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हथियार सप्लाई करने वाले गैंग का भंडाफोड़, सरगना शिवपाल यादव की पार्टी का जिलाध्यक्ष रहा नवेद पठान

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार हुए हैं, जबकि दो भागने में सफल रहे। बदमाशों के पास से हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया है।

बदमाशों के पास से 11 पिस्टल, 21 तमंचे तथा अधबने हथियार और फैक्ट्री के उपकरण बरामद हुए हैं। इस गैंग का सरगना बुलंदशहर का नवेद पठान है। नवेद पठान राजनीति में भी सक्रिय है। वह शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। 

हापुड़ पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपित पहले मेरठ में काम करते थे, लेकिन पुलिस की भनक लगने के चलते इन लोगों ने बहादुरगढ़ क्षेत्र में उपकरण बनाने का कार्य शुरू किया। इनके बड़ी-बड़ी कंपनियों से संबंध हैं और ये लोग 70 से 80 हजार में पिस्टल और 2 से 10 हजार तक तमंचे की बिक्री करते हैं। अधिकारी ने बताया कि इनके तार काफी दूर-दूर तक फैले हैं और कई सहयोगियों के नाम पूछताछ में सामने आए हैं। अन्य बदमाशों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार हथियार तस्करों ने अपना नाम गालिब खां, नवेद अहमद खां, रिजवान, रहीसुद्दीन सैफी बताया है। फरार आरोपितों के नाम निखिल और दिलशाद बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा मेरठ पुलिस ने 24 घंटे के अभियान में अलग-अलग स्थानों से अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। मामले में 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार 239 असलहा बरामद किए गए और तीन तमंचा फैक्ट्री पकड़ी गई है। यह मेरठ पुलिस की अब तक की एक दिन में सबसे बड़ी बरामदगी है। इनमें से एक आरोपित फुरकान पर पूर्व में सवा लाख रुपयए का इनाम भी रखा जा चुका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय साहनी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी डॉ. अखिलेश नारायण ने पुलिस को मिली इस कामयाबी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपित दिल्ली एनसीआर के अलावा विभिन्न राज्यों में हथियारों की सप्लाई करते थे। साथ ही आने वाले पंचायत चुनाव के लिए हथियारों की खेप तैयार कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 52 तमंचे ब्रह्मपुरी पुलिस ने पकड़े हैं। जिले में 250 से अधिक तमंचे, देसी बंदूक, भारी संख्या में अधबने तमंचे बरामद किए गए हैं। एसएसपी का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि लॉकडाउन में आरोपित तमंचे ऑन डिमांड बनाते थे। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में ऑन डिमांड सप्लाई किए जा रहे थे। जो लोग फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।

एकता कपूर की ‘वर्जिन भास्कर’ में अहिल्याबाई के अपमान से फूटा गुस्सा, XXX में सेना का बनाया था मजाक

एकता कपूर द्वारा निर्मित एक और वेब सीरीज विवाद का विषय बन गई है। इस बार एकता कपूर पर भारतीय इतिहास की नायिका अहिल्याबाई होल्कर को अपमानित करने का आरोप है। लोगों की नाराजगी ‘वर्जिन भास्कर’ (Virgin Bhasskar) नाम की वेब सीरीज में अहिल्याबाई होल्कर के नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने को लेकर है। इसका निर्माण एकता कपूर का ‘ऑल्ट बालाजी टेलीफिल्म्स’ ने किया है।

ओटीटी ऐप के ‘ZEE5’ पर एक वेब सीरीज ‘वर्जिन भास्कर’ में ‘अहिल्यादेवी बालिका छात्रावास’ के नाम से एक ऐसे छात्रावास को दिखाया गया है, जहाँ सेक्स स्कैंडल होते हैं। यह वेब सीरीज यौन संबंधों के बारे में है। लोगों ने आपत्ति जताई है कि इस तरह की फिल्मों में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के नाम का उल्लेख करना उनके प्रति दुर्भावना को दर्शाता है।

वर्जिन भास्कर में इसी दृश्य में अहिल्याबाई होल्कर के नाम के इस्तेमाल को लेकर विवाद है

