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अपहरण, धर्मांतरण और फिर निकाह… पाकिस्तान में 14-15 साल की हिंदू बच्चियों पर अत्याचार जारी, 10 दिन में आए 2 मामले

पाकिस्तान में एक बार फिर से एक हिंदू लड़की के अपहरण और जबरन धर्मांतरण करवाए जाने की खबर है। मामला कराची के शाहदाबकोट टाउन का है। वहाँ समीर अली नाम के मुस्लिम युवक ने 15 साल की हिंदू लड़की का अपहरण किया, फिर उसे इस्लाम कबूल करवाया और फिर उससे निकाह कर लिया।

अब इस मामले में पाकिस्तान के ईसाई एक्टिविस्ट फराज परवेज ने आवाज उठाई है। उन्होंने ये मामला दुनिया के सामने रखते हुए बताया कि लड़की का नाम संगीता है और उसे मुस्लिम लड़के ने जबरन इस्लाम कबूल करवाया है।

अब लड़की का नाम हामिदा रख दिया गया है। वो अभी सिर्फ 15 साल की है लेकिन समीर अली उसके डॉक्यूमेंट्स से छेड़छाड़ करते हुए उसे 19 साल का दिखाने की कोशिश कर रहा है। उसने निकाह से पहले एक हलफनामा दिया जिसमें लिखा था कि लड़की बालिग है वहीं परवेज द्वारा दिखाए जा रहे डॉक्टयूमेंट साफ कहते हैं कि लड़की अभी 19 की नहीं है।

इसी तरह परवेज ने बताया है कि हलफनामे में लड़की की रजामंदी भी लिखाई गई है। हलफनामे के अनुसार- “मेरा किसी ने अपहरण नहीं किया है और ये हलफनामा मैं पूरे होश में दे रही हूँ बिन किसी दबाव, प्रेशर या प्रभाव के। मैं समीर अली से निकाह करने जा रही हूँ और ये मेरा निजी निर्णय है। किसी ने मुझपर कोई दबाव नहीं बनाया।”

इसके अलावा हलफनामे में ये भी लिखाया गया है कि अगर किसी ने समीर अली के खिलाफ शिकायत दी तो वो पूरी तरह से फर्जी होगी।

बता दें कि पहली दफा नहीं है हिंदू लड़कियाँ पाकिस्तान में मुस्लिमों द्वारा किडनैप की जा रही हों। 2 जून को ही 14 साल की लड़की का किडनैप हुआ था। बाद में उसे इस्लाम कबूल करवा दिया गया था और पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मुस्लिम युवक से उसकी शादी करवा दी गई थी। लड़की का नाम सोहाना शर्मा था। वह बेनजीराबाद जिले के रहने वाले थे।

लड़की का अपहरण उसके ट्यूशन टीचर ने उसकी माँ के सामने किया था। जब पिता ने इसकी शिकायत कराई तो एक वीडियो सामने आई जिसमें लड़की से बुलवाया गया था कि उसने इस्लाम कबूल कर लिया है और उसका मुस्लिम व्यक्ति से निकाह हो गया है।

घरवालों ने फिर भी आपत्ति जताई तो करीबन 5 दिन बाद उसे कोर्ट में लाया गया। वहाँ लड़की ने बताया कि उसके साथ सब जबरन हुआ था और वो अपने पिता के साथ रहना चाहती है। बावजूद इसके कोर्ट ने उसे उसके पिता के साथ नहीं भेजा।

नेता खाएँ मलाई इसलिए कॉन्ग्रेस के साथ AAP, पानी के लिए तरसते आम आदमी को दोनों ने दिखाया ठेंगा: दिल्ली जल संकट में हिमाचल का खेला

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में जल संकट को लेकर एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रहा है, जिसमें हर रोज राज्य सरकारें ही अपनी बातों से पलट जा रही हैं। शुरुआत में दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट ये कहकर पहुँची थी कि हिमाचल प्रदेश सरकार उसे 136 क्यूसेक पानी दे रही है, लेकिन हरियाणा सरकार उसे दिल्ली में नहीं आने दे रही है। अब हिमाचल प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसके पास एक्स्ट्रा पानी है ही नहीं, तो वो दिल्ली को क्या ही देगा?

