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चीन ने की फायरिंग, हमने दिखाया संयम… देश की सुरक्षा किसी भी कीमत पर: चायनीज झूठ पर इंडियन आर्मी का हथौड़ा

पूर्वी लद्दाख में LAC पर सोमवार (सितम्बर 7, 2020) की रात हुए संघर्ष को लेकर भारत की सेना ने आधिकारिक बयान जारी किया है। सेना ने बताया है कि भारत सीमा पर तनाव को कम करने और स्थिति को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन चीन स्थिति को बिगाड़ने के लिए लगातार भड़काऊ गतिविधियों में लगा हुआ है। भारतीय सेना ने कहा कि उन्होंने न तो फायरिंग की है, न LAC को पार किया है और न ही किसी अन्य आक्रामक माध्यम का इस्तेमाल किया है।

भारतीय सेना ने आरोप लगया कि चीन की सेना बेशर्मी से करारों का उल्लंघन कर रही है और ऐसी गतिविधियों में लिप्त है, जो आक्रामक हैं। ये सब ऐसे समय में किया जा रहा है जब सैन्य, राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से तनाव कम करने के लिए दोनों पक्षों में बातचीत लगातार जारी है। 7 सितम्बर की रात हुई घटना को लेकर भारतीय सेना ने कहा कि LAC पर उसकी एक फॉरवर्ड पोजीशन को निशाना बनाने का प्रयास किया गया।

बताया गया कि जब चीन की फ़ौज को इसके लिए मना किया गया तो उन्होंने भारतीय सेना को उकसाने के लिए फायरिंग की। उन्होंने ही हवा में कुछ राउंड्स गोलियाँ चलाईं। भारतीय सेना ने बताया कि उनके जवानों ने इस अवसर पर जिम्मेदार तरीके से व्यवहार करते हुए समझदारी और धैर्य का प्रदर्शन किया, जिससे स्थिति नियंत्रण में रही। सेना ने कहा कि वो सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

लेकिन, साथ ही सेना ने ये भी कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता की वो किसी भी कीमत पर रक्षा के लिए तैयार हैं। चीन के बयान को लेकर सेना ने कहा कि वो अपने देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों को बहकावे में डालने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। भारतीय सेना ने चीन के उस आरोप को साफ़ नकार दिया, जिसमें उसने भारत पर LAC पार कर के गोलीबारी करने के आरोप लगाए थे। इस बयान के बाद एक बार फिर चाइना की पोल खुल गई है।

इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि लद्दाख़ सीमा पर बनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारतीय सेना ने काला टॉप और हेलमेट टॉप जैसी रणनीतिक जगहों पर डेरा डाला हुआ है, जिससे चीन बौखलाया हुआ है। इसी बौखलाहट में चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA)’ ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया और अपनी सीमा तक भूल गए। इसी बीच भारतीय सेना ने खतरे को भाँप कर वार्निंग शॉट दागे। इसके तहत हवा में फायरिंग कर के दुश्मन को आगे न बढ़ने की चेतावनी दी जाती है।

एक्ट्रेस को मारने के लिए थप्पड़ उठा के दौड़ी थी कॉन्ग्रेस नेता कविता, केस हुआ दर्ज… पहले पत्रकार से की थी बदतमीजी

कर्नाटक में कॉन्ग्रेस पार्टी के प्रवक्ता कविता रेड्डी के खिलाफ आईपीसी की धारा-323, 504B और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कॉन्ग्रेस प्रवक्ता कविता रेड्डी ने कन्नड़ अभिनेत्री संयुक्त हेगड़े पर हमला किया था। वो थप्पड़ लेकर संयुक्ता हेगड़े और उनके दो दोस्तों की ओर दौड़ी थीं। ये घटना शुक्रवार (सितम्बर 4, 2020) की है, जब कन्नड़ अभिनेत्री अपने दोस्तों के साथ पार्क में वर्कआउट कर रही थीं।

कविता रेड्डी ने जब संयुक्ता पर हमला किया तब उनके साथ कई और लोग भी थे, जो ‘मोरल पुलिसिंग’ करते हुए कन्नड़ अभिनेत्री पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगा रहे थे। उन लोगों का कहना था कि संयुक्ता के कपड़े ठीक नहीं हैं और उन्हें इस तरह से पार्क में वर्कआउट नहीं करना चाहिए। कविता रेड्डी और उनके साथियों ने धमकी दी कि वो संयुक्ता का नाम उस ड्रग्स रैकेट में घसीट लाएँगे, जिसमें कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों के नाम सामने आए हैं।

