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गन्ना के जूस में थूक मिला कर बेच रहे थे शाहेब आलम और जमशेद खान, विरोध करने पर दंपति से की अभद्रता: रोटी, तंदूर, फूल, फल, फेस मसाज – सब में मिल चुका है थूक

हाल ही में ऐसे कई मामले आए हैं जहाँ मुस्लिम समाज के लोग सार्वजनिक रूप से थूक का इस्तेमाल करते नज़र आए। यहाँ तक कि फेस मसाज से लेकर दाढ़ी बनाने तक में थूक का इस्तेमाल किया गया। नया अजीबोगरीब मामला नोएडा से सामने आया है। मामला सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी का है। जूस बनाने वाले शाहेब आलम और जमशेद खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन दोनों ने ग्लास में पहले थूका, फिर उसमे गन्ना का जूस निकाल कर डाला।

असल में एक दंपति ने गन्ने के जूस का ऑर्डर दिया था। जब उन्होंने जूस बनाने वालों की इस हरकत को देख कर इसका विरोध किया तो दोनों भड़क गए और दंपति के साथ अभद्रता की। दंपति की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने कार्रवाई की। इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये दोनों क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर जूस बेचते थे। सोसाइटी के क्षितिज भाटिया ने शिकायत में बताया है कि शनिवार (15 जून, 2024) की शाम वो पत्नी के साथ जूस पीने गए थे।

उन्होंने शाहेब आलम और जमशेद खान को 2 ग्लास गन्ने के जूस का ऑर्डर दिया। इन दोनों ने ग्लास में थूक डाल कर जूस दिया, जिसे दंपति ने देख लिया। विरोध करने पर वो मारपीट पर उतारू हो गए। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बहराइच के रहने वाले हैं। ये इस तरह का कोई पहला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश के शामली के बाद राजधानी लखनऊ में थूक लगाकर ग्राहक के चेहरे का मसाज करने का मामला सामने आया। लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में मोहम्मद जैद ने ऐसा किया।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले के थानाभवन थाना क्षेत्र में एक नाई को थूक लगा कर फेस मसाज करते हुए देखा गया था। शामली कोतवाली के फव्वारा चौक के निकट तंदूर पर थूक लगाकर रोटी सेंकने का वीडियो वायरल हुआ था। गाजियाबाद के लोनी के एक होटल में मुस्लिम युवक द्वारा तंदूरी रोटी में थूक लगाकर रोटी पैक करने का वीडियो वायरल हुआ था। इस तरह के हाल ही में कई मामला सामने आए हैं, जिनमें मुस्लिम समाज के लोगों को पकड़ा गया।

अमन चोपड़ा, फेलिक्स गेराल्ड, मनीष कश्यप, अजीत भारती… विपक्ष शासित राज्यों में एक के बाद एक पत्रकारों पर ‘जुल्म’, तानाशाही का रोना रोता है INDI गठबंधन

सोशल मीडिया पर चर्चित पत्रकारों में से एक अजीत भारती के खिलाफ कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार में एफआईआर दर्ज हुई है। ये एफआईआर कॉन्ग्रेस कर्नाटक के कॉग्रेस कमेटी के लीगल सेल सचिव और सचिव बेके बोपन्ना ने कराई है। बोपन्ना ने दावा किया है कि अजीत भारती ने राहुल गाँधी को लेकर झूठा दावा किया है कि राहुल गाँधी अयोध्या में राम मंदिर की जगह पर बाबरी मस्जिद बनाने की बात कह रहे हैं।

अजीत भारती के खिलाफ बेंगलुरु के हाई ग्राउंड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई है। ये एफआईआर सेक्शन 153ए और आईपीसी की धारा 505(2) के तहत दर्ज कराई गई है। कॉन्ग्रेस से जुड़े शांतनु ने कहा कि ऐसे ही एफआईआर तेलंगाना समेत अन्य कई राज्यों में कराए जा रहे हैं।