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जब टैंकर माफिया के मुद्दे पर घेरा और उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पूछा, तो पहले तो दिल्ली सरकार ने ये बहाना बनाया कि टैंकर माफिया पर उसका बस नहीं चलता, क्योंकि दिल्ली पुलिस उसके कब्जे में नहीं है, लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को डाँटा कि अगर तुम कार्रवाई नहीं कर सकते, तो हम दिल्ली पुलिस को कार्रवाई का आदेश देंगे, इसके बाद अब दिल्ली सरकार ने कहा है कि टैंकर माफिया तो यमुना के उस पार यानी हरियाणा से ऑपरेट करते हैं, वो दिल्ली सरकार का इलाका ही नहीं है।

वैसे, ये साफ है कि लोकसभा चुनाव तक दिल्ली और हिमाचल की सत्ताधारी पार्टियाँ एक पक्ष में खड़ी थी। उन्होंने हरियाणा को घेरने की भरपूर कोशिश की। हिमाचल प्रदेश सरकार के वादे को लेकर दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुँची थी और कहा था कि हिमाचल सरकार पानी दे रही है, लेकिन हरियाणा उसे दिल्ली तक नहीं पहुँचने दे रहा, लेकिन अब जब कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अलग-अलग चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है, तो सुप्रीम कोर्ट में भी हिमाचल सरकार पलट गई और कहा कि उसके पास एक्स्ट्रा पानी नहीं है। ऐसे में पार्टियों और सरकारों की आपसी नूरा-कुश्ती में आम जनता पिस रही है और वो प्यास से तड़प रही है।

बता दें कि पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सरकार को डाँट भी लगाई थी कि कोर्ट में सरकार झूठ बोल रही है। दिल्ली सरकार न तो टैंकर माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई कर रही है और न ही जल संकट से निपटने के लिए कोई स्थाई कदम उठा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने तो यहाँ तक कहा था कि दिल्ली सरकार अगर कार्रवाई नहीं कर रही है, तो बता दे, खुद सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस को टैंकर माफिया के खिलाफ कार्रवाई के आदेश देगी। अब सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार ने एक और दावा किया है कि दिल्ली में सक्रिय टैंकर माफिया सारे हरियाणा वाले हैं और वो दिल्ली को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

बहरहाल, अभी सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वो अपर यमुना रिवर बोर्ड से अपील करे कि वो ज्यादा पानी दिल्ली के लिए छोड़े। चूँकि सुप्रीम कोर्ट पानी के बँटवारे की एक्सपर्ट नहीं है, इसलिए यमुना के पानी के बँटवारे की जिम्मेदारी अपर यमुना रिवर बोर्ड पर छोड़ दें। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि वो जल संकट से निपटने की क्या कोशिशें कर रही है, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने हलफनामा दायर किया है और कहा है कि वो दिल्ली में पानी की बर्बादी रोकने के लिए कदम तो उठा रही है, लेकिन यमुना पार सक्रिय हरियाणा के टैंकर माफिया की वजह से पानी ही नहीं मिल पा रहा है और वो उनके खिलाफ कोई कदम इसलिए नहीं उठा पा रही, क्योंकि वो इलाका हरियाणा का है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को ही सभी सरकारों को डाँट लगाई थी कि वो उसके सामने झूठ बोला जा रहा है, लेकिन दिल्ली में सत्ता संभाल रही आम आदमी पार्टी और हिमाचल की सत्ताधारी कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकारें अब भी अपना बयान बदलती जा रही हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या कदम उठाती है, ये देखने वाली बात होगी।

पापुआ न्यू गिनी में चली गई 2000 लोगों की जान, भारत ने भेजी करोड़ों की राहत (पानी, भोजन, दवा सब कुछ) सामग्री

भारत ने पापुआ न्यू गिनी को एक बार फिर से विकट परिस्थितियों से निपटने के लिए सहायता भेजी है। पिछले महीने पापुआ न्यू गिनी के एगा प्रांत में विनाशकारी भूस्खलन आया था जिसकी वजह से जान-माल दोनों का काफी नुकसान हुआ। ऐसे में भारत ने अपनी ओर से उन्हें करीबन 1 मिलियन डॉलर की आपदा राहत सामग्री भेजने को कहा था।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में विनाशकारी भूस्खलन के कारण पैदा हुई स्थिति को देखते हुए, भारत ने करीबी एफआईपीआईसी भागीदार को 1 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तत्काल सहायता की घोषणा की थी। जिसके तहत लगभग 19 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री (HDR) आपूर्ति लेकर एक विमान पापुआ न्यू गिनी के लिए रवाना हुआ है।

