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14 साल की हिन्दू लड़की का अपहरण: कुरान की आयतें पढ़वाता था आरोपित सोहिदुल रहमान, जबरन कर लिया था निकाह

पश्चिम बंगाल में करीब एक महीने पहले एक 14 वर्ष की लड़की के अपहरण की खबर आई थी। नाबालिग हिन्दू लड़की का उससे उम्र में काफी बड़े एक व्यक्ति ने अपहरण किया था। हाल ही में उसे गुजरात से बरामद किया गया। अब पीड़िता ने खुलासा किया है कि आरोपित ने उसे बंदी बना कर रखने के दौरान जबरन कुरान पढ़वाया। साथ ही वो उससे जबरन नमाज भी पढ़वाता था। उसे इस्लामी तौर-तरीके अपनाने को बाध्य किया गया। आरोपित का नाम सोहिदुल रहमान है।

‘स्वराज्य’ में प्रकाशित स्वाति गोयल शर्मा की खबर के अनुसार, एक NGO ने लड़की को बरामद करने में मदद की और संगठन के कार्यकर्ता को लड़की ने जो कुछ भी बताया, उससे काफी बातें पता चलती हैं। आरोपित सोहिदुल रहमान उसे अरबी में कुरान की आयतें पढ़ने के लिए बाध्य करता था। उसने बताया कि वो मस्जिद में उसे लेकर तो नहीं गया था, लेकिन घर पर ही एक व्यक्ति को बुला कर ‘निकाहनामा’ पढ़ा और उससे भी पढ़वाया।

सोहिदुल रहमान ने उससे कहा कि वो अब से उसका शौहर है और साथ ही शारीरिक सम्बन्ध भी कई बार बनाने की बात सामने आई है। पीड़िता साउथ 24 परगना जिले के हमीरपुर गाँव की रहने वाली है। वो 6 अक्टूबर 2020 को गायब हो गई थी। इसके अगले दिन जीबनताला पुलिस थाने में FIR दर्ज कराई गई थी। अपहरण और नाबालिग लड़की से जबरदस्ती के मामले दर्ज किए गए थे। नई दिल्ली के NGO ‘मिशन मुक्ति फाउंडेशन’ को घटना के 5 दिन बाद इसके बारे में पता चला।

इसके बाद संगठन ने पश्चिम बंगाल के उच्चाधिकारियों के समक्ष इस मामले को उठाया। NGO के डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने सोहिदुल रहमान के 3 दिनों के कॉल रिकार्ड्स खँगाले और उससे NGO को अवगत कराया। ये कॉल रिकार्ड्स अक्टूबर 7 से अक्टूबर 11 तक के थे। इससे खुलासा हुआ कि रहमान अक्टूबर 8 को बिहार में था। इसके अगले दिन उसने राजस्थान को ठिकाना बनाया। इसके अगले दिन वो गुजरात चला गया।

हालाँकि, इन विवरणों से बहुत कुछ पता नहीं चल पाया। टॉवर लोकेशन नहीं मिल रही थी और NGO को आशंका थी कि इस दौरान रहमान लड़की को लेकर कहीं और निकल गया हो। तत्पश्चात NGO ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा। इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और पश्चिम बंगाल की CID ने इस मामले की जाँच शुरू की।

नाबालिग के अपहरण मामले में दर्ज की गई FIR

बुधवार (नवंबर 11, 2020) को राजकोट में सोहिदुल रहमान के होने की सूचना मिली और AHTU की टीम ने वहाँ जाकर लड़की को बरामद किया। वीरेंद्र सिंह भी उसी दिन राजकोट के लिए निकल गए। बाल आयोग ने पहले ही राजकोट पुलिस को सहयोग करने का निर्देश दे दिए थे। दीपावली के 2 दिन पहले 12 नवंबर को लड़की बरामद हुई। बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इस अभियान की सफलता को ‘लक्ष्मी पूजा’ माना।

28 वर्षीय आरोपित पहले से ही शादीशुदा है। अगर लड़की अपने साथ जबरन शारीरिक सम्बन्ध बनाए जाने की बार मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में कहती है तो आरोपित के खिलाफ पॉस्को एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा। लड़की फ़िलहाल पश्चिम बंगाल CID की कस्टडी में है और उसके इच्छानुसार उसे उसके अभिभावकों को सौंप दिया जाएगा।