अहिल्याबाई होल्कर के वंशज श्रीमंत भूषण सिंह राजे होल्कर ने क पत्र के माध्यम से इसका विरोध किया है और इस गलती के लिए माफी की माँग की है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉक्टर विकास माहात्मे ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखा हुआ एक पत्र ट्विटर पर साझा करते हुए ‘वर्जिन भास्कर’ में अहिल्याबाई होल्कर के नाम के अपमान का जिक्र कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

शिकायत पत्र में लिखा गया है कि अहिल्याबाई होल्कर के नाम के गलत इस्तेमाल से धनगर समुदाय के साथ ही पुण्यश्लोक अहिल्याबाई को मानने वाले सभी अनुयायियों को चोट पहुँची है। उन्होंने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई की माँग की है।

दरअसल इस वेब सीरीज के एक हिस्से में एक महिला छात्रावास का दृश्य दिखाया गया है, जिसका नाम माता ‘अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास’ रखा गया है। यह वेब सीरीज इस महिला छात्रावास में चल रहे सेक्स सैंडल को दिखाती है। इसी कारण लोगों की नाराजगी इस हॉस्टल को दिए गए नाम पर है।

भाजपा सांसद डॉक्टर विकास माहात्मे ने यह भी माँग की है कि एकता कपूर को मामले में सार्वजनिक माफी जारी करनी चाहिए। एक पत्र में उन्होंने चेतावनी दी है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए 9 सितंबर को एकता कपूर के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

तृप्ति गर्ग नाम की एक ट्विटर यूजर ने अपनी आपत्ति जताते हुए लिखा है, “अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य की वंशानुगत महान लीडर थीं। यह पहली बार नहीं है जब एकता कपूर हमारी भावनाओं को आहत कर रही हैं।” तृप्ति गर्ग ने महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय राउत को टैग कर एकता कपूर के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए लिखा है कि अगर आप वास्तव में मराठी योद्धाओं की परवाह करते हैं तो इस पर कुछ एक्शन लें।

गौरतलब है कि इससे पहले एकता कपूर की वेब सीरीज ‘XXX’ के खिलाफ जोरदार हंगामा हुआ था। हिंदुस्तानी भाऊ नाम से जाने जाने वाले विश्वास पाठक ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की माँग भी की थी। तब एकता कपूर पर वेब सीरीज के माध्यम से सेना का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। बाद में माफी मॉंगते हुए एकता कपूर ने बताया था कि वेबसीरीज ‘XXX: Uncensored 2’ से भारतीय सेना और वर्दी का अपमान करने वाला सीन डिलीट कर दिया गया है।

लद्दाख में 10 गुना तेजी से हो रहा है सड़क निर्माण, BRO ने उतारी 24*7 काम करने वाली भारी मशीनें

सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार ने लद्दाख क्षेत्र में सामरिक उद्देश्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के काम में तेजी लाई है। इसके लिए कई अत्याधुनिक मशीनों को काम पर लगाया गया है। यह वही सड़क है, जिसके निर्माण को लेकर चीन ने पूर्व में आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, बीआरओ ने लेह को जोड़ने वाली उन सभी सड़कों पर दिन-रात काम जारी रखा है, जिनका काम भूस्खलन आदि कारणों से और चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति के कारण बीच में अवरुद्ध हो गया था।

यह सड़क निर्माण इस वजह से भी बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह उन सशस्त्र बलों को सुविधा प्रदान करने में मददगार साबित होगा, जिनका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर भारी मशीनों और अन्य हथियारों को स्थानांतरित करने में किया जाता है।

बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार, सड़क को काटने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नवीनतम मशीनों को उतारा गया है और लगातार निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा, बीआरओ के श्रमिकों और काम पर रखे गए मजदूरों को सप्ताहांत और दो शिफ्टों में भी काम करने के लिए कहा गया है।

हाल ही में सीमा सड़क संगठन के अधिकारी बी किशन ने बयान दिया था कि बीआरओ को चीन की आपत्तियों से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि हमें जो भी काम दिया जाता है, हम वो करते हैं।

बताया जा रहा है कि चीन की सीमा पर मौजूदा स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए सड़क निर्माण के लिए कार्यबल में भी काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बीआरओ भी सर्दियों से पहले सड़क को साफ करने के लिए भारी मशीनरी तैनात कर रहा है।

