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कर्नाटक में फिर तोड़ी गई हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ, इलाके में भारी तनाव

कर्नाटक में हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ करने का क्रम जारी है। बीते दिनों से लगातार न सिर्फ़ मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएँ बढ़ी हैं, बल्कि सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश भी की जा रही है। ताजा मामला प्रदेश के मांड्या जिले का है, जहाँ मंदिरों में तोड़-फोड़ की गई है।

एक तरफ़ जहाँ बेसागाराहल्ली थाना क्षेत्र में विभिन्न गाँवों में उपद्रवी तत्वों ने मंदिरों में तोड़फोड़ करते हुए मूर्तियों को नुकसान पहुँचाया है, वहीं दूसरी ओर इलाके में सांप्रदायिक तनाव भी फैल गया है। बेसागाराहल्ली गाँव के नज़दीक पट्टालादम्मा मंदिर में मूर्तियों को तोड़ा गया है।

बता दें कि, यहाँ पर न सिर्फ़ भगवान की मूर्तियों को तोड़ा गया है, बल्कि मूर्तियों की चोरी भी हुई है। ख़बर की मानें तो मूर्ति का सिर पास के खेत से बरामद हुआ है। वहीं पन्नेडोड्डी और होम्बलेगौड़ानाडोड्डी गाँव में भी भगवान हनुमान की कांस्य प्रतिमा टूटी मिली है।

मूर्तियों को तोड़ने के बाद से इलाके में तनाव

बेसागाराहल्ली के साथ अन्य गाँव में हुई मूर्तियों के तोड़फोड़ के चलते आसपास के इलाके में माहौल तनावग्रस्त हो गया है। टूटी हुई मूर्तियों को देखकर लोगों में गुस्सा है। मूर्तियों के हिस्से अलग-अलग विभिन्न दिशाओं में फेंके मिले हैं। पास के गाँव के एक युवक ने कहा कि गाँवों में कुछ उपद्रवी तत्व लगातार सांप्रदायिक तनाव फै़लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को इसपर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

घटना के बाद, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंदिरों का दौरा करते हुए मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारी ने कहा कि जल्द ही आरोपितों को जल्द ही गिरफ़्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों के पास पुलिस की पेट्रोलिंग को भी बढ़ाया जाएगा।

कमलनाथ के मंत्री गोविंद सिंह कदमों में पड़े फ़रियादी को दुत्कार कर आगे बढ़ गए

मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस सरकार में मंत्री गोविंद सिंह से जुड़ा एक विवादास्पद वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मंत्री जी के पैरों पर एक फ़रियादी गिर पड़ा इसके बावजूद मंत्री जी का दिल नहीं पसीजा और वो उस फ़रियादी को नज़रअंदाज करके निकल गए।

कमलनाथ सरकार में मंत्री के इस व्यवहार की सोशल मीडिया में जमकर आलोचना हो रही है। इससे पहले भी कई बार गोविंद सिंह ने विवादास्पद बयान दिया है। सीबीआई के नए निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला को लेकर भी उन्होंने विवादित बयान दिया था।

दरअसल कमल नाथ सरकार की ओर से मध्य प्रदेश डीजीपी को पद से हटाने के पांच दिनों बाद ऋषि कुमार शुक्ला को केंद्र सरकार ने सीबीआई का निदेशक बना दिया था। इसके बाद गोविंद सिंह ने उन्हें राज्य का सबसे बुज़दिल, कायर और अक्षम अधिकारी कहा था।

जानकारी के लिए बता दें कि गोविंद सिंह कॉन्ग्रेस पार्टी के कद्दावर नेताओं में से एक हैं। प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बनने के बाद मनचाहा मंत्री पद नहीं मिलने की वजह से गोविंद सिंह भी नाराज़ हो गए थे।

इसके बाद कमलनाथ ने गोविंद सिंह को सहकारिता एवं संसदीय कार्य विभाग के अलावा सामान्य प्रशासन विभाग भी सौंप दिया। इस बात से यह समझा जा सकता है कि गोविंद सिंह मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता हैं। गोविंद सिंह ने एक सामान्य व्यक्ति के साथ जो व्यवहार किया है वह किसी भी तरह से क्षम्य नहीं है।

