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‘वंदे मातरम’ नहीं गा सकता, आस्था के खिलाफ: RJD नेता का विवादित बयान

चुनाव प्रचार में विवादित बयानों का सिलसिला लगातार जारी है। इस कड़ी में अब एक और नाम जुड़ गया है। दरअसल, राजद के वरिष्ठ नेता और दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे अब्दुल बारी सिद्दीकी ने रविवार (अप्रैल 21, 2019) को एक विवादित बयान देते हुए वंदे मातरम बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें भारत माता की जय बोलने से कोई परहेज नहीं है, मगर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम गाना उनकी आस्था के खिलाफ है। सिद्दीकी ने कहा, ‘‘जो एकेश्वर में विश्वास रखता है वह कभी भी वंदे मातरम नहीं गाएगा।”

इसके साथ ही सिद्दीकी ने महात्मा गाँधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को पहला आतंकवादी करार दे दिया। सिद्दीकी यहीं नहीं रुके, उन्होंने भारतीय जनता पार्टी को चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा में हिम्मत है तो वो गोडसे मुर्दाबाद का नारा लगाकर दिखाएँ। उन्होंने कहा कि क्या मोदी सार्वजनिक रूप से गोडसे की निंदा करेंगे?

सिद्दीकी के इस बयान से बिहार की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने इस बयान की निंदा करते हुए उन्‍हें बिहार का आजम खान बता दिया। सिद्दीकी के इस बयान पर बिहार के उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि राजद के लोग भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की मंशा रखने वालों के साथ हैं, इसलिए उन्हें वंदे मातरम बोलने में परेशानी है।

वहीं, भाजपा के प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि सिद्दीकी को पहले ‘कठमुल्लावाद मुर्दाबाद‘ का नारा लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय के विरोधी सिद्दीकी को दरभंगा की जनता सबक सिखाएगी। इसके साथ ही जनता दल यूनाइटेड ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन पर ओवैसी या तेजस्‍वी का असर हुआ है।

कॉन्ग्रेस ने सिद्दीकी के बयान से किनारा कर लिया है। कॉन्ग्रेस प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं को ऐसे विवादित बयानों से बचना चाहिए, क्योंकि इसका असर चुनावों पर पड़ता है। गौरतलब है कि दरभंगा में मुख्य मुकाबला राजद के उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दीकी और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार गोपाल जी ठाकुर के बीच है।

फ़ैक्ट चेक: PM मोदी ने ‘बहन’ की गाली दी! कॉन्ग्रेस ने किया वायरल, सोशल मीडिया पर पड़ी लताड़

लंबे समय से कॉन्ग्रेस इस ताक में है कि कब और कैसे पीएम मोदी पर निशाना साधा जाए और उनकी छवि को धूमिल किया जाए। ऐसी ही कोशिश में कॉन्ग्रेस आईटी-सेल के सदस्य गौरव पांधी ने ट्विटर पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के कुछ हिस्सों के साथ एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो को संपादित कर लूप के ज़रिए एक ‘अपमानजनक’ शब्द को बार-बार सुनाया गया। इस वीडियो पर यूजर्स ने अपनी आपत्ति दर्ज कर यह दावा किया कि पीएम मोदी के शब्दों को ग़लत रूप से प्रचारित किया जा रहा है। साथ ही उनके (पीएम) गुजराती भाषा में बोले गए शब्दों को सही रूप में भी अवगत कराया।

इस वीडियो क्लिप में, पीएम मोदी ने गुजराती में कहा, “लोको इम के छे भाव्या मा लदाईयो पानि थावैं छे। आल्हा भाई बुरा कहो पानि न लाडई थावैं छे से पाछि अइयार अउ पनि पेहला पेल केम ना बँधइये?” (लोग कह रहे हैं कि आने वाले समय में दुनिया पानी के लिए लड़ेगी। अगर लोग भविष्य में पानी को लेकर लड़ने वाले हैं, तो इस तरह का संकट आने से पहले हम एक बाँध का निर्माण क्यों नहीं कर लें?”

