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हज़ारों मुस्लिम सड़क पर उतर के दिल्ली ठप्प करेंगे: शरजील के खतरनाक इरादे, मस्जिदों में बँटवाए थे पर्चे

भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने की बात करने वाला शरजील इमाम फ़िलहाल दिल्ली पुलिस के शिकंजे में है। उसके ख़िलाफ़ राजद्रोह का मामला चल रहा है। हाल ही में ख़बर आई थी कि शरजील इमाम के बिहार के जहानाबाद स्थित पैतृक घर और दिल्ली के वसंत कुञ्ज स्थित फ्लैट से इलेक्टॉनिक गैजेट्स और कुछ आपत्तिजनक पर्चे जब्त किए हैं। बता दें कि उसने ये पर्चे मस्जिदों में भी बाँटे थे। वो समुदाय विशेष को भड़का रहा था।

पुलिस को उसके पास से कई फोन नंबर मिले थे, जिसे खँगाला जा रहा है। जामिया हिंसा से लेकर एएमयू तक उसके तार जुड़ते नज़र आ रहे हैं। शरजील पहले ही बता चुका है कि वीडियो में उसके वायरल बयान सही हैं, उनके साथ छेड़छाड़ नहीं किया गया है।

अगर शरजील के पास से बरामद पर्चों की बात करें तो वो अँग्रेजी और उर्दू में लिखा हुआ है। इस पर्चे में सीएए को लेकर मुस्लिमों में अफवाह फैला कर उन्हें भड़काया जा रहा है। अगर आप पर्चे के कंटेंट को देखेंगे तो आपको शरजील के खतरनाक इरादों के बारे में पता चलेगा। पर्चे में उसने लिख रखा था कि सीएए असंवैधानिक है और ये मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक बना देगा। साथ ही इस पर्चे में मुस्लिमों को डिटेंशन कैम्प में डाले जाने की बात लिख कर उनके भीतर डर भरने का प्रयास किया गया है।

एनआरसी के बारे में शरजील ने लिखा है कि ये असम में लागू हो गया है और इसे जल्द ही पूरे देश में लागू किया जाएगा। उसने इस पर्चे के माध्यम से पूरे देश के मुस्लिमों को सीएए और एनआरसी का विरोध करने की सलाह दी थी। इस पर्चे की कई प्रतियाँ उसने मस्जिदों से लेकर समुदाय विशेष के घरों तक बाँटे थे। इसमें लिखा है:

“पहले जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फ़ैसला दिया। अब सीएए लाया गया है। पूरे भारत के मुस्लिमों के पास त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए कई वजह हैं। असम पहले से ही जलना शुरू हो गया है और लोगों को मारा जा रहा है। हमारे मजहबी और कौम के नेताओं ने भी हमें निराश किया है। हज़ारों मुस्लिम युवक दिल्ली को ठप्प करने के लिए तैयार हैं। इससे इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय अटेंशन मिलेगा।”

इस पर्चे में लिखी बातों से स्पष्ट है कि शरजील इमाम हज़ारों मुस्लिम युवकों को भड़का कर दिल्ली में गड़बड़ियाँ फैलाना चाहता था, पूरे राज्य को ठप्प करना चाहता था और लोगों को परेशानी में डालना चाहता था। वो ये सब इसीलिए करना छह रहा था क्योंकि मीडिया इस मुद्दे को जोर-शोर से कवर करें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की छवि को नुकसान पहुँचे। इस पर्चे में जामिया और जेएनयू के मुस्लिम छात्रों द्वारा चक्का-जाम करने और आवागमन ठप्प करने की भी बात की गई है। शरजील के ज़हरीले विचार इस पर्चे का जरिए और भी खुल कर समाने आते हैं।

शरजील इमाम के पास से बरामद पर्चा

बता दें कि शरजील इमाम महात्मा गाँधी को सबसे बड़ा फासिस्ट नेता बताता था और कॉन्ग्रेस व वामपंथियों को समुदाय विशेष का दुश्मन कहता था। उसने भारतीय लोकतंत्र, न्यायपालिका और संविधान- सभी को समुदाय विशेष का दुश्मन बताया था। शाहीन बाग़ प्रदर्शन के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील ने उत्तर-पूर्व भारत को शेष भारत से काट कर अलग करने के लिए लोगों को भड़काया था। शरजील इमाम के ख़िलाफ़ असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, दिल्ली, यूपी और मणिपुर पुलिस द्वारा अलग-अलग मामला दर्ज किया गया है।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को शरजील इमाम के व्हाट्सप्प ग्रुप का भी पता चला है। वह ऐसे ग्रुप से जुड़ा हुआ था, जिसमें उसकी ही तरह के विचारधारा वाले कई अन्य इस्लामी कट्टरवादी शामिल थे। उस व्हाट्सप्प ग्रुप में लोग एक-दूसरे को जहरीले भाषण देने के लिए भड़काया करते थे। उसका इस्तेमाल रणनीति बनाने के लिए भी किया जाता था। क्राइम ब्रांच इस व्हाट्सप्प ग्रुप की तहकीकात कर के किसी बड़ी साज़िश का भंडाफोड़ कर सकती है। उम्मीद है कि क्राइम ब्रांच शरजील के लिए 3 दिन की पुलिस कस्टडी की माँग करेगी।

जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकी अवंतीपोरा में गिरफ्तार: किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की थी आशंका

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की ओर से लगातार आतंकियों की घुसपैठ जारी है। पुलिस आए दिन सक्रीय आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर रही है। सोमवार को कश्मीर में आतंकी साथियों की मदद करने आए जैश के चार आतंकवादियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस लगातार उनसे पूछताछ कर रही है।

कश्मीर जोन पुलिस के हवाले से आई खबर के मुताबिक सोमवार को अवंतीपोरा पुलिस ने सर्च अभियान के दौरान आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकियों को दौड़ते हुए गिरफ्तार कर लिया। प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि ये चारों आतंकी जेएमएम के सक्रीय आतंकवादियों को सहायता प्रदान कर रहे थे और इसी सिलसिले में ये आतंकी फ़िर से आए हुए थे। इसके बाद अवंतीपोरा पुलिस ने चारों को हिरासत में लेकर इनके ख़िलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं पुलिस अब चारों आतंकियों से आगे की पूछताछ में जुट गई है। वहीं आशंका जताई जा रही है कि पुलिस पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं। बता दें बीते बीते शुक्रवार (31 जनवरी 2020) को जम्मू-श्रीनगर हाईवे से ट्रक में सवार होकर आए चार आतंकियों ने टोल पर तैनात सीआरपीआफ के जवानों पर हमला कर दिया था। इस जवाबी कार्रवाई में सेना के जवानों ने तीनों आतंकियों को मौके पर ही ढेर कर दिया था। वहीं एक अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था। जवाबी कार्रवाई में तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के बताए गए थे।

पुलिस के मुताबिक मारे गए जैश के आतंकियों से कुछ हथियार और बारूद बरामद हुआ था। वहीं पुलिस ने अंंदेशा जताया था कि ये आतंकी कश्मीर में बड़े हमले या फिर किसी बड़े नेता को अपना निशाना बनाने की फिराक में थे।

पिछली बार #तियापे में फँस कर केजरीवाल को वोट दे दिया: दिल्ली चुनाव पर ग़रीबों ने बताया अपना मूड

दिल्ली की चुनावी फिजाँ लगातार बदल रही है। ऐसे में, सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग चुनाव में अपनी पसंद की पार्टी को लेकर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है गरीबों की राय, जो सोशल मीडिया के तिकड़मों से दूर वास्तविकता की दुनिया में जीते हैं, खाते-कमाते हैं और वोट के दौरान किसी भी पार्टी का पलड़ा किसी भी ओर झुकाने में कामयाब होते हैं। इसी तरह हमनें एक चाय वाले से बात की, जो कनॉट प्लेस में चाय बेच कर अपने जीवन यापन करते हैं।

चाय बेचने वाले उक्त व्यक्ति का नाम रमाशंकर मौर्या है, जिन्होंने अपनी बात हमसे साझा की। नीचे संलग्न किए गए वीडियो में आप देख सकते हैं कि अभिनेत्री दिव्या सिंह रमाशंकर से बात करती हैं। जब उनसे दिव्या ने पूछा कि वो किस पार्टी को वोट देंगे, रमाशंकर ने बताया कि वो अबकी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देंगे और डॉक्टर हर्षवर्द्धन मुख्यमंत्री बनेंगे। बता दें कि दिल्ली के चाँदनी चौक से सांसद डॉक्टर हर्षवर्द्धन फ़िलहाल भारत के स्वास्थ्य मंत्री हैं और पार्टी के सबसे क्लीन और सौम्य चेहरों में से एक हैं।

पिछली बार आम आदमी पार्टी की अभूतपूर्व जीत में ऐसे ही लोगों का हाथ था, जिनका मन अब बदलता हुआ दिख रहा है। रमाशंकर बताते हैं कि पिछली बार उन्होंने ‘#तियापे’ के कारण अरविन्द केजरीवाल को वोट दे दिया था क्योंकि उन्होंने बड़ी बड़ी बातें की थीं। रामशंकर ने कहा,

“केजरीवाल ने कहा था कि वो इनकम टैक्स की नौकरी छोड़ कर आए हैं, ये कर दूँगा, वो कर दूँगा- और मैं उन चक्करों में फँस गया। पहले कहते थे कि उप-राज्यपाल उनकी छाती पर दाल रगड़ रहे थे। अब वो दाल कहाँ चली गई? जो भी काम हुए हैं, वो पिछले 6 महीनों में ही हुए हैं। मुझे भाजपा से बहुत प्यार है। अटल जी और सुषमा स्वराज का इलाज देश में हुआ लेकिन मफलर वाले सीएम का इलाज विदेश में होता है। मुझे भाजपा से बहुत प्यार है।”