राहुल ने किया तीन तलाक़ बिल खत्म करने का ऐलान, हुए ट्रोल; लोगों ने लिए मज़े

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में अल्पसंख्यक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अगर केंद्र में कॉन्ग्रेस की सरकार बनती है तो वह तीन तलाक़ क़ानून को ख़त्म कर देंगे। इसके बाद से न सिर्फ़ नेताओं के द्वारा इसे राजनीतिक बताया गया, बल्कि कई सारे ट्विटर यूज़र ने भी राहुल गाँधी के इस ऐलान को लेकर जमकर तंज कसा।

कोर्ट ने लगाई दिल्ली सरकार को फटकार, JNU मामले को जल्द निपटाने का दिया आदेश

जेएनयू देशद्रोह मामले में कोर्ट में दाखिल चार्जशीट को क्लियरेंस न मिलने पर दिल्ली के सीएम केजरीवाल से सवाल पूछा गया था कि कोर्ट बार-बार पूछ रहा है कि चार्जशीट की फाइल को दिल्ली सरकार क्लियरेंस क्यों नहीं दे रही है? जिस पर केजरीवाल ने जवाब दिया है कि अभी वह उस पर अध्ययन कर रही है। जिसकृी वजह से अभी और समय लगेगा।

केजरीवाल ने कोर्ट के सवाल पर कहा है कि पुलिस ने चार्जशीट को फाइल करने में 3 साल लगाए हैं तो हमें भी अध्ययन करने में थोड़ा वक्त तो लगेगा ही। केजरीवाल का कहना है कि चुनाव से पहले बिना मंज़ूरी के कोर्ट में चार्जशीट फाइल करने की वजह से काफी सवाल उठ रहे हैं। इसलिए उन्हें फाइल के अध्ययन की ज़रूरत है। उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस ने काफ़ी लंबी-चौड़ी चार्जशीट बनाई है।

बता दें, जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के मामले पर पुलिस की चार्जशीट को दिल्ली सरकार द्वारा अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन फिर भी दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में इसे दाखिल कर दिया। ऐसे में कोर्ट तब तक इस मामले पर सुनवाई नहीं कर सकती है जब तक कि राज्य सरकार की मंज़ूरी न मिले।

इसलिए कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है और पूछा की फाइल आख़िर कहाँ अटकी हुई हैं। अधिकारी ने जवाब में दिल्ली सरकार का नाम लिया और कोर्ट ने अधिकारी को आदेश दिया कि मामला जल्द निपटाया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने चार्जशीट पर सुनवाई को 28 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया।

MP में ‘नई एंबुलेंस’ यार्ड में खा रही हैं धूल, मरीजों को ठेले पर ले जाना पड़ा अस्पताल

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने के बाद से अब तक स्वाइन फ्लू से 226 लोगों की मौत हो चुकी है। राजस्थान के बाद अब दूसरे कॉन्ग्रेसी राज्य मध्य प्रदेश में भी स्वास्थ्य सेवाएँ वेंटिलेटर पर होने की ख़बर सामने आई है।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुछ दूर स्थित भौंरी इलाक़े से एक ख़बर आ रही है जिसके मुताबिक भौंरी के लोग अपने बीमार परिजनों को गोद में और ठेले पर लेकर अस्पताल आने के लिए मजबूर हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से कुछ किलोमीटर दूर इस अस्पताल के लिए सरकार ने 6 महीने पहले ही 10 करोड़ 35 लाख में 115 एंबुलेंस ख़रीदी थी। ये सभी एंबुलेंस इस समय यार्ड में धूल खा रही हैं।

कॉन्ग्रेस सरकार की सुस्ती की वजह से इन एंबुलेंस को उपयोग में नहीं लाया जा सका है। यही वजह है कि लोग अपने परिवार के बीमार मरीज को ठेले पर या गोद में लेकर अस्पताल पहुँच रहे हैं।

इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता राहुल कोठारी ने मीडिया से कहा कि मध्य प्रदेश में जब तक बीजेपी की सरकार रही, सब व्यवस्था सुचारू थी। राज्य को बेहतर स्वास्थ सेवाओं के लिए केंद्र से पुरस्कार भी दिया गया। उन्होंने ये भी कहा कि अब जो एंबुलेंस आईं हैं, वो भाजपा सरकार की ही देन है।

