Home Blog Page 4386

लॉकडाउन नहीं होता तो अब तक होती 26 लाख मौतें: 10 वैज्ञानिकों की कमिटी के अध्ययन में खुलासा

दुनिया भर में चल रही कोरोना महामारी और लॉकडाउन के धीरे-धीरे ख़त्म होने के बीच ‘कोविड-19 इंडिया नेशनल सुपरमॉडल कमिटी’ के 5 रिसर्च पेपर आए हैं, जिन्हें 10 भारतीय वैज्ञानिकों ने मिल कर तैयार किया है। आईआईटी हैदराबाद के प्रोफेसर एम विद्यासागर इस कमिटी के अध्यक्ष थे। उन्हें 1997 में ‘मिसाइल मैन’ एपीजे अब्दुल कलाम की उपस्थिति में ‘DRDO साइंटिस्ट ऑफ द ईयर’ का अवॉर्ड मिल चुका है। कमिटी ने गणितीय रूप से कोरोना के प्रसार व रोकथाम का अधययन किया है।

उन्होंने जो मॉडल बनाया है, उसके हिसाब से अगस्त 2020 तक भारत के 14% लोगों के शरीर में कोरोना की एंटीबॉडी थी। जबकि फ़िलहाल 30% जनसंख्या के पास एंटीबॉडीज हैं। साथ ही मृत्यु दर कुल संक्रमित लोगों का 0.04% है। साथ ही इसमें प्रोजेक्ट किए गए एक ग्राफ के अनुसार, अगर लॉकडाउन नहीं होता तो कोरोना के मामलों की संख्या जून में ही 1.4 करोड़ तक पहुँच गई होती। साथ ही अगस्त ख़त्म होने तक 26 लाख लोगों की जानें गई होती।

वहीं जब भारत में कोरोना का प्रसार शुरू हुआ था, तब 18-31 मार्च के बीच मात्र 14 दिनों में इसके मामलों की संख्या 10 गुनी हो गई थी। रिसर्च पेपर के अनुसार, इसके बाद अप्रैल 1 से लेकर जून 12 तक 73 दिनों में कोरोना के मरीजों की संख्या 100 गुना बढ़ गई। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो इन 73 दिनों में यही संख्या 10,000 गुना बढ़ जाती। साथ ही प्रवासी मजदूरों के पलायन को लेकर भी कहा गया कि अगर लॉकडाउन से पहले इसकी अनुमति दी जाती तो इसका खासा उलटा प्रभाव पड़ता।

अगर लॉकडाउन नहीं होता तो क्या होता? (रिसर्च पेपर का ग्राफ)

साथ ही इस रिसर्च पेपर में बताया गया है कि ठंडी के मौसम में ये वायरस कमजोर हो जाता है, अब तक किसी भी अध्ययन से ये साबित नहीं हो सका है। हालाँकि, बड़े जुटानों से संक्रमितों की संख्या ज़रूर बढ़ती है क्योंकि केरल में ओणम के दौरान इसमें वृद्धि देखी गई। इससे वहाँ संक्रमण की संख्या 32% बढ़ गई थी। इसमें कहा गया है कि अब सुरक्षा उपायों के साथ सारी गतिविधियाँ चालू की जा सकती हैं।

अगर एकदम ही सतर्कता नहीं बरती गई तो एक महीने के भीतर ही कोरोना संक्रमण के 26 लाख नए मामले आ सकते हैं। साथ ही पाया गया है कि अगर लोग सावधान रहे तो फ़रवरी 2021 तक इस पर काबू पाया जा सकता है। इस ओर ध्यान दिलाया गया है कि कोरोना संक्रमितों में से जहाँ कुछ ऐसे हैं जिन्हें सिम्पटम्स हैं, वहीं इसका एक बड़ा हिस्सा संक्रमित होने के बावजूद इसका कोई लक्षण कैरी नहीं कर रहा है।

अध्ययन का निष्कर्ष है कि अगर स्वास्थ्य सुविधाओं में बहुत बड़ी समस्या न हो तो फिर लॉकडाउन को जिला स्तर पर भी लगाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही पाया गया है कि मृत्यु दर जो आज की तारीख में यूरोप या अमेरिका में है, भारत में उसका 10वाँ हिस्सा ही है, जो सकारात्मक है। साथ ही मेडिकल उपकरणों और तैयारियों के मामले में भी हम आज इस आपदा से निपटने में कहीं ज्यादा कुशल हैं।

