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पंजाब में जहरीली शराब से 86 की मौत: 100 जगह छापेमारी, CM अमरिंदर ने 13 अधिकारियों को किया सस्पेंड

पंजाब में ज़हरीली शराब की वजह से 86 लोगों की मौत हो गई है। पंजाब सरकार ने इस मामले में एक्शन लेते हुए 6 एक्साइज अधिकारियों और 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें से 2 डीएसपी लेवल के अधिकारी हैं और 2 SHO हैं। 86 लोगों की मौत के बाद इन अधिकारियों के खिलाफ जाँच के भी आदेश दे दिए गए हैं। मृतकों में 3 जिलों के लोग शामिल हैं। विपक्ष ने सरकार की आलोचना की है।

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने सभी मृतकों के पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख मुआवजा देने का भी ऐलान किया है। मरने वालों में सबसे ज्यादा तरण तारन के हैं, जहाँ के 63 लोगों की मौत हुई है। इसे बाद अमृतसर ग्रामीण क्षेत्र के 12 और गुरदासपुर के 1 व्यक्ति की मौत हुई है। सीएम ने कहा कि इन मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक्साइज और पुलिस विभाग की लापरवाही से ज़हरीली शराब की बिक्री हुई, जो बेशर्मी वाली हरकत है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि नकली शराब से मौत के पहले 5 मामले बुधवार (जुलाई 29, 2020) की रात अमृतसर के तारसिक्का के तांगड़ा और मुच्छल गाँव से सामने आए थे। इसके बाद लगातार मरने वालों की संख्या बढ़ती ही रही है। अभी आँकड़ों के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जो कहीं से भी ठीक नहीं है। कई कई पीड़ितों के परिवार तो अपने बयान दर्ज करने के लिए भी आगे नहीं आ रहे थे।

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि उन परिवार वालों को ऐसा करने के लिए मना लिया गया है। कइयों का तो पोस्टमॉर्टम तक नहीं हो पाया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि वो इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं, जो अजीब है। डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इश्फाक का कहना है कि कई परिवारों ने तो इस बात को स्वीकार करने से भी इनकार कर दिया है कि उनके परिजनों की मौत ज़हरीली शराब से हुई है।

परिवार वाले कह रहे हैं कि उनके परिजनों की मौत हार्ट अटैक से हुई है, इसका ज़हरीली शराब से कोई लेनादेना नहीं है। ‘नवभारत टाइम्स’ की ख़बर के अनुसार, अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) विक्रमजीत सिंह दुग्गल ने बताया कि तारसिक्का थाना के प्रभारी विक्रमजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। विपक्षी आम आदमी पार्टी का कहना है कि मजिस्ट्रेट जाँच से कुछ नहीं होने वाला है। साथ ही मुख्यमंत्री के इस्तीफे की माँग की।

विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने माँग की है कि इस मामले की जाँच पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच्चाई समाने आ सके और दोषियों को सज़ा मिले। कुछ परिवारों ने तो पुलिस को सूचना दिए बिना ही शवों का अंतिम संस्कार तक कर दिया है। पुलिस ने अब तक इस मामले में कुल 17 लोग को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। 100 से भी अधिक जगह छापेमारी हुई है।

‘मेरे घर के पास विदेशी हथियार से चलाई गोली, फिर भी नहीं डरूँगी’ – आदित्य ठाकरे पर कॉमेंट के बाद कंगना

बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की टीम ने शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) देर रात पुलिस में शिकायत दर्ज की है कि उनके मनाली स्थिति घर के पास फायरिंग की आवाज सुनी गई। कंगना रनौत इन दिनों मनाली में अपने परिवार के साथ घर पर हैं और अभिनता सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में मुखर होकर अपनी आवाज उठा रही हैं।

कंगना की टीम ने बताया है कि फायरिंग की आवाज के बाद कुल्लू पुलिस कंगना के घर पहुँच गई है। हालाँकि शुरुआती जाँच में पुलिस को कोई भी सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन कंगना का कहना है कि यह उन्हें डराने की कोशिश के तहत किया गया है। इसके बाद पुलिस ने एक टीम कंगना के घर पर सुरक्षा के लिए लगा दी है।

कंगना रनौत ने इस मामले में बात करते हुए कहा, “मैं अपने बेडरूम में थी और रात लगभग 11.30 बजे मुझे पटाखों जैसी अवाज सुनाई दी। पहले मुझे लगा कि किसी ने पटाखा चलाया है लेकिन जब दूसरी बार अवाज आई तो मैं सचेत हो गई क्योंकि यह गोली चलने की आवाज थी। इस समय मनाली में टूरिस्ट भी नहीं आते हैं तो कोई पटाखा भी नहीं चलाएगा। इसलिए मैंने तुरंत सिक्यॉरिटी को बुलाया।”

