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फैक्ट चेक: क्या अमानतुल्लाह खान बनाना चाहता है शाहीन बाग़ को ‘शरिया’?

जैसे-जैसे दिल्ली के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, शाहीन बाग़ और आम आदमी पार्टी का रिश्ता भी करीब होते जा रहा है। यही वजह है कई लोग सोशल मीडिया पर इन दोनों के संबंधों को लेकर लोग गुमराह भी आसानी से हो रहे हैं। ट्विटर पर एक वीडियो काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें आम आदमी पार्टी नेता अमानतुल्लाह खान एक ‘जहरीला’ भाषण देते हुए सुने जा रहे हैं। इस वीडियो को बीजेपी नेता संबित पात्रा और बॉलीवुड के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी शेयर किया है।

इस वीडियो को ट्वीट करते हुए संबित पत्रा ने लिखा है- “अल्लाह ने तय कर दिया है की इन ज़ालिमों का ख़ात्मा होगा… हम शरिया बनेंगे… कहीं न कहीं से शुरुआत तो होती ही है…” AAP का अमानतउल्लाह खान दोस्तों ये है AAP के विचार अब ज़रा आप भी सोचिए… सब अल्लाह ही तय करेंगे या आप भी कुछ तय करेंगे? आप शरिया बनना चाहतें है या नहीं??”

क्या अमानतुल्लाह खान ने सच में कहा ‘शरिया बनना चाहते हैं’?

इस वीडियो में अमानतुल्लाह खान जोश में कहते हुए सुने जा रहे हैं कि जो कुछ भी हो रहा है, सब अल्लाह करवा रहे हैं। “अल्लाह ने तय कर लिया कि कौन बादशाह होगा, किसकी फ़तह होगी, कौन जलील होगा। अगर बन्दे के हाथ में सब कुछ होता तो ये लोग अब तक हम सबको कुचल देते। लेकिन अल्लाह ने फैसला कर लिया है कि इन जालिमों का पतन होगा, ये ख़त्म होंगे। इनके जुल्म का ख़ात्मा ओखला से होगा, जामिया से होगा। हम ‘जरिया’ बनेंगे। आज शाहीन बाग़ ने पूरी दुनिया को जगाने का काम किया।”

लेकिन अमानतुल्लाह खान के इस वीडियो में काफी लोग ‘शरिया’ और ‘जरिया’ को सुनने में गड़बड़ी कर गए। दरअसल, अमानतुल्लाह खान का यह भाषण इतना मजहबी शब्दों से भरा हुआ है कि लोगों को यह सोचने का मौका नहीं मिला कि वो इसे ‘शरिया’ कह रहे हैं या ‘जरिया’।

ओखला से विधान सभा चुनाव के लिए प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान ने अपने इस 44 सेकंड के वीडियो में 13 बार ‘अल्लाह’ शब्द का इस्तेमाल किया है। इस पर एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि वोट काम के नाम पे माँगे जा रहे हैं या फिर अल्लाह के नाम पर?

‘द प्रिंट’ नामक वेबसाइट के एडिटर ने कल ही ट्वीट में लिखा था कि योगी आदित्यनाथ ने अपने 48 सेकंड के भाषण में 8 बार ‘पाकिस्तान’ का जिक्र किया था।

‘बिरियानी बाग़’ में बच्चे कर रहे हैं AAP नेता अमानतुल्लाह खान का चुनाव प्रचार

शाहीन बाग़ में दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक पहले छोटे बच्चे आम आदमी पार्टी प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान के पोस्टर और पेम्फ्लेट्स बाँटते हुए देखे जा रहे हैं।

शाहीन बाग़ में आम आदमी प्रत्याशी अमानतुल्लाह खान के लिए दिल्ली विधानसभा चुनावों में वोट की अपील करते हुए बच्चे। शाहीन बाग़ में बच्चों द्वारा बाँटी जा रही प्रतियाँ:

शाहीन बाग़ में चुनाव प्रचार की प्रतियाँ बच्चों के जरिए बंटवाई जा रही हैं।

हाल ही में, शाहीन बाग में चल रहा विरोध प्रदर्शन वहाँ एक नवजात बच्चे की मृत्यु के कारण चर्चा में आया था। बच्चे की जान जाने के पीछे उसके माता-पिता द्वारा उसे ठंड में भी शाहीन बाग़ विरोध करने के लिए ले जाना बताया जा रहा है। हालाँकि, मृतक बच्चे की माँ ने दावा किया कि बच्चे की मृत्यु ‘अजादी’ के लिए हो गई और वह इस चीज के लिए अपने अन्य दो बच्चों का भी बलिदान करने में संकोच नहीं करेगी।

