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19 वर्ष की लड़की से जसीम ने किया बलात्कार: अश्लील वीडियो बनाकर इस्लाम कबूलने की धमकी

केरल में 19 साल की ईसाई लड़की के साथ बलात्कार, ब्लैकमेल और इस्लाम कबूलने की ज़बरदस्ती की खबर सामने आई है। आरोपित जसीम के खिलाफ पीड़िता के परिवार वालों ने नाडकावू पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि आरोपित ने पीड़िता को नशीला पेय पदार्थ पिलाया, उसके साथ बलात्कार तब तक किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई, और उसके बाद उसने पीड़िता की तस्वीरें लीं। इसके बाद वह उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर उस पर इस्लाम कबूल करने के दबाव डालने लगा।

कोचिंग में मिला था

पीड़िता के घर वालों के हवाले से मीडिया खबरों में प्रकाशित किया गया है कि आरोपित पीड़िता से केरल के कोझिकोड जिले के एक कोचिंग सेंटर में मिला था। वहाँ दोनों सहपाठी थे। पीड़िता 7 जुलाई को अपने दो दोस्तों के साथ सरोवरम बायो थीम पार्क में गई थी। वहाँ आरोपित से संयोगवश उसका सामना हो गया।

आरोपित उसे पार्क की एक इमारत में ले गया जहाँ उसने पीड़िता को नशीला पदार्थ पिलाया, और उसका यौन शोषण तब तक किया जब तक वह बेहोश नहीं हो गई। उसके बाद आरोपित ने कथित तौर पर उसका अश्लील वीडियो भी बना लिया। बाद में वह उन्हीं वीडियो से उसे ब्लैकमेल कर इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर करने लगा। धमकी दी कि यदि पीड़िता ने ऐसा नहीं किया, तो वह सोशल मीडिया पर डालकर उसका वीडियो सबको दिखा देगा।

महीने भर तक कार्रवाई नहीं, Minority Commission का हस्तक्षेप

अंत में उसकी धमकियों से आजिज़ आकर पीड़िता ने अपने परिवार वालों को सारी बात बताई, जिसके बाद 5 अगस्त को उसके पिता ने नाडकावू पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। हालाँकि, परिवार का आरोप है कि उसके बाद भी एक महीने से अधिक समय तक पुलिस मामले को दबाकर बैठी रही। इस बीच पीड़िता के परिवार ने अल्पसंख्यक आयोग से इसकी शिकायत की, जिसके बाद उसके उपाध्यक्ष जॉर्ज कुरियन ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर NIA को मामले की जाँच सौंपने की माँग की।

अब मामले की जाँच NIA को ही सौंप दी गई है। जनसत्ता के रिपोर्ट के अनुसार केरल के कोझिकोड इलाके से ही एक महीने में 50 ‘लव जिहाद’ के मामले सामने आए हैं। केरल के मुख्यमंत्री उम्मेन चांडी ने विधानसभा में महज़ 2006-12 के कालखंड में 7713 लोगों के इस्लाम कबूलने की बात कही थी।

370 पर उलझे इमरान, वहाँ पाकिस्तान में निकाह के लिए तरस रहे हैं आम लोग, ये है वजह

पाकिस्तान की अर्थव्यस्था मरणासन्न स्थिति में है। वहाँ दिनों-दिन आसमान छूती महँगाई ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। पाकिस्तान इस समय घोर आर्थिक संकट और बेतहाशा महँगाई से जूझ रहा है। इससे उबरने के लिए पाकिस्तान के वजीरे आज़म इमरान खान ने क्या कुछ नहीं किया। चाहे कारें बेचनी हों या गधे यहाँ तक कि वहाँ नान और टमाटर के दाम तय करने को भी राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया था। बाकायदा उसके लिए कैबिनेट मीटिंग तक हुई थी। लेकिन कार और गधे बेचने के बाद भी पाकिस्तान की अर्थव्यस्था सुधर नहीं रही है। आतंक की खेती करने वाले पाकिस्तान में जहाँ जेहादी हूरों के सपने दिखाकर आतंकवाद को पोषित करते आ रहे हैं। वहीं रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरान के नए पाकिस्तान में अब आलम यह है कि आम लोगों के लिए अब निकाह करना भी आसान नहीं रह गया है।

पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक, वेडिंग सीजन अर्थात निकाह का मौसम आने के बाद भी वहाँ लोग निकाह को तरस जा रहे हैं। पाकिस्तान में आम लोग निकाह से बच रहे हैं जिसकी सबसे बड़ी वजह है चिकन के दाम क्योंकि वहाँ चिकन का दाम अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुँच गया है। ऐसे में आम लोगों का रोजमर्रा का खर्च इतना बढ़ गया है कि खाने के लाले पड़ गए हैं। चिकन ही नहीं वहाँ पेट्रोल-डीजल, फलों और सब्ज़ियों, दूध सहित कई खाद्य उत्पादों के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में आम आदमी निकाह करे भी तो कैसे दावत के बिना निकाह टल रहे हैं और इमरान खान 370 के हटने के बाद कश्मीर को लेकर परेशान हैं।

बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 117.83 रुपए (पाकिस्तानी रुपए) प्रति लीटर तक पहुँच गया था और डीजल की कीमत 132.47 रुपए प्रति लीटर तक। पाकिस्तान में दूध की कीमत 140 रुपए प्रति लीटर है अर्थात वहाँ पेट्रोल-डीजल से भी महँगा दूध बिक रहा है।

खाने-पीने से लेकर जीवन की रोजमर्रा की चीजें इस कदर महँगी हैं कि खाने के लाले ही पड़ गए हैं। आतंक पर लगाम न लगाने के कारण विदेशों से कर्ज मिलना बंद हो चुका है। खर्चे बचाने के लिए इमरान खान की विदेश यात्राएँ भी उधार के विमान से संपन्न हो रही हैं। इन्फ्लेशन बढ़ने से पाकिस्तान में कॉस्ट ऑफ़ लिविंग बेतहाशा बढ़ी है जिसका सबसे ज़्यादा असर आम लोगों के निकाह पर पड़ा है।

एक कारोबारी के हवाले से डॉन के इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि पाकिस्तान में एक किलोग्राम चिकन का दाम 480-500 रुपए (हड्डियों के साथ) हो गया है। वहीं, बोनलेस चिकन के दाम 650-700 रुपए प्रति किग्रा हो गए हैं। जहाँ आटा और मैदे का दाम भी आसमान छू रहा हो वहाँ नान का दाम बढ़ जाने से पब्लिक पर दोहरी मार पड़ रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की जनता में बढ़ते महँगाई को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जनता बेसिक सुविधाओं के लिए मुँहताज हो रही है और इमरान खान अभी भी इस समस्या से न निपटकर भारत के आतंरिक मामले कश्मीर में दखल के लिए दूसरे देशों से समर्थन न दिए जाने के बावजूद भी चक्कर लगा रहे हैं। वहाँ के मंत्री मीडिया में उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं।

सोशल मीडिया पर लोग पाकिस्तान का लगातार मजाक उड़ा रहे हैं। लोगों का यहाँ तक कहना है कि अभी भी वक़्त है संभाल लें इमरान कहीं ऐसा न हो कि जिहाद और आतंक की खेती के चक्कर में आम लोग विद्रोह कर बैठें। पहले अपना देश संभाल लें फिर दूसरे देश के आतंरिक मामलों में दखल देने की सोचें।

राष्ट्रहित और विदेश नीति के मामले में दलगत राजनीति की परवाह नहीं: मोदी की तारीफ़ पर कॉन्ग्रेस नेता

मुंबई कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद मिलिंद देवड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ़ पर अपनी आलोचना करने वालों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता मुरली देवड़ा ने हमेशा देशहित को दलगत राजनीति से ऊपर रखा, और वे भी राष्ट्रहित और विदेश नीति के मामले में दलगत राजनीति की परवाह नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता के ही पुत्र हैं, और वे राजनीतिक ध्रुवीकरण के बढ़ते जाने पर भी अपने मूल सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं करेंगे। वे उन अटकलों का जवाब दे रहे थे, जो मोदी की तारीफ के बाद उनके भाजपा में शामिल होने को लेकर लगाई जा रही थीं। मिलिंद देवड़ा ने दावा यह भी किया था कि उनके डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियों के मित्र भारत की 21वीं सदी में बढ़ती नेतृत्व क्षमता का लोहा मानने लगे हैं।

