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विधायकों की नाराज़गी से जूझती गुजरात कॉन्ग्रेस को बड़ा झटका, 40 नेताओं ने दिया इस्तीफा

गुजरात में कई विधायकों के पाला बदलने से परेशान चल रही कॉन्ग्रेस को कई अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने तगड़ा झटका दिया है। भरूच में 40 के क़रीब कॉन्ग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। ऐसा उन्होंने जगन्नाथ यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाज़ी की घटना को लेकर किया। गुरुवार (जुलाई 4, 2019) को हुई पत्थराबाज़ी की घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया था। इस मामले में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष परिमल सिंह राणा की चुप्पी को लेकर कार्यकर्ता नाराज़ थे। उसी दिन सूरत में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई थी।

किसी बड़े बवाल से बचाते हुए घटनास्थल पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाई और यात्रा आगे बढ़ सकी। भरूच पुलिस ने भी इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। इसके अलावा दो अन्य को भी हिरासत में लिया गया है, जो नाबालिग हैं। ज्ञात हो कि उस दिन तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था। नानपुरा क्षेत्र में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करने के साथ-साथ आँसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े थे। इस मामले में 6 आरोपितों की गिरफ़्तारी हुई थी।

भरूच में कॉन्ग्रेस अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष अयूब सैयद ने कहा, “झारखण्ड में तबरेज अंसारी की भीड़ द्वारा हत्या किए जाने के विरोध में हम शांतिपूर्वक मार्च निकालना चाहते थे लेकिन प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने हमारा समर्थन नहीं किया। 22 नेताओं ने इस्तीफा दिया है और राणा ने हमारा इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। हमारे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए पुलिस ने भी अनुमति नहीं दी।” वहीँ भरूच सिटी कॉन्ग्रेस सचिव ने कहा;

“हम चाहते थे कि प्रदेश अध्यक्ष राणा रथ यात्रा के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना की निंदा करने के लिए हमें कार्यक्रम करने की इजाजत दें। लेकिन, इस विरोध प्रदर्शन को लेकर उन्होंने कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके परिणामस्वरूप हमने इस्तीफा दे दिया है। 18 नेता व पार्टी कार्यकर्ता पहले ही हमारी भावनाएँ आहत होने के कारण इस्तीफा दे चुके हैं।”

प्रदेश अध्यक्ष परिमल राणा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई थी, जिसमें उन्हें इस्तीफा न देने को कहा गया लेकिन वे अड़े रहे। उन्होंने कहा कि पत्थरबाज़ी वाली घटना के बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना थी लेकिन पुलिस की अनुमति न मिलने के कारण इसे रद्द करना पड़ा। सिटी कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह रैली पार्टी के बैनर तले नहीं निकाली गई थी लेकिन कुछ कॉन्ग्रेस नेताओं को गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस सम्बन्ध में पुलिस कमिश्नर से मिलेंगे।

‘सरकारी खजाने पर बोझ हैं सिद्धू, सैलरी ले रहे हैं पर काम नहीं कर रहे’

पंजाब की सियासत में नवजोत सिंह सिद्धू का नाम लगातार उछलता रहा है, लेकिन इस बार कैप्टन अमरिंदर सिंह से उनकी अनबन खुलकर सामने आ गई है। जानकारी के मुताबिक पंजाब सरकार द्वारा सिद्धू का मंत्रालय बदले जाने के बाद से सिद्धू ने अपने जिम्मेदारी अभी तक नहीं संभाली है। जिसके चलते भारतीय जनता पार्टी के महासचिव ने राज्यपाल को उनके ख़िलाफ़ चिट्ठी भी लिखी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि सिद्धू बिना सरकारी कार्य किए सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं और सरकारी खजाने पर बोझ बन गये हैं।

भाजपा ने सिद्धू के इस रवैये को जनता का अपमान बताते हुए चिट्ठी लिखी। जिसमें महासचिव तरुण चुघ ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर से कहा है, “सिद्धू और सीएम के बीच विवाद ने संवैधानिक संकट पैदा कर दिया है। एक महीने से अधिक समय बीत गया, मंत्री ने शपथ तो ले ली, लेकिन कोई काम नहीं किया।”

दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू इस समय मंत्रालय बदले जाने से काफी नाराज हैं। बीते 06 जून को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिद्धू से शहरी निकाय के साथ पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले विभाग वापस ले लिए थे और उन्हें ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग का प्रभार सौंपा था।

तरुण चुघ का आरोप है कि सिद्धू सैलरी तो ले रहे हैं, लेकिन कोई काम नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और मंत्री के अनबन का नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है, इसलिए उन्होंने गवर्नर से पंजाब के हक में फैसला सुनाने की अपील की है।

चुघ के मुताबिक, अगर वह (सिद्धू) काम नहीं करना चाहते तो किसी और को काम सौंपा जाना चाहिए, और अगर वह सिर्फ सैलरी ले रहे हैं और सुविधाओं का लुत्फ उठा रहे हैं तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए।

‘मुस्लिम होने के कारण मोहम्मद शमी को BJP के दबाव में टीम से किया गया बाहर’

पाकिस्तान की टीम के वर्ल्ड कप से बाहर होने बाद से पाकिस्तानी बुरी तरह से खिसियाए हुए हैं। पाकिस्तानी खिलाड़ी और एक्सपर्ट्स की तरफ से भारतीय टीम के लिए उल-जुलूल बातें कही जा रही हैं। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोइन खान ने एक शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने रविवार (जुलाई 7, 2019) को एक न्यूज चैनल के स्पोर्ट्स शो को दिए इंटरव्यू में भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। मोइन ने कहा कि श्री लंका के खिलाफ मुकाबले में मोहम्मद शमी के साथ भेदभाव किया गया और मुस्लिम होने की वजह से उन्हें जान बूझकर प्लेइंग इलेवन से बाहर किया गया।

पाकिस्‍तानी क्रिकेट विशेषज्ञ ने इसके पीछे भाजपा का हाथ बताया। उनका कहना है कि शमी को श्रीलंका के खिलाफ मैच में इसलिए आराम दिया गया, क्‍योंकि भाजपा का एजेंडा मुस्लिमों को आगे नहीं बढ़ने देना है। मोहम्मद शमी शानदार प्रदर्शन कर रहे थे, वो 15 विकेट ले चुके थे। वो रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब थे। वह सबसे ज्‍यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्‍ट में शीर्ष दो या तीन में पहुँच सकते थे। लेकिन अचानक से उन्हें बैठा दिया गया। मोइन का मानना है कि शमी को बाहर बैठाने के लिए टीम इंडिया पर दबाव था। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि शमी को बाहर बैठाने का कारण भाजपा का मुस्लिमों को आगे नहीं बढ़ने देने का एजेंडा है।

गौरतलब है कि टीम इंडिया ने वर्ल्ड कप 2019 का आखिरी लीग मैच श्रीलंका के खिलाफ लीड्स में खेला था। इस मैच में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 7 विकेट से हरा दिया। भारतीय टीम ने शनिवार (जुलाई 6, 2019) को इस मुकाबले के लिए दो बदलाव किए थे। मोहम्मद शमी और युजवेंद्र चहल को आराम देकर रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को मैदान में उतारा गया था। चूँकि, लीड्स की पिच स्पिनर के अनुकूल थी, स्पिनर के लिए ये पिच फायदेमंद साबित हो सकती थी, इसलिए टीम इंडिया ने शमी की जगह जडेजा को वर्ल्ड कप में पहली बार मौका दिया था।

इस्लामिक बैंकिंग घोटाला: मामले की जाँच कर रहे IAS अधिकारी ने ली ₹1.5 करोड़ की रिश्वत, गिरफ्तार

कर्नाटक के आईएमए ग्रुप पोंजी घोटाले में एसआईटी ने सोमवार (जुलाई 8, 2019) को बंगलुरू अर्बन जिले के डिप्टी कमिश्नर बीएम विजय शंकर को 1.5 करोड़ रुपए की घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार विजय शंकर ने यह घूस आईएमए संस्थापक मंसूर खान से ली है। ये वही मंसूर खान है जिसने बेहतर ब्याज का लालच देकर 40000 निवेशकों (अधिकतर मुस्लिम) से अरबों रुपए ऐंठ लिए और बाद में विदेश भाग गया।