‘स्वराज्य’ ने सूत्रों के हवाले से ये भी बताया है कि सोहिदुल रहमान पीड़िता की एक रिश्तेदार महिला से बात करता था, जो उसके साथ घर में ही रहती थी। एक दिन जब उसका फोन आया तो नाबालिग ने वो फोन उठा लिया। इसके बाद सोहिदुल रहमान ने उसे बताया कि वो अगला कॉल कब करेगा और उससे बात भी करने लगा। कुछ सप्ताह बाद उसने पीड़िता के समक्ष निकाह का प्रस्ताव भी रख दिया था।

बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद में बीकॉम की छात्र निकिता तोमर की हत्या के बाद से देश भर में ‘लव जिहाद’ को लेकर बहस तेज़ हो गई थी। मृतका निकिता ने घटना के एक माह पहले ही आरोपित तौसीफ के खिलाफ छेड़खानी और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की थी। मेवात के रहने वाले तौसीफ नाम के युवक पर आरोप लगा था कि उसने छात्रा निकिता तोमर (Nikita Tomar) की हत्या की। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में हिन्दू लड़कियों के उत्पीड़न के कई मामले सामने आए हैं।

पोप ने बिकनी मॉडल की तस्वीर को किया लाइक, मॉडल ने कहा – ‘कम से कम अब स्वर्ग तो जरूर जाऊँगी’

कैथोलिक चर्च के प्रमुख पोप फ्रांसिस ने एक बिकनी मॉडल की तस्वीर को लाइक कर दिया। बिकनी मॉडल नतालिया गैरीबोट्टो की सेक्सी तस्वीर को लाइक करने के कारण पोप चर्चा में बने हुए हैं। लाइक करने की यह घटना पोप फ्रांसिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से हुई है।

बारस्टूल स्पोर्ट्स नाम के सोशल मीडिया यूजर ने पोप फ्रांसिस की इस ऑनलाइन हरकत को न सिर्फ पकड़ा बल्कि अपनी स्क्रीन रिकॉर्डिंग भी शेयर की। स्क्रीन रिकॉर्डिंग में देखा जा सकता है कि पोप फ्रांसिस के आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल “फ्रांसिस्कस (Franciscus)” ने बिकनी मॉडल नतालिया गैरीबोट्टो की सेक्सी तस्वीर को लाइक किया है।

जिस तस्वीर को पोप फ्रांसिस ने लाइक किया है, उसमें नतालिया एक सेक्सी ड्रेस पहने हुई हैं। इस ड्रेस में वो किसी कैथोलिक स्कूल की लड़की दिख रही हैं।

जब नतालिया से पोप फ्रांसिस द्वारा उनकी तस्वीर को लाइक किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने खुश होते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, “मैं अब कम से कम स्वर्ग तो जा ही रही हूँ।”

इस पूरी घटना में हालाँकि यह स्पष्ट नहीं है कि रोम के बिशप के इंस्टाग्राम अकाउंट से यह ‘लाइक’ आकस्मिक हुआ या जानबूझकर कर। लेकिन पोप फ्रांसिस द्वारा लाइक किए गए इस फोटो के कुछ ही समय बाद, कैथोलिक चर्च के प्रमुख द्वारा इसे अन-लाइक कर दिया गया।

पोप द्वारा किसी सेक्सी फोटो को लायक किए जाने की घटना के बाद हर तरह की प्रतिक्रिया आ रही है। कुछ यूजर ने पोप के खिलाफ स्क्रीन रिकॉर्डिंग शेयर करने वाले बारस्टूल स्पोर्ट्स की ही आलोचना कर दी। तो किसी ने पोप को अपने जैसा कहा।

एक यूजर ने पोप पर कटाक्ष करते हुए उन्हें हस्तमैथुन की याद दिलाई। यह टिप्पणी पोप फ्रांसिस द्वारा की गई एक घोषणा के संदर्भ में थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि हस्तमैथुन अब पाप नहीं है। इतना ही नहीं, उसने स्क्रीनशॉट ट्वीट में साझा भी किया।

कुछ ट्विटर यूजर ने पादरियों के द्वारा बच्चों के यौन शोषण को ध्यान में रख कर पोप फ्रांसिस पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। इसी संदर्भ में एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “कम से कम यह बच्चा नहीं है।”