AAP विधायक और ओखला निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा उम्मीदवार, अमानतुल्लाह खान को पहले शाहीन बाग के मास्टरमाइंड शारजील इमाम के साथ देखा गया था, जिन्होंने सड़क पर यह घेराबंदी की थी। इससे पहले उन्हें दिसंबर 2019 में जामिया नगर में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करने वाली भीड़ के साथ भी पाया गया था। यह प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया था और सोशल मीडिया के माध्यम से हिंसा भड़काने के लिए उनके खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी।

ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में पहले ही शाहीन बाग़ में बिरयानी परोसे जाने की बात का जिक्र किया गया था, जिसे बाद में ‘प्रदर्शनकारियों’ और ‘वोलंटियर्स’ को वितरित किया गया। शाहीन बाग़ में बिरयानी के साथ-साथ पैक किया गया पानी, फलों का जूस और अन्य बेहतरीन क्वालिटी के स्नैक्स भी उपलब्ध हैं। औसतन, इन विरोध प्रदर्शनों की लागत प्रतिदिन लगभग 10,00,000 रुपए होगी।

ज्ञात हो कि दिल्ली में 8 फरवरी को मतदान होना तय है जबकि 11 फरवरी को इसके परिणाम घोषित किए जाएँगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शाहीन बाग़ की ओर इशारा करते हुए कहा था कि सीलमपुर, जामिया नगर और शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शन महज संयोग नहीं हैं बल्कि एक राजनीतिक षड्यंत्र हैं ताकि देश के सौहार्द को नुकसान पहुँचाया जा सके। उन्होंने आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस पर प्रदर्शनों को भड़काने के आरोप लगाए।

आजमगढ़ में महिला प्रदर्शनकारियों की थी ‘शाहीन बाग’ बनाने की मंशा, पथराव के बाद पुलिस ने खदेड़ा

उत्तर प्रदेश के शहर आजमगढ़ में सीएए के ख़िलाफ चल रहे धरने में लोगों को समझाने पहुँची पुलिस पर प्रदर्शनकारियों ने अचानक से पथराव कर दिया। इस दौरान पुलिस को हालात काबू करने के लिए आँसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियाँ भी दागनी पड़ीं। इसके बाद इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

आजमगढ़ के बिलिरियागंज कस्बे के मौलाना अली जौहर पार्क में मंगलवार को सीएए और एनआरसी के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन चल रहा था। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन के अधिकारी मंगलवार को दो बार धरने पर बैठे लोगों को समझाने के लिए गए, लेकिन इसके बाद भी धरने को समाप्त नहीं किया गया। वहीं अधिकारियों ने धरने पर बैठे लोगों की सुरक्षा में पुलिस पार्क में पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया। लेकिन बुधवार तड़के ही धरने पर बैठी महिलाओं ने वहाँ सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवानों पर अचानक से पथराव कर दिया।

इसकी जानकारी जैसे ही पुलिस के अधिकारियों को हुई वह भारी संख्या में मौके पर पहुँच गए। इस पथराव में एसपी सिटी पंकज पांडेय भी घायल हो गए। वहीं बचाव में पुलिस ने लाठीचार्ज कर महिलाओं को खदेड़ना शुरू कर दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। इसके बाद ही स्थिति को कंट्रोल में किया जा सका। वहीं धरना स्थल पर पुलिस द्वारा टैंकर से पानी भरवा दिया गया। इस घटना के बाद कस्बे का महौल तनाावपूर्ण बना हुआ है।

वहीं पुलिस ने घटना स्थल के आस-पास भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दिया है। साथ ही पार्क की ओर जाने वाले रास्ते एहतियातन बंद कर दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उलमा कौंसिल के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना ताहिर मदनी और एक महिला सहित 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 35 नामजद और करीब 100 लोगों के खिलाफ में मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पार्क में धरने को लेकर पहले न तो कोई अनुमति ली गई और न ही किसी को इसके संबंध में बताया गया।

सरस्वती माता पास करवाएँगी AAP का चुनाव: हिन्दू देवी के नाम पर सिसोदिया के लिए कौन माँग रहा है वोट?