वो आगे कहती हैं, “मैंने जब उनसे पूछा तो उन्होंने बताया कि हो सकता है कि कुछ बच्चे हों। हम जाकर देखेंगे कि यह पटाखों की आवाज है या किसी और चीज की। हो सकता है कि उन्होंने कभी बुलेट (गोली) की आवाज ना सुनी हो लेकिन मैंने सुनी है। वो देखने के लिए गए लेकिन कोई मिला नहीं। हम यहाँ पांँच लोग थे। जो लोग मेरे साथ थे, सबको यही लगता है कि यह गोली की आवाज थी। यह पटाखों की आवाज नहीं थी और इसलिए हमने पुलिस को बुलाया।”

कंगना ने आगे कहा, “पुलिस ने कहा कि शायद कोई चमगादड़ को मारने की कोशिश कर रहा हो क्योंकि चमगादड़ सेब की खेती को नुकसान पहुँचाते हैं। शनिवार सुबह हमने सेब के बगीचे के मालिक को बुलाया लेकिन उनका कहना था कि उन्होंने कोई गोली नहीं चलाई। इसलिए हमें लगता है कि यह हमें डराने के लिए किया गया था।”

कंगना ने ये भी आरोप लगाया है कि उनके पॉलिटिकल कॉमेंट के कारण यह सब हो रहा है। कंगना ने यह भी दावा किया कि यह किसी विदेशी हथियार से चलाई गई गोली थी। कंगना का यह भी कहना है कि इसके बाद भी वह डरेंगी नहीं।

अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि उनको डराने के लिए उन लोगों के द्वारा गोलियाँ चलाई गईं, जिन्हें उनके ‘गुंडागर्दी’ के लिए जाना जाता है। उन्होंने दावा किया कि एक मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ उनकी टिप्पणी ने राजनीतिक समूह को परेशान कर दिया होगा। कंगना रनौत ने आरोप लगाया कि उनके घर के पास आने के लिए किसी को 7000-8000 देकर ये काम सौंपा गया होगा।

वो कहती हैं कि मुख्यमंत्री के बेटे के खिलाफ बोलने के बाद ये होगा, यह कोई संयोग नहीं है। उनसे अब लोग कह रहे हैं कि अब वो लोग उनका मुंबई में रहना मुश्किल कर देंगे।

उन्होंने दावा किया कि सुशांत सिंह राजपूत को भी इसी तरह से डराया गया होगा। कंगना ने कहा कि वह उनकी रहस्यमयी मौत के बारे में सवाल पूछती रहेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले काफी दिनों से मिल रही धमकियों से डरे उनके बूढ़े माता-पिता अब उन पर इस मामले में न बोलने के लिए दबाव डाल रहे हैं।

मनाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ, संदीप पठानिया ने कहा, “रात में पुलिस की तैनाती हुई थी। लेकिन अब, शुरुआती जाँच के बाद, उस क्षेत्र में गश्त करने वाले कर्मचारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। क्षेत्र के बीट कर्मचारी नियमित रूप से स्थिति का जायजा लेंगे। वे नियमित अंतराल पर कंगना के कर्मचारियों के साथ समन्वय करेंगे।”

गौरतलब है कि अभिनेत्री कंगना रनौत ने उद्धव ठाकरे की शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में मुंबई पुलिस फिल्म निर्देशक करण जौहर को कभी पूछताछ के लिए नहीं बुलाएगी, क्योंकि वे आदित्य ठाकरे के बेस्ट फ्रेंड हैं।

टीम कंगना ने कहा था, “वे उन्हें कभी नहीं बुलाएँगे, क्योंकि वे आदित्य ठाकरे के बेस्ट फ्रेंड हैं। यह उनकी सरकार है और उन्होंने कंगना के इंटरव्यू से पहले ही यह केस बंद कर दिया। यह इस बात का सबूत है कि वे अपने दोस्तों को बचा रहे हैं।”

सुशांत की मौत पर बहस को नसीरुद्दीन शाह ने बताया बचकाना, कहा- हम अपने गंदे अंडरवियर सार्वजनिक रूप से क्यों धो रहे हैं?

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह का कहना है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत को लेकर उग्र हो रही बहस हर दिन प्रतिदिन और अधिक बचकाना हो रहा है। उन्होंने यह बातें फिल्म कम्पैनियन के अनुपम चोपड़ा के साथ हुई बाचतीत में कही।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें लगता है कि इस तरह की बहस से किसी तरह का वास्तविक बदलाव आएगा, नसीरुद्दीन शाह ने कहा, “इसके लिए कोई उम्मीद ही कर सकता है, हालाँकि बहस का स्तर हर दिन लगातार बचकाना हो रहा है और मैं इसे पूरी तरह से अनावश्यक मानता हूँ। हम अपने गंदे अंडरवियर को सार्वजनिक रूप से क्यों धो रहे हैं?”