तमिलनाडु: मदुरै में चर्च के पास 22 साल के युवक का दिनदहाड़े गला रेता

तमिलनाडु के मदुरै में हैरान कर देने वाली आपराधिक घटना सामने आई है। मूल रूप से उथनगड़ी के रहने वाले युवक की कुछ लोगों के समूह ने बेहद निर्दयता से हत्या कर दी। हत्या की यह भयावह घटना रविवार (15 नवंबर 2020) को सेंट मैरी चर्च जंक्शन के सामने दिनदहाड़े अंजाम दी गई है। घटना के दौरान मृतक का दोस्त भी मौजूद था, वह भी बुरी तरह घायल है और फ़िलहाल सरकारी अस्पताल में उसका उपचार जारी है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मृतक युवक का नाम बी मुरुगनंथम है और उसकी आयु 22 वर्ष थी। वह मूल रूप से उथनगड़ी के सोलैप्पन नगर क्षेत्र का रहने वाला था। इस मुद्दे पर पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ 22 वर्षीय युवक अपने दोस्त (मुनियास्वामी) के साथ जा रहा था। चर्च के नज़दीक पहुँचने पर एक गाड़ी आई और उन दोनों को वहीं पर रोका, यह देखने पर दोनों युवकों ने मौके से भागने का प्रयास किया। 

गाड़ी से उतरे युवकों ने मुरुगनंथम का दौड़ कर पीछा किया और उसे पकड़ लिया, इसके बाद उन्होंने युवक को बुरी तरह पीटा। युवक की मृत्यु हो जाने के बाद आरोपितों ने चर्च के सामने ही युवक का गला काट दिया। इसके बाद मुनियास्वामी को राजाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू की। डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) आर शिवा प्रसाद ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। 

इसके बाद उसी सरकारी अस्पताल में मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घटना भीड़ वाले इलाके में हुए थी इसकी वजह से स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। पुलिस को जाँच के दौरान बाइपास के नज़दीक एक वाहन मिला था, जिसमें धारदार हथियार मौजूद थे। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है कि आरोपित कौन थे और क्यों उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।

‘भगवा झंडा वालों को अनुमति नहीं’: भगवान मुरुगन के मंदिरों तक BJP की यात्रा, अमित शाह के कारण द्रविड़ पार्टियाँ बेचैन

तमिलनाडु में भाजपा की प्रस्तावित ‘वेल यात्रा’ से वहाँ की द्रविड़ पार्टियाँ भयभीत हो गई हैं। यहाँ तक कि राजग में उसकी सहयोगी पार्टी AIADMK ने भी इस मामले में भाजपा के खिलाफ रुख अख्तियार कर लिया है। AIADMK सरकार ने राज्य में धार्मिक भेदभाव को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इस रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पार्टी ने कहा कि ‘भगवा झंडा लहराने वालों द्वारा धार्मिक घृणा फैलाने’ की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अपने मुखपत्र के माध्यम से पार्टी ने कहा कि राज्य में जाति-धर्म के आधार पर लोगों को विभाजित करने वाली यात्रा नहीं निकालने दी जाएगी। उसने कहा कि सभी सम्बंधित लोगों को समझ लेना चाहिए कि तमिलनाडु के लोगों ने बार-बार साबित किया है कि द्रविड़ प्रदेश में धर्म मानवता के लिए दिशा-निर्देशक प्रकाश-पुँज हैं, न कि घृणा और विभाजन का माध्यम। उसने कहा कि सही मजहब शांति और प्यार का ही सन्देश देते हैं।

AIADMK ने खुद को जाति-धर्म से परे बताते हुए कहा कि वो धर्म के आधार पर वोट बैंक की राजनीति करने की इजाजत नहीं दे सकता है। पार्टी ने चेताया कि ‘वेल यात्रा’ में जाने वाले लोगों को ये समझना चाहिए। उसका इशारा अपनी सहयोगी पार्टी भाजपा पर था। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार (नवंबर 21, 2020) को तमिलनाडु की यात्रा पर हैं, जहाँ भाजपा के नए विस्तार का बिगुल फूँका जाना है।

तमिलनाडु में 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 1957 से लेकर 2018 तक 61 सालों में 13 विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीतने वाले एम करूणानिधि के निधन के बाद ये पहला चुनाव होगा। साथ ही 27 सालों में 6 विधानसभा क्षेत्रों से 9 चुनाव जीतने वाली जयललिता भी इस बार नहीं होंगी। ऐसे में दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के बिना हो रहे इस चुनाव में भाजपा अपनी पैठ बनाने के लिए संघर्ष कर रही है।

दिसंबर 6, 2020 तक तमिलनाडु में भाजपा की ‘वेल यात्रा’ चलनी है। लेकिन, इस यात्रा की लगातार अनुमति देने से मना किया जा रहा है। कई नेताओं को तमिलनाडु सरकार ने गिरफ्तार भी कर लिया। साथ ही 100 से अधिक लोगों के जमावड़े वाले किसी भी राजनीतिक, समाजिक या धार्मिक जुटान को प्रतिबंधित कर दिया गया है। अमित शाह तमिलनाडु में भाजपा के कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्द्धन करेंगे।