भाग “थवैन छे” जिसका अर्थ है “होगा (या जगह लेंगे)” यदि लूप पर रखा जाता है तो एक वो एक अपमानजनक शब्द (गाली) की तरह लगेगा। गौरव पांधी को शब्दों के लूप से खेलना बहुत पसंद है, इससे उनकी जो छवि उभर कर सामने आ रही है वो ‘पिद्दी’ की है।

पांधी को कई लोगों ने लताड़ लगाते हुए उसके द्वारा भ्रम फैलाने वाले शब्दों के सही अर्थ से अवगत कराया, इसमें ‘द क्विंट’ भी शामिल था, जिसके द्वारा पीएम मोदी के भाषण को लाइव-स्ट्रीम किया गया था, जिसका कुछ हिस्सा पांधी ने संपादित कर देश के प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तित्व को मैला करने की कुटिल चाल चली।

सोशल मीडिया पर यूज़र्स ने पीएम मोदी के शब्दों के सही रूप को बताया, जिससे देश की जनता अपने मन में उनकी ग़लत छवि न बना ले।

Altnews के संस्थापक ने भी पांधी के दुष्प्रचार को ग़लत करार देते हुए लिखा कि पीएम मोदी ने ऐसे किसी ग़लत शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। साथ ही प्रतीक सिन्हा ने पांधी को कहा कि इसकी पुष्टि के लिए वो किसी गुजराती से पूछ सकते हैं।

इसके जवाब में पांधी ने लिखा कि उसने यह वीडियो गुजरात से ही प्राप्त किया था, जिसे एक से अधिक गुजरातियों ने चेक किया था।

हालाँकि, यह ख़बर लिखे जाने तक तो AltNews ने पांधी की ग़लत जानकारी पर किसी तरह का कोई फ़ैक्ट-चेक नहीं किया था।

फ़िलहाल, अन्य कॉन्ग्रेस-हितैषी लोग और पिद्दी भी इस कुटिल चाल का हिस्सा बन गए हैं।

चूँकि इनमें कुछ ग़ैर-गुजराती शामिल थे और शायद वो बोलचाल की भाषा की बारीकियों से नहीं समझ सके इसलिए ऐसे लोगों को तो दोषी नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन गुजरात कॉन्ग्रेस के नेता अर्जुन मोढवाडिया, जो ख़ुद एक गुजराती हैं, उन्हें इस झूठ का हिस्सा नहीं बनना चाहिए था।

गुजरात में 23 अप्रैल को आम चुनाव के लिए मतदान होना है। यह दुर्भाग्यपूर्ण और दु:खद है कि गुजरात कॉन्ग्रेस ने ऐसी सस्ती और घटिया रणनीति का सहारा लिया, जिस पर शर्मिंगदगी होनी चाहिए।

हैदराबाद आतंकवादियों के लिए बन चुका है सुरक्षित ठिकाना: BJP नेता बंडारू दत्तात्रेय

भाजपा नेता और सिकंदराबाद से सांसद बंडारू दत्तात्रेय ने रविवार (अप्रैल 21, 2019) को राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा कि राज्य में आतंकी गतिविधियों संबंधित संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए एक पुलिस महानिदेशक (आईजी) स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की जाए। दरअसल, बंडारू ने यह आरोप लगाया है कि हैदराबाद इस्लामी आतंकवादी गतिविधियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है। उनका कहना है कि पुलिस इसके खिलाफ ठोस कदम उठाते हुए कोई कार्रवाई इसलिए नहीं कर रही है, क्योंकि चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति) सरकार असदुद्दीन ओवैसी के एआईएमआईएम के साथ गठबंधन कर रही है।