इसके अलावा हमने एक ऑटो ड्राइवर से भी बातचीत की, जो मनोज तिवारी से काफ़ी ख़ुश नज़र आ रहे थे। ऑटो ड्राइवर श्यामजी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में सहायक रोल में काम कर चुकीं अभिनेत्री दिव्या सिंह ने उनके साथ भी एक वीडियो शूट किया और पूछा कि दिल्ली चुनाव में वो किसे वोट दे रहे हैं? श्याम जी ने बताया कि वो मनोज तिवारी के लिए भाजपा को वोट देंगे।

श्यामजी ने कहा कि मनोज तिवारी बिहारी हैं और अगर वो मुख्यमंत्री बने तो वो बिहार का नाम रोशन करेंगे। श्यामजी ने भी रमाशंकर की तरह पिछली बार केजरीवाल को वोट दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली बार केजरीवाल उन्हें अच्छे लगे थे लेकिन अब उनसे मोहभंग हो चुका है। बकौल श्यामजी, मनोज तिवारी सबसे हँसी-ख़ुशी मिलते हैं और वो उनकी गाड़ी में भी घूम चुके हैं।

ऑटो ड्राइवर ने कहा कि वो मनोज तिवारी का फैन हो गया है

आम लोगों की राय से पता चलता है कि दिल्ली में चुनावी पलड़ा किस तरफ झुक रहा है। जहाँ आज से क़रीब एक महीने पहले आम आदमी पार्टी रेस में काफ़ी आगे नज़र आ रही थी, अब मामला दिलचस्प होता जा रहा है। 8 फरवरी को चुनाव होगा और 11 फरवरी को मतगणना के साथ ही पता चलेगा कि आख़िर किसकी जीत होनी है।

फायरिंग की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई शाहीन बाग धरने की सुरक्षा, बिना आई कार्ड नो एंट्री

दिल्ली में सीएए विरोध प्रदर्शन के बीच बीते दिनों हुई फायरिंग की घटनाओं ने दिल्ली पुलिस और सरकार को भी चिंता में डाल दिया है। इन्ही फायरिंग की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग धरने की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। इसके बाद अब वहाँ आने-जाने वालों के आई कार्ड चैक किए जाएँगे। वहीं जामिया कैंपस में छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को अपने हाथों में ले लिया है।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए सड़क को दोनों ओर दो स्थानों पर बेरिकेडिंग लगाई है। इसके साथ ही धरने में शामिल होने वाले लोगों की कड़ाई से जाँच की जा रही है। धरने से करीब 100 मीटर दूर बेरिकेडिंग लगाई गई है। यहाँ आने-जाने वालों पर अब कड़ी नज़र रखी जा रही है।

दूसरी ओर शाहीन बाग में 51 दिनों से सीएए के खिलाफ चल रहे धरना प्रदर्शन दिल्ली की राजनीति का केन्द्र बन गया है। वहीं दिल्ली पुलिस आयुक्त पटनायक ने आगे कहा कि जो लड़का शाहीन बाग में फायरिंग करने आया था, उसमें हिम्मत नहीं थी कि वह कुछ और कर पाता। एक दो घटना घटी हैं, जो अलग हैं। पुलिस ने शाहीन बाग में धरने वाली जगह पर सुरक्षा के पूरे इंतजामात कर दिए हैं।

गौरतलब है कि शनिवार को एक व्यक्ति ने शाहीन बाग में हवा में दो गोलियाँ चलाई थी। हालाँकि, बाद में उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। इस बीच, चुनाव आयोग ने दक्षिणपूर्व दिल्ली के डीसीपी चिन्मय बिस्वाल को रविवार को तत्काल प्रभाव से हटा दिया।

आयोग ने इलाके की मौजूदा स्थिति का जिक्र करते हुए यह कदम उठाया है। वहीं आयोग ने अतिरिक्त डीसीपी (दक्षिणपूर्व) कुमार ज्ञानेश को इलाके का प्रभार संभालने का निर्देश दिया है। ज्ञात हो कि शाहीन बाग और जामिया नगर इलाके में इस हफ्ते गोलीबारी की तीन घटनाएँ हुई थीं।

चरमपंथी इस्लामी संगठन SDPI के खिलाफ बरसे केरल CM पिनराई विजयन, कहा- सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ रहे

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ राज्य में प्रदर्शनों में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) जैसी इस्लामी चरमपंथी संगठनों के सदस्यों की घुसपैठ के खिलाफ सोमवार (फरवरी 3, 2020) को आगाह किया और कहा कि वामपंथी सरकार समाज में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की किसी कोशिश को सफल नहीं होने देगी।