अजीत भारती के खिलाफ जुबैर ने बनाया माहौल

ध्यान देने वाली बात यह है कि फेक न्यूज फैक्ट्री ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर ने ही सबसे पहले अजीत भारती पर इस वीडियो को लेकर निशाना साधा। जुबैर नैरेटिव सेट करने के लिए क्लिपकटुए की भूमिका में हमेशा रहा है। उसने अजीत भारती के लंबे वीडियो से महज 40 सेकंड का वीडियो काटा और शेयर किया। इसमें जुबैर ने लिखा, “राहुल गाँधी ने अपने किसी भाषण में कब कहा कि राम मंदिर को हटाया जाएगा और वे बाबरी मस्जिद को वापस लाएँगे? वे बार-बार गलत सूचना फैलाते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वे बीजेपी द्वारा संरक्षित हैं और विपक्ष उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगा।”

कॉन्ग्रेस और इंडी गठबंधन की सरकारें लगातार पत्रकारों को प्रताड़ित करने की कोशिश करती रही हैं। पंजाब से लेकर तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक तक इंडी गठबंधन की सरकारों का यही रवैया है।

अमन चोपड़ा के खिलाफ राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार की कार्रवाई

राजस्थान में कॉन्ग्रेस की सरकार के रहते पत्रकारों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हुए। इसमें से एक मामला अमन चोपड़ा के खिलाफ दर्ज किया गया था। अमन चोपड़ा न्यूज18 इंडिया चैनल में पत्रकार हैं। उनसे ‘देश झुकने नहीं देंगे’ नामक शो प्रसारित करने और बाद में ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट के लिए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

तमिलनाडु में सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ क्रैकडाउन

इंडी गठबंधन में कॉन्ग्रेस के बाद सबसे अहम पार्टी डीएमके द्वारा शाषित तमिलनाडु में पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती रही है। बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप का मामला काफी चर्चित रहा था। उनके खिलाफ एनएसए जैसे मामले में भी केस दर्द किया गया था। कई महीनों तक मनीष कश्यप को जेल में रहना पड़ा था। बाद में उन्हें कोर्ट ने सभी मामलों में बरी कर दिया था।

तमिलनाडु में यूट्यूबर पर ढाया गया जुल्म

तमिलनाडु के कोयम्बटूर स्थित जेल में YouTuber सुवुक्कु शंकर की पिटाई का मामला सामने आया था। उन्हें शनिवार (4 मई, 2024) को साइबर अपराध के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उनके वकील गोपालकृष्ण ने बताया कि उनके मुवक्किल को कोयम्बटूर सेन्ट्रल जेल के कर्मचारियों ने पीटा। बताया जा रहा है कि न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद उनके दाएँ हाथ में फ्रैक्चर हुआ और उनके लिए सही इलाज तक की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्हें थेनि से गिरफ्तार किया गया था और महिला कॉन्स्टेबलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला दर्ज किया गया था।

रेड पिक्स यूट्यूब के संपादक फेलिक्स गेराल्ड की दिल्ली से गिरफ्तारी

रेड पिक्स यूट्यूब के संपादक फेलिक्स गेराल्ड को नई दिल्ली में तमिलनाडु पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद नाम तमिलर काची (NTK) प्रमुख सीमन ने 11 मई 2024 को पूछा कि क्या तमिलनाडु अभी भी एक लोकतांत्रिक राज्य है या यह फासीवादी राज्य बन गया है। सीमन ने कहा कि गेराल्ड के खिलाफ मामला और ‘सवुक्कू’ शंकर पर थोपे गए झूठे मामले तुरंत वापस लिए जाने चाहिए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा, “जिस कार्यक्रम में शंकर ने आपत्तिजनक बयान दिए, उस कार्यक्रम के एंकर (फेलिक्स गेराल्ड) को गिरफ्तार करना कानून के खिलाफ है। गेस्ट द्वारा की गई टिप्पणी के लिए एंकर को गिरफ्तार करना अस्वीकार्य है। यह मीडिया की बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ख़त्म करने जैसा है।” उन्हीं के शो में थुवक्कू ने तमिलनाडु सरकार को घेरा था, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया था।

