटिस देने के लिए तांडव निर्माता हिमांशु मेहरा के दफ्तर भी पहुँची। मगर, वहाँ भी उन्हें कोई नहीं मिला। यूपी पुलिस को कार्यालय पहुँचने के बाद पता चला कि वह जगह खाली कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि वह उन्हें ढूँढने में लगी है।

इसी प्रकार सीरीज के लेखक गौरव सोलंकी के घर जाने पर भी पुलिस को कोई नहीं मिला। घर बंद था इसलिए पुलिस ने 27 जनवरी को लखनऊ में जाँच अधिकारी के समक्ष पेश होने का नोटिस चिपका दिया।

बता दें कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को वेब सीरिज ‘तांडव’ के निर्देशक अली अब्बास जफर, अमेजन प्राइम इंडिया की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी को अग्रिम जमानत दी थी। इन सभी के ख़िलाफ़ सीरिज के जरिए लोगों की धार्मिक भावनाएँ आहत करने के आरोप में केस दर्ज है। इसी मामले पर सुनवाई करते हुए बुधवार को न्यायमूर्ति पीडी नाइक ने चारों को गिरफ्तारी से 3 हफ्ते की राहत दी थी।

कहाँ गए दिल्ली जल बोर्ड के ₹26,000 करोड़: केजरीवाल सरकार पर करप्शन का बड़ा आरोप

दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर भारतीय जनता पार्टी  (BJP) ने 26 हजार करोड़ रुपए डकारने का आरोप लगाया है। दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि केजरीवाल सरकार ने अपने कार्यकाल में दिल्ली जल बोर्ड को ₹41,000 करोड़ का लोन दिया था, जिसमें से ₹26,000 करोड़ का कोई अता-पता नहीं है।

प्रदेश कार्यालय में हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आदेश गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने CAG रिपोर्ट समेत कई दस्तावेज मीडिया को दिखाए। उन्होंने कहा कि सरकार के खातों से पिछले 5 साल में जल बोर्ड को स्थनांतरित किए गए 26,000 करोड़ रुपए का हिसाब केजरीवाल, सत्येन्द्र जैन या राघव चढ्ढ़ा देने को तैयार नहीं हैं। आदेश गुप्ता ने कहा

“दिल्ली जल बोर्ड पिछले 6 सालों में अरविंद केजरीवाल की करतूतों के कारण ‘दलाली जल बोर्ड’ बन गया है। मात्र 5 वर्षों में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली जल बोर्ड को 41,000 करोड़ रुपए का लोन दिया था, जिसमें से 26,000 करोड़ रुपए का कोई हिसाब-किताब ही नहीं है। दिल्ली के टैक्स पेयर का 26000 करोड़ रुपए ह़ड़पने के बाद केजरीवाल सरकार डकार तक नहीं ले रही है।”

राष्ट्रीय राजधानी में पानी की स्थिति व सीएम केजरीवाल के विकास मॉडल पर बात करते हुए आदेश गुप्ता ने कहा, “ 28.8% घरों के अंदर नल द्वारा पानी नहीं पहुँच रहा है, इसका सीधा मतलब है कि 1/4 दिल्ली में पानी की सप्लाई नहीं है। AAP सरकार सिर्फ दिल्ली जल बोर्ड में 26,000 करोड़ रुपए का घोटाला कर दिल्ली की जनता का पैसा उड़ा रही है।” उन्होंने कहा कि कि ये हम नहीं कह रहे, खुद दिल्ली सरकार की रिपोर्ट यह बात कह रही है।

