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60 वर्ष पुराना मंदिर 30 सालों से बंद, फिरोजाबाद में खंडित मिली प्रतिमाएँ: प्रशासन ने पट खुलवाया, हिन्दू संगठनों ने पढ़ी हनुमान चालीसा

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में रविवार (5 दिसंबर 2024) को 30 साल पुराना एक बंद पड़ा मंदिर मिला है। मंदिर की जानकारी होते ही जहाँ हिन्दू संगठनों ने इसकी सफाई शुरू की, तो वहीं प्रशासन ने महादेव के इस मंदिर में पहुँचकर ताला खुलवाया। यह मंदिर मुस्लिम बहुल इलाके में है। लोगों ने बताया कि इलाके में पहले एक हिन्दू परिवार रहता था मगर अब वो पलायन कर चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला फिरोजाबाद जिले के थानाक्षेत्र रसूलपुर का है। यहाँ के शहीद चौक के पास बेहद संकरी गली नंबर 8 मुस्लिम आबादी मुस्लिम बहुल क्षेत्र मानी जाती है। इसी गली के कोने में एक मंदिर पिछले 30 वर्षों से बंद पड़ा था। बताया जा रहा है कि 3 दशक पहले इस जगह एक हिन्दू परिवार रहा करता था। उसी परिवार द्वारा इस मंदिर को बनवाया गया था जहाँ काफी समय तक नियमित पूजापाठ हुआ।

कुछ समय पहले हिन्दू परिवार इलाके से पलायन कर गया। हिन्दू परिवार के जाते ही मंदिर पर ताला लग गया। धीरे-धीरे वह जगह खंडहर नुमा हो गई। रविवार को यहाँ हिन्दू संगठन से जुड़े लोग पहुँचे और साफ़-सफाई करने लगे। उन्होंने पाया कि मंदिर के अंदर मौजूद मूर्तियाँ भी खंडित हो गई हैं। मंदिर के गुंबद पर अभी तक जंजीर लटक रही थी। माना जा रहा है कि इसी जगह पर घंटा लटका रहा होगा। दीवालों पर धार्मिक लाइनें लिखी हुई हैं। यहाँ हनुमान चालीसा का पाठ भी हुआ।

मामले की जानकारी प्रशासन को मिली तो पुलिस फ़ौरन मौके पर पहुँची। पुलिस की मौजूदगी में मंदिर का ताला खोला गया। इस दौरान कोई विरोध नहीं हुआ। सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र सिंह के मुताबिक मंदिर लगभग 60 वर्ष पुराना है। इसका निर्माण 1963 में हुआ था। स्थानीय हिन्दुओं ने मंदिर खोले जाने को अपने धार्मिक अधिकार वापस मिलने जैसा बताया है। हिन्दू संगठन से जुड़े सदस्यों ने जल्द ही इस जगह विधि-विधान से प्रतिमा स्थापित करने का ऐलान किया है।

हिंदू महिला से परमिशन के बिना घुसा दिया कॉपर-टी… ताकि जनसंख्या न बढ़े: जिस नेता ने लगाया यह आरोप, तमिलनाडु पुलिस ने उन्हें कर लिया गिरफ्तार

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले में पुलिस ने रविवार (5 जनवरी 2025) को हिन्दू मुन्नानी संगठन के प्रदेश सचिव के कुट्रालनाथन को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सोशल मीडिया पर भ्रामक खबर फैलाने का आरोप लगाया गया है। के कुट्रालनाथन ने तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने एक हिन्दू महिला की मर्जी के खिलाफ कॉपर टी लगा दी। कुट्रालनाथन ने इसे हिन्दुओं की आबादी कम करने की साजिश करार दिया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मूल रूप से मदुरै की रहने वाली 31 वर्षीया एक महिला नवंबर 2024 में तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल (टीवीएमसीएच) में भर्ती हुई थी। 25 नवंबर को उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बाद में महिला के पिता एस मारुथुपंडियन ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी की मर्जी के बिना कॉपर टी लगा दिया गया। महिला के पिता का यह भी दावा था कि कॉपर टी लगाने के दौरान उनकी बेटी को ब्लीडिंग हुई जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ा।

महिला के पिता ने मेडिकल कॉलेज के स्टाफ पर हिन्दू महिलाओं से भेदभाव के आरोप लगाया था। उनका दावा था कि अस्पताल में किसी गैर हिन्दू महिला को कॉपर टी नहीं लगाई गई। इस बाबत उन्होंने एक शिकायती पत्र भी दिया। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को इतना खून निकला कि उसी के साथ कॉपर टी भी बाहर निकल आई। महिला के पिता की इसी शिकायत को हिन्दू मुन्नानी के प्रदेश सचिव कुट्रालनाथन ने सोशल मीडिया पर शेयर किया था।

के कुट्रालनाथन ने तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों की इस हरकत को हिन्दुओं की आबादी कम करने की साजिश करार दे डाला। उन्होंने अस्पताल के स्टाफ के खिलाफ जाँच और पीड़िता को मुआवजा देने की माँग उठाई। माँगों के पूरा न होने पर के कुट्रालनाथन ने TVMCH के आगे प्रदर्शन का भी ऐलान किया था। हिन्दू मुन्नानी के पदाधिकारी के इन आरोपों को अस्पताल प्रशासन ने बेबुनियाद बताया और पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी।

अस्पताल प्रशासन की इस शिकायत पर पुलिस ने के कुट्रालनाथन के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) में भ्रामक सूचना देने और अशाँति फैलाने की धाराओं 192, 196(1) और 352 के तहत कार्रवाई की गई है। रविवार को के कुट्रालनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद हिंदू मुन्नानी और भाजपा के सदस्यों ने टीवीएमसीएच पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन किया। बाद में के कुट्रालनाथन को जमानत मिल गई।