उन्होंने आगे यह भी कहा कि एंबुलेंस आने के कुछ दिनों बाद आचार संहिता लग गई थी। इसके बाद कांग्रेस की सरकार आई, जो ख़ुद बीमार है। एक तरफ तो मुख्यमंत्री लगातार दौरों में व्यस्त हैं तो दूसरी तरफ किसान कर्ज़े से परेशान हैं। मुझे लगता है इस मामले में संजीदगी की ज़रूरत है, जो राज्य सरकार नहीं दिखा पा रही है।

दीपक तलवार की हिरासत 12 फरवरी तक बढ़ी, भगोड़े विजय माल्या से जुड़े थे तार

कॉर्पोरेट लॉबीयीस्ट दीपक तलवार के लिंक भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या से जुड़े होने का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत में यह दावा किया है। ईडी के मुताबिक एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में दीपक के लिंक माल्या से मिले हैं। ईडी की दलीलों के आधार पर स्पेशल जज एसएस मान ने तलवार की ईडी कस्टडी को 12 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी है।

जानकारी के मुताबिक़, कोर्ट से ईडी ने तलवार की कस्टडी को 7 दिन बढ़ाने की माँग की थी। ईडी ने कहा कि वह तलवार का सामना उसके बेटे से कराना चाहती है, जो अभी विदेश में है। बता दें कि ईडी ने उसे 11 फरवरी को पेश होने के लिए समन भेजा है। दरअसल, ईडी ने तलवार पर प्राइवेट एयरलाइन्स के पक्ष में सौदे कराने के लिए बिचौलिए के तौर पर काम करने का आरोप लगाया है।

ईडी के अनुसार, इससे एयर इंडिया को नुकसान हुआ था। बता दें कि तलवार की कस्टडी का समय पूरा हो रहा था, जिसके बाद ईडी ने कोर्ट से इसे बढ़ाने की माँग की थी, जिसके बाद उसे 12 फरवरी तक ईडी कस्टडी में भेज दिया गया।

जाँच में पता चला माल्या का लिंक

कोर्ट में दावा करते हुए ईडी ने कहा कि जाँच से पता चला है कि तलवार के तार माल्या से जुड़े हैं। बता दें कि फ़िलहाल किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मालिक माल्या अभी ब्रिटेन में है और वहाँ की सरकार ने उसके प्रत्यर्पण के आदेश पर दस्तख़त कर दिए हैं। माल्या पर बैंकों के क़रीब ₹9,000 करोड़ लेकर भागने का आरोप है। दीपक तलवार दुबई से 30 जनवरी को भारत लाया गया था, जिसके बाद ईडी ने उसे गिरफ़्तार किया था।

UK के गृह मंत्रालय से माल्या के प्रत्यर्पण की मिल चुकी है मंज़ूरी

बीते दिनों ब्रिटेन के गृह सचिव ने भारत के भगौड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की मंज़ूरी प्रदान की थी। कुछ दिन पहले ही केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने विजय माल्या से सम्बंधित बैंक खातों में धनराशि को अवरुद्ध करने के लिए स्विस अधिकारियों से अनुरोध किया था, साथ ही उसके खातों का विवरण प्रदान करने की भी माँग की थी। स्विटजरलैंड की शीर्ष अदालत द्वारा सूचना प्रदान करने को मंज़ूरी मिलने के बाद दोनों देशों के अधिकारियों द्वारा पहल शुरू की जा चुकी थी।

सीबीआई ने स्विस अधिकारियों से इस बात का अनुरोध किया था कि वो भगोड़े व्यापारी विजय माल्या के चार बैंक अकाउंट में आने वाले फंड को रोक दें। जिसके बाद जिनेवा के सरकारी वकील ने 14 अगस्त 2018 को न केवल सीबीआई द्वारा किए इस अनुरोध का पालन किया बल्कि माल्या के अन्य तीन बैंक अकाउंट की जानकारियों को भी साझा की। साथ ही उन पाँच कंपनियों की भी जानकारी सीबीआई को दी, जिनका संबंध माल्या से था।

बुरे फँसे पश्चिम बंगाल के आईपीएस अधिकारी: केंद्र सरकार छीन सकती है मेडल

ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठने वाले आईपीएस अधिकारियों पर केंद्र सरकार की गाज गिर सकती है। मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार पाँच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जिनमें पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक भी शामिल हैं ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठने के कारण अपनी वर्दी पर सजे पदकों से हाथ धो सकते हैं।