जैसे-जैसे दिल्ली विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल और उनकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए नए-नए हथकंडे इस्तेमाल करते हुए देखी जा रही है। आज ही दिल्ली में कुछ मतदाताओं के मोबाइल पर एक बेहद भावुक करने वाला सन्देश प्राप्त हुआ है, जिसमें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए हिन्दुओं की आराध्य देवी सरस्वती माता के नाम पर वोट माँगे जा रहे हैं।

हालाँकि, इस सन्देश को मतदाताओं को कौन भेज रहा है, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है लेकिन इस सन्देश के जरिए हिन्दू देवी सरस्वती के नाम पर आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया को वोट देने की बात कही जा रही है।

कुछ दिन पहले ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हनुमान चालीसा पढ़ते हुए देखे गए थे। हालाँकि, एक समय वह भी था, जब यही अरविन्द केजरीवाल हिन्दू प्रतीकों को अपमानित करते हुए अपने चुनाव चिन्ह झाड़ू का प्रचार करते हुए देखे जाते थे।

हिन्दुओं के वोट बैंक को साधने की कोशिश

हाल ही में आम आदमी पार्टी की शाहीन बाग़ प्रकरण में हुई फजीहत के बाद से अरविन्द केजरीवाल और उनकी पार्टी मुस्लिम वोट बैंक की जगह हिन्दू वोट बैंक को साधने की कोशिश करते देखे गए हैं। कुछ दिन पहले ही अरविन्द केजरीवाल ने एक इंटरव्यू के दौरान हनुमान चालीसा पढ़कर सुनाई। इसी इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि उनके चेहरे पर इंफेक्शन के कारण सूजन आ गई है।

हालाँकि, कुछ लोग अंदाजा लगा रहे हैं कि यह सूजन उन्हीं की पार्टी के नेता अमानतुल्लाह खान द्वारा अकेले में कूट दिए जाने के कारण है लेकिन केजरीवाल खुलकर इस बारे में बात कर नहीं पा रहे हैं। ज्ञात हो कि सरस्वती एक हिन्दू देवी हैं और उनकी पूजा विद्या की देवी के रूप में की जाती है।

अरविन्द केजरीवाल और उनके नेता अपने अधूरे वादों और मुफ्त के झाँसे के बीच शिक्षा और विद्यालयों की स्थिति को भुनाते हुए देख जा रहे हैं।

निर्भया के दोषियों को फाँसी से पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया 7 दिन का समय, माँ ने किया फैसले का स्वागत

लगातार टल रही निर्भया के दोषियों के फाँसी की तारीख के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला दिया है, जिसमें कोर्ट ने कहा है कि चारों दोषियों को सात दिन का समय दिया जाता है, जिससे कि सभी आरोपित अपने-अपने कानूनी विकल्पों का प्रयोग कर सकें। हाईकोर्ट के इस फैसले का निर्भया की माँ ने खुले दिल से स्वागत किया है।

वहीं केंद्र सरकार द्वारा फाँसी की रोक के ख़िलाफ़ डाली गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। केन्द्र की याचिका को ख़ारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि चारों दोषियों के ख़िलाफ़ अलग-अलग समय पर डेथ वारंट जारी नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने मामले के चारों दोषियों को एक हफ्ते का समय दे दिया है, जिससे कि वे अपने सभी कानूनी विकल्पों का प्रयोग कर सके।

जस्टिस कैत ने सुनवाई करते हुए कहा कि दोषियों ने सजा में देरी करने की रणनीति अपनाई है। इसलिए मैं सभी दोषियों को 7 दिनों के भीतर उनके कानूनी उपचार के लिए निर्देशित करता हूँ, जिसके बाद अदालत को उम्मीद है कि अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करना होगा। इसके बाद अदालत ने पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश से अलग जाकर फैसला लेने से इनकार कर दिया।