तमिलनाडु की ‘वेल यात्रा’ को रथयात्रा की तर्ज पर तैयार किया गया है, जो एक महीने तक चलने वाली है। इसके तहत भगवान मुरुगन के 6 मंदिरों तक यात्रा जानी थी। उत्तरी तमिलनाडु के तिरुतनी मंदिर से लेकर दक्षिणी तमिलनाडु के तिरुचेंदूर मंदिर तक इसका समापन होना था। भाजपा का कहना है कि खुद भगवान मुरुगन ने उन्हें इस यात्रा की अनुमति दी है। भाजपा अनुमति के लिए हाईकोर्ट भी गई है।

वहीं पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु में भी अब भाजपा के खिलाफ राजनीतिक हिंसा का दौर चल पड़ा है। सितम्बर 2020 में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा भाजपा युवा विंग के नेता रंगनाथन की बेरहमी से हत्या कर दी थी। रंगनाथन AIADMK को छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए थे और उन्हें कुंडुमारनप्पल्ली गाँव के बीजेपी यूथ विंग अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। वो परिवार के साथ अपने बेटे का जन्मदिन मना रहे थे, तभी उन्हें मार डाला गया।

‘तुम्हें सैमुअल पैटी की तरह काट डालूँगा’: फ्रांस में पढ़ाई के दौरान 14 साल के छात्र ने शिक्षक को दी धमकी

फ्रांस के ‘Savigny-le-Temple (Seine-et-Marne)’ क्षेत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी से जुड़े एक कोर्स की पढ़ाई के दौरान एक छात्र भड़क गया और उसने शिक्षक को धमकी दे डाली कि वो उसका वही हाल कर देगा, जो सैमुअल पैटी का हुआ था। सैमुअल की एक छात्र ने सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्होंने कक्षा में पैगम्बर मुहम्मद का कार्टून दिखाया था, जो फ्रेंच पत्रिका ‘शार्ली हेब्दो’ में प्रकाशित हुआ था।

शुक्रवार (नवंबर 13, 2020) को 14 वर्षीय छात्र ने शिक्षक को धमकी दी कि वो उसे सैमुअल पैटी की तरह ही काट डालेगा। इस घटना के बाद सार्वजनिक सेवा में कार्यरत व्यक्ति को हत्या की धमकी देने का मामला दर्ज कर के कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिस लड़के ने ये धमकी दी, उसके पास इलेक्ट्रिक इम्पल्स टेजर बन्दूक भी थी। उसे नाबालिग अदालत में पेश किया गया है। उसने इतिहास और भूगोल पढ़ाने वाले शिक्षक को धमकी दी।

उस वक्त वो नागरिक शिक्षा से जुड़े एक कोर्स का अध्ययन करा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फ्रांस में हुए उन विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरें दिखाईं, जिनमें ‘शार्ली-हेब्दो’ पत्रिका के दफ्तर बाहर नरसंहार के बाद भारी संख्या में लोग जुटे थे और अपने गुस्से का इजहार किया था। पुलिस की पूछताछ में उक्त छात्र ने बताया है कि उसने एक रैप गाने से उठाई पंक्ति बोली थी। हालाँकि बन्दूक पॉकेट में लेकर स्कूल जाने के सम्बन्ध में उसने कुछ संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

उक्त छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया है। पुलिस ने भी कहा है कि वो ‘भड़काऊ और विद्रोही’ किस्म का छात्र रहा है। हालाँकि उसके पिता का कहना है कि उक्त छात्र यानी उनका बेटा कट्टर नहीं है। हालाँकि, अपने व्यवहार की वजह से उसे पहले भी 2 बार स्कूल से निकाला जा चुका है। उसे फ़िलहाल छोड़ दिया गया है लेकिन हत्या की धमकी और हथियार लेकर चलने के मामले में कार्रवाई की जाएगी। स्कूल ने भी शिक्षक का समर्थन किया है।

फ्रांस में शिक्षक पैटी की हत्या के बाद से ही सरकार इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ एक्शन में है। राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने भी कहा था कि आज इस्लाम के नाम पर हिंसा और हत्याओं को बढ़ावा दिया जा रहा है और ऐसे लोग हैं, जो इस्लाम के नाम पर हिंसक अभियान चलाते हुए हत्याओं और नरसंहार को जायज ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा था कि आतंकवाद इस्लाम की भी समस्या है क्योंकि इसके 80% पीड़ित मुस्लिम ही हैं और वो इसके पहले पीड़ित हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया था कि इस्लामी कट्टरवाद के खिलाफ जंग जारी रहेगी।