उन्होंने आगे कहा, “जो अभिनेता अब कंटेंट बन गए हैं, वो अब क्यों शिकायत कर रहे हैं कि वो पोस्टर पर नहीं हैं? क्यों कोई अभिनेता किसी खास फिल्म के ना मिलने को लेकर शिकायत कर रहे हैं। बहुत सारे अभिनेता को नहीं मिली। अगर हम में से हर कोई शिकायतें करने लगेगा तो फिल्म इंडस्ट्री पृथ्वी पर सबसे खराब जगह की तरह मालूम पड़ेगा। और मैं इसे कहने की हिम्मत रखता हूँ कि ये किसी भी इंडस्ट्री की सच्चाई है। मुझे उम्मीद है कि लोग सुशांत को अकेला छोड़ देंगे।”

बताया जा रहा है कि नसीरुद्दीन शाह शायद अभिनेता दीपक डोबरियाल के बारे में बात कर रहे थे, जिन्होंने हाल ही में उन सभी फिल्मों के पोस्टर साझा किए, जिनमें वह नहीं थे।

बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले की जाँच सीबीआई को सौंपने का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद अब बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने भी इस मसले पर अपना बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वो सीबीआई जाँच की माँग नहीं करते हैं क्योंकि बिहार पुलिस जाँच करने में सक्षम है।

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा, “अगर सुशांत सिंह राजपूत के पिता चाहते हैं तो वह सीबीआई जाँच की माँग कर सकते हैं। हम सीबीआई जाँच की माँग नहीं कर रहे हैं क्योंकि बिहार पुलिस इस आत्महत्या मामले की जाँच करने में सक्षम है।”

उल्लेखनीय है कि सुशांत के पिता केके सिंह द्वारा पटना के राजीवनगर थाने में एक एफआईआर दर्ज कराने के बाद इस आत्महत्या मामले की जाँच के लिए बिहार पुलिस की टीम मुंबई गई हुई है।

बिहार के डीजीपी ने कहा, “हमारी टीम मुंबई में है और हमारे वरिष्ठ एसपी वहाँ अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। शुक्रवार को हमारी टीम डीसीपी क्राइम से मिली और उन्होंने आश्वासन दिया कि वे सहयोग करेंगे। वे भी सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फिर वे हमें सभी दस्तावेज मुहैया कराएँगे।”

गौरतलब है कि इससे पहले जब बिहार पुलिस की टीम आरएन कूपर म्यूनिसिपल हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के पास पहुँची थी तो डॉक्टरों ने रिपोर्ट से संबंधित कुछ भी बताने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि वो मुंबई पुलिस को सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट दे चुके हैं। उन्हें इसके बारे में जो भी बात करनी है, वो मुंबई पुलिस से करें। पटना आईजी ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि बिहार पुलिस को अब तक सुशांत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है।

भूमि पूजन से पहले अखंड श्रीरामचरित मानस पाठ: अमेरिका, इंग्लैंड सहित ऑनलाइन जुड़ेंगे कई देशों के रामभक्त

पाँच अगस्त को अयोध्या में श्री राममंदिर के भूमि पूजन को लेकर उत्साह चरम पर है। रामनगरी अयोध्या पूरी तरह से सजकर तैयार है। इस ऐतिहासिक अवसर पर अखंड श्रीरामचरितमानस पाठ का आयोजन होने जा रहा है। इसका आयोजन 4 अगस्त की शाम 7 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 5 अगस्त तक लगभग 24 घंटे तक लगातार चलता रहेगा।

इसका आयोजन ‘रामोत्सव’ नामक ऑनलाइन वेबसाइट कर रहा है। भारत समेत कई देशों के रामभक्त इससे जूम ऐप से जुड़ेंगे और एक-एक घंटे का रामचरितमानस पाठ का वाचन करेंगे।

इस पूरे कार्यक्रम को रामोत्सव के फेसबुक पेज “Ramotsav- रामोत्सव” https://m.facebook.com/ramotsav/ पर लाइव किया जाएगा, जो अनवरत चलता रहेगा। कार्यक्रम में अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, मॉरीशस, हालैंड, हंगरी, इंग्लैंड आदि देशों के लोग भी पाठ करेंगे। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार लोग इस पेज के माध्यम से जुड़ते जाएँगे और अपनी बारी आने पर एक घंटे तक अपने हिस्से का रामायण पाठ पढ़ेंगे।