हालाँकि, कविता रेड्डी इससे पहले वीडियो जारी कर के माफ़ी भी माँग चुकी हैं और कह चुकी हैं कि वो ‘मोरल पुलिसिंग’ का समर्थन नहीं करती हैं। उन्होंने कहा कि वो हमेशा से इसकी विरोधी रही हैं लेकिन इस बार विवाद ज्यादा बढ़ने के कारण वो आक्रामक हो गईं, जो उनकी गलती थी। उन्होंने कहा कि वो एक जिम्मेदार नागरिक और प्रोगेसिव महिला होते हुए संयुक्ता हेगड़े और उनकी दोस्तों से माफ़ी माँगती हैं।

संयुक्ता हेगड़े ने भी कविता रेड्डी की माफ़ी को स्वीकार करते हुए कहा कि अब समय आ गया है, जब हम सब इस घटना से आगे बढ़ें और साथ ही महिलाओं को हर जगह सुरक्षित महसूस कराने की कोशिश करें। इससे पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर कर के दिखाया था कि कैसे उनके पहनावे को लेकर उन्हें धमकी दी जा रही है। रेड्डी ने उन्हें गाली देते हुए कहा था कि कल को अगर तुम्हारे साथ कुछ हो जाए तो रोते हुए मत आना।

कविता रेड्डी इससे पहले तब सुर्ख़ियों में आई थीं, जब उन्होंने वामपंथियों के साथ मिल कर कन्नड़ पत्रकार महेश हेगड़े के साथ मेंगलुरु एयरपोर्ट पर बदतमीजी की थी। उन्होंने वामपंथी एक्टिविस्ट अमूल्या लियोना के साथ मिल कर ये हरकत की थी। दोनों ने महेश हेगड़े के साथ बदतमीजी करते हुए उन्हें राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ गा कर अपनी देशभक्ति साबित करने को कहा था। अब सोशल मीडिया पर भी उनकी खासी आलोचना हो रही है।

हरामखोर = नॉटी: संजय राउत ने दी सफाई, लोगों ने बोला – ‘आप भी कम नॉटी नहीं’

कंगना रनौत और संजय राउत के बीच चल रही जुबानी जंग अब सोशल मीडिया पर सभी के लिए बहस का विषय बन गई है। ऐसे में संजय राउत ने अपनी ‘हरामखोर’ वाली टिप्पणी पर स्पष्टीकरण पेश किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कंगना रनौत को हरामखोर इसलिए बोला था क्योंकि इसके मायने महाराष्ट्र में अलग हैं। राउत के अनुसार हरामखोर का मतलब वहाँ नॉटी या बेईमान होता है।

संजय राउत ने कंगना को केंद्र से मिली सुरक्षा पर कहा कि महाराष्ट्र की छवि बिगाड़ने की कोशिश की गई है। उन्होंने मुंबई पुलिस को क्रेडिट देते हुए कहा कि मुंबई पुलिस की वजह से बॉलीवुड से अंडरवर्ल्ड का सफाया हुआ है।

संजय राउत ने बोला, “अगर महाराष्ट्र सरकार नहीं दे पाती सुरक्षा तो एक्टर्स मुंबई में इतने अच्छे से काम नहीं कर सकते थे। मुंबई पुलिस की वजह से सब सुरक्षित हैं। एक जमाने में अंडरवर्ल्ड का खतरा था। धमकियाँ आती थीं। मुंबई पुलिस ने सब साफ कर दिया। एक व्यक्ति चाहे महिला हो या पुरुष कलाकार, वो पूरी इंडस्ट्री नहीं है।”

उन्होंने कहा, “100 साल के इतिहास में किसी ने ऐसी (कंगना जैसी) बात नहीं की है। अगर आपके पास ड्रग्स को लेकर जानकारी है तो आप पुलिस को बताओ। मुंबई पुलिस को बताओ, अपने शहर की पुलिस के पास जाओ। आपके तो रिश्ते भारतीय जनता पार्टी से भी अच्छे हैं तो दिल्ली में जाकर शिकायत करो।”

वह कहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ एक पॉलिटिकल पार्टी माहौल बनाना चाहती है। मगर वह उसका भी स्वागत करते हैं। उन्होंने अपनी बात साबित करने के लिए कुछ पुराने उदाहरण दिए। उन्होंने कहा, ” मुझे मालूम है कि इस मामले में शाहरुख खान की बात आई थी, आमिर खान की पत्नी की बात आई थी, मेरी पार्टी शिव सेना और मैंने स्टैंड लिया। आप अपनी भाषा में कोई माहौल बनाना चाहते हो तो वो अलग बात है।”

वह बोलते हैं, “मेरा हरामखोर कहने से वो मतलब नहीं था। हमारे महाराष्ट्र में ‘तू हरामखोर है’ का मतलब है कि नॉटी है, बेईमान है। कंगना दोनों है। मेरे हिसाब से वे नॉटी गर्ल हैं। मैंने देखा है कि वो मजा-मजाक करती हैं। और कोई भी लड़की मुंबई में रहती है, अगर देश के साथ ऐसा करती है। तो मैं कहता हूँ कि वो बेईमान है।”