बंडारू ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी एनआईए (NIA) की हालिया जाँच से पता चलता है कि हैदराबाद इस्लामिक आतंकवादी गतिविधियों का एक सुरक्षित ठिकाना बन गया है और शनिवार (अप्रैल 20, 2019) को एनआईए द्वारा तीन लोगों की गिरफ्तारी चौंकाने वाली थी। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश भर में कई लोग आईएसआईएस की ओर आकर्षित हो रहे हैं। बंडारू का कहना है कि हैदराबाद से अधिकतर लोग आतंकी संगठनों में भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को करीमनगर, निजामाबाद, नलगोंडा और अन्य पड़ोसी संदिग्धों स्थानों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि टीआरएस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ‘कार के चालक’ हो सकते हैं, लेकिन स्टीयरिंग वास्तव में एआईएमआईएम द्वारा नियंत्रित है। यानी कि टीआरएस सरकार जो भी फैसला लेती है, उसमें अप्रत्यक्ष रूप से एआईएमआईएम का भी हाथ होता है।

गौरतलब है कि साल 2016 में, एनआईए ने इस मामले में चार्जशीट दायर की थी और चार आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान एनआईए ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक आईपैड, दो लैपटॉप, एक बाहरी हार्ड डिस्क, 6 पेन ड्राइव आदि बरामद किए थे।

वो तो रैली की गर्मी में मुँह से निकल गया: राहुल गाँधी का राफ़ेल के झूठ पर बयान

राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट में 23 अप्रैल को सुनवाई है। सुनवाई से एक दिन पहले राहुल गाँधी ने स्वीकार करते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चौकीदार चोर है वाली बात उनके मुँह से समर्थकों में जोश भरने के लिए ‘चुनावों की गर्मी’ के कारण निकल गई थी।

राहुल गाँधी ने राफेल मामले पर हमेशा की तरह ही समर्थकों में जोश भरने के लिए झूठा बयान देते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है। राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गाँधी ने कोर्ट का नाम लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए टिप्पणी की थी, “सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि चौकीदार चोर है।” इसी बयान को लेकर मीनाक्षी लेखी ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी के ख़िलाफ़ आपराधिक अवमानना याचिका दाखिल की थी।

भाजपा नेता मीनाक्षी लेखी ने राहुल गाँधी पर कई आरोप लगाते हुए कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। राहुल के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सोमवार को राहुल की ओर से सफाई देने की उम्मीद के चलते कॉन्ग्रेस अध्यक्ष की ओर से ये बयान आया है। राहुल गाँधी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना संबंधी याचिका पर कोर्ट ने राहुल गांधी को 15 अप्रैल को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने राहुल गाँधी को 22 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने का कहा था।

बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल ने 10 अप्रैल को नामांकन के बाद मीडिया के समक्ष राफेल सौदे को लेकर ‘चौकीदार चोर है’ का बयान दिया था। राहुल का यह बयान जब मीडिया में आया तो भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीमकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। चुनावी रैलियों में राहुल गाँधी राफेल से जुड़े झूठे बयान देते रहते हैं। हाल ही में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक चुनावी रैली में कहा था, “अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि चौकीदार चोर है।”

गलती की तो 5 साल भुगतोगे: बंगाल के मौलवियों ने जारी किया मुस्लिम वोटरों के नाम संदेश

पश्चिम बंगाल में प्रमुख मौलवियों ने अपने समुदाय को सावधानीपूर्वक वोट देने की सलाह देते हुए एक संदेश जारी किया है। ख़बर के अनुसार, मुस्लिमों के वोट न बँटे इसलिए मौलवियों ने यह संदेश मुस्लिम समुदाय को जारी किया है।

मौलवियों की इस अपील में न तो यह स्पष्ट किया गया कि किस उम्मीदवार को वोट देना चाहिए और न ही किसी राजनीतिक पार्टी के ख़िलाफ़ चेतावनी ही दी गई। लेकिन मुस्लिम वोटर्स से सावधानीपूर्वक मतदान करने के आग्रह से यह स्पष्ट है कि अगर गलत मतदान किया तो गलती सुधारने के लिए अगले पाँच साल तक प्रतीक्षा करनी होगी।