इस्लामी संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर जमकर बरसते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे चरमपंथी संगठन लोगों को बाँटने और प्रदर्शनों की आड़ में कुछ स्थानों पर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान जवाब देते हुए कहा कि पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों ने कई स्थानों पर हिंसा और अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के लिए ऐसे संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।

विपक्षी कॉन्ग्रेस नीत यूडीएफ की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ने सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण और कानून के अनुरूप प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले किसी व्यक्ति के खिलाफ एक भी मामला नहीं दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी राज्य में नागरिकता कानून के खिलाफ असाधारण प्रदर्शन हुए और इनमें से ज्यादातर प्रदर्शनों का आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से किया गया। लेकिन हमारे राज्य में SDPI नामक एक समूह है जो चरमपंथी तरीके से सोचता है।

दरअसल पिनराई विजयन 200 CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बारे में एक सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने पहले कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया था, लेकिन हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। विजयन ने सवाल किया, “जब मैं SDPI के नाम का उल्लेख करता हूँ तो विपक्ष क्यों उत्तेजित हो रहा है? क्या वे कह रहे हैं कि मुझे SDPI और उग्रवाद के बारे में बात नहीं करनी चाहिए?”

उल्लेखनीय है कि SDPI एक चरमपंथी इस्लामी राजनीतिक संगठन है, जो केरल और देश के अन्य कई हिस्सों में कई सांप्रदायिक हमलों के पीछे है। CAA के समर्थन में निकाली गई रैली के दौरान किए गए हमले के आरोपित 6 SDPI समर्थकों को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले SDPI समर्थकों ने CAA विरोध के नाम पर बीमार बेटे को ले जा रही एक कार को रोक दिया था।

हिन्दुओं का विश्वास जीतने का दाँव पड़ा उलटा: केजरीवाल ने पढ़ी हनुमान चालीसा तो बिफरे मुस्लिम

दिल्ली विधानसभा के चुनावों में सिर्फ 5 दिन शेष हैं। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक समाचार चैनल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों के कहने पर हनुमान चालीसा का पाठ किया। न्यूज 18 हिंदी चैनल द्वारा ‘एजेंडा दिल्ली’ के से एक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस कार्यक्रम में एंकर ने केजरीवाल से पूछा था कि क्या वह हनुमान मंदिरों का दौरा करते हैं, जिस पर केजरीवाल ने उत्साह से जवाब दिया और कहा, “हाँ मैं करता हूँ”।

फिर से एंकर ने पूछा कि क्या उनको हनुमान चालीसा पढ़नी आती है। इसका भी केजरीवाल ने अपनी हाँ में जवाब दिया। इसी के साथ केजरीवाल को दर्शकों के साथ हनुमान चालीसा बोलने के लिए कहा, जिस पर केजरीवाल आसानी से राजी हो गए।

सीएए विरोध के दौरान दिल्ली में हिंसा भड़काने के पीछे केजरीवाल की पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान का नाम आया था। जहाँ एक तरह ये ख़बर सुर्खियाँ बन रही हैं, दूसरी तरफ केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ कर के हिन्दू वोटरों को रिझाने में लगे हैं। मीडिया का एक वर्ग भी इस काम में उनका ख़ूब साथ दे रहा है। वहीं बीते दिनों दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी कहा था कि वे शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता के साथ खड़े हैं।

हालाँकि, हिंदू वोटों को अपनी ओर खींचने के प्रयासों में अरविंद केजरीवाल सोशल मीडिया पर इस्लामवादियों को नाराज कर दिया है। वहीं एक यूजर ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया और लिखा कि क्या हिंदुओं को ही अपनी धर्म के बातें करने की आज़ादी है? वहीं जब दूसरे धर्मों के लोग प्रदर्शित करते हैं तो उनको ग़लत ठहरा दिया जाता है।

पिछले दिनों में बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की गलत नीतियों के कारण केजरीवाल पर निशाना साधते हुए पार्टी को कटघरे में खड़ा किया था। दरअसल इन चुनावों में शाहीन बाग एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है। सीएए के खिलाफ इन विरोध प्रदर्शनों में ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ और ‘जिन्ना वाली आजादी’ जैसे नारों को सुना गया है। इन सबके बावजूद सभी आरोपों के दरकिनार करते हुए आम आदमी पार्टी ने इन प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आने का फैसला किया था।

हालाँकि, अब ख़ुद को इन सबसे अलग दिखाने के लिए केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ करने में लगे हैं। अब यह देखना होगा कि चुनाव के दिन इसका दिल्ली के वोटरों पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं। ये तो 11 फ़रवरी को परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा।