उन्होंने बताया, “दिल्ली की अनुमानित 1800 अनाधिकृत कॉलोनियों में से सिर्फ 561 कॉलोनियों में सीवरेज प्लांट डाले गए हैं और उसकी भी स्थिति दयनीय है। ऐसा दिल्ली सरकार की खुद की रिपोर्ट में ही लिखा है। साल 2015 में जितना पानी पीने योग्य बनता था, आज 6 साल बाद भी स्थिति वैसी ही है, उसमें 5 प्रतिशत की भी वृद्धि नहीं हुई है। मतलब पिछले 6 सालों में दिल्ली की जनसंख्या तो बढ़ी है, लेकिन जल बोर्ड के काम करने का तरीका जस का तस रहा है। केजरीवाल ये दावा करते हैं कि दिल्लीवालों को यमुना में नहलाकर आचमन कराएँगे, लेकिन यमुना पहले से ज्यादा जहरीली हो गई है।”

इस कॉन्फ्रेंस मे नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा, “घोटालों की जाँच करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली विधानसभा का 2 दिवसीय सत्र बुलाएँ और दिल्ली जल बोर्ड के घोटालों पर चर्चा कराए, क्योंकि उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वो तथ्यों के साथ हैं। दिल्ली की जनता को वो साफ करें कि आखिर 26,000 करोड़ रुपए का जो घोटाला किया गया है, उन पैसों को किन-किन मदों में लगाया गया है। केजरीवाल की नीयत यदि साफ है तो उन्हें इन पैसों का हिसाब देने में कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए।”

” 

सीरम इंस्टीट्यूट में 5 जलकर मरे: कोविड वैक्सीन सुरक्षित, लोग जता रहे साजिश की आशंका

पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट में गुरुवार (जनवरी 21, 2021) को आग लगने से पूरे इलाके में अफरा तफरा मच गई। जानकारी के मुताबिक, ये आग बीसीजी टीका बनाने वाली बिल्डिंग के दूसरे माले में लगी। इस हिस्से में संस्थान का नया प्लांट है। इसी इंस्टीट्यूट ने कोरोना वैक्सीन बनाने का भी काम किया है। इस दुर्घटना में अभी तक पाँच लोगों के मारे जाने की खबर है। जो कि मजदूर बताए जा रहे हैं। घटना की जाँच जारी है साथ ही यह आशंका जताई जा रही है कि वेल्डिंग के दौरान किसी दुर्घटना से आग लगी।

दुर्घटना के कुछ घंटों बाद इस संबंध में SSI के सीईओ अदार पूनावाला ने बयान जारी कर कहा दुर्घटना में जान गँवाने वाले लोगों के लिए दुःख व्यक्त किया है।

हालाँकि, इससे पहले चिंता कर रहे लोगों का आभार जताते हुए उन्होंने कहा था, ”अब तक सबसे बड़ी चीज यही है कि किसी की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ है और न ही किसी को आग लगने के कारण ज्यादा चोटें आई हैं। सिर्फ़ कुछ माले नष्ट हुए हैं।” जिसमें अब पाँच लोगों के मारे जाने की पुष्टी की गई है।

बता दें कि दमकल विभाग के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से तकरीबन 2:30 बजे उन्हें आग लगने की खबर मिली थी। जिसके बाद उनकी टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची है। आग को बुझाने का प्रयास शुरू है।

पुलिस का कहना है, “हमें 2:45 बजे सीरम इंस्टीट्यूट की एक इमारत में आग लगने की सूचना मिली। पुलिस और फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुँची। सभी लोगों को निकाल लिया गया है। 1 घंटे में आग बुझा दी जाएगी। इस इमारत में वैक्सीन का प्लांट या भंडारण नहीं किया जा रहा था।”

कोरोना वैक्सीन Covishield बनाने का काम सीरम इन्स्टीट्यूट द्वारा किया गया है। ऐसे में आग की खबर सुन कर सबकी चिंता वैक्सीन को लेकर है। लेकिन खबरों के मुताबिक, इन्स्टीट्यूट में जहाँ कोरोना वैक्सीन बनाने का काम किया जाता है वह पूरी तरह से सुरक्षित है। वैक्सीन बनाने की जगह से दूसरी तरफ जो गेट है वहाँ पर आग लगी है। कहा जा रहा है कि ये सारी दुर्घटना टर्मिनल गेट नंबर 1 की है और कोविडशील्ड वैक्सीन 3, 4, 5 नंबर पर सुरक्षित है।