गौरतलब है कि संजय राउत की इस टिप्पणी के बाद अब सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी चुटकी लेनी शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश के भाजपा नेता विश्वास सारंग लिखते हैं, “संजय राउत की अति मासूम सफ़ाई बिल्कुल उस तरह की लग रही है, जैसे बच्चों की तरफ़ से शादी के कार्ड में लिखवाया जाता है -हमाले चाचा की शादी में जलूल-जलूल आना।”

भाजपा यूथ विंग के राष्ट्रीय सचिव सौरभ चौधरी लिखते हैं, “अगर अब आप किसी भी सोनिया सेना के नेता को हरामखोर कहेंगे तो वो बुरा नहीं मानेंगे क्योंकि आज ही उनके टट्टू संजय राउत ने उसका मतलब बताया कि उनकी पार्टी में नॉटी समझा जाता है। तो पप्पू के काका एक बार उद्धव ठाकरे और राहुल गाँधी को भी बोलो न नॉटी…प्लीज।”

पत्रकार सुशांत सिन्हा लिखते हैं, “संजय राउत की परिभाषा के हिसाब से हरामखोर का मतलब नॉटी बताकर उन्होंने बहुत ही ‘हरामखोर’ जवाब दिया है।”

इसी तरह पत्रकार रोहित सरदाना लिखते हैं, “हरामखोर=नॉटी। बेवजगह का बवाल बनाया। नॉटी गर्ल! संजय राउत ने मजाक करने की कंगना की आदत की वजह से ऐसा कहा था।”

कार्टूनिस्ट मंजुल लिखते हैं, “संजय राउत जी भी कुछ कम नॉटी नहीं हैं।” वहीं, भाजपा से जुड़े रवि राणा इस टिप्पणी पर संजय राउत से पूछते हैं कि संजय राउत कौन से स्कूल में शिक्षा ली है।

‘जय श्रीराम बुलवा, जबरन शराब पिला कर मार डाला’: कैब ड्राइवर आफताब की हत्या पर मीडिया का झूठ, UP पुलिस ने खोला राज

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में हुई एक घटना को सांप्रदायिक रंग देकर लोगों को भड़काने की कोशिश हो रही है। मोहम्मद आसिफ खान नामक व्यक्ति ने एक खबर शेयर करते हुए दावा किया कि गौतम बुद्ध नगर में आफताब आलम नामक एक कैब ड्राइवर को मार डाला गया। साथ ही ये भी दावा किया कि हत्या से पहले कैब ड्राइवर को ‘जय श्री राम’ बोलने के लिए बाध्य किया गया और शराब भी पीने के लिए मजबूर किया गया।

आसिफ ने ट्विटर पर ‘द हिन्द न्यूज़’ नामक वेबसाइट की खबर शेयर की, जिसमें इस घटना को ‘मॉब लॉन्चिंग’ बताया गया है। उस खबर में दिल्ली स्थित त्रिलोकपुरी के कैब ड्राइवर के बेटे के हवाले से दावा किया गया है कि उनके कैब में कुछ लोग जबरदस्ती सवार हो गए और आफताब के मजहब को लेकर कुछ-कुछ बोलने लगे। बेटे साबिर का कहना है कि उसके पिता की मॉब लिंचिंग हुई है और पुलिस ने इस बात को रिपोर्ट में नहीं लिखा।

हालाँकि, नोएडा पुलिस के बयान को देखने के बाद सोशल मीडिया पर चल रहे झूठ की पोल खुल जाती है। पुलिस ने पहले ही सूचित किया था कि बादलपुर थानांतर्गत एक कैब ड्राइवर को गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया है। रविवार (सितम्बर 6, 2020) को हुई इस घटना के दौरान उक्त टैक्सी बुकिंग पर गुरुग्राम से बुलंदशहर जाकर वापस आ रही थी। इसी बीच मोहन स्वरूप अस्पताल के पास स्थित दादरी रोड पर टैक्सी के भीतर घायल ड्राइवर मिले। ड्राइवर को जब अस्पताल ले जाया गया तो उन्हें वहाँ मृत घोषित किया गया।

‘द हिन्द न्यूज़’ की खबर शेयर कर के फैलाया जा रहा है झूठ

उधर हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी ‘द वायर’ की खबर शेयर कर के सीधा पीएम मोदी पर निशाना साधा। इसमें दावा किया गया है कि आफताब का नाम पूछने के बाद उसे ‘जय श्री राम’ बोलने को मजबूर किया गया। साथ ही ऑडियो डाल कर इसकी पुष्टि करने की कोशिश की गई। इसमें बताया गया है कि बेटे ने 40 मिनट तक कॉल रिकॉर्ड किया, जब तक फोन स्विच ऑफ नहीं हो गया। इसमें आफताब के पूरे परिवार से बात कर के ये आरोप लगाए गए।