इस बीच अयोध्या का रूप रंग बदल चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। प्रसाद के लिए लड्डुओं को बनाने का काम चल रहा है। शासन और प्रशासन इस ऐतिहासिक पल में कोई कमी नहीं रखना चाहता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद सप्ताह भर के भीतर रविवार (अगस्त 2, 2020) को दूसरी बार अयोध्या पहुँच कर तैयारियों का जायजा लेंगे। 

वहीं दूसरी ओर भूमि पूजन के लिए देश के सभी प्रमुख तीर्थस्थलों, राष्ट्रीय महत्व के स्थानों और पवित्र नदियों से पावन मिट्टी और जल भव्य मंदिर के निर्माण हेतु अयोध्या पहुँच रहा है। श्री बद्रीनाथ धाम, छत्रपति शिवाजी महाराज के किला रायगढ़, श्री रंगनाथस्वामी मन्दिर (तमिलनाडु), श्री महाकालेश्वर मंदिर, हुतात्मा चन्द्रशेखर आज़ाद व बलिदानी बिरसा मुंडा की जन्मभूमि सहित सभी तीर्थों और बलिदानी वीरों के प्रेरणा स्थलों से मिट्टी, जल और अन्य वस्तुएँ अयोध्या पहुँच चुकी है।

अयोध्या में बनने वाले भव्य श्रीराम मंदिर की नींव बाबा विश्वनाथ को अर्पित शेषनाग पर तैयार होगी। शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर में रजत शेषनाग का पूजन हुआ। बाबा विश्वनाथ को चाँदी का कछुआ, रामनाम अंकित चाँदी के पाँच बेलपत्र, सवा पाव चंदन और पंचरत्न भी अर्पित किए गए। ये पाँचों सामग्रियाँ पाँच अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान मंदिर की नींव में डाली जाएँगी। बताया जाता है कि सृष्टि में सबसे पहले राम कथा भगवान शिव ने कही थी। राम की पूजा से शिव और शिव की पूजा से राम प्रसन्न होते हैं। 

नृसिंह मंदिर के पास बकरीद में गोकशी: पथराव में 2 थाना प्रभारी सहित कई पुलिस वाले घायल

झारखंड के हजारीबाग जिला स्थित कटकमदाग थाना क्षेत्र के नृसिंह मंदिर के खबरियावा-बनहा इलाके में बकरीद के दौरान गोकशी की सूचना मिलते ही दो समुदाय के आमने-सामने आने के बाद गाँव में साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न हो गया। इसके बाद यहाँ समुदाय विशेष द्वारा जमकर पथराव हुआ। वहीं इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की भी सूचना है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुँच कर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया है।

क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना कटकमदाग थाना क्षेत्र के नृसिंह मंदिर के पास के इलाके में विशेष समुदाय द्वारा बकरीद के मौके पर गाय काटने के खुलासे के बाद हुआ। गाँव में हिंदुओं द्वारा प्रतिबंधित पशु गाय की हत्या का विरोध करने पर समुदाय विशेष ने इस मामले पर बहस करना शुरू कर दिया।

मामला इतना बढ़ गया कि लोग आपस में एक दूसरे को मारने पर उतारू हो गए। लोगों ने आपस में जम कर पत्थरबाजी की। इस दौरान उपद्रवियों ने उत्तेजित हो कर एक बाइक को आग के हवाले कर दिया जबकि भीड़ द्वारा कई गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।

साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ता देख पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुँच कर भीड़ को काबू करने की कोशिश की। बेकाबू भीड़ को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। इस दौरान सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर गणेश कुमार सिंह, कटकमदाग थाना प्रभारी धनंजय कुमार समेत कुछ अन्य पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी घायल हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवी होमकर और एसडीएम मेघा भारद्वाज ने घटना स्थल पर पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस ने इलाके को सील कर हालातों पर काबू पा लिया है। पुलिस ने लोगों से शांत रहने की भी अपील की है। इसके साथ ही भारी संख्या में जवानों को भी तैनात किया गया है।

वहीं घटना की जानकारी देते हुए डीसी रामगढ़ सह हजारीबाग संदीप सिंह ने बताया, “मवेशी को मारकर फेंके जाने के बाद दोनों ओर से पत्थरबाजी हुई है। हम लोगों का फोकस है कि आगे किसी तरह की घटना न हो। घटना के पीछे कौन हैं, इसकी जाँच की जा रही है। दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”

सुशांत मामले में मुंबई पुलिस ने शेयर नहीं किए जरूरी कागजात, VVIP एंगल से हो रही जाँच: बिहार DGP