तजिंदर बग्गा को दिल्ली से गिरफ्तार करके ले गई थी पंजाब पुलिस

बता दें कि बीजेपी नेता और तजिंदर पाल सिंह बग्गा के खिलाफ पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। पंजाब पुलिस ने उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली में छापेमारी भी की थी। पंजाब पुलिस ने बग्गा के खिलाफ 2 बार कार्रवाई की। साल 2022 और 2023 में पंजाब पुलिस ने बग्गा को पकड़ने की कोशिश की और एक मामले में उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार करके पंजाब ले गई थी।

भारतीय इंजीनियरों का ‘चमत्कार’, 8वाँ अजूबा, एफिल टॉवर से भी ऊँचा… जिस रियासी में हुआ आतंकी हमला वहीं दुनिया देखेगी भारत की ताकत, जल्द चालू होगा चेनाब रेलवे ब्रिज

जम्मू कश्मीर में चेनाब नदी पर बना दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे पुल लगभग तैयार है और इसका अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया है। ये पुल रामबन से रियासी को रेलवे संपर्क से जोड़ेगा। नॉर्दर्न रेलवे ने जानकारी दी है कि यहाँ जल्द ही सेवा शुरू की जाएगी। फ़िलहाल कन्याकुमारी से कटरा तक रेलवे सेवा मौजूद है। साथ ही बारामुला से संगलदान तक भी कश्मीर घाटी में रेलवे सेवा मौजूद है। रियासी के डिप्टी कमिश्नर विशेष महाजन ने इस बारे में अधिक जानकारी दी है।

उन्होंने बताया, “ये आधुनिक दुनिया में इंजीनियरिंग का एक चमत्कार है। जिस दिन ट्रेन रियासी पहुँचेगी, ये जिले के लिए एक बड़े बदलाव का पल होगा। ये हमारे लिए भी बहुत गर्व का क्षण है, क्योंकि हमारे ही इंजीनियरों ने इस चमत्कार को बनाया है। एक तरह से ये दुनिया का 8वाँ आश्चर्य है। पुल, हवा की गति, यहाँ इसकी ताकत – सब अद्भुत है। सटीक तारीख़ तो नहीं बताई जा सकती, लेकिन ये जल्द ही चालू होगा।” रेलवे के अधिकारियों ने यहाँ बृहद निरीक्षण किया है।

‘कोंकण रेलवे’ के डिप्टी इंजीनियर संजय कुमार ने बनाया कि इस परियोजना को पूरा करना काफी चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग इस परियोजना से बेहद खुश हैं। उधमपुर-गर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) प्रोजेक्ट इस साल के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। इसमें बनिहाल और संगलदान के बीच ये 48.10 किलोमीटर का प्रोजेक्ट भी शामिल है। 20 फरवरी, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था। इस प्रोजेक्ट का फेज-1 काजीगुंड-बारामुला स्टेशनों के बीच है, जो 118 किलोमीटर का है।

वहीं बनिहाल-काजीगंज रेलवे लाइन का उद्घाटन जून 2013 में हुआ और 25 किलोमीटर लंबे उधमपुर-कटरा रेलवे लाइन का उद्घाटन इसके अगले साल जुलाई 2014 में हुआ। जहाँ तक चेनाब रेल ब्रिज का सवाल है, ये नदी से 359 मीटर (109 फ़ीट) की ऊँचाई पर स्थित है। ये एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊँचा है। 1.315 किलोमीटर का ये पुल एक बड़ी सोच का हिस्सा है, जिसके तहत पूरी घाटी को रेल सेवा से जोड़ा जाएगा।

ये पुल 15,000 करोड़ रुपए की लागत से बना है। इसमें 30,000 मीट्रिक टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है। ये 260 किलोमीटर/घंटे की हवा की रफ़्तार और -40 डिग्री सेल्सियस का तापमान झेल सकता है।अगर इसके किनारों को मापें तो ये किसी फुटबाल फिल्ड का एक चौथाई होगा। बता दें कि रियासी में हाल ही में हुए एक आतंकी हमले में 10 श्रद्धालु मारे गए थे, ऐसे में इस एरिया में कनेक्टिविटी बढ़ाने से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