अमेरिकी चुनाव में हिन्दुओं को लुभाने के लिए माँ दुर्गा की तस्वीर फोटोशॉप कर उपराष्ट्रपति उम्मीदवार की लगाई फोटो, लोगों ने जमकर लताड़ा

डेमोक्रेटिक उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने ट्विटर पर माँ दुर्गा की फोटोशॉप की हुई एक तस्वीर शेयर की। इस फोटो में उन्होंने कमला हैरिस को माँ दुर्गा के रूप में चित्रित किया। वहीं डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जोए बिडेन को एक शेर के रूप में दिखाया गया, जो माँ दुर्गा का ‘वाहन’ है।

इतना ही नहीं, तस्वीर में कमला हैरिस को ‘दुर्गा’ के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मारते हुए दिखाया गया। पोस्ट की गई फ़ोटो में ट्रम्प को दैत्य भैंस “महिषासुर” के रूप में चित्रित किया गया।

मीना हैरिस ने ट्वीट करते हुए लिखा, “मैं वास्तव में नि:शब्द हूँ, नवरात्रि का पहला दिन ज्योतिर्मय था।”

हालाँकि, राजनीतिक रोटियाँ सेकने के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाता उनका यह ट्वीट नेटिज़न्स को पसंद नहीं आया। ट्विटर यूज़र्स ने उनकी जमकर आलोचना की।

ट्वीट को लेकर लोगों ने उन्हें लताड़ना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने यह भी सवाल किया कि क्या हैरिस इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद के साथ भी इस तरह की कैरीकेचर तैयार करेंगी?

बता दें कि हाल ही फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून दिखने के आरोप में एक मुस्लिम शख्स ने एक शिक्षक का गला रेत कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था।

कुछ लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के पहले हिन्दू वोटरों को अपनी तरफ खींचने के लिए हिंदू प्रतीकों के इस्तेमाल की कोशिश करने वाले हथकंडो को लेकर भी उनकी जमकर आलोचना की। साथ ही चुनावी निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए ।

कुछ ने यह भी सवाल किया कि देवी दुर्गा की तुलना में कमला ने क्या काम किया है।

गौरतलब है कि हैरिस ने अपने एक ट्वीट में हिंदू अमेरिकियों को नवरात्रि की छुट्टी की शुभकामना दी थी। सोशल मीडिया पर यूज़र्स की नाराजगी को देखते हुए मीना हैरिस ने चुपचाप अपना ट्वीट डिलीट कर दिया।

अतीक अहमद के करीबी जुल्फिकार उर्फ तोता की करोड़ों की सम्पति ध्वस्त: योगी सरकार का यूपी के माफियाओं पर एक और वार

यूपी में माफिया के खिलाफ योगी आदित्यनाथ सरकार की सख्त कार्रवाई जारी है। प्रयागराज में बाहुबली और पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। इसी क्रम में अब प्रशासन ने अहमद के करीबी जुल्फिकार उर्फ तोता पर भी शिकंजा कसा है। शूटर तोता के तीन मंजिला अवैध मकान को रविवार (अक्टूबर 18, 2020) दोपहर धूमनगंज के कंसारी मसारी में पीडीए ने ध्वस्त करना शुरू कर दिया है। इस मकान की कीमत करोड़ो में बताई जा रही है।

प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जुल्फिकार ने अपने मकान में अवैध निर्माण किया है। जाँच के बाद इस अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त किया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शातिर अपराधी जुल्फिकार के घर पर अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन बुलडोजर लगाकर कर रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से मौके पर पुलिस बल तैनात हैं।

जुल्फिकार का यह अवैध मकान करीब 300 वर्ग गज क्षेत्रफल में बना हुआ है। जिसका नक्शा उसने पास नहीं कराया था। यही वजह है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) की ओर से यह कार्रवाई की जा रही है। बता दें अतीक के करीबी ने मकान के निचले हिस्से में दुकानें भी बनाया था, जिसे किराए पर उठाया गया था। कार्रवाई से पहले प्रशासन द्वारा परिजनों और किरदारों से इसे खाली करवा दिया गया था। अफसरों का कहना है कि शातिर अपराधी जुल्फिकार पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी हुई है।

जुल्फिकार सपा के पूर्व सांसद अतीक अहमद का बहुत करीबी हैं। एक दर्जन से अधिक मुकदमें इसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में दर्ज है। वर्तमान में तोता बेली गाँव में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपित हैं। इसके अतिरिक्त बेनीगंज में रवि पासी की हत्या में नैनी जेल में बंद हैं। जेल के अंदर से ही रवि पासी के परिजनों को धमकी देने का मामला भी आया था।