सीईओ अदार पूनावाला ने भी इस संबंध में आश्वस्त करते हुए कहा, “मैं सरकार और जनता को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि कोविशील्ड के उत्पादन में कई उत्पादन भवनों के कारण कोई नुकसान नहीं होगा, जिन्हें मैंने आकस्मिकताओं से निपटने के लिए रखा था।” 

महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने इस दुर्घटना को इलेक्ट्रिक फॉल्ट के कारण हुई घटना कहा है। उनका कहना है कि कोविड वैक्सीन बिलकुल सुरक्षित हैं। मगर अभी तक उन्होंने सीईओ अदार पूनावाला से बात नहीं की है।

उल्लेखनीय है कि सीरम इंस्टीट्यूट में लगी इस आग ने अचानक लोगों के मन में संदेह पैदा कर दिया है। लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं ये सब जानबूझकर तो नहीं किया गया।

रोहित गुप्ता लिखते हैं, “मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूँ कि वो इस मामले को स्वंय देखें और जाँच करें। महाराष्ट्र में 3 गधे मिल कर सरकार चला रहे हैं। कॉन्ग्रेस, शिवसेना और एनसीपी। ये लोग कभी भी इस मामले की जाँच नहीं करेंगे।”

पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ के अकॉउंट से लिखा गया है, “कोरोना वेक्सीन बनाने वाली पुणे की सिरम इंस्टिट्यूट में भीषण आग लगी जहाँ वैक्सीन के करोड़ो डोज तैयार करके रखे हुए थे। ये आग किसी षड्यंत्र के तहत वेक्सीन का विरोध करने वालों ने तो नही लगाई होगी।”

‘गाँवों में जाकर भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे जवान’: BSF ने टीएमसी को दिया जवाब

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज है। इस बीच ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसकी अखंडता और नैतिकता पर सवाल खड़ा करने की कोशिश की है। इसका जवाब देते हुए BSF ने कहा है कि वह एक गैर राजनैतिक ताकत है और सभी नेताओं, सभी दलों का समान रूप से सम्मान करता है।

बीएसएफ ने कहा, “बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) एक गैर राजनैतिक फोर्स है। हम सभी नेताओं, सभी पार्टियों का सम्मान करते हैं। हमें राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया गया है।” बता दें बीएसएफ ने पश्चिम बंगाल के शहरी विकास मामलों के मंत्री और कोलकाता के महापौर फरहाद हाकिम और टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब दिया है।

गौरतलब है कि TMC नेता पार्थ चटर्जी, फरहाद हाकिम, सुब्रत बख्शी और सुब्रत मुखर्जी ने गुरुवार को चुनाव आयोग से मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनाव से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की थी। टीएमसी नेताओं ने चुनाव आयोग के समक्ष कहा कि बीएसएफ के जवान पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के गाँवों में जाकर लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे हैं।

टीएमसी नेताओं ने कथित रूप से अवैध प्रवासियों और मतदाता सूची में रोहिंग्या शरणार्थियों के बारे में भाजपा के दावों को लेकर भी चुनाव आयोग से शिकायत की उन्होंने कहा कि अगर यह सच है तो इसमें केंद्र सरकार की गलती है।

बता दें मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोड़ा बुधवार शाम को आगामी 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले दो दिवसीय दौरे पर ईसी की पूरी पीठ के साथ राज्य में पहुँचे थे।

भारत के चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुए बैठक के बाद कोलकाता के मेयर फरहाद हाकिम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, “हमने चुनाव आयोग (ईसी) को बताया कि भाजपा सीमा के आस-पास के गाँवों में बीएसएफ के जवान भेज रही है। बीएसएफ के जवान गाँवों में जाकर लोगों को भाजपा को वोट देने के लिए धमका रहे हैं। जिसको लेकर मैंने चुनाव आयोग से शिकायत की है। इस पर आयोग ने कहा कि हम इसकी जाँच कराएँगे।”