मौजूदा स्थिति में, सेना और अन्य रक्षा बलों को मशीनरी के किसी भी भारी-भरकम पार्ट को ले जाने में मदद करने के लिए BRO ने नवीनतम मशीन को इस्तेमाल में लाया है। यह भारत के किसी अन्य हिस्से में नहीं मिलेगी। बीआर किशन, कार्यकारी अभियंता अधिकारी ने समाचार एजेंसियों को दिए बयान में कहा कि ये मशीनें मानवीय जोखिम को भी कम कर रही हैं, क्योंकि हम पहाड़ों को काटने के लिए विस्फोटकों से भी निपट रहे हैं।

बीआर किशन ने कहा, “इस नई मशीन के साथ, सड़कों को बनाने की हमारी गति 10 गुना बढ़ गई है। अब हम बहुत आसानी से और तेजी से सड़कों का निर्माण कर सकते हैं, क्योंकि मशीन हमें चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक को लगाने में भी मदद करती है।”

उन्होंने कहा कि यह सड़क निर्माण सेना की आवश्यकता के अनुसार भी हो रहा है। चीन की सीमा पर मौजूदा स्थिति के बीच, बीआरओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग 1 पर पद्म-युलचंग-सुमडो (Padam-Yulchung-Sumdo) से खलसी तक लद्दाख के लिए एक सड़क को जोड़ा है। यह सुरक्षा बलों को सामरिक उद्देश्यों के लिए तुरंत इस तीसरे मार्ग का उपयोग करने में भी मददगार साबित होगा।

कानपुर लव जिहाद: आसिफ गिरफ्तार, पहली शादी छुपाने के लिए बीवी को ‘आपा’ बोलता था

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर में जाजमऊ निवासी आसिफ शाह उर्फ नफीज को गिरफ्तार किया है। आसिफ ने गोविंद नगर की 18 वर्षीय मुस्कान को अपने प्रेम जाल में फँसाया और ब्रेनवॉश कर जबरन उसको इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया।

मुस्कान की माँ ममता तिवारी ने भी ऑपइंडिया से बात करते हुए पुष्टि की है कि मामला सामने आने के बाद से फरार चल रहे आसिफ उर्फ नफीज को 6 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मुस्कान के परिवार ने कानपुर के गोविंद नगर में स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आसिफ शाह उर्फ नफीज नाम के एक युवक पर उनकी बेटी पर जादू-टोना करके ब्रेनवॉश करने, शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करने और जबरन इस्लाम कबूल कर शादी करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया।

शिकायत के आधार पर, गोविंद नगर पुलिस ने आसिफ शाह के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी और मामले की जाँच कर रही थी। आरोपित की गिरफ्तारी के बारे में बात करते हुए, मुस्कान की माँ ने कई अन्य आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि आसिफ शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। वह 35 साल का है, जबकि मुस्कान केवल 18 साल की थी। उसने अपनी पिछली शादी के बारे में मुस्कान से झूठ बोला था। जब वह मुस्कान को अपने घर ले गया, तो उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी को अपनी बड़ी बहन के रूप में उससे मिलवाया था।

ममता तिवारी ने कहा कि जब तक मुस्कान वहाँ रही थी, तब तक आसिफ अपनी पहली पत्नी को ‘आपा’ (बड़ी बहन) कहता था और वो उसे ‘भाईजान’ कहती थी। इतना ही नहीं धोखेबाज आसिफ ने अपने दोनों बच्चों को मुस्कान के सामने उसे मामू कहना भी सिखाया। अपनी बेटी के बारे में बोलते हुए, ममता तिवारी ने भारी आवाज़ में कहा कि उसे सदमे से उबरने में समय लगेगा।

ऑपइंडिया ने पहले बताया था कि कैसे आसिफ शाह ने युवती को अपने प्रेम जाल में फँसाया और ब्रेनवाश कर जबरन उसको इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया। युवती ने बताया था कि उस पर जबरन इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं वे लोग जादू-टोना, झाड़-फूँक से उसके धर्मांतरण की कोशिश कर रहे थे। उसने यह भी कहा कि आसिफ के साथ उसका निकाह हो गया है।