एसआईटी के प्रेस नोट के मुताबिक आईएस अधिकारी बीएम विजय ने आरबीआई द्वारा राज्य को दिए कंपनी की जाँच के आदेश के बाद, रिश्वत लेकर कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट दी थी। इसी आधार पर गिरफ्तारी की गई है। इस मामले में एसआईटी अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

बीएम विजय शंकर से पहले एजेंसी ने बंगलुरू नॉर्थ सब डिविजन के सहायक कमिश्नर एलजी नागराज और एक ग्रामीण अकॉउंटेंट मंजूनाथ को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर मंसूर खान से 4.5 करोड़ रुपए लेकर क्लीनचिट देने का आरोप है। इनके अलावा एक पार्षद और बंगलुरू विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है इस बार हज यात्रियों से आईएमए ग्रुप के संस्थापक मंसूर खान के लौटने की दुआ करने को कहने वाले राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान से भी ईडी ने पूछताछ की है, क्योंकि उन्होंने भी मंसूर को अपनी एक संपत्ति बेची थी। इसके अलावा ईडी के एक अधिकारी ने भी जमीर अहमद को नोटिस जारी करके उनके सामने पेश होने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है।

गार्ड सद्दाम और वॉर्डन गिरफ़्तार: ‘गर्ल्स हॉस्टल में आधी रात को बुलाए जाते थे पुरुष, मुखिया भी आता था’

बिहार के आरा स्थित कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालय में एक हॉस्टल वॉर्डन पर छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्राओं ने रात के अँधेरे में गर्ल्स हॉस्टल में वॉर्डन द्वारा पुरुषों को बुलाए जाने की बात कही है। साथ ही हॉस्टल वॉर्डन पर छात्राओं से अपना निजी काम करवाने की बात भी सामने आई है। स्थानीय आला अधिकारियों ने हॉस्टल पहुँच कर मामले की जाँच की। जाँच टीम ने पाया है कि 2 महिलाएँ व 2 अन्य लड़कियाँ हॉस्टल में बिना एंट्री दर्ज किए अवैध तरीके से रह रही थीं। उन्होंने विजिटर रजिस्टर में भी किसी तरह की एंट्री नहीं की थी।

आरा में गर्ल्स हॉस्टल का दौरा करने के बाद अपनी बात रखते पूर्व सांसद पप्पू यादव

ग्रामीणों ने बताया कि हॉस्टल वॉर्डन गीता और गार्ड सद्दाम छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार करते थे और आपत्तिजनक कार्य करते थे। पुलिस ने चारों आरोपितों को गिरफ़्तार कर लिया है। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी प्रशासन से मामले की रिपोर्ट माँगी है। बता दें कि यह मामला तब सामने आया था जब बुधवार (जुलाई 3, 2019) को 2 छात्राएँ हॉस्टल से भाग निकली थीं। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया था, जिसके बाद उनके बयान के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई।

इस घटना की सूचना मिलते ही हॉस्टल में रहने वाली 80 छात्राओं के परिजन उन सभी को वापस ले गए। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल वॉर्डन उनसे मालिश करने को भी कहती थी। पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ़ पप्पू यादव ने इस सम्बन्ध में कहा, “यहाँ सुरक्षा व्यवस्था मापदंडों के अनुरूप नहीं है। हॉस्टल के वॉर्डन पर लगे आरोपों की उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।” छात्राओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय मुखिया हर रात 12 बजे से 1 बजे के बीच गर्ल्स हॉस्टल में आया करता था।

‘जैसे हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं, वैसे ही वो भी हमारा सम्मान करें’

केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के जजों को केंद्र सरकार के लिए कड़वे शब्दों का इस्तेमाल न करने की नसीहत दी है। आधार संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। कॉन्ग्रेस की आधार योजना को निराधार बताते हुए प्रसाद ने कहा कि सांसद को अदालत न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने दोनों सदनों को क़ानून बनाने का सार्वभौम अधिकार दिया है। रविशंकर प्रसाद ने याद दिलाया कि वो न्यायालय का सम्मान करते हैं लेकिन जवाबदेही देश की जनता के प्रति है। उन्होंने कहा, “मैं सदन के सभी सदस्यों को याद दिलाना चाहता हूँ कि दोनों सदनों के पास यह अधिकार है कि किसी भी जजमेंट को पलट सकें।

