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मेरठ में काले जादू के नाम पर राशिद खान ने 17 साल की हिंदू लड़की को फाँसा, लाखों की नकदी-जेवर लेकर फरार: मेनस्ट्रीम मीडिया ने ‘तांत्रिक’ बताकर फैलाया भ्रम

मेरठ के किठौर क्षेत्र के एक गाँव में काला जादू करने वाले मुस्लिम ‘आलिम’ राशिद खान पर 17 साल की नाबालिग हिंदू लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप है। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि राशिद खान ने लड़की को काला-जादू के बहाने अपने जाल में फँसाया और लाखों की नकदी, जेवरात और कीमती सामान लेकर फरार हो गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘आलिम’ राशिद खान पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और हत्या के मामले में जेल जा चुका है। आरोपित के छह बच्चे हैं, लेकिन फिर भी उसने नाबालिग को फँसाने और अपने साथ ले जाने की शर्मनाक हरकत की। पीड़ित परिवार ने बताया कि लड़की 10 जनवरी 2025 की रात 4 बजे घर से लापता हुई। वो अपने साथ 59,3000 रुपये नकद, 8 तोले सोने के जेवर और कीमती कपड़े भी साथ लेकर गई है।

परिजनों और भाजपा नेता प्रताप सिंह ने एसपी ऑफिस में प्रदर्शन कर पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने माँग की कि 24 घंटे के भीतर लड़की बरामद की जाए।

इस बीच, गुर्जर समाज के समाजसेवी नागेन्द्र गुर्जर ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर राशिद की जानकारी देने वाले को 50 हजार का ईनाम देने की घोषणा की है। नागेंद्र गुर्जर ने कहना है कि जिंदा या मुर्दा, कोई भी व्यक्ति राशिद को लाएगा, उसे 50 हजार का ईनाम देंगे। राशिद ने गुर्जर समाज की नाबालिग बेटी पर हाथ डालकर बहुत गलत काम किया है।

इस बीच, पुलिस ने राशिद के परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और दावा किया है कि आरोपित की जल्द गिरफ्तारी होगी। एसपी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और लड़की को जल्द ही सुरक्षित बरामद किया जाएगा।

मेनस्ट्रीम मीडिया ने बताया ‘तान्त्रिक’, हिंदुओं पर तानी बदनामी की तलवार

इस पूरे मामले को देखें तो आरोपित राशिद खान, जो कि मुस्लिम है, उसे मेनस्ट्रीम मीडिया ने ‘तान्त्रिक’ बताया है। ‘तान्त्रिक’ शब्द आम तौर पर हिंदू व्यवस्था के तहत इस्तेमाल होता है। ऑपइंडिया ने पाया है कि कम से कम 5 हिंदी मीडिया आउटलेट्स ने अपनी हेडलाइन्स में ‘तान्त्रिक’ शब्द का इस्लेमाक दिया। आजतक ने तो सीधे उसे तान्त्रिक ही कहा, ये बताए बगैर कि आरोपित मुस्लिम है।

आजतक की खबर का स्क्रीनशॉट

दैनिक भास्कर ने भी अपने समाचार में तान्त्रिक शब्द का इस्तेमाल किया है, और उसने भी ये बताना जरूरी नहीं समझा कि आरोपित कौन है।

भास्कर के समाचार का स्क्रीनशॉट

ईटीवी भारत ने अपने समाचार में आरोपित का नाम तो शामिल किया, लेकिन उसे तान्त्रिक ही बताया।

ईटीवी के समाचार का स्क्रीनशॉट

टीवी9 भारतवर्ष ने ये तो बताया है कि आरोपित मुस्लिम है, लेकिन उसने भी तान्त्रिक शब्द इस्तेमाल करने से परहेज नहीं किया।

लाइव हिंदुस्तान ने अपने समाचार में ‘तान्त्रिक’ शब्द का तो इस्तेमाल किया, लेकिन आरोपित मुस्लिम है, ये बताना जरूरी नहीं समझा।

लाइव हिंदुस्तान के समाचार का स्क्रीनशॉट

बता दें कि लगातार ऐसी हरकतें करता रहा है, जिसमें जादू-टोना करने वाले इस्लामी आलिमों को तान्त्रिक बता दिया जाता है। ये साफ तौर पर हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश लगती है।

बहरहाल, इस पूरे मामले में ग्रामीणों ने पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया और कहा कि मुस्लिम बाहुल्य गाँव में उनकी सुरक्षा पर हमेशा खतरा बना रहता है। वहीं, सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर नाराजगी जाहिर की जा रही है। समाज में शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग जोर पकड़ रही है। फिलहाल, गाँव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

‘महाकुंभ मेला क्षेत्र में अस्पताल में लगी भीषण आग’: इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथी वायरल वीडियो शेयर करके फैला रहे झूठ, जानें पूरी सच्चाई