गौरतलब है कि इससे पहले योगी सरकार ने अतीक अहमद के खास रहे तीन गुर्गों राशिद, कम्मो और जाबिर के अवैध आलीशान मकानों को जमींदोज कर दिया था। यह सभी मकान प्रयागराज के बेली इलाके में स्थित थे। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा पुलिस की मदद से की जा रही इस कार्रवाई के दौरान राशिद के घर की महिलाओं ने उस दौरान जम कर विरोध किया था। पुलिस के कहने के बावजूद वे घर से बाहर निकलने को राजी नहीं थी। जिसके बाद जबरन उन्हें घर से निकाला गया। सरकारी अमले द्वारा बेली कछार में स्टेट लैंड की करोड़ों की बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर आलीशान इमारतें खड़ी की गई थी।

बता दें अतीक गैंग के तीनों सदस्यों में राशिद प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। राशिद कैंट थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। वहीं इनमें से दो अतीक के शार्प शूटरों में शामिल थे। वहीं राशिद की अवैध सम्पतियों को गिराने के बाद प्रशासन ने आगे की कार्रवाई करते हुए कम्मो और जाबिर के अवैध को बंगलों को ध्वस्त कर दिया था। ये आपस में भाई है। इस वक्त जाबिर जेल में बंद है वहीं कम्मो पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा। प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से इन लोगों ने कई सरकारी जमीनों पर अवैध मकानों को खड़ा कर दिया था। यह दोनों नामी अपराधियों के सूची में शामिल हैं।

19-25 साल की लड़कियों की करते थे तस्करी, 80 के दशक से ही चला रहे थे सेक्स रैकेट: 9 बांग्लादेशी सहित 12 के खिलाफ NIA की चार्जशीट

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी समूह का खुलासा करते हुए आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इस मामले में 12 आरोपित हैं, जिनमें से 9 बांग्लादेशी नागरिक हैं। हैदराबाद स्थित स्पेशल NIA कोर्ट में इनके खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया गया। इस मामले में सबसे पहले हैदराबाद स्थित पहाड़ी शरीफ में FIR दर्ज की गई थी। हालाँकि, इस मामले में अभी जाँच चल ही रही है।

जिन आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई, वो हैं – अब्दुल बारीक़ शेख, रुहुल अमीन ढली, असद हसन, मोहम्मद युसूफ खान, बीथि बेगम, मोहम्मद राना हुसैन, शरीफ शेख, मोहम्मद अल-मामून, शोजीब शेख, सुरेश कुमार दास, मोहम्मद अब्दुल्लाह मुंशी और मोहम्मद अयूब शेख। ये सभी आरोपित फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इनके खिलाफ कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए और सुनवाई के बाद इन्हें सजा सुनाई जाएगी।

दरअसल, रंगारेड्डी के बालापुर स्थित जलपल्ली गाँव के महमूद कॉलोनी में स्थित दो वेश्यालयों में पुलिस की छापेमारी के दौरान 10 मानव तस्करी में लिप्त अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही 4 बांग्लादेशी लड़कियाँ भी बरामद की गई थीं, जिन्हें फ़िलहाल हैदराबाद स्थित शेल्टर होम्स में रखा गया है। सितम्बर 21, 2019 को हुई इस छापेमारी में कई डिजिटल गैजेट्स के अलावा काफी सारे फेक आईडी कार्ड्स और दस्तावेज भी बरामद किए गए थे।

NIA ने अपनी जाँच में पाया कि रुहुल अमीन ढली और अब्दुल बारीक शेख बांग्लादेश की युवतियों को मानव तस्करी के लिए भारत में लाता था और भारत की युवतियों को वहाँ भेजता था। इस मामले में काफी रकम कमीशन के जरिए पे की जाती थी। रुहुल और 10 अन्य बांग्लादेशी 80 के दशक में ही भारत आ गए थे और यहाँ कई वेश्यालय चला रहे थे। इन लड़कियों को भारत में बेहतर जॉब्स और ज़िंदगी का लालच देकर यहाँ लाया जाता था।

पश्चिम बंगाल के सोनाइ नदी को पार करा के इन्हें कोलकाता लाया जाता था और फिर देश के विभिन्न इलाकों में बेच दिया जाता था। इन लड़कियों की उम्र 19-25 वर्षों की होती थी। इस मामले में बांग्लादेशी दम्पति युसूफ खान और बीथि बेगम उनकी मदद करती थी। इन युवतियों के फेक कागजात भी बनाए जाते थे। इनका कारोबार मुंबई तक फैला हुआ था। ये सभी 80 के दशक से ही ‘वेश्यावृत्ति रैकेट’ चला रहे थे।

