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मध्य प्रदेश में गोवंश के 50 शव मिले, कई के कटे हुए थे सिर: गोतस्करों के खिलाफ कार्रवाई के बाद हत्या कर वैनगंगा में फेंके जाने की आशंका

मध्य प्रदेश के सिवनी में बुधवार (19 जून 2024) को गोवंश के दर्जनों कटे शव मिले हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और घटना की जाँच में जुट गई है। प्रशासन ने मवेशी डॉक्टर को बुलाकर शवों का परीक्षण करवाया है। इसके बाद गोवंश के शवों कों दफना दिया गया है। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन सबके कौन हैं।

दरअसल, सिवनी जिले के पिंडरई के पास वैनगंगा नदी में 19 गोवंश के शव मिले। वहीं, धूमा क्षेत्र में ऐसे 32 शव मिले। इन शवों के गर्दन कटे हुए थे। शवों का कुछ हिस्सा नजदीकी जंगलों में भी फेंका गया है। पुलिस ने गाँव के लोगों की मदद से गोवंश के शवों को वैनगंगा नदी से बाहर निकाला और उन्हें दफनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना इलाके में पहली बार हुई है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कुछ गोवंश शव नदी में बहकर आए हैं। यह माना जा रहा है कि सरकार मवेशी तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे में पुलिस से बचने के लिए तस्करों ने गोवंश की हत्या करके उसे नदी या अन्य जगहों पर फेंक दिया होगा।

हालाँकि, लोगों या पुलिस-प्रशासन का यह अंदाजा है। इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं, जिसकी जाँच पुलिस कर रही है। पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मवेशी तस्करों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। पूरे जिले में मवेशी तस्करों पर नजर रखा जा रहा है और मवेशियों का अवैध रूप से परिवहन करने वालों को पकड़ा जा रहा है।

इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने इस मामले की जल्द से जल्द जाँच करके दोषियों को अविलंब पकड़ने का आग्रह पुलिस से किया। इसके साथ ही आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भी माँग की। पुलिस ने आरोपितों पर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

जुलाई 2023 में भी सिवनी जिले में 10 गायों का सिर मिला था। उन गायों के सिर को काटकर उनके सिर को सड़क के किनारे और खेतों में फेंक दिए गए थे। वहीं, एक सिर गाँव के कुएँ में भी मिला था। हिंदू संगठनों का कहना था कि दंगे कराने की साजिश के तहत यह सब किया गया है। वहीं, इस घटना का संबंध बकरीद से होने की बात भी कही जा रही है।

मामला सिवनी जिले के बरघाट तहसील अंतर्गत अरी गाँव के अमराई टोला का है। यहाँ 4 जुलाई 2023 की सुबह स्थानीय ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उन्हें सड़क किनारे गायों के सिर कटे हुए दिखाई दिए। इसके बाद यह बात पूरे गाँव में फैल गई। इसी दौरान गाँव के ही गोवर्धन साहू नामक व्यक्ति के कुएँ में भी गाय का कटा हुआ सिर मिला।

‘फूफा ने कहा कोटा से आ जाओ सेटिंग हो चुकी है’: NEET पेपर लीक में अनुराग यादव का कबूलनामा, कहा- परीक्षा से एक रात पहले मिल गया था पेपर

नीट-यूजी पेपर लीक काँड में गिरफ्तार अनुराग यादव ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसके साथ कुछ और गिरफ्तार अभ्यर्थियों ने भी अपना गुनाह कबूला है। अनुराग यादव ने बताया है कि उसे उसके फूफा सिंकदर यादवेंदु ने कोटा से बुलाया था और कहा था कि ‘पूरी सेटिंग हो गई है।’ इस मामले में अब तक 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 अभ्यर्थी भी हैं। वहीं, कई अन्य अभ्यर्थियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अनुराग यादव ने पुलिस के सामने दर्ज कराए बयान में कहा है कि जो प्रश्न पत्र लीक हुआ, वही परीक्षा में आया और 100 प्रतिशत वही सवाल परीक्षा में पूछे गए थे। मेरे पास ये प्रश्न पत्र एक दिन पहले ही आ गया था।