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आज सोमवार (13 जनवरी 2025) को विधिवत शुरुआत हो गई। हिंदुओं के सबसे बड़े इस धार्मिक आयोजन में देश-दुनिया के करोड़ों लोग पहुँच रहे हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूरा कर रहे हैं। सरकार इसे भारत की सांस्कृतिक एवं विरासत तौर पर प्रस्तुत कर रही है। हालाँकि, समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कुंभ को बदनाम करने में लगे हुए हैं।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक टेंट के पास धुँआ निकलते हुए दिख रहा है और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी इससे निपटने के प्रयास में लगे हुए हैं। इस वीडियो को वायरल करके दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के हॉस्पिटल में लगी भीषण आग है।

एडवोकेट नाजनीन अख्तर नाम की एक X (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने इसे शेयर किया और ऐसा ही दावा किया। सायमा अख्तर नाम की एक अन्य यूजर ने लिखा, “महाकुंभ मेला क्षेत्र के हॉस्पिटल में लगी भीषण आग।” सैयद हसन इमाम जैदी ने भी वीडियो को शेयर कर यही दावा किया।

प्रयागराज महाकुंभ को बदनाम करने के लिए इस तरह के झूठे दावे किये जा रहे हैं। सुदर्शन न्यूज के पत्रकार सागर कुमार ने यह दावा किया है। उन्होंने इस तरह के दावे करने वाले लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस से एक्शन लेने की भी माँग की है।

सागर कुमार ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कैसे जिहादी कुंभ को बदनाम करने पर लगे हुए है। मॉक ड्रिल को देखिए कैसे बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस नज़नीन अख़्तर के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्यवाही की जाए।”

पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ ही कुंभ के आधिकारिक शुरुआत के साथ ही इस वीडियो को वायरल करने की गति बढ़ गई है। हालाँकि, यह वीडियो पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एमपी कवरेज नाम के हैंडल ने 3 जनवरी 2025 को लिखा था, “प्रयागराज, महाकुंभ मेला क्षेत्र के अस्पताल में आज सुबह लगी भीषण आग 8 लोग घायल होने की सूचना।”

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर भी 4 जनवरी को ऐसा ही दावा किया गया था।

इसके बाद 6 जनवरी 2025 को भी ऐसा ही दावा किया गया था।

पत्रकार ने इसे मॉक ड्रिल बताया है, जिसे आग लगने की घटना के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। बता दें कि कुंभ में आग लगने की घटना साल 2013 में हुई थी, जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। इसमें 6 महिलाओं और 3 बच्चों सहित लगभग दो दर्जन कल्पवासी घायल हो गए थे। उस समय कुंभ मेले का प्रबंधन आजम खान के हाथ में था।

माथे पर तिलक, तन पर भगवा और मन में उत्साह: महाकुंभ में विदेशी श्रद्धालुओं का लगा तांता, रूसी महिला बोली- ‘मेरा भारत महान’, ब्राजील का युवक बोला- ‘मैं मोक्ष पाने आया’

प्रयागराज में आयोजित हो रहे महाकुंभ का पौष पूर्णिमा के मौके पर सोमवार (13 जनवरी, 2025) से आरम्भ हो गया। सुबह से ही प्रयागराज में अलग-अलग घाटों पर लाखों की भीड़ ने आस्था की डुबकी लगाना चालू कर दिया। भारतीयों के साथ इस पर्व में विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हुए। कुछ ने इसे मोक्ष प्राप्ति का रास्ता बताया तो कई इतने बड़े आयोजन को देख कर आश्चर्यचकित रह गए। एक विदेशी महिला श्रद्धालु ने आस्था के इस सैलाब को देख कर ‘मेरा भारत महान’ कहा।

प्रयागराज के अलग-अलग घाटों में सुबह 3 बजे से ही स्नान चालू हो गया था। सुबह 9:30 बजे तक ही 60 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान कर लिया था। इसमें बड़ी संख्या उनकी भी रही जो विश्व के दूसरे हिस्सों से आए थे। एक रूसी महिला श्रद्धालु ने यहाँ स्नान करने के बाद कहा, “मेरा भारत महान… मैं रूस से यहाँ आई हूँ। मैं यूरोप में काम करती हूँ, हम महाकुंभ में पहली बार शामिल हो रहे हैं। भारत अद्भुत है। हम काफी उत्साहित हैं और यहाँ पर असल भारत दिख रहा है, यहाँ जो कुछ मुझे महसूस हो रहा है, मैं उसे शब्दों में नहीं बता सकती।”

ब्राजील से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “मैं योग करता हूँ और मैं मोक्ष की तलाश में हूँ। भारत विश्व की धर्म की राजधानी है। मैं पहले वाराणसी गया था और अब यहाँ आया हूँ। यहाँ पानी जरूर ठंडा है, लेकिन मेरा मन भावों के चलते एकदम गर्मजोशी में है। जय श्री राम।”