कुत्ते का पाँव पकड़ा, जमीन और दीवार पर जोर-जोर से पटका, टूट गई हड्डी-पसली… शावेज की क्रूरता का वीडियो हुआ वायरल, पहले भी कर चुका है ऐसी करतूत

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक कुत्ते की बेरहमी से पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति ने गली के एक आवारा कुत्ते की दोनों टाँगों को पकड़ रखा है। वह कुत्ते को कई बार जमीन और दीवाल पर पटकता है। शनिवार (15 जून, 2024) को पुलिस ने इस घटना की FIR दर्ज कर ली है। आरोपित का नाम शावेज है। शावेज पहले भी कई कुत्तों को इसी तरह की बेरहमी से मार चुका है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र बड़ौत की है। यहाँ शनिवार को छपरौली चुंगी के रहने वाले जयकुमार ने पुलिस ने शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि बड़ौत की मदीना मस्जिद के पास रहने वाले शावेज ने एक कुत्ते के खिलाफ क्रूरता की तमाम सीमाएँ लाँघ दी हैं। उसने गली में घूम रहे एक आवारा कुत्ते को पहले पकड़ा फिर बीच सड़क पर उसे तब तक पटकता रहा जब तक उसकी हड्डियाँ और पसलियाँ टूट नहीं गईं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, शावेज पहले भी कई कुत्तों को इसी तरह से पटक कर मार चुका है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सफेद रंग की बनियान पहने शावेज ने काले रंग के एक कुत्ते को पकड़ रखा है। आसपास कुछ अन्य कुत्ते भी दिखाई दे रहे हैं। वह सड़क पर कुत्ते को कई बार अलग-अलग जगह पटक रहा है। कुछ ही देर में कुत्ता मरणासन्न हो जाता है। दूर रखे किसी व्यक्ति ने शावेज के इस करतूत की वीडियो बना डाली। पुलिस ने शावेज के खिलाफ IPC की धारा 429 के साथ पशु क्रूरता निवारण 1960 के सेक्शन 3/11 के तहत FIR दर्ज कर ली है। डिप्टी एसपी बड़ौत के मुताबिक, आरोपित के खिलाफ जाँच व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

J&K में योग दिवस मनाएँगे PM मोदी, अमरनाथ यात्रा भी होगी शुरू… उच्च-स्तरीय बैठक में अमित शाह का निर्देश – पूरी क्षमता लगाएँ, आतंकियों के मददगारों से भी सख्ती से निपटें

जम्मू कश्मीर में लगातार हुए कई आतंकी हमलों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक की है। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में रविवार (16 जून, 2024) को हुई इस बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न सिर्फ आतंकवाद को कुचला जाए, बल्कि आतंकवादियों की मदद करने वालों से भी सख्ती से निपटा जाए। जम्मू कश्मीर के सभी तीर्थस्थलों एवं पर्यटन स्थलों में भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जाएगी।

बता दें कि 21 जून को योग दिवस के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जम्मू कश्मीर में मौजूद रहेंगे और इसके लिए वो 1 दिन पहले केंद्रशासित प्रदेश में पहुँच कर रात्रि प्रवास भी करेंगे। वहीं 29 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू होगी, जिसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने यात्रा रूट और राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती का निर्देश दिया है। 2023 में 4.28 लाख से भी अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा अमरनाथ का दर्शन किया था। इस बार ये आँकड़ा 5 लाख होने की उम्मीद है।

इस बार इन सभी को स्पेशल कार्ड दिए जा सकते हैं, ताकि उन सबकी लाइव लोकेशन पता चलती रहे। साथ ही सभी को 5 लाख रुपए का बीमा कवर दिए जाने की योजना पर भी काम चल रहा है। इतना ही नहीं, तीर्थयात्रियों को ले जाने वाले पशुओं के लिए भी 50,000 रुपए का इन्सुरेंस कवर होगा। 52 दिनों की अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा बलों की 500 से भी अधिक कंपनियाँ तैनात की जा रही हैं। इससे पहले 13 जून को पीएम मोदी और 14 जून को भी अमित शाह ने बैठक की थी।