इस बीच, अनुराग यादव का इकबालिया बयान भी सामने आ गया है। अनुराग यादव ने अपने बयान में कहा, “मैं नीट की परीक्षा की तैयारी कोटा में एलेन कोटिंग सेंटर में रहकर कर रहा था। मेरे फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेन्दु द्वारा बताया गया कि 5 मई 2024 को नीट की परीक्षा है, कोटा से वापस आ जाओ। परीक्षा की सेटिंग हो चुकी है। मैं कोटा से वापस आ गया तथा मेरे फूफा द्वारा 4 मई 2024 को रात्रि में अमित आनंद एवं नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ा गया। जहाँ पर नीट की परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दी गई एवं रात्रि में पढ़वाया एवं रटवाया गया। मेरा सेंटर डी.वाई. पाटिल स्कूल में था तथा मैं स्कूल में परीक्षा देने गया तो जो प्रश्न पत्र रटवाया गया था, वही प्रश्न सही-सही परीक्षा में मिल गया। परीक्षा के उपरांत अचानक पुलिस तथा मुझे पकड़ लिया।”

ये वही अनुराग यादव है, जिसे पुलिस ने परीक्षा सेंटर से और उसकी माँ को NHAI के गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया था। इस गेस्ट हाउस में वो किसी मंत्री जी के कनेक्शन से रुका था। उस समय गेस्ट हाउस के रजिस्टर पर एंट्री दर्ज की गई थी। इस गेस्ट हाउस की बुकिंग में अनुराग के फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेंदु का नाम आ रहा है, वो तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम का नजदीकी रिश्तेदार है। इस नीट-पेपर लीक कांड का मुख्य सरगना भी सिकंदर यादवेंदु ही बताया जा रहा है।

NHAI गेस्ट हाउस में अनुराग यादव की एँट्री दर्ज (फोटो साभार : TV9Bharatvarsh)

गौरतलब है कि 4 जून को नीट परीक्षा का रिजल्ट आया तो पहली बार 67 स्टूडेंट्स टॉपर बने और उन्हें 720 में से 720 अंक मिले। टॉपर्स की लिस्ट देखने के बाद नीट परीक्षा में धाँधली का मुद्दा उठाया गया। 13 जून को एनटीए ने फैसला लिया कि ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जाएगी, लेकिन अभी भी छात्रों का गुस्सा थमा नहीं है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में भी है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 8 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा। अभी तक इस मामले में पटना में 13 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें 4 छात्र शामिल हैं। इस पेपर लीक के लिए छात्रों से 30-40 लाख रुपए तक वसूले गए थे।

बिहार में सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में नहीं मिलेगा 65% आरक्षण, पटना हाई कोर्ट ने लगाई रोक: कहा- इन मामलों पर संवैधानिक बेंच करेगी फैसला

पटना हाईकोर्ट ने बिहार में एससी-एसटी और ईबीसी वर्ग को दिए जाने वाले 65% आरक्षण को समाप्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बिहार सरकार ने जो पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 50% से बढ़ाकर 65% किया था, उसे समाप्त किया जाता है।

समाचार पोर्टलों के अनुसार, कोर्ट ने बिहार में ‘पदों और सेवाओं में रिक्तियों में आरक्षण (संशोधन) अधिनियम 2023‘ और बिहार (शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में) आरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2023 को संविधान के विरुद्ध और संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत समानता के खंड का उल्लंघन मानते हुए रद्द कर दिया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले पर फैसला मुख्य न्यायाधीश के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने दिया। उन्होंने गौरव कुमार व अन्य द्वारा इस संबंध में डाली गई याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्णय को 11 मार्च 2024 को सुरक्षित रख लिया था, जिस पर अब फैसला सुनाया गया है।

बता दें कि इस संबंध में डाली गई याचिकाओं में राज्य सरकार के 9 नवंबर 2023 को पारित कानून को चुनौती दी गई थी। इसमें एससी, एसटी, ईबीसी व अन्य पिछड़े वर्गों को 65 फीसदी आरक्षण दिया था व सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए मात्र 35 फीसद ही पदों पर सरकारी सेवा देने की बात थी।

अब हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर आरक्षण की सीमा बढ़ाने की जरूरत पड़ेगी तो ये संवैधानिक बेंच ही तय करेंगी। कोर्ट ने कहा कि आरक्षण की जो सीमा पहले से ही निर्धारित है, उसे बढ़ाया नहीं जा सकता है। ये मामला संवैधानिक है। सुनवाई के बाद ही कोई भी निर्णय होगा।

वहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिवक्ता गौरव ने बताया कि इस याचिका को सुनने के बाद पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने माना कि ये निर्णय नियमावली के खिलाफ है। अब बिहार सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट लेकर जा सकती है, जहाँ इस मामले में आगे सुनवाई होगी।

क्या NEET पेपर लीक के पीछे हैं तेजस्वी यादव, जिस सरकारी गेस्ट हाउस में पेपर लेकर आया था सिकंदर यदुवंशी उनसे क्या है RJD नेता का कनेक्शन: जानिए सब कुछ

नीट-यूजी पेपर लीक कांड का मास्टर माइंड बिहार सरकार में जेई के तौर पर काम करने वाला सिकंदर कुमार यदुवंशी को बताया जा रहा है। वो पहले भी पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले में जेल जा चुका है। ईओयू की जाँच में ये बात सामने आयी है कि बिहार में कुछ महीने पहले हुए शिक्षक परीक्षा प्रश्नपत्र घोटाले और नीट पेपर लीक मामले को एक ही गिरोह ने अंजाम दिया है, जिसका सरगना सिकंदर कुमार यदुवंशी है। बिहार के उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया है कि उसका पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से करीबी संबंध है।

जानकारी के मुताबिक, सिकंदर यादवेंदु ने 4 मई को एनएचएआई के गेस्ट हाउस में अपने साले की पत्नी रीना कुमारी और उसके बेटे अनुराग को ठहराया था। पुलिस ने 5 मई को रीना को एनएचएआई के गेस्ट हाउस से ही गिरफ्तार किया था। गेस्ट हाउस के एंट्री रजिस्टर में छात्र अनुराग यादव के नाम के आगे ब्रैकेट में ‘मंत्री जी’ लिखा हुआ है। यही नहीं, एनएचएआई गेस्ट हाउस से ईओयू को एक ओएमआर शीट भी मिली थी। ऐसे में सिकंदर यादव कौन है, और कैसे इसने NHAI में कमरे की बुकिंग कराई, ये बड़ा सवाल बना हुआ है।

बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला सिकंदर यदुवंशी घोटाले के मामले में जेल भी जा चुका है। वो पहले राँची में ठेकेदारी का काम करता था, लेकिन साल 2012 में उसने बिहार एसएसपी की परीक्षा पास कर लिया और बतौर जूनियर इंजीनियर सरकारी नौकरी में आ गया। उसका बेटा और बेटी दोनों ही MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं तो दामाद MBBS करने के बाद पीजी की पढ़ाई कर रहा है। सिकंदर तीन करोड़ के एलईडी घोटाले में भी गिरफ्तार हो चुका है।

तेजस्वी यादव से जुड़ा है मामला, आरजेडी मानसिकता के लोगों का काम: उप-मुख्यमंत्री

बता दें कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जेल में बंद जेई सिकंदर कुमार यदुवंशी के साले के बेटे अनुराग यादव और उसकी माँ रीना कुमारी को ठहराया गया था। सिकंदर कुमार यदुवंशी तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम का करीबी है। अनुराग और रीना कुमारी को NHAI के गेस्ट हाउस से ही गिरफ्तार किया गया था। अनुराग को 5 जून 2024 की परीक्षा से एक दिन पहले ही 4 जून को प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए थे और उसकी तैयारी गेस्ट हाउस में ही कराई गई थी।

एनएचएआई गेस्ट हाउस मामले में बिहार के डिप्टी सीएम और पथ निर्माण विभाग के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दावा किया कि पूरा मामला तेजस्वी यादव से जुड़ा हुआ है। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि पेपर लीक घोटाले का किंगपिन सिकंदर कुमार यदुवंशी तेजस्वी यादव के पीएस प्रीतम कुमार का निकट संबंधी है। उसी ने गेस्ट हाउस बुक कराया था। सारा खेल तेजस्वी यादव के घर से ही खेला जा रहा था।