इटली से आए श्रद्धालु ने प्रयागराज में महाकुंभ आयोजन में की गई व्यवस्था की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अगर अच्छा प्रबंध ना होता तो इसका आयोजन असंभव होता। दक्षिण अफ्रीका से आए भगवा वेश वाले एक श्रद्धालु ने कहा, “यह अद्भुत है। सारी सड़कें साफ़ है। लोग हमें सहयोग कर रहे हैं। हम तिलक लगाते हैं क्योंकि हम सनातनी है। हम इसे पढ़ाते हैं और विश्व में इसका प्रचार भी करते हैं। हम यहाँ 1 जनवरी, 2025 को आए थे। उसके बाद वाराणसी पहुँचे और फिर हम यहाँ आए हैं।”

प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, प्रशासन और रेलवे समेत तमाम विभागों ने अलग-अलग इंतजाम किए हैं। प्रयागराज महाकुंभ में लगातार पुलिस कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग चल रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने शाही स्नान के दिनों पर बसों में किराया मुफ्त कर दिया है। 7000 बसें प्रयागराज के लिए चलाई जा रही हैं। पुलिस और बाकी सुरक्षा एजेंसियों के 40000 जवान यहाँ तैनात हैं। इसके अलावा एक विशेष एप भी तैयार किया है।

दुबई के ‘खबरबाज’ ने हिन्दुओं के महासंगम पर फैलाई फर्जी जानकारी, महाकुंभ को कहा- ‘BJP का कार्यक्रम’: भारत विरोधी ‘रायटर्स’ के चलते बना मूर्ख, जानें सच्चाई

सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर हर खबर सनसनी के रूप में प्रस्तुत करने के चक्कर में दुबई के एक खबरबाज ने महाकुंभ को लेकर झूठ फैलाया। दुबई से बैठ कर दुनिया-जहान की खबरें चलाने वाले एक ऐसे ही खबरबाज मारियो नॉफल ने प्रयागराज में आयोजित हो रहे हिन्दुओं के समागम महाकुंभ को भाजपा समर्थित आयोजन बता डाला। उसने महाकुंभ से जुड़े भारी-भरकम आँकड़े देते-देते दावा किया कि हजारों करोड़ से आयोजित होने वाला यह मेला राजनीति से जुड़ा है।

मारियो ने एक्स पर महाकुंभ के विषय में किए गए ट्वीट में बताया कि कैसी व्यवस्थाएँ इस आयोजन के लिए की गई हैं। उसने बताया कि महाकुंभ में 40 करोड़ से अधिक लोग आएँगे, इसके लिए 4000 हेक्टेयर का शहर बसाया गया है। इसके बाद मारियो ने बताया कि 98 विशेष ट्रेनें और 40000 पुलिसकर्मियों का इंतजाम किया गया है। हालाँकि, इसके बाद उसने गलत जानकारी दी। मारियो ने लिखा, “इस आयोजन की लागत 765 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6300 करोड़) है और इसे भाजपा समर्थित हिंदू विरासत के आयोजन के रूप में देखा जा रहा है।”

हिन्दुओं के इस महाआयोजन को लेकर मारियो की गड़बड़ समझ के पीछे भारत और हिन्दू विरोधी संस्थान रायटर्स है। उसकी ही रिपोर्ट में असल में यह दावा किया कि यह आयोजन भाजपा का है। रायटर्स ने एक रिपोर्ट में लिखा, “एक सफल महाकुंभ से भाजपा का अपने हिंदू वोटर के लिए भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को वापस लेने और महिमामंडित करने का रिकॉर्ड चमकेगा, इसका वादा पीएम मोदी और CM आदित्यनाथ ने तब से किया है जबसे उनकी हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी 2014 में राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में आई है।”

यानी रायटर्स के अनुसार भाजपा महाकुंभ को अपने लिए इस्तेमाल कर रही है और मात्र हिन्दुओं में अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए यह आयोजन करती आ रही है। जबकि असल बात यह है कि महाकुंभ का आयोजन हर 12 वर्ष में 4 शहरों- हरिद्वार, नासिक, उज्जैन और प्रयागराज में होता है। यहाँ करोड़ों लोग इकट्ठा होते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा और मेले का प्रबंधन की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। इसके लिए उस राज्य सरकार को केंद्र सरकार भी सहायता देती है। भाजपा के अलावा जो भी पार्टी सत्ता में होगी, उसे यह आयोजन करवाना होगा।

ऐसे में रायटर्स का यह दावा करना कि भाजपा इसका इस्तेमाल कर रही है और यह आयोजन उसके द्वारा करवाया जा रहा है, पूरी तौर से गलत है। यह रायटर्स जैसे बाकी मीडिया संस्थानों की भारत और हिन्दू विरोधी छवि को और पक्का करता है। कुंभ का आयोजन किसी पार्टी से जुड़ा ना होकर हिन्दू विश्वास और पुराणों में लिखी कथाओं पर आधारित है। यह उन्हीं चार जगह पर हो होता है, जहाँ समुद्र मंथन के बाद अमृत की बूँदे गिरी थीं। इसके पीछे कथाएँ भी हैं। जब राजनीति और राजनीतिक दलों का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से कुंभ चला आ रहा है।