इस बीच पीड़िता महिला ने भी टीवीएमसीएच के डीन और डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। अपनी शिकायत में पीड़िता ने बताया कि उन्हें बिना उनकी मर्जी के कॉपर टी लगाई गई है। इसी दौरान अस्पताल के कुछ कर्मचारियों ने पीड़िता से एक खाली फॉर्म पर दस्तखत भी करवा लिए थे। पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान ले कर जाँच शुरू कर दी है।

मुँह में ठूंसी गेंद, Anal गैंगरेप के लिए 13 साल की बच्ची पर 5-6 मर्दों को छोड़ा: ब्रिटेन के ग्रूमिंग गैंग की हैवानियत खोल रहे एलन मस्क, चश्मदीदों को जिंदा जलाने की दी जाती थी धमकी

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग के खिलाफ इन दिनों मुखर होकर बोलने वाले एलन मस्क ने हाल में ग्रूमिंग गैंग की दरिंदगी को बताने के लिए कुछ घटनाओं की डिटेल को साझा किया है। इस क्रम में एक 13 साल की बच्ची के साथ हुई हैवानियत की डिटेल भी है।

एलन मस्क के ट्वीट में एक इस्लामी कट्टरपंथी मोहम्मद करार के कुकर्मों का जिक्र है जिसने एक 13 साल की बच्ची को एनल गैंग रेप के लिए तैयार किया था और बाद में 5 से 6 लोग उसपर टूट पड़े। इस दौरान बच्ची के गुदाद्वार को फैलाने के लिए पंप तक का इस्तेमाल किया और उसके बाद एक टाइम तो ऐसा भी आया कि चार-चार मर्दों ने उसके भीतर एक साथ लिंग डाला हुआ था।। वो दर्द से चिल्लाए न इसलिए उसके मुँह में लाल रंग की गेंद डाल दी गई थी।

इतना ही नहीं, मोहम्मद करार ने सिर्फ दूसरों से उसका गैंगरेप नहीं कराया बल्कि खुद भी उसका रेप किया। ये सब उसी समय हुआ जब वो 13 साल की पूरी भी नहीं हुई थी। उसके साथ न केवल ओरल सेक्स किया गया बल्कि वेजाइनल सेक्स भी किया गया।

एलन मस्क द्वारा साझा किया गया ये स्क्रीनशॉट www.judiciary.uk पर मौजूद लीगल दस्तावेज का है जिसमें ग्रूमिंग गैग के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार ग्रूमिंग गैंग से जुड़े इस्लामी कट्टरपंथी चश्मदीदों को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की धमकी देते थे, उन्हें बंदूक दिखाकर डराया धमकाया जाता था। ग्रूमिंग गैंग चश्मदीदों को ये कहकर चुप कराते थे कि अगर उन्होंने किसी को कुछ भी कहा था उनके साथ भी वही होगा तो पीड़िताओं के साथ हो रहा है यानी कई मर्द मिलकर रेप करेंगे। बता दें कि साल 2019 में इसी मोहम्मद करार को इसके 2 भाइयों सहित कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मौजूदा दस्तावेज ये भी बताते हैं कि कैसे ग्रूमिंग गैंग को पुलिस ने संरक्षण दिया हुआ था। दो ऐसे मामले थे जहाँ लड़कियों के पिता को उनकी बेटियों के बारे में पता भी चला और वो उन्हें बचाने भी गए, लेकिन हुआ क्या? जिस जगह पहुँचकर पुलिस को पिता की मदद करनी चाहिए थी, उन्हीं जगहों पर पहुँचकर पुलिस ने लाचार पिता को अरेस्ट कर लिया और आरोपितों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई।

एलन मस्क ऐसे केसों को आधार बनाकर कहते हैं कि सोचकर देखिए कि आप पिता हैं और बेटी को गैंगरेप और हत्या से बचाने के लिए कहीं पहुँचे हैं, लेकिन पुलिस ने उलटा आपको ही गिरफ्तार कर लिया।

ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग

उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग की समस्या आज की नहीं है। सालों से इस गैंग का शिकार हुई पीड़िताओं की कहानी लोगों को चौंकाती रही है। इस गैंग का कनेक्शन सीधा पाकिस्तान के इस्लामी कट्टरपंथियों से था जो चुन-चुन कर छोटी उम्र की गोरी और गैर मुस्लिम लड़कियों को अपना शिकार बनाते, फिर उनका शोषण करते, उनसे अप्राकृतिक रूप से बलात्कार करते, उनकी तस्करी करते और उन्हें हिंसक धमकियाँ देते थे। 2013 के बाद इस गैंग के बारे में दुनिया को पता चला और फिर एक टास्कफोर्स बनी जिसने पिछले वर्ष तक 550 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया था और 4000 से अधिक पीड़ितों की पहचान की थी।

AI रोबोट करेंगे नौकरी, OpenAI कंपनियों में करवाएगी भर्ती: CEO सैम ऑल्टमैन का ऐलान, कहा- अभी ये साइंस फिक्शन जैसा, लेकिन जल्द होगा सच्चाई

जल्द ही कई कंपनियों में इंसानों की जगह पर AI रोबोट (सॉफ्टवेयर) नौकरी करते नजर आएँगे। यह काम 2025 में चालू हो जाने की संभावना है। काम करने के लिए इंसान की जगह AI रोबोट देने की योजना इस तकनीक पर काम करने वाली विश्व की बहुचर्चित कंपनी OpenAI ने बनाई है। इसके CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में अपने ब्लॉग पर इस संबंध में जानकारी दी है।