एक चैनल से बात करते हुए उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “NHAI गेस्ट हाउस में जो लोग पकड़े गए हैं, कोई यदुवंशी है, उसका संबंध प्रीतम है, जो तेजस्वी यादव से जुड़ा है। जो दोषी होंगे, कार्रवाई होगी। जिनका नाम आ रहा है, (तेजस्वी यादव के पीएस का), उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिन लोगों के इशारे पर ऐसी बुकिंग हो रही थी, हम उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। हमने पहले भी कहा है आरजेडी की मानसिकता अपराधियों को संरक्षण देने का है। माफियाओं को आरजेडी का संरक्षण प्राप्त है। जाँच से ये स्पष्ट हो जाएगा।”

बता दें कि पटना स्थित NHAI के गेस्ट हाउस में रीना और अनुराग रुके थे। अनुराग के साथ ही कई अन्य अभ्यर्थियों को भी इसी गेस्ट हाउस में परीक्षा की तैयारी कराई गई थी। नीट-यूजी मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है। इस मामले में 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं, जिसमें कई अभ्यर्थी भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सिकंदर यादुवंशी शिक्षक परीक्षा के दौरान हुए घोटाले में भी सामने आया था। उसने बिहार शिक्षक पेपर लीक वाला ही तरीका नीट-यूजी में अपनाया था और वो ही दोनों घोटालों का मास्टरमाइंड है।

इस मामले में बिहार पुलिस ने सबसे पहले सिकंदर यदुवंशी को ही पकड़ा था। उसके साथ अखिलेश और बिट्टू नाम के युवक भी शास्त्रीनगर के बेली रोड पर राजवंशी नगर मोड़ पर पकड़े गए थे। उसके पास से नीट-यूजी के कई एडमिट कार्ड भी मिले थे। यदुवंशी से मिले इनपुट के बाद आयुष, अमित और नितीश को गिरफ्तार किया गया, तो नालंदा के संजीव सिंह को भी पुलिस ने पकड़ा।

GF के लिए फैन को उतारा मौत के घाट, फिर बीवी के घर गया: कन्नड़ अभिनेता दर्शन की पत्नी से पुलिस ने की 5 घंटे पूछताछ, घर से अहम सबूत जुटाए

कर्नाटक में हुए फैन मर्डर केस में आरोपित दर्शन की पत्नी के फ्लैट की छानबीन के बाद कुछ नए खुलासे हुए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार विजयलक्ष्मी से पूछताछ में पता चला है कि 8 जून को दर्शन की हत्या करने के बाद दर्शन 9 जून को अपनी पत्नी के घर गया था। वहाँ उसने अपनी पत्नी के साथ पूजा की थी, इसके बाद वो 11 जून को मैसूर के लिए रवाना हो गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी को इस मामले की पूछताछ के लिए अन्नापूर्णेशवरी नगर थाने में बुधवार (19 जून 2024 को) बुलाया गया था। यहाँ उनसे इस संबंध में करीबन 5 घंटे तक बात हुई। पुलिस ने पूछा कि अगर विजयलक्ष्मी को रेणुकास्वामी के मर्डर केस के बारे में कुछ भी पता है तो वो उन्हें बताएँ। इसके अलावा दर्शन ने अगर उन्हें इस संबंध में बताया है तो वो भी वो उनसे साझा करें। विजयलक्ष्मी से सवाल किए गए कि आखिर घटना को अंजाम देने के बाद दर्शन उनके फ्लैट पर क्यों आए थे।

पुलिस ने विजयलक्ष्मी के घर से दर्शन के चप्पल भी बरामद किए। ये चप्पल वहीं है जो दर्शन ने घटना वाले दिन पहने हुए थे। इन्हें इस पूरे केस में अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस ने विजयलक्ष्मी से यह जानकारी भी ली कि कहीं दर्शन की चप्पलों का इस्तेमाल किसी और ने तो नहीं किया था, या फिर इसे धोया-पोंछा तो नहीं गया था।

बताया जा रहा है कि दर्शन की पत्नी विजयलक्ष्मी ने पुलिस द्वारा पूछे गए हर सवाल का जवाब दिया। माना जा रहा है कि केस में विजयलक्ष्मी को एक विटनेस के तौर पर पेश किया जा सकता है कि सबूत बरामदगी के दौरान छेड़छाड़ नहीं हुई।