उल्लेखनीय है कि फरहाद हाकिम वही विवादास्पद टीएमसी नेता हैं, जिन्होंने पहले कोलकाता के मुस्लिम बहुल इलाके को “मिनी-पाकिस्तान” कहा था। सीएए विरोधी दंगों के दौरान मुस्लिम दंगाइयों को शांत करने के लिए, जिन्होंने व्यापक बर्बरता, आगजनी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया था, हकीम ने उन्हें ‘भाई’ का दर्जा दिया था।

भाइयों के रूप में दंगाइयों को संदर्भित करते हुए हाकिम ने दावा किया था कि मुसलमानों द्वारा इस तरह के कृत्यों से बीजेपी को बंगाल की सत्ता में आने में मदद मिलेगी। फिर बंगाल के भी मुसलमानों को यूपी की ही तरह अपना सिर झुका कर जीना होगा। इसके अलावा हाकिम को राज्य में भाजपा कार्यकर्ताओं की क्रूर हत्याओं का मजाक उड़ाते हुए भी पाया गया है।

वहीं पार्थ चटर्जी ने प्रतिनिधिमंडल से मिलने के बाद मीडिया से कहा कि पश्चिम बंगाल खतरनाक स्थिति में है और आयोग को इस पर गौर करना चाहिए।

बता दें स्टेट पोल पैनल केंद्रीय और राज्य नियामक एजेंसियों के अधिकारियों के साथ चर्चा करने से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मिल कर उनकी राय जान रहे हैं। खबरों के अनुसार, राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों पर चर्चा के लिए स्टेट पोल पैनल जल्द ही संभागीय आयुक्तों, जिला चुनाव अधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक करेगा।

1277 करोड़ रुपए की कंपनी: इंडियन कैसे करते हैं पखाना (पॉटी), देते हैं इसकी ट्रेनिंग और प्रोडक्ट

इंडिया के लोग पखाना कैसे करते हैं? आप बोलेंगे बैठ कर! सामान्य सा सवाल, सामान्य सा जवाब। लेकिन जूडी एडवर्ड को जब कॉन्स्टिपेशन हुआ तो हम भारतीयों के पखाने करने के इसी स्टाइल को अपना कर उन्होंने इससे निजात पाई।

जूडी के लिए उनका कब्ज बहुत कष्टकारी था। उन्होंने दुनिया को इससे निजात पाने के इंडियन पखाना शैली के बारे में बताने की ठान ली। लेकिन तब उन्हें नहीं पता था कि पखाना कैसे करें, यह बताना भी अपने आप में एक बिजनस बन जाएगा। बिजनस वो भी 1277 करोड़ रुपए (175 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का।

जूडी एडवर्ड, उनके पति बिल और बेटे बॉबी ने 2010 में एक ऐसा स्टूल बनाया था, जिसे पैर के नीचे रख कर वेस्टर्न टॉयलेट में इंडियन पखाने जैसा आनंद लिया जा सकता है। यह प्रोडक्ट इतना फेमस हुआ कि पहले ही साल में 10 लाख अमेरिकी डॉलर का बिजनस कर लिया। चीन जैसे मैनुफेक्चरिंग हब से भी पहले ही साल में इसके 2000 स्टूल के ऑर्डर आए।

2020 आते-आते स्क्वॉटी पॉटी (Squatty Potty) के 50 लाख स्टूल हर साल बिकने लगे। Squatty Potty – जी हाँ, कंपनी का नाम यही है।

यह तरह-तरह के वीडियो और फोटो बना कर वेस्टर्न टॉयलेट में पखाना करने वाले लोगों को इंडियन पखाना स्टाइल के फायदे के बारे में भी बताते हैं। कब्ज के जिस कष्ट से कभी जूडी गुजर चुकी हैं, वो नहीं चाहती हैं कि उससे कोई और गुजरे… और साथ में बिजनस तो चल ही रहा है।

स्टार्स जो करते हैं Squatty Potty का यूज

ऐशले ग्रैहम, जिमी किमेल, सैली फिल्ड, हॉवर्ड स्टर्न और ब्रायन क्रैन्स्टन जैसे बड़े A-ग्रेड सेलिब्रिटी से लेकर कई अन्य हॉलिवुड सेलिब्रिटी भी इसका यूज करते हैं। ऐशले ग्रैहम तो इसके यूज से इतना खुश हो गई थीं कि उन्होंने एक साथ 5 Squatty Potty खरीद कर अपने दोस्तों को गिफ्ट किया था।

इंडिया में भी Squatty Potty का बिजनस!