24 बच्चों को बंधक बनाने वाली दंपत्ति की बच्ची को IPS बनाएँगे कानपुर रेंज के IG

आमतौर पर हमारे समाज में अपराधियों के बच्चों को घृणा से देखने की रवायत है। बहुत कम लोग हैं जो अपराधियों के बच्चों को मासूम या अबोध समझकर उनके साथ नरमी दिखाते हैं या उन्हें अपने ‘ बीते कल’ से आगे निकलने में मदद करते है। अधिकतर के मन में इस तरह के बच्चों के प्रति कुंठा और गुस्सा ही भरा रहता है। वो चाहते न चाहते हुए भी उन्हें उनके माँ-बाप द्वारा किए अपराधों से आगे नहीं देख पाते। ऐसे में वो गिने-चुने लोग, जो मानवता की सतह पर इन बच्चों में भविष्य ढूँढते हैं और उन्हें आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाते हैं, वो एक मिसाल होते हैं, जैसे कि कानपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल। जिन्होंने अभी हाल ही में फर्रूखाबाद में बच्चों को बंधक बनाने वाले आरोपित पति-पत्नी सुभाष बाथम और रूबी की एक साल की अनाथ बच्ची की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने और उसे अपनी ही तरह आईपीएस अधिकारी बनाने की बात कही है।

पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने ‘भाषा’ के साथ इस मामले पर बातचीत में जानकारी दी कि आरोपितों की अनाथ बच्ची को देखकर पुलिस विभाग का दिल पसीज गया। उन्होंने फिलहाल तो उसे फर्रूखाबाद की एक महिला पुलिस कर्मचारी रजनी के पास रखा है। लेकिन, उनकी ख्वाहिश है कि वे बच्ची को अपनी तरह एक आईपीएस अफसर बनाएँ। इस नेक काम के लिए उन्होंने बैंक में एक खाता भी खुलवा लिया है। जिसमें वे हमेशा पैसे डालेंगे ताकि गौरी (बच्ची) की शिक्षा और परवरिश में कोई दिक्कत ना आए। उनके अनुसार उन्होंने गौरी को गोद लेने के लिए देश-विदेश से कई लोगों ने संपर्क किया है।

मोहित अग्रवाल कहते हैं कि वह बिना पूरी जाँच और कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बगैर गौरी को किसी को नहीं दे सकते हैं। अगर कोई परिवार उसे गोद लेता भी है तो वह उसकी परवरिश पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखेंगे। अग्रवाल ने कहा कि उनका प्रयास होगा कि इस बच्ची को पुलिस में कार्यरत कोई दम्पत्ति गोद ले ले ताकि उसे बेहतर परवरिश मिल सके।

यहाँ बता दें कि बीती 30 जनवरी को फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गाँव करथिया में अपनी पुत्री के जन्मदिन के बहाने शातिर सुभाष ने 24 बच्चों को अपने घर में बंधक बना लिया था। पुलिस ने करीब 9 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुभाष को रात के एक बजे मारकर उसके चंगुल से बंधक बच्चों को बचाया था। वहीं सुभाष की पत्नी रूबी भी गाँव से भागने के दौरान ग्रामीणों के हत्थे चढ़ी थी और मारी गई थी। दोनों पति-पत्नी की मौत के बाद उनकी बच्ची को अनाथालय में रखा गया था। लेकिन, अब आईजी की दरियादिली के कारण उसे जल्द एक घर और अच्छी परवरिश मिलेगी, ताकि वो भी अन्य बच्चों की तरह अपना भविष्य सँवार पाए।

दरभंगा का ‘मिनी पाकिस्तान’: बांग्लादेशियों का पनाहगार, आतंकियों का ठिकाना और अब CAA पर उबाल

एक फरवरी 2020 यानी शनिवार को दरभंगा के मुस्लिम बहुल क्षेत्र जमालचक में लखनऊ से फ्री डिश का सर्वे करने पहुँची 17 सदस्यीय टीम को स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के लिए डेटा इकट्ठा करने का नाम देकर बंधक बनाया। साथ ही मारपीट भी की। बंधकों से लिखवाया, “हम यह सर्वे RSS और बजरंग दल के लिए कर रहे हैं।” पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद अराजक भीड़ से उन लोगों को मुक्त कराया। ये इस तरह की तीसरी घटना है दरभंगा में।

बेहतर होगा कि बाहर से आने वाले लोग सीधे इन मोहल्ले में ना जाएँ। इसके पीछे वजह है। अगर आप भी युवा हैं, क्रांतिकारी मिजाज के हैं तो कह सकते हैं कि आखिर क्यों नही इन मोहल्ले में जा सकते हैं? यह भी कह सकते हैं कि क्या दरभंगा के ये मोहल्ले भारत के हिस्से नहीं हैं?