कोयंबटूर में ATS के औचक छापे में 31 बांग्लादेशी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज बनवाकर भारत में कर रहे थे काम: त्रिपुरा में भी BSF ने सीमा पर तस्करों पर की कार्रवाई; 3 को दबोचा

कोयंबटूर की एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के विरुद्ध औचक निरीक्षण करते हुए 31 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। एटीएस ने इन्हें तिरुप्पुर और कोयंबटूर जिले से पकड़ा है। इसके अलावा त्रिपुरा में भी बांग्लादेशियों द्वारा किए जा रही हथियारों की तस्करी का खुलासा हुआ है और साथ ही तीन बांग्लादेशी घुसते हुए भी पकड़े गए हैं

जानकारी के मुताबिक, कोयंबटूर में एंटी टेररिस्ट स्कॉड की पाँच टीमों की कार्रवाई में बांग्लादेशी धराए गए। ये लोग तिरुप्पुर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में लंबे समय से रुके हुए थे और यही ठहरकर काम करते थे। पूछताछ में सामने आया कि इन लोगों ने बंगाल के रास्ते से देश में एंट्री ली थी और फिर यहीं आकर फर्जी दस्तावेज बनाए थे। बाद में ये सब तिरुप्पुर लौट गए।

इन 5 एटीएस टीमों में 4-4 पुलिसकर्मी थे। इन्होंने एक ही रात में कार्रवाई करते हुए 31 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया। बाद में इन्हें पल्लादम और तिरुप्पुर पुलिस को सौंप दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब असम के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि बांग्लादेश में कई घुसपैठिए छिपे हैं और तमिलनाडु पुलिस उनकी जाँच करे।

बात करें त्रिपुरा की तो वहाँ के सिपाहीजाला जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर धारदार हथियारों से लैस तस्करों के एक समूह ने तस्करी करने का प्रयास किया, जिसपर महिला जवानों ने दो राउंड फायरिंग करके तस्करों के प्रयास को विफल कर दिया। इनके पास से भारी मात्रा में चीनी और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुए।

पिछले कुछ दिनों में बीएसएफ की सतर्कता के चलते तस्करी के एक नहीं कई प्रयास नाकाम हुए। फोर्स ने इस दौरान तस्करों से 10 मवेशियों को बचाया, 100 किलो चीनी, 16 किलो गांधा, भारी मात्रा में कपड़े और 50 लाख से अधिक मूल्य का सामान जब्त किया।

इसके अलावा 11 जनवरी को एक अन्य अभियान में, जिला खोवाई के अंतर्गत बीओपी गौरनगर के बीएसएफ जवानों ने 3 बांग्लादेशी नागरिकों को उस समय गिरफ्तार किया जब वे बांग्लादेश में जाने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक बांग्लादेश के ब्राह्मणबारिया जिले के हैं। बीएसएफ द्वारा पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों ने बताया कि उन्होंने भारतीय दलाल के साथ भारत में एंट्री की थी।

400 मुस्लिम घरों के बीच सिर्फ 20 दलित परिवार… अत्याचार से तंग आकर पलायन को हुए मजबूर: अलीगढ़ के दाऊदपुरा में पोस्टर, पुलिस की कार्रवाई के बाद हटे

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के दाऊदपुर कोटा गाँव से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यहाँ दलित परिवारों ने अपने घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाकर गाँव छोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। इन परिवारों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के लोग उन्हें लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। वे न केवल उनके सामाजिक और धार्मिक अधिकारों में हस्तक्षेप करते हैं, बल्कि छोटी-छोटी बातों पर हिंसा पर उतर आते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाँ थाना इलाके का दाऊदपुर कोटा एक मुस्लिम बहुल गाँव है, जहाँ करीब 400 मुस्लिम परिवार रहते हैं। वहीं कुल 60 हिंदू परिवारों में से दलित परिवारों की संख्या मात्र 20 है। आरोप है कि गाँव में दलित समुदाय को हर स्तर पर दबाया जा रहा है। कभी उनके बच्चों को स्कूल में तंग किया जाता है तो कभी उनकी बहन-बेटियों को परेशान किया जाता है। हाल ही में एक शादी के दौरान डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ था, जहाँ बारातियों पर हमला कर दिया गया था।

ग्रामीण जयंती देवी ने बताया कि उनकी पड़ोसी दरकशा नाम की महिला की बकरी उनके घर में घुसकर आटा और दूध खराब कर गई। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो दरकशा और उसके शौहर ने उनके साथ मारपीट की। जयंती देवी का आरोप है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। आए दिन किसी न किसी बहाने से उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जाता है।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस में शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के दबंग लोग पुलिस को पैसे खिलाकर मामलों को रफा-दफा करवा देते हैं। हाल ही में ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें हटवा दिया।