जिन भारतीयों के पखाना करने के स्टाइल को कॉपी कर यह बिजनस खड़ा किया गया है, उनको भी उन्हीं के देश में Squatty Potty अपने स्टूल बेच रहा है। बिजनस यही है। जहाँ से पैसे आए, आते रहे।

वेस्टर्न टॉयलेट के नीचे रखने लायक Squatty Potty का स्टूल इंडिया में 3200 रुपए में बेचा जा रहा है। हास्यास्पद यह है कि इसमें भी वो लिमिटेड पीरियड ऑफर के साथ इसे 1760 रुपए में बेच रहे हैं।

भाषण देने को लेकर गाली-गलौज, कॉन्ग्रेसियों ने एक-दूसरे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

रामगढ़ स्थित सीसीएल तोपा परियोजना कार्यालय परिसर में मजदूरों की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे कॉन्ग्रेस नेता आपस में ही भीड़ गए। कहा जा रहा यह विवाद धरना-प्रदर्शन में संबोधन का अवसर न मिलने को लेकर शुरू हुआ। जिसके बाद कॉन्ग्रेसियों ने एक-दूसरे पर गाली गलौज करते हुए जमकर मारपीट की। इस घटना में कॉन्ग्रेसी नेता श्याम सिंह घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें सदर अस्पताल भेज कर प्राथमिक उपचार कराया। गौरतलब है कि इस मामले में दोनों ही पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर गाली गलौज और मारपीट की प्राथमिकी दर्ज करने का आवेदन दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गाँधी के सत्य व अहिंसा मार्ग पर चलने का दावा करने वाले कॉन्ग्रेसी इस कदर आपस में भीड़ गए कि उन्हें छुड़ाने के लिए दूसरे लोगों को बीच में आना पड़ा। दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता बुधवार को मजदूरों की विभिन्न माँगों को लेकर परियोजना कार्यालय में धरना दे रहे थे। इस दौरान पहले भाषण देने की होड़ के चलते इनमें आपस में ही विवाद हो गया।

साभार: न्यूज़ 18

इस विवाद ने तब और जोर पकड़ लिया जब 2 गुट में बँटे कॉन्ग्रेसियों के एक पक्ष के नेता ने दूसरे पक्ष के नेताओं को गाली दे दी। जिसके बाद दूसरा पक्ष भी भड़क गया और पहले पक्ष को मारने पर उतारू हो गया। जिसके बाद दोनों गुट के नेता आपस में भीड़ गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई नेता घायल भी हो गए हैं।

साभार: न्यूज़ 18

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉन्ग्रेस के मांडू प्रखंड कार्यकारी अध्यक्ष सह यंग ब्रिगेड कॉन्ग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह ने धरना में संबोधन का अवसर न मिलने पर आपत्ति जताई थी और दूसरे पक्ष को जमकर भला बुरा कहा। जिसपर गुस्साए राजीव गाँधी पंचायती राज के प्रदेश को-आर्डिनेटर शांतनु मिश्रा, कॉन्ग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष बलजीत सिंह बेदी और मांडू प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सिंह ने उन पर लातों और घूसों की बौछार कर दी।

घटना के बाद दोनों पक्षों ने पुलिस में एक दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। घटना में घायल श्याम सिंह दूसरे पक्ष के कॉन्ग्रेसी नेताओं पर लात-घूँसों और मुक्कों से मारकर जख्मी करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरे पक्ष की श्याम सिंह के खिलाफ मारपीट, जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करने व धमकी देने की शिकायत दर्ज की है।