क्या है सच्चाई

दरअसल, मामला सांप्रदायिक नहीं है। कैब ड्राइवर आफ़ताब जब बुलंदशहर में एक बुकिंग को छोड़ कर वापस लौट रहे थे, तभी कुछ असामाजिक तत्व टैक्सी में बिना बुकिंग कराए ही बैठ गए। इसके बाद वो किराए को लेकर लड़ने-झगड़ने लगे। बाद में पुलिस ने जब गाड़ी में घायल ड्राइवर को देखा तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रेटर नोएडा पुलिस का कहना है कि इलाज के दौरान ही आफताब को मृत घोषित किया गया।

इस दौरान मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद नहीं हो सका है। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी ने बताया है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर के आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने अपने किसी भी बयान में इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल होने की बात नहीं कही है, बावजूद इसके सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया जा रहा है। पुलिस ने पंचनामा की कार्यवाही के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भी भेजा।

‘अमर उजाला’ की खबर के अनुसार, परिजनों ने हत्या को लेकर दर्ज कराई गई एफआईआर में 3500 रुपए और एक मोबाइल फोन की लूट की बात भी कही है। आरोपितों के टोलकर्मी के साथ भी विवाद हुआ था और वो बादलपुर के ही निवासी हैं, ऐसा पता चला है। लुहारली टोल पर वो खुद को स्थानीय बता रहे थे। हालाँकि, इस दौरान सीसीटीवी में उनकी तस्वीरें कैद हो गईं, जिसके आधार पर पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

वहीं नोएडा के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि इस प्रकरण में मुकदमा पंजीकृत है, विवेचना जारी है। उनके अनुसार, जहाँ तक ऑडियो रिकॉर्डिंग का प्रश्न है उसको सुना गया है, मृतक को कोई भी नारा लगाने के लिए नहीं कहा गया है बल्कि किसी और से खरीदारी करते वक्त ये वाक्य आया है फिर भी हर बिंदू पर विवेचना प्रचलित है। पुलिस ने असदुद्दीन ओवैसी द्वारा शेयर की गई ‘द वायर’ के खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए ये बयान दिया।

पालघर साधु लिंचिंग केस में नहीं हो CBI जाँच: सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र पुलिस ने कहा, – ‘याचिका खारिज कर जुर्माना भी लगाएँ’

पालघर में 2 साधुओं की लिंचिंग मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है। इस हलफनामे में महाराष्ट्र पुलिस ने मामले के मद्देनजर CBI जाँच की माँग का विरोध किया है।

पुलिस ने कहा है कि याचिका खारिज करने के साथ याचिकाकर्ता पर जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए। राज्य CID गहन जाँच के बाद पहले ही 126 आरोपितों के ख़िलाफ़ दो चार्जशीटें दायर कर चुकी है इन चार्जशीटों को भी कोर्ट में दाखिल किया गया है।

हलफनामे में उन पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का विवरण है, जिन्होंने अपराध को रोकने या अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही बरती। पुलिस के इस हलफनामे के अनुसार, उन्होंने उन सभी पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ विभागीय जाँच की और जाँच के बाद जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए गए, उन्हें बर्खास्त किया गया या फिर उन्हें न्यूनतन आय की श्रेणी में डाल दिया गया।

इसमें बताया गया कि विभागीय जाँच में दोषी पाए गए अस्सिटेंट पुलिस इस्पेक्टर (ASI) आनंदराव शिवाजी काले को सर्विस से बर्खास्त किया गया है। इसके अलावा असिस्टेंट पुलिस सब इस्पेक्टर रविंद्र दिनकर सालुंखे और हेडकांस्टेबल नरेश ढोंडी को कंपल्सरी रिटायरमेंट दिया गया है। वहीं लापरवाही के दोषी पाए गए 15 दूसरे पुलिस कर्मियों को 2-3 साल के लिए न्यूनतम आय दिए जाने का दंड दिया गया है।

गौरतलब है कि इस मामले में पिछली सुनवाई 6 अगस्त को हुई थी। उस सुनवाई में कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस से इस मामले में दायर चार्जशीट माँगी थी। साथ ही इस मामले में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की ब्यौरा भी माँगा था।

इसके बाद राज्य पुलिस की ओर से दाखिल हलफनामे में बताया गया कि लापरवाही बरतने वाले 18 पुलिसकर्मियों के खिलाफ अलग-अलग तरह की कार्रवाई की गई है। इनमें से कुछ को नौकरी से बर्खास्त भी किया गया है और कुछ को समय से पहले रिटायर दिया गया है।

बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय इस केस में वकील शशांक शेखर झा, साधुओं के रिश्तेदार के अलावा पीठ श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा व कुछ अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में मामले की CBI और NIA से जाँच की माँग की गई है।