सहायता में 13 टन आपदा राहत सामग्री शामिल हैं। इसमें अस्थायी आश्रय, पानी के टैंक, स्वच्छता किट और खाने के लिए तैयार भोजन और 6 टन आपातकालीन उपयोग की दवाएँ, चिकित्सा शामिल हैं। इसके अलावा डेंगू और मलेरिया डायग्नोस्टिक किट, शिशु आहार आदि सहित उपकरण हैं।

बता दें कि बीती 24 मई को पापुआ न्यू गिनी के एंगा प्रांत में भारी भूस्खलन हुआ था। इस दौरान वहाँ बहुत तबाही हुई थी, साथ ही सैकड़ों लोग भी जान भी गई थी। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार भूस्खलन में दो हजार से अधिक लोगों की मौत हुई है। वहीं सोशल मीडिया पर सामने आई वीडियोज तो और डराने वाली हैं। लोग जमीन से मलबा हटा हटाकर उसमें अपने अपनों को खोज रहे हैं।

विकिपीडिया पर मौजूद जानकारी के अनुसार, पापुआ न्यू गिनी इंडोनेशिया के समीप प्रशांत महासागर क्षेत्र में एक स्वतंत्र राष्ट्र है जो दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर क्षेत्र में द्वीपों का एक समूह है। यहाँ की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी है। केवल 60 लाख जनसंख्या वाला देश विविधताओं के देश के रूप में भी जाना जाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘हमारे बारह’ फिल्म की रिलीज रोकी, कहा – ‘टीजर बहुत आपत्तिजनक’ : कलाकारों को मिल रही रेप, ‘सर तन से जुदा’ की धमकियाँ

अन्नू कपूर स्टारर फिल्म ‘हमारे बारह’ अब 14 जून को रिलीज नहीं हो पाएगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी और कहा कि अभी फिल्म को तब तक रिलीज नहीं किया जाएगा, जबतक बॉम्बे हाई कोर्ट इस मामले में पूरी सुनवाई करके आदेश न दे दे। तब तक इस मामले में कोई भी पक्ष न तो स्टे ऑर्डर लेगा और न ही कोई जल्दबाजी दिखाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बॉम्बे हाई कोर्ट अपने सुझाव के मुताबिक, इस फिल्म पर पूरी रिपोर्ट मँगाए, जिसके लिए उसने CBFC द्वारा 3 सदस्यीय कमेटी के गठन और उसके सुझाव के आधार पर फैसले की बात कही थी। वहीं, दूसरी ओर इस फिल्म के कलाकारों को रेप, जान से मारने की धमकियाँ भी दी जा रही हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि हमने इस फिल्म का टीजर देखा, जो ‘बेहद आपत्तिजनक’ है। ऐसे में 14 जून को इस फिल्म की रिलीजिंग पर रोक लगाई जाती है। ये मामला सुप्रीम कोर्ट के अवकाशकालीन बेंच में सुना गया। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की वेकेशन बेंच ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा फिल्म की रिलीज की अनुमति दिए जाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर आदेश पारित किया।

जस्टिस मेहता ने कहा, “सुबह हमने टीजर देखा। इसमें सभी आपत्तिजनक सामग्री है। टीजर यूट्यूब पर उपलब्ध है।” जस्टिस नाथ ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाले हाईकोर्ट द्वारा पारित पहले अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए कहा, “टीजर इतना आपत्तिजनक है कि हाई कोर्ट ने भी अंतरिम आदेश ही दिया।” सुप्रीम कोर्ट ने मामले का गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने का काम हाईकोर्ट पर छोड़ दिया और तब तक फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी। इसके अलावा, याचिकाकर्ता को हाईकोर्ट के समक्ष CBFC द्वारा समिति के गठन के बारे में आपत्ति उठाने की स्वतंत्रता दी गई।

इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि CBFC इस फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए एक कमेटी बनाई थी। CBFC की कमेटी ने स्क्रीनिंग के बाद उस फिल्म के टीजर और उससे जुड़े कुछ हिस्सों को हटाने का सुझाव दिया था। जिसको हटा लिया गया था और उसके बाद हाईकोर्ट में इस फिल्म की रिलीज की अनुमति दी थी।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि फिल्म, जिसे पहले 7 जून को रिलीज किया जाना था, सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 के प्रावधानों और इससे जुड़े नियमों और दिशानिर्देशों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ट्रेलर इस्लामी आस्था और भारत में विवाहित मुस्लिम महिलाओं के लिए अपमानजनक है। फिल्म की रिलीज संविधान के अनुच्छेद 19(2) और अनुच्छेद 25 का उल्लंघन करेगी।