उन्होंने कहा है कि अभी AI एजेंट की बात साइंस फिक्शन (वैज्ञानिक कल्पना) जैसा लगता है, लेकिन जल्द ही यह सच्चाई होगी। गौरतलब है कि बीते कुछ सालों से यह चर्चा चल रही है कि AI इंसानों को कई क्षेत्रों में रिप्लेस कर देगी और उनकी जगह काम करेगा।

कैसी रही OpenAI की यात्रा

सोमवार (6 जनवरी, 2025) को सैम ऑल्टमैन ने यह ब्लॉग साझा किया है। इसमें उन्होंने अपनी कंपनी की यात्रा और बातचीत करने वाले प्रोडक्ट ChatGPT के बारे में बात की। उन्होंने लिखा, “ChatGPT का दूसरा जन्मदिन महीने पहले ही मनाया गया था, और अब हम ऐसे मॉडल्स की दुनिया में घुस चुके हैं जो कहीं कठिन तर्क वाले काम कर सकते हैं। नए साल में लोग सोच विचार करते हैं। अब मैं इस बारे में कुछ निजी विचार साझा करना चाहता हूँ कि यह कैसे हो रहा है, और कुछ ऐसी चीज़ें जो मैंने इस दौरान सीखी हैं।”

उन्होंने आगे लिखा,”हमने OpenAI की शुरुआत लगभग 9 साल पहले की थी क्योंकि हमारा मानना ​​था कि AGI (आर्टिफिशियल जनरेटिव इंटेलिजेंस) पर काम हो सकता है और यह मानव सभ्यता के इतिहास में सबसे प्रभावशाली तकनीक हो सकती है। हम यह पता लगाना चाहते थे कि इसे बनाया कैसे जाए और इसका फायदा बड़े स्तर पर कैसे। हम इतिहास पर अपनी छाप छोड़ने की कोशिश करने के लिए काफी उत्साहित थे… यह काम समाज को फायदा पहुँचा सकता है।”

ChatGPT का लॉन्च और दुनिया में तहलका

सैम ऑल्टमैन ने इसके बाद बताया कि कैसे सालों तक काम करने के बाद उन्होंने ChatGPT AI को लॉन्च किया और इसने दुनिया भर में तहलका मचा दिया। उन्होंने लिखा, “हमने इसका नाम बदलकर ChatGPT रख दिया, और इसे 30 नवंबर, 2022 को लॉन्च कर दिया। हम हमेशा से ही जानते थे कि किसी समय हम एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेंगे और AI क्रांति की शुरुआत होगी। लेकिन हमें नहीं पता था कि वह समय क्या होगा। हमें यह आश्चर्य हुआ कि यह वही समय निकला।”

उन्होंने कहा, “ChatGPT के लॉन्च ने हमारी कंपनी, हमारी इंडस्ट्री और पूरी दुनिया में एक ऐसी तरक्की की शुरुआत की है, जो हमने पहले कभी नहीं देखी। आखिरकार हम AI से वह बड़ी सफलता देख रहे हैं, जिसकी हमें हमेशा से उम्मीद थी, और हम देख सकते हैं कि जल्द ही और भी बहुत कुछ देखने को मिलेगा। यह आसान नहीं रहा है। इसका रास्ता आसान नहीं रहा है और ऐसा नहीं हुआ कि हमने हमेशा सही विकल्प ही चुने।” उन्होंने कहा कि हमने बीते 2 साल के भीतर ही पूरी कंपनी खड़ी करनी पड़ी।

AI एजेंट करेंगे नौकरी

सैम ऑल्टमैन ने इस ब्लॉग में लिखा, “हमारा विजन नहीं बदलेगा, हमारी रणनीति बदलती रहेगी। उदाहरण के लिए, जब हमने शुरुआत की थी तो हमें नहीं पता था कि हमें एक प्रोडक्ट कंपनी बनानी होगी, हमने सोचा था कि हम सिर्फ़ रिसर्च करेंगे। हमें यह भी नहीं पता था कि हमें इतनी बड़ी पूँजी की ज़रूरत होगी। हमें अभी कुछ नई चीज़ें बनानी हैं जिन्हें हम कुछ साल पहले समझ नहीं पाए थे, और भविष्य में कुछ ऐसी भी तकनीक होंगी जिनकी हम अभी कल्पना भी नहीं कर सकते।”

उन्होंने इसके बाद ऐलान किया कि 2025 में पहले AI एजेंट कम्पनियों को ज्वाइन करने लगेंगे और नौकरी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “हमारा मानना ​​है कि 2025 में हम पहले AI एजेंट को ‘वर्कफोर्स में शामिल होते’ हुए देख सकते हैं और वह कंपनियों के आउटपुट में काफी परिवर्तन ला सकते हैं। हमारा विश्वास है कि अगर हम लोगों को तकनीक देते हैं, तो इससे बड़े परिणाम आते हैं।”

अभी यह साइंस फिक्शन लगता है, लेकिन जल्द सच्चाई होगा

सैम ऑल्टमैन ने लिखा कि अभी यह भले ही कोई साइंस फिक्शन लगता हो लेकिन जल्द ही यह सच्चाई होगा। उन्होंने लिखा, “यह अभी साइंस फिक्शन जैसा लगता है, और इसके बारे में बात करना भी एकदम पागलपन जैसा है। यह भी ठीक ही है, हम पहले भी ये देख चुके हैं और फिर से उसी जगह पर खड़े होने में हमें कोई दिक्कत नहीं है। हमें पूरा विश्वास है कि अगले कुछ सालों में, हर कोई वही देखेगा जो हम देखते हैं.. हमारे काम में आगे की संभावनाओं को देखते हुए, OpenAI कोई ऐसी-वैसी सामान्य कंपनी नहीं हो सकती।”