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में बिहार पुलिस मुंबई में है लेकिन उसे महाराष्ट्र पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है – मीडिया में अब तक इस पर रिपोर्ट आई है। अब इस मामले में बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि मुम्बई पुलिस जाँच में सहयोग कर रही है और कोई बुरा व्यवहार नहीं किया है।

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने यह भी खुलासा किया कि रिया चक्रवर्ती का कोई अता-पता नहीं है। लेकिन यह जरूर है कि मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ सुशांत सिंह राजपूत की ऑटोप्सी रिपोर्ट शेयर करने से इनकार कर दिया है।

सुशांत सिंह राजपूत मामले के तार अब उनके पूर्व-मैनेजर दिशा सालियान की मौत से भी जुड़ रहे हैं, जिनके आत्महत्या की ख़बर आई थी। गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया है कि मुंबई पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ फॉरेंसिक रिपोर्ट शेयर करने से भी मना कर दिया है। वहीं मुंबई पुलिस का कहना है कि इस बारे में वो लीगल ओपिनियन ले रही है।

बिहार के शीर्ष पुलिस अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय के अनुसार, इस मामले में वीवीआईपी एंगल से भी जाँच की जा रही है और सामने आ रहा है कि ये आत्महत्या नहीं भी हो सकती है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद मुंबई पुलिस का रवैया नरम पड़ा है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक कई लोगों से पूछताछ हुई है। मुम्बई पुलिस से अभी कई जरूरी कागजात और सीसीटीवी फुटेज की माँग की गई है लेकिन ये सब उपलब्ध नहीं कराया गया है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में पूरे देश के लोग न्याय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सुशांत मामले में अगर कोई शामिल है तो उसके चेहरे के नकाब उतरेंगे। डीजीपी पांडेय ने कहा कि जाँच में मुम्बई पुलिस से सहयोग मिल रहा है। जाँच के लिए महेश सेठी से बात हुई है, बहन से बात हुई, अंकिता लोखंडे और डॉक्टर से पूछताछ हुई है, जल्द ही बिहार के सीनियर आईपीएस अधिकारी मुंबई जाएँगे। उन्होंने कहा:

“हमारी टीम मुंबई में है और हमारे सीनियर एसपी वहाँ अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हैं। शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को हमारी टीम ने डीसीपी क्राइम से मुलाकात की थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि वो जाँच में सहयोग करेंगे। वो भी सुशांत सिंह राजपूत आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फिर वे हमें सभी दस्तावेज मुहैया कराएँगे। मुंबई पुलिस बिहार पुलिस के साथ बुरा व्यवहार नहीं कर रही। बिहार पुलिस जाँच में सक्षम है।

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सुशांत की मौत के एक रात पहले उनके घर पर हुई पार्टी में एक बड़ी शख्शियत भी मौजूदगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुशांत की पार्टी में मौजूद शख्स किसी बड़े राजनेता का बेटा हो सकता है। खबर यह भी है कि सुशांत और उस शख्स के बीच काफी बहस हुआ था, जिसके बाद सुशांत वहाँ से चले गए थे। उसी दिन के बाद से उनके घर का सीसीटीवी खराब है।

सुशांत सिंह मामले में CBI जाँच नहीं, महाराष्ट्र सरकार ने ठुकराई माँग: आदित्य ठाकरे-मुंबई पुलिस मुलाकात के बाद फैसला

मीडिया खबरों में कहा जा रहा है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत से एक दिन पहले हुई पार्टी में एक बड़े नेता का बेटा भी शामिल था, जिसका सुशांत के साथ झगड़ा भी हुआ था। इस ख़बर के आने के एक दिन बाद ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुम्बई पुलिस कमिश्नर परम बीर सिंह के साथ बैठक की। खबरों के अनुसार बैठक में अभिनेता अक्षय कुमार भी उपस्थित थे।

न्यूज 18 की खबर के अनुसार महाराष्ट्र सरकार ने सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जाँच वाली माँग को ठुकरा दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस से लड़ाई में अक्षय कुमार अपने स्तर पर हर तरह से सहयोग कर रहे हैं। अक्षय कुमार ने मुंबई पुलिस को नए मॉडल VITAL 3.0 के 1,000 अतिरिक्त GOQii फिटनेस बैंड दिया है। इससे पहले भी बॉलीवुड अभिनेता ने पुलिसकर्मियों को सेंसरबैंड दान किया था, जो कोविड ​​-19 के लक्षणों का आसानी से पता लगा सकते हैं।

बॉलीवुड सुपरस्टार ने आज (1 अगस्त, 2020) मेयर बंगले में महाराष्ट्र सरकार के पर्यटन और पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और मुंबई के पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को GOQii स्मार्टवॉच दान किया।

