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एक पुरुष उत्सुक नयनों से देख रहा था प्रलय प्रवाह: पटना जलमग्न, 24 घंटे में 25 मौतें

बिहार की राजधानी पटना जलमग्न है। दुकानों से लेकर लोगों के घरों तक, पूरा शहर जैसे एक जलाशय में तब्दील हो गया है। राजेंद्र नगर इलाक़ा सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहाँ तो सभी मकानों के ग्राउंड फ्लोर जलमग्न हो गए हैं। बिना बिजली के लोग घरों में कैद हैं। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की आपदा प्रबंधन टीमें 16 नावों के साथ लोगों को पीने का पानी और भोजन उपलब्ध कराने में लगी हुई है। लेकिन, स्थिति इतनी विकराल है कि यह ऊँट के मुँह में जीरा ही साबित हो रहा है। जब राजधानी की यह स्थिति है तो बाकी इलाक़ों के बारे में आप कल्पना कर लीजिए।

कंकड़बाग, गर्दनीबाग, डाकबंगला और एसके पुरी जैसे इलाक़े बाढ़ से काफ़ी प्रभावित हुए हैं। इसे लेकर सोशल मीडिया में लोगों का गुस्सा बरपा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक फोटो भी वायरल हुआ, जिसमें वह छत पर खड़े होकर हाथ में छाता लिए बारिश का मुआयना कर रहे हैं। लोगों ने इस फोटो को लेकर उन पर सवाल दागे। कई लोगों ने कहा कि आखिरकार बिहार सरकार ‘नल-जल योजना’ को घर-घर तक पहुँचाने में कामयाब रही, क्योंकि अब घर से निकलते ही लोगों को जल ही जल दिख रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभी तक बाढ़ से पिछले 24 घंटे में 25 लोगों के मरने की ख़बर है। भागलपुर और गया सहित कई जिलों में लोगों की जान बाढ़ के कारण गई है। पटरियाँ जलमग्न होने के कारण रेल सेवाएँ प्रभावित हुई हैं और कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। सवाल यह भी है कि लोगों का इलाज हो भी तो कहाँ, क्योंकि अस्पतालों में भी पानी भर चुका है। शहर के सबसे बड़े नालंदा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मरीजों की स्थिति ख़राब हो चली है, क्योंकि पानी अस्पताल के भीतर तक घुस गया है।

मौसम विभाग का कहना है कि सोमवार (सितम्बर 30, 2019) तक राज्य में भारी बारिश जारी रहेगी। पटना जिले के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। वहीं प्रशासन से नाराज़ लोगों ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधने के लिए जयशंकर प्रसाद की कविता ‘कामायनी’ की पंक्तियों को कुछ इस तरह से नया रूप दिया:

पाटलिपुत्र के उत्तुंग शिखर पर,
बैठ शिला की शीतल छाँह
एक पुरुष, उत्सुक नयनों से
देख रहा था प्रलय प्रवाह

(नोट- असली कविता में ‘पाटलिपुत्र’ की जगह ‘हिमगिरि’ है और ‘उत्सुक’ की जगह ‘भीगे’ है)

ये था सोशल मीडिया का रिएक्शन। अगर राज्य सरकार की बात करें तो वरिष्ठ अधिकारियों का यही कहना है कि सभी जिलों के प्रशासन को ‘किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने’ का निर्देश दे दिया गया है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के घर में भी पानी घुस चुका है। नीचे आप एक रिक्शे वाले का वीडियो देख सकते हैं, जो बाढ़ के कारण अपने जीवन-यापन का एकमात्र साधन यानी अपने रिक्शे को खींचने में असमर्थ होने के कारण रोने लगता है:

मुख्यमंत्री नीतीश ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद कहा कि गंगा का जल-स्तर बढ़ रहा है और इसे रोकना किसी के भी हाथ में नहीं है, यह प्राकृतिक है। उन्होंने कहा कि लोगों को पीने का साफ़ पानी मुहैया कराने के लिए व्यवस्थाएँ की जा रही हैं।

मंसूर ने चचेरे भाई अमिनूल की हत्या कर लाश को टंकी में डाला, 3 साल बाद मिला कंकाल: हुआ गिरफ़्तार