बता दें कि हमारे बारह फिल्म लगातार विवादों में घिरी हुई है। फिल्म का टीजर जारी होने के बाद से ही इस फिल्म को लेकर बवाल मचा हुआ है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की जा रही है। वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हमारे बारह का ट्रेलर भी हटाया जा चुका है। फिल्म पर धर्म विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है और इसकी रिलीज को रोके जाने की माँग हो रही है। कर्नाटक सरकार इस फिल्म पर रोक लगा चुकी है।

इस बीच, इस फिल्म से जुड़े कलाकारों को जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। इस फिल्म में लीड कैरेक्टर अन्नू कपूर का है, जिनके साथ अदिति धीमान उनकी बेटी जरीन का किरदार निभा रही हैं। अब अदिति धीमान ने खुलासा किया है कि उनका ‘सिर तन से जुदा करने’, ‘रेप करने’ और जान से मारने की धमकी दी जा रही है। अदिति धीमान ने कहा कि “हम लोग सोसायटी के लिए कुछ अच्छा करना चाह रहे हैं, लेकिन हमें ही जान से मार देंगे, सिर धड़ से अलग कर देंगे। रेप कर देंगे। ऐसे-ऐसे मैसेज आ रहे हैं। एक आर्टिस्ट के तौर पर ये बहुत ज्यादा दिल तोड़ने वाला होता है, लेकिन आपके पास इसे इग्नोर करने के अलावा कुछ नहीं रह जाता है।” अन्नू कपूर को भी जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, इसकी प्रतिक्रिया में उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा था कि वो डरने वाले नहीं हैं।

आइसक्रीम में निकली इंसान की उंगली, देखते चीखने लगी महिला: मुंबई पुलिस ने Yummo ब्रांड के खिलाफ दर्ज की FIR

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक महिला को आइसक्रीम में इंसान की कटी हुई उंगली मिली है। महिला ने आइसक्रीम को ऑनलाइन ऑर्डर करके मँगवाया था। उंगली का यह टुकड़ा आइसक्रीम के कोन में तब मिला जब महिला आधी आइसक्रीम खा चुकी थी। फ़ौरन ही मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने यम्मो ब्रांड आइसक्रीम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उंगली को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। मामले का खुलासा गुरुवार (13 जून 2024) को हुआ है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला मुंबई के मलाड इलाके का है। यहाँ की रहने वाली एक महिला को मीठा खाने की इच्छा हुई। उसने इंटरनेट पर सर्च कर के यम्मो आइसक्रीम का विकल्प चुना। डिलीवरी होने के बाद महिला ने लगभग आधी आइसक्रीम खा ली, तभी उसे अंदर कुछ गड़बड़ महसूस हुई। उसने कोन को चेक किया तो उसमें इंसानी अंग निकला। वह किसी इंसान की उंगली का कटा हुआ हिस्सा था। इसकी लम्बाई लगभग 2 सेंटीमीटर थी।

बताया जा रहा है कि कटी उंगली देख कर महिला की तबियत खराब होने लगी। वह चीखने-चिल्लाने लगी। थोड़ी देर बाद खुद को कंट्रोल करते हुए महिला ने पुलिस को पूरी बात बताई। मलाड पुलिस ने मौके पर पहुँचकर कटी हुई उंगली को अपने कब्ज़े में लिया। इसे फॉरेंसिक जाँच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। उंगली किस व्यक्ति की है ये अब तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर यम्मो आइसक्रीम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। मामले की जाँच की जा रही है।

जगन्नाथ मंदिर के खुले चारों द्वार… ओडिशा में सरकार बनने के पहले दिन BJP ने पूरा किया 1 वादा: CM माझी बोले- विकास के लिए आवंटित करेंगे ₹500 करोड़

ओडिशा में प्रचंड जीत हासिल करने के बाद पहली बार सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पहले दिन से ही जनता से किए वादे पूरे करने शुरू कर दिए हैं। कल (12 जून 2024) प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद मोहन शरण माझी ने आज जगन्नाथ पुरी के चारों द्वार खोले जाने का ऐलान किया है।