मकानों पर लगे पोस्टर, जिन्हें पुलिस ने हटवा दिया (फोटो साभार: अमर उजाला)

ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि घरों के बाहर खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए जाते हैं। घरों पर गंदगी फेंकी जाती है। महिलाएँ और बेटियाँ घर से बाहर निकलने में डरती हैं। शादी-ब्याह जैसे कार्यक्रमों में भी दखल दिया जाता है। कुछ समय पहले एक शादी के दौरान बारात चढ़ने से रोक दी गई थी।

पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की है कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। उनका कहना है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूर होकर पलायन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गाँव में अमन-चैन नहीं लौटता, तब तक वे सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे।

थाना जवाँ प्रभारी हेमंत मावी ने बताया कि मारपीट के मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने मकान बेचने के पोस्टर अपने घरों पर लगा लिए थे, जिन्हें हटवा दिया गया है।

पौष पूर्णिमा के अमृत स्नान के साथ ही प्रयागराज महाकुंभ 2025 का शुभारंभ, 1+ करोड़ श्रद्धालु करेंगे स्नान: विदेशियों से लेकर बॉलीवुड तक का जमावड़ा, जानिए कैसे जाएँ और कहाँ ठहरें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आधिकारिक तौर पर आज सोमवार (13 जनवरी 2025) को पौष पूर्णिमा के अवसर पर शुभारंभ हो गया। 144 साल लगने वाले इस महाकुंभ में देश-दुनिया भर से आए श्रद्धालु पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। संन्यासियों ने पहला अमृत स्नान (पहले शाही स्नान या पेशवाई कहा जाता था) किया।

माना जा रहा है कि आज लगभग 1 करोड़ लोग स्नान करेंगे। वहीं 14 जनवरी को 7 करोड़ लोग स्नान करेंगे। पीएम मोदी और सीएम योगी ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ दी हैं। इस स्नान के साथ ही महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं का ‘कल्पवास’ शुरू हो गया है। शैव, शाक्त, वैष्णव सहित विभिन्न संप्रदायों के साधु कुल छह अमृत स्नान करेंगे।

14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन दूसरा अमृत स्नान, 29 जनवरी मौनी अमावस्या के अवसर पर तीसरा अमृत स्नान, 3 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर चौथा अमृत स्नान, 12 फरवरी को माघी पूर्णिमा के अवसर पर पाँचवाँ अमृत स्नान और 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर छठा एवं अंतिम अमृत स्नान होगा। हालाँकि, कुछ रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कुल तीन ही अमृत स्नान होंगे।

इनमें पहला मकर संक्रांति को, दूसरा मौनी अमावस्या और तीसरा बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा। इसके अलावा माघी पूर्णिमा, पौष पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के दिन भी कुंभ स्नान किया जाता है, जिसे अमृत स्नान नहीं माना जाता है। जो भी हो, 26 फरवरी यानी लगभग 45 दिन तक चलने वाले हिंदुओं के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में लगभग 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में व्यवस्था

श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई समस्या ना हो, इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में मेला क्षेत्र में व्यापक प्रबंध किए गए हैं। राज्य सरकार ने महाकुंभ क्षेत्र को राज्य का 76वाँ जिला घोषित किया है। लगभग 4000 हेक्टेयर भूमि पर फैले मेला क्षेत्र को 25 सेक्टर में बाँटा गया है। स्नान करने केलिए कुल 41 घाट तैयार किए गए हैं। इनमें 10 पक्के घाट हैं, जबकि 31 घाट अस्थायी हैं।

गंगा, यमुना और सरस्वती के मिलन वाला संगम घाट प्रयागराज का सबसे प्रमुख घाट है। मेला क्षेत्र में प्रवेश के लिए वाले 8 जिलों के 7 प्रमुख मार्गों पर 102 चौकियाँ स्थापित की गई हैं। प्रशासन द्वारा मेला क्षेत्र में 10 लाख लोगों के रुकने की व्यवस्था की गई है। इनमें फ्री और पेड दोनों तरह की व्यवस्थाएँ शामिल हैं। इसके अलावा मेला क्षेत्र में 100 आश्रयस्थल हैं। इनमें से हर आश्रयस्थल में 250 बेड हैं।

इसके साथ ही 10 हजार से अधिक स्वयंसेवी संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है। संगम के आसपास कुल 3000 बेड के रैन बसेरे बनाए गए हैं। महाकुंभ जिले में कुल 204 गेस्ट हाउस, 90 धर्मशालाएँ हैं। इन सबमें ठहरने की व्यवस्था है। इसके अलावा स्टेशन के बाहर प्रयागराज नगर निगम ने रैन बसेरे बनाए हैं। उनमें ठहरने के साथ-साथ ठंड से बचाव की सारी व्यवस्थाएँ की गई हैं।