लड़की का सिर्फ एक बार पीछा करना ‘स्टॉकिंग’ नहीं: नाबालिग के यौन उत्पीड़न मामले पर बॉम्बे हाईकोर्ट की टिप्पणी, दोनों आरोपित हुए बरी

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने एक मामले की सुनवाई मे कहा कि केवल लड़की का पीछा करना भारतीय दंड संहिता (IPC) के 354-D और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा (POCSO) अधिनियम के तहत अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई किसी लड़की का बार-बार पीछा करता है तो वह उसके आचरण के आधार पर अपराध माना जा सकता है।

जस्टिस गोविंद सनप ने इस मामले में एक नाबालिग लड़की का पीछा करने वाले दो आरोपितों को ‘स्टॉकिंग’ के आरोप से बरी कर दिया। घटना के समय लड़की की उम्र 14 साल थी, जबकि दोनों लड़कों की उम्र 19 साल थी। दोनों पर लड़की का पीछा करने का आरोप लगाया हुए उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता और POCSO के तहत मामला दर्ज किया गया था।

जज ने कहा, “यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि पीछा करने के अपराध को तय करने के लिए अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि अभियुक्त ने बार-बार उसे घूरा, पीछा किया या उससे सीधे या इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया। स्टॉकिंग के अपराध की इस अनिवार्य आवश्यकता के मद्देनजर पीड़िता का पीछा करना इस अपराध को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।”

दरअसल, यह मामला जनवरी 2020 का है। पीड़ित लड़की ने अपनी माँ को बताया कि जब वह पानी लाने के लिए नदी के किनारे गई थी तो दोनों आरोपित वहाँ आ गए। इसके बाद, एक दिन आरोपित नंबर 1 या मुख्य आरोपित ने उसे बताया कि वह उसे पसंद करता है और उसके साथ शादी करना चाहता है। हालाँकि, लड़की ने इसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

आरोप है कि लड़के ने 26 अगस्त 2020 को लड़की के घर में जबरन घुस गया और वहाँ उसने लड़की का मुँह बंद करके उसके स्तन को दबाया। इस दौरान दूसरा आरोप घर के बाहर खड़ा रहा। इसके बाद परिजनों ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में निचली अदालत दोनों को लड़की का पीछा करने और यौन उत्पीड़न का दोषी ठहराया।

निचली अदालत के निर्णय का दोनों लड़कों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट के न्यायाधीश गोविंद सनप ने कहा कि पीड़िता ने अपनी गवाही में दूसरे अभियुक्त की कोई विशिष्ट भूमिका नहीं बताई। जज ने कहा कि दूसरा आरोपि पीड़ित के घर के बाहर खड़ा था। इस प्रकार उसे यौन उत्पीड़न या पीछा करने के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता था। कोर्ट ने उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया।

वहीं, मुख्य आरोपित को लेकर कोर्ट ने कहा कि उसने अदालत ने कहा कि उसने पीछा करने का अपराध नहीं किया है, क्योंकि वह केवल एक बार लड़की के पीछे गया। वहीं, यौन उत्पीड़न के अपराध को लेकर कोर्ट ने पीड़िता और उसकी बहन के सबूतों को भी नोट किया। दोनों ने गवाही दी कि मुख्य आरोपित ने उसके घर में घुसकर पीड़िता का मुँह बंद कर दिया और फिर उसके स्तन को दबाया।

न्यायाधीश ने यौन उत्पीड़न के आरोप को सही पाया। इस आधार पर न्यायाधीश ने पहले आरोपों को बरकरार रखा। निचली अदालत ने मुख्य आरोपित को पाँच साल की सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए की जुर्माने की सजा सुनाई थी। हालाँकि, हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपित के युवा उम्र को देखते हुए उसकी सजा को संशोधित कर दिया। वह पहले से ही दो-ढाई साल हिरासत में बिता चुका था।

पूरी दुनिया में होगा इस्लाम का राज… अमेरिका-यूरोप-रूस-चीन सब देशों पर फतह: कनाडा में इसके लिए कॉन्फ्रेंस, आयोजक है आतंकी संगठन

इस्लामी आतंकी संगठन हिज्ब उत तहरीर खलीफा का राज (खिलाफत) कैसे आए, इस पर कनाडा में एक कॉन्फ्रेंस कर रहा है। यह खलीफा कॉन्फ्रेंस कनाडा के मिसीसॉगा में आयोजित की जानी थी। कनाडा के आतंक पर इस ढुलमुल रवैये को लेकर अब प्रश्न उठाए जा रहे हैं। मिसीसॉगा की मेयर ने इस आयोजन का विरोध किया है और कार्रवाई की बात कही है। इसके बाद यह कॉन्फ्रेंस दूसरे शहर में आयोजित की जाएगी। मिसीसॉगा की जगह अब इसे हैमिलटन में करवाया जाएगा।

हिज्ब उत तहरीर की यह कॉन्फ्रेंस 18 जनवरी, 2025 को मिसीसॉगा में होनी थी। मिसीसॉगा शहर में किस जगह पर यह होती, यह नहीं पता चला। लेकिन अब यह हैमिलटन में भी यह किस जगह होगी, यह नहीं बताया गया है।इस कॉन्फ्रेंस का विषय है – ‘खिलाफत की वापसी में देर लगा रहे रुकावटों को हटाना।’