जानकारी के मुताबिक, इस मामले पर फैसला भाजपा सरकार ने पहली कैबिनेट मीटिंग के बाद ले लिया था। ये बैठक मोहन माझी के बतौर ओडिशा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लिए जाने के बाद 12 जून की शाम हुई थी।

इसी बैठक में मंदिर के चारों गेट खोलने का प्रस्ताव रखा गया था, जिसे कैबिनेट ने पास कर दिया और अब पुरी के चारों द्वार खोले जा चुके हैं। मुख्यमंत्री मोहन माझी ने जगन्नाथ मंदिर के सभी गेट खोलने जाने के फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। माझी ने लिखा है कि पुरी मंदिर के 4 दरवाजे पर जूता और मोबाइल स्टैंड बनाया जाएगा।

सीएम ने कहा है कि प्रबंधन समिति की आपात बैठक में मंदिर को लेकर यह निर्णय हुआ। पुलिस विभाग को नियमित निगरानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन माझी ने बताया कि सुबह साढ़े छह बजे फैसले मंदिर में लागू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट में मंदिर के विकास और अन्य कामों के लिए फंड देने का प्रस्ताव रखा गया है। अगले बजट में मंदिर के विकास के लिए 500 करोड़ रुपए का फंड आवंटित करेंगे।

बता दें कि चुनाव के दौरान भाजपा ने जनता से जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वारा खोलने का वादा किया था, जो सरकार बनते ही पूरा हो गया है। बीजद सरकार ने कोरोना के बाद से इस द्वार को बंद करवा रखा था। बाद में अलग-अलग बहाने देकर वह इसे टालते रहे। हालाँकि भाजपा सरकार ने पहली बैठक में इस पर सुनवाई की और हिंदू श्रद्धालुओं को खुशखबरी दी।

‘सेक्स डॉक्टर’ अब्दुल्ला पठान ने नौकरी देने के बहाने किया युवती से गैंगरेप, विरोध करने पर तमंचे से डराया: केस दर्ज, यूट्यूब पर हैं 1M+ फॉलोवर

उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद जिले के यूट्यूबर और झोलाछाप डॉक्टर अब्दुल्ला पठान पर अब एक महिला ने गैंगरेप का आरोप लगाया है। पीड़िता मूल रूप से गोरखपुर जिले की रहने वाली है। उसने अब्दुल्ला पठान पर नौकरी का झाँसा देकर बुलाने और नशीली दवा खिलाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करते हुए इस दौरान उसका गर्भपात भी करवाया गया है। अब्दुल्ला के साथ उसका भाई अब्दुल मलिक भी इस केस में नामजद है। पुलिस ने सोमवार (10 जून 2024) को अब्दुल्ला पठान पर FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है।

मामला मुरादाबाद के कुंदरकी थानाक्षेत्र का है। यहाँ एक महिला ने अब्दुल्ला पठान और उसके भाई सहित एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ तहरीर दी है। तहरीर में पीड़िता ने बताया कि साल 2021 में सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी जान-पहचान अब्दुल्ला पठान से हुई थी। कुछ समय बाद अब्दुल्ला ने गोरखपुर निवासिनी महिला को मुरादाबाद में अपने दवाखाने पर 15 से 20 हजार रुपए की नौकरी देने का लालच दिया। उसने पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उसकी क्लिनिक में पहले से कई महिलाएँ काम करती हैं।

अब्दुल्ला ने अपने द्वारा दिए गए जॉब ऑफर में रहना-खाना फ्री बताया था। पीड़िता अब्दुल्ला की बातों में आकर जुलाई 2021 में गोरखपुर से मुरादाबाद पहुँच गई। यहाँ आरोपित ने पीड़िता को किराए के एक कमरे में रखा। क्लिनिक में 4 महीने तक काम करवाने के बाद अब्दुल्ला ने महिला को फिर से जल्द बुलाने की बात कहते हुए वापस उसके घर भेज दिया। जनवरी 2023 में अब्दुल्ला पठान खुद गोरखपुर गया और लड़की को अपने साथ लेकर मुरादाबाद आ गया। इस बार उसने लड़की को कुंदरकी इलाके के अपने ही एक मकान में रखा।