मुस्लिम वोटर्स के नाम जारी किए इस संदेश पर ऑल इंडिया मिल्ली काउंसिल के अध्यक्ष क़ारी फ़ज़लुर रहमान, जो कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज़ का नेतृत्व करते हैं, काउंसिल के उपाध्यक्ष क़ारी मोहम्मद शफीक और प्रतिष्ठित नखोदा मस्जिद के इमाम ने हस्ताक्षर किए हैं।

अपील के अनुसार, “लोकतंत्र में चुनाव के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह हमें हर पाँच साल में एक सरकार का चयन करने का मौका देता है। लेकिन अगर हम ग़लती करेंगे, तो इसे सुधारने के लिए हमें पाँच साल तक इंतज़ार करना होगा। इसलिए जिसे वोट देना है उसे लेकर पहले सावधानीपूर्वक सोचे।”

क़ासमी ने कहा, “यह हमारा कर्तव्य है कि हम अपने धर्म और राष्ट्र दोनों की सेवा करें। इसलिए धार्मिक ज्ञान के अलावा, हमें सही उम्मीदवार और एक पार्टी का चयन करने के लिए राजनीतिक परिपक्वता की भी आवश्यकता है, जो इस देश के प्रत्येक नागरिक की प्रगति और सुरक्षा के लिए काम करेगी।”

मौलवियों का यह संदेश काफी हद तक मायने रखता है क्योंकि बंगाल में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या एक तिहाई से थोड़ी कम है, और यदि इस समुदाय के वोट किसी एक उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में वोट पड़ जाएँ तो इसका प्रभाव बड़े स्तर पर पड़ेगा।

मुस्लिम वोट दें या न दें, उनके लिए काम करूँगा, कोई दिक्कत नहीं: वरुण गाँधी

उत्तर प्रदेश के पीलीभीत लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी वरुण गाँधी ने रविवार (अप्रैल 21, 2019) को मुस्लिम वोटरों से वोट करने की अपील की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “बस मैं एक चीज मुस्लिम भाई को बोलना चाहता हूँ कि अगर आपने मुझे वोट दिया तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा, अगर आपने मुझे वोट नहीं दिया, कोई बात नहीं, तब भी मुझसे काम ले लेना, कोई दिक्कत की बात नहीं।”

उन्होंने आगे कहा कि अगर उनकी चाय में थोड़ी चीनी मुस्लिम भाईयों की भी पड़ जाए तो उनकी चाय और भी मीठी हो जाएगी। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए पूछा, “क्या कुछ मुस्लिम चीनी पड़ने वाली है मेरी चाय में?” वरुण ने कहा कि वो दुनिया को हिंदू-मुस्लिम के रूप में नहीं देखते, वो दुनिया को दो ही तरह से देखते हैं और वो है अपने और पराए। बीजेपी सांसद ने कहा कि जो लोग देश के साथ हो, वो किसी के खिलाफ नहीं हो सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि जो देश की सरहदों के लिए लड़ रहा है, जो देश के लिए जी रहा हो और देश के लिए मर रहा हो, उसका ना कोई धर्म होता है और न जात होती है।

गौरतलब है कि हाल ही मुस्लिम इलाके में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सुल्तानपुर से भाजपा प्रत्याशी और वरुण गाँधी की माँ मेनका गाँधी ने इसके विपरीत बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि वो चुनाव जीत रही हैं, इसलिए मुस्लिम उनको वोट दें, उनका साथ दें। अगर मुस्लिमों ने ऐसा नहीं किया तो कल जब वो उनसे काम माँगने आएँगे, तो उनका (मेनका का) रवैया भी वैसा ही होगा। आगे उन्होंने कहा कि वो कोई महात्मा गाँधी की छठी औलाद नहीं हैं कि सिर्फ देती रहेंगी और चुनाव में मात खाएँगी। इस विवादित बयान पर चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए मेनका गांधी को चुनाव प्रचार करने से 48 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया था।

हालाँकि बैन खत्म होने के बाद मेनका गाँधी ने अपने विवादित बयान पर सफाई दिया और कहा, “मेरे जो दिल में था वो बोला, मैं अल्पसंख्यकों का बहुत सम्मान करती हूँ। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। मैं भड़काऊ भाषण कभी नहीं देती हूँ, जो मैंने बयान दिया था वो भड़काऊ नहीं था।”