हालाँकि, खबर यह भी है कि अभिनेता अक्षय कुमार, आदित्य ठाकरे और मुंबई के पुलिस कमिश्नर के बीच हुई इस बैठक में सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के मामले को लेकर भी चर्चा हुई है।

महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और मुंबई पुलिस कमिश्नर के बीच हुई बैठक, पटना में सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद हुई है। सुशांत सिंह की आत्महत्या की जाँच करने मुंबई आई बिहार पुलिस ने कल दावा किया था कि मुंबई पुलिस उनकी किस भी प्रकार से इस इन्वेस्टिगेशन में मदद नहीं कर रही है। इसके अलावा कूपर अस्पताल में जाने के बाद भी अस्पताल ने बिहार पुलिस को सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमॉर्टम रिपार्ट देने से मना कर दिया था।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या के बाद उसके पिता द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर ने इस केस को नया मोड़ दे दिया है। सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया को सुशांत की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि रिया ने सुशांत को सुसाइड के लिए उकसाया है। सुशांत के पिता ने पटना में रिया और उनके परिवार समेत सहयोगियों पर भी एफआईआर दर्ज किया है।

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि सुशांत की मौत के एक रात पहले उनके घर पर हुई पार्टी में एक बड़ी शख्शियत भी मौजूदगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, सुशांत की पार्टी में मौजूद शख्स किसी बड़े राजनेता का बेटा हो सकता है।

खबर यह भी है कि सुशांत और उस शख्स के बीच काफी बहस हुआ था, जिसके बाद सुशांत वहाँ से चले गए थे। उसी दिन के बाद से उनके घर का सीसीटीवी खराब है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस अधिकारी इस व्यक्ति की पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। सुशांत सिंह राजपूत के करीबी लोगों ने खुलासा किया है कि उनके अपार्टमेंट में एक पार्टी थी और अन्य लोगों के साथ वह शख्स भी वहाँ मौजूद था।

सुशांत के पिता केके सिंह ने रिया और उनके परिजनों के खिलाफ धारा 341 और 342 (गलत तरीके से रोकना या बंधक बनाना), 380 (चोरी), 406 (भरोसा तोड़ना), 420 (धोखाधड़ी) और 306 (खुदकुशी के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कराया है।

अमर सिंह ने RSS से जुड़ी संस्था सेवा भारती को दान कर दी थी करोड़ों की सम्पत्ति

राज्यसभा सांसद अमर सिंह का आज (अगस्त 1, 2020) निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनका देहांत सिंगापुर में हुआ। पिछले कई सालों से वह बीमार चल रहे थे। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता गया।

एक जमाने में वह दिल्ली के पावरफुल नेताओं में थे। वह काफी समय तक मुलायम सिंह के करीबी रहे। पिछले दिनों उनके निधन की झूठी खबर चल जाने पर उन्होंने जिंदादिल इंसान की तरह कहा था ‘टाइगर जिंदा’ है।

लगभग सभी दलों में अमर सिंह के मित्र थे। 90 के दशक की राजनीति उनके ही इर्द-गिर्द घुमा करती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी उनके अच्छे रिश्ते थे।

अमर सिंह की पहचान एक मददगार के तौर पर होती है। बॉलीवुड से लेकर राजनीति और बिजनेस, हर जगह पर उन्होंने जरूरत पड़ने पर लोगों की दिल खोलकर मदद की थी। सभी क्षेत्रों में उनके चाहने वाले लोग थे। वे अपने हाजिर जवाबी और सदैव हँसकर जवाब देने के लिए भी जाने जाते रहेंगे।

संघ से जुड़ी संस्था को अमर सिंह ने दान की थी करोड़ों की सम्पत्ति

अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में उन्होंने कई नेक काम किए। जिसके लिए उनकी मौत के बाद भी उन्हें हमेशा ही याद किया जाएगा। बता दें कि अमर सिंह ने आजमगढ़ स्थित अपनी पैतृक संपत्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी संस्था सेवा भारती संस्थान के नाम कर दी थी।

अमर सिंह ने अपने स्वर्गीय पिता की याद में उनकी संपत्ति सेवा भारती के नाम पर किया था। जब से उनके पिता की मौत हुई थी, तभी से उनका यह घर खाली रहता था। दान की गई संपत्ति की कीमत करीब 15 करोड़ रुपए आँकी गई थी।

तब अमर सिंह ने कहा था, “मेरे स्वर्गीय पिता की याद में अपनी संपत्ति देकर, मैंने समाज की सेवा के प्रयासों में योगदान करने की कोशिश की है। संघ बड़ी संस्था है। उसे कुछ दान देना बहुत छोटी बात होगी।”

इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में अमर सिंह ने मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ ही आजम खान और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था।

बिना जाति-धर्म के जरूरतमंदों की मदद करती है सेवा भारती

सेवा भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी एक गैर-सरकारी संगठन है। यह भारतीय समाज के गरीब वर्गों, जनजातीय और स्वदेशी समुदायों के लिए देश भर में फैले हुए हज़ारों केंद्र के नेटवर्क के द्वारा मुफ्त चिकित्सा सहायता, शिक्षा, पर्सनल डेवलपमेंट के लिए बिज़नेस या कोचिंग जैसे कई कल्याणकारी और सामाजिक सेवा कार्यकर्मों को शुरू करके शहर की गरीबों की बस्ती और पुनर्वास कॉलोनियों के बीच भी काम करता है।

यह संस्था सैकड़ो जिलों में साल भर लाखों गतिविधियों को चलाती है। कोई भी अगर आपदा आ जाए, जैसे- बाढ़, भूकंप आदि के समय पर यह बढ़-चढ़ कर समाज के हर हिस्से में सहायता के लिए बिना भेद-भाव के आगे रहते हैं।

बता दें कि पूरे देश में कोरोना आपदा की स्थिति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरी तत्परता से जनसेवा में लगा हुआ है। संघ से ही सम्बद्ध संगठन ‘सेवा भारती’ ने ही अकेले इतना काम किया है और कर रही है, जिससे कई लोगों को भोजन-पानी-घर से लेकर दवाएँ तक मिली हैं।

‘सेवा भारती’ का मुख्यालय दिल्ली में है, जहाँ से पूरे देश में हो रहे राहत कार्य की मॉनिटरिंग की जाती है। ‘सेवा भारती’ के अखिल भारतीय महामंत्री श्रवण कुमार ने कहा था कि संगठन यह नहीं देखता कि किस राज्य में किसकी सरकार है? जिसे मदद की ज़रूरत है, उसका जाति-धर्म या पहचान क्या है? उन्होंने बताया कि संगठन विशेषकर उन जगहों तक पहुँचने में लगा हुआ है, जहाँ सरकारी कर्मचारी भी नहीं पहुँचे है।

JNU वाले उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ, मोबाइल फोन भी जब्त: दिल्ली हिन्दू-विरोधी दंगों से जुड़ा है मामला

जेएनयू के छात्र नेता रहे उमर खालिद से दिल्ली पुलिस ने सवाल-जवाब किया है। उमर खालिद से दिल्ली दंगों के सम्बन्ध में पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही उसके मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके साथ पूछताछ की। शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को स्पेशल सेल ने उमर खालिद से 3 घंटे पूछताछ की। बता दें कि दिल्ली में फ़रवरी के अंतिम सप्ताह में हिन्दू-विरोधी दंगे भड़क गए थे।

इससे पहले दायर की गई चार्जशीट में उमर खालिद और उसके साथियों पर आरोप लगे थे कि उन्होंने दिल्ली में साजिश रच कर दंगे भड़काए। चार्जशीट के अनुसार, उमर खालिद ने लोगों को भड़काया था कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दिल्ली दौरे के समय सड़क पर उतरें और अराजकता पैदा करें। इससे पहले जेएनयू के ही छात्र शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।

पूछताछ में ताहिर हुसैन ने दिल्ली पुलिस को बताया था कि उसने 8 जनवरी को ही सीएए विरोधी प्रदर्शन स्थल शाहीनबाग में खालिद सैफी (India Against Hate Group) और उमर खालिद (JNU) के साथ मिलकर इस दंगे की योजना बना ली थी। उसने कबूला कि वो और भी कई सीएए विरोधी प्रदर्शन के आयोजकों से संपर्क में था। ताहिर ने पूछताछ के दौरान ये भी बताया कि वो सीएए विरोधी प्रदर्शनों के लिए पैसे की भी व्यवस्था करता था।

साथ ही वो अपनी कंपनी के अकाउंट से भी उन्हें फंडिंग करता था। उसने यह भी खुलासा किया कि दिल्ली में एंटी सीएए प्रोटेस्ट की शुरुआत से ही वो लियाकत अली, इरशाद, शादाब, आबिद, मोहम्मद रेहान और अरशद प्रधान आदि के संपर्क में था। इस मामले में  पिंजरा तोड़ की नताशा नरवाल और देवांगना कलीता को जाफराबाद दंगा के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस इस मामले में तेजी के आगे बढ़ रही है।

दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में एसआईटी ने खालिद सैफी (Khalid Saifi) को गिरफ्तार किया था। खालिद सैफी (Khalid Saifi) को चाँद बाग में हुई हिंसा की साजिश में शामिल होने के आरोप में अरेस्ट किया गया था। खालिद सैफी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने कहा था कि ये वही खालिद सैफी है, जो उमर खालिद पर गोली चलने का अकेला गवाह था। इस मामले का दूसरा कोई गवाह नहीं है।

1990 में पैर से नाप कर जिन्होंने बनाया था राम मंदिर का डिजाइन, संशोधन के साथ आखिर वही हुआ फाइनल

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की दिशा में 5 अगस्त का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। इस दिन राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी जाएगी, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अयोध्या में मौजूद रहेंगे। इस दिन पर सभी की निगाहें जमी हैं और ऐसे में किसी भी तरह की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (अगस्त 2, 2020) को अयोध्या दौरे पर रहेंगे।

वहीं अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की संशोधित आर्किटेक्चरल डिजाइन अब फाइनल हो गई है। मंदिर के आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा ने शुक्रवार (जुलाई 31, 2020) को बताया कि अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर आकार में अपने मूल डिजाइन से तकरीबन दोगुना बड़ा होगा। 

उन्होंने बताया कि उच्चतम न्यायालय के पिछले साल के फैसले के बाद मंदिर के डिजाइन को संशोधित किया गया है। वास्तुकार ने बताया कि मंदिर को नागर शैली में बनाया जाएगा।

वास्तुकार ने बताया, ‘‘अब इसमें गर्भगृह के ठीक ऊपर शिखर होगा और पाँच गुंबद होंगे। मंदिर की ऊँचाई भी पहले से अधिक होगी।’’ इससे पहले के मंदिर मॉडल में दो गुंबद और एक शिखर प्रस्तावित था।

आर्किटेक्ट चंद्रकांत सोमपुरा के मुताबिक एक बार काम शुरू हो जाने पर अगले तीन साल में परियोजना पूरी हो जाएगी। सोमपुरा ने बताया कि 30 साल पहले राम मंदिर को डिजाइन करना एक कठिन काम था, क्योंकि उन्हें माप की इकाई के रूप में अपने कदमों का उपयोग करते हुए नक्शे तैयार करने थे।

उन्होंने बताया,

‘‘जब 1990 में मैंने अयोध्या में पहली बार वह जगह देखी तो उस समय सुरक्षा कारणों से परिसर में कुछ भी ले जाने की अनुमति नहीं थी। यहाँ तक कि नाप लेने वाले टेप को साथ रखने नहीं दिया गया, मुझे अपने कदमों से माप लेनी पड़ी थी।”

सोमपुरा ने बताया कि उनके नक्शे के डिजाइन को ही देखते हुए विहिप ने 1990 में अयोध्या में पत्थर को तराशने की इकाई स्थापित की थी। उन्होंने कहा, ‘‘हालाँकि उच्चतम न्यायालय का फैसला रामजन्मभूमि के पक्ष में आने के बाद मंदिर के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं। अब पाँच गुंबद होंगे। इसके दो कारण हैं। पहला यह कि मंदिर के लिए अब जमीन की कोई कमी नहीं है। दूसरा, इस पर काफी चर्चा होने के कारण हमें उम्मीद है कि हर दिन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आएँगे और आकार बढ़ाने से उसमें ज्यादा श्रद्धालु आ सकेंगे।’’ 

सोमपुरा के मुताबिक उनके बेटे आशीष ने जून में ट्रस्ट के सामने इस संशोधित योजना को प्रस्तुत किया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। आशीष सोमपुरा मंदिर के निर्माण पर नजर रखेंगे हालाँकि उनके पिता ही इस पर कोई अंतिम फैसला करेंगे ।

चंद्रकांत सोमपुरा ने बताया, ‘‘यह परियोजना खास है क्योंकि यह भगवान राम की जन्मभूमि पर बन रही है। हम सुनिश्चित करेंगे कि यह सर्वश्रेष्ठ हो। पाँच गुंबद के साथ यह एक उदाहरण बनाएगा। मंदिर की वास्तुकला के हिसाब से इसे सर्वश्रेष्ठ स्थान के तौर पर विकसित किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘काम शुरू हो जाने के बाद अगले तीन साल में मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।’’ सोमपुरा ने कहा कि उनके परिवार ने नागर शैली में मंदिर तैयार किए हैं और अयोध्या में प्रस्तावित मंदिर को भी उत्तर भारतीय मंदिर वास्तुकला की शैली में तैयार किया जाएगा। बता दें कि सोमपुरा (77 वर्ष) मंदिरों का नक्शा तैयार करने वाले परिवार से आते हैं। वह ऐसे 200 से अधिक ढाँचे की डिजाइन तैयार कर चुके हैं।