‘इमरती देवी अब जलेबी बन गई हैं’: कमलनाथ के बाद अब उनके मंत्री रहे कॉन्ग्रेसी नेता ने की महिला विरोधी टिप्पणी

मध्य प्रदेश में हुए उपचुनाव में कॉन्ग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी नेताओं ने एक बार फिर से विवादित बयान देना शुरू कर दिया है। कॉन्ग्रेस नेता सज्जन सिंह ने पूर्व मंत्री इमरती देवी पर निशाना साधते हुए कहा है कि इमरती देवी अब ‘जलेबी’ बन गई हैं। सज्जन सिंह वर्मा से पूछा गया था कि कहीं इमरती देवी पर की गई टिप्पणी तो कॉन्ग्रेस पर भारी नहीं पड़ी, जिससे उपचुनावों में उसकी बुरी हार हुई।

मध्य प्रदेश में हुए उपचुनावों में भाजपा 28 में से 20 सीट जीत कर अपनी सरकार बचाने में कामयाब रही, जबकि कॉन्ग्रेस को मात्र 8 सीटें मिलीं। शिवराज सिंह चौहान को अपनी सरकार बचाने के लिए 14 सीटें जीतने की आवश्यकता थी। ग्वालियर-चम्बल में ‘महाराज’ कहने जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बार फिर से अपना दबदबा साबित किया। सिंधिया ने ही कमलनाथ के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस की सरकार गिराई थी।

सज्जन सिंह वर्मा ने पत्रकारों के सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल दागा कि अगर इमरती देवी के बयान की वजह से मध्य प्रदेश के उपचुनाव में कॉन्ग्रेस पार्टी की हार हुई तो फिर इमरती देवी खुद कैसे चुनाव हार गईं? डबरा विधानसभा क्षेत्र से कॉन्ग्रेस उम्मीदवार सुरेश राजे ने इमरती देवी को 7633 मतों से हराया। उन पर टिप्पणी करते हुए सज्जन सिंह ने कहा, “इमरती देवी अब जलेबी बन गई हैं।” भाजपा ने इस बयान पर आपत्ति जताई है।

बता दें कि 68 वर्षीय सज्जन सिंह वर्मा इंदौर में कॉन्ग्रेस के पुराने नेताओं में से एक हैं और 1998-2003 तक चली दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रहे थे। कमलनाथ सरकार में भी वो मंत्री रहे। उन्होंने 1985 में इंदौर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पार्षद से लेकर 2009 में सांसद तक का सफर तय किया। वो देवास और इंदौर, दोनों ही जिलों में प्रभाव रखते हैं। ऐसे में उनकी टिप्पणी से पार्टी की फजीहत हो रही है।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंच से भाषण देते वक्त कहा था, “सुरेश राजे हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे-साधे हैं। यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूँ, आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, “यह क्या आइटम है।” जवाब में इमरती देवी ने कहा था कि जिस तरह की भाषा कमलनाथ ने इस्तेमाल की, ऐसी भाषा सड़क किनारे बैठने वाले शराबी इस्तेमाल करते हैं। 

‘कॉन्ग्रेस बचाओ, दलाल भगाओ’: पटना में नेताओं के खिलाफ कार्यकर्ताओं का विरोध, RJD ने कहा – पिकनिक मना रहे राहुल

बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में कॉन्ग्रेस को मात्र 19 सीटें मिलीं, जिसके बाद पार्टी में आंतरिक कलह भी शुरू हो गया है। आम कार्यकर्ता नाराज़ हैं और वो पार्टी के ही कुछ नेताओं के खिलाफ आवाज़ उठाते हुए उन्हें हार के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। पार्टी के बड़े नेताओं के खिलाफ बयानबाजी जारी है। अब पटना में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि बिहार में पार्टी के बड़े नेताओ ने टिकट-वितरण में धाँधली की।

अखिल भारतीय किसान कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय संयोजक और बिहार प्रभारी राजकुमार शर्मा के नेतृत्व में पार्टी के पटना स्थित बिहार मुख्यालय ‘सदाकत आश्रम’ में ‘कॉन्ग्रेस बचाओ दलाल भगाओ’ महाधरना का आयोजन किया गया। जिन नेताओं पर धाँधली के आरोप लगाए गए, वो हैं – प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष अविनाश पांडे।

पटना में पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कुछ पूर्व विधायकों ने भी इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते हुए आरोप लगाए। उनका कहना था कि जयंती झा और मुर्तज़ा अली जैसे नेता पिछले 3-4 दशकों से सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया और उनकी जान चली गई। मोटी रकम लेकर उसके एवज में दल-बदलू उम्मीदवारों को टिकट देने के आरोप लगे हैं। कई जिलों में कॉन्ग्रेस एक अदद सीट को तरस गई, जिससे कार्यकर्ता नाराज़ हैं।