तीन घंटे तक चली इस सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में रेप पीड़िता निर्भया के माता-पिता भी मौजूद रहे। सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए निर्भया की माँ आशा देवी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि अब जल्द ही निर्भया के दोषियों को फाँसी मिल सकेगी। ज्ञात हो कि निर्भया गैंग रेप के चारों दोषियों के दो बार डेथ वारंट जारी हो चुके हैं, लेकिन कानूनी पेच के कारण अभी तक उनको फाँसी नहीं हो सकी है।

वहीं बुधवार को संसद भवन में भी दोषियों को जल्द फाँसी देने वाला मुद्दा उठा। आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केन्द्र सरकार पर दोषियों को फाँसी देने में देरी का आरोप लगाया तो वहीं कैबिनेट मंत्री और बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने आप पार्टी पर जवाब देते हुए पलटवार किया। इस पर सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि यह एक गंभीर मुद्दा है, इस पर विवाद खड़ा करना ठीक नहीं। पूरे देश ने रोड पर आकर निर्भया के दोषियों को फाँसी देने की माँग की थी।

गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 को वसंत विहार इलाके में चलती बस में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस मामले में निचली अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की सजा को बरकरार रखा था। जबकि एक आरोपित ने जेल के अंदर ही खुदकशी कर ली थी।

AAP नेता ने ट्वीट तो डिलीट कर दिए… लेकिन वेबसाइट पर अभी भी है शाहीन बाग़ शूटर से जुड़े होने का सबूत

1 फरवरी को शाहीन बाग़ में शूटिंग करने वाले कपिल गुर्जर के आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता निकलने के बाद से ही पार्टी खुद के बचाव में जुट गई है। पार्टी के प्रमुख नेता कुलदीप कुमार ने गुर्जर और उसके पिता गजे सिंह चौहान के स्वागत में हुए ट्वीट को डिलीट कर दिया है। इस ट्वीट में आप के बड़े नेताओं संजय सिंह तथा आतिशी मर्लेना के साथ कपिल गूर्जर और उसके पिता की तस्वीर थी।

हालाँकि कपिल गुर्जर और उसके पिता गजे सिंह चौहान को आप से संबंधित बताने वाली ट्वीट कुमार ने डिलीट कर दी है, लेकिन आम आदमी पार्टी अपनी वेबसाइट से इन दोनों के पार्टी से जुड़े होने की पुष्टि करता आर्टिकल हटाने से चूक गई। यदि AAP इस आर्टिकल को हटा लेती है, तो उसका आर्काइव्ड वर्जन यह रहा।

यह आर्टिकल उस इवेंट से संबंधित है, जिसमें कॉन्ग्रेस तथा बसपा नेताओं ने अपने अपने दलों को छोड़ आप का दामन थामा था। इसी इवेंट में कपिल गुर्जर अपने पिता चौधरी गजे सिंह के साथ आप में शामिल हुआ था। ध्यातव्य है कि चौधरी गजे सिंह बसपा का पटपड़गंज जिला अध्यक्ष और विधानसभा उम्मीदवार रह चुके हैं। जो अपनी पार्टी को छोड़, बेटे के साथ आप में शामिल हुए थे।

पार्टी में गजे सिंह का स्वागत करते हुए आतिशी मार्लेना ने पार्टी में शामिल होने वाले सभी नेताओं की तारीफ़ में कसीदे गढ़ते हुए कहा था, “ये सभी ऊर्जावान नागरिक हैं। इन सभी सम्मानित नेताओं के पार्टी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी का जनता से जुड़ाव और मजबूत होगा।”

जबकि अब इस बात पर कोई संदेह ही नहीं रह गया है कि शाहीन बैग का शूटर आप का कार्यकर्ता है, केजरीवाल ने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया है। केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगते हुए कहा कि कपिल गुर्जर को आप से संबंधित बताना सिर्फ भाजपाई साजिश है। केजरीवाल ने कहा, “भाजपा के पास आप सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का कोई जवाब नहीं है। कपिल के परिवार ने कहा है कि उनका आप से कोई लेनादेना नहीं है। कोई भी किसी के साथ भी फोटो खिंचवा सकता है। यदि यह शूटर आप से संबंधित निकलता है तो इसको कठोरतम सजा दी जाए।”