कड़ी सुरक्षा

कुंभ क्षेत्र में मेडिकल इमरजेंसी आदि के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। हर सेक्टर में एक सेंट्रल हॉस्पिटल के साथ-साथ 20 बेड का एक अस्पताल बनाया गया है। सभी घाटों पर 300 से अधिक गोताखोरों को तैनात किया गया है। कई वाटर एम्बुलेंस को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा, महाकुंभ में NSG कमांडो और यूपी पुलिस के जवानों की निगरानी वाली 7 स्तरीय सुरक्षा बनाई गई है।

इसके अलावा, स्पॉटर और 15 हजार सिविल जवान संदिग्ध लोगों एवं गतिविधियों पर नजर रखेंगे। मेले में भीड़ प्रबंधन और निगरानी के लिए AI संचालित कैमरे, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। संगम और उसके आसपास के जलमार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और निगरानी के लिए 113 ड्रोन तैनात किए गए हैं। बिजली के खंभों पर 50,000 से अधिक क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं मेला क्षेत्र में अपना लोकेशन निर्धारित कर सकेंगे।

कुंभ में बॉलीवुड और राजस्व

केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, इस बार महाकुंभ में 15 लाख विदेशी पर्यटक आएँगे। इसको देखते हुए भारतीय संस्कृति को यहाँ प्रमोशन की भी व्यवस्था की गई है। यहाँ विदेशी पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेद, योग और पंचकर्म जैसी सुविधाओं वाला एक टेंट सिटी स्थापित किया गया है। इसके अलावा भी कई तरह की व्यवस्थाएँ की गई हैं।

भारत की कला, संस्कृति और विरासत का उत्सव मनाने के लिए सेक्टर-7 में 10 एकड़ में ‘कलाग्राम’ नामक स्थल स्थापित किया गया है, जिसमें बॉलीवुड एवं कला जगत के बड़े-बड़े दिग्गज हिस्सा लेंगे। कैलाश खेर, मोहित चौहान, शंकर महादेवन, कविता कृष्णमूर्ति, हरिहरन, हंसराज हंस और मैथिली ठाकुर प्रस्तुति देंगे। कलाग्राम में चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति वाला एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया गया है।

यूपी सरकार के मुताबिक, इस महाकुंभ से राज्य सरकार को 25,000 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो सकता है। इसमें हिस्सा लेने वाले स्थानीय स्वयं सहायता समूहों, कारीगरों, होटल व्यवसायियों, होमस्टे मालिकों, रेस्तरां संचालकों और खाद्य विक्रेताओं को लाभ होगा। डाबर, मदर डेयरी और आईटीसी जैसे प्रमुख ब्रांडों द्वारा 3,000 करोड़ रुपए के उत्पाद यहाँ खर्च किए जाने का अनुमान है।

कहाँ तक चलेंगी ट्रेनें?

महाकुंभ के लिए रेलवे ने 3000 स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं, जो 13000 से अधिक फेरे लगाएँगी। आने वाले यात्रियों के भीड़ के प्रबंधन के लिए प्रयागराज जंक्शन के अलावा 8 सब-स्टेशन बनाए गए हैं। इन सारे स्टेशनों में आने और बाहर निकलने के लिए के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। कानपुर, दीनदयाल उपाध्याय, सतना, झाँसी रूट की ट्रेनें प्रयागराज जंक्शन पर रुकेंगी और यहीं से खुलेंगी। इन रूटों की रूटीन ट्रेनों को नैनी और छिवकी जंक्शन पर रोका जाएगा।

लखनऊ, अयोध्या और जौनपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को फाफामऊ स्टेशन, प्रयाग स्टेशन और प्रयागराज संगम स्टेशन पर रोका जाएगा। अमृत स्नान वाले दिनों पर ट्रेनों को प्रयागराज संगम स्टेशन तक नहीं आने दिया जाएगा। कानपुर की तरफ से आने वाली ट्रेनों को सूबेदारगंज स्टेशन पर रोका जाएगा। वाराणसी, गोरखपुर और मऊ की तरफ से आने वाली ट्रेनों को झूँसी और रामबाग स्टेशन पर रोका जाएगा।

संभल में सरकारी जमीन पर बनी दुकानों से मस्जिद कमिटी वसूलती थी किराया, योगी सरकार ने दिया 24 घंटे का अल्टीमेटम: तीर्थ-कूपों के संरक्षण के लिए बनी समिति, पतंजलि से भी समझौता