कार्यकर्ताओं ने पूछा कि प्रदेश में कॉन्ग्रेस का खात्मा करने वाले नेताओं ने बूथ, पंचायत, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर तक कमेटी क्यों नहीं बनाई? उनका आरोप है कि कई क्षेत्रों में तो दूसरे दलों के प्रत्याशियों को जिताने के लिए कमजोर कैंडिडेट खड़े किए गए। राजकुमार शर्मा का कहना है कि भाजपा के दबाव में ऐसा किया गया। उन्होंने बिहार कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं पर कार्रवाई की माँग करते हुए कहा कि उन्होंने अपने स्वार्थ के लिए आलाकमान को गुमराह किया है। पटना के इस प्रदर्शन में कॉन्ग्रेस के कई कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा।

उधर राजद ने भी कॉन्ग्रेस को ही अपनी हार का जिम्मेदार ठहराया है। राजद के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने याद दिलाया कि कैसे कपिल सिब्बल, मुकुल वासनिक, शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे नेताओं ने नेतृत्व को चिट्ठी लिखी थी, पार्टी की हालत को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने इन नेताओं को कॉन्ग्रेस का वफादार और आजीवन कॉन्ग्रेसी करार दिया और नेतृत्व से कहा कि आप इस तरह से पार्टी नहीं चला सकते हैं।

शिवानंद तिवारी ने कहा कि बिहार में चुनाव हो रहा है और राहुल गाँधी अपनी बहन प्रियंका गाँधी के शिमला वाले घर पर जाकर पिकनिक मना रहे हैं, क्या ऐसे पार्टी चलाई जाती है? उन्होंने कहा कि इन चीजों से उन आरोपों को बल मिलता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी जिस तरह से अपना ‘कारोबार’ चला रही है, उससे भाजपा को ही मदद मिल रही है। कॉन्ग्रेस अब अपने गठबंधन साथियों और अपने ही पार्टी नेताओं के आरोपों से जूझ रही है।

उधर पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी पूछा है कि जब पिछले 6 वर्षों से कॉन्ग्रेस पार्टी ने आत्ममंथन नहीं किया तो अब कौन आशा करे कि वो ऐसा करेगी? उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से पार्टी में क्या गड़बड़ी है, ये सभी को पता है। उन्होंने कहा कि जवाब भी सबके पास है, कॉन्ग्रेस भी जानती है – लेकिन वो ऐसा स्वीकार नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कॉन्ग्रेस पार्टी का ग्राफ यूँ ही गिरता चला जाएगा।

‘गड़बड़ी सब को पता, जवाब भी सबके पास… लेकिन नेतृत्व को लगता है कि सब ठीक है’: कॉन्ग्रेस को लेकर कपिल सिब्बल

बिहार और देश के अन्य हिस्सों में हुए उपचुनावों में कॉन्ग्रेस की हार के बाद अब एक बार फिर से पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि न सिर्फ बिहार, बल्कि देश के जिन भी हिस्सों में चुनाव हुए – उनके परिणामों से स्पष्ट है कि जनता ने कॉन्ग्रेस को एक प्रभावशाली विकल्प के रूप में देखना ही बंद कर दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 2019 लोकसभा चुनाव और 2020 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया।

उन्होंने उत्तर प्रदेश की बात करते हुए कहा कि वहाँ हुए चुनावों में कॉन्ग्रेस 2% वोट पाने में भी नाकाम रही। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ के मनोज सीजी के साथ इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि गुजरात में कॉन्ग्रेस के 3 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। उनका कहना है कि ये सब अप्रत्याशित नहीं था, बल्कि पहले से दिख रहा था। उन्होंने बताया कि CWC के एक सदस्य ने कहा भी कि वो आशा करते हैं कि पार्टी आत्ममंथन करेगी।

कपिल सिब्बल ने पूछा कि जब पिछले 6 वर्षों से कॉन्ग्रेस पार्टी ने आत्ममंथन नहीं किया तो अब कौन आशा करे कि वो ऐसा करेगी? उन्होंने कहा कि संगठनात्मक रूप से पार्टी में क्या गड़बड़ी है, ये सभी को पता है। उन्होंने कहा कि जवाब भी सबके पास है, कॉन्ग्रेस भी जानती है – लेकिन वो ऐसा स्वीकार नहीं करना चाहती। उन्होंने कहा कि अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो कॉन्ग्रेस पार्टी का ग्राफ यूँ ही गिरता चला जाएगा।

उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान में CWC हिचक रही है, क्योंकि ये एक नॉमिनेटेड बॉडी है। उन्होंने कॉन्ग्रेस के संविधान का हवाला देते हुए कहा कि CWC के चयन के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि CWC के नॉमिनेटेड सदस्यों से समस्याओं पर आवाज़ उठाने की अपेक्षा नहीं की जा सकती। 22 नेताओं द्वारा नेतृत्व को पत्र लिख कर बदलाव की माँग पर उन्होंने कहा कि पार्टी में अपने विचार रखने के लिए कोई फोरम ही नहीं है।

उन्होंने यूपी-बिहार जैसे बड़े प्रदेशों में कॉन्ग्रेस के विकल्प न बन पाने पर अफ़सोस जताते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी 28 में से कॉन्ग्रेस के 8 उम्मीदवार ही जीत पाए। उन्होंने चेताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी को बहादुर बन कर समस्या को पहचानना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हमने सुझाव दिए तो नेतृत्व ने पीठ दिखा दिया, इसीलिए आज ये हालत हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं को सुनना बंद कर दिया जाता है तो संचार ठप्प हो जाता है।

उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मेनस्ट्रीम मीडिया को सत्ताधारी पार्टी ने नियंत्रण में रखा हुआ है। उन्होंने लोगों तक पहुँचने के लिए नए माध्यम की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि फ़िलहाल हम सोशल मीडिया पर अच्छा कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर उसके परिणाम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने ऐसे नेताओं को आगे करने पर जोर दिया, जिन्हें लोग सुनना चाहते हों और जो सक्रिय रूप से सोच-विचार कर नेतृत्व करें।

उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व फ़िलहाल क्या सोच रहा है, ये उन्हें नहीं पता है, क्योंकि उन्हें नेतृत्व के आसपास के लोगों से ही ये बातें सुनने को मिलती हैं। कपिल सिब्बल ने कहा कि ताज़ा चुनावों में हार के बाद अब तक कॉन्ग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने नेताओं से कुछ नहीं कहा है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस इसे ‘जैसा चल रहा है, चलने दो’ की तरह ले रही है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व को लगता है कि सब ठीक है।

हाल ही में बिहार में कॉन्ग्रेस विधायक दल का नेता बनने के लिए दो विधायकों के समर्थक बैठक में भिड़ गए थे। पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं द्वारा अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी को पत्र लिखने की बात भी सामने आई थी। इसमें कहा गया कि कॉन्ग्रेस कार्यसमिति की तुरंत बैठक बुलाकर बिहार में चुनावी असफलता पर चर्चा की जाए। पत्र में पार्टी में संगठनात्मक चुनाव की भी माँग की गई। सीडब्ल्यूसी के पाँच सदस्यों ने इस पत्र के लिखे जाने की पुष्टि की है।

झारखण्ड में छठ पर लगाया कई बैन: घाट पर स्नान, सजावट और पटाखों पर प्रतिबंध – हेमंत सरकार का आदेश जारी

पूरे देश में, खासकर पूर्वी भारत में छठ महापर्व का विशेष महत्व है। बुधवार (नवंबर 18, 2020) से 4 दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत हो रही है और नहाय-खाय के साथ व्रती इसे प्रारम्भ करते हैं। झारखण्ड में इस बार तालाबों और नदियों के किनारे छठ महापर्व के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने रविवार की रात ही इसे लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए, जिसके बाद श्रद्धालुओं में मायूसी का माहौल बन गया है।

झारखण्ड की हेमंत सोरेन सरकार का कहना है कि अभी कोरोना महामारी का समय गया नहीं है और नदियों एवं तालाबों के घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखना संभव नहीं है। कोरोना को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन का हवाला देकर ऐसा किया गया है। सरकार ने कहा है कि लोग इस बार अपने घरों से ही छठ महापर्व मनाएँ और बाहर न निकलें। उन्हें पिछले सालों की भाँति घाट पर जाने की अनुमति नहीं होगी।

झारखण्ड के आपदा प्रबंधन विभाग ने अपने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट कहा है कि छठ महापर्व के दौरान किसी भी नदी, झील, बाँध या तालाब के छठ घाट पर किसी भी तरह के कार्यक्रम के आयोजन की अनुमत नहीं होगी। साथ ही घाट के समीप किसी भी प्रकार के दुकान या स्टॉल लगाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। किसी भी सार्वजनिक स्थलों पर पटाखे छोड़ना या लाइटिंग व मनोरंजन के कार्यक्रम आयोजित करने की भी मनाही होगी।