इससे पहले संजय सिंह जो कपिल गुर्जर को पार्टी में शामिल करते हुए दिखते हैं, ने भी शाहीन बाग़ में हुई शूटिंग को बीजेपी की साजिश कहा था। संजय सिंह ने आरोप लगाया था कि शाहीन बाग़ में हुई गोलीबारी, हिन्दू राष्ट्र की मांग और ‘जय श्री राम के नारे’ यह सब भाजपाई षड्यंत्र का हिस्सा है।

‘अफ़जल तेरे ख़ून से इंकलाब आएगा’: CAA विरोध के दौरान बेगूसराय में लगे विवादित नारे, देखें वीडियो

बिहार के बेगूसराय में बीते दिनों सीएए विरोध के दौरान विवादित नारे लगने का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में आंदोलनकारियों ने पहले तो देशभक्ति और भाईचारे के नारे लगाए और अंत में कुछ युवा बोलते ही बोलते देशविरोधी नारे लगाने लगे। इसे लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस में शिकायत कर आरोपितों के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियों में प्रदर्शनकारियों को विवादित नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। सीएए विरोध के दौरान मंच पर खड़े प्रदर्शनकारियों ने माइक से आतंकी अफजल के समर्थन भी नारे लगाए। वीडियो में नारेबाजी की गई कि, जेएनयू तेरे खून से इंकलाब आएगा, जामिया तेरे खून से इंकलाब आएगा, एएमयू तेरे खून से इंकलाब आएगा। इसके बाद मंच पर खड़े 6 प्रदर्शनकारियों ने ‘अफजल तेरे खून से इंकलाब आएगा’ का नारा कई बार लगाया। साथ ही पंच पर खड़े युवक लगातार धरने में शामिल महिलाओं और बच्चों से भी नारे लगाने की अपील कर रहे थे।

इस वीडियो के फेसबुक पेज से भी लाईव किया गया था। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया ऐसे ही तेजी से वायरल हो गया। हालांकि बाद में विवादित वीडियो को फेसबुक से डिलीट कर दिया गया। इस विवादित वीडियो के सामने आने पर बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने इसकी शिकायत पुलिस में की और आरोपितों के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद एसपी अवकाश कुमार ने बलिया डीएसपी अंजनी कुमार को वायरल वीडियो की जाँच के आदेश दे दिए हैं। वहीं एसपी ने कहा है कि वीडियो की सत्यता को जानने के लिए इसे टेक्नीकल जाँच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद दोषियों के ख़िलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बेगूसराय में सीएए के ख़िलाफ चल रहे धरने में लगे विवादित नारे(साभार- दैनिक भास्कर)

आपको बता दें कि पिछले महीने से ही बेगूसराय लखमीनिया के फूल चौराहे पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में सीएए के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इस धरने में अभी तक CPI नेता कॉमरेड कन्हैया कुमार, राजद पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम, माले नेता दीपांकर भट्टाचार्या, मशहूर शायर इमरान प्रताप गढ़ी माँगों के समर्थन में शामिल हो चुके हैं।


‘मेरी बेटी से गलती हुई, उसे बहकाया गया’ – शरजील के समर्थन में भड़काऊ नारेबाजी के बाद फरार लड़की की माँ

मुंबई के आजाद मैदान में निकाली गई ‘प्राइड परेड’ शरजील इमाम के समर्थन में हुई भड़काऊ नारेबाजी के कारण विवाद का विषय बनी हुई है। इस रैली में “शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुँचाएँगे” जैसे विवादस्पद नारे लगाने वाली उर्वशी चूड़ावला फरार है। उर्वशी पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। इस विवाद के संबंध में उर्वशी समेत 51 लोगों पर आजाद मैदान पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज कर ली है। इन सभी पर यह मामला देशद्रोह समेत आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।

माँ से हुई पूछताछ

मुंबई पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित उर्वशी चूड़ावला की माँ को बुलाकर पूछताछ की। उर्वशी की माँ ने अपनी बेटी की गलती स्वीकारते हुए कहा कि उनकी बेटी को बहकाया गया है। उर्वशी पर मुंबई के आजाद मैदान में “शरजील तेरे सपनों को हम मंजिल तक पहुँचाएंगे” जैसे नारे लगाने का आरोप है।