मेरा जवाब होगा, बिल्कुल भारत का ही हिस्सा है, किन्तु एक सच यह भी है कि इसी भारत के कई हिस्सों में मिनी पाकिस्तान बसते हैं, और उनमें बसने वाले कई लोग इसके समर्थक भी हैं। अगर आपको मेरी बात झूठी लगती है तो एक बार वीडियो देखिए कि किस प्रकार निर्दोष और आम व्यक्ति के साथ-साथ पुलिस तक की लिंचिंग करने पर आमादा एक नहीं, दस नहीं, पचास नहीं बल्कि सैकड़ों लोग कौन हैं?

एक और वीडियो देखिए। दरभंगा जिला के मनीगाछी क्षेत्र के दहौड़ा गॉंव में सोमवार को पैसे के लेनदेन को लेकर बहस हो गई। एक यादव था तो दूसरा मुस्लिम। बात बढ़ी तो मुस्लिम ने अफवाह उड़ा दी कि उसे NRC का विरोध करने पर मारा। इसके बाद समुदाय विशेष ने पथराव शुरू कर दिया। 2 घंटे तक पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील रहा। मस्जिद से भी पत्थर फेंके गए।

हाल ही में राम मंदिर पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद इसी दरभंगा शहर के अंदर बसे मिनी पाकिस्तान के लोगों ने PFI का पोस्टर लगाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया। साथ ही उकसाने वाली बातें भी लिखी। इस तरह की पोस्टर शहर के प्रतिष्ठित सीएम कॉलेज के गेट पर से लेकर सुभाष चौक रोड और उर्दू मोहल्ले के कई दीवारों पर सटा हुआ था। क्या ये पोस्टर यूँ ही था? क्या कोई बाहरी आकर इन मोहल्ले वालों को बदनाम करने करने के लिए इन्हें लगा गया था? खैर, बाहरी लोगों के साथ ये लोग क्या करते हैं यह तो वीडियो में साफ दिख रहा है। ऐसे में कोई बाहरी आकर पोस्टर लगा देगा, कम से कम यह बात तो बिल्कुल संभव नहीं है।

अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद दरभंगा में लगाए गए पोस्टर

मिनी पाकिस्तान के मंसूबे पाले कुछ दर्जन लोग और उसके कई हजार समर्थक जो इस शहर और उसके 30-40 किलोमीटर के दायरे में रहते हैं उनके अतीत की कुछ चर्चित कहानियाँ रही है। इसे याद कर आप समझ सकते हैं कि आखिर क्यों यूँ ही पैर उठाकर लिंचिंग करने वाले मोहल्ले में नहीं जाना चाहिए।

एक किस्सा है 7 मार्च 2016 का। जब फर्जी पासपोर्ट बनाने के मामले में सदर थाना दरभंगा पुलिस की गिरफ्त में 8 बांग्लादेशी आए थे। पासपोर्ट सत्यापित करने के मामले में सदर थाना के तत्कालीन इंस्पेक्टर इंचार्ज हरिमोहन प्रसाद को पूर्व एसएसपी अजीत कुमार सत्यार्थी ने निलंबित कर दिया था। सभी 8 बांग्लादेशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई थी। 9 मार्च 2016 काे ही उन्होंने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी पटना को पत्र भेज कर पासपोर्ट निरस्त कराने की कार्रवाई पूरी की थी।

तत्कालीन एसएसपी सत्यार्थी ने जो पासपोर्ट ऑफिस पटना को पत्र भेजा था उसमें बताया गया था कि गुप्त सूचना पर सदर थाना अन्तर्गत सारामोहनपुर गाँव के एक घर से सदर थाना की पुलिस ने छापेमारी कर 8 बांग्लादेशी को पकड़ा था। सभी फर्जी पता एवं दस्तावेज पर पासपोर्ट बनवाने की नीयत से ठहरे थे। पासपोर्ट बनाने में मदद करने वाले और भी लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर कई कागजात व मुहर आदि जब्त किए थे। शहर के लालबाग मोहल्ला के मोहम्मद निजामउद्दीन के पुत्र वकील मोहम्मद वसीरूद्दीन उर्फ मोहम्मद अजमेरी को गिरफ्तार कर उसके घर से स्वास्थ्य विभाग के सदर प्रखंड का सादा व भरा पैड, रजिस्ट्रार का मुहर, राज हाई स्कूल का सादा प्रमाण-पत्र, नगर निगम से निर्गत होने वाले जन्म प्रमाण-पत्र के दर्जनों फॉर्म आदि जब्त किए गए थे।

एक टीम तत्कालीन एसडीपीओ दिलनवाज अहमद के नेतृत्व में गठित कर बांग्लादेशी मोहम्मद अख्तर को पासपोर्ट बनवाने में मदद के लिए फर्जी प्रमाण-पत्र देने वाले वकील मोहम्मद अजमेरी को गिरफ्तार किया गया। उससे पूछताछ के बाद सदर थाना के निकट किराए पर रहने वाले एक शिक्षक को भी पकड़ा गया।

NRC (जो कि अभी आया ही नहीं है) के नाम पर विरोध कर रहे ये लोग कौन हैं? कहीं ये वही लोग तो नहीं जिनका जिक्र ऊपर आया है। बांग्लादेशियों को अपने घरों में छुपाने वाले, उनके लिए फ़र्जी कागज तैयार वाले और उन्हें बसाने वाले लोग ही तो मॉब क्रिएट कर कबीलाई अंदाज में लोगों को लिंचिंग के लिए तो नहीं उकसा रहे?