इससे पहले सितम्बर 2019 में NIA ने बांग्लादेशी महिलाओं की तस्करी और उनके यौन शोषण के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। मोहम्मद यूसुफ खान, उसकी पत्नी बिठी बेगम और सोजिब के खिलाफ 17 सितंबर को NIA ने मामला दर्ज किया था। ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) अधिनियम के तहत NIA की यह पहली कार्रवाई थी। आँकड़े बताते हैं कि बीते दशक में करीब 12-30 साल की 500,000 बांग्लादेशी महिलाएँ गैर कानूनी तरीके से भारत लाई गई हैं।

झारखंड: 34वें राष्ट्रीय खेल में चैंपियन रही सैकड़ों मेडल विजेता विमला मुंडा ‘हड़िया’ बेचने को मजबूर, बेबसी ने किया कराटे से दूर

सोशल मीडिया पर राँची की एक जाँबाज खिलाड़ी की वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में एक तरफ जहाँ आप खिलाड़ी के सैकड़ों मेडल और सर्टिफिकेट देख खुश हो जाएँगे, वहीं दूसरी ओर उसकी गरीबी और लाचारी देखकर आपका दिल भर आएगा। बता दें झारखंड की राजधानी राँची के कांके में एक ऐसी प्रतिभा रहती है, जो कराटे में सिर्फ ब्लैक बेल्ट ही नहीं बल्कि नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट भी है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि प्रतिभा की धनी यह खिलाड़ी मजबूरी और बेबसी में जिंदगी गुजार रही है।

आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण विमला जैसी नेशनल प्लेयर आज हड़िया (राइस बियर) बेच कर अपना और अपने परिवार का ख्याल रख रही हैं। विमला का हड़िया बेचना अब विवशता है। कराटे की प्रैक्टिस पर भी असर पड़ रहा है। माँ दूसरे के खेतों में काम करती हैं। पिता फिजिकली फिट नहीं हैं।

वायरल वीडियो में आप विमला मुंडा के संघर्ष को देख सकते है। वीडियो अपनी व्यथा बताते हुए खिलाड़ी ने कहा, “सरकार ने खिलाड़ियों के प्रति कोई ध्यान नहीं दिया। चाहे कोई भी खेल हो। हम लोग को तो कुछ भी पता नहीं था हम बस खेल में मग्न थे। हमनें सोचा हम लोग स्पोर्ट्स में है, खेलेंगे तो आगे कुछ होगा, सरकार हमें नौकरी देगी। अब हम आदिवासी है तो खेतीबाड़ी के साथ हम हड़िया भी बेचते है। उसी के जरिए हम कंपीटिशन में जाते है। ऐसे में बहुत दिक्कत होती है।”

वहीं विमला की माँ ने बताया की विमला को पढ़ाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ी है। कुछ नहीं हुआ तो आजीविका चलाने के लिए हड़िया बेचना मजबूरी है।

विमला मुंडा वैसे तो साल 2008 से ही टूर्नामेंट खेल रही हैं। इसी साल डिस्ट्रिक्ट लेवल पर इन्होंने मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद 2009 में ओडिशा में भी पदक विजेता रही। 34वें नेशनल गेम्स में विमला ने सिल्वर मेडल जीत कर राज्य का मान बढ़ाया तो वहीं अक्षय कुमार इंटरनेशनल कराटे चैम्पियनशिप में इन्होंने दो गोल्ड मेडल जीत कर अपना और अपने राज्य का नाम रौशन किया।

इस तरह के सैकड़ों मेडल विमला ने अपने नाम किए हैं। विमला अपने मेडल और सर्टिफिकेट देखकर भावुक हो जाती हैं। कहती हैं पहले पूरे दिन सिर्फ अपने मेडल और सर्टिफिकेट को ही निहारती रहती थी.. लेकिन जैसे सच्चाई से सामना होता गया मैंने अपने सभी मेडल और सर्टिफिकेट बक्से में रख दिए हैं।

पश्चिम बंगाल: पुलिस कस्टडी में BJP कार्यकर्ता की मौत, राज्यपाल ने CM ममता से कहा- कानून का राज स्थापित करें