मोदी ने किया था रीट्वीट

प्रधानमंत्री मोदी को ‘Howdy Modi’ की सफलता पर शुभकामनाएँ देते हुए देवड़ा ने भारत की ‘सॉफ़्ट-पावर’ कूटनीति में इस मौके पर उनके भाषण को अभूतपूर्व बताया था। देवड़ा ने इस मौके पर अपने पिता और मुंबई के पूर्व मेयर मुरली देवड़ा को भी “भारत-अमेरिका रिश्तों के प्रारम्भिक वास्तुकारों में से एक” बताया। उनके ट्वीट के जवाब में मोदी ने भी उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि मुरली देवड़ा भारत-अमेरिका संबंधों में मज़बूती देख कर बहुत खुश होते।

इसके बाद खेल एवं युवा मामलों के राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी मुरली देवड़ा को उनकी “परिपक्व और ईमानदार राजनीतिक टिप्पणी” के लिए बधाई दी। इसके जवाब में देवड़ा ने कहा कि वे हमेशा से विदेश नीति और दलगत राजनीति को अलग-अलग रखने का समर्थन करते रहे हैं।

इसके बाद न केवल ट्विटर पर ट्रोलों ने मिलिंद देवड़ा पर तंज़ कसने शुरू कर दिए, बल्कि मीडिया सूत्रों के हवाले से कॉन्ग्रेस आलाकमान में भी उनके इस कदम से नाराज़गी फ़ैलने की खबरें बनाई गईं। इसी के बाद देवड़ा ने यह बयान जारी कर भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर विराम लगाया।

अल्लाह की कसम मुझे छोड़ दो, भैया आप तो मुझे जानते हो… फिर भी आदिल, नाजिक ने रेप कर बनाया वीडियो

उत्तर प्रदेश के कौशांबी ज़िले के अकिल थाना क्षेत्र में रविवार (22 सितंबर) को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाने की घटना सामने आई है। जानकारी के अनुसार, सराय अकिल कोतवाली इलाक़े के गाँव में दलित लड़की शनिवार (21 सितंबर) की दोपहर क़रीब डेढ़ बजे घोसिया स्थित पुराने टेलीफोन एक्सचेंज के पास घास छीलने गई थी। इसी दौरान घोसिया गाँव के नाजिक पुत्र उबैर उल्ला, आदिल उर्फ़ छोटू पुत्र इस्माइल और एक अज्ञात युवक ने लड़की को घेर लिया।

तीनों आरोपित लड़की को पकड़ कर झाड़ियों में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान लड़की बार-बार दया की भीख माँगती रही, लेकिन आरोपितों ने उसकी एक न सुनी और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया।वायरल वीडियो में साफ सुना जा सकता है पीड़िता दलित नाबालिग लड़की गिड़गिड़ा रही है, ‘भैया आप मुझे जानते हो, अल्लाह के लिए छोड़ दो” फिर भी इन दरिंदों को रहम नहीं आई। वह रोती, चीखती, चिल्लाती रही और आदिल, नजिक जैसे दरिंदे उसकी चीख को फिल्माते रहे।

रिपोर्ट्स के अनुसार, दलित नाबालिग लड़की की चीख-पुकार सुनकर खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल पर पहुँचे और नाजिक को पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई की। लेकिन आदिल और अज्ञात युवक मौक़े से भागने में क़ामयाब रहे।

पुलिस पर शिकायत लेकर पहुॅंचे पीड़िता के पिता के साथ मारपीट का आरोप भी लगा है। ख़बर के अनुसार, पुलिस के रवैए से ग्रामीणों में रोष फैल गया और उन्होंने थाने का घेराव किया। इस बात की सूचना जब एसपी प्रदीप गुप्ता को मिली तो वे कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ सराय अकिल पहुँचे। इस घटना के क़रीब पाँच घंटे बाद पिता की शिक़ायत पर तीनों आरोपितों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया।

ऑपइंडिया ने इस संबंध में पुलिस का पक्ष जानने की कोशिश की। सरकारी वेबसाइट पर दर्ज सराय अकिल कोतवाली के नंबर पर हमने कॉल किया। लेकिन, खुद को इंस्पेक्टर सैनी बताने वाले शख्स ने कहा कि यह मामला उनके थाना क्षेत्र का नहीं है।