उत्तर प्रदेश के संभल में अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। अब जिला प्रशासन ने संभल में मस्जिद के बगल में बनी अवैध दुकानों को तोड़ने का आदेश दिया है। इनमें से एक दुकान को तोड़ भी दिया गया है। यह कार्रवाई एक पुराने कुँए की खुदाई के दौरान की गई। यह भी सामने आया है कि दुकानें तो सरकारी जमीन पर बनी हैं लेकिन इनका किराया मस्जिद कमिटी वसूला करती थी। इनको 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संभल कोतवाली के सामने बनी मस्जिद के कुँए की खुदाई के दौरान डीएम राजेन्द्र पैंसिया को आसपास अतिक्रमण दिखाई पड़ा। उन्होंने रविवार (12 जनवरी, 2024) को इस संबंध में पूछताछ की तो पता चला कि यहाँ पर बनी 12 दुकानें अवैध हैं। इनमें से एक दुकान को तुरंत ही तोड़ दिया गया। इसके अलावा बाकी 11 दुकानों को भी अल्टीमेटम दिया गया। SDM वंदना मिश्रा ने बताया कि यह दुकानें सड़क पर कब्जा करके बनाई गई थीं और पैमाइश में यह अवैध निकलीं।

दुकानदार इससे सम्बन्धित कोई कागज भी नहीं दिखा पाए। संभल SDM वंदना मिश्रा ने इसके बाद दुकानदारों के साथ बैठक की। दुकानदारों को अल्टीमेटम दिया गया कि वह 24 घंटे के भीतर यह अतिक्रमण हटा लें वरना प्रशासन बुलडोजर कार्रवाई करके सभी दुकानें तोड़ देगा। यह भी सामने आया कि दुकानें जहाँ सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थीं तो वहीं इनका किराया मस्जिद कमिटी वसूलती थी। कुछ दुकानदारों ने इसके बाद सामान खाली करना चालू कर दिया है।

वहीं जिस कुँए की खुदाई हो रही थी, उस पर अभी और काम होगा। संभल में लगातार सामने आ रहे तीर्थ और कूपों के संरक्षण के लिए अब प्रशासन ने एक समिति का गठन भी कर दिया है। संभल में धार्मिक पर्यटन और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कल्कि देव तीर्थ समिति का गठन किया गया है। इस समिति के मुखिया जिले के डीएम राजेन्द्र पैंसिया और सह अध्यक्ष एसपी कृष्ण बिश्नोई को बनाया गया है। इसके अलावा इसमें कई संत और शहर के गणमान्य व्यक्ति शामिल किए गए हैं।

डीएम ने इस बैठक में जानकारी दी है कि संभल में 68 तीर्थ में से 34 को चिन्हित कर लिया गया है और उन पर काम हो रहा है। इसी बैठक में इस समिति और पतंजलि समूह के बीच एक MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं। इससे पहले संभल में कई तीर्थों की खुदाई और उन्हें संवारने का काम चालू भी हो चुका है जिनमें चंदौसी की बावड़ी प्रमुख है।

जिस ट्रेन से महाकुंभ जा रहे थे 36 श्रद्धालु, उस पर जलगाँव में बरसाए गए पत्थर: खिड़की चकनाचूर, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में बैठे यात्री दहशत में आए

सूरत से बलिया जा रही ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन पर महाराष्ट्र के जलगाँव के पास पथराव की खबर है। इस ट्रेन में महाकुंभ मेले के लिए प्रयागराज जा रहे यात्री सवार थे। यह घटना रविवार (12 जनवरी 2024) को 15.17 बजे हुई, जब ट्रेन जलगाँव स्टेशन से आगे बढ़ी ही थी। अज्ञात लोगों द्वारा किए गए इस पथराव से बी-6 कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। इस घटना से यात्रियों में डर का माहौल बन गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताप्ती-गंगा एक्सप्रेस ट्रेन के बी-6 कोच में सूरत के उधना से 36 श्रद्धालु सवार हुए थे, जिनमें 5 बच्चे, 6 बुजुर्ग, 13 महिलाएँ और 12 पुरुष शामिल थे। सभी श्रद्धालु महाकुंभ मेले के पहले शाही स्नान में हिस्सा लेने जा रहे थे। पथराव की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दी गई, जिसके बाद मामले की जाँच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद बी-6 कोच के यात्रियों ने बताया कि अचानक तेज आवाज आई और खिड़की का काँच टूट गया। कुछ यात्रियों ने बताया कि पथराव के दौरान कई पत्थरों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे कोच में दहशत फैल गई। इस बीच, यात्रियों की तरफ से वीडियो रिलीज किया गया है, जिसमें कम से कम 2 खिड़कियों के सीसों को नुकसान पहुँचा है।

आरपीएफ इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि दोपहर बाद 15.17 मिनट पर ट्रेन प्लेटफॉर्म से बामुश्किल 16-17 कोच की दूरी तक ही आगे बढ़ी थी कि बाईं तरफ से पत्थर ट्रेन पर आया। भुसावल में ट्रेन की जाँच की गई, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। हालाँकि पत्थरबाज का अब तक पता नहीं चल पाया है।

मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की चार सदस्यीय टीम ट्रेन में तैनात कर दी गई। रेलवे पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जाँच की जा रही है।

अधिकारियों का मानना है कि यह हमला संभवतः असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया हो सकता है। घटना के बाद से यात्रियों को अतिरिक्त सुरक्षा का भरोसा दिया गया है।