माया महाठगिनी हम जानी: UP की बेसिक शिक्षा मंत्री का मायावती पर हमला, कांशीराम को भी लपेटा

लोकसभा चुनावों के बीच तमाम विवादित टिप्पणियों के बीच योगी आदित्यनाथ सरकार में बेसिक शिक्षा एवं बाल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल भी विवादित बयान देने वाले नेताओं की कतार में खड़ी हो गई हैं। अनुपमा ने BSP प्रमुख मायावती को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने मायावती को ‘महाठगिनी’ बताते हुए कहा कि आदमी का नेचर और सिग्नेचर कभी नहीं बदलता।

यूपी की मंत्री ने बसपा संस्थापक कांशीराम, पार्टी सुप्रीमो मायावती और कार्यकर्ताओं पर तंज किया। उन्होंने कहा कि आप लोगों ने सुना होगा साहब, बीबी और गुलाम। उनकी पार्टी के मुखिया रहे साहब अब दुनिया छोड़ चुके हैं। अब केवल बीबी और उनके गुलाम ही बचे हैं। अब अकेली बीबी ही कुर्सी पर बैठती है और उनके गुलाम सामने जमीन पर बैठते हैं।

अनुपमा जायसवाल ने कहा कि इस पार्टी को पिछले लोकसभा चुनाव में जीरो मिला था, इस बार मिलेगा अंडा। अनुपमा जायसवाल ने मायावती पर तंज कसते हुए कहा कि देश में कुछ ऐसे भी नेता हैं जो प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, लेकिन चुनाव लड़ना नहीं चाहते क्योंकि उन्हें अपनी जीत का भरोसा नहीं है।

योगी सरकार की मंत्री ने विपक्ष को जानवरों का झुंड बताते हुए सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के बारे में कहा कि जब कुत्ते, बिल्ली, ऊंट, खच्चर आदि पानी पीने के लिए एक घाट पर आ जाएँ तो समझ लो कि दूसरी तरफ शेर पानी पीने आने वाला है। अपने अस्तित्व को खतरे में देखकर इन सभी दलों ने एक दूसरे से हाथ मिला लिया है। जो कभी एक दूसरे को फूटी आंख भी नहीं सुहाते थे वो लोग एक दूसरे के साथ मिलकर वोट माँग रहे हैं।

अनुपमा लोकसभा चुनाव अभियान के अंतर्गत गोंडा में आयोजित विजय संकल्प साइबर योद्धा सम्मलेन में लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सशक्त करने का आह्वान करने पहुँची थीं। इससे पहले अनुपमा जायसवाल ने ट्वीट कर कहा, “आदरणीय मायावती जी, क्या हुआ आपके कठिन फैसलों का? जो समाजवादी गुंडे दलित भाइयों और बहनों को परेशान करते हैं, उन्हीं के लिए वोट माँगना पड़ रहा है? बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण! समाजवादी गुंडों से भाजपा दलित समाज को बचाएगी।”

‘योगी जी से कहिए, रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ’: कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद

कॉन्ग्रेस नेता और फर्रुखाबाद से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी सलमान खुर्शीद ने UP के CM योगी आदित्यनाथ के बारे में बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है। खुर्शीद ने रविवार (अप्रैल 22, 2019) को कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि योगी आदित्यनाथ उनसे लड़ाई मानते हैं। पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा है कि रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ।

दरअसल, फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनसभा के दौरान कहा था कि बाटला कांड के आतंकियों से सलमान के क्या संबंध थे, किस हैसियत से पैरवी करने गए थे? CM योगी जी के इस बयान से बौखलाए सलमान ने कहा, “मुझे खुशी है योगी मुझसे लड़ाई मानते हैं, अगर उन्होंने मेरे बारे में कुछ कहा है तो जब चाहे जहाँ चाहे मुझसे बहस कर लें। अगर हो सके तो किसी गौशाला में बहस कर लें, ताकि पता चले कि गाय उनके साथ है या हमारे साथ है।”