महाराष्ट्र के पालघर ज़िले के वाडा थाना क्षेत्र में एक शख़्स ने अपने ही भाई की बेरहमी से हत्या कर दी और फिर उसकी लाश को शौचालय की टंकी में डाल दिया। तीन साल बाद उसी टंकी से उसका कंकाल मिलने से हत्या की गुत्थी सुलझ गई है। जानकारी के अनुसार, आरोपित को पुलिस ने केरल से गिरफ़्तार कर लिया है। पता चला है कि दोनों भाई नौकरी के सिलसिले में असम से महाराष्ट्र गए थे।

ख़बर के अनुसार, वाडा थाने के उसर इलाक़े में फकरुद्दीन ख़ान चितवाला का एक फॉर्म हाउस है, जहाँ अमिनूल हक मोहम्मद मुनताज अली वॉचमैन के तौर पर नौकरी करता था। उसी फॉर्म हाउस के बगल में एक और फॉर्म हाउस है जहाँ उसका चचेरा भाई सुई मंसूर मोहम्मद अकबर अली काम करता था। 

दोनों भाई साथ में ही रहते थे, खाना-पीना भी साथ ही था। एक दिन अचानक किसी बात को लेकर उनके बीच आपसी झगड़ा हो गया। विवाद इस हद तक बढ़ गया कि मंसूर ने गुस्से में अपने ही भाई की हत्या कर दी। हत्या की बात छिपाने और सज़ा के डर से उसने अमिनूल की लाश को ठिकाने लगाने के बारे में सोचा। 

ख़ुद को बचाने के लिए उसने भाई की लाश को शौचालय की टंकी में डाल दिया। अमिनूल के लापता होने पर उसके चाचा ने 28 दिसंबर 2016 को वाडा पुलिस स्टेशन में शिक़ायत दर्ज कराई। इस मामले की सूचना मिलने के बाद से ही पुलिस को मंसूर पर शक़ था। अपनी जाँच को उसने मंसूर पर ही केंद्रित कर रखा था। पुलिस को जाँच के दौरान यह भी पता चला कि मृतक की उम्र 17 साल थी। पुलिस ने 17 मार्च 2017 को अमिनूल के लापता होने के बजाए अपहरण का मामला दर्ज किया और केस पालघर के एटीएस को सौंप दिया।

ख़बर के अनुसार, पालघर के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने आतंकवाद और नक्सली दस्ते के प्रभारी मानसिंह पाटिल को जाँच के लिए निर्देशित किया था। आख़िरकार, हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया गया। 

पादरी गिरफ़्तार, इलाज के नाम पर 21 साल की युवती को ‘सम्मोहित’ कर 1 साल तक करता रहा बलात्कार

मुंबई के वसाई क्षेत्र में एक पादरी को बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है। उसने 21 साल की एक युवती के इलाज के नाम पर पहले तो उसे ‘सम्मोहित’ किया और फिर उसका बलात्कार किया। युवती डिप्रेशन की समस्या से जूझ रही थी। ये मामला तब प्रकाश में आया, जब पीड़िता के एक रिश्तेदार ने आरोपित पादरी को युवती के साथ एक रिसोर्ट से निकलते हुए देखा। आरोपित पादरी को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

उक्त पादरी वसई में एक प्रार्थना सेंटर चलाता है और तरह-तरह के रोगों को ठीक करने के दावे करता रहा है। वह इसके एवज में रुपए लिया करता था। लोग उसके प्रेयर सेंटर में आकर प्रार्थना करते थे और फिर वहाँ उनका ‘उपचार’ किया जाता था। पीड़िता ने अगस्त 2018 से इस प्रेयर सेंटर में आना-जाना शुरू किया। तब उसके माता-पिता भी साथ में होते थे। पादरी युवती के माता-पिता को घर भेज दिया करता था और युवती को इलाज के बहाने अपने पास रख लेता था।

इसके बाद वह तरह-तरह के क्रियाकलापों द्वारा युवती को ‘सम्मोहित’ करता था और फिर उसका रेप करता था। कई मौक़ों पर वह युवती को लेकर अलग-अलग रिसॉर्ट्स में जाता था और वहाँ उसका यौन शोषण करता था। युवती जब घर लौटती थी तो अपने अभिभावकों को पादरी की हरकतों के बारे में नहीं बताती थी। जब युवती के एक रिश्तेदार ने दोनों को एक रिसोर्ट में साथ देखा, तब उसने इसकी सूचना पीड़िता के माता-पिता को दी। माता-पिता यह सब जान कर हैरान रह गए।