आरोप है कि इस घर में अब्दुल्ला पठान ने पीड़िता को जनवरी 2023 में ही नशीली दवा खिला कर रेप किया। इसी दौरान उसने लड़की के अश्लील वीडियो बना डाले। इसे लड़की के गाँव तक वायरल करने की धमकी देते हुए अब्दुल्ला आए दिन पीड़िता का बलात्कार करने लगा। रेप से पीड़िता गर्भवती हुई तो दिसंबर 2023 में उसने लड़की का एबॉर्शन करवा दिया। गुरुवार (6 जून) को अब्दुल्ला का भाई अब्दुल मलिक अपने साथ एक अनजान व्यक्ति को लेकर पीड़िता के कमरे में आया। उसने लड़की पर साथ आए व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया।

महिला ने शिकायत में बताया कि जब उसने इंकार किया तो अब्दुल मालिक और उसके साथ आए व्यक्ति ने बारी-बारी से रेप किया। इस दौरान अब्दुल मलिक ने महिला के सिर पर तमंचा लगा दिया था और शोर मचाने पर जान से मार डालने की धमकी दी थी। बाद में पीड़िता ने अब्दुल्ला पठान से उसके भाई की करतूत बताई तो उस पर कोई असर नहीं पड़ा। उसने पीड़िता को अपनी ऊँची पहुँच बताते हुए सब कुछ भूल जाने की नसीहत दे डाली। इसी के साथ कहीं मुँह खोलने पर अश्लील वीडियो वायरल करने की भी धमकी दी।

आखिरकार पीड़िता के सब्र का बाँध टूट गया। उसने किसी भी हाल में आरोपितों को सबक सिखाने की ठान ली। महिला की शिकायत पर पुलिस ने अब्दुल्ला पठान, उसके भाई अब्दुल मलिक सहित एक अन्य अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। यह FIR IPC की धारा 376- डी, 313 और 506 के तहत दर्ज हुई है। शिकायत में पीड़िता ने अब्दुल्ला पठान के एक भाई को पुलिस में बताते हुए उसके द्वारा थाना कुंदरकी पर दबाव डाले जाने का आरोप लगाया है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। मुरादाबाद पुलिस ने बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

बताते चलें कि अब्दुल्ला पठान ग्रेट खली से मिलने और सनी लियोन के साथ डेट पर भी जाने का दावा करता है। वह WWE में लड़ने की भी इच्छा जता चुका है। यूट्यूब पर अब्दुल्ला फिटनेस संबंधी ब्लॉग भी बनाता है। यूट्यूब और फेसबुक पर उसके अच्छे-खासे फॉलोवर हैं। अब्दुल्ला पर मर्दाना ताकत की दवा बेचने के नाम पर कई लोगों से ठगी के भी आरोप है। 16 अक्टूबर 2023 को मुरादाबाद जिले में राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब्दुल्ला पठान के कथित अस्पताल पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के बाद खुद को ‘सेक्स डॉक्टर’ बताने वाले अब्दुल्ला का अस्पताल सील कर दिया गया था।

रात को पीटते हैं दरवाजा, घर आकर देते हैं इलाका छोड़ने की धमकी: जयपुर के शास्त्री नगर में हिन्दू महिलाओं ने बयां किया दर्द, दीवारों पर लगे दिखे ‘पलायन रोको’ के पोस्टर

राजस्थान की राजधानी जयपुर एक बार फिर से पलायन के पोस्टरों के कारण चर्चा में है। हालाँकि इस बार ‘सर्व हिन्दू समाज’ के नाम से यह पोस्टर लगाते हुए हिंदुओं से अपील की गई है कि वो अपने घरों को छोड़कर न जाएँ। ऐसे पोस्टर दीवारों पर बुधवार (12 जून 2024) को इसलिए सामने आए क्योंकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार जयपुर के शास्त्री नगर इलाके के हिन्दू, इलाके में रहने वाले मुस्लिमों से तंग आकर अपना घर छोड़ने का मन बना रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन भी उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है। इलाके में चोरी और लड़कियों से छेड़खानी आम बात हो गई है इसलिए यहाँ उनका रहना मुश्किल है।