गौरतलब है कि कर्नाटक में हुए रेणुका स्वामी मर्डर केस में अब तक 17 से ज्यादा गिरफ्तारियाँ हो गई हैं। मामले में कन्नड़ अभिनेता दर्शन के आरोपितों से सीधे संबंध मिलने के बाद उन्हें मैसूर से अरेस्ट किया गया था। वहीं उनकी गर्लफ्रेंड जिसके चलते ये पूरा हत्याकांड हुआ उसे भी पकड़ा जा चुका है। 33 साल के रेणुकास्वामी को मारने के लिए इन्होंने हर बर्बर तरीका आजमाया था। उसे इलेक्ट्रिक शॉक तक दिया गया था, उसके प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया गया था और बाद में उसे मारकर नाले के किनारे फेंक दिया गया था।

UGC-NET जून 2024 परीक्षा रद्द, 18 जून को 11.21 लाख छात्रों ने दी थी परीक्षा: साइबर क्राइम सेल से मिला सेंधमारी का इनपुट, CBI करेगी जाँच

शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी-नेट जून 2024 की परीक्षा रद्द कर दी है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 18 जून 2024 को देश के विभिन्न शहरों में दो शिफ्ट में ओएमआर (पेन और पेपर) माध्यम से यूजीसी-नेट जून 2024 की परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें सेंधमारी की आशंकाएँ सामने आई। इसी के बाद शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा रद्द करते हुए सीबीआई जाँच की सिफारिश कर दी है।

भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, 19 जून, 2024 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को गृह मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से इस परीक्षा को लेकर कुछ जानकारियाँ मिलीं। इन जानकारियों से प्रथम दृष्टया संकेत मिलता है कि उक्त परीक्षा की सत्यता से संभवतः समझौता हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस परीक्षा प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की पारदर्शिता और पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि यूजीसी-नेट जून 2024 परीक्षा रद्द की जाए। एक नई परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसके लिए जानकारी अलग से साझा की जाएगी। साथ ही इस मामले की गहन जांच के लिए मामले को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सी.बी.आई.) को सौंपा जा रहा है।

शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि परीक्षा का आयोजन नए सिरे से किया जाएगा, जिसकी जानकारी अलग से साझा की जाएगी। सरकार परीक्षाओं की शुचिता सुनिश्चित करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

बता दें कि यूजीसी नेट परीक्षा जून 2024 देश भर के 317 शहरों में 1205 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें 11,21,225 उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। 18 जून को आयोजित नेट की परीक्षा की पहली शिफ्ट सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक थी। एनटीए ने एक ही दिन में सभी 83 विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की थी।

मंच से उड़ा रहे थे भगवान राम और माता सीता का मजाक, नीचे से बज रही थी सीटी: एक्शन में IIT बॉम्बे, छात्रों पर जुर्माना-कई हॉस्टल से निलंबित

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी/ ITT) बॉम्बे के छात्रों द्वारा इस साल मार्च में ‘राहोवन’ नाम का नाटक आयोजित करके भगवान राम और माता सीता का मजाक उड़ाया गया था। अब इसी मामले में एक्शन लेते हुए आईआईटी बॉम्बे ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। कॉलेज प्रशासन ने नाटक में शामिल एक छात्र पर 1.2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

जानकारी के मुताबिक, छात्र को ‘जुर्माने’ का नोटिस 4 जून को जारी किया गया था। इससे पहले नाटक के बारे में जो शिकायतें प्रशासन को मिली थी उसे लेकर उन्होंने 8 मई को अनुशासन समिति की बैठक बुलाई थी। इस दौरान बैठक में छात्रों ने भी भाग लिया था और बातचीत के बाद सजा तय हुई थी।

भगवान का मजाक उड़ाने वाले छात्र को जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि उसे 1.20 लाख रुपए का जुर्माना 20 जुलाई, 2024 को छात्र मामलों के डीन के कार्यालय में जमा किया जाना है।