लेकिन इस नारेबाजी के बाद वह कहाँ है इसकी खोज खबर नहीं है।

प्राइड परेड के आयोजकों ने भी जताई नाराजगी

मुंबई पुलिस ने कार्यक्रम की अनुमति देने से पहले आयोजकों से एक शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाए थे, जिसके अनुसार परेड में अन्य किसी मुद्दे पर नारेबाजी न करने का संकल्पपत्र लिया गया था। इसके बावजूद रैली में हुई देश विरोधी नारेबाजी के वीडियो वायरल होने के बाद मुंबई पुलिस ने आयोजकों को पूछताछ के लिए बुलाया था। इस नारेबाजी पर आयोजकों ने भी अफ़सोस जताते हुआ कहा कि इससे रैली का असल मकसद पीछे रह गया।

भाजपा ने भी जताया विरोध

रैली में हुई विवादस्पद नारेबाजी के वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी ने भी इस पर कड़ा विरोध दर्ज करवाया है। भाजपा नेता किरीट सोमैय्या ने कहा कि वे भी इस मामले पर मुंबई पुलिस से बात करेंगे तथा अपनी शिकायत दर्ज करवाएँगे। उन्होंने इस मामले पर जल्द कार्रवाई करने की माँग दुहराई।

किरीट सोमैय्या ने इस तरह की बयानबाजी को नाकाबिले बर्दाश्त बताते हुए कहा कि ऐसी बयानबाजी पहले भी होती रही हैं।

6 महीने बाद रिहा हुए सज्जाद लोन, PDP नेता वाहीन: उमर-महबूबा-फारुक अब भी हिरासत में

जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 निष्क्रिय होने के बाद एहतियातन हिरासत में रखे गए नेताओं को अब धीरे-धीरे रिहा किया जा रहा है। इसी क्रम में आज यानी बुधवार को पिपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन और पीडीपी नेता वाहीन पारा को पूरे 6 महीने बाद एमएलए हॉस्टल से मुक्त कर दिया गया। दोनों नेताओं को अब हाउस अरेस्ट में रखा जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि लोन और पारा की रिहाई के बाद अब कुल 13 नेता एहतियातन हिरासत में एमएलए हॉस्टल में बंद हैं। हॉस्टल को फिलहाल अस्थाई उप-कारागार में तब्दील कर दिया गया है।

इससे पहले मंगलवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर में वाची से पीडीपी के पूर्व विधायक एजाज अहमद मीर और व्यापारियों के नेता शकील अहमद कलंदर को रिहा किया था। कलंदर फेडरेशन चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज, कश्मीर के अध्यक्ष थे। इसके अलावा इससे पहले चार अन्य नेता भी रिहा हुए थे।

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार द्वारा 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त किए जाने और राज्य को दो केन्द्र शासित प्रदेशों ‘जम्मू-कश्मीर और लद्दाख’ में बाँटे जाने के बाद यहाँ के तमाम नेताओं, कार्यकर्ताओं और व्यापारी नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इनमें से समय के साथ कईयों को रिहा कर दिया गया था और बाकियों को रिहा करने की प्रक्रिया जारी है। यहाँ बता दें, कई नेताओं की रिहाई के बाद भी, अभी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला तथा पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती हिरासत में ही हैं।

राजनीतिक विश्लेषक गुंजा कपूर के साथ शाहीन बाग में बदसलूकी, Video वायरल

शाहीन बाग में बुधवार (फरवरी 5, 2020) को सीएए के विरोध में बैठी महिला प्रदर्शनकारियों ने राजनीतिक विश्लेषक एवं पत्रकार गुंजा कपूर को बुर्का पहनकर प्रदर्शनस्थल का वीडियो बनाने पर घेर लिया और उनसे बदसलूकी की। इन महिलाओं ने गुंजा को पकड़कर सवाल उठाया कि आखिर वो इस प्रदर्शन में बुर्का पहनकर क्यों आईं?

इस वाकये के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस गुंजा को वहाँ मौजूद महिलाओं से बचाकर प्रदर्शन से बाहर ले जा रही है। लेकिन महिलाएँ लगातार उनके साथ खींचतान कर रही हैं। इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में भी देखा जा सकता है कि किस तरह वहाँ मौजूद महिला प्रदर्शनकारी गुंजा पर नाराज हो रही हैं और बार-बार सवाल कर रही हैं कि आखिर वो बुर्का पहनकर उनके प्रदर्शन में क्यों आई और उन्हें बुर्का किसने दिया। वीडियो में सुना जा सकता है कि एक महिला लीगल नोटिस और वकील बुलाने की बात भी कह रही है।

ताजा जानकारी के अनुसार, एक ओर जहाँ, दिल्ली पुलिस गुंजा को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही हैं, वहीं, दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी गुंजा कपूर को लेकर बहुत से सवाल उठ रहे हैं। उनकी वीडियो शेयर करके-करके पूछा जा रहा है कि आखिर उन्होंने बुर्का क्यों पहना? वो वहाँ क्या रिकॉर्ड कर रही थीं? या वो वहाँ क्यों गई थीं?