मामला जयपुर के शास्त्री नगर इलाके का है। यहाँ के कई मकानों पर बुधवार (12 जून) को एक पोस्टर लगा दिखा। पोस्टर में जारीकर्ता के तौर पर सर्व हिन्दू समाज लिखा हुआ है। शुरुआत में सनातनियों से अपील की गई है। इसके बाद पोस्टर में ‘पलायन को रोको’ लिखा गया है। इसे जारी करने वाले ने आगे लिखा, “सभी सनातन भाइयों बहनों से निवेदन है कि अपना मकान गैर हिन्दुओं को न बेचें।” इस पोस्टर को शास्त्री के कई मकानों पर चिपका देखा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टर शास्त्री नगर के शिवाजी नगर में लगाए गए हैं। यहाँ के कई निवासियों ने खुद को इलाके के मुस्लिम समुदाय के लोगों की प्रताड़ना से तंग बताया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शिवाजी नगर इलाके में उनकी बहन-बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय निवासियों का यह भी दावा है कि मुस्लिम तबके के कई लोग उनकी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्ज़ा कर रहे हैं। इन सभी ने यह भी कहा कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन उनकी तकलीफ सुनने को तैयार नहीं है।

स्थानीय हिन्दू निवासियों ने बताया कि रात को उनके घरों के दरवाजे पीटे जाते हैं। उन पर घर को बेचकर कहीं और चले जाने का दबाव बनाया जाता है। कभी-कभार घरों पर पत्थर भी चलते हैं। टाइम्स नाऊ नवभारत की वायरल होती एक वीडियो में एक महिला ने मीडिया को बताया, “यहाँ आ कर इतना ज्यादा उधम मचाते हैं कि आपको क्या बताऊँ। बच्चियाँ बाहर नहीं खड़ी होतीं। सीटियाँ बजाते हैं यहीं पर। हर रात को चोरियाँ हो रहीं हैं। सरकारी स्कूल में जब बच्चियों की छुट्टियाँ होती हैं तो वहाँ कई गाड़ियाँ खड़ी कर दी जाती हैं।” इसी दौरान पीछे से बोल रहे एक व्यक्ति ने मुस्लिम तबके के युवाओं पर रात में 2-2 बजे तक नशा कर के घूमने का आरोप लगाया।

स्थानीय निवासियों ने यह भी बताया कि उनके मोहल्ले में बकरों की मंडी खोलने की तैयारी चल रही है। वीडियो में कुछ लोग बकरों को लेकर खड़े भी दिखे। एक अन्य महिला ने कहा, “हमारे मंदिर के पास मीट की दुकानें खोली जा रहीं हैं।” वहीं टाइम्स नाउ के पत्रकार ने जब इलाके में घूम रही पुलिस की गाड़ी में मौजूद जवानों से बात करनी चाही तो उन्होंने ‘मुझे जानकारी नहीं है’ कह कर पल्ला झाड़ लिया। हालाँकि जयपुर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि मामले को संज्ञान में ले कर स्थानीय थाना प्रभारी को कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

बता दें कि मामले से संबंधित खबर की वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। टाइम्स नाऊ नवभारत की ग्राउंड रिपोर्ट में ताजा पोस्टरों के बारे में खुलासा हुआ है।

कोई कर रहा था ड्राइवरी, कोई इंजीनियर बनकर कमाने गया था… कुवैत के अग्रिकांड में 40+ भारतीयों की गई जान, PM मोदी ने विदेश राज्य मंत्री को फौरन हालात जानने भेजा

कुवैत के मंगाफ शहर में एक बहुमंजिला इमारत में बुधवार (12 जून 2024) की सुबह आग लगने से 40 से ज्यादा भारतीयों समेत 49 लोगों की मौत हो गई। अब तक आई जानकारी के अनुसार घटना के दौरान घायल होने वालों की संख्या 50 से ज्यादा है।

कुवैत के आंतरिक मंत्री शेख फहद अल-यूसुफ ने इस घटना के लिए भवन के मालिक को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने भवन के मकान मालिक को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। साथ ही जिस कंपनी के श्रमिकों को एक साथ इसमें रखा गया था, उसके मालिक को भी गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया है।

शेख फहद ने बताया कि यह पूरा हादसा बिल्डिंग के मालिक की लालच की वजह से हुआ। कंपनी ने अपने फायदे के लिए बड़ी संख्या में एक ही भवन में बहुत ज्यादा श्रमिकों को भर दिया था। आंतरिक मंत्री ने कहा कि वह यह तय करेंगे कि इस तरह का घटनाक्रम आगे फिर ना हो।

इस घटना में हताहत होने वालों में भारतीय ज्यादा हैं। फोरेंसिक विभाग के महानिदेशक ने भी कहा है कि मरने वाले में अधिकांश केरल, तमिलनाडु और उत्तर भारतीय राज्य के लोग हैं। इनकी उम्र 20 से 50 साल थी। इनमें केरल के उमारुद्दीन शमीर (ड्राइवर), साजन जॉर्ज (मैकेनिकल इंजीनियर), स्टेफिन अब्राहिन साबू (29, इंजीनियर) समेत 5 लोगों का नाम है। वहीं घायलों को लेकर खबर है कि उन्हें 5 सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया है। जहाँ उनका इलाज चल रहा है।