केंद्रीय मंत्री सुप्रीम कोर्ट द्वारा आधार पर दिए गए निर्णय के सम्बन्ध में बोल रहे थे। सुप्रीम कोर्ट ने आधार ऑर्डिनेंस को लेकर केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हर-हमेशा सुप्रीम कोर्ट का पूरा सम्मान किया गया है। उन्होंने आँकड़े गिनाते हुए कहा कि 15 करोड़ राशन कार्ड में से लगभग 3 करोड़ फ़र्ज़ी पाए गए थे, जिन्हें आधार की वजह से पकड़ा जा सका। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को अपने निर्णय में ‘संवैधानिक धोखाधड़ी’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “जैसे हम सुप्रीम कोर्ट के जजों का सम्मान करते हैं, वैसे ही वो भी हमारा सम्मान करें।

आधार को लेकर सांसदों की आपत्तियों का केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिया विस्तृत जवाब

उन्होंने आधार जजमेंट में निर्णय करने वाले सुप्रीम कोर्ट जज की उस टिप्पणी को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के संविधान को बनाने वाले यह जानते थे कि बहुमत की सरकार तानाशाह होती है। प्रसाद ने कहा कि उन्होंने क़ानून दिवस के दिन सार्वजनिक रूप से ऐसा कहने वाले जज को नसीहत दी कि इस तरह के कमेंट्स से बचा जाना चाहिए। उन्होंने पूछा कि वो जज आख़िर इस तरह की बातें कहाँ से लेकर आए?

इस दौरान रविशंकर प्रसाद ने आधार की उपयोगिताएँ गिनाईं और कहा कि इससे किसी की भी प्राइवेसी का हनन नहीं होता। उन्होंने संसद में अपना आधार कार्ड निकाल कर उस पर अंकित चीजों को समझाते हुए कहा कि मनुष्य की उँगलियों के निशान और पुतलियों को ‘कोर बायोमेट्रिक्स’ कहा गया है, जिसे बदला नहीं जा सकता।

मध्य प्रदेश: SP दफ्तर के सामने युवक ने खुद को पेट्रोल डालकर जलाया, हालत गंभीर

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक युवक ने कल (जुलाई 8, 2019) एसपी दफ्तर के बाहर खुद को आग के हवाले कर मारने की कोशिश की। व्यक्ति की पहचान 25 वर्षीय कन्हैयालाल अग्रवाल के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार उसे उसका पड़ोसी अमन दुबे लंबे समय से मोटरसाइकिल चोरी के मामले में फँसाने की धमकी देकर उससे पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा था। इस संबंध में उसने (कन्हैया) पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस उसकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रही थी।

ऐसे में 25 वर्षीय कन्हैया ने सोमवार की दोपहर परेशान होकर एसपी कार्यालय के बाहर लगे एक पेड़ के नीचे खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। आग से झुलस रहे युवक को कार्यालय के पुलिसकर्मियों ने आग बुझाकर बचाया और जिला अस्पताल पहुँचाया। यहाँ सीएसपी और सिविल लाइन टीआई ने न्यायिक बयान दर्ज किए।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार कन्हैया 90 प्रतिशत जल चुका है, उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में उसका ईलाज चल रहा है। इलाके के एसपी शुक्ला ने मामले में बताया है कि सराणी निवासी दुबे (35 वर्ष) पर इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।

कन्हैया के पिता ने मीडिया से बातचीत की। उनके मुताबिक कुछ दिन पहले उनके पड़ोसी दुबे परिवार की एक बाइक चोरी हो गई थी, जिसका संदेह उनके पड़ोसियों को कन्हैया पर था। इसी के चलते कन्हैया का पड़ोसी अमन उसकी 4 दिन से तलाश भी कर रहा था।

कन्हैया के परिवार को इसका पता चलते ही वे सभी मारपीट के डर से अपने घर का ताला लगाकर रिश्तेदार के घर छुपे थे। लेकिन सोमवार को कन्हैया, अमन से बचने के लिए एसपी तिलक सिंह के पास शिकायत दर्ज कराने पहुँचा। जहाँ मौजूद पुलिसकर्मी ने उसे एसपी से मिलवाने की बजाय 4 बजे के बाद आने की बात की कही। कुछ समय कन्हैया वहीं खड़ा रहा, लेकिन थोड़ी देर बाद उसने परेशान होकर खुद को आग के हवाले कर दिया।