इसके अलावा ये भी कहा गया कि अगर सजा का उल्लंघन किया तो आगे और भी सख्त प्रतिबंध लगाए जाएँगे। ये नोटिस फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल है। विवादित कार्यक्रम को देखने के बाद जिन लोगों ने आवाज उठाई थी कि छात्रों पर एक्शन लिया जाए, वही इस जानकारी को साझा कर रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि इस मामले में 8 छात्रों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है। इममें संस्थान ने स्नातक कर रहे चार छात्रों पर 1.20 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं चार अन्य स्नातक छात्रों को 40,000 रुपए का जुर्माना भरने और छात्रावास खाली करने का आदेश दिया गया है। हालाँकि सामने आए नोटिस में सिर्फ एक छात्र का नाम है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में स्थित IIT बॉम्बे में 31 मार्च को कल्चरल फेस्ट का आयोजन किया गया था। इसी दौरान ये रामायण पर आधारित नाटक ‘राहोवन’ दिखाकर भगवान राम की आलोचना की गई थी। इसके अलावा ‘राहोवन’ नाम के इस नाटक में नारीवादी मुद्दों के नाम पर भगवान राम के किरदार से ही छेड़छाड़ की गई थी और पात्रों के नामों में हल्का बदलाव किया गया था। मंच पर लोग भगवान का मजाक बना रहे थे और नीचे सीटी मारी जा रही थी।

वीडियो में क्या है राम-सीता का संवाद

इसमें सीता कहती है, “स्वामी, ऐसी अवस्था में ये अकेली सुहागन अपना हृदय संवाद किसके साथ करे?” इस पर सामने से राम के पात्र में दिखाया लड़का कहता है, “खोल”। ‘क्या’ का वो जवाब देता है – ‘संकोच’। एक अन्य दृश्य में राम से कहलवाया गया है, “तू किसी दूसरे कबीले में जा किसी दूसरे मर्द के यहाँ रह आई, इसीलिए ये कबीला तेरा स्वीकार वापस नहीं करेगा।”

इस पर सीता कहती है, “दूसरा मर्द, अरे बंदी थी मैं वहाँ?” इस पर राम आरोप लगाते हैं कि सीता ने कबीले की सीमा लाँघी, रेखा का उल्लंघन किया। राम से कहलवाया गया है, “तू कुछ नहीं कहेगी, सिर्फ मेरी सुनेगी।” फिर सीता कहती हैं, “मर्द होने निकला था तू, इंसान बनना भूल गया।” इस पर राम कहते हैं, “अब एक औरत समझाएगी मुझे कि मर्द बनना क्या होता है?” एक दृश्य में सीता कहती है, “एक अलग दुनिया है वहाँ। और अच्छा हुआ, अघोरा (रावण) मुझे वहाँ लेकर गया।”

सीता आगे कहती हैं, “वहाँ की औरतों को अच्छी प्रतिष्ठा मिलती है। उसने मुझसे खुद बोला कि मेरी अनुमति के बिना मुझे छुएगा भी नहीं। उसमें मुझे ऐसा मर्द दिखा जो मुझे इस कबीले में नहीं दिखा। तुमलोग जश्न मना रहे थे न कि दानव को मार दिया। असली दानव तो आपने आज तक मरा ही नहीं है।”

राजकुमार ने जिस मुस्लिम लड़की से की शादी, उसने ही बेटे का करवा दिया खतना: पुलिस की नौकरी लगते ही घर पर किया कब्जा, तारिक से किया निकाह

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक दलित युवक राजकुमार झंझोट ने मुस्लिम युवती से साल 2006 में लव मैरिज की। साल 2007 में एक बेटा हुआ। इसके बाद दलित युवक ने अपनी मुस्लिम बीवी रानी बेग को पढ़ाया-लिखाया, उसे एमपी पुलिस में नौकरी के लायक बनाया। बीवी को नौकरी मिली, तो उसने वाल्मीकि समाज के युवक के साथ रहने से भी इनकार कर दिया। उसने साथी पुलिस वालों के साथ मिलकर उससे जबरन प्रॉपर्टी के कागजात पर दस्तखत करा लिए और घर से निकाल दिया। यही नहीं, बिना तलाक के ही उसने एक मुस्लिम मोहम्मद तारिक से निकाह कर लिया। साल 2007 में पैदा हुए नाबालिग बेटे का साल 2020 में खतना कराकर उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। अब राजकुमार झंझोट वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उज्जैन के राजकुमार झांझोट ने कलेक्टर ऑफिस में जन सुनवाई के दौरान अपनी बीवी की करतूत बताई। राजकुमार झांझोट ने कहा, “साल 2006 में रानी बेग से प्रेम विवाह किया था। दोनों के 2007 में एक बेटा हुआ। साल 2012-13 में उसकी नौकरी लगी, जिसके बाद उसका व्यवहार बदल गया। वो धीरे-धीरे मुझसे अलग रहने लगी और मेरी प्रॉपर्टी अपने नाम करा ली। यही नहीं, वो मेरे ऊपर भी धर्म परिवर्तन का दबाव डालती थी।” राजकुमार ने आरोप लगाया कि तलाक का केस चलने के दौरान ही उसने तारिक हुसैन से निकाह कर लिया और बेटे का भी धर्म परिवर्तन कर दिया।