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। ये मामला पुलिस कस्टडी में भाजपा कार्यकर्ता मदन घोराई की संदिग्ध मौत से जुड़ा है। उन्होंने लिखा कि पुलिस कस्टडी में प्रताड़ना और मौत का ये एक और मामला है। ये घटना पूर्वी मेदिनीपुर स्थित कनकपुर की है। उन्होंने सीएम ममता को चेताया है कि राज्य में लगातार अराजकता फ़ैल रही है और जनता इससे काफी नाराज है।

उन्होंने लिखा कि न सिर्फ पश्चिम बंगाल, बल्कि यहाँ से बाहर के लोग भी इससे नाराज हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे अक्टूबर 8, 2020 को एक सिख बलविंदर सिंह के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस ने ज्यादती की, जिसके बाद उनकी पगड़ी खुल गई है और ये पूरे देश में आक्रोश का विषय बना। उन्होंने राज्य में लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद किसी भी पुलिस अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि उनके द्वारा कई बार चेताने और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद राज्य में जिस तरह से राजनीतिक बदले की भावना से मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है, क़ानून के राज के अनुरूप नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि सालों पहले सुप्रीम कोर्ट ने कस्टडी के लिए कुछ नियम-क़ानून तय किए थे। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा राजनीतिक दुर्भावना से हो रही ऐसी वारदातों के कारण लोकतंत्र का मजाक बन कर रह गया है।

राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भाजपा कार्यकर्ता की पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कहा कि वो अपनी शपथ को याद करें और जल्द क़ानून का राज स्थापित करें। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दुर्भावना से विपक्षियों के खिलाफ षड्यंत्र करने की भी कई बातें सामने आ रही हैं। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने डीजीपी से भी ये बात कही लेकिन मुख्यमंत्री उनके बचाव में खड़ी हो गईं। अब उन्होंने सीधे सीएम को पत्र लिखा है।

हाल ही में भाजपा नेता प्रियांगु पांडेय के सुरक्षा गार्ड बलविंदर सिंह पर हमला हुआ था, जब पश्चिम बंगाल पुलिस ने गुरुवार को कोलकाता की सड़कों पर भाजपा कार्यकर्ताओं को बेरहमी से पीटा और बड़े पैमाने पर लाठीचार्ज किया गया था। भाजपा युवा मोर्चा और बीजेपी कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल में हो रहे राजनीतिक हत्याओं के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। बलविंदर सेना में भी रहे हैं। उनकी पिटाई और पगड़ी खोलने का वीडियो सामने आने के बाद काफी रोष देखने को मिला। 

‘अरुणाचल भारत का हिस्सा नहीं, J&K चीन में है’: चीनी मोबाइल कम्पनी Xiaomi से भारत की जनता ने माँगा जवाब

चीन ने अब भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के लिए और अपनी साम्राज्यवादी नीति के लिए डिजिटल माध्यमों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अब नया मामला शाओमी (Xiaomi) मोबाइल फोन कम्पनी से जुड़ा है, जिसका मौसम का हाल बताने वाला एप्लीकेशन अरुणाचल प्रदेश के मौसम के बारे में जानकारी नहीं देता है। जब इस पर अरुणाचल की राजधानी ‘ईटानगर’ टाइप किया जाता है, तब कोई परिणाम नहीं आता है।

इंजीनियर गौरव चौधरी ने इस बारे में स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए शाओमी (Xiaomi) से जवाब माँगा। इसी तरह रक्षा विशेषज्ञ नितिन गोयनका ने ‘हॉल ऑफ फेम, लेह’ को शाओमी के एप्लीकेशन में लाइव ब्रॉडकास्ट लोकेशन के रूप में डालने के लिए कहा। ऐसा टाइप करने पर शाओमी बताता है, “जम्मू एंड कश्मीर, पीपल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना“। गोयनका ने दोबारा इसे डाल कर देखा लेकिन फिर भी वही आया।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से हमें न सिर्फ शाओमी (Xiaomi) से जवाब माँगना चाहिए, बल्कि भारत सरकार को भी इस मामले से अवगत कराना चाहिए। इसके साथ ही ट्विटर पर ‘शाओमी जवाब दो’ ट्रेंड होने लगा, जिसमें लोगों ने कम्पनी से इस मामले में जवाब माँगा। शाओमी अब ‘मेड इन इंडिया’ फोन्स बनाने का दावा तो करता है लेकिन लगता है कि पॉलिसी वो चीन की ही चला रहा है।