इसके अलावा मामले की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने विदेश राज्यमंत्री कीर्ति व‌र्द्धन सिंह को कुवैत के लिए रवाना किया है। कीर्तिवर्धन वहाँ के स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को राहत दिलाने और मृतकों के शवों को स्वदेश लाने में मदद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

बता दें कि कुवैत में तकरीबन 10 लाख भारतीय रहते हैं। ये संख्या कुवैत की कुल संख्या की 21 प्रतिशत है। इनमें से 9 लाख भारतीय तो बतौर श्रमिक कुवैत के विकास में अपना योगदान देते हैं। इस घटना से पहले भी दूसरे खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की दुर्गति के ऊपर रिपोर्टें आती रही हैं। इस मामले में तो ये सामने आया है कि जैसी इमारत में आग लगी है वैसे भवन मंगाफ इलाके में और भी हैं। वहाँ भी सैकड़ों मजदूरों को बहुत ही खराब हालात में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। कुवैत नगरपालिका ने इस घटना के बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। घायलों को उचित इलाज दिलाने पर फोकस किया जा रहा है।

जम्मू-कश्मीर में 4 दिनों के अंदर चौथा आतंकी हमला… डोडा में सुरक्षा बलों पर फिर चली गोलियाँ: 1 जवान घायल, पूरे इलाके की घेराबंदी

जम्मू-कश्मीर में पिछले 100 घंटों के अंदर चौथा आतंकी हमला हुआ है। यह हमला एक बार फिर से डोडा जिले में हुआ है। इस दौरान आतंकियों की सुरक्षा बलों से मुठभेड़ हुई है। हमले में जम्मू कश्मीर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का एक जवान घायल हो गया है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है। बुधवार (12 जून 2024) की रात 8:20 से शुरू हुई मुठभेड़ अभी तक जारी है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लगातार हो रहे आतंकी हमलों के मद्देनजर जम्मू के अधिकतर हिस्सों में सेना, पैरामिलिट्री और जम्मू कश्मीर पुलिस ने सामूहिक रूप से सघन तलाशी अभियान छेड़ रखा है। इसी अभियान के तहत सुरक्षा बलों की एक टुकड़ी डोडा जिले के कोटा टॉप गंडोह इलाके में तलाशी ले रही थी। इसी दौरान घात लगा कर छिपे आतंकियों ने अचानक ही गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। गोलीबारी में जम्मू कश्मीर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का एक जवान घायल हो गया है।

घायल कांस्टेबल का नाम फरीद अहमद बताया जा रहा है। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। फरीद की हालात फ़िलहाल स्थिर बताई जा रही है। हमला होते ही बाकी जवानों ने पोजीशन ले ली। उन्होंने भी जवाबी फायरिंग की। इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है। दोनों तरफ से गोलीबारी अभी तक जारी है। छिपे हुए आतंकियों की सटीक संख्या का अभी तक सही अनुमान नहीं लगाया जा सका है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं। विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है।

बताते चलें कि जम्मू क्षेत्र में यह 100 घंटों के अंदर ही चौथा आतंकी हमला है। इस से पहले 9 जून को रियासी इलाके में मंदिर दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं की बस पर बरसाई गई गोलियों की वजह से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद 11 जून को कठुआ में आतंकी हमला हुआ था। तब हीरानगर के सैदा सुखल गाँव में पानी माँगने के बहाने आतंकियों ने गोलीबारी की थी। इस दौरान 1 नागरिक घायल हो गया था। बाद में हुई मुठभेड़ में 2 आतंकियों को ढेर कर दिया गया था। मुठभेड़ के दौरान CRPF का एक जवान वीरगति को प्राप्त हुआ था।

आतंकी हमलों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। 11 जून को ही आतंकियों ने जम्मू के पठानकोट-भद्रवाह मार्ग पर सुरक्षा बलों की एक चेकपोस्ट पर हमला किया था। इस दौरान राष्ट्रीय रायफल्स के 5 सैनिक व एक स्पेशल पुलिस अफसर घायल हो गया था। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी जैश ए मोहम्मद की शाखा कश्मीर टाइगर्स ने ली थी।