ध्यान रहे कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अखिल भारतीय सेवा है और अखिल भारतीय सेवा नियमावली (AIS Rules) के अनुसार इस सेवा के अधिकारी केंद्र सरकार के विरुद्ध धरना प्रदर्शन नहीं कर सकते।

जिन अधिकारियों पर गाज गिर सकती है उनके नाम इस प्रकार हैं:

वीरेंद्र (1985 बैच), पुलिस महानिदेशक पश्चिम बंगाल

विनीत कुमार गोयल (1994 बैच), ADG, निदेशक, सुरक्षा

अनुज शर्मा (1991 बैच) एडीजी L&O

ज्ञानवंत सिंह (1993 बैच) CP, बिधाननगर

सुप्रतिम सरकार (1997 बैच) CP

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से उन आईपीएस अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने को कहा है जो सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ वर्दी में 4 फरवरी को धरने पर बैठे थे। मेडल छीनने के अतिरिक्त सरकार इन अधिकारियों को भविष्य में केंद्र में सेवा देने से बैन भी कर सकती है। यदि केंद्र सरकार अनुशासन तोड़ने वाले अधिकारियों के विरुद्ध एक्शन लेती है तो यह ममता बनर्जी और उनका साथ देने वाले आईपीएस अधिकारियों के लिए एक बड़ा सबक होगा।

लोकसभा में मोदी ने दी विपक्ष को पटखनी; गिनाते रहे उपलब्धियाँ, सुनते रहे सब

आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहस का जवाब देते हुए विपक्ष को जमकर लताड़ा।

वीडियो यहाँ देखें:

मोदी के भाषण के कुछ बिंदु

  • मोदी की आलोचना कीजिए, सरकार की नीतियों की आलोचना कीजिए, लेकिन आलोचना करते-करते देश की की बुराई की जाने लगती है।
  • देश की अर्थव्यवस्था में पिछले साढ़े 4 सालों में काफी उछाल आया है
  • कुछ लोगों के लिए BC और AD की अपनी परिभाषा है। उनके लिए BC का मतलब Before Congress और AD का मतलब After Dynasty है
  • चुनौतियों को चुनौती देना देश का स्वभाव होता है, जो चुनौतियों से भागते हैं वह नई चुनौतियों को जन्म देते हैं
  • लोकसभा में कई मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई, आने वाले चुनावों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सभी को शुभकामनाएँ
  • हमारी सरकार ईमानदारी और पारदर्शिता के लिए है
  • आप कह रहे हैं मोदी संस्थानों को खत्म कर रहा है, उल्टा चोर चौकीदार को डाँटे। आपातकाल लगाया कॉन्ग्रेस ने, सेना का अपमान किया कॉन्ग्रेस ने और कहते हैं मोदी बर्बाद कर रहा है
  • कॉन्ग्रेस ने 2004, 2009 और 2014 में अपने मैनीफेस्टो में कहा कि तीन साल के अंदर हर घर में बिजली पहुँचाएँगे। गरीब हटाओ की तरह हर घर में बिजली पहुँचाएँगे के वादे को भी कॉन्ग्रेस आगे बढ़ाती रही
  • आज खड़गे जी ने कहा कि मोदी जी जो बाहर बोलते हैं, वही राष्ट्रपति ने यहाँ कहा। इसका तात्पर्य है कि आप मानते हैं कि आप बाहर कुछ और अंदर कुछ बोलते हैं और हम हमेशा सच बोलते हैं वो संसद हो या कोई जनसभा
  • जो कहते हैं कि ये अमीरों की सरकार है, तो मैं कहता हूँ कि देश के गरीब ही मेरे अमीर हैं। गरीब ही मेरा इमान है, वही मेरी जिंदगी हैं, उन्ही के लिए जीता हूँ, उन्हीं के लिए यहां आया हूँ
  • न्यायपालिका को कॉन्ग्रेस से जुड़े लोग धमकाते है। आज जिस प्रकार न्यायालयों के निर्णयों पर बयान दिए जा रहें हैं, ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ
  • खडगे को कविता से दिया जवाब: बोले- जब कभी झूठ की बस्ती में सच को तड़पते देखा है, तब मैंने अपने भीतर किसी बच्चे को सिसकते देखा है।
  • 2014 तक कॉन्ग्रेस सिर्फ 95 गांव में ऑपटिकल फाइबर नेटवर्क पहुंचा सकी। हमारी सरकार में 1,16,000 गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिवीटी है
  • जब देश के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ में जीतने की तैयारी कर रहे थे, तब ये लोग अपनी वेल्थ में लगे थे
  • जो लोग भाग गए हैं, वह सुबह उठकर ट्विटर पर रो रहे हैं कि हम 9000 करोड़ लेकर भागे थे, हमारी 13000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त हो गई है। आपने (कॉन्ग्रेस) लोगों को लूटने दिया, हमने उसके खिलाफ कानून बनाया
  • विदेशों से धन लेनी वाली 20 हजार संस्थाएँ एक चिट्ठी में सवाल पूछने पर बंद हुईं, इतनी बड़ी राशि का इस्तेमाल कहाँ होता था
  • इनके 55 सालों के शासन में कोई भी रक्षा सौदा बिना किसी दलाली के कोई रक्षा सौदा नहीं हुआ था, अब पारदर्शिता के साथ सौदे हो रहे हैं। इसलिए आत्मविश्वास के साथ झूठ बोले जा रहे हैं, 3-3 राजदारों को बाहर से लाया गया है। अब इन्हें चिंता हो रही है
  • कॉन्ग्रेस ने सेना से लेकर जाँच संस्थाओं तक, हर संस्था का अपमान किया है।
  • मैं महात्मा गाँधी जी की इच्छा पूरी कर रहा हूँ, कॉन्ग्रेस मुक्त भारत का सपना गाँधी जी का था।
  • देश में संगठित क्षेत्र मात्र 10-12 प्रतिशत नौकरी देता है, जबकि असंगठित क्षेत्र 80-90 प्रतिशत रोजगार देता है।
  • 55 साल की सरकार में रोजगार का कोई एजेंडा नहीं था, पिछले 15 महीनों में 1 करोड़ 80 लाख लोग ईपीएफओ से जुड़े हैं।
  • हमने देश के गरीबों के सपने को पूरा करने का काम किया, सामाजिक न्याय के साथ इंसाफ किया।
  • गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत लेकर आए हैं, करीब 11 लाख गरीबों ने इस योजना का अब तक फायदा उठाया है।
  • सभी सांसदों को कहता हूँ कि ज्यादा से ज्यादा गरीबों को आयुष्मान भारत योजना का फायदा दिलाएँ। चुनाव में अभी 3 महीने हैं, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा करें।
  • 6 लाख करोड़ का कर्ज था, कांग्रेस ने 52000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। कॉन्ग्रेस ने कर्जमाफी का चक्र बना दिया।
  • कर्जमाफ़ी के हाल राजस्थान और मध्य प्रदेश में जाकर देखिए। हम भी कर्ज माफ कर सकते थे, लेकिन हमने किसानों की मदद के लिए योजनाओं का पूरा किया।
  • मिशन इंद्रधनुष से हमने टीकाकरण की योजनाओं को व्यापक किया।

The Quint के ‘आदर्श पत्नी’ वाले लेख के बाद महागठबंधन नेताओं ने वाड्रा को भेजे विवाह प्रस्ताव

जैसा कि हमारी अंग्रेजी वेबसाइट ने बताया था, प्रियंका गाँधी भारतीय मीडिया के लिए तैमूर अली ख़ान की जगह ले चुकी हैं। जैसे तैमूर के सुबह उठ कर बाथरूम जाने से लेकर रात को सूसू कर के सोने तक मीडिया पल-पल की जानकारी प्रकाशित करता रहता है, ठीक वैसे ही, दफ़्तर में बैठी प्रियंका गाँधी के दुपट्टे के रंग से लेकर उनके गाड़ी में बैठने के पोज़ तक- मीडिया को सबकुछ नया-नया लग रहा है। कुछ लोग एक्सक्लूसिव के नाम पर प्रियंका के कमरे के बाहर लगे नेमप्लेट को दिखाकर पत्रकारिता के स्वर्णिम काल के चरम तक जाते दिखे।

यहाँ हम द क्विंट के उस आर्टिकल की बात करने जा रहे हैं, जिसमें प्रियंका गाँधी को एक ‘आदर्श पत्नी’ बताया गया है।