पीड़ित की माँ ममता तिवारी, ममता की नियोक्ता दीप्ति तिवारी और बजरंग दल के कार्यकर्ता रामजी तिवारी ने हिंदू परिवार को उनकी बेटी को घर लाने में मदद की थी। सभी ने पुष्टि की थी कि कानपुर में अन्य मामलों की तरह यह भी लव जिहाद का मामला था, जहाँ आरोपित के परिवार ने योजनाबद्ध तरीके से एक हिंदू लड़की को निशाना बनाया और फँसाया था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं के बीच सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को इस मामले में कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस से कहा था कि एक कार्ययोजना बना कर ऐसी घटनाओं को चिह्नित किया जाए और फिर कार्रवाई की जाए। लड़कियों को धोखे में डाल कर उन्हें प्रताड़ित किए जाने वाली घटनाओं को रोकने के लिए योगी सरकार ने गृह विभाग को निर्देश दिए थे।

बंगाल: दिनदहाड़े BJP की महिला नेता के घर में घुसे गुंडे, पीटने के बाद सिर में मारी गोली; पार्टी ने TMC को ठहराया जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला राज्य के दक्षिण 24 परगना से आया है, जहाँ एक बीजेपी महिला कार्यकर्ता को गोली मारी गई है। गंभीर रूप से घायल महिला कार्यकर्ता का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने कहा कि भाजपा के महिला विंग की नेता को राज्य के दक्षिण 24 परगना जिले में अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी। पुलिस फिलहाल हत्यारों की धरपकड़ की कोशिश में लगी है।

पीड़ित महिला की पहचान राधारानी नस्कर के रूप में की गई है, जो दक्षिण 24 परगना जिले के बिष्णुपुर इलाके में बूथ समिति की उपाध्यक्ष और भारतीय जनता महिला मोर्चा की कैशियर हैं। उनके पति अरुण नस्कर बिष्णुपुर में भाजपा की स्थानीय बूथ समिति के अध्यक्ष हैं। जानकारी के मुताबिक तृणमूल कॉन्ग्रेस समर्थक सशस्त्र बदमाशों का एक समूह अरुण की तलाश में उनके घर में घुस गया। अरुण उस समय घर में मौजूद नहीं थे। भागने से पहले उन्होंने राधारानी की पिटाई की और सिर के पिछले हिस्से में गोली मारी। यह घटना दिन के उजाले में घटी।

हमले में वह घायल हो गई थी। इसके बाद महिला भाजपा नेता को इलाज के लिए एक स्थानीय चिकित्सा संस्थान में ले जाया गया। हालाँकि बाद में उन्हें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे तृणमूल कॉन्ग्रेस का हाथ है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टी महिला मोर्चा की आवाज को चुप कराना चाहती है। तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इस आरोप का खंडन किया और दावा किया कि यह भाजपा के अंदर गुटबाजी का नतीजा है। पुलिस ने कहा कि अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

भाजपा महिला मोर्चा की नेता अग्निमित्र पॉल ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस समर्थित गुंडों द्वारा गोली चलाई गई थी। पूरे बंगाल में अराजकता व्याप्त है। ऐसा इसलिए, क्योंकि अपराधियों को पता है कि जब तक वे तृणमूल समर्थक हैं, ममता बनर्जी के शासन में उन्हें कभी भी दंडित नहीं किया जाएगा। इधर गुस्साए ग्रामीणों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग को लेकर गाँव में धरना दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम बंगाल के कलना स्थित पथर घाटा में रॉबिन पॉल नाम के भाजपा कार्यकर्ता की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। मृतक के परिवार वालों का कहना था कि उनके घर के सामने मनरेगा के तहत काम हो रहा था। मनरेगा कर्मचारी घर के सामने मौजूद पेड़ काटने लगे तो रॉबिन ने इस पर आपत्ति जताई। दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और कुछ ही देर में यह हिंसक हो गया। मौके पर तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के लगभग 50 से अधिक कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए और उन्होंने रॉबिन की लिंचिंग कर दी।

तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने पहले उसे मिल कर पीटा। फिर उसे नज़दीक के गाँव लेकर गए। वहाँ टीएमसी के डिप्टी चीफ ने उसके साथ जम कर मारपीट की। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि जब रॉबिन को उसकी बेटी ने पानी देने का प्रयास किया तो तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उसे रोक दिया। उन्होंने रॉबिन की बेटी को मौके पर धमकाया कि अगर वह अपने पिता की मदद करती है तो उसका भी यही हाल कर दिया जाएगा।

सुशांत को जहर दिया गया था? 10 दिनों में पर्दा उठेगा, AIIMS की फोरेंसिक टीम करेगी विसरा जाँच

एम्स की 5 सदस्यों वाली फोरेंसिक टीम सुशांत सिंह की मेडिकल फ़ाइल खँगाल रही है। टीम विसरा टेस्ट भी करने जा रही है। इससे यह पता चलेगा कि सुशांत को ज़हर दिया गया था या नहीं।

एम्स के फोरेंसिक विभाग के मुखिया डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि इस टेस्ट की रिपोर्ट 10 दिन के अंदर आ जाएगी। डॉ. सुधीर उस मेडिकल बोर्ड के चेयरमैन भी हैं जिसका गठन सुशांत सिंह मामले की सीबीआई जाँच में मदद करने के लिए हुआ है। सीबीआई के अनुरोध के बाद पिछले हफ्ते इस बोर्ड का गठन हुआ था। बोर्ड सुशांत सिंह मामले से जुड़ी तमाम मेडिकल रिपोर्ट की जाँच भी करेगा। 

डॉ. गुप्ता ने बताया कि विसरा टेस्ट की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसकी मदद से हमारे लिए यह पता लगाना आसान होगा कि क्या सुशांत को ज़हर दिया गया था। विसरा टेस्ट की रिपोर्ट 10 दिनों में आ सकती है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम सुशांत सिंह को दी गई दवाओं की भी जाँच करेंगे। उन दवाइयों की जाँच एम्स की प्रयोगशाला में की जाएगी।     

सुशांत सिंह की ऑटोप्सी रिपोर्ट सामने आने पर भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी ज़हर दिए जाने की आशंका जताई थी। दरअसल रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ऑटोप्सी में लगभग 12 घंटे की देरी हुई थी। इसके अलावा मौत का सही समय भी नहीं बताया गया था। इस पर ट्वीट करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा था, “अब हत्यारों की शैतानी मानसिकता धीरे-धीरे सामने आ रही है। ऑटोप्सी में जान-बूझकर देरी की गई जिससे शरीर के पाचक तरल ज़हर को ख़त्म कर दें। जिससे इस बात की पुष्टि न हो पाए कि ज़हर दिया गया था। समय आ गया है कि जो आरोपित हैं उन पर कार्रवाई की जाए।”    

बीते दिन सुशांत सिंह राजपूत की गर्दन पर नज़र आए निशान को लेकर चर्चा काफी तेज़ हो गई थी। AIIMS के डॉक्टरों की टीम ने इस सम्बन्ध में कूपर हॉस्पिटल के उन डॉक्टरों से जवाब माँगा था, जिन्होंने सुशांत सिंह राजपूत का पोस्टमॉर्टम किया था। एम्स के तीन डॉक्टरों की टीम ने कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टरों से पूछताछ की थी। एम्स के डॉक्टरों ने इस दौरान सुशांत के गले में बने निशान को लेकर भी सवाल दागे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सवाल यहाँ अटका हुआ था कि सुशांत के गले में दिखे जख्म के निशान उनके गले के बीच में थी और एकदम सीधी रेखा की तरह दिखाई दे रही है। जबकि अगर कोई व्यक्ति इस तरह से आत्महत्या करता है तो ये निशान तिरछा बनता है और गर्दन के ऊपर होता है। साथ ही ये खरोंच की तरह भी दिखता है। एम्स के 3 डॉक्टरों की टीम ने सुशांत का पोस्टमॉर्टम करने वाली 5 डॉक्टरों की टीम से इस बाबत सवाल-जवाब किया।