वहीं लोगों ने जब नोकिया व अन्य नॉन-चीन कम्पनी के फोन्स में अरुणाचल प्रदेश के शहरों के मौसम का हाल शेयर किया, तब सब कुछ ठीक-ठीक बताया जा रहा था। वहीं जब इसी चीज को चीनी कम्पनी ‘ऑनर’ कम्पनी के फोन में चेक किया था, तब इसमें भी शाओमी (Xiaomi) की तरह ही परिणाम आए। कई लोगों ने अपने-अपने फोन्स पर चेक किया, जिसके बाद स्क्रीनशॉट्स डाल कर शाओमी से जवाब माँगा

वरिष्ठ पत्रकार कंचन गुप्ता ने पूछा कि शाओमी (Xiaomi) जम्मू कश्मीर को चीन का भाग क्यों दिखा रहा है? क्या वो भारतीय क़ानून का सम्मान नहीं करता? उन्होंने कहा कि शाओमी ने अपने एप्लीकेशन में तो भारत के भूगोल को ही अपने हिसाब से बदल दिया है। उन्होंने पूछा कि अगर ये भारतीय क़ानून का उल्लंघन नहीं है तो क्या है? अरुणाचल प्रदेश के शहरों के मौसम के बारे में नहीं बताने और जम्मू कश्मीर को चीन का भाग बताने के बाद शाओमी (Xiaomi) के खिलाफ सोशल मीडिया में कई ट्रेंड्स चल रहे हैं।

हाल ही में चीन ने कहा था कि भारत ने लद्दाख को गैरकानूनी रूप से संघशासित प्रदेश घोषित किया है। साथ ही चीन द्वारा लद्दाख में इन 44 स्ट्रैटजिक रूप से महत्वपूर्ण पुलों को लेकर विरोध भी दर्ज कराया गया था। चीन की खिसियाहट का प्रमुख कारण यह है कि भारत ने ऐसे पुल तैयार कर लिए हैं, जिससे सीमा पर चीन को धूल चटाने के लिए पुख्ता इंतजाम और आसानी से किए जा सकेंगे। इसीलिए, वो लगातार इस मामले पर बोलता रहा है।

मुरादाबाद में चामुंडा मंदिर के महंत रामदास की संदिग्ध परिस्थितियों में मिली लाश: खनन माफियाओं के खिलाफ उठाते थे आवाज

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जनपद के गलशहीद थाना क्षेत्र में नगर संत नाम से मशहूर चामुंडा मंदिर के महंत और गंगा प्रदूषण मुक्ति समिति के संरक्षक महंत रामदास का शव मिलने से हड़कंप मच गया। गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा बड़ा अहाता के पास स्थित वाल्मीकि मंदिर के बरामदे में उनका शव फर्श पर पड़ा मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर परिजनों ने उनकी हत्या की आशंका जताई है।

संदिग्ध परिस्थितियों में मिले महंत के शव पर राष्ट्रीय योगी सेना का कहना है कि महंत रामदास ने गंगा प्रदूषण मुक्ति के लिए अभियान छेड़ रखा था। इसके लिए वह खनन माफियाओं के खिलाफ बोलते और आए दिन आंदोलन करते थे। हाल ही में संत रामदास ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने अपनी जान का खतरा बताया था। वीडियो में संत रामदास ने बताया था कि उन्हें खनन माफियाओं से जान के खतरे का अंदेशा है। ऐसे में अचानक हुई उनकी मौत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।

मौके पर मौजूद मुरादाबाद के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने घटना पर जानकारी देते हुए कहा कि गलशहीद थाना क्षेत्र के मंदिर में एक संत रामदास का शव मिला था जिसकी सूचना मंदिर के जो कर्मचारी हैं उनके द्वारा दी गई थी। उनके द्वारा बताया गया कि ये बाबा शाम को मोटर साइकिल से आए थे। वहाँ उन्होंने कहा था कि 9 दिन का व्रत रखेंगे और वहीं मंदिर में रहेंगे। लेकिन सुबह जब लोगों ने उन्हें मृत अवस्था में देखा तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर जाकर छानबीन की। शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके शरीर पर कोई भी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। उनकी मृत्यु का जो वास्तविक कारण है उसे जानने के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

वहीं संत की हत्या की आशका जताते हिंदू संगठनों ने परिजनों संग शहर के पीलीकोठी चौराहे पर शव रखकर जाम लगाया। उन्होंने इसे हत्या बताते हुए मौत के पीछे बड़ी साजिश का हाथ बताया। जिसके बाद पुलिस ने जाँच का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।