LG मनोज सिन्हा और NSA अजीत डोभाल के अलावा जाँच एजेंसियों और सेनाओं के प्रमुख भी इस बैठक में मौजूद रहे। आने वाले दिनों में आतंकरोधी अभियान में तेज़ी आएगी। रियासी में एक बस पर हुए हमलों में 10 श्रद्धालु मारे गए हैं। पीएम मोदी इसके लिए और दिशानिर्देश जारी करेंगे। फ़िलहाल अमित शाह ने निर्देश दिया है कि आतंकरोधी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल किया जाए। रियासी के अलावा कठुआ और डोडा में भी आतंकियों ने हाल ही में हमला किया।

परचून की दुकान से लेकर कई हजार करोड़ के कारोबार तक, 38 मुकदमों वाले हाजी इक़बाल ने सपा-बसपा सरकार में ऐसी जुटाई अकूत संपत्ति: दुबई में है छिपा

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर का खनन माफिया हाजी इकबाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वो दुबई में छिपा बैठा है। सहारनपुर में 4,440 करोड़ की संपत्ति अब तक जब्त हो चुकी है, लेकिन उसकी तबियत पर बहुत फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है। फर्क पड़े भी क्यों? सारी संपत्ति काली कमाई से जो जुटाई गई थी। इसमें उसके द्वारा खड़ी की गई ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी शामिल है, जो जब्त की जा चुकी है।

कभी परचून की दुकान चलाना था इकबाल, करता था शहद की सप्लाई

हाजी इकबाल का नाम मोहम्मद इकबाल है। कभी वो और उसका पूरा परिवार गरीब हुआ करता था। वो परचून की दुकान चलाया करता था और शहद की सप्लाई करता था। धीरे-धीरे वो पैसे इकट्ठे कर राजनीति की तरफ बढ़ने लगा और सपा-बसपा सरकारों में जमकर संपत्ति जुटाई। हाजी इकबाल पर 38 मुकदमे दर्ज हैं। उत्तर प्रदेश में बीएसपी की सरकार के समय वो सबसे पहले बीएसपी में शामिल हो गया।

बीएसपी में रहते हुए उसने अपने इलाके में स्थित घाड़ क्षेत्र में खनन के काम में हाथ डाला। इस इलाके में बारिश के मौसम में बाढ़ आ जाती थी और गर्मी में सूखा पड़ जाता था। इसी दौरान उसने खनन में इतना पैसा बनाया और राजनीति में झोंककर खुद को मजबूत बनाता गया। बीएसपी सरकार के रहने के दौरान ही उसने हजारों करोड़ की संपत्ति जुटा ली। खनन कारोबार से बनाए पैसों से उसने अपने लड़के के नाम से चैरिटेबल ट्रस्ट बनाया और फिर ग्लोकल यूनिवर्सिटी शुरू की।

खनन माफिया हाजी इकबाल बीएसपी में रहते हुए एमएलसी बना और उसने यूपी के साथ ही भारत के अन्य हिस्सों में कारोबार को बढ़ाया और फिर धीरे-धीरे विदेशों में भी कारोबार को फैला दिया। राजनीतिक हनक और अकूत दौलत के दम पर उसे बीएसपी सरकार के दौरान कौड़ियों के दाम जमीनें खरीदी। उसने चीनी मिलों को खरीदा और अपना साम्राज्य फैलाता चला गया। समाजवादी पार्टी के समय भी उसका जलवा बरकरार रहा।