‘MP कॉन्ग्रेस की सरकार अपने-आप गिर जाएगी, कर्नाटक जैसी स्थिति’, कमलनाथ ने कहा- MLA भोपाल में ही रहें

कर्नाटक की सत्ताधारी गठबंधन के भीतर चल रही उठापटक के बीच मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को भी डर सताने लगा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधानसभा सत्र के दौरान सभी कॉन्ग्रेस विधायकों को भोपाल में ही रहने को कहा है। इस बीच मध्य प्रदेश भाजपा ने भी अपने विधायकों को कर्नाटक के घटनाक्रम पर निगाह बनाए रखने को कहा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कर्नाटक की तर्ज पर मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार गिरने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा नेताओं की बैठक में एक ‘छाया मंत्रिमंडल’ बनाया गया, जो कमलनाथ सरकार के सभी विभागों पर नज़र रखेगा।

इस बैठक में उन सभी मुद्दों पर चर्चा की गई, जिससे कॉन्ग्रेस को मध्य प्रदेश में भाजपा से सत्ता हथियाने में सफलता मिली थी। इसके अलावा पुराने मुद्दों पर भी चर्चा की गई, जिनके कारण भाजपा यहाँ कई वर्षों से काबिज़ थी। राज्य में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव ने कहा,

“कॉन्ग्रेस की सरकार अपने-आप गिर जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले जब राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार बनी, तब लोगों को लगा था कि पार्टी अपने सारे वादे पूरी करेगी। लेकिन, इस मामले में कॉन्ग्रेस पूरी तरह फेल हो गई और यही कॉन्ग्रेस की बुरी हार का कारण भी बना। भाजपा सरकार गिराने की कोशिश नहीं करेगी लेकिन कर्नाटक में जो हो रहा है, उसके यहाँ भी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।”

भाजपा ने अपने वरिष्ठ नेताओं को नए विधायकों का मार्गदर्शन करने को कहा है ताकि वे कॉन्ग्रेस सरकार के मंत्रियों द्वारा किए जा रहे कार्यों में कमी निकाल सकें और उन्हें जनता के बीच रख सकें। भाजपा ने कॉन्ग्रेस की क़र्ज़माफ़ी, सभी को सस्ती बिजली, किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य देने और ग़रीबों को घर देने सम्बन्धी वादों की पड़ताल करने के लिए कमर कस लिया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने राज्य की क़ानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर के कार्यकर्ता भाजपा की मजबूती हैं और वो जनता को इन सारी बातों से अवगत कराएँगे।

वेबदुनिया की ख़बर के मुताबिक़, कॉन्ग्रेस ने अपने मंत्रियों को राज्य में विधायकों को एकजुट रखने की जिम्मेदारी सौंपी है। हर एक मंत्री को तीन-तीन विधायकों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विधायकों को भाजपा के प्रलोभन से दूर रहने की सलाह दी गई है। कमलनाथ ने विधायकों को सदन में रहने को कहा। कमलनाथ ने अपने विधायकों को आक्रामक रुख अख्तियार करने की सलाह देते हुए सदन में आकाश विजयवर्गीय द्वारा निगम अधिकारी की बल्ले से पिटाई वाला मामला उठाने को कहा।

बता दें कि कर्नाटक में कई विधायकों के इस्तीफे के बाद अब सभी मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया है। दोनों ही दलों के विधायकों के विभिन्न रिसॉर्ट्स में ठहराए जाने की बातें सामने आ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा अभी ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर काम कर रही है। लोकसभा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस घटनाक्रम में भाजपा का हाथ होने से इनकार करते हुए कटाक्ष किया कि कॉन्ग्रेस में इस्तीफों का चलन तो पार्टी अध्यक्ष राहुल गाँधी ने ही शुरू किया है।

एयर इंडिया के फ्लाइट्स में हज यात्री नहीं ला सकेंगे जमजम का पानी, हज कमिटी ने जताई आपत्ति