राष्ट्रीय योगी सेना के अध्यक्ष आकाश अग्रवाल ने कहा कि महंत हमेशा गलत के खिलाफ आवाज बुलंद करते थे। जिसकी वजह से वह लोगों की आँखों मे भी खटकने लगे थे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि महंत रामदास खनन की शिकायत करते रहते थे और सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते थे। उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है क्योंकि उनके पास 3 मोबाइल थे और वो तीनों ही गायब हैं। उनका पर्स भी गायब है। तो कहीं न कहीं ये हत्या का मामला लगता है। उनका फोन कल शाम से बंद आ रहा था। अब उनके नंबर से DP भी हटा ली गई है।

अग्रवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि एक सप्ताह पहले खनन की शिकायत को लेकर रामदास ने कहा था कि उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सवाल पूछा कि अगर बीमारी से मौत हुई है तो मोबाइल कहाँ गायब हो गए। DP किसने हटा दी। महंत रामदास को मोबाइल का शौक था। वो हमेशा एक दो घंटे में अपनी फेसबुक अपडेट करते रहते थे। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट हमें बताई नहीं है जो भी हुआ है वो गलत है।

₹1.25 करोड़ से पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली, तलवार… दिल्ली दंगों के लिए ताहिर ने जुटाए लिए थे ₹10 Cr

आम आदमी पार्टी के निलंबित पार्षद और दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मुख्य आरोपित ताहिर हुसैन के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (अक्टूबर 17, 2020) को आरोप-पत्र दायर किया है, जिसमें उसके द्वारा की गई ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ का ब्यौरा है। ED ने खुलासा किया है कि ताहिर हुसैन ने दिल्ली दंगों में इस्तेमाल किए जाने के लिए 1.25 करोड़ रुपए सिर्फ हथियार खरीदने के लिए लगाए थे।

कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन के साथ ही सह-आरोपी अमित गुप्ता के खिलाफ दाखिल आरोप-पत्र पर संज्ञान लिया। ‘हिंदुस्तान’ में प्रकाशित खबर के अनुसार, ED ने अपनी जाँच के दौरान पाया कि दिल्ली दंगों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी और ताहिर हुसैन व उसके गुर्गों द्वारा हेरफेर की गई कुल राशि करीब 10 करोड़ रुपए हो जाती है।

दंगों के लिए इकट्ठा की गई इस धनराशि को शेल व डमी कंपनियों के माध्यम से नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में चल रहे धरना-प्रदर्शनों में लगाया गया। दंगों के लिए घातक हथियार जैसे पेट्रोल, तेजाब, पिस्तौल, गोली, तलवार व चाकू जैसे हथियार खरीदने के लिए सवा करोड़ रुपयों का इस्तेमाल हुआ। इन दंगों की तैयारी काफी पहले से चल रही थी। इस मामले में उसका साथ अमित गुप्ता ने दिया, जिसके नाम पर सारी फर्जी कम्पनियाँ खोली गईं।

दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन के खिलाफ ED की चार्जशीट में धारा 3 (धनशोधन), धारा 70 (कंपनियों द्वारा अपराध), और धनशोधन (रोकथाम) अधिनियम 2002 की धारा 4 के तहत आरोप तय किए गए हैं। अमित गुप्ता के खिलाफ समन और ताहिर हुसैन के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया गया है। अब जेल प्रशासन सोमवार (अक्टूबर 19, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्य आरोपित को अदालत में पेश करेगा।

चूँकि इस मामले की जाँच समाप्त नहीं हुई है, इसीलिए ED का कहना है कि पूरा आरोप-पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दायर की जा सकती है। वहीं ताहिर के वकील रिजवान और केके मेनन ने अपने मुवक्किल को ‘परिस्थितियों का शिकार’ बताते हुए कहा कि उसे कई मामलों में आरोपित बना दिया गया है, वो एक ही साथ इतनी जगह कैसे उपस्थित रह सकता है? उन्होंने इसे ‘राजनीतिक द्वेष’ के तहत की गई साजिश करार दिया।

ED के विशेष अधिवक्ता एन के माट्टा ने अदालत को जानकारी दी कि कि ताहिर पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों से जालसाजी और आपराधिक साजिश का भी आरोप है। उसके घर व दफ्तर सहित कई ठिकानों पर छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्रियाँ जब्त की गई हैं। इनमें दस्तावेजों के अलावा डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं। दिल्ली दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 200 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

इस मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट का कहना है, “अभियुक्तों की संलिप्तता के बारे में प्रथम दृष्टया पर्याप्त भड़काऊ सामग्री है।” इससे पहले दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार (अक्टूबर 16, 2020) को इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए साम्प्रदायिक दंगे के मामलों में दाखिल चार आरोप-पत्रों पर संज्ञान लिया था। इनमें से दो आरोप पत्र आम आदमी पार्टी से बर्खास्त पार्षद ताहिर हुसैन और दो आरोप-पत्र निजी स्कूल मालिक फैसल फारूक के खिलाफ थे।