बीजेपी सरकार आने के बाद आया बुरा समय

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल पैसे बटोरता रहा। संपत्ति बनाता रहा। 10 सालों में अकूत दौलत इकट्ठी करने के बाद साल 2017 में यूपी की सत्ता बदली। सपा-बसपा राजनीतिक शिखर से ढलान की ओर जाने लगे और हाजी इकबाल के बुरे दिन आने शुरू हो गए। साल 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद इन्हीं संपत्तियों पर जाँच बैठ गई और वह जाँच करीब 4 साल तक चली। उस समय सहारनपुर में एसएसपी आकाश तोमर पदस्थ थे, जिन्होंने सबसे पहले 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति को कुर्क किया था। इसके कुछ समय बाद 500 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई की गई।

धीरे-धीरे मोहम्मद इकबाल और उसके परिवार के खिलाफ लोगों को धमकाने व अवैध कब्जा करने और अवैध खनन करने व दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में केस दर्ज हुए। इसमें इकबाल को अरेस्ट करने का आदेश जारी हो गया। इकबाल को गिरफ्तार किया जाता, उससे पहले ही साल 2022 में इकबाल इंडिया छोड़कर दुबई चला गया।

सरकार ने एक्शन लेते हुए इकबाल के कई मकानों पर बुलडोजर चला दिया। कई पर नोटिस चस्पा कर कब्जे में ले लिया। धीरे-धीरे इकबाल की पूरी फैमिली संकट में आ गई। इकबाल के बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जो अभी जेल में हैं। अब ईडी ने इकबाल के बेटे के नाम पर चल रही ट्रस्ट की ग्लोबल यूनिवर्सिटी की 4440 करोड़ की संपत्ति को अटैच कर कुर्क किया है। सहारनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि जैसे ही हमें कोई आदेश मिलेंगा, उसके आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक T राजा सिंह हैदराबाद में गिरफ्तार: हमले के शिकार गोरक्षकों से जा रहे थे मिलने, आरोप- मूकदर्शक बनी रही थी तेलंगाना पुलिस

तेलंगना पुलिस ने रविवार (16 जून 2024) को हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह को गिरफ्तार कर लिया। उनकी गिरफ्तारी हैदराबाद के राजीव गाँधी एयरपोर्ट से की गई है। राजा सिंह मेडक जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं से मिलने जा रहे थे। इन पर गायों को बचाने के दौरान गो तस्करों ने शनिवार (15 जून) को हमला कर दिया था।

ऑपइंडिया से बात करते हुए राजा सिंह ने बताया कि उनको 2 दिनों तक हाउस अरेस्ट करने की तैयारी की गई है। अपनी गिरफ्तारी की जानकारी खुद MLA राजा सिंह ने अपने X हैंडल पर साझा की है। इसी के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जो हैदराबाद एयरपोर्ट का लग रहा है। वीडियो में राजा सिंह अपने कुछ साथियों के साथ चल रहे हैं।

उनके साथ पुलिस के कई स्टाफ भी मौजूद हैं। वीडियो के आखिर में राजा सिंह पुलिस के साथ एयरपोर्ट के बाहर आते हैं। यहाँ थोड़ी देर की बातचीत के बाद पुलिस उन्हें कार में बैठाकर ले जाती है। सोशल मीडिया पर लोग तेलंगाना पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की आलोचना की है।

मेदक में शनिवार को भड़की थी हिंसा

जिस घटना को लेकर राजा सिंह मेडक जा रहे थे वो शनिवार (15 जून) की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के रामदास चौरस्ता इलाके में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गाय लेकर जा रहे कुछ लोगों को रोक दिया। ये कार्यकर्ता आरोपितों को गो-तस्कर बताते हुए धरना देने लगे। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग भी जमा होने लगे।

कुछ ही देर में दोनों पक्षों में झड़प हो गई। इस झड़प में 2 लोग घायल हो गए, जिनको इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल में भी इलाज के दौरान कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। हिन्दू संगठन के एक कार्यकर्ता को चाकू मारे जाने की भी खबर है। झड़प के बाद दोनों पक्ष खुद को सही और विपक्षी को गलत बता रहे हैं।

दोनों पक्षों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन भी किया है। कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की भी खबरें हैं। हंगामे को देखते हुए दुकानें और पेट्रोल पम्पों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है। फिलहाल हालत तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में हैं।