जब माता-पिता ने युवती से इस बारे में पूछताछ की, तब उसने पादरी की हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद उन्होंने थाने में उक्त पादरी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया। वसई कोर्ट ने आरोपित पादरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आक्रोशित लोगों ने इस घटना की सूचना मिलते ही पादरी के प्रेयर सेंटर में तोड़फोड़ मचाया। फ़िलहाल 45 वर्षीय आरोपित पादरी के ख़िलाफ़ पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

यूपी, बिहार में इमरान खान पर मुकदमा, अक्टूबर में सुनवाई: दी थी J&K में खून-खराबे की धमकी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश और बिहार में मुकदमा दायर किया गया है। इन पर सुनवाई अक्टूबर में होगी। इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 74वें सत्र में कश्मीर पर भड़काऊ बयानबाजी कर खून-खराबे की धमकी दी थी। मुकदमा इसी के बाबत दायर किया गया है।

बिहार के मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी की अदालत में शनिवार (सितंबर 28, 2019) को वकील सुधीर कुमार ओझा ने इमरान के खिलाफ मुकदमा दायर। इसका आधार लोगों की भावनाएँ भड़काने को बनाया गया है। अदालत ने इसे मंजूर कर लिया है और सुनवाई के लिए 21 अक्टूबर की तारीख तय की है। ओझा ने बताया कि मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 124 (ए), 125 और 505 के तहत दायर की गई है।

वहीं, यूपी के महराजगंज सिविल कोर्ट के अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने 156(3) के तहत प्रार्थना-पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराया है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 अक्टूबर तय की है।

अधिवक्ता विनय कुमार पांडेय ने बताया कि यह मुकदमा राष्ट्रद्रोह और दो वर्गों के बीच वैमनस्यता फैलाने के तहत दाखिल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपने बयानों से भारत में हमेशा राष्ट्रद्रोह और दो वर्गों के बीच वैमनस्यता फैलाने का काम करते हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने शुक्रवार (सितंबर 27, 2019) को कहा था कि प्रतिबंध हटते ही जम्मू-कश्मीर में खूनखराबा होगा, खून की नदियाँ बहेंगी। प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नस्लीय श्रेष्ठता की भावना और घमंड की वजह से आदमी गलतियाँ करता है और गलत निर्णय लेता है। इमरान ने वैश्विक मंच से खुलेआम कहा कि एक बार फिर भारत में पुलवामा जैसा हमला होगा। उन्होंने कहा कि एक और पुलवामा होगा और तब भारत पाकिस्तान पर आरोप लगाएगा।

जो कर्म से बड़े होते हैं, उनका आशीर्वाद ज़रूरी होता है: लता मंगेशकर ने PM मोदी से क्यों कहा ऐसा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार द्वारा ई-सिगरेट को प्रतिबधित किए जाने वाले निर्णय के बारे में समझाया। पीएम ने कहा कि भारत में ई-सिगरेट पर प्रतिबन्ध लगाया गया है ताकि नशे का यह नया तरीका हमारे युवा देश को तबाह न कर दे। उन्होंने देश की जनता से तम्बाकू का व्यसन छोड़ने और ई-सिगरेट के सम्बन्ध में किसी भी प्रकार की ग़लतफहमी न पालने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने आह्वान किया कि सभी को आगे आकर एक स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के बारे में भी बात की। उन्होंने लोगों से कहा कि वे वहाँ खुशियाँ बाँटें, जहाँ लोग हैं। पीएम मोदी ने ‘चिराग तले अंधेरा’ मुहावरे का प्रयोग करते हुए कहा कि हमारे आस-पास भी बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो त्योहारों की खुशियों से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने सक्षम लोगों से अपील करते हुए कहा कि उनके घर में जो भी चीज बहुतायत में हों, उन्हें जरूरतमंदों को दे दें। पीएम ने कहा कि हमारा स्वभाव इसी प्रकार का होना चाहिए।