पालघर मामले में NCP नेता की मौजूदगी

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ 16 अप्रैल की घटना पर महाराष्ट्र पुलिस ने सीबीआई जाँच का विरोध किया है। वहीं, एक फैक्ट फाइंडिंग टीम ने कुछ दिन पहले ही इस केस की पड़ताल में एनसीपी के कनेक्शन को उजागर किया है और दावा किया है कि घटना के समय भीड़ के बीच एनसीपी नेता काशीनाथ चौधरी मौजूद थे। उनके अलावा साधुओं की लिंचिंग कर उनकी निर्मम हत्या करने वाली भीड़ में वामपंथी पार्टी सीपीएम के पंचायत सदस्य व उसके साथ विष्णु पातरा, सुभाष भावर और धर्मा भावर भी शामिल थे।

LAC पर 40 वर्षों में पहली बार फायरिंग: भारत ने आगे बढ़ रहे चीनी सेना के छक्के छुड़ाए, पीछे हटने को किया मजबूर

लाइन ऑफ एक्चुअल कण्ट्रोल (LAC) पर चीन अपनी गुस्ताखी से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर उसके सैनिकों ने सीमा पर गोलीबारी की, जिसका भारत के जवानों ने भरपूर जवाब दिया। ये घटना इसलिए चौंकाने वाली है क्योंकि LAC पर भारत और चीन के बीच पिछले 4 दशक से गोलीबारी नहीं हुई थी। हालाँकि, इस फायरिंग में जानमाल की क्षति की कोई सूचना नहीं है। बातचीत के प्रयासों के बीच इससे तनाव फिर बढ़ गया है।

लद्दाख़ सीमा पर बनी तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारतीय सेना ने काला टॉप और हेलमेट टॉप जैसी रणनीतिक जगहों पर डेरा डाला हुआ है, जिससे चीन बौखलाया हुआ है। इसी बौखलाहट में चीन की ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA)’ ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया और अपनी सीमा तक भूल गए। इसी बीच भारतीय सेना ने खतरे को भाँप कर वार्निंग शॉट दागे। इसके तहत हवा में फायरिंग कर के दुश्मन को आगे न बढ़ने की चेतावनी दी जाती है।

इसके बाद चीन के जवान LAC पर पीछे हट गए। भारत ने एक बार फिर से उसके इरादों को नाकाम कर दिया। चीन की सेना द्वारा वहाँ गोलीबारी करने की भी ख़बर है, जिसके प्रत्युत्तर में भारतीय जवानों ने भी फायरिंग की। बीते जून 15 को हुए संघर्ष में भी फायरिंग नहीं हुई थी। ये एक तरह से 1975 के बाद पहली दोतरफा आक्रामक फायरिंग है, जो भारत-चीन सीमा पर हुई। 31 अगस्त की रात भी भारतीय सेना ने चीन को पीछे धकेला था।

वहीं सोमवर (सितम्बर 7, 2020) की रात हुई घटना को लेकर चीन ने अब उलटा भारत पर ही आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। चीन का आरोप है कि भारतीय सेना ने ही आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सीमा को पार किया। चीन ने कहा है कि भारत की तरफ से हुई फायरिंग का उसने जवाब दिया। उसने गोलीबारी की बात स्वीकार तो की है लेकिन इसके लिए भारत को ही जिम्मेदार ठहराया है। फ़िलहाल स्थिति काबू में कही जा रही है।

पेंगोंग त्सो के दक्षिणी किनारे पर स्थित शेपाओ माउंटेन टॉप्स पर चीन ने ये हरकत की, जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया। अब भारत इन दुर्गम पहाड़ियों पर ज़रूरी सामग्रियाँ पहुँचाने में लगा है और साथ ही वहाँ जवानों की तैनाती चुस्त करते हुए बढ़ा दी गई है। पूर्वी लद्दाख में हुई चीनी फायरिंग भारतीय चौकी को निशाना बना कर की गई थी। स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। पूर्वी लद्दाख में अगस्त में भी चीन ऐसी हिमाकत कर चुका है।

इधर सीमा पर चीन के साथ जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने लद्दाख क्षेत्र में सामरिक उद्देश्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के काम में तेजी लाई है। इसके लिए कई अत्याधुनिक मशीनों को काम पर लगाया गया है। यह वही सड़क है, जिसके निर्माण को लेकर चीन ने पूर्व में आपत्ति जताई थी। बीआरओ ने लेह को जोड़ने वाली उन सभी सड़कों पर दिन-रात काम जारी रखा है, जिनका काम भूस्खलन आदि कारणों से और चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति के कारण बीच में अवरुद्ध हो गया था।

हथियार सप्लाई करने वाले गैंग का भंडाफोड़, सरगना शिवपाल यादव की पार्टी का जिलाध्यक्ष रहा नवेद पठान

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार हुए हैं, जबकि दो भागने में सफल रहे। बदमाशों के पास से हथियारों का जखीरा भी बरामद किया गया है।