पुलिस को नाजिक के मोबाइल से गैंगरेप की घटना का पूरा वीडियो भी मिला। एसपी ने बताया कि फ़रार आरोपितों की गिरफ़्तारी के लिए एक पुलिस टीम को रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मामला दो समुदायों का होने के कारण इलाके में तनाव की स्थिति है। एसपी ने आरोपितों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

पाकिस्‍तान अधिकृत कश्मीर में भूकंप से तबाही का मंजर, सड़कों में समा गई कारें, देखें VIDEO

मंगलवार शाम लगभग 4.31 बजे आए शक्तिशाली भूकंप से पाकिस्‍तान में भारी तबाही हुई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अभी एक महिला समेत पाँच लोगों की मौत और लगभग 50 लोगों के घायल होने ही खबर है। कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं। भारत में दिल्ली-एनसीआर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।

बता दें कि अचानक आए इस भूकंप से थोड़े देर के लिए लोगों में अफरा तफरी मच गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली के अलावा पंजाब, हरियाणा और कश्मीर सहित पूरे उत्तर भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप का केंद्र चूँकि पाकिस्तान में था इसलिए पाकिस्‍तान और पीओके में इस भूकंप से भारी तबाही मची है। जिसकी तस्वीरें और वीडियो ट्विटर पर शेयर की जा रही हैं।

बता दें कि भूकंप से पंजाब, खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों और इस्‍लामाबाद के कई हिस्सों में तेज झटके को महसूस किया गया। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार इस भूकंप का केंद्र पाक अधिकृत कश्‍मीर के मीरपुर, जातलां में रहा। यह क्षेत्र लाहौर से उत्तर पश्चिमी दिशा में 173 किलोमीटर की दूरी पर है। यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर 5.8 तीव्रता का है। इससे पहले यहाँ पर 2005 में भी भूकंप आया था, जिसमें भारी तबाही हुई थी।

जियो टीवी के एक रिपोर्ट के अनुसार, भूकंप के कारण पाकिस्‍तान के इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुर्री, झेलम, चारसद्दा, स्वात, खैबर, एबटाबाद, बाजौर, नौशेरा, मनसेहरा, बत्तग्राम, तोगर और कोहितान में तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण प्रभावित क्षेत्रों में लोग सड़कों पर निकल गए। कई जगहों पर घरों के ध्‍वस्‍त होने, सड़कों के धँस जाने की भी खबर है। 

जबकि भारत में अभी तक किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। यहाँ तक कि कश्मीर में भी जान-माल के नुकसान से इंकार किया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्‍तान का सैन्‍य और प्रशासन बचाव कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन रात होने के कारण इसमें बाधा आ सकती है। पाक अधिकृत कश्‍मीर के प्रधानमंत्री राजा फारूख हैदर मंगलवार को लाहौर का दौरा कर रहे थे, वह अपना दौरा छोड़कर गुलाम कश्‍मीर आ गए हैं।  

सिद्दरमैया का पालतू तोता नहीं हूँ, ‘ऊपर से’ ऑर्डर लेकर बना CM: कुमारास्वामी का फिर से छलका दर्द

पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी के लिए कॉन्ग्रेस के साथ सरकार चलाना कितना ‘पीड़ादायक’ अनुभव रहा, इसका ‘दर्द’ रह-रह कर छलकता रहता है। अभी हाल ही में उनके पिता और जेडीएस अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने उपचुनावों में गठबंधन के सवाल पर मीडिया को बताया कि उनके पुत्र कुमारास्वामी फिर से कॉन्ग्रेस के हाथों ‘प्रताड़ित’ नहीं होना चाहते। और आज कुमारास्वामी ने खुद भी साफ़ कर दिया कि वे कर्नाटक के कॉन्ग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दरमैया के ‘पालतू तोता’ नहीं हैं।

‘मेरे पापा ने इसके जैसे बहुत बनाए, लेकिन मुझे CM कॉन्ग्रेस आलाकमान ने बनाया’