कनाडा खिलाफत तहरीर

इसको लेकर एक फेसबुक पोस्ट भी वायरल है। इस पोस्ट में लिखा है, “हिज्ब उत तहरीर कनाडा आपको इस साल की कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित करता है – खिलाफत: इसकी वापसी में देरी करने वाली बाधाओं को दूर करना… मुस्लिमों पर दुनिया में रही त्रासदियों पर पूरी दुनिया में आक्रोश और सदमा है, लेकिन अल्लाह और अल्लाह के रसूल ने जीत के लिए सही तरीका और रोडमैप पहले ही बता दिया है। इस्लाम को पूरी तरह से लागू करके और खिलाफत की स्थापना करके ही मुसलमान दुनिया में एक बार फिर से अपना सही जगह पा सकते हैं।”

इसमें आगे लिखा गया, “ऐ मुसलमानों, और हम कितने दिन तक खिलाफत के राज के बिना रह सकते हैं? क्या अब भी हम उस अंधेरे से तंग नहीं आए हैं जो हमें कुचल रहा है? क्या हम सही में बदलाव चाहते हैं? तो शनिवार, 18 जनवरी को हमारे स्पीकर्स से मिलें।” इस कॉन्फ्रेंस में खलीफा का राज फिलिस्तीन की आजादी के लिए कैसे जरूरी है इस पर बात होगी।

एक और पोस्ट हिज्ब उत तहरीर ने लिखा, “आज की औपनिवेशिक महाशक्तियों के खिलाफ़ फतह हासिल करने लिए हमें क्या कदम उठाने की ज़रूरत है? जानें कि आज हम जिस स्थिति में हैं, उससे आगे अमेरिका, यूरोप, रूस, चीन और अन्य देशों पर जीत हासिल करने के लिए हमारी उम्माह को क्या करना होगा।” हिज्ब उत तहरीर ने दावा किया कि क्या अमेरिका सही में इतना ताकतवर है जो वह उम्माह को हरा दे। इस कॉन्फ्रेंस में कई मुस्लिम कट्टरपंथी जुड़ रहे हैं, लेकिन इसके आयोजन से पहले विवाद हो गया है।

गौरलतब है कि हिज्ब उत तहरीर भारत समेत इजरायल, इंग्लैंड, जर्मनी, चीन, रूस, तुर्की और बांग्लादेश में प्रतिबंधित इस्लामी आतंकी संगठन है। भारत ने इसे अक्टूबर, 2024 में ही प्रतिबंधित किया था। हिज्ब उत तहरीर 1953 में बना था और यह पूरी दुनिया में इस्लाम के राज की वकालत करता है।

इसके लिए वह खिलाफत को रास्ता बताता है। इस पर कनाडा में प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है और यहाँ यह लगातार अपनी गतिविधियाँ चला रहा है। इससे पहले भी यह इस्लामी देशों में कॉन्फ्रेंस आयोजित करता रहा है। कनाडा में इस कॉन्फ्रेंस के आयोजन को लेकर ट्विटर के मालिक एलन मस्क ने भी प्रश्न उठाए हैं। कनाडा के सांसदों समेत बाकी लोगों ने कहा है कि जस्टिन ट्रूडो के राज में उनका देश आतंकियों के लिए पनाहगाह बन चुका है। उन्होंने इस आयोजन समेत हिज्ब उत तहरीर पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है।

इस कॉन्फ्रेंस के आयोजन का संज्ञान मिसीसॉगा की मेयर ने भी लिया जिसके बाद इसका आयोजन यहाँ रद्द कर दिया गया। मिसीसॉगा की मेयर कैरोलिन पैरिश ने इस आयोजन की जगह ढूंढ कर पुलिस को सूचना देने की बात कही थी। इसके बाद इसे हैमिलटन शहर में आयोजित जा रहा है। हिज्ब उत तहरीर ने इस कॉन्फ्रेंस की जगह में अब बदलाव करने हिज्ब उत तहरीर ने खलीफा के राज पर 2024 में भी मिसीसॉगा में एक कॉन्फ्रेंस करने की कोशिश कई थी लेकिन बाद में इसे कैंसिल कर दिया गया था।

कनाडा की सरकार ने अभी इस पर कोई एक्शन नहीं लिया है। कनाडा के भीतर खुले तौर पर हिज्ब उत तहरीर के समर्थक और आतंकी घूम रहे हैं। कनाडा इन पर प्रतिबन्ध ना लगाने को बोलने की आजादी का नाम देता है। इसी तरह वह भारत तोड़ने की बात करने वाले खालिस्तानी आतंकियों को भी प्रश्रय देता है।

केजरीवाल के ‘शीशमहल’ के पत्थर ₹3 करोड़ और किचन ₹65 लाख के, रेनोवेशन में लगे ₹33 करोड़: BJP नेता प्रवेश वर्मा ने उसे जनता के लिए खोलने को CM आतिशी को लिखा पत्र

दिल्ली भाजपा के बड़े नेता और विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार प्रवेश सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री आतिशी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में बनवाए गए ‘शीशमहल’ को जनता के लिए खोलने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा जनता जानना चाहती है कि आखिर यह शीशमहल कैसा दिखता है। उनके इस पत्र से पहले सामने आया है कि शीशमहल को बनाने में ₹33 करोड़ का खर्च किया गया। यह खर्च इसलिए बढ़ा क्योंकि इसमें स्पेशल मार्बल और परदे समेत तमाम सामान वह लगाया गया जो कई गुना महँगा था।