बदमाशों के पास से 11 पिस्टल, 21 तमंचे तथा अधबने हथियार और फैक्ट्री के उपकरण बरामद हुए हैं। इस गैंग का सरगना बुलंदशहर का नवेद पठान है। नवेद पठान राजनीति में भी सक्रिय है। वह शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष भी रह चुका है। 

हापुड़ पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपित पहले मेरठ में काम करते थे, लेकिन पुलिस की भनक लगने के चलते इन लोगों ने बहादुरगढ़ क्षेत्र में उपकरण बनाने का कार्य शुरू किया। इनके बड़ी-बड़ी कंपनियों से संबंध हैं और ये लोग 70 से 80 हजार में पिस्टल और 2 से 10 हजार तक तमंचे की बिक्री करते हैं। अधिकारी ने बताया कि इनके तार काफी दूर-दूर तक फैले हैं और कई सहयोगियों के नाम पूछताछ में सामने आए हैं। अन्य बदमाशों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार हथियार तस्करों ने अपना नाम गालिब खां, नवेद अहमद खां, रिजवान, रहीसुद्दीन सैफी बताया है। फरार आरोपितों के नाम निखिल और दिलशाद बताए जा रहे हैं।

इसके अलावा मेरठ पुलिस ने 24 घंटे के अभियान में अलग-अलग स्थानों से अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। मामले में 140 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार 239 असलहा बरामद किए गए और तीन तमंचा फैक्ट्री पकड़ी गई है। यह मेरठ पुलिस की अब तक की एक दिन में सबसे बड़ी बरामदगी है। इनमें से एक आरोपित फुरकान पर पूर्व में सवा लाख रुपयए का इनाम भी रखा जा चुका है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय साहनी और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सिटी डॉ. अखिलेश नारायण ने पुलिस को मिली इस कामयाबी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपित दिल्ली एनसीआर के अलावा विभिन्न राज्यों में हथियारों की सप्लाई करते थे। साथ ही आने वाले पंचायत चुनाव के लिए हथियारों की खेप तैयार कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा 52 तमंचे ब्रह्मपुरी पुलिस ने पकड़े हैं। जिले में 250 से अधिक तमंचे, देसी बंदूक, भारी संख्या में अधबने तमंचे बरामद किए गए हैं। एसएसपी का कहना है कि आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि लॉकडाउन में आरोपित तमंचे ऑन डिमांड बनाते थे। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत, बुलंदशहर और आसपास के जिलों में ऑन डिमांड सप्लाई किए जा रहे थे। जो लोग फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस दबिश दे रही है।

एकता कपूर की ‘वर्जिन भास्कर’ में अहिल्याबाई के अपमान से फूटा गुस्सा, XXX में सेना का बनाया था मजाक

एकता कपूर द्वारा निर्मित एक और वेब सीरीज विवाद का विषय बन गई है। इस बार एकता कपूर पर भारतीय इतिहास की नायिका अहिल्याबाई होल्कर को अपमानित करने का आरोप है। लोगों की नाराजगी ‘वर्जिन भास्कर’ (Virgin Bhasskar) नाम की वेब सीरीज में अहिल्याबाई होल्कर के नाम का गलत इस्तेमाल किए जाने को लेकर है। इसका निर्माण एकता कपूर का ‘ऑल्ट बालाजी टेलीफिल्म्स’ ने किया है।

ओटीटी ऐप के ‘ZEE5’ पर एक वेब सीरीज ‘वर्जिन भास्कर’ में ‘अहिल्यादेवी बालिका छात्रावास’ के नाम से एक ऐसे छात्रावास को दिखाया गया है, जहाँ सेक्स स्कैंडल होते हैं। यह वेब सीरीज यौन संबंधों के बारे में है। लोगों ने आपत्ति जताई है कि इस तरह की फिल्मों में पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर के नाम का उल्लेख करना उनके प्रति दुर्भावना को दर्शाता है।

वर्जिन भास्कर में इसी दृश्य में अहिल्याबाई होल्कर के नाम के इस्तेमाल को लेकर विवाद है

अहिल्याबाई होल्कर के वंशज श्रीमंत भूषण सिंह राजे होल्कर ने क पत्र के माध्यम से इसका विरोध किया है और इस गलती के लिए माफी की माँग की है।

भाजपा के राज्यसभा सांसद डॉक्टर विकास माहात्मे ने केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखा हुआ एक पत्र ट्विटर पर साझा करते हुए ‘वर्जिन भास्कर’ में अहिल्याबाई होल्कर के नाम के अपमान का जिक्र कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

शिकायत पत्र में लिखा गया है कि अहिल्याबाई होल्कर के नाम के गलत इस्तेमाल से धनगर समुदाय के साथ ही पुण्यश्लोक अहिल्याबाई को मानने वाले सभी अनुयायियों को चोट पहुँची है। उन्होंने इस संबंध में तुरंत कार्रवाई की माँग की है।