क्विंट का कहना है कि पतिव्रता महिलाएँ सर्वमान्य नेता बन जाती हैं

शुमा राहा द्वारा लिखे गए इस लेख में प्रियंका को एक ‘कर्तव्यनिष्ठ पत्नी’ बताया गया है। क्विंट के अनुसार, एक कर्तव्यनिष्ठ पत्नी की परिभाषा निम्नलिखित है:

  • वह अपने आरोपित पति को एक महँगी गाड़ी से सरकारी एजेंसी के दफ़्तर तक छोड़ने जाती है।
  • वह हमेशा अपने पति के साथ खड़ी रहती है।
  • वह अपने परिवार का समर्थन करती है।
नए तैमूर के स्वागत में मीडिया की स्थिति

इस लेख से एक और नई बात यह पता चली है कि पितृसत्ता ने अब ब्राह्मण जाति, मणिकर्णिका फ़िल्म से होकर पूरे भारत तक का सफर पूरा कर लिया है। लेख में कहा गया है कि भारत जैसे रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक देश में लोग प्रियंका जैसी ‘आदर्श पत्नी’ को नेता के रूप में सहर्ष स्वीकार करेंगे।

राबड़ी देवी तो प्रियंका गाँधी से भी अच्छी पत्नी हैं

द क्विंट के इस लेख के बाद बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को नाराज़ कर दिया है। 20 वर्षों से भी अधिक समय से भ्रष्टाचार के आरोप झेल रहे राजद सुप्रीमो लालू यादव कुछ मामलों में दोषी करार दिए जा चुके हैं और अभी जेल की हवा खा रहे हैं। फिर भी, राबड़ी देवी उनके साथ खड़ी हैं और उनका समर्थन करतीं हैं। अगर उनके सामने कोई लालू के ख़िलाफ़ एक शब्द भी बोले तो राबड़ी उसका मुँह नोच लें। अगर प्रियंका अपने पति को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ़्तर छोड़ मोदी को टक्कर दे सकती है, तो राबड़ी ने तो लालू को जेल तक छोड़ा है।

राबड़ी प्रियंका से ज्यादा आदर्श पत्नी हैं (द क्विंट की परिभाषा के हिसाब से)

इस हिसाब से राबड़ी देवी को तो अब तक पूरे भारत का सर्वमान्य नेता होना चाहिए? अरे, भारत पितृसत्तात्मक और रूढ़िवादी है न? लेख में दावा किया गया है कि यहाँ लोग महिला नेताओं से जल्दी जुड़ जाते हैं और उन्हें दीदी (ममता बनर्जी), बहन जी (मायावती) और अम्मा (जयललिता) बुलाने लगते हैं।

‘पितृसत्तात्मक और रूढ़िवादी’ देश की राजनीति की एक झलक

अरे आप कहना क्या चाहती हो? भारत में महिलाओं को तुरंत नेता भी मान लिया जाता है, भारत पितृसत्तात्मक भी है। भारत में महिला नेताओं को सम्मानपूर्वक कुछ नाम देकर भी पुकारा जाता है, भारत रूढ़िवादी भी है। तभी हमारे लेख में एक बार कहा गया था- “येक पे रहना, या घोड़ा बोलो या चतुर बोलो“। वैसे तो ये पंक्ति कपिल सिब्बल के देशद्रोह क़ानून पर दिए बयान के परिपेक्ष्य में पिरोई गई थी, लेकिन इस मामले में क्विंट की लेखिका शुमा राहा पर फिट बैठती है।

महागठबंधन के नेता भी रॉबर्ट वाड्रा से करना चाह रहे शादी

वैसे, द क्विंट के इस लेख का कुछ पॉजिटिव असर भी हुआ है। महागठबंधन के नेताओं ने पूरे भारत के सर्वमान्य नेता बनने रॉबर्ट वाड्रा से शादी करने का प्रण किया है। वैसे भी, धारा 377 को ख़त्म किया जा चुका है। उन्हें पता चल गया है कि जो भी रॉबर्ट वाड्रा की पतिव्रता पत्नी का धर्म निभाएगा, उसे भारत की जनता सहर्ष ही स्वीकार करेगी। और, इस वक़्त जनता द्वारा स्वीकारे जाने के अलावा बचा ही क्या है!