झारखण्ड के अधिकारियों का कहना है कि जलीय स्थलों पर डुबकी लगाने के दौरान सबका मास्क पहनना संभव नहीं है। साथ ही दो गज की दूरी का पालन न होने की बात भी कही जा रही है, क्योंकि इसमें एक जगह पर कई परिवारों के लोग शामिल होते हैं। सैकड़ों भक्तों के पानी में जमा होने के कारण कोरोना फैलने की संभावना का हवाला देते हुए ये प्रतिबंध लगाए गए हैं। लोगों को घर से ही अर्घ्य देने के लिए कहा गया है।

सरकार का कहना है कि घाट पर स्नान करने आई भीड़ को नियंत्रित करना भी उसके लिए संभव नहीं है, ताकि लोग बारी-बारी से स्नान कर सकें। घाट के आसपास सार्वजनिक जगहों पर बिजली के बल्ब इत्यादि से सजावट भी नहीं की जा सकेगी। संगीत का कोई कार्यक्रम नहीं हो सकेगा। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ही आपदा प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष हैं और उनके द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में ही ये बातें कही गई हैं।

इसके बाद झारखण्ड के लोगों ने भी बाजारों से टब की खरीददारी शुरू कर दी है और कइयों ने घर में ही हौदा बनवा लिया है। वहीं बिहार में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के तालाबों में छठ महापर्व मनाने की अनुमति दी गई है। तालाब क्षेत्र को सैनिटाइज किए जाने की व्यवस्था भी हुई है। नगर निकायों और ग्राम पंचायतों को इसके लिए तैयार किया गया है। हालाँकि, घाट के आसपास भोज या प्रसाद वितरण नहीं हो सकेगा।

बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी मंगलवार (नवंबर 10, 2020) को पश्चिम बंगाल में छठ पर्व मनाने सम्बन्धी जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। कोलकाता की दो सबसे बड़ी झीलों रवींद्र सरोवर और सुभाष सरोवर में भी छठ महपर्व के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। एक परिवार से दो लोग से ज्यादा पानी में उतर कर पूजा नहीं कर सकते। जिसके घर में छठ पर्व हो रहा है, उस परिवार के अन्य सदस्यों को घर में रह कर ही इसे देखना पड़ेगा।

पानी के छींटे को लेकर पिंटू निषाद की हत्या: अमान ने फोन कर बुलाया था 2 दर्जन लोग, CM योगी ने दिया NSA लगाने का आदेश

आप पान की दुकान पर खड़े हों, कुछ लोग वहाँ से गुजर रहे हों और पानी की कुछ बूँदें उन पर पड़ जाए… और आपकी हत्या कर दी जाए! यह सोचने में भी भयावह है, लेकिन कानपुर में ठीक ऐसी ही मामूली बात पर मर्डर हो भी गया।

कानपुर के जाजमऊ में मामूली विवाद हुआ। इसके बाद दो संप्रदायों के लोग बहस के बाद मारपीट और पथराव पर उतर आए। पूरी घटना के बाद 25 साल के पिंटू निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कैसे बढ़ी बात

पिंटू निषाद अपने बड़े भाई दीपक और एक दोस्त संदीप के साथ कहीं जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने पानी का पाउच पीने के लिए खरीदा। लेकिन पाउच से पानी की छींटें स्थानीय युवक अमान पर पड़ गई। इसके बाद अमान और उसके साथी स्थानीय लोगों ने इन तीनों की लाठी-डंडों से पिटाई कर दी।

बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ। आरोप है कि अमान ने फोन करके अपने दो दर्जन अन्य साथियों को बुला लिया और लाठी-डंडों के अलावा पत्थरों से भी मारा। इस पूरी घटना में पिंटू गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुँची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुँचाया लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

प्रशासन सख्त

मामला दो संप्रदायों में होने के कारण प्रशासन तुरंत सख्त एक्शन मोड में आ गया। पूरे इलाके में भारी पुलिस फोर्स की तैनाती कर दी गई।

इलाके में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए एसपी राजकुमार अग्रवाल और एएसपी सत्यजीत गुप्ता मौके पर पहुँचे। थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

एक्शन में CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पुलिस-प्रशासन को उन्होंने आरोपितों पर NSA लगाने का निर्देश भी दिया।

इसके अलावा मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए उन्होंने पाँच लाख रुपए की आर्थिक सहायता पहुँचाने के भी निर्देश दिए।

मृतक पिंटू निषाद के घर वालों का आरोप है कि अमान पहले भी पिंटू के साथ मार पीट कर चुका था।