योगी आदित्यनाथ द्वारा बाटला कांड प्रकरण उजागर करने से तिलमिलाए सलमान खुर्शीद ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा, “योगी जी से कहिए रिश्ते में मैं उनका बाप लगता हूँ। आप लोग क्या कहेंगे कि बेटा कितना नाकारा निकला। गौमाता को खाना भी पूरा नहीं पहुँचता। किसी और से चोरी करें तो समझ में आता है, लेकिन जिसको माँ कहा उससे चोरी किए, चारे की चोरी?”

सलमान खुर्शीद के इस बयान को लेकर विवाद हो सकता है। कॉन्ग्रेस पार्टी ने सलमान खुर्शीद को फर्रुखाबाद से चुनावी मैदान में उतारा है।

CM योगी ने बिजनौर में एक चुनावी जनसभा में कहा था, “आप देख सकते हैं कि राजनीति किस स्तर पर चली गई है। जो लोग बाबा साहेब का अपमान करते थे, आज उसके लिए मायावती चुनाव प्रचार कर रही हैं। जो लोग भारत का सम्मान नहीं करते हों, वो लोग वोट पाने लायक नहीं हैं।” 

8 धमाकों के बाद कोलंबो एयरपोर्ट के पास मिला 9वाँ बम, बाल-बाल बची ये भारतीय अभिनेत्री

श्रीलंका में 8 सीरियल बम धमाकों के बीच कोलंबो के मुख्य एयरपोर्ट के नजदीक एक और बम मिला, जिसे श्रीलंका की एयरफोर्स ने निष्क्रिय कर दिया। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी। न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार यह एक IED पाइप बम था जो रविवार (अप्रैल 21, 2019) शाम कोलंबो एयरपोर्ट के मुख्य टर्मिनल की ओर जाने वाले सड़के के करीब मिला। श्रीलंका एयरपोर्स के प्रवक्ता गिहान सेनेविरात्ने ने बताया कि संभवत: यह बम स्थानीय स्तर पर बनाया गया है।

यह बम श्रीलंका में हुए 8 सीरियल बम धमाकों के बाद मिला। एयरफोर्स के एक प्रवक्ता ने बताया, “यह करीब 6 फुट का एक पाइप बम था, जो सड़क के किनारे मिला। हमने इसे हटा दिया और निष्क्रिय कर दिया है।” पुलिस ने श्रीलंका में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के बाद 13 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही बम धमाकों के बाद कई जगह लगाये गये कर्फ्यू को भी सोमवार सुबह 6 बजे हटा लिया गया।

हमले में बाल-बाल बची भारतीय अभिनेत्री

तमिल फिल्मों की मशहूर एक्ट्रेस राधिका सरथकुमार रविवार को श्रीलंका के कोलंबो में हुए बम विस्फोटों से बाल-बाल बच गईं। राधिका सरथकुमार विस्फोट होने से कुछ ही मिनट पहले विमान से चेन्नई जाने के लिए होटल से निकली थीं। राधिका ने ट्वीट कर बताया कि वह इन हमलों की वजह से सदमे में हैं।

उन्होंने लिखा, “हे भगवान, श्रीलंका में बम विस्फोट हुए, भगवान सभी के साथ रहे। मैं अभी-अभी सिन्नामोन्ग्रैंड होटल से बाहर निकली हूँ और फिर विस्फोट होने की सूचना मिली। इस दुखद घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है। कोलंबो में आतंकवादियों का यह हमला निदंनीय है। हमलों में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों के साथ हमारी संवेदनाएँ हैं।”

श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर रविवार को गिरजाघरों और पांच सितारा होटलों में एक के बाद एक सीरियल बम धमाकों में अब तक कम से कम 290 लोगों की मौत को पुष्टि हो चुकी है। श्रीलंका में यह धमाके ईस्टर प्रार्थना सभा के दौरान कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर, पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो के सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर और बट्टिकलोवा के जियोन गिरजाघर में हुए। वहीं, कोलंबो के तीन फाइव स्टार होटलों- शांगरी ला, सिनामोन ग्रैंड और किंग्सबरी को भी निशाना बनाया गया।