मगर, यहाँ ध्यान देने वाली बात है कि पिछले 2 महीनों में इन प्रदर्शनों में दूसरे धर्म की कई ऐसी महिलाएँ शामिल हुई हैं, जिन्होंने इन महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए बुर्का और हिजाब पहना।

अभी पिछले महीने जनवरी में ही इन प्रदर्शनों में से कुछ फोटो वायरल हुई थी। जिसमें जंतर मंतर पर ‘आजाद वुमेन फॉर आजादी’ प्रोटेस्ट में इंदुलेखा नाम की महिला ने प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान हिजाब पहना था और एक पट्टी लेकर फोटो खिंचवाई थी। जिस पर लिखा था, “श्रीमान मोदी। मैं इंदुलेखा हूँ। मुझे मेरी ड्रेस से पहचानो।”

इसके अलावा कई और भी महिलाएँ थी, जिन्होंने अपना धर्म अलग होने के बावजूद इन महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाई थी। इसलिए, सवाल उठता है कि जब उन महिलाओं पर उंगली नहीं उठी, तो गुंजा से सवाल क्यों? जाहिर है, उनकी राजनीतिक विचारधारा के कारण। दरअसल, इन महिलाओं को डर है कि इनके प्रदर्शन पर गुंजा प्रदर्शन स्थल से कई ऐसी चीजों को रिकॉर्ड करके दुनिया के सामने पेश कर देंगी, जिससे उनकी फजीहत होगी, जैसे अब तक होती रही है।

सोशल मीडिया पर सीएए के ख़िलाफ़ मत रखने वाले कई समुदाय विशेष और वामपंथी गिरोह के लोग गुंजा को भाजपा का सदस्य बता रहे हैं। साथ ही उन पर जासूसी का आरोप लगा रहे हैं।

गौरतलब है कि इन दिनों शाहीन बाग पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने कई कड़े नियम बनाए हुए हैं। वे केवल चुनिंदा मीडिया हाउस के लोगों को वहाँ वीडियो बनाने की इजाजत देते हैं। क्योंकि उन पर प्रदर्शनकारियों को यकीन होता है कि वे उनके ख़िलाफ़ मीडिया में कुछ नहीं चलाएँगे। इसके अलावा कुछ मीडिया हाउस को वहाँ केवल लाइव करने की इजाजत हैं। एंट्री प्वाइट पर वहाँ Voluteers खड़े हुए हैं। जो किसी को भी संदिग्ध पाने पर उनका बैग चेक करते हैं और आईडी प्रूफ देखते हैं। अगर फिर भी उन्हें किसी चीज पर शक होता है, या उन्हें लगता है कि कोई ऐसी वीडियो बना रहा हैं या फोटो खींच रहा है, जिससे मामला उनके ख़िलाफ़ चला जाएगा, वो तुरंत उस वीडियो को डिलीट करवा देते हैं।

ऐसे में गुंजा कपूर के साथ उनका ये बर्ताव शर्मनाक जरूर है, लेकिन हैरान करने वाला नहीं। क्योंकि वहाँ पिछले कई दिनों से दूसरी विचारधारा के लोगों के साथ यही सब हो रहा है। आपको बता दें कि ऑपइंडिया ने गुंजा से बात करने का प्रयास किया लेकिन इस समय उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। जैसे ही उनसे बात होगी, हम अपनी रिपोर्ट को उनके बयान के साथ अपडेट करेंगे।

मैं हूँ आम आदमी: AAP का नेता निकला शाहीन बाग में गोली चलाने वाला कपिल गुर्जर

शाहीन बाग़ में भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ वाले पोस्टर: नक्शों में उत्तर-पूर्व को देश से कटा हुआ दिखाया