एक और कहानी…

दरभंगा मॉड्यूल तो याद ही होगा! इसकी शुरुआत इंडियन मुजाहिदीन के फाउंडर यासीन भटकल ने की थी। अगस्त 2013 में नेपाल बॉर्डर पर यासीन पकड़ा गया था। बाद में 2016 में NIA ने दरभंगा मॉड्यूल में जाकिर नाइक का कनेक्शन बताया था।

दरभंगा में एक लाइब्रेरी है। दार-उल-किताब-सुन्ना लाइब्रेरी। यहाँ जाकर NIA ने जाकिर नाइक की किताबें, सीडी और फोटोज सील कर दी थी। मुंबई में हुए ब्लास्ट के सिलसिले में दरभंगा के 12 लोग गिरफ्तार किए गए थे। इनमें असादुल्लाह रहमान उर्फ दिलकश, कफील अहमद, तलहा अब्दाली उर्फ इसरार, मोहम्मद तारिक अंजुमन, हारुन राशिद नाइक, नकी अहमद, वसी अहमद शेख, नदीम अख्तर, अशफाक शेख, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद इरशाद, गयूर अहमद जमाली और आफताब आलम उर्फ फारूक शामिल हैं। इनमें से एक मोहम्मद आदिल कराची (पाकिस्तान) का था बाकी 12 दरभंगा के ही थे। शक था कि इंडियन मुजाहिदीन दरभंगा मॉड्यूल वाला प्रोग्राम इसी लाइब्रेरी से ऑपरेट करता था।

यहाँ इस बात का जिक्र करना आवश्यक है कि 2014 में गाँधी मैदान में बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी की स्पीच होने वाली थी। उस स्पीच से कुछ ही देर पहले ब्लास्ट कराने वाले इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी थे। उनके पास से भी जाकिर नाइक के बेहद भड़काऊ वीडियो सीडी मिले थे। 2012 में जाकिर नाइक ने मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले में रैली भी की थी।

NIA कई बार कह चुका है कि मिथिलांचल में आईएम चुपके-चुपके अपना विस्तार कर रहा है। हैदराबाद में हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद तहसीन का नाम इंडियन मुजाहिदीन के सक्रिय सदस्य के तौर पर सामने आया था और वह समस्तीपुर का रहनेवाला था। उसे पढ़ने के लिए पिता ने दरभंगा में ही भेजा था। यह सब देखने व समझने के बावजूद मेरे लिए यह समझना मुश्किल नहीं है कि दरभंगा में NRC के नाम पर बवाल करने वाले लोग कौन हैं।

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Disclaimer: लेख का मकसद यह बिल्कुल भी नहीं है कि दरभंगा की छवि खराब हो। ऊपर के जिन प्रसंगों का जिक्र किया गया है उसका मुकाबला करने के लिए यहाँ के ही स्थानीय लोगों ने कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। लेकिन, ये घटनाएँ चिंताजनक है।

शाहीन बाग़ में भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ वाले पोस्टर: नक्शों में उत्तर-पूर्व को देश से कटा हुआ दिखाया

दिल्ली पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से जहानाबाद के काको से देशद्रोह के आरोपित शरजील इमाम को गिरफ़्तार किया। शाहीन बाग़ प्रदर्शन के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील ने पूरे नॉर्थ-ईस्ट को शेष भारत से अलग करने के लोए लोगों को भड़काया था। उसके फेसबुक पोस्ट से ही पता चल गया था कि वो एक इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित व्यक्ति है। पुलिस की पूछताछ के दौरान भी ये बातें स्पष्ट हो गई है कि इस्लामी कट्टरपंथी जहरीले भाषण देने का उसका पुराना रिकॉर्ड रहा है।

शाहीन बाग़ प्रदर्शनस्थल पर यूँ तो हिंदुत्व विरोधी कई पोस्टर समय-समय पर लगाए जाते रहे हैं लेकिन अब वहाँ ऐसे पोस्टर भी लगाए गए हैं, जो भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ वाली मानसिकता के परिचायक हैं। मसलन, वहाँ भारत का ऐसा नक्शा लगाया गया है, जहाँ उत्तर-पूर्व भारत को देश से अलग दिखाया गया है। ऐसा दिखाया गया है कि उत्तर पूर्वी भारत को शेष भारत से अलग काट दिया गया है। नीचे संलग्न किए गए ट्वीट में आप उस पोस्टर को देख सकते हैं:

सोमवार (फरवरी 3, 2020) को ऑपइंडिया के रिपोर्टरों ने शाहीन बाग़ के धरनास्थल पर जाकर पड़ताल की तो पाया कि देश के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने की मानसिकता का परिचय देने वाला वो पोस्टर वहाँ पर लगा हुआ था, जिसमें नार्थ-ईस्ट इंडिया को देश के बाकि हिस्सों से काट कर दिखाया गया है। हमारे रिपोर्टरों ने विभिन्न एंगलों से तवीरें क्लिक की, जिसमें वो पोस्टर स्पष्ट दिख रहा है। इससे साफ़ मालूम होता है कि शाहीन बाग़ प्रदर्शन के पीछे देशविरोधी मानसिकता काम कर रही है।

यही वो ऐसे पोस्टर्स हैं, जिन्हें लहराते हुए ‘जिन्ना वाली आज़ादी’ का नारा लगाया गया था। अब जब प्रदर्शन को आयोजित करने वाला ही सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकेन्स नेक) को काट डालने की बात करता है और वहाँ आवागमन को ठप्प करने के लिए लोगों को भड़काता है तो फिर उस प्रदर्शन में मौजूद लोगों की मानसिकता उससे अलग तो होगी नहीं।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर ही उत्तर-पूरी भारत के राज्यों को शेष भारत से जोड़ता है। संवेदनशील इलाक़ा होने के कारण यहाँ असम राइफल्स, सीआरपीएस, बीएसएफ और सेना के जवान लगातार गश्त करते रहते हैं।

ऐसा नहीं है कि देश के सभी राजनीतिक दलों ने इन पोस्टरों का विरोध किया हो। कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इन पोस्टरों का समर्थन किया है। सीएए के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन के नाम पर जब हिंसा भड़की तो इसी तरह की एक उपद्रवी भीड़ का नेतृत्व करते हुए आप विधायक अमानतुल्लाह ख़ान को भी देखा गया था।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले ही कह चुके हैं कि वो शाहीन बाग़ के प्रदर्शनकारियों के साथ खड़े हैं। दिल्ली में कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार मुकेश शर्मा भी कह चुके हैं कि वो शाहीन बाग़ में हो रहे प्रदर्शन में मदद पहुँचाते रहते हैं और उन लोगों से उनकी बात होती रहती है।

‘रात भर खालिस्तानी आतंकी के घर ठहरे केजरीवाल, उनके आतंकवादी होने के कई सबूत’

दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए आठ फरवरी को वोट पड़ेंगे। चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सोमवार को कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आतंकी होने के प्रमाण हैं। जावड़ेकर भाजपा के दिल्ली विधानसभा चुनाव के प्रभारी भी हैं।

असल में पश्चिम दिल्ली से बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल को आतंकवादी बताया था। चुनाव आयोग ने इस बयान के बाद बीजेपी से वर्मा को के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर करने को कहा था। साथ ही उनके प्रचार करने पर 96 घंटे का प्रतिबंध भी लगा दिया था। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि केजरीवाल पूछ रहे हैं कि क्या मैं आंतकवादी हूॅं, तो इस बात के कई सबूत हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे।

जावड़ेकर ने कहा, “केजरीवाल मासूम चेहरा बनाकर दिल्ली की जनता से बार-बार पूछ रहे हैं कि क्या मैं आतंकवादी हूँ। हाँ, आप आतंकवादी हो, इसके बहुत सबूत हैं। आपने खुद कहा था कि मैं अराजकतावादी हूँ। अराजकतावादी और आतंकवादी में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। दिल्ली की जनता जो पहले केजरीवाल के पक्ष में थी। वह भी अब मुखर होकर उनसे सवाल कर रही है।”

बकौल जावड़ेकर केजरीवाल पंजाब के मोगा में खालिस्तान कमांडो फोर्स के आतंकवादी कमांडर गुरिंदर सिंह के आवास पर रात भर ठहरे थे। वहॉं वे सोच-समझकर रुके थे। सीएए के विरोध में शाहीन बाग में करीब 50 दिन से चल रहे धरने-प्रदर्शन का आप समर्थन कर रही है। जावड़ेकर ने कहा कि जिन्ना वाली आजादी और असम के विभाजन की बात करने वालों के साथ खड़ा होना भी एक तरह से आतंकवाद है।

आपको बता दें कि सांसद प्रवेश वर्मा ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि केजरीवाल जैसे नटवरलाल… केजरीवाल जैसे आतंकवादी देश में छुपे बैठे हैं। हमें तो सोचने पर मजबूर होना पड़ता है हम कश्मीर में पाकिस्तानी आतंकवादियों से लड़ें या फिर केजरीवाल जैसे आतंकवादियों से इस देश में लड़ें।

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