इन धमाकों की जिम्मेदारी अभी तक किसी संगठन ने नहीं ली है। इस हादसे में 5 भारतीयों के भी मौत की खबर है। रिपोर्ट्स के अनुसार इन सीरियल धमाकों में दो आत्मघाती हमले हैं। पुलिस की एक टीम जब कोलंबो के उत्तरी क्षेत्र में ओरुगोडवाटा में एक घर में तलाशी के लिए पहुंची तो वहां मौजूद एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। यह आठवां बम धमाका था जिसमें तीन पुलसवाले मारे गये। पहले धमाकों की खबर कोलंबो के सेंट एंथनी गिरजाघर और राजधानी के बाहर नेगोम्बो में सेंट सेबेस्टियन गिरजाघर से आयी।

मोहम्मद अज्जाम ईस्टर की सुबह नाश्ते के लिए सबसे आगे खड़ा था, उसके बाद किया बम ब्लास्ट

श्रीलंका में हुए 8 बम धमाकों में से एक होटल में ब्लास्ट करने वाले हमलावर के बारे में जानकारी सामने आई है। आत्मघाती हमलावर ब्लास्ट करने से कुछ वक्त पहले तक नाश्ते के लिए होटल की कैंटीन में लाइन में लगा था। सिनामो ग्रैंड होटल के एक अधिकारी के अनुसार हमलावर मोहम्मद अज्जाम मोहम्मद एक रात पहले ही वहाँ आकर ठहरा था। होटल के मैनेजर ने बताया कि वह आतंकी खचाखच भरे रेस्तरां में ईस्टर की सुबह नाश्ते के लिए लाइन में सबसे आगे आकर खड़ा हो गया और फिर बम ब्लास्ट कर दिया। 

मैनेजर ने बताया कि उस वक्त काफी भीड़ थी। इस हमले में होटल का एक कर्मचारी भी मारा गया, जो लोगों को ब्रेकफस्ट परोसने के काम में लगा था। इस होटल में वीकेंड के मौके पर आमतौर पर भारी भीड़ रहती है। मैनेजर ने बताया, “उसने हाथ में प्लेट पकड़ रखी थी और जब उसे खाना परोसा जाने वाला था, तभी उसने इस हमले को अंजाम दिया।”

फर्जी पते पर होटल में ठहरा था हमलावर मोहम्मद अज्जाम मोहम्मद

मैनेजर ने बताया, “उस वक्त सुबह के साढ़े आठ बज रहे थे और व्यस्तता थी। वहाँ काफी परिवार थे। हमलावर कतार में सबसे आगे आया और वहाँ विस्फोट कर दिया। हमारे प्रबंधकों में से एक, जो उस वक्त अतिथियों का स्वागत कर रहे थे, उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हमलावर की भी मौत हो गई। पुलिस उसके शव को मौके से ले गई।” होटल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि हमलावर श्रीलंकाई नागरिक था और वह एक फर्जी पते पर होटल में ठहरा था। उसने बताया था कि वह कारोबार के सिलसिले में शहर में रुका था। 

200 से ज्यादा लोगों की मौत

होटल सिनामो ग्रैंड में जिस वक्त बम ब्लास्ट हुआ, उसी समय दो अन्य होटलों शंगरी-ला और किग्सबरी में भी धमाके हुए थे। इसके अलावा तीन चर्चों में भी ब्लास्ट से अफरातफरी मच गई। कुल 8 धमाकों में अब तक 290 लोगों के मारे जाने की खबर है, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हैं। श्रीलंका की ऐतिहासिक सेंट एंथनी चर्च में हुआ विस्फोट इतना ताकतवर था कि उसकी छत का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा। इन धमाकों में 5 भारतीयों समेत 35 विदेशी नागरिकों की भी मौत की खबर है।