कुछ नेताओं ने तो यहाँ तक दावा किया है कि वो रॉबर्ट वाड्रा को ED और CBI क्या, ज़रूरत पड़ी तो उन्हें तिहाड़ तक भी छोड़ आएँगे और, द क्विंट की नई परिभाषा के अनुसार, एक कर्तव्यनिष्ठ पत्नी बन कर मोदी को टक्कर देंगे। वैसे भी प्रियंका आदर्श पत्नी हों न हों, रॉबर्ट जैसे आदर्श किसान को अपने आदर्श पति के रूप में बहुत नेता देखते हैं क्योंकि, पत्नी तो कान में ही आपको निर्दोष कह सकती है, लेकिन मीडिया तो माइक लेकर वित्तीय धाँधली के मामले में हो रही पूछताछ में भी सकारात्मक ख़बर निकाल लाती है। इतना पावरफुल व्यक्ति किसे नहीं भाता?

लेकिन इन तीनों ने तो कभी शादी ही नहीं की

वैसे यह लेख लिखते समय क्विंट एक बात भूल गया कि जिन महिला नेताओं का उसने उदाहरण दिया है उनके पतिव्रता होने या न होने पर कोई बहस हो ही नहीं सकती क्योंकि अम्मा, बहन जी और दीदी ने तो शादी ही नहीं की।

द क्विंट को झटका, दूसरे दिन नहीं आईं प्रियंका

ताज़ा ख़बरों के अनुसार, प्रियंका गाँधी ने दूसरे दिन अपने पति रॉबर्ट वाड्रा को ED दफ़्तर तक नहीं छोड़ा। द क्विंट की परिभाषा में प्रियंका दूसरे दिन ‘पतिव्रता’ महिला की परीक्षा में क्वॉलीफ़ाई नहीं कर पाई।

रॉबर्ट वाड्रा और ईडी
प्रियंका गाँधी दूसरे दिन वाड्रा को पूछताछ के लिए छोड़ने ED दफ़्तर नहीं आई

वैसे अब देखना यह है कि दूसरे दिन घटनाक्रम में बदलाव के बाद ‘कर्तव्यपरायण महिला’ की नई परिभाषा क्या इज़ाद की जाती है। हमें इंतज़ार रहेगा।

वाड्रा पर जारी रही सवालों की बौछार, पहले राउंड में 6 घंटे और दूसरे में 2 घंटे चली पूछताछ!

मनी लॉन्ड्रिंग केस में बुरी तरह फँसे कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुधवार (फरवरी 6, 2019) को 6 घंटे की पूछताछ के बाद आज गुरूवार (फरवरी 7, 2019) को भी रॉबर्ट से दूसरे राउंड में दो घंटे तक पूछताछ चली।

ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के अधिकारियों के अनुसार ब्रिटेन में अचल संपत्ति हासिल करने के संबंध में उनसे सवाल पूछने की ज़रूरत थी। ईडी के मुताबिक़ वाड्रा से पूछताछ में लिया गया बयान, मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक क़ानून के तहत दर्ज़ किया जाएगा, जैसा कि इससे पहले वाले राउंड में यानी बुधवार को किया गया था। साथ ही रॉबर्ट को जयपुर में भी पेश होने को भी कहा गया है।

ईडी के सूत्रों की यदि मानें तो रॉबर्ट ने संजय भंडारी के रिश्तेदार सुमित चड्ढा को ई-मेल किए थे। इन्हीं ई-मेल का सुमित ने रॉबर्ट वाड्रा को जवाब भी दिया था। इसके बाद ही रॉबर्ट ने प्रॉपर्टी को लेकर निर्देश दिए। ईडी का दावा है कि उन्होंने रॉबर्ट वाड्रा के सभी ई-मेल को ट्रैक किया है जिसे वह पेश भी करेंगे।

बता दें जेल जाने के डर से रॉबर्ट ने पहले ही अपनी ज़मानत के लिए अंतरिम ज़मानत के लिए दिल्ली के पटियाला कोर्ट में याचिका दर्ज़ की थी जिसके बाद उन्हें 16 फरवरी तक गिरफ़्तारी से राहत मिली थी। लेकिन, राहत के साथ ईडी के सवालों का सामना करने को कहा गया था।

इस पूरी सुनवाई पर वाड्रा के वकील का कहना है कि रॉबर्ट को इस मामले में बेवजह फँसाने का प्रयास किया जा रहा है। वह क़ानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। वकील के मुताबिक़ रॉबर्ट के ख़िलाफ़ यह एक राजनीतिक चाल चली जा रही है।