राजकुमार ने बताया कि उसे पिछले महीने रमजान के दौरान ही इस बात का पता चला कि बेटे का धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। बेटा अभी 17 साल का है, लेकिन उसका खतना कराकर धर्म परिवर्तन 2020 में ही करा दिया गया था। राजकुमार ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। बताया जा रहा है कि राजकुमार पर रानी बेग ने साल 2018 में दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज कराया था। ये मामला अभी तक कोर्ट में है। वहीं, रानी ने आरोप लगाया है कि राजकुमार अपराधी प्रवृत्ति का है। वो पहले से शादीशुदा था, उसने ये बात छिपाई।

इस पूरे मामले में उज्जैन के कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने कहा कि राजकुमार झांझोट ने शिकायत दी है, बेटे के धर्मपरिवर्तन के मामले की जाँच के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। हालाँकि कलेक्टर ने कहा कि दोनों में अलगाव हो चुका है।

खाली घरों में CPM कार्यकर्ता बम बनाते, मना करने से घरों पर फेंक देते हैं: केरल की महिला का खुलासा, विपक्ष ने सीएम विजयन को घेरा

माकपा का गढ़ कहे जाने वाले केरल के कन्नूर की एक महिला ने मंगलवार (18 जून 2024) को खुलासा किया है कि इस इलाके में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा बड़े पैमाने पर बम बनाने का काम किया जा रहा है। लोग डर के कारण उनके खिलाफ नहीं बोलते। इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री पी विजयन के नेतृत्व वाली केरल की माकपा सरकार मुश्किल में पड़ गई है।

दरअसल, कन्नूर के थालास्सेरी के पास एरनहोली में मंगलवार (18 जून) को हुए विस्फोट में 85 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। 85 वर्षीय रवींद्रन की मौत एक खाली घर के परिसर में छोड़े गए स्टील कंटेनर में रखे विस्फोटकों के फटने से हुई थी। उन्होंने उसे खोलने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद हालात से त्रस्त होकर मृतक की पड़ोसी शीना नाम की महिला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

कॉन्ग्रेस नेता और क्षेत्र के निर्वाचित सांसद शफी परमबिल बुधवार (19 जून 2024) को घटनास्थल पर पहुँचे। उस दौरान बगल में रहने वाली एक महिला ने उनसे मुलाकात की और अनुरोध किया कि क्षेत्र के लोग शांति से रहना चाहते हैं और कहा कि ये उनका अधिकार है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता खाली घरों में बम बनाने का काम कर रहे हैं। इससे इलाके में अशांति फैल गई है।

महिला ने कहा, “यहाँ बम बनाने का काम धड़ल्ले से चल रहा है। कई खाली पड़े घर बम बनाने के अड्डे हैं। पिछले दिनों कुछ पार्टी कार्यकर्ता पास के घर से तीन बम ले गए। यहाँ के लोग डर से आवाज नहीं उठाते। अब एक निर्दोष बुजुर्ग की हत्या हो गई। कल यह हमारे साथ भी हो सकता है। हमारे बच्चे इन सभी जगहों पर खेलते थे। हम विस्फोट में मरना नहीं चाहते। कृपया हमें शांति से जीने दें।”

शीना ने कहा कि अगर किसी ने इस बारे में कुछ कहा तो बम बनाने वाले उनके घरों पर बमबारी करके उन्हें नष्ट कर देंगे। जब महिला दुखड़ा रो रही थी, उस समय उसकी माँ ने डर के कारण उसे रोकने की कोशिश की। हालाँकि, शीना इसे ने अपनी माँ से पूछा कि वे कब तक इसे बर्दाश्त करते रहेंगे। इसके बाद उन्होंने सांसद से सारा वाकया कह सुनाया।