बाबरी अब मस्जिद नहीं ‘ढाँचा’, राम मंदिर ‘राष्ट्रीय गर्व’, अयोध्या ‘पवित्र स्थल’: NCERT ने 12वीं की किताब में किया बदलाव, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तारीफ़

अयोध्या में श्रीराम का जन्म हुआ था और राम मंदिर वहीं बन रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने फैसले में वहाँ मंदिर होने की बात कही। अब इसी हिसाब से NCERT ने भी अपने सिलेबस में बदलाव किया गया है। बाबरी को अब ‘मस्जिद’ की जगह ‘तीन गुम्बदों वाला ढाँचा’ बताया गया है। 12वीं कक्षा के राजनीतिक विज्ञान की पुस्तक में ये बदलाव किया गया है। पाठ संख्या 8 में ‘भारतीय राजनीति में ताज़ा बदलाव’ के अंतर्गत बाबरी के संबंध में ये चीज लिखी गई है।

इसमें पिछले कुछ दशकों में हुए 5 बदलावों के बारे में बताया गया है – 1989 में कॉन्ग्रेस पार्टी की बुरी हार, मंडल मुद्दे का उभार, राजीव गाँधी की हत्या और उदारीकरण के तहत आर्थिक बदलाव। इनके अलावा अयोध्या मामले का भी जिक्र किया गया है। हालाँकि, सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा, कारसेवकों के किरदार, बाबरी ढाँचे के ध्वस्तीकरण के बाद दंगे, राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने और अयोध्या में हुए अन्य बदलावों वाले विषयों को डिलीट किया गया है।

अयोध्या को अब ‘विवाद’ की जगह ‘राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन’ बताया गया है। इसमें बताया गया है कि सदियों पुराने राजनीतिक व कानूनी विवाद का भारतीय राजनीति पर बहुत प्रभाव पड़ा, इसके कारण कई बदलाव हुए। साथ ही अयोध्या को भारत के सबसे पवित्र स्थलों में से एक बताया गया है। राम जन्मभूमि को ‘राष्ट्रीय गर्व’ लिखा गया है। वहीं बताया गया है कि सन् 1528 में इसे तोड़ कर यहाँ ढाँचा बना दिया गया। जिक्र किया गया है कि कैसे 1986 में फ़ैजाबाद के डीएम के आदेश पर ढाँचे का ताला खुला और यहाँ पूजा की अनुमति दी गई।

इसमें लिखा है कि कैसे समाज ने बड़े पैमाने पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का जश्न मनाया, ये एक संवेदनशील मुद्दे पर आम सहमति बनाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। NCERT ने लिखा है कि कैसे भारत में सभ्यतागत रूप से निहित लोकतान्त्रिक लोकाचार को भी ये फैसला परिभाषित करता है। वहीं बाबरी को ध्वस्त किए जाने वाली खबर और कल्याण सिंह सरकार को हटाने वाले वाली खबर की पेपर कटिंग हटा दी गई है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच के फैसले को प्राथमिकता दी गई है।

बकरीद में जिस बकरे को काटने वाले थे, उस पर लिख दिया ‘राम’: वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दुकान पर जड़ा ताला, आरोपित गिरफ्तार

मुस्लिमों का त्यौहार बकरीद इस सप्ताह देश और दुनिया भर में मनाया जाएगा। शासन और प्रशसन की तरफ से लोगों को बिना दूसरों को तकलीफ दिए अपनी आस्था का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। इन तमाम नसीहतों के बावजूद मुंबई से हिन्दू भावनाओं को आहत करने वाला मामला सामने आया है।

यहाँ कुर्बानी के लिए तैयार किए गए एक बकरे की पीठ पर राम लिख दिया गया था। इसे बकरीद पर बेचने के लिए मटन शॉप के बाहर रखा गया था। आरोपित के खिलाफ FIR दर्ज करके मटन शॉप में प्रशासन ने ताला जड़ दिया है। वही, मटन शॉप के मालिक को भी मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