पीएम मोदी शनिवार (सितम्बर 29, 2019) को अमेरिका दौरे से लौटे। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। लौटने के बाद उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक में शामिल सैनिकों को सलाम किया क्योंकि उस दिन सर्जिकल स्ट्राइक के 3 साल पूरे हुए थे। आज रविवार को पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के ‘मन की बात’ के तीसरे एपिसोड का प्रसारण हुए। शनिवार को ‘भारत रत्न’ लता मंगेशकर का भी जन्मदिन था। उन्होंने उनसे जुड़ा वाकया सुनाया।

दरअसल, पीएम मोदी ने अमेरिका दौरे पर जाने से पहले ही लता मंगेशकर को आगामी जन्मदिन की बधाई दे दी थी क्योंकि उस शनिवार को वह फ्लाइट में होते। जब लता मांगशकार ने फोन कॉल पर पीएम मोदी से कहा, “मैं यह जान कर काफ़ी ख़ुश हो गई थी कि आपका फोन आने वाला है। बस आपका आशीर्वाद चाहिए।” पीएम मोदी ने लता मंगेशकर को याद दिलाया कि वह बड़ी हैं, और आशीर्वाद देने का फ़र्ज़ उनका बनता है। इसके जवाब में वयोवृद्ध गायिका ने कहा, “उम्र में तो बहुत लोग बड़े होते हैं लेकिन जो कर्म से बड़े होते हैं, उनका आशीर्वाद मिलना ज़रूरी होता है।

पीएम मोदी ने ‘Travel & Tourism Competitive Index’ की बात करते हुए कहा कि भारत ने अपनी स्थिति में बहुत सुधार किया है। उन्होंने बताया कि आज हमारी रैंक 34 है, जो 5 साल पहले 65 थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर और कोशिश की गई तो आजादी के 75 साल आते-आते भारत पर्यटन में दुनिया के प्रमुख स्थानों में अपनी जगह बना लेगा।


अब नहीं रुलाएगा प्याज: निर्यात पर रोक, केंद्र ने राज्यों से कहा- जितनी जरूरत हो ले जाएँ

प्याज की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ा फ़ैसला लिया है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने प्याज की निर्यात नीति में अगले आदेश तक संशोधन किया है। सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

इससे पहले, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि सरकार प्याज की क़ीमतों में कमी लाने की पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया था कि केंद्र ने अभी तक त्रिपुरा को 1,850 टन, हरियाणा को 2,000 टन और आंध्र प्रदेश को 960 टन प्याज तत्काल 15.59 रुपए/ किलो की दर से मुहैया करा दिया है। ये अधिकतम 23.90 रुपए/किलो की दर से उपभोक्ता को मुहैया कराएंगे। पासवान ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने 28 सितंबर से 5 दिनों के लिए प्रतिदिन 100 टन प्याज की माँग की है, जो पूरी की जाएगी। इसके अलावा, भी जिस राज्य को जितनी जरूरत होगी उतना प्याज मुहैया कराया जाएगा।

उन्होंने जानकारी दी थी कि 50 हज़ार टन का बफर स्टॉक उपलब्ध है, इससे मंडियों में आवक को बढ़ाया जा रहा है। देश के कई शहरों में प्याज का फुटकर दाम 70 से 80 रुपए प्रति किलो पहुँच गया है। इस बात को ध्यान में रख कर केंद्र सरकार प्याज व्यापारियों के भंडारण की सीमा तय करने पर विचार में है।

बुधवार (25 सितंबर) को जारी किए उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जैसे शहरों में खुदरा प्याज का मूल्य 60 रुपए किलो है। वहीं, मुंबई में 58 रुपए किलो, चेन्नई में 42 रुपए किलो और कानपुर में 70 से 80 रुपए किलो में प्याज का मूल्य है।

प्याज की आसमान छूती क़ीमतों के संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने शनिवार (28 सितंबर) को प्रदेश में प्याज की कीमत में हो रहे इजाफे को रोकने लिए विशेष प्रयास करने को कहा था। उन्होंने कहा था कि बिचौलिए किसी भी तरह से प्याज को अनाधिकृत रूप से स्टोर न करने पाएँ।

ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र जैसे प्याज उत्पादक राज्यों के बाढ़ से प्रभावित होने के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। इसकी वजह से पिछले एक महीने से प्याज की क़ीमत में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है।

‘शशि थरूर का फैन हूँ लेकिन 2024 में उन्हें तिरुवनंतपुरम से BJP के टिकट पर हरा दूँगा’

क्रिकेटर एस श्रीसंत ने कहा है कि वह 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरेंगे और तिरुवनंतपुरम सीट से जीत की हैट्रिक लगा चुके शशि थरूर को हरा देंगे। कभी भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाज के रूप में खेल चुके श्रीसंत ने बताया कि वह एक व्यक्ति के रूप में थरूर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और विषम परिस्थितियों में थरूर ने उनका साथ भी दिया है। लेकिन श्रीसंत ने कहा कि इन सबके बावजूद वह उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में हरा देंगे, इसमें कोई शक की गुंजाईश नहीं है। श्रीसंत ने ये सारी बातें इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताई।

श्रीसंत ने अपने भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा कि सब कुछ सही चल रहा है। उनकी आत्मकथा बाजार में आने वाली है। उस पर वेब सीरीज बन रही है। वह कुछ फ़िल्मों की शूटिंग भी कर रहे हैं। अब वह क्रिकेट के क्षेत्र में फिर से उतरने को तैयार हैं और जब वह मैदान पर उतरेंगे तो उन्हें देखने के लिए उनका परिवार भी वहाँ पर मौजूद होगा। श्रीसंत ने कहा कि वह जब तक जेल में थे तब तक उनकी पत्नी किचन में ही सोती थीं क्योंकि वह वैसे ही रहना चाहती थी, जैसे श्रीसंत जेल में बिना सुविधाओं के रहते थे।

बता दें कि मैच फिक्सिंग में नाम आने के बाद बीसीसीआई ने श्रीसंत पर 7 सालों का प्रतिबन्ध लगाया था। उन्हें जुलाई 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोष मुक्त करार दिया था। हालाँकि, यह पहली बार नहीं होगा जब वह चुनावी मैदान में उतरेंगे (अगर ऐसा होता है)। उन्होंने 2016 में तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह दूसरे नंबर पर रहे थे। कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार ने 36.82% मत प्राप्त कर उन्हें हरा दिया था। श्रीसंत को 27.54% वोट मिले थे।

अगर पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर की बात करें तो वह तिरुवनंतपुरम सीट से कॉन्ग्रेस के टिकट पर 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर चुके हैं। हालिया लोकसभा चुनावों में उन्होंने पिछले दोनों चुनावों से भी ज्यादा मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। 63 वर्षीय थरूर को हराने के लिए इस बार केरल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के राजशेखरन उतरे थे लेकिन उन्हें क़रीब 1 लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था।

‘गैर हिंदू गरबा, डांडिया में महिलाओं से करते हैं दुर्व्यवहार, प्रवेश रोकने के लिए आधार कार्ड करें अनिवार्य’

गरबा और डांडिया के आयोजकों से बजरंग दल ने गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने के लिए पहल करने को कहा है। इसके लिए आयोजकों से प्रवेश के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने की अपील की है। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए इसे जरूरी बताया गया है।

बजरंग दल के मीडिया कन्वेनर एस कैलाश ने कहा है कि कार्यक्रम स्थल पर गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने और गैर हिंदू बाउंसरों की तैनाती से बचने के लिए आयोजकों से यह अपील की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा गया है कि दूसरे समुदाय के लोग भी डांडिया और गरबा में आते हैं। लेकिन, इसका कारण दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति सद्भावना नहीं होती। असल में, समारोहों में प्रवेश करके वे महिला प्रतिभागियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस तरह के युवा उन लोगों के साथ मारपीट भी करते हैं, जो कथित पीड़ितों के बचाव के लिए आते हैं। उनके अनुसार गैर हिंदुओं को समारोह स्थल में प्रवेश देने में वहॉं तैनात किए गए दूसरे समुदाय के बाउंसर अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही समारोह स्थल में कौन प्रवेश कर रहा है इसकी निगरानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गरबा और डांडिया के हरेक आयोजन स्थल के पास बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। इसका मकसद गैर हिंदुओं द्वारा कार्यक्रम में किसी भी तरह का उत्पात मचाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