बता दें कि मंगलवार को हुए विस्फोट के लिए भाजपा और कॉन्ग्रेस ने सत्ताधारी सीपीआई (एम) को जिम्मेदार ठहराया है। इस मुद्दे पर केरल विधानसभा में भी हंगामा हुआ। कॉन्ग्रेस ने स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया और अनुमति नहीं मिलने पर सदन से निकल गए। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विपक्षी दलों पर इस घटना को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है।

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि क्रूड बम बनाने में शामिल सभी लोगों को पकड़ा जाएगा और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया कि कन्नूर में अवैध क्रूड बम बनाना कुटीर उद्योग हो गया है और सीपीआई (एम) इसे फंड कर रही है। सीएम विजयन का आशीर्वाद इन सबको प्राप्त है।

वहीं, विपक्षी नेता वीडी सतीशन ने आलोचना की कि सीपीआई (एम) बम बनाने के दौरान मारे गए लोगों के लिए स्मारक भी बना रही है। बता दें कि इस साल अप्रैल में थालास्सेरी के पास पनूर में एक क्रूड बम बनाने वाली इकाई में विस्फोट के दौरान एक सीपीआई (एम) कार्यकर्ता की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

14 फसलों पर MSP की बढ़ोतरी, पवन ऊर्जा परियोजना, वाराणसी एयरपोर्ट का विस्तार, पालघर का पोर्ट होगा दुनिया के टॉप 10 में: मोदी कैबिनेट ने लिए बड़े फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (19 जून, 2024) को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में 5 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे बड़ी बात – 14 खरीफ फसलों का ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ (MSP) बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। इससे किसानों के खाते में सीधे 2 लाख करोड़ रुपए जाएँगे। वाराणसी में एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी बड़ा कदम उठाया गया। साथ ही 2 लाख गोदामों को बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अलावा केंद्र सरकार ने 76,200 करोड़ रुपए की लागत से पालघर के वधावन पोर्ट का भी विस्तार किया जाएगा। इससे 12 लाख रोजगार के मौके पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा हर राज्य में फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का कैम्पस खोला जाएगा। केंद्रीय रेलवे, I&B और MeitY मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अन्नदाताओं को प्राथमिकता देते हैं, वो चाहते हैं कि MSP डेढ़ गुनी होनी चाहिए।

धान का नया MSP 2300 रुपए प्रति क्विंटल होगा, वहीं 2013-14 में यह 1310 रुपए था। इसमें ताज़ा बढ़ोतरी 170 रुपए की हुई है। कॉटन की MSP 501 रुपए बढ़ करअब 7121 रुपए से 7521 रुपए हो गई है। वहीं मूँग का 8682, तूर का 7550, मक्का का 2225, ज्वार का 3371 और मूँगफली का 6783 रुपए होगा। NAFED के एप्लिकेशन के जरिए किसानों को तिलहन बेचने में आसानी होगी। पालघर के वधावन पोर्ट की क्षमता अब 298 मिलियन टन यूनिट की जाएगी।

इससे भारत-मिडिल ईस्ट कॉरिडोर भी मजबूत होगा। यहाँ 9 कंटेनर टर्मिनल और मेगा टर्मिनल पोर्ट बनेगा। फ्यूल व अन्य कंटेनरों के लिए अलग बर्थ होंगे। ये दुनिया के शीर्ष 10 पोर्ट में से एक होगा। 2029 तक इसका निर्माण कार्य पूरा होगा। वहीं रिन्यूवेबल एनर्जी के क्षेत्र में ‘ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट’ (पवन ऊर्जा परियोजना) को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत समुद्र में फ्लोटिंग टर्मिनल बनेंगे। गुजरात और तमिलनाडु में 500-500 मेगावाट के टर्मिनल बनाने के साथ इसकी शुरुआत होगी।

पश्चिमी और पूर्वी तटों पर चलने वाली अच्छी हवाओं का फायदा उठाते हुए 7000 किलोमीटर की तटीय रेखा के इर्दगिर्द 70,000 मेगावाट उत्पादन की क्षमता आँकी गई है, जिसके लिए सरकार 7453 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसे भारत के लिए बहुत बड़ा अवसर बताया जा रहा है। वाराणसी एयरपोर्ट से अब हर साल 39 लाख यात्री यात्रा कर पाएँगे। ये अब एक ग्रीन एयरपोर्ट भी बनेगा। रनवे, हाइवे और अंडरपास बनेगा। इसमें 2870 करोड़ रुपए की लागत आएगी।