एक तरफ़ कुमारास्वामी ने कॉन्ग्रेस के नेताओं पर भाजपा के साथ हाथ मिला लेने का आरोप लगाया, और वहीं दूसरी ओर खुद अपने मुख्यमंत्रित्व के लिए कॉन्ग्रेस आलाकमान का आभार व्यक्त किया। सिद्दरमैया पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “मैं सिद्दरमैया का पालतू बनाया हुआ कोई तोता नहीं हूँ। उनके जैसे कई हैं, जो एचडी देवेगौड़ा के शासन में फल-फूले। मैं मुख्यमंत्री कॉन्ग्रेस आलाकमान के आशीर्वाद के चलते बना।” साथ ही उन्होंने अपनी सरकार गिरने का ठीकरा भी सिद्दरमैया के सिर फोड़ दिया। उन्होंने कहा, “जब कॉन्ग्रेस आलाकमान से कोई निर्देश आता है तो वे (सिद्दरमैया) उसे सुनते नहीं हैं। इसीलिए हमारी सरकार नहीं चली।”

मालूम हो कि जुलाई अंत में कर्नाटक विधानसभा में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा सरकार को बहुमत प्राप्त हो गया था। 15 विधायकों के इस्तीफे के बाद 207 विधायकों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 104 का आँकड़ा चाहिए था और बीजेपी के पास 105 विधायक थे। इसीलिए विपक्ष ने मत विभाजन की माँग तक नहीं की थी। इसके पहले कॉन्ग्रेस-जेडी (एस) गठबंधन सरकार शक्ति-परीक्षण में असफल रही थी।

इसके अलावा कुमारास्वामी ने सिद्दरमैया पर कर्नाटक की ‘क्षेत्रीय अस्मिता’ के लिए भी कुछ नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद एक क्षेत्रीय दल बनाने का काम मैंने किया है। क्या सिद्दरमैया के अंदर हिम्मत है कि क्षेत्रीय अस्मिता के लिए कुछ करें?”

आसिफ (नकली नाम- सुरेश) ने युवती को नशे की गोलियाँ खिला कर किया गैंग रेप, 66 वीडियो बना किया ब्लैकमेल

राजस्थान में ग़लत धर्म बता कर एक युवती से बलात्कार करने का मामला सामने आया है। पीड़िता बीकॉम फर्स्ट इयर की छात्रा है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपित उसे जबरदस्ती एक होटल में ले कर गया और वहाँ उसके साथ गैंग रेप किया गया। आरोपित आसिफ खिरोड़-झुंझनूं का निवासी है। उसने युवती को अपनी पहचान सुरेश के रूप में बताई थी। आरोप है कि उसने पीड़िता को नशे की गोलियाँ खिला कर अपने दोस्तों के साथ मिल कर उसका गैंगरेप किया। इसके बाद पीड़ित युवती को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

युवती के गैंग रेप के दौरान कुल 66 वीडियो क्लिप्स आरोपित युवक ने अपने दोस्तों के साथ बनाए। इन वीडियो क्लिप्स के जरिए पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल किया जाता रहा। पीड़िता को वीडियो क्लिप्स सार्वजनिक करने की धमकी देकर उससे कई बार रुपए तक ऐंठे गए। बात नहीं मानने पर युवती को जान से मार डालने की धमकी भी दी गई। उद्योग नगर पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज कर के जाँच शुरू कर दिया है।

युवती ने बताया कि वह रोज़ पढ़ाई करने के लिए बस से आती-जाती थी। इसी दौरान बस में ही एक युवक से उसकी मुलाक़ात हुई। जब बातचीत की शुरुआत हुई तो उस युवक ने अपना नाम सुरेश कुमार बताया। वह पीड़िता को उसका दोस्त बनने के लिए कहता था। जब युवती ने इनकार कर दिया तो उसने किसी बहाने से स्थानीय पेट्रोल पंप के पास बुलाया, जहाँ पहले से ही एक सफ़ेद रंग की बोलेरो खड़ी थी। इसमें पहले से ही एक महिला व एक अन्य व्यक्ति बैठे थे। यहीं से पीड़िता को होटल ले जाया गया।

होटल पहुँचने के बाद युवती को जबरन नशे की गोलियाँ खिलाकर एक कमरे में ले गया, जहाँ आसिफ ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर उसका सामूहिक बलात्कार किया। इस दौरान उन्होंने पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। इन्हीं रिकॉर्डिंग के दम पर उन्होंने पीड़िता से ब्लैकमेलिंग के जरिए 25 हज़ार रुपए भी वसूल लिए। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आसिफ के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है।