साथ ही ये सवाल भी पूछा गया कि पोस्टमॉर्टम में Ligature strangulation की आशंका को कैसे ख़ारिज कर दिया गया था? साथ ही गले पर के निशान कुर्ता से कैसे पैदा हो सकते हैं, ये भी पूछा गया। बताया गया था कि सुशांत सिंह राजपूत ने कुर्ते को ही फाँसी का फंदा बना कर आत्महत्या की थी। कई तथ्यों के आधार पर इसे हत्या कहा जा रहा है, इसे नकारने के लिए कूपर हॉस्पिटल के डॉक्टरों के पास क्या सबूत हैं, ये भी पूछा गया।

छोटी बच्ची की डॉक्सिंग करने वाले जुबैर पर FIR: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Alt News co-founder Zubair booked under POCSO

मोहम्मद जुबैर। दुनिया इन्हें प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्टन्यूज के सह-संस्थापक के रूप में जानती है। लेकिन सोशल मीडिया पर ये डॉक्सिंग व फेक न्यूज फैलाने के लिए भी कुख्यात हैं। अभी हाल में NCPCR ने एक नाबालिग लड़की की डॉक्सिंग करने के आरोप में इन पर FIR की थी।

डॉक्सिंग का अर्थ सोशल मीडिया पर किसी की भी प्राइवेट जानकारी को बिना उसकी मर्जी से सार्वजनिक कर देना होता है। जुबैर के अलावा इस काम के लिए वेबसाइट के संस्थापक प्रतीक सिन्हा भी कुख्यात हैं।

इनकी इन्हीं हरकतों की वजह कई बार कई यूजर्स को काफी प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। किसी को नहीं मालूम होता कि आखिर ये लोग खुद कहाँ पर हैं। मगर, ये अपने संपर्कों और पहुँच का इस्तेमाल करके व्यक्ति विशेष से जुड़ी सभी जानकारी पब्लिक कर देते हैं। फिर कट्टरपंथी इन्हीं सूचनाओं का इस्तेमाल करके उस व्यक्ति को धमकी देने लगते हैं। इन्होंने ऐसा ही कुछ हमारे सीईओ के साथ भी किया था, वो भी तब जब उनकी नवजात बच्ची हुई थी।

पूरी वीडियो यहाँ क्लिक करके देखें

उन्नाव में लव जिहाद: नाबालिग को अगवा कर ले गया हसीब, परिजनों ने SP से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश का कानपुर इन दिनों लव जिहाद (Love Jihad) के मामलों को लेकर चर्चा में है। कानपुर से सटे उन्नाव से भी इस तरह का मामला सामने आया है। आरोप है कि समुदाय विशेष के एक युवक ने पहले नाबालिग हिंदू को प्रेमजाल में फँसाया फिर बहला-फुसलाकर उसे अगवा कर ले गया।

आरोपित युवक लड़की के घर वालों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। परिजनों ने एसपी आवास पहुँचकर बच्ची की घर वापसी की गुहार लगाई है। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 363/ 366 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला बांगरमऊ थाना क्षेत्र के कोतवाली कस्बा का बताया जा रहा है। आरोप यह भी है कि शुरुआत में पुलिस ने रिपोर्ट लिखने में टालमटोल की थी। यह भी कहा जा रहा है कि पुलिस ने आधार कार्ड न होने की वजह से रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया। हमने इस बाबत बांगरमऊ पुलिस स्टेशन से बात करने की कोशिश की, मगर संपर्क नहीं हो पाया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने के बाद पीड़िता की माँ ने एसपी से मुलाकात कर पूरी घटना उन्हें बताई। एसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित थाना प्रभारी को रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। पीड़िता की माँ एसपी आवास पहुँचकर अपनी नाबालिग बेटी की घर वापसी के लिए गुहार लगाई है।

माँ ने बताया कि 4 सितंबर की रात 10 बजे उनकी 16 वर्षीय पुत्री को पड़ोस का युवक अपने घर बुला ले गया। इसके बाद गाँव के ही हसीब (पुत्र: हसीन) ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी नाबालिग बेटी का अपहरण कर लिया। उन्होंने बताया कि हसीब ने पहले नाबालिग को प्रेमजाल में फँसाया फिर ब्रेनवॉश कर बहला-फुसलाकर उसे कहीं ले गया। माँ के मुताबिक वारदात वाले घर से आरोपित का चप्पल और मोबाइल मिला है।