प्रवेश वर्मा ने यह पत्र 3 जनवरी, 2025 को लिखा था। इस पत्र में प्रवेश वर्मा ने कहा, “यह आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में सरकारी आवास को विशेष रूप से सज्जित और भव्य रूप दिया गया था। इसे आम जनमानस में “शीशमहल” के नाम से जाना जा रहा है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता, जिन्होंने लगातार तीन बार श्री केजरीवाल को अपना विधायक चुना और विधानसभा भेजा, इस भवन को देखने की प्रबल इच्छा रखती है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह भवन अब केवल एक निवास स्थान नहीं, बल्कि दिल्ली के शासन और प्रशासन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है। जनता इसे देखकर यह समझना चाहती है कि जिस स्थान पर उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ने अपने कार्यकाल का समय बिताया, वह कैसा है। मेरा आपसे निवेदन है कि इस “शीशमहल” को प्रातः 10 बजे से सांय 4 बजे तक जनता दर्शन के लिए खोला जाए, ताकि दिल्ली की जनता इसे नजदीक से देख सके।”

प्रवेश वर्मा ने कहा कि इससे जनता की अपेक्षाएँ पूरी हो सकेंगी और साथ ही पारदर्शिता आएगी। गौरतलब है कि शीशमहल उस सरकारी बंगले को नाम दिया गया है, जिसमें अक्टूबर, 2024 तक मुख्यमंत्री रहे अरविंद केजरीवाल रहा करते थे। इस घर का रेनोवेशन केजरीवाल ने ही अपने कार्यकाल में करवाया था।

इस रेनोवेशन में सामान्य से कहीं अधिक धनराशि खर्च हुई थी। इस रेनोवेशन के दौरान हर चीज पर दोगुना तिगुना पैसा खर्च किया गया। इस पर बीते साल एक टीवी चैनल ने खुलासा किया था। अब इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि कैसे इसमें ₹33 करोड़ लगा दिए गए।

इंडियन एक्सप्रेस ने रविवार (5 जनवरी, 2025) को एक रिपोर्ट छापी है, इसमें CAG के हवाले से शीशमहल पर किए गए फालतू खर्च के बारे में बताया गया। CAG के मुखिया रहे गिरीश चन्द्र मुर्मू द्वारा तैयार की एक रिपोर्ट के आधार पर इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि फ्लैग स्टाफ रोड स्थित इस बंगले में रेनोवेशन के लिए 2020 में ₹7.9 करोड़ का काम होना था। लेकिन ठेका होते-होते यह ₹8.62 करोड़ पहुँच गया। लेकिन जब काम 2022 में खत्म हुआ, तब जनता के टैक्स के ₹33 करोड़ से अधिक इस शीशमहल में लग चुके थे।

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, CAG ने शीशमहल के ऑडिट में पाया है कि ₹33 करोड़ में से ₹18 करोड़ इसलिए खर्च हुए क्योंकि जो सामान असल में लगाया जाना था, उसकी जगह कहीं ज्यादा महँगा सामान लगाया गया। CAG की रिपोर्ट में ऐसे सामानों की लिस्ट दी गई है। इसमें निर्माण से जुड़े 198 सामान हैं जबकि 40 चीजें इलेक्ट्रिकल फिटिंग से जुड़ी हैं। यह भी बताया गया है कि 2 वर्षों में काम के दौरान PWD ने इसके लिए 5 अलग-अलग बार एस्टीमेट पेश किए।

CAG ने बताया है कि ₹1.87 करोड़ का खर्च तो केवल बाथरूम और जिम के सामान की फिटिंग पर कर दिया गया। CAG ने जहाँ उन सामानों की लिस्ट दी है जिन पर अधिक खर्च किया गया तो वहीं वह सामान भी बताए हैं जिनको जबरदस्ती लगाया गया। CAG के अनुसार, दीवाल पर लगने वाली टाइल पर ₹46 लाख, LED लाइट्स पर ₹45 लाख, LED पट्टियों पर ₹12 लाख, जमीन पर लगने वाली टाइल में ₹9 लाख खर्च किए गए। जबकि पंखे से लेकर लकड़ी और दरवाजे के हैंडल पर ₹2 लाख- ₹5 लाख तक अधिक खर्च हुए।

CAG की रिपोर्ट के अनुसार, ₹3 करोड़ से अधिक इंटीरियर, ₹61 लाख लिफ्ट और स्लाइडिंग दरवाजों तथा ₹2 करोड़ ऊँचे ग्रेड के पत्थर पर खर्च किए गए। यहाँ तक कि मॉड्यूलर किचन पर तक ₹65 लाख खर्च हुए। CAG ने यह भी बताया कि रिपोर्ट के लिए असल बिल देने में AAP सरकार ने आनाकानी की थी। काम के लिए दिए गए ठेकों पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। यह रिपोर्ट अभी दिल्ली विधानसभा में पेश नहीं की गई है लेकिन इसके कुछ हिस्से बाहर आते ही बवाल मच गया है। इस रिपोर्ट का जिक्र पीएम मोदी ने अपनी रोहिणी की रैली में भी किया है।

मंदिर की जमीन पर बनवाई मज़ार, विरोध करने पर दलितों पर पत्थरबाजी: बजरंग दल का आरोप, पुलिस ने मजहबी एंगल नकारा

उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में एक जमीनी विवाद के चलते 2 पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि मंदिर की जमीन पर मजार बना देने के बाद तनाव फैला है। हालाँकि पुलिस ने मजाक वाले एंगल को नकारा है। वहीं पत्थरबाजी मामले में पुलिस ने शनिवार (4 जनवरी 2025) को कामिल, नूर हसन और इबले हसन के खिलाफ FIR दर्ज की है। तीनों पर दलित व्यक्ति को पीटने और धमकी देने का भी आरोप है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला कन्नौज के थाना क्षेत्र ठठिया का है। यहाँ के गाँव उमरन में बबूल के घने पेड़ों के बीच लगभग 70 बीघों का एक प्राचीन टीला है। बताया जा रहा है कि इसमें से 7 बीघा जमीन मंदिर के नाम पर है, जबकि बाकी बची 63 बीघा जमीन ग्राम समाज की है। बजरंग दल के सदस्यों का आरोप है कि इस पूरी जमीन पर गाँव में रहने वाले मुस्लिमों की लंबे समय से नजर है जो इस पर कब्जा करने की साजिश भी रच रहे हैं।

इस मामले में पहले मीडिया में बताा गया था कि एक सप्ताह पहले गाँव के रहने वाले दलित समुदाय के महिपाल कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ टीले पर गए थे। यहाँ उन्हें कथिततौर पर एक मजार दिखी। उनका कहना है कि ये मजार हाल ही में जमीन कब्ज़ाने की नीयत से बनाई गई है। यह मज़ार हिन्दुओं के पहले से बने एक धार्मिक चबूतरे पर बनी है।

हालाँकि कन्नौज पुलिस ने धार्मिक स्थल तोड़कर बनाई गई मजार के किसी प्रकरण को नकारा है। उन्होंने कहा कि ये जानकारी तथ्यात्मक आधार पर नहीं है और यह पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य है । कन्नौज पुलिस इसका खण्डन करती है। थाना ठठिया क्षेत्रांतर्गत एक गांव में जमीन के स्वामित्व को लेकर दो पक्षों में विवाद है जो मा0 न्यायालय में वाद विचाराधीन है जिसको लेकर दोनो पक्षों में कहासुनी हुई थी । प्रकरण में प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना ठठिया पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। विधिक कार्यवाही की जा रही है।

मजार वाली बात के अलावा मीडिया में ये भी बताया गया था कि टीले का अवैध खनन भी किया जा रहा है। खनन की वजह से टीला कई जगहों पर समतल भी हो गया, जहाँ खेत बनाकर फसल भी बोई जा रही है। जब उन्होंने इस निर्माण का विरोध किया तो गाँव के मुस्लिम वर्ग के लोग वहाँ जमा हो गए। थोड़ी देर की बहस के बाद हिन्दू पक्ष पर पत्थरबाजी शुरू हो गई। इस पत्थरबाजी में टीले से गुजर रहीं महिलाओं को भी निशाना बनाया गया।

हमलावर भीड़ द्वारा दलित समुदाय के लोगों को पीटा गया और उन्हें जातिसूचक गालियाँ दी गईं। पीड़ित पक्ष ने भी अपनी आत्मरक्षा में पत्थरबाजी की। गाँव के कुछ लोगों ने जैसे-तैसे करके इस हमले से बचते हुए पत्थरबाजी की वीडियो बना ली। इस वीडियो को लेकर वे सभी पुलिस में शिकायत करने ठठिया थाना पहुँचे। हिंदू संगठनों को इसकी जानकारी मिली तो वे भी थाने के पास इकट्ठा हो गए।

बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता थाने पर पहुँचकर हंगामा किया। आखिरकार पुलिस ने शनिवार (4 जनवरी 2025) को नूर हसन, कामिल और इबले हसन पर मुकदमा दर्ज कर लिया। यह केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 (2), 352 और 351 (2) के साथ SC/ST एक्ट में दर्ज हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों का जमीनी विवाद पहले से ही कोर्ट में चल रहा है। मौके पर पुलिस फ़ोर्स तैनात कर दी गई है।

(नोट: इस खबर को पुलिस के बयान के अपडेट किया गया है)

‘AAP का शासन आप-दा काल, कोरोना में लोग ऑक्सीजन के लिए भटक रहे थे तो ये शीशमहल बनवा रहे थे’: PM मोदी ने बोला हमला, नमो भारत सहित दिल्ली को दी ₹12000 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली को नमो भारत ट्रेन के नए खंड की सौगात दी है। उन्होंने साहिबाबाद से अशोकनगर के बीच नमो भारत RRTS का उद्घाटन किया है। उन्होंने दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन का नया हिस्सा भी चालू किया है। उन्होंने एक नए मेट्रो लाइन का शिलान्यास भी किया है। पीएम मोदी ने दिल्ली में ₹12000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। पीएम मोदी ने इसके बाद दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर हमला भी बोला। पीएम मोदी ने AAP पर 10 वर्ष बर्बाद करने का भी आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने सबसे पहले दिल्ली से मेरठ के बीच बन रही RRTS नमो भारत ट्रेन के साहिबाबाद से न्यू अशोक नगर के खंड का उद्घाटन किया। यह 13 किलोमीटर लंबा है। इसी के साथ कुल 82 किलोमीटर वाले इस रूट पर अब 55 किलोमीटर का रूट चालू हो चुका है। पीएम मोदी ने इस दौरान RRTS में यात्रा भी की। उन्होंने RRTS में स्कूली बच्चों से मुलाक़ात की और उनकी बनाई पेंटिंग्स भी देखी। पीएम मोदी ने दिल्ली में जनकपुरी और कृष्णा पार्क को जोड़ने वाले 2.8 किलोमीटर लम्बे मेट्रो रूट का भी उद्घाटन किया।

यह रूट मैजेंटा लाइन पर है। इसे ₹1200 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने दिल्ली में मेट्रो निर्माण के फेज-IV के तहत बनाई जा रही रिठाला-कुंडली लाइन की आधारशिला भी रखी। इसे ₹6000 करोड़ से अधिक की लागत से बनाया जाएगा। पीएम मोदी ने सेन्ट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टिट्यूट की आधारशिला भी रखी है। इसे ₹185 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा और इसमें OPD, IPD और ट्रीटमेंट ब्लॉक होंगे। पीएम मोदी ने इसके बाद दिल्ली के रोहिणी में एक रैली को भी संबोधित किया।