‘दैनिक भास्कर’ के झुंझनूं संस्करण में छपी ख़बर

आसिफ के साथ एक महिला भी इस ब्लैकमेलिंग और पूरे प्रकरण में शामिल रही। उस महिला ने बार-बार पीड़ित युवती को कॉल कर के धमकाया। एक बार जब पीड़िता बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी, तब उक्त महिला ने आकर आसपास के लोगों से कहा कि ये लड़की कॉलेज नहीं जाती है, बल्कि होटलों में जाती है। आसिफ की साथी महिला पीड़िता को कॉल कर के धमकी देती थी कि अगर उसने रुपए नहीं दिए तो वह घर आकर वसूल लेगी। आसिफ पीड़िता को गर्व से बताता था कि उसने पहले भी इस तरह के कई काम किए हैं और उसे अब तक कोई फँसा नहीं सका है।

आसमान में मक्का के टाइमटेबल से पढ़ना नमाज: UAE के अंतरिक्षयात्री को मिलीं ‘इस्लामी गाइडलाइन’

दुबई के इस्लामिक मामलों के प्राधिकरण ने संयुक्त अरब अमीरात को इस्लामिक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश देश के पहले अंतरिक्ष यात्री हज़्ज़ा अल मंसूरी के अंतरिक्ष में नमाज़ पढ़ने को लेकर जारी किए गए हैं।

इस्लाम की प्रथाओं के अनुसार नमाज़ दिन के समय के हिसाब से पढ़नी होती है, जबकि अंतरिक्ष में हज़्ज़ा को 16-16 सूर्योदय और सूर्यास्त एक दिन में दिखने थे। ऐसे में प्राधिकरण ने हज़्ज़ा को इस्लाम के समर्थकों की पवित्रतम जगह मक्का के सूर्योदय-सूर्यास्त के समय नमाज़ पढ़ने की सलाह दी है। इसके अलावा नमाजियों को मक्का की तरफ़ मुँह करके नमाज़ पढ़ने के लिए कहा जाता है, जबकि अंतरिक्ष यात्री शून्य गुरुत्वाकर्षण में तेज़ी से धरती के चक्कर लगा रहे होते हैं। इसके समाधान में हज़्ज़ा को धरती की ओर चेहरा कर नमाज़ पढ़ने को कहा गया है।

‘रेत के दाने या पत्थर से करना पाक’

नमाज़ पढ़ने के पहले खुद को स्वच्छ करना होता है। गाइडलाइंस के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (ISS) में पानी की कमी होने पर इसके लिए रेत के दाने या पत्थर का इस्तेमाल किया जा सकता है। अल मंसूरी रूसी कॉस्मोनॉट ओलेग स्क्रिपोचका और अमेरिकी अंतरिक्षयात्री जेसिका मायर के साथ बुधवार (25 सितंबर) को ISS के लिए रवाना होंगे। NASA के अनुसार अल मंसूरी 3 अक्टूबर को लौट आएँगे, जबकि बाकी दोनों अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी अगले वर्ष होगी।

पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय पर हो रहा भयंकर अत्याचार, न्याय के लिए UNHRC में गुहार

पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों से पीड़ित अल्पसंख्यक अहमदिया मुस्लिम समुदाय ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में मदद के लिए आवाज उठाई है। यहाँ UNHRC की 42वीं सालाना बैठक के दौरान अहमदिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने पाक की हुकूमत पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में रहने वाली अहमदिया मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि फरीद अहमद ने इस बैठक में कहा, “हमारे समुदाय के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पाकिस्तान में सैकड़ों अहमदियों की हत्या कर दी गई थी और अब भी हजारों सदस्यों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा रहा है।”

उनके मुताबिक पाकिस्तान में उनके समुदाय के कई लोगों को फर्जी मामलों में फँसाया जा रहा है और समुचित शिक्षा व्यवस्था तक उनकी पहुँच नहीं हैंं। उनकी मानें तो आज भी उन्हें पाकिस्तान में मतदान का अधिकार नहीं है।