दरअसल इस वेब सीरीज के एक हिस्से में एक महिला छात्रावास का दृश्य दिखाया गया है, जिसका नाम माता ‘अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास’ रखा गया है। यह वेब सीरीज इस महिला छात्रावास में चल रहे सेक्स सैंडल को दिखाती है। इसी कारण लोगों की नाराजगी इस हॉस्टल को दिए गए नाम पर है।

भाजपा सांसद डॉक्टर विकास माहात्मे ने यह भी माँग की है कि एकता कपूर को मामले में सार्वजनिक माफी जारी करनी चाहिए। एक पत्र में उन्होंने चेतावनी दी है कि वह सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए 9 सितंबर को एकता कपूर के खिलाफ आंदोलन करेंगे।

तृप्ति गर्ग नाम की एक ट्विटर यूजर ने अपनी आपत्ति जताते हुए लिखा है, “अहिल्याबाई होल्कर मराठा साम्राज्य की वंशानुगत महान लीडर थीं। यह पहली बार नहीं है जब एकता कपूर हमारी भावनाओं को आहत कर रही हैं।” तृप्ति गर्ग ने महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय राउत को टैग कर एकता कपूर के खिलाफ कार्रवाई की माँग करते हुए लिखा है कि अगर आप वास्तव में मराठी योद्धाओं की परवाह करते हैं तो इस पर कुछ एक्शन लें।

गौरतलब है कि इससे पहले एकता कपूर की वेब सीरीज ‘XXX’ के खिलाफ जोरदार हंगामा हुआ था। हिंदुस्तानी भाऊ नाम से जाने जाने वाले विश्वास पाठक ने इस मामले में कानूनी कार्रवाई की माँग भी की थी। तब एकता कपूर पर वेब सीरीज के माध्यम से सेना का अपमान करने का आरोप लगाया गया था। बाद में माफी मॉंगते हुए एकता कपूर ने बताया था कि वेबसीरीज ‘XXX: Uncensored 2’ से भारतीय सेना और वर्दी का अपमान करने वाला सीन डिलीट कर दिया गया है।

लद्दाख में 10 गुना तेजी से हो रहा है सड़क निर्माण, BRO ने उतारी 24*7 काम करने वाली भारी मशीनें

सीमा पर चीन के साथ जारी गतिरोध के बीच भारत सरकार ने लद्दाख क्षेत्र में सामरिक उद्देश्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के काम में तेजी लाई है। इसके लिए कई अत्याधुनिक मशीनों को काम पर लगाया गया है। यह वही सड़क है, जिसके निर्माण को लेकर चीन ने पूर्व में आपत्ति जताई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, बीआरओ ने लेह को जोड़ने वाली उन सभी सड़कों पर दिन-रात काम जारी रखा है, जिनका काम भूस्खलन आदि कारणों से और चीन के साथ तनावपूर्ण स्थिति के कारण बीच में अवरुद्ध हो गया था।

यह सड़क निर्माण इस वजह से भी बेहद आवश्यक है, क्योंकि यह उन सशस्त्र बलों को सुविधा प्रदान करने में मददगार साबित होगा, जिनका इस्तेमाल आवश्यकता पड़ने पर भारी मशीनों और अन्य हथियारों को स्थानांतरित करने में किया जाता है।

बीआरओ के अधिकारियों के अनुसार, सड़क को काटने के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नवीनतम मशीनों को उतारा गया है और लगातार निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा, बीआरओ के श्रमिकों और काम पर रखे गए मजदूरों को सप्ताहांत और दो शिफ्टों में भी काम करने के लिए कहा गया है।

हाल ही में सीमा सड़क संगठन के अधिकारी बी किशन ने बयान दिया था कि बीआरओ को चीन की आपत्तियों से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि हमें जो भी काम दिया जाता है, हम वो करते हैं।

बताया जा रहा है कि चीन की सीमा पर मौजूदा स्थिति की गंभीरता को भाँपते हुए सड़क निर्माण के लिए कार्यबल में भी काफी वृद्धि हुई है। वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बीआरओ भी सर्दियों से पहले सड़क को साफ करने के लिए भारी मशीनरी तैनात कर रहा है।

मौजूदा स्थिति में, सेना और अन्य रक्षा बलों को मशीनरी के किसी भी भारी-भरकम पार्ट को ले जाने में मदद करने के लिए BRO ने नवीनतम मशीन को इस्तेमाल में लाया है। यह भारत के किसी अन्य हिस्से में नहीं मिलेगी। बीआर किशन, कार्यकारी अभियंता अधिकारी ने समाचार एजेंसियों को दिए बयान में कहा कि ये मशीनें मानवीय जोखिम को भी कम कर रही हैं, क्योंकि हम पहाड़ों को काटने के लिए विस्फोटकों से भी निपट रहे हैं।