एयर इंडिया ने जेद्दाह से आने वाली फ्लाइट्स में यात्रियों द्वारा जमजम का पानी लेकर आने पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। एयर इंडिया ने सभी ट्रेवल एजेंट्स और हज यात्रियों को इस बात की जानकारी दे दी है कि 15 सितम्बर तक जेद्दाह-हैदराबाद-मुंबई और जेद्दाह-कोचीन फ्लाइट्स में जमजम का पानी लेकर आना प्रतिबंधित रहेगा। एयर इंडिया के इस नोटिस पर कई हज यात्री और ट्रेवल एजेंट्स ने आपत्ति जताई है। यह नोटिस एयर इंडिया के जेद्दाह ऑफिस द्वारा जारी किया गया है।

एयर इंडिया के इस पत्र में कहा गया है, “एयरक्राफ्ट में बदलाव और सीटों की सीमित संख्या के कारण हम जमजम का पानी वाले डब्बों को फ्लाइट में लाने की अनुमति नहीं दे सकते।” इसके बाद कई हज यात्रियों ने कॉन्ग्रेस विधायक अमीम पटेल से मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की। अमीम पटेल महाराष्ट्र के मुम्बादेवी से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए हैं। पटेल ने नागर विमानन मंत्रालय और अल्पसंख्यक मामले मंत्रालय को पत्र लिख कर स्थिति से अवगत कराया है।

पटेल ने मंत्रालय को लिखे पत्र में माँग की है कि हज यात्रा से लौटने वाले यात्रियों के लिए जमजम के पानी की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा, “जमजम एक पवित्र जल है, इसका कुछ मज़हबी महत्त्व है। यह इतना पवित्र है कि इससे बीमारियों तक के ठीक होने की बात सामने आती है। हज यात्रियों को जमजम का पानी लेकर आने की अनुमति मिलनी चाहिए।” टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एयर इंडिया के एक सूत्र ने इस तस्दीक की है कि कम्पनी का यह नोटिस सही है। एक ट्विटर हैंडल ने उससे जुड़ा पत्र ट्वीट किया:

भारतीय हज कमिटी के अध्यक्ष एएम ख़ान ने कहा कि एयर इंडिया सभी हज यात्रियों को अपने साथ 5 लीटर के डब्बे में जमजम का पानी लेकर आने देने को बाध्य है क्योंकि यह हज कमिटी और एयर इंडिया के बीच हुई करार का हिस्सा है। जमजम जल स्रोत के बारे में इस्लाम में मान्यता है कि हज़ारों वर्ष पहले जब इब्राहिम का नन्हा बेटा इस्माइल अपनी माँ के साथ रेगिस्तान में फँस गया था, तब अल्लाह ने उन्हें जमजम के रूप में पानी दिया। यह जलस्रोत सऊदी अरब स्थित मक्का के मस्जिद अल-हरम में स्थित है।

7वीं कक्षा की छात्रा का अपहरण और बलात्कार, आरोपित अब्दुल्ला और मेजान अंसारी गिरफ़्तार

झारखण्ड के साहिबगंज में एक सातवीं वर्ग की छात्रा के साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले की जाँच-पड़ताल में लगी हुई है। दैनिक जागरण में प्रकाशित ख़बर के अनुसार, छात्रा जब स्कूल जा रही थी, तभी स्कॉर्पियो से जा रहे कुछ बदमाशों ने उसे उठा लिया। अपहरण करने के बाद उसके साथ बलात्कार किया गया।

पीड़िता के परिजनों ने पुलिस थाना पहुँच कर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार आरोपितों अब्दुल्ला और मैजान अंसारी से पूछताछ की जा रही है। अपहरण के लिए इस्तेमाल की गई स्कॉरपियो गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता के पिता ने ही आरोपितों को धर-दबोचा और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया।

छात्रा के पिता ने बताया कि इस दौरान आरोपितों के साथ उनकी हाथापाई भी हुई। पीड़िता के साथ उक्त घटना तब हुई, जब वह साइकिल से स्कूल पढ़ने जा रही थी। जब गाड़ी में उसके साथ बलात्कार किया जा रहा था, तब उसके लाख चीखने-चिल्लाने के बावजूद उसकी आवाज़ बाहर नहीं पहुँच पा रही थी। पीड़िता के पिता ने गाड़ी का शीशा तोड़ कर आरोपितों को पकड़ा। अभी तक पीड़िता का मेडिकल टेस्ट नहीं हुआ है।