सारे लकड़बग्घे एक साथ आ जाएँ… मैं तुम सब भेड़ियों को नहीं छोड़ूँगी: जावेद अख्तर वाले केस में समन पर कंगना रनौत

गीतकार जावेद अख्तर द्वारा दायर मानहानि मामले में मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री कंगना रनौत को तलब किया है। समन में उन्हें शुक्रवार (जनवरी 22, 2021) को जुहू पुलिस स्टेशन में पेश होने के लिए कहा गया है। इस नए समन पर कंगना ने तल्ख प्रतिक्रिया दी है।

क न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए कंगना ने कहा, “आज मुझे एक और समन जारी किया गया है। सारे लकड़बग्घे एक साथ आ जाएँ और मुझे जेल में डाल दें। मेरा उत्पीड़न करें और 500 केस मेरे ऊपर लादकर मुझे सलाखों के पीछे करें। मर कर भी मेरी राख कहेगी मैं तुम सब भेड़ियों को नहीं छोड़ूँगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर 2020 में अंधेरी मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरआर खान ने मुंबई पुलिस को गीतकार जावेद अख्तर द्वारा अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ दर्ज आपराधिक मानहानि के मामले में जाँच के निर्देश दिए थे

ये मामला जावेद अख्तर ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अपने खिलाफ टिप्पणी करने पर कंगना रनौत के खिलाफ दायर किया था। कोर्ट ने पुलिस को 16 जनवरी 2021 तक अपनी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था।

बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद रिपब्लिक टीवी को दिए एक साक्षात्कार में कंगना रनौत ने बॉलीवुड माफिया पर बात करते हुए गीतकार जावेद अख्तर के ‘नास्तिक’ होने के बारे में खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि जावेद अख्तर जैसे लोग, जो ‘नास्तिक’ होने का दिखावा करते हैं, वास्तव में, इंडस्ट्री के भीतर लोगों पर नज़र रखते हैं कि वे इस्लाम के समर्थक हैं या नहीं? कंगना ने कहा कि ये लोग इंडस्ट्री में इस्लाम समर्थकों या उनके हित में रहने वाले लोगों को ‘फ़िल्टर’ करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं।

‘रिपब्लिक टीवी’ को दिए एक और इंटरव्यू में कंगना रनौत ने बताया था कि जावेद अख्तर ने उन्हें अपने घर बुला कर कहा था, “तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी क्योंकि वह तुम्हें जेल में बंद कर देंगे। उन्होंने (ऋतिक रोशन) तुम्हारे खिलाफ़ सारे सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। वह समझ चुके हैं कि केस पूरी तरह उनके हाथों में है। तुम्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी क्योंकि तेरा मुँह काला हो जाएगा तो तू जाएगी कहाँ?”

जावेद अख्तर ने इन्हीं बयानों के मद्देनजर कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। उनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 409 और 500 के तहत मानहानि का मुकदमा दायर हुआ था। उन्होंने कहा था कि रनौत के साक्षात्कार को रिपब्लिक टीवी चैनल और YouTube पर लाखों लोगों ने देखा था।

नरेंद्र मोदी, जापानी PM, ट्रम्प और कुत्ता: रॉयटर्स ने दिखाई नस्लभेदी मानसिकता

जो बायडेन (Joe Biden) ने 20 जनवरी 2021 को 46वें अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। इस दौरान दुनिया भर के मीडिया संगठनों ने विशेष कवरेज, वीडियो और सूचना के प्रचार-प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ी। मीडिया ने हर पहलू से यह साबित करने की कोशिश की, कि कैसे नए अमेरिकी राष्ट्रपति का अंदाज अपने पूर्ववर्ती से अलग है।