‘अबुल ने नाबालिग का अपहरण कर के खुर्रम को बेचा, किया रेप’: पुलिस ने ‘लव जिहाद’ वाले एंगल को नकारा

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सितम्बर 2, 2020 को एक नाबालिग किशोरी गुमशुदा हो गई थी, जिसके बाद इस मामले की रिपोर्ट स्थानीय थाने में दर्ज कराई गई थी। अब किशोरी को अलीगढ़ से बरामद किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक युवक ने उसे प्रेमजाल में फँसा कर उसका अपहरण किया, उसके बाद उसे अलीगढ़ के अपने एक परिचित को बेच दिया, जिसके बाद उक्त व्यक्ति ने भी अपने 3 दोस्तों के साथ मिल कर किशोरी के साथ बलात्कार किया।

‘नई दुनिया’ की खबर के अनुसार, पुलिस ने सभी आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। रविवार (अक्टूबर 11, 2020) को पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज किया और इसके अगले दिन किशोरी ने अदालत में भी अपना बयान दर्ज कराया। बुलंदशहर में पीड़िता के परिजनों ने उसके लापता होने के बाद अबुल नाम के युवक पर उसके अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने अबुल को धर-दबोचा और उससे कड़ाई से पूछताछ की।

खबरों में कहा जा रहा है कि अबुल ने पुलिस की पूछताछ के दौरान बताया कि उसने किशोरी को अलीगढ़ के एक व्यक्ति को बेच दिया है। उसकी निशानदेही पर यूपी पुलिस ने छापेमारी की और न सिर्फ लड़की को बरामद किया, बल्कि उसके साथ बलात्कार करने वाले चारों आरोपितों को भी शिकंजे में ले लिया। किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि अबुल ने उसे पहले प्रेमजाल में फँसाया और फिर अलीगढ़ के खुर्रम से उसे बेच दिया।

खुर्रम ने पुलिस के डर से किशोरी को अलीगढ़ स्थित जहानाबाद में एक गुप्त स्थान पर रखा था। वहाँ कई दिनों तक उसने अपने दोस्तों के साथ मिल कर उसके साथ बलात्कार किया। शहर कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि इस मामले में धारा-161 के तहत बयान दर्ज किया है। साथ ही अदालत में धारा-164 के तहत बयान दर्ज हुए। पुलिस ने बताया है कि आगे की जाँच शुरू होते ही इस मामले में अन्य धाराएँ बढ़ाई जाएँगी।

वहीं ‘हिन्दू जागरण मंच’ के जिलाध्यक्ष रविंद्र शर्मा का कहना है कि ये पूरी तरह से ‘लव जिहाद‘ का मामला है। शर्मा ने बताया कि उन्होंने थाने में लड़की से बात की है और अगर पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती तो आंदोलन किया जाएगा। इस मामले में सितम्बर 24 को ही अपहरण का मामला दर्ज कर लिया गया था। एसएसपी ने खुद इस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए थे। पुलिस ने कहा है कि इन धाराओं के तहत दर्ज बयान गोपनीय होते हैं।

वहीं बुलंदशहर पुलिस ने कहा है कि आरोपित अबुल और पीड़िता पड़ोसी हैं और एक-दूसरे को जानते थे। पुलिस ने नाम बदल कर और मजहब छिपा कर दोस्ती वाली खबर का खंडन किया है। पुलिस ने बताया कि किशोरी सितम्बर 2 को अपने घर से अकेले निकली और अबुल से हुए बातचीत के अनुसार अगले दिन अलीगढ़ पहुँची। खुर्रम व उसके साथियों ने वहाँ उसे कमरा दिलाया। पुलिस के अनुसार, लड़की ने अपने बयान में केवल अबुल के साथ संबंधों की बात कही है।

बुलंदशहर पुलिस ने अक्टूबर 12, 2020 को सोशल मीडिया के माध्यम से बताया, “लड़की को बेचने और अबुल के 3 दोस्तों द्वारा उसकी अस्मत लूटने वाली बात गलत है। किशोरी ने भी इसका खंडन किया है। सभी आरोपित पुलिस हिरासत में हैं और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जाति-धर्म के आधार पर द्वेष फैलाने और गलत तथ्यों के आधार पर ट्वीट करने पर कार्रवाई की जाएगी।