अब तक सच्चाई छिपाई गई, अब सही इतिहास लिखने का समय आ गया है: RSS के मंच पर अमित शाह

अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में न सिर्फ़ भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू पर निशाना साधा बल्कि इतिहास फिर से लिखे जाने की बात की। शाह ने जम्मू कश्मीर और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के परिप्रेक्ष्य में बात करते हुए यह सब कहा। अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर मसले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में लेकर जाना सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि नेहरू ग़लत चार्टर के साथ आईसीजे में गए। उन्होंने सवाल किया कि जब भारतीय सेना जीत रही थी तो आख़िर नेहरू ने युद्ध विराम की घोषणा की ही क्यों?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठन ‘संकल्प’ द्वारा आयोजित कार्यशाला में अमित शाह ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आज भी जम्मू कश्मीर और अनुच्छेद 370 को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन अफवाहों पर स्थिति स्पष्ट करना और लोगों तक सच्चाई पहुँचनी जरूरी है। बकौल शाह, जम्मू कश्मीर 1947 से ही चर्चा और विवाद का विषय रहा है लेकिन दुखद यह है कि लोगों के समक्ष छेड़छाड़ किया हुआ इतिहास पेश किया गया।

अमित शाह ने कहा, “चूँकि इतिहास लिखने-लिखवाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं लोगों के पास थी, जिन्होंने एक के बाद एक कई गलतियाँ की थीं, परिणामस्वरूप सही तथ्य लोगों तक नहीं पहुँच पाए और सच्चाई छिप गई। अब सही इतिहास लिख कर लोगों के सामने पेश करने का समय आ गया है। अब ग़लत इतिहास में सुधार करने का वक़्त आ चुका है।”

अमित शाह ने इस दौरान ‘संकल्प’ से जुड़े देश भर के कई वर्तमान व सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल शर्मा भी मंच पर उपस्थित थे। ‘संकल्प’ यूपीएससी की कोचिंग देता है और साथ ही छात्रों को राष्ट्रीयता का पाठ भी पढ़ाता है। इससे जुड़े कई छात्र सरकारी सेवाओं में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और कार्यरत हैं।

अमित शाह ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की आज़ादी के बाद 30 रियासतों को एक करने में कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन जम्मू-कश्मीर को अटूट औरअखंड रूप से एक करने में 5 अगस्त, 2019 तक का समय लग गया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 पर उनकी पार्टी का स्टैंड स्थापना से लेकर अभी तक वही है।

लंदन भाग रहा था प्रणव अंसल, एयरपोर्ट पर पकड़ा गया: अंसल टाउनशिप के नाम पर निवेशकों से ठगी का मामला

अंसल ग्रुप के वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। वह गुपचुप तरीके से लंदन निकलने की फिराक में था। वित्तीय धोखाधड़ी के करीब दो दर्जन मामलों में आरोपित प्रणव के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी था।

बताया जा रहा है कि प्रणव एयर इंडिया की एआई 161 फ्लाइट से लंदन रवाना होने वाला था। उससे पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया। दरअसल, लखनऊ के अंसल टाउनशिप घोटाले में उसके पिता सुशील अंसल सहित तीन अन्य निदेशकों के गिरफ़्तारी की क़वायद लखनऊ पुलिस की ओर से पहले से ही शुरू कर दी गई थी।

इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने प्रणव अंसल के लिए लुक आउट नोटिस जारी करवाया था। आरोप है कि अंसल ग्रुप ने गरीबों का पैसा हड़पने के साथ ही फौजियों को भी कई लुभावनी स्कीम्स का लालच देकर ठगा है। कई लोगों ने पुलिस से इसकी शिकायत की थी।

यह भी कहा जा रहा है कि लखनऊ पुलिस द्वारा अपने ख़िलाफ़ जारी लुक आउट सर्कुलर से प्रणव अंसल बेख़बर था। ख़बर के अनुसार, लखनऊ के विभूति खण्ड थाने में प्रणव अंसल पर 406 ,420, 467, 468, 471, 504, 506 की धाराओं में FIR दर्ज हुई थी।