ब्रिटेन स्थित थॉमसन रॉयटर्स समूह के स्वामित्व वाली समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों और उनके ‘कुत्तों’ को लेकर एक वीडियो साझा किया। इसमें जो बायडेन का जर्मन शेफर्ड कुत्ता ‘मेजर’ व्हाइट हाउस में एंट्री लेते हुए दिखा रहा है। वह व्हाइट हाउस में रहने के लिए आने वाला पहला रेस्क्यू डॉग है। रॉयटर्स ने बताया है कि सिर्फ बायडेन ही नहीं, अन्य पूर्व राष्ट्रपति भी व्हाइट हाउस में अपने पालतू जानवरों के साथ रह चुके हैं।

रॉयटर्स ने अपने वीडियो में बताया है कि जॉर्ज बुश द्वारा व्हाइट हाउस में लाए गए दो कुत्ते ‘बेज़ले और बार्नी’ की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ओबामा सनी ‘और’ बो नाम के दो कुत्तों को लेकर व्हाइट हाउस में आए थे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट में संबंधित राष्ट्रपतियों के कुत्तों की छवियाँ साझा करते हुए बताया गया है कि क्लिंटन दंपती चॉकलेट लैब्राडोर रिट्रीवर- ’बडी’ को लाए थे। जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश और परिवार के पास व्हाइट हाउस में कई कुत्ते थे, जिसमें बुश की पत्नी बारबरा द्वारा लिखी गई बच्चों की पुस्तक मिल्ली का स्टार भी शामिल है।

व्हाइट हाउस में कुत्ते को लाने की परंपराओं को निभाने के लिए विभिन्न पूर्व राष्ट्रपतियों और वर्तमान राष्ट्रपति जो बायडेन की प्रशंसा करते हुए रायटर्स ने कहा कि, 1860 के दशक में एंड्रयू जॉनसन के बाद से डोनाल्ड ट्रम्प ही केवल ऐसे राष्ट्रपति थे जिनके पास व्हाइट हाउस में कोई पालतू जानवर नहीं था।

वहीं ट्रम्प की पालतू जानवरों में कम रुचि होने के बारे में बताते हुए रॉयटर्स ने वीडियो में दो एशियाई राष्ट्र प्रमुखों, भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और पूर्व जापानी पीएम शिंजो आबे की राष्ट्रपति ट्रम्प से हुई मुलाकात की क्लिप साझा की।

यहाँ यह बात गौर करने वाली है कि जब पालतू जानवरों’ में अरुचि की बात आई तो रायटर्स ने पूरी दुनिया मे पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प के हजारों क्लिप में से सिर्फ पीएम मोदी और पूर्व पीएम शिंजो आबे को ही चुना। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों विश्व नेताओं को, ‘लीजन ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया था – जो कि संयुक्त राज्य सशस्त्र बलों के सर्वोच्च सैन्य पुरस्कारों में से एक है।

यह बात सच है कि पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प की हजारों वीडियो क्लिप हैं, लेकिन रॉयटर्स ने व्हाइट हाउस के पालतू जानवरों और कुत्तों के वीडियो पर दो एशियाई नेताओं को दिखाना ज्यादा उचित समझा।

यहाँ कॉनन के साथ ट्रम्प का एक वीडियो है, जो बगदादी के रेड में घायल हुआ कुत्ता है। रॉयटर्स चाहता तो इस क्लिप का इस्तेमाल व्हाइट हाउस में पालतू जानवरों के बारे में बात करने के लिए कर सकता था।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अमेरिका के नए राष्ट्रपति बायडन ने अमेरिकी जनता को लोकतांत्रिक पद्धति कायम रखने के लिए बधाई दी। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “यह अमेरिका का दिन है। यह लोकतंत्र का दिन है। यह इतिहास और आशा का दिन है।”

बायडन ने शपथ लेने के बाद कहा कि यह किसी उम्मीदवार की जीत का जश्न नहीं, लोकतंत्र के उद्देश्य की जीत का जश्‍न है। जनता की इच्छाओं को सुना और समझा गया है।

जो बायडन को मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने शपथ दिलाई। उनके साथ कमला हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। उन्हें सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस सोनिया सोतोमयोर द्वारा शपथ दिलाई गई।