बीआर किशन ने कहा, “इस नई मशीन के साथ, सड़कों को बनाने की हमारी गति 10 गुना बढ़ गई है। अब हम बहुत आसानी से और तेजी से सड़कों का निर्माण कर सकते हैं, क्योंकि मशीन हमें चट्टानों को तोड़ने के लिए विस्फोटक को लगाने में भी मदद करती है।”

उन्होंने कहा कि यह सड़क निर्माण सेना की आवश्यकता के अनुसार भी हो रहा है। चीन की सीमा पर मौजूदा स्थिति के बीच, बीआरओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग 1 पर पद्म-युलचंग-सुमडो (Padam-Yulchung-Sumdo) से खलसी तक लद्दाख के लिए एक सड़क को जोड़ा है। यह सुरक्षा बलों को सामरिक उद्देश्यों के लिए तुरंत इस तीसरे मार्ग का उपयोग करने में भी मददगार साबित होगा।

कानपुर लव जिहाद: आसिफ गिरफ्तार, पहली शादी छुपाने के लिए बीवी को ‘आपा’ बोलता था

उत्तर प्रदेश पुलिस ने कानपुर में जाजमऊ निवासी आसिफ शाह उर्फ नफीज को गिरफ्तार किया है। आसिफ ने गोविंद नगर की 18 वर्षीय मुस्कान को अपने प्रेम जाल में फँसाया और ब्रेनवॉश कर जबरन उसको इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया।

मुस्कान की माँ ममता तिवारी ने भी ऑपइंडिया से बात करते हुए पुष्टि की है कि मामला सामने आने के बाद से फरार चल रहे आसिफ उर्फ नफीज को 6 सितंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

मुस्कान के परिवार ने कानपुर के गोविंद नगर में स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें आसिफ शाह उर्फ नफीज नाम के एक युवक पर उनकी बेटी पर जादू-टोना करके ब्रेनवॉश करने, शारीरिक रूप से दुर्व्यवहार करने और जबरन इस्लाम कबूल कर शादी करने के लिए धमकाने का आरोप लगाया।

शिकायत के आधार पर, गोविंद नगर पुलिस ने आसिफ शाह के खिलाफ आईपीसी की धारा 366 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी और मामले की जाँच कर रही थी। आरोपित की गिरफ्तारी के बारे में बात करते हुए, मुस्कान की माँ ने कई अन्य आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि आसिफ शादीशुदा और दो बच्चों का पिता है। वह 35 साल का है, जबकि मुस्कान केवल 18 साल की थी। उसने अपनी पिछली शादी के बारे में मुस्कान से झूठ बोला था। जब वह मुस्कान को अपने घर ले गया, तो उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी को अपनी बड़ी बहन के रूप में उससे मिलवाया था।

ममता तिवारी ने कहा कि जब तक मुस्कान वहाँ रही थी, तब तक आसिफ अपनी पहली पत्नी को ‘आपा’ (बड़ी बहन) कहता था और वो उसे ‘भाईजान’ कहती थी। इतना ही नहीं धोखेबाज आसिफ ने अपने दोनों बच्चों को मुस्कान के सामने उसे मामू कहना भी सिखाया। अपनी बेटी के बारे में बोलते हुए, ममता तिवारी ने भारी आवाज़ में कहा कि उसे सदमे से उबरने में समय लगेगा।

ऑपइंडिया ने पहले बताया था कि कैसे आसिफ शाह ने युवती को अपने प्रेम जाल में फँसाया और ब्रेनवाश कर जबरन उसको इस्लाम कबूलने पर मजबूर किया। युवती ने बताया था कि उस पर जबरन इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाया जा रहा था। इतना ही नहीं वे लोग जादू-टोना, झाड़-फूँक से उसके धर्मांतरण की कोशिश कर रहे थे। उसने यह भी कहा कि आसिफ के साथ उसका निकाह हो गया है।

पीड़ित की माँ ममता तिवारी, ममता की नियोक्ता दीप्ति तिवारी और बजरंग दल के कार्यकर्ता रामजी तिवारी ने हिंदू परिवार को उनकी बेटी को घर लाने में मदद की थी। सभी ने पुष्टि की थी कि कानपुर में अन्य मामलों की तरह यह भी लव जिहाद का मामला था, जहाँ आरोपित के परिवार ने योजनाबद्ध तरीके से एक हिंदू लड़की को निशाना बनाया और फँसाया था।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ‘लव जिहाद’ की बढ़ती घटनाओं के बीच सख्त हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को इस मामले में कड़े निर्देश दिए थे। उन्होंने पुलिस से कहा था कि एक कार्ययोजना बना कर ऐसी घटनाओं को चिह्नित किया जाए और फिर कार्रवाई की जाए। लड़कियों को धोखे में डाल कर उन्हें प्रताड़ित किए जाने वाली घटनाओं को रोकने के लिए योगी सरकार ने गृह विभाग को निर्देश दिए थे।