पीएम मोदी ने इस रैली में कहा कि आने वाले 25 साल दिल्ली और भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि इन 25 सालों में हम अपनी आँखों के सामने विकसित राष्ट्र की यात्रा देखेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली को विकसित भारत की राजधानी के रूप में बनाना है। उन्होंने कहा कि केवल भाजपा ही दिल्ली को विकसित कर सकती है। उन्होंने दिल्लीवासियों से आग्रह किया कि वह आगे विधानसभा चुनाव में भाजपा को अवसर दें। उन्होंने इसके बाद दिल्ली में सत्ताधारी AAP पर भी हमला बोला।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते 10 साल दिल्ली में आपदा से कम नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इसलिए अब दिल्ली में अब एक ही आवाज गूँज रही है कि आपदा नहीं सहेंगे, बदल के रहेंगे। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में भी लोग विकास की धारा चाहते हैं और उनका विश्वास भाजपा पर है। पीएम मोदी ने भाजपा को सुशासन लाने और सपनों को पूरा करने वाली पार्टी बताया। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी कमल खिलने वाला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वह इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दे।

रोहिणी की रैली में पीएम मोदी ने केजरीवाल के शीशमहल को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, “जब दिल्ली के लोग कोरोना से जूझ रहे थे, जब दिल्ली के लोग ऑक्सीजन और दवाओं के लिए भटक रहे थे। तब इन लोगों का पूरा फोकस अपना शीश महल बनवाने पर था। इन्होंने शीश महल का भारी भरकम बजट बनाया। यही इनकी सच्चाई है… इन्हें दिल्ली के लोगों का कोई परवाह नहीं है।” पीएम मोदी ने कहा कि AAP सरकार के पास दिल्ली के लिए कोई विजन नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में AAP के काम नहीं बल्कि कारनामों का हिसाब होना है।

पीएम मोदी ने कहा, “दिल्ली पर आप-दा लाने वाले ये झूठा आरोप लगाते हैं कि केंद्र सरकार उन्हें काम नहीं करने देती…केंद्र सरकार उन्हें पैसे नहीं देती… ये कितने बड़े झूठे हैं…इसका उदाहरण इनका शीशमहल है।” पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली के भीतर जितनी भी व्यवस्थाएँ बढ़िया चल रही हैं, वह केंद्र सरकार की हैं। उन्होंने कहा कि मेट्रो से जैसे ही गलियों में जाइए तो रोड में गड्ढे और सीवर बहता दिखता है। पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में हर सीजन को AAP ने AAP-दा काल बनाया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को लोगों को मनाने के तरीके भी बताए।

‘बड़ी बहन को ज्यादा मानती हो तुम’: रेशमा ने अपनी अम्मी सबीरा बानो को चाकू घोंपकर मारा, मुंबई के थाने में जाकर किया सरेंडर

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक मुस्लिम महिला ने गुरुवार (2 जनवरी 2025) को अपनी अम्मी की हत्या कर दी। 41 वर्षीया आरोपित का नाम रेशमा मुजफ्फर क़ाज़ी है। उसने पुलिस के आगे आत्मसमर्पण कर दिया है। आरोपित ने अपनी 65 वर्षीया अम्मी सबीरा बानो को मार डालने के पीछे उनके द्वारा अपने अपने साथ किए जाने वाले पक्षपात को मुख्य वजह बताया है। पुलिस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला मुंबई के कुर्ला इलाके में पड़ने वाले कुरैशी नगर का है। 65 वर्षीया सबीरा बानो के परिवार में 1 बेटा अख्तर और 3 बेटियाँ हैं। सबीरा बानो की 42 वर्षीया बड़ी बेटी ज़ैनबी और छोटी पुत्री रेशमा में काफी पहले से झगड़ा होता आया है। साल 2021 में दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद रेशमा ने अपनी बहन के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।

सबीरा बानो अक्सर बीमार रहती थी। उसके इलाज का खर्च ज़ैनबी उठाती थी। इसी वजह से सबीरा ज्यादातर ज़ैनबी के साथ रहती थी। सबीरा बानो अक्सर ज़ैनबी की तारीफ भी करती थी। ये बातें रेशमा को काफी अखरती थी। रेशमा को लगता था कि उनकी अम्मी पक्षपात करती है और ज़ैनबी को ज्यादा पसंद करती है। इसकी वजह से कई बार रेशमा और उसकी अम्मी के बीच बहस भी हो चुकी थी।

गुरुवार को सबीर बानो रेशमा के घर गई। यहाँ एक बार फिर से माँ-बेटी में ज़ैनबी को लेकर बहस शुरू हो गई। कुछ देर तक जुबानी झगड़े के बाद रेशमा रसोई घर में गई और एक चाकू लेकर आई। इसी चाकू से रेशमा ने सबीरा पर कई वार कर दिए। घायल सबीरा की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद रात लगभग 8 बजे रेशमा ने अपने भाई अख्तर को कॉल किया। अख्तर के जरिए यह बात ज़ैनबी तक पहुँची।

जब तक ज़ैनबी रेशमा के घर पहुँचती, तब तक सबीरा बानो ने दम तोड़ दिया था। उधर अपनी अम्मी को मार कर रेशमा खुद ही चूनाभट्टी थाने पहुँच गई। वहाँ उसने आत्मसमर्पण कर दिया। ज़ैनबी की तहरीर पर पुलिस ने रेशमा के खिलाफ केस दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस ने सबीरा बानो के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।