यह घटना नवी मुंबई इलाके की है। यहाँ के सीबीडी बेलापुर इलाके में गुडलक मटन शॉप है। इस मटन शॉप के मालिक का नाम बोर्ड पर मोहम्मद शफी लिखा हुआ है। शनिवार (15 जून 2024) को यहाँ हिन्दू संगठन के कुछ लोग पहुँचे।

उन्होंने एक सफेद रंग के बकरे को वीडियो बनाकर दिखाया, जिसकी पीठ पर राम लिखा हुआ था। राम शब्द पीले रंग से लिखा हुआ था। हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बकरे को अपने कब्ज़े में ले लिया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में दुकानदार को हिन्दू संगठन के सदस्यों से बहस करते देखा जा सकता है। दुकान के मालिक पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोपित की दुकान को प्रशासन ने अगले आदेश तक सील कर दिया है। हिन्दू संगठनों के साथ सोशल मीडिया पर नेटीजेंस ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग उठाई है।


                

कोरोना महामारी के बाद अब आया मांस खाने वाला बैक्टेरिया! शरीर में घुस कर टिश्यू को करने करने लगता है बर्बाद, 48 घंटे के भीतर हो जाती है मौत

कोरोना महामारी से दुनिया 2 साल से भी अधिक समय तक जूझती रही, अब एक नए बैक्टेरिया ने सबकी टेंशन बढ़ा दी है। ये बैक्टेरिया बहुत खतरनाक है, क्योंकि ये धीमे-धीमे कर के इंसान का मांस खाने लगता है। जापान में कोरोना को लेकर जो प्रतिबंध लगे हुए थे वो कब के खत्म हो चुके हैं, ऐसे में इस बैक्टेरिया के तेज़ी से फैलने की आशंका है। इसका नाम ‘स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम’ (STSS) है। ये संक्रमण के 48 घंटे के भीतर मार डालने की क्षमता रखता है।

‘नेशनल इंस्टीटुटर ऑफ इंफेक्शियस डिजीज’ (NIID) एक ऐसी खतरनाक बीमारी है, जिसके सिर्फ इसी साल जापान में 1000 से भी अधिक मामले आ चुके हैं। ये पिछले साल के आँकड़ों से भी ज़्यादा है। इस बीमारी के कारण मानवों के शरीर के टिश्यू टूटने लगते हैं और ऑर्गन फेल होने लगते हैं। साथ ही इसका प्रसार अनियंत्रित होने लगता है। जापान के मेडिकल समुदाय में इस ‘फ्लेश ईटिंग बैक्टेरिया’ को लेकर डर का माहौल बना हुआ है, रिसर्च जारी है।

असल में STSS एक खतरनाक संक्रमण है जो ग्रुप A स्ट्रेप्टोकोकस (GAS) बैक्टेरिया द्वारा फैलाया जाता है। इसके फैलते ही शरीर में तेज़ दर्द होता है और तेज़ बुखार से रोगी पीड़ित हो जाता है। साथ ही रक्तचाप घट जाता है। चूँकि कोरोना संबंधित प्रतिबंधों के हटने के बाद लोग अधिक से अधिक संख्या में मिलजुल रहे हैं, इसीलिए संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है। 50 से अधिक उम्र के लोगों पर ये ज्यादा असर दिखाता है।

ये बैक्टेरिया विषाक्त पदार्थ पैदा करता है, जो शरीर की क्रियाओं को प्रभावित करता है। टिश्यू ध्वस्त होने लगते हैं और शरीर सूजन का शिकार होने लगता है। व्यक्ति तेज़ दर्द से जूझने लगता है और शरीर का मांस कम होने लगता है। ये बैक्टेरिया खून में घुस जाता है, कई अंग काम करना बंद कर देते हैं। इम्यून सिस्टम ध्वस्त होते ही रोगी को मौत से जूझने लगता है। जापान में स्वास्थ्य सुविधाएँ उन्नत हैं, अगर ये विकासशील या गरीब देशों में फैला तो दिक्कत हो सकती है।