हिंदू जागरण मंच के जिला प्रभारी मंत्री विमल द्विदी ने कहा कि लव जेहाद की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यूपी में तमाम जगहों पर इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन पुलिस हर बार मामलों को हल्के में लेकर निपटा देती है। पुलिस इन मामलों में सख्ती करे तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। उनका कहना है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों की वजह से योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने योगी सरकार और एसपी से बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं के बीच सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को इस मामले में कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस से कहा था कि एक कार्ययोजना बना कर ऐसी घटनाओं को चिह्नित किया जाए और फिर कार्रवाई की जाए। लड़कियों को धोखे में डाल कर उन्हें प्रताड़ित किए जाने वाली घटनाओं को रोकने के लिए योगी सरकार ने गृह विभाग को निर्देश दिए थे।

बलरामपुर: मोहम्मद रजा के घर भीषण ब्लास्ट, बच्चे की मौत; आसपास के कई घर तबाह

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में मोहम्मद रजा के घर में सोमवार (सितम्बर 07, 2020) जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तीव्र था कि इसमें एक बच्चे की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। मोहम्मद रजा के पड़ोसी शहादत का भी घर इस धमाके से ढेर हो गया। साथ ही, आसपास के कई और मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

पुलिस के अनुसार, कोतवाली नगर स्थित मोहल्ला गदुराहवा में मोहम्मद रजा का घर है, जहाँ मोहम्मद रजा के भाई अकरम ने पटाखा बनाने का लाइसेंस ले रखा है। अकरम के पास पटाखों के भंडारण के लिए गोदाम है। लेकिन वह पटाखों को चोरी-छिपे घर में अवैध भंडारण कर रहा था।

पुलिस ने बताया की मौके पर छानबीन के दौरान बारूद की गंध महसूस हुई। छानबीन में पता चला कि सोमवार सुबह मोहम्मद रजा की पत्नी खाना बना रही थी। इसी समय अचानक गैस सिलेंडर में विस्फोट हुआ और उससे पटाखों में आग लग गई।

एसपी देवरंजन वर्मा के मुताबिक, यह विस्फोट बारूद की वजह से हुआ। मोहम्मद अकरम उर्फ बबलू के नाम से पटाखा बेचने का लाइसेंस है। खास बात यह है कि इस धमाके की गूँज करीब 4 किलोमीटर दूर तक हुई। इस मामले में जाँच की जा रही है।

इस धमाके में मोहम्मद रजा के भाँजे ननकने अली पुत्र शहादत अली की मौके पर मौत हो गई। जबकि उसकी पत्नी शुबरा (40) और उसकी बेटी रूबी (14) गंभीर रूप से घायल हो गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पड़ोसियों का कहना है कि इस धमाके से तकरीबन एक दर्जन घरों के शीशे टूट गए, और आसपास के घरों की छतों व दीवारों में दरार आ गई है। धुएँ का गुबार करीब एक घंटे तक शहर के आसमान में नजर आया। आरोपित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई और उसे जेल भेजा जा रहा है। पुलिस की जाँच अभी जारी है।

IAS, IPS बनना है तो मजहब के लिए खड़ा होना होगा, उन्हें जवाब देना होगा: भगोड़ा जाकिर नाइक

कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह समुदाय विशेष के लोगों से IAS/IPS अधिकारी बनने से परहेज करने के लिए कह रहा है। भगोड़ा जाकिर नाइक फिलहाल मलेशिया में रह रहा है। 

अपने समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में ब्यूरोक्रेट बन सकता है, जाकिर नाइक ने जवाब दिया, “यदि तुम दीन (मजहब) का पालन कर सकते हो तो स्वीकार्य है, अन्यथा नहीं।” 