इस मामले में पाकिस्तान की दोहरे चेहरे की पोल खोलते हुए समुदाय से ताल्लुक रखने वाले सर इफ्तियार अहमद अयाज ने कहा, “पाकिस्तान के संविधान में हर नागरिक के लिए समान अधिकार का वादा किया गया है, लेकिन हमारे अहमदिया समुदाय के लोग अत्याचार का सामना कर रहे हैं। समुदाय के लोगों को हर चीज से वंचित किया जा रहा है।”

यहाँ उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान में लंबे समय से अहमदिया समुदाय पर अत्याचार हो रहा है। उन्हें साल 1974 में संविधान में संशोधन के साथ गैर मुस्लिम घोषित कर दिया गया था। इसके बाद 1984 में जनरल मुहम्मद जिया-उल-हक के शासन में एक सख्त अध्यादेश जारी किया गया था। जिसमें कहा गया था कि अगर कोई अहमदिया खुद को मुस्लिम बताएगा, तो वो अपराध की श्रेणी में आएगा और ऐसा करने वाले को 3 साल की सजा और जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है।

अयोध्या में बाबर ने राम मंदिर बनवाया था? – 3 ​सूरतों पर गौर कर रहा है सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मामले की नियमित सुनवाई चल रही है। शीर्ष अदालत पहले ही उम्मीद जता चुका है कि इस साल 18 अक्टूबर तक सुनवाई ख़त्म हो जाएगी। इससे कोर्ट को फ़ैसला लिखने के लिए पर्याप्त समय मिल पाएगा। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने आज (24 सितंबर 2019) एक बड़ा बयान दिया है। सुनवाई के दौरान जब मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन और ज़फ़रयाब जिलानी ने दलीलें पेश कीं, तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह तीन विकल्पों पर विचार कर रहा है। जस्टिस ए बोबडे ने निम्नलिखित 3 विकल्प बताए:

  1. बाबर ने मंदिर को ध्वस्त करने के बाद मस्जिद बनाई।
  2. बाबर ने उस स्थल पर मंदिर बनाई, जहाँ पहले से ही मंदिर स्थापित था।
  3. वह जगह खाली पड़ी हुई थी और वहाँ बाबर ने मस्जिद का निर्माण करवाया।

उपर्युक्त तीनों विकल्पों पर सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने सीता कुंड से जन्मस्थान की सटीक दूरी और जन्मस्थान के सटीक स्थल के बारे में सुनवाई करते समय इन तीनों विकल्पों के बारे में जानकारी दी। जिलानी ने कोर्ट के तीनों विकल्पों को सुनने के बाद कहा कि तीसरा विकल्प ही उनका पक्ष है। अर्थात, मुस्लिम पक्ष का मत है कि यह जगह खाली पड़ी हुई थी और मुग़ल शासक बाबर ने वहाँ मस्जिद का निर्माण करवाया।

जिलानी ने कहा कि यह एक सामान्य मस्जिद थी। मुस्लिम पक्षकार ने दावा किया कि ये मस्जिद तभी चर्चा में आया, जब ये स्थल विवादित हो गया। जिलानी के अनुसार, अगर विवादित स्थल पर इतिहास में कोई मंदिर था तो तो वह कब गायब हो गया होगा, किसी को नहीं पता। जिलानी ने कहा कि यह ढाँचा 19वीं सदी तक भारत के किसी अन्य सामान्य मस्जिद की तरह ही था।

जस्टिस बोबडे ने जिलानी से सवाल किया कि अगर यहाँ बाबरी मस्जिद थी भी तो आईन-ए-अकबरी में इसका जिक्र क्यों नहीं है जबकि इस पुस्तक में बाकी सभी मस्जिदों का छोटा से छोटा विवरण भी मौजूद है? उनके इस प्रश्न का जवाब देते हुए जिलानी ने कहा कि हो सकता है उस समय इतने ज्यादा मस्जिद हों कि सभी का विवरण देना संभव न रहा हो।

जस्टिस बोबडे ने पूछा कि क्या अन्य मस्जिद भी बाबर जैसे बड़े राजाओं ने बनवाए थे? जवाब देते हुए मुस्लिम पक्षकार जिलानी ने कहा कि कई अन्य मस्जिद नवाबों व छोटे शासकों द्वारा बनवाए गए थे। इससे पहले ज़फ़रयाब जिलानी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि रामायण या रामचरितमानस में कहीं भी जन्मस्थान मंदिर का जिक्र नहीं है।