‘युवाओं के पास हर समस्या का समाधान, मैं उनका परम मित्र’ : प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई विकसित भारत की राह, आने वाले 25 सालों को बताया ‘अमृतकाल’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती पर ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद 2025’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच साझा की। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में 15 से 29 वर्ष के करीब 3,000 युवा शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं की ऊर्जा, आत्मविश्वास और सामर्थ्य देश को जल्द से जल्द एक विकसित राष्ट्र बना सकता है।

उन्होंने कहा, “स्वामी विवेकानंद जी को देश के नौजवानों पर बहुत भरोसा था। वे कहते थे कि मेरा विश्वास युवा पीढ़ी में है। जैसे स्वामी जी को युवाओं पर विश्वास था, वैसे ही मुझे भी है। भारत के युवा हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं।”

युवाओं के साथ ‘परम मित्र’ वाला रिश्ता

पीएम मोदी ने युवाओं के साथ अपने रिश्ते को ‘परम मित्र’ वाला बताया। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, “कुछ महीने पहले, जब मैं युवा एथलीटों से मिला था, तो एक खिलाड़ी ने कहा, ‘मोदी जी, आप दुनिया के लिए प्रधानमंत्री हो सकते हैं, लेकिन हमारे लिए पीएम का मतलब है परम मित्र।'”

उन्होंने कहा, “दोस्ती की सबसे मजबूत कड़ी होती है विश्वास। मुझे आप पर विश्वास है, और यही विश्वास मुझे प्रेरित करता है। ‘माई भारत’ डॉट कॉम और ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ की शुरुआत इसी विश्वास का परिणाम है।”

इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों मजबूत

प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं के सामने विकसित भारत की परिकल्पना को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “विकसित भारत वह होगा जो आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और सामरिक रूप से मजबूत होगा। जहाँ इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों समृद्ध होंगी। जहाँ अच्छी शिक्षा और रोजगार के ज्यादा अवसर होंगे।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के सामने आने वाले 25 साल ‘अमृतकाल’ के हैं। “यह समय हमारे सपनों को साकार करने का है। जब हर नीति और हर कदम का लक्ष्य विकसित भारत होगा, तो दुनिया की कोई ताकत हमें रोक नहीं सकती।”

पीएम मोदी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन का किया उल्लेख

स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनकी शिक्षाओं का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद ने युवाओं में जो विश्वास जताया था, वही विश्वास आज भी भारत के युवाओं में है। “वे कहते थे कि युवा हर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। आज का भारत इसे सच कर दिखा रहा है।”

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने अमेरिका और सिंगापुर जैसे देशों के उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि कैसे 1930 के दशक में अमेरिका ने आर्थिक संकट से उबरकर तेज विकास किया और सिंगापुर ने अपने मजबूत नेतृत्व और जनता के प्रयासों से खुद को वैश्विक व्यापारिक हब बनाया।

पीएम मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान भारत की सफलता का जिक्र करते हुए कहा, “जब दुनिया वैक्सीन के लिए परेशान थी, तब भारत के वैज्ञानिकों ने रिकॉर्ड समय में वैक्सीन बनाकर दिखा दिया। यह भारत की क्षमता का सबूत है।”

प्रधानमंत्री ने युवाओं को सुझाव देने और राजनीति में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “मैंने लाल किले से 1 लाख नए युवाओं को राजनीति में लाने की बात कही थी। राजनीति एक ऐसा माध्यम हो सकता है, जहाँ आप अपने सुझावों को लागू कर सकते हैं।”

भारत मंडपम से ‘विश्व मंच’ तक

प्रधानमंत्री ने सितंबर 2023 में जी-20 शिखर सम्मेलन की चर्चा करते हुए कहा, “जिस जगह पर वैश्विक नेता दुनिया के भविष्य पर चर्चा करते थे, वहाँ आज भारत के युवा अगले 25 वर्षों का रोडमैप तैयार कर रहे हैं। यह अपने आप में एक प्रेरणादायक पल है।”

प्रधानमंत्री ने युवाशक्ति पर भरोसा जताते हुए कहा, “भारत के युवा आज उल्लेखनीय परिवर्तन ला रहे हैं। यह संवाद एक ऐसा मंच है, जहां उनकी ऊर्जा और नए विचारों को विकसित भारत के लिए एकजुट किया जा रहा है। मेरा विश्वास है कि भारत की युवाशक्ति जल्द ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाएगी।”

प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल युवाओं को प्रेरित करने वाला था, बल्कि यह भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक नई ऊर्जा देने वाला भी साबित हुआ। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए युवाओं को भविष्य का निर्माण करने की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया। “युवाओं की ताकत से कोई भी सपना असंभव नहीं है। विकसित भारत का सपना हमारे सामूहिक प्रयासों से जरूर पूरा होगा।”