इसके बाद समुदाय विशेष के एक अन्य शख्स ने पूछा कि क्या उनके लिए IAS बनना संभव है? इस्लामिक उपदेशक ने इसका जवाब देते हुए कहा, “यह असंभव नहीं है लेकिन मुश्किल है।” इस धारणा के तहत कि एक समुदाय विशेष का IAS अधिकारी निश्चित रूप से अपने सहकर्मियों से भयभीत होगा, नाइक ने कहा, “जब वे आप पर, इस्लाम पर या पैगंबर पर हमला करते हैं, तो क्या आप उन्हें वापस जवाब दे सकते हैं? क्या आपके पास जवाब देने की हिम्मत है? यदि आप डरपोक और शर्मीले हैं, तो ऐसी नौकरी न करें। यदि आप उन्हें जवाब दे सकते हैं और बोल्ड हैं, तो इसके साथ आगे बढ़ें।”

बाद में वीडियो में उसने जोर दिया, “यदि आप एक मजबूत व्यक्ति हैं जो गैर-इस्लामिक लोगों की आलोचना का सामना कर सकते हैं, रिश्वत से दूर रह सकते हैं, सुन्नत और कुरान का पालन कर सकते हैं, तो ही इस नौकरी को करें।” इस दौरान जाकिर नाइक ने इस्लाम से ‘विचलित’ हुए अपने समुदाय के अधिकारियों के उदाहरणों का हवाला देकर समुदाय विशेष के आईएएस उम्मीदवारों को चेतावनी भी दी।

अपने समुदाय के लोगों के लिए उसकी सलाह इस विश्वास पर आधारित है कि IAS या IPS अधिकारी की प्रतिष्ठित नौकरी हासिल करने के पीछे का ‘उद्देश्य’ सहकर्मियों को जवाब देना, इस्लाम की रक्षा करना और अल्लाह एवं कुरान की शिक्षाओं का पालन करना है।

जाकिर नाइक बार-बार कहता है कि ‘वे’ कुरान और पैगंबर को बदनाम करेंगे। इसके साथ ही वह दावा करता है कि समुदाय विशेष के जिन लोगों को इन नौकरियों में चुना गया है, उन्हें ‘उनसे’ अपने मजहब का बचाव करना होगा।

जाकिर नाइक का वीडियो

इसी वीडियो में, नफरत फैलाने वाले जाकिर नाइक ने आईपीएस अधिकारियों के बारे में भी बयान दिए। नाइक ने दावा किया, “सभी नहीं, लेकिन अधिकांश IPS अधिकारी निश्चित रूप से भ्रष्ट हैं… अगर कोई ईमानदार अधिकारी वहाँ जाता है, तो वह या तो भ्रष्ट हो जाता है या उसे नौकरी छोड़नी पड़ती है… सेटअप ऐसा है कि अगर आप उनसे सहमत नहीं हैं, तब, वे आपके लिए जीवन को कठिन बना देंगे।”

कट्टरपंथी इस्लामी उपदेशक जाकिर नाइक के लिए इस तरह के दावे करना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले, उसने कहा था कि “समुदाय विशेष का पक्ष लेने” और “दमनकारियों के बदसूरत चेहरे को दिखाने” के उनके नेक प्रयासों के बावजूद, NDTV के स्टार पत्रकार रवीश कुमार को ‘जन्नत’ में जगह नहीं मिलेगी। गैर-इस्लामी दिल के कितने भी अच्छे क्यों न हों, उन्हें जाना नरक में ही है।

गौरतलब है कि हाल ही में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक हाई-प्रोफाइल ‘लव जिहाद’ मामले से संबंधित FIR में जाकिर नाइक और पाकिस्तान मूल के दो कट्टर प्रचारकों को आरोपित बनाया है। हाई-प्रोफाइल मामले में चेन्नई के एक व्यापारी की बेटी और बांग्लादेश के एक शीर्ष राजनेता का बेटा शामिल है। जिसका संबंध पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) से है।

महिला के पिता ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी लंदन में पढ़ रही थी, इसी दौरान बांग्लादेशी नागरिक नफीस ने उसे लुभाना शुरू कर दिया। वो महिला को रिलेशनशिप में आने के लिए जाल बिछा रहा था। इस काम में आरोपित का पिता सरदार शेखावत हुसैन के साथ-साथ यासीर और नौमान अली खान नामक दो अन्य लोग भी शामिल थे। आरोप है कि नफीस इन सबकी मदद से पीड़िता का अपहरण कर बांग्लादेश ले गया। बांग्लादेश ले जाकर महिला से जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया।